Thursday, June 25, 2026
Home Blog Page 41

NATIONAL : राजस्थान में गर्मी ने पकड़ी रफ्तार, बाड़मेर सबसे गर्म; कई जिलों में हीटवेव अलर्ट जारी

0

जयपुर, 10 मई (हि.स.)। राजस्थान में गर्मी ने अब अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा। बाड़मेर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.7 डिग्री सेल्सियस माापा गया। जैसलमेर में 45 डिग्री और फलोदी में 44.8 डिग्री तापमान रहा।

मौसम विभाग के अनुसार बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में हीटवेव का प्रभाव बना हुआ है। अगले दो-तीन दिनों तक पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में तेज गर्मी और लू चलने की संभावना को देखते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर और बीकानेर जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।

राज्य के अन्य गर्म जिलों में चित्तौड़गढ़ 43.8 डिग्री, जोधपुर 43.9 डिग्री, बीकानेर 42.2 डिग्री, उदयपुर 41 डिग्री, जालौर 41.1 डिग्री और श्रीगंगानगर 41 डिग्री सेल्सियस के साथ तेज गर्मी की चपेट में रहे।

वहीं पूर्वी राजस्थान के जिलों में अपेक्षाकृत राहत देखने को मिली। जयपुर, अलवर, दौसा, करौली, सीकर, टोंक और झुंझुनूं के कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। जयपुर में दिनभर धूप और उमस बनी रही, हालांकि शाम को चली हल्की हवाओं से लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग ने जयपुर सहित पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 11 और 12 मई को तेज आंधी, बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना जताई है।

अजमेर में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री, कोटा में 40.4 डिग्री, जबकि सीकर के फतेहपुर में 38.7 डिग्री सेल्सियस मापा गया।

अलवर में तापमान करीब 38 डिग्री रहा, जहां पिछले दिनों हुई बारिश के कारण गर्मी कुछ हद तक नियंत्रित बनी हुई है। भीषण गर्मी के चलते प्रदेशभर में बाजारों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ देखने को मिली। दोपहर के समय लोग घरों में रहने को मजबूर नजर आए, जबकि शाम के समय भी गर्म हवाओं का असर कई शहरों में बना रहा।

मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। पश्चिमी राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक गर्मी और लू से राहत मिलने की संभावना कम बताई जा रही है, जबकि पूर्वी जिलों में आंधी और हल्की बारिश से आंशिक राहत मिल सकती है।

NATIONAL : उत्तर में भीषण गर्मी, पूर्वोत्तर और दक्षिण में बारिश का कहर; पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का मिजाज

0

देश में मौसम अलग-अलग जगहों पर अलग रूप दिखा रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी लगातार बढ़ रही है और राजस्थान के जैसलमेर में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में भी अगले तीन दिनों में तापमान तीन से चार डिग्री तक बढ़ने की संभावना है।

देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर उत्तर-पश्चिम भारत में भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, वहीं पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण के कई राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अगले तीन दिनों तक तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि तमिलनाडु, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

आईएमडी के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी भी उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बना हुआ है, जबकि 10 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के मौसम को फिर प्रभावित कर सकता है। राजस्थान के जैसलमेर में अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन की तेज गर्मी का संकेत माना जा रहा है। हाल के दिनों में हुई बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर में मौसम कुछ समय के लिए राहतभरा बना हुआ था, लेकिन अब राजधानी में फिर तेज गर्मी लौटने के संकेत हैं।

मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक आसमान साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी। इसके कारण दिन के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। डॉक्टरों ने पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है।

बिहार में वज्रपात और भीषण आंधी-तूफान के कारण अलग-अलग जिलों में सात लोगों की जान चली गई। हादसों की जानकारी के अनुसार, वज्रपात की घटनाओं में भोजपुर, पटना, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण में एक-एक व्यक्ति की जान गई। वहीं आंधी-तूफान और तेज बारिश के दौरान पेड़ गिरने से पटना में दो और वैशाली में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन घटनाओं पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह राशि तुरंत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

SPORTS : केकेआर ने लगाया जीत का चौका, दिल्ली को 8 विकेट से हराया; फिन एलन का नाबाद शतक

0

आईपीएल 2026 के 51वें मुकाबले में दिल्ली का सामना कोलकाता के साथ हुआ। इस मैच में केकेआर ने एकतरफा अंदाज में दिल्ली को उनके घरेलू मैदान पर 8 विकेट से हरा दिया। केकेआर के लिए फिन एलन ने नाबाद शतकीय पारी खेलकर मैच को पूरी तरह से दिल्ली की मुंह से छीन लिया।

कोलकाता नाइट राइडर्स ने दिल्ली कैपिटल्स को उनके घरेलू मैदान पर 8 विकेट से हरा दिया और जीत का चौका लगाया। केकेआर ने इस मैच में शानदार गेंदबाजी और उसके बाद फिन एलन की नाबाद शतकीय पारी के दम पर दिल्ली को आसानी से हरा दिया। इस मैच में दिल्ली कहीं भी मुकाबले में नजर नहीं आई और ना तो इस टीम की गेंदबाजी और ना ही बल्लेबाजी प्रभावशाली रही।

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का 51वां मैच अरुण जेटली स्टेडियम दिल्ली में दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला गया। इस मैच में केकेआर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। इसके बाद दिल्ली ने पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 142 रन बनाए और केकेआर को जीत के लिए 143 रन का लक्ष्य मिला। केकेआर ने 14.2 ओवर में 2 विकेट पर 147 रन बनाकर मैच आसानी से जीत लिया। फिन एलन को उनकी नाबाद शतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

केकेआर के खिलाफ केएल राहुल नहीं चले और 23 रन पर आउट हुए जबकि नितिश राणा 8 रन पर ही निपट गए। पथुम निसांका ने 29 गेंदों पर अर्धशतक लगाया और 50 रन पर आउट हुए। ट्रिस्टन स्टब्स 2 रन बनाकर आउट हो गए जबकि समीर रिजवी ने 3 रन बनाए। कप्तान अक्षर पटेल ने 22 गेंदों पर 11 रन की पारी खेली। आशुतोष शर्मा 39 रन बनाकर आउट हो गए। केकेआर के लिए अनुकूल रॉय और कार्तिक त्यागी ने 2-2 सफलता हासिल की।

दिल्ली के विरुद्ध रहाणे 13 रन पर रन आउट हो गए जबकि अंगकृष रघुवंशी ने सिर्फ एक रन पर अपना विकेट गंवा दिया। फिन एलन ने 32 गेंदों पर छक्का लगाकर अर्धशतक पूरा किया जबकि उन्होंने 47 गेंदों पर छक्का लगाकर ही अपना शतक भी पूरा किया जो उनके आईपीएल करियर का पहला शतक रहा। फिन एलन इस मैच में 100 रन बनाकर नाबाद रहे जबकि कैमरन ग्रीन भी 33 रन बनाकर नाबाद रहे। दिल्ली की तरफ से कप्तान अक्षर पटेल को एकमात्र सफलता मिली।

केकेआर ने दिल्ली के खिलाफ मैच में अपनी प्लेइंग 11 में कोई बदलाव नहीं किया। दिल्ली ने अपनी अंतिम ग्यारह में दो बदलाव किए। मुकेश कुमार को टी नटराजन की जगह मौका दिया गया जबकि करुण नायर की जगह विप्रज निगम को शामिल किया गया।

पथुम निसांका, केएल राहुल (विकेटकीपर), नितीश राणा, समीर रिजवी, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल (कप्तान), आशुतोष शर्मा, विप्रज निगम, मिचेल स्टार्क, लुंगी एनगिडी, मुकेश कुमार।

इम्पैक्ट प्लेयर- करुण नायर, कुलदीप यादव, टी नटराजन, अभिषेक पोरेल, डेविड मिलर।

कोलकाता नाइट राइडर्स की प्लेइंग 11

अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, रोवमैन पॉवेल, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, कार्तिक त्यागी, वैभव अरोड़ा, वरुण चक्रवर्ती।

इम्पैक्ट प्लेयर- रमनदीप सिंह, फिन एलन, तेजस्वी दहिया, नवदीप सैनी, टिम सीफर्ट।

BUSINESS : SBI Q4 Results: 19,684 करोड़ के मुनाफे के बाद भी औंधे मुंह क्यों गिरा SBI का शेयर?

SBI ने चौथी तिमाही में 19,684 करोड़ रुपये का बंपर मुनाफा कमाया है. हालांकि, यह आंकड़ा बाजार की उम्मीदों से कम रहा, जिसके चलते बैंक के शेयरों में 5 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई. इस झटके के बीच, बैंक ने अपने निवेशकों को राहत देते हुए प्रति शेयर 17.35 रुपये के शानदार डिविडेंड का भी देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं. आंकड़ों के लिहाज से बैंक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हजारों करोड़ रुपये की कमाई की है, लेकिन शेयर बाजार के निवेशकों को बैंक का यह प्रदर्शन रास नहीं आया. एक तरफ बैंक का मुनाफा बढ़ा है, तो दूसरी तरफ इसके शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली है. सवाल उठना लाजमी है कि जब बैंक मुनाफे में है, तो शेयर बाजार में ऐसी घबराहट क्यों है?

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने मार्च तिमाही में अपने स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफे में 5.6 फीसदी का सालाना इजाफा दर्ज किया है. बैंक ने इस दौरान 19,684 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नेट प्रॉफिट कमाया है. पहली नजर में यह आंकड़ा बहुत शानदार लगता है, लेकिन शेयर बाजार की नजरें कुछ और ही तलाश रही थीं. रॉयटर्स-एलएसईजी (Reuters-LSEG) के जुटाए गए डेटा के मुताबिक, जानकारों ने अनुमान लगाया था कि बैंक का मुनाफा 20,312 करोड़ रुपये के पार जाएगा. ठीक इसी तरह, बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) यानी ब्याज से होने वाली मुख्य कमाई भी सालाना आधार पर 4.1 फीसदी बढ़कर 44,380 करोड़ रुपये हो गई है, जो पिछले साल इसी अवधि में 42,618 करोड़ रुपये थी. मुनाफा और ब्याज से होने वाली कमाई बढ़ने के बावजूद, यह बाजार के अनुमानों से काफी पीछे रह गई. यही वजह है कि शानदार कमाई के बाद भी दलाल स्ट्रीट पर निराशा का माहौल देखने को मिला.

बाजार की उम्मीदों पर खरा न उतरने का सीधा और तत्काल असर एसबीआई के शेयरों पर पड़ा. कारोबारी सत्र के दौरान एसबीआई का शेयर लगभग 5 फीसदी टूटकर 1,037.5 रुपये के स्तर पर आ गया. शेयर बाजार में इस तेज गिरावट से उन निवेशकों को जरूर झटका लगा है, जो नतीजों के बाद बड़े उछाल की उम्मीद लगाए बैठे थे. हालांकि, बैंक ने अपने शेयरधारकों को खुश करने के लिए एक बड़ा ऐलान भी किया है. एसबीआई के बोर्ड ने प्रति शेयर 17.35 रुपये का शानदार डिविडेंड (लाभांश) देने की घोषणा की है. जो भी निवेशक 16 मई 2026 तक इस शेयर को अपने पोर्टफोलियो में होल्ड करेंगे, वे इस डिविडेंड के हकदार होंगे. बैंक 4 जून 2026 को शेयरधारकों के बैंक खातों में इस डिविडेंड का भुगतान कर देगा. यह उन लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है जो बैंक के साथ लंबी अवधि से जुड़े हैं.

किसी भी बैंक की सेहत इस बात से तय होती है कि उसके दिए गए कर्ज कितने सुरक्षित हैं और एसेट क्वालिटी कैसी है. इस मोर्चे पर एसबीआई ने शानदार काम किया है. बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) यानी फंसा हुआ कर्ज पिछली तिमाही के 1.57 फीसदी से घटकर 1.49 फीसदी पर आ गया है. वहीं, नेट एनपीए 0.39 फीसदी पर स्थिर रहा. रुपयों में बात करें तो ग्रॉस एनपीए घटकर 73,452.5 करोड़ रुपये रह गया है, हालांकि नेट एनपीए में मामूली बढ़त देखी गई है और यह 18,830 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है.

बैंक के मुनाफे को सहारा देने में एक बड़ा हाथ ‘प्रोविजनिंग’ का रहा है. बैंक ने इस तिमाही में प्रोविजनिंग के तौर पर महज 2,872 करोड़ रुपये रखे हैं, जो पिछले साल इसी समय 6,441 करोड़ रुपये थे. लेकिन बैंक के लिए सब कुछ अच्छा नहीं रहा. एसबीआई की ट्रेजरी ऑपरेशंस से होने वाली कमाई में भारी गिरावट आई है. यह पिछले साल के 8,991 करोड़ रुपये से लुढ़ककर सीधे 1,259 करोड़ रुपये पर आ गई है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बॉन्ड यील्ड बढ़ने की वजह से बैंकों के पास मौजूद बॉन्ड की वैल्यू कम हो जाती है, जिसका सीधा असर एसबीआई की ट्रेजरी आय पर पड़ा है. इसके अलावा बैंक की अन्य आय भी करीब 29 फीसदी गिरकर 17,314 करोड़ रुपये रह गई है.

WORLD : भारत-PAK संघर्ष में चीन का कबूलनामा: नापाक साजिशों में दिया था साथ; बीजिंग ने ऑन-साइट सैन्य सपोर्ट की मानी बात

चीन ने पहली बार स्वीकार किया है कि उसने भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को ऑन-साइट तकनीकी सहायता दी थी। इस खुलासे के बाद क्षेत्रीय तनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।चीन ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि उसने पिछले साल भारत के साथ चार दिवसीय संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को ऑन-साइट तकनीकी सहायता प्रदान की थी। यह खुलासा चीनी सरकारी मीडिया रिपोर्टों में सामने आया है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस शुरू हो गई है।

चीन के राज्य प्रसारक CCTV ने गुरुवार को एक इंटरव्यू प्रसारित किया, जिसमें एयरोस्पेस इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ऑफ चाइना (AVIC) के चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के इंजीनियर झांग हेंग ने इस दौरान पाकिस्तान को दी गई सहायता का जिक्र किया।रिपोर्ट के अनुसार, झांग हेंग ने कहा कि उन्होंने पिछले साल मई में चार दिवसीय युद्ध के दौरान पाकिस्तान को तकनीकी सहायता प्रदान की थी। पाकिस्तान की वायुसेना के पास चीन में निर्मित J-10CE फाइटर जेट्स का बेड़ा मौजूद है, जिन्हें AVIC की एक सहायक कंपनी द्वारा विकसित किया गया है।

सीसीटीवी को दिए गए बयान में झांग हेंग ने बताया कि सपोर्ट बेस पर हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे। उन्होंने कहा कि लगातार फाइटर जेट्स की आवाज और एयर-रेड सायरन के बीच काम करना मानसिक और शारीरिक रूप से काफी कठिन था। उन्होंने यह भी कहा कि वहां का तापमान मई के महीने में ही 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा था, जिससे स्थिति और भी कठिन हो गई थी।

झांग ने कहा कि उनकी टीम का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि उपकरण अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करें और बेहतर प्रदर्शन दें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ J-10CE विमान की क्षमता का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि एक मजबूत कार्य संबंध और साझेदारी का भी प्रतीक था, जो उनके सहयोग के दौरान विकसित हुआ।

WORLD : यूएई पर फिर हमला: मिसाइल और ड्रोन हमले में 3 लोग घायल, अमेरिका-ईरान युद्ध में नवीनतम तनाव

8 मई को, संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान के हमले का जवाब देने के लिए अपनी वायु रक्षा प्रणालियों को सक्रिय कर दिया। यूएई रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि वायु रक्षा प्रणाली ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों और तीन अज्ञात हवाई वाहनों (यूएवी) को मार गिराया।

रक्षा अभियानों के परिणामस्वरूप तीन लोग मामूली रूप से घायल हो गए। ईरान 28 फरवरी से ही संयुक्त अरब अमीरात को निशाना बना रहा है, और तब से देश की रक्षा प्रणाली ने कुल 551 बैलिस्टिक मिसाइलें, 29 क्रूज मिसाइलें और 2,263 हवाई विमानन (यूएवी) को नाकाम किया है।

संयुक्त अरब अमीरात के आधिकारिक बयान के अनुसार, तीन और लोग घायल हो गए, जिससे घायलों की कुल संख्या 230 हो गई है, जिनमें विभिन्न राष्ट्रीयताओं के व्यक्ति शामिल हैं।ईरानी हमलों की शुरुआत से लेकर अब तक, सशस्त्र बलों के साथ अनुबंधित एक मोरक्को नागरिक की मौत के अलावा, शहीदों की कुल संख्या दो हो गई हबयान में आगे कहा गया है, “विभिन्न राष्ट्रीयताओं के नागरिकों की कुल संख्या 10 है।”

रक्षा मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि वह किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उसने कहा कि देश की सुरक्षा को कमजोर करने के उद्देश्य से किए गए किसी भी प्रयास का वह दृढ़ता से मुकाबला करेगा।बयान में आगे कहा गया है कि मंत्रालय देश की संप्रभुता, सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उसके हितों और राष्ट्रीय क्षमताओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

इस संघर्ष में घायलों की कुल संख्या बढ़कर 230 हो गई है। इनमें कई राष्ट्रीयताओं के नागरिक शामिल हैं, जिनमें अमीराती, मिस्रवासी, सूडानी, इथियोपियाई, फिलिपिनो, पाकिस्तानी, ईरानी, ​​भारतीय, बांग्लादेशी, श्रीलंकाई और अन्य शामिल हैं।देश ने मौजूदा संघर्ष में तीन मौतों की पुष्टि की है, जिनमें सशस्त्र बलों के साथ अनुबंधित एक मोरक्को नागरिक भी शामिल है। इस प्रकार, मरने वाले नागरिकों की कुल संख्या 10 है। मृतकों में पाकिस्तानी, नेपाली, बांग्लादेशी, फिलिस्तीनी, भारतीय और मिस्र के नागरिक शामिल हैं।

BUSINESS : आम आदमी को लगेगा बड़ा झटका, महंगे हो सकते हैं रोजमर्रा के सामान, FMCG कंपनियों ने दिए संकेत

महंगाई से राहत की उम्मीद कर रहे उपभोक्ताओं को आने वाले महीनों में बड़ा झटका लग सकता है। देश की प्रमुख FMCG कंपनियां साबुन, शैंपू, बिस्किट, पैकेज्ड फूड और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी कर रही हैं।

महंगाई से राहत की उम्मीद कर रहे उपभोक्ताओं को आने वाले महीनों में बड़ा झटका लग सकता है। देश की प्रमुख FMCG कंपनियां साबुन, शैंपू, बिस्किट, पैकेज्ड फूड और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी कर रही हैं। कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल, पैकेजिंग और परिवहन लागत में लगातार बढ़ोतरी के कारण कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया है।

डाबर इंडिया ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ महीनों में उत्पादों के दाम फिर बढ़ सकते हैं। कंपनी के मुताबिक, पैकेजिंग सामग्री और अन्य इनपुट कॉस्ट लगातार बढ़ रही है। डाबर मौजूदा तिमाही में पहले ही अपने कई उत्पादों की कीमतों में लगभग 4 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर चुका है।

विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने FMCG कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ा दिया है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता के चलते वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो इसका असर परिवहन, प्लास्टिक पैकेजिंग और उत्पादन लागत पर पड़ेगा।

बड़ी कंपनियां जैसे हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), नेस्ले, ब्रिटानिया, ITC, मैरिको और गोदरेज कंज्यूमर ने भी बढ़ती इनपुट लागत को लेकर चिंता जताई है। HUL के लिए चाय और पैकेजिंग महंगी हो रही है, जबकि नेस्ले पर कॉफी, दूध और पैकेजिंग लागत का दबाव बढ़ा है। वहीं ब्रिटानिया और ITC जैसी कंपनियों को गेहूं, दूध और खाद्य तेलों की कीमतों में वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है। इसका असर बिस्किट, स्नैक्स और पैकेज्ड फूड के दामों पर दिखाई दे सकता है।

हालांकि ग्रामीण और छोटे शहरों में FMCG उत्पादों की मांग में सुधार देखा जा रहा है लेकिन कंपनियों पर मुनाफा बनाए रखने का दबाव भी बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कई कंपनियां सीधे कीमतें बढ़ाने के बजाय पैकेट का वजन कम करने या प्रीमियम उत्पादों पर अधिक ध्यान देने की रणनीति अपना सकती हैं। यदि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है और मानसून उम्मीद के मुताबिक नहीं रहता, तो आने वाले समय में आम आदमी के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ सकता है

NATIONAL : महाराष्ट्र में अब फेक न्यूज और सोशल मीडिया पर बदनामी करने वालों की खैर नहीं; सरकार ला रही है नया सख्त कानून

0

महाराष्ट्र सरकार ने सोशल मीडिया पर बिना सबूत छवि खराब करने और फेक पोस्ट डालने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इसके लिए DGP की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन किया।

डिजिटल युग में सोशल मीडिया जहां सूचना का सशक्त माध्यम बना है, वहीं इसका दुरुपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है। किसी की भी छवि धूमिल करना, बिना प्रमाण के आरोप लगाना और भ्रामक जानकारी फैलाना अब आम बात हो गई है। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार अब सोशल मीडिया पर बिना किसी ठोस सबूत के बदनामी फैलाने वालों पर नकेल कसने के लिए नया कानून बनाने की तैयारी में है।

महाराष्ट्र सरकार सोशल मीडिया पर बिना सबूत बदनामी और गलत खबर फैलाने के मामलों को लेकर गंभीर हो गई है। सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर लोगों की छवि खराब करने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने कानून में बदलाव या नई कानूनी व्यवस्था की संभावना की जांच के लिए एक समिति गठित करने का फैसला लिया है।

सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DGP) की अध्यक्षता में इस समिति का गठन किया गया है। यह समिति सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली बदनामी, फेक पोस्ट और बिना प्रमाण के लगाए जाने वाले आरोपों पर कानूनी प्रावधानों की समीक्षा करेगी। साथ ही यह भी जांच करेगी कि मौजूदा कानूनों में संशोधन या नई धाराओं की आवश्यकता है या नहीं।

सरकार ने समिति को यह जिम्मेदारी भी सौंपी है, कि वह राज्य स्तर पर नया कानून बनाने या मौजूदा कानून में संशोधन की संभावनाओं की कानूनी और तकनीकी जांच करे। साथ ही सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कानून को और मजबूत बनाने संबंधी सिफारिशें सरकार को सौंपे।

बता दें पिछले कुछ समय में साेशल मीडिया का उपयोग किसी की बदनामी करने और राजनीतिक हस्तियों की छवि धूमिल करने के लिए बढ़ा है। ऐसे में लोगों की अभिव्यक्ति की आजादी को ध्यान में रखते हुए इस पर कानून बनाने की जरुरत महसूस हुई है। बिना किसी आधार के लगाए गए आरोपों से न केवल व्यक्तिगत जीवन प्रभावित होता है, बल्कि समाज में अशांति भी फैलती है।

NATIONAL : ‘कठिन दौर में साझेदारी ही प्रगति का रास्ता’, सूरीनाम में जयशंकर का वैश्विक संदर्भ में भारत की भूमिका पर जोर

0

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सूरीनाम में आयोजित कार्यक्रम में वैश्विक चुनौतियों के बीच देशों के बीच सहयोग और भरोसेमंद साझेदारी की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत विकास, बहुपक्षवाद और मानवीय सहयोग के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सूरीनाम की राजधानी पारामारीबो में कहा कि मौजूदा कठिन वैश्विक परिस्थितियों में प्रगति के लिए देशों के बीच साझेदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद साझेदार की भूमिका निभा रहा है।पारामारीबो में ‘प्रगति के लिए साझेदारी’ विषय पर सूरीनामी समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए जयशंकर ने गुरुवार को इस बात पर जोर दिया। मंत्री कैरिबियाई क्षेत्र की तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण पर सूरीनाम पहुंचे हैं।

एस. जयशंकर ने कहा कि दुनिया इस समय बेहद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी, यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध जैसी घटनाओं ने वैश्विक हालात को और कठिन बना दिया है।

कोविड से लेकर पश्चिम एशिया संघर्ष का दिया हवाला
मंत्री ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, “एक कठिन दुनिया के बावजूद प्रगति की आवश्यकता है। यह साझेदारी के माध्यम से सबसे अच्छा हासिल किया जाता है।” अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि दशक की शुरुआत कोविड-19 महामारी से हुई, जिसके बाद यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध हुआ। जयशंकर ने कहा, “कठिन दुनिया शब्द थोड़ा कम करके आंका गया है। हम आज वित्त, संसाधनों, प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी, भूगोल के हथियारकरण को देख रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में राष्ट्र एक अधिक समावेशी दुनिया, सतत विकास और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अधिक सम्मान के संदर्भ में प्रगति देखना चाहेंगे। उन्होंने एक विश्वसनीय भागीदार की उन विशेषताओं पर प्रकाश डाला, जो राष्ट्रीय हित को वैश्विक भलाई के साथ जोड़ सकती है।उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान विभिन्न देशों को टीके की आपूर्ति करने के भारत के उदाहरण का हवाला देते हुए कहा, “एक अच्छे भागीदार की विशेषताओं में से एक ऐसा राष्ट्र है, जो अपने राष्ट्रीय हित को वैश्विक भलाई के प्रति प्रतिबद्धता के साथ सामंजस्य बिठाने में सक्षम है।”

जयशंकर ने एक्स पर कहा, “यह वही भारत है जो सूरीनाम के विकास पथ में भागीदार बनेगा। भारत-सूरीनाम की कहानी का अगला अध्याय संयुक्त रूप से लिखेगा।” उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “यह एक कठिन दुनिया है, लेकिन हमें प्रगति की आवश्यकता है, हमें साझेदारी की आवश्यकता है, वे मौजूद हैं… हम उच्च स्तर की प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प के साथ ऐसा करते रहेंगे।”

इस कार्यक्रम में सूरीनाम के विदेश मंत्री मेल्विन बौवा भी उपस्थित थे, जिसका आयोजन कैरिबियाई राष्ट्र के विदेश मंत्रालय द्वारा किया गया था। बाद में जयशंकर ने सूरीनाम में इंडिया हाउस में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत एक पौधा भी लगाया। बुधवार को जयशंकर ने बौवा और कृषि मंत्री माइक नोएर्सलिम के साथ भारतीय सहायता से निर्मित एग्रो पैशन फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी के हस्तांतरण समारोह में भाग लिया था।

NATIONAL : शाह ने राहुल को कैसे गिना दिए एक-एक राज्यों के नाम, जहां दशकों से नहीं बना कांग्रेस का कोई सीएम

0

पश्चिम बंगाल में भाजपा की विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से शुभेंदु अधिकारी को राज्य के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर चुना गया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में कांग्रेस की हार और राहुल गांधी के आरोपों को लेकर निशाना साधा।

अमित शाह ने कहा, ”कई साल से कांग्रेस पार्टी चुनाव नहीं जीतती है। उन्हें मालूम चल गया है कि चुनाव जीतना असंभव है तो इसकी प्रक्रिया को ही बदनाम करने में जुटे हैं। इसलिए कांग्रेस के प्रमुख नेता राहुल गांधी ने अपनी हार को छिपाने के लिए कभी ईवीएम, कभी मतदाता सूची, कभी एसआईआर, कभी वोट चोरी जैसे कीचड़ उछालने की कोशिश की है।”

केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ”हम तो 2014 में सत्ता में आए। तमिलनाडु में 1967 से अब तक कांग्रेस का कोई सीएम नहीं बन पाया। ये वोट चोरी था क्या? पश्चिम बंगाल में 49 साल से आपका सीएम नहीं बना। सिक्किम में 42 साल से आपका सीएम नहीं बना। बिहार में 36 साल से, गुजरात में 30 साल से, ओडिशा में 26 साल, नागालैंड में 23 साल और महाराष्ट्र में 12 साल से आपका सीएम नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा, ”अगर ये सभी वोट चोरी है तो वोट चोरी करने वाले तो आपके साथ बैठे हैं। ये सभी इंडी गठबंधन के सदस्य बने बैठे हैं। मैं मानता हूं कि कांग्रेस पार्टी को अपनी हार के लिए आत्मचिंतन करने की जरूरत है। देश की जनता राहुल गांधी के नेता बनने के बाद शनै:-शनै: हर जगह कांग्रेस के खिलाफ बहुमत दे रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में ही इंडी गठबंधन के फिर से टूटने की शुरुआत हो चुकी है।”

अमित शाह ने इस दौरान शुभेंदु अधिकारी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि भवानीपुर की जनता का मैं बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं। शुभेंदु दा ने गत चुनाव में दीदी को नंदीग्राम में हराया था। मैंने दीदी का एक इंटरव्यू देखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं उनके गढ़ में लड़ने चली गई। दीदी, इस बार शुभेंदु दा ने आपको आपके घर में हराया है।

- Advertisement -