Sunday, November 1, 2026
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NATIONAL : नंदीग्राम में BJP प्रत्याशी के हलफनामे पर विवाद, कांग्रेस बोली- जन्म से पहले 10वीं पास!

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नंदीग्राम उपचुनाव से पहले BJP प्रत्याशी हसीरानी रथ के चुनावी हलफनामे पर विवाद। कांग्रेस ने 1966 जन्म और 1965 में 10वीं पास की जानकारी पर सवाल उठाकर कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की। BJP ने इसे टाइपिंग की गलती बताया।

कोलकाता (Threesocieties.com Desk): पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले चुनावी मुकाबला कानूनी विवाद में घिर गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रत्याशी हसीरानी रथ के चुनावी हलफनामे में कथित विसंगतियों को लेकर कांग्रेस ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि हलफनामे में हसीरानी रथ के जन्म वर्ष और शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी जानकारी आपस में मेल नहीं खाती।

मामला सामने आने के बाद नंदीग्राम उपचुनाव की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस की ओर से मांग की गई है कि यदि हलफनामे में दी गई जानकारी गलत साबित होती है तो हसीरानी रथ की उम्मीदवारी पर कार्रवाई की जाए। कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले को सुनवाई के लिए स्वीकार किया है।

हलफनामे में 1966 जन्म, 1965 में 10वीं पास करने का दावा
कांग्रेस नेता और अधिवक्ता रित्जू घोषाल ने हाईकोर्ट के समक्ष हसीरानी रथ के हलफनामे में दर्ज जानकारी पर सवाल उठाया। कांग्रेस के अनुसार, हलफनामे में जन्म वर्ष 1966 दर्ज है, जबकि माध्यमिक यानी 10वीं परीक्षा पास करने के लिए 1965 का उल्लेख किया गया है।कांग्रेस का तर्क है कि यदि जन्म वर्ष 1966 है तो 1965 में 10वीं परीक्षा पास करने की जानकारी कैसे दर्ज हुई। इसी कथित विसंगति को आधार बनाकर कांग्रेस ने चुनावी हलफनामे की विस्तृत जांच की मांग की है। हालांकि, यह अभी कांग्रेस द्वारा उठाई गई आपत्ति है। अंतिम रूप से दस्तावेजों में गलती है या नहीं, यह संबंधित रिकॉर्ड और न्यायिक प्रक्रिया से स्पष्ट होना बाकी है।

स्कूल की मान्यता को लेकर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस ने सिर्फ जन्म और परीक्षा वर्ष पर ही सवाल नहीं उठाया है, बल्कि हलफनामे में बताए गए स्कूल के रिकॉर्ड को लेकर भी आपत्ति दर्ज की है। कांग्रेस के मुताबिक, चौखाली गंगा पद्म मिलन कन्या विद्यापीठ की स्थापना 1963 में हुई थी और उस समय वहां पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई होती थी। पार्टी का दावा है कि स्कूल को 10वीं तक पढ़ाई की सरकारी अनुमति बाद में, 1973 में मिली। इसी आधार पर कांग्रेस ने स्कूल के पुराने रिकॉर्ड और हसीरानी रथ की शैक्षणिक योग्यता से संबंधित मूल दस्तावेजों की जांच की मांग की है।

BJP ने कहा- उम्र में कोई गड़बड़ी नहीं, 1965 टाइपिंग की गलती
वहीं BJP ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि हसीरानी रथ की उम्र को लेकर कोई विवाद नहीं है और हलफनामे में 1965 वाली जानकारी टाइपिंग की गलती के कारण दर्ज हुई। BJP के मुताबिक, हसीरानी रथ ने 1980 में 10वीं कक्षा की पढ़ाई की थी। BJP की ओर से यह भी कहा गया है कि उनके जन्म से संबंधित रिकॉर्ड में 1965 का उल्लेख है। Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक BJP ने स्कूल द्वारा जारी एक प्रमाणपत्र का भी हवाला दिया, जिसमें जन्मतिथि 8 जून 1965 बताई गई है।हसीरानी रथ ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है और अदालत जो फैसला करेगी, वह स्वीकार करेंगी।

आज हाईकोर्ट में हो सकती है सुनवाई
कांग्रेस की याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट में 24 सितंबर को सुनवाई निर्धारित है। कांग्रेस ने हलफनामे की जांच और कथित गलत जानकारी की स्थिति में उम्मीदवारी रद्द करने की मांग रखी है। अब अदालत के सामने अहम सवाल यह होगा कि हलफनामे में दर्ज जानकारी किस प्रकार की गलती है, संबंधित मूल दस्तावेज क्या कहते हैं और चुनाव कानून के तहत ऐसी विसंगति का क्या कानूनी प्रभाव पड़ता है।

नंदीग्राम उपचुनाव 6 अक्टूबर को
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। हसीरानी रथ BJP की प्रत्याशी हैं। वह पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ की मई 2026 में हत्या कर दी गई थी। BJP ने हसीरानी रथ को 15 सितंबर को नंदीग्राम उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया था।

TMC प्रत्याशी ने नामांकन वापस लिया, कांग्रेस को मिला ममता का समर्थन
नंदीग्राम उपचुनाव में इससे पहले भी बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ चुका है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट की प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की। इसके कुछ ही समय बाद कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को 2007 से जुड़े पुराने मामलों में गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस और ममता बनर्जी गुट ने सवाल उठाए, जबकि राज्य की ओर से अदालत में मामलों की स्थिति को लेकर अलग पक्ष रखा गया।

मिलन प्रधान मामले में भी हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई
मिलन प्रधान ने भी अपने खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। 22 सितंबर की सुनवाई में राज्य सरकार ने अदालत को बताया था कि मिलन प्रधान के खिलाफ दर्ज 11 मामलों में से पांच मामलों को वापस लिया गया है। हालांकि कुछ मामलों में लंबित वारंट के कारण वह न्यायिक हिरासत में हैं। इस तरह नंदीग्राम उपचुनाव में मतदान से पहले चुनावी मैदान के साथ-साथ अदालतों में भी कानूनी लड़ाई जारी है।

नंदीग्राम सीट क्यों है महत्वपूर्ण?
नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण सीट रही है। 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के कारण यह क्षेत्र राज्य की राजनीति के केंद्र में आया था। 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था और अधिकारी ने जीत दर्ज की थी। 2026 के विधानसभा चुनाव में भी शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़कर भवानीपुर सीट अपने पास रखी, जिसके बाद नंदीग्राम विधानसभा सीट खाली हुई और अब यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।

अब आगे क्या?
हसीरानी रथ के मामले में आगे की प्रक्रिया मुख्य रूप से दस्तावेजों और अदालत की सुनवाई पर निर्भर करेगी। यदि मूल शैक्षणिक एवं जन्म संबंधी रिकॉर्ड हलफनामे में दर्ज जानकारी से अलग पाए जाते हैं, तो अदालत और चुनाव अधिकारियों के सामने यह सवाल होगा कि उस विसंगति की कानूनी प्रकृति क्या है और चुनाव कानून के तहत उसका क्या प्रभाव पड़ता है। फिलहाल कांग्रेस ने उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की है, जबकि BJP इसे टाइपिंग की गलती बता रही है।

BUSINESS : अगर भारत ने बंद किया रूस से तेल खरीदना तो क्या होगा? वित्त मंत्री सीतारमण ने बताया

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अगर भारत रूसी तेल खरीदना बंद करता है, तो सीमित वैश्विक सप्लाई के बीच दूसरे स्रोतों से मांग बढ़ने पर कीमतें बढ़ सकती हैं. साथ ही रिफाइनरियों की क्षमता भी देखनी होगी.

अगर भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना पूरी तरह बंद कर देता है, तो इसका असर सिर्फ भारत की ऊर्जा जरूरतों पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि मौजूदा समय में वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई सीमित है. ऐसे में रूस से तेल खरीदना बंद करने पर दूसरे देशों से ज्यादा मात्रा में कच्चा तेल लेना पड़ेगा, जिससे इसकी कीमतें बढ़ सकती है.

दरअसल, भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा दूसरे देशों से कच्चा तेल खरीदकर पूरा करता है. ऐसे में अगर रूस से तेल की सप्लाई कम होती है, तो भारत को अपनी जरूरत पूरी करने के लिए दूसरे देशों से ज्यादा तेल खरीदना पड़ सकता है. इससे वैश्विक बाजार में तेल की मांग बढ़ सकती है और कच्चे तेल के दाम बढ़ने का दबाव भी बन सकता है.

भारत की बड़ी आबादी और ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए तेल की सप्लाई कई देशों से जुटानी पड़ सकती है. ऐसे में सरकार को सिर्फ तेल की उपलब्धता ही नहीं, बल्कि उसकी कीमत और भारतीय रिफाइनरियों में उसे प्रोसेस करने की क्षमता भी देखनी होगी.

सीतारमण के मुताबिक, सिर्फ किसी दूसरे देश से तेल मिल जाना ही काफी नहीं है. यह भी जरूरी है कि वहां से मिलने वाला कच्चा तेल भारतीय रिफाइनरियों के लिए सही हो, क्योंकि हर तरह के कच्चे तेल को रिफाइन करने का तरीका जैसा नहीं होता है. इसलिए रूस से अचानक तेल की सप्लाई बंद होने पर भारतीय रिफाइनरियों के सामने भी कई चुनौतियां आ सकती है.

NATIONAL : वडनगर टू वाराणसी PM मोदी ने सेवा यात्रा के बाइकर्स से की बात, जाना गांव-गांव का अनुभव

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पीएम मोदी आज ‘सेवा यात्रा’ के प्रतिभागियों से बात की. उनके 76वें जन्मदिन पर 17 सितंबर को दो मोटरसाइकिल रैलियां शुरू की गई थीं. एक वडनगर से वाराणसी और दूसरी वाराणसी से वडनगर.वडनगर टू वाराणसी PM मोदी ने सेवा यात्रा के बाइकर्स से की बात, जाना गांव-गांव का अनुभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी गुरुवार को ‘सेवा यात्रा’ के प्रतिभागियों से बात की. ये बातचीत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई. इस दौरान पीएम मोदी ने बाइक सवारों से गांव-गांव का अनुभव जाना. पीएम मोदी ने कहा कि युवाशक्ति को मजबूती के साथ आगे बढ़ाना है. विकसित भारत के निर्माण में इनकी अहम भूमिका होगी. ‘सेवा यात्रा’ में मोटरसाइकिल रैली निकाली जा रही है. रैली वडनगर से वाराणसी तक जा रही है. रास्ते में कस्बों, जिलों और गांवों से गुजरते हुए सेवा की भावना को आम लोगों तक पहुंचाया जा रहा है.

7 अक्टूबर को समाप्त होंगी दोनों रैलियां
पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन पर 17 सितंबर को दो मोटरसाइकिल रैलियां शुरू की गई थीं. एक वडनगर से वाराणसी और दूसरी वाराणसी से वडनगर. दोनों रैलियां 7 अक्टूबर को समाप्त होंगी. यह आयोजन पीएम मोदी के चुने हुए प्रतिनिधि के रूप में 25 साल पूरे होने पर किया जा रहा है.

यह सेवा और समाज से जुड़ने का बड़ा अभियान- आयोजक
आयोजकों के मुताबिक, यह सिर्फ मोटरसाइकिल यात्रा नहीं है. यह सेवा और समाज से जुड़ने का बड़ा अभियान है. यात्रा के दौरान सेवा यात्री कई जगहों पर रुकते हैं. वहां स्थानीय जरूरतों के हिसाब से सेवा के काम करते हैं. जैसे तालाब, मंदिर, स्कूल, पार्क, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक जगहों पर सफाई अभियान चलाना. ग्राम सभाओं में बातचीत करना, युवाओं से चर्चा करना, गौ सेवा करना और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पेड़ लगाना. यात्रा का एक खास मकसद लोगों से सीधा संवाद करना भी है.

आयोजकों का कहना है कि यह यात्रा सेवा, जनसंपर्क, युवा भागीदारी, सामाजिक कल्याण, सांस्कृतिक जुड़ाव और सामुदायिक सहभागिता जैसे कई पहलुओं को एक साथ लेकर देश के जमीनी स्तर तक पहुंचाने का प्रयास है.

NATIONAL : मोदी कैबिनेट का ‘चिंतन शिविर’, सुशासन, सुधारों और ‘विकसित भारत-2047’ के रोडमैप पर मंथन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद के दो-दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ के पहले दिन सुशासन, प्रशासनिक सुधारों और युवाओं व महिलाओं तक कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने पर गहन चर्चा हुई।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की पूरी मंत्रिपरिषद् के दो दिवसीय चिंतन शिविर के पहले दिन बुधवार को सुशासन, सुधारों और कल्याणकारी व विकास योजनाओं के माध्यम से महिलाओं तथा युवाओं तक संपर्क साधने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक में कई मुद्दों पर हुई चर्चा
बैठक से अवगत सूत्रों ने बताया कि चार घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक के दौरान मंत्रियों ने विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच बेहतर तालमेल के साथ सरकार की क्रियान्वयन प्रणाली को मजबूत बनाने पर भी चर्चा की।

पीएम ने मंत्रियों से सुझाव लेकर दी सलाह
सूत्रों ने बताया कि मंत्रियों को आठ समूहों में बांटा गया था, और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रत्येक समूह के साथ बातचीत की।माना जाता है कि मोदी ने मंत्रियों से सुझाव लिये और उन्हें सरकार के विभिन्न पहलुओं को आगे बढ़ाने के बारे में सलाह दी।

कई पहलुओं पर हुआ विचार विमर्श
सूत्रों के अनुसार, मंत्रियों ने सुशासन, प्रशासनिक सुधारों और कल्याणकारी तथा विकास योजनाओं के जरिए महिलाओं व युवाओं से संपर्क साधने से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। मंत्रियों ने इस दौरान ‘जन विश्वास से जन आधार’, सरकार के कामकाज के सभी पहलुओं में सुधार तथा ‘विकसित भारत-2047’ के लिए तय प्राथमिकताओं समेत अन्य मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।

क्या है पीएम की अध्यक्षता में हुए सत्र का उद्देश्य
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित दो-दिवसीय मंथन सत्र का मुख्य उद्देश्य मंत्रालयों और विभागों के काम का जायजा लेना, उनके बीच तालमेल बेहतर करना, सरकार के भविष्य का एजेंडा और योजनाएं तैयार करना तथा कल्याणकारी योजनाओं एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर जारी काम की समीक्षा करना है।

रोडमैप तैयार करने के लिए बनाए गए 10 समूह
इस तरह की बैठक के जरिये सरकार के विभिन्न पहलुओं का जायजा लेने का काम अगले हफ्ते भी होने की उम्मीद है। ‘विकसित भारत’ कवायद 2021 से जारी है। इसके तहत ‘विजन 2047’ और इसके लघु अवधि एवं दीर्घ अवधि के रोडमैप को तैयार करने के लिए सचिवों के 10 क्षेत्र-आधारित समूह बनाए गए हैं।

मंत्रिपरिषद के सामने हो चुकी 8 प्रस्तुतियां
सूत्रों के मुताबिक, इस कवायद के लिए हितधारकों के साथ व्यापक स्तर पर परामर्श भी किया गया। तब से, ‘विकसित भारत 2047’ के विभिन्न पहलुओं पर मंत्रिपरिषद के समक्ष आठ प्रस्तुतियां और चर्चाएं हो चुकी हैं।

एक मंच पर लाए जा रहे समूहों द्वारा किए जा रहे काम
मौजूदा चिंतन शिविर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। यह सचिवों, मंत्रालयों और विभागों, कैबिनेट सचिवालय और नीति आयोग के समूहों द्वारा किए जा रहे काम को एक मंच पर लाता है, जिनमें सुधार, जीवन को आसान बनाना, नियमों के पालन को सहज करना और शासन से जुड़ी अन्य प्राथमिकताएं शामिल हैं।

समस्याओं का समाधान करना सरकार का मुख्य ध्येय
चिंतन शिविर में सरकारी योजनाओं की प्रगति, नीतियों के कार्यान्वयन, समय प्रबंधन, मंत्रालयों के बीच तालमेल और जन-सेवाएं प्रदान करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री, विभिन्न सुधारों पर जोर देते रहे हैं और उन्होंने पहले भी अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों से कहा था कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना और जीवन को आसान बनाना सरकार का मुख्य ध्येय होना चाहिए।

पहले भी हुई ऐसी पहल
इसी तरह की कवायद 21 अक्टूबर 2021 को भी की गई थी। उस समय चर्चा का मुख्य विषय शासन और नीति निर्माण था तथा इस कवायद का उद्देश्य मंत्रियों को सरकार के समक्ष पेश आ रही चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना है।

मंत्रालयों को जारी किए गए निर्देश
हाल ही में मंत्रियों और मंत्रालयों को कई निर्देश जारी किए गए हैं, जिनमें मंत्रालयों के कार्यों के लिए ‘लाइव डैशबोर्ड’ बनाना, प्रगति की समीक्षा करना और सुझाव पाने के लिए सभी कर्मचारियों के साथ बातचीत करना शामिल है। इस महीने की शुरुआत में, प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से मंत्रालयों और विभागों की आधिकारिक वेबसाइट को अधिक से अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर काम करने के लिए कहा था।

WORLD : डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी सीधी धमकी- समझौता करो, वरना खत्म कर देंगे; UN से अलग-थलग करने की अपील

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण दिया। ट्रंप के भाषण में अमेरिका की ताकत और दुनिया में बदलाव लाने के लिए उसके इस्तेमाल पर फोकस रहा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले से ज्यादा ताकतवर हुआ है। साथ ही उन्होंने ईरान को खत्म करने की सीधी धमकी दी। बता दें कि UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के भाषण से जनरल डिबेट की औपचारिक शुरुआत हुई। इसके बाद ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने भाषण दिया और अब मेजबान देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बोल रहे हैं। महासभा हॉल में 193 देशों के प्रतिनिधि मौजूद हैं।

हमारी दुनिया में खाई बढ़ती जा रही हैं- UN महासचिव
इससे पहले UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अपना विदाई भाषण दिया। महासचिव के तौर पर यह उनका आखिरी UN महासभा संबोधन था। भाषण की शुरुआत में गुटेरेस ने कहा कि “हमारी दुनिया में खाई बढ़ती जा रही हैं।” UN प्रमुख ने कहा कि महाशक्तियों को यह समझना होगा कि “उनकी ताकत उतनी भी ‘सुपर’ नहीं है” और सिर्फ सैन्य ताकत से शांति कायम नहीं की जा सकती।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन के लिए ट्रंप ने क्या मैसेज दिया?
इससे पहले जब ट्रम्प न्यूयॉर्क स्थित UN मुख्यालय में 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने पहुंचे तब उन्होंने पत्रकारों से भी बात की। उन्होंने कहा, ”संयुक्त राष्ट्र में आना मेरे लिए सम्मान की बात है। हम आगे बढ़ रहे हैं और हमारा देश बहुत अच्छा कर रहा है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के लिए संदेश के बारे में उन्होंने कहा, “युद्ध खत्म करें।”

‘अमेरिका ने ईरान की ताकत कम कर दी’
ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि अमेरिका ने ईरान की ताकत कम कर दी है। ईरान अब पहले जैसा ताकतवर नहीं रहा। ईरान मिडिल ईस्ट का दबंग था, लेकिन अब वह ऐसा नहीं रहा। वहीं, क्यूबा को लेकर कहा, क्यूबा की सरकार जल्द गिर जाएगी। इसके बाद क्यूबा का डेलिगेशन UN महासभा हॉल से उठकर बाहर जाता हुआ नजर आया।

ईरान को खत्म करने की धमकी देने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की अपील की। ट्रंप ने कहा कि अगर यह रणनीति काम करती है तो तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी। उन्होंने UN के सदस्य देशों से ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने में साथ देने को कहा। ट्रंप ने कहा कि उन्हें ईरान को लेकर एक बड़ा फैसला लेना है, लेकिन यह फैसला शायद अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन के बाद लिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि ईरान चुनाव के नतीजों का इंतजार कर रहा है।

‘US ने ईरान को मिसाइल शील्ड की आड़ में परमाणु बम बनाने से रोका’
अमेरिका ने ईरान को बैलिस्टिक मिसाइल शील्ड की आड़ में परमाणु बम बनाने की कोशिश से रोका है। अगर वे कामयाब हो जाते हैं, तो वह दुष्ट शासन हमेशा के लिए आतंक और मौत फैलाने के लिए आजाद हो जाता। वॉशिंगटन ने ईरान को आतंक फैलाने से रोकने के लिए कदम उठाए हैं- ट्रंप

ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि युद्ध के दौरान दूसरे नेता शांति की बात करते रहे, लेकिन उन्होंने शांति कायम करने के लिए कदम उठाए। उन्होंने कहा, ”दूसरे बात करते रहे, मैंने कार्रवाई की। दूसरे शांति की बात करते रहे, मैंने शांति कायम की। दूसरे खतरों को नजरअंदाज करते रहे, मैंने उनका सामना किया।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को खत्म करने की सीधी धमकी दी है। उन्होंने कहा, “मेरे सामने एक बड़ा फैसला है। अमेरिका के पास दो रास्ते हैं- ईरान के साथ समझौता करना या उसे खत्म कर देना।” ट्रंप ने कहा कि उन्हें यह काम जल्दी करना ताकि उसे फिर से लोगों और देशों को नुकसान पहुंचाने का मौका न मिले।

WORLD : यूएन महासभा: ट्रंप का दावा- मैंने रुकवाए 8 युद्ध; कहा- ईरान नहीं बना पाएगा परमाणु हथियार; बताया कब होगा समझौता

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान विश्व नेताओं को संबोधित किया। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण की शुरुआत अमेरिका आए वैश्विक प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए की। उन्होंने अमेरिका की कथित तौर पर फिर से मजबूत हुई स्थिति की प्रशंसा की।

ट्रंप ने कहा, “अमेरिका वापस आ गया है और हमारा देश आज पहले से कहीं अधिक मजबूत है।” उनके भाषण में संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय और ईरान में अमेरिका द्वारा कथित युद्ध अपराध किए जाने के दावों पर निशाना साधे जाने की उम्मीद है।

ट्रंप की दो टूक- ईरान को नहीं बनाने देंगे परमाणु हथियार

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि हमने ईरान को समझौते का मौका दिया था। हमने ये युद्ध लगभग खत्म कर दिया है। ईरान को बचने का मौका नहीं मिलेगा। ईरान का हमला अब भी जारी है। अमेरिका कभी भी ईरान को परमाणु बम नहीं बनाने देगा।

ट्रंप ने कहा कि पिछले 51 वर्षों से ईरानी शासन “खून-खराबे और सामूहिक हत्याओं के जरिए शासन कर रहा है और पूरे मध्य पूर्व तथा उसके बाहर मौत, तबाही और अराजकता फैला रहा है।” उन्होंने कहा कि ईरान कभी मध्य पूर्व का दबंग था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देंगे।

ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अमेरिका दोनों देशों के नेताओं के साथ मिलकर काम कर रहा है और युद्ध को खत्म कराया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम रूस और यूक्रेन के नेताओं के साथ बहुत करीबी से काम कर रहे हैं और हम इस मामले को सुलझा लेंगे। मुझे लगता है कि यह लोगों की समझ से कहीं ज्यादा तेजी से होने वाला है।”

ट्रंप कई मौकों पर युद्ध खत्म कराने में अब तक सफल नहीं होने को लेकर निराशा जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने जनवरी 2025 में अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के समय रूस यूक्रेन युद्ध को खत्म करना अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया था।

आईसीसी पर ट्रंप का हमला, बताया बेकाबू और दुष्ट संस्था

ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) की आलोचना करते हुए उसे “बेकाबू, आपराधिक संस्था” बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस संस्था का कोई सम्मान नहीं करता। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “हम अमेरिकी सैन्यकर्मियों या किसी अन्य व्यक्ति को ऐसे अमेरिका विरोधी न्यायाधिकरण द्वारा जांच या दिखावटी मुकदमे का सामना करने की अनुमति कभी नहीं देंगे, जिसका हमारे ऊपर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।” उन्होंने आईसीसी के सभी सदस्य देशों से भी इस “दुष्ट संस्था” से तुरंत बाहर निकलने का आग्रह किया।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने कई देशों के साथ मिलकर “संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में सबसे व्यापक सुधार” लागू किए हैं। उन्होंने दावा किया, “हमने पहली बार संयुक्त राष्ट्र का बजट घटाया है। 2026 में इसमें 15 प्रतिशत की कटौती की गई, जिससे संयुक्त राष्ट्र की नौकरशाही में 4,000 से अधिक पद समाप्त हुए।”

ट्रंप ने कहा कि अगर संयुक्त राष्ट्र “वैश्विकतावादी नौकरशाहों के उस कट्टर वामपंथी एजेंडे को थोपना बंद कर दे, जिन्हें किसी ने चुना नहीं है”, तो उसमें काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन को “गुप्त रूप से पहली वैश्विक कार्बन टैक्स व्यवस्था स्थापित करने” से रोका। ट्रंप के मुताबिक, इस कर से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की लागत 10 से 20 प्रतिशत या उससे भी अधिक बढ़ सकती थी। उन्होंने कहा, “कोई वैश्विक सरकार नहीं है और जब तक मैं राष्ट्रपति हूं, कोई वैश्विक कर नहीं होगा।”

ट्रंप ने एआई को नियंत्रित करने की वैश्विक कोशिश को बताया साजिश

संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास पर नियंत्रण लगाने के प्रयासों का विरोध दोहराया। उन्होंने एआई को “सुपर इंटेलिजेंस” कहते हुए इसे नियंत्रित करने की कोशिश को “वैश्विकतावादी साजिश” बताया। ट्रंप ने कहा, “आर्टिफिशियल शब्द के इस्तेमाल से ऐसा लगता है कि यह बुद्धिमत्ता नकली है, जबकि ऐसा नहीं है। यह वास्तव में अद्भुत है।”

उन्होंने कहा कि अमेरिका के सभी दस्तावेजों में “आर्टिफिशियल” की जगह अधिक सटीक शब्द “सुपर” इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने इसे “सुपर इंटेलिजेंस या एसआई” के नए दौर की शुरुआत बताया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस तकनीक पर अंकुश लगाने के बजाय इसके विकास को प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका सुपर इंटेलिजेंस के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करता है और हम सुरक्षित तथा जिम्मेदार तरीके से ऐसा करना जारी रखेंगे।”

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी कभी किसी नई सीमा से पीछे हटने या किसी चुनौती से बचने वाला राष्ट्र नहीं रहा है, चाहे वह चुनौती कितनी भी बड़ी या कठिन क्यों न हो।

ट्रंप के भाषण के दौरान क्यूबा के प्रतिनिधिमंडल ने छोड़ा सभागार

इसके बाद ट्रंप ने क्यूबा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका क्यूबा की स्थिति में “बुनियादी बदलाव” लाने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप ने क्यूबा को “पूरी तरह विफल राज्य” बताते हुए कहा, “यह पहले से कहीं ज्यादा विफल हो रहा है और इसका पतन होगा।”

ट्रंप के भाषण के दौरान क्यूबा का प्रतिनिधिमंडल महासभा से बाहर चला गया। ट्रंप ने कहा कि क्यूबा मूल के अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो बातचीत की प्रक्रिया संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका “विदेशी विरोधियों के लिए ऐसा सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने देगा, जहां से वे हमारी अपनी दहलीज पर अमेरिका के लिए खतरा पैदा कर सकें।”

ट्रंप का दावा- अमेरिका की सीमा इतिहास में सबसे सुरक्षित

ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की आर्थिक, सुरक्षा और तकनीकी उपलब्धियों के तौर पर कई दावे किए। उन्होंने कहा, “हम लगभग हर क्षेत्र में आगे हैं।” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उनके प्रशासन ने बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों के खिलाफ अभूतपूर्व कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, “अब हमारे पास अमेरिकी इतिहास की सबसे सुरक्षित सीमा है। कोई भी व्यक्ति तब तक अंदर नहीं आता, जब तक उसे आमंत्रित न किया जाए।”

ट्रंप बोले- अन्य लोग शांति की बात करते रहे, मैंने शांति कायम की

ट्रंप ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका अपने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए सैन्य शक्ति का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा, “जब दूसरे लोग सिर्फ बात करते रहे, मैंने कार्रवाई की। जब दूसरे लोग शांति की बात करते रहे, मैंने शांति कायम की।” उन्होंने एक बार फिर से दावा किया कि मैंने दुनिया में आठ युद्ध रुकवाए हैं।

ईरान को दुनिया की कीमत पर ताकत जुटाने दी गई: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान को “दुनिया की सुरक्षा को खतरे में डालकर ताकत जुटाने दिया गया”, लेकिन अमेरिका ने तेहरान को “आतंक फैलाने” से रोकने के लिए कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने बैलिस्टिक मिसाइलों से ईरान की परमाणु बम हासिल करने की बेताब कोशिश को रोक दिया। ट्रंप ने कहा, “अगर वे सफल हो जाते तो वह दुष्ट शासन हमेशा के लिए आतंक और मौत फैलाने के लिए स्वतंत्र होता।”

ट्रंप का दावा- ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका ने किया अभूतपूर्व समझौता

ट्रंप ने कहा कि उनके प्रशासन ने “उत्तरी अमेरिका की उत्तरी सीमा” से जुड़े एक “अभूतपूर्व समझौते” पर सहमति हासिल की है। उन्होंने इसे “ग्रीनलैंड के नाम से जाना जाने वाला बड़ा और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण भूभाग” बताया।

ट्रंप के मुताबिक, डेनमार्क की सरकार और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ हुए इस समझौते के तहत अमेरिका को वहां “बड़ी सैन्य मौजूदगी विकसित करने” की अनुमति मिलेगी। इसके लिए दो प्रमुख सैन्य ठिकाने बनाए जाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह व्यवस्था अमेरिकी महाद्वीप के साथ-साथ यूरोप की सुरक्षा में मदद करेगी और नाटो को भी मजबूत करेगी।

अमेरिका ने सेना पर अब तक का सबसे ज्यादा पैसा लगाया : ट्रंप

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने पिछले 12 महीनों में अपनी सेना पर अब तक के सबसे ज्यादा धन का निवेश किया है। उन्होंने कहा कि उनके मौजूदा कार्यकाल में यह राशि 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा, “पूरी दुनिया एक नए जोश से भरे और बेहद शक्तिशाली अमेरिका की संपत्ति, ताकत, भावना और गति से लाभान्वित हो रही है।”

ट्रंप ने अपने भाषण में राष्ट्रपति के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्हें शानदार बताया। उन्होंने अर्थव्यवस्था, आव्रजन और अपराध के क्षेत्र में अपने रिकॉर्ड का बखान करते हुए कहा, “हमें पिछली सरकार से अमेरिका का एक अंधकार युग विरासत में मिला था, और हमने उसे अमेरिका के स्वर्ण युग में बदल दिया।”

WORLD : ट्रंप का दावा- मैंने रुकवाए 8 युद्ध; ईरान को दी खुली धमकी, कहा- समझौता करो या नर्क में जाओ

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में वैश्विक नेताओं को संबोधित करेंगे। संभावना है कि अपने भाषण के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति अपने ऊपर लगाए जा रहे ईरान के युद्ध अपराधों के आरोपों पर जवाब देंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान विश्व नेताओं को संबोधित किया। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण की शुरुआत अमेरिका आए वैश्विक प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए की। उन्होंने अमेरिका की कथित तौर पर फिर से मजबूत हुई स्थिति की प्रशंसा की।

ट्रंप ने कहा, “अमेरिका वापस आ गया है और हमारा देश आज पहले से कहीं अधिक मजबूत है।” उनके भाषण में संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय और ईरान में अमेरिका द्वारा कथित युद्ध अपराध किए जाने के दावों पर निशाना साधे जाने की उम्मीद है।

ट्रंप की दो टूक- ईरान को नहीं बनाने देंगे परमाणु हथियार
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि हमने ईरान को समझौते का मौका दिया था। हमने ये युद्ध लगभग खत्म कर दिया है। ईरान को बचने का मौका नहीं मिलेगा। ईरान का हमला अब भी जारी है। अमेरिका कभी भी ईरान को परमाणु बम नहीं बनाने देगा।

ट्रंप ने कहा कि पिछले 51 वर्षों से ईरानी शासन “खून-खराबे और सामूहिक हत्याओं के जरिए शासन कर रहा है और पूरे मध्य पूर्व तथा उसके बाहर मौत, तबाही और अराजकता फैला रहा है।” उन्होंने कहा कि ईरान कभी मध्य पूर्व का दबंग था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देंगे।

समझौता करो या नर्क में जाओ : ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा कि उनके सामने एक बड़ा फैसला है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या ईरान के साथ ऐसा समझौता किया जाए, जिससे वह फिर से खड़ा हो सके और पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली देश बन सके, या फिर इस्लामिक रिपब्लिक को पूरी तरह खत्म कर दिया जाए।

ट्रंप ने कहा, “क्या ईरान के साथ ऐसा समझौता होगा, जो उसे फिर से खड़ा होने और पहले से कहीं अधिक बड़ा देश बनने की अनुमति देगा, शायद मध्य पूर्व या यहां तक कि दुनिया के सबसे महान देशों में से एक? या फिर मैं इस्लामिक रिपब्लिक को खत्म कर दूं और वह भी तेजी से, ताकि उसे दोबारा लोगों और देशों को मारने तथा तबाह करने का मौका न मिले?” उन्होंने आगे कहा, “क्या मैं उन्हें नरक में धकेल दूं, जहां उनके पास जीवित रहने का कोई मौका और भविष्य में महानता की कोई उम्मीद न हो?”

ट्रंप ने रूस यूक्रेन युद्ध खत्म कराने का फिर लिया संकल्प
ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अमेरिका दोनों देशों के नेताओं के साथ मिलकर काम कर रहा है और युद्ध को खत्म कराया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम रूस और यूक्रेन के नेताओं के साथ बहुत करीबी से काम कर रहे हैं और हम इस मामले को सुलझा लेंगे। मुझे लगता है कि यह लोगों की समझ से कहीं ज्यादा तेजी से होने वाला है।”

ट्रंप कई मौकों पर युद्ध खत्म कराने में अब तक सफल नहीं होने को लेकर निराशा जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने जनवरी 2025 में अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के समय रूस यूक्रेन युद्ध को खत्म करना अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया था।

आईसीसी पर ट्रंप का हमला, बताया बेकाबू और दुष्ट संस्था
ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) की आलोचना करते हुए उसे “बेकाबू, आपराधिक संस्था” बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस संस्था का कोई सम्मान नहीं करता। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “हम अमेरिकी सैन्यकर्मियों या किसी अन्य व्यक्ति को ऐसे अमेरिका विरोधी न्यायाधिकरण द्वारा जांच या दिखावटी मुकदमे का सामना करने की अनुमति कभी नहीं देंगे, जिसका हमारे ऊपर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।” उन्होंने आईसीसी के सभी सदस्य देशों से भी इस “दुष्ट संस्था” से तुरंत बाहर निकलने का आग्रह किया।

ट्रंप का दावा- अमेरिका ने पहली बार संयुक्त राष्ट्र का बजट घटाया
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने कई देशों के साथ मिलकर “संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में सबसे व्यापक सुधार” लागू किए हैं। उन्होंने दावा किया, “हमने पहली बार संयुक्त राष्ट्र का बजट घटाया है। 2026 में इसमें 15 प्रतिशत की कटौती की गई, जिससे संयुक्त राष्ट्र की नौकरशाही में 4,000 से अधिक पद समाप्त हुए।”

ट्रंप ने कहा कि अगर संयुक्त राष्ट्र “वैश्विकतावादी नौकरशाहों के उस कट्टर वामपंथी एजेंडे को थोपना बंद कर दे, जिन्हें किसी ने चुना नहीं है”, तो उसमें काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन को “गुप्त रूप से पहली वैश्विक कार्बन टैक्स व्यवस्था स्थापित करने” से रोका। ट्रंप के मुताबिक, इस कर से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की लागत 10 से 20 प्रतिशत या उससे भी अधिक बढ़ सकती थी। उन्होंने कहा, “कोई वैश्विक सरकार नहीं है और जब तक मैं राष्ट्रपति हूं, कोई वैश्विक कर नहीं होगा।”

ट्रंप ने एआई को नियंत्रित करने की वैश्विक कोशिश को बताया साजिश
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास पर नियंत्रण लगाने के प्रयासों का विरोध दोहराया। उन्होंने एआई को “सुपर इंटेलिजेंस” कहते हुए इसे नियंत्रित करने की कोशिश को “वैश्विकतावादी साजिश” बताया। ट्रंप ने कहा, “आर्टिफिशियल शब्द के इस्तेमाल से ऐसा लगता है कि यह बुद्धिमत्ता नकली है, जबकि ऐसा नहीं है। यह वास्तव में अद्भुत है।”

उन्होंने कहा कि अमेरिका के सभी दस्तावेजों में “आर्टिफिशियल” की जगह अधिक सटीक शब्द “सुपर” इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने इसे “सुपर इंटेलिजेंस या एसआई” के नए दौर की शुरुआत बताया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस तकनीक पर अंकुश लगाने के बजाय इसके विकास को प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका सुपर इंटेलिजेंस के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करता है और हम सुरक्षित तथा जिम्मेदार तरीके से ऐसा करना जारी रखेंगे।”

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी कभी किसी नई सीमा से पीछे हटने या किसी चुनौती से बचने वाला राष्ट्र नहीं रहा है, चाहे वह चुनौती कितनी भी बड़ी या कठिन क्यों न हो।

ट्रंप के भाषण के दौरान क्यूबा के प्रतिनिधिमंडल ने छोड़ा सभागार
इसके बाद ट्रंप ने क्यूबा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका क्यूबा की स्थिति में “बुनियादी बदलाव” लाने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप ने क्यूबा को “पूरी तरह विफल राज्य” बताते हुए कहा, “यह पहले से कहीं ज्यादा विफल हो रहा है और इसका पतन होगा।”

ट्रंप के भाषण के दौरान क्यूबा का प्रतिनिधिमंडल महासभा से बाहर चला गया। ट्रंप ने कहा कि क्यूबा मूल के अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो बातचीत की प्रक्रिया संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका “विदेशी विरोधियों के लिए ऐसा सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने देगा, जहां से वे हमारी अपनी दहलीज पर अमेरिका के लिए खतरा पैदा कर सकें।”

ट्रंप का दावा- अमेरिका की सीमा इतिहास में सबसे सुरक्षित
ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की आर्थिक, सुरक्षा और तकनीकी उपलब्धियों के तौर पर कई दावे किए। उन्होंने कहा, “हम लगभग हर क्षेत्र में आगे हैं।” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उनके प्रशासन ने बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों के खिलाफ अभूतपूर्व कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, “अब हमारे पास अमेरिकी इतिहास की सबसे सुरक्षित सीमा है। कोई भी व्यक्ति तब तक अंदर नहीं आता, जब तक उसे आमंत्रित न किया जाए।”

ट्रंप बोले- अन्य लोग शांति की बात करते रहे, मैंने शांति कायम की
ट्रंप ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका अपने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए सैन्य शक्ति का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा, “जब दूसरे लोग सिर्फ बात करते रहे, मैंने कार्रवाई की। जब दूसरे लोग शांति की बात करते रहे, मैंने शांति कायम की।” उन्होंने एक बार फिर से दावा किया कि मैंने दुनिया में आठ युद्ध रुकवाए हैं।

ईरान को दुनिया की कीमत पर ताकत जुटाने दी गई: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान को “दुनिया की सुरक्षा को खतरे में डालकर ताकत जुटाने दिया गया”, लेकिन अमेरिका ने तेहरान को “आतंक फैलाने” से रोकने के लिए कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने बैलिस्टिक मिसाइलों से ईरान की परमाणु बम हासिल करने की बेताब कोशिश को रोक दिया। ट्रंप ने कहा, “अगर वे सफल हो जाते तो वह दुष्ट शासन हमेशा के लिए आतंक और मौत फैलाने के लिए स्वतंत्र होता।”

ट्रंप का दावा- ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका ने किया अभूतपूर्व समझौता
ट्रंप ने कहा कि उनके प्रशासन ने “उत्तरी अमेरिका की उत्तरी सीमा” से जुड़े एक “अभूतपूर्व समझौते” पर सहमति हासिल की है। उन्होंने इसे “ग्रीनलैंड के नाम से जाना जाने वाला बड़ा और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण भूभाग” बताया।

ट्रंप के मुताबिक, डेनमार्क की सरकार और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ हुए इस समझौते के तहत अमेरिका को वहां “बड़ी सैन्य मौजूदगी विकसित करने” की अनुमति मिलेगी। इसके लिए दो प्रमुख सैन्य ठिकाने बनाए जाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह व्यवस्था अमेरिकी महाद्वीप के साथ-साथ यूरोप की सुरक्षा में मदद करेगी और नाटो को भी मजबूत करेगी।

अमेरिका ने सेना पर अब तक का सबसे ज्यादा पैसा लगाया : ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने पिछले 12 महीनों में अपनी सेना पर अब तक के सबसे ज्यादा धन का निवेश किया है। उन्होंने कहा कि उनके मौजूदा कार्यकाल में यह राशि 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा, “पूरी दुनिया एक नए जोश से भरे और बेहद शक्तिशाली अमेरिका की संपत्ति, ताकत, भावना और गति से लाभान्वित हो रही है।”

ट्रंप ने अपने भाषण में राष्ट्रपति के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्हें शानदार बताया। उन्होंने अर्थव्यवस्था, आव्रजन और अपराध के क्षेत्र में अपने रिकॉर्ड का बखान करते हुए कहा, “हमें पिछली सरकार से अमेरिका का एक अंधकार युग विरासत में मिला था, और हमने उसे अमेरिका के स्वर्ण युग में बदल दिया।”

Asian Games 2026 Day 4 Schedule: 23 सितंबर को मीराबाई चानू और मनु भाकर पर रहेंगी नजरें, देखें भारत का पूरा शेड्यूल

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Asian Games Day 4 2026: एशियन गेम्स के चौथे दिन 23 सितंबर को भारत के कई खिलाड़ी पदक की दौड़ में होंगे. मीराबाई चानू, मनु भाकर और बैडमिंटन टीम से बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं. जानें भारत का पूरा शेड्यूल.

Asian Games Day 4 2026: एशियन गेम्स के चौथे दिन यानी 23 सितंबर को भारत के कई खिलाड़ी पदक की रेस में उतरेंगे. बुधवार का दिन भारतीय दल के लिए काफी अहम रहने वाला है. वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू महिलाओं की 49 किग्रा स्पर्धा के फाइनल में उतरेंगी, जबकि ज्ञानेश्वरी यादव 53 किग्रा वर्ग में चुनौती पेश करेंगी. शूटिंग में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में उतरेंगी. उनके अलावा ईशा सिंह और सुरूची इंदर सिंह भी भारत की चुनौती पेश करेंगी. अगर भारतीय निशानेबाज क्वालिफिकेशन पार करती हैं, तो दिन में पदक के लिए मुकाबला करेंगी.

बैडमिंटन में भारतीय पुरुष टीम चीन के खिलाफ सेमीफाइनल खेलेगी. सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ भारत का पदक पहले ही पक्का हो चुका है. इसके अलावा वुशू, शूटिंग, रोइंग, इक्वेस्ट्रियन और कई अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी मैदान पर होंगे.

मीराबाई चानू के पास पदक जीतने का मौका
सबसे ज्यादा नजरें वेटलिफ्टिंग पर रहेंगी. मीराबाई चानू महिलाओं की 49 किग्रा स्पर्धा के फाइनल में उतरेंगी. उनका फाइनल मुकाबला सुबह 10 बजे शुरू होगा. 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीत चुकीं मीराबाई की नजर एशियन गेम्स में अपने पहले पदक पर होगी. इसी स्पर्धा के बाद दोपहर 1:30 बजे ज्ञानेश्वरी यादव महिलाओं की 53 किग्रा स्पर्धा के फाइनल में उतरेंगी.

शूटिंग में मनु भाकर पर नजर
भारत का दिन सुबह शूटिंग से शुरू होगा. सुबह 6:15 बजे महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल की व्यक्तिगत और टीम क्वालिफिकेशन होगी. मनु भाकर, ईशा सिंह और सुरूची इंदर सिंह व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. टीम क्वालिफिकेशन में सुरूची और ईशा भारत की चुनौती पेश करेंगी.

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एशियन गेम्स 2026: 23 सितंबर को भारत का पूरा शेड्यूल
समय खेल भारतीय खिलाड़ी/टीम मुकाबला/स्पर्धा
05:30 AM सॉफ्ट टेनिस जय मीणा पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल बनाम शेरविन नुगिट
05:30 AM ईस्पोर्ट्स डेनियल और चिन्मय साहू eFootball क्वार्टर फाइनल
05:30 AM सेपक टकरॉ भारतीय पुरुष टीम फिलीपींस के खिलाफ ग्रुप बी
05:40 AM रोइंग बलराज पंवार पुरुष सिंगल स्कल्स हीट 2
06:00 AM रोइंग सतनाम सिंह और सलमान खान पुरुष डबल स्कल्स हीट 3
06:15 AM शूटिंग सुरूची इंदर सिंह, ईशा सिंह, मनु भाकर महिला 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन
06:15 AM शूटिंग सुरूची इंदर सिंह, ईशा सिंह महिला 10 मीटर एयर पिस्टल टीम क्वालिफिकेशन
06:30 AM शूटिंग अनंतजीत सिंह नरूका, भवतेघ सिंह गिल, मैराज अहमद खान पुरुष स्कीट क्वालिफिकेशन
06:30 AM शूटिंग परीनाज धालीवाल, राइजा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान महिला स्कीट क्वालिफिकेशन
06:30 AM कैनो स्प्रिंट भारतीय खिलाड़ी पुरुष कायाक फोर 500 मीटर हीट 1
06:30 AM कैनो स्प्रिंट मेघा प्रदीप महिला कैनो सिंगल 200 मीटर हीट 1
06:30 AM इक्वेस्ट्रियन आशीष लिमये, फौआद मिर्जा इवेंटिंग व्यक्तिगत क्रॉस कंट्री फाइनल, दिन 2
06:30 AM टेबल टेनिस हरमीत देसाई, यशस्विनी घोरपड़े

WEATHER : यूपी-बिहार से बंगाल तक बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी; ओडिशा, आंध्र-तेलंगाना में स्कूल बंद

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बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन डीप डिप्रेशन में बदल गया है और 23 सितंबर की रात उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को पार कर सकता है। ओडिशा में भारी बारिश के चलते ODRAF टीमें तैनात की गई हैं। समुद्र में मछुआरों के जाने पर रोक और पुरी में समुद्र स्नान पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं तेलंगाना के कई जिलों में 23-24 सितंबर को बेहद भारी बारिश का अलर्ट है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, मौसम संबंधी इस प्रणाली का असर मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार के तराई क्षेत्र और पश्चिम बंगाल के दोआब क्षेत्र में भी देखने को मिलेगा। दार्जीलिंग और तीस्ता की पहाड़ियों में अचानक भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बना हुआ है और मौसम विभाग ने बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। भारत के साथ ही नेपाल और तिब्बत में भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन अब गहरे दबाव यानी कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है और इसका असर ओडिशा से लेकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तक दिखाई दे रहा है। मंगलवार को ओडिशा के तटीय और दक्षिणी इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। मौसम के बिगड़ते हालात को देखते हुए ओडिशा सरकार ने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और कई जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। तेलंगाना में भी 23 और 24 सितंबर को कई जिलों में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

25 से बारिश-वज्रपात
आईएमडी के ताजा बुलेटिन के अनुसार, 25 से 28 सितंबर के दौरान उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने (वज्रपात) और भारी से बहुत भारी बारिश होने हो सकती है। उत्तराखंड में 26 से 28 तक यापक वर्षा की संभावना है।

छत्तीसगढ़ में रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने बताया है कि 28 सितंबर तक छत्तीसगढ़, विदर्भ और मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में 23 और 24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट की स्थिति बनी हुई है।

23 सितंबर की रात तट से टकरा सकता है सिस्टम
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक मंगलवार को यह सिस्टम कलिंगपट्टनम से करीब 140 किलोमीटर, ओडिशा के गोपालपुर से 150 किलोमीटर, पुरी से 210 किलोमीटर और विशाखापत्तनम से करीब 220 किलोमीटर पूर्व में था। इसके बुधवार रात तक विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को डीप डिप्रेशन के रूप में पार करने की बहुत संभावना है। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि डीप डिप्रेशन, कम दबाव वाले क्षेत्र से ज्यादा मजबूत लेकिन चक्रवाती तूफान से कम तीव्र मौसम प्रणाली होती है। इसके 23 सितंबर की रात करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जमीन से टकराने की संभावना है।

ओडिशा के दक्षिणी और तटीय हिस्सों में जोरदार बारिश
इस मौसम प्रणाली के असर से सोमवार से ही दक्षिणी और तटीय ओडिशा के बड़े हिस्से में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कई इलाकों में पेड़ गिरने और सड़कों के बंद होने की खबरें भी सामने आई हैं। गजपति, गंजाम और दूसरे जिलों में बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है।

कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए नबरंगपुर, मलकानगिरी, पुरी, जगतसिंहपुर, गंजाम, गजपति, कोरापुट और खुर्दा जिलों में शैक्षणिक संस्थान 24 सितंबर तक बंद रखने का फैसला किया गया है। कई जिलों में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर उन्हें ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन तेजी से राहत और बचाव का काम कर सके।

सड़क और फेरी सेवा पर भी असर
सरकार ने कुछ सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी सीमित कर दी है। इनमें गंजाम और कंधमाल को जोड़ने वाला कलिंगा घाट भी शामिल है। मौसम खराब रहने के कारण चिल्का झील में सतपाड़ा और जहनिकुड़ा के बीच फेरी सेवा 25 सितंबर तक चार दिनों के लिए बंद रहेगी।

बाढ़ और भूस्खलन से निपटने की तैयारी
ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने जिला प्रशासन को संवेदनशील इलाकों की पहचान करने और जरूरत पड़ने पर लोगों को ठहराने के लिए चक्रवात व बाढ़ आश्रय केंद्र तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक जरूरी सामान, उपकरण, स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन सेवाएं तैयार रखी गई हैं। आपदा प्रबंधन टीमें भी हाई अलर्ट पर हैं। नदियों, जलाशयों और बांधों में पानी के स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

गजपति में 140 संवेदनशील जगहों की पहचान
गजपति के जिला कलेक्टर अक्षय सुनील अग्रवाल ने बताया कि जिले में भूस्खलन और मलबा गिरने की आशंका वाले 140 संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है। लोगों को इन जगहों पर जाने से रोका गया है। बारिश से पैदा होने वाली किसी भी स्थिति से तेजी से निपटने के लिए ओडिशा सरकार ने 33 ODRAF टीमें तैनात की हैं। इनमें 24 टीमें संवेदनशील जिलों में भेजी गई हैं, जबकि नौ अतिरिक्त टीमें गंजाम जिले के छत्रपुर में रिजर्व रखी गई हैं।

सात जिलों में बचाव दल तैनात
गंजाम, गजपति, कोरापुट, मलकानगिरी, रायगड़ा, कालाहांडी और बोलांगीर जिलों में रेस्क्यू टीमें तैनात की गई हैं। पहाड़ी और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में सड़कों को साफ करने के लिए अर्थमूविंग मशीनें भी पहले से लगा दी गई हैं। बोंडाघाटी, बयापाड़ा और बड़ा दुराल जैसे इलाकों में इन मशीनों की मदद ली जा रही है।

23-24 सितंबर को बेहद भारी बारिश का अलर्ट
IMD ने 23 और 24 सितंबर को दक्षिणी ओडिशा में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के मुताबिक 22 सितंबर से बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है और 25 व 26 सितंबर को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 23 और 24 सितंबर के लिए कोरापुट, गजपति और गंजाम में रेड वार्निंग जारी की गई है, जहां 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश हो सकती है। वहीं 24 और 25 सितंबर के लिए कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी में भी इसी तरह की चेतावनी दी गई है।

समुद्र में न जाएं मछुआरे, पुरी में नहाने पर रोक
मौसम विभाग ने मछुआरों को 24 सितंबर तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के पास समुद्र की स्थिति खराब से बेहद खराब रहने की आशंका है। पुरी जिला प्रशासन ने समुद्र तटों पर लाल झंडे लगा दिए हैं और 24 सितंबर तक समुद्र में नहाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। IMD ने 23 सितंबर की सुबह से 24 सितंबर की शाम तक दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश के तट और उसके आसपास 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी है।

मलकानगिरी में शराब की दुकानें भी बंद रहेंगी
मलकानगिरी के जिला कलेक्टर प्रथमेश अरविंद राजसिर्के ने सभी BDO और तहसीलदारों को 24 सितंबर को शराब की दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद कानून-व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा बनाए रखना है। बाढ़ प्रभावित और खतरनाक इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने को भी कहा गया है, खासकर पंगम और कन्याश्रम पुलों के आसपास।

तेलंगाना में भी भारी बारिश का अलर्ट
ओडिशा और आंध्र के साथ तेलंगाना में भी अगले दो दिन मौसम चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। IMD के मुताबिक 23 और 24 सितंबर को पेद्दापल्ली, जयशंकर भूपालपल्ली, मुलुगु और कुछ अन्य जिलों में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी से बेहद भारी बारिश हो सकती है। 23 सितंबर को कोमाराम भीम आसिफाबाद, मंचेरियल, जगतियाल, करीमनगर और अन्य जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 24 सितंबर को आदिलाबाद, निजामाबाद, जगतियाल, खम्मम और नलगोंडा में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

तेलंगाना में CM ने अधिकारियों को दिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश
बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम, साइबराबाद नगर निगम और मलकाजगिरी नगर निगम के आयुक्तों के साथ पुलिस आयुक्तों और हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी को आपसी तालमेल से काम करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे हालात पर लगातार नजर रखें और मुख्य सड़कों, चौराहों तथा रिहायशी इलाकों में जलभराव रोकने के लिए तुरंत कदम उठाएं। बारिश से जुड़ी राहत और बचाव की तैयारियां भी तेज करने को कहा गया है।

दक्षिण भारत के बड़े हिस्से पर मौसम की नजर
फिलहाल ओडिशा में प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव की तैयारी तेज कर दी है, जबकि तेलंगाना में भी स्थानीय प्रशासन को जलभराव और भारी बारिश से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। आने वाले 24 से 48 घंटे दोनों राज्यों के लिए अहम हैं, क्योंकि IMD ने कई इलाकों में भारी से बेहद भारी बारिश और तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।

BUSINESS : 28 से 30 सितंबर तक 3 दिन बंद रहेंगे बैंक, कर्मियों ने किया हड़ताल का ऐलान – जानें पूरा अपडेट

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बैंक कर्मचारियों की 5 दिन वर्किंग की मांग के चलते 28 से 30 सितंबर 2026 तक देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया गया है. इस हड़ताल से सितंबर के आखिरी हफ्ते में लगातार 5 दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है. जानिए किन बैंकों पर पड़ेगा असर और ग्राहकों को क्या सलाह दी गई है.
Bank Strike: देश में इन दिनों ‘5 Days Banking’ सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है. इसका सीधा संबंध बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग और 28 से 30 सितंबर 2026 तक प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल से बताया जा रहा है. बैंक कर्मचारी सप्ताह में सिर्फ पांच दिन काम और सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने की मांग कर रहे हैं.

फाइव डे वर्किंग की मांग क्या है?
बैंक कर्मचारियों की मांग है कि बैंकों में Five Day Working Week लागू किया जाए. यानी सोमवार से शुक्रवार तक बैंकिंग कामकाज हो और शनिवार-रविवार साप्ताहिक अवकाश रहे. मार्च 2024 में हुई एक बैठक में इस व्यवस्था पर सहमति बनने की बात कही गई थी, लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है.

28 से 30 सितंबर तक बैंक हड़ताल का ऐलान
इसी मुद्दे को लेकर बैंक यूनियनों के संगठन United Forum of Bank Unions (UFBU) की ओर से 28, 29 और 30 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है. यही वजह है कि ‘5 Days Banking’ को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है और लोग बैंक बंद रहने के संभावित दिनों की जानकारी तलाश रहे हैं.

लगातार 5 दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की संभावना
अगर प्रस्तावित हड़ताल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होती है, तो सितंबर के आखिरी सप्ताह में बैंक शाखाओं पर लगातार पांच दिनों तक असर पड़ सकता है. इसकी वजह 26 सितंबर का चौथा शनिवार, 27 सितंबर का रविवार और इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित बैंक हड़ताल है.

तारीख दिन बैंकिंग स्थिति
26 सितंबर 2026 शनिवार चौथा शनिवार, नियमित अवकाश
27 सितंबर 2026 रविवार साप्ताहिक अवकाश
28 सितंबर 2026 सोमवार प्रस्तावित बैंक हड़ताल
29 सितंबर 2026 मंगलवार प्रस्तावित बैंक हड़ताल
30 सितंबर 2026 बुधवार प्रस्तावित बैंक हड़ताल

हाफ ईयरली क्लोजिंग के समय हड़ताल से बढ़ सकती है परेशानी
28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल ऐसे समय हो रही है, जब बैंक सितंबर महीने की अर्धवार्षिक क्लोजिंग (Half-Yearly Closing) की प्रक्रिया से गुजरते हैं. ऐसे में शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने के साथ वित्तीय लेनदेन और चेक क्लियरिंग जैसी सेवाओं पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है.

कितने राज्यों में बंद हो सकते हैं बैंक?
यह हड़ताल किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है. UFBU के आह्वान के मुताबिक यह देशव्यापी हड़ताल है, इसलिए इसका असर अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैंकिंग सेवाओं पर पड़ सकता है. हालांकि, किसी शाखा में वास्तविक असर स्थानीय परिस्थितियों और कर्मचारियों की भागीदारी पर निर्भर करेगा.

किन बैंकों पर पड़ सकता है सबसे ज्यादा असर?
हड़ताल में मुख्य रूप से उन बैंकों के कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं, जहां संबंधित बैंक कर्मचारी यूनियनों की भागीदारी है. इनमें SBI, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB), यूको बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र समेत अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शामिल हैं. क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) और कुछ अन्य बैंकिंग संस्थानों में भी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं.

क्या SBI और दूसरे सरकारी बैंक भी बंद रहेंगे?
देश के बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी यदि हड़ताल में शामिल होते हैं, तो उनकी शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है. ऐसे में ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे जरूरी बैंकिंग कामकाज पहले ही निपटा लें और अपने बैंक की ओर से जारी किसी आधिकारिक सूचना को जरूर देखें.

HDFC, ICICI और Axis Bank का क्या होगा?
HDFC Bank, ICICI Bank और Axis Bank जैसे प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंकों पर इस हड़ताल का असर अलग हो सकता है. इन बैंकों के कर्मचारियों की भागीदारी UFBU से जुड़ी बैंक यूनियनों में उसी तरह नहीं है, इसलिए इनकी शाखाओं के सामान्य रूप से संचालित होने की संभावना रहती है. हालांकि, ग्राहकों को अपने संबंधित बैंक की आधिकारिक सूचना के आधार पर ही अंतिम स्थिति माननी चाहिए.

ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह
अगर आपको 28 से 30 सितंबर के बीच बैंक शाखा में कोई जरूरी काम है, तो उसे पहले ही पूरा करना बेहतर रहेगा. खासतौर पर चेक जमा करने, कैश ट्रांजैक्शन, बैंक ड्राफ्ट और अन्य शाखा-आधारित सेवाओं के लिए पहले से योजना बनाना उपयोगी होगा. हड़ताल की अंतिम स्थिति के लिए अपने बैंक की आधिकारिक एडवाइजरी जरूर देखें.

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