Monday, May 4, 2026
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Karwa Chauth 2025: कब है करवा चौथा 2025? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

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हर साल करवा चौथ का पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और अपने पति की लंबी आयु की कामना करती हैं.करवा चौथ का व्रत हर सुहागिन महिला के जीवन में अत्यंत महत्व रखता है. यह व्रत पति की लंबी आयु और सौभाग्य की कामना के लिए किया जाता है. हर साल यह त्योहार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को बड़ी उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस व्रत को निर्जला किया जाता है और करवा माता की पूजा होती है.

हिंदू धर्म में व्रत और त्योहारों की सही तारीख उदया तिथि के आधार पर तय की जाती है. द्रिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि इस साल 09 अक्टूबर की रात 10 बजकर 54 मिनट से शुरू होकर 10 अक्टूबर, को शाम 07 बजकर 38 मिनट तक रहेगी. ऐसे में इस साल 10 अक्टूबर, शुक्रवार को करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन शुभ मुहूर्त में पूजा करना शुभ माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 10 अक्टूबर को पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 57 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 11 मिनट तक रहेगा. इस दिन चंद्रोदय का समय रात में 08 बजकर 13 मिनट है.

इस दिन का आरंभ सूर्योदय से पहले होता है. सबसे पहले स्नान कर सरगी ग्रहण करें, जिसमें फल, मिठाई और मेवे शामिल होते हैं. इसके बाद निर्जला व्रत का संकल्प लें और पूरे दिन बिना भोजन और जल के व्रत के नियमों पालन करें. शाम के समय सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके पूजा के लिए एक चौकी पर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करती हैं. मिट्टी के करवे में जल भरकर रखें. इसके बाद धूप, दीप, नैवेद्य और फल अर्पित कर व्रत कथा सुनें या पढ़ें.

करवा चौथ की पूजा के लिए कुछ चीजें जरूरी होती हैं. इनमें मिट्टी का करवा, दीपक, सिंदूर और कुमकुम, अक्षत, फल और फूल, मिठाई, कांस की तीलियां, छलनी और पूजा की थाली आती है. इन सभी वस्तुओं को पूजा से पहले ही तैयार कर लेना चाहिए, ताकि व्रत और पूजा में कोई बाधा न आए.

जब चंद्रमा निकल आता है, तब छलनी में दीपक रखकर चंद्रमा को देखें. उसके बाद उसी छलनी के माध्यम से अपने पति का चेहरा देखें और उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करें. अंत में पति के हाथों से जल ग्रहण करके और मिठाई खाकर व्रत को पूर्ण करें.

UP: मर्डर कर घर के आगे बोरी में लटका दिया 7 साल के मासूम का शव, परजिनों ने की बुलडोजर एक्शन की मांग

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आजमगढ़ में एक दर्दनाक वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया. सात साल के मासूम शाज़ेब अली की हत्या कर उसका शव बोरे में भरकर घर के सामने लटका दिया गया. घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग करते हुए सड़कों पर जमकर हंगामा किया. मौके पर पहुंचे एसपी ग्रामीण ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

यूपी के आजमगढ़ में पठान टोला में गुरुवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब सात साल के मासूम शाज़ेब अली का शव बोरी में बंद हालत में उसके घर के बाहर लटका मिला. यह वारदात इतनी निर्मम थी कि पूरे इलाके में दहशत फैल गई और देखते ही देखते घटनास्थल पर सैकड़ों लोग जुट गए.

जानकारी के अनुसार, सिधारी के पठान टोला निवासी मुकर्रम अली का बेटा शाज़ेब बुधवार से लापता था. परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की सूचना पुलिस को दी थी और सोशल मीडिया पर पोस्ट भी शेयर किया था. गुरुवार सुबह परिजनों को एक अज्ञात नंबर से फिरौती की कॉल भी आई थी लेकिन इसी बीच शाज़ेब की लाश घर के सामने बोरी में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया.

घटना की जानकारी मिलते ही एसपी ग्रामीण चिराग जैन भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे. डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया. जांच में पास की छत पर खून के धब्बे पाए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक टीम ने सैंपल के तौर पर लिया है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.परिजनों ने पड़ोसी संदीप निगम और उसके भाई शैलेंद्र कुमार निगम पर हत्या का आरोप लगाया है. मृतक की मां जैस्मीन खातून ने कहा कि उनका बच्चा पड़ोसियों के पास खेल रहा था और उसी दौरान गायब हुआ. उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर गुमशुदगी की सूचना पर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद उनके बच्चे की जान बच सकती थी.

घटना से गुस्साए लोगों ने आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग करते हुए सड़कों पर प्रदर्शन किया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और पीएसी तैनात की गई है. एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है. उन्होंने कहा कि बहुत जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी कर पूरे मामले का पर्दाफाश किया जाएगा.

MP: भोपाल में IG इंटेलिजेंस के मोबाइल लूटकर भागे बदमाश, VVIP इलाके में वारदात, सीक्रेट डेटा पर खतरे की आशंका

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पुलिस को आशंका है कि छीने गए मोबाइल फोनों में से एक में संवेदनशील और गोपनीय खुफिया जानकारी हो सकती है. हालांकि, पुलिस ने घटनास्थल के पास से एक फोन बरामद कर लिया, जिसे बदमाशों ने भागते समय फेंक दिया था.

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले चार इमली वीवीआईपी इलाके में मंगलवार देर रात बदमाशों ने सीधे राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी को निशाना बना डाला. इंटेलिजेंस आईजी डॉ. आशीष से अज्ञात बाइक सवार झपट्टा मारकर उनके दो मोबाइल फोन छीन ले गए.

घटना रात करीब 10 बजे की है. इंटेलिजेंस आईजी डॉ. आशीष अपनी पत्नी के साथ डिनर के बाद टहल रहे थे. इसी दौरान बाइक पर आए बदमाश अचानक पास पहुंचे और उनके दोनों फोन छीनकर फरार हो गए. घटना इतनी तेजी से हुई कि अधिकारी और उनकी पत्नी कुछ समझ ही नहीं पाए. यह वारदात उस इलाके में हुई, जिसे राजधानी का सबसे सुरक्षित ज़ोन माना जाता है.

आशंका जताई जा रही है कि छीने गए मोबाइल फोनों में से एक में संवेदनशील और गोपनीय इनपुट मौजूद थे. घटना के करीब 20 मिनट के भीतर पुलिस ने घटनास्थल के पास से एक फोन बरामद कर लिया, जिसे बदमाश वहीं फेंककर भाग गए थे. आशंका जताई जा रही है कि लॉक स्क्रीन पर पुलिस की वर्दी में फोटो और मोबाइल के एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स देखकर बदमाशों ने उसे छोड़ दिया. लेकिन दूसरा फोन अब भी लापता है, जिसमें खुफिया डाटा होने का डर है.

शुरुआती जांच में सामने आया कि दूसरा फोन आखिरी बार कोलार गेस्ट होते हुए चूनाभट्टी इलाके में सक्रिय था. फिलहाल पुलिस बदमाशों की तलाश में जुट गई है.

ENTERTAINMENT : वसीयत को गोपनीय रखना चाहती हैं प्र‍िया कपूर, कोर्ट ने किया इनकार

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संजय कपूर की 30 हजार करोड़ की संपत्ति पर विवाद गहराया हुआ है. संजय कपूर की एक्स वाइफ करिश्मा के बच्चों और पत्नी प्रिया कपूर के बीच चल रहे इस कानूनी केस की सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट में हुई, जहां प्रिया ने मांग की कि वो जो वसीयत पेश करेंगी उसे गोपनिय रखा जाए. हालांकि इससे कोर्ट ने असहमति जताई.

संजय कपूर संपत्ति विवाद अभी दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है. करिश्मा कपूर के बच्चों- समायरा और कियान, साथ ही संजय की मां और बहन ने उनकी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर के खिलाफ संजय की वसीयत को छुपाने और धोखाधड़ी करने का केस दर्ज कराया. इस मामले में सुनवाई हुई, जिसमें प्रिया ने ये अनुमति मांगी कि वह संजय कपूर की संपत्तियों की सूची सीलबंद लिफाफे में दाखिल कर सकें.

सुनवाई के दौरान प्रिया कपूर के वकील ने कहा कि, ‘मेरी बस यही मांग है कि वसीयत को सीलबंद लिफाफे में दाखिल करने की अनुमति दी जाए ताकि यह जानकारी आम जनता और मीडिया तक न पहुंचे. हालांकि कोर्ट ने उनकी दलील को नकारते हुए कहा कि, ‘किसी भी मुकदमे में जब आप लिखित जवाब दाखिल करते हैं, तो दूसरी ओर को प्रतिवाद दाखिल करने के लिए यह जानकारी चाहिए. ऐसे में इसकी कितनी जानकारी सीलबंद लिफाफे में रहेगी?

इस पर वकील ने कहा कि इसमें बहुत सी जानकारी है जो सार्वजनिक नहीं होनी चाहिए. मैं यह सबको दिखाने के लिए तैयार हूं, बस इसे गोपनीय रखा जाए. कोर्ट ने इस पर सख्ती से इनकार कर दिया है. वकील ने दोबारा कहा कि मैं सिर्फ दो पन्ने सीलबंद लिफाफे में रखने की मांग कर रहा हूं. कोर्ट ने साफ कहा कि यह मुश्किल है, क्योंकि जिनको लाभ मिलेगा उन्हें संपत्तियों पर सवाल उठाने का अधिकार है, जैसा कि किसी भी मामले में होता है. अगर उन्हें जांच करनी है और उन्हें गोपनीयता के समझौते से बांध दिया गया तो वे अपनी रक्षा कैसे करेंगे? आपने जस्टिस हरि शंकर का गोपनीयता क्लब से जुड़ा फैसला पढ़ा है?

अधिवक्ता अमित सिब्बल (जो संजय कपूर की मां की ओर से केस लड़ रहे हैं) ने कहा: हमें अधिकार है क्योंकि मेरी क्लाइंट क्लास-1 वारिस हैं और वसीयत की स्वतंत्र रूप से जांच कर सकते हैं. NDA (गोपनीयता समझौता) से यह अधिकार प्रभावित होगा. आदेश ऐसा नहीं होना चाहिए जो मेरे रास्ते में रुकावट बने. हमने कॉपी मांगी थी पर नहीं दी गई. हमें वसीयत की जांच करनी है. मेरी अपील है कि मुझे कॉपी दी जाए.

मालूम हो कि, दिवंगत बिजनेसमैन संजय कपूर की करीब ₹30,000 करोड़ की संपत्तियों पर दावा किया जा रहा है. संजय कपूर की अचानक मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति पर विवाद खड़ा हुआ. इसके लिए अब उनकी पहली पत्नी, एक्ट्रेस करिश्मा कपूर से हुए बच्चे- समायरा और कियान हालिया पत्नी प्रिया कपूर के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं.

NATIONAL : ‘मुझे आजादी दिला दे’, पत्नी ने बताई लोकेशन, प्रेमी ने पति को मार डाला, पत्थर बांधकर शव कुएं में फेंका; ऐसे हुआ खुलासा

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प्रयागराज में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची. उसने न केवल पति की लोकेशन प्रेमी को दी, बल्कि हत्या के बाद घर में रहकर परिवार को गुमराह भी किया. फिलहाल, पुलिस ने 5 दिनों की जांच के बाद इस हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है.

प्रयागराज में एक महिला संध्या ने प्रेमी विकास के साथ मिलकर अपने पति रवि सिंह उर्फ सोनू सिंह की हत्या कर दी. यह घटना रवि सिंह के खेत पर हुई, जहां वह मजदूरों को खाना देने गए थे. हत्या की यह साजिश इसलिए रची गई, क्योंकि संध्या को विकास से प्यार हो गया था. संध्या ने फोन पर रवि की लोकेशन विकास को दी, जिसके बाद विकास ने लोहे की रॉड से हमला कर रवि की हत्या कर दी. हत्या के बाद विकास ने शव को कुएं में फेंक दिया. पुलिस ने कॉल डिटेल्स की मदद से इस पूरे मामले को सुलझाया.

दरअसल, यमुनानगर के शंकरगढ़ निवासी रवि सिंह की शादी संध्या से हुई थी. उनका रिश्ता ठीक चल रहा था, लेकिन इसी बीच संध्या को गांव के ही एक युवक विकास से प्यार हो गया. दोनों अक्सर रवि की गैरमौजूदगी में मिलते और फोन पर बात करते थे. जब रवि को इस रिश्ते का पता चला तो पति-पत्नी के बीच लड़ाई-झगड़े शुरू हो गए. इन झगड़ों से तंग आकर संध्या ने विकास के साथ मिलकर रवि की हत्या की योजना बनाई, ताकि वह रवि से छुटकारा पा सके.

हत्या वाले दिन रवि सिंह अपने खेत पर मजदूरों को खाना देने गए थे. इसी दौरान संध्या ने फोन पर विकास को रवि की लोकेशन बताई और उससे कहा कि उसे ‘आजादी’ दिला दे. विकास तुरंत मौके पर पहुंचा और लोहे की खंती से रवि पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. हत्या के बाद विकास ने रवि के शव को साड़ी और पत्थर से बांधकर पास के एक कुएं में फेंक दिया ताकि किसी को शक न हो.

जब रवि घर नहीं लौटे तो परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने जांच शुरू की और संध्या की कॉल डिटेल खंगाली. कॉल डिटेल्स से पता चला कि हत्या से पहले और बाद में संध्या ने लगातार विकास से बात की थी. इसी आधार पर पुलिस ने विकास को गिरफ्तार किया. पूछताछ में विकास ने पूरा सच उगल दिया. प्रेमी के खुलासे के बाद आरोपी पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया गया.

WORLD : ‘भारत को नहीं देना चाहते सजा, लेकिन…’ ट्रंप के मंत्री ने दिखाए तेवर, फिर तारीफ में क्यों पढ़े कसीदे

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अमेरिका अभी तक भारत के प्रति सख्त रवैया दिखा रहा था, लेकिन अब उसके सुर बदले-बदले से नजर आ रहे हैं. अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने बुधवार (24 सितंबर) को कहा कि उनका देश अपने शानदार सहयोगी भारत के साथ ऊर्जा सहयोग का विस्तार करना चाहता है, जिसमें प्राकृतिक गैस, कोयला, परमाणु ऊर्जा और खाना पकाने के स्वच्छ ईंधन शामिल हैं.

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक राइट ने कहा, ”जब मैं इस पद पर आया, तब से मेरा अधिकांश समय भारत के साथ काम करने में बीता है, जो दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, अमेरिका का एक शानदार सहयोगी, एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और एक गतिशील समाज है, जिसकी ऊर्जा की मांग तेजी से बढ़ रही है क्योंकि लोग अपनी समृद्धि और अवसरों को बढ़ा रहे हैं.”

राइट ने भारत पर प्यार लुटाते हुए कहा, ”मैं भारत का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं. हम भारत से प्यार करते हैं. हम भारत के साथ और अधिक ऊर्जा व्यापार और अधिक बातचीत की आशा करते हैं.”

राइट ने न्यूयॉर्क फॉरेन प्रेस सेंटर में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया. वह वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की इस टिप्पणी पर सवाल का जवाब दे रहे थे कि भारत आने वाले वर्षों में वॉशिंगटन के साथ ऊर्जा उत्पादों पर अपने व्यापार को बढ़ाने की उम्मीद करता है और भारत के ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों में अमेरिका की भागीदारी का एक बड़ा तत्व होगा.

राइट ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ के मामले पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ”हम यूक्रेन युद्ध को समाप्त करना चाहते हैं और मेरा मानना ​​है कि भारत भी यही चाहता है. अमेरिका भारत के साथ ऊर्जा व्यापार बढ़ाने के अलावा और कुछ नहीं चाहता, लेकिन वह रूस से तेल भी खरीद रहा है.” उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सबसे बड़ा जुनून विश्व शांति है.

UP : बलिया में हाईटेंशन तार की चपेट में आकर दो सगी बहनों की मौत, स्कूल से लौटते वक्त हुआ हादसा

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बलिया में स्कूल से लौट रही दो सगी बहनें टूटे हुए हाईटेंशन तार की चपेट में आ गई, जिससे दोनों की मौत हो गई. दोनों बहने यहां से सेंट जेवियर स्कूल की छात्रा थीं.उत्तर प्रदेश के बलिया में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है. जहां बरसात के इकट्ठे पानी में बिजली का हाईटेंशन तार टूटकर गिर गई, जिससे उसमें बिजली का करंट प्रवाहित होने लगा. जिसकी चपेट में आने से दो स्कूली छात्राओं की मौत हो गई, दोनों सगी बहनें थीं और स्कूल से घर वापस लौट रही थीं.

ये दर्दनाक घटना सुखपुरा थाना क्षेत्र के जीरा बस्ती गांव की बताई जा रही हैं. जहां हाई टेंशन तार बारिश के पानी में गिर गई, जिसके बाद पानी में करंट तैर गया. बताया जा रहा है कि इसी दौरान धरहरा स्थित सेंट जेवियर स्कूल से दो सगी बहनें घर लौट रही थीं, कभी सड़क पर जल जमाव की वजह से गिरे हुए हाईटेंशन की चपेट में आ गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

इस घटना को लेकर आसपास के लोगों काफी नाराजगी देखने को मिल रही हैं. वहीं मौत की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह भी पीड़ित परिवार से मिलने जिला अस्पताल पहुंचे और उनके प्रति अपनी संवेदना जाहिर की. डीएम ने इस घटना पर सख्त नाराजगी जताई है.

घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम सदर ने विद्युत आपूर्ति को तुरंत बंद करा दिया, और स्थानीय लाइनमैन और अन्य अधिकारियों के साथ जाकर घटना स्थल की जांच की जहां एक तार टूटा पाया गया. आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि किसी ने तार बदलने की शिकायत नहीं की थी.

डीएम ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. डीएम ने इसे मामले में कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग के संबंधित जेई (जूनियर इंजीनियर) और एसडीओ (सुपरवाइज़िंग डिवीजन ऑफिसर) के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने एवं उनके निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

NATIONAL : तपते पत्थरों के नीचे मिले मासूम का नाम रखा लगा तेजस्व, ‘धरती के भगवान’ कर रहे निगरानी

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भीलवाड़ा में जन्म के 15 दिन के नवजात मासूम को फेवीक्विक चिपका कर तपते पत्थरों पर फेंक दिया गया. अब धरती के भगवान डॉक्टर mldh जिंदगी बचाने में हर संभव प्रयास कर रहे हैं. बाल कल्याण समिति ने उसे तेजस्व नाम दिया. ICU में जिंदगी और मौत के बीच झूलते इस मासूम के लिए अगले 48 घंटे अहम है.

जिस बच्चे के होठों पर फेवीक्विक चिपका कर उसे तपते पत्थरों के नीचे मरने के लिए छोड़ दिया गया था, उसे अब धरती के भगवान ‘डॉक्टर’ जिंदा रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. जी-जान से जुटी टीम मासूम की जिंदगी बचाने में लगी हुई है. बाल कल्याण समिति ने इस मासूम को तेजस्व नाम दिया है.

15 से 20 दिन के नवजात तेजस्व को जिला अस्पताल के एनआईसीयू में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों के अनुसार, शुरुआती 72 घंटे बच्चे के जीवन के लिए निर्णायक हैं. इनमें से 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अगले 48 घंटे भी बेहद संवेदनशील बने रहेंगे. राजकीय महात्मा गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि बच्चे के शरीर पर कई जगह जलने और चोट के निशान हैं. फेवीक्विक से चिपके होठ उसकी सांस लेने से रोक रहे हैं. जिससे पूरे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो रही है. संक्रमण फैलने के कारण उसकी स्थिति और गंभीर हो गई है. शिशु रोग विभाग की इंचार्ज डॉ. इंद्रा सिंह चौहान ने कहा, मासूम का वजन लगभग 3 किलो 100 ग्राम है. उसकी हालत गंभीर है और उसे विशेष ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ रखा गया है. हम हर कदम बेहद सावधानी के साथ उठा रहे हैं.

बाल कल्याण समिति भीलवाड़ा की सदस्य विनोद राव ने बताया कि तेजस्व के लिए तुरंत अस्पताल में जगह सुनिश्चित की गई. पहले बच्चे को बिजोलिया अस्पताल लाया गया और फिर 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय भेजा गया. विनोद राव ने कहा, हम लगातार डॉक्टरों से अपडेट ले रहे हैं. हमारी कोशिश है कि मासूम को समय पर सही इलाज मिले और उसकी हालत में सुधार आए. बाल कल्याण समिति ने मांडलगढ़ थाना पुलिस से कहा कि आरोपी माता-पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए. समिति यह सुनिश्चित कर रही है कि तेजस्व की सुरक्षा और भविष्य दोनों सुरक्षित रहें.

डॉ. गौड़ ने बताया कि ICU में तेजस्व का उपचार विशेष ऑक्सीजन सपोर्ट, संक्रमण नियंत्रण और जलन के इलाज पर केंद्रित है. फेवीक्विक चिपके होठों को धीरे-धीरे सुरक्षित तरीके से हटाया जा रहा है. शरीर पर फैल चुके संक्रमण के लिए एंटीबायोटिक थेरेपी चल रही है. डॉ. इंद्रा सिंह चौहान ने कहा, 15 दिन के बच्चे के लिए यह चुनौती बड़ी है कि वह इस दर्दनाक अनुभव से कैसे उबरता है. हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं

भीलवाड़ा में यह घटना अकेली नहीं है. पिछले दो साल में जिले में आठ नवजातों को जन्म देने के बाद उनके माता-पिता ने मरने के लिए छोड़ दिया. बाल कल्याण समिति और सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के पालना गृह इन बच्चों की देखभाल कर रहे हैं. पालना गृह में बच्चे सुरक्षित रहते हैं, लेकिन जागरूकता की कमी और सामाजिक कलंक के कारण अभी भी कई नवजात लावारिस छोड़ दिए जाते हैं. विनोद राव कहती हैं, हम लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं. तेजस्व जैसी घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि हमें और मेहनत करने की जरूरत है.

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया उपखंड के माल का खेड़ा रोड स्थित सीताकुंड के जंगलों में किसी ने नवजात को पत्थरों के नीचे दबाकर छोड़ दिया था. जब बच्चे को बाहर निकाला गया तो उसकी हालत ऐसी थी कि किसी के भी आंसू आ जाएं. उसकी चीखों के दबाने के लिए उसके मुंह में एक पत्थर डालकर फेवी क्विक से चिपका दिया गया था. मगर कहते हैं ना कि जाको राखे साईयां मार सके ना कोय. ऐसा ही नवजात के साथ भी हुआ. पत्थरों के पास ही अपने मवेशी चराने आए चरवाहे को जब मासूम की हल्की आवाज सुनाई दी तो उसने तुंरत ग्रामीणों को सुचित किया. जिससे समय रहते मासूम की जान को बचा लिया गया.

NATIONAL : 14 साल की लड़की ने दिया बच्ची को जन्म, 16 साल के प्रेमी संग लिव-इन में रहकर बनी मां… सोचने पर मजबूर कर देगी ये कहानी

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सोचने पर मजबूर कर देने वाली ये कहानी झारखंड के खूंटी की है. यहां 14 साल की लड़की ने एक बच्ची को जन्म दिया है. ये लड़की 16 साल के प्रेमी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहकर मां बनी है. लिव-इन में रहने की सहमति दोनों के माता-पिता से मिली थी. इस घटना के बाद प्रशासन एक अभियान शुरू करने वाला है. कम उम्र में शादी और प्रेग्नेंसी रोकने का अभियान… फिलहाल लड़की और नवजात अस्पताल में है.

झारखंड के खूंटी से ऐसी खबर सामने आई है, जिसने समाज और प्रशासन दोनों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. महज 14 साल की लड़की ने बच्ची को जन्म दिया है. यह लड़की अपने से दो साल बड़े यानी 16 साल के लड़के के साथ लिव-इन में रहकर मां बनी है. यह कहानी बाल विवाह और नाबालिग प्रेग्नेंसी की बेहद गंभीर समस्या को बयां कर रही है. जब ये मामला सामने आया तो प्रशासन एक अभियान चलाने की तैयारी में जुट गया है.

एजेंसी के अनुसार, यह मामला खूंटी के केओरा पंचायत का है. यहां रहने वाली 14 साल की लड़की 16 वर्षीय लड़के के साथ रह रही थी. दोनों के परिवारों ने साथ रहने की सहमति दी थी. यहां आदिवासी समाज में ‘धुकु’ नाम की परंपरा है. इस परंपरा के तहत बिना विवाह किए लड़का-लड़की साथ रह सकते हैं और इसे समाज की सहमति भी प्राप्त होती है. इसी प्रथा के चलते लड़की अपने परिवार और समुदाय की सहमति से लड़के के साथ रह रही थी.

बीते मंगलवार को इस 14 साल की लड़की को उसकी मां ने पहले मुरहू स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया. डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला कि लड़की प्रेग्नेंट है और समय से पहले प्रसव की स्थिति में है. हालत को देखते हुए उसे खूंटी सदर अस्पताल रेफर किया गया. वहां डॉक्टरों की देखरेख में उसने सात महीने की प्रेग्नेंसी में ही एक बच्ची को जन्म दिया. सदर अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि प्रसव सामान्य था और मां व बच्ची दोनों स्वस्थ हैं. हालांकि, बच्ची के प्रीमैच्योर जन्म को देखते हुए दोनों को कुछ दिनों तक अस्पताल में निगरानी में रखा जाएगा.

जिले के चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर (सीपीओ) अल्ताफ खान ने कहा कि हम लंबे समय से बाल विवाह और बाल श्रम के खिलाफ एनजीओ और सिविल सोसाइटी संगठनों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं. लेकिन अब इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि हमें इसे और अधिक प्रभावी तरीके से गांव-गांव तक ले जाना होगा. हम खूंटी जिले के सभी 86 ग्राम पंचायतों में इस मुद्दे पर विशेष जागरूकता अभियान चलाएंगे.

उन्होंने बताया कि खासतौर पर ग्रामीण समुदायों और किशोर-किशोरियों को यह समझाना बेहद जरूरी है कि कम उम्र में प्रेग्नेंसी न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है, बल्कि उनकी शिक्षा और भविष्य भी इससे बर्बाद हो सकता है.

लड़की के परिजनों ने अधिकारियों को बताया कि लड़की नौवीं कक्षा में पढ़ती थी. पढ़ाई के लिए मुरहू से करीब 14 किलोमीटर दूर एक किराए के मकान में रहती थी. इसी दौरान उसकी मुलाकात पास के गांव के रहने वाले लड़के से हुई. दोनों के बीच दोस्ती हुई और संबंध बन गए. इसी बीच लड़की प्रेग्नेंट हो गई. अब लड़की ने पढ़ाई छोड़ दी है, जबकि 16 वर्षीय लड़का, जो अपने पिता को खो चुका है, अपनी मां के साथ रहता है.

इस घटना ने साबित कर दिया है कि ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में अभी भी बाल विवाह और नाबालिग प्रेग्नेंसी के मामले होते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्कूल स्तर पर ही यौन शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता अभियान चलाना जरूरी है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, कम उम्र में प्रेग्नेंसी से लड़की की जान को खतरा बढ़ जाता है. साथ ही समय से पहले जन्मे बच्चों में भी स्वास्थ्य संबंधी कई जोखिम होते हैं.

खूंटी जिला प्रशासन के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती है कि वह आदिवासी समाज की परंपराओं का सम्मान करते हुए भी बच्चों और किशोरियों को सही दिशा दे. अधिकारियों का कहना है कि यह केवल सरकारी अभियान से संभव नहीं होगा, बल्कि इसमें पंचायत, समाज के बुजुर्ग, शिक्षक और परिवार भी अहम भूमिका निभा सकते हैं. लोगों का कहना है कि खूंटी जिले की यह घटना केवल एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक समस्या की झलक है जो अभी भी देश के कई हिस्सों में मौजूद है. नाबालिग उम्र में रिश्ते, प्रेग्नेंसी और मातृत्व बच्चों के भविष्य के लिए खतरनाक है.

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