Friday, May 1, 2026
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NATIONAL : जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट पहुंची महबूबा मुफ्ती की पार्टी PDP, कर दी ये बड़ी मांग

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जम्मू और कश्मीर पीपल्स पार्टी ने जम्मू और कश्मीर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें केंद्र शासित प्रदेश के उन सभी अंडरट्रायल कैदियों को तुरंत J&K वापस ट्रांसफर करने का निर्देश देने की मांग की गई है, जो फिलहाल J&K के बाहर की जेलों में बंद हैं.

यह याचिका PDP अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के द्वारा दायर की गई है और इसमें आग्रह किया गया है कि ऐसे कैदियों को स्थानीय जेलों में वापस लाया जाए, जब तक कि अधिकारी उन्हें J&K से बाहर रखने के लिए किसी विशिष्ट, लिखित कारण न बताएं, और ऐसे मामलों की हर तीन महीने में न्यायिक समीक्षा की जाए.

कैदियों के परिवार के लोगों ने किया अनुरोध

याचिकाकर्ता एक राजनीतिक कार्यकर्ता और पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते, कई अंडरट्रायल कैदियों के परिवार के सदस्यों ने याचिकाकर्ता से इस मुद्दे को सरकार के सामने उठाने का अनुरोध किया है.

याचिकाकर्ता ने सरकार से J&K के बाहर की जेलों में बंद अंडरट्रायल कैदियों को वापस लाने का आग्रह किया था, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है, जिसके परिणामस्वरूप याचिकाकर्ता ने जनहित में यह याचिका दायर की है और इसी कारण यह याचिका सुनवाई योग्य है,” मुफ्ती ने अपनी याचिका में कहा.

अदालत से हस्तक्षेप की मांग

याचिकाकर्ता ने अनुच्छेद 226 के तहत अदालत से विनम्रतापूर्वक तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. जिसमें मैंडमस रिट के जरिए केंद्र सरकार, J&K गृह विभाग और DGP सहित प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाए कि वे J&K के उन सभी अंडरट्रायल कैदियों को तुरंत J&K के अंदर की जेलों में ट्रांसफर करें. 

याचिका में कहा गया, जो वर्तमान में केंद्र शासित प्रदेश के बाहर की जेलों में बंद हैं, जब तक कि जेल अधिकारी इस अदालत के सामने केस-विशिष्ट, लिखित कारण न बताएं जो अपरिहार्य आवश्यकता को दर्शाते हों. याचिका में कहा गया है, ‘ऐसे खास मामलों में, हर तीन महीने में ज्यूडिशियल रिव्यू की जरूरत होती है.’

महबूबा मुफ्ती ने क्या कहा?

5 अगस्त, 2019 को आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद, मुफ्ती ने कहा कि J&K में जांच या ट्रायल का सामना कर रहे कई J&K निवासियों को UT के बाहर जेलों में रखा गया है. उन्होंने याचिका में कहा, ‘FIR J&K में दर्ज की जाती है और ट्रायल भी वहीं होते हैं, फिर भी जेल सैकड़ों किलोमीटर दूर होती है, जिससे कोर्ट तक पहुंच, परिवार से मिलना और वकील से सलाह-मशविरा करना मुश्किल हो जाता है, और गरीब परिवारों पर यात्रा का भारी खर्च पड़ता है.’

उन्होंने J&K के अंडरट्रायल कैदियों को यूनियन टेरिटरी के बाहर जेलों में रखने की लगातार चल रही प्रथा को भी चुनौती दी और कहा कि यह प्रथा अंडरट्रायल कैदियों को दोषियों से भी बदतर स्थिति में डाल देती है, निर्दोष माने जाने के अधिकार का उल्लंघन करती है, और आर्टिकल 21 के मुख्य अधिकारों को खत्म कर देती है, जो परिवार से संपर्क, वकील तक प्रभावी पहुंच और एक सार्थक, तेज ट्रायल की गारंटी देता है.

कैदियों से मिलने और सलाह लेने के लिए होती है दिक्कत

मुफ्ती ने यह भी कहा कि कई ट्रायल में बहुत सारे सबूत और गवाहों की लंबी लिस्ट होती है, जिसके लिए वकील और क्लाइंट के बीच लगातार, निजी, दस्तावेज-आधारित सलाह-मशविरे की जरूरत होती है, जो असल में तब नामुमकिन है जब अंडरट्रायल कैदी किसी दूर के राज्य की जेल में बंद हो.

एक सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता वाली दो-सदस्यीय निगरानी एवं शिकायत निवारण समिति के गठन की मांग की गई है की वकालत करते हुए, महबूबा मुफ्ती ने मांग की है कि स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (SLSA) का सदस्य अंडरट्रायल कैदियों की जगहों, परिवार से संपर्क के लॉग, वकील-इंटरव्यू रजिस्टर और प्रोडक्शन ऑर्डर का ऑडिट करे, नियमों का पालन न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश करे और हर दो महीने में कोर्ट को स्टेटस रिपोर्ट जमा करे.

याचिका में यह भी मांग की गई है कि कैदी के वापस आने तक, हर महीने परिवार के एक सदस्य को राज्य के बाहर की जेल में अंडरट्रायल कैदी से मिलने के लिए उचित यात्रा और रहने का खर्च दिया जाए, जिसकी पुष्टि जेल रिकॉर्ड और टिकटों से की जाए.

BOLLYWOOD : De De Pyaar De 2 Star Cast Fees: अजय देवगन ने वसूली सबसे मोटी फीस, जानें- रकुल और आर माधवन सहित बाकी स्टार्स को कितनी मिली रकम

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अजय देवगन और रकुल प्रीत सिंह स्टारर ‘दे दे प्यार दे 2’ अगले महीने सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है. वहीं निर्माताओं ने हाल ही में इस मच अवेटेड फिल्म का ट्रेलर रिलीज़ किया था, जिसे दर्शकों से ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिला है. फिल्म को लेकर चल रही चर्चा के बीच, ‘दे दे प्यार दे 2’ की स्टार कास्ट की फीस का भी खुलासा हो गया है. जानते हैं फिल्म से अजय देवगन समेत बाकी स्टार्स ने कितनी मोटी रकम वसूली है?

दे दे प्यार दे 2′ से अजय देवगन ने कितनी वसूली फीस?
एशियानेट न्यूज़ की एक रिपोर्ट के मुताबिक ‘दे दे प्यार दे 2’ में  अजय देवगन, अपनी आशीष की भूमिका कमबैक किया है. उन्होंने फिल्म से सबसे ज्यादा फीस वसूली है. रिपोर्ट के मुताबिक अजय देवगन ने ‘दे दे प्यार दे 2’ के लिए 40 करोड़ रुपये बतौर फीस वसूले हैं. इसी के साथ वे इस फिल्म से सबसे मोटी रकम वसूलने वाले एक्टर बन गए हैं.

रकुल को ‘दे दे प्यार दे 2’ से कितनी मिली फीस?
वहीं रिपोर्ट के मुताबिक रकुल प्रीत सिंह ने फिल्म में आयशा के रूप में वापसी की है.वे इसके प्रीक्वल में भी नजर आ चुकी हैं. वहीं रकुल प्रीत सिंह की फीस की बात करें तो रिपोर्ट के मुताबिक एक्ट्रेस ने ‘दे दे प्यार दे 2’  से 4.5 करोड़ फीस के तौर पर चार्ज किए हैं.

‘दे दे प्यार दे 2’ की बाकी स्टार कास्ट की फीस
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि जावेद जाफ़री को 2-3 करोड़ रुपये के बीच फीस ममिली है जबकि आयशा के पिता की भूमिका निभाने वाले आर. माधवन ने 9 करोड़ रुपये चार्ज किए हैं वहीं, आयशा की मां का किरदार निभाने वाली गौतमी कपूर को 1 करोड़ रुपये बतौर फीस मिले हैं.

‘दे दे प्यार दे 2’ के बारे में
यह फिल्म अजय देवगन, रकुल प्रीत सिंह और तब्बू स्टारर 2019 की हिट फिल्म का सीक्वल है. ‘दे दे प्यार दे 2’  में भी अजय और रकुल ने लीड रोल प्ले किया है वहीं सीक्वल में आर. माधवन, गौतमी कपूर, जावेद जाफ़री, मीज़ान जाफ़री और इशिता दत्ता भी हैं. अंशुल शर्मा द्वारा निर्देशित और लव रंजन व तरुण जैन द्वारा लिखित यह फिल्म 14 नवंबर, 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी. 78 करोड़ रुपये के कथित बजट पर बनी पहली फिल्म ‘दे दे प्यार दे ‘  ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 143 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कमाई की थी.

ENTERTAINMENT : अनुपमा के सहारे को छिनेगा गौतम, उतारेगा मौत के घाट, ईशानी की करतूतों से उठेगा पर्दा

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रुपाली गांगुली के शो ‘अनुपमा’ की कहानी में इन दिनों एक के बाद एक बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं. दिवाली के बाद एक बार फिर से शाह हाउस में बड़ा बम फूटने वाला है. शो में अब तक आपने देखा कि अनुपमा जल्द ही परिवार के संग दिवाली मनाने वाली है.

ऐसे में माही और राही भी अनुपमा के संग ही दिवाली माने वाली हैं. इसी बीच शो की कहानी में बड़ा बदलाव होने वाला है. अपकमिंग एपिसोड में गौतम के संग शादी करने के लिए माही नया प्लान बनाने वाली है. परिवार को माही ये दिखाने की कोशिश करती है कि प्रार्थना के जाने के बाद गौतम की हालत बहुत खराब हो गई है.

सौतन घर लाएगा प्रेम?

इसी बीच प्रेम भी राही से दूरी बनाने की कोशिश करेगा. राही को लगने लगेगा कि प्रेम का किसी लड़की से चक्कर चल रहा है. इस शक की वजह से प्रेम और राही के बीच खूब लड़ाई होने वाली है. राही को तो ये भी लगने लगेगा कि जल्द ही प्रेम सौतन घर लेकर आने वाला है.जल्द ही राही को समझाने के लिए प्रेम प्लान बनाएगा. रिपोर्ट के अनुसार अनुपमा को सबक सिखाने के लिए गौतम नया जाल बुन रहा है. कहा जा रहा है कि इस बार देविका उसकी अगली शिकार है. जल्द ही देविका का एक्सीडेंट गौतम की वजह से होने वाला है. एक्सीडेंट में देविका की मौत हो जाएगा, उसके बाद अनुपमा की तो जैसे पूरी दुनिया ही उजड़ जाएगी.

सामने आएगी ईशानी की सच्चाई

वहीं, पाखी को यकीन हो चुका है कि उसकी बेटी ईशानी के इरादे ठीक नहीं हैं. वो चोरीछिपे राजा से मिलती है, ये बात जान पाखी काफी गुस्सा होने वाली है. तोषु को भी जल्द ही पता चलेगा कि परी की शादी खतरे में है. ऐसे में वो कोठारी हाउस जाकर राजा से पूछेगा कि अगर परी की जिंदगी बर्बाद ही करती थी तो उससे शादी क्यों की.

NATIONAL : महाराष्ट्र की सियासत में सीएम देवेंद्र फडणवीस के बयान ने मचाई हलचल! क्या करेगा शिंदे और अजित खेमा?

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का एक बयान इन दिनों राज्य की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है. बीते दिनों पत्रकारों से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेता ने कहा था- ‘दिल्ली अभी दूर है.’ उनके इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं. सियासी हलकों में माना जा रहा है कि फडणवीस ने एक बयान से दो निशाने साधे हैं. पहला तो यह कि फडणवीस, महायुति के घटक दलों के नेताओं को यह संदेश देना चाहते हैं कि वही आगामी चुनावों तक मुख्यमंत्री रहेंगे. दूसरा वह राज्य की बीजेपी इकाई को भी यह मैसेज भेजना चाहते हैं कि वह अभी केंद्रीय राजनीति में कदम नहीं रखेंगे और राज्य में ही काम करते रहेंगे. 

फडणवीस के बयान पर बोली कांग्रेस

फडणवीस के इस बयान पर राज्य में विपक्ष के नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी. कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा, ‘यह उन लोगों के लिए एक अप्रत्यक्ष संदेश है जो मुख्यमंत्री पद पर नजर गड़ाए हुए हैं.

सावंत ने कहा कि सीएम सीधे एकनाथ शिंदे (उपमुख्यमंंत्री, महाराष्ट्र सरकार) से तो बोल नहीं सकते, इसलिए वह अप्रत्यक्ष रूप से यह बात कह रहे हैं. सावंत ने दावा किया कि सीएम अपनी पार्टी के उन लोगों को भी संकेत दे रहे हैं जो स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. बता दें सीएम ने यह भी कहा था ‘न तो कोई नया सहयोगी होगा और न ही मौजदूा सहयोगियों का चेहरा बदलेगा.’NCP-SP ने भी दी प्रतिक्रिया
सीएम के हालिया बयान पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने भी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि फडणवीस का बयान मुख्यमंत्री पद के दावेदारों एकनाथ शिंदे और अजित पवार के लिए उनका सपना चकनाचूर करने वाला संदेश है. उन्होंने कहा था कि दोनों उपमुख्यमंत्रियों की इस स्थिति को देखते हुए ‘मक्खी मारने’ का मुहावरा याद आ रहा है.

बीते कुछ समय से दावा किया जा रहा है कि फडणवीस, केंद्रीय राजनीति में जा सकते हैं. ऐसे में शिंदे और पवार दोनों के मन में मुख्यमंत्री पद को लेकर आकांक्षाएं जाग रहीं हैं. मुख्यमंत्री के इस बयान पर एक ओर जहां विपक्षी दल अपना पक्ष रख रहे हैं. वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित) में के नेताओं को उम्मीद है कि एक दिन परिस्थितियां बदलेंगी.

शिंदे और अजित के करीबियों का क्या है दावा?
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार शिंदे सेना के एक नेता ने कहा कि राजनीति में कुछ भी हो सकता है. सब कुछ अनिश्चित है. एक दिन शिंदे सीएम जरूर बनेंगे. रिपोर्ट के अनुसार अजित पवार की अगुवाई वाली एनसीपी के नेताओं ने कहा कि डिप्टी सीएम उर्जावान नेता हैं. वह सियासत में संख्या बल का महत्व समझते हैं. कोई भी दल जिसके पास बहुमत है, वह अपने सहयोगी दल को सीएम पद कैसे दे सकती है?

HEALTH TIPS : क्या आप भी बिना जांच के लेते हैं विटामिन D सप्लीमेंट्स? हो सकता है नुकसान

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विटामिन D आजकल लगभग हर हेल्थ और वेलनेस चर्चा का हिस्सा बन गया है. सोशल मीडिया और कई हेल्थ पेज पर इसे ऑलमोस्ट मि‍र‍िकल सप्लीमेंट के रूप में एडवर्टाइज किया जाता है. वहीं हड्डियों की मजबूती, इम्यून सिस्टम की ताकत और हार्मोन बैलेंस के लिए यह बहुत जरूरी माना जाता है, लेकिन क्या हर किसी को इसे लेने की जरूरत होती है? एक्सपर्ट्स बताते हैं कि‍ जरूरत से ज्यादा विटामिन डी सप्लीमेंट्स लेने से भी शरीर को गंभीर नुकसान भी हो सकते हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि अगर आप भी बिना जांच के विटामिन डी सप्लीमेंट्स लेते हैं तो आपको इसके क्‍या खतरनाक नुकसान हो सकते हैं.

विटामिन डी सप्लीमेंट सिर्फ जरूरत या ट्रेंडिंग

कई बार लोग बिना जांच के विटामिन डी की गोलियां लेने लगते हैं जैसे मानो यह किसी जादूई तरीके से हेल्थ को सुधार देगा. लेकिन असलियत यह होती है कि इसकी आवश्यकता हर व्यक्ति में अलग होती है. इसका लेवल जानने का सबसे आसान तरीका ब्लड टेस्ट होता है. बिना टेस्ट के गोलियां लेने से आपके शरीर के लिए यह खतरनाक हो सकता है. वहीं ज्यादा मात्रा में विटामिन डी से शरीर में कैल्शियम का बिल्ड अप हो सकता है. यह समस्या धमनियों और किडनी को प्रभावित कर सकती है. कई बार इससे हार्ट अटैक या किडनी स्टोन जैसी गंभीर समस्याएं भी सामने आ सकती है. यही वजह है कि बिना जांच के सप्लीमेंट लेना सुरक्षित नहीं माना जाता है.

सुरक्षित तरीके से कैसे ले विटामिन डी सप्लीमेंट

विटामिन डी सप्लीमेंट अकेले काम नहीं करता है. इसे लेने के साथ magnesium और vitamin K2 लेना जरूरी है. magnesium इसे सक्रिय करता है. जबकि Vitamin K2 calcium को हड्डियों तक पहुंचाता है और धमनियों में जमा नहीं होने देता है.

विटामिन डी सप्लीमेंट्स लेने के स्टेप्स

  • पहले अपनी जरूरत समझे- विटामिन डी सप्लीमेंट्स लेने से पहले यह समझने की कोशिश करें कि क्या आपके शरीर को सच में इसकी जरूरत है या नहीं.
  • ब्लड टेस्ट कराएं- विटामिन डी सप्लीमेंट शुरू करने से पहले आप ब्लड टेस्ट करा लें. जिससे यह सुनिश्चित हो जाएगा कि आपका लेवल कम है या नॉर्मल.
  • डोज और टाइमिंग ऑप्टिमाइज करें- हर किसी का शरीर अलग होता है, इसलिए विटामिन डी सप्लीमेंट्स की सही मात्रा और समय जरूरी होता है.
  • एक्सपर्ट से लें सलाह- विटामिन डी सप्लीमेंट्स लेने को लेकर आप सोशल मीडिया या ट्रेडिंग पोस्ट के बजाय एक्सपर्ट्स की सलाह लें. एक्सपर्ट्स की सलाह से विटामिन डी सप्लीमेंट्स लेना आपके लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा.

NATIONAL : अमेरिका-EU के साथ ट्रेड डील पर संभावित समझौते के बीच सरकार की तरफ से आया ये बड़ा बयान

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ऐसे समय में जब भारत की अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के साथ व्यापारिक समझौते को लेकर बातचीत चल रही है और जल्द ही इस पर मुहर लगने की उम्मीद है, केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार इस डील में किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं कर रही है. रायटर्स के मुताबिक, बर्लिन ग्लोबल डायलॉग के दौरान गोयल ने कहा कि यदि किसी व्यापारिक साझीदार देश की तरफ से कोई ऐसी शर्त थोपने की कोशिश की जाती है, जो भारत के व्यापार विकल्पों पर बाधा डालती हो, तो उसे खारिज कर दिया जाएगा.

पीयूष गोयल का कड़ा संदेशगौरतलब है कि भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच लगातार मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) पर बातचीत चल रही है, लेकिन बाजार तक पहुंच और अन्य मुद्दों पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है. यह बातचीत लंबे समय से जारी है.

पीयूष गोयल का यह कड़ा संदेश उस समय आया है जब रूस से सस्ते कच्चे तेल की खरीद को लेकर ट्रंप प्रशासन और यूरोपीय यूनियन की तरफ से भारत पर दबाव डाला जा रहा है. अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत का हाई टैरिफ लगाया है, जिसमें रूस से कच्चे तेल की खरीद के चलते 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ शामिल है.

भारत के ऊपर दबाव की कोशिश

पश्चिमी देशों का आरोप है कि भारत रूस से सस्ते तेल की खरीदारी करके यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई में परोक्ष रूप से मदद कर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे यह प्रतिबद्धता जताई है कि रूस से क्रूड ऑयल की खरीद में कटौती की जाएगी. हालांकि, भारत सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.

दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों Rosneft और Lukoil के खिलाफ प्रतिबंध लागू कर दिए हैं. इसके परिणामस्वरूप भारत और चीन को रूस से तेल की खरीद में कमी करने पर मजबूर होना पड़ सकता है.

BUSINESS : इस स्टॉक ने शेयर बाजार में काटा गदर, 2650% का जबरदस्त रिटर्न, 5 साल में 1 लाख के बना दिए 27 लाख

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शेयर बाजार में पैसा लगाना हमेशा जोखिम से भरा होता है. एक तरफ, जहां सही समय पर सही फैसला न लेने से आपके लाखों रुपये डूब सकते हैं, वहीं दूसरी तरफ अगर किस्मत ने साथ दिया तो आपके दिन बदलते देर नहीं लगती. यानी आप करोड़पति भी बन सकते हैं. आज हम ऐसे ही एक डिफेंस स्टॉक की बात कर रहे हैं, जिसने मल्टीबैगर बनकर निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. यह कंपनी है अपोलो माइक्रो सिस्टम्स लिमिटेड.

इन्वेस्टर्स की बल्ले-बल्ले

रक्षा क्षेत्र के साथ-साथ ट्रांसपोर्टेशन, इन्फ्रास्ट्रक्चर और एयरोस्पेस जैसे सेक्टर्स के लिए टेक्नोलॉजी-आधारित सॉल्यूशंस देने वाली अपोलो माइक्रो सिस्टम्स के शेयर ने पिछले पांच वर्षों में 2,650 प्रतिशत का जबरदस्त रिटर्न दिया है. इसे ऐसे समझ सकते हैं — पांच साल पहले इस कंपनी के शेयर का भाव 11 रुपये था, जो अब बढ़कर 300 रुपये के करीब पहुंच चुका है.

साल 2020 में 23 अक्टूबर को कंपनी के शेयर का मूल्य 10.87 रुपये था, जो 2025 में 21 अक्टूबर को बढ़कर 299 रुपये हो गया. इसका मतलब है कि अगर किसी निवेशक ने उस समय 1 लाख रुपये का निवेश किया होता, तो आज उसकी कीमत बढ़कर करीब 27 लाख रुपये हो चुकी होती.

कंपनी का मार्केट कैप और प्रदर्शन

हैदराबाद स्थित यह कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स लिमिटेड, चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में कुल आय (Total Income) में 46.9 प्रतिशत की उछाल दर्ज कर चुकी है, जो बढ़कर 134.9 करोड़ रुपये हो गई. एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी की कुल आय 91.78 करोड़ रुपये थी.

इसके साथ ही कंपनी के शेयर का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर (52-Week High) 354.70 रुपये रहा, जबकि न्यूनतम स्तर (52-Week Low) 87.99 रुपये दर्ज किया गया. तेजी के इस सिलसिले के बाद अपोलो माइक्रो सिस्टम्स का मार्केट कैप बढ़कर अब 9,970 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है.

NATIONAL : शिमला में लोअर बाजार का नाम लोअर माल रखने पर विवाद, नगर निगम ने PWD को जारी किया नोटिस

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पहाड़ों की रानी शिमला में गत दिनों पहले लोअर बाज़ार के दोनों छोर पर लोअर माल के साइन बोर्ड लगाने का मामला गरमा गया है. शिमला के लोअर बाज़ार के शुरू शेरे पंजाब और अंत में उपायुक्त कार्यालय के समीप लोअर माल के साइन बोर्ड लगाए गए. इन बोर्ड को लेकर सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल किया गया.  माल रोड व्यापारिक एसोसिएशन ने भी इसका विरोध जताया. हालांकि लोअर बाजार के व्यापारी इस साइन बोर्ड के लगाने के पक्ष में नज़र आए. इन बोर्ड को लेक माल रोड और लोअर बाजार के व्यापारी दो धड़ों में बंटे गए हैं.

उधर आनन फानन में नगर निगम ने बिना अनुमति के लगे इन साइन बोर्ड को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि यह मामला  मीडिया के माध्यम से उनके संज्ञान में आया है.  इन साइन बोर्ड को लगाने की किसी प्रकार को अनुमति नही ली गई है.जबकि नगर निगम को परिधि में अगर कोई बोर्ड या होर्डिंग्स लगाए जाते हैं तो उसके लिए नगर निगम को अनुमति लेना जरूरी है.

ब्रिटिश काल में लोअर माल था नाम

नगर निगम आयुक्त से प्राप्त जानकारी से पता चला कि यह साइन बोर्ड पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा लगाए गए है.  उन्होंने कहा कि इस साइन बोर्ड को लेकर कुछ व्यापारियों का विरोध भी था और वह नगर निगम आयुक्त से भी मिले हैं. दरअसल कुछ लोग ये कह रहे हैं कि लोअर बाजार का नाम ब्रिटिश काल के दौरान लोअर माल था. लेकिन इसका कोई लिखित प्रमाण नहीं है. फिलहाल इसे लोअर बाजार के नाम से ही जाना जाता है.

व्यापारियों को ऐतराज नहीं

वहीं शिमला व्यापार मंडल के पूर्व प्रधान इंदरजीत सिंह व वर्तमान प्रधान संजीव ठाकुर ने कहा कि इन साइन बोर्ड से कोई आपत्ति नही है. लेकिन अगर यह नाम बदल गया है तो क्यों और किसने बदला है. यह जानना आवश्यक है. साथ ही लोअर बाजार का नाम ब्रिटिशकाल समय मे लोअर माल हुआ करता था. आजादी के बाद इसे लोअर बाजार से जाना जाने लगा. उन्होंने कहा कि इससे लोगों,पर्यटकों को फायदा मिलेगा साथ ही लोअर बाजार के व्यापारियों को लाभ मिलेगा. इस पर राजनीति करना ठीक नही है.

बिजनेस एसोसिएशन नाराज

उधर  माल रोड बिज़नेस एसोसिएशन ने इस लोअर माल का साइन बोर्ड लगने पर एतराज जताया है. व्यापार मंडल के सदस्य वीरेंद्र ऋषि ने कहा कि लोअर माल का बोर्ड लगाकर भ्रांति पैदा करने की कोशिश सही नहीं है है. जो पर्यटक या ग्राहक पहली बार शिमला आता है उसके लिए इन साइन बोर्ड से भ्रम पैदा होता है. इसमे कोई राजनीति नही होनी चाहिए. लेकिन नाम बदलने में माल रोड बिज़नेस एसोसिएशन को आपत्ति है. इस मूददे को लेकर माल रोड का व्यापारी नगर निगम आयुक्त से भी मिला है.

NATIONAL : भारत में एंट्री के लिए तैयार एलन मस्क का स्टारलिंक, अब हाईस्पीड चलेगा डेटा वो भी बिना मोबाइल नेटवर्क!

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भारतीय मार्केट में एलन मस्क एंट्री लेने की तैयारी कर रहे है. मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink भारत में जल्द ही लॉन्च हो सकती है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, स्टारलिंक पूरे भारत में 9 गेटवे अर्थ स्टेशन बनाने की योजना पर काम कर रहा है.

जिसके तहत, मुंबई, नोएडा, चंडीगढ़, हैदराबाद, कोलकाता और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में कंपनी अपना गेटवे अर्थ स्टेशन बनाएगी. स्टारलिंक अपनी तेज रफ्तार इंटरनेट के लिए जाना जाता है. बिना मोबाइल नेटवर्क के भी, स्टारलिंक इंटरनेट की मदद से दूर-दराज के गांवों में इंटरनेट की सुविधा मिलेगी.   

क्या है कंपनी की योजना?

द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टारलिंक ने अपने पहले सेटेलाइट नेटवर्क (Gen 1 सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन) के लिए भारत सरकार को आवेदन दिया है. जिसके जरिए कंपनी 600 गीगाबिट प्रति सेकंड की क्षमता वाला इंटरनेट उपलब्ध करवाना चाहती है. हालांकि, दूरसंचार विभाग ने स्टारलिंक को डेमो के लिए अस्थायी स्पेक्ट्रम के इस्तेमाल की अनुमति दी है. जिससे सुरक्षा जांच की जा सके. सरकार ने स्टारलिंक को 100 यूजर टर्मिनल भारत में लाने और सिर्फ फिक्स्ड सैटेलाइट सर्विस की इजाजत दी है. 

सरकार की सख्त निगरानी और कठोर कदम

भारत सरकार चाहती है कि, देशवासियों के साथ किसी भी तरह का दुरुपयोग ना हो. जिसको लेकर सरकार ने स्टारलिंक पर सख्त निगरानी रखने का फैसला लिया है. कंपनी की ओर से अपने अर्थ स्टेशन पर विदेशी तकनीकी एक्सपर्ट को लाने की मांग की गई थी. जिसे भारत सरकार ने खारिज कर दिया और कहा कि गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी मिलने तक केवल भारतीय नागरिक के द्वारा ही अर्थ स्टेशनों को ऑपरेट किया जा सकेगा. 

साथ ही सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि, ट्रायल के दौरान कंपनी जो भी डेटा इकट्ठा करेगी. उसे भारत में रखना होगा. कंपनी को 15 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट दूरसंचार विभाग और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा करना होगा. हालांकि, ट्रायल के दौरान कंपनी आम लोगों को सर्विस नहीं दे पाएगी.

BOLLYWOOD : Mallika Sherawat कैसे जीती हैं लग्जरी लाइफ? जानें- ‘मर्डर’ एक्ट्रेस की इनकम और नेटवर्थ

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मल्लिका शेरावत बॉलीवुड की मोस्ट ग्लैमरस एक्ट्रेस रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में इमरान हाशमि के साथ मर्डर में खूब इंटीमेट सीन देखकर तहलका महचा दिया था. इसके बाद उनकी कई फिल्में आईं जो सफल भी हुईं. हालांकि, जल्द ही उन्होंने बॉलीवुड से दूरी बना ली थी. अपने बिंदास करियर के लिए मशहूर यह अभिनेत्री अब अमेरिका के लॉस एंजिल्स में एक लग्जरी लाइफ जी रही है. चलिए यहां जानते हैं मल्लिका शेरावत कितनी दौलत की मालकिन हैं?

मल्लिका के फिल्मों में आने के खिलाफ था परिवार
हरियाणा के एक छोटे से गांव में एक जाट परिवार में जन्मी मल्लिका के माता-पिता उनके फ़िल्मी दुनिया में कदम रखने के फेवर में नहीं थे. फ़िल्मों में एंट्री करने के समय मल्लिका शेरावत के अपने परिवार के साथ रिश्ते तनावपूर्ण थे. दरअसल उनका परिवार उनके फ़ैसले का विरोध कर रहा था, लेकिन जब उन्होंने देखा कि मल्लिका अपने करियर से काफी सफल हो गई हैं और खुश हैं, तो उन्होंने सुलह कर ली थी.

मल्लिका शेरावत ने टीवी एड्स से करियर किया था शुरू
बता दें कि मल्लिका शेरावत ने अपने करियर की शुरुआत अमिताभ बच्चन के साथ बीपीएल और शाहरुख खान के साथ हुंडई सैंट्रो के टीवी एड में काम करके की थी. उन्होंने जल्द ही फिल्मों में कदम रखा और ख्वाहिश और मर्डर जैसी फिल्मों कर इंडस्ट्री में पहचान बना ली. अपने पूरे करियर के दौरान, मल्लिका शेरावत ने बोल्ड भूमिकाएं चुनने और उनके साथ न्याय करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. आज भी, मल्लिका शेरावत को इंडस्ट्री की सबसे बेबाक अभिनेत्रियों में से एक माना जाता है.

क्यों बना ली थी फिल्मों से दूरी
मल्लिका शेरावत ने न सिर्फ़ बॉलीवुड में नाम कमाया, बल्कि हॉलीवुड में भी धूम मचा दी थी. वह जैकी चैन के साथ फिल्म “द मिथ” और 2010 में आई हॉलीवुड फिल्म “हिस्स” में नज़र आई थीं.  मल्लिका शेरावत ने दो दशक लंबा सफल करियर जिया, लेकिन जब उनकी फिल्में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाईं और उन्हें लीड रोल से हटाकर साइड रोल में धकेल दिया गया, तो मल्लिका शेरावत ने इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला कर लिया था. कई सालों बाद, मल्लिका शेरावत ने राजकुमार राव और तृप्ति डिमरी की फिल्म “विक्की विद्या का वो वाला वीडियो” से धमाकेदार वापसी की थी.

मल्लिका शेरावत पर्सनल लाइफ
निजी जीवन की बात करें तो, मल्लिका शेरावत ने 1997 में दिल्ली के पायलट करण सिंह गिल से शादी की थी. बाद में दोनों का तलाक हो गया. इसके बाद उन्होंने 2017 में फ्रांसीसी रियल एस्टेट एजेंट सिरिल ऑक्सेनफैंस को डेट किया.

कितनी है मल्लिका शेरावत की नेटवर्थ
48 साल की उम्र में मल्लिका शेरावत सिंगल जिंदगी गुजार रही हैं और अपनी सफलता और उपलब्धियों से खुश हैं. अपने करियर और पर्सनल लाइफ में इतने उतार-चढ़ाव के बावजूद, मल्लिका शेरावत एक आलीशान ज़िंदगी एंजॉय कर रही हैं.  मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मल्लिका शेरावत की अनुमानित नेट वर्थ 170 करोड़ रुपये है.

कहां से कमाती हैं मल्लिका शेरावत
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मल्लिका की हर महीने कमाई 2 करोड़ रुपये से ज्यादा है और सालभर में ले 20 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर लेती हैं. मल्लिका का अपना एक मेकअप ब्रांड Kay भी है. वहीं वे एक फिल्म के लिए बतौर फीस 30 लाख रुपये वसूलती हैं.

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