Monday, May 4, 2026
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BMW Accident: आरोपी गगनप्रीत की जमानत सुनवाई 24 सितंबर तक टली, जानिए वकील ने क्या कहा?

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नई दिल्ली की अदालत ने धौला कुआं BMW हादसे में आरोपी गगनप्रीत कौर की जमानत याचिका 24 सितंबर तक टाल दी. हादसे में वरिष्ठ वित्त अधिकारी नवजोत सिंह की मौत हो गई और उनकी पत्नी गंभीर घायल हुईं. आरोपी के मोबाइल, ड्राइविंग लाइसेंस और CCTV फुटेज जांच के लिए लिए जाएंगे. कौर 27 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में हैं. पुलिस ने मामले में कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है.

राजधानी दिल्ली की अदालत ने शनिवार को धौला कुआं BMW हादसे में आरोपी गगनप्रीत कौर की जमानत याचिका पर सुनवाई 24 सितंबर तक टाल दी. अदालत ने यह निर्णय दिल्ली पुलिस की ओर से यह कहते हुए लिया कि मामले की जांच के कुछ पहलू अभी पूरी तरह से जांचे नहीं गए हैं.

38 वर्षीय गगनप्रीत कौर BMW चला रही थीं, जिसने वरिष्ठ वित्त मंत्रालय के अधिकारी की दोपहिया वाहन से टकरा गई. इस हादसे में अधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हुईं.जनरल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने अदालत को बताया कि आरोपी का मोबाइल फोन जांच के लिए लिया जाना है, उसका ड्राइविंग लाइसेंस जांचा जाना है और CCTV फुटेज पीड़िता को दिखाना है. पीड़िता फिलहाल चिकित्सकीय रूप से जांच के लिए फिट नहीं हैं.

जूडिशियल मजिस्ट्रेट अंकित गर्ग ने अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद मामला 24 सितंबर तक स्थगित कर दिया. अदालत ने कौर को 27 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में रखा.अदालत ने कौर की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें धौला कुआं मेट्रो के पिलर 65 और 67 के CCTV फुटेज की सुरक्षा करने की मांग की गई थी. पुलिस ने अदालत को बताया कि यह फुटेज पहले ही जब्त कर लिया गया है. इसके अलावा, कौर की वकील ने तीन याचिकाएं दाखिल की थीं, दो मोबाइल लोकेशन की सुरक्षा के लिए और एक केस डायरी करने के लिए. अदालत ने पुलिस से इन याचिकाओं पर जवाब मांगा है.

इस हादसे में 52 वर्षीय डिप्टी सेक्रेटरी नवजोत सिंह, जो हरी नगर में रहते थे, घायल होने के बाद जिंदगी की जंग हार गए. नवजोत सिंह और उनकी पत्नी बंगला साहिब गुरुद्वारा से लौट रहे थे.दिल्ली पुलिस ने इस मामले में Sections 281 (रेश ड्राइविंग), 125B (अन्य की जान/सुरक्षा को खतरा), 105 (हत्या के प्रयास के बिना जानलेवा कृत्य) और 238 (साक्ष्य को नष्ट करना) के तहत केस दर्ज किया है.

AYODHYA : गेस्ट में चल रहा था सेक्स रैकेट, पुलिस ने मारा छापा तो कमरों से भागने लगीं लड़कियां

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अयोध्या में एक गेस्ट हाउस में सेक्स रैकेट का संचालन किया जा रहा था. पुलिस को इसके बारे में कई दिनों से शिकायत मिल रही थी. जिसके बाद पुलिस ने छापा मारा और 11 लड़कियों व गेस्ट हाउस के मालिक एवं दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया.

अयोध्या पुलिस ने शहर के बीचोंबीच स्थित एक गेस्ट हाउस में सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है. मामले में पुलिस ने 11 लड़कियों को गिरफ्तार भी किया है. साथ ही गेस्ट हाउस मालिक गणेश अग्रवाल और उसके दो सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया है. इस कार्रवाई के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई है.

शुक्रवार रात करीब 11 बजे पुलिस की चार थानों की संयुक्त टीम ने फतेहगंज इलाके के रानी सती गेस्ट हाउस पर छापा मारा. पांच गाड़ियों में सवार करीब 25 पुलिसकर्मी, जिनमें 6 महिला पुलिस भी शामिल थीं, मौके पर पहुंचे. यह गेस्ट हाउस पुलिस चौकी से 500 मीटर की दूरी पर ही है. पुलिस के छापे से गेस्ट हाउस में अफरा-तफरी मच गई.

छापेमारी के दौरान गेस्ट हाउस के कमरों में मौजूद लड़कियां इधर-उधर भागने लगीं. जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया. वहीं मौके पर जुटे लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया. भीड़ के बीच लड़कियां दुपट्टे से चेहरा छिपाती हुई पुलिस की गाड़ियों तक पहुंचाई गईं.

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गेस्ट हाउस मालिक गणेश अग्रवाल लड़कियों को बिहार और गोरखपुर से लाकर रखता था. किसी को शक न हो, इसके लिए उन्हें गेस्ट हाउस से बाहर निकलने की इजाजत नहीं थी. खाना-पीना और जरूरी सामान सब कुछ अंदर ही मुहैया कराया जाता था.एक लड़की के पास से पुलिस ने 1.35 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं. रैकेट को लेकर स्थानीय लोग लंबे समय से शिकायत कर रहे थे. चार दिन पहले भी पुलिस ने गेस्ट हाउस में पूछताछ की थी, लेकिन उस समय लड़कियां गेस्ट बनकर ठहराई गई थीं. इसलिए अधिकारियों को ठोस सबूत नहीं मिला था. लेकिन इस बार पुख्ता सूचना के बाद छापा मारा गया और सेक्स रैकेट का खुलासा हो गया.

पुलिस ने कार्रवाई के बाद गेस्ट हाउस को सील कर दिया है. मालिक गणेश अग्रवाल और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पकड़ी गई 11 लड़कियों से थाने में पूछताछ की जा रही है. पुलिस की मानें तो इस रैकेट से जुड़े और लोगों की तलाश जारी है.

रामनगरी अयोध्या में इस तरह का मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा है. गेस्ट हाउस से महज कुछ दूरी पर पुलिस चौकी मौजूद होने के बावजूद इतने दिनों तक अवैध धंधा चलता रहा. इस पर भी सवाल उठ रहे हैं. फिलहाल पुलिस ने कहा है कि पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी और इसमें लिप्त हर व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई होगी.

ENTERTAINMENT : ‘मैं तभी डायरेक्ट करूंगा जब…’, हेरा फेरी 3 पर जारी कॉन्ट्रोवर्सी! प्रियदर्शन ने तोड़ी चुप्पी

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चर्चाओं में घिरी हेरा फेरी 3 की शूटिंग पर जारी होने पर अब भी तलवार लटकी हुई है. प्रियदर्शन ने फिल्म के डायरेक्शन को लेकर चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने बताया कि वो तभी इसे डायरेक्ट करेंगे जब उन्हें सही और अच्छी कहानी मिलेगी.

बॉलीवुड में कुछ ही फिल्में ऐसी हैं जो 2000 में आई हेरा फेरी जैसी कल्ट क्लासिक बनीं. इस फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया था और इसमें अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल ने काम किया था. तीन परेशान लोगों की मजेदार कहानी, जो गलती से एक फिरौती कॉल में फंस जाते हैं. पिछले बीस सालों से मीम्स, मशहूर डायलॉग्स और टीवी पर बार-बार दिखाए जाने में आज भी ये फिल्म लोगों की पसंद बनी हुई है. अब हेरा फेरी 3 की चर्चा ने इंटरनेट पर फिर से हलचल मचा दी है.

पिंकविला से बातचीत में निर्देशक प्रियदर्शन ने इस प्रिय फ्रेंचाइजी की अगली फिल्म बनाने की संभावना पर चुप्पी तोड़ी. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि वह तभी आगे बढ़ेंगे जब कहानी पहली फिल्म जितनी मजबूत और दिलचस्प होगी.

उन्होंने कहा कि असली चुनौती किरदारों को दोबारा गढ़ने में नहीं है, बल्कि ऐसी कहानी खोजने में है जो सच्ची लगे और उतनी ही मजेदार भी हो. उनका कहना है, “जब तक मुझे पूरी फिल्म की सही कहानी नहीं मिलती, मैं तीसरा भाग बनाने की कोशिश नहीं करूंगा. अगर स्क्रिप्ट मेरी सोच के मुताबिक अच्छी नहीं होगी, तो मैं यह फिल्म नहीं बनाऊंगा. अपने करियर में मैं एक ऐसे मुकाम पर पहुंच चुका हूं, जहां से मैं कोई बड़ी गलती करके गिरना नहीं चाहता.”

हेरा फेरी फ्रेंचाइजी का इतिहास भी दिलचस्प है. पहली फिल्म, जो मलयालम मूवी रामजी राव स्पीकिंग (1989) से प्रेरित थी, बेहद हिट साबित हुई और भारत की सबसे ज्यादा कमाई की जाने वाली कॉमेडी फिल्मों में से एक बन गई. इसका सीक्वल फिर हेरा फेरी (2006) रही, जिसका निर्देशन दिवंगत नीरज वोरा ने किया था. इसमें राजू (अक्षय कुमार), श्याम (सुनील शेट्टी) और बाबूराव गणपतराव आप्टे (परेश रावल) थे.

अब जब हेरा फेरी 3 को लेकर अटकलें तेज हैं और यह तिकड़ी पहले ही अपने मशहूर किरदारों को दोबारा निभाने की इच्छा जता चुकी है, तो सभी की नजरें प्रियदर्शन पर टिकी हैं. प्रयदर्शन की बातें सुनकर फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि लंबे समय से रुकी हुई यह तीसरी कड़ी अब सच हो जाएगी, जिसमें पुरानी यादों का मजा और नई कहानी की ताजगी दोनों होंगे.

NATIONAL : अब प्रशांत किशोर पर BJP ने लगाया संगीन आरोप- ‘फर्जी कंपनियों के जरिए पैसा जुटा रही जन सुराज पार्टी’

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बीजेपी की बिहार इकाई ने शनिवार (20 सितंबर) को प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (जसपा) को ‘धोखाधड़ी पर आधारित राजनीतिक स्टार्टअप’ करार दिया. साथ ही पूर्व चुनाव रणनीतिकार पर फर्जी कंपनियों के माध्यम से सैकड़ों करोड़ रुपये जुटाने का आरोप लगाया.

बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कहा कि किशोर ने पूर्व में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाए थे. इसके जवाब में बीजेपी ने किशोर पर राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन की अप्रत्यक्ष रूप से मदद करने का आरोप लगाया. इकबाल ने यह भी सवाल उठाया कि किशोर की पार्टी अभी भी विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में शामिल कुछ राज्यों से धन क्यों प्राप्त कर रही है.

पश्चिम बंगाल से किशोर को 370 करोड़ रुपये से अधिक की रकम

इकबाल ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल से किशोर की पार्टी को 370 करोड़ रुपये से अधिक की रकम मिली है, जबकि किशोर ने 2021 में वहां ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के लिए काम किया था. इसके अलावा तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों से भी किशोर को भारी धनराशि मिल रही है. उन्होंने कहा कि यह साफ संकेत है कि किशोर बिहार में राजनीतिक माहौल को बिगाड़ने की तैयारी में हैं.

फर्जी कंपनियों के जरिये धन जुटा रही जन सुराज पार्टी- बीजेपी

बीजेपी ने आरोप लगाया कि किशोर की जन सुराज पार्टी फर्जी कंपनियों के जरिये धन जुटा रही है. इकबाल के अनुसार, इस धन में किशोर के परिवार के सदस्य और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह के रिश्तेदार भी शामिल हैं. बीजेपी ने यह भी कहा कि पार्टी ने बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले प्रत्याशियों से 50 करोड़ रुपये से अधिक राशि एकत्र की है.

बीजेपी ने प्रशांत किशोर पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप

दानिश इकबाल ने यह भी चेतावनी दी कि किशोर की रणनीति बिहार में ‘जंगलराज’ की वापसी का मार्ग खोल सकती है. उन्होंने कहा कि किशोर की पार्टी का स्वरूप और धन जुटाने के तरीके इसे राजनीतिक स्टार्टअप की श्रेणी में रखते हैं, जो पूरी तरह से धोखाधड़ी पर आधारित है.

बीजेपी ने अंत में यह भी कहा कि बिहार की जनता को इस तरह की राजनीतिक रणनीति और फर्जी धन जुटाने की गतिविधियों से सावधान रहना चाहिए. पार्टी ने किशोर से स्पष्ट रूप से मांग की कि वे अपने धन और चुनावी गतिविधियों का पूरी तरह पारदर्शी ब्यौरा दें.

 NATIONAL : मंत्री प्रताप सरनाईक ने उद्धव ठाकरे और संजय राउत पर साधा निशाना, कहा- ‘बेटे को मंत्री.

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महाराष्ट्र के मंत्री प्रताप सरनाईक ने शिवसेना के भीतर वरिष्ठ नेताओं के सम्मान और पारिवारिक राजनीति पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि दिवंगत नेताओं और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का अपमान करना राज्य की संस्कृति और परंपरा के खिलाफ है.

सरनाईक ने कहा, “मैं आज जो कुछ भी हूं बालासाहेब ठाकरे की वजह से हूं. एकनाथ शिंदे ने भी मेरे जैसे वरिष्ठ नेताओं को उचित सम्मान दिया, जबकि उद्धव ठाकरे ने अपने बेटे को सीट देने के लिए सभी को दरकिनार कर दिया. यह बहुत ही गलत है. दिवंगत नेताओं के बारे में अगर कोई टिप्पणी करते रहेंगे तो यह महाराष्ट्र की संस्कृति और परंपरा के खिलाफ है.”

सरनाईक ने धर्मवीर आनंद दिघे के बारे में बात करते हुए कहा कि वह सिर्फ इस जिले के नेता नहीं बल्कि पूरे महाराष्ट्र के नेता थे. सरनाईक ने बताया कि आम जनता उन्हें बहुत प्यार करती थी और वह चौबीस घंटे लोगों की सेवा में लगे रहते थे.

संजय राउत के बयान पर दी प्रतिक्रिया
उन्होंने कहा, “ऐसे आनंद साहब के बारे में अगर कुछ वक्तव्य संजय राउत करते रहेंगे तो गलत है. और रही बात वो सिंदूर फांसने की, देखिए संजय राउत को भी स्वर्गीय शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने सिंदूर लगाया इसलिए वो राज्यसभा के सदस्य बने. क्या उस दिन कोई आम स्व-शिवसैनिक नहीं था जो उस जगह पर बैठ सकता था? मगर नहीं, उस वक्त संजय राउत को उन्होंने उम्मीदवार के तौर पर सामने रखा और जीता खिलाया. मैं भी आम स्व-शिवसैनिक होकर काम करता था.”

सरनाईक ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, “मगर स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे ने मुझे भी सिंदूर फांसा इसलिए मैं आज आमदार भी हूं और मंत्री भी हूं. और मंत्री होने का पूरा श्रेय हमारे एकनाथ शिंदे साहब को है. उन्होंने खुद के घर में, अपने बेटे या भाई को मंत्री नहीं बनाया, बल्कि कार्यकर्ताओं को स्थान दिया.”

उद्धव ने अपने बेटे को मंत्री बनाया- सरनाईक
उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में आई सरकार पर भी तंज कसा. सरनाईक ने कहा, “उद्धव ठाकरे साहब के नेतृत्व में जो सरकार आई थी, मैं सीनियर विधायक होने के बावजूद मंत्री नहीं बना, जबकि उनके बेटे आदित्य ठाकरे को मंत्री बना दिया गया. इसलिए आज एकनाथ शिंदे साहब का जितना भी गौरव करेंगे, उतना कम ही है. उन्होंने वास्तव में कार्यकर्ताओं को महत्व दिया.”

सरनाईक ने यह भी जोर देकर कहा कि लोगों को दिवंगत नेताओं की सेवा और उनके योगदान को समझना चाहिए. उन्होंने कहा, “जिनके बारे में आपको ज्यादा पता नहीं है, जो आनंद जी के सामने क्या किया इस जिले के लिए, क्या किया इस राज्य के लिए, उनके बारे में अगर ऐसी बातें उनके जबान से निकलती रहेंगी तो गलत है.”

WORLD : ट्रंप ने फिर दिया झटका! बढ़ा दी H-1B वीजा फीस, जानिए क्या होगा भारतीय IT फर्म और पेशेवरों पर असर

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व्हाइट हाउस के स्टाफ सचिव विल शार्फ ने कहा कि एच1बी गैर-प्रवासी वीजा कार्यक्रम देश की वर्तमान आव्रजन प्रणाली में ‘सबसे अधिक दुरुपयोग की जाने वाली वीजा’ प्रणालियों में से एक है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ऐसा कदम उठाया है जिसने अंतरराष्ट्रीय जगत में हलचल मचा दी है. साथ ही, अमेरिका में रह रहे भारतीयों पर भी इसका सीधा असर पड़ने वाला है. दरअसल, राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए जिसके तहत एच1बी वीजा फीस सालाना 100,000 अमेरिकी डॉलर तक बढ़ा दी जाएगा. ट्रंप के इस कदम से आने वाले दिनों में भारतीय IT कपनियां जैसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इन्फोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक और अन्य फर्म फोकस में रहेगी. ट्रंप ने एच1बी वीजा फीस को 1000 डॉलर से बढ़ाकर 1,00,000 डॉलर कर दी है.

व्हाइट हाउस के स्टाफ सचिव विल शार्फ ने कहा कि एच1बी गैर-प्रवासी वीजा कार्यक्रम देश की वर्तमान आव्रजन प्रणाली में ‘सबसे अधिक दुरुपयोग की जाने वाली वीजा’ प्रणालियों में से एक है. उन्होंने कहा कि इससे उन हाई स्कील्ड पेशेवरों को अमेरिका में आने की अनुमति दी जाती है जो उन क्षेत्रों में काम करते हैं जहां अमेरिकी काम नहीं करते.

ट्रंप प्रशासन ने कहा कि 100,000 डॉलर का शुल्क यह सुनिश्चित करने के लिए लगाया गया है कि देश में लाए जा रहे लोग “वास्तव में अत्यधिक कुशल” हों और अमेरिकी कामगारों का स्थान नहीं लें. इस कदम का उद्देश्य अमेरिकी कामगारों की सुरक्षा और यह सुनिश्चित करना है कि कंपनियों के लिए ‘वास्तव में असाधारण लोगों’ को नियुक्त करने और उन्हें अमेरिका लाने का रास्ता साफ हो.

वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक की मौजूदगी में ओवल ऑफिस में घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करते हुए कहा, ‘‘हमें कामगारों की जरूरत है, हमें बेहतरीन कामगारों की जरूरत है और इससे यह सुनिश्चित होगा कि ऐसा ही हो.’’

लुटनिक ने कहा कि रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड कार्यक्रम के तहत प्रति वर्ष 281,000 लोगों को प्रवेश मिलता है तथा वे लोग औसतन प्रति वर्ष 66,000 अमेरिकी डॉलर कमाते हैं. इसके अलावा, उनके सरकारी सहायता कार्यक्रमों में शामिल होने की संभावना पांच गुना अधिक होती है. उन्होंने कहा, ‘‘तो हम निचले चतुर्थक (बॉटम क्वार्टाइल) वर्ग को, औसत अमेरिकी से नीचे दर्जे पर भर्ती कर रहे थे. यह अतार्किक था, दुनिया का एकमात्र देश जो निचले चतुर्थक वर्ग को भर्ती कर रहा था.’’

लुटनिक ने कहा, ‘‘हम ऐसा करना बंद करने जा रहे हैं. हम शीर्ष पर केवल असाधारण लोगों को ही लेंगे, न कि उन लोगों को जो अमेरिकियों से नौकरियां छीनने की कोशिश कर रहे हैं. वे व्यवसाय शुरू करेंगे और अमेरिकियों के लिए नौकरियां पैदा करेंगे. और इस कार्यक्रम के तहत अमेरिका के खजाने के लिए 100 अरब अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा धनराशि जुटाई जाएगी.’’

ट्रंप ने कहा कि देश इस राशि का इस्तेमाल करों में कटौती और कर्ज चुकाने में करेगा. उन्होंने कहा, ‘‘हमें लगता है कि यह बहुत सफल होगा.’’ लुटनिक ने कहा कि 100,000 अमेरिकी डॉलर का शुल्क सालाना लिया जाएगा. इस कदम का उन भारतीय कर्मचारियों पर गहरा असर पड़ेगा जिन्हें आईटी सेक्टर की कंपनी और अन्य कंपनियां एच1बी वीजा पर नियुक्त करती हैं. ये वीजा 3 साल के लिए वैध होते हैं और इन्हें अगले तीन साल के लिए रेन्यू किया जा सकता है.

RAJASTHAN : GST इंस्पेक्टर बनते ही प्रेमिका ने क्लर्क प्रेमी को छोड़ा… आहत युवक ने दी जान

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राजस्थान के कोटा में एक क्लर्क ने सुसाइड कर लिया. उसने ऐसा कदम इसलिए उठाया क्योंकि उसकी प्रेमिका ने उसे छोड़ दिया था. फिलहाल पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर प्रेमिका और उसके दोस्त के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

राजस्थान के कोटा में सरकारी क्वार्टर में पंखे से लटककर 28 वर्षीय एक सरकारी क्लर्क ने आत्महत्या कर ली. एक एजेंसी के मुताबिक पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि उसने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने अपनी “प्रेमिका” को इस कदम के पीछे ज़िम्मेदार ठहराया है.

अलवर निवासी प्रकाश स्वामी (28), जो 2000 से कोटा के अतिरिक्त ज़िला मजिस्ट्रेट कार्यालय में कार्यरत थे. स्वामी ने शुक्रवार को सुसाइड कर लिया. सुसाइड नोट में स्वामी ने अपनी प्रेमिका का जिक्र किया है. साथ ही नोट में प्रेमिका के दोस्त का भी जिक्र किया गया है. दोनों गुजरात में जीएसटी विभाग में कार्यरत हैं.

फिलहाल पुलिस ने उन पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है. नयापुरा पुलिस स्टेशन के सर्किल ऑफिसर विनोद कुमार ने बताया कि स्वामी को शुक्रवार रात करीब 1:30 बजे उनके पड़ोसियों ने फांसी पर लटका हुआ देखा. जिसके बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी.

अधिकारी ने बताया कि कमरे से मिले सुसाइड नोट में स्वामी ने लिखा है, “मेरी मौत के लिए सिर्फ़ प्रेमिका ही ज़िम्मेदार है”. सुसाइड नोट में प्रेमिका और उसके बॉयफ्रेंड के नाम का जिक्र किया गया है. मृतक के भाई की शिकायत के आधार पर पुलिस ने ममता और विष्णु के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है.

पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला है कि ममता, स्वामी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थी. जिसने 2023 में जीएसटी इंस्पेक्टर के रूप में उसके चयन तक उसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद की थी. अधिकारी ने बताया कि वह वर्तमान में सूरत में तैनात है.कुमार ने बताया कि चयन के बाद, ममता ने स्वामी से बात करना बंद कर दिया. साथ ही उसने सूरत में तैनात जीएसटी इंस्पेक्टर विष्णु के साथ संबंध बना लिए.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

NATIONAL : लखनऊ में Dial-112 की टेलीकॉलर साक्षी वर्मा लापता, दोस्त के साथ में रात में घूमने गई, क्या तीसरे शख्स की एंट्री बनी वजह?

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लखनऊ की टेलीकॉलर साक्षी वर्मा 29 अगस्त से रहस्यमय ढंग से लापता है. वह दोस्त सचिन के साथ रिवर फ्रंट गई थी, जहां विवाद हुआ. सचिन ने उसका मोबाइल छीनकर घर लौटने की बात कही और गिरफ्तार होकर जेल भेजा गया. पुलिस ने गोमती नदी में कई बार तलाशी की, लेकिन साक्षी का कोई सुराग नहीं मिला. मामला अब भी मिस्ट्री बना है.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. डायल-112 में कार्यरत टेलीकॉलर साक्षी वर्मा 29 अगस्त से रहस्यमय तरीके से लापता है. पुलिस लगातार तलाश में जुटी है, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है. मामला पुलिस के लिए एक बड़ी मिस्ट्री बन गया है.जानकारी के मुताबिक, साक्षी वर्मा उस रात अपने दोस्त सचिन के साथ स्कूटी से रिवर फ्रंट गई थी. दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ. सचिन ने पुलिस को बताया कि झगड़े के बाद उसने साक्षी का मोबाइल छीन लिया और घर लौट आया. इसके बाद से उसे साक्षी के बारे में कुछ पता नहीं है.

पुलिस ने इस मामले में सचिन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. जांच में सामने आया कि दोनों की दोस्ती इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी. जिस रात विवाद हुआ, उसमें किसी तीसरे शख्स का जिक्र सामने आया है, जो साक्षी का रिश्तेदार बताया जा रहा है. इसी को लेकर झगड़ा बढ़ा था.लखनऊ से गाजीपुर तक गोमती नदी में कई बार सर्च ऑपरेशन चलाया गया. गोताखोरों और एसडीआरएफ टीम ने भी नदी में घंटों तलाशी ली, लेकिन साक्षी का कोई पता नहीं चल पाया. लगातार प्रयासों के बावजूद पुलिस खाली हाथ है.

करीबी लोगों का कहना है कि साक्षी अपने परिवार को बिना बताए अचानक कहीं नहीं जा सकती. वहीं, पुलिस भी हर एंगल से जांच कर रही है. लेकिन 29 अगस्त की रात के बाद से साक्षी का रहस्यमय ढंग से गायब होना अब तक अनसुलझी पहेली बना हुआ है.

उत्तर प्रदेश में डायल–112 में कार्यरत टेलीकॉलर का काम जनता और पुलिस के बीच पहला संपर्क बिंदु बनने का होता है. टेलीकॉलर आपातकालीन कॉल्स जैसे अपराध, झगड़ा, दुर्घटना, महिला सुरक्षा या मेडिकल इमरजेंसी की कॉल रिसीव करते हैं. कॉल करने वाले से घटना की पूरी जानकारी लेकर उसे सिस्टम में दर्ज करते हैं और तुरंत नजदीकी पुलिस कंट्रोल रूम व PRV टीम को अलर्ट करते हैं. इसके साथ ही, वे कॉलर को ज़रूरी निर्देश देकर मदद आने तक गाइड करते हैं. हर कॉल का रिकॉर्ड और रिपोर्ट सुरक्षित रखना भी उनकी जिम्मेदारी होती है.

ENTERTAINMENT : जुबिन गर्ग की मौत से सदमे में पत्नी, रो-रोकर बुरा हाल, असम में दो दिन का राजकीय शोक

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अब जुबिन के प्रियजनों के दिल तोड़ने देने वाले फोटो ऑनलाइन वायरल हो रहे हैं. इसमें से एक में उनकी पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग को आंसू बहाते देखा जा सकता है. उनके चेहरों पर दुख और अविश्वास साफ है. गरिमा का रो-रोकर बुरा हाल है. साथ ही जुबिन का पालतू डॉग भी दुखी है.

लेजेंडरी असमिया सिंगर जुबिन गर्ग के अचानक निधन ने संगीत जगत में सदमे की लहर दौड़ा दी है. महज 52 साल की उम्र में जुबिन ने दुनिया को अलविदा कह दिया. सिंगापुर में एक स्कूबा डाइविंग हादसे में दुखद रूप से जुबिन गर्ग ने अपनी जान गंवा दी. इसके ठीक एक दिन बाद, 20 सितंबर को उन्हें चौथे नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में परफॉर्म करना था.

अब जुबिन के प्रियजनों के दिल तोड़ने देने वाले फोटो ऑनलाइन वायरल हो रहे हैं. इसमें उनकी पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग को आंसू बहाते देखा जा सकता है. उनके चेहरों पर दुख और अविश्वास साफ है. एक X पेज ने भी दिवंगत जुबिन गर्ग के पालतू डॉग के मार्मिक फोटो भी शेयर की है. फोटो में डॉग उदास है और रो रहा है. सिंगर के दुखद निधन के बाद उनका परिवार टूट गया है.

जुबिन गर्ग के निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है. असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा, सिंगर के पार्थिव शरीर को सिंगापुर से भारत लाने की कोशिश में लगे हैं. सोशल मीडिया पर उन्होंने अपडेट भी दी है. हेमंत के मुताबिक, जुबिन का पार्थिव शरीर 20 सितंबर देर रात सिंगापुर से दिल्ली लाया जाएगा. इसके बाद कल यानी 21 सितंबर को सुबह 6 बजे, उनके असम के गुवाहाटी स्थित घर पर परिवार को सौंप दिया जाएगा. सारुसजाई स्टेडियम में जनता की श्रद्धांजलि के लिए भी जुबिन के पार्थिव शरीर को रखा जाएगा.

एक न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 20 से 22 सितंबर 2025 तक राजकीय शोक घोषित करने का निर्देश दिया है. इस दौरान सभी ऑफिशियल एंटरटेनमेंट, औपचारिक कार्यक्रम और पब्लिक सेलिब्रेशन स्थगित रहेंगे. ‘सेवा सप्ताह’ के तहत जरूरी सेवा गतिविधियां जारी रहेंगी, जबकि औपचारिक या लाभ-वितरण कार्यक्रम स्थगित रहेंगे.

जुबीन गर्ग ने एक दुखद स्कूबा डाइविंग दुर्घटना में अपनी जान गंवाई. सिंगापुर पुलिस ने उन्हें पानी से बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया था. हालांकि डॉक्टर प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचा सके. जुबीन गर्ग सिंगापुर में चौथे नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में भाग लेने के लिए गए थे. 20 सितंबर 2025 को उन्हें इस फेस्टिवल में परफॉर्म करना था. उनके असामयिक निधन के बाद आयोजकों ने घोषणा की कि यह फेस्टिवल रद्द कर दिया गया है. इंस्टाग्राम पर शेयर एक बयान में, उन्होंने सिंगर के निधन पर शोक व्यक्त किया और सम्मान के रूप में आयोजन रद्द करने की पुष्टि की.

गरिमा सैकिया गर्ग एक जानी मानी असमिया कॉस्ट्यूम डिजाइनर, फिल्म निर्माता और रचनात्मक पेशेवर हैं. उन्हें असमिया और क्षेत्रीय भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए जाना जाता है. उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स का सह-निर्माण किया है. असम में जन्मीं गरिमा सैकिया गर्ग ने कम उम्र में ही कला के प्रति प्रेम विकसित कर लिया था. उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया और बाद में लेखन, संपादन और ब्लॉगिंग में रुचि ली. साथ ही सीपीडब्ल्यूडी में एक औद्योगिक इंटर्नशिप भी पूरी की. गरिमा सैकिया गर्ग ने कंचनजंघा (2019), सिकार (2024) और मिशन चाइना (2017) जैसी फिल्मों में अपनी छाप छोड़ी थी.

गरिमा सैकिया गर्ग ने 2002 में जुबीन गर्ग से शादी की, और दोनों मिलकर असमिया संस्कृति के प्रतीक बन गए। जहां उन्होंने जुबीन की विरासत में हिस्सा लिया, वहीं गरिमा ने अपनी स्वतंत्र सफल करियर भी बनाया।

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