Sunday, November 1, 2026
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BUSINESS : अपना सिम दूसरे को देना पड़ सकता है भारी: 50 लाख तक जुर्माना, तीन साल की जेल संभव; दूरसंचार विभाग और क्या बोला?

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अपने नाम या दस्तावेज पर लिया गया सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को देना, बेचना या किराये पर देना अब बेहद भारी पड़ सकता है। दूरसंचार विभाग से हाल ही में जारी एक सख्त एडवाइजरी के अनुसार, फर्जी आईडी से सिम खरीदने-बेचने या मोबाइल के आईएमईआई (आईएमईआई) नंबर से छेड़छाड़ करने पर 3 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना हो सकता है।

जानकारी के बिना 25 फर्जी सिम चालू कर दिए
यह सख्त कदम छत्तीसगढ़ में सामने आए एक बड़े साइबर फ्रॉड के बाद उठाया गया है। यहां एक एजेंट ने लोगों के दस्तावेज का दुरुपयोग कर उनकी जानकारी के बिना 25 फर्जी सिम चालू कर दिए थे। विभाग ने ऐसे सभी नंबरों को बंद कर एजेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया है।

फर्जी नंबर से कॉल करना देश की सुरक्षा के लिए गंभीर अपराध
सरकार ने साफ किया है कि यदि आपकी आईडी पर चल रही सिम का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए होता है तो कानूनी कार्रवाई मूल ग्राहक के खिलाफ ही होगी। ऐसी सिम को म्यूल सिम कहा जाता है। इसके अलावा, कॉलिंग आईडी बदलकर या एप के जरिये फर्जी नंबर से कॉल करना भी देश की सुरक्षा के लिए गंभीर अपराध माना गया है।

कंपनियों को पोर्टल से जुड़ने के लिए 30 नवंबर तक का समय
देश में एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 सिम (जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में 6 सिम) रखने का नियम है। इस सीमा को पार करने वालों की पहचान के लिए सरकार ने डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर फोटो दिखने का नया फीचर जोड़ा है।

दूरसंचार विभाग की सलाह में क्या?
सभी टेलीकॉम कंपनियों को अपने सिस्टम को इस पोर्टल से जोड़ने के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया गया है। सुरक्षा के लिहाज से दूरसंचार विभाग ने सभी नागरिकों को सलाह दी है कि वे तुरंत संचार साथी पोर्टल या एप पर जाकर यह जांच लें कि उनकी आईडी पर कोई अनजान या अनधिकृत मोबाइल नंबर तो सक्रिय नहीं है।

NATIONAL : जयशंकर की वी4 देशों के साथ पहली बैठक: रक्षा-कारोबार पर बनी बात; यूएनएससी की स्थायी सीट पर भारत को समर्थन

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न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान भारत और वीजग्राड समूह (वी4) के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक हुई। इसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेकिया के विदेश मंत्री शामिल हुए। स्लोवाकिया इस समय वी4 की अध्यक्षता कर रहा है और इसी वजह से बैठक की मेजबानी भी उसी ने की।

बैठक के बाद जयशंकर ने कहा कि भारत और वी4 देशों ने आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए हर साल विदेश मंत्रियों की बैठक करने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही एक वार्षिक कारोबारी मंच बनाने की भी बात तय हुई है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ भारत के रिश्ते लगातार गहरे हो रहे हैं, ऐसे में वी4 देशों के साथ भी सहयोग बढ़ाने की गुंजाइश है।

विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि बैठक में अर्थव्यवस्था के अलावा तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में साथ काम करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। भारत के वी4 देशों के साथ रक्षा क्षेत्र में लंबे समय से संबंध हैं। अब दोनों पक्ष इस सहयोग को फिर से मजबूत करने और आगे बढ़ाने पर काम करना चाहते हैं।

बैठक में अंतरिक्ष, संपर्क और लोगों के बीच आवाजाही जैसे मुद्दे भी उठे। जयशंकर ने कहा कि वी4 के चारों देशों में भारतीय छात्र पढ़ रहे हैं। इसलिए लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना भी सहयोग का अहम हिस्सा है। विदेश मंत्रियों ने दुनिया में चल रहे बड़े संकटों पर भी विचार साझा किए। इनमें यूक्रेन का संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र में मौजूदा घटनाक्रम शामिल रहे। जयशंकर ने बैठक को उपयोगी और काफी उत्पादक बताया।

भारत के लिए वी4 के राजनीतिक महत्व के सवाल पर जयशंकर ने कहा कि भारत के चारों देशों के साथ अच्छे संबंध हैं। उन्होंने कहा कि ये देश औद्योगिक अर्थव्यवस्था वाले हैं और इनमें तकनीक व नवाचार की मजबूत क्षमता है। वी4 किस तरह आगे साथ काम करता है, यह इन देशों को तय करना है, लेकिन भारत उनके साथ काम करने के अवसर का स्वागत करता है।

बैठक के बाद स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वी4 देशों की सहमति है कि ग्लोबल साउथ के हिस्से और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की उभरती ताकत के रूप में भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य के तौर पर जगह मिलनी चाहिए।

जयशंकर ने हंगरी की उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री डॉ. अनिता ओर्बान से भी पहली मुलाकात की। दोनों ने भारत-हंगरी संबंधों को और गहरा करने तथा रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार से भी जयशंकर ने अलग से मुलाकात की और द्विपक्षीय एजेंडे के साथ बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।

इक्वाडोर के विदेश मंत्री से भी हुई बातचीत

जयशंकर ने 21 सितंबर को इक्वाडोर के विदेश मंत्री रॉबर्टो कुरीएक से भी मुलाकात की। दोनों के बीच ऊर्जा और दवा क्षेत्र में आर्थिक रिश्ते मजबूत करने, लोगों की आवाजाही, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और विकास साझेदारी जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई। संयुक्त राष्ट्र समेत बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

UP : यूपी में बनेगा नया हाई-स्पीड कॉरिडोर, मुरादाबाद-बरेली हाईवे होगा 6 लेन; दिल्ली-लखनऊ सफर में मिलेगी रफ्तार

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उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने जा रहा है। मुरादाबाद और बरेली के बीच बने नेशनल हाईवे-30 (NH-30) को अब फोर लेन से बढ़ाकर सिक्स लेन किया जाएगा। करीब 122 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के तैयार होने के बाद न सिर्फ यात्रा का समय कम होगा, बल्कि दिल्ली-लखनऊ रूट पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव से भी राहत मिलेगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दे दी है। इस अपग्रेडेशन के बाद मुरादाबाद से बरेली के बीच सफर पहले के मुकाबले ज्यादा तेज और सुरक्षित हो जाएगा। परियोजना पर करीब 94 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

122 किलोमीटर का होगा सिक्स लेन कॉरिडोर
मुरादाबाद-बरेली हाईवे पहले से ही चालू नेशनल हाईवे है, लेकिन बढ़ते यातायात को देखते हुए इसे चौड़ा करने का फैसला लिया गया है। यह सिक्स लेन कॉरिडोर मुरादाबाद से शुरू होकर रामपुर, मिलक, दलपतपुर और धनेता होते हुए बरेली तक जाएगा।

करीब 30 मिनट कम होगा सफर का समय
फिलहाल मुरादाबाद से बरेली पहुंचने में करीब 2 से ढाई घंटे का समय लग जाता है। खासकर पीक ऑवर में ट्रैफिक के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। हाईवे के सिक्स लेन बनने के बाद सफर का समय लगभग 30 मिनट तक घटने की उम्मीद है।

इसके अलावा भारी वाहनों और लोकल ट्रैफिक के दबाव को भी कम करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली-लखनऊ रूट को मिलेगा बड़ा फायदा
मुरादाबाद-बरेली हाईवे दिल्ली-लखनऊ कॉरिडोर का अहम हिस्सा है। इस रूट पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए इसका विस्तार जरूरी माना जा रहा है। एनएचएआई के मुताबिक इस मार्ग पर रोजाना करीब 35 हजार पैसेंजर कार यूनिट (PCU) का दबाव रहता है, जबकि मौजूदा फोर लेन हाईवे की क्षमता इससे काफी कम है।

सिक्स लेन होने के बाद दिल्ली से लखनऊ के बीच यात्रा ज्यादा सुगम होगी और रास्ते में पड़ने वाले शहरों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।सिटी गाइड खोजें

इन जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
हाईवे के चौड़ीकरण से उत्तर प्रदेश के कई जिलों को लाभ मिलेगा। दिल्ली से शुरू होकर यह रूट गाजियाबाद, हापुड़, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर होते हुए लखनऊ तक पहुंचता है।

कई बड़े एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा कॉरिडोर
मुरादाबाद-बरेली हाईवे को प्रदेश के कई बड़े एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। यह गंगा एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा, जिससे यात्रियों को लंबी दूरी के सफर में आसानी होगी।

इसके अलावा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से भी इसकी कनेक्टिविटी पहले से मौजूद है। भविष्य में प्रस्तावित गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ने के बाद यह कॉरिडोर यूपी के परिवहन नेटवर्क का अहम हिस्सा बन सकता है।

NATIONAL : NIA कोर्ट ने ISIS से जुड़े आतंकी साजिश मामले में व्यक्ति को सुनाई सात साल की सजा

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बेंगलुरु : एनआईए की अदालत ने एक व्यक्ति को आईएसआईएस से जुड़ी आतंकी साजिश में शामिल होने के लिए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने उसे सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से लक्षित हत्याओं की साजिश रचने में शामिल होने का दोषी ठहराया था.राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की जांच के अनुसार, इस साजिश का मास्टरमाइंड मुख्य आरोपी महबूब पाशा था. उसने बेंगलुरु के गुरप्पनपाल्या स्थित अपने आवास पर कई बैठकें आयोजित की थीं.

एनआईए के रविवार को जारी बयान में कहा गया कि इन बैठकों में आरोपियों ने सांप्रदायिक दंगे भड़काने और प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस के राष्ट्रविरोधी एजेंडा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लक्षित हत्याओं की साजिश रची थी.बयान में कहा गया कि दोषी करार दिए गए आरोपी सैयद फसिउर रहमान उर्फ सैयद फसीह उर रहमान ने इन साजिश संबंधी बैठकों में हिस्सा लिया था. उसने अल-हिंद समूह के सदस्यों के जंगल प्रशिक्षण शिविर के लिए डेकाथलॉन स्पोर्ट्स स्टोर से टेंट और चाकू खरीदे थे.

एनआईए ने कहा कि इस साजिश का मकसद आईएसआईएस/दाएश का एक ‘विलायाह’ (प्रशासनिक क्षेत्र या प्रांत) स्थापित करना था. रहमान को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है और उस पर 48 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है.यह मामला शुरुआत में कर्नाटक पुलिस ने 10 जनवरी, 2020 को बेंगलुरु में दर्ज किया था. इसके बाद उसी साल 23 जनवरी को एनआईए ने मामले को अपने हाथ में लेते हुए इसे फिर से दर्ज किया.

अब तक एनआईए ने 20 आरोपियों के खिलाफ तीन आरोपपत्र दाखिल किए हैं. इससे पहले, 14 जुलाई, 2026 को हनीफ खान को दोषी ठहराया गया था. उसने अक्टूबर 2025 में शुरू हुई सुनवाई के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया था.

NATIONAL : बारिश का कहर! केरल में लैंडस्लाइड-बाढ़ से 5 मौतें, यूपी में 3 बच्चों की जान गई; गुजरात में सड़कें डूबीं

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बारिश का कहर केरल में लैंडस्लाइड-बाढ़ से 5 मौतें यूपी में 3 बच्चों की जान गई गुजरात में सड़कें डूबीं
देश के कई राज्यों में मानसून का असर अभी भी बना हुआ है। केरल में लैंडस्लाइड और अचानक आई बाढ़ से 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 2 लोग लापता हैं। उत्तर प्रदेश में भी बारिश और जलभराव से हालात मुश्किल बने हुए हैं। बाराबंकी में पानी से भरे गड्ढे में डूबने से 3 बच्चों की मौत हो गई। वहीं गुजरात में कुछ इलाकों में महज आधे घंटे की तेज बारिश के बाद सड़कें पानी में डूब गईं।

केरल में 6 जिलों में यलो अलर्ट
केरल में सोमवार को लगातार दूसरे दिन तेज बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने पथनमथिट्टा, कोट्टायम, अलप्पुझा, एर्नाकुलम, इडुक्की और त्रिशूर में यलो अलर्ट जारी किया है।रविवार को इडुक्की और मलप्पुरम समेत कई जिलों में भारी बारिश हुई। अलग-अलग जगहों पर लैंडस्लाइड, मडस्लाइड और अचानक आई बाढ़ की घटनाएं हुईं। इन हादसों में 5 लोगों की मौत हुई है, जबकि 2 लोग अभी लापता बताए जा रहे हैं।

यूपी में पुल के ऊपर से बह रहा पानी
उत्तर प्रदेश में भी बारिश का असर कई इलाकों में दिखाई दे रहा है। ललितपुर में बेतवा नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। सीतापुर में कई छोटे पुल डूब गए हैं, जबकि उन्नाव की जलमग्न बस्तियों में लोगों की आवाजाही के लिए नाव का इस्तेमाल किया जा रहा है।बाराबंकी में बारिश के पानी से भरे गड्ढे में नहाने के दौरान तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। मौसम विभाग के मुताबिक, 23 सितंबर को पूर्वी यूपी और 24 सितंबर को पश्चिमी यूपी में दोबारा बारिश होने के आसार हैं।

गुजरात में आधे घंटे की बारिश ने बदले हालात
गुजरात के भावनगर और राजकोट में रविवार को तेज बारिश के बाद कई सड़कें जलमग्न हो गईं। भावनगर के महुवा में करीब साढ़े 4 इंच, जबकि राजकोट के गोंडल में करीब साढ़े 3 इंच बारिश दर्ज की गई।जूनागढ़ के गिरनार जंगल में अचानक बाढ़ आने से आत्मेश्वर महादेव मंदिर जाने वाले रास्ते पर 40 से ज्यादा श्रद्धालु फंस गए। इनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। वन विभाग और फायर ब्रिगेड की टीम ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।

तमिलनाडु में ट्रैक पर गिरी चट्टान, ट्रेन से टकराई
तमिलनाडु के धर्मपुरी में भारी बारिश के बाद मुथमपट्टी के पास रेलवे ट्रैक पर चट्टान गिर गई। चट्टान नागरकोइल-बेंगलुरु एक्सप्रेस से टकराई। घटना के बाद रेलवे ट्रैक पर आवाजाही प्रभावित हुई।

राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून
दूसरी तरफ राजस्थान में मानसून की विदाई शुरू होने के साथ बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ रही हैं। ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहा। हालांकि सोमवार को 4 जिलों में बारिश का अलर्ट है।बारिश कम होने के साथ तापमान बढ़ने लगा है। जैसलमेर में रविवार को तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।

MP में 24 सितंबर से फिर तेज बारिश
मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक 24 सितंबर से प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। फिलहाल हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।प्रदेश में अब तक औसतन 33.9 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य बारिश के कोटे का करीब 91% है।

अगले दो दिनों में इन राज्यों में अलर्ट
22 सितंबर: ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में ऑरेंज अलर्ट है। इन राज्यों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, मराठवाड़ा, कोंकण-गोवा, तमिलनाडु, कर्नाटक और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में यलो अलर्ट है।

23 सितंबर: दक्षिण ओडिशा और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश के आसार हैं। ओडिशा में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे और कुछ जगहों पर 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मध्य प्रदेश, तेलंगाना, बंगाल, विदर्भ, छत्तीसगढ़, असम, मेघालय और कोंकण-गोवा में भी बारिश का यलो अलर्ट है।

NATIONAL : ‘लोकतंत्र को खत्म करने का औजार..’ लालकृष्ण आडवाणी को SIR के नोटिस पर बोले खरगे

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एसआईआर प्रक्रिया के तहत दिल्ली के कई वीवीआईपी राजनीतिक हस्तियों को नोटिस जारी किया गया है. इस पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम चल रहा है. एसआईआर प्रक्रिया के तहत दिल्ली के कई वीवीआईपी राजनीतिक हस्तियों को नोटिस जारी किया गया है. इस लिस्ट में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से लेकर पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी तक कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां शामिल हैं. इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग पर हमला बोला है.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर लंबा-चौड़ा पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने लिखा, बिहार से शुरु हुआ SIR अब जब दिल्ली में दस्तक दे चुका है, तब शायद सत्ताधीशों को पता चल रहा है कि कांग्रेस पार्टी पूरे प्रोसेस को पहले दिन से Flawed क्यों कह रही थी.

मल्लिकार्जुन खरगे ने लिखा, SIR केवल बीजेपी के वोट चोरी व लोकतंत्र को खत्म करने का औजार ही नहीं है बल्कि ये Flawed Process एक Frankenstein Monster जिसने अब उसी के लोगों को फंसा दिया है. बीजेपी के ही कई बड़े नेता – भाजपा के वरिष्ठतम, लालकृष्ण आडवाणी जी, मौजूदा विदेश मंत्री, दिल्ली के उपराज्यपाल (LG), राज्यसभा सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री आदि शामिल हैं, इन सबको अब नोटिस दिया गया. हालत यह कि कि इससे पहले भारत रत्न से सम्मानित वैज्ञानिक व पूर्व नौसेना प्रमुख को भी नोटिस जारी किए जा चुके है.

बंगाल में जिन लोगों के नाम काटकर उन्हें वोट देने से रोका गया, उनमें अब तक फैसला हुए मामलों में 93% लोग अपनी अपील जीत गए – यानि 1,13,943 लोगों को फिर से मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा! वाह ! किस आधार पर उनका मताधिकार छीना गया?

ऊपर से चुनाव आयोग आज आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर के “VIP/marked electors” का वर्णन करता है. क्या अब भारत के Universal Adult Franchise में मतदाताओं की कोई Special Category है — VIP मतदाता और आम मतदाता?
क्या हमारे संविधान ने जो One Person, One Vote, One Value का सिद्धांत दिया था, ये उसकी अवेहलना नहीं है? क्या VIP वोट अब ज्यादा क़ीमती हो गया है?

SIR के पहले तीन चरणों में 31 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 13.8 करोड़ मतदाता सूची से बाहर हुए—यानी 94.78 करोड़ मतदाताओं में से करीब 14.61%, उनपर हाथ पर हाथ धरे किसके इशारे पर बैठा रहता है? VIPs के लिए प्रेस रिलीज, करोड़ों आम मतदाताओं के लिए खामोशी!

NATIONAL : राम मंदिर में 70 नहीं, 105 बार हुई चढ़ावा चोरी: चार्जशीट में पता चलेगा कितनी हुई चोरी, सीसीटीवी में सभी घटनाएं

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श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी का बड़ा खुलासा हुआ है। यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को एसआईटी की स्थिति रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट के अनुसार, सीसीटीवी कैमरों में चढ़ावा चोरी की 70 नहीं, बल्कि 105 घटनाएं दर्ज हैं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत को इसकी जानकारी दी।

मेहता ने पीठ को बताया कि जांच दल दो दिन के भीतर आरोपपत्र दाखिल करेगा। जांच में सीसीटीवी फुटेज के साथ आरोपियों के बयान और अन्य साक्ष्य भी शामिल किए गए हैं। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में 70 चोरी की घटनाओं का जिक्र किया था। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई।

मेहता ने सोमवार को बताया कि पहली गिरफ्तारी से 90 दिन की अवधि 25 सितंबर को पूरी हो रही है। यदि इस तारीख से पहले आरोपपत्र दाखिल नहीं हुआ, तो आरोपियों को डिफॉल्ट जमानत मिल सकती है। इसलिए, दो दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने का निर्णय लिया गया है।

पीठ ने संबंधित मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि आरोपपत्र पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। सुनवाई के दौरान स्थिति रिपोर्ट का गहन अध्ययन किया गया। इस रिपोर्ट में गिरफ्तारियों की संख्या और जुटाए गए सबूतों का विवरण था। सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों का भी इसमें जिक्र था। अदालत ने सभी प्रस्तुत जानकारियों को रिकॉर्ड पर दर्ज कर लिया।

याचिकाकर्ताओं ने एसआईटी रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की, पर सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दिया। स्पष्ट कहा कि वह मामले को सत्र न्यायाधीश के हाथों से नहीं निकालना चाहती। जरूरत पड़ने पर जांच के आदेश दिए जा सकते हैं।

एसआईटी जांच में मंदिर परिसर में चढ़ावे की रकम की गिनती और उसे जमा करने की प्रक्रिया को भी जांच के दायरे में रखा गया। रिपोर्ट के अनुसार मंदिर में मिलने वाले कीमती सामान की रसीद सॉफ्टवेयर के जरिये तैयार की जाती है और बाद में उसे एसबीआई के लॉकर में रखा जाता है।

केस डायरी में सीसीटीवी फुटेज, आरोपियों के बयान, बरामद नकदी और अन्य सामग्री को साक्ष्य के तौर पर शामिल किया गया है। बताया गया कि सीसीटीवी और अन्य सामग्री के विश्लेषण से आरोपियों की पहचान की गई।

105 घटनाओं में कितनी रकम चोरी हुई, हर आरोपी की भूमिका क्या रही, कितनी रकम बरामद हुई, कौन-कौन से साक्ष्य आरोपों को साबित करने के लिए पेश किए जाएंगे, विस्तृत ब्योरा चार्जशीट में सामने आने की उम्मीद है।

मामले में अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव व रामशंकर यादव शामिल हैं। इनमें चढ़ावे की गिनती से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। आरोपियों से 79.85 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं।

NATIONAL : बीजेपी को डिजिटल मोर्चे पर धार देंगे नितिन नवीन, सोशल मीडिया कार्यशाला में भविष्य की रणनीति पर मंथन

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बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी की सोशल मीडिया इकाई और विभिन्न प्रकोष्ठों की कार्यशालाओं की अध्यक्षता कर डिजिटल रणनीति को प्रभावी बनाने पर चर्चा की।

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ( बीजेपी ) अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को पार्टी की सोशल मीडिया इकाई की एक कार्यशाला की अध्यक्षता की और डिजिटल प्रयासों को ‘‘और अधिक प्रभावी’’ बनाने के तरीकों पर चर्चा की। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने यहां पार्टी मुख्यालय में कहा कि उन्होंने पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के समूहों की एक कार्यशाला की भी अध्यक्षता की और प्रतिभागियों के साथ संगठनात्मक गतिविधियों तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं पर ‘विस्तृत चर्चा’ की।

बीजेपी नितिन नवीन ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘आज मैंने भाजपा मुख्यालय में ‘राष्ट्रीय सोशल मीडिया कार्यशाला’ का उद्घाटन किया और देशभर से आए सोशल मीडिया से जुड़े पदाधिकारियों को संबोधित किया।’’

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि सोशल मीडिया कार्यशाला के दौरान उनके साथ बातचीत में उन्होंने संगठन के डिजिटल प्रयासों को और प्रभावी बनाने के तरीकों पर चर्चा की तथा ‘भविष्य की रणनीतियों’ पर भी विचार-विमर्श किया।

बीजेपी की सोशल मीडिया इकाई के नवनियुक्त राष्ट्रीय संयोजक दीपक म्हस्के बैठक में मौजूद थे। बैठक में पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी समेत अन्य नेता भी शामिल हुए। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे उत्तर प्रदेश, चुनावी तैयारियों की करेंगे समीक्षा

इसके अलावा बीजेपी सांसद नितिन नवीन सोमवार को उत्तर प्रदेश के दो दिन के दौरे पर जाएंगे, जहां वह अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ कई बैठकें करेंगे।

बीजेपी के अनुसार, चुनाव से पहले युवाओं से संपर्क के पार्टी के प्रयासों के तहत, नवीन मेरठ में स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के मंगल्य सभागार में युवा सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे।

पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण है। अपने दौरे के दौरान नवीन उत्तर प्रदेश में चुनाव की तैयारियों से संबंधित विभिन्न संगठनात्मक बैठकों, सार्वजनिक कार्यक्रमों और सम्मेलनों का नेतृत्व करेंगे।’’

NATIONAL : सोनिया गांधी को बड़ा झटका, वोटर लिस्ट केस में FIR पर रोक का फैसला कोर्ट ने पलटा

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सोनिया गांधी के वोटर लिस्ट में नाम शामिल किए जाने से जुड़े मामले में दिल्ली की अदालत ने मजिस्ट्रेट के पुराने आदेश को रद्द कर दिया है. शिकायतकर्ता विकास त्रिपाठी का आरोप है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 की मतदाता सूची में शामिल हुआ था, जबकि उन्होंने भारतीय नागरिकता 1983 में हासिल की थी. उन्होंने कथित फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए एफआईआर की मांग की थी. मजिस्ट्रेट ने पहले यह मांग खारिज कर दी थी. अब विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने मामला वापस एसीजेएम अदालत को भेज दिया है. वहां 29 सितंबर को नए सिरे से सुनवाई होगी.

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को वोटर लिस्ट में नाम शामिल किए जाने के मामले में कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. दिल्ली की एक अदालत ने मजिस्ट्रेट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें मामले की जांच के लिए एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने से इनकार किया गया था. अदालत ने कहा कि मजिस्ट्रेट का आदेश पर्याप्त कारणों के बिना दिया गया था और उसमें मामले पर उचित तरीके से विचार किए जाने के संकेत नहीं मिले. अदालत ने इस मामले को दोबारा मजिस्ट्रेट के पास भेजते हुए नए सिरे से सुनवाई करने और कारणों के साथ आदेश पारित करने का निर्देश दिया है.

क्या है पूरा मामला?
यह मामला विकास त्रिपाठी की ओर से दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका से जुड़ा है. त्रिपाठी का आरोप है कि सोनिया गांधी का नाम नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र की मतदाता सूची में 1980 में ही शामिल कर लिया गया था, जबकि उन्होंने भारत की नागरिकता 1983 में हासिल की थी. उनका दावा है कि 1982 में नाम हटाया गया और 1983 में दोबारा मतदाता सूची में शामिल किया गया.
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया. इसी आधार पर उन्होंने एफआईआर दर्ज कर जांच कराने की मांग की थी.

कानूनी मामलों की रिपोर्टिंग करने वाली वेबसाइट लाइव लॉ के मुताबिक, द्वारका कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने निचली अदालत के आदेश को ‘नॉन-स्पीकिंग’ यानी ऐसा आदेश बताया, जिसमें पर्याप्त और स्पष्ट कारण दर्ज नहीं किए गए थे. अदालत के मुताबिक, आदेश में तथ्यों और कानूनी पहलुओं पर पर्याप्त विचार दिखाई नहीं देता.

अदालत ने कहा कि मजिस्ट्रेट को यह तय करना था कि शिकायत में संज्ञेय अपराध के आरोप बनते हैं या नहीं और एफआईआर की मांग पर क्या आदेश दिया जाना चाहिए. इसके बजाय पुराने आदेश में नागरिकता के मुद्दे और संबंधित संस्थाओं के अधिकार क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान चला गया.
अदालत ने यह भी कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों को केवल इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि उनमें पर्याप्त विवरण नहीं हैं, जब तक संबंधित तथ्यों और आरोपों पर उचित तरीके से विचार न किया जाए.

1980, 1982 और 1983 की वोटर लिस्ट का क्या कनेक्शन?
कोर्ट ने खास तौर पर इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि पुराने आदेश में 1980, 1982 और 1983 की मतदाता सूचियों में सोनिया गांधी के नाम के शामिल होने, हटाए जाने और फिर शामिल किए जाने के क्रम पर पर्याप्त चर्चा नहीं की गई.
अदालत के मुताबिक, शिकायत में लगाए गए आरोपों को देखते हुए यह स्पष्ट किया जाना जरूरी था कि इन घटनाक्रमों का कानूनी महत्व क्या है और शिकायत को पूरी तरह खारिज करने का आधार क्या था.

पुलिस रिपोर्ट और जांच पर भी उठे सवाल
अदालत ने कहा कि मजिस्ट्रेट ने संबंधित पुलिस अधिकारी की दलीलों पर भी सुनवाई नहीं की और संबंधित थाने से स्थिति रिपोर्ट नहीं मंगाई. कोर्ट ने इसे भी पुराने आदेश की कमी माना.

हालांकि, विशेष न्यायाधीश ने यह साफ किया कि पुनरीक्षण अदालत खुद मजिस्ट्रेट की भूमिका नहीं निभा सकती. इसलिए वह सीधे एफआईआर दर्ज करने का आदेश नहीं दे सकती. एफआईआर के लिए शिकायत पर निर्णय लेने का अधिकार संबंधित मजिस्ट्रेट के पास ही रहेगा.

दिल्ली कोर्ट ने मामले को वापस एसीजेएम अदालत के पास भेज दिया है. अब वहां शिकायत पर नए सिरे से सुनवाई होगी. मजिस्ट्रेट पुलिस अधिकारी की बात सुनने और जरूरी जांच के बाद इस सवाल पर कारणों के साथ आदेश देंगे कि शिकायत में लगाए गए आरोपों से कोई संज्ञेय अपराध बनता है या नहीं. मामला अब 29 सितंबर को एसीजेएम के सामने सूचीबद्ध होगा.

इस तरह दिल्ली कोर्ट के ताजा आदेश का मतलब यह नहीं है कि सोनिया गांधी के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित हो गए हैं या एफआईआर दर्ज करने का आदेश हो गया है. अदालत ने फिलहाल सिर्फ पुराने आदेश को रद्द करते हुए मामले पर कानून के मुताबिक नए सिरे से फैसला लेने को कहा है.
सोनिया गांधी के वोटर लिस्ट में नाम शामिल किए जाने से जुड़े मामले में दिल्ली की अदालत ने मजिस्ट्रेट के पुराने आदेश को रद्द कर दिया है. शिकायतकर्ता विकास त्रिपाठी का आरोप है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 की मतदाता सूची में शामिल हुआ था, जबकि उन्होंने भारतीय नागरिकता 1983 में हासिल की थी. उन्होंने कथित फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए एफआईआर की मांग की थी. मजिस्ट्रेट ने पहले यह मांग खारिज कर दी थी. अब विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने मामला वापस एसीजेएम अदालत को भेज दिया है. वहां 29 सितंबर को नए सिरे से सुनवाई होगी.

WORLD : रूस में पुतिन की पार्टी का दबदबा कायम, यूनाइटेड रशिया ने जीतीं रिकॉर्ड 355 संसदीय सीटें

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रूस में हुए संसदीय चुनावों में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सत्तारूढ़ ‘युनाइटेड रशिया’ (United Russia) पार्टी ने भारी बहुमत के साथ अपनी सत्ता बरकरार रखी है।

इंटरनेशनल डेस्कः रूस में हुए संसदीय चुनावों में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सत्तारूढ़ ‘युनाइटेड रशिया’ (United Russia) पार्टी ने भारी बहुमत के साथ अपनी सत्ता बरकरार रखी है। केंद्रीय चुनाव आयोग (CEC) की अध्यक्ष एला पामफिलोवा के अनुसार, 95% से अधिक मतों की गिनती के बाद युनाइटेड रशिया पार्टी को 57.83% वोट प्राप्त हुए हैं, जो कि वर्ष 2021 के पिछले संसदीय चुनाव में मिले 49.8% वोटों के मुकाबले अधिक है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, रूसी अधिकारियों के लिए चुनावी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करना बेहद महत्वपूर्ण था ताकि विरोधियों को रूस की एकजुटता का संदेश दिया जा सके, हालांकि आलोचकों ने कई उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोके जाने के आरोप लगाए हैं।

ड्रोन हमलों के बावजूद रिकॉर्ड मतदान
चुनाव के आखिरी दिन मास्को पर हुए भारी यूक्रेनी ड्रोन हमलों के बावजूद कुल 111 मिलियन (11.1 करोड़) मतदाताओं में से 59.3% रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। निर्वासित विपक्षी कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए व्यापक धांधली के आरोपों के जवाब में चुनाव आयोग की अध्यक्ष ने इस मतदान को पूरी तरह “निष्पक्ष” बताया है। इसके अलावा, चेचन्या में पुतिन के करीबी सहयोगी रमजान कादिरोव लगभग 100% वोटों के साथ पांचवीं बार नेता चुने गए हैं।

जनता की प्रतिक्रिया
चुनाव के बाद मास्को के निवासियों ने मिश्रित प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कुछ नागरिकों ने उम्मीद जताई कि ईंधन आपूर्ति में व्यवधान समाप्त होगा और कीमतें नियंत्रित रहेंगी, जबकि अन्य निवासियों ने वर्तमान व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया।

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