Thursday, April 30, 2026
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NATIONAL : सरकारी आवास में प्रेमिका के साथ सोए थे CO, दीवार फांदकर पहुंची पत्नी ने रंगे हाथ पकड़ा, फिर घर में कर दिया लॉक

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गढ़वा के सीओ अपनी प्रेमिका के साथ सरकारी आवास पर सो रहे थे. इसकी जानकारी जैसे ही पत्नी को लगी वह चुपके से पहुंच गई और रंगे हाथ पकड़ लिया. जिसके बाद पत्नी ने दोनों को घर के अंदर ही बंद कर दिया.

झारखंड के गढ़वा जिले के माझीयाओ अंचल के सीओ को उनकी पत्नी ने सरकार आवास में प्रेमिका के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया था. जिससे उनकी पत्नी आक्रोशित हो गई और उन्हें घर के अंदर कैद कर लिया. घर से बाहर निकलने के लिए सीओ रिक्वेस्ट करते रहे, लेकिन पत्नी ने दरवाजा नहीं खोला. जिसके बाद सीओ खुद छत से कूद गए और हंगामा करने लगे. वहीं, सूचना पर बड़े अधिकारी और पुलिसकर्मी भी आ गए. जिसके बाद सीओ की प्रेमिका को पुलिस के हवाले कर दिया गया.

दरअसल गढ़वा जिले के माझीयाओ अंचल के सीओ प्रमोद कुमार अपनी प्रेमिका के साथ एक ही रूम में सोए हुए थे. जिसकी सूचना उनकी पत्नी डॉ. श्यामा रानी को लगी तो वह सुबह 4 बजे सरकारी आवास पहुंच गईं. इसके बाद वह दीवार फांदकर चुपके से अंदर गईं तो सीओ प्रेमिका के साथ सोए हुए थे. इस पर पत्नी ने तुरंत बाहर से दरवाजा बंद कर दिया.

इस पर सीओ दरवाजा खोलने के लिए कहते रहे, लेकिन पत्नी ने दरवाजा नहीं खोला. मामला सरकारी आवास का था तो सूचना लगते ही पुलिस के बड़े-बड़े अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए. लेकिन पत्नी के आगे किसी की नहीं चली. अंत में थक-हारकर सीओ साहब छत से कूद गए और हंगामा करने लगे.

इसी बीच माझीयाओ पुलिस भी सीओ आवास पहुंच गई. जिसके बाद पुलिस ने प्रेमिका को हिरासत में ले लिया. सीओ की पत्नी ने कहा की मुझे बहुत पहले से शक था. लेकिन आज रंगे हाथ पकड़ भी लिया. अब हम कानून का सहारा लेंगे. आपको बता दें कि सीओ की पत्नी बिहार के पूर्व सांसद श्रीराम मांझी की बेटी हैं.

NATIONAL : चेन्नई में लहरों ने ली जान, समुद्र से बरामद की गईं चार महिलाओं की लाश

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चेन्नई के एन्नोर बीच पर शुक्रवार को चार महिलाओं की डूबने से मौत हो गई. मृतकों में एक श्रीलंकाई शरणार्थी शिविर की निवासी भी शामिल थी. सभी महिलाएं गुम्मिडीपुंडी के एक कपड़ा स्टोर में काम करती थीं और छुट्टी के दिन समुद्र किनारे घूमने पहुंची थीं. बड़ी लहर में बहकर चारों की मौत हो गई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

चेन्नई के एन्नोर समुद्र तट पर शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में चार महिलाओं की मौत हो गई. मृतकों में एक श्रीलंकाई शरणार्थी शिविर की निवासी भी शामिल है. सभी महिलाएं एक निजी कपड़ा दुकान में काम करती थीं और छुट्टी के दिन समुद्र तट पर घूमने गई थीं लेकिन यह सैर उनके लिए आखिरी साबित हुई.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक मृतकों की पहचान शालिनी (17), गायत्री (18), भवानी (19) और देवकी (30) के रूप में हुई है. चारों महिलाएं गुम्मिडीपुंडी क्षेत्र के एक निजी कपड़ा स्टोर में कार्यरत थीं.

शुक्रवार को वो एन्नोर के एक सुनसान बीच क्षेत्र में समय बिताने पहुंचीं. वहां खेलते समय अचानक एक विशाल लहर आई और शालिनी को समुद्र में खींच ले गई. शालिनी को बचाने के लिए जब गायत्री, भवानी और देवकी ने पानी में छलांग लगाई, तो वो तीनों भी लहरों की चपेट में आ गईं और डूब गईं.स्थानीय मछुआरों और रेस्क्यू टीम की मदद से चारों शवों को बाद में समुद्र से बाहर निकाला गया. शवों को पोस्टमार्टम के लिए स्टैनली गवर्नमेंट हॉस्पिटल भेज दिया गया है. पुलिस ने बताया कि मृतकों में देवकी श्रीलंकाई शरणार्थी शिविर की निवासी थी, जो कुछ सालों से भारत में रह रही थी.

एन्नोर पुलिस ने इस घटना पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में पता चला है कि महिलाएं बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था या निगरानी के बीच पर गई थीं. पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि क्या समुद्र तट पर चेतावनी संकेत मौजूद थे या नहीं.इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है. गुम्मिडीपुंडी के कपड़ा स्टोर के मालिक और सहकर्मी भी स्तब्ध हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वो समुद्र तटों पर सावधानी बरतें और खतरनाक इलाकों से दूर रहें.

MP : बेटे की सगाई से पहले समधी संग फरार हुई समधन, लव स्टोरी सुनकर पुलिस भी हैरान

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मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर में 45 वर्षीय महिला अपने 50 वर्षीय प्रेमी के साथ घर से फरार हो गई. परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने महिला को आठ दिन बाद खोज निकाला. जांच में पता चला कि महिला का प्रेमी उसका होने वाला समधी था. मामला व्यक्तिगत मानते हुए पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.

साल 1981 में आई फिल्म प्रेमगीत का मशहूर गाना ‘न उम्र की सीमा हो, न जन्म का हो बंधन…’ मानो मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर में सच हो गया. यहां 45 वर्षीय विवाहित महिला को 50 साल के पुरुष से प्रेम हो गया. जब प्रेम अपने चरम पर पहुंचा, तो दोनों समाज और रिश्तों की परवाह किए बिना घर से फरार हो गए. इस फिल्मी किस्से का खुलासा तब हुआ जब बड़नगर थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर महिला को ढूंढ निकाला.

दरअसल, यह चौंकाने वाला मामला बड़नगर के ग्राम ऊंटवासा का है. गांव की 45 वर्षीय महिला बीते आठ दिनों से लापता थी. परिजन और रिश्तेदार उसे हर जगह ढूंढते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. आखिरकार, महिला के परिवार ने बड़नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. रिपोर्ट मिलते ही पुलिस ने तलाशी शुरू की और गुरुवार को महिला को सकुशल बरामद कर लिया.

जब पुलिस ने महिला से पूछताछ की, तो उसके जवाब सुनकर अधिकारी भी हैरान रह गए. महिला ने साफ कहा कि वह अब अपने पति और बच्चों के पास नहीं लौटना चाहती, बल्कि अपने प्रेमी के साथ ही रहना चाहती है. जांच में पता चला कि महिला का प्रेमी उज्जैन के पास स्थित चिकती गांव का रहने वाला है.

पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया कि यह प्रेम कहानी सिर्फ उम्र नहीं, बल्कि रिश्तों की मर्यादा भी लांघ गई थी. दरअसल, जिस पुरुष के साथ महिला गई थी, वही उसका होने वाला समधी था. महिला के बेटे की सगाई उस पुरुष की बेटी से तय हो रही थी, लेकिन सगाई से पहले ही दोनों के बीच प्रेम परवान चढ़ गया और उन्होंने साथ रहने का फैसला कर लिया.

बड़नगर थाना प्रभारी अशोक पाटीदार ने बताया कि महिला विवाहित है और उसके दो जवान बच्चे हैं. गुमशुदगी की रिपोर्ट मिलने के बाद दोनों को खोज निकाला गया. जांच में यह मामला निजी संबंधों से जुड़ा पाया गया, इसलिए पुलिस ने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की. फिलहाल महिला के परिवार को उसके मिलने की जानकारी दे दी गई है.

ENTERTAINMENT : शाहरुख खान ने मनाया 60वां जन्मदिन, ‘मन्नत’ के बाहर पहुंचे फैंस, एक झलक पाने के लिए दिखे बेताब

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‘किंग खान’ शाहरुख खान के जन्मदिन पर फैंस उनके घर ‘मन्नत’ के बाहर हजारों की संख्या में पहुंचे. वहां उन्होंने सुपरस्टार को बर्थडे विश किया. लेकिन शाहरुख की एक झलक पाने के लिए सभी बेताब दिखे.बॉलीवुड के ‘किंग खान’ यानी शाहरुख खान आज अपना 60वां ‘जुबली’ जन्मदिन मना रहे हैं. हर साल की तरह ये दिन भी उनके करोड़ों फैंस के लिए किसी त्योहार से कम नहीं होता. लेकिन इस बार का जश्न, शाहरुख के फैंस के लिए थोड़ा मायूसी से भरा रहा.

दरअसल, किंग खान की एक झलक पाने की चाहत में, उनके बांद्रा स्थित बंगले ‘मन्नत’ के बाहर फैंस का हुजूम उमड़ पड़ा. लेकिन इस बार का नजारा वैसा नहीं दिखा जैसा हर बार देखने मिलता था. इस बार फैंस तो थे, लेकिन शाहरुख अपनी बालकनी में नहीं आए. गौरतलब हो कि शाहरुख के घर ‘मन्नत’ में कंस्ट्रक्शन जारी है. इस साल सुपरस्टार ने अपना जन्मदिन अलीबाग में अपने फार्महाउस पर मनाया है.

भीड़ की अधिकता और ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए, मुंबई पुलिस ने इस बार सख्त रवैया अपनाया. किसी भी फैन को ‘मन्नत’ के गेट के पास खड़े रहने की इजाजत नहीं दी गई. जैसे ही फैंस इकट्ठा होने लगे, पुलिस ने उन्हें वहां से तुरंत हटाना शुरू कर दिया. तस्वीरों में आप देख सकते हैं, अपने फेवरेट हीरो का जन्मदिन मनाने के लिए फैंस किस कदर सड़कों पर उतर आए थे.

हर तरफ बस एक ही गूंज थी— ‘हैप्पी बर्थडे शाहरुख!’. कुछ फैंस तो जोश में फिल्मी अंदाज में ‘बार बार दिन ये आये…’ गाना गाकर अपने ‘बादशाह’ के लिए अपनी मुहब्बत का इजहार कर रहे थे. एक तरफ, जहां फैंस का सैलाब अपने चरम पर था. वहीं दूसरी तरफ, पुलिस की सख्ती ने उन्हें थोड़ा मायूस भी कर दिया.

60 साल के हुए शाहरुख खान आज देश-विदेश में मौजूद हजारों फैंस के दिलों पर राज करते हैं. दिल्ली से मुंबई आए इस एक्टर ने छोटे पर्दे के सीरियल ‘सर्कस’ से पॉपुलैरिटी पाई और फिर 1992 में फिल्म ‘दीवाना’ से बॉलीवुड में कदम रखा. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. ‘डर’ और ‘बाजीगर’ में नेगेटिव रोल से लेकर रोमांस के ‘किंग’ बनने तक, उनका सफर किसी ड्रीम स्टोरी से कम नहीं है.

उन्होंने बॉलीवुड को ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘दिल तो पागल है’, ‘करण-अर्जुन’ जैसी सदाबहार रोमांटिक फिल्में दीं, और हाल ही में ‘पठान’ और ‘जवान’ से साबित कर दिया कि वो आज भी एक्शन के ‘बादशाह’ हैं. आज, उनके इस खास जन्मदिन पर, हम भी किंग खान को ढेर सारी शुभकामनाएं देते हैं— ‘हैप्पी बर्थडे शाहरुख!’.

KANPUR : पत्नी को सरप्राइज देना चाहता था पानवाला… सालभर में जोड़े 1 लाख के सिक्के, ज्वेलर ने बिना गिने थमा दी सोने की चेन

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कानपुर से एक दिल छू लेने वाली कहानी सामने आई है. यहां एक पान बेचने वाले युवक ने अपनी पत्नी को सरप्राइज देने के लिए पूरे एक साल तक 20 रुपये के सिक्के जमा कर एक लाख रुपये की रकम जुटाई. पत्नी को सोने की चेन गिफ्ट करने के लिए वह झोले में भरकर सिक्के लेकर ज्वेलर्स की दुकान पर पहुंचा. उसकी बात सुनकर दुकानदार का दिल भी पिघल गया.

यूपी के कानपुर शहर में एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने लोगों का दिल छू लिया. यहां एक 22 साल का पान बेचने वाला युवक अपनी पत्नी को सरप्राइज गिफ्ट देना चाहता था. इसके लिए उसने एक साल तक मेहनत कर 20 रुपये के सिक्के जमा किए और पूरे 1 लाख रुपये कर लिए. ये सिक्के लेकर ज्वेलर्स की दुकान पर पहुंच गया. युवक का सपना था कि वह अपनी पत्नी को सोने की चेन गिफ्ट करे. हालांकि उसकी पत्नी ने कभी इसकी डिमांड नहीं की, लेकिन वह पत्नी के दिल की ख्वाहिश को समझता था.

कानपुर के एचएएल चौराहे पर पान की दुकान चलाने वाले अभिषेक यादव की शादी एक साल पहले हुई थी. छोटी सी दुकान से घर का खर्च चलाना ही मुश्किल था, ऐसे में पत्नी कभी कोई मांग नहीं करती थी. लेकिन उसके मन में एक सोने की चेन की इच्छा थी, जिसे अभिषेक ने महसूस कर लिया.

पत्नी को सरप्राइज गिफ्ट देने की चाह में अभिषेक ने अपनी दुकान पर आने वाले 20 रुपये के सिक्कों को जमा करना शुरू किया. धीरे-धीरे उसने एक साल में 1 लाख रुपये के सिक्के इकट्ठा कर लिए.इसके बाद अभिषेक 20-20 के सिक्के एक झोले में भरकर अहिरवां इलाके के सर्राफा कारोबारी महेश वर्मा की दुकान पर पहुंचा. उसने ज्वेलर्स की टेबल पर सिक्के लाइन से रखकर कहा- भैया, मुझे पत्नी को सरप्राइज गिफ्ट में सोने की चेन देनी है, ये एक साल में जुटाए हुए 1 लाख के सिक्के हैं. कृपया ले लीजिए.

शुरुआत में महेश वर्मा ने इतने सिक्के लेने से इनकार कर दिया और कहा कि बैंक भी इतनी बड़ी मात्रा में सिक्के नहीं लेता. लेकिन जब अभिषेक ने हाथ जोड़कर अपनी भावनाएं बताईं, तो ज्वेलर भावुक हो गया.

अभिषेक ने कहा कि मुझे अपनी पत्नी को सरप्राइज देना है. कभी उसने कुछ कहा नहीं और सोने की चेन चाहती है, लेकिन मेरी छोटी सी पान की दुकान देखकर वह डिमांड नहीं करती. यह सिक्के मैंने एक लाख के 1 साल में इकट्ठे किए हैं. इस पर ज्वेलर्स महेश वर्मा ने पत्नी के प्रति उसका लगाव देखकर सिक्के लेकर सोने की चेन दे दी.

अभिषेक दिवाली से पहले करवा चौथ पर पत्नी को सोने की चेन गिफ्ट करना चाहता था. लेकिन सोना एक लाख के पार पहुंच गया तो उसका हौसला टूट गया. फिर भी वह सिक्के इकट्ठा करना जारी किए था. इधर उसके पास जब एक लाख के सिक्के हो गए तो उसने सबको झोले में भरा और दुकान पर पहुंच गया.

NATIONAL : प्रेग्नेंट करने का ऑफर, महिला का वीडियो और दिलकश बातें… ठगों की नई जेनरेशन की चौंका देने वाली कहानी

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सोचिए… मोबाइल की स्क्रीन पर एक मैसेज चमकता है – ‘क्या आप मुझे प्रेग्नेंट कर सकते हैं? अच्छा इनाम मिलेगा…’ साथ में भेजा गया एक महिला का वीडियो, दिल छू जाने वाली बातें और भरोसा जगाने वाला अंदाज. यही मैसेज बना पुणे के एक कॉन्ट्रैक्टर की जिंदगी का सबसे बड़ा जाल.

जिस ‘ऑफर’ को पुणे का एक कॉन्ट्रैक्टर किस्मत का तोहफा समझ बैठा, वो दरअसल ठगों की नई जेनरेशन का ऐसा हथियार निकला, जो इंसान के दिमाग और दिल दोनों को निशाना बनाता है. चाहत, लालच, भरोसा और शर्म- इन सबको जोड़कर बुनी गई इस साइबर ठगी ने न सिर्फ उससे 11 लाख ठग लिए, बल्कि यह सच भी सामने लाया कि तकनीक के इस दौर में अपराध अब सिर्फ जेब नहीं, बल्कि इमोशन्स को भी हैक करने लगा है.

दुनिया डिजिटल हो चली है, और इसी डिजिटल दुनिया में एक नई तरह की ठगी ने जन्म लिया है- न शर्म, न डर, बस लालच, झूठ और टेक्नॉलजी का घातक कॉम्बिनेशन. कहानी है पुणे के एक ठेकेदार की, एक आदमी, जिसकी जिंदगी सोशल मीडिया स्क्रोल करते-करते अचानक एक ऐसे मोड़ पर आ पहुंचती है, जहां सबकुछ बदल जाता है.

एक दिन उसने इंटरनेट पर एक अनोखा ऐड देखा- Looking for a man who can make me pregnant. यानी, कोई ऐसा पुरुष चाहिए, जो मुझे प्रेग्नेंट कर सके, बदले में इनाम मिलेगा. ऐसा ऑफर जिसे देखकर इंसान या तो हंस दे, या जिज्ञासा में क्लिक कर दे. उसने दूसरी राह चुनी. पहले-पहले सबकुछ असली लगा. उसके फोन पर एक वीडियो आया- एक महिला का. चेहरे पर मासूमियत, आवाज में भरोसा, और बातों में दर्द की कहानी. उसने कहा कि वह बच्चा चाहती है, लेकिन समाज और हालात उसे इजाजत नहीं देते. भावनाओं का ऐसा जाल बुना गया कि सामने वाला संदेह करना छोड़ दे.

और यहीं से एक्ट 2 शुरू होता है- ठगी का पर्दा उठता है. महिला के मैसेज के बाद कुछ नए नंबरों से कॉल आने लगे. बताया गया कि यह एक सीक्रेट सर्विस है, जिसे प्रेग्नेंट जॉब या प्लेबॉय सर्विस कहा जाता है. अगर वह इस काम के लिए तैयार हो, तो उसे 5 लाख से लेकर 25 लाख तक का भुगतान मिलेगा! बस पहले कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी.

और औपचारिकताएं? वो थीं- पैसा. रजिस्ट्रेशन फीस, मेंबरशिप फीस, Confidentiality शुल्क, मेडिकल जांच शुल्क, प्रोसेसिंग चार्ज. इसी के साथ हर बार नया बहाना तैयार, और हर बार नई रकम की मांग. उधर ठेकेदार के दिमाग में घूम रही थी वही महिला की आवाज, उसके शब्द- बस थोड़ा सहयोग कीजिए, बाकी सब हमारा सिस्टम संभाल लेगा. लोगों को ठगने वाली यह नई ‘क्लास’ सिर्फ पैसे नहीं लेती, बल्कि आदमी की इमोशंस को भी हैक कर लेती है.

कुछ दिनों में उसने करीब 11 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए. यह रकम किसी एक झटके में नहीं गई. भरोसे के जरिए धीरे-धीरे वसूली गई. हर भुगतान के बाद उसे कहा गया, बस ये आखिरी स्टेप है, फिर पैसा आपके अकाउंट में. लेकिन आखिरी स्टेप कभी आया ही नहीं.

इसके बाद सारे नंबर बंद हो गए, लिंक गायब हो गए और वह महिला फिर कभी ऑनलाइन नहीं आई… तब उसे एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार बना है. यह सिर्फ एक ‘लव स्कैम’ नहीं, एक ऑर्गनाइज़्ड इंडस्ट्री है. यह कोई छोटी-मोटी ठगी नहीं, बल्कि पूरे देश में फैला एक साइबर गैंग है. बिहार के नवादा जिले से शुरू हुई यह ‘प्रेग्नेंट जॉब सर्विस’ धीरे-धीरे महाराष्ट्र, यूपी, एमपी, गुजरात, राजस्थान तक फैल चुकी है.

TECHNOLOGY : क्या आप भी रातभर मोबाइल चार्जिंग पर छोड़ देते हैं? नुकसान जान लेंगे तो कभी नहीं करेंगे ये गलती!

आजकल ज्यादातर लोग रात को सोने से पहले अपना फोन चार्ज पर लगाकर आराम से सो जाते हैं ताकि सुबह उठते ही 100% बैटरी मिले. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत आपके स्मार्टफोन की बैटरी और सुरक्षा दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है? अगर आप भी ऐसा करते हैं तो यह छोटी सी लापरवाही आपके फोन की उम्र कम कर सकती है और कभी-कभी जानलेवा हादसे का कारण भी बन सकती है. आइए जानते हैं क्यों रातभर फोन चार्जिंग पर छोड़ना नुकसानदायक है.

लगातार चार्जिंग से बैटरी पर पड़ता है दबाव

हर स्मार्टफोन की बैटरी लिथियम-आयन या लिथियम-पॉलिमर तकनीक पर बनी होती है. जब फोन 100% चार्ज हो जाता है और फिर भी प्लग इन रहता है तो बैटरी के अंदर ओवरचार्जिंग स्ट्रेस पैदा होता है. इससे उसकी चार्ज साइकल लाइफ घटती है यानी बैटरी पहले की तुलना में जल्दी कमजोर होने लगती है. समय के साथ बैटरी चार्ज कम पकड़ती है और फोन जल्दी डिस्चार्ज होने लगता है.ज्यादा गर्मी से हो सकता है खतरा

फोन को पूरी रात चार्ज पर लगाकर छोड़ने से हीट जनरेशन बढ़ती है. लंबे समय तक यह गर्मी न सिर्फ बैटरी बल्कि पूरे फोन के इंटरनल सर्किट को नुकसान पहुंचा सकती है. कई मामलों में, फोन का ओवरहीट होना आग लगने या ब्लास्ट जैसी घटनाओं की वजह भी बन सकता है खासकर तब जब आप सस्ते या लोकल चार्जर का इस्तेमाल करते हैं.

पावर फ्लक्चुएशन से हो सकता है बड़ा नुकसान

अगर रात के समय बिजली का वोल्टेज अचानक बढ़ या घट जाता है तो इससे फोन का चार्जिंग पोर्ट, बैटरी, या मदरबोर्ड खराब हो सकता है. क्योंकि सोते समय आप निगरानी नहीं रख सकते, इसलिए यह जोखिम और भी ज्यादा बढ़ जाता है.

चार्जिंग का सही तरीका क्या है?

फोन को बार-बार 100% चार्ज करने की जरूरत नहीं है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मोबाइल को 20% से 80% के बीच चार्ज रखना सबसे सही माना जाता है. इससे बैटरी पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता और उसकी लाइफ बढ़ती है. अगर आपको रात में चार्ज करना ही है तो ऐसे स्मार्ट चार्जिंग फीचर वाले फोन या चार्जर का इस्तेमाल करें जो बैटरी 100% होने पर चार्जिंग अपने आप रोक देते हैं.

ध्यान रखें ये सावधानियां

रातभर फोन चार्जिंग पर लगाने की आदत छोड़ दें और दिन में चार्ज करें.

हमेशा ओरिजिनल चार्जर और केबल का ही इस्तेमाल करें.

फोन को तकिए के नीचे या कंबल के अंदर चार्ज पर कभी न रखें.

अगर फोन ज्यादा गर्म हो रहा है, तो तुरंत चार्जिंग बंद कर दें.

BUSINESS : नवंबर में पूरे 11 दिन बैंक रहेंगे बंद, 3 दिन लगातार मिलेगी छुट्टी; देखें पूरी हॉलिडे लिस्ट

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दशहरा, धनतेरस, दिवाली की छुट्टियां खत्म हो चुकी है, अक्टूबर का महीना भी बीत चुका है. अब नवंबर की बारी है. इस महीने टोटल 11 दिन बैंक बंद रहेंगे, जिनमें रविवार, दूसरे और चौथे शनिवार की छुट्टियां भी शामिल हैं. ऐसे में अगर आप इस महीने बैंक से संबंधित किसी जरूरी काम को निपटाने का सोच रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि बैंक किस-किस दिन बंद रहेंगे. 

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कैलेंडर के मुताबिक, नवंबर में कई जगह बैंक त्योहारों की वजह से बंद रहेंगे. इन्हें छोड़कर बाकी सभी राज्यों में सामान्य रूप से कामकाज होता रहा है. हालांकि, बैंक ब्रांच बंद रहने के बावजूद ग्राहक नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई (UPI) और ATM जैसी डिजिटल सर्विसेज की मदद से पैसों का लेनदेन, बिल पेमेंट, बैलेंस चेक वगैरह कर पाएंगे. आइए नवंबर बैंक हॉलिडे लिस्ट पर एक नजर डालते हैं-

1 नवंबर – कन्नड़ राज्य उत्सव (Kannada Rajyotsava) के मौके पर कर्नाटक में सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक बंद रहेंगे. 1956 में इसी दिन दक्षिण भारत के सभी कन्नड़-भाषी क्षेत्रों को मिलाकर कर्नाटक राज्य का गठन किया गया था. इस दिन देहरादून में भी सभी बैंक बंद रहेंगे क्योंकि यहां इगास-बग्वाल मनाया जाएगा, जिसे बूढ़ी दीपावली भी कहा जाता है. 

5 नवंबर – इस दिन बैंक आइजोल, बेलापुर, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, देहरादून, हैदराबाद, ईटानगर, जयपुर, जम्मू, कानपुर, कोहिमा, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, रायपुर, रांची, शिमला और श्रीनगर में गुरु नानक जयंती, कार्तिक पूर्णिमा और रहस पूर्णिमा जैसे त्योहारों के चलते बंद रहेंगे. 

6 नवंबर – नोंगक्रेम नृत्य के अवसर पर इस दिन शिलॉन्ग में बैंक बंद रहेंगे.

7 नवंबर – वांगला उत्सव के उपलक्ष्य में इस दिन भी शिलॉन्ग में सभी बैंक बंद रहेंगे.

8 नवंबर – बेंगलुरु में कनकदास जयंती के मौके पर बैंक बंद रहेंगे. यह दिन कवि और समाज सुधारक श्री कनकदास के लिए समर्पित है. 

11 नवंबर- सिक्किम में ल्हाबाब दुचेन के चलते बैंक में छुट्टी रहेगी. यह बौद्ध धर्म का एक खास दिन है.

नवंबर में वीकली ऑफ 

2 नवंबर (रविवार), 8 नवंबर (दूसरा शनिवार), 9 नवंबर (रविवार) को देशभर में सभी जगह बैंक बंद रहेंगे. 

16 नवंबर (रविवार), 22 नवंबर (चौथा शनिवार) को भी बैंकों की छुट्टियां रहेंगी. 

23 नवंबर (रविवार) और 30 नवंबर (रविवार)

NATIONAL : ‘यूपी जाएं बिहार में बुलडोजर की जरूरत नहीं’, RJD नेता मीसा भारती का CM योगी पर हमला

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बिहार में चुनावी माहौल गर्माता जा रहा है और नेताओं के बयान अब और तीखे हो चले हैं. शनिवार (1 नवंबर) को हाजीपुर में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद मीसा भारती ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और एनडीए गठबंधन पर जमकर निशाना साधा.

राजद नेता मीसा भारती ने योगी आदित्यनाथ की बिहार में हुई जनसभा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि योगी जी का बिहार में कोई काम नहीं है. उन्हें उत्तर प्रदेश जाना चाहिए और वहीं जाकर अपना बुलडोजर चलाना चाहिए. बिहार में बुलडोजर चलाने वाले नेताओं की कोई जरूरत नहीं है, यहां के लोग शांति और भाईचारे में विश्वास रखते हैं.

जनता को बहकाने के लिए किए जा रहे नए वादे- मीसा भारती
मीसा भारती ने कहा कि बिहार की जनता अब जाग चुकी है और जो नेता डर और दमन की राजनीति करना चाहते हैं, उन्हें इस बार करारा जवाब देगी. मीसा ने यह भी जोड़ा कि बिहार में अब बुलडोजर नहीं, बल्कि रोजगार और शिक्षा की बात होगी. एनडीए की चुनावी घोषणाओं पर सवाल उठाते हुए मीसा भारती ने कहा कि बीस साल बाद इन्हें याद आया कि केजी से पीजी तक की पढ़ाई फ्री होनी चाहिए. जब इनके पास मौका था, तब बच्चों का भविष्य बर्बाद किया. आज जब चुनाव सामने है, तब जनता को बहकाने के लिए नए वादे किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब वादों पर नहीं, काम पर भरोसा करेगी.

पहली बार मल्लाह समाज का बेटा बनेगा उपमुख्यमंत्री- मीसा
मीसा भारती ने आगे कहा कि इस बार बिहार की जनता बदलाव के मूड में है. उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि अब बिहार में युवाओं की सरकार बनेगी, तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे और महागठबंधन सत्ता में वापसी करेगा. उन्होंने इस मौके पर वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी का भी जिक्र करते हुए कहा कि बिहार के इतिहास में पहली बार किसी मल्लाह समाज के बेटे को उपमुख्यमंत्री बनने का अवसर मिल रहा है. यह सामाजिक न्याय और समान अवसरों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है.

अब जाति नहीं, रोजगार और शिक्षा की होगी राजनीति- मीसा
मीसा भारती ने महागठबंधन के नेताओं से एकजुटता की अपील करते हुए कहा कि बिहार में अब जाति नहीं, रोजगार और शिक्षा की राजनीति होगी. उन्होंने जनता से महागठबंधन को वोट देने की अपील करते हुए कहा कि इस बार बिहार की राजनीति एक नई दिशा लेगी. जहां न बुलडोजर चलेगा न भय की राजनीति होगी, बल्कि युवाओं का सपना और गरीबों की आवाज शासन करेगी.

NATIONAL : नीतीश कुमार को बोलने नहीं देना बिहार का अपमान’, NDA के घोषणा पत्र पर अशोक गहलोत का तंज

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कांग्रेस ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा चुनावों के लिए सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का घोषणापत्र जारी करने के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बोलने का मौका नहीं दिए जाने को ‘‘बिहार और बिहारियों का अपमान’’ करार दिया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने यहां संवाददाताओं से कहा कि राजग के घोषणापत्र जारी करने का कार्यक्रम केवल 26 सेकंड चला, क्योंकि नेताओं को पिछले 20 वर्षों के शासन को लेकर पत्रकारों के सवालों का सामना करने का डर था.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, जीतन राम मांझी, चिराग पासवान और अन्य सहयोगी दलों के नेता घोषणापत्र जारी कर तुरंत मंच से उतर गए. केवल उपमुख्यमंत्री वहीं रुके और पत्रकारों के कुछ सवालों का जवाब दिया.

नीतीश को नहीं बोलने अनुमति

गहलोत ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को घोषणापत्र पर बोलने की अनुमति नहीं दी गई. उन्होंने सवाल किया कि क्या वे इस स्थिति में नहीं हैं कि घोषणापत्र पर कुछ बोल सकें? उन्होंने कहा कि मंच से यह घोषणा की गई कि नेताओं को चुनावी कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए तुरंत निकलना है.

बिहारियों का बताया अपमान

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने भी कहा कि नीतीश कुमार को घोषणापत्र पर बोलने नहीं दिया गया. यह बिहार और बिहारवासियों के प्रति अनादर है.

एनडीए ने लगाईं वादों की झड़ी

राजग के घोषणापत्र में एक करोड़ युवाओं को रोजगार, एक करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने, चार और शहरों में मेट्रो सेवा शुरू करने, सात अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों, सात एक्सप्रेसवे, 10 औद्योगिक पार्क, केजी से पीजी तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे अनुसूचित जाति छात्रों को प्रति माह 2,000 रुपए की सहायता राशि देने का वादा किया गया है.

कांग्रेस ने बताया झूठ का पुलिंदा

अशोक गहलोत ने कहा कि राजग का घोषणापत्र झूठ का पुलिंदा है. हम इसे अपनी जनसभाओं में मुद्दा बनाएंगे और पिछले 20 साल के शासन का रिपोर्ट कार्ड मांगेंगे. उन्हें प्रेस कांफ्रेंस की शुरुआत ही अपने रिपोर्ट कार्ड से करनी चाहिए थी.

राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी घोषणापत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह राजग का ‘जुमला पत्र’ है. दरअसल, इसे ‘सॉरी पत्र’ कहा जाना चाहिए क्योंकि इन 20 वर्षों में उन्होंने जनता के लिए कुछ नहीं किया. उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि उनके पास वादा करने के लिए कुछ नहीं बचा था, इसलिए यह कार्यक्रम केवल 30 सेकंड चला.

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