Friday, May 1, 2026
Home Blog Page 358

NATIONAL : शिमला में लोअर बाजार का नाम लोअर माल रखने पर विवाद, नगर निगम ने PWD को जारी किया नोटिस

0

पहाड़ों की रानी शिमला में गत दिनों पहले लोअर बाज़ार के दोनों छोर पर लोअर माल के साइन बोर्ड लगाने का मामला गरमा गया है. शिमला के लोअर बाज़ार के शुरू शेरे पंजाब और अंत में उपायुक्त कार्यालय के समीप लोअर माल के साइन बोर्ड लगाए गए. इन बोर्ड को लेकर सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल किया गया.  माल रोड व्यापारिक एसोसिएशन ने भी इसका विरोध जताया. हालांकि लोअर बाजार के व्यापारी इस साइन बोर्ड के लगाने के पक्ष में नज़र आए. इन बोर्ड को लेक माल रोड और लोअर बाजार के व्यापारी दो धड़ों में बंटे गए हैं.

उधर आनन फानन में नगर निगम ने बिना अनुमति के लगे इन साइन बोर्ड को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि यह मामला  मीडिया के माध्यम से उनके संज्ञान में आया है.  इन साइन बोर्ड को लगाने की किसी प्रकार को अनुमति नही ली गई है.जबकि नगर निगम को परिधि में अगर कोई बोर्ड या होर्डिंग्स लगाए जाते हैं तो उसके लिए नगर निगम को अनुमति लेना जरूरी है.

ब्रिटिश काल में लोअर माल था नाम

नगर निगम आयुक्त से प्राप्त जानकारी से पता चला कि यह साइन बोर्ड पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा लगाए गए है.  उन्होंने कहा कि इस साइन बोर्ड को लेकर कुछ व्यापारियों का विरोध भी था और वह नगर निगम आयुक्त से भी मिले हैं. दरअसल कुछ लोग ये कह रहे हैं कि लोअर बाजार का नाम ब्रिटिश काल के दौरान लोअर माल था. लेकिन इसका कोई लिखित प्रमाण नहीं है. फिलहाल इसे लोअर बाजार के नाम से ही जाना जाता है.

व्यापारियों को ऐतराज नहीं

वहीं शिमला व्यापार मंडल के पूर्व प्रधान इंदरजीत सिंह व वर्तमान प्रधान संजीव ठाकुर ने कहा कि इन साइन बोर्ड से कोई आपत्ति नही है. लेकिन अगर यह नाम बदल गया है तो क्यों और किसने बदला है. यह जानना आवश्यक है. साथ ही लोअर बाजार का नाम ब्रिटिशकाल समय मे लोअर माल हुआ करता था. आजादी के बाद इसे लोअर बाजार से जाना जाने लगा. उन्होंने कहा कि इससे लोगों,पर्यटकों को फायदा मिलेगा साथ ही लोअर बाजार के व्यापारियों को लाभ मिलेगा. इस पर राजनीति करना ठीक नही है.

बिजनेस एसोसिएशन नाराज

उधर  माल रोड बिज़नेस एसोसिएशन ने इस लोअर माल का साइन बोर्ड लगने पर एतराज जताया है. व्यापार मंडल के सदस्य वीरेंद्र ऋषि ने कहा कि लोअर माल का बोर्ड लगाकर भ्रांति पैदा करने की कोशिश सही नहीं है है. जो पर्यटक या ग्राहक पहली बार शिमला आता है उसके लिए इन साइन बोर्ड से भ्रम पैदा होता है. इसमे कोई राजनीति नही होनी चाहिए. लेकिन नाम बदलने में माल रोड बिज़नेस एसोसिएशन को आपत्ति है. इस मूददे को लेकर माल रोड का व्यापारी नगर निगम आयुक्त से भी मिला है.

NATIONAL : भारत में एंट्री के लिए तैयार एलन मस्क का स्टारलिंक, अब हाईस्पीड चलेगा डेटा वो भी बिना मोबाइल नेटवर्क!

0

भारतीय मार्केट में एलन मस्क एंट्री लेने की तैयारी कर रहे है. मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink भारत में जल्द ही लॉन्च हो सकती है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, स्टारलिंक पूरे भारत में 9 गेटवे अर्थ स्टेशन बनाने की योजना पर काम कर रहा है.

जिसके तहत, मुंबई, नोएडा, चंडीगढ़, हैदराबाद, कोलकाता और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में कंपनी अपना गेटवे अर्थ स्टेशन बनाएगी. स्टारलिंक अपनी तेज रफ्तार इंटरनेट के लिए जाना जाता है. बिना मोबाइल नेटवर्क के भी, स्टारलिंक इंटरनेट की मदद से दूर-दराज के गांवों में इंटरनेट की सुविधा मिलेगी.   

क्या है कंपनी की योजना?

द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टारलिंक ने अपने पहले सेटेलाइट नेटवर्क (Gen 1 सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन) के लिए भारत सरकार को आवेदन दिया है. जिसके जरिए कंपनी 600 गीगाबिट प्रति सेकंड की क्षमता वाला इंटरनेट उपलब्ध करवाना चाहती है. हालांकि, दूरसंचार विभाग ने स्टारलिंक को डेमो के लिए अस्थायी स्पेक्ट्रम के इस्तेमाल की अनुमति दी है. जिससे सुरक्षा जांच की जा सके. सरकार ने स्टारलिंक को 100 यूजर टर्मिनल भारत में लाने और सिर्फ फिक्स्ड सैटेलाइट सर्विस की इजाजत दी है. 

सरकार की सख्त निगरानी और कठोर कदम

भारत सरकार चाहती है कि, देशवासियों के साथ किसी भी तरह का दुरुपयोग ना हो. जिसको लेकर सरकार ने स्टारलिंक पर सख्त निगरानी रखने का फैसला लिया है. कंपनी की ओर से अपने अर्थ स्टेशन पर विदेशी तकनीकी एक्सपर्ट को लाने की मांग की गई थी. जिसे भारत सरकार ने खारिज कर दिया और कहा कि गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी मिलने तक केवल भारतीय नागरिक के द्वारा ही अर्थ स्टेशनों को ऑपरेट किया जा सकेगा. 

साथ ही सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि, ट्रायल के दौरान कंपनी जो भी डेटा इकट्ठा करेगी. उसे भारत में रखना होगा. कंपनी को 15 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट दूरसंचार विभाग और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा करना होगा. हालांकि, ट्रायल के दौरान कंपनी आम लोगों को सर्विस नहीं दे पाएगी.

BOLLYWOOD : Mallika Sherawat कैसे जीती हैं लग्जरी लाइफ? जानें- ‘मर्डर’ एक्ट्रेस की इनकम और नेटवर्थ

0

मल्लिका शेरावत बॉलीवुड की मोस्ट ग्लैमरस एक्ट्रेस रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में इमरान हाशमि के साथ मर्डर में खूब इंटीमेट सीन देखकर तहलका महचा दिया था. इसके बाद उनकी कई फिल्में आईं जो सफल भी हुईं. हालांकि, जल्द ही उन्होंने बॉलीवुड से दूरी बना ली थी. अपने बिंदास करियर के लिए मशहूर यह अभिनेत्री अब अमेरिका के लॉस एंजिल्स में एक लग्जरी लाइफ जी रही है. चलिए यहां जानते हैं मल्लिका शेरावत कितनी दौलत की मालकिन हैं?

मल्लिका के फिल्मों में आने के खिलाफ था परिवार
हरियाणा के एक छोटे से गांव में एक जाट परिवार में जन्मी मल्लिका के माता-पिता उनके फ़िल्मी दुनिया में कदम रखने के फेवर में नहीं थे. फ़िल्मों में एंट्री करने के समय मल्लिका शेरावत के अपने परिवार के साथ रिश्ते तनावपूर्ण थे. दरअसल उनका परिवार उनके फ़ैसले का विरोध कर रहा था, लेकिन जब उन्होंने देखा कि मल्लिका अपने करियर से काफी सफल हो गई हैं और खुश हैं, तो उन्होंने सुलह कर ली थी.

मल्लिका शेरावत ने टीवी एड्स से करियर किया था शुरू
बता दें कि मल्लिका शेरावत ने अपने करियर की शुरुआत अमिताभ बच्चन के साथ बीपीएल और शाहरुख खान के साथ हुंडई सैंट्रो के टीवी एड में काम करके की थी. उन्होंने जल्द ही फिल्मों में कदम रखा और ख्वाहिश और मर्डर जैसी फिल्मों कर इंडस्ट्री में पहचान बना ली. अपने पूरे करियर के दौरान, मल्लिका शेरावत ने बोल्ड भूमिकाएं चुनने और उनके साथ न्याय करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. आज भी, मल्लिका शेरावत को इंडस्ट्री की सबसे बेबाक अभिनेत्रियों में से एक माना जाता है.

क्यों बना ली थी फिल्मों से दूरी
मल्लिका शेरावत ने न सिर्फ़ बॉलीवुड में नाम कमाया, बल्कि हॉलीवुड में भी धूम मचा दी थी. वह जैकी चैन के साथ फिल्म “द मिथ” और 2010 में आई हॉलीवुड फिल्म “हिस्स” में नज़र आई थीं.  मल्लिका शेरावत ने दो दशक लंबा सफल करियर जिया, लेकिन जब उनकी फिल्में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाईं और उन्हें लीड रोल से हटाकर साइड रोल में धकेल दिया गया, तो मल्लिका शेरावत ने इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला कर लिया था. कई सालों बाद, मल्लिका शेरावत ने राजकुमार राव और तृप्ति डिमरी की फिल्म “विक्की विद्या का वो वाला वीडियो” से धमाकेदार वापसी की थी.

मल्लिका शेरावत पर्सनल लाइफ
निजी जीवन की बात करें तो, मल्लिका शेरावत ने 1997 में दिल्ली के पायलट करण सिंह गिल से शादी की थी. बाद में दोनों का तलाक हो गया. इसके बाद उन्होंने 2017 में फ्रांसीसी रियल एस्टेट एजेंट सिरिल ऑक्सेनफैंस को डेट किया.

कितनी है मल्लिका शेरावत की नेटवर्थ
48 साल की उम्र में मल्लिका शेरावत सिंगल जिंदगी गुजार रही हैं और अपनी सफलता और उपलब्धियों से खुश हैं. अपने करियर और पर्सनल लाइफ में इतने उतार-चढ़ाव के बावजूद, मल्लिका शेरावत एक आलीशान ज़िंदगी एंजॉय कर रही हैं.  मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मल्लिका शेरावत की अनुमानित नेट वर्थ 170 करोड़ रुपये है.

कहां से कमाती हैं मल्लिका शेरावत
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मल्लिका की हर महीने कमाई 2 करोड़ रुपये से ज्यादा है और सालभर में ले 20 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर लेती हैं. मल्लिका का अपना एक मेकअप ब्रांड Kay भी है. वहीं वे एक फिल्म के लिए बतौर फीस 30 लाख रुपये वसूलती हैं.

NATIONAL : त्योहार में भीड़ बढ़ने से दिक्कत, लेकिन DTC बसों की संख्या में कोई कमी नहीं’, रेखा गुप्ता सरकार

0

राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को लेकर आई कुछ मीडिया रिपोर्ट्स पर दिल्ली सरकार ने सफाई दी है. सरकार ने स्पष्ट कहा है कि दिल्ली में डीटीसी बसों की कोई कमी नहीं है और सभी रूटों पर बस सेवाएं पूरी तरह सुचारू और नियमित रूप से चल रही हैं.

परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार लगातार रूटों को बेहतर बनाने और बसों की संख्या बढ़ाने पर काम कर रही है ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो. उन्होंने कहा, “हम हर रूट पर बेहतर कनेक्टिविटी, कम वेटिंग टाइम और आरामदायक सफर सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं.

सरकार ने कहा है कि त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ने की वजह से कुछ लोगों को हल्की असुविधा हो सकती है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि बसों की कमी है. राजधानी के हर रूट पर डीटीसी और क्लस्टर बसें सामान्य रूप से चलाई जा रही हैं.

बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी

विभाग के मुताबिक, फिलहाल दिल्ली में करीब 4,000 बसों का सक्रिय बेड़ा सड़कों पर दौड़ रहा है, जिनमें सीएनजी बसें, बड़ी इलेक्ट्रिक बसें और 9 मीटर लंबी देवी इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं. ये बसें 426 शहर रूट, 12 एनसीआर रूट और 70 विशेष रूट्स पर चल रही हैं. अगले साल तक सरकार बसों की संख्या बढ़ाकर 7,000 करने की तैयारी में है, जिससे दिल्ली और एनसीआर में यात्रा और आसान हो जाएगी.

यात्रीगण की सुविधा पर ध्यान

आईआईटी दिल्ली के सहयोग से बस मार्गों का पुनर्गठन किया जा रहा है ताकि सेवाएं यात्रियों की जरूरत के हिसाब से हों और प्रतीक्षा समय कम किया जा सके. नई बसें खासकर बाहरी इलाकों में चलाई जा रही हैं ताकि वहां के लोगों को भी अच्छी सुविधा मिल सके.सरकार ने साफ किया है कि किसी भी मार्ग पर बस सेवा बंद नहीं की गई है. ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में पहले की तरह बसें चल रही हैं. इसके साथ ही, यात्रियों की सुविधा के लिए नए बस क्यू शेल्टर (बस स्टॉप) भी बनाए जा रहे हैं.

डॉ. सिंह ने कहा कि रेखा गुप्ता सरकार का लक्ष्य एक सुरक्षित, पर्यावरण-हितैषी और भरोसेमंद परिवहन व्यवस्था देना है. उन्होंने कहा, “दिल्ली में हर नागरिक को बेहतर बस सेवा मिले, इसके लिए हम फ्लीट बढ़ा रहे हैं, रूट सुधार रहे हैं और यात्रियों की जरूरत के हिसाब से सेवाएं व्यवस्थित कर रहे हैं. सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ते उपयोग से प्रदूषण भी कम होगा और राजधानी में स्वच्छ व आधुनिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली विकसित होगी.

HEALTH TIPS : क्या टहलने से भी कम हो सकता है यूरिक एसिड, जानें 10 मिनट की वॉक से कितनी दिक्कत होती है दूर?

0

हाइपरयूरिसीमिया के नाम से जाना जाने वाला यूरिक एसिड हमारे शरीर में कई हेल्थ रिलेटेड प्रॉब्लम्स पैदा करता है. शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा ज्यादा होने पर जोड़ो का दर्द काफी बढ़ जाता है और समय के साथ बढ़ता रहता है. ऐसे में हमारी शरीर से यूरिक एसिड को निकालने का काम किडनी करती है. 

दरअसल, किडनी जब शरीर से यूरिक एसिड को रिमूव करती है तो गाउट अटैक्स, जोड़ो में अकड़न और किडनी स्ट्रेन जैसी समस्याएं हो जाती हैं. ऐसे में इससे छुटकारा पाने के लिए जरूरी है कि यूरिक एसिड के प्रोडक्शन को कंट्रोल किया जाए. ऐसे में क्या आप जानते है की रोजाना 10 में की वॉक करने से आप इस समस्या को खत्म कर सकते हैं. आइए जानते हैं इस बारे में. 

वॉकिंग से कैसे कंट्रोल में रहता है यूरिक एसिड?

रोजाना वॉक करने के कई हेल्थ बेनिफिट्स होते हैं. इससे न सिर्फ कैलोरी बर्न होती है बल्कि मेटाबॉलिज्म रेट भी अच्छा होता है, जिससे आपका डाइजेशन सिस्टम भी अच्छा बना रहता है. ऐसे में रोजाना 10 मिनट वॉक करने से blood सर्कुलेशन इंप्रूव होता है, किडनी को शरीर से एक्स्ट्रा यूरिक एसिड निकलने में भी मदद करता है, जिससे हेल्थ अच्छी रहती है. रोजाना 10 मिनट की ब्रिस्क वॉकिंग से बॉडी तेजी से मेटाबॉलिक वेस्ट बाहर निकालती है और जाइंट्स को भी आराम मिलता है.

ये एक्सरसाइज रुटीन करेगा यूरिक एसिड कंट्रोल 

10 मिनट की ब्रिस्क वॉकिंग में हल्की एरोबिक ब्रीदिंग मूवमेंट के साथ लाइट स्ट्रेंथ का इस्तेमाल होता है. ऐसे में ब्रिस्क वॉकिंग करने भी सही तरीका पता होना चाहिए. इसमें आपको सबसे पहले हल्का वर्म अप करना है, जिसमें आप धीरे धीरे चलना शुरू कर सकते हैं, और थोड़ी बहुत लंबी सांसें लेनी चाहिए. इससे मसल हल्की खुल जाती हैं और ज्वाइंट की मूवमेंट खुल जाती है. आप धीरे धीरे करके इस समय को बढ़ा सकते हैं. जब आपमें रोजाना वॉकिंग की हैबिट डेवलप हो जाए तो इसके साथ हल्की स्ट्रेचिंग भी शुरू करें और हैंड एंड लेग स्ट्रेचिंग कर सकते हैं. इसके अलावा आप सीधे खड़े होकर हिल्स को रेस करें और 5 मिनी स्कॉट्स करें. इससे आपके चलने में आसानी आएगी और काफ मसल्स एक्टिव हो जाएंगी. वॉकिंग करते समय लंबी सांसें लें, जिससे शरीर में ऑक्सीजन अच्छे से हर एक सेल तक पहुंच सके.

LIFE STYLE : वर्जिनिटी खोने की सबसे सही उम्र कौन-सी, क्या है इसका पैमाना?

आज समाज आधुनिक हो रहा है, तो लोगों की सोच भी बदल रही है. लेकिन कुछ समय पहले तक जो चीजें सबसे ज्यादा समाज के अंदर सवालों में रहती थीं, उनमें से वर्जिनिटी भी एक थी. अक्सर यह सवाल उठता रहता है कि आखिर वर्जिनिटी खोने की सही उम्र कौन-सी है? क्या इसके लिए कोई तय पैमाना या नियम होता है? यह विषय संवेदनशील जरूर है, लेकिन आधुनिक दौर में युवाओं के बीच यह चर्चा आम हो चुकी है. चलिए आपको साइंटिफिक नजरिए से बताते हैं कि आखिर इसका सही समय क्या है, जिससे आपके अंदर इसको लेकर जो मिथक हैं, उन्हें खत्म किया जा सके.

क्या कोई तय उम्र होती है?

सबसे पहला सवाल यह है कि क्या इसके लिए कोई तय उम्र है? बहुत ही सरल शब्दों में इसका जवाब है नहीं. इसके लिए कोई तय उम्र नहीं है. अलग-अलग समाज और धर्म में इसको लेकर अलग-अलग नियम बनाए गए हैं. कई जगहों पर इसे शादी के बाद ही सही माना जाता है तो समाज के आज एक बड़े तबके में इसे शादी से पहले सहमति से फिजिकल रिलेशन बनाना आम है. यह पूरी तरह उस व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह शादी तक इंतजार करेगा या फिर शादी से पहले रिलेशन बनाएगा.

क्या कोई कानूनी नियम?

अब आते हैं कि इसको लेकर क्या कोई कानूनी नियम है? इसका जवाब भी बहुत सरल शब्दों में है हां. दुनिया के ज्यादातर देशों में फिजिकल रिलेशन बनाने को लेकर लीगल एज ऑफ कंसेंट तय है, जिसमें यह उम्र 18 साल या इससे कम या ज्यादा है. इसका मतलब है कि 18 साल से पहले कोई भी यौन संबंध कानूनी तौर पर अपराध माना जाएगा. इसलिए वर्जिनिटी खोने की सही उम्र का कम से कम पैमाना कानून के हिसाब से 18 साल है.

जब आप फिजिकली और मेंटली तैयार होते हैं

कानून और समाज को देखने के बाद अब हम आपको बताते हैं कि आप कब इसके लिए खुद को मेंटली और फिजिकली रेडी पाते हैं. इसका जवाब है कि आमतौर पर जब हम किशोरावस्था में होते हैं, तो हमारे शरीर में प्रजनन अंग पूरी तरह से विकसित होने लगते हैं. हालांकि उस समय तक हम इसके लिए मेंटली और इमोशनली तैयार नहीं होते. बहुत कम उम्र में या बिना मानसिक तैयारी के संबंध बनाने से पछतावा और मानसिक तनाव की आशंका बढ़ जाती है. इसलिए यह जरूरी होता है कि इसके लिए व्यक्ति मानसिक रूप से तैयार हो और दबाव, मजबूरी या जिज्ञासा के बजाय समझदारी से फैसला ले.

NATIONAL : दिवाली पर दिल्ली वालों ने जमकर छलकाए जाम, सरकार का भर दिया खजाना

इस त्योहारी सीजन देश की राजधानी दिल्ली में लोगों ने जमकर शराब पी है. जिससे दिल्ली सरकार को टैक्स के रुप में करोड़ो रुपए की कमाई हुई. साथ ही, पिछले साल की तुलना में रिटेल शराब बिक्री से हुई कमाई में 15 प्रतिशत का इजाफा भी देखने को मिला.

यानी कि, त्योहारी सीजन में दिल्ली वालों ने सरकार का खजाना भर दिया. हाल में ही दिल्ली सरकार की ओर से इस संबंध में एक डेटा जारी किया गया है. डेटा के अनुसार त्योहारी सीजन में शराब बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिली. सिर्फ दिवाली के दौरान ही सरकार को रिटेल शराब बिक्री से 600 करोड़ रुपए का रेवेन्यू प्राप्त हुआ.

रेवेन्यू टारगेट पूरा करने की बढ़ी उम्मीद

सरकार के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में उत्पाद शुल्क और मूल्य वर्धित कर (वैट) से सरकार को 4,192.86 करोड़ रुपए का रेवेन्यू प्राप्त हुआ. पिछले साल इस अवधि में यह आंकड़ा 3,731.79 करोड़ रुपए था. जो कि 461.07 करोड़ रुपए के अंतर को दिखाता है. आबकारी विभाग को उम्मीद है कि, त्योहारी सीजन में बढ़ी इस बिक्री से वे 6000 करोड़ रुपए की रेवेन्यू के लक्ष्य को पूरा किया जा सकता है.

सरकार का 15 फीसदी रेवेन्यू बढ़ा

सिर्फ दिवाली के दौरान दिल्ली सरकार को रिटेल शराब ब्रिकी से लगभग 600 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला. जो पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत की तेजी को दिखाता है. जिससे सरकार को उम्मीद है कि, वे जल्द ही अपने शराब बिक्री से होने वाले रेवेन्यू के लक्ष्य को पूरा कर लेंगे. साथ ही, आने वाले नवंबर और दिसंबर महीने में शादियों का सीजन शुरु हो जाएगा. अक्सर देखा जाता है कि, शादी-विवाह के सीजन में शराब की खपत और बिक्री बढ़ जाती है. दिल्ली सरकार को आने वाले 2 महीनों में अच्छी रेवेन्यू की कमाई हो सकती है.

SPORTS : न्यूजीलैंड को हराकर भारत ने वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में किया प्रवेश; मंधाना-प्रतिका की पारी ने लूटी महफिल

0

भारतीय टीम ने महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 के सेमीफाइनल में जगह बना ली. गुरुवार (23 अक्टूबर) को न्यूजीलैंड के खिलाफ डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने विरोधी टीम को DLS के तहत 53 रनों से शिकस्त दी. ओपनर स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल ने शतक लगाकर टीम को जीत दिलाने में अहम योगदान दिया.

प्रतिका ने 134 गेंदों में 13 चौके और 2 छक्कों की मदद से 122 रन स्कोर किए. वहीं मंधाना ने 95 गेंदों में 10 चौके और 4 छक्के लगाकर 109 रन बनाए. दोनों ने पहले विकेट के लिए 212 (201 गेंद) रनों की साझेदारी की, जिसकी बदौलत टीम 340 रन के बड़े टोटल तक पहुंच सकी.

मुकाबले में बारिश ने दिया दखल 

मुकाबले में बारिश का दखल भी देखने को मिला, जिसके चलते पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया को 49 ओवर ही बैटिंग करने का मौका मिल सका. इसके बाद DLS के तहत न्यूजीलैंड को 44 ओवर में 325 रनों का लक्ष्य दिया गया. इस लक्ष्य का पीछा करते हुए कीवी टीम 44 ओवर में 271/8 रन ही बोर्ड पर लगा सकी. 

इस दौरान न्यूजीलैंड के लिए ब्रुक हॉलिडे ने सबसे बड़ी पारी खेलते हुए 84 गेंदों में 9 चौके और 1 छक्के की मदद से 81 रन स्कोर किए. इसके अलावा इसाबेला गेज ने 51 गेंदों में 10 चौकों की मदद से 65* रनों की पारी खेली. हालांकि दोनों ही बल्लेबाज टीम को जीत की लाइन पार नहीं करवा सकीं. वहीं इस दौरान भारत के लिए रेणुका सिंह ठाकुर और क्रांति गौड़ ने सबसे ज्यादा 2-2 विकेट चटकाए. 

लगातार 3 हार के बाद मिली जीत 

यह टूर्नामेंट में टीम इंडिया की लगातार तीन हार के बाद पहली जीत रही. इससे पहले हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ हार का सामना किया था. वहीं टीम ने शुरुआती 2 मैचों में श्रीलंका और पाकिस्तान के खिलाफ जीत भी हासिल की थी. अब न्यूजीलैंड को हकाकर टीम ने खुद को एलिमिनेट होने से बचा लिया. भारतीय टीम को आखिरी लीग मैच बांग्लादेश के खिलाफ 26 अक्टूबर को खेलना है.

भारत सेमीफाइनल में पहुंचने वाली आखिरी टीम 

बताते चलें कि भारत सेमीफाइनल में पहुंचने वाली आखिरी टीम बनी. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड ने नॉकआउट स्टेज में अपनी जगह पक्की कर ली थी.

SPORTS : रोहित शर्मा ने बनाया छक्कों का ‘महारिकॉर्ड’, SENA देशों में ऐसा करने वाले बने पहले एशियाई बल्लेबाज

0

रोहित शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड वनडे में 73 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें हिटमैन ने 7 चौके और 2 छक्के लगाए. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वनडे में दो छक्के लगाने के साथ ही रोहित शर्मा ने छक्कों का महारिकॉर्ड बना दिया. रोहित SENA देशों (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में 150 छक्के लगाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए. वहीं एशिया के भी किसी क्रिकेटर ने आज तक ये मुकाम हासिल नहीं किया है.

हिटमैन ने जड़ दिए 150 छक्के
रोहित शर्मा ने SENA देशों में 150 छक्के जड़कर एक बड़ा रिकॉर्ड कायम किया है. भारत के पावर हिटर और पूर्व बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग भी ऐसा नहीं कर पाए. रोहित शर्मा से पहले भारत तो क्या, एशिया का कोई भी खिलाड़ी साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में मिलाकर 150 छक्के नहीं लगा पाया है.

भारत के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में 8 रन बनाकर आउट हो गए थे. रोहित के साथ ओपनिंग पर आए कप्तान शुभमन गिल और उसके बाद विराट कोहली के आउट होते ही रोहित ने पारी को संभाला. भारत के स्कोर को आगे बढ़ाने में उपकप्तान श्रेयस अय्यर ने रोहित का साथ निभाया. रोहित ने एडिलेड वनडे में 97 गेंदों में 73 रनों पारी खेली.

रोहित शर्मा ने पूरे किए 1000 रन
एडिलेड वनडे में रोहित शर्मा ने एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाया. रोहित ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया में ही 1000 रन बनाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं. सचिन तेंदुलकर से लेकर विराट कोहली तक कोई भी भारतीय खिलाड़ी अब तक ऐसा नहीं कर पाया है. रोहित ने एडिलेड वनडे में 2 रन बनाते ही ये रिकॉर्ड अपने नाम किया.

BUSINESS : 1 नवंबर 2025 से बदल जाएंगे बैंक के कई नियम, जान लें वरना होगा भारी नुकसान

0

 वित्त मंत्रालय की ओर से देश की बैंकिंग सेवा क्षेत्रों में अहम बदलाव किए जा रहे हैं. मंत्रालय की ओर से बैंकिंग कानून अधिनियम, 2025 के तहत नए नियम लागू करने की घोषणा की गई है. नए नियम 1 नवंबर 2025 से लागू हो जाएंगे.

जिसका सीधा असर भारत के करोड़ों बैंक उपभोक्ताओं पर होगा. सरकार की ओर से जानकारी दी गई है कि, नए कानून से ग्राहकों का अपने पैसे और संपत्ति पर ज्यादा नियंत्रण होगा. साथ ही, ग्राहकों के लिए बैंकिंग सेवा को और अधिक लचीला बनाया गया है. जिससे उन्हें फायदा पहुंचेगा और वे पहले की तुलना में आसानी से सेवाओं का लाभ ले पाएंगे. 

1 नवंबर से हो रहे बदलाव

  • 1 नवंबर से आप अपनी जमा राशि पर 4 लोगों के नाम रख सकते हैं. साथ ही आपको यह तय करने की सुविधा भी मिलेगी कि हर किसी को कितना हिस्सा मिलेगा, जैसे किसी को 70 प्रतिशत, किसी को 20 प्रतिशत और बाकी दो लोगों को 5-5 प्रतिशत. इससे सब कुछ साफ होगा और बाद में किसी भी तरह के विवाद होने की संभावना कम हो जाएगी.
  • 1 नवंबर से लॉकर और बैंक में रखी गई वस्तुओं के लिए अब से केवल क्रमिक नामांकन (Sequential Nomination) की अनुमति होगी. यानी कि पहले नामांकित व्यक्ति की मृत्यु के बाद ही दूसरे नंबर का व्यक्ति लॉकर को एक्सेस कर पाएगा. 
  • 1 नवंबर से आप अपने बैंक खातों के लिए 4 नॉमिनी रख सकते है. इससे पहले केवल 1 या 2 नॉमिनी की अनुमति मिलती थी. यानि कि, आप अपने बैंक खाते में 4 लोगों को नामांकित कर पाएंगे. जिससे भविष्य में क्लेम प्रोसेस आसान हो जाएगा और बड़ी आसानी से आपके परिजनों को आपका पैसा मिल सकेगा. 

क्या है वित्त मंत्रालय का कहना?

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, इन नए बदलावों से बैंकिंग सिस्टम में ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी और क्लेम प्रोसेस आसान हो जाएगा. साथ ही बैंक जमाकर्ताओं का अपनी जमा पूंजी पर पहले से ज्यादा नियंत्रण होगा. 

- Advertisement -

News of the Day