Thursday, September 17, 2026
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WORLD : अरुणाचल पर चीन को भारत का दो टूक जवाब, ‘सीमा विवाद का असर दोनों देशों के रिश्तों पर पड़ेगा’

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अरुणाचल प्रदेश में 27 जगहों की मैपिंग पर चीन के विरोध के बीच भारत ने दो टूक कहा कि राज्य देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। दिल्ली ने साफ किया कि सीमा से जुड़े मामलों का असर भारत-चीन के व्यापक रिश्तों पर पड़ेगा और LAC पर शांति बनाए रखना सबसे अहम है।

अरुणाचल पर चीन को भारत का करारा जवाब
नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश में 27 जगहों की आधिकारिक पहचान और मैपिंग को लेकर भारत और चीन के बीच फिर बयानबाजी तेज हो गई है। चीन के विरोध पर भारत ने साफ कहा है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। विदेश मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि सीमा से जुड़े मामलों का असर दोनों देशों के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा।

गृह मंत्रालय ने पिछले सप्ताह ‘सर्वे ऑफ इंडिया’ के आधिकारिक नक्शों में अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों को उनके मानक नामों के साथ दर्ज किया था। सरकार के मुताबिक, इसका उद्देश्य इन स्थानों की सही पहचान और उनके बारे में बेहतर जानकारी उपलब्ध कराना है। चीन ने भारत के इस कदम को खारिज करते हुए इसे ‘गैर-कानूनी और अमान्य’ बताया। चीन अरुणाचल प्रदेश पर अपने दावे को मजबूत करने के लिए कम से कम 6 बार राज्य के विभिन्न स्थानों के नए नाम जारी कर चुका है।

‘अरुणाचल भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा’
चीनी विदेश मंत्रालय की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। उन्होंने कहा, ‘यह एक स्पष्ट तथ्य है। कोई भी इस निर्विवाद सच्चाई को बदल नहीं सकता।’ भारत ने इस बयान के जरिए अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावे को एक बार फिर पूरी तरह खारिज कर दिया।

PLA की कथित घुसपैठ की खबरों के बीच बढ़ा तनाव
भारत का यह कदम अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना यानी PLA की कथित घुसपैठ की अपुष्ट खबरों के बाद सामने आया। हालांकि, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने चीनी सैनिकों की ओर से राज्य में किसी भी तरह की घुसपैठ से इनकार किया था। ऐसे में सीमा को लेकर सामने आ रही खबरों के बीच भारत ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

भारत ने शांति को बताया सबसे अहम
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत यह भी स्पष्ट कर चुका है कि सीमा से जुड़े मामलों का असर दोनों देशों के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि हाल ही में भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए बनी वर्किंग मैकेनिज्म की 36वीं बैठक में भी यही बात दोहराई गई।

36वीं बैठक में LAC की स्थिति पर हुई खुली बातचीत
इस बैठक में दोनों पक्षों ने खुली बातचीत की और वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों के मुताबिक, बैठक में सीमा पर गलतफहमी और गलत आकलन से बचने की जरूरत पर भी चर्चा हुई।

‘मौजूदा राजनयिक और सैन्य चैनलों का इस्तेमाल जारी रहेगा’
भारत और चीन के बीच इस बात पर सहमति बनी कि LAC पर किसी भी तरह की गलतफहमी या गलत आकलन से बचने के लिए मौजूदा राजनयिक और सैन्य माध्यमों का इस्तेमाल जारी रखा जाएगा। भारत का कहना है कि सीमा पर शांति बनाए रखना दोनों देशों के व्यापक संबंधों के लिए जरूरी है और सीमा विवाद को लेकर उठने वाले किसी भी कदम का असर द्विपक्षीय रिश्तों पर पड़ना तय है।

NATIONAL : कॉकरोच जनता पार्टी का बड़ा ऐलान, 15 अगस्त से देशभर में शुरू होगा नया अभियान

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोमवार को गांवों में सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए एक देशव्यापी अभियान की घोषणा की। उन्होंने माता-पिता से बुनियादी सुविधाओं का सोशल ऑडिट करने और सरपंचों से इन संस्थानों को बेहतर बनाने का…

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोमवार को गांवों में सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए एक देशव्यापी अभियान की घोषणा की। उन्होंने माता-पिता से बुनियादी सुविधाओं का सोशल ऑडिट करने और सरपंचों से इन संस्थानों को बेहतर बनाने का काम हाथ में लेने का आह्वान किया।

यह अभियान 15 अगस्त को शुरू किया जाएगा। CJP नागरिकों, माता-पिता और गांव के नेताओं से मिलकर काम करने का आह्वान करेगी ताकि ‘ग्रामीण शिक्षा के बुनियादी ढांचे की अनदेखी’ की समस्या को दूर किया जा सके। एक वीडियो संदेश में, डिपके ने कहा कि वह महाराष्ट्र में अपने गांव हिंगोली से इस पहल की शुरुआत करेंगे और वहां के गांव के मुखिया से सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने का अनुरोध करेंगे।

दिपके ने कहा, “आने वाली 15 अगस्त हमारा 80वां स्वतंत्रता दिवस है। लेकिन, अगर पिछले 80 वर्षों में किसी चीज़ की सबसे ज़्यादा अनदेखी या उपेक्षा की गई है, तो वह हमारे गांवों के सरकारी स्कूल हैं।” उन्होंने पूछा, “हमने नया संसद भवन बनाया है, नया PM हाउस बनाया है। हम अपने गांवों में नए स्कूल क्यों नहीं बना पाए हैं? क्या हम किसानों और मजदूरों के बच्चों को अपने देश का भविष्य नहीं मानते?”

दिपके ने कहा कि गांव के बच्चों को स्कूल जाने के लिए अभी भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और अक्सर उन्हें पीने का पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलती हैं। उन्होंने कहा, “आज भी, गांव के बच्चों को स्कूल जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। वहां पहुंचने पर उन्हें पानी या शौचालय की सुविधा नहीं मिलती है।” उन्होंने खासकर लड़कियों को होने वाली दिक्कतों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इस 15 अगस्त को, अगर हमें किसी चीज़ पर ध्यान देना चाहिए, अगर हमें नई शुरुआत करनी चाहिए, तो हमें अपने सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाकर शुरुआत करनी चाहिए।”

इस अभियान के तहत, CJP ने देश भर के सरपंचों से अपील की है कि वे अपने-अपने गांवों में सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाएं। दिपके ने कहा कि वह खुद हिंगोली में गांव के मुखिया से मिलेंगे और अन्य गांव के मुखियाओं से भी इस पहल को अपनाने का आग्रह करेंगे। ऑर्गनाइज़ेशन ने इसे ‘सरपंच चैलेंज’ का नाम दिया है। इसके तहत CJP उन ग्राम प्रधानों को सबके सामने पहचान देगा जो अपने स्कूलों को बेहतर बनाते हैं। वे अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर स्कूलों की ‘पहले और बाद’ की तस्वीरें शेयर करेंगे और संबंधित सरपंचों को इसका श्रेय देंगे।

दिपके ने कहा, “हम आपको श्रेय देंगे ताकि आपको और आपके बेहतर किए गए स्कूलों को देखकर, दूसरे गांवों के प्रधान भी अपने गांवों में स्कूलों को बेहतर बनाना शुरू करें।”CJP के बयान में सरकारी स्कूलों के ‘नागरिक-संचालित सोशल ऑडिट’ (लोगों द्वारा किए जाने वाले ऑडिट) की भी घोषणा की गई। जिन माता-पिता के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं, उनसे कहा गया है कि वे स्कूलों में जाकर बिजली, साफ़ पीने का पानी, ठीक-ठाक वॉशरूम और मिड-डे मील की उपलब्धता की जांच करें।

दिपके ने माता-पिता से कहा, “आप अपने बच्चों के स्कूलों में जाएं और देखें कि क्या बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं। देखें कि क्या वहां बिजली, पानी है… क्या आपके बच्चों को वॉशरूम की सुविधा मिलती है? क्या उन्हें मिड-डे मील मिलता है?” उन्होंने माता-पिता से यह भी कहा कि अगर सुविधाएं नहीं हैं, तो वे वीडियो रिकॉर्ड करें। CJP ने यह भी कहा कि वह जल्द ही एक प्रिंट करने योग्य ऑडिट फ़ॉर्म जारी करेगा, जिसके ज़रिए नागरिक अपने बच्चों के स्कूलों में मौजूद और नदारद सुविधाओं का रिकॉर्ड रख सकेंगे।

यह फ़ॉर्म CJP के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर कैंपेन वीडियो के साथ एक लिंक के ज़रिए शेयर किया जाएगा। भरे हुए फ़ॉर्म और वीडियो सबूत contact@cockroachjantaparty.org पर ईमेल किए जा सकते हैं। ऑर्गनाइज़ेशन ने कहा कि इस कैंपेन का मकसद यह पक्का करना है कि गांवों के स्कूलों में पढ़ने वाले किसानों और दिहाड़ी मज़दूरों के बच्चों को भी वैसी ही सुविधाएं मिलें जैसी शहरों में रहने वाले बच्चों को मिलती हैं। डिपके ने कहा, “अगर ऐसा नहीं है, तो आप इसके वीडियो बनाएं। क्योंकि आपके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई अच्छी होनी चाहिए। यह आपका मौलिक अधिकार है।”

उन्होंने कहा, “आइए हम सब गांवों में रहने वाले बच्चों से वादा करें कि हम उनके स्कूलों को बेहतर बनाएंगे। हम सब मिलकर ऐसा कर सकते हैं।” उन्होंने वीडियो का समापन इस संदेश के साथ किया कि “असली भारत गांवों में बसता है”। CJP, जो एक ऑनलाइन व्यंग्यात्मक प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर शुरू हुआ था, सड़कों पर अपना कैंपेन ले जाने से पहले ही काफ़ी लोकप्रिय हो गया था।

परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर उसका 36 दिनों का आंदोलन, तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद 25 जुलाई को खत्म कर दिया गया था। आगे की रणनीति को लेकर चल रही अटकलों के बीच, CJP ने इस महीने की शुरुआत में महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में दो दिन की रणनीति बैठक की और चुनावी राजनीति में उतरने के बजाय एक युवा आंदोलन के तौर पर काम जारी रखने का फ़ैसला किया।

इसने देश भर में लोगों तक पहुंचने के लिए ‘क्या बोलती पब्लिक?’ अभियान की भी घोषणा की। इससे पहले दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया था कि वे स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में देश के युवाओं से बात करें।

NATIONAL : NDA सांसदों ने छात्रों के मुद्दे पर ‘राहुल गांधी शर्म करो’ के नारे लगाए, प्रियंका गांधी ने दिया जवाब

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संसद में मंगलवार को सत्ता पक्ष NDA द्वारा विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया गया. NDA के सांसदों ने मार्च के दौरान ‘राहुल गांधी भागना मत’ वाले पोस्टर लहराए. प्रियंका गांधी के सामने BJP सांसदों ने राहुल गांधी शर्म करो, शर्म करो के नारे लगाए. संसद के मानसून सत्र में छात्र प्रदर्शन और उससे जुड़े मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव बना हुआ है, जिसके कारण सदन की कार्यवाही भी प्रभावित हो रही है.

संसद के मानसून सत्र के आखिरी हफ्ते में भी सरकार और विपक्ष में गतिरोध बरकरार है. संसद के बाहर विपक्ष का विरोध कर रहे सत्ता पक्ष के सासंदों ने राहुल गांधी के इस्तीफे को लेकर नारे लगाए.

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आज संसद सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले NDA पक्ष के सांसदों ने झारखंड छात्रों के मुद्दे पर मार्च निकाला. आज सत्ता पक्ष के सांसद उसी तेवर में नजर आए, जैसे कुछ दिनों पहले से विपक्षी सांसदों को देखा जा रहा है. इस दौरान NDA सांसद विपक्ष पर संसद में चर्चा से भागने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.

संसद भवन में एनडीए सांसदों के मार्च के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी पहुंचीं. इस दौरान संसद के ‘मकर द्वार’ पर बीजेपी सांसद मुकेश दलाल ने प्रियंका गांधी से पोस्टर के माध्यम से सवाल किए ‘झारखंड में छात्रों पर हुई निर्दयता पर राहुल गांधी जवाब दो’. इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल गांधी ने झारखंड के छात्रों से मुलाकात की.

प्रियंका गांधी के सामने बीजेपी सांसदों ने राहुल गांधी शर्म करो, शर्म करो के नारे लगाए. हालांकि सत्तापक्ष के सांसदों की ओर से किए जा रहे प्रदर्शन पर भी प्रियंका गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि पहली बार आज मैंने देखा है कि सत्तापक्ष के सांसद प्रदर्शन कर रहे हैं. इस दौरान प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री अमित शाह से संसद में आकर इस मुद्दे पर बयान देने की मांग की.

WORLD : कोलंबिया में शक्तिशाली भूंकप के बाद लगे 21 और झटके; 130 से अधिक मौतें व सैंकड़ों घायल, तबाही के Video आए सामने

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कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही हुई है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार 132 लोगों की मौत और करीब 570 लोगों के घायल होने की सूचना है। 1,575 से ज्यादा घर, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र क्षतिग्रस्त हुए हैं। मलबे में फंसे लोगों की तलाश…

कोलंबिया में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। पश्चिमी हिस्से में आए इस भूकंप से कई शहरों में इमारतें ढह गईं और लोग मलबे में फंस गए। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक कम से कम 132 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 570 लोग घायल बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान अभी जारी है और कई स्थानों पर मलबा हटाया जा रहा है। ऐसे में अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों और घायलों की संख्या आगे बढ़ सकती है। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को बचाने, घायलों को अस्पताल पहुंचाने और प्रभावित परिवारों को राहत देने की है। यह आपदा ऐसे समय आई है जब अबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने कुछ ही दिन पहले कोलंबिया के राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभाली है। भूकंप उनकी सरकार के सामने आई पहली बड़ी राष्ट्रीय आपदा बन गया है। राष्ट्रपति ने राहत और बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का भरोसा दिया है।

भूकंप का केंद्र पश्चिमी कोलंबिया के सैन जोसे डेल पालमार के पास बताया गया है। झटके इतने शक्तिशाली थे कि देश के कई हिस्सों में लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। भूकंप का असर कैली, पेरेइरा, मनीजालेस और क्विब्दो समेत कई शहरों में देखने को मिला। पड़ोसी देशों इक्वाडोर और पनामा तक इसके झटके महसूस किए गए। कोलंबिया के अधिकारियों के मुताबिक कम से कम 1,575 घर, 18 स्वास्थ्य केंद्र और 52 स्कूल क्षतिग्रस्त हुए हैं। करीब 82 इमारतों के पूरी तरह ढहने की जानकारी सामने आई है। राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए आपातकालीन कदम उठाए हैं।

NATIONAL : जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच रिपोर्ट आज लोकसभा में होगी पेश, इस्तीफे के बाद अब क्या होगा?

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जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास से कथित तौर पर जली हुई नकदी मिलने के मामले की जांच रिपोर्ट आज यानी 12 अगस्त को लोकसभा में रखी जाएगी। तीन सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट मई में लोकसभा अध्यक्ष को सौंप दी थी। हालांकि, जस्टिस वर्मा इस्तीफा दे चुके हैं और उन्हें हटाने की संसदीय प्रक्रिया निष्प्रभावी हो गई। ऐसे में सवाल है कि जांच रिपोर्ट में क्या सामने आया? संसद में इसका असर क्या होगा? आइए, मामले को पूरा विस्तार से समझते हैं…

जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास से कथित तौर पर बिना हिसाब की नकदी मिलने के मामले में जांच अब संसद के पटल तक पहुंच गई है। जांच समिति की रिपोर्ट बुधवार, 12 अगस्त को लोकसभा में रखी जाएगी। यह वही मामला है जिसमें 14 मार्च 2025 की रात उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास में आग लगने के बाद स्टोर रूम से जली हुई नकदी मिलने का आरोप सामने आया था। जस्टिस वर्मा अब न्यायाधीश पद से इस्तीफा दे चुके हैं, लेकिन उनकी जांच रिपोर्ट संसद में पेश की जा रही है।

लोकसभा की बुधवार की कार्यसूची के मुताबिक, सदन के महासचिव जांच रिपोर्ट के दो खंड और मौखिक साक्ष्य सदन के पटल पर रखेंगे। तीन सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट मई में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंप दी थी। अब इसे कानूनी प्रक्रिया के तहत सदन में रखा जाएगा। यह कार्रवाई न्यायाधीश जांच अधिनियम, 1968 के तहत जरूरी प्रक्रिया का हिस्सा है। रिपोर्ट के सदन में रखे जाने से जस्टिस वर्मा से जुड़े पूरे विवाद की संसदीय प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण सामने आएगा।

आखिर जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास पर हुआ क्या था?
14 मार्च 2025 की रात जस्टिस वर्मा के दिल्ली स्थित सरकारी आवास में आग लग गई थी। आग बुझाने के लिए पहुंचे दमकलकर्मियों ने कथित तौर पर एक स्टोर रूम में बड़ी मात्रा में जली हुई करेंसी देखी थी। इसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया। उस समय जस्टिस वर्मा दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश थे। विवाद सामने आने के बाद उन्हें उनके मूल हाईकोर्ट यानी इलाहाबाद हाईकोर्ट वापस भेज दिया गया था। मामले की जांच के लिए पहले आंतरिक स्तर पर प्रक्रिया शुरू हुई।

आंतरिक जांच में जस्टिस वर्मा को लेकर क्या सामने आया था?
तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना की ओर से गठित आंतरिक समिति ने अपनी जांच में कहा था कि जस्टिस वर्मा का उस खास स्टोर रूम पर सक्रिय या मौन नियंत्रण था, जहां नकदी छिपी होने की बात सामने आई थी। इसके बाद मामला संसद में न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया तक पहुंच गया। जुलाई 2025 में 200 से ज्यादा सांसदों ने जस्टिस वर्मा को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी।

जस्टिस वर्मा ने इस्तीफा क्यों दिया?
संसद से हटाए जाने की संभावना के बीच जस्टिस वर्मा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद संसद के जरिए उन्हें हटाने की कार्यवाही व्यावहारिक रूप से निष्प्रभावी हो गई। हालांकि, उनके इस्तीफे की सूचना अभी कानून मंत्रालय की ओर से अधिसूचित नहीं की गई है। इस वजह से मामले की संसदीय प्रक्रिया और इस्तीफे की औपचारिक स्थिति को लेकर अलग-अलग प्रक्रियाएं सामने हैं। बुधवार को जांच रिपोर्ट सदन में रखे जाने से मामले का दस्तावेजी रिकॉर्ड संसद के सामने आएगा।

क्या इस्तीफा देने के बाद भी न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया चल सकती है?
न्यायाधीशों की नियुक्ति और उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया से परिचित लोगों के मुताबिक, शीर्ष अदालत के एक फैसले के अनुसार कोई न्यायाधीश राष्ट्रपति को इस्तीफा सौंपने और उसकी प्रति सार्वजनिक करने के बाद इस्तीफा दे चुका माना जाता है। ऐसे इस्तीफे को राष्ट्रपति की मंजूरी पर निर्भर नहीं माना जाता। हालांकि, प्रक्रिया के तहत राष्ट्रपति की ओर से औपचारिक स्वीकृति दी जाती है और इसके बाद कानून मंत्रालय के न्याय विभाग की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की जाती है। जस्टिस वर्मा के मामले में यही औपचारिक प्रक्रिया अभी पूरी होनी बाकी बताई गई है।

आज रिपोर्ट सामने आने के बाद क्या होगा?
आज लोकसभा में रिपोर्ट के दो खंड और मौखिक साक्ष्य रखे जाने के बाद मामले से जुड़े आरोपों और जांच की जानकारी सदन के रिकॉर्ड का हिस्सा बन जाएगी। हालांकि, जस्टिस वर्मा के इस्तीफा देने के कारण उन्हें संसद के जरिए हटाने की कार्यवाही पहले ही निष्प्रभावी हो चुकी है। ऐसे में बुधवार की कार्रवाई का महत्व मुख्य रूप से जांच समिति की रिपोर्ट को सदन के सामने रखने को लेकर है। रिपोर्ट में जांच समिति के निष्कर्ष क्या हैं और उसमें किन तथ्यों का उल्लेख किया गया है, यह रिपोर्ट सदन में रखे जाने के बाद सामने आएगा।

NATIONAL : गतिरोध टूटा तो शाह आज देंगे संसद में जवाब, सरकार चढ़ावा चोरी पर भी चर्चा के लिए तैयार

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मानसून सत्र में पहले दिन से जारी गतिरोध तोड़ने के लिए सरकार छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई के साथ राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर भी चर्चा के लिए तैयार है। सरकार ने विपक्ष की ओर से गतिरोध पूरी तरह तोड़ने की शर्त पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा और गृह मंत्री अमित शाह के जवाब देने का प्रस्ताव दिया।

दोनों सदनों और संसद परिसर में हालांकि मंगलवार को भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। परिसर में एनडीए सांसदों ने भी जवाबी प्रदर्शन किया। मगर इसी दौरान सरकार के वार्ताकारों ने विपक्षी दलों से अलग-अलग बात की। इसी दौरान कहा गया कि अगर विपक्ष गतिरोध तोड़ने पर राजी हुआ तो अंतिम दो बैठकों में दोनों मुद्दों पर सदन में चर्चा होगी और गृह मंत्री जवाब भी देंगे।

विपक्ष को सता रहा विशेष सत्र का भय

सरकार के प्रस्ताव से विपक्ष असमंजस में है। कांग्रेस व साथियों को लगता है कि दोनों मुद्दों पर चर्चा के बाद सरकार मानसून सत्र का समय बढ़ाकर परिसीमन बिल पेश कर सकती है।

एफसीआरए बिल जेपीसी को भेजने की तैयारी

सरकार परिसीमन बिल पर विपक्ष के डीएमके, एनसीपी (एसपी) जैसे कुछ दलों को साधने के लिए एफसीआरए बिल संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, बुधवार को विधेयक को लोकसभा में पेश कर इसे जेपीसी को भेजा जाएगा।

साल 2019-22 में 13,520 एनजीओ को 55,741 करोड़ रुपये विदेश से मिले। सरकार एफसीआरए कानून में बदलाव के जरिये ऐसी रकम की निगरानी चाहती है ताकि पैसा जिस मद में आए, वहीं खर्च हो।

FCRA बिल में किस तरह की नई व्यवस्था का प्रस्ताव है?

इस विधेयक का उद्देश्य एक ऐसी अथॉरिटी का गठन करना है, जो किसी संगठन का FCRA लाइसेंस रद्द होने की स्थिति में उसकी संपत्तियों के प्रबंधन और निपटान की प्रक्रिया संभाल सके। FCRA बिल का कड़ा विरोध कर रहे विपक्षी दलों का आरोप है कि इसके प्रावधान अल्पसंख्यकों को निशाना बनाते हैं। विपक्ष का कहना है कि विधेयक के कुछ प्रावधान ईसाई NGOs और अल्पसंख्यकों द्वारा संचालित सामाजिक कल्याण एवं शैक्षणिक संस्थानों के लिए मिलने वाली वैध विदेशी फंडिंग पर रोक लगा सकते हैं।

सरकार ने धार्मिक भेदभाव के आरोपों पर क्या कहा?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित कानून किसी धर्म विशेष को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया है। सरकार के मुताबिक, विधेयक का उद्देश्य देश में आने वाले विदेशी योगदान को विनियमित करना और उससे जुड़ी व्यवस्था को मजबूत करना है।

NATIONAL : पीएम मोदी ने बताया कौन से आठ गुण मनुष्य के जीवन को प्रकाशमान करते हैं, साझा किया सुभाषित

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असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर भूमि अतिक्रमण को लेकर सोमवार को गोलीबारी हुई। इसमें असम के कम से कम 12 लोग घायल हो गए, पुलिस ने यह जानकारी दी। यह घटना गोगामुख राजस्व सर्किल के मिंगमांग बस्ती में हुई। पुलिस के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश के उपद्रवियों ने असम के निवासियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। घायलों में कुछ की पहचान हुई है। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, गंभीर रूप से घायल चार को असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजा गया। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शिक्षा मंत्री रानोज पेगू को अरुणाचल प्रदेश सरकार से बातचीत के लिए भेजा है। पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव भी अपने समकक्षों के संपर्क में हैं। सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दोनों राज्यों के बीच लंबी सीमा पर कई विवादित बिंदु हैं, जिन्हें सुलझाने के प्रयास जारी हैं।

प्रस्ताव में कहा गया कि यह संशोधन धर्मार्थ संगठनों की स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचा सकता है। खासकर अल्पसंख्यकों द्वारा चलाए जा रहे शिक्षण और सामाजिक कल्याण संस्थानों के कामकाज पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। प्रस्ताव में केंद्र सरकार से इस विधेयक को वापस लेने की मांग की गई।
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चर्चा के बाद ध्वनिमत से प्रस्ताव पर फैसला हुआ। विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने घोषणा की कि स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन की ओर से लाया गया प्रस्ताव पारित हो गया है।

असम पुलिस ने 1709 नशीली गोलियां और कफ सिरप जब्त किए, अवैध फार्मेसी संचालक गिरफ्तार
असम के धुबरी जिले के ‘चार’ इलाके में एक अवैध फार्मेसी पर पुलिस की ओर से छापेमारी की गई। इस दौरान भारी मात्रा में दवाएं, एक खिलौना बंदूक और नकली भारतीय मुद्रा जब्त की गई। पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है।

पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान इलियास सरकार के तौर पर हुई है। गुप्त सूचना के आधार पर धुबरी सदर पुलिस ने देर रात ‘चार’ इलाके में स्थित एक अवैध फार्मेसी पर छापा मारा। यह फार्मेसी ब्रह्मपुत्र नदी के उस पार धुबरी के पास भोगदाह पंचायत के अंतर्गत कालापानी सेकंड पार्ट इलाके में स्थित थी।

अभियान के दौरान पुलिस ने 6,300 रुपए की नकली भारतीय मुद्रा, 1709 नशीली गोलियां, कफ सिरप और एक खिलौना बंदूक जब्त की। पुलिस ने कथित तौर पर अवैध फार्मेसी चलाने वाले इलियास सरकार को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के लिए आरोपी को धुबरी सदर पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

आरोप है कि इलियास सरकार लंबे समय से फार्मेसी से अवैध दवाओं का कारोबार कर रहा था और उस पर नशीली दवाओं से जुड़ी बड़े पैमाने पर गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं।

इससे पहले 28 जुलाई को भी नशे के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की थी। श्रीभूमि जिले में दो अलग-अलग अभियानों के दौरान पुलिस ने प्रतिबंधित कफ सिरप की 31,800 बोतलें जब्त की थी। जब्त किए गए नशीले पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 3.18 करोड़ रुपये आंकी गई थी। इस मामले में पुलिस ने दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया था।

विज्ञान भवन में 12 अगस्त को रामनाथ कोविंद की आत्मकथा का लोकार्पण करेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की पुस्तक का विमोचन करेंगे। कार्यक्रम बुधवार सुबह साढ़े बजे विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित होगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री सभा को संबोधित भी करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा विमोचित की जाने वाली पुस्तक का नाम का नाम ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ है। प्रधानमंत्री द्वारा आत्मकथा का विमोचन देश के सबसे प्रतिष्ठित सार्वजनिक व्यक्तित्वों में से एक के जीवन और योगदान का जश्न मनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।

आत्मकथा में रामनाथ कोविंद के असाधारण जीवन की गहरी और व्यक्तिगत कहानी है। इसमें उनके शुरुआती वर्षों से लेकर प्रतिष्ठित सार्वजनिक जीवन और भारत के 14वें राष्ट्रपति के रूप में सेवा तक के अनुभवों, संघर्षों और उपलब्धियों का ब्योरा है। यह पुस्तक उन मूल्यों, अनुभवों और परिस्थितियों की जानकारी देती है जिन्होंने उनके जीवन और सार्वजनिक सेवा को आकार दिया।

अहमदाबाद में प्रधानमंत्री से जुड़े विवादास्पद पर्चे, FIR दर्ज
गुजरात में एक सरकारी विज्ञापन बोर्ड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने वाले विवादास्पद पर्चे चिपके मिले। पुलिस ने 5 अगस्त को नवरांगपुरा क्षेत्र में विज्ञापन बोर्ड पर पर्चे चिपकाने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ सोमवार को प्राथमिकी दर्ज की। ये पर्चे पीएम सूर्य घर योजना के विज्ञापन पोस्टर पर थे, जिस पर मोदी की तस्वीर थी। इनमें नीट पेपर लीक को लेकर प्रधानमंत्री को निशाना बनाने वाले नारे थे। अज्ञात लोगों ने 5 अगस्त की शाम को पर्चे चिपकाकर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। नुकसान का अनुमान 26,500 रुपये है। प्राथमिकी रविवार शाम को भारतीय न्याय संहिता की धारा 324(4) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम अधिनियम, 1984 की धारा 3 के तहत दर्ज की गई। नवरांगपुरा पुलिस थाना निरीक्षक एनए देसाई ने बताया कि कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच जारी है।

नीट और एफसीआरए विधेयक के खिलाफ प्रस्ताव लाएगी तमिलनाडु सरकार
तमिलनाडु विधानसभा में NEET और एफसीआरए संशोधन विधेयक के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी हो रही है। तमिलनाडु सरकार ने कहा है कि नीट परीक्षा तमिल माध्यम से पढ़ने वाले छात्रों के साथ-साथ ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। साथ ही महंगे कोचिंग केंद्रों पर बढ़ती निर्भरता भी चिंता का विषय है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि राज्य सरकार ने साल 2021 में भी सर्वसम्मति से नीट में छूट देने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी नहीं मिल पाई थी। नीट पेपर लीक से छात्रों का इसपर भरोसा कम हो गया है। ऐसे में इस प्रणाली को समाप्त करने की मांग की गई है। तमिलनाडु सरकार की मांग है कि राज्य में मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश कक्षा 12 की परीक्षा के अंकों के आधार पर दिया जाना चाहिए।

साथ ही तमिलनाडु सरकार एफसीआरए संशोधन विधेयक का भी विरोध कर रहा है। सरकार का कहना है कि इससे धर्मार्थ संगठनों, खासकर अल्पसंख्यकों द्वारा संचालित शैक्षिक सामाजिक संस्थानों की स्वायत्ता पर गंभीर असर पड़ेगा।
पीएम मोदी ने साझा किया सुभाषित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंगलवार को सुभाषित शेयर किया है। प्रधानमंत्री की ओर से सोशल मीडिया पर लिखा गया, ‘ये आठ गुण मनुष्य के जीवन को प्रकाशमान करते हैं। बुद्धि उसके मार्ग को स्पष्ट करती है, सदाचार उसके आचरण को पवित्र बनाता है और संयम उसे अनुशासित रखता है। ज्ञान उसे विवेक देता है, वीरता कठिन परिस्थितियों में अडिग रखती है और वाणी की कुशलता उसे समाज में सम्मान दिलाती है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करना और उपकारों के प्रति कृतज्ञ रहना उसके व्यक्तित्व को पूर्णता प्रदान करते हैं।’

पीएम ने इसके लिए एक संस्कृत श्लोक भी शेयर किया- ‘अष्टौ गुणाः पुरुषं दीपयन्ति प्रज्ञा सुशीलत्वदमौ श्रुतं च। पराक्रमश्च बहुभाषिता च दानं यथाशक्ति कृतज्ञता च।।’

बीते दिन सोमवार को प्रधानमंत्री की ओर से संस्कृत श्लोक, “भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवा भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः॥ स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवांसस्तनूभिर्व्यशेम देवहितं यदायुः॥” साझा किया गया था, जिसका हिंदी अर्थ है, ‘हम सत्य, शुभ और ज्ञानवर्धक वचन सुनें, कल्याणकारी विचारों को अपनाएं। स्वस्थ शरीर, उत्तम आचरण और श्रेष्ठ गुणों के साथ जीवन को लोकहित में समर्पित करें तथा सत्य, प्रामाणिक और जनहितकारी सूचनाओं का प्रसार कर राष्ट्र और समाज को जागरूक, सशक्त तथा समरस बनाएं।’

केरल में लापता मछुआरे का शव बरामद
केरल में मुथलापोझी के पास बैकवॉटर में गिरे 42 वर्षीय मछुआरे का शव मंगलवार को बरामद कर लिया गया। राज्य के मत्स्य पालन मंत्री के कार्यालय ने पुष्टि की कि थॉमस (प्रवीण) का शव मंगलवार सुबह बरामद किया गया। मछुआरा सोमवार शाम अंचुथेंगु में मुथलापोझी मछली पकड़ने के बंदरगाह के पास एक पारंपरिक नाव से मछली पकड़कर लौट रहा था, तभी वह बैकवॉटर में गिर गया।

तटीय पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘नाव में बैठे समय उसे मिर्गी का दौरा पड़ा, जिसके बाद वह फिसलकर बैकवॉटर में गिर गया।’ घटना की सूचना मिलते ही दमकल एवं बचाव सेवा की स्कूबा डाइविंग टीम मौके पर पहुंची और तलाश अभियान शुरू किया। रात में तलाश अभियान रोक दिया गया था और मंगलवार सुबह इसे फिर शुरू किया गया। यह घटना ऐसे समय हुई है जब कोल्लम और तिरुवनंतपुरम के तटों के पास अलग-अलग नाव दुर्घटनाओं में लापता हुए तीन मछुआरों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है।

असम में 13 करोड़ रुपये की मॉर्फिन जब्त: एक आरोपी गिरफ्तार, संयुक्त ऑपरेशन में मिली बड़ी कामयाबी
असम के श्रीभूमि जिले में सुरक्षा बलों ने एक बड़े नशीले पदार्थ नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस और असम राइफल्स ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 8.2 किलोग्राम मॉर्फिन जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 13 करोड़ रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई कछार पुलिस, श्रीभूमि पुलिस और असम राइफल्स की टीम ने मिलकर बदरपुर घाट पर की। नशीली दवा को एक गाड़ी के गुप्त फ्यूल टैंक चैंबर में छिपाकर रखा गया था। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोशल मीडिया पर इस सफलता की जानकारी दी और बताया कि एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

ओडिशा सरकार का आदेश, कॉलेजों में फिर से शुरू हों एंटी-रैगिंग समितियां
ओडिशा के उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी और निजी उच्च शैक्षणिक संस्थानों को कड़े निर्देश दिए हैं। विभाग ने आदेश दिया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू होने से पहले एंटी-रैगिंग और छात्र शिकायत निवारण समितियों का पुनर्गठन किया जाए। कई शिक्षकों और कर्मचारियों के तबादले, सेवानिवृत्ति या इस्तीफे के कारण ये समितियां अधूरी हो गई थीं। सरकार ने निर्देश दिया है कि खाली पदों को तुरंत भरा जाए। साथ ही, इन समितियों के सदस्यों के नाम और फोन नंबर नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर सात दिनों के भीतर प्रदर्शित किए जाएं।

मेघालय: फुटबॉल मैच के दौरान गिरी बिजली, दो खिलाड़ियों की मौत, आठ घायल
मेघालय के वेस्ट खासी हिल्स जिले से एक दुखद खबर आई है। यहां के मावस्नापवीर गांव में फुटबॉल खेलते समय अचानक बिजली गिर गई। यह हादसा मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे हुआ। इस दर्दनाक हादसे में दो युवा खिलाड़ियों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं आठ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

मृतकों की पहचान मिक्सन खशियार (18 वर्ष) और क्लेवरसन खशियार (19 वर्ष) के रूप में हुई है। ये दोनों लॉराफा गांव के रहने वाले थे। हादसे के तुरंत बाद सभी घायलों को इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है और घायलों का इलाज जारी है।

आरजी कर केस में सीबीआई का बड़ा कदम, ड्यूटी पर मौजूद सभी डॉक्टर-कर्मचारी तलब
आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जूनियर महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने उस अस्पताल भवन में ड्यूटी पर मौजूद सभी कर्मचारियों और डॉक्टरों को पूछताछ के लिए तलब किया है, जहां 8 अगस्त 2024 की रात यह जघन्य घटना हुई थी।

बताया गया है कि जूनियर महिला डॉक्टर के साथ आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की इमारत के एक सेमिनार रूम में दुष्कर्म किया गया था और बाद में उनकी हत्या कर दी गई थी। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की नई टीम उस रात इमारत में मौजूद सभी कर्मचारियों और डॉक्टरों से दोबारा पूछताछ कर रही है।

सीबीआई ने शुरू की पूछताछ
इससे पहले पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया था कि शुरुआती जांच टीम ने घटना के समय उसी इमारत या उसी मंजिल पर मौजूद लोगों से पर्याप्त पूछताछ नहीं की थी। अब कलकत्ता हाईकोर्ट के नए सिरे से जांच कराने के आदेश के बाद सीबीआई टीम ने उस रात ड्यूटी पर मौजूद सभी अस्पताल कर्मचारियों और डॉक्टरों से पूछताछ शुरू कर दी है।

हाल ही में कलकत्ता हाई कोर्ट की एक खंडपीठ ने नई जांच टीम की प्रगति पर भी नाराजगी जताई थी। अदालत ने सीबीआई को सलाह दी थी कि वह पिछली जांच से प्रभावित होने के बजाय मामले की जांच शून्य से शुरू करे। इसके बाद सीबीआई टीम ने मामले में अपनी गतिविधियां तेज कर दीं। जांच अधिकारियों ने अस्पताल की एक महिला कर्मचारी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। बताया जा रहा है कि 9 अगस्त की सुबह सेमिनार रूम में शव मिलने के बाद सबसे पहले उसी कर्मचारी ने पीड़िता के परिवार से संपर्क किया था।

सूत्रों के अनुसार, पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया था कि उक्त कर्मचारी ने थोड़े-थोड़े समय के अंतराल में की गई फोन कॉल्स के दौरान अलग-अलग और विरोधाभासी जानकारी दी थी। इसी वजह से उसका मोबाइल फोन जब्त किया गया। जब्त मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ता कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल डेटा की भी जांच कर रहे हैं, ताकि इस मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिल सकें।

पूर्व TMC विधायक पर एफआईआर: आरजी कर डॉक्टर का ‘जल्दबाजी में अंतिम संस्कार’ करने का आरोप
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में अगस्त 2024 में हुई डॉक्टर की दुष्कर्म और हत्या के मामले में एक नया मोड़ आया है। बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट ने पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक निर्मल घोष समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनके अलावा पनिहाटी नगरपालिका के पार्षद सोभनाथ डे और पीड़िता के एक पड़ोसी संजीव मुखर्जी को भी नामजद किया गया है। यह एफआईआर खड़दह थाने में मृतका के पिता की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है।

पीड़िता के परिवार का आरोप है कि दोबारा पोस्टमार्टम न हो सके और सबूत मिटाए जा सकें, इसलिए आरोपियों की देखरेख में आनन-फानन में अंतिम संस्कार कराया गया। पुलिस के अनुसार, शव को पनिहाटी के शमशान घाट ले जाकर कतार में मौजूद दो अन्य शवों से पहले ही जल्दबाजी में जला दिया गया। साथ ही सहमति दस्तावेजों पर माता-पिता की जगह पड़ोसियों के हस्ताक्षर कराए गए थे। बैरकपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह एफआईआर परिवार की शिकायत पर दर्ज एक अलग मामला है, जबकि दुष्कर्म और हत्या के मुख्य मामले की जाँच सीबीआई पहले से ही कर रही है।

तेलंगाना में भीषण सड़क हादसा, ट्रक-ऑटो की टक्कर में चार महिलाओं समेत पांच की मौत
तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में मंगलवार शाम ट्रक और ऑटो-रिक्शा की टक्कर में चार महिलाओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए। हादसा जहीराबाद मंडल में चिरागपल्ली थाना क्षेत्र के तहत हुआ। पुलिस के मुताबिक ऑटो में कर्नाटक के बीदर जिले की 11 महिला कृषि मजदूर सवार थीं। वे काम के बाद अपने घर लौट रही थीं। टक्कर में ऑटो चालक और चार महिलाओं की मौत हुई। घायलों को जहीराबाद और संगारेड्डी के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने हादसे पर दुख जताते हुए अधिकारियों को घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

बंगाल एसआईआर में देरी पर सुप्रीम सख्त
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दौरान नाम हटाए जाने के खिलाफ दायर अपीलों के निपटारे में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से ट्रिब्यूनलों की कार्रवाई का पूरा ब्योरा मांगा है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अगर अपीलों पर फैसला आने में बहुत समय लगा तो अगला चुनाव भी आ जाएगा। याचिका में हर प्रखंड में एसआईआर ट्रिब्यूनल बनाने की मांग की गई है, ताकि मतदाता सूची से जुड़े मामलों की सुनवाई जल्द पूरी हो सके। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं। सुनवाई के दौरान सीजेआई ने चुनाव आयोग के वकील से पूछा कि अब तक ट्रिब्यूनलों ने कितनी अपीलों का निपटारा किया है। आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दामा शेषाद्रि नायडू ने कहा कि संबंधित आंकड़े जुटाए जाएंगे।

नायडू ने यह भी कहा कि अगर मामलों के निपटारे में देरी की वजह लॉजिस्टिक समस्या है तो उसे दूर किया जाएगा। उन्होंने ट्रिब्यूनलों से जुड़ी पूरी जानकारी लेने की बात कही। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती ऐसे समय में सामने आई है, जब एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर अपीलों की सुनवाई और उनके समय पर निपटारे का मुद्दा महत्वपूर्ण बना हुआ है। इसी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जापान के रेंकोजी मंदिर में रखी अस्थियों को भारत लाने की मांग वाली याचिका पर भी केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। यह याचिका नेताजी की बेटी अनीता पफाफ ने दायर की है। उन्होंने कहा है कि सरकार ने अस्थियों को भारत लाने के मुद्दे पर अब तक अंतिम, स्पष्ट और समयबद्ध फैसला नहीं लिया है। अनीता पफाफ ने मांग की है कि नेताजी की अस्थियां भारत लाई जाएं, ताकि उनकी एकमात्र जीवित संतान के रूप में वह सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर सकें। रेंकोजी मंदिर में नेताजी की अस्थियां 1945 से रखे होने का दावा किया जाता है। जनवरी 2026 में नेताजी की 129वीं जयंती के मौके पर पफाफ ने फिर केंद्र सरकार से अस्थियां भारत लाने की अपील की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखकर यह मांग उठाई थी।

NATIONAL : पीएम मोदी का नया इंस्टा वीडियो: 15 अगस्त के लिए देशवासियों से की अपील; बोले- हर घर तिरंगा को बनाएं उत्सव

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक नया वीडियो संदेश साझा करते हुए देशवासियों से हर घर तिरंगा अभियान को हर घर में उत्सव के रूप में मनाने की अपील की। आखिर पीएम मोदी ने देशवासियों से क्या अपील की? इस अभियान को लेकर उनका संदेश क्या है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक नया वीडियो संदेश साझा किया है। इसमें उन्होंने देशवासियों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को हर घर में उत्सव के रूप में मनाने की अपील की। पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा ‘आइए, हर घर तिरंगा को हर घर में एक उत्सव बनाएं।’ यह संदेश 15 अगस्त को होने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले आया है। इस मौके पर देश आजादी की 80वीं वर्षगांठ मनाए.

पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस को लेकर क्या संदेश दिया?
अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से 15 अगस्त को गर्व और सम्मान के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को श्रद्धांजलि देने और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेने की बात कही। पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा “हर घर में तिरंगा, हर घर में तिरंगा, हर दिल में तिरंगा। आइए, हम हर घर में तिरंगा फहराएं।”

‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत क्या किया जा रहा है?
‘हर घर तिरंगा’ अभियान पूरे अगस्त महीने में चलाया जा रहा है। इसके तहत लोगों को अपने घरों, दुकानों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के भीतर राष्ट्रीय ध्वज के प्रति गर्व और जुड़ाव की भावना को मजबूत करना भी है। सरकार और विभिन्न संगठनों की ओर से देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें लोग सामूहिक रूप से तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता दिवस के उत्सव में शामिल हो रहे हैं।

हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत कब हुई थी?
‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान हुई थी। इसके बाद से हर साल स्वतंत्रता दिवस से पहले इस अभियान को उत्साह के साथ मनाया जाता है। 2026 में भी अभियान के तहत परिवारों को अपने घर की बालकनी, छत या मुख्य द्वार पर तिरंगा लगाने और पड़ोसियों के साथ मिलकर स्वतंत्रता दिवस का उत्सव मनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

WORLD : बांग्लादेश से तनातनी के बीच ढाका क्यों पहुंचे 4 भारतीय सुरक्षा अधिकारी, बांग्लादेशी सेना की खुफिया एजेंसी DGFI का बुलावा

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भारतीय सुरक्षा अधिकारियों का चार सदस्यीय डेलीगेशन बांग्लादेश की सेना की खुफिया एजेंसी के बुलावे पर रविवार दोपहर को ढाका पहुंचा है। यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ा हुआ है।

भारत बांग्लादेश के बीच हाल में तनाव बढ़ा हुआ है
ढाका: बांग्लादेश में हो रहे अहम घटनाक्रम के बीच भारत के चार सुरक्षा अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेशी सेना की खुफिया एजेंसी डॉयरेक्टरेट जनरल ऑफ फोर्स इंटेलिजेंस (DGFI) के बुलावे पर पहुंचा है। भारतीय सुरक्षा अधिकारियों का दल रविवार 9 जुलाई को दोपहर में ढाका के अंतरराष्ट्रीय शाह जलाल हवाई अड्डे के रास्ते में बांग्लादेश दाखिल हुआ।

फ्लाइट से ढाका पहुंचा डेलीगेशन
नॉर्थ ईस्ट न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय डेलीगेशन नई दिल्ली से एयर इंडिया की फ्लाइट से ढाका पहुंचा था। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब सोमवार को ढाका में भारतीय उच्चायुक्त की प्रधानमंत्री तारिक रहमान के साथ एक अहम मुलाकात होने वाली है। इस मुलाकात की टाइमिंग है, जो शेख हसीना की नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के एक हफ्ते से भी कम समय में हो रही है।

इसके अलावा बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के आगामी सितम्बर में नई दिल्ली में होने वाली BIMSTEC मीटिंग में शामिल होने की चर्चा चल रही है। अगर तारिक रहमान नई दिल्ली आते हैं, तो प्रधानमंत्री के रूप में यह उनका पहला भारत दौरा होगा। मौजूदा घटनाक्रमों को देखते हुए भारतीय सुरक्षा अधिकारियों के दौरे को बहुत अहम माना जा रहा है।

तारिक रहमान से मिलेंगे भारतीय उच्चायुक्त
ढाका में अधिकारियों की बातचीत में दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग के मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। नॉर्थ ईस्ट न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, डेलीगेशन में चार सदस्य शामिल हैं। हालांकि, आउटलेट ने अधिकारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनकी पहचान और पद की जानकारी नहीं दी है।

दोनों देशों के बाजी जारी सुरक्षा सहयोग को देखते हुए यह दौरा अहम है। बांग्लादेश और भारत सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए चैनल बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। डेलीगेशन की बैठकों या इसके एजेंडे के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन उम्मीद है कि बातचीत में आपकी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों और दोनों देशों से जुड़े दूसरे मामलों पर चर्चा हो सकती है।

DGFI कर रही सारा इंतजाम

रिपोर्ट में बताया गया है कि ढाका पहुंचने के बाद डेलीगेशन को रेडिसन ब्लू होटल में ठहराया गया। उनके रहने और उससे जुड़ी अन्य व्यवस्थाएं बांग्लादेश के DGFI ने की थीं। आधिकारिक कार्यक्रमों के लिए डेलीगेशन के ढाका में ही रहने की उम्मीद है।

NATIONAL : दिल्ली NCR में अभी 5 दिन बारिश, IMD का येलो अलर्ट, यूपी-बिहार से MP-राजस्थान तक 14 राज्यों में मॉनसून एक्टिव

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भारतीय मौसम विभाग ने 11 अगस्त को उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-NCR, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. अगले 24 घंटे में देश के कई राज्यों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया गया है.

बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम की वजह से मॉनसून देशभर में तेजी पकड़ चुका है. भारतीय मौसम विभाग ने 11 अगस्त को 14 राज्यों में अच्छी बारिश का अलर्ट जारी किया है. उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में झमाझम बरसात हो रही है. बीती रात से ही मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड में तेज बरसात हुई. जिसके चलते भोपाल में आज स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है, भोपाल में 24 घंटे में 7 इंच बारिश हुई है, जिससे यहां सड़कों पर जलभराव देखा जा रहा है. यूपी में भी लखनऊ से नोएडा तक 30 से ज्यादा शहरों में बीते 24 घंटे के दौरान अच्छी बारिश हुई है. उत्तराखंड में भी कई स्थानों पर लैंडस्लाइड हुआ है. भारतीय मौसम विभाग ने मंगलवार को अलग-अलग जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है.

11 अगस्त को इन राज्यों में बारिश
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 11 अगस्त को दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश, और मेघालय में भारी बारिश की संभावना है. लगातार बारिश की वजह से देश में मॉनसून का कोटा भी पूरा हो रहा है. अब ओवरऑल 12 प्रतिशत की कमी दिखाई दे रही है. बीते 24 घंटे से जारी बारिश की वजह से देश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. जिसके चलते प्रशासन भी अलर्ट पर चल रहा है.

7 राज्यों के कई जिलों में आज ऑरेंज अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने मंगलवार को देश के सात राज्यों के अलग-अलग जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से यहां से हवाएं चल सकती हैं.

मध्य प्रदेश: हरदा, खंडवा, मंदसौर, नीमच
ओडिशा: मयूरभंज
गुजरात: अहमदाबाद, खेड़ा, महिसागर
राजस्थान: बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, झुंझुनू, कोटा, सीकर
उत्तर प्रदेश: अमरोहा, बदायूं, बरेली, बुलन्दशहर, हापुड, मेरठ, मोरादाबाद, रामपुर, संभल
उत्तराखंड: बागेश्वर, चमोली, देहरादून, पिथौरागढ, रुद्रप्रयाग, टेहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी

मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR में अगले 5 दिन 11 से 15 अगस्त तक अच्छी बारिश होने की संभावना जताई है. यानि अभी दिल्ली में दिल्ली में बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहेगा, आज के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. बीते 24 घंटे में 3 इंच बारिश दिल्ली-NCR रीजन में हुई है. जिससे तापमान भी लुढ़कर 30 डिग्री पर आ गया है. ऐसे में दिल्लीवासियों को उमस भरी गर्मी से भी राहत मिली है. भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक 12 से 15 अगस्त के बीच आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश जारी रहेगी. अगर तेज बारिश नहीं भी हुई तो भी बादल छाए रहने से मौसम काफी खुशनुमा रहेगा. मंगलवार को दिल्ली में करावल नगर, सिविल लाइंस, दिलशाद गार्डन, सीमापुरी, सीलमपुर, शहादरा, विवेक विहार, प्रीत विहार में बारिश हो सकती है

उत्तर प्रदेश में गंगा-युमना उफान पर
उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान अलग-अलग राज्यों में भारी बारिश हुई है. जिससे गंगा-यमुना समेत 10 नदियां उफान पर चल रही हैं. मौसम विभाग ने मंगलवार को भी वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, आजमगढ़, मऊ, बलिया, बस्ती, संत कबीर नगर और सिद्धार्थनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा), हापुड़, बुलंदशहर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा, संभल, रामपुर, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, हाथरस और कासगंज जिले में बारिश की संभावना जताई है. राजधानी लखनऊ में भी आज बारिश की संभावना है.

एमपी के भोपाल में स्कूल बंद
मध्य प्रदेश में भी मॉनसून पूरी तरह से एक्टिव हैं, जिससे भोपाल, रायसेन, विदिशा, राजगढ़ समेत 20 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश हो रही है. मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश में फिलहाल लो प्रेशर एरिया एक्टिव है, ऐसे में एक मॉनसून ट्रफ भोपाल से ग्वालियर के बीच नमी बना रही है. जिससे कई जिलों में झमाझम बारिश हो रही है. मंडला और डिंडौरी जिले में भी बीते 24 घंटे के दौरान तेज बारिश होने से नर्मदा नदी उफान पर चल रही हैं. यहां घाटों के किनारे पर अलर्ट जारी किया गया है. भोपाल, रायसेन, विदिशा समेत एमपी के कई जिलों में प्रशासन ने बारिश के अलर्ट को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियां करने के आदेश जारी किए हैं. एमपी में आज भोपाल, देवास, इंदौर, मंदसौर, रायसेन, आगर-मालवा, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर और उज्जैन बारिश की संभावना है.

राजस्थान में भी मंगलवार को बारिश
राजस्थान में भी मंगलवार को तेज बारिश की संभावना है. अगले 24 घंटे के लिए राजधानी जयपुर समेत झालावाड़, बूंदी, कोटा, अलवर जिलों में झमाझम बारिश हो सकती है. राजस्थान के झालावाड़ जिले में अब तक सबसे ज्यादा 12 इंच बारिश हो चुकी है. यहां कालीसिंध और कोटा के नोनेरा ऐबरा बांध ओवरफ्लो होने की वजह से कई गेट खोल दिए गए हैं. राजस्थान में भी एक मॉनसून ट्रफ गुजर रही है. जिससे यहां बारिश हो रही है.

उत्तराखंड में बारिश से लैंडस्लाइड
उत्तराखंड में भी बादलों ने डेरा जमा रखा है. बीते 24 घंटे से यहां तेज बारिश का दौर जारी है. जोशीमठ में भारी बारिश के बाद बादल फटने से लैंडस्लाइड हुआ है. जिससे यहां बीआरओ की तरफ से कराए गए वैली ब्रिज भी बह गया. जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. मंगलवार को भी मौसम विभाग ने देहरादून, चंपावत, हरिद्वार, नैनीताल और उधम सिंह नगर में बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने उत्तराखंड में लोगों से विशेष अपील जारी की है. क्योंकि मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है, इसलिए घर से बाहर निकलने से पहले अपने क्षेत्र के ताजा मौसम अपडेट पर जरूर नजर रखें.

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