Sunday, May 3, 2026
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ENTERTAINMENT : 4 IVF हुए फेल, बिना शादी मां बनीं भोजपुरी सिंगर देवी, बोलीं- 10 साल से कोशिश कर रही थी

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भोजपुरी सिंगर देवी हाल ही में 40 साल की उम्र में बिना शादी के मां बनी हैं. बेटे को जन्म दिया है. जब देवी ने इस न्यूज को फैन्स के साथ शेयर किया था तो वो काफी ट्रोल हुईं. देवी ने आजतक डॉट कॉम संग बातचीत में बताया कि पिछले 10 साल से वो इस कोशिश में जुटी थीं. 4 आईवीएफ फेल हुए, तब जाकर उन्हें मां बनने का सौभाग्य मिला.

कहते हैं जहां चाह, वहां राह… भोजपुरी सिंगर देवी ने अपनी जिंदगी में कुछ ऐसा कर दिखाया है, जिसे करने के लिए मानसिक रूप से आपको मजबूत बनना होगा. देवी, बिना शादी के मां बनी हैं वो भी आईवीएफ से. जब देवी 28-29 साल की थीं तो उन्होंने खुद के लिए एक सपना देखा था. वो यही था. बिना शादी मां बनने का सपना. राह आसान बिल्कुल नहीं थी. करीबन 4 बार इसमें सफलता हासिल नहीं हुई, लेकिन देवी ने हिम्मत नहीं हारी. वो लड़ीं और जीतीं भी.

देवी ने आजतक डॉट कॉम से एक्स्क्लूसिव बातचीत की. खुलकर बताया कि आखिर उनके लिए ये कितना मुश्किल सफर रहा. 10 साल तक आईवीएफ की प्रक्रिया ट्राय करते रहने के बाद उन्हें किस तरह सफलता हासिल हुई और एक ‘नन्हे राजकुमार’ की मां बनने का उन्हें सौभाग्य प्राप्त हुआ. खुद को सौभाग्यशाली मानती हूं कि परिवार का बहुत सपोर्ट रहा. मेरे पिता काफी ओपन माइंडिड रहे. बच्चे का होना वो या तो प्राकृतिक रूप से या फिर IVF से. बच्चे का होना एक महिला के लिए सुखद अनुभव भी है और चैलेंजिंग भी होता है. काफी इमोशनल जर्नी होती है.

मुझे लगता है कि कोई भी जो प्राकृतिक घटना है, लोगों के अंदर गलत भावना है वो बहुत ही खराब है. मैंने देखा कि लोगों ने जिस तरह से मेरा विरोध किया वो काफी खराब लगा. मैं एक मां हूं, किस परिस्थिति से गुजर रही हूं, वो उन्हें नहीं पता. लोगों ने मुझे जो कुछ भी लिखा या कहा, वो गलत है.

मेरे मन में हमेशा से ही रहा कि मैं उन चीजों को बदलूं जो गलत हो रही हैं. जैसे पहले जमाने में सती प्रथा हुआ करती थी कि अगर किसी का पति मर गया तो उस औरत को भी लोग उसी आग में जला देते थे. ये चीजें गलत हैं. समाज में न जाने कितनी प्रथाएं हैं जो गलत चलती आ रही हैं. मैंने अगर बिना शादी मां बनने का कदम उठाया तो क्या गलत किया. समाज को सेंसिटिव होने की जरूरत है. बच्चे का होना, चाहे वो प्राकृति हो या फिर आईवीएफ से, इस तरह समाज को इसका विरोध नहीं करना चाहिए, जिस तरह से वो मेरा कर रहे हैं. ये अपने आप में समाज की कुंठित मानसिकता को दर्शाता है.

28-29 की उम्र की थी मैं जब मैंने आईवीएफ से मां बनने का सफर शुरू कर दिया था. मुझे लेकिन आइडिया नहीं था कि इतना ट्रोलिंग मुझे मिल जाएगी. मेरे लिए तो शॉकिंग एक्स्पीरियंस था. प्रेग्नेंसी में मुझे कोई तकलीफ नहीं हुई. न हेल्थ से जुड़ा कोई नुकसान हुआ. पर बाद में जिस तरह मैंने लोगों का विरोध देखा उसने मुझे अफेक्ट किया, लेकिन अब फर्क नहीं पड़ रहा, क्योंकि मेरा बेबी मेरे लिए पहले है. मैं करीब 10 साल से इसका प्रयास कर रही हूं. मुझे बच्चा ऐसे ही नहीं मिल गया है. मैंने पहले साल 2015 में IOI ट्राय किया था. ये मैंने डेनमार्क में कराया था. वो सक्सेसफुल नहीं हुआ. फिर साल 2016 में मैंने IVF ट्राय किया. कई सालों तक मैं करवाती रही IVF. पर पांचवीं बार में मुझे सफलता मिली.

जब 10 साल पहले मैंने ये करवाया था तो इंडिया में इसके बारे में बहुत कम लोग जानते थे. मुझे ये तक बोला गया कि हम बिना शादी की महिला का आईवीएफ नहीं करते हैं. कुछ टाइम मैंने ये चैलेंज फेस किया. फिर मैं डेनमार्क गई, वहां शिफ्ट हुई. वहां पूरी प्रक्रिया बहुत अच्छी हुई. ये सबकुछ मैं अपने परिवार की बदौलत ही कर पाई. मुझे लगता है कि जब आप किसी चीज को सही तरह से समझ रहे होते हैं तो आप कंविन्स्ड होते हैं अपने एक्शन पर.

सबसे अच्छी बात मेरे साथ ये रही कि मैं एक अच्छे वातावरण में रही. मेरे लिए ईजी रहा सबकुछ. लेकिन मैं ये कहना चाहती हूं कि जिन भी लोगों ने मुझे ट्रोल किया, वो खराब था. एक जो मां बनती है, लोगों को पता नहीं होता कि वो कितने तरह के इमोशन्स से गुजरती है, कितने तरह के भाव से गुजरती है. अभी भी कुछ लोग बहुत बोल रहे हैं, लेकिन मैं सिर्फ अपने बच्चे की परवरिश पर ध्यान दे रही हूं. मैं डिस्टर्ब नहीं हो रही हूं. लोग हैं, अपने बुरे कर्म कर रहे हैं.

देवी- मेरा बेबी बहुत हेल्दी है. मेरा मदरहुड पीरियड काफी अच्छा जा रहा है. मेरी बहन और पिता का काफी सपोर्ट मिल रहा है. क्योंकि मैं जॉइंट फैमिली में रहती हूं तो काफी सहारा है सभी का. मेरी लाइफ का ये बहुत अलग फेज चल रहा है. मेरा अंदर काइंडनेस और ज्यादा आ गई है. बेबी को लेकर मैं काफी प्रोटेक्टिव महसूस करती हूं.

देवी ने कहा- पार्टनर तो हर महिला चाहती है. मैंने भी चाहा था. मेरे भी कुछ पार्टनर्स रहे जिंदगी में. कई बार ऐसा संजोग हुआ कि वो लोग बिना शादी के बच्चा करने के लिए तैयार नहीं हुए. तो मुझे फिर आईवीएफ का सहारा लेना पड़ा. शादी में मैं कभी इसलिए भी इंट्रस्टेड नहीं रही, क्योंकि मैंने बहुत सारी लड़कियों की शादी में जिंदगी नर्क बनते देखी है. पढ़े-लिखे लोग भी लड़कियों की आजादी को काट देते हैं. लड़की को प्रेशर की तरह रखते हैं. जिस तरह से औरतों का शोषण किया जाता है वो खराब है. शादी के बाद लड़की की जिंदगी पति, बच्चा और सास-ससुर ही रह जाते हैं. पर मैं कभी बंधकर रहने वालों में से नहीं रही. बंधकर रहने से मुझे परेशानी है. मैंने इसलिए शादी को कभी प्रेफरेंस नहीं दी.

देवी- जो लोग मुझे पर्सनली जानते हैं उन सभी ने मुझे इस कदम को उठाने में सपोर्ट दिखाया है. इंडस्ट्री में बहुत ज्यादा दोस्त मेरे नहीं है, लेकिन जितने भी गिने-चुने हैं, सभी ने बधाई दी है. रही बात काम की तो जितना मेरे से हो पा रहा है वो कर रही हूं. बेबी मेरा दिसंबर तक 3 महीने का हो जाएगा तो मैं ट्रैवल करने का प्लान कर रही हूं. परिवार ही बेबी को देख रहा है.

सिंगर ने कहा- जब मेरी डिलीवरी हो रही थी तो मेरी आंखों से आंसू नहीं रुक रहे थे. मेरी बहन मेरे साथ ऑपरेशन थियटर में थी तो उसने ही मुझे वहां संभाला है. मानसिक रूप से मैं थोड़ा डिसटर्ब हो गई थी, लेकिन मैं इस फेज को एन्जॉय कर रही हूं. मैं अपने अंदर काफी बदलाव देख रही हूं. फीलिंग्स बदल गई हैं, प्रोटेक्टिव ज्यादा हो गई हूं, बेहतर इंसान बन रही हूं. रही बात वजन बढ़ने की जो प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद बढ़ा दिखता है. इसके लिए मैं सोचती हूं कि ये नैचुरल चीज है, आप कभी भी शेप में आ सकते हैं. मेरी सी सेक्शन डिलीवरी हुई है तो मैं अभी थोड़ा एक्टिव नहीं रह सकती. लेकिन जल्द वर्कआउट शुरू करूंगी.

सिंगर देवी के वर्कफ्रंट पर एक नजर डाले तो वो अबतक 50 से ज्यादा एल्बम गा चुकी हैं. देवी को चंदा कैसेट्स के ‘बावरिया’ गाने से पहचान मिली थी. इस गाने ने यूपी और बिहार में धूम मचा दी थी. एल्बम से उनके गाने ‘पिया गईले कलकतवा ए सजनी’, ‘कुएं का ठंडा पानी’, ‘परवल बेचे जाईब भागलपुर’ और ‘अंगुरी में डसले बिया नगिनिया’ आज भी लोगों को खूब पसंद आते हैं.

NATIONAL : धराली आपदा में लापता 67 लोगों का जारी होगा मृत्यु प्रमाण पत्र, केंद्र सरकार से मिली मंजूरी

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उत्तराखंड के धारली में आई आपदा के बाद अभी तक 67 लोगों का कोई पता नहीं लग पाया है. ऐसे में उन सभी के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है. इसके बाद अब उन 67 लोगों को मृत्यु प्रमाण पत्र दे दिया जाएगा. उत्तराखंड के धारली में 5 अगस्त को आई आपदा के बाद से 67 लोग अभी तक लापता हैं. यह आपदा उत्तरकाशी के धारली में आई थी, जहां खीर गंगा में मलबा आने से वहां सब कुछ उसमें ही दफन हो गया था, जिसमें 67 लोग लापता हैं. 51 दिन बीत जाने के बाद भी इन लोगों का कोई सुराग नहीं लग पाया है.

बता दें कि उत्तरकाशी जिले के धरौली व हर्षिल में आई आपदा में लापता लोगों को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए गृह मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है. शासन ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया के लिए अभिहित व अपीलीय अधिकारी नियुक्त कर दिए हैं. मृत्यु पंजीकरण के बाद लापता लोगों के परिवार को आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता मिल सकेगी. 5 अगस्त को धरौली आपदा में खीर गंगा में आए मालवा में सब कुछ दफन हो गया था. आपदा में 67 लोग लापता थे. लगभग 51 दिन बीत जाने के बाद भी आज तक उनका कोई पता नहीं लग पाया है.

राज्य सरकार ने आपदा में लापता लोगों का मृत्यु प्रमाण पत्र व उनका पंजीकरण करने के लिए मानकों में छूट देने के लिए गृह मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा था. महारजिस्ट्रार गृह मंत्रालय ने लापता लोगों का मृत्यु पंजीकरण करने की अनुमति दे दी है. सचिव स्वास्थ्य डॉक्टर आर. राजेश कुमार ने बताया कि उत्तरकाशी जिले के धारली व हर्षिल में आई आपदा में लापता लोगों के मृत्यु पंजीकरण के लिए भीम के लिए उप जिला अधिकारी को नियुक्त किया गया है. वह जिला अधिकारी को अपीलीय अधिकारी नामित किया गया है. जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 के तहत लापता लोगों को 7 साल के बाद ही मृत घोषित करने का प्रावधान है.

चमोली जिले के रेडी में 2021 में आपदा में सैकड़ों मजदूर लापता हो गए थे. उस समय भी केंद्र सरकार ने जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 के तहत मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में छूट दी थी. अब गृह मंत्रालय की 2021 की तर्ज पर ही धारली आपदा में लापता लोगों का मृत्यु पंजीकरण करने की अनुमति दी गई है.

आपदा में लापता लोगों की मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए सबसे पहले प्रश्न का मूल निवास वाले स्थान पर लापता व्यक्ति की शिकायत दर्ज करनी होगी. इसके बाद शिकायत को घटा वाले क्षेत्र के प्रोग्राम मजिस्ट्रेट यानी सीएम के पास भेजा जाएगा. लापता व्यक्ति के बारे में कोई आपत्ति न मिलने पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा. मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही परिजनों को आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता मिल सकेगी. उत्तराखंड के कई इलाकों में आई आपदा के बाद से कई लोग लापता हैं. इस प्रकार के केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास से लोगों को बेहद राहत मिलने की उम्मीद है.

UP : मुजफ्फरनगर में चार बच्चों की मां प्रेमी संग फरार, जानकारी मिलते ही गांव में बुलाई गई पंचायत

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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां के चरथावल थाना क्षेत्र के गांव मथुरा से चार बच्चों की मां अपने मुस्लिम प्रेमी के साथ फरार हो गयी. शिकायत के 21 दिनों बाद तक महिला का सुराग नहीं लगा. जिस पर हिन्दू संगठनों ने गांव में पंचायत कर मुस्लिम समाज के बहिष्कार का ऐलान कर दिया. जिसके बाद पुलिस के हाथ-पांव फूल गए हैं. पंचायत ने एक हफ्ते में महिला की बरामदगी का समय दिया है. उधर पुलिस ने जल्द महिला को तलाश करने का दावा किया है.

जानकारी के मुताबिक घटना 6 सितंबर की बताई जा रही है. चरथावल थाना क्षेत्र के मथुरा गांव निवासी राजकुमार की 37 वर्षीय पत्नी रितु कश्यप, पड़ोस के मुस्लिम युवक जाबिर के साथ कथित प्रेम प्रसंग के चलते घर से चली गई. महिला के चार छोटे बच्चे हैं. वहीं जाबिर की दो शादियां पहले से हो चुकी हैं, लेकिन उसके कोई संतान नहीं है.राजकुमार ने थाने में गुमशुदगी और अपहरण की शिकायत कराई है. जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की, लेकिन अब तक महिला की कोई खबर नहीं.

शुक्रवार को योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर महाराज गांव पहुंचे. यहां हिंदू समाज की पंचायत हुई. पंचायत में पुलिस को महिला को खोजने के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया. स्वामी यशवीर जी महाराज ने कहा कि 21 दिन हो गए, जाबिर हिन्दू महिला को बहला-फुसलाकर ले गया. हमें मजबूर होकर पंचायत करनी पड़ी.

अब हम शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हैं, लेकिन जब तक महिला नहीं मिलती, तब तक यह धरना जारी रहेगा. हमने यह भी फैसला लिया है कि गांव और आस-पास 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले मुस्लिम समाज के लोगों का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा. न उनसे कोई लेन-देन होगा न सामाजिक संबंध.

पंचायत की सूचना पर सीओ सदर रवि शंकर मिश्रा फ़ोर्स के साथ गांव में पहुंचे और लोगों को आश्वासन देकर शांत कराया. उन्होंने बताया कि 6 सितंबर को महिला के पति ने तहरीर दी थी कि उनकी पत्नी को पड़ोस का युवक भगा ले गया है. मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस टीमें महिला की बरामदगी के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं. जल्द ही महिला को ढूंढ निकाला जाएगा. माहौल को देखते हुए गांव में पुलिस टीमें तैनात हैं. लेकिन हिन्दू संगठनों की पंचायत के इस फैसले से क्षेत्र में सामाजिक तनाव बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है.

NATIONAL : 2800 रुपये की चोरी के चक्कर में पेट्रोल पंप मालिक को लगाया 9 लाख का चूना, CCTV में कैद वारदात

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गोहाना में पेट्रोल चोरी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. ताजा मामला पानीपत-रोहतक नेशनल हाईवे पर स्थित श्री बालाजी फिलिंग स्टेशन का है जहां कार सवारों ने 2800 रुपये का पेट्रोल डलवाया और 2600 रुपये का तेल डालते ही गाड़ी भगा ले गए. इस दौरान 9 लाख की कीमत का आउटलेट भी टूट गया. पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई.

रोहतक के गोहाना में पेट्रोल चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. ताज़ा घटना गुरुवार दोपहर की है, जब पानीपत-रोहतक नेशनल हाईवे पर स्थित श्री बालाजी एचपी फिलिंग स्टेशन पर पेट्रोल भरवाने के बहाने आए कार सवारों ने फिल्मी अंदाज़ में पेट्रोल चोरी कर डाली.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सफेद रंग की कार में सवार दो युवक स्टेशन पर पहुंचे. उन्होंने सेल्समैन अनिल उर्फ़ लीला से 2800 रुपये का पेट्रोल डालने को कहा. जब तक 2600 रुपये का पेट्रोल भरा गया, तभी अचानक कार चालक ने गाड़ी स्टार्ट की और पेट्रोल पंप से फरार हो गया.इस दौरान गाड़ी इतनी तेज़ी से निकाली गई कि पेट्रोल नोज़ल कार में ही फंसा रह गया और झटके से पूरा आउटलेट ज़मीन पर गिरकर टूट गया. बताया जा रहा है कि इस आउटलेट की कीमत लगभग 9 लाख रुपये है.

घटना के बाद पेट्रोल पंप पर अफरा-तफरी मच गई. पेट्रोल पंप मालिक आशीष सांगवान और उनकी पत्नी नरेश सांगवान ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. फुटेज में गाड़ी का नंबर साफ नज़र आ रहा है, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

सेल्समैन अनिल ने बताया कि इतनी तेज़ी से घटना हुई कि किसी को समझने का मौका ही नहीं मिला. उन्होंने कहा कि कार सवार पहले बिल्कुल सामान्य लगे लेकिन अचानक उनकी हरकत ने सबको चौंका दिया. जहां यह घटना हुई, वहां से महज़ दो किलोमीटर की दूरी पर बरोदा थाने की भैंसवान खुर्द चौकी है. इसके बावजूद अपराधियों ने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

NATIONAL : हैदराबाद में ED की बड़ी कार्रवाई, 30 करोड़ की अवैध सरोगेसी रैकेट का किया भंडाफोड़

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हैदराबाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 30 करोड़ रुपये के अवैध सरोगेसी रैकेट का खुलासा किया है, जिसमें डॉक्टर पचीपल्ली नम्रता और उनके सहयोगी संलिप्त हैं. ‘यूनिवर्सल सृष्टि फर्टिलिटी एंड रिसर्च सेंटर’ के जरिए यह रैकेट संचालित किया जा रहा था, जिसमें गोद लेने वाले जोड़ों से 30 लाख रुपये लिए जाते थे.
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 30 करोड़ रुपये के एक बड़े अवैध सरोगेसी रैकेट का खुलासा किया है. जिला जांच एजेंसी ने डॉ. पचीपल्ली नम्रता के खिलाफ कार्रवाई की, जिनका ‘यूनिवर्सल सृष्टि फर्टिलिटी एंड रिसर्च सेंटर’ नाम से फर्टिलिटी क्लिनिक का जाल चलाने का आरोप है.

डॉ. नम्रता और उनके साथियों पर आरोप है कि वे बच्चों की अवैध सरोगेसी और मानव तस्करी का बड़ा नेटवर्क चला रहे थे. आरोप है कि वे जोड़ों से 30 लाख तक लेते थे, जिसमें आधा चेक से और आधा नकद दिया जाता था, जिसका एक हिस्सा सरोगेट मां को दिया जाता था.

जोड़ों को बताया जाता था कि उनकी अपनी ही अंडाणु और शुक्राणु से भ्रूण बनाए जाएंगे और स्वस्थ बच्चा दिया जाएगा, लेकिन जांच में यह सामने आया कि कई बार मिले बच्चे वांछित माता-पिता के जैविक नहीं थे.ED ने 25 सितंबर को हैदराबाद, विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम की नौ जगहों पर छापे मारे. छापे में ऐसे दस्तावेज मिले जो बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी को साबित करते हैं.

एक विदेशी जोड़े को इस फर्जीवाड़े का पता तब चला जब उनका बच्चे का पासपोर्ट डीएनए टेस्ट में बच्चे का जैविक संबंध न होने के कारण रद्द कर दिया गया.यह रैकेट पिछले दस सालों से देश में कई शहरों में काम कर रहा था. प्राप्त राशि में से कुछ एजेंट और सरोगेट माताओं को दी जाती थी, लेकिन ज़्यादातर पैसा डॉ. नम्रता अपने निजी खर्चों और संपत्तियों पर खर्च करती थीं.

ED ने बताया कि डॉ. नम्रता कानूनी दिखावा करने के लिए समझौते बनाती थीं जिसमें ऐसा कहा जाता था कि सरोगेसी जोड़े और मां खुद क्लिनिक से संपर्क कर चुके हैं, जबकि असल में यह धोखाधड़ी थी. जांच जारी है और आगे भी गिरफ्तारी और संपत्तियों ज़ब्ती की संभावना है.

ENTERTAINMENT : दोगले हो’, अमाल पर भड़कीं गौहर, सलमान खान के सामने लगाई फटकार

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बिग बॉस के वीकेंड वार में गौहर खान ने आवेज दरबार को उनकी चुप्पी पर खरी-खोटी सुनाई. इसके बाद गौहर ने अमाल मलिक को भी उनके दोगले कैरेक्टर के लिए फटकार लगाई.बिग बॉस दिन-ब-दिन दिलचस्प होता जा रहा है. इस वीकेंड का वार बिग बॉस हाउस में हाइवोल्टेज ड्रामा देखने को मिलने वाला है. वीकेंड का वार पर गौहर खान अपने जेठ आवेज दरबार को आईना दिखाती दिखेंगी. वहीं अमाल मलिक को फटकार लगाती नजर आएंगी. आइए जानते हैं कि बिग बॉस के मंच से गौहर ने आवेज और अमाल से क्या कहा.

वीकेंड का वार का प्रोमो सामने आ चुका है. प्रोमो में सलमान खान, आवेज से कहते हैं कि मैं आपकी तभी मदद कर सकता हूं. जब आप अपनी मदद खुद करें. जैसे पूरे हफ्ते आप मुद्दों पर नहीं बोले हैं. मैं उसी तरह कुछ नहीं बोलूंगा. इसके बाद स्टेज पर गौहर खान की एंट्री होती है. वो आवेज से कहती हैं कि आपको यहां पर क्या हो रहा है.

गौहर ने आवेज से कहा कि अगर आप अपनी लड़ाई नहीं लड़ेंगे, तो कौन लड़ेगा. उन मुद्दों पर बिल्कुल चुप हो, जहां बोलना चाहिए. अगर आप नहीं बोलेंगे, तो आपको शो में रहने का चांस नहीं मिलेगा. से बात करने के बाद गौहर का पारा हाई हो जाता है. वो अमाल की पोल खोलते हुए कहती हैं कि आपका कैरेक्टर दोगला आ रहा है और आप किसी के नहीं हैं.

शो का प्रोमो देखने के बाद फैन्स एक्साइटेड दिख रहे हैं. एक ने लिखा कि बुली गैंग की बैंड बजने वाली है. दूसरे ने कहा कि किसी ने तो आकर सच कहा. वहीं एक ने कहा कि इसलिए गौहर मेरी फेवरेट हैं. अन्य यूजर ने लिखा कि गौहर जी आज का एपिसोड देखने में मजा आएगा. लोग गौहर को उनके बोल्ड अंदाज के लिए प्यार दे रहे हैं. कई फैन्स ने सलमान खान के सामने अमाल को लताड़ने के लिए गौहर की तारीफ की है.

खबर है कि इस वीकेंड आवेज दरबार शो से बाहर हो चुके हैं. वहीं नीलम गिरी को सीक्रेट रूम में भेज दिया गया है. अगर वाकई आवेज शो से बाहर हो चुके हैं, तो ये खबर उनके फैन्स के लिए दिल टूटने वाली है.

MP: 3 साल के मासूम की हत्या, गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट

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मध्य प्रदेश के धार जिले के आली गांव में दिल दहला देने वाली वारदात हुई. 24 वर्षीय युवक महेश ने घर में घुसकर 3 साल के मासूम विकास की तेजधार हथियार से हत्या कर दी. घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर जमकर पीटा. पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.मध्य प्रदेश के धार जिले के आल्ली गांव में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई. यहां एक युवक ने तीन साल के मासूम की बेरहमी से हत्या कर दी, जिसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर जमकर पीटा. इलाज के दौरान आरोपी ने भी दम तोड़ दिया.

पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि घटना जिला मुख्यालय से करीब 110 किलोमीटर दूर आल्ली गांव की है. आरोपी की पहचान महेश (24) पुत्र अमरसिंह, निवासी बगदी, जिला अलीराजपुर के रूप में हुई है. महेश बिना किसी कारण एक घर में घुस गया और भीतर बैठ गया. इसी दौरान वहां खेल रहे तीन वर्षीय विकास, पुत्र कालू भील पर उसने धारदार हथियार से हमला कर दिया.

हमले में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई. घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई. ग्रामीणों ने तुरंत महेश को पकड़ लिया. फिर उसे रस्सी से बांध दिया और बेरहमी से पिटाई कर दी. सूचना पर कुक्षी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महेश को अपनी हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया. हालांकि, गंभीर चोटों के चलते उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई.

पुलिस ने दोनों घटनाओं के मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है. अधिकारियों का कहना है कि यह जांच की जा रही है कि आखिर महेश ने बिना किसी कारण मासूम पर हमला क्यों किया. फिलहाल पूरे गांव में माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है. पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति बिगड़ने न पाए.

DELHI : दिल्ली के मंगोलपुरी में खौफनाक वारदात… 15 साल के छात्र की पीट-पीटकर हत्या, मामूली झगड़ा बना वजह

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दिल्ली के मंगोलपुरी में 15 साल के छात्र की हत्या कर दी गई. पुलिस का कहना है कि छात्र का कुछ अन्य छात्रों से मामूली झगड़ा हुआ था. इसके बाद आरोपियों ने उस पर हमला किया, जिससे वह घायल हो गया. घायल हालत में छात्र को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

राजधानी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में खौफनाक वारदात सामने आई है. यहां 15 साल के छात्र की हत्या कर दी गई. इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई. मृतक छात्र का नाम व्योम था, जो दसवीं कक्षा का छात्र था. पुलिस का कहना है कि कुछ दिनों पहले छात्र और आरोपी लड़कों के बीच एक मामूली झगड़े से हुई थी.

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह मृतक छात्र ने आरोपी लड़कों को पीट दिया था. इसके बाद दोपहर में आरोपी लड़कों ने कुछ अन्य साथियों को लाकर व्योम पर हमला कर दिया. इस दौरान सभी ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की. घूंसे और लातों से पीटा. पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में शरीर पर कोई स्पष्ट चोट के निशान नहीं दिखे.

मारपीट की घटना के बाद घायल अवस्था में छात्र को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज किया, लेकिन गंभीर चोटों और हालत बिगड़ने के कारण व्योम ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया. पुलिस ने मृतक के परिवार और स्कूल से भी जानकारी जुटाई.स्थानीय थाना पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है. फिलहाल सभी आरोपी छात्रों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया है. पुलिस ने कहा कि मृत्यु के सही कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस घटना का मूल कारण छात्रों के बीच हुए मामूली झगड़े और आपसी मनमुटाव से जुड़ा हुआ है. आरोपी छात्रों की उम्र भी काफी कम बताई जा रही है. इस मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आरोपी छात्रों और घटना की सटीक वजह का पता लगा रही है.

RAJASTHAN : जनरेटर खरीदने आए थे दो व्यापारी, बंधक बनाकर लूटा, फिर हत्या कर कुएं में फेंके शव… 6 आरोपी पकड़े गए

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राजस्थान के कोटपूतली में यूपी के दो व्यापारियों को बंधक बनाकर लूटपाट और हत्या के आरोप में पुलिस ने छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने व्यापारियों को सस्ते जनरेटर का झांसा देकर जयपुर बुलाया था. इसके बाद उनके साथ मारपीट की, एटीएम से करीब 6 लाख रुपये निकलवा लिए और फिर हत्या कर शव अलग-अलग गांव के कुओं में फेंक दिए थे.

राजस्थान में कोटपूतली में दो अलग-अलग गांवों के कुओं से दो शव मिले थे. ये शव यूपी के व्यापारियों के थे. इनके साथ लूटपाट करने के बाद हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने इसी केस में छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने कहा कि इन आरोपियों ने जनरेटर बेचने के बहाने व्यापारियों को राजस्थान बुलाया था. यहां दोनों को पहले बंधक बनाया, उनके साथ मारपीट कर लूटपाट की. एटीएम से 6 लाख रुपये से ज्यादा की राशि निकलवा ली. फिर हत्या कर शव कुओं में डाल दिए थे. पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं.

पुलिस ने कहा कि कोटपूतली के शाहजहांपुर जौनायचाखुर्द और सांसेडी गांव के कुओं से शव मिले थे. पुलिस ने क्रेन की मदद से शव निकाले. सांसेडी गांव के कुएं में मिले शव की पहचान अशोक सिंह व जौनायचाखुर्द गांव में मिले शव की पहचान विकास कुमार के रूप में हुई थी. विकास कुमार यूपी के बलिया जिले का रहने वाला था. अशोक टू-व्हीलर एजेंसी चलाता था.

अशोक के भाई IRS अफसर निर्भय नारायण सिंह ने 19 सितंबर को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उनका भाई लापता है. अशोक को जनरेटर की जरूरत थी. ऑनलाइन जयपुर में सस्ते जनरेटर मिलने की जानकारी मिली थी. इसके बाद वो जनरेटर खरीदने के लिए जयपुर चला गया.

वहां जाने के बाद परिवार से संपर्क नहीं हुआ. परिजनों ने कई बार फोन किया, मगर बात नहीं हो सकी. इस पर पुलिस से शिकायत की गई. यूपी पुलिस ने पूरे मामले की सूचना राजस्थान पुलिस को दी. पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस की. लोकेशन पहले कोटपूतली और उसके बाद बहरोड़ में मिली. फिर अंत में शाहजहांपुर क्षेत्र में दोनों की लोकेशन मिली. इसी आधार पर पुलिस ने तलाशी शुरू की.

कोटपूतली बहरोड़ के एसपी देवेंद्र बिश्नोई ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ कि यह मामला ऑनलाइन एप से हुई ठगी से जुड़ा है. आरोपियों ने अशोक और विकास को सस्ते जनरेटर देने का झांसा देकर जयपुर बुलाया. वहां से आरोपियों ने उन्हें गाड़ी में बैठाया और नारनौल की तरफ गए. उसके बाद दोनों को बंधक बना लिया और उनसे लूटपाट की. आरोपियों ने दोनों को इतना टॉर्चर किया कि दोनों की मौत हो गई. आरोपियों ने मृतकों का मोबाइल पासवर्ड लेकर गुरुग्राम के एटीएम से करीब 6 लाख रुपये भी निकाले. उसके बाद दोनों की हत्या करके शव को अलग-अलग कुओं में फेंक दिया.

एसपी ने बताया कि जांच में 6 संदिग्धों के नाम सामने आए. पुलिस ने अजित, राकेश, मंजीत, नरवीर, इंद्रजीत और नितिन को गिरफ्तार किया है. इनमें से 4 से 5 लोग बहरोड़ सदर इलाके के रहने वाले हैं और एक-दो का क्रिमिनल रिकॉर्ड भी है. उनका पुराना क्राइम रिकॉर्ड तलाशा जा रहा है. सभी के खिलाफ अलग-अलग क्षेत्र में हत्या जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं. यह लोग कब से गैंग ऑपरेट कर रहे थे, अब तक कितनी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं. इसकी जांच की जा रही है.

NATIONAL : BMW में अश्लील गाने सुनाकर छेड़छाड़, 24 घंटे लड़कियों पर नजर… हैरान कर देंगी चैतन्यानंद की ये काली करतूतें

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छात्राओं से यौन शोषण के मामले में घिरे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को लेकर जांच में नए खुलासे हुए हैं. पुलिस ने आरोपी द्वारा बनाए गए ट्रस्ट से जुड़े 18 बैंक खातों और 28 एफडी में जमा करीब 8 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं. छात्राओं ने आरोप लगाया है कि चैतन्यानंद उन्हें BMW कार में ले जाकर छेड़छाड़ की और उनके हॉस्टल की CCTV फीड अपने फोन से लगातार देखता था और उन पर नजर रखता था.

कॉलेज की छात्राओं के यौन शोषण के मामले में मुख्य आरोपी स्वामी चैतन्यानंद पुलिस से बचने के लिए हर हथकंडे अपना रहा है लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है उसको लेकर ऐसे खुलासे हो रहे हैं जिसे जानकर आप भी चौंक जाएंगे.

अब पुलिस को आरोपी पार्थसारथी द्वारा बनाए गए ट्रस्ट से जुड़े 18 बैंक खातों और 28 फिक्स्ड डिपॉजिट में लगभग 8 करोड़ रुपये जमा होने की जानकारी मिली है जिसके बाद इन्हें फ्रीज कर दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक चैतन्यानंद इस पैसे का इस्तेमाल संदिग्ध लेनदेन के लिए करता था.

वहीं चैतन्यानंद की हवस की शिकार हो चुकीं पीड़ित छात्राओं ने अपने बयान में बताया कि ऋषिकेश में रहते हुए चैतन्यानंद उन्हें BMW कार में ले गया था. रास्ते में अश्लील गाने बजाए गए और लौटते वक्त उनसे छेड़छाड़ की गई. यही नहीं, जांच में सामने आया है कि आरोपी के फोन पर पूरे कैंपस और हॉस्टल के CCTV कैमरों का कंट्रोल था.

चैतन्यानंद नियमित रूप से इन फुटेज को देखता था और लड़कियों की गतिविधियों पर नज़र रखता था. इस खुलासे के बाद पुलिस ने तकनीकी एंगल से भी जांच तेज कर दी है.अब पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि चैतन्यानंद फरार होने के बाद से वेश बदलकर छुप तो नहीं रहा और कहीं उसे स्थानीय स्तर पर मदद तो नहीं मिल रही है. पुलिस टीमें लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं.

इस पूरे विवाद की शुरुआत 23 जुलाई को हुई थी जब मठ की ओर से पहली FIR दर्ज करवाई गई. इसके बाद छात्रों की शिकायतों पर मामला और गंभीर होता चला गया. 1 अगस्त को एयर फ़ोर्स हेडक्वार्टर से पीठ को एक शिकायत मिली जिसमें SRISIIM छात्रों ने स्वामी चैतन्यानंद पर मनमाने फैसले, धमकी और देर रात व्हाट्सऐप मैसेज भेजने के आरोप लगाए.

इसके बाद 2 अगस्त को पीठ की ओर से जवाब भेजा गया कि आरोपी के खिलाफ FIR नंबर 320/2025 दर्ज हैं. 4 और 5 अगस्त को पीठम ने पुलिस को एक और शिकायत दी और 300 से अधिक पन्नों के सबूत सौंपे. इन सबूतों में छात्राओं के बयान, उत्पीड़न की पूरी जानकारी और डिजिटल एविडेंस शामिल थे. इसके आधार पर पुलिस ने नई FIR दर्ज की और जांच का दायरा बढ़ा दिया.

इस बीच, पीठ ने चैतन्यानंद का पावर ऑफ अटॉर्नी रद्द कर दिया और 11 सदस्यीय नई गवर्निंग काउंसिल का गठन किया. माना जा रहा है कि इससे मठ की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था पर चैतन्यानंद का असर पूरी तरह खत्म हो जाएगा.पुलिस अब आरोपी की तलाश में कई राज्यों में दबिश दे रही है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की विशेष टीम भी जांच में लगी हुई है. लगातार हो रहे नए खुलासे ने सभी को हैरान कर दिया है . संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में कई और बड़े राज सामने आ सकते हैं.

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