Friday, May 1, 2026
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Halloween 2025: गरुड़ पुराण से हैलोवीन तक, धार्मिक नजरिए से समझिए आत्माओं की यात्रा

पश्चिमी देशों में 31 अक्टूबर को हैलोवीन मनाया जाता है. यह आत्मा, रहस्यमय शक्ति और मृत्यु के भय से जुड़ा पर्व है. लेकिन हैलोवीन की मूल भावना सनातन धर्म के गरुड़ पुराण से काफी मिलती है. पश्चिमी देशों में 31 अक्टूबर को हैलोवीन मनाया जाता है. यह आत्मा, रहस्यमय शक्ति और मृत्यु के भय से जुड़ा पर्व है. लेकिन हैलोवीन की मूल भावना सनातन धर्म के गरुड़ पुराण से काफी मिलती है.

पश्चिमी देशों में हैलोवीन को एक उत्सव की तरह सेलिब्रेट किया जाता है. लोग डरावने चेहरे बनाकर इस दिन को सेलिब्रेट करते हैं. लेकिन हैलोवीन की अजीबोगरीब परंपरा वाले इस फेस्टिवल की मूल भावना गरुड़ पुराण से काफी मेल खाती है.हैलोवीन की जड़ें प्राचीन सेल्टिक संस्कृति से जुड़ी है. इसके हैलोवीन की रात यानी 31 अक्टूबर को पूर्वजों की आत्माएं धरती पर आती हैं.

हैलोवीन पर लोग दीप जलाकर, भोजन रखकर और अजीबोगरीब मुखौटे पहनकर आत्माओं का सम्मान करते हैं, ताकि पूर्वजों का आशीर्वाद मिल सके और बुरी शक्तियां दूर रहें. इस तरह से मूल रूप से हैलोवीन भी आत्माओं की शांति और स्मरण से जुड़ा पर्व है.वहीं हिंदू धर्मग्रंथ उपनिषद, गीता और गरुड़ पुराण सभी आत्मा की शुद्धता और उसकी अनंत यात्रा का वर्णन करते हैं. गरुड़ पुराण में भी आत्मा की यात्रा, पुनर्जन्म और मोक्ष को लेकर गहरी आध्यात्मिक व्याख्या मिलती है.

यदि ध्यान दें तो हैलोविन और गरुड का मूल संदेश यही है कि आत्मा अमर है, उसका सम्मान करें. पश्चिमी संस्कृति हैलोवीन के माध्यम से और वहीं हिंदू धर्म में पितृपक्ष व अमावस श्राद्ध के माध्यम से पूर्वजों का स्मरण करती है.इस तरह से चाहे पश्चिमी देशों में हैलोवीन हो या फिर हिंदू धर्म के पितृपक्ष की मान्यताए, दोनो यही बताती है कि मृत्यु अंत नहीं, बल्कि एक नई यात्रा की शुरुआत है.

ENTERTAINMENT : ‘उसका मर्डर हुआ है, दो लोग थे’, सुशांत सिंह की बहन का खुलासा, नाम लेकर कहा- ब्लैक मैजिक हुआ था

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जून 2020 में सुशांत की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था, जिसके बाद मीडिया में काफी हलचल मच गई थी और मुंबई पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा कई जांचें की गईं. हालाँकि सभी एजेंसियों ने निष्कर्ष निकाला था कि इसमें कोई गड़बड़ी नहीं थी.

वहीं दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक बार फिर अपने भाई की मौत के बारे में चौंकाने वाले नए दावे किए हैं. श्वेता ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि उनके भाई ने सुसाइड नहीं की थी बल्कि उनका मर्डर किया गया था. दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता ने खुलासा किया कि एक अमेरिका की मनोवैज्ञानिक थी और दूसरी मुंबई की मनोवैज्ञानिक थे, उन दोनों ने उन्हें बताया था कि सुशांत सिंह राजपूत का दो लोगों ने मर्डर किया था.

श्वेता ने कहा, “मुझे जिन लोगों ने अप्रोच किया, साइकिक, ने एक तो पहले एक यूएस की साइकिक थी…उसे नहीं पता था कि मैं कौन हूं, मेरा भाई कौन है, या कुछ भी वह हमारे बारे में नहीं जानती थी. वह अमेरिकी थी, राइट? वो बोलती है, उसका मर्डर हुआ है. दो लोग आए थे.”

श्वेता ने आगे कहा,”फिर एक और साइकिक बॉम्बे की थी और वो भी मुझ तक पहुंचीं. मुझे नहीं पता था उनके बारे में कुछ भी, और वह सब.
और उसने बिल्कुल वही बात बताई जो गॉडमदर ने बताई थी. आप बताएं, कैसे मैच करेगा ये दोनों चीज? उन्होन बोला कि दो लोग आए थे जो उसका मर्डर करके गए हैं.”

श्वेता ने कहा कि उन्हें साइकिक ने बताया था किसी को उनके भाई की लाइफ में प्लांट किया गया था. ताकि उसे तोड़ा जा सके.श्वेता ने आगे खुलासा किया कि उनकी दीदी को भी एक कॉल आया था और उन्हें बताया गया था कि उनका भाई मार्च के बाद सर्वाइव नहीं कप पाएगा क्योंकि उस पर ब्लैक मैजिक चल रहा है.हम बहुत साइंटिफिक और एजुकेटेड फैमिली से हैं तो हमने उस पर विश्वास नहीं किया.
वहीं श्वेता ने ये भी कहा कि वे रिया को टारगेट नहीं करना चाहती हैं. उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें पता चला था कि वो उनके भाई के तकिये के नीचे ब्लैक स्टोन रखती थीं.

सुशांत सिंह राजपूत की बहन द्वारा किए गए इन नए दावों के बावजूद, सीबीआई की आधिकारिक क्लोजर रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि सुशांत सिंह राजपूत को रिया चक्रवर्ती या किसी और ने “अवैध रूप से बंधक बनाया, धमकाया या आत्महत्या के लिए उकसाया.” एजेंसी को इस बात का भी कोई संकेत नहीं मिला कि रिया ने उनके पैसों का गबन किया था, बल्कि यह भी कहा गया कि सुशांत उन्हें “फैमिली” मानते थे, हालांकि, अभिनेता के परिवार ने इस निष्कर्ष को खारिज कर दिया है.

UP : ‘तुम नहीं तो दूसरी लड़की लेकर आओ…जो पैसा लगेगा दूंगा’, सरकारी डॉक्टर की नर्स से गंदी डिमांड

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उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में एक सरकारी डॉक्टर का अपनी अधीनस्थ महिला स्वास्थ्यकर्मी से अजीब डिमांड करने और फेवर देने का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे स्वास्थ्य महकमे पर एक बड़ा दाग लगा दिया है. यह मामला लंभुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के तत्कालीन अधीक्षक से जुड़ा है. जिनका एक अश्लील ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल है.

इस वायरल ऑडियो क्लिप में वे अपनी अधीनस्थ एक महिला स्वास्थ्यकर्मी से आपत्तिजनक बातें करते हुए सुनाई दे रहे हैं. जिसमें वो महिला से जबरन मिलने, साथ घूमने और शॉपिंग करने की लालच देकर उससे प्यार पाने, फेवर देने की इच्छा जाहिर कर रहे हैं. महिला कर्मी ने जब उनकी इस डिमांड का विरोध किया तो उन्होंने किसी दूसरी लड़की से दोस्ती करवाकर उनके पास लाने का महिला कर्मी को ऑफर किया और कहा जो पैसा लगेगा दूंगा लेकिन तुम नहीं तो दूसरी लड़की लेकर आओ. डॉक्टर और महिला स्वास्थ्यकर्मी के बीच हुई इस बातचीत की ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है.

महिला स्वास्थ्यकर्मी ने CMO से मामले की लिखित शिकायत की है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. भरत भूषण ने टीम गठित कर जांच शुरू करवा दी है और कार्रवाई करने की बात कही है.

दरअसल ये पूरा मामला है लंभुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का. जहां पर पूर्व में तैनात रहे चिकित्साधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार अपनी अधीनस्थ महिला स्वास्थ्यकर्मी से फोन पर बात करते हुए उससे दोस्ती करने, साथ घूमने फिरने, शॉपिंग चलने और प्यार पाने की डिमांड रख रहे हैं. उनकी इस डिमांड को महिला कर्मी ने जब अस्वीकार किया और किसी अन्य महिला स्वास्थ्यकर्मी की तरह बदनाम होने की उनसे आशंका व्यक्त की तो इस पर डॉक्टर उसे आश्वस्त करने की कोशिश कर रहे हैं.

इतना ही नही बात न बनने पर डॉक्टर ने किसी अन्य लड़की से दोस्ती कराने और उसे उनके पास लाने की डिमांड कर दी. डॉक्टर की इस डिमांड से महिला स्वास्थ्यकर्मी खुद में असहज सी हो गई. डॉक्टर अनिल कुमार यहीं नहीं रुके आगे उन्होंने ये तक कह डाला तीन महीने से घर नहीं गया हूँ मूड बहुत खराब है जो पैसा लगेगा दूंगा तुम्हें जो चाहिए सब दूंगा लेकिन डॉक्टर के तमाम ऑफर देने के बावजूद महिलाकर्मी ने उनकी सभी डिमांड को सीधा मना कर दिया और नौकरी छोड़ देने की बात कह दी. अब डॉक्टर अनिल कुमार की बातचीत का यह ऑडियो वायरल है, ये ऑडियो उनके लंभुआ में चिकित्साधीक्षक रहने के दौरान का बताया जा रहा है.

वहीं इस मामले पर CMO डॉ. भरत भूषण ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में है. महिला स्वास्थ्यकर्मी ने इस संबंध में लिखित शिकायत उनके पास दर्ज कराई है. इस मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है, जो दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है. बयान दर्ज होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

गौरतलब है कि डॉ. अनिल कुमार को बीते 13 अक्टूबर को लंभुआ CHC से कादीपुर स्थानांतरित कर दिया गया था. यह स्थानांतरण तब हुआ था जब लम्भुआ CHC में इलाज न मिलने के कारण एक महिला की मौत हो गई थी और अधीक्षक घटना के बाद मौके पर नहीं पहुंचे थे. लेकिन उन्होंने कल ही लम्भुआ CHC का चार्ज छोड़कर कादीपुर ज्वाइन कर लिया है.

ENTERTAINMENT : ब्रेकअप के बारे में बात करते हुए अभिषेक कुमार हुए इमोशनल, ईशा की आंखों में भी आए आंसू

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शो पति पत्नी और पंगा का एक प्रोमो आने आया हैं जहां अभिषेक कुमार ईशा मालवीय संग अपने टूटे रिश्ते को लेकर बात करते दिखाई दे रहे हैं, इसी दौरान दोनों काफी इमोशनल भी हो गए.टीवी के एक्स-कपल अभिषेक कुमार और ईशा मालवीय की जोड़ी आज भी फैंस को बेहद पसंद आती हैं. फिलहाल इन दिनों दोनों पति पत्नी और पंगा शो में नजर आ रहे हैं. वहीं हाल ही में शो का प्रोमो सामने आया है जहां अभिषेक अपने टूटे हुए रिश्ते का जिक्र कर रोते हुए दिखाई देते हैं साथ ही ईशा भी बेहद इमोशनल नजर आई.

टीवी के एक्स-कपल अभिषेक कुमार और ईशा मालवीय की जोड़ी आज भी पसंद की जाती है.हालांकि अभिषेक-ईशा का काफी पहले ही ब्रेकअप हो चुका है, लेकिन आज भी इनके रिलेशनशिप की बातें हो ही जाती हैं.हाल ही में दोनों पति पत्नी और पंगा शो में नजर आ रहे हैं. वहीं शो का एक प्रोमो सामने आया जहां अभिषेक ईशा संग अपने टूटे हुए रिश्ते का जिक्र कर रोते हुए दिखाई दिए.अभिषेक ने अपनी गलती का एहसास करते हुए कहा कि- कभी-कभी लगता है कि काश मैंने वो वाली गलती ना की होती, तो ये ना हुआ होता.

लेकिन फिर जब आप अपनी जर्नी देखते हो, ये देखते हो कि अलग-अलग इतनी तरक्की कर रहे हैं. तो लगता है कि भगवान ने जो किया वो अच्छे के लिए किया.अभिषेक ने एक्सेप्ट करते हुए कहा कि-अगर वो गलती ना हुई होती तो आज हम यहां नहीं होते. अच्छा हुआ जो भगवान ने अलग कर दिया.ईशा ने भी अभिषेक की बातों पर सहमति जताई और कहा कि, ‘बहुत बातें हैं और बहुत चीजें हैं जो हुई हैं पास्ट में…’ ये कहते हुए ईशा काफी इमोशनल हो गई. इससे आगे ना तो ईशा ना अभिषेक कुछ कह पाए. दोनों बेहद इमोशनल होते दिखे. दोनों का अपनी गलती मानकर कंफेशन करना सभी को इमोशनल कर गया.

WORLD : पश्मीना शॉल ओढ़े भारतीय मूल की हिंदू महिला ने छुड़ा दिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पसीने! जानें वहां हुआ क्या

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मिसिसिपी यूनिवर्सिटि में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से एक भारतीय मूल की महिला ने प्रवासन नीति और धर्म पर तीखे सवाल पूछे, जिससे कार्यक्रम में तनावपूर्ण माहौल बन गया.

अमेरिका के मिसिसिपी यूनिवर्सिटि में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ऐसा पल आया, जिसने पूरे हॉल को सन्न कर दिया. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस जब मंच पर माइग्रेशन पॉलिसी पर बोल रहे थे, तभी पश्मीना शॉल पहने भारतीय मूल की एक महिला छात्रा ने खड़े होकर उनसे सवाल पूछा. वेंस ने अपने भाषण में कहा था कि अमेरिका को अब कानूनी प्रवासियों की संख्या घटानी चाहिए, क्योंकि बढ़ती जनसंख्या से समाज पर बोझ बढ़ रहा है.

इस पर छात्रा ने सीधे उनसे पूछा कि आप हमें अमेरिकी सपना दिखाकर यहां लाए, हमने पढ़ाई की, काम किया, टैक्स दिया, अब आप कहते हैं कि हम ज़्यादा हैं? हमें बाहर निकालना चाहते हैं? छात्रा के सवाल के बाद सभागार तालियों से गूंज उठा और माहौल कुछ देर के लिए गर्म हो गया.

जेडी वेंस ने छात्रा के सवाल पर शांत रहने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि वे कानूनी प्रवासियों का सम्मान करते हैं, लेकिन हर साल लाखों नए लोगों को देश में आने देने से सामाजिक संतुलन बिगड़ सकता है. उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपने नागरिकों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर प्रवासन की गति कम करनी चाहिए. छात्रा ने फिर कहा, “यह हंगामा नहीं, सवाल है. हम वही पूछ रहे हैं, जो हर प्रवासी महसूस कर रहा है.” वेंस ने मुस्कराते हुए कहा कि बातचीत जरूरी है, लेकिन देश की नीतियां भावना नहीं, संतुलन पर आधारित होती हैं.

बातचीत यहीं खत्म नहीं हुई. छात्रा ने वेंस से पूछा कि क्या “अमेरिका से प्यार करने के लिए ईसाई होना जरूरी है?” यह सवाल इसलिए खास था क्योंकि वेंस की पत्नी उषा वेंस भारतीय मूल की हिंदू हैं. इस पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि मेरी पत्नी हिंदू हैं और मैं ईसाई. मैं चाहता हूं कि वह हमारे धर्म को समझें, लेकिन अगर वह न चाहें तो यह उनका अधिकार है. ईश्वर ने हर व्यक्ति को अपनी राह चुनने की आजादी दी है.” उनका यह जवाब सुनकर माहौल कुछ शांत हुआ, लेकिन वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर छा गई. हज़ारों भारतीय-अमेरिकी यूजर्स ने छात्रा के साहस की तारीफ की और कहा कि उसने हर प्रवासी की आवाज बनकर बात की.

यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका की प्रवासन नीतियां लगातार सख्त होती जा रही हैं. कई भारतीय छात्र H-1B और OPT वीज़ा की नई शर्तों से परेशान हैं. हजारों वीजा रद्द हो चुके हैं और EAD (Employment Authorization) प्रक्रिया भी और जटिल बना दी गई है. भारतीय समुदाय का कहना है कि वे वर्षों से अमेरिका की अर्थव्यवस्था और इनोवेशन में योगदान दे रहे हैं, फिर भी अब उन्हें यह महसूस कराया जा रहा है कि वे बोझ हैं. इस वजह से कई युवा अपने भविष्य को लेकर असमंजस में हैं.

ENTERTAINMENT : शुभांगी अत्रे की होगी छुट्टी, ‘अंगूरी भाभी’ बनकर लौट रहीं शिल्पा शिंदे? बोलीं- रिस्क है…

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इन दिनों शिल्पा शिंदे के फैन्स की खुशी सातवें आसमान पर है. चर्चा है कि एक्ट्रेस ‘भाभीजी घर पर हैं’ शो पर वापसी कर रही हैं. अगर ये खबर सच है, तो इसका मतलब ये है कि शुभांगी अत्रे की शो से छुट्टी होने वाली है.

‘भाभीजी घर पर हैं’ टेलीविजन का लोकप्रिय शो है. पिछले 10 साल से ये शो दर्शकों को एंटरटेन कर रहा है. शो को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि 9 साल बाद शो में शिल्पा शिंदे अंगूरी भाभी के कैरेक्टर में कमबैक कर रही हैं. अब एक्ट्रेस ने वापसी की खबरों पर रिएक्ट किया है. आइए जानते हैं कि ‘भाभीजी घर पर हैं’ को लेकर शिल्पा ने क्या कहा.

फैन्स ये सुनकर खुश हो उठे कि शिल्पा शिंदे ‘भाभीजी घर पर हैं’ शो में अंगूरी भाभी बनकर लौट रही हैं. जूम संग बातचीत में शिल्पा ने वापसी को लेकर कहा- सुबह से मेरे पास बहुत फोन आ रहे हैं. मैं किसी और प्रोजेक्ट पर काम कर रही हूं. मैं एक अलग दुनिया में चली गई हूं. मैं मनोज संतोषी जी के साथ थी, और वो हमेशा चाहते थे कि मैं ‘भाभीजी घर पर हैं’ में वापस आऊं. अब मनोज जी नहीं हैं, लेकिन मैं ऐसा जरूर करना चाहूंगी. मैं मानती हूं- मन का हो तो अच्छा, न हो तो और भी अच्छा.

आगे उन्होंने कहा कि मैंने अभी इस बारे में गंभीरता से नहीं सोचा है. क्योंकि ये एक बड़ा रिस्क है. शिल्पा ने ये भी साफ किया कि फिलहाल ये सिर्फ खबर है, अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, हमने लोगों को बहुत हंसाया है. भाभीजी घर पर हैं को 10 साल हो गए हैं. अब कहानी में कुछ बदलाव चाहते हैं. लोग सोच रहे हैं कि मैं वापस आ रही हूं, लेकिन हां, बातचीत चल रही है. मुझे किसी और शो के लिए भी अप्रोच किया गया है. अभी कुछ फाइनल नहीं हुआ है. ये सिर्फ न्यूज है.

अपने किरदार अंगूरी भाभी को लेकर मिले प्यार पर शिल्पा ने कहा, अगर अंगूरी भाभी बदल गई, तो वो पहले वाली अंगूरी भाभी नहीं रहेगी. पता नहीं किस्मत में क्या लिखा है. ये हमारे लिए बड़ा रिस्क है. सब कुछ इत्तेफाक से होता है. अभी मैंने हां या ना नहीं कहा है. अगर करूं तो मनोज जी और अपने फैन्स के लिए करूंगी. मैं खुश हूं, लेकिन पहले जो हुआ था, वो अच्छा नहीं था. लोग मुझे भाभीजी के लिए बहुत प्यार देते हैं.

शिल्पा शिंदे ने 2015 में ‘भाभीजी घर पर हैं’ शो जॉइन किया था. शो में वो अंगूरी भाभी के किरदार में नजर आईं. उनके कैरेक्टर को लोगों ने बेशुमार प्यार भी दिया. लेकिन मेकर्स संग अनबन के बाद 2016 में उन्होंने शो छोड़ दिया. उनके शो छोड़ने के बाद काफी विवाद भी हुआ था. इसके बाद शुभांगी अत्रे ने शिल्पा को शो में रिप्लेस किया और फैन्स के दिलों में छा गईं.

NATIONAL : पर्सनल डेटा और APK फाइल… ‘बाबा किस्मतवाले’ टेलीग्राम चैनल पर क्या चल रहा था? बीटेक कर चुका शख्स निकला मास्टरमाइंड

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दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक इंटर-स्टेट साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने जिस मास्टरमाइंड को पकड़ा है, वह एक टेलीग्राम चैनल चलाता था, जिसका टाइटल था- ‘बाबा किस्मतवाले’. आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर खुद को सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेता था.
दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट (पश्चिम जिला) ने एक बड़े इंटर-स्टेट साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इसके मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी बाबा किस्मतवाले नाम से टेलीग्राम चैनल चलाता था, जिसके माध्यम से लोगों का बैंकिंग और पर्सनल डेटा बेचा जा रहा था.

पश्चिम जिले के साइबर थाना अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान निवाश कुमार मंडल के रूप में हुई है, जिसने कंप्यूटर साइंस में बी.टेक की पढ़ाई की है. उसके साथ एक अन्य आरोपी प्रदुम्न कुमार मंडल को झारखंड के जामताड़ा से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया है.

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन, 5 एटीएम कार्ड, एक iPad और नकदी बरामद की है. जांच में सामने आया है कि यह गिरोह दिल्ली समेत कई राज्यों में लोगों को ठगने का काम कर रहा था. गिरोह के सदस्य खुद को दिल्ली जल बोर्ड, बिजली विभाग (BSES) या किसी बैंक के अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे.

बातचीत के दौरान वे किसी तकनीकी खामी या बिल पेमेंट की धमकी देकर पीड़ितों को एक फर्जी APK फाइल भेजते थे. जैसे ही सामने वाला व्यक्ति वह फाइल डाउनलोड करता, उसका मोबाइल डिवाइस हैक हो जाता था. इसके बाद आरोपी उसके बैंक डिटेल्स और ओटीपी हासिल कर पूरे अकाउंट से पैसे उड़ा लेते थे.

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी से प्राप्त राशि को आरोपी HP DriveTrack Plus कार्ड के जरिए एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करते थे, ताकि पैसे की ट्रेसिंग मुश्किल हो जाए. बाबा किस्मतवाले नाम से चलाया जाने वाला टेलीग्राम चैनल इस गिरोह का मुख्य नेटवर्क था, जहां से आरोपी बैंकिंग डेटा, मोबाइल नंबर और व्यक्तिगत जानकारी अन्य साइबर अपराधियों को बेचते थे.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई दो लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी की शिकायत के बाद शुरू की गई थी. शिकायतकर्ता ने बताया था कि एक सरकारी अधिकारी बनकर किसी ने उसे APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा, जिसके बाद उसके अकाउंट से पैसे गायब हो गए.

NATIONAL : पत्नी और तीन बच्चों को दूसरे को सौंप निकाह भी कराया… मेरठ में पारिवारिक कलह का हैरान कर देने वाला मामला

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मेरठ के गांव पांचाली बुजुर्ग में पारिवारिक कलह से परेशान एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों को दूसरे युवक को सौंपकर उसी से पत्नी का निकाह करा दिया. उसने अपने पिता, बहन और बहनोई पर मकान पर कब्जे की कोशिश और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए. व्यक्ति का कहना है कि अब उसने परिवार से नाता तोड़ दिया है ताकि उसकी पत्नी और बच्चे शांति से रह सकें.

यूपी के मेरठ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया. यहां एक व्यक्ति ने पारिवारिक कलह से परेशान होकर अपनी पत्नी और तीन बच्चों को दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया और उसी से अपनी पत्नी का निकाह भी करा दिया. मामला थाना सरूरपुर क्षेत्र के ग्राम पांचाली बुजुर्ग का बताया जा रहा है, जहां यह अनोखी घटना पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गई है. मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस भी सकते में है. बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद घर, जमीन और पारिवारिक झगड़ों से जुड़ा हुआ है.

गांव पांचाली बुजुर्ग निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उसके अपने ही परिवार के लोग लगातार उसे प्रताड़ित कर रहे थे. उसने आरोप लगाया कि उसके पिता, बहन और बहनोई उस पर मानसिक दबाव बना रहे थे और उसके मकान पर कब्जा करना चाहते थे. आरोप यह भी है कि परिजन लगातार झगड़ा कर उसके घर के आधे हिस्से की मांग कर रहे थे, जबकि वह मकान उसकी पत्नी के नाम पर है. उस व्यक्ति के मुताबिक, यह मकान उसकी पत्नी के मायके वालों ने जमीन लेकर बनवाया था और उसकी पत्नी के नाम ही दर्ज है. इसके बावजूद परिवार के लोग मकान और जमीन को लेकर उसे मानसिक रूप से परेशान करते रहे.

उस व्यक्ति ने आगे आरोप लगाया कि उसके पिता, बहन और बहनोई न सिर्फ उसे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं बल्कि उसे मानसिक रूप से अस्थिर बताकर पागल साबित करने की योजना बना रहे हैं. उसने कहा कि परिजन उसकी पत्नी पर भी गलत इल्ज़ाम लगाते हैं और दोनों को अलग करने की कोशिश कर रहे थे. उसने कहा, घर में रोज झगड़े होते थे. मेरे अपने ही मुझे दुश्मन की तरह देखने लगे थे. पत्नी पर भी गलत आरोप लगाए जाते थे. धीरे-धीरे हालात ऐसे बन गए कि अब जीने की इच्छा ही खत्म हो गई थी.

बताया जा रहा है कि इसी मानसिक दबाव और घरेलू तनाव के कारण उस व्यक्ति ने एक ऐसा कदम उठा लिया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. उसने अपने बच्चों और पत्नी को एक दूसरे युवक को सौंप दिया. यही नहीं, उसने उसी युवक से अपनी पत्नी का निकाह भी करवा दिया.सूत्रों के अनुसार, निकाह की प्रक्रिया गांव के लोगों की मौजूदगी में पूरी की गई. महिला ने भी इस फैसले पर सहमति जताई, क्योंकि वह भी लगातार हो रहे झगड़ों और पारिवारिक कलह से परेशान थी.

इस पूरे घटनाक्रम के बाद व्यक्ति ने कहा कि उसने अब अपने परिवार और परिजनों से नाता तोड़ लिया है. उसने कहा, मैंने अपनी पत्नी और बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए यह कदम उठाया है. अगर मैं उनके साथ रहता तो शायद रोज झगड़े और तनाव में हम सबका जीवन बर्बाद हो जाता. अब वे खुश रहें, यही मेरी दुआ है. वहीं, गांव के लोगों का कहना है कि यह मामला बेहद अजीब और दुखद है. कोई व्यक्ति अपने परिवार को खुद किसी और को सौंप दे, यह सुनकर सभी चौंक गए. ग्रामीणों का कहना है कि इस परिवार में पिछले कई महीनों से विवाद चल रहा था, कई बार पंचायतें भी हुईं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला.

SPORTS : जहां ऑस्ट्रेल‍िया को हराकर द‍िखे टीम इंड‍िया की बेटियों के जज्बात, जेमिमा रॉड्र‍िग्स प‍िता को देख फफक पड़ीं

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टीम इंड‍िया ने ऑस्ट्रेल‍िया को महिला वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में 5 विकेट से हराया. इस जीत के बाद भारतीय टीम के कई वीडियोज वायरल हो रहे हैं. ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ जेमिमा रॉड्र‍िग्स सबसे ज्यादा इमोशनल दिखीं. भारत की ऑस्ट्रेल‍िया पर जीत की कहानी, आइए कुछ वीडियोज में देख लेते हैं.

भारत की बेटियों ने गुरुवार (30 अक्टूबर) को महिला वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हराया. नवी मुंबई में इस जीत के बाद जो नजारे मैदान पर और ड्रेसिंग रूम में देखने को मिले, उन्होंने करोड़ों भारतीयों की आंखें नम कर दीं. टीम इंडिया के जज्बातों से भरे वो पल अब सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं.

जेमिमा रॉड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा, अमनजोत कौर, टीम मे हेड कोच अमोल मजूमदार समेत हर चेहरा गर्व, राहत और भावनाओं से भरा नजर आया. 339 रनों के विशाल लक्ष्य को पार करने के बाद जब भारत ने जीत दर्ज की, तो मैदान पर खुशी के साथ-साथ आंसू भी बहे.

वीडियो 1: जब‍ अमनजोत कौर ने चौका लगाया और टीम इंड‍िया को जीत दिलाई. इसके बाद पूरी टीम इंड‍िया मैदान पर दौड़ पड़ी. जेम‍िमा भावुक हो गईं और हरमनप्रीत का जोशीला अंदाज दिखा.

वीडियो 2: कमेंटेटर आकाश चोपड़ा की भी एक वीड‍ियो वायरल हो रहा है. जहां वो भारतीय क्रिकेट टीम की हर ख‍िलाड़ी की तारीफ करते हुए नजर आए.

वीडियो 3: सेमीफाइनल में जीत दर्ज करने के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में हरमनप्रीत भी भावुक दिखीं, उन्होंने कहा बहुत गर्व महसूस हो रहा है. शब्द नहीं हैं, कैसे एक्सप्रेस करूं. इस बार हमने वो लाइन पार कर ली, जिसके लिए हम सालों से मेहनत कर रहे थे. एक मैच और बाकी है. टीम का फोकस अब फाइनल पर है

वीडियो4: सेमीफाइनल में जीत के बाद सबसे ज्यादा इमोशनल जेमिमा दिखीं, उन्होंने जीत के बाद प्रभु ईसामसीह, माता-प‍िता और अपने कोच को शुक्रिया कहा. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए प‍िछले 4 महीने बेहद मुश्क‍िल थे.

वीडियो 5: जेम‍िमा का एक और वीडियो सामने आया जहां वो अपने पिता को देखकर रोने लगीं, वहीं उन्होंने मां को भी गले लगाया.

वीडियो 6: वहीं भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर का हेड कोच अमोल मजूमदार संग भी एक वीडियो भी चर्चा में हैं, जहां उन्होंने बताया कि कैसे टीम इंड‍िया ने मैच में वापसी की

वीडियो 7: वहीं जेमिमा का एक वीडियो BCCI ने शेयर किया, जिसमें वह यह कहती हुई नजर आई थीं कि इस बार वर्ल्ड कप में भारतीय टीम डॉम‍िनेट करेगी. यानी जेमिमा ने जो कहा, वैसा हुआ

वीडियो 8: BCCI ने ही एक और वीड‍ियो शेयर किया, जिसमें जीत के बाद का रॉ इमोशन वीडियो में दिखाया गया. इसमें भारतीय टीम का हर ख‍िलाड़ी भावुक दिखा.

वीडियो 9: वहीं BCCI की ओर से ही एक और वीडियो जारी किया, जिसमें जेमिमा रॉड्र‍िग्स की टीम इंड‍िया के ड्रेसिंग रूम में एंट्री पर कैसे वेलकम हुआ. वो दिखा.

आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2025 के सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 9 गेंद शेष रहते हुए 5 विकेट से हराया. इस तरह अब भारतीय टीम 2 नवंबर को होने वाले फाइनल में साउथ अफ्रीका से खेलेगी.

NATIONAL : झालावाड़ स्कूल हादसे में बच्चों को खोने वाली दो महिलाएं फिर से बन सकेंगी मां, खुलवाई नसबंदी

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झालावाड़ के पिपलोदी स्कूल हादसे में अपने बच्चों को खोने वाली दो माताओं बिंती बाई और राजू बाई ने नसबंदी समाप्त करने वाली सर्जरी कराई है, जिसके बाद भविष्य में उनके घरों में फिर से किलकारियां गूंजने की उम्मीद जागी है.

झालावाड़ के पिपलोदी गांव में हुए दुखद स्कूल हादसे में जिन परिवारों ने अपने बच्चे खो दिए थे, उन्हें राजस्थान सरकार और प्रशासन ने एक नई उम्मीद दी है. खासकर उन महिलाओं को जिन्होंने हादसे से पहले ही परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत नसबंदी (Sterilization) करवा रखी थी. अब उनका नसबंदी ऑपरेशन खोलकर (Re-canalization) उन्हें फिर से मातृत्व सुख प्राप्त करने योग्य बनाया गया है.

दरअसल, पिपलोदी हादसे में राजू बाई और बिनती बाई ने अपने बच्चे खो दिए. चूंकि उन्होंने पहले ही नसबंदी करवा रखी थी, इसलिए उनके लिए दोबारा माता-पिता बनना असंभव था.प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और सांसद दुष्यंत सिंह ने इन परिवारों के दुख को समझते हुए जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ को दोनों महिलाओं के नसबंदी ऑपरेशन खुलवाने के निर्देश दिए.

कलेक्टर राठौड़ ने तुरंत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. साजिद खान को मेडिकल टीम गठित कर री-ऑपरेशन (Re-canalization) करने का निर्देश दिया ताकि परिजन फिर से मातृ-पितृ सुख पा सकें.बता दें कि राजू बाई के बेटे कार्तिक (10) की इस हादसे में मौत हो गई थी. उन्होंने पिछले महीने नसबंदी समाप्त कराने संबंधी सर्जरी कराई थी. वहीं बिनती बाई की बुधवार को सर्जरी हुई जिन्होंने स्कूल हादसे में अपने बेटे कान्हा (7) और बेटी मीना (10) को खो दिया था.

CMHO ने प्रेस नोट जारी कर ऑपरेशन की सफलता की जानकारी दी. इसमें बताया गया कि हीरा कुंवर बा जनाना अस्पताल में डॉक्टर मधुरिमा वर्मा की निगरानी में यह उपचार किया जा रहा है.

डॉ. खान ने बताया कि जिला कलेक्टर के निर्देश पर दोनों महिलाओं को कोटा और जयपुर में IVF केन्द्रों से संपर्क कराया जाएगा.

बता दें कि बीती 25 जुलाई को झालावाड़ के पिपलोदी में सरकारी स्कूल का एक हिस्सा उस समय ढह गया था जब छात्र सुबह की प्रार्थना करने जा रहे थे. इस हादसे में 7 बच्चों की मौत हो गई थी और 28 घायल हो गए थे.

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