Tuesday, May 5, 2026
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ENTERTAINMENT : भाग्यश्री नहीं कपिल शर्मा की ‘बुआ’ थीं ‘मैने प्यार किया’ के लिए पहली पसंद, इस वजह से नहीं बन पाई थीं सलमान खान की हिरोइन

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सलमान खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ के लिए भाग्यश्री मेकर्स की पहली पसंद नहीं थीं. दरअसल पहले कपिल शर्मा की ‘बुआ’ को फिल्म के लिए साइन किया गया था.

‘मैंने प्यार किया’ बॉलीवुड की बेहद शानदार म्यूजिकल रोमांटिक फिल्म है. इस मूवी से भाग्यश्री ने सलमान खान के साथ बॉलीवुड में डेब्यू किया था. इस फिल्म को जबरदस्त सक्सेस मिली थी और इसी के साथ भाग्यश्री रातों-रात सुपरस्टार बन गईं थीं और श्रीदेवी, माधुरी दीक्षित जैसी टॉप एक्ट्रेस को कड़ी टक्कर देने लगी थीं. भाग्यश्री ने फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से जो हासिल किया, वह आज भी हर अभिनेत्री के लिए एक दूर की कौड़ी है.

इस एक फिल्म ने उनकी किस्मत बना दी और आज भी प्रेम और सुमन की लव स्टोरी लोगों के जेहन में बसी हैं. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि भाग्यश्री से पहले सूरज बड़जात्या ने सलमान के साथ सुमन के किरदार के लिए एक और अभिनेत्री को साइन किया था. हालांकि बात नहीं बन पाई थी और उनकी जगह भाग्यश्री को ले लिया गया और बाकी सब इतिहास है.

जानकर हैरानी होगी कि ‘मैंने प्यार किया’ के लिए मेकर्स की पहली पसंद भाग्यश्री नहीं उपासना सिंह थीं. जी हां, कॉमेडी नाइट्स विद कपिल में कपिल शर्मा की बुआ का किरदार निभाकर खूब फेमस हुईं दिग्गज अभिनेत्री को पहले सूरज बड़जात्या की फिल्म के लिए साइन किया गया था. उपासना ने खुद अमन औलजा के पॉडकास्ट पर इस बात का खुलासा किया था.

​​उपासना, सूरज द्वारा आखिरी समय में उन्हें रिप्लेस किए जाने से काफी हर्ट थीं और यही वजह है कि उन्होंने कई सालों तक फिल्म नहीं देखी. दशकों बाद, सूरज बड़जात्या ने उपासना को फिर से फिल्म “मैं प्रेम की दीवानी हूं” में सपोर्टिंग रोल के लिए अप्रोच किया था. उपासना, जो सूरज से नाराज़ थीं, उनसे भिड़ गईं थीं.

उपासना सिंह ने बतया कि “मैं प्रेम की दीवानी हूं” की शूटिंग के दौरान, सूरज बड़जात्या ने उन्हें सेट पर बुलाया और एक बड़ा खुलासा किया, सूरज ने करीना और बाकी लोगों से पूछा कि क्या उन्हें पता है कि सुमन के लिए असल में कौन चुना गया था? जब वे नाम सोच रहे थे, सूरज ने बताया कि उपासना सिंह थीं. इसके बाद उपासना ने सूरज से पूछा, “आपने मुझे क्यों रिप्लेस किया?” स सूरज ने जवाब दिया कि “मैंने प्यार किया” से उन्हें रिप्लेस करने की मुख्य वजह यह थी कि वह सलमान से लंबी दिखती थीं. लंबाई के डिफरेंस की वजह से उपासना ने ये गोल्डन चांस गंवा दिया था.

 

MAHARASHTRA : फल बेचने की आड़ में ड्रग्स तस्करी, 60 साल के बुजुर्ग के पास से 35 लाख की MD ड्रग्स बरामद

मुंबई के बांद्रा में 60 साल के बुजुर्ग को ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है. मोहम्मद अली अब्दुल जाे फल विक्रेता के रूप में ठेले पर केले बेचने की आड़ में MD ड्रग्स बेच रहा था.

मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 9 ने मुंबई के बांद्रा इलाके में केले बेचने की आड़ में ठेले पर एमडी ड्रग्स बेचने के आरोप में एक बुजुर्ग को गिरफ्तार किया है. इस आरोपी की पहचान 60 वर्ष के मोहम्मद अली अब्दुल गफ्फार शेख के रूप में हुई है और उसके पास से 35 लाख रुपये कीमत की 153 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई है.इसके बाद मोहम्मद अली अब्दुल के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया, मोहम्मद को कोर्ट में पेश किया गया जहा कोर्ट ने 3 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया.

मुंबई पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद अली मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास केले बेचने का धंधा करता था. क्राइम ब्रांच के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि वह केले बेचने वाले के भेष में एमडी ड्रग्स बेच रहा है.पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि उसे एमडी ड्रग्स किसने मुहैया कराई,वह इस धंधे में कितने समय से शामिल था, क्या उसके कोई साथी था और क्या उसका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड है.

इस मामले में क्राइम ब्रांच को जानकारी मिली थी, कि मोहम्मद केले बेचने के आड में ड्रग्स की तस्करी करता है,जिसके बाद क्राइम ब्रांच के अधिकारी सिविल ड्रेस में जाल बिछाकर इसपर निगरानी रखने लगे,देर रात मोहम्मद बांद्रा बस डिपो के पास महाराष्ट्रनगर रोड से गुजरते हुए देखा गया,उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया.

इसके बाद में उसके ठेले की जाँच करने पर पुलिस को एक स्टील का डिब्बा मिला जिसमें 153 ग्राम एमडी ड्रग्स भरा हुआ था,ज़ब्त की गई ड्रग्स की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में 35.30 लाख रुपये है.

इसके साथ ही मोहम्मद ने बताया आर्थिक तंगी के चलते,उसने शुरू किया ड्रग्स का धंधा,बांद्रा इलाके में रहता था,कोई स्थायी नौकरी न होने के कारण वह केले बेचने का काम करता था. लेकिन कम कमाई के कारण उसने फल बेचने की आड़ में एमडी ड्रग्स बेचना शुरू कर दिया. इस मामले में पुलिस ने जांच शुरु कर दी है.

 

BIHAR : आंगन में सो रहे 2 माह के बच्चे पर बंदरों का हमला, बचाने दौड़ी मां की गोद में नोंच डाले मासूम के बाल

गोपालगंज में एक गांव में बंदर ने 3 माह के मासूम पर हमला कर उसे घायल कर दिया. मां अपने बच्चे को बचाने दौड़ी को बंदरों ने मां की गोद में ही बच्चे के सिर के बाल नोंच डाले. परिजनों ने बच्चे को सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज चल रहा है और हालत खतरे से बाहर बताई गई.

बिहार के गोपालगंज में अपने आंगन में सो रहे एक तीन माह के मासूम बच्चे पर बंदर के द्वारा हमले का मामला सामने आया है. बंदर ने मासूम बच्चे को उठाकर उसके बाल उखाड़ लिए. बच्चे को बचाने के लिए गई उसकी मां पर भी हमला कर दिया. आनन फानन में परिजनों के द्वारा घायल बच्चे को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां मासूम बच्चे की हालत नाजुक बनी हुई है. घटना माझागढ़ के देवापुर शेखपुरदिल गांव की है.

बताया जाता है कि माझागढ़ के देवापुर शेखपुरदिल गांव के व्यास राम का 3 माह का बच्चा घर के आंगन में सोया हुआ था, इसी दौरान कुछ बंदर घुस गए और बच्चे पर हमला कर दिया. बच्चे की मां रंजू देवी ने बताया कि उनके आंगन में कुछ बंदर घुस गए और बंदर ने बच्चे के ऊपर हमला करने की कोशिश की. इस दौरान वे अपने बच्चे को गोद में लेकर भागने लगी, लेकिन एक बंदर ने दौड़कर उनके गोद में रखे बच्चे को पकड़ लिया और गोद में से ही बच्चे का सिर नोच लिया. पीड़ित महिला ने बताया कि बंदर के अटैक से बच्चे के सिर में चोट आई है. बंदर ने बच्चे के बालों को भी नोच दिया है.

सदर अस्पताल के इमर्जेंसी वार्ड में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉक्टर सनाउल मुस्तफा ने बताया कि एक 3 माह के घायल बच्चे को यहां लाया गया है. बच्चे पर बंदर ने हमला किया था, जिसकी वजह वह जख्मी हुआ है. बच्चे के सिर में भी चोट लगी है. इलाज किया जा रहा है, फिलहाल बच्चे की हालत खतरे से बाहर है.बंदरों के आतंक की वजह से जहां गांव के लोग परेशान हैं वही अब इस हमले के बाद लोगों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है.

ENTERTAINMENT : मशीन को हुआ हीरोइन से प्यार, बॉक्स ऑफिस पर आ गई थी सुनामी, तोड़े ऐसे-ऐसे रिकॉर्ड कि बनानी पड़ी एक और फिल्म

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रजनीकांत की फिल्म रोबोट जबरदस्त खबरों में रही थी. इस फिल्म में वो रोबोट के रोल में थे. फिल्म में ऐश्वर्या राय बच्चन फीमेल लीड रोल में नजर आई थी.साउथ सुपरस्टार रजनीकांत जब भी पर्दे पर आते हैं धमाल मचा देते हैं. रजनीकांत को पर्दे पर एक्शन करते हुए देख फैंस बहुत खुश होते हैं. रजनीकांत की फिल्मों की कहानी काफी यूनिक होती है. पर्दे पर रजनीकांत का एक्शन ही नहीं रोमांस भी चर्चा में रहता है. रजनीकांत की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड ब्रेक कमाई करती हैं.

एक्टर की सुपरहिट फिल्मों की लिस्ट में एक ऐसी फिल्म भी शामिल है, जिसमें एक रोबोट (मशीन) इंसान के प्यार में पड़ जाता है. फिल्म का नाम रोबोट है. तमिल में फिल्म का नाम Enthiran है. 2010 में इस फिल्म को एस शंकर ने डायरेक्ट किया था. फिल्म में ऐश्वर्या राय फीमेल लीड रोल में थी. फिल्म की कहानी कुछ ऐसे थी कि एक साइंटिस्ट अपने जैसा दिखने वाला रोबोट (चिट्टी) बनाता है. रजनीकांत साइंटिस्ट और रोबोट के रोल में होते हैं. वो रोबोट में ह्यूमन इमोशन डाल देते हैं. इसके बाद रोबोट ऐश्वर्या राय के प्यार में पड़ जाता है और उसे पाने के लिए पूरी दुनिया तबाह करने पर उतर आता है.

फिल्म में खूब बवाल होता है. इस फिल्म को इतना पसंद किया जाता है कि फिल्म का 2018 में दूसरा पार्ट भी आता है. दूसरे पार्ट का नाम होता है 2.0. इस फिल्म में रजनीकांत और एमी जैक्शन होते हैं. अक्षय कुमार विलेन के रोल में होते हैं.

Sacnilk के मुताबिक, फिल्म ने ओवरसीज 75 करोड़ और इंडिया में 216 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया था. फिल्म 132 करोड़ के बजट में बनी थी. फिल्म ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर थी. ये भारतीय इतिहास में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक थी. ये अपने समय की हाइएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म थी. वहीं 2.0 ने 189.55 करोड़ का लाइफटाइम कलेक्शन किया था. फिल्म सुपरहिट थी.

फिल्म रोबोट को आप यूट्यूब पर फ्री में देख सकते हैं. फिल्म पहले नेटफ्लिक्स पर भी उपलब्ध थी लेकिन अब फिल्म वहां से हट गई है. रोबोट का दूसरा पार्ट अमेजन प्राइम पर उपलब्ध है. अमेजन प्राइम पर फिल्म को हिंदी, तमिल और तेलुगू में देख सकते हैं.

PUNJAB : पंजाब में रेल-रोड-स्कूल-कॉलेज बंद, फसलें तबाह, बारिश में कितनी बर्बादी? अब कैसा रहेगा मौसम?

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पंजाब में लगातार बारिश जारी है. मौसम विभाग ने 3 सितंबर तक बारिश को लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं दूसरी ओर मॉनसून सिस्टम उत्तर-पश्चिम राजस्थान पर सक्रिय है.पंजाब में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है. स्थिति इतनी गंभीर है कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. गांव के गांव जलमग्न हैं. बाढ़ की स्थिति सबसे ज्यादा अगस्त के महीने में देखी गई.

महीने के अंत से शुरू हुई मॉनसून की भारी बारिश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कैचमेंट एरिया में हुई रिकॉर्ड बारिश, तथा भारत के बांधों (जैसे भाखड़ा, पोंग, रणजीत सागर) से पानी छोड़े जाने के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियां उफान पर हैं.

यह बाढ़ 1988 की ऐतिहासिक बाढ़ से भी बदतर बताई जा रही है, जहां 75% फसलें बरबाद हो गई थीं. अभी की स्थिति की बात करें तो 22-23 जिलों में 1,300 से अधिक गांव बाढ़ की जद में हैं, लाखों एकड़ फसलें डूबी हुई हैं, और जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है. अगस्त से लेकर 2 सितंबर 2025, तक पंजाब में बारिश ने पिछले 25 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. उदाहरण के लिए, अमृतसर में 60.9 मिमी, बठिंडा में 62 मिमी, फरीदकोट में 48.8 मिमी, फिरोजपुर में 46 मिमी बारिश दर्ज की गई. चंडीगढ़ में भी भारी बारिश हुई, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं.

एक तरफ पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव है, जिस वजह से लगातार बारिश जारी है. मौसम विभाग ने 3 सितंबर तक बारिश को लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं दूसरी ओर मॉनसून सिस्टम उत्तर-पश्चिम राजस्थान पर सक्रिय है.

इस बार की भारी बारिश में अब तक 26-29 लोगों ने जान गंवा दी है. 3 लोग लापता हैं. करीब 2.56 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं, 15,688 को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है. बाढ़ और भारी बारिश ने शिक्षा और दैनिक जीवन पर भी असर डाला है. स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी 3 सितंबर तक बंद हैं. कई जिलों में छुट्टियां बढ़ाई गईं है. कृषि प्रधान राज्य पंजाब को फसलों का भी नुकसान हुआ है. कटाई के ठीक पहले ही करीब 3 लाख एकड़ धान की फसलें डूब गई है. इसके अलावा हजारों घर, सड़कें, रेल सेवाएं बाधित हैं. कई ट्रेनें रद्द या डायवर्ट हो रहे हैं.

सतलुज, ब्यास, रावी नदियों के कैचमेंट एरिया में हिमाचल-जेकेएम में भारी बारिश से पानी का स्तर खतरे के पार पहुंच गया है. डैमों से पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नदियों का स्तर बढ़ता ही जा रहा है और नदियां उफान पर हैं.सतलुज बहुत ऊंचे से असाधारण ऊंचे के बीच बह रही है. ब्यास के स्तर की बात करें तो करीब 200,000 क्यूसेक के साथ ऊंचे स्तर पर बह रही है. चेनाब भी प्रभावित (773,400 क्यूसेक, माराला पर). 48 घंटों में और बाढ़ की आशंका है.

NDRF (6 टीमें गुरदासपुर में, अन्य जिलों में 1-1), SDRF, आर्मी, नेवी, एयर फोर्स, BSF, पंजाब पुलिस सक्रिय हैं. 506 रिलीफ कैंप, 352 मेडिकल कैंप, 331 पशु चिकित्सा कैंप भी एक्टिव है.केंद्र सरकार ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है. PM नरेंद्र मोदी ने CM भगवंत मान से फोन पर बात की, हर संभव सहायता का आश्वासन. CM ने PM को Rs 60,000 करोड़ की मांग की है (पेंडिंग फंड्स). कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्पेशल पैकेज की अपील की है.

 

DELHI : दिल्ली की सड़कों पर बोट, कॉलोनियां कराई जा रहीं खाली… बाढ़ के खतरे के बीच हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया और पानी

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हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लगातार छोड़ा जा रहे पानी से दिल्ली में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है. इसके साथ ही अधिकारियों ने नाव के जरिए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से राहत शिविर में जाने की अपील की है.

दिल्ली में यमुना नदी के खतरे के निशान को पार करने के बाद मंगलवार को ट्रांस-यमुना क्षेत्र की कई कॉलोनियों में पानी घुस गया. भारी बारिश और हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. दिल्ली के यमुना बाजार, मयूर विहार और आसपास के इलाकों में पानी घरों में घुस गया, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह 8 बजे यमुना का जलस्तर पुराने यमुना पुल (ओल्ड रेलवे ब्रिज) पर 205.80 मीटर दर्ज किया गया जो कि खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर है.अधिकारियों के अनुसार, हथिनीकुंड बैराज से 1.76 लाख क्यूसेक, वजीराबाद बैराज से 69,210 क्यूसेक और ओखला बैराज से 73,619 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. इससे नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और अनुमान है कि मंगलवार शाम 5 से 8 बजे के बीच यमुना का जलस्तर 206. 50 मीटर को भी पार कर सकता है.

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने यमुना के किनारे बसी कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है. प्रशासन ने नावों के जरिए लोगों से अपना जरूरी सामान लेकर राहत शिविरों में जाने की अपील की है. वहीं, यमुना बाजार, मयूर विहार, शाहदरा, विवेक विहार और अन्य ट्रांस-यमुना क्षेत्रों में पानी घरों में घुसने की जानकारी सामने आ रही हैं.

वहीं, रातभर हुई बारिश के बाद दिल्ली के कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव हो गया. इसी बीच मौसम विभाग ने नरेला, अलीपुर, बुराड़ी, करावल नगर, दिलशाद गार्डन, सीमापुरी, शाहदरा, विवेक विहार, प्रीत विहार, सिविल लाइन्स, कश्मीरी गेट, लाल किला, आईटीओ और अक्षरधाम जैसे इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावनाएं जताई हैं.इसके अलावा पूरे एनसीआर समेत हरियाणा और पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में अगले दो घंटों में हल्की से मध्यम बारिश होने की आशंका है.

UP : बहुत दिनों से कर रहा था परेशान, लड़की ने मनचले को सरेआम जमकर रेला, जड़े कई थप्पड़

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे में स्थित रागौल स्टेशन पर एक सनसनीखेज घटना ने सभी का ध्यान खींचा है, जहां एक युवती ने सोशल मीडिया पर बड़े ही लंबे समय से अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने वाले एक युवक की सरेआम जमकर पिटाई कर दी. वहां पर मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया और अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और लोग युवती के इस बहादुरी भरे काम की तारीफ कर रहे हैं.

जानकारी के मुताबिक, ये घटना मौदहा कस्बे के रागौल रेलवे स्टेशन पर हुई है. यहां पर युवती और आरोपी युवक का आमना-सामना हो गया.बताया जा रहा है कि काफी समय से आरोपी युवक युवती को सोशल मीडिया पर अश्लील और गलत टिप्पणियां कर रहा था.युवती आरोपी युवक की इन हरकतों से बहुत तंग आ चुकी थी, लेकिन जब अचानक युवती ने युवक को रेलवे स्टेशन पर देखा तो उसका गुस्सा फट पड़ा और गुस्से में आकर युवती ने युवक को खूब पीटा. वीडियो में देखा जा सकता है कि युवती जमकर युवक की धुनाई कर रही है.

घटनास्थल पर काफी सारे लोग मौजूद है और इस घटना का वीडियो बना रहे हैं और युवती युवक को जमकर पीटे जा रही है. मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि युवती ने युवक को थप्पड़ और लात-घूंसे मारे, जिससे वहां मौजूद लोग हैरान रह गए. वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने युवती की हिम्मत और साहस की जमकर तारीफ की. लोगों ने कहा कि ऐसे लोगों के साथ ऐसा ही होना चाहिए और युवती ने बिल्कुल सही किया.

 

NATIONAL : ‘एटम बम’ के बाद ‘हाइड्रोजन बम’, राहुल गांधी की बिहार यात्रा का पहला दौर खत्म, क्या मकसद होगा सफल?

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बिहार में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने 16 दिन की वोटर अधिकार यात्रा निकालकर सियासी माहौल तो गर्म कर दिया है, लेकिन असल मकसद विधानसभा चुनाव की सियासी जंग जीतना है. ‘वोट चोरी’ के ‘एटम बम’ के बाद अब ‘हाइड्रोजन बम’ लाने का ऐलान कर साफ कर दिया है कि आगे लड़ाई जारी रखेंगे?

बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ शुरू हुई ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का पहला दौर खत्म हो गया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने 16 दिनों में 23 जिलों और 1300 किलोमीटर का सफर तय कर बीजेपी के खिलाफ ‘वोट चोरी’ वाला नैरेटिव गढ़ने का दांव चला. सासाराम से शुरू हुई यात्रा का सोमवार को पटना में समापन हो गया है. लेकिन क्या दो हफ्ते में कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक का असली मकसद सफल होगा?

राहुल-तेजस्वी 17 अगस्त को सासाराम से निकले और पटना तक यात्रा की. उन्होंने ‘वोट चोरी’ को मुद्दा बनाया और इस यात्रा का उद्देश्य भी यही था. बिहार में दो लड़कों की जोड़ी इसमें काफी हद तक कामयाब रही, लेकिन क्या उनका असली मकसद बिहार की चुनावी जंग जीतना और सत्ता में वापसी करना है?

बिहार में कांग्रेस साढ़े तीन दशकों से सत्ता से बाहर है तो आरजेडी 20 सालों से अपने दम पर वापसी नहीं कर सकी है. ऐसे में राहुल-तेजस्वी ने विधानसभा चुनाव से पहले यात्रा निकालकर सियासी माहौल बनाने की कवायद की. यात्रा में हर जगह अच्छी-खासी भीड़ जुटी और पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर नेताओं तक में जोश दिखा, लेकिन क्या यह जोश बिहार की चुनावी जीत में तब्दील हो पाएगा?

पटना में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के समापन के मौके पर आयोजित रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा है कि ‘वोट चोरी’ के ‘एटम बम’ के बाद अब ‘हाइड्रोजन बम’ आने वाला है. हाइड्रोजन बम का असर एटम बम से सैकड़ों या हजारों गुना अधिक शक्तिशाली हो सकता है. महादेवपुरा में हमने ‘वोट चोरी’ का ‘एटम बम’ फोड़ा था. अब बीजेपी के लोग सुन लें, उससे भी बड़ा ‘हाइड्रोजन बम’ आने वाला है, जब यह फटेगा तो नरेंद्र मोदी देश को अपना चेहरा नहीं दिखा पाएंगे.

इसका मतलब साफ है कि ‘वोट चोरी’ पर राहुल गांधी पहले के खुलासे से कहीं ज्यादा बड़ा खुलासा करेंगे. यात्रा से बने सियासी माहौल को आगे भी बनाए रखने की कोशिश की जाएगी. राहुल गांधी ने अपनी यात्रा के दौरान आम लोगों से जुड़कर एक तरफ कांग्रेस में जान फूंकने की कोशिश की, तो दूसरी तरफ आम लोगों को यह समझाने की भी भरपूर कोशिश की कि उनकी यात्रा का मकसद यह है कि बिहार में एक भी वोट की चोरी न हो. ऐसे में राहुल गांधी बिहार के बचे हुए जिलों में दूसरी यात्रा की घोषणा कर सकते हैं.

राहुल गांधी ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान पूरी तरह से देसी पॉलिटिक्स करते हुए नज़र आए. उन्होंने गांवों में रात्रि विश्राम किया, दलित बस्तियों में चाय पी, बिल्कुल अनजान लोगों से घुले-मिले और मोटरसाइकिल से यात्रा कर आम लोगों से कनेक्शन बनाते नज़र आए. राहुल गांधी की बाइक पर उनकी बहन सांसद प्रियंका गांधी भी सवार हुईं, जिसकी तस्वीर काफी वायरल हुई. हालांकि, प्रियंका गांधी थोड़े समय के लिए इस यात्रा में शामिल हुईं, लेकिन दो दिन की यात्रा से मिथिलांचल के बेल्ट को साधती हुई नज़र आईं.

‘वोट चोरी’ के मुद्दे तक राहुल गांधी और तेजस्वी ने अपनी यात्रा को सीमित नहीं रखा, बल्कि बिहार की सियासी फिज़ा को अपने पक्ष में बनाने के लिए कई अहम मुद्दे सेट करने का दांव चला. उन्होंने जाति जनगणना और आरक्षण का मुद्दा भी उठाया. राहुल यह संदेश देने की कोशिश करते नज़र आए कि उनके दबाव में मोदी सरकार ने जाति जनगणना करने का ऐलान तो कर दिया है, लेकिन वह इसे सही से नहीं करेगी. साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि इंडिया ब्लॉक की सरकार बनने पर पचास प्रतिशत आरक्षण की सीमा को हटा देंगे. इस तरह सामाजिक न्याय का एजेंडा सेट कर राहुल गांधी ने दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों को साधने का दांव चला.

राहुल गांधी ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के जरिए बिहार में कांग्रेस की ‘बार्गेनिंग पावर’ को बढ़ा दिया है. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने जिस तरह ज़मीन पर उतरकर सियासी माहौल बनाते हुए नज़र आए, वैसा इससे पहले किसी अन्य राज्य में कांग्रेस की तरफ से होता नहीं दिखा है. कहा जा सकता है कि राहुल गांधी ने फ्रंट सीट पर बैठकर इस पूरी यात्रा को सफल बनाने का प्रयास किया, जबकि तेजस्वी यादव उनके साथ-साथ बैक सीट पर ही नज़र आए.

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि काफी समय बाद कांग्रेस बिहार की ज़मीन पर जीवंत नज़र आई है. बिहार में कांग्रेस के समर्थकों, उनके कैडर और नेताओं में एक नया जोश देखने को मिला है. हालाँकि, कांग्रेस के लिए यह फ़ायदा संगठन के स्तर पर है, न कि चुनावी स्तर पर. सत्ता से बाहर होने के चलते बिहार में कांग्रेस का संगठन लगभग खत्म सा हो गया था. ज़मीनी स्तर पर न तो कार्यकर्ता हैं और न ही मज़बूत नेता. राहुल गांधी की यात्रा से पार्टी के कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा मिली है, लेकिन यह ऊर्जा वोट में कितनी तब्दील होगी, यह नतीजों के बाद ही पता चलेगा.

राहुल-तेजस्वी ने जिन 110 सीटों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अपनी यात्रा से कवर किया है, उनमें से लगभग 80 सीटों पर एनडीए के घटक दलों का कब्ज़ा है. महागठबंधन के पास केवल 30 सीटें ही हैं. इस तरह, एनडीए के मज़बूत गढ़ वाली सीटों पर राहुल ने यात्रा निकालकर बीजेपी और जेडीयू के खिलाफ सियासी माहौल बनाने की कोशिश के साथ-साथ कांग्रेस के लिए ज़मीन तैयार की है.

कांग्रेस को सबसे ज़्यादा फ़ायदा हुआ है, लेकिन यह कहना तय नहीं है कि उन्हें वोट मिलेगा. यात्रा के रूट में 23 ज़िले कवर किए गए. 2020 के चुनाव में इनमें से कांग्रेस सिर्फ 9 सीटें जीती थीं, जबकि 16 सीटों पर पार्टी दूसरे नंबर पर रही थी. इन 110 सीटों पर महागठबंधन के मुक़ाबले एनडीए ज़्यादा मज़बूत है. ऐसे में राहुल के सामने इसी स्थिति को बदलने की चुनौती थी.

बिहार कांग्रेस के सह-प्रभारी सुशील पासी कहते हैं कि बिहार में ‘वोट चोरी’ के खिलाफ राहुल गांधी ने यात्रा निकालकर एक तरह से क्रांति का आगाज़ किया है, जिसकी गूंज अब पूरे देश में सुनाई दे रही है. चुनाव आयोग और बीजेपी का गठजोड़ देश के सामने उजागर हो गया है. राहुल गांधी की यात्रा से पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश आया है और चुनाव से पहले यह पार्टी के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है.

कांग्रेस बिहार की सत्ता से करीब 35 सालों से बाहर है. कांग्रेस बिहार में आरजेडी के सहारे सत्ता में वापसी की कोशिश में है, लेकिन आरजेडी भी 20 साल से सत्ता में अपने दम पर नहीं आ सकी है. 2020 में तेजस्वी की अगुवाई में महागठबंधन ने एनडीए को कांटे की टक्कर दी थी, लेकिन सत्ता में वापसी का सपना साकार नहीं हो सका.

पांच साल के बाद राहुल और तेजस्वी ने एक साथ मिलकर एनडीए के खिलाफ सियासी माहौल बनाने के लिए पूरी ताकत लगाई, लेकिन यात्रा के दौरान पीएम मोदी के लिए कहे गए अपशब्दों को बीजेपी ने मुद्दा बनाने का दांव चला. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर राहुल गांधी को थोड़ी भी शर्म है तो मोदी जी और उनकी दिवंगत माँ के लिए कहे गए अपशब्दों पर माफ़ी मांगें.

वहीं, बिहार में चुनाव से पहले तेजस्वी यादव ने मुफ्त वाली लुभावनी घोषणाओं का दांव चला, तो लगा कि वे ऐसा करने वाले बिहार की पहली पार्टी के नेता हैं. तब किसी को अनुमान नहीं था कि नीतीश कुमार के पास इतने तीर हैं कि अगर वह बेधना चाहें, तो शायद ही कोई उनके आगे टिके. इसके बाद नीतीश ने जैसे ही मुफ्त की योजनाओं की ओर कदम बढ़ाया, विपक्षी महागठबंधन का दांव फेल होने लगा.

नीतीश कुमार ने 125 यूनिट मुफ्त बिजली, 400 से 1100 रुपये की सामाजिक सुरक्षा पेंशन, 1 करोड़ लोगों को नौकरी-रोजगार, सवा करोड़ से ज़्यादा महिलाओं का जीविका दीदी के रूप में नीतीश से जुड़ना और 2.97 करोड़ परिवारों की एक-एक महिला को 10 हजार की आर्थिक मदद जैसे कामों से लोगों से सीधे मुखातिब हुए हैं.

नीतीश कुमार ने कल्याणकारी योजनाओं का ऐलान कर एनडीए को बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सियासी फ़िज़ा को अपने पक्ष में बनाए रखने का दांव चला. ऐसे में सवाल उठता है कि विपक्ष (महागठबंधन) कितना मज़बूत ‘काउंटर-नैरेटिव’ बना पाता है या नहीं. ऐसे में तेजस्वी यादव यही कहते हुए नज़र आए कि बिहार की मौजूदा सरकार नक़लची है. उनके पास कोई रोडमैप नहीं है और वे सिर्फ़ महागठबंधन की नक़ल कर रहे हैं. उनके पास कोई विज़न नहीं है. तेजस्वी उनसे आगे हैं और नीतीश सरकार पीछे-पीछे चल रही है. क्या जनता को डुप्लीकेट सीएम चाहिए या ओरिजिनल?

राहुल गांधी ने क्या कहा
‘वोट चोरी’ के ‘एटम बम’ के बाद अब ‘हाइड्रोजन बम’ आने वाला है. हाइड्रोजन बम का असर एटम बम से सैकड़ों या हजारों गुना अधिक शक्तिशाली हो सकता है. जब यह फटेगा तो नरेंद्र मोदी देश को अपना चेहरा नहीं दिखा पाएंगे.

राहुल गांधी बैलेट पेपर से चुनाव कराना चाहते हैं. इससे बूथ कैप्चरिंग करने में आसानी होगी. महागठबंधन बिहार में वोटर लिस्ट के स्पेशल रिवीजन का विरोध कर रहा है, क्योंकि वे बूथ कैप्चरिंग और घुसपैठियों को वोट डालने देना चाहते हैं.

 

ENTERTAINMENT : ‘मैं काम कर रही हूं, वो नहीं’, बिपाशा बसु के बाद मृणाल ठाकुर ने अनुष्का शर्मा पर किया कमेंट? पीछे पड़े ट्रोल्स

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बॉलीवुड एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर के हालिया बयान ने फिर से विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने कई फिल्मों को रिजेक्ट किया है, जिनमें से कुछ सुपरहिट साबित हुईं. मृणाल ने कहा कि अगर वो उस फिल्म को करती तो शायद खुद को खो देती.

बॉलीवुड एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर अपने बयान को लेकर फिर कंट्रोवर्सी से घिर गई हैं. बीते दिनों बिपाशा बसु को लेकर उनका पुराना बयान वायरल हुआ था. जहां उन्होंने बिपाशा को मैनली कहा था. ट्रोलिंग के बाद एक्ट्रेस को माफी मांगनी पड़ी थी. अब यूजर्स का मानना है मृणाल ने अनुष्का शर्मा पर कमेंट किया है. क्या है ये पूरा माजरा, चलिए जानते हैं.

मृणाल ने हाल ही में मिस मालिनी को इंटरव्यू दिया था. जहां उनसे ऐसी फिल्म के बारे में पूछा गया जो उन्होंने रिजेक्ट कर दी थी. लेकिन वो मूवी हिट साबित हुई. मृणाल ने जवाब देते हुए कहा- ऐसी मूवी बहुत सारी हैं. जिन्हें मैंने करने से मना किया. लेकिन सच कहूं तो मैं तैयार नहीं थी. कंट्रोवर्सी हो जाएगी. ये फिल्म सुपरहिट हुई थी और इसकी हीरोइन को सक्सेस मिली. लेकिन मुझे लगता है अगर मैंने तब वो फिल्म कर ली होती तो मैं खुद को खो चुकी होती.

वो एक्ट्रेस अभी काम नहीं करती हैं. लेकिन मैं कर रही हूं. ये अपने आप में मेरी जीत है, क्योंकि मुझे तुरंत मिलने वाला फेम, पहचान नहीं चाहिए. क्योंकि जो चीज तुरंत मिलती है वो जल्दी आपसे दूर भी होती है.

रेडिट पर मृणाल का ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. यूजर्स का मानना है मृणाल ने अनुष्का शर्मा पर अटैक किया है. यहां फिल्म सुल्तान की वो बात कर रही हैं. एक यूजर ने लिखा- ये महिला का अपमान है. दूसरों को नीचा दिखाकर खुद को ऊपर दिखाना शर्मनाक है. शख्स ने लिखा- अगर ये अनुष्का की बात कर रही हैं तो बेवकूफ हैं. यूजर्स ने मृणाल को मीन गर्ल का टैग दिया है. शख्स ने लिखा- अगर कोई आज इंडस्ट्री में काम नहीं कर रही तो ये मृणाल के लिए कैसे जीत हुई? यूजर्स को लगता है मृणाल को ग्रॅाउंडेड रहना चाहिए. कईयों को लगता है मृणाल को सुपीरियॉरिटी कॉम्प्लेक्स है.

मालूम हो, सलमान खान ने एक दफा बिग बॉस में बताया था कि फिल्म सुल्तान के लिए मेकर्स की पहली पसंद मृणाल थीं. तब एक्ट्रेस शाहिद कपूर के साथ अपनी फिल्म जर्सी को प्रमोट करने आई थीं. सलमान ने कहा था- डायरेक्टर अली अब्बास जफर ने पहले मृणाल को चुना था. लेकिन वो पहलवान जैसी नहीं लग रही थीं. अनुष्का भी नहीं लगती थी पहलवान टाइप, लेकिन मुझे पता था इनका करियर बहुत अच्छा होगा.

 

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