Wednesday, June 24, 2026
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BUSINESS : देश में उर्वरकों का रिकॉर्ड भंडार: मांग से 51% ज्यादा स्टॉक, कीमतों में नहीं होगा बदलाव, किसानों को बड़ी राहत

खरीफ 2026 से पहले केंद्र सरकार ने देश में उर्वरकों का रिकॉर्ड भंडार सुनिश्चित किया है। वर्तमान में देश के पास 199.65 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक उपलब्ध है, जो अनुमानित मांग का 51% से अधिक है। सरकार ने घरेलू उत्पादन, आयात और वैश्विक निविदाओं के जरिए आपूर्ति मजबूत की है, जबकि किसानों के लिए उर्वरकों की कीमतें स्थिर रखी गई हैं।

उर्वरक विभाग में अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस. शर्मा ने बताया कि उर्वरक स्टॉक आवश्यकता से 51% से अधिक है।
उर्वरक विभाग में अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस. शर्मा ने बताया कि उर्वरक स्टॉक आवश्यकता से 51% से अधिक है।

खरीफ 2026 सीजन से पहले केंद्र सरकार ने उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की है। सरकार के अनुसार देश में वर्तमान समय में उर्वरकों का भंडार मजबूत और स्थिर स्थिति में है, जिसके चलते किसानों को पीक सीजन में किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने खरीफ सीजन के लिए 390.54 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता का अनुमान लगाया है, जबकि देश में अभी 199.65 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक उपलब्ध है। यह कुल मांग का 51 प्रतिशत से अधिक है और सामान्य स्टॉक स्तर से काफी ज्यादा माना जा रहा है।

उर्वरक विभाग में अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस. शर्मा ने बताया है कि “खरीफ 2026 सीजन के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DoAFW) द्वारा आकलित उर्वरक आवश्यकता के आधार पर वर्तमान स्टॉक 51% से अधिक है। यह हमारे सामान्य आवश्यकता स्तर 33% से काफी ज्यादा है, जिसे हम आमतौर पर बनाए रखते हैं। उर्वरकों का स्टॉक संतोषजनक स्थिति में है। प्रमुख उर्वरकों की एमआरपी लगभग पहले जैसी ही बनी हुई है।”

घरेलू उत्पादन-आयात से बढ़ी उपलब्धता
पश्चिम एशिया में हालिया संकट के बाद सरकार ने उर्वरकों की आपूर्ति मजबूत करने के लिए घरेलू उत्पादन और आयात दोनों पर जोर दिया। देश में कुल 97 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। इसमें घरेलू उत्पादन का योगदान 76.78 लाख टन रहा, जबकि करीब 19.94 लाख टन उर्वरक आयात के जरिए भारतीय बंदरगाहों तक पहुंचाया गया।

यूरिया के मामले में 46.28 लाख टन घरेलू उत्पादन और 12.51 लाख टन आयात हुआ है। वहीं डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी जैसे उर्वरकों की उपलब्धता भी बढ़ाई गई है। सरकार ने मई और जून के दौरान भारतीय बंदरगाहों तक पहुंचने के लिए लगभग 7 लाख टन एनपीके उर्वरक भी सुरक्षित कर लिया है।

भविष्य की मांग को लेकर सरकार सतर्क
सरकार ने आने वाले महीनों में उर्वरकों की मांग को देखते हुए वैश्विक स्तर पर खरीद प्रक्रिया भी तेज कर दी है। भारतीय उर्वरक कंपनियों ने 12 लाख टन डीएपी, 4 लाख टन टीएसपी और 3 लाख टन अमोनियम सल्फेट खरीदने के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किए हैं।

किसानों के लिए कीमतों में नहीं कोई बदलाव
किसानों के लिए राहत की बात यह है कि सरकार ने प्रमुख उर्वरकों की अधिकतम खुदरा कीमतों (MRP) में कोई बदलाव नहीं किया है। उर्वरक विभाग कंपनियों को सब्सिडी भुगतान नियमित रूप से कर रहा है, जिससे बाजार में आपूर्ति बनी हुई है। उपलब्धता की स्थिति की लगातार निगरानी के लिए सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह (EGoS) की अब तक आठ बैठकें हो चुकी हैं।

सरकार का कहना है कि बेहतर योजना, अग्रिम भंडारण और मजबूत लॉजिस्टिक्स व्यवस्था के कारण देश में उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है। इससे किसानों को खरीफ सीजन में किफायती दरों पर आसानी से उर्वरक उपलब्ध हो सकेंगे।

MAHARASHTRA : सड़कों पर फेंकी हजारों क्विंटल प्याज, लगातार गिरते दामों से संकट में किसान, आंदोलन की चेतावनी

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महाराष्ट्र के नासिक जिले में लगातार गिरती प्याज की कीमतों से किसान भारी संकट में हैं। मंडियों में प्याज के बेहद कम दाम मिलने से नाराज किसानों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़कों पर प्याज फेंक दिया। गुस्साए किसानों का कहना है कि उन्हें अपनी उपज का लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है, जिससे आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

महाराष्ट्र के नासिक समेत कई जिलों में लगातार गिरती प्याज की कीमतों ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंडियों में बेहद कम दाम मिलने से नाराज किसानों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़कों पर प्याज फेंक दिया। किसानों का कहना है कि उन्हें अपनी फसल का लागत मूल्य तक नहीं मिल पा रहा, जिससे वे आर्थिक संकट और कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं।

बाजार आंकड़ों के मुताबिक, प्याज का न्यूनतम भाव घटकर 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, जबकि औसत कीमत 800 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बनी हुई है। वहीं, छोटे आकार के ‘गुल्टी’ प्याज की कीमत सिर्फ 1 रुपये प्रति किलो तक रह गई है। किसानों का कहना है कि इतनी कम कीमत पर फसल बेचने से खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के संस्थापक अध्यक्ष भरत दिघोले के अनुसार, पिछले कई महीनों से प्याज के दाम लगातार गिर रहे हैं, जबकि खेती में इस्तेमाल होने वाले बीज, खाद, कीटनाशक, मजदूरी, सिंचाई, बिजली, परिवहन और भंडारण की लागत तेजी से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि लागत बढ़ने और बाजार भाव गिरने से किसानों की आय बुरी तरह प्रभावित हुई है।

दो दिन पहले भरत दिघोले ने किसानों की खराब स्थिति का उदाहरण देते हुए न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि बीड जिले के नेकनूर गांव का एक किसान 41 बोरे प्याज लेकर सोलापुर मंडी पहुंचा था। लेकिन वहां उसके केवल 20 बोरे ही बिक सके। मजदूरी, कमीशन, बाजार शुल्क और परिवहन खर्च कटने के बाद किसान के हाथ में सिर्फ 519 रुपये बचे। इस घटना ने किसानों की बदहाल स्थिति को उजागर कर दिया।

नासिक जिले की सटाना कृषि उपज बाजार समिति में एक किसान को उसकी प्याज फसल के लिए सिर्फ 50 रुपये प्रति क्विंटल यानी 50 पैसे प्रति किलो का भाव मिला। इतनी कम कीमत मिलने से परेशान किसान ने बाजार परिसर में ही आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना के बाद किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

छत्रपति संभाजीनगर जिले की वैजापुर कृषि उपज बाजार समिति में भी किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया और प्याज की नीलामी रोक दी। किसानों का कहना है कि लगातार घाटे के कारण खेती करना मुश्किल होता जा रहा है।

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने राज्य और केंद्र सरकार से कई मांगें की हैं। किसानों ने मांग की है कि प्याज किसानों को प्रति क्विंटल 1500 रुपये की सब्सिडी दी जाए। प्याज निर्यात पर लगी पाबंदियां हटाई जाएं। मंडियों में लगने वाले भारी कमीशन को नियंत्रित किया जाए। किसानों को सीधे बाजार में बिक्री की सुविधा मिले और प्याज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित किया जाए। किसानों का कहना है कि MSP लागू होने से उन्हें कम से कम लागत के अनुसार उचित दाम मिल सकेगा।

भरत दिघोले ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि सरकार ने जल्द राहत नहीं दी तो हजारों किसान आर्थिक तबाही की स्थिति में पहुंच सकते हैं।

प्याज उत्पादक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द राहत पैकेज और जरूरी कदमों की घोषणा नहीं की, तो राज्यभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से घाटा झेल रहे हैं और अब उनके पास आंदोलन के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है

ASSAM : हिमंत के साथ चार मंत्रियों ने ली शपथ, सीएम की नई टीम तैयार, स्पीकर के नाम का भी हुआ एलान

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असम में हिमंत बिस्वा सरमा सरकार की नई पारी शुरू हो गई है। चार अनुभवी मंत्रियों के साथ शपथ लेकर सीएम राज्य के विकास को नई गति देंगे। सहयोगी दलों का साथ और अनुभवी चेहरों का तालमेल इस नई कैबिनेट की मुख्य पहचान है। इस सूची में कौन-कौन शामिल हैं? खबर में जानिए…

असम में नई एनडीए सरकार का गठन हो गया है और हिमंत बिस्व सरमा ने सीएम और चार मंत्रियों ने मंत्री पद की शपथ ली। इस नई टीम में भारतीय जनता पार्टी ने अपने पुराने और भरोसेमंद सहयोगियों को जगह दी है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मंत्रियों के नामों की घोषणा की। इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए। शपथ लेने वाले मंत्रियों में असम गण परिषद के अध्यक्ष अतुल बोरा और बोडलैंड पीपुल्स फ्रंट के विधायक चरण बोरो शामिल हैं। ये दोनों नेता पिछली सरकार में भी कैबिनेट का हिस्सा थे।

कैबिनेट में महिला नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करने के लिए अजंता नेओग को शामिल किया गया है। वह पिछली सरकार में भी मंत्री रह चुकी हैं। इनके अलावा, रामेश्वर तेली ने भी मंत्री पद की शपथ ली। तेली पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रह चुके हैं और 2026 के विधानसभा चुनाव में वापस राज्य की राजनीति में सक्रिय हुए हैं।

सरकार गठन के साथ-साथ विधानसभा अध्यक्ष के नाम पर भी मुहर लग गई है। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता रंजीत कुमार दास असम विधानसभा के अगले स्पीकर होंगे। मुख्यमंत्री सरमा ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि पूरी टीम राज्य के विकास और समृद्धि के लिए पूरी निष्ठा से काम करेगी।

इस चुनाव में भाजपा नीत एनडीए ने राज्य में शानदार प्रदर्शन करते हुए 126 में से 102 सीटों पर कब्जा किया है। भाजपा ने अकेले 82 सीटें जीतकर अपनी पकड़ मजबूत की है। इस प्रचंड बहुमत के साथ हिमंत बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालेंगे। उनकी लोकप्रियता और कुशल रणनीतियों ने गठबंधन को इस ऐतिहासिक सफलता तक पहुंचाया है।

NATIONAL : ’32 लाख वोट से जीती बीजेपी, 35 लाख को तो SIR में बाहर कर दिया’, TMC ने की जांच की अपील तो SC बोला- हम आदेश…

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कल्याण बनर्जी ने पिछली सुनवाई में जस्टिस जॉयमाल्या बागची की ओर से की गई टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि अगर जीत का अंतर लिस्ट से हटाए गए लोगों की संख्या से कम होगा तो कोर्ट दखल देगा.

ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने सोमवार (11 मई, 2026) को सुप्रीम कोर्ट में दावा किया कि पश्चिम बंगाल की कई विधानसभा सीटों पर जीत का अंतर उससे बहुत कम है, जितने लोगों की अपील अपीलेट ट्रिब्यूनल में लंबित हैं. उन्होंने बंगाल में चल रहे स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह दावा किया है. टीएमसी ने कहा कि पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि अगर ऐसी स्थिति होती है तो वह उसमें दखल देगा.

टीएमसी की तरफ से सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने कहा कि 31 विधानसभा सीटों पर टीएमसी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच जीत और हार का अंतर एसआईआर में वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों की संख्या से कम है और इन लोगों की अपील ट्रिब्यूनल के पास लंबित हैं. उन्होंने कहा कि कई जगह पर लिस्ट से हटाए गए लोगों की संख्या और हार का मार्जिन बराबर है.

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार कल्याण बनर्जी ने कोर्ट को बताया कि एक विधानसभा सीट पर टीएमसी उम्मीदवार सिर्फ 863 वोटों के अंतर से हार गया और यहां वोटर लिस्ट से हटाए गए 5432 लोगों की अपील अपीलेट ट्रिब्यूनल में लंबित है. एसआईआर के दौरान लिस्ट से हटाए गए लोग, जिनकी अपील अपीलेट ट्रिब्यूनल के पास लंबित हैं, उन्हें इस विधानसभा चुनाव में वोट करने की इजाजत नहीं दी गई थी.

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI Surya Kant) और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच को कल्याण बनर्जी ने बताया कि टीएमसी और बीजेपी के बीच जीत और हार का अंतर करीब 32 लाख वोट हैं और 35 लाख लोग वोट नहीं कर सके क्योंकि उनकी अपील ट्रिब्यूनल में पेंडिंग हैं. कल्याण बनर्जी ने जस्टिस जॉयमाल्या बागची की उस टिप्पणी का जिक्र करते हुए हस्तक्षेप का अनुरोध किया है, जिसमें जज ने कहा था कि अगर जीत का अंतर लिस्ट से हटाए गए लोगों की संख्या से कम होगा तो कोर्ट दखल देगा. उन्होंने कहा कि इस मामले में न्यायिक जांच का जरूरत हो सकती है

बेंच ने कल्याण बनर्जी को निर्देश दिया कि वह विस्तृत डिटेल के साथ अंतरिम आवेदन दाखिल करें. कोर्ट ने उनसे कहा, ‘आप चुनाव के नतीजों को लेकर जो भी कहना चाहते हैं… अगर आप कह रहे हैं कि वोटर लिस्ट से लोगों को हटाए जाने का असर रिजल्ट पर पड़ा है तो उसके लिए आपको अंतरिम आवेदन करने की जरूरत है.’ उनकी दलीलों पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि फिलहाल हम यह देखना चाहते हैं कि ट्रिब्यूनल में काम तेजी से हो.

सुनवाई के दौरान टीएमसी का पक्ष रखने के लिए सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी भी पेश हुईं. मेनका गुरुस्वामी ने कोर्ट में कहा कि अपीलेट ट्रिब्यूनल्स के पास लंबित अपीलों का निपटारा करने में तो चार साल लग जाएंगे, तब तक कई और चुनाव हो जाएंगे.

चुनाव आयोग के वकील दामा शेषाद्री ने टीएमसी की दलीलों पर कहा कि किसी सीट के नतीजे को हाईकोर्ट में चुनाव याचिका के जरिए चुनौती दी जा सकती है. इसके बाद कल्याण बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट से यह आदेश पारित करने का अनुरोध किया कि एसआईआर में नाम हटाए जाने को चुनाव याचिका दाखिल करने का आधार माना जा सकता है. सीजेआई सूर्यकांत ने उनके अनुरोध पर कहा, ‘हम ऐसा आदेश कैसे दे सकते हैं?’

WEST BENGAL : सीएम शुभेंदु अधिकारी ने पहले दिन लिए कई अहम फैसले, कहा- यह सरकार जनता की सरकार है, जनता के लिए है

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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नबन्ना में पहली कैबिनेट बैठक की। इसमें कई अहम फैसले भी लिए गए। वहीं देर रात एक्स पर एक पोस्ट में सीएम शुभेंदु ने पहले दिन को कई अहम घटनाओं से भरा दिन बताया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह सरकार जनता की सरकार है, जनता के लिए है।

पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को अपने कार्यकाल के पहले दिन को ‘घटनाओं से भरा’ बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने चुनावी वादों को जमीन पर उतारने की शुरुआत कर दी है और पहली ही कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने ‘असल परिवर्तन’ की दिशा में छह अहम फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि अब राज्य में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी, जिससे पश्चिम बंगाल के लोगों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल सकेगा।

शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के काम को तेज करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को जमीन हस्तांतरित की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि यह प्रक्रिया 45 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। नई सरकार ने राज्य सरकारी नौकरियों के लिए उम्मीदवारों की अधिकतम आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी करने का भी फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान युवाओं का काफी समय खराब हुआ, इसलिए उन्हें राहत देने के लिए यह कदम उठाया गया है।

कैबिनेट बैठक में भारतीय न्याय संहिता (BNS) को राज्य में औपचारिक रूप से लागू करने का फैसला भी लिया गया। इसके अलावा जनगणना प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए भी मंजूरी दी गई, ताकि लोगों को सही प्रतिनिधित्व मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार उन 321 परिवारों की मदद के लिए भी कदम उठाएगी, जिनके परिजनों की कथित तौर पर ‘लोकतंत्र की रक्षा करते हुए’ मौत हुई थी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे पीएम विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पीएम उज्ज्वला योजना के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को भी हटाया जाएगा।

शुभेंदु अधिकारी ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को विभाग बांटने की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल और निसिथ प्रमाणिक समेत कई नेताओं को जिम्मेदारियां दी गई हैं। साथ ही उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों और प्रशासनिक अफसरों के साथ बैठकें भी कीं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह सरकार जनता की सरकार है, जनता के लिए है, किसी पार्टी विशेष के लिए नहीं।’ उनके इस बयान को पिछली सरकार पर निशाना माना जा रहा है।

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को राज्य भर में अवैध सिंडिकेट, खनन और पशु तस्करी पर नकेल कसने को कहा है। एक बैठक में अधिकारी ने अवैध गतिविधियों की निगरानी पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से शासन को राजनीतिक प्रतिशोध से मुक्त रखने के निर्देश दिए। पुलिस को ‘सिंडिकेट राज’ खत्म करने का आदेश मिला। अवैध खनन पर तत्काल कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए। बीरभूम में कड़ी निगरानी के विशेष निर्देश दिए गए। उन्होंने ग्रामीण रोजगार योजना के लाभार्थियों को सत्यापित करने को कहा। धोखाधड़ी वाले जॉब कार्ड से पैसे निकालने वालों की पहचान करने को भी कहा। सीमावर्ती जिलों में पशु तस्करी रोकने के निर्देश दिए गए। पुलिस को आदतन अपराधियों पर कार्रवाई करने को कहा। चुनाव बाद की हिंसा में शामिल लोगों का पता लगाने के भी निर्देश मिले।

NATIONAL : बंगाल में मंत्रियों को विभाग बांटे:गृह मंत्रालय सुवेंदु ने रखा; दिलीप घोष को पंचायतीराज, अग्निमित्रा को महिला–बाल विकास, निषिथ को युवा कल्याण विभाग दिया

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पश्चिम बंगाल में भाजपा की नई सरकार में सोमवार को मंत्रालयों का बंटवारा किया गया है। PTI के मुताबिक, निषिथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास, खेल और युवा कल्याण मंत्रालय सौंपा गया है।दिलीप घोष को ग्रामीण विकास, पशु संसाधन विकास, कृषि विपणन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, नगर निकाय विभाग दिए गए हैं।अशोक कीर्तनिया को खाद्य एवं आपूर्ति, सहकारिता मंत्रालय दिया गया है। क्षुदिराम टूडू को जनजातीय विकास, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक मामले और मदरसा शिक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पश्चिम बंगाल सरकार ने IAS अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को राज्य का नया चीफ सेक्रेटरी नियुक्त किया है। यह आदेश 11 मई 2026 को जारी हुआ और अगले आदेश तक लागू रहेगा। अग्रवाल फिलहाल चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर और होम एंड हिल अफेयर्स विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं। सरकार ने कहा कि यह फैसला सार्वजनिक सेवा के हित में लिया गया है। उन्हें तुरंत नया कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

NATIONAL : नौसेना प्रमुख स्वामीनाथन की हुंकार: कहा- सीमा पार से दुस्साहस का होगा अंत, जारी रहेगा ऑपरेशन सिंदूर

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भारतीय नौसेना के नए मुखिया ने साफ कर दिया है कि सीमा पार की धमकियों का युग अब बीत चुका है। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने और समुद्री सीमाओं को अभेद्य बनाने के लिए भारत अब रक्षा के बजाय प्रहार की नीति पर अडिग है।

भारतीय नौसेना के मनोनीत प्रमुख वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने सोमवार को संदेश दिया कि भारत सीमा पार से होने वाले किसी भी दुस्साहस को कुचलने के लिए पूरी तरह तैयार है। पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ स्वामीनाथन ने कहा कि भारत दशकों से आतंकवाद का शिकार रहा है। अब देश अपनी धरती पर किसी भी आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा, खासकर तब जब वह विदेशी जमीन से संचालित हो।

वाइस एडमिरल स्वामीनाथन ने यह बयान पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की टिप्पणी के बाद दिया है। मुनीर ने भारत को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। स्वामीनाथन ने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि भारत कभी पहल नहीं करता। भारत हमेशा प्रतिक्रिया देने वाली स्थिति में रहा है। अगर कोई भी सीमा पार से हिमाकत करता है, तो भारतीय सेनाएं उसका दमन करने के लिए सक्षम हैं।

पहलगाम में 2025 में हुए कायराना हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की अहमियत बताई। सात मई 2025 को भारत ने 26 निर्दोष लोगों की हत्या का बदला लेने के लिए पाकिस्तान और पाकिस्तान में एयरस्ट्राइक की थी। स्वामीनाथन ने कहा कि यह ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है। भारतीय नौसेना आज भी मजबूती के साथ आतंकवाद का मुकाबला कर रही है। भारत अब अपनी शर्तों पर और ताकत के साथ बातचीत करता है।

उन्होंने बताया कि भारत का 95 प्रतिशत व्यापार समुद्र के रास्ते होता है। देश की ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर टिकी है। हिंद महासागर को उन्होंने भारत का मुख्य कार्यक्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना केवल शांति काल की बल नहीं है, बल्कि एक सक्रिय परिचालन बल है।

NATIONAL : UAE से लेकर यूरोप तक, पांच देशों के दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी; कई अहम बैठकों से संबंध होंगे मजबूत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 देशों की छह दिवसीय विदेश यात्रा पर रवाना होंगे, जिसमें यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली शामिल हैं। इस दौरे का उद्देश्य भारत के वैश्विक संबंधों को मजबूत करना और आर्थिक व रणनीतिक सहयोग बढ़ाना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार से छह दिन के पांच देशों के दौरे पर रवाना होंगे। इस दौरान वह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे का उद्देश्य भारत के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना तथा वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच सहयोग बढ़ाना है।

प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा की शुरुआत यूएई से करेंगे, जहां वह राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा सहयोग, व्यापार, निवेश और पश्चिम एशिया की स्थिति समेत विभिन्न क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी। यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और वहां 45 लाख से अधिक भारतीय समुदाय निवास करता है। इसके बाद प्रधानमंत्री 15 से 17 मई तक नीदरलैंड की यात्रा पर रहेंगे। वह वहां किंग विलेम-अलेक्जेंडर, क्वीन मैक्सिमा और प्रधानमंत्री रॉब जेटन से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, नवाचार, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा होगी। वर्ष 2024-25 में भारत-नीदरलैंड व्यापार 27.8 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है।

नीदरलैंड के बाद प्रधानमंत्री मोदी 17 और 18 मई को स्वीडन जाएंगे और वहां प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों देश ग्रीन ट्रांजिशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उभरती तकनीक, स्टार्टअप, रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर देंगे। इस दौरान दोनों नेता यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री को भी संबोधित करेंगे।

यात्रा के चौथे चरण में प्रधानमंत्री 18 से 19 मई तक नॉर्वे में रहेंगे। वह ओस्लो में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा वह किंग हैराल्ड पंचम, क्वीन सोन्या और प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोर से मुलाकात करेंगे। भारत और नॉर्वे के बीच व्यापार, निवेश, स्वच्छ और हरित प्रौद्योगिकी तथा ब्लू इकोनॉमी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 43 वर्षों बाद नॉर्वे यात्रा होगी। भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के प्रधानमंत्रियों की भागीदारी होगी। सम्मेलन में तकनीक, नवाचार, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और आर्कटिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

अपने दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी 19 से 20 मई तक इटली की यात्रा करेंगे। वह राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच निवेश, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह दौरा भारत और यूरोप के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति देने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

NATIONAL : ‘तेल की नहीं किल्लत, लेकिन रोजाना हो रहे 1000 करोड़ के नुकसान’, सरकार ने बताया PM मोदी की अपील के मायने

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिडिल ईस्ट संकट को देखते हुए देश से ईंधन बचाने की अपील की है. उन्होंने सोने की खरीद कम करने और जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम अपनाने का भी जिक्र किया. इस अपील के एक दिन बाद केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संकट को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की. सरकार ने साफ किया कि देश में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है, लेकिन इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सरकारी तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सोमवार (11 मई) को पश्चिम एशिया पर गठित अनौपचारिक मंत्रिसमूह (IGoM) की पांचवीं बैठक हुई. इसमें पेट्रोलियम, रेलवे, नागरिक उड्डयन, उर्वरक, बंदरगाह और विज्ञान मंत्रालयों के मंत्री शामिल हुए. बैठक के बाद जारी प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के बयान में कहा गया कि भारत के पास 60 दिनों का कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का भंडार मौजूद है, जबकि 45 दिनों का एलपीजी स्टॉक उपलब्ध है. सरकार ने लोगों से घबराकर पेट्रोल पंपों पर भीड़ नहीं लगाने की अपील की.

बैठक में बताया गया कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 703 अरब डॉलर पर है, जिसे मौजूदा परिस्थितियों में मजबूत स्थिति माना जा रहा है. हालांकि अधिकारियों ने मंत्रियों को जानकारी दी कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं, जिससे देश पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है.

सरकार के मुताबिक, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखने के लिए रोजाना करीब 1000 करोड़ रुपये का नुकसान झेल रही हैं. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अंडर-रिकवरी लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. सरकार ने कहा कि दुनिया के कई देशों में ईंधन की कीमतें 30 से 70 फीसदी तक बढ़ी हैं, लेकिन भारत में आम लोगों पर बोझ कम रखने की कोशिश की जा रही है.

इसी को ध्यान में पीएम मोदी की ईंधन बचाने और आयातित सामानों पर निर्भरता घटाने की अपील को सरकार ने जरूरी बताया. गुजरात में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देश हर साल आयात पर लाखों करोड़ रुपये खर्च करता है और मौजूदा वैश्विक संकट में हर नागरिक का छोटा-बड़ा प्रयास महत्वपूर्ण है.

NATIONAL : PM मोदी की अपील- पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करें, सोने की खरीद टालें,तेल कम खाएं, स्कूल ऑनलाइन हों

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरे दिन देशवासियों से ईंधन और संसाधनों की बचत करने की अपील की। उन्होंने लोगों से कहा कि जहां तक संभव हो पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों व सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें। साथ ही स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई और कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था अपनाने की भी सलाह दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरे दिन देशवासियों से ईंधन और संसाधनों की बचत करने की अपील की। उन्होंने लोगों से कहा कि जहां तक संभव हो पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों व सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें। साथ ही स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई और कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था अपनाने की भी सलाह दी।

पेट्रोल-डीजल और सोने की खरीद कम करने की अपील

वडोदरा में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि जिस तरह देश ने मिलकर कोरोना महामारी का सामना किया था, उसी तरह मौजूदा चुनौतियों से भी देश एकजुट होकर बाहर निकलेगा। उन्होंने विदेश में रहने वाले भारतीयों से भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने की भी अपील की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सोने के आयात पर देश की बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। ऐसे में जब तक हालात सामान्य नहीं होते, लोगों को सोने की खरीद टालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फिलहाल गोल्ड खरीदना जरूरी नहीं है।

खाने के तेल की खपत घटाने की सलाह

पीएम मोदी ने खाद्य तेल की खपत कम करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि खाने के तेल के आयात पर भी देश का काफी पैसा विदेश जाता है। अगर लोग तेल का सीमित उपयोग करें तो इससे देश की अर्थव्यवस्था और लोगों की सेहत दोनों को फायदा होगा।

इससे पहले प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने 11 मई 1998 को हुए पोखरण परमाणु परीक्षण को याद करते हुए कहा कि उस समय पूरी दुनिया भारत पर दबाव बनाने में जुट गई थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि परमाणु परीक्षण के बाद भारत के सामने कई तरह की चुनौतियां खड़ी की गईं, लेकिन देश पीछे नहीं हटा। उन्होंने बताया कि भारत ने इस परीक्षण को ‘ऑपरेशन शक्ति’ नाम दिया था, जो देश की ताकत और आत्मविश्वास का प्रतीक है।

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