Saturday, March 21, 2026
Home Blog Page 36

Bollywood : स्कूल इवेंट में बेटी तारा की जीत पर भावुक हुईं माही विज, जय भानुशाली ने भी दी बधाई

टीवी एक्ट्रेस माही विज की बेटी तारा ने स्कूल में गोल्ड मेडल जीतकर परिवार को गर्व महसूस कराया है. माही ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए भावुक नोट लिखा और खुशी दिखाई.टीवी एक्ट्रेस माही विज इन दिनों बहुत खुश नजर आ रही हैं. उनकी छोटी बेटी तारा ने स्कूल के एक कार्यक्रम में गोल्ड मेडल जीतकर उनका नाम रोशन किया है और इस खास पल को माही विज ने सोशल मीडिया पर अपने फैंस के साथ शेयर किया. बेटी की इस जीत को लेकर उन्होंने एक इमोशनल नोट लिखा, जिसमें एक काम करने वाली मां के रूप में अपने अनुभव और इमोशंस को खुलकर दिखाया है.

माही विज ने अपने इंस्टाग्राम पर तारा की कई तस्वीरें और वीडियो शेयर कर लिखा, ‘आज मेरी छह साल की बेटी ने गोल्ड मेडल जीता है और मेरा दिल गर्व से भर गया है. ऐसे बहुत से दिन होते हैं जब मैं काम में बिजी रहती हूं और उसकी दिनचर्या के साथ तालमेल बैठाने की कोशिश करती हूं. कई बार मैं उसके स्कूल के कार्यक्रमों में नहीं जा पाती, कई खूबसूरत पलों को मिस कर देती हूं और कभी-कभी दूसरी मांओं की मदद भी लेनी पड़ती है. एक मां होने के नाते कई बार मन में यह सवाल भी आता है कि क्या मैं अपनी जिम्मेदारियां ठीक से निभा पा रही हूं या नहीं.’

माही ने आगे लिखा, ‘आज तारा, तुमने मुझे बहुत गर्व और हिम्मत का एहसास कराया है. जिस तरह तुम अपनी काम करने वाली मां को समझती हो और सिर्फ छह साल की उम्र में भी इतनी समझदारी और प्यार के साथ हर चीज संभालती हो, यह सच में बहुत खूबसूरत है. मुझे जब भी छुट्टी मिलती है और मैं तुम्हें बढ़ते हुए देखती हूं, तो मुझे याद आता है कि मैं इतनी मेहनत क्यों करती हूं. मैं हर चीज को संतुलित करने की पूरी कोशिश कर रही हूं और तुम ही मेरी सबसे बड़ी ताकत हो. तुम ही मेरी पूरी दुनिया हो, मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं. बधाई हो, मेरी प्यारी बच्ची.’

बता दें कि माही विज और उनके एक्स हसबैंड जय भानुशाली अक्सर अपनी बेटी तारा को लेकर चर्चा में रहते हैं. हाल ही में दोनों ने करीब 14 साल की शादी के बाद अलग होने का फैसला लिया था, जिसके बारे में उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया था. अपने बयान में उन्होंने साफ कहा था कि उनके रिश्ते में किसी तरह की कड़वाहट या नेगेटिविटी नहीं है. अलग होने के बावजूद दोनों अपने बच्चों तारा, राजवीर और खुशी की परवरिश साथ मिलकर करेंगे. माही के इस पोस्ट पर जय भानुशाली ने भी कमेंट कर तारा की जीत पर खुशी जताई.

Sports : संजू सैमसन को अलग से मिली कितनी प्राइज मनी, रकम उड़ा देगी होश, लगाई थी अर्धशतक की हैट्रिक

0

टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनने के लिए भारतीय टीम को 27.48 करोड़ रुपये की प्राइज मनी मिली. दूसरी ओर संजू सैमसन को अलग से भी पैसा मिला है.
संजू सैमसन ने टीम इंडिया के वर्ल्ड चैंपियन बनने की गाथा लिखी है. ये वही सैमसन हैं, जिन्हें शुरुआती मैचों की प्लेइंग इलेवन में जगह मिलनी भी मुश्किल थी. मगर मौका मिलते ही उन्होंने भारत को विश्व विजेता बनाने की ओर ले जाने का काम किया. उन्होंने वर्ल्ड कप के सिर्फ 5 मैचों में 321 रन बना दिए. उन्होंने लगातार तीन अर्धशतकीय पारी खेलकर भी इतिहास रचा. इस यादगार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया.

संजू सैमसन ने जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में वापसी की, जहां वो 24 रन बनाकर आउट हो गए थे. वहीं जब वेस्टइंडीज के खिलाफ करो या मरो मैच की बारी आई, तो उन्होंने नाबाद 97 रनों की पारी खेल महफ़िल लूटी. उसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 89 और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी 89 रनों की पारी खेली.प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने के लिए संजू सैमसन को 25,000 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 21 लाख रुपये की प्राइज मनी मिली है. बता दें कि फाइनल मैच में जसप्रीत बुमराह 4 विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच बने. प्लेयर ऑफ द मैच बनने के लिए बुमराह को भी अलग से करीब 8.4 लाख रुपये मिले.

संजू सैमसन – 21 लाख – प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट
जसप्रीत बुमराह – 8.4 लाख – प्लेयर ऑफ द मैच (फाइनल)

भारत ऐसा पहला देश बना है, जिसने लगातार 2 बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने का कारनामा किया है. वर्ल्ड चैंपियन बनने के लिए भारतीय टीम को करीब 27.48 करोड़ रुपये की प्राइज मनी मिली है. वहीं उपविजेता रहने वाली न्यूजीलैंड टीम को करीब 14.65 करोड़ रुपये का इनाम मिला है.फाइनल मैच में टीम इंडिया ने 255 रनों का ऐतिहासिक स्कोर बनाया था, जो टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास में बना सबसे बड़ा स्कोर है. जवाब में कीवी टीम सिर्फ 159 रन ही बना पाई थी.

World : खतरनाक मोड़ पर ईरान-यूएस वॉर और ट्रंप की धमकी के बीच भारत के लिए आयी ये चौंकने वाली रिपोर्ट

0

इस युद्ध का सबसे सीधा असर तेल और गैस के आयात पर पड़ेगा. भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था में शुद्ध जीवाश्म ईंधन का आयात सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 3 प्रतिशत या उससे अधिक के बराबर है. वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों और ईरान के जवाबी अटैक में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है. कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और वर्ष 2022 के बाद पहली बार क्रूड ऑयल 100 डॉलर का आंकड़ा पार कर करीब 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है. इस बीच रेटिंग एजेंसी फिच की एक रिपोर्ट भारत सहित कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए चिंताजनक संकेत दे रही है.

अपनी रिपोर्ट में रेटिंग एजेंसी फिच ने सोमवार को कहा कि ईरान से जुड़े युद्ध की स्थिति के कारण उभरती अर्थव्यवस्थाओं को तेल और गैस के आयात, प्रवासी भारतीयों द्वारा भेजी जाने वाली विदेशी मुद्रा तथा विनिमय दर जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. ‘ईरान संघर्ष से उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए उपजे नए ऋण जोखिम’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि खाड़ी क्षेत्र से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में अपेक्षा से अधिक व्यवधान उत्पन्न होता है, तो इसका वैश्विक निवेशकों की धारणा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है.

रिपोर्ट के अनुसार ऐसी स्थिति में अमेरिकी डॉलर और मजबूत हो सकता है, जिससे खासकर उच्च जोखिम वाले उधारकर्ताओं के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कर्ज जुटाना कठिन हो जाएगा. फिच ने यह भी कहा कि ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई पर दबाव बढ़ेगा और इससे दुनिया भर में मौद्रिक नीतियों के फैसलों पर भी असर पड़ सकता है.

फिच की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इस युद्ध का सबसे सीधा असर तेल और गैस के आयात पर पड़ेगा. भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था में शुद्ध जीवाश्म ईंधन का आयात सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग 3 प्रतिशत या उससे अधिक के बराबर है. रेटिंग एजेंसी के अनुसार यदि होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल और गैस का परिवहन एक महीने से कम समय के लिए बाधित रहता है और क्षेत्र के तेल उत्पादन ढांचे को बड़ा नुकसान नहीं होता, तो उभरती अर्थव्यवस्थाओं की साख पर जोखिम सीमित रह सकता है.

हालांकि, यदि यह व्यवधान लंबे समय तक बना रहता है, तो इसका प्रभाव कहीं अधिक गंभीर हो सकता है. आयात की लागत बढ़ने से पाकिस्तान जैसे उन देशों पर ज्यादा दबाव पड़ेगा जिनकी वित्तीय स्थिति पहले से कमजोर है या जिनका चालू खाता घाटा अधिक है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि ऊर्जा की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो उन सरकारों पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है जो उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए ईंधन पर सब्सिडी देती हैं या कीमतों में बढ़ोतरी के जवाब में नई राहत योजनाएं लागू करती हैं.

Life style : क्या स्ट्रॉग बियर में व्हिस्की के बराबर होती है एल्कोहल, नॉर्मल से कितना ज्यादा होता है नशा आइए जाने

0

अक्सर लोग व्हिस्की के विकल्प के तौर पर स्ट्रॉन्ग बीयर चुनते हैं, यह सोचकर कि यह कम हानिकारक है, क्योंकि इसमें नशा कम होता है. आइए जानें कि क्या स्ट्रॉग बियर में व्हिस्की के बराबर ही एल्कोहल होती है.दोस्तों के बीच अक्सर यह चर्चा होती होगी कि क्या स्ट्रॉन्ग बीयर पीना व्हिस्की पीने जितना ही भारी पड़ता है? कुछ लोग बीयर को हल्का नशा मानकर बेफिक्र रहते हैं, तो कुछ स्ट्रॉन्ग बीयर के झटके को व्हिस्की से भी तेज बताते हैं, लेकिन विज्ञान की भाषा में नशा इस पर निर्भर नहीं करता कि बोतल पर क्या लिखा है, बल्कि इस पर कि आपके शरीर में अल्कोहल की कितनी मात्रा जा रही है. बीयर और व्हिस्की के बीच का यह अंतर केवल स्वाद का नहीं, बल्कि रसायनिक सघनता और शरीर द्वारा उसे सोखने की गति का है, जिसे समझना सेहत के लिहाज से बेहद जरूरी है.

किसी भी मादक पेय की ताकत को एल्कोहल बाय वॉल्यूम (ABV) से मापा जाता है. एक सामान्य लाइट बीयर में अल्कोहल की मात्रा लगभग 5% होती है, जबकि ‘स्ट्रॉन्ग बीयर’ में यह 7% से 9% के बीच रहती है.इसके विपरीत, व्हिस्की एक डिस्टिल्ड स्पिरिट है, जिसमें अल्कोहल का स्तर आमतौर पर 40% या उससे अधिक होता है. तकनीकी रूप से देखें तो व्हिस्की की एक 750ml की बोतल में एक सामान्य बीयर के मुकाबले लगभग 16 गुना अधिक अल्कोहल होता है.

हालांकि, जब हम इसे सर्विंग के हिसाब से देखते हैं, तो गणित बदल जाता है. व्हिस्की का एक स्टैंडर्ड पेग (45ml) उतना ही शुद्ध अल्कोहल (लगभग 18ml) शरीर को देता है, जितना एक सामान्य बीयर की 330ml की बोतल देती है.नॉर्मल बीयर और स्ट्रॉन्ग बीयर के बीच 3-4% का अंतर सुनने में छोटा लग सकता है, लेकिन शरीर पर इसका असर बहुत गहरा होता है. यदि आप स्ट्रॉन्ग बीयर की एक 500ml की बड़ी कैन (पाइनट) पीते हैं, जिसमें 8% अल्कोहल है, तो आप एक बार में लगभग 40ml शुद्ध अल्कोहल का सेवन कर रहे होते हैं.

यह मात्रा व्हिस्की के दो स्टैंडर्ड शॉट्स के बराबर है. चूंकि बीयर में कार्बोनेशन (गैस) होती है, इसलिए यह अल्कोहल को खून में तेजी से घोलने में मदद करती है. यही कारण है कि कई बार स्ट्रॉन्ग बीयर पीने वालों को नशा बहुत जल्दी और भारी महसूस होता है, क्योंकि वे कम समय में तरल की बड़ी मात्रा के साथ अधिक अल्कोहल पेट में डाल लेते हैं.व्हिस्की को अक्सर पानी या सोडे के साथ मिलाकर धीरे-धीरे पिया जाता है, जिससे लीवर को उसे प्रोसेस करने का समय मिल जाता है. लेकिन बीयर, विशेषकर स्ट्रॉन्ग बीयर, अक्सर लोग तेजी से पीते हैं. स्ट्रॉन्ग बीयर में केवल अल्कोहल ही ज्यादा नहीं होता, बल्कि इसमें शुगर और कैलोरी की मात्रा भी काफी अधिक होती है, जो बीयर बेली का मुख्य कारण बनती है.

इसके अलावा, बीयर में किण्वन के दौरान बनने वाले उप-उत्पाद अधिक होते हैं, जो अगले दिन होने वाले हैंगओवर को व्हिस्की के मुकाबले अधिक कष्टकारी बना सकते हैं. व्हिस्की क्योंकि डिस्टिल्ड होती है, इसलिए वह रसायनिक रूप से अधिक शुद्ध होती है, लेकिन उसका उच्च अल्कोहल प्रतिशत शरीर को बहुत जल्दी डिहाइड्रेट कर देता है.

Health : शरीर में आयरन की कमी होने की वजह कैसे दूर करें? डाइट में शामिल करें ये ‘सुपरफूड्स’

0

आयरन की कमी के चलते शरीर में शरीर में कई तरह की दिक्कत होने लगती है. चलिए आपको बताते हैं कुछ फूड्स के बारे में जो आपको कई बीमारियों से बचाकर रखेंगे.भारत में कम हीमोग्लोबिन की समस्या काफी आम है और इसकी सबसे बड़ी वजह आयरन की कमी मानी जाती है. अक्सर लोग थकान, हल्की सांस फूलना, चक्कर आना या चेहरे का पीला पड़ना जैसे लक्षणों को सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन ये संकेत शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने की ओर इशारा कर सकते हैं. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार, भारत में प्रजनन आयु की आधे से अधिक महिलाएं एनीमिया से प्रभावित हैं.

हीमोग्लोबिन रेड ब्लड सेल्स में पाया जाने वाला प्रोटीन है, जो शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है. जब इसकी मात्रा कम हो जाती है तो शरीर के अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती. इससे थकान, सांस फूलना, सिरदर्द, चक्कर और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी जैसी समस्याएं होने लगती हैं. डाइटिशियन वीना वी ने TOI को बताया कि सही खानपान के जरिए शरीर में आयरन की कमी को काफी हद तक सुधारा जा सकता है.आयरन की कमी अचानक नहीं होती, बल्कि धीरे-धीरे विकसित होती है. अनियमित भोजन, साबुत अनाज की जगह ज्यादा प्रोसेस्ड अनाज खाना, हरी सब्जियों का कम सेवन और आयरन के सही एब्जॉर्ब की कमी इसके मुख्य कारण हैं. पौधों से मिलने वाला आयरन शरीर में आसानी से अब्सॉर्प्शन नहीं हो पाता, इसलिए भोजन के सही संयोजन का ध्यान रखना जरूरी होता है.

हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक और चौलाई आयरन, फोलेट और फाइबर से भरपूर होती हैं. इनका सेवन टमाटर या नींबू जैसे विटामिन-C वाले खाद्य पदार्थों के साथ करने से आयरन का अब्सॉर्प्शन बेहतर होता है. दाल और चना भी आयरन और प्रोटीन के अच्छे सोर्स हैं. दाल में टमाटर डालकर पकाना या चने के साथ कच्चा प्याज और नींबू लेना आयरन के अब्सॉर्प्शन को बढ़ा सकता है.

गुड़ और खजूर भी शरीर को आयरन देने में मदद करते हैं. भोजन के बाद थोड़ा सा गुड़ या सुबह भीगे हुए खजूर खाना फायदेमंद हो सकता है, हालांकि मधुमेह के मरीजों को इसे सीमित मात्रा में लेना चाहिए, इसके अलावा कद्दू के बीज और रागी भी आयरन से भरपूर होते हैं. इन्हें सलाद, दही या रोजमर्रा के भोजन में शामिल किया जा सकता है.आयरन लेना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उसका सही तरीके से अब्सॉर्प्शन होना भी है. नींबू, संतरा, अमरूद और टमाटर जैसे विटामिन-C वाले खाद्य पदार्थ आयरन के अब्सॉर्प्शन को बढ़ाते हैं. वहीं भोजन के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीने से आयरन का अब्सॉर्प्शन कम हो सकता है, इसलिए कम से कम एक घंटे का अंतर रखना बेहतर माना जाता है.

World : मिडिल ईस्ट में जंग से भारतीय एयरलाइंस को रोजाना करोड़ों का नुकसान, सरकार से की गयी हे या मांग

0

मिडिल ईस्ट में जंग के चलते भारतीय एयरलाइंस को रोजाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है. Industry experts का कहना है कि कुल मिलाकर एयरलाइन्स को ₹150-200 करोड़ प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है.मिडिल ईस्ट में जंग के चलते भारतीय एयरलाइंस को रोजाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है. ऐसे में अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो किराये और बढ़ेंगे और कनेक्टिविटी भी कम हो जाएगी. सिंगापुर में जेट फ्यूल का बेंचमार्क प्राइस 72 फीसदी उछलकर $225.44 प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जो रिकॉर्ड हाई है.

आम आदमी भी इस से दूर नहीं है क्योंकि ATF का खर्च एक सामान्य हवाई किराये का करीब 40 फीसदी होता है यानी तेल महंगा हुआ तो ticket prices अपने आप बढ़ेंगी. इसी के चलते Air India, IndiGo और दूसरी एयरलाइन्स के अफसर नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से मिले और सरकार से राहत की गुहार लगाई.मंत्री नायडू की 7 मार्च को एयरलाइन एग्जीक्यूटिव्स के साथ बैठक भी हुई, जिसमें साफ कहा गया कि West Asia में जंग अगर लंबी चली तो भारतीय एयरलाइन्स को भारी नुकसान होगा. 1 मार्च से ATF की कीमत दिल्ली में ₹96,638 प्रति kilolitre हो गई पिछले rate से ₹5,215 ज़्यादा है. War-risk insurance के premium में भी भारी उछाल आया है.

एक अनुमान के अनुसार Delhi-Dubai-Delhi जैसे routes पर narrow-body aircraft के लिए कुछ 30-40 लाख रुपये प्रति flight और wide-body के लिए ₹90 लाख तक का अतिरिक्त खर्च एयरलाइन्स उठा रही है. 1 मार्च को एक ही दिन में 350 फ्लाइट्स कैंसिल हुईं. कोविड के बाद यह सबसे बड़ा single-day disruption था. IndiGo ने अकेले 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच 500 से ज़्यादा flights cancel की हैं.Industry experts का कहना है कि कुल मिलाकर एयरलाइन्स को ₹150-200 करोड़ प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है. गल्फ देशों से भारत आने वाली फ्लाइट्स में तो यात्री होते हैं लेकिन इंडिया से गल्फ जाने वाली फ्लाइट्स लगभग खाली जा रही हैं क्योंकि लोग वापस आ रहे हैं जा कोई नहीं रहा. इससे एयरलाइन्स को डबल नुकसान हो रहा है.

Iran और West Asia का एयर स्पेस बंद होने से India-Europe और India-North America routes पर फ्लाइट्स लंबे रास्ते से जा रही हैं. IndiGo की Amsterdam, London और Manchester flights प्रभावित हैं. Air India Europe और North America के लिए alternate routes से उड़ान भर रही है लेकिन यह लंबे समय तक चला तो economically viable नहीं रहेगा.एयरलाइन्स ने सरकार से ATF पर excise duty में कमी करने, AAI fees में राहत देने और regulatory support की मांग की है. सरकार ने अभी कोई direct financial package घोषित नहीं किया है, लेकिन अगर jet fuel prices और बढ़ी तो support measures पर विचार करने का आश्वासन दिया है. ICRA पहले ही FY26 में Indian aviation sector को ₹17,000-18,000 करोड़ के घाटे का अनुमान दे चुकी है.

National : इजरायल- ईरान जंग में चारों तरफ लाशें! जानें किस देश में हुईं सबसे ज्यादा मौतें

0

लेबनान में हालात बेहद गंभीर हैं. यहां 394 लोगों की मौत हो चुकी है और 1000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. लगातार हमलों के कारण हालात और बिगड़ते जा रहे हैं.पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने सिर्फ कुछ दिनों में ही कई देशों को अपनी चपेट में ले लिया है. पिछले 10 दिनों में हमलों और जवाबी कार्रवाई में हजारों लोग मारे गए हैं और कई हजार घायल हुए हैं. सबसे ज्यादा असर ईरान और लेबनान में देखा गया है, जबकि खाड़ी और आसपास के कई देशों में भी मौत और घायलों की खबरें सामने आई हैं.

युद्ध में अब तक ईरान में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. यहां 1332 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल बताए जा रहे हैं. लगातार हमलों और सैन्य कार्रवाई के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं.अमेरिका के 8 लोगों की मौत हुई है, जबकि 18 लोग घायल हुए हैं. वहीं, इजरायल में 13 लोगों की मौत और 2000 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं.लेबनान में हालात बेहद गंभीर हैं. यहां 394 लोगों की मौत हो चुकी है और 1000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. लगातार हमलों के कारण हालात और बिगड़ते जा रहे हैं.

इससे एक दिन पहले सऊदी सिविल डिफेंस एजेंसी ने कहा था कि हमले में एक भारतीय और एक बांग्लादेशी की मौत हुई है. दूतावास ने एक्स पर जारी बयान में कहा, ‘कल शाम अल-खार्ज में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में किसी भारतीय की मौत नहीं हुई, यह राहत की बात है. इस मामले में दूतावास संबंधित सऊदी अधिकारियों के संपर्क में है.’ दूतावास ने यह भी बताया कि कम्युनिटी वेलफेयर काउंसलर वाई. साबिर ने देर रात अल-खार्ज पहुंचकर घायल भारतीय नागरिक से मुलाकात की इराक में 6 लोगों की मौत हुई है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं. वहीं,जॉर्डन में 14 लोग घायल बताए गए हैं. अब तक साइप्रस में किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं है.

Bollywood : ‘2013 से पहले सिंगर्स के साथ ’ श्रेया घोषाल ने खोली म्यूजिक इंडस्ट्री की पोल, आइये जानते हे

बॉलीवुड को पॉपुलर सिंगर श्रेया घोषाल ने हाली में एक पॉडकास्ट में कई हैरान कर देने वाले खुलासे किए. उन्होंने म्यूजिक इंडस्ट्री पर बात की. आइए जानते है सिंगर ने क्या कहा.श्रेया घोषाल बॉलीवुड की सबसे मशहूर और पसंदीदा सिंगर्स में से एक हैं, जिन्होंने अपने करियर में मनवा लागे, तेरी मेरी, बरसो रे, साथिया, मेरे ढोलना, हसी, चिकनी चमेली जैसे कई हिट गाने दिए हैं. हाल ही में उन्होंने म्यूजिक इंडस्ट्री को लेकर बड़ा खुलासा किया हैं. उन्होंने बताया कि 2013 से पहले सिंगर्स के साथ चीजें काफी अलग हुआ करती थीं.

श्रेया घोषाल ने हाल ही में राज शमानी के पॉडकास्ट में नजर आईं. जहां सिंगर म्यूजिक इंडस्ट्री को लेकर कई बाते कीं. जब उनसे पूछा गया कि साल 2013 आपका डाउनफॉल वाला साल था, ऐसा आपने क्यों कहा था? इस सवाल का जवाब देते हुए श्रेया ने कहा, ‘हां, क्योंकि उस टाइम हमने रॉयल्टी पर स्टैंड लिया, तो इंडस्ट्री दो हिस्सों में बंट गई.’

उन्होंने कहा, ‘हमारी इंडस्ट्री में कोई रूलबुक नहीं है इसीलिए उस वक्त बहुत बुरा टाइम था जो आपको सोचने पर मजबूर करता था कि क्या इस इंडस्ट्री में बने रहना उचित है. सिंगर्स कभी एग्रीमेंट्स नहीं दिए जाते थे, पैसे नहीं दिए जाते थे यहां तक कि उस गाने में सिंगर्स का कोई क्रेडिट नहीं होता था. उस गाने पर हमारा कोई हक नहीं होता था ऐसा था सिस्टम.’उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन अब ये चेंज आ रहा है, मैं उन आर्टिस्ट की रिस्पेक्ट करती हूं जिन्होंने बिना फिल्म सपोर्ट के अपना रास्ता खुद बनाया. भले ही वे अच्छा गाते हों या बुरा लेकिन मेरी नजरों में उनकी रिस्पेक्ट है. क्योंकि बहुत परेशान किया गया है परफॉर्मर, सिंगर्स और कंपोजर्स को. ना पैसे देंगे न क्रेडिट देंगे. बोला जाता था आपका गाना हो गया आपको इससे कोई मतलब नहीं है, तो कोई सही तरीका नहीं है.’

श्रेया ने आगे बताया, ‘ये वो साल था जब सिंगर्स को पता चला कि कौन किस मिट्टी का बना हुआ है और हमने स्टैंड लिया. इसके बाद दूध का दूध और पानी का पानी हुआ. लेकिन उसकी वजह से कुछ अच्छे सिंगर्स और म्यूजिशियन का करियर गिरता गया और नए लोग इंडस्ट्री में आते गए. आशिकी उसी टाइम आई और तब कुछ आशा जगी कि इंडस्ट्री में कुछ अच्छे लोग भी हैं जो सिंगर्स को सपोर्ट कर रहे थे.’

Life style : सर्विस सेंटर में फोन देने से पहले यह याद रखना है जरूरी, भूल गए तो बड़ा खतरा हो सकता हे, बादमे हो जाएगा भयंकर नुकसान

0

अगर आप अपने फोन को रिपेयर के लिए सर्विस सेंटर पर दे रहे हैं तो रिपेयर मोड को ऑन जरूर कर दें. इससे आपका डेटा प्रोटेक्टेड रहेगा.आजकल फोन में हर टाइप का सेंसेटिव डेटा स्टोर होता है. अगर यह किसी के हाथ लग जाए तो बड़ा नुकसान हो सकता है. इसे बचाने के लिए यूजर फोन को पासवर्ड या फेसआईडी आदि से लॉक भी करता है, लेकिन जब फोन रिपेयर के लिए सर्विस सेंटर पर जाता है तो वहां इसे ठीक करने वाले लोग डेटा को एक्सेस कर सकते हैं. यूजर डेटा को सर्विस पर्सन से बचाने के लिए आजकल कंपनियां अपने-अपने फोन में अलग-अलग मोड देने लगी हैं. सर्विस सेंटर पर फोन देने से पहले इसे एक्टिवेट करना जरूरी है.

जब आप फोन सर्विस सेंटर पर देते हैं तो आपसे इसके पासवर्ड पूछे जाते हैं. कई बार आपको पासवर्ड या फेसआईडी जैसी प्रोटेक्शन हटाने को भी कहा जाता है. आमतौर पर कंपनियों के सर्विस सेंटर भरोसेमंद होते हैं, लेकिन फिर भी डेटा को एक्सेस करना का डर बना रहता है. बिना प्रोटेक्शन के कोई भी आपके फोन के मैसेज, ईमेल, कॉन्टैक्ट्स और गैलरी आदि को देख सकता है. यूजर डेटा को सुरक्षित रखने के लिए कंपनियां नया सेफ्टी मोड देने लगी हैं. यह अलग-अलग फोन में Maintenance mode, Repair mode या Accessibility mode आदि के नाम से आता है. यह मोड एक्टिवेट करने के बाद टेक्नीशियन सिर्फ फोन के हार्डवेयर कंपोनेंट को टेस्ट कर पाएंगे और उनके पास यूजर्स की ऐप्स और फाइल्स आदि की एक्सेस नहीं होगी. इसका यह फायदा है कि आपका फोन भी ठीक हो जाएगा और डेटा भी प्रोटेक्टेड रहेगा.

सैमसंग- अगर आपके पास सैमसंग का मॉडर्न स्मार्टफोन है तो सेटिंग में जाकर डिवाइस केयर पर टैप करें और मैंटेनेंस मोड को ऑन कर लें.
गूगल- अगर आप गूगल पिक्सल डिवाइस यूज कर रहे हैं तो सेटिंग में जाकर रिपेयर मोड को ऑन करें.
ऐप्पल- आईफोन में सेटिंग में जनरल ओपन करें और ट्रांसफर और रिसेट फोन के ऑप्शन पर टैप करें. यहां प्रीपेयर फॉर रिपेयर का ऑप्शन दिख जाएगा.
वनप्लस- वनप्लस के डिवाइस में यह ऑप्शन सेटिंग में जाने के बाद प्राइवेसी ऑप्शन में रिपेयर मोड नाम से मिलेगा. रेडमी और पोको- इन कंपनियों के डिवाइस की सेटिंग में जाकर प्राइवेसी प्रोटेक्शन ऑप्शन पर जाएं और यहां रिपेयर मोड को ऑन कर लें.
वीवो और iQOO- सेटिंग में जाकर प्राइवेसी सेक्शन में जाएं और रिपेयर मोड को ऑन कर लें.

Bollywood : ‘लस्ट स्टोरीज 3’ में फिर रोमांटिक अवतार में दिखाई देंगे अली फजल, शकुन बत्रा संग काम को लेकर कही ये बात

एक्टर अली फजल जल्द ही ‘लस्ट स्टोरीज 3’ में रोमांटिक अवतार में दिखाई देंगे. उन्होंने अपने किरदार को लेकर बात की है साथ ही शकुन बत्रा संग काम करने का अनुभव शेयर किया है.एक्टर अली फजल, जो कभी दमदार गुड्डू भैया के किरदार में तो कभी संवेदनशील और गहराई वाले किरदारों में नजर आए हैं, अब एक बार फिर दर्शकों को चौंकाने के लिए तैयार हैं. इस बार वह ‘लस्ट स्टोरीज 3’ में अपने रोमांटिक ‘लवर बॉय’ अवतार में दिखाई देंगे, जो इमोशनली गहरी प्रेम कहानी को दिखाएगा.

अली आखिरी बार ‘मेट्रो इन डिनो’ में नजर आए थे, जहां उन्होंने एक संगीतकार का किरदार निभाया था, जो प्यार और अपनी भावनाओं के उतार-चढ़ाव से गुजरता है. इसी रोमांटिक सफर को आगे बढ़ाते हुए ‘लस्ट स्टोरीज 3′ में अली एक बेहद इमोशनल किरदार में नजर आएंगे. इस फिल्म में उनके साथ राधिका मदान भी हैं. फिल्म का निर्देशन मशहूर निर्देशक शकुन बत्रा कर रहे हैं, जो रिश्तों को बेहद संवेदनशील तरीके से दिखाने के लिए जाने जाते हैं.इस प्रोजेक्ट को लेकर खुशी जताते हुए अली ने कहा, ”लस्ट स्टोरीज 3’ मेरे पास ऐसे समय आई, जब मैं कुछ इमोशनल और सच्चा काम करना चाहता था. शकुन बत्रा लोगों के इमोशन्स और व्यवहार को बहुत अच्छे से समझते हैं. वह सिर्फ सीन डायरेक्ट नहीं करते, बल्कि कलाकारों को उसे महसूस करने और जीने की आज़ादी देते हैं.

उन्होंंने कहा, ‘उनके साथ काम करना मेरे लिए बहुत सैटिसफाइंग, क्योंकि वह ओवरएक्टिंग के बजाय सच्चाई के साथ काम करने के लिए इंस्पायर करते हैं. यह कहानी प्यार, चाहत और इमोशन्स को बहुत असली तरीके से दिखाती है. काफी समय बाद फिर से रोमांटिक किरदार निभाना मुझे सच में अच्छा लगा.’

उन्होंने आगे कहा, ‘फिर से लवर बॉय का किरदार निभाने में एक अलग तरह की आजादी महसूस होती है, लेकिन आज के समय के हिसाब से – थोड़ा कमजोर, संवेदनशील और भावनाओं को समझने वाला. मुझे लगता है कि दर्शक मेरा एक बिल्कुल अलग अंदाज देखेंगे, और यही बात ‘लस्ट स्टोरीज 3’ को लेकर मुझे सबसे ज्यादा उत्साहित करती है.’बता दें, नेटफ्लिक्स की पॉपुलर फ्रेंचाइजी ‘लस्ट स्टोरीज’ का हिस्सा ‘लस्ट स्टोरीज 3’ रिश्तों को एक नए और मॉडर्न नजरिए से दिखाने का वादा करती है. अली फजल की यह परफॉर्मेंस उनके लगातार विकसित होते फिल्मी सफर में एक और दिलचस्प अध्याय जोड़ने वाली है.

- Advertisement -

News of the Day