Thursday, June 25, 2026
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WORLD : यूएई पर फिर हमला: मिसाइल और ड्रोन हमले में 3 लोग घायल, अमेरिका-ईरान युद्ध में नवीनतम तनाव

8 मई को, संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान के हमले का जवाब देने के लिए अपनी वायु रक्षा प्रणालियों को सक्रिय कर दिया। यूएई रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि वायु रक्षा प्रणाली ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों और तीन अज्ञात हवाई वाहनों (यूएवी) को मार गिराया।

रक्षा अभियानों के परिणामस्वरूप तीन लोग मामूली रूप से घायल हो गए। ईरान 28 फरवरी से ही संयुक्त अरब अमीरात को निशाना बना रहा है, और तब से देश की रक्षा प्रणाली ने कुल 551 बैलिस्टिक मिसाइलें, 29 क्रूज मिसाइलें और 2,263 हवाई विमानन (यूएवी) को नाकाम किया है।

संयुक्त अरब अमीरात के आधिकारिक बयान के अनुसार, तीन और लोग घायल हो गए, जिससे घायलों की कुल संख्या 230 हो गई है, जिनमें विभिन्न राष्ट्रीयताओं के व्यक्ति शामिल हैं।ईरानी हमलों की शुरुआत से लेकर अब तक, सशस्त्र बलों के साथ अनुबंधित एक मोरक्को नागरिक की मौत के अलावा, शहीदों की कुल संख्या दो हो गई हबयान में आगे कहा गया है, “विभिन्न राष्ट्रीयताओं के नागरिकों की कुल संख्या 10 है।”

रक्षा मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि वह किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उसने कहा कि देश की सुरक्षा को कमजोर करने के उद्देश्य से किए गए किसी भी प्रयास का वह दृढ़ता से मुकाबला करेगा।बयान में आगे कहा गया है कि मंत्रालय देश की संप्रभुता, सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उसके हितों और राष्ट्रीय क्षमताओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

इस संघर्ष में घायलों की कुल संख्या बढ़कर 230 हो गई है। इनमें कई राष्ट्रीयताओं के नागरिक शामिल हैं, जिनमें अमीराती, मिस्रवासी, सूडानी, इथियोपियाई, फिलिपिनो, पाकिस्तानी, ईरानी, ​​भारतीय, बांग्लादेशी, श्रीलंकाई और अन्य शामिल हैं।देश ने मौजूदा संघर्ष में तीन मौतों की पुष्टि की है, जिनमें सशस्त्र बलों के साथ अनुबंधित एक मोरक्को नागरिक भी शामिल है। इस प्रकार, मरने वाले नागरिकों की कुल संख्या 10 है। मृतकों में पाकिस्तानी, नेपाली, बांग्लादेशी, फिलिस्तीनी, भारतीय और मिस्र के नागरिक शामिल हैं।

BUSINESS : आम आदमी को लगेगा बड़ा झटका, महंगे हो सकते हैं रोजमर्रा के सामान, FMCG कंपनियों ने दिए संकेत

महंगाई से राहत की उम्मीद कर रहे उपभोक्ताओं को आने वाले महीनों में बड़ा झटका लग सकता है। देश की प्रमुख FMCG कंपनियां साबुन, शैंपू, बिस्किट, पैकेज्ड फूड और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी कर रही हैं।

महंगाई से राहत की उम्मीद कर रहे उपभोक्ताओं को आने वाले महीनों में बड़ा झटका लग सकता है। देश की प्रमुख FMCG कंपनियां साबुन, शैंपू, बिस्किट, पैकेज्ड फूड और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी कर रही हैं। कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल, पैकेजिंग और परिवहन लागत में लगातार बढ़ोतरी के कारण कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया है।

डाबर इंडिया ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ महीनों में उत्पादों के दाम फिर बढ़ सकते हैं। कंपनी के मुताबिक, पैकेजिंग सामग्री और अन्य इनपुट कॉस्ट लगातार बढ़ रही है। डाबर मौजूदा तिमाही में पहले ही अपने कई उत्पादों की कीमतों में लगभग 4 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर चुका है।

विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने FMCG कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ा दिया है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता के चलते वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो इसका असर परिवहन, प्लास्टिक पैकेजिंग और उत्पादन लागत पर पड़ेगा।

बड़ी कंपनियां जैसे हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), नेस्ले, ब्रिटानिया, ITC, मैरिको और गोदरेज कंज्यूमर ने भी बढ़ती इनपुट लागत को लेकर चिंता जताई है। HUL के लिए चाय और पैकेजिंग महंगी हो रही है, जबकि नेस्ले पर कॉफी, दूध और पैकेजिंग लागत का दबाव बढ़ा है। वहीं ब्रिटानिया और ITC जैसी कंपनियों को गेहूं, दूध और खाद्य तेलों की कीमतों में वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है। इसका असर बिस्किट, स्नैक्स और पैकेज्ड फूड के दामों पर दिखाई दे सकता है।

हालांकि ग्रामीण और छोटे शहरों में FMCG उत्पादों की मांग में सुधार देखा जा रहा है लेकिन कंपनियों पर मुनाफा बनाए रखने का दबाव भी बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कई कंपनियां सीधे कीमतें बढ़ाने के बजाय पैकेट का वजन कम करने या प्रीमियम उत्पादों पर अधिक ध्यान देने की रणनीति अपना सकती हैं। यदि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है और मानसून उम्मीद के मुताबिक नहीं रहता, तो आने वाले समय में आम आदमी के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ सकता है

NATIONAL : महाराष्ट्र में अब फेक न्यूज और सोशल मीडिया पर बदनामी करने वालों की खैर नहीं; सरकार ला रही है नया सख्त कानून

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महाराष्ट्र सरकार ने सोशल मीडिया पर बिना सबूत छवि खराब करने और फेक पोस्ट डालने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इसके लिए DGP की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन किया।

डिजिटल युग में सोशल मीडिया जहां सूचना का सशक्त माध्यम बना है, वहीं इसका दुरुपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है। किसी की भी छवि धूमिल करना, बिना प्रमाण के आरोप लगाना और भ्रामक जानकारी फैलाना अब आम बात हो गई है। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार अब सोशल मीडिया पर बिना किसी ठोस सबूत के बदनामी फैलाने वालों पर नकेल कसने के लिए नया कानून बनाने की तैयारी में है।

महाराष्ट्र सरकार सोशल मीडिया पर बिना सबूत बदनामी और गलत खबर फैलाने के मामलों को लेकर गंभीर हो गई है। सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर लोगों की छवि खराब करने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने कानून में बदलाव या नई कानूनी व्यवस्था की संभावना की जांच के लिए एक समिति गठित करने का फैसला लिया है।

सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DGP) की अध्यक्षता में इस समिति का गठन किया गया है। यह समिति सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली बदनामी, फेक पोस्ट और बिना प्रमाण के लगाए जाने वाले आरोपों पर कानूनी प्रावधानों की समीक्षा करेगी। साथ ही यह भी जांच करेगी कि मौजूदा कानूनों में संशोधन या नई धाराओं की आवश्यकता है या नहीं।

सरकार ने समिति को यह जिम्मेदारी भी सौंपी है, कि वह राज्य स्तर पर नया कानून बनाने या मौजूदा कानून में संशोधन की संभावनाओं की कानूनी और तकनीकी जांच करे। साथ ही सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कानून को और मजबूत बनाने संबंधी सिफारिशें सरकार को सौंपे।

बता दें पिछले कुछ समय में साेशल मीडिया का उपयोग किसी की बदनामी करने और राजनीतिक हस्तियों की छवि धूमिल करने के लिए बढ़ा है। ऐसे में लोगों की अभिव्यक्ति की आजादी को ध्यान में रखते हुए इस पर कानून बनाने की जरुरत महसूस हुई है। बिना किसी आधार के लगाए गए आरोपों से न केवल व्यक्तिगत जीवन प्रभावित होता है, बल्कि समाज में अशांति भी फैलती है।

NATIONAL : ‘कठिन दौर में साझेदारी ही प्रगति का रास्ता’, सूरीनाम में जयशंकर का वैश्विक संदर्भ में भारत की भूमिका पर जोर

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सूरीनाम में आयोजित कार्यक्रम में वैश्विक चुनौतियों के बीच देशों के बीच सहयोग और भरोसेमंद साझेदारी की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत विकास, बहुपक्षवाद और मानवीय सहयोग के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सूरीनाम की राजधानी पारामारीबो में कहा कि मौजूदा कठिन वैश्विक परिस्थितियों में प्रगति के लिए देशों के बीच साझेदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद साझेदार की भूमिका निभा रहा है।पारामारीबो में ‘प्रगति के लिए साझेदारी’ विषय पर सूरीनामी समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए जयशंकर ने गुरुवार को इस बात पर जोर दिया। मंत्री कैरिबियाई क्षेत्र की तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण पर सूरीनाम पहुंचे हैं।

एस. जयशंकर ने कहा कि दुनिया इस समय बेहद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी, यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध जैसी घटनाओं ने वैश्विक हालात को और कठिन बना दिया है।

कोविड से लेकर पश्चिम एशिया संघर्ष का दिया हवाला
मंत्री ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, “एक कठिन दुनिया के बावजूद प्रगति की आवश्यकता है। यह साझेदारी के माध्यम से सबसे अच्छा हासिल किया जाता है।” अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि दशक की शुरुआत कोविड-19 महामारी से हुई, जिसके बाद यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध हुआ। जयशंकर ने कहा, “कठिन दुनिया शब्द थोड़ा कम करके आंका गया है। हम आज वित्त, संसाधनों, प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी, भूगोल के हथियारकरण को देख रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में राष्ट्र एक अधिक समावेशी दुनिया, सतत विकास और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अधिक सम्मान के संदर्भ में प्रगति देखना चाहेंगे। उन्होंने एक विश्वसनीय भागीदार की उन विशेषताओं पर प्रकाश डाला, जो राष्ट्रीय हित को वैश्विक भलाई के साथ जोड़ सकती है।उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान विभिन्न देशों को टीके की आपूर्ति करने के भारत के उदाहरण का हवाला देते हुए कहा, “एक अच्छे भागीदार की विशेषताओं में से एक ऐसा राष्ट्र है, जो अपने राष्ट्रीय हित को वैश्विक भलाई के प्रति प्रतिबद्धता के साथ सामंजस्य बिठाने में सक्षम है।”

जयशंकर ने एक्स पर कहा, “यह वही भारत है जो सूरीनाम के विकास पथ में भागीदार बनेगा। भारत-सूरीनाम की कहानी का अगला अध्याय संयुक्त रूप से लिखेगा।” उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “यह एक कठिन दुनिया है, लेकिन हमें प्रगति की आवश्यकता है, हमें साझेदारी की आवश्यकता है, वे मौजूद हैं… हम उच्च स्तर की प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प के साथ ऐसा करते रहेंगे।”

इस कार्यक्रम में सूरीनाम के विदेश मंत्री मेल्विन बौवा भी उपस्थित थे, जिसका आयोजन कैरिबियाई राष्ट्र के विदेश मंत्रालय द्वारा किया गया था। बाद में जयशंकर ने सूरीनाम में इंडिया हाउस में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत एक पौधा भी लगाया। बुधवार को जयशंकर ने बौवा और कृषि मंत्री माइक नोएर्सलिम के साथ भारतीय सहायता से निर्मित एग्रो पैशन फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी के हस्तांतरण समारोह में भाग लिया था।

NATIONAL : शाह ने राहुल को कैसे गिना दिए एक-एक राज्यों के नाम, जहां दशकों से नहीं बना कांग्रेस का कोई सीएम

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पश्चिम बंगाल में भाजपा की विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से शुभेंदु अधिकारी को राज्य के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर चुना गया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में कांग्रेस की हार और राहुल गांधी के आरोपों को लेकर निशाना साधा।

अमित शाह ने कहा, ”कई साल से कांग्रेस पार्टी चुनाव नहीं जीतती है। उन्हें मालूम चल गया है कि चुनाव जीतना असंभव है तो इसकी प्रक्रिया को ही बदनाम करने में जुटे हैं। इसलिए कांग्रेस के प्रमुख नेता राहुल गांधी ने अपनी हार को छिपाने के लिए कभी ईवीएम, कभी मतदाता सूची, कभी एसआईआर, कभी वोट चोरी जैसे कीचड़ उछालने की कोशिश की है।”

केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ”हम तो 2014 में सत्ता में आए। तमिलनाडु में 1967 से अब तक कांग्रेस का कोई सीएम नहीं बन पाया। ये वोट चोरी था क्या? पश्चिम बंगाल में 49 साल से आपका सीएम नहीं बना। सिक्किम में 42 साल से आपका सीएम नहीं बना। बिहार में 36 साल से, गुजरात में 30 साल से, ओडिशा में 26 साल, नागालैंड में 23 साल और महाराष्ट्र में 12 साल से आपका सीएम नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा, ”अगर ये सभी वोट चोरी है तो वोट चोरी करने वाले तो आपके साथ बैठे हैं। ये सभी इंडी गठबंधन के सदस्य बने बैठे हैं। मैं मानता हूं कि कांग्रेस पार्टी को अपनी हार के लिए आत्मचिंतन करने की जरूरत है। देश की जनता राहुल गांधी के नेता बनने के बाद शनै:-शनै: हर जगह कांग्रेस के खिलाफ बहुमत दे रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में ही इंडी गठबंधन के फिर से टूटने की शुरुआत हो चुकी है।”

अमित शाह ने इस दौरान शुभेंदु अधिकारी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि भवानीपुर की जनता का मैं बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं। शुभेंदु दा ने गत चुनाव में दीदी को नंदीग्राम में हराया था। मैंने दीदी का एक इंटरव्यू देखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं उनके गढ़ में लड़ने चली गई। दीदी, इस बार शुभेंदु दा ने आपको आपके घर में हराया है।

BUSINESS : तेल आयात पर घटेगा खर्च : बायोफ्यूल और ईथेनॉल पर बड़ा दांव, नितिन गडकरी ने बताया भविष्य का रोडमैप

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारतीय किसानों के पास मौजूद कृषि अवशेष और बायोमास भविष्य की बड़ी ताकत बन सकते हैं। उन्होंने सड़कों के निर्माण में “बायोबिटुमेन” के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की बात कही। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा।

नई दिल्ली में इंडस एक्सपोजियम और इंडियन बायोगैस एसोसिएशन की ओर से आयोजित तीन दिवसीय “बायोएनर्जी, बायोफ्यूल और बायोमैटेरियल (BBB)” कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में बायोफ्यूल, फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों और बायोमास आधारित ऊर्जा परियोजनाओं को तेजी से बढ़ाने की जरूरत बताई।

उन्होंने कहा कि भारत हर साल करीब 22 लाख करोड़ रुपये का खर्च पेट्रोलियम और अन्य जीवाश्म ईंधन के आयात पर करता है। ऐसे में देश को सस्ती, स्वदेशी और टिकाऊ ऊर्जा के विकल्पों पर तेजी से काम करना होगा।

गडकरी ने कहा कि भारतीय किसानों के पास मौजूद कृषि अवशेष और बायोमास भविष्य की बड़ी ताकत बन सकते हैं। उन्होंने सड़कों के निर्माण में “बायोबिटुमेन” के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की बात कही। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा।

ईथेनॉल आधारित वाहनों को बढ़ावा देते हुए गडकरी ने बताया कि वह खुद 100 प्रतिशत ईथेनॉल से चलने वाली टोयोटा कार का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बजाज, टीवीएस और होंडा जैसी बड़ी दोपहिया वाहन कंपनियां जल्द ही ऐसे फ्लेक्स-इंजन वाहन लॉन्च करने की तैयारी में हैं, जो ज्यादा ईथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर चल सकेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि फिलहाल देशभर में लगभग 4,000 परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिनमें बायोमास और कृषि अवशेषों से बायोगैस तैयार की जाएगी। इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ किसानों को अतिरिक्त आमदनी का मौका मिलेगा।

इस कार्यक्रम में टेरी (TERI) की महानिदेशक विभा आनंद ने कहा कि भारत ऊर्जा के मामले में अभी भी काफी हद तक आयातित ईंधन पर निर्भर है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों ने यह साफ कर दिया है कि ऊर्जा आयात पर ज्यादा निर्भरता जोखिम भरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि बायोएनर्जी परियोजनाओं को बढ़ाने से पहले वैज्ञानिक अध्ययन और शोध बेहद जरूरी है। बायोगैस उत्पादन पूरी तरह बायोमास पर निर्भर करता है, इसलिए पहले यह समझना होगा कि पर्याप्त मात्रा में बायोमास उपलब्ध है या नहीं और परियोजनाएं आर्थिक रूप से कितनी व्यवहारिक हैं।

विभा आनंद ने स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार और रिसर्च को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत को मिशन मोड में शोध करने की जरूरत है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि वैज्ञानिकों पर भरोसा बढ़ाया जाए और रिसर्च को मजबूत समर्थन दिया जाए, ताकि देश स्वदेशी तकनीक के जरिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।

NATIONAL : ‘भविष्य के युद्ध सिर्फ हथियारों से नहीं जीते जाएंगे’: सेना से बोले राजनाथ सिंह- दुश्मन को दें सरप्राइज

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जयपुर में सैन्य कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की सराहना की और सेना को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने को कहा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को सैन्य कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित किया। जयपुर में आयोजित इस संयुक्त सैन्य कमांडर सम्मेलन में तीनों सेनाओं की लड़ाकू तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई। इस दौरान राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना की वीरता और सूझबूझ की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हमारी सेनाओं ने बहुत तेजी से और सटीक कार्रवाई की है। रक्षा मंत्री ने बदलती क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति के बीच सेना को हर चुनौती के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया।

राजनाथ सिंह ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर भारत की बढ़ती क्षमताओं का प्रदर्शन है। यह देश के सामूहिक संकल्प और नए सैन्य लोकाचार का प्रतीक है।’ उन्होंने तीनों सेनाओं के कमांडरों से कहा कि वे इस ऑपरेशन और वर्तमान वैश्विक सुरक्षा हालात से सीख लेकर भविष्य के लिए तैयार रहें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सेना को अपनी क्षमताओं में लगातार इजाफा करना होगा।

रक्षा मंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वायत्त प्रणालियों और डेटा एनालिटिक्स के क्षेत्र में मजबूती की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते भू राजनीतिक परिदृश्य में सुरक्षित संचार नेटवर्क बहुत जरूरी है। राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि भविष्य के युद्ध हाइब्रिड खतरों और सूचना के प्रभुत्व से प्रभावित होंगे। अब युद्ध केवल जमीन पर नहीं बल्कि साइबर, अंतरिक्ष और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक क्षेत्रों में एक साथ लड़े जाएंगे।

रक्षा मंत्री ने तीनों सेनाओं के बीच बढ़ते तालमेल और तकनीक को अपनाने की प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैश्विक रक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव हो रहे हैं और इसमें संयुक्तता एक महत्वपूर्ण पहलू है। राजनाथ सिंह ने कहा, ‘भविष्य के युद्ध केवल हथियारों के दम पर नहीं जीते जाएंगे। इसके लिए नवीन सोच और बेहतर तालमेल की जरूरत होगी।’ उन्होंने कमांडरों को सलाह दी कि वे युद्ध में हमेशा ‘सरप्राइज’ यानी चौंकाने वाले तत्वों का इस्तेमाल करें।

रक्षा मंत्री ने दोहराया कि नरेंद्र मोदी सरकार रक्षा बलों की क्षमता बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार सेना को अत्याधुनिक हथियार और प्लेटफार्म उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में नए रिसर्च पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

BUSINESS : तेल आयात पर घटेगा खर्च : बायोफ्यूल और ईथेनॉल पर बड़ा दांव, नितिन गडकरी ने बताया भविष्य का रोडमैप

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारतीय किसानों के पास मौजूद कृषि अवशेष और बायोमास भविष्य की बड़ी ताकत बन सकते हैं। उन्होंने सड़कों के निर्माण में “बायोबिटुमेन” के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की बात कही। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और पर्यावरण को भी फायदा

नई दिल्ली में इंडस एक्सपोजियम और इंडियन बायोगैस एसोसिएशन की ओर से आयोजित तीन दिवसीय “बायोएनर्जी, बायोफ्यूल और बायोमैटेरियल (BBB)” कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में बायोफ्यूल, फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों और बायोमास आधारित ऊर्जा परियोजनाओं को तेजी से बढ़ाने की जरूरत बताई।

उन्होंने कहा कि भारत हर साल करीब 22 लाख करोड़ रुपये का खर्च पेट्रोलियम और अन्य जीवाश्म ईंधन के आयात पर करता है। ऐसे में देश को सस्ती, स्वदेशी और टिकाऊ ऊर्जा के विकल्पों पर तेजी से काम करना होगा।

बायोबिटुमेन के इस्तेमाल पर जोर
गडकरी ने कहा कि भारतीय किसानों के पास मौजूद कृषि अवशेष और बायोमास भविष्य की बड़ी ताकत बन सकते हैं। उन्होंने सड़कों के निर्माण में “बायोबिटुमेन” के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की बात कही। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा।

ईथेनॉल आधारित वाहनों को बढ़ावा देते हुए गडकरी ने बताया कि वह खुद 100 प्रतिशत ईथेनॉल से चलने वाली टोयोटा कार का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बजाज, टीवीएस और होंडा जैसी बड़ी दोपहिया वाहन कंपनियां जल्द ही ऐसे फ्लेक्स-इंजन वाहन लॉन्च करने की तैयारी में हैं, जो ज्यादा ईथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर चल सकेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि फिलहाल देशभर में लगभग 4,000 परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिनमें बायोमास और कृषि अवशेषों से बायोगैस तैयार की जाएगी। इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ किसानों को अतिरिक्त आमदनी का मौका मिलेगा।

इस कार्यक्रम में टेरी (TERI) की महानिदेशक विभा आनंद ने कहा कि भारत ऊर्जा के मामले में अभी भी काफी हद तक आयातित ईंधन पर निर्भर है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों ने यह साफ कर दिया है कि ऊर्जा आयात पर ज्यादा निर्भरता जोखिम भरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि बायोएनर्जी परियोजनाओं को बढ़ाने से पहले वैज्ञानिक अध्ययन और शोध बेहद जरूरी है। बायोगैस उत्पादन पूरी तरह बायोमास पर निर्भर करता है, इसलिए पहले यह समझना होगा कि पर्याप्त मात्रा में बायोमास उपलब्ध है या नहीं और परियोजनाएं आर्थिक रूप से कितनी व्यवहारिक हैं।

विभा आनंद ने स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार और रिसर्च को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत को मिशन मोड में शोध करने की जरूरत है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि वैज्ञानिकों पर भरोसा बढ़ाया जाए और रिसर्च को मजबूत समर्थन दिया जाए, ताकि देश स्वदेशी तकनीक के जरिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।

NATIONAL : तमिलनाडु के राज्यपाल से मिलकर विजय का 118 विधायकों के समर्थन का दावा, कल होगा शपथ ग्रहण?

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सूत्रों के मुताबिक, तमिलनाडु के गवर्नर से मुलाकात में सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए विजय ने कल ही शपथ ग्रहण कराने का अनुरोध किया है. बताया जा रहा है कि शपथ समारोह शनिवार सुबह 11 बजे हो सकता है.

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी टीवीके के नेता विजय ने शुक्रवार शाम राज्यपाल से मुलाकात की. इस दौरान राज्यपाल के सामने विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश किया. सूत्रों के मुताबिक, विजय ने अपने समर्थन में 118 विधायकों का सपोर्ट होने का दावा किया है. ये भी बताया जा रहा है कि विजय ने कल ही शपथ ग्रहण कराने का अनुरोध किया है. शपथ समारोह शनिवार सुबह 11 बजे हो सकता है.

234 सदस्यीय विधानसभा में विजय की पार्टी टीवीके के पास 108 विधायक हैं. बहुमत के 118 के आंकड़े तक पहुंचने के लिए उन्हें कांग्रेस और अन्य दलों के समर्थन की जरूरत थी. कांग्रेस पहले ही अपने 5 विधायकों के सपोर्ट का ऐलान कर चुकी है. बताया जा रहा है कि अब लेफ्ट और वीसीके भी समर्थन देने पर राजी हो गई हैं. इसी के साथ पहले ही राजनीतिक डेब्यू में टीवीके की सरकार बनना लगभग तय हो गया है.

टीवीके नेता विजय की राज्यपाल आरवी आर्लेकर से एक हफ्ते के अंदर ये तीसरी मुलाकात है. इससे पहले बुधवार और गुरुवार की दो मुलाकातों में राज्यपाल ने विजय से सरकार बनाने के लिए कम से कम 118 विधायकों का समर्थन पेश करने को कहा था. माना जा रहा है कि विजय ने कुछ समय देने का अनुरोध किया था. इस पर राज्यपाल 10 मई तक वक्त देने को तैयार हो गए थे.

NATIOANL : दादा राज, शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

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पश्चिम बंगाल को आज नया मुख्यमंत्री मिल गया। BJP नेता शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया है और उन्होंने आज राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। आज बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक दिन होने वाला है। राज्य में पहली बार BJP की सरकार बनी है। भवानीपुर में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी ने आज सुबह 11 बजे बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में हुआ। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा रहे हैं। प्रोटोकॉल के मुताबिक, ममता बनर्जी को भी इस समारोह में बुलाया गया है।

गौरतलब है कि 8 मई को अमित शाह कोलकाता पहुंचे थे। जहां शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया। शाह ने खुद उनके नाम का ऐलान किया। उसके बाद शुभेंदु ने राज्यपाल आर.एन. से मुलाकात की। रवि से कोलकाता में मुलाकात की और नई सरकार बनाने का दावा करते हुए MLAs का सपोर्ट लेटर पेश किया। गौरतलब है कि BJP ने पश्चिम बंगाल में 207 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की। ​​वहीं, TMC सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई, जिससे उसका 15 साल का राज खत्म हो गया।

पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शुभेंदु अधिकारी के साथ पांच और नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्र पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक शामिल हैं।

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