Thursday, April 30, 2026
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NATIONAL : 12 राज्यों और UTs में SIR 2.0 प्रोसेस शुरू… घर-घर पहुंचकर फॉर्म बांट रहे BLO, तैयार रखें ये डॉक्यूमेंट्स

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भारतीय चुनाव आयोग ने 9 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में अपने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का दूसरा फेज़ शुरू कर दिया है. इस कैंपेन का मकसद वोटर लिस्ट को अपडेट करना है. इसके साथ ही, इस दौरान 51 करोड़ वोटर्स की एलिजिबिलिटी को भी वेरिफाई किया जाएगा.

चुनाव आयोग आज से नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का दूसरा फेज़ शुरू कर रहा है. यह वोटर लिस्ट को साफ करने की एक मुहिम है. यह कदम बिहार में विधानसभा चुनावों के पहले फेज़ से दो दिन पहले उठाया गया है, जहां चुनावी प्रक्रिया हुई थी और वेरिफिकेशन के बाद 68 लाख से ज़्यादा नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे.

इस अभियान में तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप के लगभग 51 करोड़ वोटर शामिल होंगे. इनमें से तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं.

एसआईआर 2.0 के तहत, एन्यूमरेशन का स्टेज आज से शुरू हो रहा है और 4 दिसंबर तक चलेगा. इलेक्शन कमीशन 9 दिसंबर को ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल जारी करेगा और फाइनल इलेक्टोरल रोल 7 फरवरी, 2026 को पब्लिश किए जाएंगे. नागरिक 9 दिसंबर से 8 जनवरी के बीच क्लेम और ऑब्जेक्शन फाइल कर सकते हैं, जिसके बाद सुनवाई और वेरिफिकेशन 31 जनवरी, 2026 तक पूरे कर लिए जाएंगे.

उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से जानकारी सामने आई है कि वेरिफिकेशन प्रोसेस शुरू हो चुका है. चुनाव आयोग ने मंगलवार को वोटर लिस्ट में सुधार करने के मकसद से उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) एक्सरसाइज शुरू कर दिया है.पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में BLOs ने घर-घर जाकर गिनती का काम शुरू किया है. BLO इकबाल सिंह (टीचर) ने वोटरों को घर-घर जाकर गिनती के फॉर्म बांटना शुरू किया है. उन्हें लोगों को प्रोसेस और फॉर्म भरने का तरीका समझाते हुए देखा गया है.

अधिकारियों ने बताया कि एसआईआर प्रोसेस ‘शुद्ध निर्वाचक नामावली- मजबूत लोकतंत्र’ थीम के तहत शुरू किया गया है. उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत, बूथ-लेवल अधिकारी (BLO) मंगलवार से 4 दिसंबर तक हर घर जाकर वोटर्स की डिटेल्स वेरिफाई और अपडेट करेंगे.

यह स्टेप सिर्फ़ उन वोटर्स पर लागू होता है, जो पिछले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की किसी भी इलेक्टोरल रोल में अपना नाम, या अपने माता-पिता या रिश्तेदार का नाम नहीं ढूंढ पाए हैं. अगर आपने पहले ही अपना फ़ॉर्म जमा कर दिया है लेकिन ‘पिछले SIR’ वाले फ़ील्ड खाली छोड़ दिए हैं, तो ऐसे डॉक्यूमेंट्स दिखाने के लिए तैयार रहें जो इलेक्टोरल रोल में बने रहने की आपकी एलिजिबिलिटी साबित करते हों. ड्राफ़्ट रोल 9 दिसंबर को पब्लिश होने के बाद आपसे ये डॉक्यूमेंट्स दिखाने के लिए कहा जाएगा. लिस्ट में शामिल किए गए दस्तावेजों में से कम से कम एक रखना अनिवार्य है.

  1. किसी भी सेंट्रल गवर्नमेंट/स्टेट गवर्नमेंट/पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग के रेगुलर कर्मचारी/पेंशनर को जारी किया गया कोई भी आइडेंटिटी कार्ड/पेंशन पेमेंट ऑर्डर
  2. 01.07.1987 से पहले भारत में सरकार/स्थानीय अधिकारियों/बैंकों/पोस्ट ऑफिस/LIC/PSUs द्वारा जारी किया गया कोई भी आइडेंटिटी कार्ड/सर्टिफिकेट/डॉक्यूमेंट
  3. सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया जन्म प्रमाण पत्र
  4. पासपोर्ट
  5. मान्यता प्राप्त बोर्ड/यूनिवर्सिटी द्वारा जारी किया गया मैट्रिकुलेशन/शैक्षणिक प्रमाण पत्र
  6. सक्षम राज्य प्राधिकरण द्वारा जारी किया गया स्थायी निवास प्रमाण पत्र
  7. वन अधिकार प्रमाण पत्र
  8. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया OBC/SC/ST या कोई भी जाति प्रमाण पत्र
  9. नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़न्स
  10. राज्य/स्थानीय अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर
  11. सरकार द्वारा कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र
  12. 01.07.2025 के संदर्भ में बिहार SIR की मतदाता सूची का अंश
  13. आधार कार्ड (केवल पहचान के प्रमाण के रूप में, नागरिकता के प्रमाण के रूप में नहीं)

अब तक चुनाव आयोग ने करीब एक प्री-मैपिंग प्रोसेस पूरा कर लिया है, जिसमें मौजूदा वोटर्स लिस्ट को 2002 से 2004 की लिस्ट से मिलाया जा रहा है, जब इनमें से ज़्यादातर राज्यों और UTs में आखिरी SIR हुआ था.

मौजूदा SIR आज़ादी के बाद से नौवां ऐसा काम है और आखिरी बार 2002-04 में हुआ था. राज्यों में आखिरी SIR कट-ऑफ डेट के तौर पर काम करेगा, ठीक वैसे ही जैसे बिहार की 2003 की वोटर लिस्ट का इस्तेमाल चुनाव आयोग ने गहन रिवीजन के लिए किया था.

SIR का अहम मकसद जन्म स्थान की जांच करके अवैध विदेशी प्रवासियों को बाहर निकालना है. यह कदम कई राज्यों में अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद महत्वपूर्ण हो जाता है, खासकर पश्चिम बंगाल में, जहां तृणमूल कांग्रेस वोटर्स लिस्ट की सफाई के काम को लेकर विरोध कर रही है.चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा है, “SIR एक डिटेल्ड, लोगों पर फोकस करने वाला काम होगा, जिसमें बूथ लेवल ऑफिसर (BLOs) वोटर डिटेल्स वेरिफाई करने के लिए हर घर में तीन बार जाएंगे.”

BLOs इस रिवीजन प्रोसेस में सबसे ज़रूरी भूमिका निभाएंगे. वे शामिल होने की चाह रखने वाले नए वोटर्स से फॉर्म 6 और डिक्लेरेशन फॉर्म इकट्ठा करेंगे, वोटर्स को एन्यूमरेशन फॉर्म भरने में मदद करेंगे और उन्हें इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (EROs) या असिस्टेंट EROs को जमा करेंगे.ज्ञानेश कुमार ने कहा, “BLOs वोटर को एन्यूमरेशन फॉर्म भरने, उसे इकट्ठा करने और EROs/AEROs को जमा करने में मदद करेंगे.” उन्होंने यह भी बताया कि हर BLO कम से कम तीन बार हर घर जाएगा.

अगर कोई एन्यूमरेशन फॉर्म वापस नहीं मिलता है, तो BLO पड़ोसियों से बात करके और जानकारी रिकॉर्ड करके इसका कारण पता लगाएगा- जैसे कि मौत या डुप्लीकेशन. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में सिर्फ उन्हीं लोगों को शामिल किया जाएगा, जो एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करेंगे.

ड्राफ्ट लिस्ट पब्लिश होने के बाद, इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर उन लोगों को नोटिस जारी करेंगे, जिनके नाम पहले के SIR रिकॉर्ड से लिंक नहीं हो पाए हैं, जिससे उनकी एलिजिबिलिटी वेरिफाई की जा सके.

चुनाव आयोग वॉलंटियर्स को तैनात करेगा, जिससे असली वोटर्स, खासकर बूढ़े, बीमार, PwD, गरीब और दूसरे कमज़ोर ग्रुप्स को परेशान न किया जाए और उन्हें जितना हो सके उतनी मदद दी जाए. चुनाव आयोग का मानना ​​है कि SIR यह पक्का करेगा कि कोई भी योग्य वोटर छूट न जाए और कोई भी अयोग्य वोटर इलेक्टोरल रोल में शामिल न हो.

बिहार में SIR प्रोसेस के दौरान फॉलो किए जाने वाले नियमों में बदलाव करते हुए, चुनाव आयोग ने SIR के बाद पब्लिश हुई बिहार की वोटर लिस्ट और आधार कार्ड को उन इंडिकेटिव डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट में शामिल किया है, जिन्हें लोगों को 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जमा करना होगा.

चुनाव आयोग ने अपनी फील्ड मशीनरी को निर्देश दिया है कि वोटर्स को एन्यूमरेशन स्टेज पर ही डॉक्यूमेंट्स जमा करने की ज़रूरत नहीं है. जो लोग अपने-अपने राज्य के पिछले SIR से लिंक नहीं हो पाएंगे, उन्हें इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद डॉक्यूमेंट्स देने होंगे. 30 सितंबर को चुनाव आयोग ने बिहार की फाइनल वोटर लिस्ट जारी की, जिसमें करीब 7.42 करोड़ नाम थे. सूबे में 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में वोटिंग होगी और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे.

असम, एक और राज्य जहां 2026 में चुनाव होने हैं, वहां वोटर लिस्ट में सुधार का ऐलान अलग से किया जाएगा, क्योंकि सूबे में नागरिकता वेरिफाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में एक प्रक्रिया चल रही है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 27 अक्टूबर को SIR के लेटेस्ट चरण की घोषणा करते हुए कहा, “नागरिकता अधिनियम के तहत, असम में नागरिकता के लिए अलग प्रावधान हैं. सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में नागरिकता जांचने की प्रक्रिया पूरी होने वाली है. 24 जून का SIR आदेश पूरे देश के लिए था, ऐसी परिस्थितियों में, यह असम पर लागू नहीं होगा.”

उन्होंने आगे कहा, “इसलिए असम के लिए अलग से सुधार आदेश जारी किए जाएंगे, और SIR की तारीख भी अलग से घोषित की जाएगी.”

एसआईआर 2.0 शुरू होने से पहले, तमिलनाडु सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में SIR को चुनौती दी. मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने चुनाव आयोग पर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले ‘असली वोटर्स’ को हटाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है.

जब जून में बिहार में SIR लॉन्च किया गया था, तो कई राजनीतिक पार्टियों ने दावा किया था कि इससे करोड़ों योग्य नागरिकों के पास डॉक्यूमेंट्स न होने की वजह से वे वोट नहीं दे पाएंगे. जब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, तो चुनाव आयोग ने अपने फैसले का बचाव किया और भरोसा दिलाया कि भारत के किसी भी योग्य नागरिक को बाहर नहीं किया जाएगा.

NATIONAL : लड़कियों से दोस्ती कर मांगता था गंदे फोटो, फिर ब्लैकमेल कर वसूलता था पैसे, गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जो लड़कियों के सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर उनसे आपत्तिजनक तस्वीरें मंगवाकर ब्लैकमेल करता था. आरोपी का नाम सुमित कुमार है, जो पहले भी POCSO एक्ट में गिरफ्तार हो चुका था. पुलिस ने उसे नोएडा के एक वाइन शॉप से पकड़ा और अब उसके अन्य मामलों की जांच जारी है.

नई दिल्ली में पुलिस ने एक 28 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जो लड़कियों के सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर उनसे आपत्तिजनक तस्वीरें मंगवाकर पैसे वसूलता था. आरोपी की पहचान सुमित कुमार के रूप में हुई है. वह पहले भी बच्चों से जुड़े अपराध (POCSO एक्ट) में गिरफ्तार हो चुका है और फिलहाल फरार चल रहा था.

पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी बेटी को सोशल मीडिया पर उसके पुराने ट्यूटर के अकाउंट से एक संदेश मिला. संदेश भेजने वाले ने दावा किया कि उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें ऑनलाइन उपलब्ध हैं और एक लिंक भेजा. जैसे ही लड़की ने लिंक पर क्लिक कर लॉगिन किया, आरोपी ने उसका अकाउंट हैक कर लिया और डर दिखाकर उससे अश्लील तस्वीरें भेजने को मजबूर किया.

पुलिस ने बताया कि आरोपी ने न केवल लड़की को ब्लैकमेल किया बल्कि उसके परिवार को भी धमकाया. उसने उसकी मॉर्फ की हुई तस्वीरें भेजीं और धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो वह उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा. डर के कारण परिवार ने कुछ रकम आरोपी को दे दी थी.

दिल्ली पुलिस ने साइबर टीम की मदद से सुमित कुमार को नोएडा के एक वाइन शॉप से गिरफ्तार किया. जांच में पता चला कि सुमित पहले भी मालवीय नगर में इसी तरह के एक मामले में पकड़ा गया था, जहां वह महिलाओं के अकाउंट हैक कर उनकी फर्जी तस्वीरें बनाकर पैसे वसूलता था.
पूछताछ में सुमित ने बताया कि 2021 में जमानत मिलने के बाद वह बिहार भाग गया था और बाद में नोएडा की एक आईटी कंपनी में हाउसकीपिंग सुपरवाइजर बन गया. उसे लगा कि पुलिस उसे पकड़ नहीं पाएगी. लेकिन पुलिस ने साइबर ट्रैकिंग के जरिए उसे पकड़ लिया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या वह और भी मामलों में शामिल था.

JAIPUR : नशा, झगड़ा और गुस्सा… 50 लोगों को कुचलने वाले डंपर ड्राइवर

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जयपुर डंपर हादसे में अब तक 19 लोगों की मौत की पुष्टी हो चुकी है. इसी बीच हादसे से पहले का एक वीडियो भी सामने आया है. जिसमें देखा जा सकता है कि डंपर चालक का कार वाले से विवाद हुआ था. जिसके बाद उसने गुस्से में कई वाहनों को रौंद दिया.

राजस्थान के जयपुर में सोमवार को नशे में धुत एक डंपर चालक ने कई वाहनों को टक्कर मारने के बाद 50 लोगों को रौंद दिया था. इस हादसे में अब तक 19 लोगों की मौत की पुष्टी हो चुकी है. इस बीच हादसे को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ और हादसे का नया सीसीटीवी भी सामने आया है. जिसमें देखा जा सकता है कि आरोपी डंपर चालक की एक कार चालक से कहासुनी हुई थी.

मामूली टच पर शुरू हुई बहस ने कुछ ही मिनटों बाद कई परिवारों के चिराग बुझा दिए. फुटेज में साफ दिख रहा है कि डंपर चालक गुस्से में कार पर ट्रक चढ़ाने की कोशिश कर रहा था लेकिन गनीमत रही कि कार चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए अपनी कार साइड में लगा ली. वरना तबाही पहले ही शुरू हो जाती.

चौमू एसीपी उषा यादव ने बताया कि हादसे से थोड़ी देर पहले आरोपी डंपर चालक की एक कार चालक से भी बहस हुई थी. हल्की गाड़ी टच होने के बात दोनों में कहासुनी हुई. इस दौरान कार चालक अपनी गाड़ी से उतरा और डंपर चालक को लताड़ा. इससे गुस्साए डंपर चालक ने फिर से उसकी कार को धीरे-धीरे टक्कर मारते हुए धमाकने लगा. लेकिन कार चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए कार को साइड में लगा लिया. जिसके बाद डंपर चालक भाग गया.

यह घटना दुर्घटनास्थल वाले हाइवे पर नहीं बल्कि उससे पहले मोड़ पर दूसरी सड़क पर हुई थी. उन्होंने यह भी कहा कि डंपर का ब्रैक फेल नहीं हुआ था. बल्कि इस कहासुनी के बाद इतना भयानक हादसा हुआ. घटना सोमवार दोपहर करीब 12. 55 की है और इसके कुछ ही मिनटों बाद डंपर कहर बनकर टुटा. लोहा मंडी पेट्रोल पंप की तरफ से रोड नंबर-14 से हाईवे पर चढ़ने के दौरान उसने गाड़ियों को टक्कर मार दी. इसके बाद लोगों ने डंपर ड्राइवर कल्याण मीणा को मौके से पकड़ कर धुनाई कर दी. इस दौरान चालक नशे में था, जिसका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है.

ENTERTAINMENT : कौन है अमाल मलिक की सीक्रेट गर्लफ्रेंड? पिता ने खोली पोल, बेटे के स्ट्रगल पर बात कर हुए इमोशनल

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अमाल मलिक की लव लाइफ पर उनके पिता डब्बू मलिक ने बड़ा बयान दिया है. डब्बू ने साफ किया कि अमाल की कोई गर्लफ्रेंड नहीं है और यह एक कल्पनात्मक कहानी है. उन्होंने अमाल की सेहत और शो में उनके संघर्षों पर भी बात की.

बिग बॉस 19 के कंटेस्टेंट और सिंगर अमाल मलिक की लव लाइफ चर्चा में बनी हुई है. उन्होंने शो में खुलासा किया था कि वो किसी को पसंद करते हैं. रियलिटी शो में अमाल ने अपनी लेडी लव को प्रपोज भी किया था. उधर, बीते एपिसोड के बाद इंटरनेट पर दावा है मालती चाहर अमाल की सीक्रेट गर्लफ्रेंड हैं. इन बातों में कितनी सच्चाई है, सिंगर के पिता ने इसका खुलासा किया है.

अमाल के पिता डब्बू मलिक का बेटे की लव लाइफ पर अलग रिएक्शन है. उनका कहना है अमाल की कोई गर्लफ्रेंड नहीं है. अमाल ने बस इस एंगल को क्रिएट किया है. अमाल की शायद कोई काल्पनिक गर्लफ्रेंड है. स्क्रीन संग बातचीत में डब्बू ने कहा- ये एक अदृश्य प्रेम कहानी है. मैं इस पर स्क्रिप्ट लिखने वाला हूं. एक आदमी है जिसने तीसरे डायमेंशन में एक लवर बनाई है और वहां वो उसी से प्यार करता है. बस इतना मुझे पता है. हम उस लड़की से कभी मिले नहीं हैं. लेकिन ये मेरा सपना था कि अमाल शो में एक प्यारी लव स्टोरी को जिए.

डब्बू मलिक ने अमाल की सेहत पर भी बात की. शो में बीते कुछ हफ्तों से अमाल की तबीयत ठीक नहीं चल रही है. ये तक कहा गया था कि हेल्थ इश्यूज की वजह से वो शो छोड़ सकते हैं. डब्बू ने कहा, अमाल शो में हेल्थ इश्यूज फेज कर रहा था. हमें लगा कि वो 2-3 हफ्तों में बाहर आ जाएगा. लेकिन वो अब भी गेम में है. वो भी तब जब उसे इतनी नफरत मिल रही है. ऐसे में मुझे समझ नहीं आता कि उसे शो में रोक कौन रहा है.

”लोग कहते हैं कि सलमान खान और चैनल अमाल का साथ दे रहे हैं, लेकिन मेरे पास इसका जवाब नहीं है. अगर लोग अमाल की आलोचना कर रहे हैं. मैं उनकी नफरत को स्वीकारता हूं, लेकिन आप उसे क्यों रोक रहे हैं. ऐसा कुछ करें कि उसे शो में लंबा ना रखा जाए.”

डब्बू ने टीनएजर में अमाल द्वारा फेज किए गए स्ट्रगल पर भी बात की. उनके मुताबिक, अमाल ने बचपन में काफी कुछ झेला है. वो बोले- 10 साल की उम्र में अमाल समझ गया था कि उसके पिता बहुत मेहनत करते हैं. लेकिन कुछ सही नहीं हो रहा था. कई बार वो बेहद दुखी हो जाता था. वो मेरी स्माइल के पीछे छिपे दर्द को भांप जाता था. वो मुझे पढ़ लेता था. जब एक पिता बच्चे के सामने टूट जाता है और कहता है उससे और नहीं होता, तब अमाल 15 या 16 साल का था.

डब्बू ने बताया कि उन्हें यूं टूटता देख अगली सुबह अमाल ने काम करने का फैसला किया. वो अपना लैपटॉप और कीबोर्ड लेकर कैलाश सुरेंद्रनाथ जी से मिलने गए थे. उसी दिन अमाल ने चार जिंगल्स फाइनल किए और तबसे लेकर आज तक अमाल अपने पिता को चेक की फोटो भेजते हैं.

NATIONAL : लाइब्रेरी से घर लौट रही नाबालिग छात्रा को युवक ने मारी गोली, CCTV फुटेज आया सामने

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फरीदाबाद के बल्लभगढ़ की श्याम कॉलोनी में 17 वर्षीय छात्रा पर सिरफिरे युवक ने देसी कट्टे से गोली चला दी. युवती को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आरोपी वारदात के बाद हथियार फेंककर फरार हो गया. पुलिस ने मौके से कट्टा बरामद किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है. एफएसएल टीम ने जांच संभाली है.

फरीदाबाद के बल्लभगढ़ इलाके की श्याम कॉलोनी में सोमवार शाम उस वक्त दहशत फैल गई, जब एक युवक ने 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा पर देसी कट्टे से गोली चला दी. गोली लगने से छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि आरोपी वारदात के बाद हथियार मौके पर फेंककर फरार हो गया. घटना शाम करीब 5:30 बजे की है, जब युवती 100 फीट रोड स्थित एक लाइब्रेरी से पढ़ाई कर घर लौट रही थी.

जानकारी के मुताबिक, आरोपी युवक पहले से छात्रा को जानता था और लाइब्रेरी से ही उसका पीछा कर रहा था. जैसे ही युवती अपनी गली में पहुंची, आरोपी ने बिजली के खंभे के पास उसे रोकने की कोशिश की और जबरन बात करने लगा. जब छात्रा ने बात करने से मना किया तो युवक ने गुस्से में देसी कट्टा निकाल लिया और सीधे उस पर गोली चला दी.

गोली युवती के दाहिने कंधे पर लगी, जिससे वह वहीं गिर गई. युवक मौके पर ही कट्टा फेंक कर बाइक से भाग निकला. गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग गली में जमा हो गए. स्थानीय महिला दुकानदार ने जब लड़की को खून से लथपथ देखा तो तुरंत आसपास के लोगों की मदद से उसे निजी अस्पताल पहुंचाया. वहीं, पीड़ित लड़की ने बयान दिया है कि मैं लड़के को पहचानती हूं. वो काफी दिन से मुझे परेशान कर रहा था.

प्रत्यक्षदर्शी महिला ने बताया कि पहले तो आवाज टायर फटने जैसी लगी, लेकिन तुरंत बाद लड़की की चीख सुनाई दी. बाहर आकर देखा तो युवक भाग रहा था और लड़की जमीन पर पड़ी थी. उसके कंधे और चेहरे से खून बह रहा था. महिला ने बताया कि लड़की की सहेलियां उससे कुछ दूरी पर थीं और उन्होंने बताया कि युवक लाइब्रेरी से ही पीछा कर रहा था.

घायल छात्रा को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसकी हालत को स्थिर बताया. छात्रा 12वीं की छात्रा है और प्रतिदिन इसी रास्ते से लाइब्रेरी जाती थी. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. पुलिस ने गली से साक्ष्य जुटाए और देसी कट्टा बरामद किया

बल्लभगढ़ सिटी थाना प्रभारी शमशेर सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान की जा रही है. क्राइम ब्रांच की टीम उसकी तलाश में जुटी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा. फिलहाल युवती का इलाज निजी अस्पताल में जारी है और पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही है.

Guru Nanak Jayanti 2025: कल या परसों, कब है गुरु नानक जयंती? जानें गुरु पर्व का महत्व और इतिहास

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गुरु नानक जयंती, हर वर्ष कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है. इस दिन सभी गुरुद्वारों में खास लंगरों का आयोजन करवाया जाता है और सिक्ख धर्म के पहले गुरु, गुरु नानक देव को याद किया जाता है.

सिक्ख धर्म में गुरु नानक जयंती बहुत ही खास मानी जाती है. गुरु नानक जयंती को गुरुपर्व और गुरु नानक प्रकाश पर्व के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन गुरु नानक देव की जयंती के रूप में मनाया जाता है. वे सिख धर्म के संस्थापक और पहले सिख गुरु थे. यह पर्व सिख समुदाय के लिए बेहद आस्था और श्रद्धा का प्रतीक होता है. इस दिन देशभर के गुरुद्वारों में भव्य आयोजन किए जाते हैं, गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ होता है और श्रद्धालु लंगर सेवा में हिस्सा लेकर गुरु नानक देव के उपदेशों को याद करते हैं.

पंचांग के अनुसार, गुरु नानक देव की जयंती हर वर्ष अक्टूबर और नवंबर के बीच में आने वाली कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. साल 2025 में सिक्खों का यह खास दिन 5 नवंबर, बुधवार को मनाया जाएगा. इस साल गुरु नानक देव जी की 556वीं जयंती मनाई जाएगी.द्रिक पंचांग के अनुसार, वैसे तो गुरु नानक जयंती का दिन बहुत ही खास होता है. लेकिन इस बार पूर्णिमा तिथि का आरंभ 4 नवंबर को रात 10 बजकर 36 मिनट पर होगा और तिथि का समापन 5 नवंबर को शाम 6 बजकर 48 मिनट पर होगा.

गुरु नानक जयंती, जिसे गुरुपर्व के नाम से भी जाना जाता है, सिख धर्म का सबसे पवित्र और उल्लासपूर्ण पर्व है. यह दिन सिर्फ गुरु नानक देव जी के जन्मदिन का उत्सव नहीं है, बल्कि उनके जीवन दर्शन जैसे सत्य बोलना, सबके साथ समानता का व्यवहार करना और निःस्वार्थ सेवा करना को जीवन में अपनाने का अवसर भी है. इस पर्व की तैयारियां दो दिन पहले से ही शुरू हो जाती हैं. गुरुद्वारों में अखंड पाठ का आयोजन होता है, जो लगातार 48 घंटे तक चलता है. इस दौरान गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र शब्दों की गूंज हर दिशा में सुनाई देती है. पर्व से एक दिन पहले नगर कीर्तन निकाला जाता है. सिख श्रद्धालु झांकियां सजाते हैं, भजन-कीर्तन करते हुए गुरु नानक देव जी के उपदेशों को लोगों तक पहुंचाते हैं.

गुरुपर्व की सुबह प्रभात फेरी नाम की एक पवित्र यात्रा निकाली जाती है, उस दौरान सभी भक्तजन अरदास करते हुए कीर्तन गाते हैं और भक्ति में लीन हो जाते हैं. दिनभर लंगर सेवा चलती है, जहां हर जाति, वर्ग और धर्म के लोग एक साथ बैठकर भोजन करते हैं. यही इस पर्व का सबसे बड़ा संदेश है.

लंगर सिख धर्म की सबसे पवित्र और मानवीय परंपराओं में से एक है. इसकी शुरुआत 1500 के दशक में गुरु नानक देव जी ने की थी. उस समय जब समाज जाति, धर्म और ऊंच-नीच के बंधनों में बंटा हुआ था, तब गुरु नानक देव जी ने लंगर की परंपरा शुरू करके समाज को समानता और भाईचारे का सच्चा पाठ पढ़ाया था. इस परंपरा में हर व्यक्ति, चाहे वह किसी भी जाति या धर्म का हो जमीन पर एक साथ बैठकर भोजन करता है. आज भी दुनियाभर के गुरुद्वारों में रोजाना हजारों लोगों को बिना पैसों के लंगर कराया जाता है. यहां कोई भेदभाव नहीं होता, सबको एक जैसा स्नेह और आदर मिलता है.

PUNJAB : हरजिंदर सिंह धामी फिर से चुने गए SGPC के अध्यक्ष, 5वीं बार जीता चुनाव

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एसजीपीसी अध्यक्ष के चुनाव में हरजिंदर सिंह धामी को 117 वोट हासिल हुए. मिट्ठू सिंह काहनेके को 18 वोट जबकि एक वोट रद्द हो गया.

पंजाब में एसजीपीसी अध्यक्ष चुनाव में एक बार फिर से एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बाजी मार ली है. हरजिंदर पांचवीं बार एसजीपीसी के अध्यक्ष चुन लिए गए हैं. उन्होंने बागी ग्रुप के मिट्ठू सिंह काहनेके को हराया है. मिट्ठू सिंह को महज 18 वोट ही मिले.एसजीपीसी के मुख्य कार्यालय के तेजा सिंह समुंद्री हाल में हुए जनरल इजलास में एसजीपीसी अध्यक्ष के चुनाव में हरजिंदर सिंह धामी को 117 वोट हासिल हुए. मिट्ठू सिंह काहनेके को 18 वोट जबकि एक वोट रद्द हो गया.

वहीं जीत के बाद इस मौके एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह ने एसजीपीसी सदस्यों और पार्टी का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि उन सभी का आभार जिन्होंने मुझे दोबारा सेवा करने के योग्य समझा और मेरी कोशिश होगी कि इस सेवा को तनदेही से निभा सकूं.उन्होंने आगे कहा कि आज कुछ प्रस्ताव पास किए गए है, जिसमें मुख्य तौर पर बंदी सिखों की रिहाई के लिए मुहिम शुरू करना, पंजाब यूनिवर्सिटी के लिए जो मौजूदा स्थिति बनी हुई है उससे निपटना और करतारपुर कॉरिडोर दोबारा से खोलने के लिए केंद्र सरकार से राब्ता बनाना होगा.

वहीं हरजिंदर सिंह धामी के दोबारा अध्यक्ष चुने जाने पर अकाली दल के प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले अकाली दल के उम्मीदवार की बड़े अंतर से जीत से साबित होता है कि अकाली दल ही राजनीतिक और धार्मिक तौर पर सिखों की पहली पसंद है. उन्होंने कहा कि इस जीत के साथ अकाली दल का आम लोगों में वर्चस्व और ज्यादा बढ़ेगा और इसका असर तरन तारन के उप चुनाव में भी पड़ेगा.

एसजीपीसी के चुनाव पर उन्होंने ये भी कहा कि हमारे पास तो पहले से ही बहुमत है. हम तो चाहते हैं कि एसजीपीसी के चुनाव हों, लेकिन यह देश के गृह मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है. वह जब चाहे यह चुनाव करवा दें अकाली दल इसके लिए तैयार है.

ENTERTAINMENT : गोविंदा की भांजी आरती सिंह पर लुटाया मामी सुनीता ने प्यार, बोलीं – ‘वो सबके लिए खड़ी रहती हैं, अब जल्दी से मां भी बन जाए’

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गोविंदा पत्नी सुनीता आहूजा अपने बेबाक बयान के लिए जानी जाती हैं. किसी भी मुद्दे पर वो अपनी राय रखने से पीछे नहीं हटतीं, फिर चाहे वो किसी को बुरा लगे या भला. लेकिन, इस बार उनके तेवर बदले हुए दिखे.सुनीता आहूजा इन दिनों खूब लाइमलाइट बटोर रही हैं. आए दिन वो इंटरव्यू दे रही हैं, इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने अब तो अपना यूट्यूब चैनल भी शुरू कर लिया है.हाल ही में सुनीता को पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में देखा गया. इस दौरान उन्होंने गोविंदा के भांजे कृष्णा अभिषेक और भांजी आरती सिंह के संग अपने रिश्ते पर खुलकर बात की.

सुनीता ने पॉडकास्ट के दौरान नानी बनने की भी इच्छा जाहिर की. साथ ही आरती सिंह के पति की भी जमकर तारीफ की. चलिए इस आर्टिकल में जानते हैं उन्होंने क्या कहा. सुनीता ने कृष्णा अभिषेक और आरती सिंह संग झगड़े पर सफाई देते हुए कहा कि मेरा कोई झगड़ा नहीं है.ये दोनों मेरे बच्चे हैं, बहुत हो गया, अब लड़ने-झगड़ने की उम्र नहीं है.इस दौरान बात करते हुए सुनीता आहूजा ने कहा,’मैं चाहती हूं जल्दी-जल्दी आरती मम्मी बन जाए. उसका बेटा-बेटी जो भी हो, देखूं.मुझे बहुत खुशी हुई कि उसकी शादी हो गई.

वो घर आती है यश को राखी बांधने के लिए. बहुत अच्छी बच्ची है. सच में मुझे बहुत पसंद है. सबके लिए खड़ी रहती है वो. एक फोन पर.’सुनीता ने आगे कहा कि देखो उसको इतना अच्छा लड़का मिल गया. उसका स्वभाव बहुत अच्छा है. दो-तीन बार मिली हूं और आरती उसे डिजर्व करती है. उसके लिए मैं बहुत खुश हूं. आई लव यू आरती, आई लव यू कृष्णा.पारस छाबड़ा ने भी इस दौरान आरती की तारीफ की. उन्होंने कहा कि आरती बहुत ही स्वीट लड़की है, मेरी बहुत हेल्प की है. इतना ही नहीं बल्कि सबके लिए एक फोन पर वो खड़ी रहती है.

SHIMLA : सरकारी टीचरों की दरिंदगी, 8 साल के दलित छात्र को बेरहमी से पीटा, पैंट में डाला बिच्छू

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लगातार पिटाई के बाद बच्चे के कान से खून बहने लगा. इतना ही नहीं उसके कान का पर्दा भी क्षतिग्रस्त हो गया. आरोप है कि बच्चे को स्कूल से निकालने की धमकी भी दी गई.

शिमला के एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर सहित तीन शिक्षकों पर आठ साल के दलित लड़के को बार-बार पीटने और उसकी पैंट में बिच्छू डालने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने रविवार (2 नवंबर) को यह जानकारी दी. पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत में शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के खड़ापानी क्षेत्र में सरकारी प्राथमिक विद्यालय के पहली कक्षा के छात्र के पिता ने हेडमास्टर देवेंद्र और शिक्षकों बाबू राम व कृतिका ठाकुर पर आरोप लगाया है कि वे लगभग एक साल से उसके बेटे की पिटाई करते रहे हैं.

शिकायतकर्ता ने बताया कि लगातार पिटाई से बच्चे के कान से खून बहने लगा और उसके कान का पर्दा क्षतिग्रस्त हो गया. उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षकों ने उनके बेटे को स्कूल के शौचालय में ले जाकर उसकी पैंट में एक बिच्छू डाल दिया.

शिकायत के बाद, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना), 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 351(2) (आपराधिक धमकी), 3(5) (समान इरादे से आपराधिक कृत्य करना) और किशोर न्याय अधिनियम के तहत बच्चे के प्रति क्रूरता का मामला दर्ज किया है.

शिक्षकों के खिलाफ जांच के आदेश
शिक्षकों पर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत भी आरोप लगाए गए हैं. पुलिस ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश भेजा जा रहा है कि क्या जांच किसी राजपत्रित अधिकारी से कराई जाए.

पिता के अनुसार, शिक्षकों ने लड़के को यह कहकर धमकाया कि यदि उसने घर पर शिकायत की तो उसे गिरफ्तार करवा दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि 30 अक्टूबर को हेडमास्टर ने कथित तौर पर बच्चे को स्कूल से निकालने की धमकी दी थी.

पिता का कहना है कि, बच्चे से कहा गया था अगर मामला सार्वजनिक किया गया तो परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और उसे यह कहकर धमकाया कि ‘हम तुम्हें जला देंगे.’ लड़के के पिता को भी चेतावनी दी गई कि वह पुलिस में शिकायत दर्ज न कराए और न ही सोशल मीडिया पर घटना के बारे में पोस्ट करे अन्यथा उन्हें ‘अपनी जान से हाथ धोना पड़ेगा.’

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कृतिका ठाकुर के पति नीतीश ठाकुर पिछले एक साल से उनकी जगह पर अवैध रूप से स्कूल में छात्रों को पढ़ा रहे हैं. उन्होंने स्कूल के शिक्षकों पर जातिगत भेदभाव का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भोजन के दौरान नेपाली और हरिजन छात्रों को राजपूत छात्रों से अलग बैठाया जाता था.

ENTERTAINMENT : AI ‘महाभारत’ में बड़ा ब्लंडर, हस्तिनापुर में दिखा मॉडर्न फर्नीचर, पीछे पड़े ट्रोल्स

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जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रहे AI आधारित महाभारत शो ने दर्शकों का ध्यान खींचा है. लेकिन एक सीन में मॉर्डन फर्नीचर दिखने से विवाद पैदा हो गया है. यूजर्स ने सोशल मीडिया पर इस ब्लंडर को वायरल कर ट्रोल किया है.

माइथोलॉजिकल शोज का इंडियन ऑडियंस के बीच हमेशा से क्रेज देखा गया है. खासकर अगर उसका सब्जेक्ट रामायण या महाभारत की कहानी पर बेस्ड हो. आपको बीआर चोपड़ा की एपिक महाभारत और उसके दमदार किरदार अभी तक याद होंगे. इसके बाद कई मेकर्स ने महाभारत बनाई लेकिन कोई बीआर चोपड़ा के विजन के सामने नहीं टिक सका.

अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नए अंदाज की महाभारत दर्शकों को देखने को मिल रही है. बिना एक्टर्स और मैनपावर के बनी ये महाभारत AI की देन है.
जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रहे इस शो का नाम है, महाभारत- एक धर्मयुद्ध. इसे पूरी तरह AI यानी आर्टिफिशियल एंटेलीजेंस द्वारा बनाया गया है. शो के रिलीज होते ही नया विवाद खड़ा हो गया है. यूजर्स ने एक ब्लंडर को नोटिस किया है. जिसमें हस्तिनापुर में आज के दौर का मॉर्डन फर्नीचर रखा हुआ दिखा. शो का पहला एपिसोड 25 अक्टूबर को स्ट्रीम हुआ था. इसमें प्रिंस देवव्रत (जो बाद में भीष्म के नाम से जाने गए) के जन्म पर फोकस किया गया.

एक सीन में दिखाया जाता है मां गंगा नवजात बच्चे के साथ हस्तिनापुर पैलेस के कमरे में हैं. उस सदी के इंटीरियर से कमरे को मैच करने की पूरी कोशिश हुई. लेकिन एक जगह चूक हुई. बेड के बगल में एक साइड टेबल रखा है, जिसपर ड्रॉअर भी बनी हुई हैं. प्राचीनकाल के उस दौर में ये मॉर्डन फर्नीचर देखकर यूजर्स के होश उड़ गए हैं.

चंद सेकेंड के सीन को लोगों ने तुरंत नोटिस किया और स्क्रीनशॉट लेकर इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है. शख्स ने लिखा- अब सीन में बस वायरलेस चार्जर की जरूरत है. किसी ने लिखा- बेडसाइड टेबल देखकर मेरी हंसी नहीं रुक रही है. एक शख्स के मुताबिक, एक सीन में दीवार पर टंगी फोटो में शख्स ने सूट पहना हुआ था. यूजर्स ने

शो के बजट के बारे में भी सवाल पूछे हैं. कई यूजर्स का कहना है ये शो एक मजाक है, जिसे एक बार फन के लिए देखा जाना चाहिए. किसी का कहना है कि महाभारत के आइकॉनिक करैक्टर्स को AI वर्जन में देखकर दुख हो रहा है. अभी शो के 2 ही एपिसोड ऑनएयर हुए हैं. इंटरनेट पर शो को मिस्क्ड रिस्पॉन्स मिल रहा है. जहां एक तरफ फिल्ममेकिंग में एआई तकनीक का इस्तेमाल ना करने की बात हो रही है. वैसे महाभारत जैसे प्रोजेक्ट को AI वर्जन में लाकर मेकर्स ने बड़ा एक्सपेरिमेंट किया है. देखते हैं उनका ये रिस्क कितना फायदेमंद साबित होता है.

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