Thursday, September 17, 2026
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NATIONAL : NTA ने फिर कराई किरकिरी, जानें अब तक कितने एग्जाम में हुई गड़बड़ी?

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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी जो भारत की कुछ सबसे बड़ी एंट्रेंस और एलिजिबिलिटी परीक्षाएं आयोजित करती है एक बार फिर अपनी परीक्षा प्रक्रिया की गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में है. एजेंसी ने इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के लिए UGC-NET जून 2026 परीक्षा को दोबारा आयोजित करने का फैसला किया है. ऐसा इसलिए क्योंकि प्रश्न पत्रों में गंभीर गलतियों पाई गई थीं. यह फैसला नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की एक खास समिति की सिफारिश के बाद लिया गया है. इस नए विवाद ने एक बार फिर से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के कामकाज पर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रश्न पत्रों में गलतियां और तकनीकी खराबी से लेकर पेपर लीक और मूल्यांकन में गड़बड़ी के आरोपों तक एजेंसी द्वारा आयोजित कई बड़ी परीक्षाएं हाल के सालों में विवाद का सामना कर चुकी हैं. अब सवाल यह उठता है कि कितनी बड़ी परीक्षाएं इससे प्रभावित हुई हैं और क्या गड़बड़ियां हुई थी? आइए जानते हैं.

ताजा मामला UGC-NET जून 2026 चक्र से जुड़ा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के प्रश्न पत्रों में तथ्यात्मक, स्पेलिंग, व्याकरण और अनुवाद संबंधी गलतियां पाई गई. इंग्लिश पेपर में एक और बड़ी चिंता यह थी कि 150 में से 60 से ज्यादा प्रश्न पिछले सालों के प्रश्न पत्रों से हूबहू दोहराए गए थे. ऐसी गलतियों ने परीक्षा पत्र जारी होने से पहले इस्तेमाल किए जाने वाले क्वालिटी कंट्रोल मेकैनिज्म पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

इसके बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने प्रभावित परीक्षाओं को दोबारा आयोजित करने का फैसला किया. यह काफी ज्यादा जरूरी है क्योंकि UGC-NET खुद पहले भी एक बड़े विवाद का सामना कर चुका है.

NEET-UG मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा देश के सबसे बड़े परीक्षा विवादों में से एक के केंद्र में रही है. इस विवाद में पेपर लीक, स्कोर में हेर फेर, ग्रेस मार्क्स पर सवाल और ओएमआर शीट से जुड़ी गड़बड़ियों के आरोप शामिल थे. मामला इतना गंभीर हो गया की जांच सीबीआई को सौंप दी गई और छात्रों और उम्मीदवारों ने देशभर में विरोध प्रदर्शन किया.

इस विवाद ने परीक्षा प्रणाली पर भारी राजनीतिक दबाव भी डाला. बाद में गड़बड़ी और लापरवाही के आरोपी के चलते एनटीए के 47 अधिकारियों और कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया. नीट का मामला इस वजह से भी काफी संवेदनशील है क्योंकि लाखों छात्र मेडिकल की सीमित सीटों के लिए मुकाबला करते हैं. इस वजह से छोटी सी भी गड़बड़ी छात्रों के करियर पर बड़ा असर डाल सकती है.

CSIR-UGC NET परीक्षा में भी रुकावटें आई थी. सुरक्षा संबंधी चिंता और लॉजिस्टिकल दिक्कतों का हवाला देते हुए परीक्षा को आखिरी समय में टाल दिया गया. जो छात्र प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में महीनों लगाते हैं उनके लिए आखिरी समय में होने वाले ऐसे बदलाव बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकते हैं. जब अचानक परीक्षा टाल दी जाती है तो यात्रा की व्यवस्था, रहने की जगह और तैयारी के शेड्यूल सभी पर असर पड़ता है.

इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी तय तारीख से पहले संभावित समस्या की पहचान करने और उन्हें हल करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट जिसे एनटीए ही आयोजित करता है को भी अपनी तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा. छात्रों ने कई तरह की समस्याओं की शिकायत की है. इसमें परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर सिस्टम का ठीक से काम ना करना, सर्वर से जुड़ी दिक्कतें और काफी कम समय में परीक्षा केंद्र बदल दिया जाना.

पारंपरिक पेन और पेपर परीक्षा के उलट कंप्यूटर आधारित टेस्ट काफी हद तक स्थिर तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर होते हैं. सर्वर फेल होने या फिर कंप्यूटर में खराबी आने से छात्र ठीक से परीक्षा नहीं दे पाते. अब भले ही उन्होंने कितनी ही अच्छी तैयारी क्यों ना कि हो. आखरी समय में परीक्षा केंद्र बदल जाने से एक और बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है. खासकर उन छात्रों के लिए जो दूसरे शहरों से यात्रा करके आते हैं.

NATIONAL : बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क भर्ती परीक्षा: छात्रों का प्रदर्शन, तकनीकी गड़बड़ी के आरोप; अभिजीत दीपके ने उठाए सवाल

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बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क भर्ती के टाइपिंग टेस्ट को लेकर महाराष्ट्र में विवाद खड़ा हो गया है। कई छात्रों ने परीक्षा के दौरान तकनीकी समस्याओं का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का दावा है कि कंप्यूटर, माउस, कीबोर्ड और सिस्टम लॉगआउट जैसी दिक्कतों के कारण वे परीक्षा पूरी नहीं कर सके। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मामले को प्रशासनिक और तकनीकी विफलता बताते हुए दोबारा परीक्षा कराने की मांग की।

बॉम्बे हाईकोर्ट की क्लर्क भर्ती के लिए आयोजित टाइपिंग टेस्ट में कथित अनियमितता को लेकर छात्रों ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान कई छात्रों के कंप्यूटर में तकनीकी समस्याएं आईं। छत्रपति संभाजीनगर में छात्रों के प्रदर्शन में अभिजीत दीपके भी शामिल होने पहुंचे थे।

अभिजीत दीपके ने कहा, “छात्रों ने मुझे बताया कि आज सुबह उनका हाईकोर्ट में क्लर्क भर्ती की परीक्षा थी। जैसे ही वे परीक्षा देने बैठे, कुछ छात्रों ने पाया कि माउस काम नहीं कर रहा था, जबकि कुछ के कीबोर्ड में खराबी थी। 10 मिनट के भीतर ज्यादातर छात्रों को सिस्टम से लॉगआउट कर दिया गया और बाद में उन सभी को फेल घोषित कर दिया गया।”

अभिजीत दीपके ने लगाए क्या आरोप?
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक दीपके ने कहा, “यह सिस्टम और सरकार की विफलता है, जो ऑनलाइन परीक्षा ठीक से कराने में सक्षम नहीं है। जब छात्रों ने अंदर अधिकारियों से शिकायत की तो उनसे कहा गया कि उनमें परीक्षा ठीक से देने की समझ नहीं है। अगर अधिकारियों के पास इन छात्रों से ज्यादा समझ थी तो उन्हें इसका इस्तेमाल बेहतर कंप्यूटर और काम करने वाले कीबोर्ड लगाने के साथ परीक्षा से पहले सर्वर को ठीक से चलने की स्थिति में रखने के लिए करना चाहिए था।”

उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया कि परीक्षा केंद्र के अंदर एक जिला अदालत के न्यायाधीश मौजूद थे। उन्होंने कहा, “उन्हें बाहर आकर लिखित आश्वासन देना चाहिए कि परीक्षा दोबारा कराई जाएगी और आज इस्तेमाल किए गए इन्हीं खराब कंप्यूटरों पर नहीं कराई जाएगी। ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होनी चाहिए। छात्रों का भविष्य दांव पर है। अगर जिला न्यायाधीश बात करना चाहते हैं तो उन्हें यहां आना चाहिए।”

सीजेपी संस्थापक ने खड़े किए व्यवस्था पर सवाल
दीपके ने आगे कहा, “अगर आपके पास जरूरी बुनियादी ढांचा नहीं है और आप ऑनलाइन परीक्षाएं ठीक से नहीं करा सकते तो इन्हें आयोजित ही क्यों करते हैं? इसका क्या उद्देश्य है? यह पहली बार नहीं है। पूरे देश में और महाराष्ट्र में ऑनलाइन परीक्षाओं के दौरान सर्वर क्रैश होने या कीबोर्ड और माउस जैसे हार्डवेयर के काम नहीं करने की घटनाएं होती रहती हैं।”

उन्होंने कहा, “ऐसा हर परीक्षा में होता है। एक ऑनलाइन परीक्षा का नाम बताइए जो बिना किसी समस्या के हुई हो। जब आपको अच्छी तरह पता है कि आप इन ऑनलाइन परीक्षाओं को संभालने में सक्षम नहीं हैं, तो फिर इन्हें आयोजित करके छात्रों का भविष्य खतरे में क्यों डालते हैं?”

कल्याण-डोंबिवली में भी छात्रों का प्रदर्शन
महाराष्ट्र के कल्याण-डोंबिवली में हाईकोर्ट क्लर्क भर्ती परीक्षा के दौरान तकनीकी समस्याओं के कारण छात्रों ने प्रदर्शन किया। सोर्नेट आईटीई जेनस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक संजय वानखेड़े ने कहा, “बॉम्बे हाईकोर्ट की परीक्षा मेरे केंद्र पर निर्धारित थी और यह आयोजित हो चुकी है। पहला सत्र पूरा हो गया है। प्रिंटिंग से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण काम थोड़ा धीमा चल रहा है, लेकिन यह मामूली समस्या है और इसे ठीक कर लिया जाएगा।”

NATIONAL : UGC-NET की तीन परीक्षाएं रद्द, NTA ने मानी पेपर में गड़बड़ी; सितंबर में फिर होगा एग्जाम

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UGC-NET की इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी परीक्षाएं प्रश्न पत्र में गड़बड़ियों के कारण रद्द कर दी गईं। 9 और 10 सितंबर को दोबारा परीक्षा होगी।

UGC-NET की तीन परीक्षाएं रद्द, NTA ने मानी पेपर में गड़बड़ी; सितंबर में फिर होगा एग्जाम
➤ इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की परीक्षाएं रद्द
➤ स्पेलिंग, प्रिंटिंग, टाइपिंग और अनुवाद में मिलीं कई गलतियां
➤ 9 और 10 सितंबर को दोबारा परीक्षा, छात्रों से नहीं ली जाएगी फीस

नई दिल्ली। UGC-NET को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। NTA ने रविवार को माना कि इन तीनों विषयों के प्रश्न पत्रों में स्पेलिंग और प्रिंटिंग की गलतियां थीं। इसके अलावा प्रश्न पत्रों में पहले पूछे जा चुके सवाल दोहराए जाने की शिकायत भी सामने आई थी।

NTA के मुताबिक, आंसर-की जारी होने के बाद छात्रों ने प्रश्न पत्रों में हुई गड़बड़ियों को लेकर शिकायतें दर्ज कराई थीं। शिकायतों के बाद मामले की जांच के लिए समिति बनाई गई। समिति ने प्रश्न पत्रों में कई तरह की तथ्य संबंधी, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी गलतियां पाईं। NTA ने कहा कि इन खामियों को केवल गलत सवाल हटाकर ठीक नहीं किया जा सकता था। इसलिए इन तीनों विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दोबारा कराने का फैसला लिया गया।

9 और 10 सितंबर को होगी दोबारा परीक्षा
NTA ने तीनों विषयों की री-एग्जाम तारीखें भी जारी कर दी हैं। अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर को होगी, जबकि सोशियोलॉजी का पेपर 10 सितंबर को कराया जाएगा।

अंग्रेजी की परीक्षा 9 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। इसी दिन कॉमर्स का पेपर दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित किया जाएगा। वहीं सोशियोलॉजी की परीक्षा 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी।

सबसे अहम बात यह है कि दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों से कोई नई फीस नहीं ली जाएगी।

पेपर में मिलीं कई तरह की गलतियां
शिकायतों की जांच के लिए बनाई गई समिति ने प्रश्न पत्रों में कई स्तर पर गड़बड़ियां पाईं। इनमें नाम गलत होना, किताबों के नाम बिगड़े हुए होना, सवालों का गलत तरीके से लिखा जाना, व्याकरण और विराम चिह्नों की गलतियां शामिल थीं।

समिति ने यह भी पाया कि पहले पूछे जा चुके सवालों में से एक बड़ी संख्या को दोबारा प्रश्न पत्र में शामिल किया गया था। इन सभी गड़बड़ियों को देखते हुए समिति ने मामले को केवल कुछ सवाल हटाकर ठीक किए जाने योग्य नहीं माना।

84 विषयों की प्रोविजनल आंसर-की जारी
NTA ने रविवार सुबह ही UGC-NET के 87 में से 84 विषयों की प्रोविजनल आंसर-की जारी की थी। हालांकि, इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की आंसर-की जारी नहीं की गई थी। इन तीनों विषयों की परीक्षाएं रद्द किए जाने के बाद अब इनके लिए नए सिरे से परीक्षा आयोजित की जाएगी।

NTA ने 22 से 30 जून तक UGC-NET परीक्षा आयोजित की थी। अब तीन विषयों की परीक्षा दोबारा होने के कारण इन विषयों के अभ्यर्थियों को सितंबर में फिर से परीक्षा देनी होगी।

लगातार विवादों में रहा है NTA
NTA पिछले कुछ समय से लगातार विवादों में रहा है। इसी साल 3 मई को हुई NEET-UG परीक्षा को लेकर भी पेपर लीक का मामला सामने आया था। इसके बाद एजेंसी ने 21 जून को री-एग्जाम कराया था। इससे पहले 2024 में भी NEET का पेपर लीक होने को लेकर विवाद हुआ था।

UGC-NET के इन तीन विषयों की परीक्षाएं रद्द होने के बाद एक बार फिर परीक्षा प्रक्रिया और प्रश्न पत्र तैयार करने की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि, NTA ने शिकायतों की जांच के बाद दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया है और अभ्यर्थियों से री-एग्जाम के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

NATIONAL : सीएजी रिपोर्ट के खुलासे के बाद एक्शन में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, इंडियन रेलवे को दिए साफ पानी के निर्देश

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पीने के पानी के मामले में CAG रिपोर्ट आने के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है। मामले में सीआरबी और सीईओ तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रेल मंत्री द्वारा दिन भर समीक्षा की गई। जिसके बाद साफ और सुरक्षित पेयजल के लिए तत्काल सुधारात्मक उपायों के आदेश दिए गए हैं।

टंकियों को किया जाएगा चेंज
मंत्रालय ने बताया की वाटर कूलरों सहित लगभग 20,000 स्थानों पर नया “टैंक टू टैप” जल फिल्टरेशन सिस्टम और पूरे रेलवे नेटवर्क में लगभग 20,000 स्थानों पर एक व्यापक जल फिल्टरेशन और निगरानी प्रणाली स्थापित की जाएगी। पानी की टंकियों को बदला जाएगा।

सिस्टम की होगी पूरी निगरानी
पानी के स्रोत और आउटलेट स्थानों पर नियमित पानी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इसके लिए केंद्रीकृत निगरानी और जवाबदेह सिस्टम तैयार किया जाएगा। बोर्ड स्तर से इसकी सीधी निगरानी की जाएगी। यह कार्रवाई सीएजी द्वारा बताए गई सभी कमियों को संबोधित करने और यात्रा अनुभव में सुधार करने के एक बड़े अभियान का हिस्सा है।

क्या था पूरा मामला
आपको बता दें कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने रेलवे स्टेशनों के पेयजल में ई. कोलाई बैक्टीरिया मिलने पर चिंता जताई है। सीएजी ने पाया कि रेलवे मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधाओं के लिए कई मानक तय किए हैं, लेकिन रेलवे के विभिन्न जोन इनका पालन करने में विफल रहे और इसके कारण सेवाओं में बड़ी खामियां सामने आईं थीं। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट ‘भारतीय रेलवे में गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं और स्वच्छता’ में यह जानकारी दी है। यह रिपोर्ट 12 अगस्त को संसद में पेश की गई थी।

NATIONAL : CJP महाराष्ट्र में हिंगोली गांव से शुरू करेगी ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान, आज से राष्ट्रव्यापी पहल की होगी शुरूआत

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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में अपने संस्थापक अभिजीत दीपके के गांव से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत करेगी। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ जवाबदेही तय करना है।

पीटीआई, छत्रपति संभाजीनगर। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में अपने संस्थापक अभिजीत दीपके के गांव से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत करेगी। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ जवाबदेही तय करना है।

इस संबंध में शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, इस अभियान की शुरुआत सुबह साढ़े सात बजे संतुक पिंपरी गांव से होगी। दिल्ली से लौटने के बाद यहां पत्रकारों से बातचीत में दीपके ने कहा कि मैं अपने गांव से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत करूंग;वहां के सरपंच से स्थानीय सरकारी विद्यालय की मरम्मत करने तथा यह सुनिश्चित करने का अनुरोध करूंगा कि स्कूल में बेंच और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद हों।

हमने ऐसी कई टीम बनाई हैं जो गांवों में जाएंगी और वहां के लोगों और सरपंचों से स्कूलों की स्थिति में सुधार के लिए कदम उठाने का अनुरोध करेंगी, क्योंकि हम यह काम सभी की भागीदारी से पूरा करना चाहते हैं।

सीजेपी ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता से अनुरोध किया, आप अपने बच्चों के स्कूल जाएं और देखें कि क्या बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। देखें कि क्या बिजली है, पानी है। क्या आपके बच्चों को शौचालय की सुविधाएं मिलती हैं? यदि सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं तो वीडियो रिकार्ड करें।

इसके साथ ही सीजेपी ने यह भी कहा कि जल्द ही एक प्रिंट करने योग्य ऑडिट फार्म जारी किया जाएगा, जिसके जरिये नागरिक अपने बच्चों के स्कूलों में मौजूद और नदारद सुविधाओं की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। यह फार्म सीजेपी के आधिकारिक इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्मों पर अभियान वीडियो लिंक के माध्यम से साझा किया जाएगा।

NATIONAL : जेपी नड्डा AIIMS में भर्ती, राहुल गांधी ने की जल्द स्वस्थ होने की कामना; जानें स्वास्थ्य मंत्री की अब कैसी है तबीयत

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नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की 13 अगस्त को अचानक तबियत बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब उनका स्वास्थ्य स्थिर है। जेपी नड्डा के अस्वस्थ होने पर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के अस्वस्थ होने और एम्स में भर्ती होने का समाचार मिला। उनके सफलतापूर्ण उपचार और जल्द से जल्द स्वस्थ होने की आशा करता हूं।’

बेचैनी की वजह से अस्पताल में कराए गए थे भर्ती
डॉ (प्रोफेसर ) रीमा दादा के मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को बेचैनी की वजह से भर्ती कराया गया था। इसके बाद 13 अगस्त की शाम को कोरोनरी एंजियोग्राफी से संबंधित मेडिकल टेस्ट किया गया। हालांकि, अभी उनका स्वास्थ्य स्थिर है और उन्हें अभी कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया है।

हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी बयान में केंद्रीय मंत्री नड्डा के बेचैनी के पीछे की वजह या एंजियोग्राफी टेस्ट में क्या कुछ सामने आया है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

कराया गया कोरोनरी एंजियोग्राफी टेस्ट
जेपी नड्डा को गुरुवार शाम को दिल्ली के एम्स स्थित अस्पताल में बेचैनी की वजह से भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, जेपी नड्डा का कोरोनरी एंजियोग्राफी से संबंधित मेडिकल टेस्ट भी किया गया।

एम्स के मुताबिक, जेपी नड्डा का स्वास्थ्य स्थिर है और उन्हें हृदय रोग विभाग में भर्ती कराया गया है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से नड्डा के एंजियोग्राफी के नतीजे या खास डायग्नोसिस के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी गई है।

जेपी नड्डा के पास कई मंत्रालय
जेपी नड्डा केंद्र सरकार में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के साथ-साथ रसायन और उर्वरक मंत्रालय भी संभालते हैं। वो हाल के कुछ हफ्तों में काफी व्यस्त रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कई बैठकों की अध्यक्षता की, स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की और देशभर में चलाए जा रहे परियोजनाओं की भी समीक्षा की।

कोरोनरी एंजियोग्राफी दिल की जांच करने वाला एक टेस्ट है, जिसका इस्तेमाल उन रक्त वाहिकाओं को देखने के लिए किया जाता है जो दिल तक खून पहुंचाती हैं। इस प्रक्रिया के दौरान, डॉक्टर एक पतले कैथेटर के जरिए कोरोनरी धमनियों में एक खास कंट्रास्ट डाई डालते हैं; यह कैथेटर आमतौर पर कलाई या जांघ के पास की धमनी से डाला जाता है।

इसके बाद, एक्स-रे इमेजिंग से डॉक्टर यह देख पाते हैं कि धमनियां सिकुड़ गई हैं या उनमें रुकावट है। यह टेस्ट डॉक्टरों को कोरोनरी आर्टरी डिजीज (हृदय की धमनियों की बीमारी) का पता लगाने और यह तय करने में मदद कर सकता है कि आगे इलाज की जरूरत है या नहीं, जैसे कि दवाएं, एंजियोप्लास्टी या स्टेंटिंग।

BUSINESS : टाटा को मिला ₹1,577 करोड़ का बड़ा ऑर्डर, सेना के लिए खरीदे जाएंगे 840 वन-वे अटैक ड्रोन

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भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. रक्षा मंत्रालय ने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और निबे प्राइवेट लिमिटेड के साथ करीब 1,577 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट साइन किए हैं. इस डील के तहत इंडियन आर्मी के लिए 840 स्वदेशी वन-वे अटैक ड्रोन खरीदे जाएंगे. ये ड्रोन दुश्मन के ठिकानों को दूर से निशाना बनाने में सेना की मदद करेंगे.

टाटा और निबे को मिला 1,577 करोड़ रुपये का ऑर्डर
रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि भारतीय सेना के लिए लोइटर मुनिशन सिस्टम, मुनिशन और दूसरी जरूरी एक्सेसरीज खरीदी जाएंगी. इनकी कुल लागत करीब 1,577 करोड़ रुपये है. यह डील रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में नई दिल्ली में किया गया. इस डील के जरिए सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है.

840 वन-वे अटैक ड्रोन की होगी खरीद
इस डील के तहत भारतीय सेना को कुल 840 लॉन्ग-रेंज वन-वे अटैक ड्रोन मिलेंगे. इन ड्रोन की खासियत यह है कि ये 100 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक जाकर टारगेट पर हमला कर सकते हैं.इनका इस्तेमाल दुश्मन के ऐसे ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है, जो सीमा के काफी अंदर मौजूद हों. सेना इन ड्रोन का इस्तेमाल खास तौर पर दुश्मन की आर्टिलरी पोजीशन पर हमला करने के लिए कर सकती है.

12 महीने में सेना को मिलेंगे ड्रोन
यह भारतीय सेना के लिए फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया के तहत वन-वे अटैक ड्रोन की पहली बड़ी खरीद है. इस प्रक्रिया का मकसद हथियारों की खरीद में ज्यादा समय न लगाना है.डील के मुताबिक अगले 12 महीनों के भीतर सेना को ये ड्रोन मिलने हैं. फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया में करार होने के बाद कंपनियों को करीब छह महीने के भीतर आपूर्ति शुरू करने की क्षमता रखनी होती है.

टाटा को मिला बड़ा हिस्सा, निबे भी करेगी सप्लाई
इस 1,577 करोड़ रुपये की डील को टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और निबे के बीच बांटा गया है. इसमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स करीब 64 फीसदी ऑर्डर की सप्लाई करेगी, जबकि बाकी हिस्सा निबे डिफेंस को मिलेगा.

ट्रायल और तकनीकी जांच के बाद जब व्यावसायिक बोली खोली गई, तो टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी रही. इसके बाद निबे डिफेंस का नंबर आया.

जामिंग और स्पूफिंग में भी काम करेंगे ड्रोन
इन ड्रोन को ऐसे माहौल में काम करने के लिए तैयार किया गया है, जहां दुश्मन जामिंग और स्पूफिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर सकता है. यानी दुश्मन अगर ड्रोन के संचार या दिशा को प्रभावित करने की कोशिश करे, तब भी ये सिस्टम काम कर सकें.इनकी टेस्टिंग भी काफी मुश्किल परिस्थितियों में की गई. परीक्षण के दौरान टेकऑफ के समय से ही जामिंग वाले माहौल में ड्रोन की क्षमता को परखा गया.

रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर पश्चिम एशिया संघर्ष तक दिखा असर
वन-वे अटैक ड्रोन यानी लोइटरिंग मुनिशन आज के जमाने की जंग का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट की लड़ाई में दुनिया देख चुकी है कि ये ड्रोन कितना बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं.बदलते वक्त के साथ भारत भी अपनी सेना को इन आधुनिक हथियारों से मजबूत कर रहा है.ये ड्रोन काफी कम खर्च में तैयार हो जाते हैं.इन्हें ऑपरेशन सिंदूर से मिले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए जामिंग और स्पूफिंग से बचने की क्षमता के साथ तैयार किया गया है.

आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बढ़ावा
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह खरीद ‘बाय इंडियन’ कैटेगरी के तहत की जा रही है. इससे देश में रक्षा उपकरणों की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी.सरकार इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम मान रही है. यानी सेना की जरूरत के लिए ऐसे आधुनिक हथियार देश में ही तैयार करने पर जोर बढ़ रहा है.

1,500 किलोमीटर से ज्यादा रेंज वाले ड्रोन पर भी काम
सेना के लिए वन-वे अटैक ड्रोन की खरीद का सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता. ऐसे कई और बड़े ऑर्डर भी प्रक्रिया में हैं. इनमें ऐसे सिस्टम शामिल हैं जो 1,500 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक टारगेट पर हमला करने में सक्षम होंगे. इस तरह 1,577 करोड़ रुपये की यह डील भारतीय सेना की आर्टिलरी क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ देश की स्वदेशी रक्षा मैन्युफैक्चरिंग को भी बड़ा बढ़ावा देगी.

NATIONAL : छात्रों की गूंज: अब तक तीन पड़ाव पूरे, पुणे में चौथा: 22 अगस्त को कार्यक्रम में होंगे शामिल राहुल गांधी

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी 22 अगस्त को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ महिलाओं से संबंधित विषयों पर भी अपनी बात रखेंगे।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 22 अगस्त को पुणे में कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के चौथे चरण में शामिल होंगे। कोटा से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक देहरादून और प्रयागराज में कार्यक्रम हो चुके हैं। पुणे में राहुल गांधी महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।

कोटा से हुई थी अभियान की शुरुआत
राहुल गांधी ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों और छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के उद्देश्य से 17 जून को राजस्थान के कोचिंग हब कोटा से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत की थी। अभियान के दूसरे और तीसरे चरण को क्रमशः 17 जुलाई और 8 अगस्त को देहरादून तथा प्रयागराज में आयोजित किया गया था। इन कार्यक्रमों में छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और शिक्षा व्यवस्था से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।

पुणे में होगा अभियान का चौथा चरण
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शुक्रवार को बताया कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का चौथा चरण 22 अगस्त को पुणे में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी मौजूद रहेंगे और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।

अभियान के जरिए छात्रों की आवाज उठाने की कोशिश
कांग्रेस का यह अभियान शिक्षा, रोजगार और छात्रों से जुड़े सवालों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पुणे में होने वाले कार्यक्रम के जरिए भी छात्रों और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाए जाने की उम्मीद है। अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें

NATIONAL : अमित शाह पर बयान देकर फिर फंसे राहुल गांधी, लोकसभा सचिवालय ने नोटिस भेजकर मांगा जवाब

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लोकसभा सचिवालय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से 28 अगस्त तक जवाब मांगा है।यह जवाब सदन में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के दौरान शाह के खिलाफ टिप्पणी को लेकर विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना के नोटिसों के संबंध में मांगा गया है।

राहुल को शाह पर टिप्पणी के लिए नोटिस
14 अगस्त के एक पत्र में संयुक्त सचिव एच राम प्रकाश ने कहा कि ये नोटिस भाजपा सांसदों अनुराग सिंह ठाकुर और संजय जायसवाल की ओर से दिए गए थे।

ठाकुर ने 30 जुलाई को भेजे गए नोटिस में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने नियम 353 के तहत पहले से नोटिस दिए बिना चर्चा के दौरान गृह मंत्री के खिलाफ असंसदीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और गंभीर आरोप लगाए।

जबकि 29 जुलाई को संजय जायसवाल ने एक अलग पत्र में गांधी द्वारा असंसदीय भाषा के इस्तेमाल का संज्ञान लेने और प्रक्रिया नियमों के तहत उचित कार्रवाई करने की मांग की।

लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी को भेजे नोटिस में कहा है कि वह मामले में 28 अगस्त तक अपना जवाब या टिप्पणी माननीय लोकसभा अध्यक्ष के विचार के लिए भेजें।

भाजपा सांसदों ने की शिकायत
जायसवाल ने अपने नोटिस में कहा, ‘संसदीय लोकतंत्र में सरकारी नीति की कड़ी आलोचना एक वैध और आवश्यक विशेषता है, लेकिन सदन की कार्यवाही के दौरान व्यक्तिगत हमले और अपमानजनक, मानहानि करने वाली या असंसदीय भाषा के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जा सकती।’

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उन्होंने आग्रह किया कि अगर कोई भी अभिव्यक्ति असंसदीय, अपमानजनक या सदन के नियमों और परंपराओं का उल्लंघन करने वाली पाई जाए तो उसे नियम 380 के तहत कार्यवाही से हटा दिया जाए।

जायसवाल ने यह भी मांग की है कि अध्यक्ष द्वारा राहुल गांधी को एक सांसद के रूप में अपेक्षित गरिमा, संयम और शिष्टाचार को बनाए रखने को लेकर आगाह किया जाना चाहिए।

NATIONAL : स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या: राजनाथ सिंह का सैनिकों को संदेश, सेना के खिलाड़ियों से भी की मुलाकात

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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की सैन्य आत्मनिर्भरता और घरेलू रक्षा उद्योग की प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो 2014 के मुकाबले करीब चार गुना अधिक है। उन्होंने सीमावर्ती बुनियादी ढांचे, पूर्व सैनिकों के कल्याण और महिलाओं की भागीदारी का भी उल्लेख किया। सेना के खिलाड़ियों की उपलब्धियों की भी उन्होंने सराहना की।

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सैनिकों को संदेश देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। पिछले 12 वर्षों में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसी पहलों के जरिए रक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव आया है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि आज भारत केवल अपनी सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने वाला देश नहीं है, बल्कि वैश्विक रक्षा विनिर्माण और रक्षा निर्यात के क्षेत्र में एक उभरती हुई शक्ति के रूप में सामने आया है। हमारे प्रयासों ने रक्षा उत्पादन को नई दिशा दी है। हमने आयात पर अपनी निर्भरता कम की है और घरेलू उत्पादन को अभूतपूर्व गति दी है। आंकड़े भी इसकी पुष्टि करते हैं।

घरेलू रक्षा उत्पादन में बढ़ोतरी पर क्या बोले राजनाथ सिंह?
रक्षा मंत्री ने कहा, “2014 तक हमारा घरेलू रक्षा उत्पादन महज 46,000 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर रिकॉर्ड 1,78,000 करोड़ रुपये हो गया। दूसरे शब्दों में, पिछले एक दशक में हमारे घरेलू रक्षा उत्पादन में करीब चार गुना बढ़ोतरी हुई है। यह पिछले एक दशक में हुए संरचनात्मक बदलावों का प्रमाण है।”

रक्षा मंत्री ने कहा कि इस कुल उत्पादन में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं की हिस्सेदारी करीब 76 प्रतिशत रही। वहीं निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष 22 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी बताती है कि रक्षा क्षेत्र में कारोबारी माहौल लगातार बेहतर हो रहा है।

भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता पर क्या कहा?
उन्होंने बताया कि सैन्य आधुनिकीकरण के तहत बड़ी संख्या में नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। उन्होंने नौसेना के स्वदेशी युद्धपोत, तेजस का तेजी से बढ़ता उत्पादन, हेलीकॉप्टर निर्माण और टैंक आधुनिकीकरण जैसी परियोजनाओं का भी जिक्र किया।

राजनाथ सिंह ने मिसाइल, हाइपरसोनिक तकनीक और एयर डिफेंस के क्षेत्र में हुए परीक्षणों को भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता का प्रमाण बताया। साथ ही सीमावर्ती इलाकों में सड़क और पुल जैसी रणनीतिक आधारभूत संरचनाओं के विस्तार को भी प्राथमिकता बताया। उन्होंने पूर्व सैनिकों के कल्याण और रक्षा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी रेखांकित किया।

सेना के खिलाड़ियों से भी मिले रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने ग्लासगो में 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय सेना के खिलाड़ियों से मुलाकात की। सिंह ने कहा कि ग्लासगो की धरती पर हमारी बेटियों की उल्लेखनीय मौजूदगी और खासकर बॉक्सिंग में उनका शानदार प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि हमारी नारी शक्ति किसी से कम नहीं, और समस्त देशवासियों को आप पर गर्व है।
ग्लासगो की धरती पर हमारी बेटियों की उल्लेखनीय मौजूदगी और खासकर बॉक्सिंग में उनका शानदार प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि हमारी नारी शक्ति किसी से कम नहीं, और समस्त देशवासियों को आप पर गर्व है।

उन्होंने कहा कि खेल आज केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सफलता, उत्कृष्टता और सम्मान का क्षेत्र बन चुका है। इसकी सबसे बड़ी ताकत है कि आज चैंपियंस देश के हर कोने से, गांवों, छोटे कस्बों और सामान्य परिवारों से निकलकर सामने आ रहे हैं। भारतीय सेना के इन खिलाड़ियों ने कुल 16 पदक जीते, जिनमें आठ स्वर्ण, सात रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं। सेना प्रमुख ने खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों और खेलों में भारत के शानदार प्रदर्शन में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया।

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