Saturday, March 21, 2026
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Sports : वर्ल्डकप था या अपनी गर्लफ्रेंड दिखाने का कंपटीशन, हार्दिक पांड्या से लेकर ईशान किशन तक को ट्रोल किया जा रहा हे

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सोशल मीडिया के दौर में कैमरा हर पल पकड़ लेता है. और शायद यही वजह है कि इस बार वर्ल्ड कप की यादों में सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि मैदान पर दिखे ये रोमांटिक और मजेदार पल भी लंबे समय तक याद किए जाएंगे.क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने के बाद आम तौर पर तस्वीरें ट्रॉफी उठाने, तिरंगा लहराने और खिलाड़ियों के भावुक पलों की वायरल होती हैं. लेकिन इस बार इंटरनेट पर जो चर्चा छिड़ी है, उसने जश्न को एक अलग ही मोड़ दे दिया है. टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत के बाद मैदान पर जहां खिलाड़ी जीत का जश्न मना रहे थे, वहीं कैमरों ने कुछ ऐसे पल भी कैद कर लिए जिन पर सोशल मीडिया अब जमकर मजे ले रहा है. किसी ने इसे रोमांटिक मोमेंट कहा, तो किसी ने मजाक में लिख दिया कि “ये वर्ल्ड कप था या गर्लफ्रेंड शोकेस”.

दरअसल जीत के बाद मैदान पर कई भारतीय खिलाड़ी अपनी पार्टनर या कथित गर्लफ्रेंड्स के साथ दिखाई दिए. जैसे ही ये तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर पहुंचे, यूजर्स ने मीम्स और कमेंट्स की बाढ़ ला दी. कुछ लोग खिलाड़ियों की खुशी देखकर भावुक हुए, तो कुछ ने मजेदार अंदाज में ट्रोल करना शुरू कर दिया. यही वजह है कि अब यह पूरा जश्न सोशल मीडिया पर क्रिकेट से ज्यादा “रोमांस” के लिए चर्चा में आ गया है.भारत की जीत के बाद मैदान पर जश्न का माहौल था. खिलाड़ी ट्रॉफी के साथ फोटो खिंचवा रहे थे, तिरंगा लहरा रहे थे और फैंस के साथ खुशी बांट रहे थे. इसी दौरान कैमरों ने कुछ ऐसे दृश्य भी रिकॉर्ड किए जिनमें खिलाड़ी अपनी पार्टनर्स के साथ बातचीत करते, गले मिलते और हंसते नजर आए. खासतौर पर Hardik Pandya और Ishan Kishan के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा वायरल हो गईं. मैदान पर उनके साथ दिख रही महिलाओं को लेकर इंटरनेट पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं.

जैसे ही ये तस्वीरें वायरल हुईं, सोशल मीडिया यूजर्स ने मजेदार कमेंट्स की झड़ी लगा दी. कई लोगों ने मजाक में लिखा, “भाई ये वर्ल्ड कप था या गर्लफ्रेंड दिखाने का कंपटीशन”. एक यूजर ने लिखा, “ट्रॉफी एक है लेकिन मैदान पर कपल्स बहुत हैं”. वहीं दूसरे ने कमेंट किया, “टीम इंडिया ने ट्रॉफी भी जीत ली और दिल भी”. इन मजेदार प्रतिक्रियाओं ने पूरे इंटरनेट पर मीम्स की बारिश कर दी.

इंस्टाग्राम और X जैसे प्लेटफॉर्म पर इस जश्न के क्लिप्स से हजारों मीम्स बन चुके हैं. कुछ वीडियो में खिलाड़ियों को ट्रॉफी के साथ दिखाया गया है और अगले ही फ्रेम में उनकी पार्टनर्स के साथ हंसते हुए पल जोड़ दिए गए हैं. कई रील्स में बैकग्राउंड में रोमांटिक गाने जोड़कर क्लिप्स वायरल किए जा रहे हैं. यही वजह है कि यह जश्न अब सिर्फ क्रिकेट फैंस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मीम पेज और एंटरटेनमेंट अकाउंट्स पर भी ट्रेंड करने लगा है.दिलचस्प बात यह है कि जहां एक तरफ भारत की ऐतिहासिक जीत की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी तरफ मैदान पर कैद हुए ये रोमांटिक पल भी उतने ही वायरल हो गए हैं. कई लोगों का कहना है कि क्रिकेट के इतिहास में शायद पहली बार ऐसा हुआ है जब ट्रॉफी जीतने के बाद का जश्न इतना “मीम मटेरियल” बन गया हो.

Mumbai news : ‘आसान नहीं मुंबई में रहना’ छोटे से फ्लैट का दे रही एक लाख रुपये किराया यह लड़की

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दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपने किराए के घर का टूर दिखाते नजर आए. इस घर का किराया जान आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी.मुंबई को सपनों का शहर कहा जाता है, लेकिन यहां घर लेना या किराए पर रहना किसी चुनौती से कम नहीं होता. शहर में प्रॉपर्टी की कीमतें इतनी ज्यादा हैं कि अक्सर लोग छोटे से फ्लैट के लिए भी भारी किराया चुकाने को मजबूर होते हैं. खासकर साउथ मुंबई और सेंट्रल मुंबई के इलाकों में किराया आम लोगों की पहुंच से काफी दूर माना जाता है. हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपने किराए के घर का टूर दिखाते नजर आए. इस घर का किराया जान आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी.

दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपने किराए के घर का टूर कराते दिखाई दिए. यह फ्लैट मुंबई के पॉश इलाके Parel में स्थित है. वीडियो की शुरुआत में ही उनसे पूछा गया कि वे इस घर के लिए कितना किराया देते हैं. इस पर उन्होंने बताया कि वे हर महीने करीब 1 लाख रुपये किराया देते हैं. दिलचस्प बात यह है कि इस किराए में मेंटेनेंस चार्ज भी शामिल है.

फोटो में दिखाया गया फ्लैट करीब 700 स्क्वायर फीट का है. घर में दो बेडरूम, एक लिविंग रूम और बाकी जरूरी सुविधाएं मौजूद हैं. फ्लैट का मास्टर बेडरूम थोड़ा बड़ा बताया गया, जबकि दूसरा कमरा थोड़ा छोटा है. घर का लिविंग रूम काफी साफ-सुथरा और आरामदायक नजर आता है. दोनों रूममेट्स ने बताया कि वे अपना ज्यादातर समय यहीं बिताते हैं. कभी यहां बैठकर बातें करते हैं, तो कभी अपने करियर और भविष्य को लेकर चर्चा करते हैं.फ्लैट के टूर के दौरान उन्होंने खिड़की से दिखने वाला नजारा भी दिखाया. दूर आसमान में प्लेन उड़ते और उतरते नजर आते हैं. दोनों इंजीनियरों ने बताया कि प्लेन को उड़ते और लैंड करते देखना उन्हें बहुत पसंद है. उनका कहना है कि काम के बाद जब वे घर आते हैं तो यह नजारा उन्हें काफी सुकून देता है.

घर में रहने वाले दोनों युवक पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. उन्होंने बताया कि मुंबई जैसे शहर में काम के बेहतर अवसर मिलते हैं, इसलिए उन्होंने यहां रहने का फैसला किया. हालांकि उन्होंने मजाक में यह भी कहा कि मुंबई में दूरी इतनी ज्यादा है कि रिश्ते निभाना भी मुश्किल हो जाता है. खासकर अगर किसी का पार्टनर शहर के दूसरे इलाके, जैसे Bandra में रहता हो तो मिलना-जुलना चुनौती बन सकता है.

World : गैस की किल्लत होने पर सबसे पहले किसे मिलेगा सिलेंडर? भारत सरकार की लिस्ट में कब आएगा आपका नंबर

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मिडिल ईस्ट में चल रही जंग का खामियाजा पूरी दुनिया को भुगतना पड़ रहा है. ईरान ने स्ट्रेट होर्मुज बंद कर दिया है, जिससे भारत समेत कई देशों में गैस और तेल की किल्लत होने लगी है. ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध की वजह से होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया है, जिससे LPG और नेचुरल गैस की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ रहा है. ऐसे में भारत की पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने नेचुरल गैस की अलोकेशन के लिए क्लियर प्रायोरिटी लिस्ट जारी की है. अगर गैस की कमी हुई तो पहले किस सेक्टर को कितनी गैस मिलेगी, ये अब तय हो गया है.

सरकार ने कहा है कि घरेलू यूजर्स और जरूरी सेक्टर को कोई कमी नहीं होने दी जाएगी. इसलिए इनको 100% सप्लाई मिलेगी, यानी कोई कटौती नहीं होगी
घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG): सीधे घरों में पाइप से आने वाली गैस, जो रसोई में इस्तेमाल होती है.
CNG: गाड़ियों, ऑटो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस.
LPG प्रोडक्शन: घरेलू रसोई गैस सिलेंडर बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली गैस.
पाइपलाइंस चलाने के लिए जरूरी ईंधन: गैस को ट्रांसपोर्ट करने के लिए खुद इस्तेमाल होने वाली गैस. ये सेक्टर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं, इसलिए सरकार ने इन्हें टॉप प्रायोरिटी दी है. घरेलू PNG और CNG को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा ताकि लोगों को खाना बनाने या गाड़ी चलाने में दिक्कत न हो.

केंद्र सरकार इंडस्ट्री से जुड़े सेक्टरों के हिस्से में गैस कटौती करेगी. इनको पिछले औसत यूज के आधार पर कम गैस मिलेगी. यानी बीते कुछ महिनों में किसी कंपनी ने जितनी भी गैस इस्तेमाल की होगी, उसका कुछ ही प्रतिशत दिया जाएगा.
चाय उद्योग और दूसरे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर: पिछले 6 महीने की औसत खपत का सिर्फ 80%.
फर्टिलाइजर (खाद) कंपनियां: 70% अलोकेशन.
तेल रिफाइनरीज: 65% अलोकेशन.
होटल एसोसिएशन पहले ही चेतावनी दे चुकी है कि कमर्शियल गैस नहीं मिली तो बेंगलुरु जैसे शहरों में होटल बंद होने लगेंगे. सरकार का फोकस आम आदमी पर है, इसलिए घरेलू और जरूरी सेक्टर को प्राथमिकता दी गई है. स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर और कदम उठाए जाएंगे.

ये फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि भारत अपनी LPG जरूरत का बड़ा हिस्सा इंपोर्ट करता है और वो ज्यादातर मिडिल ईस्ट से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आता है. युद्ध के कारण इंपोर्ट रुक गया है, जिससे कमर्शियल LPG (होटल, रेस्टोरेंट) में पहले से ही कमी है. घरेलू LPG को बचाने के लिए सरकार ने रिफाइनरीज को ज्यादा प्रोडक्शन करने के ऑर्डर दिए हैं और घरेलू सिलेंडर की बुकिंग का अंतर 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है ताकि स्टॉक बच सके.
पेट्रोलियम मिनिस्ट्री का कहना है कि देश में LPG का स्टॉक अभी 40 दिनों के लिए काफी है. साथ ही अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से अल्टरनेटिव इंपोर्ट बढ़ाया जा रहा है. लेकिन अगर संकट लंबा चला तो इंडस्ट्री पर असर पड़ेगा, जैसे चाय बागानों में प्रोडक्शन कम होना या खाद कंपनियों का काम प्रभावित होना लाजिमी है.

Bollywood : शकीरा के इंडिया टूर को लेकर आया बड़ा अपडेट, अब दो नहीं बल्कि तीन शो करेंगी पॉप स्टार

ग्लोबल पॉप स्टार शकीरा एक बार फिर से इंडिया में परफॉर्म करने आ रही हैं. मुंबई और दिल्ली में शकीरा का कॉन्सर्ट होना है, वहीं अब अपडेट आया है कि वो दो नहीं बल्कि तीन शो करेंगी। ग्लोबल पॉप स्टार शकीरा के इंडिया आने की खबर से पहले ही फैंस काफी उत्साहित थे. अब इस एक्साइटमेंट को और बढ़ाते हुए उनके इंडिया टूर में एक और कॉन्सर्ट जोड़ दिया गया है. शानदार रिस्पॉन्स मिलने के बाद ऑर्गेनाइजर्स ने फैसला किया कि मुंबई में एक और शो किया जाएगा. पहले जहां मुंबई और दिल्ली में एक-एक शो होना था, अब मुंबई में दो कॉन्सर्ट होंगें. यानी शकीरा इंडिया में टोटल तीन लाइव कॉन्सर्ट करने वाली हैं.

फैंस काफी समय से उन्हें लाइव देखने का इंतजार कर रहे थे, इसलिए यह टूर उनके लिए किसी बड़े म्यूजिक इवेंट से कम नहीं है. शकीरा अपनी दमदार आवाज, एनर्जेटिक डांस और सुपरहिट गानों के लिए दुनियाभर में जानी जाती हैं, इसलिए उनके इंडिया कॉन्सर्ट को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट लगातार बढ़ रही है.रिपोर्ट्स के मुताबिक टिकटों की भारी मांग के चलते ऑर्गेनाइजर्स ने मुंबई में एक और कॉन्सर्ट जोड़ने का फैसला किया है. शकीरा का पहला कॉन्सर्ट 10 अप्रैल को मुंबई के महालक्ष्मी रेसकोर्स में होगा.इसके अगले दिन 11 अप्रैल को इसी वेन्यू पर दूसरा शो ऑर्गेनाइज किया जाएगा. इसके बाद 15 अप्रैल को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में वह अपने फैंस के लिए परफॉर्म करेंगी.

शकीरा के कॉन्सर्ट के टिकट 1 मार्च से बुक करने के लिए अवेलेबल है. टिकट की कीमत 6000 हजार रुपये से शुरू होकर 32,000 हजार रुपये तक है.अलग-अलग प्राइस कैटेगरी में फैंस अपनी पसंद के हिसाब से टिकट खरीद सकते हैं.

बता दें, शकीरा करीब दो दशक बाद इंडिया में लाइव परफॉर्म करने जा रही हैं. इससे पहले उन्होंने 2007 में अपने ‘Oral Fixation Tour’ के दौरान मुंबई में शो किया था.अब 17 साल बाद उनका यह इंडिया टूर फैंस के लिए किसी बड़े म्यूजिकल सेलिब्रेशन से कम नहीं माना जा रहा.

Bihar news : बिहार में सरकारी नौकरी का मौका, पुलिस कॉन्स्टेबल से लेकर सिविल जज के पदों पर भर्ती

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बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है. पुलिस कॉन्स्टेबल ऑपरेटर, प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर और सिविल जज के कुल 1466 पदों पर भर्ती निकली है.बिहार में अलग-अलग विभागों में कई पदों पर भर्ती निकली है. पुलिस विभाग से लेकर न्यायिक सेवा तक कई पदों पर आवेदन मांगे गए हैं. जो भी उम्मीदवार इन भर्तियों के लिए जरूरी योग्यता रखते हैं, वे आवेदन करके सरकारी नौकरी पाने का मौका हासिल कर सकते हैं.इन भर्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार तय समय के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. ध्यान देने वाली बात यह है कि इन सभी भर्तियों के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाएंगे. ऑफलाइन या किसी अन्य तरीके से भेजे गए आवेदन मान्य नहीं होंगे.

बिहार में इस समय तीन प्रमुख पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है. इनमें पुलिस कॉन्स्टेबल ऑपरेटर, प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर और सिविल जज के पद शामिल हैं. पुलिस विभाग में पुलिस कॉन्स्टेबल ऑपरेटर के 993 पदों पर भर्ती निकाली गई है. इसके अलावा बिहार प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर के 300 पदों और बिहार सिविल जज के 173 पदों पर भी आवेदन मांगे गए हैं. इन तीनों भर्तियों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि अलग-अलग तय की गई है, इसलिए उम्मीदवारों को समय रहते आवेदन करना जरूरी है.

पुलिस कॉन्स्टेबल ऑपरेटर भर्ती 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 रखी गई है. वहीं बिहार प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर भर्ती 2026 के लिए उम्मीदवार 20 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा बिहार सिविल जज भर्ती के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 मार्च 2026 तय की गई है. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन कर लें, ताकि किसी तकनीकी समस्या के कारण परेशानी न हो. पुलिस कॉन्स्टेबल ऑपरेटर भर्ती 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 रखी गई है. वहीं बिहार प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर भर्ती 2026 के लिए उम्मीदवार 20 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा बिहार सिविल जज भर्ती के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 मार्च 2026 तय की गई है. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन कर लें, ताकि किसी तकनीकी समस्या के कारण परेशानी न हो

बिहार सिविल जज पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री होना जरूरी है. इसके अलावा उम्मीदवार के पास कम से कम तीन साल का कार्य अनुभव होना चाहिए. इस पद के लिए आयु सीमा 22 साल से 35 साल के बीच तय की गई है. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट दी जाएगी.

Top news : मिडिल ईस्ट में जंग के बीच सरकार ने लिया बड़ा फैसला, LPG सिलेंडर की बुकिंग का बढ़ा समय

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एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग को तीन दिन पहले ही 15 दिन से बढ़ाकर 21 दिन किया था, लेकिन अब 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है.मिडिल ईस्ट में जंग के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने घरेलू गैस सिलेंडर (LPG) की बुकिंग का समय बढ़ा दिया है. सूत्रों के मुताबिक अब इसे 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है. ये फैसला ब्लैक मार्केटिंग और होर्डिंग को लेकर लिया गया है. सरकार ने कहा है कि अभी तक घरेलू गैस या डीजल-पेट्रोल की कोई कमी नहीं है.

मंत्रालय ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग को तीन दिन पहले ही 15 दिन से बढ़ाकर 21 दिन किया था, लेकिन अब 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है. यानी अब ग्राहकों को सिलेंडर की दो बुकिंग के बीच 24 दिन का अंतर रखना होगा. पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच दो दिन पहले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 114.5 रुपये की बढ़ोतरी की गई. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली में अब गैर-सब्सिडी वाले एलपीजी का 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर 913 रुपये में मिलेगा जबकि पहले इसकी कीमत 853 रुपये थी.

एक साल में ये दूसरी बार है जब एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए. कीमत में बढ़ोतरी 7 मार्च से लागू हो चुकी है. इससे पहले पिछले साल अप्रैल में कीमत में 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. आईओसी की वेबसाइट के अनुसार, मुंबई में गैर-सब्सिडी वाली एलपीजी अब 912.50 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये की हो गई है.उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों यानी 2016 में योजना शुरू होने के बाद से मुफ्त एलपीजी कनेक्शन पाने वाले 10 करोड़ से अधिक गरीब लोगों को एक साल में 12 बार 14.2 किलोग्राम के हर सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी मिलती रहेगी.

होटल और रेस्तरां जैसे प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल की जाने वाली कॉमर्शियल एलपीजी की कीमत 19 किलोग्राम के हर सिलेंडर पर 114.5 रुपये बढ़ाई गई है. अब दिल्ली में इसकी कीमत 1,883 रुपये है. यह बढ़ोतरी एक मार्च को 19 किलोग्राम के हर सिलेंडर पर 28 रुपये बढ़ाए जाने के बाद की गई है. इस साल वाणिज्यिक एलपीजी की दरों में 302.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.

World : तेहरान के आसमान से बरसा तेल? एयरस्ट्राइक के बाद काले धुएं के बीच हुई अजीब बारिश

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इंटरनेट पर फैल रहे इन तस्वीरों ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है. लोग हैरान हैं कि क्या सच में किसी शहर में “तेल वाली बारिश” हो सकती है.जंग जब शहरों के दरवाजे तक पहुंचती है तो उसका असर सिर्फ धमाकों और आग की लपटों तक सीमित नहीं रहता. वह हवा, पानी और आसमान तक को बदल देती है. इन दिनों ईरान की राजधानी तेहरान से सामने आ रही तस्वीरें और वीडियो कुछ ऐसा ही डरावना मंजर दिखा रहे हैं. सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे कई वीडियो में शहर के ऊपर काले धुएं के विशाल गुबार छाए हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का दावा है कि आसमान से गिरने वाली बारिश में तेल जैसा चिपचिपा पदार्थ मिला हुआ था.

ईरान में हो रही तेल की बारिश!
इंटरनेट पर फैल रहे इन वीडियो और तस्वीरों ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है. लोग हैरान हैं कि क्या सच में किसी शहर में “तेल वाली बारिश” हो सकती है. वायरल हो रहे वीडियो में भी एक शख्स जमीन पर बिखरे तेल को दिखा रहा है और दावा कर रहा है कि यह तेल हवा में घुल चुका है और शहर के हर कोने में ऐसे हालात देखने को मिल रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि इजरायली हवाई हमलों के बाद तेहरान में कई तेल डिपो और ईंधन भंडारण केंद्रों में लगी भीषण आग के कारण यह अजीब स्थिति पैदा हुई. यही वजह है कि यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गई है और लाखों लोग इन वीडियो को देख रहे हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार रात इजरायल ने तेहरान और उसके आसपास स्थित कई ईंधन भंडारण और तेल सुविधाओं को निशाना बनाया. ईरानी मीडिया के अनुसार हमलों में उत्तर-पूर्व तेहरान के अगदासियेह ऑयल वेयरहाउस, शहर के उत्तर में स्थित शहरान ऑयल डिपो, दक्षिणी तेहरान की एक ऑयल रिफाइनरी और पास के कराज शहर में मौजूद तेल डिपो को निशाना बनाया गया. इन हमलों के बाद कई जगहों पर भीषण आग लग गई.ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने चेतावनी दी है कि इस तरह की बारिश में जहरीले हाइड्रोकार्बन, सल्फर और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे तत्व हो सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ये तत्व एसिड रेन जैसी स्थिति पैदा कर सकते हैं और इससे सांस लेने में दिक्कत, आंखों और त्वचा में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. तेहरान के गवर्नर ने नागरिकों से मास्क पहनने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने को कहा है. साथ ही घरों की खिड़कियों और दरवाजों को बंद रखने तथा गीले कपड़े से ढकने की सलाह दी गई है ताकि प्रदूषित हवा अंदर न आ सके.

Business : सिर्फ 200 रुपये की बचत से ही बेटियों के लिए बन सकता है 40 लाख का फंड, सरकार के इस स्कीम पर मिलता है जबरदस्त रिटर्न

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बेटी के जन्म के साथ ही माता-पिता के मन में उसके बेहतर भविष्य के सपने भी आकार लेने लगते हैं. अच्छी पढ़ाई और आगे चलकर शादी जैसी जिम्मेदारियों के लिए आर्थिक तैयारी करना भी उतना ही जरूरी हो जाता है. बेटी के जन्म के साथ ही माता-पिता के मन में उसके बेहतर भविष्य के सपने भी आकार लेने लगते हैं. अच्छी पढ़ाई, आत्मनिर्भर जीवन और आगे चलकर शादी जैसी जिम्मेदारियों के लिए आर्थिक तैयारी करना भी उतना ही जरूरी हो जाता है. अगर छोटी उम्र से ही सही जगह निवेश शुरू कर दिया जाए तो समय के साथ एक मजबूत फंड तैयार किया जा सकता है.

इसी उद्देश्य से भारत सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की है. यह योजना खास तौर पर बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए बनाई गई है. इसमें मिलने वाला रिटर्न भी टैक्स-फ्री होता है, जिससे निवेश का पूरा लाभ सीधे बेटियों को मिलता हैं. आइए जानते हैं, आखिर कैसे इस योजना की मदद से बेटियों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है.

सुकन्या समृद्धि योजना में अगर नियमित रूप से थोड़ी-थोड़ी बचत की जाए तो समय के साथ बड़ी रकम तैयार की जा सकती है. उदाहरण के तौर पर, रोजाना करीब 200 रुपये बचाकर अगर इसे निवेश किया जाए, तो महीने भर में लगभग 6,000 रुपये जमा होते हैं.इस योजना पर फिलहाल सरकार करीब 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज दे रही है. लंबे समय तक लगातार निवेश करने पर यही छोटी रकम धीरे-धीरे बड़ा फंड बन सकती है. जिससे बेटियों की उच्च शिक्षा और शादी-विवाह जैसी जरूरतें आसानी से पूरी हो सकती है.

अगर हर महीने 6,000 रुपये का निवेश लगातार 21 साल तक जारी रखा जाए, तो कुल निवेशित राशि 15,12,000 रुपये हो जाती है. मौजूदा 8.2 प्रतिशत ब्याज दर के हिसाब से इस पर करीब 25,21,942 रुपये का ब्याज मिल सकता है. इस तरह योजना की मैच्योरिटी पर कुल रकम लगभग 40.33 लाख रुपये तक पहुंच सकती है.सुकन्या समृद्धि योजना के तहत निवेशक एक साल में अधिक से अधिक 1,50,000 रुपये जमा कर सकते है. वहीं न्यूनतम राशि 250 रुपये तय की गई है. इस योजना से सरकार हर वर्ग की बच्चियों के भविष्य को सुरक्षित करने का प्रयास कर रही है.

Life style : AI का साइड इफेक्ट! ज्यादा इस्तेमाल से दिमाग की सोचने की ताकत हो सकती है कम, हार्वर्ड स्टडी ने किया चौंकाने वाला खुलासा

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आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) धीरे-धीरे लगभग हर पेशे का हिस्सा बन चुका है.

आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) धीरे-धीरे लगभग हर पेशे का हिस्सा बन चुका है. कोडिंग करने वाले डेवलपर्स से लेकर अकाउंटेंट, मार्केटिंग प्रोफेशन
ल और मैनेजर्स तक कई लोग रोजमर्रा के काम के लिए AI टूल्स का सहारा ले रहे हैं. कई बार एक ही व्यक्ति अलग-अलग AI प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता है. हालांकि इससे काम तेज और आसान जरूर हो जाता है लेकिन लंबे समय में इसका असर दिमाग पर भी पड़ सकता है.

एक हालिया स्टडी, जो Harvard Business Review में प्रकाशित हुआ, इसी विषय पर रोशनी डालता है. इस रिसर्च में अमेरिका के 1,488 कर्मचारियों से उनके काम में AI के इस्तेमाल और उससे होने वाले मानसिक प्रभाव के बारे में सवाल किए गए.

आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) धीरे-धीरे लगभग हर पेशे का हिस्सा बन चुका है. कोडिंग करने वाले डेवलपर्स से लेकर अकाउंटेंट, मार्केटिंग प्रोफेशन
ल और मैनेजर्स तक कई लोग रोजमर्रा के काम के लिए AI टूल्स का सहारा ले रहे हैं. कई बार एक ही व्यक्ति अलग-अलग AI प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता है. हालांकि इससे काम तेज और आसान जरूर हो जाता है लेकिन लंबे समय में इसका असर दिमाग पर भी पड़ सकता है.एक हालिया स्टडी, जो Harvard Business Review में प्रकाशित हुआ, इसी विषय पर रोशनी डालता है. इस रिसर्च में अमेरिका के 1,488 कर्मचारियों से उनके काम में AI के इस्तेमाल और उससे होने वाले मानसिक प्रभाव के बारे में सवाल किए गए.

रिसर्च में यह भी पाया गया कि जिन कर्मचारियों को AI ब्रेन फ्राय का अनुभव हुआ उनमें निर्णय लेने की थकान लगभग 33 प्रतिशत ज्यादा थी. इससे गलत फैसले और छोटी-बड़ी गलतियों की संभावना भी बढ़ जाती है. इतना ही नहीं जिन लोगों पर AI का दबाव ज्यादा था उनमें नौकरी छोड़ने की इच्छा भी ज्यादा देखने को मिली.

AI का सही इस्तेमाल भी फायदेमंद

हालांकि रिसर्च में यह भी स्पष्ट किया गया कि AI हमेशा नकारात्मक असर ही नहीं डालता. जब AI का इस्तेमाल दोहराए जाने वाले या उबाऊ कामों को कम करने के लिए किया गया तो कर्मचारियों में तनाव कम देखा गया. ऐसे लोगों ने काम में ज्यादा रुचि और बेहतर सहयोग का अनुभव भी बताया. इससे यह साफ है कि AI का असर इस बात पर निर्भर करता है कि उसे कैसे और किस मात्रा में इस्तेमाल किया जा रहा है.

Business : योगी सरकार की ODOP योजना ने बदला महिलाओं का भाग्य, 10 लाख के कर्ज से शुरू किया स्मार्ट लॉक बिजनेस

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अलीगढ़ की महिला उद्यमी नीलम सिंह ने कोविड के कठिन समय में ओडीओपी योजना के तहत डिजिटल लॉक यूनिट शुरू कर स्थानीय रोजगार सृजित किया और व्यवसाय में सफलता हासिल की.उद्योगों को प्रोत्साहन देने वाली योगी सरकार की नीतियों से प्रेरित होकर अलीगढ़ की महिला उद्यमी नीलम सिंह ने कठिन समय को सफलता की नई शुरुआत में बदल दिया. ताला नगरी के नाम से मशहूर अलीगढ़ में उन्होंने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के तहत एक डिजिटल लॉक यूनिट की स्थापना की. यह यूनिट न केवल लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ रही है, बल्कि कई लोगों के लिए रोजगार का बेहतर माध्यम भी बन गई है.

दरअसल, नीलम ने वर्ष 2019 में इस स्टार्टअप की शुरुआत की थी. उसी समय देश कोविड महामारी के संकट से जूझ रहा था. आर्थिक गतिविधियां लगभग ठप थीं. बड़ी संख्या में लोगों का रोजगार छिन गया था. ऐसे कठिन समय में नीलम ने अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियर पति के साथ मिलकर एक ऐसा व्यवसाय शुरू करने के बारे में सोचा, जिससे स्थानीय लोगों को उनके ही क्षेत्र में रोजगार मिल सके.अलीगढ़ पहले से ही ताला उद्योग के लिए प्रसिद्ध रहा है. नीलम ने पारंपरिक ताले को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने का फैसला किया. इसी सोच के साथ उन्होंने “ओव्लॉक्स इंडिया” के नाम से डिजिटल लॉक बनाने की यूनिट शुरू की. इसकी शुरुआत आसान नहीं थी क्योंकि आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी.

ओडीओपी योजना के तहत उद्योग विभाग के माध्यम से बैंक ऑफ़ बड़ौदा से उन्हें 10 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ. इसमें लगभग ढाई लाख रुपये की सब्सिडी भी प्राप्त हुई. योगी सरकार की इस योजना के सहयोग से उनके सपनों को साकार करने के लिए मजबूत नींव तैयार हो गई. आज उनका यह व्यवसाय 10 करोड़ रुपये के पार जा चुका है. जब इस यूनिट की शुरुआत हुई थी, तब यहां केवल पांच-छह कर्मचारी काम करते थे. धीरे-धीरे कारोबार बढ़ता गया और आज यहां 20 से 25 लोग काम कर रहे हैं. इस यूनिट से जुड़े कर्मचारी अपने काम के अनुसार हर महीने लगभग 15 हजार से 35 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं. इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ा है, बल्कि कई परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है.

इस यूनिट में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स को असेंबल कर आधुनिक डिजिटल लॉक तैयार किए जाते हैं. इन लॉक को आरएफआईडी कार्ड, मोबाइल फोन और सामान्य चाबी के माध्यम से संचालित किया जा सकता है. यही आधुनिक तकनीक इन्हें पारंपरिक तालों से अलग बनाती है.

सबसे खास बात यह है कि ओव्लॉक्स इंडिया के डिजिटल लॉक केवल भारत में ही नहीं, बल्कि कई देशों में सप्लाई किए जा रहे हैं. इससे अलीगढ़ की पारंपरिक ताला उद्योग की पहचान को एक नई तकनीकी दिशा मिल रही है.

नीलम का कहना है कि “पहले अलीगढ़ में अधिकतर हैंडमेड और की-बेस्ड लॉक बनाए जाते थे. इनमें मजदूरों को काफी मेहनत करनी पड़ती थी और आय भी सीमित होती थी लेकिन डिजिटल लॉक के इस नए उद्योग ने काम के स्वरूप को बदल दिया है. आज यहां काम करने वाले कर्मचारियों को बेहतर आय मिल रही है और उन्हें गर्व महसूस होता है कि उनके हाथों से बने उत्पाद देश-विदेश तक लोकप्रिय हो रहे हैं.”यह कहानी केवल एक व्यवसाय की सफलता नहीं, बल्कि उस सोच की मिसाल है जो कठिन परिस्थितियों में भी अवसर तलाशती है. नीलम की यह पहल बताती है कि जब परंपरा और तकनीक साथ मिलती हैं, तो स्थानीय उद्योग भी वैश्विक पहचान बना सकते हैं.

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