Thursday, September 17, 2026
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WORLD : कोलंबिया में भीषण भूकंप से तबाही: अब तक 111 लोगों की मौत; कई लोग मलबे में फंसे; कितनी तीव्रता से हिली धरती?

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कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए। EMSC के मुताबिक भूकंप 115 किलोमीटर की गहराई में आया। राजधानी बोगोटा समेत कई इलाकों में झटके महसूस किए गए। आखिर भूकंप की तीव्रता कितनी थी? झटके किन इलाकों तक पहुंचे? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं…

कोलंबिया में शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (EMSC) के अनुसार, भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 7.4 थी और इसका केंद्र 115 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप के झटके राजधानी बोगोटा समेत कई इलाकों में महसूस किए गए। जिसके झटके पड़ोसी देश इक्वाडोर तक महसूस किए गए। वैज्ञानिकों के मुताबिक भूकंप का केंद्र चोको का ग्रामीण क्षेत्र रहा।

मलबे के नीचे दबे कई लोग
भूकंप के बाद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग अपने घरों व इमारतों से बाहर निकल आए। ताजा जानकारी के अनुसार, भूकंप की चपेट में आने से अब तक 111 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य लोगों के इमारतों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका है। भूकंप के झटके राजधानी बोगोटा तक महसूस किए गए, जिसके बाद कई लोगों को अपने घर खाली करने पड़े।

कोलंबिया के प्रभावित इलाकों में जाएंगे राष्ट्रपति
देश में राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला ने आपातकाल की घोषणा कर दी है। इस एलान के बाद भूकंप से हुए नुकसान की भरपाई के लिए फंड इकट्ठा करने और देश के भीतर ही धन की व्यवस्था में तेजी लाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वह आपदाग्रस्त क्षेत्र का दौरा भी करेंगे।

किस इलाके में सबसे ज्यादा मौतें?
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, पेरेइरा शहर में 18 लोगों की मौत हुई है, जबकि मनीजालेस में दो लोगों की जान गई। पश्चिमी कोलंबिया के कई शहरों में इमारतें ढहने के बाद लोग मलबे को हटाकर उसमें फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों ने आफ्टरशॉक्स की आशंका को देखते हुए भी लोगों को सतर्क रहने को कहा है।

कोलंबिया के तीसरे सबसे बड़े शहर कैली में भूकंप के बाद कई जगह धूल के गुबार उठते दिखाई दिए। 64 वर्षीय टैक्सी चालक जॉर्ज मोंकायो ने बताया कि उन्होंने पहाड़ी इलाके से शहर में इमारतों को गिरते देखा। उन्होंने कहा कि उनका पूरा घर हिल गया और उन्होंने इससे पहले इतना शक्तिशाली भूकंप कभी महसूस नहीं किया था। कैली के मेयर अलेजांद्रो एदेर के अनुसार, शहर में कम से कम 19 ढही इमारतों में लोग फंसे हुए थे। राहत और बचाव दल मलबे में लोगों की तलाश में जुटे हैं।

मनीजालेस में गिरा कैथेड्रल का हिस्सा?
कॉफी उत्पादन वाले पहाड़ी इलाके में बसे मनीजालेस शहर में नियो-गॉथिक कैथेड्रल के एक टावर का हिस्सा ढहकर मुख्य प्रार्थना कक्ष पर गिर गया। मेयर जॉर्ज एडुआर्डो रोजास ने बताया कि भूकंप के कारण शहर में दो लोगों की मौत हुई। उन्होंने आफ्टरशॉक्स की आशंका के चलते लोगों से बाहर रहने की अपील की। चोको की गवर्नर नुबिया कॉर्डोबा ने सोशल मीडिया पर बताया कि क्षेत्रीय राजधानी क्विब्दो में कई लोग घायल हुए हैं और इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। हालांकि, उन्होंने नुकसान और घायलों की संख्या के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी। स्थानीय मीडिया में सामने आए वीडियो में पेरेइरा, कैली और क्विब्दो में घरों और छोटी इमारतों को ढहते हुए दिखाया गया।

क्या कोलंबिया में भूकंप आम हैं?
कोलंबिया के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में छोटे भूकंप, जिन्हें स्थानीय तौर पर ‘टेम्बलोरेस’ कहा जाता है, आम हैं। हालांकि, 6.0 से अधिक तीव्रता वाले भूकंप अपेक्षाकृत दुर्लभ हैं। वर्ष 1999 में आर्मेनिया शहर के पास 6.2 तीव्रता के भूकंप में 1,100 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।

राष्ट्रपति ने क्या कहा?
कोलंबिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति एबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने कहा कि उन्होंने सैन जोस डेल पालमार में भूकंप के बाद सरकार की आपात प्रतिक्रिया की व्यक्तिगत रूप से कमान संभाल ली है। उन्होंने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे अकेले नहीं हैं और सरकार मौके पर मौजूद रहकर कार्रवाई कर रही है।

क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।

NATIONAL : स्वतंत्रता दिवस से पहले पंजाब में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, हैंड ग्रेनेड सहित आरोपी गिरफ्तार

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स्वतंत्रता दिवस से पहले पंजाब में बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम किया गया है। जानकारी के अनुसार जालंधर काउंटर इंटेलिजेंस की टीम और SBS नगर (नवांशहर) पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सीमापार आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब के डी.जी.पी. गौरव यादव ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि सीमा-पार आतंकी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी में, जालंधर की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट ने SBS नगर पुलिस के साथ मिलकर एक जॉइंट ऑपरेशन चलाया। इस ऑपरेशन में ISI-समर्थित BKI आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया, जिसे विदेश में बैठे हैंडलर चला रहे थे। इस दौरान एक मुख्य ऑपरेटिव को गिरफ्तार किया गया और 86-P हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया, जिससे एक नियोजित हमले को नाकाम कर दिया गया है।

उन्होंने आगे लिखा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी ने विदेश में बैठे हैंडलरों के कहने पर जालंधर के आदमपुर के पास एक DLB से ग्रेनेड हासिल किया था। PS सदर नवांशहर (SBS नगर) में BNS और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosive Substances Act) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।

डी.जी.पी. यादव ने लिखा कि पूरे आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है, जिसमें विदेशी हैंडलर, स्थानीय सपोर्ट नेटवर्क और फॉरवर्ड व बैकवर्ड लिंकेज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस पंजाब भर में आतंकी नेटवर्क को खत्म करने, संगठित अपराध को रोकने और शांति, सुरक्षा व जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

WORLD : सऊदी अरब की सोफा फैक्ट्री में भीषण आग का तांडव; जिंदा जलकर मरे 16 बांग्लादेशी नागरिक, खौफनाक Video आए सामने

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सऊदी अरब की राजधानी रियाद के मूसा सनैया इलाके में एक सोफा फैक्ट्री में भीषण आग लगने से 16 बांग्लादेशी नागरिकों की मौत हो गई। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने घटना की पुष्टि की है। दूतावास की टीम स्थानीय अधिकारियों के साथ मृतकों की पहचान और शवों से…

Riyadh: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में एक दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। मूसा सनैया इलाके में रविवार को एक सोफा बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर मौजूद 16 बांग्लादेशी नागरिकों की मौत हो गई। घटना की पुष्टि बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने की है। रियाद के मूसा सनैया इलाके में स्थित सोफा बनाने वाली फैक्ट्री में रविवार को अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने फैक्ट्री के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग की चपेट में आने से 16 बांग्लादेशी नागरिकों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही रियाद स्थित बांग्लादेशी दूतावास के अधिकारियों की एक टीम घटनास्थल पर पहुंची। दूतावास के अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर हादसे की जानकारी जुटाने और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू की। इसके साथ ही पीड़ितों और उनके परिवारों से संबंधित जरूरी जानकारी भी जुटाई जा रही है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने बताया कि सरकार इस मामले में सऊदी अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। मृतकों के शवों से जुड़ी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा कराने के लिए दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। सरकार का कहना है कि मृतकों के परिवारों को इस मुश्किल समय में जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

विदेश मंत्रालय ने जताया दुख
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने हादसे में जान गंवाने वाले नागरिकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। मंत्रालय ने कहा कि वह पूरे मामले पर लगातार नजर रख रहा है और सऊदी अधिकारियों के साथ मिलकर मृतकों से संबंधित जरूरी प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल फैक्ट्री में आग लगने की सटीक वजह सामने नहीं आई है। हादसे की परिस्थितियों और आग के कारणों को लेकर जांच की जा रही है। विदेश में काम कर रहे 16 बांग्लादेशी नागरिकों की मौत की खबर से उनके परिवारों में मातम पसरा हुआ है। बांग्लादेशी दूतावास ने प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही है।

NATIONAL : लोकसभा में हंगामे के बीच न्यायाधीश संख्या संशोधन विधेयक पारित, कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित

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राम मंदिर चढ़ावा और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही सोमवार को बार-बार बाधित रही और अंत में दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

लोकसभा में हंगामे के बीच न्यायाधीश संख्या संशोधन विधेयक पारित, कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित।
नई दिल्ली: राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत विभिन्न विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही बाधित रही और दो बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजकर 10 मिनट पर ही बैठक दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक और बैंककार बही साक्ष्य विधेयक पेश
विपक्ष के हंगामे के बीच ही सदन ने सुप्रीम कोर्ट में प्रधान न्यायाधीश समेत न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने के प्रावधान वाला विधेयक बिना चर्चा के पारित कर दिया। सरकार ने विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच ही भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 और बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 भी पेश किए।

प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों का हंगामा शुरू
बैठक शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता का उल्लेख किया और उन्हें बधाई दी। इसके बाद जब उन्होंने प्रश्नकाल शुरू कराया तो विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे।

बिरला का विपक्षी दल से आग्रह
बिरला ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा कि मुझे लगता है कि आप नियोजित तरीके से सदन नहीं चलाना चाहते। प्रश्नकाल महत्वपूर्ण होता है। कृपया प्रश्नकाल चलने दें।

बैठक दोपहर 12 बजे तक स्थगित
शोर-शराबा जारी रहने पर अध्यक्ष ने बैठक दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर स्थिति ज्यों की त्यों बनी रही।

हंगामे के बीच बैंककार बही साक्ष्य विधेयक और भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक पेश
विपक्ष के हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 पेश किए।

कार्यवाही दो बजे तक स्थगित
सदन में हंगामा नहीं थमने पर पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कुछ मिनट बाद ही कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने का प्रावधान
सदन की बैठक अपराह्न दो बजे शुरू हुई तो कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया। इसमें उच्चतम न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश समेत न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने का प्रावधान है।

विपक्षी दलों की नारेबाजी
इस दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सदस्य राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर नारेबाजी कर रहे थे। पीठासीन सभापति तेन्नेटी ने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपनी सीटों पर बैठने का आग्रह करते हुए उनसे विधेयक पर चर्चा में भाग लेने को कहा, लेकिन सदन में हंगामा नहीं थमा।

कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित
सदन ने विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच ही ध्वनिमत से बिना चर्चा के विधेयक को पारित कर दिया। इसके बाद हंगामा नहीं थमने पर तेन्नेटी ने कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

सदन में विभिन्न मुद्दों के चलते बाधा
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई को हुई थी और तब से सदन में विभिन्न मुद्दों पर हंगामे की स्थिति के कारण आज लगातार 11वें दिन भी प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके।

NATIONAL : ‘जंतर-मंतर में नहीं चली गोली’: जेपी नड्डा का राहुल पर हमला, बोले- संसद नहीं चलने देते; झारखंड पर चुप क्यों?

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी झारखंड के छात्रों की आवाज को नजरअंदाज कर रहे हैं। आखिर झारखंड के आंदोलन पर राहुल गांधी से नड्डा ने क्या सवाल किया? जंतर-मंतर को लेकर क्या कहा?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा नेता जेपी नड्डा ने सोमवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी को सदन में आने और चर्चा करने की चुनौती देते हुए कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और उन्हें उचित जवाब दिया जाएगा। नड्डा ने जंतर-मंतर की घटना को लेकर भी स्पष्ट किया कि वहां कोई गोली नहीं चली और न ही गोली चलाने का कोई आदेश दिया गया था।

क्या राहुल गांधी को सदन में आकर चर्चा करनी चाहिए?
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को एक बार फिर चुनौती देते हुए कहा कि वह सदन में आएं। नड्डा के मुताबिक, सरकार चर्चा के लिए तैयार है और राहुल गांधी को इसका उचित जवाब मिलेगा। उन्होंने साथ ही गलत सूचना फैलाने से बचने की अपील की। नड्डा ने कहा कि विपक्ष ने SIR के मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी और सदन में इस पर विस्तृत चर्चा भी हुई, लेकिन जब सरकार के जवाब देने की बारी आई तो वे सदन से बाहर चले गए।

नड्डा ने महंगाई के मुद्दे का भी जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष ने कीमतों में बढ़ोतरी पर चर्चा की मांग की थी और सरकार ने इस पर चर्चा कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार जवाब दे रही थी, तब कांग्रेस के सदस्य सदन में मौजूद रहने का साहस तक नहीं दिखा सके। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का इतिहास और रिकॉर्ड रहा है। नड्डा के मुताबिक, विपक्ष ने जिन भी राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की मांग की, सरकार ने हमेशा उन्हें चर्चा के लिए आमंत्रित किया और कहा कि वह हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।

क्या जंतर-मंतर पर गोली चलाने का कोई आदेश दिया गया था?
नड्डा ने जंतर-मंतर की घटना को लेकर कहा कि वहां कोई गोली नहीं चलाई गई थी और न ही गोली चलाने का कोई आदेश दिया गया था। उन्होंने राहुल गांधी पर इस मुद्दे को लेकर जनता और देश को गुमराह करने का आरोप लगाया।

क्या राहुल गांधी लगातार मुद्दा बदल रहे हैं?
नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी संसद और राष्ट्रीय विमर्श में रोजाना मुद्दे बदल रहे हैं। उनके अनुसार, संसद सत्र की शुरुआत में राहुल गांधी ने NEET पर चर्चा की मांग की थी। सरकार के सहमत होने के बाद मुद्दा राम मंदिर ट्रस्ट की ओर चला गया। इसके बाद जंतर-मंतर की घटना पर गृह मंत्री से बयान देने की मांग की गई।

जेपी नड्डा ने कहा कि जंतर-मंतर के मुद्दे पर चर्चा तय होने के बाद भी राहुल गांधी गलत जानकारी देकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। नड्डा ने कहा कि सरकार का लगातार यही रुख रहा है कि सदन चलना चाहिए और सदन चलने पर हर मुद्दे पर जवाब दिया जाएगा।

NATIONAL : इस खास मौके पर एक ही फ्रेम में दिखे PM मोदी, शरद पवार और अमित शाह; राहुल-प्रियंका-सोनिया सहित कई दिग्गज नेता भी आए नजर

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दिल्ली स्थित ‘6 जनपथ’ (शरद पवार के आधिकारिक आवास) में आयोजित इस रिसेप्शन कार्यक्रम में पक्ष और विपक्ष के कई बड़े नेता नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। पीएम नरेंद्र मोदी कार्यक्रम स्थल पर लगभग आधा घंटा रहे।

बारामती से सांसद सुप्रिया सुले की बेटी और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार की नातिन रेवती सुले और सारंग लखानी के वेडिंग रिसेप्शन समारोह की एक तस्वीर ने देश के राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल मचा दी है। सोमवार (10 अगस्त) को दिल्ली में आयोजित इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शरद पवार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक साथ एक ही फ्रेम में बैठे और गर्मजोशी से बातचीत करते नजर आए। शरद पवार की पार्टी विपक्षी इंडिया गठबंधन का एक प्रमुख हिस्सा है, ऐसे में केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व और शरद पवार की इस नजदीकी ने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान खींचा है।

रिसेप्शन में जुटे देश भर के दिग्गज नेता
दिल्ली स्थित ‘6 जनपथ’ (शरद पवार के आधिकारिक आवास) में आयोजित इस रिसेप्शन कार्यक्रम में पक्ष और विपक्ष के कई बड़े नेता नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। पीएम नरेंद्र मोदी कार्यक्रम स्थल पर लगभग आधा घंटा रहे। इस दौरान वे शरद पवार और अमित शाह के साथ एक ही सोफे/मंच पर बैठे नजर आए और कई मुद्दों पर हल्की-फुल्की बातचीत की। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी रिसेप्शन में पहुंचे।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, बिजनेसमैन गौतम अदाणी के अलावा NCP (SP) नेता अनिल देशमुख और जयंत पाटिल भी मौजूद थे, जिन्होंने मेहमानों का स्वागत किया। शरद पवार ने खुद व्यक्तिगत रूप से सभी राजनीतिक हस्तियों की अगवानी की।

यह तस्वीर इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि रिसेप्शन से कुछ ही घंटे पहले सोमवार को ही सुप्रिया सुले के नेतृत्व में NCP (SP) के सभी 8 लोकसभा सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक औपचारिक मुलाकात की थी। लगभग 20 मिनट चली इस मुलाकात में NCP (SP) सांसदों ने पीएम मोदी को एक मांग पत्र सौंपा। इसमें पुणे-नाशिक सेमी-हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट, सूखा राहत, सिंचाई परियोजनाएं, किसानों की कर्जमाफी, प्याज की कीमतें, चंद्रभागा नदी का प्रदूषण, और नवी मुंबई एयरपोर्ट का नाम डी.बी. पाटिल के नाम पर रखने जैसी मांगें शामिल थीं।

परिसीमन (Delimitation Bill) पर सस्पेंस
इस मुलाकात को केंद्र सरकार के संभावित परिसीमन विधेयक से जोड़कर देखा जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि NCP (SP) कुछ शर्तों के साथ परिसीमन का समर्थन कर सकती है। हालांकि, सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी कानून का ड्राफ्ट देखने और इंडिया गठबंधन के साथियों से चर्चा के बाद ही अपना रुख तय करेगी। राजनीतिक गलियारों में शुरू हुई चर्चाओं के बीच NCP (SP) नेताओं ने स्पष्ट किया कि विपक्षी गठबंधन के प्रति उनकी निष्ठा पूरी तरह से कायम है।

सुप्रिया सुले का रुख
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पूरे देश के प्रतिनिधि होते हैं। राज्य के जलते मुद्दों और किसानों की समस्याओं को लेकर पीएम से मिलना और शादी-विवाह जैसे पारिवारिक अवसरों पर उनका स्वागत करना संसदीय लोकतंत्र की एक स्वस्थ परंपरा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सांसदों की पीएम से मुलाकात का स्वागत किया, जबकि शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि संसद के भीतर समय न मिलने के कारण सांसदों को निजी मुलाकातों का सहारा लेना पड़ रहा है।

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यह आयोजन भले ही पारिवारिक था, लेकिन एक ही छत के नीचे पीएम मोदी, अमित शाह, शरद पवार और राहुल गांधी का पहुंचना भारतीय राजनीति की बेहद दुर्लभ और दिलचस्प तस्वीरों में से एक बन गया है।

NATIONAL : अखिल भारत हिन्दू क्रान्ति सेना के ‘घर-घर गंगाजल अभियान’ का भव्य विमोचन

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सनातन संस्कृति और गंगा की पवित्रता को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प, प्रथम चरण में मठ-मंदिरों तक गंगाजल पहुंचाने का लक्ष्य

ब्यावर। सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था एवं मां गंगा की पवित्रता को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से अखिल भारत हिन्दू क्रान्ति सेना द्वारा प्रारंभ किए गए ‘घर-घर गंगाजल अभियान’ का भव्य विमोचन धार्मिक एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत समाज, सामाजिक कार्यकर्ता, संगठन पदाधिकारी एवं सनातन प्रेमी उपस्थित रहे।

अभियान के विमोचन कार्यक्रम में अखिल भारत हिन्दू क्रान्ति सेना के राष्ट्रीय संरक्षक श्री भंवर सिंह पलाड़ा, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आनन्द सोनी, ब्यावर के चार बार से विधायक श्री शंकर सिंह रावत, निवर्तमान सभापति श्री नरेश कनौजिया, सेवानिवृत्त एडिशनल एसपी श्री नेम सिंह, हिन्दू हेल्पलाइन प्रांत प्रमुख श्री मुकेश सोनी, ‘घर-घर गंगाजल अभियान’ के संयोजक नाहर सिंह चुंडावत, प्रदेश प्रभारी मनीष पालीवाल, प्रदेश प्रमुख कुलदीप बोहरा, ब्यावर जिला अध्यक्ष रतन गुर्जर, ब्यावर नगर अध्यक्ष सोनू चौहान सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

हर घर तक पहुंचे मां गंगा का पवित्र जल

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक हैं। गंगाजल का सनातन धर्म में विशेष धार्मिक महत्व है। जन्म से लेकर विवाह, पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान एवं अंतिम संस्कार तक विभिन्न संस्कारों में गंगाजल का विशेष स्थान रहा है।

इसी धार्मिक भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘घर-घर गंगाजल अभियान’ की शुरुआत की गई है। अभियान के माध्यम से प्रयास रहेगा कि प्रत्येक सनातनी परिवार तक पवित्र गंगाजल पहुंचे और घर-घर में मां गंगा के प्रति श्रद्धा एवं सनातन संस्कारों की भावना मजबूत हो।

प्रथम चरण में मठ-मंदिरों तक पहुंचाया जाएगा गंगाजल

अभियान के संयोजक नाहर सिंह चुंडावत ने बताया कि अभियान का प्रथम चरण विशेष रूप से मठों एवं मंदिरों तक गंगाजल पहुंचाने के लिए निर्धारित किया गया है। इसके बाद अभियान का विस्तार करते हुए विभिन्न क्षेत्रों एवं सनातनी परिवारों तक गंगाजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि अभियान केवल गंगाजल वितरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और मां गंगा के प्रति श्रद्धा का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

धर्म और संस्कृति की रक्षा का संकल्प

विमोचन अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना आवश्यक है। ऐसे अभियानों के माध्यम से युवाओं और बच्चों को भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं के महत्व से परिचित कराया जा सकता है।

कार्यक्रम में धीरज गुरबाणी, प्रणव गहलोत, एडवोकेट हनुमान सिंह राठौड़ सहित बड़ी संख्या में संगठन पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं धर्मप्रेमी नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने अभियान को सफल बनाने तथा अधिक से अधिक परिवारों एवं धार्मिक स्थलों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

अखिल भारत हिन्दू क्रान्ति सेना ने अभियान को व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा आने वाले समय में इसे विभिन्न क्षेत्रों तक विस्तार देने की बात कही। कार्यक्रम का समापन मां गंगा के जयघोष और सनातन संस्कृति की रक्षा एवं संवर्धन के संकल्प के साथ हुआ।

BUSINESS : ‘शुद्ध पेट्रोल क्या तुम्हारे बाप के यहां से आएगा?’ इथेनॉल की बहस के बीच BJP सांसद क्या बोल गए

मध्य प्रदेश की रीवा लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद जनार्दन मिश्रा ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसके चलते वह सुर्खियों में आ गए हैं. देशभर में चल रही इथेनॉल और प्योर पेट्रोल की बहस के बीच बीजेपी सांसद ने ऐसी बात कह दी है, जिसे सुनकर लोग चर्चा करने लगे हैं. दरअसल, जनार्दन मिश्रा कोलकाता-रीवा-भोपाल हवाई सेवा की लोकार्पण के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. यहां उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा, “देश में जब शुद्ध पेट्रोल है ही नहीं तो क्या तुम्हारे बाप के यहां से आएगा?”

बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्रा मंच से भाषण देते एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह कहते दिख रहे हैं, “दुनिया में सर्वाधिक रोजगार (नौकरी नहीं) अगर कहीं उपलब्ध हो रहे हैं तो वह भारत है. आज सबसे कम महंगाई अगर किसी देश में है तो वह हिंदुस्तान है. पूरी दुनिया में महंगाई चरम पर है. आज देश आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है. हम 600 करोड़ के बम निर्यात करते हैं और 38 हजार करोड़ के हवाई सैन्य सामान निर्यात कर रहे हैं.”

रीवा सांसद ने आगे कहा, “गैस और तेल की बात है तो हमारे यहां केवल 20 फीसदी तेल होता है. 80 फीसदी हमें विदेश से लेना पड़ता है. इसमें लड़ाई छिड़ गई है. हॉर्मूज बंद है. 18 हजार किलोमीटर का चक्कर लगाकर देश को तेल पहुंचाया जा रहा है और जब PM मोदी कहते हैं कि 20 परसेंट इथेनॉल मिलाना पड़ेगा तो आंदोलन हो रहा है कि इथेनॉल नहीं चलेगा केवल शुद्ध पेट्रोल लाकर दो. शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा क्या? शुद्ध पेट्रोल जब देश में है ही नहीं तो कहां से आएगा?”

‘ब्राजील में 100 फीसदी इथेनॉल पर चलती है गाड़ी’

जनार्दन मिश्रा ने आगे कहा, “आज इथेनॉल का विरोध हो रहा है. ब्राजील 100 प्रतिशत इथेनॉल बना रहा है. पूरे ब्राजील की गाड़ियां इथेनॉल से चल रही हैं. ऑटोमोबाइल वाले कह रहे हैं कि हमारे पास इंजन है, कोई दिक्कत नहीं होगी. हिंदुस्तान में इथेनॉल से गाड़ी चलाने वाली क्षमता है. यहां की गाड़ियां भी इथेनॉल से चल सकती हैं, लेकिन लोग कहते हैं कि इथेनॉल न बनाओ. अगर इथेनॉल नहीं बनाएंगे तो पेट्रोल और डीजल कहां से आएगा?”

जनार्दन मिश्रा का कहना है कि देश में केवल 20 फीसदी तेल बनता है, बाकी बाहर से लाना पड़ता है. अगर इथेनॉल मिलाओ तो लोग आंदोलन करते हैं कि शुद्ध पेट्रोल दो. कहां से दें?

मध्य प्रदेश की रीवा लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद जनार्दन मिश्रा ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसके चलते वह सुर्खियों में आ गए हैं. देशभर में चल रही इथेनॉल और प्योर पेट्रोल की बहस के बीच बीजेपी सांसद ने ऐसी बात कह दी है, जिसे सुनकर लोग चर्चा करने लगे हैं. दरअसल, जनार्दन मिश्रा कोलकाता-रीवा-भोपाल हवाई सेवा की लोकार्पण के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. यहां उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा, “देश में जब शुद्ध पेट्रोल है ही नहीं तो क्या तुम्हारे बाप के यहां से आएगा?”

बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्रा मंच से भाषण देते एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह कहते दिख रहे हैं, “दुनिया में सर्वाधिक रोजगार (नौकरी नहीं) अगर कहीं उपलब्ध हो रहे हैं तो वह भारत है. आज सबसे कम महंगाई अगर किसी देश में है तो वह हिंदुस्तान है. पूरी दुनिया में महंगाई चरम पर है. आज देश आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है. हम 600 करोड़ के बम निर्यात करते हैं और 38 हजार करोड़ के हवाई सैन्य सामान निर्यात कर रहे हैं.”

रीवा सांसद ने आगे कहा, “गैस और तेल की बात है तो हमारे यहां केवल 20 फीसदी तेल होता है. 80 फीसदी हमें विदेश से लेना पड़ता है. इसमें लड़ाई छिड़ गई है. हॉर्मूज बंद है. 18 हजार किलोमीटर का चक्कर लगाकर देश को तेल पहुंचाया जा रहा है और जब PM मोदी कहते हैं कि 20 परसेंट इथेनॉल मिलाना पड़ेगा तो आंदोलन हो रहा है कि इथेनॉल नहीं चलेगा केवल शुद्ध पेट्रोल लाकर दो. शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा क्या? शुद्ध पेट्रोल जब देश में है ही नहीं तो कहां से आएगा?”

जनार्दन मिश्रा ने आगे कहा, “आज इथेनॉल का विरोध हो रहा है. ब्राजील 100 प्रतिशत इथेनॉल बना रहा है. पूरे ब्राजील की गाड़ियां इथेनॉल से चल रही हैं. ऑटोमोबाइल वाले कह रहे हैं कि हमारे पास इंजन है, कोई दिक्कत नहीं होगी. हिंदुस्तान में इथेनॉल से गाड़ी चलाने वाली क्षमता है. यहां की गाड़ियां भी इथेनॉल से चल सकती हैं, लेकिन लोग कहते हैं कि इथेनॉल न बनाओ. अगर इथेनॉल नहीं बनाएंगे तो पेट्रोल और डीजल कहां से आएगा?”

NATIONAL : ED डायरेक्टर राहुल नवीन का कार्यकाल एक साल बढ़ा, अब 13 अगस्त 2027 तक संभालेंगे कमान

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केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के डायरेक्टर राहुल नवीन का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है। अब वह 13 अगस्त 2027 तक इस पद पर बने रहेंगे। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने राहुल नवीन के कार्यकाल के विस्तार को मंजूरी दी है। राहुल नवीन 1993 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी हैं। उनका विस्तारित कार्यकाल निर्धारित सेवानिवृत्ति की तारीख 31 जुलाई 2027 के बाद भी जारी रहेगा।

कौन हैं राहुल नवीन?
राहुल नवीन बिहार से आते हैं। उनके पास आईआईटी कानपुर से बीटेक और एमटेक की डिग्री है। उन्होंने मेलबर्न स्थित स्विनबर्न यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से MBA भी किया है। ईडी की वेबसाइट के मुताबिक, राहुल नवीन को आयकर विभाग में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्हें खास तौर पर अंतरराष्ट्रीय कराधान के मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है।

अंतरराष्ट्रीय टैक्स मामलों में रहा लंबा अनुभव
राहुल नवीन ने 2004 से 2008 के बीच मुंबई स्थित इंटरनेशनल टैक्सेशन डायरेक्टोरेट में काम किया। इस दौरान भारत में मौजूद संपत्तियों से जुड़े कई ऑफशोर लेनदेन में टैक्स डिमांड तय करने में उनकी अहम भूमिका रही।

इसके बाद नवंबर 2015 से नवंबर 2017 तक उन्होंने कमिश्नर ऑफ ट्रांसफर प्राइसिंग के तौर पर काम किया। इस दौरान इंटैन्जिबल एसेट्स, रॉयल्टी पेमेंट, इनबाउंड और आउटबाउंड लोन, कमोडिटी ट्रांजैक्शन समेत ट्रांसफर प्राइसिंग से जुड़े मामलों की निगरानी की।

राहुल नवीन ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) में भी दो बार जिम्मेदारी संभाली। जुलाई 2000 से अप्रैल 2004 तक वह टैक्स पॉलिसी डिवीजन में अंडर सेक्रेटरी रहे। इसके बाद अप्रैल 2011 से नवंबर 2015 तक उन्होंने फॉरेन टैक्स एंड टैक्स रिसर्च डिवीजन में डायरेक्टर के तौर पर काम किया।

2019 में ED से जुड़े, 2024 में बने निदेशक
नवंबर 2019 में अंतरराष्ट्रीय कराधान के अपने अनुभव के चलते राहुल नवीन को ED में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) नियुक्त किया गया। उनकी प्रमुख जिम्मेदारी FATF की म्यूचुअल इवैल्यूएशन प्रक्रिया में भारत की मदद करना थी।

नवंबर 2020 में उन्हें ED में स्पेशल डायरेक्टर (HQ) बनाया गया। इस भूमिका में उन्होंने देशभर में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के समन्वय, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, संधि के तहत संपत्तियों की रिकवरी और एजेंसी के प्रशासनिक मामलों की निगरानी की।

15 सितंबर 2023 को राहुल नवीन ने ED के डायरेक्टर (इन-चार्ज) का पद संभाला। इसके बाद 14 अगस्त 2024 को उन्हें औपचारिक रूप से डायरेक्टर ऑफ एनफोर्समेंट नियुक्त किया गया। अब सरकार ने उनका कार्यकाल एक साल बढ़ाकर 13 अगस्त 2027 तक कर दिया है।

NATIONAL : भारत के डिफेंस सेक्टर में आया सुनहरा दौर! ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड प्रोडक्शन के बाद Paras Defence और HAL के शेयर बने रॉकेट

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देश की रक्षा उत्पादन क्षमता ने वित्त वर्ष 2025-26 में नया इतिहास रचते हुए ₹1.78 लाख करोड़ का रिकॉर्ड स्तर हासिल कर लिया है। इस बड़ी उपलब्धि का असर शेयर बाजार में भी साफ दिखाई दिया, जहां डिफेंस कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली।

भारत का डिफेंस सेक्टर अब केवल देश की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि निवेशकों के लिए भी कमाई का बड़ा जरिया बनता जा रहा है। बुधवार को रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों ने शेयर बाजार में डिफेंस कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त उत्साह भर दिया। सरकार ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड ₹1.78 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। इस खबर के बाद पारस डिफेंस, HAL, भारत डायनामिक्स और BEL जैसे डिफेंस शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, भारत का रक्षा उत्पादन FY26 में ₹1.78 लाख करोड़ के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹1.54 लाख करोड़ के मुकाबले 15.6% अधिक है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि FY21 में देश का रक्षा उत्पादन केवल ₹84,643 करोड़ था। यानी पांच साल में उत्पादन में 110% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

इस खबर का असर सीधे शेयर बाजार पर दिखाई दिया। पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज का शेयर करीब 12% तक उछल गया। वहीं, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत डायनामिक्स, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) जैसे शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली।

पारस डिफेंस और HAL बने निवेशकों की पहली पसंद
बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा पारस डिफेंस की रही। कंपनी का शेयर एक ही दिन में लगभग 12% चढ़ गया। इसके अलावा HAL के शेयर में भी 3% से ज्यादा तेजी दर्ज की गई। निवेशकों को उम्मीद है कि रक्षा क्षेत्र में बढ़ते सरकारी ऑर्डर और निर्यात के चलते इन कंपनियों की आय और मुनाफा आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ सकता है।

प्राइवेट कंपनियों की बढ़ रही भागीदारी
रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कुल रक्षा उत्पादन में पब्लिक सेक्टर की कंपनियों का योगदान 76% रहा, जबकि प्राइवेट कंपनियों की हिस्सेदारी 24% तक पहुंच गई। खास बात यह है कि प्राइवेट सेक्टर का उत्पादन पहली बार करीब ₹42,000 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। यह दर्शाता है कि सरकार की मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी योजनाओं का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। प्राइवेट कंपनियां अब रक्षा उपकरणों, मिसाइल सिस्टम, ड्रोन और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों के निर्माण में तेजी से भागीदारी बढ़ा रही हैं।

रक्षा निर्यात ने भी बनाया नया रिकॉर्ड
सिर्फ उत्पादन ही नहीं, भारत का रक्षा निर्यात भी नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। FY26 में रक्षा निर्यात बढ़कर ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इससे विदेशी बाजारों में भारतीय रक्षा उत्पादों की मांग बढ़ने का संकेत मिलता है।

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