शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने शनिवार को दावा किया कि भाजपा ‘‘घबराई हुई’’ है और इसी वजह से प्रशासन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को अनुमति देने से पहले कई शर्तें लगायीं।
राज्यसभा सदस्य राउत ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि निकट भविष्य में भाजपा का पतन देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक युवक के पैलेट गन के छर्रे लगने से घायल होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की राहुल गांधी की मांग के आगे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार को झुकना पड़ा।
शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के छह घंटे से अधिक समय तक चले धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के छर्रे लगने से घायल हुए युवक साहिल लोचब के मामले में प्राथमिकी दर्ज की। राउत ने शनिवार शाम पुणे में आयोजित गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने अनुमति देने के लिए 30 शर्तें रखीं। उन्होंने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी किसी दूसरे देश से आए हैं और क्या सत्तारूढ़ दलों के नेताओं को भी ऐसी शर्तों का सामना करना पड़ता है।
शिवसेना (उबाठा) नेता राउत ने कहा, ‘‘ऐसा इसलिए है, क्योंकि भाजपा घबराई हुई है। सितंबर के बाद भाजपा का पतन शुरू हो जाएगा। वे राहुल गांधी से डरे हुए हैं।’’
शिवसेना (उबाठा) नेता और मुंबई की पूर्व महापौर विशाखा राउत के जाति प्रमाणपत्र को अधिकारियों द्वारा अमान्य किए जाने के बारे में राउत ने आरोप लगाया कि यह ‘‘बदला लेने’’ के लिए किया गया और केवल विपक्षी नेताओं को ही इस तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस लीडरशिप जब OBC तक पहुंचने और जाति-आधारित प्रतिनिधित्व पर अपना ध्यान बढ़ा रही है, तब तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने शनिवार को कहा कि पार्टी को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) से सीख लेनी चाहिए और जाति-वर्ग से ऊपर उठना चाहिए।
एक इंटरव्यू में थरूर ने कहा, “मैं कुछ समय से यह बात कह रहा हूं कि हमें जाति, धर्म, पंथ, आदिवासी या किसी खास ग्रुप जैसे सीमित हितों से ऊपर उठने की जरूरत है। और इसके साथ ही, हमें उस क्षेत्र पर भी बहुत ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है जिसे हम नजरअंदाज करते रहे हैं – यानी आम भारतीयों, मिडिल क्लास भारतीयों, शहरी भारतीयों और प्रोफेशनल्स से उन मुद्दों पर बात करना जो जाति और धर्म से परे सभी भारतीयों को प्रभावित करते हैं।”
उन्होंने कहा, “चाहे परीक्षाओं का मुद्दा हो, जो हर किसी को प्रभावित करता है, महंगाई और बढ़ती कीमतें हों या शहरों की खराब होती नागरिक सुविधाएं, इन समस्याओं का सामना हर कोई रोज करता है। राहुल गांधी ने सही कहा है कि मिडिल क्लास के लिए शिक्षा अब महंगी होती जा रही है। हमें ऐसे मुद्दों को भी उठाना होगा, जो हर व्यक्ति को प्रभावित करते हैं, चाहे उसका धर्म या जाति कुछ भी हो।”
राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित किया। यहां उन्हें सुनने के लिए हजारों की संख्या में छात्राएं जमा हुईं। इस आयोजन में राहुल गांधी ने कहा कि देश की लड़कियों का आजाद होना जरूरी है। पिता, पति और बेटे से आपका रिश्ता है, लेकिन आपकी पहचान उनसे नहीं है। आपको अपने लिए आजाद होना चाहिए।उन्होंने सिर्फ 8% महिलाओं के पास खुद की प्रॉपर्टी है। उन्होंने कहा कि मनुस्मृति कहती है कि लड़की पिता, पति, बच्चों की संपत्ति है। यह शर्मनाक है। महिलाओं को किसी पर आश्रित नहीं होना हैं। आयोजन के दौरान छात्राओं ने राहुल के लिए हाथों से दिल का साइन बनाकर दिखाया और राहुल राहुल के नारे लगाए।
तीन तरह से महिलाओं की हत्या : राहुल गांधी ने कहा कि ‘महिलाओं के खिलाफ आज 3 तरह से हिंसा होती हैं। पहली- पैदा होते ही हत्या, दूसरी- शारीरिक अत्याचार, तीसरी- आर्थिक बंदिशें।’ इस कार्यक्रम में सिर्फ छात्राओं को ही बुलाया गया था। इस दौरान इन्होंने राहुल-राहुल के नारे लगाए और राहुल के लिए हाथों से दिल का साइन बनाकर दिखाया।
लड़कों के लिए गाली अलाऊ क्यों : राहुल गांधी ने इस बीच पितृसत्ता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर मंतर में गालियां लड़कों ने भी दी और लड़कियों ने भी दी। लेकिन सवाल सिर्फ लड़कियों पर उठाया गया। कहा कि लड़कियां गाली दे तो शोभा नहीं देता। राहुल ने मोदी, योगी, भागवत के बयानों के क्लिप दिखाए। जिसके टाइटल में लिखा था- मनुस्मृति इज बैक…। राहुल ने कहा- जंतर मंतर में गालियां लड़कों ने भी दी और लड़कियों ने भी दी। लेकिन लड़की गाली दे शोभा नहीं देता। पीएम कहते हैं कि ये कल्चरल शॉक है कि लड़कियों ने गाली दी। लड़के गाली दें तो उनके लिए अलाऊ है।बी प्राउड एंड फाइट फोर योर सेल्फ : राहुल ने मराठी में कहा-पुणे मंजे प्रेम। कुछ लड़कियों को राहुल ने मंच पर बुलाया। बता दें कि आयोजन में 15 हजार से ज्यादा लड़कियां मौजूद थीं। खट्टर जी कहते हें कि रेप महिला के कारण होता है। ये एक माइंड सेट है। लड़की की एक जगह है, उसे पिंजरे में बंद होना चाहिए। लड़कों को फुल फ्रीडम होनी चाहिए। वे चाहें गाली दें काम करें घूमें फिरें। हमें ऐसा हिंदुस्तान नहीं चाहिए। आपके दिल में जो डर है उसे जल्द से जल्द मिटा देना है। आप इस देश की नींव हो भविष्य हो.. आपको पितृसत्ता डराती है, दबाती है, कंट्रोल करती है, तो इसे मिलकर खत्म करना है। मैं आपसे ये कहना चाहता हूं कि बी लाउड, बी प्राउड, एंड फाइट फोर योर सेल्फ।
पितृसत्ता पर प्रहार : कुल मिलाकर राहुल गांधी ने पितृसत्ता पर प्रहार किया और महिलाओं व लड़कियों के अधिकारों की बात की। बराबरी की बात की। उन्होंने लड़कों और लड़कियों के बीच इस खाई को भरने और भेदभाव खत्म करने की बात की। लड़कियों की आजादी की बात की और उनसे उनके विचारों को जाना समझा। कई लड़कियों ने खुलकर राहुल के सामने अपने विचार व्यक्त किए।
देश के सामाजिक-राजनीतिक विमर्श में अब खुलकर अपनी बात रख रहे युवाओं को अपने साथ जोड़ने के लिए सभी दल दांव चल रहे हैं तो भाजपा ने भी जेन-जी कनेक्ट के राष्ट्रव्यापी अभियान की रूपरेखा पर काम शुरू कर दिया है।
इस विशेष अभियान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विशेष टीम बनाई गई है, जिसकी कमान खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन संभालेंगे।
स्मृति ईरानी-विनोद तावड़े को मिली टीम में जगह
समिति में मुखर वक्ता के रूप में राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और अनुभवी संगठनकर्ता के तौर पर राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को भी रखा गया है।
यह टीम कार्य योजना बनाएगी कि किस तरह के कार्यक्रमों से पार्टी का जुड़ाव 14 वर्ष के किशोरों से लेकर 25 वर्ष तक के युवाओं से विशेष तौर पर बढ़ाया जाए।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि शनिवार को राष्ट्रीय पदाधिकारी बैठक के दौरान ही राष्ट्रीय नेतृत्व ने इस टीम के गठन को अंतिम रूप देने का निर्णय किया।
चूंकि, पार्टी ने युवा नेता नितिन नवीन को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर युवाओं को भी संदेश देने का प्रयास किया है, इसलिए उन्होंने स्वयं इस टीमका निर्णय किया।
वहीं, स्मृति ईरानी राजनेता बनने से पहले अभिनेत्री थीं और उनकी लोकप्रियता हर वर्ग में रही है। साथ ही उनकी संवाद शैली भी प्रभावी है, इसलिए उन्हें जोड़ा है।
तावड़े के पास अनुभव है कि किसी भी कार्यक्रम या गतिविधि को संगठन के माध्यम से धरातल पर कैसे उतारा जाए। वहीं, टीम के दो अन्य प्रमुख सदस्य हैं गुजरात के मंत्री हर्ष सांघवी और छत्तीसगढ़ के मंत्री ओपी चौधरी।इनमें हर्ष सांघवी न सिर्फ उम्र से युवा हैं, बल्कि भाजपा युवा मोर्चा में रहे हैं। खेल व युवाओं से जुड़ी गतिविधियों में हमेशा रुचि लेकर सक्रिय रहे हैं। युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता के कारण उन्हें इस राष्ट्रीय अभियान में शामिल किया है।वहीं, ओपी चौधरी भी युवा नेता हैं। वह भारतीय प्रशासनिक सेवा से एच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति में आए हैं। संवाद की कुशलता उनमें है और पार्टी मानती है कि युवाओं के मुद्दों को वह बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।
बताया गया है कि यह टीम ऐसे कार्यक्रम बनाएगी, जिनसे 14 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं से संवाद बढ़ाया जा सके। युवा अपनी बात पार्टी को बता सकें और भाजपा की ओर से युवाओं की शंकाओं का भी समाधान किया जा सके।
मोदी के जन्मदिन से चलेगा एक माह का सेवा संकल्प अभियान भाजपा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से हर वर्ष सेवा पखवाड़ा चलाती है। राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने बताया कि इस वर्ष वह सभी गतिविधियां रहेंगी, इसके साथ ही एक माह का सेवा संकल्प अभियान भी चलाया जाएगा, क्योंकि शासन के मुखिया के तौर पर नरेन्द्र मोदी के 25 वर्ष इस साल सात अक्टूबर को पूरे हो रहे हैं।
पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सात अक्टूबर 2001 को शपथ ली थी। इस मासिक अभियान के तहत देशभर में 14 लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान कर संवाद किया जाएगा।
युवाओं से आव्हान किया जाएगा कि वह सेवा में मेरा योगदान अभियान के तहत कोई सेवा कार्य करते हुए रील बनाएं। प्रदेश स्तर से उसे प्रसारित कराया जाएगा। सेवा सेतु अभियान के तहत ब्लाक स्तर पर शिविर लगवाए जाएंगे।
पीएम मोदी द्वारा शुरू की गई योजनाओं के छूटे लाभार्थियों का लाभ संबंधित विभागों से दिलाया जाएगा। वहीं, युवाओं के लिए ही राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज अभियान होगा, जिसमें युवाओं को राष्ट्रीय से लेकर क्षेत्रीय स्तर की समस्याओं के रचनात्मक समाधान मांगे जाएंगे।
तावड़े ने बताया कि इस संबंध में सभी प्रदेश अध्यक्षों, संगठन महामंत्रियों और अभियान के बनाई टीमों को प्रशिक्षण दिया गया है।
नई दिल्ली में आयोजित 11वें ब्रिक्स+ लीगल फोरम को संबोधित करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक महत्वपूर्ण विचार सामने रखा। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि सिर्फ भूगोल की किस्मत या प्राकृतिक संसाधनों के भरोसे नहीं टिकी रह सकती। आर्थिक विकास को मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए ‘न्याय-नॉमिक्स’ यानी न्याय के अर्थशास्त्र की जरूरत है।
सीजेआई सूर्यकांत ने क्या-क्या कहा? सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि कानूनी संस्थाएं विकास के आसपास बाद में खड़ा किया गया कोई ढांचा नहीं होतीं, बल्कि वे खुद विकास का मुख्य आधार और वास्तुकला होती हैं। अगर इस आधार को हटा दिया जाए, तो उभरती हुई अर्थव्यवस्था केवल सौभाग्य का एक ढेर नजर आएगी, जो किसी भी बड़े संकट में ढह सकती है।
मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि जब अदालतें निष्पक्ष और लगातार सही फैसले देती हैं, तो लोगों का न्याय प्रणाली पर भरोसा बढ़ता है। इससे हर व्यापारिक लेनदेन की लागत कम होती है। बाजार में सभी के लिए समान अवसर बनते हैं, जिससे व्यापार और अर्थव्यवस्था को सीधा बढ़ावा मिलता है।
संसाधनों के बल पर आगे नहीं बढ़ा है कोई भी देश: सीजेआई भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने इस बात पर जोर दिया कि भारत समेत ब्रिक्स+ का कोई भी देश केवल अपने संसाधनों के बल पर आगे नहीं बढ़ा है। इन देशों का विकास इस बात पर निर्भर करता है कि वहां वादों और समझौतों को कानूनी रूप से कितना मजबूती से लागू कराया जाता है।
भाषण के दौरान सीजेआई ने ‘न्याय सेतु’ का विचार भी दिया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा पुल है जो 11 अलग-अलग देशों की कानूनी परंपराओं को आपस में जोड़ता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि देश आपस में भरोसे का माहौल खुद बनाएं, न कि किसी चमत्कार का इंतजार करें।
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी के नवनियुक्त पदाधिकारियों से मिलने के लिए शनिवार को पार्टी मुख्यालय पहुंचे. जहां उन्होंने बैठक की. इस दौरान उनके आगमन पर पार्टी के सीनियर नेताओं और वर्कर्स की तरफ से स्वागत किया गया. राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने फूल का गुलदस्ता देकर स्वागत किया.
इस दौरान पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, संगठनात्मक बैठकें नए विचारों और नजरिए पर केंद्रित होती हैं. इनका मकसद पार्टी को मजबूत करना और लोगों के साथ जुड़ाव को गहरा करना होता है. पार्टी के साथियों और नई संगठनात्मक टीम के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई है.
पीएम मोदी ने पार्टी के इन नए पदाधिकारियों के साथ एक तस्वीर भी साझा की है.
यह बैठक ऐसे वक्त हुई, जब पार्टी जेनजी आउटरीच प्रोग्राम के जरिए युवाओं के साथ अपना जुड़ाव बढ़ाने की तैयारी में जुटी है. इससे एक दिन पहले नवीन ने नई बनी राष्ट्रीय टीम की पहली परिचय बैठक की अध्यक्षता की थी. इस बैठक के साथ बीजेपी के पदाधिकारियों की नई पारी की औपचारिक शुरुआत हुई है.
पार्टी की समीक्षा बैठक करेंगे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन
खबर है कि रविवार को बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन संगठन की समीक्षा को लेकर बैठक करेंगे. यहां बैठक में सभी प्रदेशों के अध्यक्ष, संगठन महामंत्री और प्रभारी शामिल होंगे. सुबह 10 बजे से बीजेपी मुख्यालय में विस्तार से बैठक होगी. बैठक में चुनावी राज्यों यूपी, उत्तराखंड, पंजाब समेत अन्य राज्यों में चुनाव को लेकर की जा रही तैयारियों की भी समीक्षा की जाएगी. इसके अलावा पार्टी की तरफ से चलाए जा रहे कार्यक्रमों समेत संगठन के अन्य मुद्दों पर भी मंथन होगा.
पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी की बैठक में नितिन नवीन ने दिए कई निर्देश
इससे पहले बीजेपी राष्ट्रीय पदाधिकारी बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई है. इस बैठक में नए पदाधिकारियों के साथ पुराने पदाधिकारियों को भी बैठक में बुलाया गया था. पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने सभी पदाधिकारियों से युवाओं के साथ ज्यादा से ज्यादा संवाद और जुड़ाव बढ़ाने पर जोर देने को कहा है.
इसके अलावा नेशन फर्स्ट की भावना से काम करने का मंत्र बैठक में दिया गया है. साथ ही विचारधारा से जुड़े रहते हुए संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया गया. सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने पर फोकस, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए काम करने के निर्देश दिए गए हैं.
साथ ही सार्वजनिक जीवन में संयम और अनुशासन बरतने पर भी जोर दिया गया है. इसके अलावा पदाधिकारियों को आचरण और व्यवहार में अनुशासन बनाए रखने की नसीहत दी गई है. साथ ही विपक्ष को तथ्यों के आधार पर जवाब देने की हिदायत, राजनीतिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और प्रभावी तरीके से जवाब देने पर जोर दिया गया है.
सहारनपुर सांसद इमरान मसूद के भतीजे हमजा नोमान मसूद ने शनिवार को फेसबुक लाइव के जरिए अपने रिश्तेदारों शादान मसूद और शायान मसूद पर गंभीर आरोप लगाए. लंबे लाइव वीडियो में हमजा नोमान भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि उनके पिता पिछले सात दिनों से अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं और परिवार ऑपरेशन थिएटर के बाहर परेशान है. ऐसे समय में रिश्तेदारों की राजनीतिक बयानबाजी ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है.
हमजा ने कहा कि वह करीब पांच साल से कई बातें चुपचाप सहन कर रहे थे. उन्होंने दावा किया कि पिता और बहन के सम्मान की वजह से उन्होंने अब तक सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा, लेकिन अब परिस्थितियां ऐसी हो गई हैं कि उन्हें अपनी बात रखनी पड़ रही है.बहन के साथ मारपीट और घर से निकालने का आरोप
हमजा नोमान ने आरोप लगाया कि उनकी बहन के साथ मारपीट की गई, गालियां दी गईं और उसे घर से बाहर निकाल दिया गया। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले से संबंधित कई रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद हैं. उनका आरोप है कि उनकी बहन को राजनीतिक कारणों और टिकट से जुड़े विवादों के चलते प्रताड़ित किया गया. उन्होंने कहा कि जिस तरह दहेज के लिए महिलाओं को प्रताड़ित किया जाता है, उसी तरह उनकी बहन को राजनीति और टिकट की वजह से परेशान किया गया हमजा ने कहा कि परिवार ने पांच साल तक सब कुछ सहन किया, लेकिन अब वह चुप नहीं रहेंगे.
‘बहन और उसके बच्चे को हम खुद पालेंगे’
हमजा ने अपनी बहन के एक वर्षीय बच्चे को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि बच्चा उनके और उनके परिवार का है और उसकी जिम्मेदारी वे खुद उठाएंगे. उन्होंने दावा किया कि बच्चे के लिए आज तक डायपर तक का पैसा नहीं दिया गया. हमजा ने कहा कि उनकी बहन अकेली नहीं है और वह भाई होने के नाते हमेशा उसके साथ खड़े रहेंगे. उन्होंने कहा कि बेटियां और बहनें सिर्फ किसी एक परिवार की जिम्मेदारी नहीं होतीं, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी हैं.
‘अपने ही रिश्तेदार पिता के खिलाफ राजनीतिक गतिविधियों में लगे’
हमजा ने कहा कि उनके पिता की तबीयत खराब होने पर कई राजनीतिक लोगों और विरोधी खेमे से जुड़े लोगों ने फोन कर हालचाल पूछा, लेकिन उनके अपने रिश्तेदार ही उनके पिता के खिलाफ राजनीतिक गतिविधियों में लगे हुए हैं. उन्होंने कहा कि चौधरी परिवार और फजुर रहमान समेत कई लोगों ने उनके पिता की तबीयत को लेकर फोन किया. हमजा ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब राजनीतिक विरोधी भी हालचाल पूछ रहे हैं, तो अपने रिश्तेदारों का इस तरह व्यवहार करना समझ से परे है.
‘जरूरत पड़ी तो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक कर दूंगा’
हमजा नोमान ने दावा किया कि उनके पास घर के भीतर की बातचीत और कथित बैठकों की रिकॉर्डिंग मौजूद है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनके परिवार और इमरान मसूद के खिलाफ कथित तौर पर साजिश और प्लानिंग की है. हमजा ने कहा कि इन रिकॉर्डिंग में इमरान मसूद और उन्हें रास्ते से हटाने की बातें होने का दावा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बहन के साथ कथित आपत्तिजनक व्यवहार और धमकी से जुड़ी बातें रिकॉर्ड हुई हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो ये वीडियो और रिकॉर्डिंग सार्वजनिक कर देंगे.
अखिलेश-डिंपल का नाम लेकर उठाए सवाल
हमजा नोमान ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और डिंपल यादव का नाम लेते हुए भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण की बात करने वाली पार्टी में उनकी बहन के साथ कथित मारपीट और गाली-गलौज के आरोपों के बावजूद संबंधित व्यक्ति को पार्टी में शामिल कराया गया. उन्होंने कहा कि इमरान मसूद की राजनीति और विरासत को लेकर किसी की राय अलग हो सकती है, लेकिन उनकी बेटी और परिवार के साथ कथित ज्यादती को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए.
लाइव के अंत में हमजा ने कहा कि उनके पिता बीमार हैं, बहन और भांजा परेशान हैं, लेकिन वह सब्र बनाए हुए हैं. उन्होंने कहा कि इंसाफ अल्लाह करेगा. साथ ही सहारनपुर की जनता से कहा कि अब फैसला जनता के हाथ में है. उन्होंने दोहराया कि उनकी बहन अकेली नहीं है और वह उसके सम्मान की रक्षा के लिए हमेशा उसके साथ खड़े रहेंगे.
बता दें कि हाल ही में शायान ने सपा ज्वाइन किया है. सपा ज्वाइन करने के बाद उन्होंने इमरान मसूद पर निशाना साधा था. उन्होंने मसूद पर बीजेपी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया था.
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, गुरुवार को पेरू के दक्षिणी एंडीज पर्वतमाला में 6.7 तीव्रता का भूकंप आया। तत्काल किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
अमेरिकी भूगर्भ विज्ञान विभाग (यूएसजीएस) ने बताया कि भूकंप स्थानीय समयानुसार दोपहर 1 बजे (18:00 जीएमटी) आया और इसका केंद्र अयाकुचो क्षेत्र के पारिनाकोचास प्रांत में उपाहुआचो शहर से 38 किलोमीटर (24 मील) उत्तर-पश्चिम में था। इसकी गहराई 66.7 किलोमीटर थी।
दक्षिणी पेरू के कई क्षेत्रों में भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिनमें इका और अरेक्विपा भी शामिल हैं।
पेरू में भूकंप अक्सर आते रहते हैं, क्योंकि यह प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” का हिस्सा है, जो लगातार भूकंपीय गतिविधि वाला क्षेत्र है।
2007 में, इका क्षेत्र के एक प्रांत में आए 7.9 तीव्रता के भूकंप में लगभग 600 लोग मारे गए थे।
(शीर्षक को छोड़कर, इस कहानी को एनडीटीवी के कर्मचारियों द्वारा संपादित नहीं किया गया है और यह एक सिंडिकेटेड फीड से प्रकाशित की गई है।)
भारत लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की सप्लाई को मजबूत कर लेना चाहता है। इसके तहत देश की सबसे बड़ी रिफाइनर कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्प ने 2027 में एलपीजी इम्पोर्ट के लिए अल्जीरिया की सोनाट्रैक के साथ एक डील फाइनल की है। इस मामले की जानकारी रखने वाले तीन ट्रेड सूत्रों ने यह जानकारी दी।
भारत एलपीजी के लिए अपने सोर्स में विविधता ला रहा है। इसका मकसद मिडिल ईस्ट पर अपनी निर्भरता कम करना है। एलपीजी मुख्य रूप से खाना पकाने वाली गैस के तौर पर इस्तेमाल होती है। हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी से एनर्जी सप्लाई पर असर पड़ा था। इससे इस दक्षिण एशियाई देश को एलपीजी सप्लाई को सीमित करना पड़ा था।हर महीने आएगा एक विशाल गैस टैंकर
इस डील के तहत IOC हर महीने एक बहुत बड़ा गैस कैरियर (जहाज) मंगाएगी। इसमें 45,000 से 55,000 टन एलपीजी होगी। यह प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होगी।
एक सूत्र ने बताया कि कुछ साल पहले तक IOC की सोनाट्रैक के साथ एक टर्म डील थी। लेकिन, बाद में कंपनी ने मिडिल ईस्ट से खरीदारी शुरू कर दी थी।
कॉन्ट्रैक्ट की कीमत सऊदी अरामको से कम
दूसरे सूत्र ने बताया कि अल्जीरिया की एलपीजी की कीमतें सऊदी अरामको की कॉन्ट्रैक्ट कीमत से कम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सोनाट्रैक के साथ आईओसी की डील ‘फ्री-ऑन-बोर्ड’ (FOB) आधार पर कार्गो उठाने के लिए है।अमेरिका से बढ़ी है एलपीजी की खरीद
शुरुआती LSEG ट्रेड फ्लो के आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने जून में अल्जीरिया से एलपीजी इम्पोर्ट करना शुरू किया था। अगस्त में लगभग 110,000 टन LPG मिलने की उम्मीद है।
भारत ने मिडिल ईस्ट से सप्लाई में कमी की भरपाई के लिए अमेरिका से एलपीजी की खरीदारी बढ़ा दी है। साथ ही ग्राहकों को पाइप्ड गैस अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। सूत्रों ने पिछले महीने बताया था कि भारत 2027 में अपने कुल एलपीजी इम्पोर्ट का एक-चौथाई हिस्सा अमेरिका से खरीदने की योजना बना रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, तीन सरकारी रिटेलर – इंडियन ऑयल कॉर्प, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प और भारत पेट्रोलियम कॉर्प अमेरिका से एलपीजी इम्पोर्ट करने के लिए एक जॉइंट टेंडर जारी कर सकते हैं।
नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी प्रांत सोकोटो में क्षमता से अधिक भरी (ओवरलोडेड) एक नाव के पलटने से कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में ज्यादातर 10 से 15 साल के बच्चे हैं।
जलमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय प्रबंधक अब्दुलकादिर यूसुफ ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्यजारी है। अब तक लगभग 40 बच्चों के शव मिल चुके हैं।
एक स्थानीय नागरकि ने बताया कि नाव में खेत के मालिक और चावल की कटाई करने जा रहे श्रमिक सवार थे। जब हादस हुआ तो नाव पर 70 से अधिक लोग सवार थे।
नाइजीरिया में इस तरह की घातक दुर्घटनाएं वैसे आम बात है। अत्यधिक भीड़, खराब रखरखाव और कड़े सुरक्षा नियम न होने की वजह से इस तरह के हादसे होते रहते हैं। जनवरी में योबे प्रांत में जर्जर नाव में पानी भरने से वह डूब गई थी और इस हादसे में कम से कम 25 लोगों की जान गई थी।