Sunday, March 22, 2026
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Dehradun : 14 साल की लड़की हुई लापता अपनी सहेली से मिलने निकली थी घर से, पुलिस कर रही है तलाशी

लड़की गुरुवार सुबह दस बजे घर से अपनी किसी सहेली से मिलने के लिए निकली थी, लेकिन उसके बाद से वह न घर लौटी और न ही उसकी कोई खबर मिली.परिजनों में कोहराम मचा हुआ है.उत्तराखंड के देहरादून में पटेल नगर थाना क्षेत्र के मोहब्बेवाला इलाके से एक चौदह साल की नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला सामने आया है. लड़की गुरुवार सुबह दस बजे घर से अपनी किसी सहेली से मिलने के लिए निकली थी, लेकिन उसके बाद से वह न घर लौटी और न ही उसकी कोई खबर मिली. रात भर इंतजार करने और आसपास तलाश करने के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने 6 मार्च 2026 को पटेल नगर थाने में लिखित तहरीर दी. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच अपर उप-निरीक्षक सुभाष कुमार को सौंप दी है.

मोहब्बेवाला, चन्द्रबनी खालसा निवासी अंजली राई पुत्री करन राई ने थाने में हस्तलिखित तहरीर दी है. अंजली ने बताया कि 5 मार्च को सुबह करीब दस बजे उनकी छोटी बहन दिव्या राई, उम्र 14 साल, घर के आस-पास अपनी किसी दोस्त से मिलने गई थी. लेकिन जैसे-जैसे दिन ढला और शाम होती गई, दिव्या घर नहीं आई. परिवार ने उसे ढूंढने की कोशिश की मगर कहीं कोई पता नहीं चला. रात गुजर गई और सुबह हुई दिव्या का कोई अता-पता नहीं था. थक-हार कर परिजन अगले दिन यानी 6 मार्च को थाने पहुंचे.

तहरीर में दर्ज जानकारी के अनुसार दिव्या राई पिता करन राई की बेटी है, उसकी उम्र 14 साल है और कद करीब 5 फुट है. रंग सांवला है. घर से जाते वक्त उसने गुलाबी रंग की पैंट, गुलाबी रंग का टॉप और जूते पहने हुए थे. पटेल नगर थाने की कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है. यह मामला भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 137(2) के तहत दर्ज हुआ है. पुलिस ने इलाके में छानबीन शुरू कर दी है. सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर दिव्या का पता लगाने की कोशिश जारी है.

गौरतलब है कि 5 मार्च की रात और 6 मार्च को देहरादून जिले में नाबालिग लड़कियों के लापता होने के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं. एक बसंत विहार थाना क्षेत्र से और दूसरा पटेल नगर थाना क्षेत्र से. यह स्थिति चिंताजनक है और सवाल उठा रही है कि शहर में नाबालिगों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम हैं. पुलिस दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है.

National : दुनियाभर के समंदर में कितने चोक पॉइंट हे लकिन इनमें सबसे खतरनाक क्यों माना जाता है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ?

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मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर होर्मुज स्ट्रेट पर भी पड़ रहा है. आइए जानते हैं दुनिया भर के समुद्र में कितने चोक पॉइंट हैं और क्यों है यह सबसे खतरनाक वेस्ट एशिया में ईरान, इजरायल और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच बढ़ते मिलिट्री टेंशन ने एक बार फिर से पूरी दुनिया का ध्यान होर्मुज स्ट्रेट की तरफ खींचा है. यह एनर्जी ट्रेड के लिए सबसे जरूरी समुद्री रास्तों में से एक है. इंटरनल एनर्जी एजेंसी जैसे ऑर्गेनाइजेशन के एक्सपर्ट्स ने ऐसी चेतावनी दी है कि अगर लड़ाई बढ़ती है या फिर इस रास्ते से शिपिंग में रुकावट आती है तो ग्लोबल तेल सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है. इसमें इंडिया का एनर्जी इंपोर्ट और इंटरनेशनल ट्रेड भी शामिल है. इसी बीच आइए जानते हैं कि दुनिया भर के समंदर में कितने चोक पॉइंट हैं.

क्या होते हैं चोक पॉइंट?

दुनिया भर के महासागरों में कई पतले रास्ते हैं जिन्हें मैरीटाइम चोक पॉइंट्स के नाम से जाना जाता है. यह रास्ते काफी जरूरी हैं क्योंकि ग्लोबल ट्रेड और एनर्जी शिपमेंट का एक बड़ा हिस्सा इन्हीं के जरिए गुजरता है. अगर इनमें से कोई भी चोक पॉइंट लड़ाई, एक्सीडेंट या फिर पॉलिटिकल झगड़े की वजह से ब्लॉक हो जाता है तो इससे ग्लोबल सप्लाई चैन में रुकावट आ सकती है. इसका पूरी दुनिया की इकोनॉमी पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है. यह एक ऐसा रास्ता होता है जो पानी की दो बड़ी जगहों को जोड़ता है.

ग्लोबल ट्रेड और एनर्जी ट्रांसपोर्टेशन में अहम भूमिका निभाने वाले सात बड़े मैरीटाइम चोक पॉइंट हैं. होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. यह मिडिल ईस्ट से तेल एक्सपोर्ट का सबसे जरूरी रास्ता है. मलक्का स्ट्रेट मलेशिया और इंडोनेशिया के बीच है और हिंद महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ता है. इससे यह एशिया, यूरोप और मिडल ईस्ट के बीच ट्रेड का एक जरूरी रास्ता बन जाता है.
इनके अलावा मिस्त्र में मौजूद स्वेज नहर इंसानों को बनाया हुआ एक पानी का रास्ता है जो लाल सागर को भूमध्य सागर से जोड़ता है. इससे जहाजों को अफ्रीका के चारों ओर लंबे रास्ते से बचने में मदद मिलती है. बाब एल मंडेब लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और यूरोप और एशिया के बीच शिपिंग के लिए काफी जरूरी है. पनामा कैनाल अटलांटिक महासागर और प्रशांत महासागर को जोड़ती है. इसके अलावा तुर्किश स्ट्रेट जिसमें बोस्पोरस और डार्डनेल्स भी शामिल हैं ब्लैक सी को मेडिटेरेनियन सी से जोड़ते हैं. आखिर में डेनिश स्ट्रेट्स बाल्टिक सागर को नॉर्थ सी से जोड़ते हैं.

होर्मुज स्ट्रेट उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान के बीच है. यह इसे दुनिया के सबसे ज्यादा राजनीतिक रूप से संवेदनशील इलाकों में से एक बनाता है. ईरान और पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका के बीच अक्सर होने वाले तनाव की वजह से लड़ाई के दौरान स्ट्रेट को बंद करने की बार-बार धमकी दी गई है. रुकावट की संभावना से भी अक्सर ग्लोबल तेल बाजारों में तुरंत रिएक्शन देखने को मिलते हैं.

इन सभी समुद्री चोक पॉइंट्स में से होर्मुज स्ट्रेट सबसे खतरनाक माना जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि यह फारस की खाड़ी में तेल बनाने वाले देशों के लिए मुख्य एक्सपोर्ट के तौर पर काम करता है. ग्लोबल एनर्जी डेटा के मुताबिक दुनिया का लगभग 20% से 25% तेल व्यापार और लगभग 20% ग्लोबल एलएनजी शिपमेंट हर दिन इसी पतले रास्ते से गुजरते हैं.होर्मुज स्ट्रेट की जगह की वजह से इसमें रुकावट आने का खतरा काफी ज्यादा है. अपने सबसे संकरे पॉइंट पर पानी का रास्ता 21 मील चौड़ा है. इस रास्ते पर तय शिपिंग लेन और भी छोटी है. इसका मतलब है कि बड़े तेल टैंकर और मालवाहक जहाजों को काफी छोटे कॉरिडोर से होकर गुजरना पड़ता है.

इस रास्ते को जरूरी मानने की एक वजह यह है कि कई खाड़ी देशों के लिए दूसरे रास्तों की कमी है. कुवैत, कतर और इराक जैसे देश तेल और नेचुरल गैस एक्सपोर्ट करने के लिए लगभग पूरी तरह से इसी रास्ते पर निर्भर हैं. अगर स्ट्रेट से शिपिंग रोक दी जाती है तो उनके एनर्जी एक्सपोर्ट में बड़ी रुकावट आएंगी.

Business : अल्ट्रा टेक ने सनश्योर सोलरपार्क 38 मे ख़रीदा 26.20 परसेंट की हिस्सेदारी,शेयर रहेंगे ध्यान में

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अल्ट्राटेक सीमेंट सनश्योर सोलरपार्क 38 में 26.20 परसेंट की हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया है. इसका मकसद अपने ऑपरेशन के लिए ग्रीन एनर्जी की जरूरतों को पूरा करना है अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड (UltraTech Cement Ltd) ने अपने ऑपरेशन के लिए ग्रीन एनर्जी की जरूरतों को पूरा करने की कोशिशों के तहत सनश्योर सोलरपार्क थर्टी एट प्राइवेट लिमिटेड में 26.20 परसेंट की हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया है.

शुक्रवार को मार्केट खुलने के बाद एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, अल्ट्राटेक सीमेंट ने सनश्योर सोलरपार्क थर्टी एट में 26.20 परसेंट इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक एनर्जी सप्लाई एग्रीमेंट और एक शेयर सब्सक्रिप्शन और शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट किया है. दोनों कंपनियों के बीच यह सौदा 6 करोड़ 72 लाख रुपये में हुआ है. यह भुगतान पूरी तरह से नकद में किया जाएगा.

एक एक्सचेंज फाइलिंग में अल्ट्राटेक ने कहा कि इसका मकसद अपनी ग्रीन एनर्जी की जरूरतों को पूरा करना, एनर्जी की लागत को कम करना और बिजली कानूनों के तहत कैप्टिव पावर कंजम्प्शन के लिए रेगुलेटरी जरूरतों का कम्प्लायंस पक्का करना है. दरअसल, कंपनी को अपनी सीमेंट फैक्ट्रियां चलाने के लिए बहुत बड़े पैमाने पर बिजली की जरूरत पड़ती है. ऐसे में कोयले से पैदा होने वाली बिजली के बजाय सूरज की रोशनी या सोलर एनर्जी से बनी सस्ती और साफ बिजली का इस्तेमाल फायदे का सौदा है. इससे बिजली बिल में तो कमी आएगी ही और प्रदूषण भी कम होगा.

Sunsure रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़ी एक कंपनी है, जो बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों के लिए सोलर विंड्स या हाइब्रिड प्लांट्स से बिजली पैदा करती है. इसी बिजली को सीधे फैक्ट्रियों तक पहुंचाने के लिए कंपनी अल्ट्राटेक जैसी कंपनियों संग समझौता करती है. अल्ट्राटेक के साथ हुई इस नई डील के तहत कंपनी को महाराष्ट्र के धुले में एक सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट डेवलप करने का काम सौंपा गया है,अल्ट्राटेक को उम्मीद है कि कोर एग्रीमेंट्स को पूरा करने के 120 दिनों के अंदर यह एक्विजिशन फाइनल हो जाएगा. इस डेवलपमेंट के चलते सोमवार को अल्ट्राटेक के शेयर फोकस में रहेंगे.

Sports : क्या अभिषके शर्मा फाइनल में खेलेंगे या नहीं? क्या है टीम इंडिया की प्लेइंग

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2026 टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम किस प्लेइंग इलेवन कॉम्बिनेशन के साथ उतरेगी, यह एक बहुत बड़ा सवाल बना हुआ है. वरुण चक्रवर्ती और अभिषेक शर्मा की फॉर्म लगातार टीम इंडिया की चिंता बढ़ाने का काम कर रही है. विशेष रूप से अभिषेक की बात करें तो 7 पारियों में केवल 89 रन बना सके हैं. ऐसे में उन्हें फाइनल से बाहर किए जाने की अटकलों ने जोर पकड़ा है. यहां जान लीजिए अभिषेक शर्मा के प्लेइंग इलेवन में खेलने पर क्या हैभारतीय टीम ने सेमीफाइनल मैच में इंग्लैंड को 7 रनों से हराया था. उस मैच के बाद संजू सैमसन ने बयान देकर कहा था कि, “हम सभी खिलाड़ियों का ख्याल रख रहे हैं. गौतम गंभीर भाई और सूर्या को अभिषेक शर्मा पर बहुत भरोसा है.” यह भरोसा संकेत है कि टीम मैनेजमेंट फाइनल में भी अभिषेक पर भरोसा दिखाएगा.

आपको याद दिला दें कि अभिषेक शर्मा को टूर्नामेंट की शुरुआत में पेट में इंफेक्शन हो गया था. बताया जा रहा है कि इंफेक्शन के बाद अभिषेक का वजन गिरा है और कहीं ना कहीं इसी को उनके खराब प्रदर्शन की एक मुख्य वजह माना जा रहा है.

ऐसा लगता है जैसे विपक्षी टीमों ने भी अभिषेक का तोड़ निकाल लिया है. पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के खिलाफ वो ऑफ-स्पिन के खिलाफ करीब एक ही तरह की गेंद पर आउट हुए थे. इसके अलावा शरीर पर आती गेंदों के खिलाफ अभिषेक को संघर्ष करते देखा गया है. वहीं इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में वो स्लोवर गेंद पर चकमा खा गए थे. जब भी तेज गेंदबाज स्लोवर वेरिएशन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तब भारत के सलामी बल्लेबाज को मुसीबत में देखा गया है.

National : ट्रंप के बिना शर्त सरेंडर की मांग पर ईरान का मुंहतोड़ जवाब, खाड़ी देशों से क्यों मांगी माफी?

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ईरान ने हमलों के लिए अपने पड़ोसी मुल्कों से माफी मांग ली है, साथ ही अमेरिका की तरफ से की गई बिना शर्त सरेंडर की मांग को ठुकरा दिया है.ईरान ने यूएस-अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई के बाद पलटवार करते हुए अपने पड़ोसी देशों पर ताबड़तोड़ हमले किए थे, इस एक्शन को लेकर वहां के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शनिवार को माफी मांग ली है, साथ ही अमेरिका की तरफ से की गई सरेंडर की मांग को मानने से इनकार करते हुए ठुकराया है. उन्होंने कहा है कि वे हमारे बिना शर्त आत्म समर्पण के सपने को कब्र में ले जाएंगे.

राष्ट्रपति मसूद ने कहा कि तेहरान का दूसरे देशों पर हमले करने का कोई इरादा नहीं है. भले ही इजरायल और अमेरिका के साथ दुश्मनी बढ़ गई हो. एक टीवी चैनल पर देश को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान के अंतरिम नेतृत्व परिषद ने पड़ोसी देशों पर हमले रोकने और मिसाइल लॉन्च रोकने का फैसला किया है. यह रोक तबतक है, जब तक वह देश ईरान पर हमले नहीं करते हैं. राष्ट्रपति ने कहा, ‘मैं पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं. हमारा दूसरे देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है. यह फैसला इलाके में और ज्यादा तनाव रोकने के लिए लिया गया था.साथ ही उन्होंने बताया कि नेतृत्व परिषद ने पड़ोसी देशों पर हमले रोकने के फैसले पर मंजूरी दी है. साथ ही ईरान पर अगर हमला होता है, तो जवाब देने का अधिकार भी बना रखा जाएगा. परिषद ने घोषणा की है कि पड़ोसी देशों पर हमले नहीं होंगे. कोई मिसाइल लॉन्च नहीं किया जाएगा. जब तक उन देशों से ईरान पर हमला न हो.

ईरान ने इजरायल पर हमले जारी रखे हैं. यहां ईरानी ठिकानों पर यूएस इजराइल हमलों के बाद पूरे इलाकों में लड़ाई बढ़ गई है. ट्रंप ने बिना शर्त सरेंडर की मांग की है. शनिवार को युद्ध अपने दूसरे हफ्ते में पहुंच गया है. इस बात पर अनिश्चितता बढ़ गई है कि दुश्मनी कब खत्म होगी. इधर, ट्रंप ने ईरान पर प्रेशर बनाते हुए सरेंडर की मांग की है.ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रूथ पर लिखा- ईरान के साथ बिना शर्त आत्मसमर्पण के अलावा कोई सौदा नहीं होगा. ईरान में एक बार नया नेतृत्व उभरने के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देश अर्थव्यवस्था के पुननिर्माण पर काम करेंगे.

ईरान की तरफ से हमले में इजरायल के 11 लोग मारे गए हैं. इनमें 6 अमेरिका के सर्विस मेंबर भी शामिल हैं. ईरान ने लेबनान पर बमबारी तेज की है. इनमें बेरूत के दक्षिणी इलाकों के हमले शामिल हैं. इससे लोग बड़े पैमाने पर बेघर हुए हैं. नॉर्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल की मानें तो हाल के दिनों में लेबनान में करीब 3 लाख लोग बेघर हुए हैं. वहीं इजरायल के हमलों में 123 लोग मारे गए हैं. इनमें 683 लोग घायल हुए हैं. इन हमलों को असर ग्लोबल मार्केट पर भी पड़ा है. यूरोपियन और यूएस सटॉक तेजी से गिर रहे हैं. तेल की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल देखने को मिला है.

यह लड़ाई ईरान की बॉर्डर से कई आगे तक फैल गई है. ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों पर हमला किया. यह हमले उन देशों पर हैं, जहां अमेरिका के मिलिट्री बेस हैं. शनिवार सुबह-सुबह मिसाइलें इजरायल की ओर उड़ती देखी हैं. इजरायल ने ईरान के हमलों को रोकने के लिए एयर डिफेंस को एक्टिवेट किया है. इजरायल ने भी ईरान के इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए हमले शुरू किए हैं. इजरायल ने लेबनान पर भी हमले किए हैं. इजरायल ने तर्क दिया है कि वह ईरानी और हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों को निशाना बना रहा है.

Bollywood : 8 घंटे की शिफ्ट पर छिड़ी बहस के बीच करीना कपूर ने और अनन्या पांडे ने दीपिका पादुकोण का दिया साथ

दीपिका पादुकोण ने जबसे 8 घंटे की वर्क शिफ्ट की मांग की है, तबसे बॉलीवुड में एक नया विवाद खड़ा हो गया है. अनन्या पांडे और विद्या बालन के बाद अब करीना कपूर भी एक्ट्रेस के सपोर्ट में उतर चुकी हैं फिल्म इंडस्ट्री में मां बनने के बाद काम के घंटों को लेकर चल रही बहन के बीच करीना कपूर खान ने दीपिका पादुकोण को सपोर्ट किया है. ये चर्चा तब शुरू हुई जब दीपिका पादुकोण ने अपनी प्रोफेशनल लाइफ और महरहुड के बीच संतुलन बनाने के लिए आठ घंटे की वर्क शिफ्ट की मांग की.

द हॉलीवुड रिपोर्टर को दिए इंटरव्यू में करीना कपूर ने दीपिका की इस मांग को सपोर्ट करते हुए कहा,’एक महिला के रूप में अगर आप अपने बच्चों को समय देना चाहती हैं, तो आपको ये कहने की आजादी होनी चाहिए कि मुझे यही चाहिए.मैं सिर्फ इतने ही घंटे काम कर सकती हूँ करीना कपूर ने इस दौरान ये भी कहा कि इन शर्तों को फिल्म शुरू होने से पहले ही क्लियर कर देना चाहिए. करीना से जब पूछा गया कि वो अपनी प्रोफेशनल लाइफ और पर्सनल लाइफ को एक साथ कैसे संभालती हैं. इस पर एक्ट्रेस ने फिल्म द बकिंघम मर्डर्स की शूटिंग के दौरान का एक्सपीरिएंस शेयर किया.

एक्ट्रेस ने कहा,’उस फिल्म के लिए मुझे 35 दिनों तक लंदन में रहना था. इसलिए मैंने ऐसा प्लान बनाया कि मैं शूटिंग के लिए जाऊं और वापस भी आ सकूं, क्योंकि बीच में दीवाली थी. हमने सब कुछ उसी हिसाब से प्लान किया. मुझे लगता है कि हर चीज को बहुत अच्छी तरह प्लान करना चाहिए और शुरुआत से ही बिल्कुल क्लियर होना चाहिए.’

इस दौरान उन्होंने सैफ अली खान को जिम्मेदार और सपोर्टिव फादर बताते हुए उनकी सराहना की. करीना ने कहा,’फिल्म के मेकर्स इतने समझदार थे कि उन्होंने मेरी स्थिति को समझा.मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं कि जब मैं फिल्म कर रही होती हूं, तब सैफ बच्चों के साथ होते हैं.शादी में एक-दूसरे का साथ और समझ होना बहुत जरूरी है, क्योंकि हम दोनों एक साथ काम करके बच्चों को अकेला नहीं छोड़ सकते. यह आपसी समझ का मामला है.’

करीना कपूर से पहले अनन्या पांडे ने भी दीपिका पादुकोण को सपोर्ट किया था. साथ ही उस एक्सपीरिएंस को भी शेयर किया जब वो मां नहीं बनी थीं.

अनन्या पांडे ने कहा,’मैंने उनके साथ तब काम किया था जब वो मां नहीं बनी थीं. उस समय ऐसा कुछ नहीं था.वो काम कर रही थीं, वर्कशॉप्स में आती थीं, कभी कोई शिकायत नहीं करती थीं और न ही किसी चीज की मांग करती थीं. लेकिन अब वो मां बन चुकी हैं और पहले दो सालों में अपने बच्चे के साथ समय बिताने के लिए उन्हें यही जरूरी लगता है.’

Jamu Kashmer : कश्मीर में बदल सकता हे मौसम, वादियों में बारिश और बर्फबारी की आशंका जानें मौसम का हाल

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कश्मीर में रिकॉर्ड गर्मी और बारिश की कमी के बाद मौसम बदलने वाला है. 7 से 17 मार्च के बीच कई जगह बादल, हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है.फरवरी महीने और मार्च के पहले हफ्ते में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और ज्यादा से ज्यादा टेम्परेचर 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बाद मार्च महीने के दूसरे हफ्ते में कश्मीर घाटी के लोगों के लिए कुछ अच्छी खबर है. मौसम विभाग ने शनिवार को अगले कुछ दिनों में जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी के साथ आमतौर पर बादल छाए रहने का अनुमान लगाया है.

श्रीनगर में मौसम विभाग के डायरेक्टर डॉ. मुख्तार अहमद के अनुसार 7 से 9 मार्च के दौरान जम्मू कश्मीर में मौसम में बदलाव के चलते बादल छाए रहने और कुछ जगहों पर ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि 10 से 12 मार्च तक, इस इलाके में आमतौर पर बादल छाए रहने और कई जगहों पर ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है. इस दौरान कुपवाड़ा, बांदीपोरा, गंदेरबल और अनंतनाग के कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी हो सकती है.

जानकारी के अनुसार, 13 से 15 मार्च तक मौसम आमतौर पर बादल छाए रहने और ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि 16 और 17 मार्च को भी ऐसे ही हालात बने रहने की संभावना है. इस बीच, मौसम विभाग ने किसानों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उन्हें मौसम की संभावित गतिविधियों को देखते हुए 10 से 12 मार्च तक खेती का काम रोकने के लिए कहा गया है.

डॉ. अहमद ने यह भी कहा कि 9 मार्च के बाद केंद्र शासित प्रदेश में कई जगहों पर 12 मार्च तक दिन के तापमान में 4-6°C की गिरावट आने की संभावना है. फरवरी महीने में जहां 65 प्रतिशत से ज्यादा बारिश की कमी देखी गई, वहीं दिसंबर और जनवरी महीने में 83% से ज्यादा बारिश की कमी दर्ज की गई जानकारी के अनुसार, 13 से 15 मार्च तक मौसम आमतौर पर बादल छाए रहने और ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि 16 और 17 मार्च को भी ऐसे ही हालात बने रहने की संभावना है. इस बीच, मौसम विभाग ने किसानों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उन्हें मौसम की संभावित गतिविधियों को देखते हुए 10 से 12 मार्च तक खेती का काम रोकने के लिए कहा गया है.

Helth : महिलाओं की आंखें मांगती हैं हर उम्र में खास देखभाल, जानें आई केयर टिप्स

हर चरण में हार्मोनल बदलाव और लाइफस्टाइल की आदतें आंखों को प्रभावित कर सकती हैं. सही समय पर जागरूकता और निवारक उपाय अपनाने से गंभीर आंखों की समस्याओं को रोका जा सकता है.महिलाओं की आंखों की देखभाल उनके जीवन के हर चरण में बहुत जरूरी है. प्यूबर्टी, प्रेगनेंसी, मिडल एज और मेनोपॉज हर चरण में हार्मोनल बदलाव और लाइफस्टाइल की आदतें आंखों को प्रभावित कर सकती हैं. सही समय पर जागरूकता और निवारक उपाय अपनाने से गंभीर आंखों की समस्याओं को रोका जा सकता है. ऐसे में आइए आज हम आपको बताते हैं कि महिलाओं की आंखें हर उम्र में खास देखभाल क्यों मांगती हैं.

आमतौर पर 12 से 19 साल की उम्र के बीच लड़कियों की आंखें तेजी से बदलती हैं. जिसका मुख्य कारण स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट पर ज्यादा समय बिताना है. ऐसे में डिजिटल आंखों का तनाव, मायोपिया, एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस जैसे संभावित समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए साल में कम से कम एक बार आंखों की जांच कराएं., धुंधली दूर दृष्टि या बार-बार सिरदर्द पर ध्यान दें.20-20-20 नियम अपनाएं यानी हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें.

20 से 39 की उम्र में लाइफस्टाइल में बदलाव आंखों पर असर डालते हैं. लंबे समय तक काम, स्क्रीन का अधिक उपयोग, कॉन्टैक्ट लेंस. इनसे सूखी आंखें, संक्रमण, गर्भावस्था के दौरान अस्थायी दृष्टि बदलाव जैसे समस्याएं हो सकती है. ऐसे में हर साल आंखों की जांच करवाएं, कॉन्टैक्ट लेंस साफ रखें, स्क्रीन का समय कम करें, सूखी आंखों के लिए लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का यूज करें.

40 साल के बाद आंखों की पास की वस्तुओं पर ध्यान देने की क्षमता कम हो जाती है. इसका कारण उम्र और हार्मोनल बदलाव होता है. इससे प्रेसबायोपिया (पढ़ने के लिए चश्मे की जरूरत), आंखों में सूखापन, ग्लूकोमा जैसी संभावित समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे में साल में कम से कम एक बार आंखों की जांच, ग्लूकोमा की नियमित जांच करवाएं, पढ़ने के लिए विशेषज्ञ की सलाह से चश्मा और सूखी आंखों के लिए लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स और ओमेगा-3 से भरपूर आहार लेंमेनोपॉज के बाद हार्मोनल कमी से कई आई प्रॉब्लम्स का खतरा बढ़ जाता है. जैसे मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, उम्र से संबंधित मैकुलर डिजनरेशन (ARMD), गंभीर शुष्क आंखें. ऐसे में हर 6 महीने में आंखों की जांच, दृष्टि में कमी या रोशनी के चारों ओर घेरा दिखाई देने पर ध्यान दें. लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स और पोषक तत्वों (ओमेगा-3, ल्यूटिन, ज़ेक्सैंथिन) का सेवन. बाहर निकलते समय UV प्रोटेक्शन वाले चश्मे पहनें और पर्याप्त पानी पिएं.

हर उम्र में आंखों के स्वास्थ्य के लिए कुछ आदतें बहुत फायदेमंद होती हैं. जैसे नियमित आंखों की जांच, संतुलित आहार और व्यायाम, धूम्रपान से बचें, स्क्रीन टाइम नियंत्रित करें और ब्रेक लें, साथ ही परिवार में आंखों के स्वास्थ्य का इतिहास जानेंमहिलाओं को अपनी आंखों की देखभाल छोटी उम्र से ही शुरू करनी चाहिए. शुरुआती पहचान और समय पर इलाज गंभीर दृष्टि समस्याओं को रोक सकता है. नियमित आदतों और सावधानी से वृद्धावस्था तक दृष्टि बनी रह सकती है।

Sports : फाइनल से पहले IND vs NZ के टी20 रिकॉर्ड, जानिए किस टीम ने बनाया सबसे बड़ा टोटल

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टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से पहले भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 इतिहास के बड़े स्कोर चर्चा में हैं. टीम इंडिया ने हाल ही में कीवी टीम के खिलाफ 271 रन का रिकॉर्ड स्कोर बनाया था.टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला अब बस एक दिन दूर है. रविवार, 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खिताबी भिड़ंत होगी. दोनों टीमें शानदार फॉर्म में हैं और फैंस को एक हाई-स्कोरिंग और रोमांचक मैच की उम्मीद है.

भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों का इतिहास बताता है कि इन दोनों टीमों के बीच कई बार बड़े स्कोर देखने को मिले हैं. हाल के सालों में खासकर भारतीय टीम ने कीवी गेंदबाजों के खिलाफ बड़े-बड़े स्कोर खड़े किए हैं.

भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में सबसे बड़ा स्कोर 271 रन का बनाया है. यह रिकॉर्ड 31 जनवरी 2026 को तिरुवनंतपुरम में बना था, जब टीम इंडिया ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 271 रन ठोक दिए थे. उस मैच में भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए कीवी गेंदबाजों की जमकर खबर ली थी और भारत ने वह मुकाबला जीत लिया था.इसके अलावा भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 238 रन का स्कोर नागपुर में 21 जनवरी 2026 को बनाया था. वहीं 2023 में अहमदाबाद में खेले गए एक मुकाबले में भारत ने 234 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया था. इन आंकड़ों से साफ है कि भारतीय बल्लेबाज न्यूजीलैंड के खिलाफ बड़े स्कोर बनाने की क्षमता रखते हैं.

हालांकि न्यूजीलैंड की टीम भी बड़े स्कोर बनाने में पीछे नहीं रही है. 31 जनवरी 2026 को तिरुवनंतपुरम में ही न्यूजीलैंड ने 225 रन बनाए थे, हालांकि उस मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा था. इसके अलावा 2019 में वेलिंगटन में न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ 219 रन बनाए थे और वह मैच जीत लिया था.इन रिकॉर्ड्स से यह साफ होता है कि जब भी भारत और न्यूजीलैंड आमने-सामने आते हैं, तो मुकाबला अक्सर रन बरसाने वाला होता है

अब जब टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल अहमदाबाद में खेला जाना है, तो फैंस को एक बार फिर हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद है. नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए अच्छी मानी जाती है और यहां बड़े स्कोर बनते रहे हैं. भारतीय टीम घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा उठाना चाहेगी, जबकि न्यूजीलैंड की टीम भी अपनी संतुलित बल्लेबाजी और गेंदबाजी के दम पर ट्रॉफी जीतने की कोशिश करेगी.

Bollywood : लोग नहीं देख रहे ‘द केरल स्टोरी 2’ फिल्म, थिएटर खाली इस बात पर क्या बोले राहुल गांधी

केरल में विपक्ष नेता राहुल गांधी ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ को लेकर एक बड़ा बयान दे डाला है. वो कह रहे हैं कि इस फिल्म को कोई नहीं देख रहा क्योंकि ऑडियंस समझदार है कि केरल की संस्कृति क्या है. राहुल के बयान पर कई रिएक्शंस भी देखने मिल रहे हैं पिछले हफ्ते थिएटर्स में ‘द केरल स्टोरी 2’ रिलीज हुई, जिसे काफी मुश्किलों के बाद हाई कोर्ट से रिलीज की इजाजत मिली. इस फिल्म को लेकर कई बातें कही गईं कि ये केरल राज्य की छवि को खराब करती है. केरल के मुख्यमंत्री पी.विजयन ने इसे ‘प्रोपगेंडा’ का नाम दिया था. अब कांग्रेस और लोकसभा विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ‘द केरल स्टोरी 2’ पर बात की.

बीते दिन 6 मार्च को राहुल गांधी केरल राज्य के एक पब्लिक इवेंट में गए, जहां उन्होंने कुछ बच्चों से बात की. एक स्टूडेंट ने राहुल से फिल्म पर उनकी राय मांगी, तो इसपर विपक्ष के नेता ने कहा, ‘ये अच्छी खबर है कि केरल स्टोरी 2 के थिएटर हॉल खाली-खाली दिख रहे हैं और लोग ज्यादा देख नहीं रहे. इससे साफ पताचलता है कि देश के ज्यादातर लोग केरल को अच्छे से समझते हैं. वहां की संस्कृति, परंपराएं और असली हालात लोगों को पता हैं, इसलिए ऐसी फिल्में जो केरल कोगलत या झूठा दिखाती हैं, वो ज्यादा नहीं चल पा रही हैं

लेकिन आप बिल्कुल सही हैं कि फिल्में, टीवी और मीडिया को अब हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. इनका इस्तेमाल लोगों को बदनाम करने, समुदायों कोअलग-थलग करने और समाज में दरार डालने के लिए किया जाता है. इससे कुछ खास ग्रुप फायदा कमाते हैं, जबकि बाकी लोग नुकसान उठाते हैं.राहुल के बयान पर विपक्ष के कई नेताओं के बयान सामने आने लगे. बीजेपी सांसद मनोज तिवारी की पत्नी सुरभि तिवारी ने भी न्यूज एजेंसी से कहा कि फिल्म में कोई प्रोपगेंडा नहीं फैलाया गया है. लोग अपने घरों से बाहर निकलकर थिएटर्स की तरफ आए और देखें कि लोग किस तरह रिस्पॉन्स कर रहे हैं. सुरभि ने फिल्म को ‘समाज का आयना’ बताया.

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