Thursday, September 17, 2026
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NATIONAL : स्वतंत्रता दिवस से पहले 78 गैलेंट्री अवॉर्ड्स का ऐलान, 13 वीर जवानों को मरणोपरांत सम्मान, 19 जवानों को शौर्य चक्र

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स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा में असाधारण वीरता, साहस और सर्वोच्च बलिदान का परिचय देने वाले वीरों को सम्मानित करने के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है. इन वीरता पुरस्कारों में 13 पुरस्कार मरणोपरांत दिए गए हैं. इसके साथ ही राष्ट्रपति ने 89 ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ यानी विशेष उल्लेख को भी मंजूरी दी है, जिनमें भारतीय सेना के 75, भारतीय नौसेना के 4 और भारतीय वायुसेना के 10 जवान शामिल हैं.

9 कीर्ति चक्र, 7 मरणोपरांत
राष्ट्रपति भवन से जारी सूची के अनुसार इस बार दिए जाने वाले वीरता पुरस्कारों में 9 कीर्ति चक्र, जिनमें 7 मरणोपरांत हैं; 1 शौर्य चक्र के लिए ‘बार’; 19 शौर्य चक्र, जिनमें 1 मरणोपरांत है; 5 सेना मेडल वीरता के लिए ‘बार’; 36 सेना मेडल वीरता, जिनमें 5 मरणोपरांत हैं; 3 नौसेना मेडल वीरता; और 5 वायु सेना मेडल वीरता शामिल हैं.

देश की सेवा में असाधारण वीरता और साहस दिखाने वाले 9 वीरों को इस वर्ष कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है.

नाम और पद यूनिट / विवरण सर्विस नंबर स्थिति
लेफ्टिनेंट कर्नल मैनियो फ्रांसिस पीएफ, एससी 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज –
मेजर जितेंद्र राठी 2 पैरा स्पेशल फोर्सेज आईसी-80956एफ –
हवलदार गजेंद्र सिंह 2 पैरा स्पेशल फोर्सेज 13627256के मरणोपरांत
जगबीर सिंह, हेड कांस्टेबल – – मरणोपरांत
जसवंत सिंह, एसजी कांस्टेबल – – मरणोपरांत
बलविंदर सिंह, एसजी कांस्टेबल – – मरणोपरांत
तारिक हुसैन, एसजी कांस्टेबल – – मरणोपरांत
बशीर अहमद, हेड कांस्टेबल – – मरणोपरांत
सुनील कुमार, इंस्पेक्टर एसटीएफ – – मरणोपरांत

शौर्य चक्र से किया गया सम्मानित
देश की सेवा में अदम्य साहस और वीरता दिखाने वाले जवानों को इस वर्ष शौर्य चक्र और बार टू शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है. मेजर आदित्य प्रताप सिंह, एससी, एसएम, द राजपूताना राइफल्स, 44 असम राइफल्स – आईसी-87240एल को बार टू शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है. कुल 19 वीरों को शौर्य चक्र दिया गया है, जिनमें सेना के 11 वीर, नौसेना और वायुसेना के एक-एक वीर, और गृह मंत्रालय के छह वीर शामिल हैं.

सेना के 11 वीर-

नाम और पद यूनिट / रेजिमेंट सर्विस नंबर स्थिति
मेजर परमवीर द गढ़वाल राइफल्स, 36 राष्ट्रीय राइफल्स आईसी-78412एन –
मेजर तरुण वासुदेवन द कोर ऑफ इंजीनियर्स, 57 राष्ट्रीय राइफल्स आईसी-83437के –
मेजर केशव कुमार 12 डोगरा आईसी-85497एक्स –
मेजर गौरव सिंह ब्रिजवाल 21 ग्रेनेडियर्स आईसी-87542एक्स –
मेजर विपीन कुमार द कोर ऑफ सिग्नल्स, 11 राष्ट्रीय राइफल्स एसएस-50534वाई –
नायब सूबेदार शंकर राम 3 असम राइफल जेसी-38391ए –
नायब सूबेदार डब्बल सिंह बिष्ट 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज जेसी-41545एल –
हवलदार जगतार सिंह 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज 13771448डब्ल्यू –
लांस नायक नरेंद्र सिंधु द राजपूताना राइफल्स, 9 राष्ट्रीय राइफल्स 16029546एल मरणोपरांत
लांस नायक कपिल देव द डोगरा रेजिमेंट, 11 राष्ट्रीय राइफल्स 20003223एक्स –
सिपाही जसविंदर सिंह 7 सिख लाइट इंफैंट्री 4498738एल –
नौसेना

नाम और पद विभाग / यूनिट सर्विस नंबर स्थिति
लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार नौसेना 10119-वाई –
स्क्वाड्रन लीडर सुधीर कुमार, फ्लाइंग पायलट वायुसेना 34544 –
धीरज सिंह कटोच, डीएसपी गृह मंत्रालय – –
अजय सिंह चिब, इंस्पेक्टर गृह मंत्रालय – –
सुखवीर सिंह, डीवाई एसपी गृह मंत्रालय – –
नियाज अहमद, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर गृह मंत्रालय – –
अंजनी कुमार, डिप्टी कमांडेंट गृह मंत्रालय – –
दीपक साह, कांस्टेबल गृह मंत्रालय – –
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5 जवानों को बार टू सेना मेडल से सम्मानित
देश की सेवा में असाधारण वीरता और साहस का परिचय देने वाले 5 सेना के जवानों को इस वर्ष “बार टू सेना मेडल (गैलेंट्री)” से सम्मानित किया गया है. सभी थल सेना से हैं.

बार टू सेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित

नाम, पद और सम्मान यूनिट / रेजिमेंट सर्विस नंबर
मेजर डी.एस. पाओशो, एसएम 7 मद्रास आईसी-80355एच
मेजर अनुज महाजन, एसएम द मैकेनाइज्ड इंफैंट्री, 36 असम राइफल्स आईसी-83875एम
मेजर कृष्ण कांत, एसएम 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज आईसी-87111एल
सूबेदार रमेश कुमार, एसएम 159 इंफैंट्री बटालियन, टेरिटोरियल आर्मी टीजे-7220एम
नायब सूबेदार राजेंद्र सिंह, एसएम 2 पैरा स्पेशल फोर्सेज जेसी-415468वाई
36 सेना अधिकारियों को सेना मेडल (गैलेंट्री)
देश की सेवा में अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करने वाले सेना के 36 अधिकारियों को इस वर्ष “सेना मेडल (गैलेंट्री)” से सम्मानित किया गया है.

सेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित (सेना)

नाम और पद यूनिट / रेजिमेंट सर्विस नंबर स्थिति
लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्कर विजय चौधरी 27 इंडिपेंडेंट आरएंडओ फ्लाइट आईसी-68017एम –
लेफ्टिनेंट कर्नल सोनम टोपडेन भूटिया 2/8 गोरखा राइफल्स आईसी-74505एल –
मेजर सुधांशु शेखर पानी द पैरा रेजिमेंट, 9 राष्ट्रीय राइफल्स आईसी-78347वाई –
मेजर मोहित पोडिया द रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी, 37 असम राइफल्स आईसी-79207वाई –
मेजर आर. साहिल द गढ़वाल राइफल्स, 33 असम राइफल्स आईसी-81637एफ –
मेजर बलेंदु कुमार झा 24 ग्रेनेडियर्स आईसी-81799एम –
मेजर रवि शंकर जोशी द राजपूताना राइफल्स, 57 राष्ट्रीय राइफल्स आईसी-83375पी –
मेजर रूपम दास 8 बिहार आईसी-83402एन –
मेजर अर्णव बाली द मैकेनाइज्ड इंफैंट्री, 9 राष्ट्रीय राइफल्स आईसी-84854एच –
मेजर अंशुमान रंजन 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज आईसी-85096एच –
मेजर अरविंद कुमार द कोर ऑफ इंजीनियर्स, 33 असम राइफल्स एसएस-50193एफ –
कैप्टन करण सिंह चीमा द असम रेजिमेंट, 59 राष्ट्रीय राइफल्स आईसी-85703डब्ल्यू –
कैप्टन हरीश सिंह डेवली द मराठा लाइट इंफैंट्री, 17 राष्ट्रीय राइफल्स आईसी-85766वाई –
कैप्टन मोहित रावत द कोर ऑफ सिग्नल्स, 44 असम राइफल्स आईसी-85825ए –
कैप्टन अंशुमान सिंह 11 पैरा स्पेशल फोर्सेज आईसी-89386एक्स –
कैप्टन बाणे स्वराज सुधीर 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज आईसी-89629एक्स –
कैप्टन पृथ्वीराज जयसिंग निघोट 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज आईसी-89864डब्ल्यू –
कैप्टन साविक 5/9 गोरखा राइफल्स आईसी-90222एन –
लेफ्टिनेंट भानु प्रताप सिंह 12 डोगरा आईसी-90771एन –
लेफ्टिनेंट अमन पांडे 8 बिहार आईसी-91460एम –
असिस्टेंट कमांडेंट बिकाश राई 11 असम राइफल्स एआर-422एल –
सूबेदार पवन कुमार 11 पैरा स्पेशल फोर्सेज जेसी-414522पी –
सूबेदार पेरभात गौर द पैरा रेजिमेंट, 9 राष्ट्रीय राइफल्स जेसी-414902एन मरणोपरांत
सूबेदार कनसे नामदेव बालकृष्ण 18 मराठा लाइट इंफैंट्री जेसी-462184ए –
सूबेदार बलजिंदर सिंह 7 सिख लाइट इंफैंट्री जेसी-512278डब्ल्यू –
नायब सूबेदार दयाल सिंह द गढ़वाल राइफल्स, 36 राष्ट्रीय राइफल्स जेसी-534325एक्स –
हवलदार एल. जोएल कोम 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज 13629139एक्स –
हवलदार मुल्ला अबिदाली अशरफअली 18 मराठा लाइट इंफैंट्री 2805482एक्स –
लांस हवलदार पलाश घोष द पैरा रेजिमेंट, 19 राष्ट्रीय राइफल्स 13627760के मरणोपरांत
नायक अली मोहम्मद खान 24 ग्रेनेडियर्स 2708808वाई –
लांस नायक सुजय घोष द पैरा रेजिमेंट, 19 राष्ट्रीय राइफल्स 13633700एल मरणोपरांत
लांस नायक अभिमन्यु सिंह 21 ग्रेनेडियर्स 27184949डब्ल्यू –
लांस नायक बिधा सिंह द जाट रेजिमेंट, 34 राष्ट्रीय राइफल्स 3211267एफ –
लांस नायक प्रीतपाल सिंह द सिख लाइट इंफैंट्री, 19 राष्ट्रीय राइफल्स 4494501एच मरणोपरांत
सिपाही हरमिंदर सिंह द सिख लाइट इंफैंट्री, 19 राष्ट्रीय राइफल्स 4495410एल मरणोपरांत
पैराट्रूपर हिमांशु कुमार 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज 13635609एन –
शौर्य पदक से किया सम्मानित
देश की सेवा में असाधारण वीरता और साहस दिखाने वाले नौसेना और वायुसेना के अधिकारियों को इस वर्ष शौर्य पदकों से सम्मानित किया गया है.

नौसेना

नाम और पद विभाग / शाखा सर्विस नंबर
कमांडर विनीत शर्मा नौसेना 06451-के
कमांडर युवराज कुमार नौसेना 05739-टी
एसी अविनाश अन्नासो पीओए (एफडी) नौसेना 233134
ग्रुप कैप्टन राहुल जगोटा, फ्लाइंग पायलट वायुसेना 28651
ग्रुप कैप्टन राहुल रावत, फ्लाइंग पायलट वायुसेना 29023
विंग कमांडर आशीष राजपूत, फ्लाइंग पायलट वायुसेना 30734
फ्लाइट लेफ्टिनेंट यश, फ्लाइंग पायलट वायुसेना 36829
मास्टर वारंट ऑफिसर रविंदरजीत सिंह, पैराशूट जंप इंस्ट्रक्टर वायुसेना 721298
राष्ट्रपति ने 89 ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ (विशेष उल्लेख) को भी मंजूरी दी है. इनमें भारतीय सेना के 75, भारतीय नौसेना के 4, और भारतीय वायु सेना के 10 जवान शामिल हैं.

NATIONAL : राष्ट्रपति मुर्मू का देश के नाम संदेश: बोलीं-सिंधु जल संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में; सात बड़ी बातें

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित किया। उन्होंने देश-विदेश के भारतीयों को बधाई दी और स्वतंत्रता के 80वें वर्ष के आगाज पर हर नागरिक से देश की प्रगति और तरक्की में योगदान देने का आह्वान किया।

80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश को संबोधित किया। उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ ही घंटों बाद भारत की आजादी के 80वें साल की शुरुआत होने जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक विकसित देश बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ने हर नागरिक से देश के लिए जागरूक रहने और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने की अपील की। अपने भाषण में उन्होंने देश की तरक्की, संविधान, विदेश नीति, सरदार पटेल, सिंधु जल संधि और सरकार की कई योजनाओं के बारे में बात की। जानिए राष्ट्रपति के भाषण की सात बड़ी बातें…

  1. हर भारतीय देश की तरक्की में अपना योगदान दे: मुर्मू
    राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले भारतीय स्वतंत्रता दिवस का त्योहार खुशी के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि हर भारतीय को अपने सपनों को पूरा करने के साथ देश सर्वश्रेष्ठ बनाने में भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए। देश की तरक्की में योगदान देना ही आजादी की असली कीमत है।

उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, मजदूरों और किसानों की मेहनत की तारीफ की। राष्ट्रपति ने कहा कि सभी लोग अपने-अपने काम से देश को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।

  1. हमारा संविधान जनता की भागीदारी पर टिका है-मुर्मू
    राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि हमारा संविधान जनता की भागीदारी पर आधारित है। देश के लोग इस भावना को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की बड़ी ताकत बताया। राष्ट्रपति ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की भी बात की। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक हिंसा के कारण लाखों लोगों को अपना घर छोड़कर शरणार्थी बनना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने अपनी पहचान नहीं छोड़ी।
  2. मुर्मू बोलीं- देश के हित में है भारत की विदेश नीति
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत की विदेश नीति देश के हित को ध्यान में रखकर बनाई जाती है। आर्थिक सहयोग बढ़ाने और दूसरे देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने के लिए भारत ने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ के देशों में भारत आगे बढ़कर काम कर रहा है। दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है।

राष्ट्रपति ने पर्यावरण को बचाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि हमें ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे आने वाली पीढ़ियों को प्राकृतिक संसाधनों की कमी का सामना करना पड़े। पर्यावरण की रक्षा करना हमारी परंपरा का हिस्सा है।

  1. सरदार पटेल ने 550 से ज्यादा रियासतों को भारत से जोड़ा: राष्ट्रपति
    राष्ट्रपति ने सरदार वल्लभभाई पटेल को याद किया। उन्होंने कहा कि जब देश आजाद हुआ था, तब 550 से ज्यादा रियासतों को भारत से जोड़ना बड़ी चुनौती थी। सरदार पटेल ने इन रियासतों को भारत में मिलाया। राष्ट्रपति ने लौहपुरुष सरदार पटेल को नमन करते हुए उन्हें आधुनिक भारत का शिल्पकार बताया।
  2. सिंधु जल संधि रोकना राष्ट्रीय हित में सही कदम
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि न्याय व्यवस्था से जुड़े हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि पैसे या संसाधनों की कमी के कारण किसी को न्याय से वंचित न रहना पड़े। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में है। खासकर किसानों के लिए यह एक बड़ा और निर्णायक कदम है।
  3. 25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर, 80 करोड़ को मुफ्त राशन
    राष्ट्रपति ने कहा कि देश में 25 करोड़ से ज्यादा लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत करीब 59 करोड़ लोग बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ चुके हैं। इनमें 32 करोड़ से ज्यादा महिलाएं हैं।

उन्होंने कहा कि 80 करोड़ लोगों के लिए मुफ्त राशन की व्यवस्था की गई है। इससे उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 60 करोड़ लोगों को हर साल पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है।

  1. मराठा किलों के बाद सारनाथ को यूनेस्को की मान्यता-राष्ट्रपति
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह भी कहा कि पिछले साल मराठा सैन्य परंपरा से जुड़े 12 किलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था। इस साल भगवान बुद्ध के पहले उपदेश स्थल सारनाथ को भी यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में जगह मिली है।

राष्ट्रपति जी के संबोधन पर प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भाषण की सराहना करते हुए कहा, ‘स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बहुत ही विचारशील और प्रेरक संबोधन दिया है। इसमें उन्होंने हमारे राष्ट्र की सामूहिक प्रगति और भविष्य के अवसरों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला है। उन्होंने हमें उन बलिदानों की याद दिलाई जिनसे देश की आजादी का मार्ग प्रशस्त हुआ, और प्रत्येक नागरिक से राष्ट्र-निर्माण में बढ़-चढ़कर योगदान देने का आह्वान किया है।

NATIONAL : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का देश के नाम संबोधन, कहा- आज भारत में हर नागरिक देख सकता है बड़े सपने

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80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राष्ट्र निर्माण, विभाजन की विभीषिका, विकास, सामाजिक न्याय और भारत की विरासत पर बात की।

80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश और दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीयों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अब से कुछ ही घंटों में देश की आजादी का 80वां साल शुरू होने जा रहा है। उन्होंने देशवासियों से अपने सपनों को साकार करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि स्वतंत्रता का सच्चा अर्थ निरंतर प्रगति में योगदान देना है और आज का भारत एक ऐसा राष्ट्र बन गया है जहां एक साधारण पृष्ठभूमि का व्यक्ति भी बड़े सपने देख सकता है और उन्हें पूरा कर सकता है।

राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी – राष्ट्रपति
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारा तिरंगा देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता का गौरवशाली प्रतीक है, जिसे हम पूरे गौरव के साथ फहराते हैं। 15 अगस्त 1947 को सभी देशवासी स्वतंत्र भारत के भाग्य विधाता बने। समर्पित छात्र और शिक्षक, विकास के लिए समर्पित वैज्ञानिक और इंजीनियर, स्वास्थ्य देखभाल में लगे डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी, मेहनती कार्यकर्ता और अन्नदाता किसान अपने-अपने स्तर पर राष्ट्र निर्माण में लगे हुए हैं। वेद वाक्य ‘वयं राष्ट्रे जागृयाम’ का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने नागरिकों से राष्ट्र के प्रति सदैव सतर्क रहने और मौलिक कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने का आग्रह किया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वतंत्रता संग्राम के महान आदर्शों और सेनानियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में देशवासी स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हुए, जबकि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय निष्ठा के उच्च मानक स्थापित किए।

राष्ट्रपति ने विभाजन की विभीषिका को किया याद
राष्ट्रपति ने 14 अगस्त को मनाए जाने वाले विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक हिंसा के कारण लाखों लोगों को शरणार्थी बनना पड़ा और विभाजन की भयावह परिस्थितियों से गुजरना पड़ा। इसके बावजूद लोगों ने अपनी पहचान और साहस बरकरार रखा।

राष्ट्रपति ने कहा कि आजादी के समय देश के सामने विभाजन के गंभीर परिणामों के अलावा 550 से अधिक रियासतों को नव स्वतंत्र भारत में शामिल करने की चुनौती भी थी। सरदार पटेल ने राजशाही व्यवस्थाओं को समाप्त कर इन रियासतों को स्वतंत्र लोकतंत्र में विलय कराया।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में जनभागीदारी की भावना हमेशा मौजूद रही है और आज भी सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले लोग विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के भारत में हर व्यक्ति बड़े सपने देख सकता है और उन्हें पूरा भी कर सकता है।

गरीबी उन्मूलन और समाज कल्याण की उपलब्धियां गिनाईं
राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले वर्षों में 25 करोड़ से ज्यादा लोगों को गरीबी से मुक्ति दिलाने में सफलता मिली है। इसके अलावा प्रधानमंत्री जनधन योजना के जरिए करीब 59 करोड़ लोग बैंकिंग सिस्टम से जुड़े हैं, जिनमें 32 करोड़ से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 60 करोड़ नागरिकों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज और किसानों को किसान सम्मान निधि और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल पेमेंट का जिक्र
राष्ट्रपति ने भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान देश के गांवों में छोटी दुकानों और रेहड़ी-पटरी वालों तक पहुंच गया है। दुनिया के आधे से अधिक वास्तविक समय के डिजिटल लेनदेन भारत में हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने तकनीक का उपयोग कर पारदर्शी तरीके से लोगों तक जनकल्याणकारी सुविधाएं पहुंचाने का काम किया है।

हाईवे, रेलवे, वाटरवे और एयरवे के विस्तार से मिले रोजगार के अवसर
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में हाईवे, वाटरवे, रेलवे और एयरवे के रूप में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हुआ है। इससे नए अवसर पैदा हो रहे हैं, रोजगार का सृजन हो रहा है और निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे निवेश का भी जिक्र किया और कहा कि इसके सकारात्मक परिणाम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन के रूप में दिख रहे हैं।

NATIONAL : मध्य प्रदेश में 4 दिन नहीं थमेगी बारिश, 48 जिलों में अलर्ट; ग्वालियर से शहडोल तक तेज वर्षा

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मध्य प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है. बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम के कारण अगले 4 दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने 48 जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है. आने वाले दिनों में प्रदेश के किन जिलों में ज्यादा बारिश हो सकती है और कहां-कहां राहत मिल सकती है.

मध्य प्रदेश में इन दिनों मानसून पूरी तरह से एक्टिव है. प्रदेश के कई जिलों में पिछले चार दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है और इसके चलते आने वाले दिनों में भी बारिश से राहत मिलने की संभावना कम ही लग रही है. बंगाल की खाड़ी में मौसम का नया सिस्टम एक्टिव हुआ है, जिसके असर से आसपास एक नया लो-प्रेशर एरिया बनने की संभावना है. इसके कारण प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है.
बारिश का असर सिर्फ मध्य प्रदेश तक नहीं है बल्कि प्रदेश के आसपास बने हवा के दबाव और मौसम में बदलाव के कारण पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में भी तेज बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने आज मध्य प्रदेश के 48 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. कुछ जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है.

पूर्वी मध्य प्रदेश में बढ़ेगा बारिश का असर
अब तक प्रदेश के पश्चिमी हिस्से को जमकर हुई बारिश के बाद मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम पूर्वी एमपी की ओर बढ़ रहा है. शुक्रवार से जबलपुर, रीवा और शहडोल के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है. इन इलाकों में अगले तीन दिनों तक बारिश का असर बना रह सकता है. मौसम विभाग ने जबलपुर, रीवा और शहडोल के जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. वहीं, शिवपुरी और श्योपुर में भी गुरुवार को मौसम का असर देखने को मिल सकता है. इन जिलों में तेज बारिश हो सकती है.

आईएमडी के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया लो-प्रेशर सिस्टम मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियों को और बढ़ा सकता है. ऐसे में लोगों को जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है.

MP के इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, एमपी के मुरैना, श्योपुर, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, उमरिया, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली और मऊगंज में तेज बारिश हो सकती है. इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

वहीं, प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में बारिश का असर कम रहेगा. बड़वानी, इंदौर, देवास, खरगोन, बुरहानपुर, बैतूल और हरदा में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार हैं। इन इलाकों में दिनभर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं. इसके साथ ही बीच-बीच में तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।

WORLD : ट्रंप के ‘होर्मुज पर पूरा कंट्रोल’ वाले दावे को ईरान ने किया खारिज; कहा- अभी भी बंद है जलमार्ग, शर्तें माने बिना नहीं खुलेगा

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ईरान ने ट्रंप के होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका के “पूर्ण नियंत्रण” के दावे को खारिज किया है। ईरान का कहना है कि जलडमरूमध्य अभी बंद है और उसकी शर्तें पूरी होने तक नहीं खुलेगा।

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका के “पूर्ण नियंत्रण” की बात कही थी। ईरान का कहना है कि अमेरिकी अधिकारियों के बार-बार किए जा रहे दावों से जमीनी हकीकत नहीं बदलती और जलमार्ग अभी भी बंद है।

ईरान के फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण (PGSA) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “अमेरिकी अधिकारियों के दावों से सच नहीं बदलता, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है और जब तक ईरान की शर्तें स्वीकार नहीं की जातीं, इसे नहीं खोला जाएगा।”

ट्रंप का दावा -अमेरिका का स्टील वॉल की तरह पूर्ण नियंत्रण
ईरान का यह कड़ा जवाब राष्ट्रपति ट्रंप के ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर आए उस बयान के कुछ ही घंटों बाद आया है जिसमें उन्होंने लिखा था कि “अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरी तरह नियंत्रण है और वह इसे बनाए रखेगा।” उन्होंने क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक तैनाती को ‘स्टील की दीवार’ (Wall of Steel) बताते हुए दावा किया कि ईरान इसके खिलाफ कुछ नहीं कर सकता। ट्रंप ने यह भी दावा किया क ईरान का सैन्य ढांचा बुरी तरह कमजोर हो चुका है। ट्रंप ने लिखा, “उनके पास सिर्फ फेक न्यूज और 300% महंगाई बची है! ईरान केवल बातें करता है, कार्रवाई नहीं। वह अब मिडिल ईस्ट का दादा (Bully) नहीं रहा।” उन्होंने अपने बयान का अंत “Praise be to Allah” के साथ किया।

ईरान के नवनियुक्त सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) प्रमुख मोहसेन रेजाई ने कहा कि अमेरिका को सभी शर्तें पूरी करनी होंगी। उनके मुताबिक ईरान की प्रमुख मांगों में अमेरिका द्वारा युद्ध और नाकाबंदी खत्म करना, अमेरिका में ईरान की फ्रीज (जब्त) की गई संपत्तियां जारी करना और लेबनान व गाजा समेत पूरे क्षेत्र में युद्धविराम स्वीकार करना शामिल है। रेजाई ने कहा कि जब तक हमारी सभी शर्तें पूरी नहीं होतीं, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा।

वैश्विक तेल व्यापार के लिए क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है। इसके माध्यम से दुनिया के कुल पेट्रोलियम व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। हाल के हफ्तों में अमेरिका, इजरायल और ईरानी बलों के बीच हुए सीधे सैन्य संघर्षों के बाद इस इलाके में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष राजनयिक बातचीत भी चल रही है। बातचीत का मुख्य उद्देश्य तनाव कम करना और होर्मुज के जरिए सामान्य समुद्री यातायात बहाल करने की संभावना तलाशना है। लेकिन फिलहाल इस रास्ते से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को कड़ी सुरक्षा और भारी जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।

WORLD : पाक पत्रकार ने पूर्व पीएम इमरान खान की मौत का किया दावा, पाकिस्तान सेना ने किया खंडन

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पाकिस्तान के सीनियर पत्रकार वजाहत एस. खान ने इमरान खान की मौत का दावा किया है। उनके इस दावे पर पीटीआई की सेंट्रल मीडिया डिपार्टमेंट ने ट्वीट किया। हालांकि पाकिस्तानी सेना ने इमरान की मौत के दावों का खंडन किया।

पाकिस्तान के सीनियर पत्रकार वजाहत एस. खान ने पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की मौत का दावा किया। उनके इस दावे से दुनियाभर में हड़कंप मच गया। उन्होंने पाकिस्तानी सरकार और सेना में मौजूद सूत्रों के हवाले से यह दावा किया। उसके बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने मंगलवार को कहा कि पार्टी के संस्थापक इमरान खान की सेहत को लेकर लगातार आ रही “चिंताजनक खबरों” से पूरे देश में बेचैनी और घबराहट फैल रही है। पार्टी ने सरकार से मांग की कि उन्हें इमरान खान से मिलने की इजाज़त दी जाए।

इमरान खान की मौत का दावा

इमरान खान की पार्टी पीटीआई का यह बयान पत्रकार वजाहत सईद खान की उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें इमरान की हिरासत में कथित मौत की बात कही गई थी। इमरान की सेहत और उनसे न मिल पाने को लेकर पहले से ही चिंताएं थीं, और इस रिपोर्ट ने पार्टी के समर्थकों और चाहने वालों के बीच तीखी आलोचना को जन्म दिया।

अदियाला जेल में बंद हैं इमरान खान

इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं और अभी 190 मिलियन पाउंड के भ्रष्टाचार मामले में अदियाला जेल में सज़ा काट रहे हैं। उन पर 9 मई, 2023 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े एंटी-टेररिज़्म एक्ट के तहत भी मुकदमे चल रहे हैं। PTI के सेंट्रल मीडिया डिपार्टमेंट ने X पर एक पोस्ट में कहा कि इमरान की सेहत को लेकर लगातार आ रही “चिंताजनक खबरों” ने “पूरे देश में गहरी चिंता और बेचैनी” पैदा कर दी है।

पीटीआई ने सेहत को लेकर जताई चिंता

PTI के बयान में कहा गया कि “सरकार को यह याद रखना चाहिए कि इमरान खान कोई आम राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं, बल्कि लाखों पाकिस्तानियों के चुने हुए और लोकप्रिय राजनीतिक नेता हैं। उनकी सेहत के बारे में जनता को भरोसे में लेना सरकार की ज़िम्मेदारी है।” इमरान देश की सबसे बड़ी और सबसे लोकप्रिय राजनीतिक पार्टी के नेता हैं और उनकी सेहत और सुरक्षा “लाखों पाकिस्तानियों की चिंताओं और भावनाओं से सीधे जुड़ी हुई है”। साथ ही यह भी कहा गया कि उनकी सेहत को लेकर अनिश्चितता को और नहीं खींचा जा सकता और यह “मंजूर नहीं” है।

बयान में मांग की गई कि सरकार इमरान की उनके परिवार के सदस्यों, निजी डॉक्टरों, वकीलों और पार्टी के ज़िम्मेदार राजनीतिक नेताओं से मुलाकात सुनिश्चित करने के लिए तुरंत इंतज़ाम करे। साथ ही यह भी कहा गया कि उनकी पूरी मेडिकल जांच और इलाज उनके निजी डॉक्टरों की देखरेख में, परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में और “पूरी पारदर्शिता” के साथ किया जाना चाहिए।

पाकिस्तानी सेना ने इमरान की मौत के दावों का खंडन किया

पाकिस्तान में जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हिरासत में मौत की खबरों के बाद पाकिस्तानी सेना ने इस दावे को खारिज कर दिया है, जबकि पत्रकार वजाहत सईद खान, जिन्होंने शुरू में खान की मौत की खबर दी थी, ने बाद में स्पष्ट किया कि उनके सूत्रों ने असल में उनकी मौत की पुष्टि नहीं की थी। इस घटना ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक की हालत और उनके ठिकाने को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं, जो कई सालों से जेल में बंद हैं। इस विवाद ने उनकी कैद से जुड़ी गोपनीयता पर भी फिर से ध्यान खींचा है।

वजाहत सईद खान ने 11 अगस्त को ‘क्या खान अभी भी हमारे साथ हैं’ और ‘खान के बाद क्या होगा’ शीर्षक से दो भागों वाली एक सीरीज़ प्रकाशित की थी। अपनी शुरुआती रिपोर्ट में, उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान सेना के जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) के एक सूत्र ने उन्हें बताया था कि इमरान खान की हिरासत में मौत हो गई है।

इस दावे से जल्द ही अटकलें शुरू हो गईं, लेकिन बाद में पत्रकार ने विस्तार से सफाई देते हुए कहा कि उनके सूत्रों ने इस बात की पुष्टि नहीं की थी कि पूर्व प्रधानमंत्री की मौत हो गई है। बाद में एक वीडियो में वजाहत ने कहा कि पाकिस्तान सेना के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने खान की हालत और उनके भविष्य को लेकर गंभीर चिंता जताई थी, लेकिन उनकी मौत का कोई सबूत नहीं दिया था। खबरों के मुताबिक, उन्होंने कहा, “बिल्कुल साफ बात है। उन्होंने इस बात की पुष्टि नहीं की कि इमरान खान की मौत हो गई है।”

पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग, ‘इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस डायरेक्टरेट’ (ISPR) के इन खबरों को खारिज करने के बाद यह विवाद एक नया मोड़ ले गया। सेना ने इन खबरों को झूठा बताया और साफ तौर पर इस बात से इनकार किया कि हिरासत में इमरान खान की मौत हुई है। यह खंडन तब आया जब पत्रकार के शुरुआती दावों के बाद जेल में बंद PTI नेता की हालत को लेकर बड़े पैमाने पर अटकलें लगाई जाने लगी थीं।

वजाहत ने सेना के जवाब का स्वागत करते हुए कहा कि सेना का इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से बात करना ही अपने आप में अहम है। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि ISPR ने जवाब दिया है – चाहे वह खबर झूठी हो या कुछ और – क्योंकि इसका मतलब है कि इमरान जिंदा हैं।”

WORLD : लद्दाख के लेह में सुबह-सुबह भूकंप के झटके, 5.5 रही तीव्रता, घरों से बाहर निकले लोग

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लद्दाख के लेह में गुरुवार सुबह 5.5 तीव्रता का भूकंप आया। 10 किलोमीटर गहराई पर आए झटकों से लोग सहमे, हालांकि अभी तक किसी नुकसान की खबर नहीं है।

लेह: लद्दाख के लेह में आज सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.5 मापी गई। भूकंप सुबह करीब 6:05 बजे आया और इसका केंद्र जमीन के 10 किलोमीटर नीचे था। झटके महसूस होने के बाद लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बना। हालांकि, अभी तक भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

भूकंप उस समय आया जब लोग नींद में ही थे। अचानक भूकंप आने से इतने डर गए कि घर से निकलकर सड़क पर आ गए। लोगों ने बताया कि भूकंप के झटके इतने तेज थे कि नींद में भी महसूस हुआ कि पूरा घर हिल रहा है। शोर मचा और लोग दहशत में आ गए। अभी आफ्टरशॉक्स आ सकते हैं, इस वजह से लोग डर के मारे घर में नहीं जा रहे हैं।

कहां आता है भूकंप
आपको बता दें कि भूकंप पृथ्वी की सतह से लेकर सतह के नीचे लगभग 700 किलोमीटर तक कहीं भी आ सकते हैं। USGS द्वारा जारी डेटा के अनुसार, वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भूकंप की इस 0-700 किलोमीटर की गहराई वाली रेंज को उथले, मध्यम और गहरे तीन जोन बांटा गया है।

उथले भूकंप होते हैं ज्यादा खतरनाक
डेटा के अनुसार उथले भूकंप आम तौर पर गहरे भूकंपों की तुलना में अधिक खतरनाक होते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि उथले भूकंपों से निकलने वाली भूकंपीय तरंगों को सतह तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ती है, जिसके परिणामस्वरूप जमीन में तेज कंपन होता है और इससे ढांचों को अधिक नुकसान और जान-माल की अधिक हानि हो सकती है।

NATIONAL : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ की रेस में तीन पूर्व नौकरशाह फ्रंट रनर, 16 फाइनलिस्ट में तीन का होगा अंतिम चयन

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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ (मुख्य कार्यपालक अधिकारी) के आवेदकों के 16 नाम शार्टलिस्ट हो गए हैं। आवेदकों का साक्षात्कार चयन समिति के तीनों सदस्यों सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी व डा. सुरेश हावड़े ने किया। इस दौरान मंदिर के प्रबंधन और इनके अनुभव से जुड़ी जानकारी ली गई है।

सीईओ साक्षात्कार चयन समिति ने कुल 5585 आवेदनों में से 16 का नाम शार्टलिस्ट किया है। साक्षात्कार के बाद समिति इनमें से सबसे योग्य तीन नामों का पैनल तैयार कर ट्रस्ट को सौंपेगी। इस पर दो सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में ट्रस्टी विचार-विमर्श करके सीईओ का चयन करेंगे।

रेस में तीन पूर्व नौकरशाह फ्रंट रनर
सूत्रों के अनुसार सीईओ की रेस में तीन पूर्व नौकरशाह फ्रंट रनर हैं। इनमें सेवानिवृत आईएएस योगेश्वर राम मिश्रा व दिनेश चंद्र के साथ सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय का नाम काफी चर्चा में है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ (CEO) की रेस में 16 दिग्गज बचें हैं और इनमें से चयन समिति तीन नामों पर मुहर लगाएगी। इस पद के लिए 5585 आवेदनों से 16 फाइनलिस्ट चुने गए हैं।

बुधवार को अंतिम साक्षात्कार
चयन समिति के सदस्यों ने रामजन्मभूमि परिसर के ग्रीन हाउस में बुधवार को अंतिम साक्षात्कार लिया। इनमें एक आवेदक पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय भी थे। रामजन्मभूमि परिसर के ग्रीन हाउस में आयोजित हुए सीईओ पद के अंतिम साक्षात्कार के लिए चयन समिति ने 18 आवेदकों को अयोध्या आमंत्रित किया था।

35-40 मिनट तक विभिन्न विषयों पर प्रश्न
इनमें उत्तर प्रदेश के अनुभवी आईपीएस अधिकारी रहे राजेश कुमार पाण्डेय, राजस्थान की सेवानिवृत्त महिला आईएएस अधिकारी, बिहार के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी, सेना के ब्रिगेडियर सहित अन्य शामिल रहे। चयन समिति के सदस्यों ने आवेदकों के अनुभवों के साथ-साथ आपात स्थिति में प्रबंधन संभालने के बारे में पूछा। एक-एक आवेदक से लगभग 35-40 मिनट तक विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे गए। चयन समिति की ओर से सौंपे गए तीन नामों के पैनल पर विचारोपरांत अब दो सितंबर को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक में किसी एक नाम पर ट्रस्टियों की सहमति बन जाने की पूरी संभावना है।

पुराने हनुमान मंदिर ट्रस्ट के सचिव हैं पूर्व आईपीएस अधिकारी
उत्तर प्रदेश कैडर के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी रहे राजेश कुमार पाण्डेय वर्तमान में लखनऊ के अलीगंज के पुराने हनुमान मंदिर ट्रस्ट के सचिव हैं। उन्हें अक्टूबर 2022 में सचिव नियुक्त किया गया था। इस वजह से उन्हें मंदिर प्रबंधन को लेकर पुराना अनुभव है। सूत्रों ने बताया कि बुधवार को वह साक्षात्कार देने पहुंचे, तो चयन समिति के सदस्यों ने भीड़ प्रबंधन को लेकर उनसे विस्तृत सवाल किए। पाण्डेय स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) व आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) के संस्थापक सदस्य भी रहे हैं। उन्होंने राम मंदिर पर पांच जुलाई 2005 को हुए आतंकी हमले के मामले की जांच भी की थी।

13 जुलाई को इसके लिए आवेदन आमंत्रित
चढ़ावा चोरी उजागर होने के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति का निर्णय लिया है। 13 जुलाई को इसके लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। लगभग 5200 आवेदन पत्रों की छंटनी के बाद पांच दर्जन आवेदकों का प्राथमिक साक्षात्कार लेकर लगभग 18 आवेदकों को अंतिम साक्षात्कार के लिए अयोध्या बुलाया गया था। मंगलवार को दस आवेदकों ने साक्षात्कार दिया।

NATIONAL : दुनिया सोच रही होगी कि किस तरह का इंसान है, राहुल गांधी पर बुरी तरह भड़कीं कंगना रनौत; बोलीं- कोई शर्म ही नहीं बची

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बीजेपी की लोकसभा सांसद और जानी मानी अभिनेत्री आज कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर बुरी तरह भड़क गईं। कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर देश तोड़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ये बार-बार अमित शाह से चर्चा की मांग करते हैं लेकिन जब चर्चा की बारी आती है तो भाग खड़े होते हैं।

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी सांसद और प्रसिद्ध अभिनेत्री कंगना रनौत बुरी तरह भड़क गईं। उन्होंने राहुल गांधी पर संसद का समय बर्बाद करने का आरोप लगाया। कंगना रनौत ने कहा कि राहुल गांंधी में कोई शर्म और मर्यादा नहीं बची है। उन्हें पूरी दुनिया देख रही है और सोच रही होगी कि किस तरह का इंसान है। अब यह उनका आखिरी कार्यकाल होगा। राहुल गांधी बाहरी ताकतों के साथ मिलकर देश को तोड़ना चाहते हैं।

मुझे लगता है राहुल गांधी अब देश का मजाक बना रहे: कंगना रनौत
कंगना रनौत ने कहा कि मुझे लगता है कि वह देश का मजाक उड़ा रहे हैं। वह लगातार देश का मजाक बनाते हैं; उनके लिए सब कुछ एक मजाक है। यह पहली बार है जब मैं संसद का ऐसा मजाक बनते देख रही हूं। एक तरफ तो वह कहते हैं कि हम अमित शाह जी से जवाब चाहते हैं और दूसरी तरफ सरकार की बातें सुनना नहीं चाहते हैं। यह पूछना कि उन्होंने छात्रों के साथ ऐसा-वैसा किया या नहीं और साथ ही यह भी कहते हैं कि हम उनकी बात सुनने के लिए यहां नहीं हैं।

राहुल गांधी में अब कोई शर्म या मर्यादा नहीं बची
राहुल गांधी में अब कोई शर्म या मर्यादा नहीं बची है। पूरी दुनिया देख रही है और सोच रही है कि यह किस तरह का इंसान है। जिस तरह से वह अपनी हताशा निकाल रहे हैं और संसद का समय बर्बाद कर रहे हैं, और इस तरह पूरे देश और उसके नागरिकों का अपमान कर रहे हैं, उसे देखकर विपक्ष के नेता के तौर पर उनकी भूमिका को देखते हुए मुझे यकीन हो गया है कि यह उनका आखिरी कार्यकाल होगा।

राहुल गांधी देश को तोड़ने का काम कर रहे
कंगना ने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। एक ऐसे लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेता के, जिन्हें लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए भारी जनादेश मिला है। उन्हें लगता है कि इस देश में उनके अलावा किसी और का अस्तित्व ही नहीं होना चाहिए। फिर उनके दूसरे काम भी हैं, सोरोस या अंतरराष्ट्रीय ताकतों के साथ मिलकर देश को तोड़ने और बर्बाद करने की कोशिश करना।

आखिरकार, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह किसके इस्तीफे की मांग करते हैं या क्या चाहते हैं, क्योंकि जनता को उनकी कोई परवाह नहीं है। उनकी इटैलियन मां ही किसी तरह विपक्ष को उन्हें अपना नेता मानने के लिए मजबूर कर रही हैं; वरना, सौ चुनाव हारने के बाद उनकी कोई हैसियत ही नहीं होती।

NATIONAL : जंतर-मंतर का सीजन-2 आने वाला है, CJP फाउंडर अभिजीत दीपके का एलान

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर के सीजन-2 को लेकर बड़ा एलान किया है। उन्होंने लोगों को बताया है कि जंतर-मंतर का सीजन-2 जल्दी ही आएगा।अभिजीत दीपके ने कहा, ‘बहुत से लोग इंस्टाग्राम पर कमेंट कर रहे थे कि जंतर-मंतर का सीजन 2 कब शुरू होगा। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि जंतर-मंतर का सीजन 2 बहुत जल्द शुरू होने वाला है।’

वॉलंटियर्स मीट के लिए नहीं मिल रहा हॉल
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया है कि वे लोग उन्हें वॉलंटियर्स मीट के लिए हॉल नहीं मिलने दे रहे।

दीपके ने आज बुधवार को कहा कि आज दिल्ली में हमारी वॉलंटियर्स मीट होनी थी, दूर-दूर से हमारी पार्टी से जुड़े लोग आए थे, लेकिन हमारी मीटिंग नहीं होने दी जा रही।अभिजीत दीपके ने कहा, ‘आज दिल्ली में हमारे वॉलंटियर्स की मीटिंग होनी थी। हम हॉल ढूंढ रहे थे, लेकिन कोई भी हमें हॉल किराए पर देने को तैयार नहीं था। हर कोई यही कह रहा था कि ऊपर से दबाव है।’

दीपके ने आगे बताया, ‘बड़ी मुश्किल से हमें यह हॉल मिला था। हमारे पास इसकी रसीद भी है। लेकिन आज सुबह ही हॉल के मालिकों को धमकियां मिलीं। उनसे कहा गया कि अगर उन्होंने CJP की मीटिंग यहां होने दी, तो उन्हें उल्टा लटका दिया जाएगा।’सीजेपी फाउंडर ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘यह सब BJP कर रही है। उनकी हरकतों और बातों से साफ पता चलता है कि वे देश के युवाओं से डरे हुए हैं।अगर उन्हें लगता है कि ऐसी छोटी-मोटी हरकतों से हम डर जाएंगे, तो वे बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं।’

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