Wednesday, June 24, 2026
Home Blog Page 39

SPORTS : अक्षर-मिलर की पारी से जीती दिल्ली, पंजाब किंग्स 3 विकेट से हारी; श्रेयस-प्रियांश की पारी बेकार

0

पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स का सामना आईपीएल के 55वें मैच में धर्मशाला में हुआ। इस मैच में दिल्ली ने पंजाब को 3 विकेट से हरा दिया और प्लेऑफ की उम्मीदों को बनाए रखा। पंजाब की ये लगातार चौथी हार इस सीजन में रही।

धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में सोमवार 11 मई की रात इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के मैच के दौरान दिल्ली कैपिटल्स के डेविड मिलर का विकेट गिरने का जश्न मनाते हुए पंजाब किंग्स के बेन ड्वार्शियस और उनके साथी खिलाड़ी। (ANI फोटो)

दिल्ली कैपिटल्स ने कप्तान अक्षर पटेल और डेविड मिलर की अर्धशतकीय पारी और फिर आशुतोष शर्मा की छोटी, लेकिन उपयोगी पारी के दम पर पंजाब किंग्स को 3 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ दिल्ली ने अपनी प्लेऑफ की उम्मीदों को बनाए रखा, लेकिन ये इस सीजन में पंजाब की लगातार चौथी हार रही। दिल्ली को इस मुकाबले से पहले लगातार दो मैचों में हार मिली थी, लेकिन अक्षर पटेल की टीम ने शानदार वापसी की। पंजाब के लिए श्रेयस अय्यर और प्रियांश आर्या ने अर्धशतक लगाया था, लेकिन उनकी पारी बेकार हो गई।

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 55वें मुकाबले में पंजाब किंग्स का सामना दिल्ली कैपटिल्स के साथ हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम, धर्मशाला में हुआ। इस मुकाबले में दिल्ली ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। इसके बाद पंजाब ने कप्तान श्रेयस अय्यर और प्रियांश आर्या के अर्धशतकीय पारी के दम पर 20 ओवर में 5 विकेट पर 210 रन बनाए और दिल्ली को जीत के लिए 211 रन का लक्ष्य दिया। इसके जवाब में दिल्ली ने 19 ओवर में 7 विकेट पर 216 रन बनाकर मैच जीत लिया। माधव तिवारी को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

प्रिभसिमरन सिंह 18 रन पर आउट हुए जबकि प्रियांश आर्या ने 24 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया और 56 रन बनाकर आउट हो गए। श्रेयस अय्यर ने 32 गेंदों पर अर्धशतक लगाया और वो 59 रन बनाकर नाबाद रहे जबकि सूर्यांश शेडगे ने नाबाद 21 रन की पारी खेली। कूपर कोनोली ने 38 रन के स्कोर पर अपना विकेट गंवा दिया। मार्कस स्टोइनिस एक रन जबकि शशांक सिंह डक पर आउट हो गए। दिल्ली के लिए मिचेल स्टार्क और माधव तिवारी ने 2-2 विकेट लिए।

अक्षर पटेल-मिलर ने खेली अर्धशतकीय पारी

दिल्ली के ओपनर केएल राहुल ने 9 रन जबकि अभिषेक पोरेल ने 5 रन की पारी खेली। वहीं साहिल परख ने 6 गेंदों पर 13 रन की पारी खेली। ट्रिस्टन स्टब्स 12 रन पर कैच आउट हो गए। कप्तान अक्षर पटेल ने 24 गेंदों पर अर्धशतक लगाया और 56 रन की पारी खेलकर आउट हो गए।मिलर ने 27 गेंदों पर अर्धशतक लगाया और 51 रन बनाकर आउट हो गए। आशुतोष शर्मा 24 रन के स्कोर पर पवेलियन लौटे। पंजाब के लिए अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर ने 2-2 विकेट लिए।

दिल्ली ने किए 5 बदलाव

इस मैच के लिए दिल्ली कैपिटल्स ने 5 बदलाव किए। डेविड मिलर, अभिषेक पोरेल, साहिल पारेख, माधव तिवारी और आकिब नबी की वापसी हुई जबकि कुलदीप यादव प्लेइंग 11 से बाहर किए गए। पंजाब ने सिर्फ एक बदलाव किया जिसमें बेन द्वारशुइस ने डेब्यू किया और उन्हें लॉकी फर्ग्यूसन की जगह मौका मिला।

पंजाब किंग्स की प्लेइंग 11

प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्या, कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), सूर्यांश शेडगे, मार्कस स्टोइनिस, शशांक सिंह, मार्को यानसेन, बेन द्वारशुइस, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल।

इम्पैक्ट प्लेयर- हरप्रीत बरार, यश ठाकुर, जेवियर बार्टलेट, विष्णु विनोद, प्रवीण दुबे।

दिल्ली कैपिटल्स की प्लेइंग 11

केएल राहुल (विकेटकीपर), अभिषेक पोरेल, साहिल पारख, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, अक्षर पटेल (कप्तान), माधव तिवारी, मुकेश कुमार, आकिब नबी डार, मिचेल स्टार्क, लुंगी एनगिडी।

इम्पैक्ट प्लेयर- पथुम निसांका, समीर रिजवी, आशुतोष शर्मा, विप्रज निगम, त्रिपुराना विजय।

NATIONAL : दिल्ली-NCR में आंधी-बारिश का अलर्ट; पहाड़ पर बर्फबारी की चेतावनी, राजस्थान-गुजरात में लू बरपाएगा कहर

0

इस दौरान दिल्ली-एनसीआर में धूल भरी आंधी और बारिश के आसार हैं। 12 मई तड़के से 14 मई के बीच मौसम तेजी से बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई इलाकों में अचानक धूल भरी आंधी उठने की भी संभावना है। तेज हवाओं और कम दृश्यता के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि दिन के समय गर्मी बनी रहेगी, लेकिन बारिश और बादलों के कारण तापमान में अस्थायी गिरावट देखने को मिल सकती है।

पंजाब, हरियाणा में तेज हवाओं का असर
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी अगले चार दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। यहां कई इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं जिनकी रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। खेतों में खड़ी फसलों और फलदार पेड़ों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे गेहूं, सब्जियों और फल बागानों में पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें तथा तेज हवाओं से बचाव के लिए कमजोर पौधों को सहारा दें।

ARTICLE : इतिहास के पन्नों में 12 मई :

0

जब चीन में आए विनाशकारी भूकंप ने छीन ली थीं हजारों जिंदगियां

देश-दुनिया के इतिहास में 12 मई की तारीख कई अहम घटनाओं के लिए दर्ज है, लेकिन वर्ष 2008 में इसी दिन चीन में आया विनाशकारी भूकंप आधुनिक इतिहास की सबसे भयावह प्राकृतिक आपदाओं में गिना जाता है। कुछ ही सेकंड के भीतर धरती की तेज कंपन ने लाखों लोगों की जिंदगी बदल दी थी।

12 मई 2008 को चीन के सिचुआन प्रांत में आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता लगभग 7.9 मापी गई थी। इस भूकंप में करीब 87 हजार लोगों की मौत हो गई, जबकि हजारों लोग लापता हो गए थे। इसके अलावा करीब चार लाख लोग घायल हुए और लाखों नागरिक बेघर हो गए।

भूकंप का असर इतना व्यापक था कि कई शहर और गांव पूरी तरह तबाह हो गए। हजारों इमारतें, स्कूल, अस्पताल और सड़कें पलभर में मलबे में बदल गईं। बचाव दलों को दुर्गम इलाकों तक पहुंचने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोगों ने अपने परिजनों को मलबे के नीचे खो दिया।

इस प्राकृतिक आपदा के बाद चीन सरकार ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया। सेना, मेडिकल टीमों और हजारों स्वयंसेवकों को प्रभावित इलाकों में भेजा गया। दुनियाभर के कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी चीन को राहत सामग्री और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह भूकंप इतिहास के सबसे विनाशकारी भूकंपों में से एक माना जाता है। इससे हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई में चीन को कई वर्षों का समय लगा। इस त्रासदी ने दुनिया को यह भी याद दिलाया कि प्राकृतिक आपदाओं के सामने मानव जीवन कितना असुरक्षित हो सकता है। आज भी 12 मई का दिन चीन में उन हजारों लोगों की याद में भावुक कर देता है, जिन्होंने इस भयावह आपदा में अपनी जान गंवाई थी।

महत्वपूर्ण घटनाचक्र

1459 – राव जोधा ने जोधपुर की स्थापना की।

1666 – पुरंदर की संधि के तहत छत्रपति शिवाजी महाराज औरंगजेब से मिलने आगरा पहुंचे।

1784 – पेरिस समझौता प्रभावी हुआ।

1847 – विलियम क्लेटन ने ओडोमीटर का आविष्कार किया।

1915 – क्रांतिकारी रासबिहारी बोस ने जापानी नौका सानुकी मारू पर सवार होकर भारत छोड़ा।

1965 – इजरायल और पश्चिम जर्मनी ने राजनयिक संबंध शुरु करने के लिए पत्रों का आदान प्रदान किया।

1999 – रूस के उपप्रधानमंत्री सर्गेई स्तेपनिश कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त, अमेरिकी वित्तमंत्री रोबर्ट रूबिन का अपने पद से इस्तीफा।

2002 – मिस्र, सीरिया व सऊदी अरब ने पश्चिम एशिया मामले में शांति समझौते की इच्छा जताई।

2002 – अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिम्मी कार्टर फिदेल कास्त्रो के साथ बातचीत करने के लिए पांच दिन की यात्रा पर क्यूबा पहुंचे। कास्त्रो की 1959 क्रांति के बाद से क्यूबा की यात्रा करने वाले कार्टर अमेरिका के पहले राष्ट्रपति बने।

2007 – पाकिस्तान के कराची शहर में हिंसा।

2008 – जजों की बहाली के मुद्दे को लेकर कोई समझौता न होने के कारण पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने साझा सरकार से हटने का निर्णय लिया।

2008 – चीन में आये भीषण भूकम्प से हज़ारों लोग मारे गये।

2010 – बिहार के चर्चित बथानी टोला नरसंहार मामले में भोजपुर के प्रथम अपर ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने तीन दोषियों को फाँसी तथा 20 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

2010 – लीबिया में त्रिपोली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट अफ्रीकिया एयरवेज का विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार 104 लोगों में से 103 लोगों की मौत।

2015 – नेपाल में भूकंप से 218 लोगों की मौत और 3500 से अधिक घायल।

जन्म

1820 – फ़्लोरेन्स नाइटिंगेल – ‘आधुनिक नर्सिग आन्दोलन की जन्मदाता’ एक नर्स थीं।

1875 – कृष्णचन्द्र भट्टाचार्य – प्रसिद्ध दार्शनिक, जिन्होंने हिन्दू दर्शन पर अध्ययन किया।

1895 – जे. कृष्णमूर्ति, एक दार्शनिक तथा आध्यात्मिक विषयों के बड़े ही कुशल एवं परिपक्व लेखक थे।

1917 – सीता देवी (महारानी) – बड़ौदा की महारानी थीं।

1933 – नंदू नाटेकर – पहले भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी थे, जिन्होंने इंटरनेशनल खिताब जीता था।

1944 – घनश्याम नायक – भारतीय फिल्म और टेलीविजन अभिनेता थे।

1945 – के. जी. बालकृष्णन – भारत के 37वें मुख्य न्यायाधीश थे।

1954 – के. पलानीस्वामी- राजनीतिज्ञ एवं तमिल नाडु के 13वें मुख्यमंत्री।

1980 – ऋषि सुनक – भारतीय मूल के ब्रिटिश राजनेता हैं।

1982 – मारगनी भरत – राजमुंदरी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र, आंध्र प्रदेश से 17वीं लोकसभा के सांसद हैं।

1989 – शिखा पांडे – भारतीय महिला क्रिकेट खिलाड़ी हैं।

2002 – सौरभ चौधरी – भारतीय निशानेबाज़ हैं।

निधन

1984 – धनंजय कीर – बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर की जीवनी लिखने वाले साहित्यकार थे।

1984 – अलकनन्दा (नृत्यांगना) – भारत की कत्थक नृत्यांगना थीं।

1993 – शमशेर बहादुर सिंह, हिन्दी कवि।

2015 – सुचित्रा भट्टाचार्य – बांग्ला भाषा की प्रसिद्ध महिला उपन्यासकार थीं।

महत्वपूर्ण अवसर

  • अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस (मॉर्डन नर्सिंग की जनक फ़्लोरेंस नाइटेंगिल का जन्म दिवस)।

WORLD : बलोचिस्तान में 12 मजदूरों की सामूहिक हत्या से कोस्ट गार्ड के खिलाफ गुस्सा

0

इस्लामाबाद, 12 मई (हि.स.)। पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलोचिस्तान में 12 मजदूरों की सामूहिक हत्या से तट रक्षक बल (कोस्ट गार्ड) के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश है। आरोप है कि ग्वादर के कुंतानी और जिवानी इलाके में 11 मई को पाकिस्तान के तट रक्षक बल ने कम से कम 12 बलोच मजदूरों और मछुआरों की जान ले ली। हमले में कुछ लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।

द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय नागरिकों और बलोच कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पाकिस्तान कोस्ट गार्ड ने निहत्थे बलूच नागरिकों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। यह घटना बलोचिस्तान में चल रहे लंबे संघर्ष और सुरक्षा बलों के मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन के बीच हुई है।

बलोच छात्र संगठन आजाद के मुख्य प्रवक्ता शोलान बलोच ने कहा कि यह हत्याकांड पाकिस्तान के तटरक्षक बल की बर्बरता का चरम उदाहरण है। काम और रोजी-रोटी की तलाश में निकले लगभग एक दर्जन मजदूरों को मार डाला गया। शोलान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने बलोच नागरिकों को उनके बुनियादी आर्थिक अधिकारों से वंचित कर दिया गया है।उन्हें बेहद कठिन परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इससे पहले भी बलोच मजदूरों को निशाना बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि तटरक्षक बल, पुलिस बल, सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों सहित सरकारी अधिकारी इलाके के गरीब बलोच ड्राइवरों और दुकानदारों से जबरन वसूली करते हैं। प्रवक्ता ने राज्य के लोगों से इस घटना के विरोध में आवाज उठाने की अपील की है। बलोचिस्तान नेशनल पार्टी (बीएनपी) और नेशनल पार्टी ने इस हत्याकांड की कड़ी निंदा की है। बीएनपी के बयान में कहा गया है कि रोटी, कपड़ा और घर के नाम पर दावा करने वाले शासक सीमा और व्यापार बंद करके बलोचिस्तान के लोगों से जीने का अधिकार छीन रहे हैं।

बयान में मांग की गई कि घटना को दबाने के बजाय इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। दोषियों को न्याय के कठघरे में लाया जाए। दूसरी ओर, नेशनल पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता ने कहा कि यह क्रूर, निंदनीय और असहनीय कृत्य है। मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। हक दु तहरीक के केंद्रीय कार्यालय ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों को मृत्युदंड की सजा देने की मांग की है।

हक दु तहरीक बलोचिस्तान ने मांग की है कि गोलीबारी में शामिल अधिकारियों और इसके लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ तत्काल हत्या का मामला दर्ज किया जाए। उन्हें न केवल नौकरी से बर्खास्त किया जाए, बल्कि दंडित भी किया जाए। साथ ही पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाया जाए।

NATIONAL : असम में हिमंत समेत पांच विधायक लेंगे मंत्री पद की शपथ

0

गुवाहाटी, 12 मई (हि.स.)। असम में डॉ. हिमंत बिस्व सरमा समेत कुल पांच लोग आज पद और गोपनीयता का शपथ लेंगे। यह जानकारी स्वयं निवर्तमान मुख्यमंत्री हिमंत ने एक्स पर दी। डॉ. सरमा ने कहा कि उनके ये चार साथी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में उनके साथ मंत्री पद की शपथ लेंगे। इनमें रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोडो तथा अजंता नेओग शामिल हैं। इनमें दो भाजपा, एक अगप और एक बीपीएफ के विधायक हैं।

उन्होंने कहा कि रंजीत दास विधानसभा अध्यक्ष पद के उम्मीदवार होंगे। उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा, “हम सब मिलकर, एक अधिक मजबूत, विकसित और समृद्ध असम के लिए पूरी लगन के साथ काम करते रहेंगे।” उल्लेखनीय है कि शपथ ग्रहण की तैयारी व्यापक पैमाने पर की गई है। समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, 22 राज्यों के मुख्यमंत्री, कई केंद्रीय मंत्री, भाजपा तथा एनडीए के राष्ट्रीय नेताओं के साथ ही बड़ी संख्या में बड़े उद्योगपति शामिल हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री, गृहमंत्री समेत प्राय: सभी लोग सोमवार रात तक गुवाहाटी पहुंच चुके हैं। इन बड़े नेताओं के साथ ही असम में भाजपा तथा एनडीए के बूथ अध्यक्षों तथा पंचायत के निर्वाचित अध्यक्षों को भी आमंत्रित किया गया है। प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री के आगमन के मद्देनजर पूरे खानापाड़ा इलाके में सुरक्षा बलों के भारी तनाती की गई गई है। कार्यक्रम के कारण कई मार्गों में बदलाव किया गया है। वहीं वीआईपी के आगमन के मद्देनजर कामाख्या से लेकर खानापाड़ा तक और बरझाड़ हवाई अड्डे से लेकर कार्यक्रम स्थल तक व्यापक पैमाने पर सड़कों की सफाई तथा फुटपाथों के रंगाई पोताई की जा चुकी है।

डॉ. सरमा आज 11 बजे खानापाड़ा वेटरिनरी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। कार्यक्रम स्थल पर भव्य पंडालों का निर्माण किया गया है। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

WORLD : अमेरिका-ईरान अगले हफ्ते फिर इस्लामाबाद में बातचीत कर सकते हैं:ट्रम्प बोले- ईरान के जवाब का इंतजार; तेहरान ने न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकने की मांग ठुकराई

0

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश मध्यस्थों के जरिए एक समझौता ड्राफ्ट पर काम कर रहे हैं, जिससे एक महीने तक चलने वाली औपचारिक वार्ता का रास्ता खुल सकता है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका की तरफ से प्रस्तावित 14 बिंदुओं वाले ड्राफ्ट में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज स्ट्रेट में तनाव कम करने और ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम भंडार को किसी दूसरे देश भेजने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्हें ईरान की तरफ से जल्द जवाब मिलने की उम्मीद है। अगर बातचीत आगे बढ़ी तो सीजफायर को और लंबा किया जा सकता है।

साथ ही अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम या हाईली एनरिच्ड यूरेनियम पर कोई समझौता नहीं करेगा।

पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहले दौर की बातचीत हुई थी। 21 घंटे तक यह वार्ता चलने के बावजूद नाकाम हो गई थी।

पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहले दौर की बातचीत हुई थी। 21 घंटे तक यह वार्ता चलने के बावजूद नाकाम हो गई थी।

दूसरे दौर की बातचीत के लिए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 24 अप्रैल को इस्लामाबाद पहुंचे थे। लेकिन राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया था।

दूसरे दौर की बातचीत के लिए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 24 अप्रैल को इस्लामाबाद पहुंचे थे। लेकिन राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया था।

  1. ईरान बोला- होर्मुज में दखल दिया तो जंग फिर शुरू होगी: ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी कि अगर उसने होर्मुज स्ट्रेट में फिर दखल दिया तो क्षेत्र में दोबारा युद्ध शुरू हो सकता है।
  2. अमेरिका का दावा- 70 से ज्यादा जहाजों को रोका: US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसने 70 से ज्यादा जहाजों को ईरानी बंदरगाहों तक पहुंचने या वहां से निकलने से रोका। अमेरिका के मुताबिक इन जहाजों में 13 अरब डॉलर से ज्यादा कीमत का तेल ले जाने की क्षमता थी।
  3. UAE पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा: UAE ने कहा कि ईरान ने 2 बैलिस्टिक मिसाइल और 3 ड्रोन दागे, जिन्हें एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में नष्ट कर दिया। हमले में 3 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई।
  4. ईरान-अमेरिका के बीच 30 दिन के समझौते पर चर्चा: रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देश 30 दिन तक संघर्ष रोकने और होर्मुज स्ट्रेट को व्यापारिक जहाजों के लिए खोलने के प्रस्ताव पर बातचीत कर रहे हैं। परमाणु कार्यक्रम और एनरिच्ड यूरेनियम अभी सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है।
  5. होर्मुज संकट से तेल और सोने की कीमतों में उछाल: होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से सोने की कीमतों में तेजी देखी गई। अमेरिका और इजराइल के ईरान के खिलाफ युद्ध का असर चीन के आर्थिक और रणनीतिक हितों पर भी पड़ा है। यह बात दोहा इंस्टीट्यूट फॉर ग्रेजुएट स्टडीज में अंतरराष्ट्रीय राजनीति के सहायक प्रोफेसर मुहनद सेलूम ने कही।

अल जजीरा से बातचीत में सेलूम ने कहा कि चीन ने युद्ध में सीधे ईरान का सैन्य समर्थन नहीं किया, क्योंकि इसके गंभीर और महंगे परिणाम हो सकते थे।

हालांकि, उन्होंने कहा कि चीन ईरान को पूरी तरह अकेला भी नहीं छोड़ सकता था। अगर ऐसा होता, तो दुनिया में यह मैसेज जाता कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में सिर्फ अमेरिका ही प्रभावी ताकत है।

सेलूम के मुताबिक, चीन पहले ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अपना वीटो अधिकार इस्तेमाल कर चुका है। यह उन प्रस्तावों के दौरान हुआ, जिनमें होर्मुज के मुद्दे पर ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही थी।

उन्होंने कहा कि फिलहाल चीन की ओर से ईरान को सीधे सैन्य मदद दिए जाने की संभावना नहीं दिखती। लेकिन संभव है कि अमेरिका के प्रतिबंध झेल रहीं कुछ चीनी कंपनियों ने ईरान को तकनीकी सहायता दी हो।

ईरान जंग अमेरिका को पीछे हटना पड़ सकता है। यह दावा पॉलिसी एक्सपर्ट सिबिल फारेस और अर्थशास्त्री जेफ्री सैक्स ने किया है।

इनके मुताबिक अमेरिका इस युद्ध को लंबे समय तक जारी नहीं रख सकता, क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र की तेल, गैस और समुद्री वॉटर प्यूरिफिकेशन को भारी नुकसान पहुंच सकता है। इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजराइल की शुरुआती योजना ईरान की सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व क्षमता को कमजोर करने की थी। माना जा रहा था कि बड़े हवाई हमलों के बाद ईरानी सरकार टूट जाएगी और तेहरान में अमेरिका समर्थक सरकार बनाई जा सकेगी।

ट्रम्प को उम्मीद थी कि ईरान में वही स्थिति बनेगी जैसी वेनेजुएला में देखने को मिली थी। वहां जनवरी 2026 में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने के बाद अमेरिका को सहयोगी सरकार मिली थी।

दक्षिणी लेबनान के नबाटीह शहर में इजराइली ड्रोन हमले में घायल हुई एक बच्ची की भी मौत हो गई है।

लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी के अनुसार, बच्ची का इलाज नबाटीह स्थित नबीह बेरी गवर्नमेंटल यूनिवर्सिटी अस्पताल में चल रहा था, जहां उसने दम तोड़ दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची और उसके पिता मोटरसाइकिल पर सवार थे। इसी दौरान अल-सबाह हाई स्कूल के पास उन पर पहला ड्रोन हमला किया गया। इसके बाद दो और ड्रोन हमले हुए।

हमले में पिता की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई थी।

ईरान फुटबॉल महासंघ (FFIRI) ने कहा है कि देश की पुरुष फुटबॉल टीम 2026 फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लेगी, लेकिन मेजबान देशों अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको को उसकी शर्तें माननी होंगी।

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और इजराइल के साथ तनाव के कारण ईरान की भागीदारी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

पिछले महीने कनाडा ने फीफा कांग्रेस में शामिल होने पहुंचे ईरान फुटबॉल महासंघ के प्रमुख को एंट्री देने से इनकार कर दिया था। कनाडा ने उनके ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से संबंधों का हवाला दिया था। कनाडा ने 2024 में IRGC को आतंकी संगठन घोषित किया था।

ईरान फुटबॉल महासंघ ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर कहा, हम 2026 वर्ल्ड कप में जरूर हिस्सा लेंगे, लेकिन मेजबान देशों को हमारी चिंताओं का ध्यान रखना होगा। हम अपने विश्वास, संस्कृति और सिद्धांतों से पीछे नहीं हटेंगे।

महासंघ के अध्यक्ष मेहदी ताज ने सरकारी टीवी से बातचीत में कहा कि ईरान ने टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए 10 शर्तें रखी हैं।

इन शर्तों में खिलाड़ियों और स्टाफ को वीजा देने की गारंटी, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान, इसके साथ एयरपोर्ट, होटल और स्टेडियम तक जाने वाले रास्तों पर कड़ी सुरक्षा शामिल है।

WORLD : मॉस्को से बड़ा बयान: पुतिन को भरोसा, जल्द खत्म होगा सैन्य टकराव; शांति वार्ता की ओर बढ़ रहे कदम

0

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शनिवार को चार वर्ष से चल रहे यूक्रेन युद्ध पर महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा, उन्हें लग रहा है कि यूक्रेन में चल रहा सैन्य टकराव अब खत्म होने के करीब है।कहा, यूरोपीय संघ के नेता उनसे बात करना चाहते हैं और वह भी यूरोपीय लोगों से बात करने के इच्छुक हैं। जिन लोगों से बात होने की उम्मीद है उनमें जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज प्रमुख हैं। निश्चित रूप से इस बातचीत में निष्कर्ष निकलेंगे और वे शांति की ओर जाएंगे।

यूक्रेन युद्ध में रूस के मारे गए 3.52 लाख सैनिक
यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध में रूस के 2025 के अंत तक 3,52,000 सैनिक मारे जा चुके थे। यह दावा रूस से बाहर कार्य कर रहे मीडिया आउटलेट मेदुजा एंड मीडियाजोना ने किया है। इस आउटलेट का संचालन रूसी मूल के निर्वासित लोग करते हैं।

SPORTS : वैभव ने छक्का मारकर पोलार्ड का रिकॉर्ड तोड़ा, राजस्थान-GT मैच में आज ऑरेंज कैप पर नजर

0

IPL 2026 का 52वां मुकाबला राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेला जा रहा है।लेकिन इस मुकाबले से ज्यादा चर्चा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की हो रही है।क्रिकेट फैंस की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या वैभव आज एक छक्का लगाकर बड़ा T20 रिकॉर्ड अपने नाम कर पाएंगे। वैभव सूर्यवंशी T20 क्रिकेट में सबसे तेज 100 छक्के पूरे कर लिए हैं। यह रिकॉर्ड फिलहाल कीरोन पोलार्ड के नाम है, जिन्होंने 843 गेंदों में 100 छक्के पूरे किए थे। आज कीरोन पोलार्ड का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया

गुजरात के खिलाफ ही लगाया था पहला शतक

दिलचस्प बात यह है कि वैभव ने IPL में अपना पहला शतक भी गुजरात टाइटंस के खिलाफ ही लगाया था।

उन्होंने धमाकेदार अंदाज में 36 गेंदों पर 103 रन ठोक दिए थे।

उस पारी में वैभव ने 12 छक्के और 5 चौके लगाकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था।

IPL में रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहे वैभव
15 साल के वैभव सूर्यवंशी IPL इतिहास में सबसे तेज 50 छक्के पूरे करने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं।

उन्होंने सिर्फ 15 पारियों में यह उपलब्धि हासिल कर क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ा था।

इसके अलावा वह IPL में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज भी बन चुके हैं।

एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय
वैभव ने अपनी शतकीय पारी में 12 छक्के लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया था।

वह IPL की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए।

इससे पहले यह रिकॉर्ड मुरली विजय के नाम था, जिन्होंने 11 छक्के लगाए थे।

ऑरेंज कैप की रेस में भी बड़ा मौका

IPL 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने की रेस में भी वैभव बने हुए हैं।

उन्होंने इस सीजन 10 मैचों में 404 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं।

अगर वह गुजरात के खिलाफ 91 रन बना लेते हैं तो ऑरेंज कैप की रेस में फिर नंबर-1 पर पहुंच सकते हैं।

जेमिसन के साथ भिड़ंत भी रही चर्चा में
पिछले मैच में दिल्ली के तेज गेंदबाज काइल जेमिसन के साथ वैभव की भिड़ंत काफी चर्चा में रही थी।

जेमिसन ने वैभव को बोल्ड करने के बाद आक्रामक अंदाज में जश्न मनाया था, जिसकी काफी आलोचना हुई।

बाद में BCCI ने जेमिसन को डिमेरिट पॉइंट दिए थे और उन्होंने अपनी गलती भी मानी थी।

दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-12

राजस्थान रॉयल्स की टीम में यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल, रियान पराग और जोफ्रा आर्चर जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।

वहीं गुजरात टाइटंस की कमान शुभमन गिल संभाल रहे हैं। टीम में जोस बटलर, राशिद खान, मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा जैसे बड़े नाम मौजूद हैं।

अब देखना दिलचस्प होगा कि जयपुर में वैभव का बल्ला फिर आग उगलता है या नहीं।

NATIONAL : बिहार में आंधी-बिजली का कहर, 9 की मौत; 6 राज्यों में बारिश का अलर्ट, राजस्थान-एमपी में 43°C पार गर्मी

0

बिहार में आंधी-बिजली से 9 लोगों की मौत हुई। यूपी समेत 6 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी है, जबकि राजस्थान और मध्यप्रदेश में तापमान 44°C के पार पहुंच गया।देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। बिहार, उत्तर प्रदेश और पहाड़ी राज्यों में तेज आंधी-बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है, जबकि राजस्थान और मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी लोगों को झुलसा रही है।

बिहार में शुक्रवार को तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने से 9 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा असर पटना में देखने को मिला, जहां 600 से ज्यादा पेड़ गिर गए। दूसरी ओर राजस्थान के बाड़मेर में तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा।

पटना समेत कई जिलों में अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।पटना में हवा की रफ्तार 135 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। बारिश के बाद विधानसभा परिसर समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने शनिवार को भी 20 जिलों में आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।

उत्तर प्रदेश के आगरा, जालौन और मऊ समेत कई जिलों में बारिश हुई। मऊ में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को 17 जिलों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। इसके बाद अगले दो दिनों में तापमान तेजी से बढ़ सकता है और कई इलाकों में पारा 45°C के पार पहुंच सकता है।

राजस्थान का बाड़मेर देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 44.6°C दर्ज किया गया। जैसलमेर और फलोदी में भी पारा 44°C के करीब पहुंचा।मध्यप्रदेश में भी गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। रतलाम में तापमान 43.5°C तक पहुंच गया। वहीं भोपाल, रायसेन और छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में हल्की बारिश और आंधी भी देखने को मिली।मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि हुई। शिमला में सड़कों पर ओलों की मोटी परत जम गई।उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में अगले 24 घंटे तक हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

10 मई का अनुमान:जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में तेज हवा के साथ बारिश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और राजस्थान में आंधी-बारिश का अलर्ट,बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बिजली गिरने की आशंका

11 मई का अनुमान:उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश,पंजाब के कई इलाकों में तेज हवा और बिजली गिरने की संभावना,दक्षिण और मध्य बिहार में फिर आंधी-बारिश का असर

देश के कई हिस्सों में इस समय दोहरा मौसम संकट देखने को मिल रहा है। एक तरफ हीटवेव और तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, वहीं दूसरी ओर अचानक आंधी-बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं जानलेवा साबित हो रही हैं।मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।

NATIONAL : IIT खड़गपुर से पढ़ाई, लंदन से MBA… जानिए कौन हैं सुब्रत गुप्ता, जो नियुक्त किए गए बंगाल CM के सलाहकार

0

पश्चिम बंगाल कैडर के 1990 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त किया गया है. सुब्रत गुप्ता को चुनाव आयोग ने बंगाल चुनाव के लिए विशेष पर्यवेक्षक भी नियुक्त किया था.

पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सरकार बना ली है. शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में सरकार बनाने के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलावों का दौर भी शुरू हो गया है. सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त किया गया है. पश्चिम बंगाल के ही रहने वाले सुब्रत गुप्ता 1990 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं, जिनका कैडर भी पश्चिम बंगाल ही था.

सुब्रत गुप्ता को चुनाव आयोग ने उन्हें हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में विशेष चुनाव पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी थी. उनकी देखरेख में ही सूबे में वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया संपन्न हुई थी. वह लेफ्ट से लेकर टीएमसी के शासन में अहम विभागों की जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. अपने सेवाकाल में सुब्रत गुप्ता को अलग-अलग 27 विभागों की जिम्मेदारी संभालने का अनुभव है.



सुब्रत गुप्ता केंद्र सरकार में भी अहम पदों पर रहे हैं. अक्टूबर, 2024 में केंद्र सरकार में उनको खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया था. सुब्रत गुप्ता मई 2025 में सेवानिवृत्त हुए थे. सुब्रत गुप्ता आईआईटी खड़गपुर के छात्र रहे हैं और उन्होंने लंदन से एमबीए की डिग्री भी हासिल की है. उन्होंने वाम मोर्चा सरकार के दौरान पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम (WBIDC) के प्रबंध निदेशक के रूप में सिंगूर में नैनो कार परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई थी.

सुब्रत गुप्ता ने बाद में कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (केएमआरसीएल) का नेतृत्व भी किया. सुब्रत गुप्ता साल 2012-13 में केएमआरसीएल के प्रमुख थे. उनकी अगुवाई में ही कोलकाता मेट्रो ने देश की पहली अंडर वाटर परियोजना पर काम शुरू किया था. इस परियोजना पर जब हावड़ा मैदान से काम शुरू हुआ था, तब सुब्रत गुप्ता ही केएमआरसीएल के प्रबंध निदेशक थे. ममता बनर्जी की अगुवाई वाली सरकार पर यह आरोप लगते रहे हैं कि सुब्रत गुप्ता को केएमआरसीएल का प्रबंधन निदेशक रहते उतना सहयोग नहीं मिला, जितना मिलना चाहिए था.

ममता बनर्जी की सरकार पर सुब्रत गुप्ता की उपेक्षा के आरोप भी लगे थे. आरोप लगे कि सरकार ने सुब्रत गुप्ता को राज्य बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे कम महत्व के विभाग में भेज दिया और उनसे जूनियर अधिकारियों को अधिक महत्वपूर्ण विभाग दिए गए. साल 2020 से करीब तीन साल तक सुब्रत गुप्ता को राज्य बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ ही जैव प्रौद्योगिकी जैसे विभागों में तैनाती दी गई. इसे लेकर पश्चिम बंगाल की नौकरशाही में असंतोष और विवाद की स्थिति भी बनी थी.

सुब्रत गुप्ता को बाद में केंद्र सरकार ने अहम जिम्मेदारियां दी थीं. अब पश्चिम बंगाल में सरकार गठन के बाद सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया है. सुब्रत गुप्ता की नियुक्ति के संबंध में अधिसूचना भी जारी हो गई है. यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गई है. सुब्रत गुप्ता पश्चिम बंगाल की अलग-अलग सरकारों में अहम प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं.


eyes southern states

- Advertisement -

News of the Day