Saturday, March 21, 2026
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Sports : अहमदाबाद में जीत का जश्न मानते हुआ, वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर सूर्यकुमार यादव, गंभीर और जय शाह पहुंचे हनुमान मंदिर

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टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव, कोच गौतम गंभीर और आईसीसी चेयरमैन जय शाह ट्रॉफी के साथ अहमदाबाद के हनुमान मंदिर पहुंचे.टी20 वर्ल्डकप 2026 जीतने के बाद भारतीय टीम जश्न में डूबी हुई है. फाइनल में शानदार जीत दर्ज करने के बाद टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव, मुख्य कोच गौतम गंभीर और आईसीसी के चेयरमैन जय शाह अहमदबाद में ही स्थित हनुमान टेकरी मंदिर पहुंचे.

इन सभी ने अहमदाबाद के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में जाकर टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ पूजा-अर्चना की. सूर्या, गंभीर और जय शाह के विश्वकप की ट्रॉफी के साथ मंदिर पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर टी20 फॉर्मेट में अपनी साख एक बार फिर से साबित कर दी और खिताब अपने नाम किया. इस जीत के साथ भारत ने तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया है.

भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 255 रनों का विशाल स्कोर बोर्ड पर लगा दिया था. इसके बाद गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड की टीम को बड़ा स्कोर बनाने का मौका नहीं दिया. न्यूजीलैंड की पूरी टीम 159 रन पर धराशायी हो गई और भारत ने मुकाबला आसानी से अपने नाम कर लिया.इस जीत के साथ भारतीय टीम टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में कई खास रिकॉर्ड अपने नाम करने में सफल रही. टीम इंडिया अपने घर में यह ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बन गई है. इसके अलावा भारत ने लगातार दूसरी बार यह खिताब जीतकर भी इतिहास रच दिया। भारतीय क्रिकेट के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि 2024 से 2026 के बीच टीम ने लगातार तीसरा आईसीसी खिताब अपने नाम किया है. इस दौरान टीम का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है और वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की सबसे सफल टीमों में गिनी जा रही है

Health :किडनी को रखना है हेल्दी तो आज ही अपनालें ये उपाय

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किडनी की बीमारी तेजी से बढ़ रही है. कई लोग इसका पता चलते ही काफी परेशान हो जाते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि आपको किन 8 नियमों को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए। अक्सर देखा जाता है कि क्रॉनिक बीमारियों के इलाज को कुछ सामान्य टिप्स तक सीमित कर दिया जाता है, जो हर व्यक्ति के लिए कारगर नहीं होते. असल में बीमारी से ज्यादा मरीज का उसके प्रति रवैया और समझ उसके परिणाम को तय करती है. अपोलो हॉस्पिटल, बैनरघट्टा रोड, बेंगलुरु के सीनियर कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. प्रशांत सी. धीरेंद्र के अनुसार किडनी से जुड़ी बीमारियों को समझने और बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए कुछ जरूरी नियमों का पालन करना चाहिए.

ज्यादातर लोग किडनी के काम और उसके महत्व को सही तरह से नहीं समझते. किडनी शरीर के सबसे कम समझे जाने वाले अंगों में से एक है, जबकि यह शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाती है. इसलिए हर व्यक्ति को किडनी के कार्य और उसकी देखभाल के बारे में जानकारी रखनी चाहिए.आज इंटरनेट पर स्वास्थ्य से जुड़ी बहुत सारी जानकारी उपलब्ध है, लेकिन हर जानकारी सही हो यह जरूरी नहीं. कई बार पड़ोसी, दोस्त या रिश्तेदार भी बिना एक्सपर्ट के सलाह देने लगते हैं, जो नुकसानदेह हो सकती है. इसलिए किडनी से जुड़ी समस्या होने पर केवल योग्य नेफ्रोलॉजिस्ट की सलाह ही माननी चाहिए.

भारत में किडनी फेल होने के दो बड़े कारण डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर हैं. करीब 75 प्रतिशत मरीजों में इन दोनों में से एक या दोनों बीमारियां मौजूद होती हैं. इसलिए जिन लोगों को डायबिटीज या हाई बीपी है, उन्हें साल में कम से कम एक बार किडनी की जांच जरूर करानी चाहिए.किडनी शरीर में केमिकल संतुलन बनाए रखने का काम करती है, जिससे ब्रेन, हार्ट, लंग्स और लिवर जैसे महत्वपूर्ण अंग सही तरह से काम कर पाते हैं. अगर किडनी ठीक से काम न करे तो शरीर में पानी जमा होने लगता है, जो फेफड़ों तक पहुंचकर जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है.

किडनी से जुड़ी बीमारी में सबसे अहम लक्ष्य मरीज की अच्छी लाइफ की क्वालिटी बनाए रखना है. शुरुआती चरण में ब्लड शुगर और बीपी को नियंत्रित रखना, सही खानपान और नियमित जांच काफी मददगार होती है. वहीं गंभीर स्थिति में डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट जैसे उपचार की जरूरत पड़ सकती है. सही जानकारी, समय पर जांच और एक्सपर्ट की सलाह से किडनी से जुड़ी समस्याओं को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है और मरीज लंबे समय तक सामान्य जीवन जी सकता है.क्रॉनिक किडनी डिजीज यानी CKD का मतलब है कि किडनी तीन महीने से अधिक समय तक सामान्य से कम काम कर रही है. यह बीमारी आमतौर पर धीरे-धीरे बढ़ती है, इसलिए समय रहते इलाज और सावधानी से इसे कंट्रोल किया जा सकता है.

Bollywood : सलमान खान के इस गाने पर ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन ने किया जमकर डांस फोटोस हुआ वायरल

ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. कपल के संग इस वायरल वीडियो में नीता अंबानी भी नजर आ रही हैं. सबसे मजेदार बात ये है कि तीनों ने सलमान खान के सॉन्ग पर डांस किया है.ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन हाल ही में मुंबई के एक ग्रैंड वेडिंग में शामिल हुए. जहां, उन्होंने अपने बॉलीवुड वाले अंदाज में लोगों को खूब एंटरटेन किया. इस शादी में ऐश्वर्या और अभिषेक जब एक साथ डांस फ्लोर पर नजर आए तो उन्होंने पूरी लाइमलाइट चुरा ली.

इस दौरान ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन को सलमान खान के पॉपुलर सॉन्ग सलाम-ए-इश्क पर थिरकते हुए देखा गया. डांस फ्लोर पर ऐश्वर्या और अभिषेक का साथ नीता अंबानी ने भी बखूबी दिया. ऐश्वर्या, अभिषेक और नीता अंबानी के डांस वीडियो ने सोशल मीडिया पर धमाल मचा दिया था.ये जश्न मुदित अडानी और अनन्या दीवानजी की शादी की था. ऐश्वर्या राय कितनी बेहतरीन डांसर हैं, ये तो हर कोई जानता है. लेकिन, अभिषेक बच्चन ने भी इस दौरान उनका पूरा साथ दिया. सबसे मजेदार बात तो ये रही कि नीता अंबानी ने भी ऐश्वर्या और अभिषेक को डांस में कड़ी टक्कर दी, जिसे देख हर कोई हैरान है.

इस खास मौके पर ऐश्वर्या ने डार्क ब्लू सूट पहन रखा था, जबकि अभिषेक बच्चन ने व्हाइट ट्राउजर के साथ ब्लू बंदगला शेरवानी पहन वाइफ के साथ ट्विनिंग किया था. ऐश्वर्या और अभिषेक को दोस्तों और मेहमानों के साथ इस पल को एंजॉय करते हुए देखा गया.वहीं, नीता अंबानी ने भी इस खास मौके पर पन्ना हरे रंग का ट्रेडिशनल आउटफिट पहना था. बता दें इस फंक्शन की कुछ तस्वीरों को ओरी ने भी इंस्टाग्राम पर शेयर की है. ओरी ने जो तस्वीरें शेयर की हैं, उसमें ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन के संग उनकी बेटी आराध्या भी नजर आ रही हैं.

इस फंक्शन से पहले ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन को एक साथ सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर और सानिया की शादी में देखा गया था. इस शादी से भी कपल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई थी.

World : पहले से ही कंगाल पाकिस्तान पर गिरी गाज, मदद के लिए फिर से IMF का दरवाजा खटखटा ने पहुंचेंगे शहबाज

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ईरान-इजरायल के बीच जंग की स्थिति में पााकिस्तान का तेल के आयात पर महीने का खर्च 600 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है. ऐसे में देश फिर से IMF से मदद मांगने की तैयारी में है.कर्ज के चल रही पाकिस्तान की इकोनॉमी के सामने पहले ही कई चुनौतियां हैं. ऊपर से अब ईरान-इजरायल के बीच जंग ने परेशानी और बढ़ा दी है. पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति के चलते पााकिस्तान का तेल के आयात पर महीने का खर्च 600 मिलियन डॉलर (करीब 60 हजार करोड़ रुपये) तक बढ़ सकता है. पाकिस्तान में न्यूज पेपर Dawn की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने कहा कि सरकार पर बढ़ते इस आर्थिक बोझ के दबाव को कम करने के लिए इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) से पेट्रोलियम लेवी (Tax) में राहत देने की अपील की जाएगी.

बीते रविवार को संवाददाताओं से मुखातिब होते हुए औरंगजेब ने बताया कि पश्चिमी एशिया में जंग के हालातों में पाकिस्तान का महीने का ऑयल इम्पोर्ट बिल बढ़कर 600 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि सरकार तेल की बढ़ती कीमतों के असर से निपटने के लिए दूसरा प्लान बना रही है. इस बीच, पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने फ्यूल बचाने के तरीकों पर गौर फरमाने की बात कही है ताकि देश के पास मौजूदा रिजर्व को ज्यादा समय तक के लिए चलाया जा सके. इसके अलावा, पाकिस्तान ओमान, सऊदी अरब जैसे देशों के भी संपर्क में है ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अलावा दूसरे वैकल्पिक मार्गों से तेल की सप्लाई की जा सके.

इस बीच पाकिस्तान में शहबाज शरीफ की सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी 55 PKR प्रति लीटर तक बढ़ा दी है. इसी के साथ पाकिस्तान में अब पेट्रोल की कीमत 321.17 PKR प्रति लीटर और डीजल की कीमत 335.86 Pहै. KR प्रति लीटर हो गई. सरकार के इस फैसले से वहां की जनता पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है. लोग पहले से ही रमजान के महीने में बढ़े हुए खर्च से जूझ रहे हैं. वहीं,अब पेट्रोल-डीजल की कीमत में हुई बढ़ोतरी ने घर के बजट को बिगाड़ दिया है.

पाकिस्तान के पास विदेशी मुद्रा भंडार में अभी 21.43 मिलियन डॉलर है. इनमें से स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) के पास 16.3 बिलियन डॉलर है. ऐसे में तेल के आयात पर 600 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त खर्च पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को तेजी से घट सकता है. वैसे भी पाकिस्तान पर पहले से ही दूसरे देशों से ली गई 23 बिलियन डॉलर के कर्ज की तलवार लटक रही है. ऐसे में तेल के महंगे बिल से ज्यादा से ज्यादा डॉलर आयात में चला जाएगा.इससे कर्ज की किश्ते चुकाने के लिए फिर से नए लोन या रोलओवर का सहारा लेना पड़ सकता है.

Delhi news : उत्तम नगर हत्याकांड में बड़ा एक्शन! पुलिस ने 3 महिलाओं को हिरासत में लिया और पूछताछ की शुरू

दिल्ली के उत्तम नगर मामले में दिल्ली पुलिस ने सायरा, शरीफ और सलमा नाम की तीन महिलाओं को हिरासत में लिया है. घटना के बाद तीनों ख्याला इलाके में छिपी हुई थीं.दिल्ली के उत्तम नगर में हुई वारदात के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन महिलाओं को हिरासत में लिया है. पुलिस के मुताबिक सायरा, शरीफ और सलमा नाम की महिलाओं को पूछताछ के लिए पकड़ा गया है. जानकारी के अनुसार घटना के बाद ये तीनों महिलाएं दिल्ली के ख्याला इलाके में छुपी हुई थीं. पुलिस ने उन्हें वहीं से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है.

बता दें 8 मार्च को उत्तम नगर में होली पर हुई झड़प के मामले में एक आरोपी के घर के अवैध हिस्सों को गिरा दिया गया था, दिल्ली नगर निगम की टीम जेसीबी के साथ मौके पर पहुंची और दिल्ली पुलिस के मौजूदगी में इस कार्रवाई को अंजाम दिया. दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन हुई हिंसक झड़प में 26 वर्षीय युवक तरुण की हत्या के बाद मामला बढ़ता गया. इस हत्या से निवासियों में आक्रोश फैल गया और 6 मार्च को आक्रोशित भीड़ ने कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया और कुछ में आग लगा दी. इसके बाद अधिकारियों ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है. दिल्ली नगर निगम की टीम ने दिल्ली पुलिस की मौजूदगी में जेजे कॉलोनी इलाके में आरोपी उमरदीन के पिता निजामुद्दीन के घर के अवैध हिस्सों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की है, हालांकि नगर निगम अधिकारियों ने इसे नालियों पर बने अतिक्रमण हटाने के अभियान का हिस्सा बताया है.

पुलिस के अनुसार होली के दौरान पानी से भरा गुब्बारा पड़ोसी महिला पर गिरने के बाद दो परिवारों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गया और तरुण की मौत हो गई. मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था और एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है, और अब 3 और महिलाओं के बाद कुल गिरफ्तारी 10 हो गई है. जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की तैनाती की गई है.

पीड़ित परिवार ने मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने और सभी आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग की है. वहीं सुरक्षा के कड़े इंतजाम और बैरिकेडिंग के कारण इलाके के बाजार और दुकानें भी बंद हैं, जिससे स्थानीय लोगों और छोटे व्यापारियों पर असर पड़ा है.

Life style : चैत्र मासिक शिवरात्रि मार्च में कब हे, इस दिन पंचक भी हे, जानिए मुहूर्त

चैत्र मासिक शिवरात्रि 17 मार्च को है. ये व्रत वैवाहिक जीवन में सुख, शादी के लिए सुयोग्य जीवनसाथी, आर्थिक लाभ के लिए रखा जाता है.महाशिवरात्रि के बाद साल 2026 की पहली चैत्र मासिक शिवरात्रि 17 मार्च 2026 को है. यह नियमित रूप से भगवान शिव की कृपा पाने के लिए किया जाने वाला व्रत है, जो हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आता है. मासिक शिवरात्रि, महाशिवरात्रि से थोड़ी अलग होती है, इसकी पूजा विधि में अंतर है. ऐसे में चैत्र मासिक शिवरात्रि पर कैसे करें व्रत, पूजन और क्या है इसके नियम.

चैत्र मासिक शिवरात्रि 2026 मुहूर्त

चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 17 मार्च 2026 को सुबह 9.23 पर शुरू होगी और अगले दिन 18 मार्च 2026 को सुबह 8.25 पर समाप्त होगी.

पूजा मुहूर्त – देर रात 12.07 – देर रात 12.55, 18 मार्च

व्रत का संकल्प – व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान शिव का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें. इसके बाद घर के मंदिर या शिवालय में जाकर पूजा करें. शिवलिंग का अभिषेक करें. महाशिवरात्रि पर पूजा बड़े स्तर पर की जाती है लेकिन मासिक शिवरात्रि पर सामान्य रूप से पूजन कर सकते हैं.

जल या गंगाजल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा और भांग, सफेद फूल का इस्तेमाल करें. पूजा करते समय “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है.दिनभर व्रत रखें।

Business : मिडिल ईस्ट तनाव से कच्चे तेल की कीमतें लगी तेजी से बढ़ने , 115 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल सप्लाई भी बाधित

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पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ते हुए 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और ईरान के आसपास बने तनावपूर्ण हालात का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ते हुए 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. जिसके कारण चिंता का माहौल बनता दिख रहा है.

आमतौर पर जब क्रूड ऑयल के दाम इस तरह तेजी से बढ़ते हैं, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ता है. तेल महंगा होन के कारण इसका असर दूसरे कई पहलूओं पर होता है. रोजमर्रा की वस्तुओं के महंगे होने का डर सताने लगता है. क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों से महंगाई का खतरा भी मंडरा रहा है. ताजा आंकड़ों से साफ पता चलता है कि, कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही है. अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चे तेल की कीमतों में करीब 28 फीसदी का उछाल आया है और यह लगभग 116 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है.

वहीं ब्रेंट क्रूड में भी 26 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है. इसकी कीमत करीब 117 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है. बाजार जानकारों का कहना है कि, अगर होर्मुज स्ट्रेट जल्द शुरू नहीं होता है तो, यह संकट बहुत बड़ा रूप ले सकती है. जिससे तेल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी की संभावना बन सकती है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब तेल उत्पादन पर भी दिखने लगा है. सुरक्षा कारणों से कुवैत ने अपने तेल उत्पादन और रिफाइनरी गतिविधियों में कटौती की है. वहीं इराक के उत्पादन में करीब 70 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.इराक के दक्षिणी तेल क्षेत्रों में उत्पादन युद्ध से पहले के 4.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन से घटकर करीब 1.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गया है. इसके साथ ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी दबाव को देखते हुए अपने ऑफशोर उत्पादन को सावधानी के साथ चलाने का फैसला लिया है.

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर कई सेक्टरों पर पड़ सकता है. खासकर उन सेक्टरों पर जिनकी लागत सीधे तौर पर ऊर्जा या क्रूड से जुड़ी होती है. इसमें ऑयल मार्केटिंग कंपनियां, पेंट इंडस्ट्री, एविएशन सेक्टर, लुब्रिकेंट कंपनियां, टायर इंडस्ट्री और सीमेंट सेक्टर प्रमुख रूप से शामिल हैं. तेल महंगा होने पर इन सेक्टरों की कंपनियों का उत्पादन और संचालन लागत बढ़ जाती है. जिससे कंपनियों के मुनाफे और मार्जिन पर दबाव देखने को मिल सकता है.

Top news : लेखपाल भर्ती की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर, यूपी में इस दिन होने वाली हे परीक्षा ऐ

लेखपाल भर्ती की मुख्य परीक्षा मई 2026 में आयोजित की जाएगी. इस भर्ती के माध्यम से हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी पाने का मौका मिलेगा. इस बार परीक्षा में बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल होने वाले हैं.उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है. उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने लेखपाल भर्ती परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है. लंबे समय से उम्मीदवार इस परीक्षा की तारीख का इंतजार कर रहे थे. अब आयोग ने साफ कर दिया है कि लेखपाल भर्ती की मुख्य परीक्षा मई 2026 में आयोजित की जाएगी. इस भर्ती के माध्यम से हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी पाने का मौका मिलेगा. इस बार परीक्षा में बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल होने वाले हैं, इसलिए प्रतियोगिता भी काफी कड़ी रहने वाली है जो अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए चयनित हुए हैं, उन्हें अब अपनी तैयारी को और मजबूत करना होगा. ऐसे में आइए जानते हैं कि लेखपाल भर्ती के लिए यूपी में किस दिन परीक्षा होगी.

इस दिन होगी लेखपाल भर्ती की मुख्य परीक्षा

उत्तर प्रदेश में लेखपाल के 7996 पदों पर भर्ती के लिए मुख्य परीक्षा 21 मई 2026 को आयोजित की जाएगी. आयोग ने बताया है कि परीक्षा सुबह 10 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक चलेगी यानी उम्मीदवारों को दो घंटे का समय दिया जाएगा. परीक्षा की तारीख घोषित होने के बाद अब उम्मीदवार अपनी तैयारी को और बेहतर बनाने में जुट गए हैं. मुख्य परीक्षा के लिए जिन 3.66 लाख अभ्यर्थियों को चुना गया है, उनका चयन प्रारंभिक अर्हता परीक्षा यानी PET के अंकों के आधार पर किया गया है. PET परीक्षा के बाद से ही उम्मीदवार मुख्य परीक्षा की तारीख का इंतजार कर रहे थे. अब तारीख घोषित होने के बाद उन्हें अपनी पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देना होगा.

इस बार आयोग ने परीक्षा के सिलेबस में कुछ बदलाव भी किए हैं. पहले की तरह गणित का विषय अब परीक्षा में शामिल नहीं किया गया है. हालांकि डेटा इंटरप्रिटेशन (DI) को रखा गया है, जिसमें 10 अंकों के 10 सवाल पूछे जाएंगे. इसके अलावा कंप्यूटर और आईटी से जुड़े प्रश्न 15 अंकों के होंगे, जबकि उत्तर प्रदेश के सामान्य ज्ञान से 20 अंक के प्रश्न पूछे जाएंगे. हिंदी विषय का भार भी पहले की तुलना में कम कर दिया गया है. पहले हिंदी 25 अंकों की होती थी, लेकिन अब इसे घटाकर 10 अंक कर दिया गया है. ग्राम्य समाज से जुड़े प्रश्नों का वेटेज भी कम कर दिया गया है और अब इससे केवल 5 अंक के सवाल पूछे जाएंगे.

लेखपाल भर्ती में विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग पद निर्धारित किए गए हैं. सामान्य वर्ग के लिए 3205 पद रखे गए हैं. वहीं ओबीसी वर्ग के लिए 2158 पद तय किए गए हैं. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 792 पद हैं. अनुसूचित जाति (SC) के लिए 1679 पद और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 160 पद निर्धारित किए गए हैं.

Sports : विश्वकप जीती टीम इंडिया ,तो शर्म से पानी-पानी हुआ पाकिस्तान

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टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद पाकिस्तान के कई दिग्गज क्रिकेटरों ने बयान दिया है. इसमें मोहम्मद हफीज, शाहिद अफरीदी और शोएब अख्तर समेत कई पूर्व खिलाड़ियों के नाम शामिल हैं.भारत की टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ऐतिहासिक जीत के बाद सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में टीम इंडिया की तारीफ हो रही है. भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया. इस जीत के बाद पाकिस्तान के कई दिग्गज क्रिकेटरों ने भी भारतीय टीम को बधाई दी और उनके प्रदर्शन की सराहना की.

भारतीय टीम की इस जीत के बाद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि भारत की यह सफलता उनके मजबूत घरेलू क्रिकेट ढांचे और लगातार तैयार हो रहे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की वजह से संभव हुई है.पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज ने भारत को शानदार जीत के लिए बधाई दी. उन्होंने कहा कि भारत की क्रिकेट प्रणाली काफी मजबूत है और इसी वजह से टीम लगातार बड़े टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करती है.

इसके अलावा पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर सकलैन मुश्ताक, पूर्व महिला कप्तान सना मीर, तेज गेंदबाज उमर गुल और शोएब अख्तर ने भी टीम इंडिया को जीत की बधाई दी है. वहीं ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी ने फेसबुक पर एक वीडियो के जरिए टीम इंडिया को बधाई देते हुए कहा की भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में एक चैंपियन टीम की तरह खेली है.पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने भी भारत की जीत पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि फाइनल से पहले उन्हें लगा था कि न्यूजीलैंड खिताब जीत सकता है, लेकिन भारतीय टीम ने शानदार खेल दिखाकर उनकी भविष्यवाणी को गलत साबित कर दिया है. आमिर ने माना कि हर बड़े मैच में भारतीय टीम ने उनकी भविष्यवाणी को गलत साबित करते हुए हुए शानदार प्रदर्शन किया है.

Rajasthan : मार्च में ही शुरू हुआ गर्मी का सितम, कई जगह 40 डिग्री तक पहुंचा तापमान, लोगो को लगाने लगी गर्मी

झुंझुनूं जिले के पिलानी में सबसे ज्यादा 40.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया. इसके बाद बाड़मेर में यह 40 डिग्री सेल्सियस रहा. राजस्थान में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. पाकिस्तान बॉर्डर वाले जिलों में तापमान 40 के करीब पहुंच चुका है. राजधानी जयपुर और जोधपुर जैसे शहरों में भी अधिकतम तापमान 35 डिग्री से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया है.

इस बीच प्रर्देश में हीट वेव का असर भी दिखाई देने लगा है. राजस्थान में इस बार मार्च के दूसरे हफ्ते में ही जबरदस्त गर्मी पड़ रही है. इससे आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है. लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है.राजस्थान में रविवार (8 मार्च) को भीषण गर्मी का दौर देखने को मिला. जहां कई जगहों पर अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी. आईएमडी के जयपुर केंद्र के अनुसार, झुंझुनूं जिले के पिलानी में सबसे ज्यादा 40.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया.

राजस्थान में रविवार (8 मार्च) को भीषण गर्मी का दौर देखने को मिला. जहां कई जगहों पर अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी. आईएमडी के जयपुर केंद्र के अनुसार, झुंझुनूं जिले के पिलानी में सबसे ज्यादा 40.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया.बीकानेर में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस, चूरू में 39.1 डिग्री सेल्सियस और जैसलमेर में 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.जोधपुर शहर में तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस, फतेहपुर (सीकर) में 38.5 डिग्री सेल्सियस और टोंक के वनस्थली व जोधपुर के फलौदी में 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

जयपुर में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि श्रीगंगानगर और झुंझुनूं में 37.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में गर्मी बढ़ने का अनुमान है. जिसे लेकर मौसम विभाग ने संभावना जताई है.

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