Thursday, June 25, 2026
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NATIONAL : राजस्थान के पश्चिमी जिलों में हीटवेव तेज, कई इलाकों में आंधी-बारिश, बूंदी में अंधड़ से एक की मौत

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जयपुर, 09 मई (हि.स.)। राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ते ही प्रदेश में गर्मी ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। शुक्रवार से पश्चिमी राजस्थान के जिलों में हीटवेव का दौर शुरू हो गया, जिससे जैसलमेर, बाड़मेर और फलोदी जैसे इलाकों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। मौसम विभाग ने शनिवार को जैसलमेर, जोधपुर और बाड़मेर में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। राजधानी जयपुर में शनिवार सुबह से ही आसमान खुला रहा। दिन चढ़ने के साथ सही सूर्य देव का ताप जन जीवन को प्रभावित करने लगा।

फलोदी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया। बाड़मेर में 44.6 और जैसलमेर में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा जोधपुर में 42.9, कोटा और बीकानेर में 42, उदयपुर में 41.6, भीलवाड़ा में 41.4 तथा चित्तौड़गढ़ में 43.4 डिग्री सेल्सियस तापमान मापा गया।

प्रदेश के कई जिलों में गर्मी के बीच मौसम ने करवट भी ली। नागौर, अजमेर, टोंक, बूंदी और सवाई माधोपुर में दोपहर बाद धूलभरी आंधी चली, बादल छाए और हल्की बारिश हुई, जिससे लोगों को अस्थायी राहत मिली। पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर, करौली और अलवर क्षेत्रों में भी आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

बूंदी जिले के देई कस्बे में शुक्रवार शाम आए तेज अंधड़ ने दर्दनाक हादसा कर दिया। कोली मोहल्ला निवासी 55 वर्षीय केसरीलाल महावर तेज हवा में मकान की दूसरी मंजिल पर टिनशेड संभालने गए थे, तभी बवंडर उन्हें टिनशेड सहित करीब 80 फीट दूर उड़ा ले गया। मोबाइल टावर से टकराकर नीचे गिरने से उनकी मौत हो गई।

राजधानी जयपुर में तापमान में करीब दो डिग्री की गिरावट आई और अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि अजमेर में दिनभर गर्मी के बाद शाम को बूंदाबांदी से राहत मिली।

उदयपुर, कोटा और जोधपुर में गर्मी और लू का असर लगातार बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में पश्चिमी राजस्थान में गर्मी और लू का असर और बढ़ सकता है, जबकि पूर्वी जिलों में आंधी और हल्की बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और सतर्क रहने की सलाह दी है।

SPORTS : आखिरी ओवर में ऋषभ पंत का मास्टरस्ट्रोक, ‘महंगे’ द‍िग्वेश राठी ने 6 गेंदों में बेंगलुरु से छीन ली जीत

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आईपीएल 2026 में लगातार छह हार के बाद लखनऊ सुपर जायंट्स ने IPL 2026 में दमदार वापसी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 9 रन से हरा दिया. कप्तान ऋषभ पंत ने आखिरी ओवर दिग्वेश राठी को देने के फैसले को सही ठहराया. मिचेल मार्श के शतक और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से LSG ने सीजन की पहली घरेलू जीत दर्ज की.

लगातार छह मैच हारने के बाद आखिरकार लखनऊ सुपर जायंट्स ने IPL 2026 में जीत का स्वाद चखा. गुरुवार को खेले गए बारिश से प्रभावित मुकाबले में LSG ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को डकवर्थ लुईस नियम के तहत 9 रन से हरा दिया. 19-19 ओवर के इस मुकाबले में लखनऊ ने सीजन में अपने घर पर पहली जीत भी दर्ज की.

मैच के बाद कप्तान ऋषभ पंत काफी राहत में नजर आए. उन्होंने कहा कि यह जीत पूरी टीम के लिए बेहद मायने रखती है क्योंकि टीम लंबे समय से सही कॉम्बिनेशन तलाश रही थी.

पंत ने कहा- यह हमारे लिए बहुत अच्छा मैच रहा. पूरी टीम के लिए इस जीत का काफी मतलब है. हम लगातार अलग-अलग चीजें ट्राय कर रहे थे. एक टीम के तौर पर एक ही पेज पर आना जरूरी था. यह सीजन हमारे लिए कठिन रहा, लेकिन कभी-कभी आपको संघर्ष से गुजरना पड़ता है.LSG की जीत में सबसे बड़ा रोल मिचेल मार्श ने निभाया. मार्श ने सिर्फ 56 गेंदों में 111 रन ठोककर RCB के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया. पंत ने उनकी पारी की खुलकर तारीफ की.

उन्होंने कहा-मार्श की पारी अविश्वसनीय थी. हम जानते हैं कि टीम लगातार मेहनत कर रही है. इस सीजन हमारी ताकत गेंदबाजी रही है. गेंदबाजों ने दिल लगाकर प्रदर्शन किया है और आगे भी हम उसी लय को जारी रखना चाहते हैं.

मैच का सबसे बड़ा मोमेंट आखिरी ओवर रहा, जब LSG को जीत के लिए 20 रन बचाने थे. पंत ने अनुभवी गेंदबाज की जगह दिग्वेश राठी पर भरोसा जताया. राठी इस मुकाबले में महंगे साबित हुए थे, लेकिन कप्तान ने उन्हें ही जिम्मेदारी दी.आखिरी ओवर में RCB को जीत के लिए 20 रन चाहिए थे. कप्तान ऋषभ पं काफी देर तक अपने दोनों स्पिनर्स शाहबाज अहमद और द‍िग्वेश राठी से बात करते रहे. फैसला करना मुश्किल था कि आखिरी ओवर कौन डालेगा. आखिर में पंत ने भरोसा जताया द‍िग्वेश राठी पर जताया.

शाहबाज अहमद के आंकड़े 3-0-33-2 द‍िग्वेश राठी की तुलना में ज्यादा अच्छे थे. क्योंक‍ि राठी 3.0-0-41-0 पड़वा चुके थे. पर एक लंबे ड‍िस्कशन के बाद राठी पर भरोसा द‍िखाया गया.

NATIONAL : होर्मुज में फिर बढ़ा जंग का खतरा: अमेरिका के तीन जहाजों पर ईरानी हमला नाकाम, अमेरिकी नौसेना ने किया पलटवार

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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने दावा किया कि ईरान ने होर्मुज में अमेरिकी नौसेना के तीन जहाजों पर हमला करने की कोशिश की, जिसे अमेरिकी सेना ने नाकाम कर दिया। जवाब में अमेरिका ने ईरानी नावों पर कार्रवाई की। ईरान ने भी गोलीबारी और धमाकों की पुष्टि की है।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना के तीन जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन अमेरिकी सेना ने इन हमलों को बीच में ही रोक दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, गुरुवार को अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे थे, तभी ईरान की ओर से ‘बिना उकसावे’ के हमला किया गया। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने आत्मरक्षा में ईरान के उन सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की, जहां से हमले किए गए थे। अमेरिका ने कहा कि उसके किसी भी जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा है और वह युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

इसे लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा- अमेरिका के तीन बड़े युद्धपोत सुरक्षित तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर गए, जबकि उन पर हमला किया गया था। ट्रंप के मुताबिक, इन जहाजों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन जवाबी कार्रवाई में ईरान के हमलावर पूरी तरह तबाह हो गए। कई छोटी नावें भी समुद्र में डुबो दी गईं, जिनका इस्तेमाल ईरान अपनी कमजोर पड़ चुकी नौसेना की जगह कर रहा था। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी युद्धपोतों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे गए, लेकिन अमेरिकी सेना ने सभी हमलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान सामान्य देश की तरह व्यवहार नहीं कर रहा और वहां ‘कट्टरपंथी’ लोग सत्ता चला रहे हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने जल्द समझौता नहीं किया तो अमेरिका भविष्य में और ज्यादा कड़ी कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी युद्धपोत अब फिर से अपनी नौसैनिक नाकेबंदी में शामिल होंगे, जिसे उन्होंने ‘स्टील की दीवार’ बताया।

वहीं ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि केश्म द्वीप इलाके में ईरानी सेना और ‘दुश्मन’ के बीच गोलीबारी हुई। तेहरान और दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास इलाके में भी धमाकों और हवाई सुरक्षा प्रणाली की आवाजें सुनाई दीं। हालांकि विस्फोटों की असली वजह स्पष्ट नहीं हो सकी।

इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी हालात गंभीर बने हुए हैं। ईरान ने जहाजों की जांच और टैक्स वसूली के लिए एक नई सरकारी एजेंसी बनाई है। यह जलमार्ग दुनिया में तेल और गैस सप्लाई का सबसे अहम रास्ता माना जाता है। ईरान की सख्ती के कारण फारस की खाड़ी में सैकड़ों व्यापारिक जहाज फंसे हुए हैं और वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। कई देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।

उधर, पाकिस्तान लगातार अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। पाकिस्तान का कहना है कि दोनों देशों के बीच जल्द समझौते की उम्मीद है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कहा कि उनका देश ‘दिन-रात’ दोनों पक्षों से संपर्क में है ताकि युद्ध पूरी तरह खत्म हो सके और संघर्ष विराम जारी रहे।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वेटिकन में पोप लियो 14 से भी मुलाकात की और पश्चिम एशिया शांति प्रयासों पर चर्चा की। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो फिर से बमबारी हो सकती है। हालांकि उन्होंने फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य को सैन्य बल से खोलने की अमेरिकी योजना रोक दी है।

इधर, इस्राइल और लेबनान के बीच भी अगले सप्ताह वॉशिंगटन में सीधी बातचीत होने वाली है। माना जा रहा है कि अमेरिका पूरे पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है। वहीं ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के बारे में कहा जा रहा है कि वे अमेरिका से चल रही बातचीत पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।

NATIONAL : मुंबई तरबूज-बिरयानी मामला: 4 लोगों की मौत में चौंकाने वाला खुलासा, चूहे मारने वाले जहर से हुई थी मौत

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साउथ मुंबई में पिछले महीने एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में इसे तरबूज खाने से हुई फूड पॉइजनिंग माना जा रहा था, लेकिन अब फॉरेंसिक जांच में पता चला है कि मौत जिंक फॉस्फाइड नाम के जहरीले रसायन से हुई। यह रसायन आमतौर पर चूहे मारने की दवा में इस्तेमाल किया जाता है।

मृतकों में अब्दुल्ला दोकाडिया, उनकी पत्नी नसरीन और उनकी दो बेटियां जैनब और आयशा शामिल थीं। पुलिस के मुताबिक परिवार ने 25 अप्रैल को अपने घर पर रिश्तेदारों को खाने पर बुलाया था। सभी ने मटन पुलाव खाया था और रिश्तेदार रात करीब 10 से 10.30 बजे के बीच वहां से चले गए थे।इसके बाद परिवार ने रात करीब 1 बजे तरबूज खाया। सुबह 5 से 6 बजे के बीच सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी और दस्त की शिकायत हुई, जिसके बाद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन कुछ ही घंटों में चारों की मौत हो गई।

शुरुआती जांच में पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज किया था। पोस्टमार्टम के दौरान शवों से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। बाद में फॉरेंसिक जांच में चारों के शरीर में जिंक फॉस्फाइड के अंश मिले।जांच एजेंसियों को तरबूज के सैंपल में भी यही जहरीला रसायन मिला है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह जहर गलती से तरबूज में पहुंचा या फिर जानबूझकर उसमें मिलाया गया था।

इससे पहले जे जे अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया था कि मृतकों के शरीर में किसी तरह का बैक्टीरियल इंफेक्शन नहीं मिला। उनके खून में भी कोई बैक्टीरिया नहीं पाया गया था, जिससे फूड इंफेक्शन की आशंका कमजोर पड़ गई थी।फॉरेंसिक जांच में यह भी सामने आया कि मृतकों के कुछ अंगों जैसे दिमाग, दिल और आंतों का रंग हरा पड़ गया था। डॉक्टरों के मुताबिक यह जहरीले पदार्थ के असर का संकेत हो सकता है।

जांच में अब्दुल्ला दोकाडिया के शरीर में मॉर्फिन के अंश भी मिले थे। मॉर्फिन एक तेज दर्द निवारक दवा होती है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर मेडिकल निगरानी में किया जाता है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह दवा शरीर में कैसे पहुंची।पुलिस ने परिवार के उन रिश्तेदारों के बयान भी दर्ज किए हैं, जिन्होंने उसी रात मटन पुलाव खाया था। हालांकि उनकी तबीयत पर कोई असर नहीं पड़ा। अब अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत की पूरी वजह साफ हो सकेगी।

WORLD : ईरान का आरोप- अमेरिका ने सीजफायर तोड़ा:ओमान की खाड़ी में ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया

ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया है। ईरान ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया। इसके बाद ईरान ने बिना किसी हिचकिचाहट के करारा जवाब देने की चेतावनी दी है।ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस TV के मुताबिक, खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने कहा कि आक्रामक, आतंकवादी और समुद्री डाकू अमेरिकी सेना ने जास्क के पास ईरानी समुद्री इलाके से र्मुज स्ट्रेट की ओर जा रहे एक तेल टैंकर को निशाना बनाया।

साथ ही फुजैरा बंदरगाह के पास जलडमरूमध्य में दाखिल रहे दूसरे जहाज पर भी हमला किया गया। प्रवक्ता का दावा है कि कुछ क्षेत्रीय देशों के सहयोग से बंदर खामिर, सिरिक और क़ेश्म द्वीप के तटीय नागरिक इलाकों पर भी हवाई हमले किए गए। हालांकि, इन हमलों में हुए नुकसान या हताहतों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

ईरान और अमेरिका के बीच एक अस्थायी समझौते पर बातचीत चल रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देश 30 दिन तक संघर्ष रोकने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को व्यावसायिक जहाजों के लिए फिर से खोलने के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैरिपोर्ट में तीन सीनियर ईरानी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि यह एक पेज का प्रारंभिक फ्रेमवर्क है। इसके तहत दोनों पक्ष 30 दिन तक सैन्य कार्रवाई रोकेंगे और इसी दौरान स्थायी समझौते पर बातचीत जारी रखेंगे।

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, बातचीत अभी जारी है और दोनों पक्ष लंबे समय के समझौते की भाषा और ढांचे पर प्रस्तावों का आदान-प्रदान कर रहे हैंरिपोर्ट के अनुसार, बातचीत में सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उच्च स्तर पर समृद्ध यूरेनियम के भंडार को लेकर है। अमेरिकी पक्ष चाहता है कि ईरान पहले ही इस पर स्पष्ट प्रतिबद्धता दे।

ईरानी अधिकारियों ने दावा किया कि अमेरिकी वार्ताकार चाहते हैं कि ईरान अपना समृद्ध यूरेनियम अमेरिका को सौंप दे, तीन परमाणु सुविधाएं बंद करे और 20 साल तक यूरेनियम डेवलपमेंट रोक दे।

वहीं, ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि वह अपने यूरेनियम भंडार का कुछ हिस्सा कमजोर करेगा और बाकी किसी तीसरे देश, संभवतः रूस को सौंप देगा। ईरान ने 10 से 15 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने की बात कही है। हालांकि, तीन परमाणु सुविधाओं के भविष्य पर अभी सहमति नहीं बनी है।ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अस्थायी समझौते में तीन तत्काल कदम शामिल हैं। इनमें ईरानी जहाजों और बंदरगां पर अमेरिकी नाकाबंदी हटाना, र्मुज स्ट्रेट को व्यावसायिक जहाजों के लिए फिर से खोलना और सीजफायर के तहत सैन्य कार्रवाई रोकना शामिल है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रतिबंधों में राहत, ईरान के परमाणु कार्यक्रम का लंबी अवधि का भविष्य और विदेशों में जमे ईरानी वित्तीय संपत्तियों जैसे विवादित मुद्दों पर 30 दिन की बातचीत के दौरान चर्चा होगी।

ईरानी अधिकारियों ने यह भी कहा कि तेहरान परमाणु हथियार नहीं बनाने और यूरेनियम संवर्धन रोकने की प्रतिबद्धता देने को तैयार है। हालांकि, यूरेनियम रोकने की समय सीमा और शर्तों पर बातचीत अभी जारी है।

BUSINESS : शराब और बीयर 20% तक महंगी हो सकती है:ईरान जंग का असर, पैकेजिंग की लागत बढ़ी; कंपनियों ने राज्यों से दाम बढ़ाने की मांग की

शराब बनाने वाली कंपनियों ने राज्य सरकारों से शराब, बीयर और वाइन की कीमतें बढ़ाने की मांग की है। कंपनियों का कहना है कि ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इससे कांच की बोतलों, एल्युमीनियम कैन और पैकेजिंग मटेरियल की लागत काफी बढ़ गई हैं।

शराब उद्योग की प्रमुख संस्थाओं कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज (CIABC) और ब्रूअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) ने राज्यों को पत्र लिखकर कीमतों में बदलाव की अनुमति मांगी है। BAI ने इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी की भरपाई के लिए 15%-20% तक दाम बढ़ाने का सुझाव दिया है।

BAI में यूनाइटेड ब्रूअर्स, एबी इनबेव और कारल्सबर्ग जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं, जिनकी देश के बीयर मार्केट में करीब 85% हिस्सेदारी है। कंपनियों का कहना है कि मुनाफा लगातार कम हो रहा है और लागत इतनी बढ़ गई है कि अब पुराने दामों पर बिजनेस करना मुश्किल हो रहा है।

शराब की बोतलों की सप्लाई चेन पर सबसे बुरा असर फिरोजाबाद के ग्लास मैन्युफैक्चरिंग हब में पड़ा है। CIABC के मुताबिक, गैस की कमी के कारण यहां फैक्ट्रियों को जरूरत की तुलना में केवल 60% गैस मिल पा रही है। इससे वेंडर्स को मजबूरन महंगी स्पॉट LNG या LPG खरीदनी पड़ रही है, जिससे बोतलों के दाम बढ़ गए हैं। कई यूनिट्स तो बंद होने की कगार पर हैं।

बीयर इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ी चुनौती एल्युमीनियम की सप्लाई है। मिडिल ईस्ट से एल्युमीनियम की आवक बुरी तरह प्रभावित हुई है। सप्लायर्स ने चेतावनी दी है कि अगर तनाव लंबा चला तो बीयर कैन का उत्पादन पूरी तरह ठप हो सकता है और कई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स बंद करने पड़ सकते हैं।

लागत के दबाव को कम करने के लिए कंपनियों ने राज्य सरकारों से ‘अंतरिम राहत’ भी मांगी है। BAI ने सुझाव दिया है कि मैन्युफैक्चरिंग लेवी में करीब ₹3 से ₹5 प्रति लीटर की कमी की जाए। इससे ग्राहकों पर पड़ने वाले बढ़ी कीमतों के बोझ को थोड़ा कम किया जा सकता है। CIABC ने भी वाइन और अन्य शराब (IMFL) के ‘एक्स-डिस्टिलरी प्राइस’ में संशोधन की मांग की है।

केंद्रीय कैबिनेट ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) 5.0 को मंजूरी दे दी है। इसके जरिए छोटे उद्योग (MSMEs) ₹100 करोड़ तक और एयरलाइन कंपनी 1500 करोड़ रुपए तक का लोन ले सकेंगी।

यह लोन बिना किसी गारंटी के मिलेगा। इसके लिए सरकार नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) इस स्कीम के तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों को 100% तक की क्रेडिट गारंटी कवर देगी

BUSINESS : रेल टिकट रिजर्वेशन का 40 साल पुराना सिस्टम बदलेगा, नोट कर लीजिए तारीख, AI बताएगा वेटिंग टिकट कन्फर्म होगा या नहीं

अब भारतीय रेलवे अपने 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को पूरी तरह बदलने जा रहा है. नया सिस्टम AI की मदद से बताएगा कि वेटिंग टिकट कंफर्म होगा या नहीं.

भारतीय रेल में हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं. हर दिन लाखों लोग टिकट रिजर्वेशन करते हैं, जिसमें कई बार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसे में अब भारतीय रेलवे अपने 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को पूरी तरह बदलने जा रहा है. नया सिस्टम AI की मदद से बताएगा कि वेटिंग टिकट कंफर्म होगा या नहीं. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों के साथ बैठक की और अगस्त से ट्रेनों को नए अपग्रेड सिस्टम पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए. रेलवे के मुताबिक, यह अपग्रेड सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि करोड़ों यात्रियों के सफर के अनुभव को पूरी तरह बदलने वाला कदम है.

रेलवे के मुताबिक, वर्तमान रिजर्वेशन सिस्टम साल 1986 में शुरू हुआ था. हालांकि, पिछले 40 सालों में इसमें कई छोटे-छोटे बदलाव भी किए गए, लेकिन अब इसे लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की मदद से पूरी तरह नया करने की तैयारी की जा रही है. ताकी यात्रियों को टिकट बुकिंग में किसी भी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़े. नए सिस्टम के जरिए टिकट बुकिंग पहले से तेज होगी, सर्वर पर दबाव कम होगा और यात्रियों को रियल टाइम जानकारी ज्यादा सटीक तरीके से मिलेगी.

रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि इस बदलाव के दौरान यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और टिकटिंग सेवाएं बिना रुकावट जारी रहनी चाहिए. रेलवे का कहना है कि मौजूदा समय में ऑनलाइन टिकट बुकिंग, मोबाइल ऐप और AI आधारित सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए पुरानी प्रणाली पर दबाव काफी बढ़ चुका था. यही वजह है कि अब हाई कैपेसिटी और स्मार्ट फीचर्स वाले नए सिस्टम की जरूरत महसूस की गई.

साल 2002 में पहली बार रेलवे ने इंटरनेट के जरिये टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू की थी. आज स्थिति यह है कि ज्यादातर लोग अब टिकट खिड़की पर जाने के बजाय ऑनलाइन टिकट बनवाते हैं. देश में होने वाली कुल टिकट बुकिंग का करीब 88% हिस्सा ऑनलाइन हो चुका है. इसी डिजिटल बदलाव का एक बड़ा उदाहरण है भारतीय रेलवे का मोबाइल ऐप रेलवन है. यह ऐप यात्रियों के बीच बहुत तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. रेलवन ऐप की शुरुआत पिछले साल जुलाई में हुई थी और एक साल से भी कम समय में इसके 3.5 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड हो चुके हैं. इतना ही नहीं, टिकट बुकिंग या अन्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतों का समाधान भी इसी ऐप के जरिए किया जा सकता है.

AI बताएगा टिकट कन्फर्म होगा या नहीं- नए सिस्टम के तहत ‘RailOne’ ऐप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित प्रिडिक्शन फीचर जोड़ा गया है. यह सिस्टम ऐतिहासिक बुकिंग डेटा और ट्रेंड्स को देखकर बताएगा कि वेटिंग टिकट कन्फर्म होने की संभावना कितनी है, जिसकी सटीकता अब 94% तक हो गई है.

तेज होगी बुकिंग- नया सिस्टम 1.25 लाख टिकट प्रति मिनट की रफ्तार से बुक करेगा, जो पुराने सिस्टम 25,000 टिकट प्रति मिनट से लगभग 5 गुना ज्यादा है. इससे अवैध सॉफ्टवेयर और दलालों पर नकेल कसेगी.

बिना कैंसिलेशन फीस डेट बदलना- अब कंफर्म टिकट को कैंसिल करने के बजाय यात्री बिना किसी कैंसिलेशन चार्ज के अपनी यात्रा की तारीख बदल सकेंगे.
तत्काल टिकट नियम- तत्काल टिकट की धांधली रोकने के लिए अब ऑनलाइन तत्काल बुकिंग में आधार वेरिफिकेशन (Aadhaar Authentication) को अनिवार्य कर दिया गया है.

BIHAR : बिहार में बंट गए विभाग: सम्राट ने गृह अपने पास रखा; निशांत कुमार को स्वास्थ्य और मिथिलेश को मिली शिक्षा की कमान

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बिहार सरकार में मंत्रालयों का बंटवारा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary की अगुवाई में विभागों का आवंटन होने के बाद नई टीम की तस्वीर साफ हो गई है।सबसे ज्यादा चर्चा निशांत को स्वास्थ्य विभाग मिलने और विजय कुमार सिन्हा को कृषि मंत्रालय सौंपे जाने को लेकर हो रही है। वहीं मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिली है।

नई कैबिनेट में प्रशासनिक, विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े विभागों को लेकर सरकार ने बड़ा संतुलन साधने की कोशिश की है। विभागों के बंटवारे के बाद अब नई सरकार के कामकाज पर सबकी नजर टिक गई है।

सरकार में सबसे ज्यादा विभाग सम्राट चौधरी के पास रखे गए हैं। उन्हें सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन और सिविल विमानन जैसे अहम विभाग दिए गए हैं।इसके अलावा वे उन सभी विभागों की जिम्मेदारी भी संभालेंगे, जिनका आवंटन फिलहाल नहीं हुआ है।विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन और संसदीय कार्य विभाग मिला है। वहीं बिजेंद्र प्रसाद यादव को वित्त और वाणिज्य-कर विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नई कैबिनेट में सबसे चर्चित फैसला निशांत को स्वास्थ्य विभाग देने का रहा। स्वास्थ्य जैसी बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद अब उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

वहीं विजय कुमार सिन्हा को कृषि विभाग की कमान मिली है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों से जुड़े फैसलों में अब उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है।

डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग दिया गया है। श्रवण कुमार को ग्रामीण विकास और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग मिला है।

मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग सौंपा गया है। राज्य में नई शिक्षा नीति, शिक्षक नियुक्ति और विद्यालय व्यवस्था जैसे बड़े मुद्दों पर अब उनकी परीक्षा होगी।

संजय सिंह टाइगर को उच्च शिक्षा और विधि विभाग मिला है। वहीं शीला कुमारी को विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अलग-अलग स्तर पर विभागों का बंटवारा किया है, ताकि स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक निगरानी बेहतर हो सके।

इन नेताओं को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी
राम कृपाल यादव को सहकारिता विभाग दिया गया है। नितीश मिश्रा को नगर विकास एवं आवास और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग मिला है।

दामोदर रावत परिवहन विभाग संभालेंगे, जबकि अशोक चौधरी को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की जिम्मेदारी मिली है।

भगवान सिंह कुशवाहा को योजना एवं विकास विभाग और अरुण शंकर प्रसाद को श्रम संसाधन एवं कौशल विकास विभाग सौंपा गया है।

महिला मंत्रियों को भी अहम विभाग
रेणु देवी को आपदा प्रबंधन विभाग दिया गया है। वहीं रमा निवास को पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग मिला है।

सुशी श्रीणी सिंह को खेल विभाग और श्वेता गुप्ता को समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।सरकार ने महिला मंत्रियों को सामाजिक और जनकल्याण से जुड़े कई अहम विभाग देकर राजनीतिक और सामाजिक संदेश देने की कोशिश की है।शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को ऊर्जा विभाग मिला है। डॉ. प्रमोद कुमार को खान एवं भूतत्व और कला एवं संस्कृति विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।. रामचंद्र प्रसाद पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग संभालेंगे। वहीं दीपक प्रकाश को पंचायती राज विभाग दिया गया है।

नई कैबिनेट में विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य पर खास जोर दिखाई दे रहा है। अब विभागों के बंटवारे के बाद सरकार के प्रदर्शन पर जनता और विपक्ष दोनों की नजर रहेगी।

NATIOANL : चंद्रनाथ रथ की कार रोकी, 10 राउंड फायरिंग, फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल… बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के PA के मर्डर में अब तक क्या-क्या पता चला?

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शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या से हड़कंप मच गया है. अब तक की जांच में सामने आया है कि हत्या में इस्तेमाल की गई गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी.

पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के सामने आने के बाद बुधवार (6 मई) देर रात शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या से हड़कंप मच गया है. अब तक की जांच में सामने आया है कि हत्या में इस्तेमाल की गई गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी. गोली लगने के बाद चंद्रनाथ रथ को विवासिटी हॉस्पिटल लाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या के मामले में एक के बाद एक चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं. पुलिस सूत्रों का दावा है कि घटना रात 10 बजे से 10:15 बजे के बीच हुई. बताया जा रहा है कि हमले के समय गाड़ी की अगली सीट पर चंद्रनाथ रथ और उनका ड्राइवर मौजूद थे. पीछे की सीट पर मिंटू नाम का एक व्यक्ति बैठा था, जिसे चंद्रनाथ रथ का करीबी बताया जा रहा है.

सूत्रों के मुताबिक शुरुआती पुलिस जांच में सामने आया है कि इस वारदात में कुल 3 आरोपी शामिल थे. एक आरोपी चार पहिया सिल्वर रंग की गाड़ी चला रहा था, जबकि बाकी 2 आरोपी मोटरसाइकिल पर थे. सूत्रों के मुताबिक, जिस गाड़ी में चंद्रनाथ रथ सवार थे, उसके सामने एक आरोपी ने चार पहिया गाड़ी आड़ी-तिरछी खड़ी कर सड़क जाम कर दी गई. मजबूरन चंद्रनाथ रथ की गाड़ी के ड्राइवर को गाड़ी रोकनी पड़ी.

इसके बाद गाड़ी के पास 2 मोटरसाइकिलें पहुंचीं और हमलावर ने फायरिंग शुरू कर दी. सूत्रों के मुताबिक चंद्रनाथ की मौत सुनिश्चित करने के लिए हमलावर ने खिड़की के शीशे पर बंदूक सटाकर गोली चलाई. शीशे में बने छेद से लगातार गोलियां दागी गईं. चंद्रनाथ को कुल 3 गोलियां लगीं. वहीं, फायरिंग में ड्राइवर भी घायल हो गया.

सूत्रों के मुताबिक जिस सिल्वर रंग की गाड़ी के जरिए चंद्रनाथ रथ की गाड़ी को रोका गया, उस गाड़ी के चेसिस नंबर मिटा दिए गए थे. यानि हमलावरों ने बहुत बारीकी से इस पूरे हत्याकांड की तैयारी की थी. जांच के फोकस में एक सिल्वर रंग की गाड़ी है, जिससे चंद्रनाथ रथ की गाड़ी को रोका गया था. रात तकरीबन 10 बजकर 20 मिनट पर चंद्रनाथ रथ की गाड़ी मेन हाईवे से उनके घर की गली की तरफ मुड़ी और घर से केवल 100 मीटर की दूरी पर इस गाड़ी को हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ की गाड़ी के सामने लगा दिया. इसके बाद बाइक पर सवार एक हमलावर जिसने कैप पहनी हुई थी, उतरता है और ताबड़तोड़ 4 राउंड फायरिंग की. जिसमें से 3 राउंड रथ के सीने में लगा जिससे उनकी मौत हो गई और उनके ड्राइवर की हालत नाजुक है.

जिस जगह तिराहे पर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है. मुमकिन है कि इस स्पॉट को भी बहुत सोच समझ कर चुना गया है, जिससे हमलावरों के पास भागने के लिए सिर्फ गली का ही रास्ता न हो, बल्कि एक तीसरा रास्ता भी हो जो सुनसान इलाके से होते हुए मेन सड़क पर जाए. जांच का फोकस ये सिल्वर रंग की गाड़ी इसलिए भी है कि इस गाड़ी का नंबर प्लेट फर्जी है. साथ ही इस गाड़ी के ड्राइविंग सीट पर लगी सीट बेल्ट भी गाड़ी के दरवाजे में फंसी है, जोकि दिखाता है कि हमलावर के साथी जिसने गाड़ी रोकी, वो घटना को अंजाम देने के बाद जल्दबाजी में गाड़ी से निकलकर बाइक पर बैठकर भाग गए.

जिस जगह पर हत्याकांड को अंजाम दिया गया ये आबादी वाला इलाका है. साथ ही खंभे पर सीसीटीवी कैमरा भी लगा है, जोकि जांच में बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है. इसके अलावा पूरे इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच पुलिस की ओर से की जा रही है, ताकि हमलावरों का रूट मैप तैयार किया जा सके कि वो किस रास्ते से आए, किस रास्ते से भागे और कहां से उन्होंने रथ की गाड़ी का पीछा करना शुरू किया.

NATIONAL : विजय के विधायकों की सीधी धमकी, DMK-AIADMK ने मिलकर बनाई सरकार तो देंगे सामूहिक इस्तीफा

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तमिलनाडु में सरकार पर सस्पेंस के बीच थलपति विजय की पार्टी TVK ने बड़ा दांव चला है. 108 विधायकों वाली इस पार्टी ने धमकी दी है कि अगर डीएमके और एआईएडीएमके ने मिलकर सरकार बनाई, तो उनके सभी विधायक इस्तीफा दे देंगे.

तमिलनाडु में सरकार पर सस्पेंस के बीच विजय की पार्टी TVK (तमिलगा वेट्री कझगम) ने बड़ी धमकी दी है. सूत्रों के मुताबिक, कहा गया है कि अगर किसी भी तरह राज्य में DMK और AIADMK की सरकार बनी तो TVK के सभी विधायक सामूहिक इस्तीफा देंगे. बता दें कि विजय की पार्टी TVK तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा 108 सीट जीतकर आई है. बावजूद इसके उसे सरकार बनाने का न्योता नहीं मिल रहा है.राज्यपाल ने विजय को दो बार खाली हाथ लौटा दिया. TVK प्रमुख से कहा गया कि वे बहुमत के लिए जरूरी 118 विधायकों का समर्थन दिखाएं.

TVK की कुल 108 सीट में से विजय दो सीटों पर जीते थे, जिसमें से एक उनको छोड़नी होगी. इस तरह TVK के पास 107 विधायक बचेंगे. कांग्रेस के सभी पांच विधायक भी उनके सपोर्ट में हैं. इस तरह उनके पास 112 विधायक हैं. लेकिन तमिलनाडु (कुल 234 सीट) में सरकार बनाने के लिए 118 विधायक चाहिए.

फिलहाल विजय सरकार बनाने के लिए क्षेत्रीय दलों से बात कर रहे हैं. इसमें VCK (2 विधायक), लेफ्ट पार्टी (2 विधायक) आदि शामिल हैं. वहीं मुस्लिम लीग, जिसके 2 विधायक हैं, उसने कहा है कि विजय को समर्थन देने पर अभी फैसला नहीं हुआ है.

इस बीच खबर आई थी कि धुर विरोधी पार्टियां, स्टालिन की DMK और पलानीस्वामी की AIADMK सरकार बनाने के लिए साथ आ सकती हैं. अगर ऐसा होता है तो ये विजय के लिए बड़ा झटका होगा. क्योंकि चुनाव में सबसे ज्यादा सीट उनको मिली हैं.

तमिलनाडु की AIADMK के 28 विधायकों को पुडुचेरी के पूरनकुप्पम के एक निजी रिसॉर्ट में ठहराया गया है. बताया जा रहा है कि सभी विधायक फिलहाल रिसॉर्ट में मौजूद हैं. हालांकि, उन्हें वहां क्यों रखा गया है और पार्टी की आगे की रणनीति क्या होगी, इस पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. लेकिन माना जा रहा है कि ये वो विधायक हैं जो विजय को समर्थन देने के लिए पार्टी तक छोड़ सकते हैं.

दूसरी तरफ DMK ने अपने सभी विधायकों को 10 मई तक चेन्नई में रहने को कहा है. बोला गया है कि पार्टी हित में कोई बड़ा फैसला होना है.

हालांकि, गठबंधन की चर्चा पर स्टालिन की तरफ से विराम लगाने कोशिश भी हुई. उन्होंने कहा कि DMK 6 महीने तक अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाएगी और जनता ने जो बदलाव चुना है, उसे मौका दिया जाना चाहिए. मगर एक्सपर्ट का मानना है कि स्टालिन ऐसा करके विजय को जनता की नजर में और बड़ा होने का मौका नहीं देना चाहते, क्योंकि अगर DMK सरकार बनने से पहले ही जोड़-तोड़ या दबाव की राजनीति करेगी तो विजय खुद को सिस्टम के खिलाफ लड़ने वाले हीरो के रूप में पेश कर सकते हैं.

उधर, तमिलनाडु लोक भवन सूत्रों के अनुसार राज्यपाल ने विजय को आश्वासन दिया है कि वे सरकार बनाने का न्योता किसी दूसरी पार्टी को नहीं देंगे. लेकिन टीवीके को समर्थक करने वाले विधायकों के दस्तखत समेत संख्या पत्र पेश करने होंगे, जिसके बाद ही शपथग्रहण होगा.

इसके बाद बड़ी बहस शुरू हो गई है. पूछा जा रहा है कि विजय की पार्टी जब सबसे बड़ी है तो फिर उसे सरकार बनाने के लिए क्यों नहीं बुलाया जा रहा है.
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 के मुताबिक, राज्यपाल मुख्यमंत्री की नियुक्ति करते हैं. लेकिन किसे बुलाया जाए, इसके लिए कोई विशेष उल्लेख करते हुए फॉर्मूला नहीं दिया गया है. ये राज्यपाल के स्वविवेक के ऊपर आ जाता है. यही वजह है कि ऐसे मामलों में राज्यपाल की भूमिका खास हो जाती है.

संविधान विशेषज्ञों के मुताबिक राज्यपाल का पहला दायित्व ये सुनिश्चित करना होता है कि जिसे भी मुख्यमंत्री बनाया जाए, वो सदन में बहुमत साबित कर सके. ये नहीं कि राज्यपाल किसी को आमंत्रित करें और सबसे पड़ी पार्टी होने के बावजूद वो अपना बहुमत सिद्ध न कर पाए.

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