Monday, May 4, 2026
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UP : पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए 10 हजार रुपये रिश्वत, दो पुलिस कांस्टेबल निलंबित

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देवरिया के सलेमपुर में पासपोर्ट सत्यापन के लिए 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में दो कांस्टेबल सत्येंद्र यादव और सर्वजीत यादव को निलंबित किया गया. एसपी संजीव सुमन ने जांच के आदेश दिए हैं. विस्तृत जांच जारी है.

उत्तर प्रदेश में देवरिया के सलेमपुर इलाके में पासपोर्ट सत्यापन के लिए कथित तौर पर 10,000 रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में दो कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया गया है. पुलिस ने बुधवार को ये जानकारी दी है. दोनों कांस्टेबलों की पहचान सत्येंद्र यादव और सर्वजीत यादव के रूप में हुई है.

पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने मामले की जांच के आदेश दिए और प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर मंगलवार रात दोनों को निलंबित कर दिया गया. फिलहाल मामले में विस्तृत जांच जारी है.बीते साल यूपी के आगरा में ऐसे ही मामले सामने आए थे जब 56 पुलिसकर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई. यहां अनुशासनहीनता और लापरवाही के आरोप में 56 पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया गया. आरोप था कि इनमें कई पुलिसकर्मियों ने पासपोर्ट वेरीफिकेशन के लिए रिश्वत मांगी, इसी के साथ अन्य कामों में भी लापरवाही बरती गई. मामले की शिकायतें मिलीं तो जांच कराई गई, जिसके बाद ये एक्शन हुआ .

बता दें कि प्रक्रिया के अनुसार पासपोर्ट के लिए आवेदन करने पर आवेदक की क्षेत्रिय पुलिस उसके घर पर पहुंचकर उसकी पहचान को सत्यापित करती है. वेरिफिकेशन के इस प्रोसेस में कई बार रिश्वत जैसी चीज भी देखने को मिलती है. पकड़े जाने पर इसी तरह कानूनी शिकंजा भी कसा जाता है.

NATIONAL : ‘यह मेरी आखिरी रामलीला होगी’, दशरथ का रोल निभा रहे शख्स की मंच पर मौत…..

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हिमाचल प्रदेश के चंबा में रामलीला में 73 साल के अमरेश, जो दशरथ का किरदार निभा रहे थे, अचानक मंच पर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई. उन्होंने पहले ही कह दिया था कि यह उनकी आखिरी रामलीला होगी.

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. यहां चल रही रामलीला में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब 73 साल के अमरेश, जो राजा दशरथ का किरदार निभा रहे थे, अचानक बेहोश होकर मंच पर गिर पड़े. यह घटना राम–सीता स्वयंवर से पहले, दशरथ दरबार का दृश्य दिखाते समय हुई.

सब कुछ सामान्य तरीके से चल रहा था. मंच पर कलाकार अपने-अपने रोल में अभिनय कर रहे थे. इसी दौरान दशरथ का रोल निभा रहे अमरेश ने अचानक अपने सीने में दर्द की शिकायत की और कुछ ही पलों में बेहोश होकर गिर पड़े. वहां मौजूद लोग तुरंत मंच पर पहुंचे और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

सबसे भावुक करने वाली बात यह है कि अमरेश ने इस बार रामलीला शुरू होने से पहले ही कह दिया था कि यह उनकी आखिरी रामलीला होगी. वह कई वर्षों से लगातार दशरथ का रोल निभा रहे थे और स्थानीय लोगों में उनकी खास पहचान थी. उनकी अदाकारी से दर्शक हमेशा प्रभावित रहते थे.

अमरेश के निधन से पूरा इलाका शोक में डूब गया है. लोग कह रहे हैं कि उन्होंने अपने जीवन का अंत भी उसी किरदार के साथ किया, जिसे वे सालों से निभाते आ रहे थे. उनके चाहने वालों का मानना है कि यह घटना उनकी जिंदगी की अंतिम रामलीला साबित हुई.

रामलीला समिति ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और उनके योगदान को याद किया. समिति के सदस्यों ने कहा कि अमरेश न सिर्फ एक बेहतरीन कलाकार थे बल्कि लोगों के बीच धर्म और संस्कृति को जोड़ने वाले व्यक्तित्व थे. इस घटना के बाद पूरे चंबा में शोक की लहर है. रामलीला देखने आए लोगों की आंखें नम हो गईं.

ENTERTAINMENT : 20 दिन का शूट कर चुकी थीं दीपिका, फिर की हाई फीस ड‍िमांड, मेकर्स ने बाहर का रास्ता दिखाकर तोड़ा घमंड

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‘कल्कि 2’ के निर्माताओं के दीपिका पादुकोण को ‘कल्कि 2898 एडी’ से हटाने के बाद अब एक नई अपडेट सामने आई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, दीपिका ने इस फिल्म के पहले पार्ट की शूटिंग के दौरान ही इसके सीक्वल के लिए 20 दिनों तक शूटिंग कर ल‍िया था.

दीपिका पादुकोण के फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ से बाहर होने के बाद इंडस्ट्री में हलचल मची हुई है. डायरेक्टर नाग अश्विन की फिल्म से एक्ट्रेस के बाहर होने की असली वजह सामने नहीं आई है. लेकिन दीपिका को लेकर ढेरों अफवाहें जरूर चल रही हैं. प्रोडक्शन हाउस वैजयंती फिल्म्स ने X पर एक ट्वीट कर दीपिका के ‘कल्कि 2’ में न होने का ऐलान किया था. उन्होंने ये भी लिखा कि ये फिल्म कमिटमेंट और उससे कहीं ज्यादा की हकदार है. इसी लाइन ने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा था.

‘कल्कि 2’ के निर्माताओं के दीपिका पादुकोण को फिल्म से हटाने के बाद अब एक नई अपडेट सामने आई है. न्यूज18 ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि दीपिका ने इस फिल्म के पहले पार्ट की शूटिंग के दौरान ही इसके सीक्वल के लिए 20 दिनों तक शूटिंग कर ली थी. प्रोडक्शन के एक करीबी सूत्र ने बताया कि दीपिका पादुकोण ने अपनी फीस में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की मांग की थी, क्योंकि उन्हें यकीन था कि उनकी जगह कोई नहीं ले सकता. खासकर, उन्हें पहली फिल्म में अपने काम के लिए मिली सराहना के बाद.

सूत्र ने कहा, ‘दीपिका पादुकोण ने अपनी फीस में बढ़ोतरी की मांग की थी. उन्होंने 25% से काफी ज्यादा फीस की डिमांड की थी. उन्हें लग रहा था कि पिक्चर में उन्हें बदला नहीं जा सकता. असली मोड़ तब आया जब उनकी मैनेजमेंट ने बातचीत को संभाला. दीपिका को सीक्वल और उनके लिए बनाए गए मजबूत, प्रदर्शन-प्रधान किरदार के बारे में पूरी जानकारी थी. उन्होंने पहले पार्ट की शूटिंग के दौरान ही पार्ट 2 के लिए लगभग 20 दिनों की शूटिंग की थी. इस कि पुष्टि निर्देशक नाग अश्विन ने कई मीडिया इंटरव्यू में की थी. अगले चरण के लिए दीपिका पादुकोण का शेड्यूल हमेशा आपसी सहमति से तय होना था, इसलिए डेट क्लैश का दावा बेबुनियाद है.’

वैजयंती मूवीज ने हाल ही में X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए दीपिका के ‘कल्कि 2898 एडी’ के सीक्वल से बाहर होने की पुष्टि की थी. उन्होंने लिखा, ‘यह आधिकारिक रूप से घोषणा की जाती है कि दीपिका पादुकोण, कल्कि 2898 एडी के आने वाले सीक्वल का हिस्सा नहीं होंगी. सावधानीपूर्वक विचार के बाद, हमने अलग होने का फैसला किया है. पहली फिल्म के लंबे सफर के बावजूद, हमें साझेदारी नहीं मिल सकी. कल्कि 2898 एडी जैसी फिल्म इसके लिए पूरी कमिटमेंट और उससे भी अधिक की हकदार है. हम उनके भविष्य के प्रोजेक्ट्स के लिए शुभकामनाएं देते हैं.’

इस पोस्ट के वायरल होने और इंटरनेट पर हलचल मचने के बाद दीपिका ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक फोटो शेयर की थी. इसमें उन्होंने शाहरुख खान का हाथ थामा हुआ था. ये फोटो फिल्म ‘किंग’ के सेट से थी. दीपिका ने लिखा था, ‘लगभग 18 साल पहले ओम शांति ओम की शूटिंग के दौरान उन्होंने मुझे जो पहला सबक सिखाया था, वह यह था कि फिल्म बनाने का अनुभव और जिन लोगों के साथ आप इसे बनाते हैं, वे इसके सफल होने से कहीं ज्यादा मायने रखते हैं. मैं इससे पूरी तरह सहमत हूं और तब से हर फैसले में इस सीख को लागू किया है. शायद यही वजह है कि हम अपनी छठी फिल्म एक साथ बना रहे हैं?’ इस पोस्ट को ‘कल्कि 2’ मेकर्स को दीपिका का जवाब माना गया था.

NATIONAL : समस्तीपुर में बदमाशों ने घर में घुसकर की अंधाधुंध फायरिंग, ननिहाल में हुई मासूम बच्चे की मौत

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घटना के बाद पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है. बदमाशों की गिरफ़्तारी के लिए जगह जगह छापेमारी शुरू हो गई है. परिजनों ने अब तक केस दर्ज नहीं कराया है.समस्तीपुर जिला में एक बार फिर से अपराधियों का मनोबल बढ़ता नजर आने लगा है, जहां मंगलवार की देर रात घर में घुसकर बाइक सवार बदमाशों ने गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया. फायरिंग करने के बाद अपराधी आराम से रात के अंधेरे में फरार हो गए. गोली लगने से घर के अंदर मौजूद डेढ़ साल के एक मासूम बच्चे की मौत हो गई.

मामला ताजपुर थाना क्षेत्र के कस्बे आहर वार्ड संख्या 23 की है. मृतक मासूम बालक अब्दुल समद का नाती बताया जा रहा है. वह काफी दिनों से मां के साथ अपने ननिहाल में ही रह रहा था. घटना की सूचना पर ताजपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गई है.

गोलीबारी के बाद परिजन मासूम बच्चे को घायल अवस्था में आनन-फानन में समस्तीपुर सदर हॉस्पिटल ले गए, जहां जांच पड़ताल के बाद डियूटी पर तैनात चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया. वहीं घटना को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि दो बाइक पर सवार चार बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया है. इस दौरान बदमाशो ने करीब पांच राउंड फायरिंग की है. हालांकि घटना के सही कारणों का पता नही चल सका है.

पुलिस अभी भी जांच पड़ताल में जुटी है. बदमाशों की गिरफ़्तारी के लिए जगह जगह छापेमारी शुरू हो गई है. घटनास्थल पर मौजूद पुलिस पदाधिकारी को मृतक के मामा ने कहा कि हम केस नहीं करना चाहते हैं. हमने किसी को देखा भी नहीं है, क्योंकि शक के आधार पर हम किसी का भी नाम लेना नहीं चाहते हैं.

मृतक के मामा ने कहा कि हम नहीं चाहते हैं कि हमारी वजह से किसी की जिंदगी खराब हो जाए. लड़के के पिता को मालूम हो गया होगा. वहीं पुलिस पदाधिकारी ने उससे बात करते हुए कहा कि आपके नहीं कहने से पुलिस अनुसंधान करना नहीं छोड़ेगी. हम चौकीदार के बयान पर केस दर्ज करेंगे.

AHMEDABAD : पालतू कुत्ते का नाखून लगने से हुआ रेबीज, पुलिस इंस्पेक्टर की मौत

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गुजरात के अहमदाबाद में एक पुलिस इंस्पेक्टर वनराज मांजरिया की उनके पालतू कुत्ते के नाखून से लगे घाव के कारण मौत हो गई है. कुत्ते का नाखून लगने से उन्हें रेबीज हो गया था. यह घटना लापरवाही के जानलेवा परिणामों को दिखाती है. आम तौर पर कुत्ते के काटने के बाद रेबीज का इलाज किया जाता है, लेकिन इस मामले में केवल नाखून लगने से उनकी जान चली गई. इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका.

पुलिस इंस्पेक्टर वनराज मांजरिया का निधन इलाज के दौरान हुआ. उन्हें कुछ वक्त पहले अपने पालतू कुत्ते का नाखून लगा था, जिसके बाद उन्हें रेबीज हो गया. उन्हें तुरंत इलाज के लिए भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका.

वनराज मांजरिया का निधन उनके परिवार और पूरे अहमदाबाद पुलिस बल के लिए एक दुखद घटना है. अहमदाबाद शहर पुलिस ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है. यह घटना रेबीज जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने और सावधानी बरतने की जरूरत पर बल देती है.

UP : अभी तो पंजाब-हरियाणा में पराली जली भी नहीं… फिर क्यों जहरीली होने लगी दिल्ली की हवा

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उत्तर भारत में सितंबर से स्मॉग बढ़ने लगा है, और पराली जलाने की घटनाएं भी जारी हैं, जिससे एयर क्वालिटी और खराब हो रही है. पंजाब के अमृतसर में अभी तक इस साल 56 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज हुई हैं. आने वाले समय में दिल्ली की हवा और भी ख़राब हो सकती है.

उत्तर भारत में हर साल सितंबर से ही हवा में स्मॉग बढ़ने लगता है. इस साल भी दिल्ली और उसके आस-पास के इलाके पहले से ही खराब एयर क्वालिटी वाले मौसम में प्रवेश कर चुके हैं, जबकि असली सर्दी और फसल जलाने का ज़ोर अभी आना बाकी है.

पंजाब और हरियाणा के खेतों में पराली जलाने की घटनाएं शुरू हो चुकी हैं. ICAR–IARI के अनुसार, पंजाब में अमृतसर जिले में सबसे ज्यादा आग की घटनाएं दर्ज हुई हैं. कुल संख्या अभी अक्टूबर-नवंबर के पीक मुकाबले कम है, लेकिन यह बात साफ है कि पराली जलाने की शुरुआत तेज हो चुकी है. मानसून सीज़न खत्म होने के बाद और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के बहने से यह धुआं दिल्ली-एनसीआर तक पहुंच सकता है.

15 से 21 सितंबर के बीच उत्तर भारत में 64 स्टबल बर्निंग (पराली जलाने) की घटनाएं हुईं, जिनमें से 56 पंजाब में थीं. यह संख्या पिछले साल 7 और 2021 के 24 से काफी ज्यादा है. हरियाणा में 3 और यूपी में 4 घटनाएं हुईं, यह पिछले सालों के समान ही हैं. पंजाब के अमृतसर और आसपास के इलाके शुरुआती पराली जलाने के मुख्य केंद्र बने हुए हैं.

दिल्ली की हवा सितंबर में पहले से ही खराब हो रही है. 2021 में सितंबर के अंत तक दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 76 था और अधिकांश दिन ‘संतोषजनक’ श्रेणी में थे. 2023 में यह औसत बढ़कर 97 हो गया, जिसमें कई दिन ‘मध्यम’ श्रेणी में आ गए. 2024 में भी यही पैटर्न रहा. इस तीन साल के आंकड़ों से यह साफ दिखता है कि सितंबर में हवा की गुणवत्ता खराब होना शुरू हो गई है, जो असली प्रदूषण के मौसम की चेतावनी है.

पराली जलाने से बड़ी मात्रा में प्रदूषण निकलता है. इसमें करीब 92 फीसदी कार्बन डाइऑक्साइड होती है, साथ ही कार्बन मोनोऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और छोटे कण भी शामिल होते हैं. एक टन पराली जलाने पर 1.4 टन से ज्यादा CO2 और अन्य हानिकारक गैसें निकलती हैं. खासतौर पर धान की भूसी लगभग 40 फीसदी प्रदूषण का कारण बनती है, जो इसे सबसे बड़ा प्रदूषक बनाती है.

DELHI :’हमें छुआ, अश्लील मैसेज भेजे…’, मैनेजमेंट कॉलेज की 17 छात्राओं ने स्वामी चैतन्यानंद की करतूतों की खोली पोल

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दिल्ली पुलिस ने श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट में पढ़ रही ईडब्ल्यूएस छात्राओं के साथ कथित यौन उत्पीड़न और मानसिक दबाव के आरोपों पर जांच शुरू कर दी है. आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती छात्राओं को धमकाता और अश्लील संदेश भेजता था. 32 छात्राओं के बयान दर्ज हुए हैं. आरोपी फरार हाे गया है. पुलिस को फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट वाली वोल्वो कार भी मिली है, जिसे जप्त कर लिया गया.

दिल्ली पुलिस ने श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट में पढ़ रही छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न और धोखाधड़ी के आरोपों पर जांच शुरू हो गई है. शिकायत में आरोप है कि आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पार्थ सारथी ने ईडब्ल्यूएस छात्रवृत्ति के तहत पीजीडीएम कोर्स कर रही महिला छात्रों के साथ अपशब्दों का प्रयोग किया और अश्लील WhatsApp/SMS संदेश भेजे. इतना ही नहीं शारीरिक संपर्क बनाने की भी कोशिश की गई. शिकायत श्री पी.ए. मुरली, प्रशासक, श्री शृंगेरी मठ एवं उसकी संपत्तियों की ओर से 04 अगस्त 2025 को दर्ज कराई गई.

04 अगस्त 2025 को पीए मुरली, प्रशासक, श्री शृंगेरी मठ ने थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में यह भी लिखा गया कि संस्थान की कुछ महिला फैकल्टी और प्रशासनिक अधिकारी आरोपी की मांगों को पूरा करने के लिए छात्राओं पर दबाव डालते रहते हैं. इससे छात्राओं को मानसिक और शारीरिक रूप से उत्पीड़न झेलना पड़ता है.

जांच के दौरान कुल 32 महिला छात्रों के बयान दर्ज किए गए. इनमें से 17 ने आरोपी पर अपशब्द, अश्लील संदेश और शारीरिक संपर्क का आरोप लगाया. छात्राओं ने बताया कि जब उन्होंने विरोध किया, तो कुछ फैकल्टी और प्रशासनिक अधिकारी उनके ऊपर दबाव डालते रहे. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आरोपी ने लंबे समय तक अपनी पहुंच बनाकर छात्रों को डराने और दबाव में डालने का प्रयास किया. इससे पता चलता है कि मामला केवल एक घटना तक सीमित नहीं था, बल्कि लंबे समय से जारी था.

थाना वसंत कुंज नॉर्थ में कई धाराओं में दर्ज किया गया और जांच शुरू हुई. घटनास्थल और आरोपी के घर पर कई छापेमारी की गई. साथ ही, संस्थान के सीसीटीवी फुटेज देखे गए. जांच के दौरान आरोपी अब तक फरार है. पुलिस ने SRISIIM संस्थान से एनवीआर और हार्ड डिस्क बरामद कर फॉरेंसिक लैब (FSL) में भेजे. धारा 183 बीएनएसएस के तहत 16 पीड़ित छात्राओं के बयान माननीय JMFC, पटियाला हाउस कोर्ट में दर्ज किए गए.

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संस्थान के बेसमेंट में एक वोल्वो कार खड़ी थी. इस कार पर 39 UN 1 फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी हुई थी और इसे कथित आरोपी इस्तेमाल कर रहे थे. कार जब्त कर ली गई. पुलिस ने बताया कि मामला बेहद संवेदनशील है और छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है. आरोपी अब तक फरार है, पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार के प्रयास जारी है, जल्द ही वह गिरफ्तर में होगा.

पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दर्ज सबूतों में छात्राओं के बयान, सीसीटीवी फुटेज, एनवीआर और हार्ड डिस्क से जुटाए गए फॉरेंसिक सबूत शामिल हैं. ये सभी साक्ष्य जांच और कानूनी कार्रवाई में अहम भूमिका निभाएंगे. जांच अधिकारी ने कहा, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत पकड़कर सबूतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई पूरी हो. इस मामले में कोई भी कानूनी ढील नहीं दी जाएगी.

Shardiya Navratri 2025: शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन पर आज करें मां चंद्रघंटा की पूजा, ये रहेगी संपूर्ण विधि

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शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो चुकी है. नवरात्र का तीसरा दिन भय से मुक्ति और अपार साहस प्राप्त करने का दिन होता है. इस दिन नवदुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की उपासना की जाती है.

शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन पर मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा होती है. मां चंद्रघंटा देवी साधकों को धैर्य, ताकत और मन की शांति देती हैं. मां के माथे पर घंटी के जैसे आधा चांद होता है, इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है. उनका रूप बहुत ही तेजस्वी और शक्तिशाली होता है, वे युद्ध की मुद्रा में होती हैं. मां के दस हाथ होते हैं जिनमें अलग-अलग हथियार और कमल का फूल होता है, और उनका वाहन शेर है, जो साहस और वीरता का निशान है.

माँ चंद्रघंटा का रूप ये दिखाता है कि मां शांति और शक्ति के साथ-साथ अपने भक्तों की रक्षा के लिए रौद्र रूप भी धारण कर सकती हैं. मां पार्वती ने जब भगवान शिव से शादी की थी, तब उन्होंने अपने मस्तक पर घंटी के आकार का आधा चांद धारण किया था. विवाह के बाद जब राक्षसों ने कैलाश पर हमला किया तो मां चंद्रघंटा बनकर उनका संहार किया. इससे पता चलता है कि मां का ये रूप शक्ति, साहस और रक्षा का प्रतीक है.

शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा बहुत ही खास मानी जाती है. इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनें और पूजा स्थल को अच्छे से साफ करें. वहां लाल या पीले रंग का वस्त्र बिछाएं और मां चंद्रघंटा की मूर्ति या तस्वीर तैयार रखें. पूजा के लिए लाल फूल, अगरबत्ती, दीपक, हल्दी, कुमकुम, चावल, मिठाई, फल और थोड़ा सा पानी या गंगाजल जुटा लें.

सबसे पहले दीपक जलाएं और अगरबत्ती करें, फिर हल्दी, कुमकुम और चावल से तिलक करके फूल अर्पित करें. भोग के रूप में मिठाई और फल रखें. इस दिन खासकर मां से धैर्य, साहस और जीवन की मुश्किलों से लड़ने की ताकत मांगें. इस तरह पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और मन में शांति का अनुभव होता है.

मां चंद्रघंटा हमें सिखाती हैं कि जीवन में साहस और धैर्य जरूरी है, और अपने अंदर की ताकत पहचान कर ही हम मुश्किलों का सामना कर सकते हैं. नवरात्र के तीसरे दिन उनका ध्यान करें, भक्ति करें और अपने जीवन में डर और कमजोरियों को खत्म करें. मां के आशीर्वाद से आपके जीवन में शांति, सफलता और खुशहाली आएगी.

PUNJAB : पंजाब में ‘मुख्यमंत्री सेहत कार्ड’ के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, लोगों को मिलेगा ₹10 लाख तक का मुफ्त इलाज

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मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि लोगों को अब इलाज के लिए जेब से पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा. सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 2000 से अधिक बीमारियों और सर्जरी का इलाज अब मुफ्त और कैशलेस होगा. सेहत कार्ड के लिए केवल आधार कार्ड, वोटर कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होगी, इसके अलावा कोई और दस्तावेज़ आवश्यक नहीं है.

पंजाब में आज मंगलवार से मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत ₹10 लाख तक के मुफ्त और कैशलेस इलाज की सुविधा औपचारिक तौर पर शुरू हो गई है. रजिस्ट्रेशन के लिए राज्य सरकार द्वारा लगाए गए कैंपों में सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें देखी गईं.सरकार का कहना है कि इस ऐतिहासिक योजना के साथ पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जो प्रत्येक परिवार को इतना बड़ा स्वास्थ्य बीमा बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराएगा.आज से तरन तारन और बरनाला जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रजिस्ट्रेशन कैंप शुरू हो गए हैं. कैंपों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और नागरिक लंबी कतारों में खड़े होकर सेहत कार्ड के लिए आवेदन करते नजर आए.

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सेहत कार्ड के लिए केवल आधार कार्ड, वोटर कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होगी, इसके अलावा कोई और दस्तावेज़ आवश्यक नहीं है.मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि लोगों को अब इलाज के लिए जेब से पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा. सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 2000 से अधिक बीमारियों और सर्जरी का इलाज अब मुफ्त और कैशलेस होगा.

कैंपों में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की भारी भीड़ देखने को मिली. रजिस्ट्रेशन के बाद लोगों को ‘मुख्यमंत्री सेहत कार्ड’ दिया जाएगा, जिसके जरिये वे अस्पतालों में नगद रहित इलाज का लाभ उठा सकेंगे.

मुख्यमंत्री मान ने बताया कि यह स्कीम हर पंजाबी परिवार के लिए है, परिवार के सदस्यों की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी. सरकारी कर्मचारी, आशा वर्कर और आंगनवाड़ी वर्कर भी इस योजना में शामिल हैं.उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार ने पिछले तीन सालों में स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव किया है. 881 आम आदमी क्लीनिक पहले ही काम कर रहे हैं और जल्द इनकी संख्या 1000 से अधिक हो जाएगी. सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता लगभग 100 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है.

सरकार का लक्ष्य अगले 10–12 दिनों में इन दोनों जिलों के सभी नागरिकों का रजिस्ट्रेशन पूरा करने का है. इसके बाद यह प्रक्रिया पूरे पंजाब में शुरू होगी और योजना राज्यव्यापी स्तर पर लागू हो जाएगी. मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि यह योजना भी मुफ्त बिजली की तरह हर नागरिक तक पहुँचेगी और पंजाब स्वास्थ्य क्षेत्र में पूरे देश के लिए मिसाल कायम करेगा.

NATIONAL : ‘आठ दिन पहले अलर्ट किया था’, किरायेदार की सुनता लैंडलॉर्ड तो जानलेवा नहीं बनता इंदौर बिल्डिंग हादसा

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किरायेदार शशांक गुप्ता ने कहा कि हादसे के समय सम्मु अंसारी परिवार के आठ सदस्य बाहर थे. अगर वे अंदर होते, तो यह त्रासदी और भी भयावह हो सकती थी. अधिकारियों ने बताया कि पांच घंटे तक चला बचाव अभियान मंगलवार तड़के समाप्त हुआ.

इंदौर के रानीपुरा क्षेत्र में सोमवार रात एक तीन मंजिला जर्जर इमारत के ढहने से दो लोगों की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए. एक किरायेदार ने दावा किया कि मकान मालिक को एक हफ्ते पहले ही इमारत की खराब स्थिति के बारे में चेतावनी दी गई थी. अधिकारियों के अनुसार, इस हादसे में मलबे से 12 घायल लोगों को निकाला गया. यह इमारत घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित थी, जिसमें सामने की तीन दुकानें किराए पर दी गई थीं, जबकि मकान मालिक सम्मु अंसारी का 22 सदस्यों वाला परिवार बाकी हिस्से में रहता था.

इनमें से एक दुकान का उपयोग इलेक्ट्रिकल सामान के व्यापारी शशांक गुप्ता ने गोदाम के रूप में किया था. शशांक ने बताया, ‘आठ दिन पहले, इमारत की हालत देखकर मैंने सम्मु अंसारी को दो-तीन बार चेतावनी दी थी कि यह किसी भी वक्त ढह सकती है. मेरे गोदाम का शटर अपने आप खिसक गया था, जिसने मुझे सतर्क किया.’ उन्होंने बताया कि मकान मालिक ने उनकी चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया, जिसके बाद उन्होंने कहीं और दो गोदाम किराए पर लिए और अपने 70 प्रतिशत सामान को वहां स्थानांतरित कर दिया.

उन्होंने कहा, ‘अगर सोमवार को बारिश नहीं हुई होती, तो मैं बाकी सामान भी हटा लेता.’ शशांक गुप्ता ने ने बताया कि जवाहर मार्ग से बहने वाला बारिश का पानी बेसमेंट में घुस गया और चूहों द्वारा खोदे गए गड्ढों ने इमारत की नींव को समय के साथ कमजोर कर दिया था. पास में रहने वाले मोहम्मद अमिल अंसारी ने भी कहा कि किरायेदारों ने मकान मालिक को खतरे की चेतावनी दी थी.

शशांक गुप्ता ने कहा, ‘हादसे के समय सम्मु अंसारी परिवार के आठ सदस्य बाहर थे. अगर वे अंदर होते, तो यह त्रासदी और भी भयावह हो सकती थी.’ अधिकारियों ने बताया कि पांच घंटे तक चला बचाव अभियान मंगलवार तड़के समाप्त हुआ. घायलों को शहर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मृतकों की पहचान आलिफा (20) और फहीमुद्दीन अंसारी उर्फ फहीम (40) के रूप में हुई है.

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