Sunday, November 1, 2026
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NATIONAL : विवादों के बीच EC की बड़ी बैठक, CEC और दोनों चुनाव आयुक्त हुए शामिल, लिए ये बड़े फैसले

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चुनाव आयोग की बैठक में तीनों चुनाव आयुक्तों ने संयुक्त रूप से कई फैसलों को अंतिम रूप दिया. इसके बाद आयोग ने यह भी कहा कि फॉर्म 6 को लेकर जो विवाद है, असल में वह कोई मुख्य मुद्दा है हीं नहीं.

देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी तमाम विवादों के बीच चुनाव आयोग ने शनिवार (26 सितंबर, 2026) को बड़ी बैठक की है. इस अहम बैठक में आयोग के तीनों चुनाव आयुक्त यानी मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार, डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी शामिल रहे. इस बैठक में तय किया गया कि फॉर्म 6 को लेकर जो विवाद है, असल में वह कोई मुख्य मुद्दा है हीं नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने भी फॉर्म-6 के डिक्लेरेशन को सही माना है.

आयोग की तरफ से यह भी बताया गया कि कैबिनेट सेक्रेटरी को जो चिट्ठी लिखी गई थी, उसका चुनाव आयोग के पॉलिसी डिसीजन से कोई लेना-देना नहीं था.

चुनाव आयोग (ECI) की तरफ से शनिवार (26 सितंबर, 2026) को जारी किए गए आधिकारिक बयान के मुताबिक, बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ अन्य दोनों चुनाव आयुक्तों ने आम सहमति के साथ कई फैसले किए हैं. इसमें पहले फैसले में कहा गयाः

SIR में नोटिस पाए लोगों के घर BLO दस्तावेज लेने जाएंगे, सुनवाई आम तौर पर जरूरी नहीं होगी.
DEO जरूरत के अनुसार रैन बसेरों, मजदूरों, गरीबों और बेघरों के लिए हेल्प डेस्क लगाएंगे.
SIR में फॉर्म-6 के साथ घोषणा-पत्र की व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट से बरकरार रही.
ECINET की समीक्षा वरिष्ठ DEC और स्वतंत्र IIT/IIM विशेषज्ञ की समिति करेगी.
दिल्ली में दावे-आपत्तियों की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर और महाराष्ट्र में 12 अक्टूबर हुई.
आयोग की सभी बैठकों में एजेंडा पहले भेजा जाएगा और बैठक की कार्यवाही जारी होगी.
सभी अधिकारियों की APAR रिपोर्ट हर साल निर्धारित समय 31 दिसंबर तक पूरी होगी.
अधिकारियों की विदेश यात्राओं के लिए अब चुनाव आयोग की मंजूरी आवश्यक होगी.
आयुक्तों की तरफ से अधिकारियों को जारी सभी निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा.

दूसरे फैसले में कहा गया, ‘SIR की प्रक्रिया बिहार और पश्चिम बंगाल समेत देश के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहले ही पूरा हो चुका है. अगर एसआईआर के दौरान या उसके बाद वोटर लिस्ट में जिन लोगों का नाम छूट गया है, इसके साथ युवा या पहली बार वोट देने वाले लोग भी, अपने नाम को वोटर लिस्ट में शामिल कराने के लिए निरंतर अपडेटेशन के तहत संबंधित ERO के पास आवेदन दे सकते हैं.’

आयोग ने कहा, ‘मुख्य चुनाव अधिकारियों (CEOs) को इस प्रक्रिया के लिए सुविधा देने के निर्देश दिए गए हैं. एसआईआर पूरा होने के बाद CEOs, DEOs और EROs छूटे हुए और नए वोटरों के नाम जुड़वाने के लिए तुरंत विशेष अभियान शुरू करेंगे.’

कैबिनेट सचिव के लिए गए पत्र के बारे में ECI ने क्या कहा?

चुनाव आयोग की तरफ से जारी तीसरे फैसले में कहा गया,

कैबिनेट सचिव को पत्र IT नीति नहीं, प्रतिनियुक्त अधिकारी के कामकाज से संबंधित था.
देशव्यापी SIR से संबंधित आयोग के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे.
गोवा में BLO घर-घर जाकर छूटे मतदाताओं से फॉर्म-6 भरवा रहे हैं.
इसके बाद, आयोग ने अपने आधिकारिक बयान के आखिर में कहा कि यह प्रेस विज्ञप्ति 26 सितंबर की आयोग की बैठक के लिए गए फैसलों और आयोग की पूर्ण मंजूरी से जारी किया गया है.

WORLD : आतंकवाद पर एस जयशंकर ने पाकिस्तान की लगा दी ‘लंका’, भारतीय पत्रकार बोलीं- यही इंडियन तरीका

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विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान की बेशर्मी का करारा जवाब दिया। उन्होंने शहबाज शरीफ के कश्मीर और आतंकवाद को लेकर दिए झूठे बयान पर पाकिस्तान को आईना दिखाया। उन्होंने पाकिस्तान को सीरियल प्रैक्टिशनर तक करार दे दिया। जयशंकर ने कहा कि हमें जीरो टॉलरेंस नीति में कोई ढील नहीं देनी चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देते एस जयशंकर
नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद शांति के लिए एक लगातार खतरा बना हुआ है। यह खतरा किसी देश द्वारा प्रायोजित हो सकता है और इसका मकसद सीमा-पार की गतिविधियों को अंजाम देना हो सकता है, जो इसे वैश्विक व्यवस्था के लिए सीधी चुनौती बनाता है। ऐसी गतिविधियों में शामिल सरकारों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। आतंकवाद के प्रति हमारी ‘जीरो-टॉलरेंस नीति’ में कोई ढील नहीं होनी चाहिए। खासकर इसके वित्तीय पहलुओं का पर्दाफाश किया जाना चाहिए और उनसे सख्ती से निपटा जाना चाहिए।

एस. जयशंकर ने इस दौरान पाकिस्तान को ‘आतंकवाद का सीरियल प्रैक्टिशनर’ यानी आतंकवाद का लगातार अभ्यास करने वाला देश करार दिया। दरअसल, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा UNGA मंच से कश्मीर और अन्य झूठे मुद्दों को उठाने के बाद, विदेश मंत्री जयशंकर ने बिना नाम लिए पाकिस्तान को करारा जवाब दिया।

भारत आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा के अधिकार का पूरा इस्तेमाल करेगा
एस जयशंकर ने स्पष्ट करते हुए कहा कि आतंकवाद को सामान्य बताकर या उससे बचने की कोशिशें अब कामयाब नहीं होंगी। भारत अपने हितों और सीमाओं की रक्षा के लिए आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा के अधिकार का पूरी ताकत से इस्तेमाल करता रहेगा।

BUSINESS : एलएनजी से दौड़ेगी देश की पहली डुअल-फ्यूल ट्रेन: डीजल को देगी एलएनजी की टक्कर, 40% घटेगी खपत, कम होगा प्रदूषण

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देश में हाईड्रोजन ट्रेन के बाद अब रेलवे परिवहन को अधिक स्वच्छ और ईंधन-कुशल बनाने की दिशा में एक और कदम उठाया जा रहा है। देश की पहली एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) आधारित ट्रेन रविवार से पटरी पर दौड़ने लगेगी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह गुजरात के साबरमती में इसे हरी झंडी दिखाएंगे।

डीजल की खपत में करीब 40% कमी की उम्मीद

रेलवे के मुताबिक, एलएनजी-डीजल दोहरे ईंधन वाली प्रणाली अपनाने से डीजल की खपत में करीब 40 प्रतिशत तक कमी आने की उम्मीद है। इससे ईंधन लागत घटने के साथ कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और पार्टिकुलेट मैटर के उत्सर्जन में भी कमी आएगी। साबरमती इंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो की 1,400-1,400 हॉर्सपावर क्षमता वाली दो ड्राइविंग पावर कारों को एलएनजी-डीजल दोहरे ईंधन प्रणाली में बदला गया है। इनका इस्तेमाल आठ कोच वाली ट्रेन के संचालन में किया जाएगा।

हर इंजन से करीब 11.9 लाख रुपये सालाना बचत का अनुमान

रेलवे के अनुसार, एलएनजी के इस्तेमाल से डीजल की तुलना में ईंधन लागत कम होने की उम्मीद है। प्रत्येक इंजन से सालाना करीब 11.9 लाख रुपये की बचत का अनुमान है। दो इंजनों के स्तर पर यह बचत करीब 23.9 लाख रुपये सालाना बैठती है। एलएनजी आधारित परिचालन से कार्बन उत्सर्जन के अलावा नाइट्रोजन ऑक्साइड और अन्य प्रदूषक उत्सर्जन में भी कमी आने की उम्मीद है। इससे रेलवे के परिचालन को अधिक ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

दोहरे ईंधन वाली प्रणाली को इस तरह डिजाइन किया गया है कि पारंपरिक डीजल इंजन की शक्ति, विश्वसनीयता और परिचालन क्षमता बरकरार रहे। इंजन एलएनजी और डीजल दोनों पर चल सकता है और जरूरत के अनुसार दोनों ईंधनों के बीच स्विच कर सकता है। यदि किसी स्थान पर एलएनजी उपलब्ध नहीं हो, तो ट्रेन को डीजल पर चलाया जा सकेगा। इससे ईंधन की उपलब्धता से जुड़ी समस्या के कारण लंबी दूरी के परिचालन में रुकावट की संभावना कम होगी।

1,542 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे शाह

अमित शाह इस दौरान साबरमती में 1,542 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न रेल परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण भी करेंगे। इनमें करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार डब्ल्यूएजी-12 इंजन रखरखाव शेड का उद्घाटन भी शामिल है।

इस परियोजना के तहत दो इंजनों को डीजल और एलएनजी दोनों ईंधनों से चलने के लिए परिवर्तित किया गया है। रेलवे के अनुसार, इन इंजनों का करीब 2,000 किलोमीटर तक सफल परीक्षण किया जा चुका है। इस दौरान नई तकनीक की क्षमता, विश्वसनीयता और परिचालन प्रदर्शन की जांच की गई।

GUJARAT : गुजरात में अमित शाह ने देश की पहली LNG ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, अन्य रेलवे प्रोजेक्ट्स का भी किया शुभारंभ

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अमित शाह ने गुजरात के साबरमती में देश की पहली एलएनजी ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, जो पर्यावरण के अनुकूल हरित तकनीक को बढ़ावा देगी।

डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। भारतीय रेलवे के इतिहास में रविवार का दिन एक नए और ऐतिहासिक युग की शुरुआत लेकर आया है। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात के साबरमती में देश की पहली एलएनजी ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही उन्होंने साबरमती में 1542 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले कई रेलवे विकास प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।

क्या है देश की इस पहली एलएनजी ट्रेन की खासियत?
बता दें कि रेलवे में पर्यावरण के अनुकूल और हरित तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक बहुत बड़ा माना जा रहा है। यह एलएनजी-आधारित ट्रेन एक डीजल-एलएनजी डुअल-फ्यूल सिस्टम पर काम करती है।

साबरमती इंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो में दो 1400 हॉर्सपावर (HP) के ड्राइविंग पावर कारों को इस तरह से बदला गया है कि वे डीजल और एलएनजी दोनों ईंधनों पर चल सकें। इस नई तकनीक से डीजल की खपत में करीब 40 प्रतिशत तक की कमी लाई जा सकती है। इससे न केवल ईंधन पर होने वाला खर्च बचेगा, बल्कि कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और अन्य हानिकारक कणों (पार्टिकुलेट मैटर) के उत्सर्जन में भी भारी कमी आएगी।

अन्य प्रमुख रेलवे प्रोजेक्ट्स के बारे में जानिए
अमित शाह द्वारा लॉन्च किए गए इस बड़े पैकेज का मुख्य फोकस रेलवे सुरक्षा, लाइन क्षमता और माल ढुलाई को बेहतर बनाना है। इसके तहत अहमदाबाद डिवीजन में 404 किलोमीटर के रेलवे नेटवर्क पर स्वदेशी ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम की नींव रखी गई है।

करीब 411 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना अहमदाबाद-पालनपुर खंड 157 किमी और अहमदाबाद-समाखियाली खंड 247 किमी को कवर करेगी। ‘कवच’ तकनीक ट्रेनों की आमने-सामने की टक्कर रोकने, ओवरस्पीडिंग से बचाने और मानवीय भूल के जोखिमों को कम करने के लिए डिजाइन की गई है।

ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम की शुरुआत
इसके अलावा साबरमती-कलोल-भंडू मोतिदाऊ और साबरमती-साणंद-जखवाड़ा के बीच 122.57 किलोमीटर के रेलवे सेक्शन पर लगभग 118.83 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम शुरू किया गया है। इससे ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनी रहेगी और रूट की क्षमता में इजाफा होगा।

WAG-12 लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड का उद्घाटन
अमित शाह ने साबरमती में लगभग 700 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बने WAG-12 लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड का उद्घाटन किया है। यह अत्याधुनिक सुविधा 12000 HP क्षमता वाले 300 हाई-हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक इंजनों का रखरखाव करेगी, जिनका उपयोग भारी और लंबी मालगाड़ियों को खींचने के लिए किया जाता है।

साबरमती-सरखेज रेलवे लाइन दोहरीकरण का भी जोर
इतना ही नहीं करीब 313.27 करोड़ रुपये की लागत वाली इस 21 किलोमीटर लंबी दोहरीकरण परियोजना को मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें साबरमती, गांधीग्राम, वस्त्रपुर और सरखेज जैसे स्टेशन शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट से सरखेज-धोलाका क्षेत्र की तरफ रेल संपर्क बेहतर होगा और वहां औद्योगिक व व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

NATIONAL : मन की बात का 138वां एपिसोड आज: पीएम मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक को किया याद, जनगणना को बताया राष्ट्रीय जिम्मेदारी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 138वें एपिसोड में सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति और 9/11 हमले के पीड़ितों को याद किया। अशोक सिंहल की जन्म शताब्दी पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मोढेरा सूर्य मंदिर के इतिहास का भी जिक्र किया। पीएम ने आज और किन-किन मुद्दों का जिक्र किया। आइए, विस्तार से जानते हैं…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मन की बात के 138वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने 10 वर्ष पहले 28-29 सितंबर, 2016 को हुई स्ट्राइक को याद किया। पीएम ने बताया कि उस दिन एलओसी के पार जाकर भारतीय सेना के वीर जवानों ने जिस तरह आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की थी, वो देख दुनिया हैरान थी। सर्जिकल स्ट्राइक ने डंके की चोट पर पूरी दुनिया के सामने भारत की आतंकवाद विरोधी नीति का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया था। आतंकवादी हमलों के कारण भारत ने लंबे समय तक, जो दर्द झेला था, ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ उस कष्ट के खिलाफ हमारी निर्णायक प्रतिक्रिया थी।

प्रधानमंत्री ने बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत ने अपना रुख बार-बार साफ किया कि अगर कोई आतंकवादी भारत पर आंख उठाकर भी देखेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज का भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहा है। उन्होंने 2008 के दिल्ली सीरियल ब्लास्ट और 26/11 मुंबई हमले को भी याद किया। साथ ही साथ ही 9/11 हमले के 25 साल पूरे होने की याद दिलाई। उन्होंने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना भी जताई।

अशोक सिंहल पर क्या बोले प्रधानमंत्री?
पीएम मोदी ने कहा कि अशोक सिंहल 27 सितंबर 1926 को आज के ही दिन आगरा में उनका जन्म हुआ था। उनकी जन्म शताब्दी पर श्रद्धांजलि देता हूं। उन्होंने समाज में रहकर तपस्वियों जैसा जीवन जिया। उन्होंने राम-जन्मभूमि आंदोलन को जो दिशा दी, जो ऊर्जा दी, आज उसी का परिणाम है कि हम अयोध्या में भव्य मंदिर को साक्षात देख रहे हैं। बता दें, सिंहल विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष और अयोध्या राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख नेता थे।

गुजरात के सूर्य मंदिर को क्यों किया याद?
प्रधानमंत्री ने कहा कि 1026 ईस्वी में जब गजनी के हमले में सोमनाथ मंदिर का विध्वंस हुआ था, उसी साल गुजरात के मोढेरा स्थित प्रसिद्ध सूर्य मंदिर पर भी हमला हुआ था। उन्होंने कहा कि उस दौरान मोढेरा मंदिर को भी तोड़ा गया था। इस लिहाज से मोढेरा मंदिर के विध्वंस की घटना को भी इस साल एक हजार वर्ष पूरे हो रहे हैं।

उन्होंने आगे बताया कि मोढेरा के सूर्य मंदिर का निर्माण 1025 ईस्वी में राजा भीमदेव ने कराया था। यानी मंदिर के निर्माण के महज एक साल बाद ही उस पर हमला हुआ और उसे नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि आज मोढेरा केवल अपने प्रसिद्ध सूर्य मंदिर के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि गुजरात का यह गांव देश का पहला सोलर विलेज यानी सूर्य ग्राम भी बन चुका है।

मनप्पारई में कैसे जीवंत रखी जा रही है अतीत की विरासत?
प्रधानमंत्री ने कहा कि अतीत से भारत का जुड़ाव आज भी बहुत जीवंत है। इसके पीछे उन लोगों का समर्पण और मेहनत है, जो अपनी कोशिशों से इस जुड़ाव को और गहरा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के मनप्पारई में भी ऐसा ही एक अनूठा प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मनप्पारई के इस प्रयास का जिक्र करते हुए बताया कि देश की पुरानी विरासत और परंपराओं को बचाने में स्थानीय लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे प्रयास अतीत को आने वाली पीढ़ियों से जोड़ने का काम करते हैं।

सोनाई रुपाई अभयारण्य में हाथी फिर क्यों लौटे?
पीएम ने असम के सोनाई रुपाई वन्यजीव अभयारण्य का जिक्र करते हुए बताया कि एक समय यहां हाथियों का बसेरा हुआ करता था। लेकिन धीरे-धीरे जंगल की जमीन पर इंसानी दखल बढ़ने लगा, जिससे हाथियों ने इस इलाके से दूरी बना ली। करीब तीन साल पहले इस जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। इसके बाद अब इसके नतीजे सामने आने लगे हैं और हाथी फिर इस इलाके में लौट आए हैं। प्रधानमंत्री ने इसे प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों से सामने आए सकारात्मक बदलाव के तौर पर बताया।

सिर्फ छह पिग्मी हॉग से शुरू हुआ अभियान, अब संख्या 190 से ज्यादा
इस दौरान उन्होंने असम में पिग्मी हॉग को बचाने के लिए चलाए गए संरक्षण कार्यक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक समय इस छोटे जीव के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा था। तब केवल छह पिग्मी हॉग के साथ संरक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया और बाद में उन्हें दोबारा जंगलों में बसाया गया। पिग्मी हॉग के रहने के लिए घास के मैदानों को भी बेहतर बनाया गया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, इन प्रयासों का असर अब दिखाई दे रहा है और संरक्षण कार्यक्रम की वजह से पिग्मी हॉग की संख्या 190 से ज्यादा हो चुकी है।

झारखाली की महिलाएं कैसे बना रही हैं मैंग्रोव का सुरक्षा-कवच?
पीएम ने पश्चिम बंगाल के झारखाली की महिलाओं के प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इनमें से ज्यादातर महिलाएं ऐसी हैं, जिनके पति बाघ के हमले में मारे गए। पति को खोने के बाद इन महिलाओं को सुंदरबन से ही आजीविका का सहारा मिला और अब वे मैंग्रोव के जंगल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं द्वारा लगाए गए मैंग्रोव के पेड़ अब गांवों के लिए प्राकृतिक सुरक्षा-कवच का काम कर रहे हैं। इसके साथ ही मैंग्रोव लगाने के काम से इन महिलाओं की कमाई भी हो रही है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और आजीविका दोनों को बढ़ावा मिल रहा है।

नशे के खिलाफ युवाओं ने लिया कौन सा संकल्प?
प्रधानमंत्री ने नशा मुक्त युवा अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि देश के लाखों युवाओं ने नशे और ड्रग्स के खिलाफ महत्वपूर्ण संकल्प लिया है। युवाओं ने खुद नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा की है और इस संदेश को दूसरे लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी ली है। साथ ही आगे कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। जब युवा खुद नशे से दूर रहने का संकल्प लेते हैं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करते हैं, तो इससे समाज में नशामुक्ति का संदेश मजबूत होता है।

राजिंदर सिंह सीनियर कैसे तलाश रहे हैं गांवों की हॉकी प्रतिभाएं?
प्रधानमंत्री ने राजिंदर सिंह सीनियर के प्रयासों का जिक्र करते हुए बताया कि वह युवा हॉकी प्रतिभाओं को खोजने और उन्हें प्रशिक्षण देने में मदद कर रहे हैं। उनकी कोशिशों से गांवों के बच्चों को हॉकी में आगे बढ़ने और इस खेल में बेहतर अवसर हासिल करने का मौका मिल रहा है। आगे उन्होंने बताया कि भारत को खेलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते रहना है तो गांवों और कस्बों तक पहुंचकर प्रतिभाओं की तलाश करना जरूरी है। स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें प्रशिक्षण और अवसर देने से देश के लिए नए खिलाड़ी तैयार किए जा सकते हैं।

प्रतापगढ़ का आंवला कैसे किसानों और महिलाओं की आय बढ़ा रहा है?
प्रधानमंत्री ने प्रतापगढ़ के मशहूर आंवले का जिक्र करते हुए बताया कि इससे किसानों और स्वयं-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। प्रतापगढ़ में आंवला प्रसंस्करण से जुड़ी करीब 100 इकाइयां काम कर रही हैं और इनमें स्वयं-सहायता समूहों की महिलाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने देवगढ़ कमासी गांव के सावित्री फुले स्वयं-सहायता समूह का उदाहरण दिया। इस समूह से जुड़ी महिलाएं आंवले से कैंडी, मुरब्बा और जूस बना रही हैं। एक जिला एक उत्पाद के तहत नए बाजारों तक पहुंच बढ़ने से इन महिलाओं की आय में भी बढ़ोतरी हुई है।

कुपोषण से लड़ने के लिए राज्यों ने क्या-क्या पहल की?
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुपोषण से मुकाबला करने के लिए इस साल कई सराहनीय पहल की गई हैं। छत्तीसगढ़ ने ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत लोगों को पौष्टिक मुनगा यानी मोरिंगा को अपने खान-पान में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। गुजरात ने भी मिलेट्स से बने व्यंजनों को लेकर ‘वांगी स्पर्धा’ शुरू की है। आगे उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र भी पोषण के क्षेत्र में प्रयास कर रहा है। वहीं, मिजोरम में लोगों ने मिलकर पोषण वाटिकाओं की देखभाल के लिए अभियान शुरू किया है। इन पहलों का उद्देश्य लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ खान-पान को बढ़ावा देना है।

थाईलैंड में गणेश जी की 10 हजार से ज्यादा मूर्तियां क्यों हैं?
प्रधानमंत्री ने भगवान श्री गणेश के प्रति भारत से बाहर तक फैली आस्था का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि थाईलैंड के गणेश हिमाल म्यूजियम में गणेश जी की 10 हजार से ज्यादा मूर्तियां हैं। उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है। आगे वो बोले कि भगवान गणेश के प्रति लोगों की आस्था भारत की सीमाओं से आगे भी दिखाई देती है। उन्होंने कामना की कि गणपति बप्पा का आशीर्वाद सभी लोगों पर हमेशा बना रहे।

ENTERTAINMENT : ‘जो अपने पति की मारने की…’, सुनीता आहूजा को लेकर कोमल रानी का शॉकिंग दावा, गोविंदा संग है डेटिंग की चर्चा

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बॉलीवुड एक्टर गोविंदा लंबे समय से पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं. एक्टर को लेकर सुनीता आहूजा ने कई बार शॉकिंग खुलासे किए हैं कि उनके एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर रहे हैं. उन्होंने सालों से गोविंदा से अलग रहने की बात भी कही थी. इसी बीच एक्टर का नाम एक्ट्रेस कोमल रानी के साथ जुड़ा है. दोनों कई बार साथ में स्पॉट भी किए जाते रहे. हाल ही में लालबागचा राजा के दर्शन करने के दौरान दोनों साथ में दिखे, जिसके बाद उनके अफेयर की खबरों ने तूल पकड़ लिया. ऐसे में अब पहली बार कोमल रानी ने पहली बार चुप्पी तोड़ी.

दरअसल, बीते दिन ही सुनीता आहूजा का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वो कोमल और गोविंदा के लालबागचा राजा वाले फोटोज पर रिएक्शन दिया था और कहा था, ‘मेरा घर टूट रहा है बिना की वजह के.’ इस पर कोमल रानी ने पोस्ट शेयर कर प्रतिक्रिया दी और कहा, ‘जो घर पहले से ही टूटा हुआ हो, उसे कोई और नहीं तोड़ सकता.’

कोमल रानी ने अपनी पोस्ट में शॉकिंग दावा भी किया और कहा कि सुनीता, गोविंदा को सालों से मारने की कोशिश कर रही हैं. कोमल लिखती हैं, ‘जो औरत अपने ही पति को सालों से जान से मारने की कोशिश कर रही हो, ऐसी औरतों की बद्दुआएं किसी को नहीं लगती. जो घर पहले से ही टूटा हुआ हो उसे कोई और नहीं तोड़ सकता. ‘

कोमल आगे लिखती हैं, ‘अपने देश में लोग इतने भी बेवकूफ नहीं हैं कि किसी के कहने पर कि कौआ तुम्हारा कान ले गया है, वो कौए के पीछे भागने लगें. मुझे समझ नहीं आता कि कोई महिला किस तरह के दर्द से गुजर रही है, जहां उसे ठीक करने की कोशिश करने के बजाय उसे सबके सामने दिखाने में ही मजा आ रहा है. क्या सच में दर्द है या फिर सोच समझकर रची गई कोई साजिश है?’

गोविंदा को बर्बाद करने में सुनीता का हाथ?

इसके साथ ही कोमल रानी ने पोस्ट में और भी शॉकिंग दावे किए और सुनीता पर बिना नाम लिए निशाना साधा. वो लिखती हैं, ‘किसी आदमी को मानसिक रूप से परेशान करना, उसे काम ना करने देना, घर बैठने और बर्बाद होने के लिए मजबूर करना, उसे पूरी तरह अलग-थलग कर देना और उसे मौत के कगार पर पहुंचा देना. मुझे नहीं लगता कि कोई अच्छी और समर्पित पत्नी अपने पति के साथ इतना बुरा बर्ताव कर सकती है.’

यह भी पढ़ें: The Paradise ने दो दिन में बनाया 2026 का बड़ा रिकॉर्ड, बनी 6वीं हाईएस्ट ग्रॉसर तेलुगु फिल्म

कोमल अंत में सवाल करते हुए लिखती हैं, ‘क्या ऐसी औरतें मानसिक रूप से बीमार होती हैं या वो बस अपनी भलाई के लिए जरूरत से ज्यादा चालाक होती हैं और उन्हें अच्छी तरह पता होता है कि जो काम वो बंद दरवाजों के पीछे नहीं कर पाईं, उसे वो सबके सामने आकर लोगों की सहानुभूकि हासिल करके कर सकती हैं? अपने एजेंडे को पूरा करने के लिए मेरा नाम इस्तेमाल करना बंद करो. भगवान हर भले आदमी को ऐसी चालाक औरतों से बचाए.’

गोविंदा और कोमल रानी के अफेयर रूमर्स के बारे में

बहरहाल, अगर गोविंदा और कोमल रानी के अफेयर रूमर्स के बारे में बात की जाए तो इस पूरे साल दोनों अपने अफेयर की खबरों को लेकर चर्चा में रहे हैं. दोनों के अफेयर की खबरें तब और तेज हो गईं जब उन्हें एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया था. वो दो बार एयरपोर्ट पर नजर आए और पोज भी दिया. इसके बाद गणेश उत्सव के बीच रूमर्स कपल को लालबागचा राजा के दर्शन करते हुए साथ में स्पॉट किया गया.

इस पर गोविंदा ने ANI से बातचीत में चुप्पी तोड़ी थी और कहा था, ‘अगर मेरा कोमल रानी से अफेयर भी है तो ये लोगों का विषय नहीं है. मैं काम कर रहा हूं. मैं प्रोफेशनल रिलेशनशिप को मेंटेन कर रहा हूं. इसमें लोग सोच रहे हैं कि मैं काम ना कर पाऊं. मुझे डरा रहे हैं. ताकि मुझे फाइनेंसर ना मिले. सब क्राइम को उकसा रहे हैं और मेरे खिलाफ सब प्लानिंग के साथ हो रहा है और आगे भी होगा’ आपको बता दें कि गोविंदा और कोमल रानी फिल्म ‘रूपा’ में नजर आने वाले हैं.

NATIONAL : बेटी व व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों की जगह जेल या जहन्नुम : योगी

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बुलंदशहर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बुलंदशहर में विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भय, दहशत और असुरक्षा का माहौल था। बेटियां और व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए सिर्फ दो ही जगह हैं जेल या जहन्नुम।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बुलंदशहर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दंगे होते थे और कर्फ्यू लगता था। उस दौर में बेटियां और व्यापारी स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे। कई परिवारों ने बेटियों की पढ़ाई तक बंद करा दी थी। पहले हर जिले में माफिया और हर थाने में वसूली का सिंडिकेट सक्रिय था। गरीबों को न्याय नहीं मिलता था, महिलाओं की सुरक्षा नहीं थी और व्यापारियों को भय के माहौल में काम करना पड़ता था।

उन्होंने कहा कि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। अब यहां सब चंगा है। सरकार ने माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने दोहराया कि माफिया को मिट्टी में मिलाएंगे और ऐसा करके दिखाया गया। बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए केवल दो ही जगह हैं-जेल या जहन्नुम।
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लिंक एक्सप्रेसवे से जेवर एयरपोर्ट होगा बेहद करीब
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से बुलंदशहर के विकास को नई गति मिलेगी। जनप्रतिनिधियों की मांग पर गंगा एक्सप्रेसवे को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी दे दी गई है। किसानों के मुआवजे में बढ़ोतरी की मांग भी सरकार ने स्वीकार कर ली है। उन्होंने कहा कि लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद बुलंदशहर और जेवर एयरपोर्ट की दूरी इतनी कम हो जाएगी कि वह वॉकिंग डिस्टेंस जैसी महसूस होगी। साथ ही बताया कि बुलंदशहर के लिए रिंग रोड के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है।

औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा बुलंदशहर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से बुलंदशहर औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा। जेवर एयरपोर्ट के आसपास इंटरनेशनल फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, अपैरल पार्क, टॉय पार्क, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी और फिनटेक सिटी विकसित की जा रही हैं, जिसका सबसे अधिक लाभ बुलंदशहर को मिलेगा।

बुलंदशहर की पहचान- जय जवान, जय किसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि बुलंदशहर देश को सबसे अधिक सैनिक देने वाले जनपदों में शामिल है। यहां लगभग हर गांव में पूर्व सैनिक या सैन्य अधिकारी मिल जाएंगे। वहीं खुर्जा की क्रॉकरी और क्षेत्र के गन्ना किसानों की पहचान अब बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचेगी।

मोबाइल निर्माण और गन्ना उत्पादन में यूपी नंबर-1

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में मोबाइल निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, गन्ना उत्पादन, चीनी उत्पादन और इथेनॉल उत्पादन में अग्रणी राज्य बन चुका है। प्रदेश में बनने वाले 55 प्रतिशत मोबाइल फोन और 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहे हैं।

बॉटम से टॉप की ओर बढ़ा उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश की पहचान टूटी सड़कों और बदहाल व्यवस्था से होती थी, लेकिन आज प्रदेश आधुनिक एक्सप्रेसवे और मजबूत आधारभूत ढांचे के कारण देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से निवेश, उद्योग और रोजगार तेजी से बढ़ रहे हैं।

ENTERTAINMENT : राम चरण की कलाई से निकाली गई रॉड, 8-10 दिन चलेगी फिजियोथेरेपी

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Ram Charan Health Updates: राम चरण की हेल्थ को लेकर अपडेट सामने आया है. ‘पेद्दी’ के समय उनकी कलाई में आई चोट के बाद सर्जरी करके रॉड लगा दी गई थी, जिसे अब निकाल दिया गया है.

साउथ एक्टर राम चरण को फिल्म ‘पेद्दी’ की शूटिंग के समय कुश्ती वाले सीक्वेंस के दौरान चोट आई थी, जिसकी वजह से उनकी कलाई की सर्जरी करानी पड़ी थी और इसमें रॉड लगाई गई थी. इसी के साथ ही अब एक्टर की हेल्थ को लेकर नया अपडेट सामने आया है कि उनकी कलाई से रॉड को निकाल दिया गया है और अब उनकी 8-10 दिनों तक सर्जरी कराई जाएगी.

डेक्कन क्रोनिकल में छपी रिपोर्ट में राण चरण की सर्जरी को लेकर अपडेट शेयर किया गया है. इसमें बताया गया है कि डॉ परवीन की गाइडेंस में डॉ राजेशकरन और डॉ सभापति ने सारा प्रेसिजर किया. दरअसल, बुची बाबू सना की फिल्म ‘पेद्दी’ के लिए एक सीन की शूटिंग में एक्टर को स्पोर्ट्स से जुड़ी ‘ट्रायंगुलर फाइब्रोकार्टिलेज कॉम्प्लेक्स’ (TFCC) में चोट आ गई थी. शुरुआत में बिना सर्जरी के उनका ट्रीटमेंट किया गया. लेकिन वो ठीक नहीं हुआ तो जुलाई में उनकी सर्जरी की गई.

इसके साथ ही अब राम चरण को लेकर जानकारी सामने आ रही है कि एक्टर की कलाई से रॉड्स और कास्ट को निकाल दिया गया है, जिसके बाद अब वो रिकवरी के अगले फेज में एंट्री कर चुके हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो कहा जा रहा है कि राम चरण की कलाई से रॉड्स निकलने के बाद अब उनकी 8-10 हफ्तों तक फिजियोथेरेपी की जाएगी.

वहीं, राम चरण के काम पर लौटने को लेकर कहा जा रहा है कि वो पूरी तरह ठीक होने के बाद ही काम पर लौटेंगे. कुछ रिपोर्ट्स में ये भी कहा जा रहा है कि वो नवंबर महीने के बाद ही अगले प्रोजेक्ट की शूटिंग कर सकेंगे.

राम चरण की आंखों में भी आई थी चोट

इतना ही नहीं, राम चरण के केवल कलाई में ही चोट नहीं आई थी. ‘पेद्दी’ की शूटिंग के दौरान एक्टर की पलकों पर चोट आई थी और उन्हें एक छोटी सी मेडिकल प्रक्रिया से गुजरना पड़ा था. उस समय उनके पिता चिरंजीवी ने राम का इलाज करने वाले डॉक्टर का शुक्रिया भी अदा किया किया था.

गौरतलब है कि बुची बाबू सना की फिल्म ‘पेद्दी’ एक एक्शन स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म थी, जिसमें राम चरण ने कई रोल प्ले किए थे. क्रिकेट के मैदा से लेकर अखाड़े और मैथरन तक में राम चरण का रोल दिखाया गया था. इसमें उनके साथ जान्हवी कपूर भी अहम रोल में थीं.

राम चरण का प्रोफेशनल फ्रंट

इसके साथ ही राम चरण के प्रोफेशनल फ्रंट के बारे में बात की जाए तो वो ‘रंगस्थलम’ के बाद एक बार फिर से सुकुमार के साथ काम करते हुए नजर आने वाले हैं. दोनों बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं. वो अनटाइटल्ड फिल्म RC17 में नजर वाले हैं. आखिरी रिलीज एक्टर की ‘पेद्दी’ ही है, जो 2026 की तेलुगु की हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म रही.

NATIONAL : बीकानेर में पत्नी को दुल्हन बनाकर दी अंतिम विदाई, खुद दूल्हा बने रिटायर्ड अधिकारी

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बीकानेर में एक रिटार्यड अधिकारी ने अपनी पत्नी की मौत के बाद उसे अनोखे तरह से अंतिम विदाई दी. अधिकारी खुद भी दुल्हे की तरह सजा था और बैंड के साथ विदाई दी जो चर्चा का विषय बन गया है.

बीकानेर में एक पति ने अपनी पत्नी को दुल्हन की तरह सजाकर अंतिम विदाई दी. पत्नी के साथ 42 साल के वैवाहिक जीवन के बाद जब अंतिम विदाई का वक्त आया तो पति ने उसकी विदाई भी उसी तरह करने का फैसला किया, जैसे शादी के समय दुल्हन की विदाई होती है. ये अनोखी विदाई चर्चा का विषय बन गई है.

बीकानेर के रिटायर्ड असिस्टेंट एडमिनिस्ट्रेटिव आफिसर राजेंद्र प्रसाद जोशी ने अपनी पत्नी अमिता जोशी के पार्थिव शरीर को पंचतत्व में विलीन होने से पहले दुल्हन की तरह सजाया और खुद भी दूल्हे की तरह तैयार हुए. इसके बाद गाजे-बाजे और रामनाम संकीर्तन के साथ उसे अंतिम विदाई दी.

बैंड पार्टी के साथ रामनाम संकीर्तन
दरअसल, अमिता जोशी का 63 साल की उम्र में गुरुवार रात निधन हो गया. वो कुछ समय से गुर्दे की बीमारी से परेशान थीं शुक्रवार को गंगाशहर स्थित बाफना स्कूल के सामने की गली से उनकी अंतिम यात्रा निकली. बैंड पार्टी के साथ रामनाम संकीर्तन किया गया. इस दौरान बैंड पर विदाई के गीत भी बजाए गए. अंतिम यात्रा में शामिल लोगों के लिए यह दृश्य भावुक कर देने वाला था.

राजेंद्र प्रसाद जोशी ने बताया कि उनकी इच्छा थी कि पत्नी को सुहागन के रूप में ही विदा किया जाए. करीब 42 साल पहले 18 फरवरी 1984 को अमिता श्रीनगर, उत्तराखंड से विवाह के बाद बीकानेर आई थी. दोनों ने लंबे वैवाहिक जीवन में सुख-दुख साथ बांटे.

चर्चा में है अंतिम विदाई
जोशी ने बताया कि अमिता धर्मपरायण, मिलनसार और हंसमुख स्वभाव की थी. अमिता ने पत्नी और परिवार की जिम्मेदारियां पूरी निष्ठा से निभाई थी. उनके जाने के बाद परिवार में दो बेटे, दो पोते और एक पोती रह गए हैं. अंतिम यात्रा गंगाशहर के मोक्षधाम पहुंची, जहां अमिता की अंत्येष्टि की गई. घर से श्मशान तक रास्ते में कई लोग अंतिम यात्रा को देखने के लिए रुके.

पत्नी को इस तरह विदाई देते देखकर लोग भावुक हो गए और दिवंगत अमिता जोशी को श्रद्धांजलि दी. इस दौरान पति-पत्नी के 42 साल के साथ और राजेंद्र जोशी द्वारा दी गई अंतिम विदाई की इच्छा की चर्चा में रही. बहरहाल बीकानेर की इस घटना ने पति-पत्नी के रिश्ते को सात जन्मों का बंधन मानने वाली परंपरा को और मजबूती देने का काम किया है.

BUSINESS : सोना 1.50 लाख के पार, चांदी भी तेजी से चढ़ी

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आज सोना और चांदी का क्या भाव चल रहा है, इसकी पूरी जानकारी आपको यहां से मिलेगी. यहां 18 कैरेट से लेकर 24 कैरेट गोल्ड तक के भाव के बारे में बताया गया है. शहर अनुसार चेक करें पूरी रेट लिस्ट.

एक बार फिर तीज- त्योहार और शादी का सीजन नजदीक आ गया है. ऐसे में हर किसी की नजर सोना और चांदी के रेट पर ही है. आइये जानते हैं कि आज गोल्ड और सिल्वर से राहत मिली है या फिर लगा है बड़ा झटका.

बता दें कि आज सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. सोना 150 रुपए की बढ़त के साथ 1,50,860 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया तो वहीं, चांदी का भाव भी 368 रुपए चढ़कर 2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया है.

आज सोने का क्या भाव है?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर आज सोने की कीमत 150 रुपए यानी 0.1 प्रतिशत की तेजी पर नजर आई. इसी के साथ 26 सितंबर को सोना 1,50,860 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है.

शहर का नाम 24 कैरेट सोने का भाव
दिल्ली 1,50,860 रुपए प्रति 10 ग्राम
नोएडा 1,50,860 रुपए प्रति 10 ग्राम
गुरुग्राम 1,50,860 रुपए प्रति 10 ग्राम
मुंबई 1,50,960 रुपए प्रति 10 ग्राम
कोलकाता 1,50,760 रुपए प्रति 10 ग्राम
चेन्नई 1,50,860 रुपए प्रति 10 ग्राम
पटना 1,50,890 रुपए प्रति 10 ग्राम
लखनऊ 1,50,960 रुपए प्रति 10 ग्राम
वाराणसी 1,50,860 रुपए प्रति 10 ग्राम
चांदी भी हुई महंगी
सोने के साथ- साथ चांदी के भाव में भी तेजी आ गई है. MCX पर चांदी की कीमत 368 रुपए यानी 0.16 प्रतिशत बढ़ गई है. इस बढ़त के साथ चांदी एक बार फिर 2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है.

शहर का नाम चांदी का भाव
दिल्ली 2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम
नोएडा 2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम
गुरुग्राम 2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम
मुंबई 2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम
कोलकाता 2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम
चेन्नई 2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम
पटना 2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम
लखनऊ 2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम
वाराणसी 2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम
ग्लोबल मार्केट के कैसे हैं हालात?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में हल्की बढ़त देखने को मिली है. यहां सोने का भाव 0.01 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,275.38 डॉलर प्रति औंस है तो वहीं, चांदी की कीमत 0.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 63.80 डॉलर प्रति औंस हो गई है.

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