Tuesday, May 5, 2026
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NATIONAL : ‘एटम बम’ के बाद ‘हाइड्रोजन बम’, राहुल गांधी की बिहार यात्रा का पहला दौर खत्म, क्या मकसद होगा सफल?

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बिहार में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने 16 दिन की वोटर अधिकार यात्रा निकालकर सियासी माहौल तो गर्म कर दिया है, लेकिन असल मकसद विधानसभा चुनाव की सियासी जंग जीतना है. ‘वोट चोरी’ के ‘एटम बम’ के बाद अब ‘हाइड्रोजन बम’ लाने का ऐलान कर साफ कर दिया है कि आगे लड़ाई जारी रखेंगे?

बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ शुरू हुई ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का पहला दौर खत्म हो गया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने 16 दिनों में 23 जिलों और 1300 किलोमीटर का सफर तय कर बीजेपी के खिलाफ ‘वोट चोरी’ वाला नैरेटिव गढ़ने का दांव चला. सासाराम से शुरू हुई यात्रा का सोमवार को पटना में समापन हो गया है. लेकिन क्या दो हफ्ते में कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक का असली मकसद सफल होगा?

राहुल-तेजस्वी 17 अगस्त को सासाराम से निकले और पटना तक यात्रा की. उन्होंने ‘वोट चोरी’ को मुद्दा बनाया और इस यात्रा का उद्देश्य भी यही था. बिहार में दो लड़कों की जोड़ी इसमें काफी हद तक कामयाब रही, लेकिन क्या उनका असली मकसद बिहार की चुनावी जंग जीतना और सत्ता में वापसी करना है?

बिहार में कांग्रेस साढ़े तीन दशकों से सत्ता से बाहर है तो आरजेडी 20 सालों से अपने दम पर वापसी नहीं कर सकी है. ऐसे में राहुल-तेजस्वी ने विधानसभा चुनाव से पहले यात्रा निकालकर सियासी माहौल बनाने की कवायद की. यात्रा में हर जगह अच्छी-खासी भीड़ जुटी और पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर नेताओं तक में जोश दिखा, लेकिन क्या यह जोश बिहार की चुनावी जीत में तब्दील हो पाएगा?

पटना में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के समापन के मौके पर आयोजित रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा है कि ‘वोट चोरी’ के ‘एटम बम’ के बाद अब ‘हाइड्रोजन बम’ आने वाला है. हाइड्रोजन बम का असर एटम बम से सैकड़ों या हजारों गुना अधिक शक्तिशाली हो सकता है. महादेवपुरा में हमने ‘वोट चोरी’ का ‘एटम बम’ फोड़ा था. अब बीजेपी के लोग सुन लें, उससे भी बड़ा ‘हाइड्रोजन बम’ आने वाला है, जब यह फटेगा तो नरेंद्र मोदी देश को अपना चेहरा नहीं दिखा पाएंगे.

इसका मतलब साफ है कि ‘वोट चोरी’ पर राहुल गांधी पहले के खुलासे से कहीं ज्यादा बड़ा खुलासा करेंगे. यात्रा से बने सियासी माहौल को आगे भी बनाए रखने की कोशिश की जाएगी. राहुल गांधी ने अपनी यात्रा के दौरान आम लोगों से जुड़कर एक तरफ कांग्रेस में जान फूंकने की कोशिश की, तो दूसरी तरफ आम लोगों को यह समझाने की भी भरपूर कोशिश की कि उनकी यात्रा का मकसद यह है कि बिहार में एक भी वोट की चोरी न हो. ऐसे में राहुल गांधी बिहार के बचे हुए जिलों में दूसरी यात्रा की घोषणा कर सकते हैं.

राहुल गांधी ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान पूरी तरह से देसी पॉलिटिक्स करते हुए नज़र आए. उन्होंने गांवों में रात्रि विश्राम किया, दलित बस्तियों में चाय पी, बिल्कुल अनजान लोगों से घुले-मिले और मोटरसाइकिल से यात्रा कर आम लोगों से कनेक्शन बनाते नज़र आए. राहुल गांधी की बाइक पर उनकी बहन सांसद प्रियंका गांधी भी सवार हुईं, जिसकी तस्वीर काफी वायरल हुई. हालांकि, प्रियंका गांधी थोड़े समय के लिए इस यात्रा में शामिल हुईं, लेकिन दो दिन की यात्रा से मिथिलांचल के बेल्ट को साधती हुई नज़र आईं.

‘वोट चोरी’ के मुद्दे तक राहुल गांधी और तेजस्वी ने अपनी यात्रा को सीमित नहीं रखा, बल्कि बिहार की सियासी फिज़ा को अपने पक्ष में बनाने के लिए कई अहम मुद्दे सेट करने का दांव चला. उन्होंने जाति जनगणना और आरक्षण का मुद्दा भी उठाया. राहुल यह संदेश देने की कोशिश करते नज़र आए कि उनके दबाव में मोदी सरकार ने जाति जनगणना करने का ऐलान तो कर दिया है, लेकिन वह इसे सही से नहीं करेगी. साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि इंडिया ब्लॉक की सरकार बनने पर पचास प्रतिशत आरक्षण की सीमा को हटा देंगे. इस तरह सामाजिक न्याय का एजेंडा सेट कर राहुल गांधी ने दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों को साधने का दांव चला.

राहुल गांधी ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के जरिए बिहार में कांग्रेस की ‘बार्गेनिंग पावर’ को बढ़ा दिया है. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने जिस तरह ज़मीन पर उतरकर सियासी माहौल बनाते हुए नज़र आए, वैसा इससे पहले किसी अन्य राज्य में कांग्रेस की तरफ से होता नहीं दिखा है. कहा जा सकता है कि राहुल गांधी ने फ्रंट सीट पर बैठकर इस पूरी यात्रा को सफल बनाने का प्रयास किया, जबकि तेजस्वी यादव उनके साथ-साथ बैक सीट पर ही नज़र आए.

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि काफी समय बाद कांग्रेस बिहार की ज़मीन पर जीवंत नज़र आई है. बिहार में कांग्रेस के समर्थकों, उनके कैडर और नेताओं में एक नया जोश देखने को मिला है. हालाँकि, कांग्रेस के लिए यह फ़ायदा संगठन के स्तर पर है, न कि चुनावी स्तर पर. सत्ता से बाहर होने के चलते बिहार में कांग्रेस का संगठन लगभग खत्म सा हो गया था. ज़मीनी स्तर पर न तो कार्यकर्ता हैं और न ही मज़बूत नेता. राहुल गांधी की यात्रा से पार्टी के कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा मिली है, लेकिन यह ऊर्जा वोट में कितनी तब्दील होगी, यह नतीजों के बाद ही पता चलेगा.

राहुल-तेजस्वी ने जिन 110 सीटों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अपनी यात्रा से कवर किया है, उनमें से लगभग 80 सीटों पर एनडीए के घटक दलों का कब्ज़ा है. महागठबंधन के पास केवल 30 सीटें ही हैं. इस तरह, एनडीए के मज़बूत गढ़ वाली सीटों पर राहुल ने यात्रा निकालकर बीजेपी और जेडीयू के खिलाफ सियासी माहौल बनाने की कोशिश के साथ-साथ कांग्रेस के लिए ज़मीन तैयार की है.

कांग्रेस को सबसे ज़्यादा फ़ायदा हुआ है, लेकिन यह कहना तय नहीं है कि उन्हें वोट मिलेगा. यात्रा के रूट में 23 ज़िले कवर किए गए. 2020 के चुनाव में इनमें से कांग्रेस सिर्फ 9 सीटें जीती थीं, जबकि 16 सीटों पर पार्टी दूसरे नंबर पर रही थी. इन 110 सीटों पर महागठबंधन के मुक़ाबले एनडीए ज़्यादा मज़बूत है. ऐसे में राहुल के सामने इसी स्थिति को बदलने की चुनौती थी.

बिहार कांग्रेस के सह-प्रभारी सुशील पासी कहते हैं कि बिहार में ‘वोट चोरी’ के खिलाफ राहुल गांधी ने यात्रा निकालकर एक तरह से क्रांति का आगाज़ किया है, जिसकी गूंज अब पूरे देश में सुनाई दे रही है. चुनाव आयोग और बीजेपी का गठजोड़ देश के सामने उजागर हो गया है. राहुल गांधी की यात्रा से पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश आया है और चुनाव से पहले यह पार्टी के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है.

कांग्रेस बिहार की सत्ता से करीब 35 सालों से बाहर है. कांग्रेस बिहार में आरजेडी के सहारे सत्ता में वापसी की कोशिश में है, लेकिन आरजेडी भी 20 साल से सत्ता में अपने दम पर नहीं आ सकी है. 2020 में तेजस्वी की अगुवाई में महागठबंधन ने एनडीए को कांटे की टक्कर दी थी, लेकिन सत्ता में वापसी का सपना साकार नहीं हो सका.

पांच साल के बाद राहुल और तेजस्वी ने एक साथ मिलकर एनडीए के खिलाफ सियासी माहौल बनाने के लिए पूरी ताकत लगाई, लेकिन यात्रा के दौरान पीएम मोदी के लिए कहे गए अपशब्दों को बीजेपी ने मुद्दा बनाने का दांव चला. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर राहुल गांधी को थोड़ी भी शर्म है तो मोदी जी और उनकी दिवंगत माँ के लिए कहे गए अपशब्दों पर माफ़ी मांगें.

वहीं, बिहार में चुनाव से पहले तेजस्वी यादव ने मुफ्त वाली लुभावनी घोषणाओं का दांव चला, तो लगा कि वे ऐसा करने वाले बिहार की पहली पार्टी के नेता हैं. तब किसी को अनुमान नहीं था कि नीतीश कुमार के पास इतने तीर हैं कि अगर वह बेधना चाहें, तो शायद ही कोई उनके आगे टिके. इसके बाद नीतीश ने जैसे ही मुफ्त की योजनाओं की ओर कदम बढ़ाया, विपक्षी महागठबंधन का दांव फेल होने लगा.

नीतीश कुमार ने 125 यूनिट मुफ्त बिजली, 400 से 1100 रुपये की सामाजिक सुरक्षा पेंशन, 1 करोड़ लोगों को नौकरी-रोजगार, सवा करोड़ से ज़्यादा महिलाओं का जीविका दीदी के रूप में नीतीश से जुड़ना और 2.97 करोड़ परिवारों की एक-एक महिला को 10 हजार की आर्थिक मदद जैसे कामों से लोगों से सीधे मुखातिब हुए हैं.

नीतीश कुमार ने कल्याणकारी योजनाओं का ऐलान कर एनडीए को बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सियासी फ़िज़ा को अपने पक्ष में बनाए रखने का दांव चला. ऐसे में सवाल उठता है कि विपक्ष (महागठबंधन) कितना मज़बूत ‘काउंटर-नैरेटिव’ बना पाता है या नहीं. ऐसे में तेजस्वी यादव यही कहते हुए नज़र आए कि बिहार की मौजूदा सरकार नक़लची है. उनके पास कोई रोडमैप नहीं है और वे सिर्फ़ महागठबंधन की नक़ल कर रहे हैं. उनके पास कोई विज़न नहीं है. तेजस्वी उनसे आगे हैं और नीतीश सरकार पीछे-पीछे चल रही है. क्या जनता को डुप्लीकेट सीएम चाहिए या ओरिजिनल?

राहुल गांधी ने क्या कहा
‘वोट चोरी’ के ‘एटम बम’ के बाद अब ‘हाइड्रोजन बम’ आने वाला है. हाइड्रोजन बम का असर एटम बम से सैकड़ों या हजारों गुना अधिक शक्तिशाली हो सकता है. जब यह फटेगा तो नरेंद्र मोदी देश को अपना चेहरा नहीं दिखा पाएंगे.

राहुल गांधी बैलेट पेपर से चुनाव कराना चाहते हैं. इससे बूथ कैप्चरिंग करने में आसानी होगी. महागठबंधन बिहार में वोटर लिस्ट के स्पेशल रिवीजन का विरोध कर रहा है, क्योंकि वे बूथ कैप्चरिंग और घुसपैठियों को वोट डालने देना चाहते हैं.

 

ENTERTAINMENT : ‘मैं काम कर रही हूं, वो नहीं’, बिपाशा बसु के बाद मृणाल ठाकुर ने अनुष्का शर्मा पर किया कमेंट? पीछे पड़े ट्रोल्स

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बॉलीवुड एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर के हालिया बयान ने फिर से विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने कई फिल्मों को रिजेक्ट किया है, जिनमें से कुछ सुपरहिट साबित हुईं. मृणाल ने कहा कि अगर वो उस फिल्म को करती तो शायद खुद को खो देती.

बॉलीवुड एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर अपने बयान को लेकर फिर कंट्रोवर्सी से घिर गई हैं. बीते दिनों बिपाशा बसु को लेकर उनका पुराना बयान वायरल हुआ था. जहां उन्होंने बिपाशा को मैनली कहा था. ट्रोलिंग के बाद एक्ट्रेस को माफी मांगनी पड़ी थी. अब यूजर्स का मानना है मृणाल ने अनुष्का शर्मा पर कमेंट किया है. क्या है ये पूरा माजरा, चलिए जानते हैं.

मृणाल ने हाल ही में मिस मालिनी को इंटरव्यू दिया था. जहां उनसे ऐसी फिल्म के बारे में पूछा गया जो उन्होंने रिजेक्ट कर दी थी. लेकिन वो मूवी हिट साबित हुई. मृणाल ने जवाब देते हुए कहा- ऐसी मूवी बहुत सारी हैं. जिन्हें मैंने करने से मना किया. लेकिन सच कहूं तो मैं तैयार नहीं थी. कंट्रोवर्सी हो जाएगी. ये फिल्म सुपरहिट हुई थी और इसकी हीरोइन को सक्सेस मिली. लेकिन मुझे लगता है अगर मैंने तब वो फिल्म कर ली होती तो मैं खुद को खो चुकी होती.

वो एक्ट्रेस अभी काम नहीं करती हैं. लेकिन मैं कर रही हूं. ये अपने आप में मेरी जीत है, क्योंकि मुझे तुरंत मिलने वाला फेम, पहचान नहीं चाहिए. क्योंकि जो चीज तुरंत मिलती है वो जल्दी आपसे दूर भी होती है.

रेडिट पर मृणाल का ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. यूजर्स का मानना है मृणाल ने अनुष्का शर्मा पर अटैक किया है. यहां फिल्म सुल्तान की वो बात कर रही हैं. एक यूजर ने लिखा- ये महिला का अपमान है. दूसरों को नीचा दिखाकर खुद को ऊपर दिखाना शर्मनाक है. शख्स ने लिखा- अगर ये अनुष्का की बात कर रही हैं तो बेवकूफ हैं. यूजर्स ने मृणाल को मीन गर्ल का टैग दिया है. शख्स ने लिखा- अगर कोई आज इंडस्ट्री में काम नहीं कर रही तो ये मृणाल के लिए कैसे जीत हुई? यूजर्स को लगता है मृणाल को ग्रॅाउंडेड रहना चाहिए. कईयों को लगता है मृणाल को सुपीरियॉरिटी कॉम्प्लेक्स है.

मालूम हो, सलमान खान ने एक दफा बिग बॉस में बताया था कि फिल्म सुल्तान के लिए मेकर्स की पहली पसंद मृणाल थीं. तब एक्ट्रेस शाहिद कपूर के साथ अपनी फिल्म जर्सी को प्रमोट करने आई थीं. सलमान ने कहा था- डायरेक्टर अली अब्बास जफर ने पहले मृणाल को चुना था. लेकिन वो पहलवान जैसी नहीं लग रही थीं. अनुष्का भी नहीं लगती थी पहलवान टाइप, लेकिन मुझे पता था इनका करियर बहुत अच्छा होगा.

 

NATIONAL : व्हीलचेयर, एक पैर में प्लास्टर, हाथ जोड़कर माफी…. कुशीनगर में छेड़खानी करने वालों का ऐसे हुआ इलाज

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कुशीनगर पुलिस ने 25-25 हजार के इनामी असलम और जुल्फ़िकार को मुठभेड़ में दबोचा. स्कूल–कॉलेजों के बाहर छात्राओं से छेड़खानी और लव जिहाद फैलाने वाले ये बदमाश पुलिस की गोली लगते ही व्हीलचेयर और प्लास्टर तक सिमट गए. हथियार, बाइक और नकदी बरामद हुई. कभी दबंगई दिखाने वाले अब हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते दिखे- साहब, माफ कर दीजिए, अब गलती नहीं होगी.

‘माफ कर दीजिए, अब ऐसी गलती नहीं होगी…’ ये शब्द व्हीलचेयर पर बैठे उन बदमाशों के हैं जिनका हौसला कल तक आसमान पर था. मगर जब कुशीनगर पुलिस की गोली टांग में लगी तो वही सिर झुकाकर रहम की भीख मांगने लगे.

दरअसल, कुशीनगर जिले में पुलिस ने दो शातिर बदमाशों को पकड़ा है, जिन पर 25-25 हजार का इनाम घोषित था. असलम और जुल्फ़िकार नाम के ये दोनों आरोपी लंबे समय से स्कूल और कॉलेजों के बाहर छात्राओं से छेड़खानी करते थे. पुलिस के मुताबिक, ये सिर्फ छेड़छाड़ तक सीमित नहीं थे बल्कि कलावा बांधकर अपना नाम बदलकर लड़कियों को फंसाने और लव जिहाद की घटनाओं को अंजाम देते थे.

एसपी संतोष मिश्रा ने बताया कि देर रात पुलिस को सूचना मिली थी कि दोनों बदमाश रामकोला थाना क्षेत्र में घूम रहे हैं. चार टीमें बनाई गईं और घेराबंदी की गई. सुबह करीब 4 बजे जब कुशुमाहा पुल के पास वाहन चेकिंग हो रही थी, तभी पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. लेकिन दोनों ने भागने की बजाय पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ में दोनों को पैर में गोली लगी. घायल बदमाशों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वे पुलिस की निगरानी में इलाज करा रहे हैं.

पुलिस ने बदमाशों के पास से दो देसी तमंचे, कई कारतूस, एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल और 1100 रुपये नकद बरामद किए हैं. पुलिस मान रही है कि इनके पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय था, जो लड़कियों को टारगेट करके उन्हें बहकाने का काम करता था. लोगों का कहना है कि असलम और जुल्फ़िकार का आतंक महीनों से इलाके में था. ये अक्सर स्कूल और कॉलेज के बाहर मंडराते और छात्राओं का पीछा करते थे. कई बार लड़कियों के परिवारों ने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन ये दोनों बच निकलते थे. पुलिस की सख्त घेराबंदी और मुखबिर की जानकारी के बाद आखिरकार इन्हें पकड़ा जा सका. इन दोनों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है. इनमें शामिल हैं – धारा 78 (पीछा करना), धारा 296 (सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकतें), धारा 351(3) (आपराधिक डराना–धमकाना). एसपी ने साफ कहा कि ऐसे लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी स्कूल-कॉलेजों के बाहर सुरक्षा को लेकर सख्ती की जाएगी.

गिरफ्तारी के बाद दोनों बदमाशों की जो तस्वीरें सामने आईं, उन्होंने सबको चौंका दिया. कभी छात्राओं पर दबंगई दिखाने वाले ये शख्स अब पुलिस और जनता के सामने हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगते नजर आए. एक का पैर प्लास्टर में है, दूसरा व्हीलचेयर पर बैठा है और दोनों बार-बार कह रहे थे साहब, माफ कर दीजिए… अब ऐसी गलती नहीं होगी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इनके लिए अब कानून ही फैसला करेगा.

इनकी गिरफ्तारी के बाद मोरावां बरका टोला गांव सहित आस-पास के इलाकों में लोगों ने राहत की सांस ली है. छात्राओं के परिजन कह रहे हैं कि अब वे चैन की नींद सो पाएंगे. एक अभिभावक ने कहा, हम महीनों से डरे हुए थे. बच्चियों को स्कूल भेजना मुश्किल हो गया था. अब लगता है कि पुलिस ने सही समय पर सही कदम उठाया. पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा ने कहा कि जिले भर में ऐसे तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. स्कूल-कॉलेजों के बाहर सादी वर्दी में महिला पुलिसकर्मी भी तैनात की जाएंगी ताकि किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई हो सके.

NATIONAL : दिल्ली-NCR में घने बादलों का साया, आज भी जमकर बरसेंगे बादल, आखिर कब मिलेगी राहत?

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लगातार हो रही बारिश ने दिल्ली-एनसीआर के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है. अगस्त में सामान्य से कहीं ज्यादा बरसात के बाद सितंबर की शुरुआत भी तेज बारिश से हुई, जिसने सड़कों से लेकर ट्रैफिक तक सबको प्रभावित किया है. मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में बारिश का सिलसिला थमने वाला नहीं है.

दिल्ली और इसके आस-पास के इलाकों में सितंबर की शुरुआत भारी बारिश से हुई. पहले ही दिन ऐसी बारिश हुई कि सड़कों पर जलजमाव और ट्रैफिक की डराने वाली तस्वीरें सामने आईं. हालांकि अगस्त महीने में भी यहां सामान्य से ज्यादा बारिश हुई, जिससे तापमान में भी गिरावट बनी हुई है. मौसम विभाग आज (2 सितंबर) भी अच्छी बारिश की संभावना जताई है.

शाम से रातभर बारिश के बाद आज,(मंगलवार) सुबह भी आसमान में बादल काले बादल छाए हुए हैं. ऐसा लग रहा है मानो बादल अब भी बरसने को बेताब हों. मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में सामान्यतः बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश होगी. वहीं नोएडा में भी सामान्यतः बादल छाए रहेंगे तथा कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं. गुरुग्राम में भी आज आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और एक या दो बार बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं.

मौसम विभाग के मुताबिक, आज दिल्ली के नरेला, अलीपुर, बुराड़ी, करावल नगर, दिलशाद गार्डन, सीमापुरी, शहादरा, विवेक विहार, प्रीत विहार में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. एनसीआर के लोनी देहात, हिंडन एएफ स्टेशन, गाजियाबाद, इंदिरापुरम, छपरौला, दादरी, ग्रेटर नोएडा और हरियाणा के यमुनानगर, फतेहाबाद, बरवाला, सोनीपत, खरखौदा, चरखी दादरी, मट्टनहेल, झज्जर, फरुखनगर, कोसली, रेवाड़ी, बावल, नूंह में भी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, देवबंद, नजीबाबाद, बागपत, खेकड़ा, मोदीनगर, पिलखुआ, हापुड, गुलौटी, सिकंदराबाद, बुलन्दशहर और राजस्थान के भिवाड़ी, तिजारा, खैरथल, भरतपुर में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है.

इसके अलावा दिल्ली के बादीली, मॉडल टाउन, आजादपुर, दिल्ली यूनिवर्सिटी, सिविल लाइंस, कश्मीरी गेट, सीलमपुर, लाल किला, आईटीओ, अक्षरधाम व हरियाणा के आदमपुर, हिसार, हांसी, महम, तोशाम, भिवानी, महेंद्रगढ़, नारनौल. यूपी के बड़ौत, मेरठ, गढ़मुक्तेश्वर, सियाना, संभल, सहसवान, बदांयू, कासगंज, नंदगांव, गंजडुंडवारा, बरसाना, आगरा, जाजाऊ में हल्की बारिश होने की संभावना है. वहीं, राजस्थान के झुंझुनू, कोटपूतली, अलवर, विराटनगर, नगर, डीग, लक्ष्मणगढ़, नदबई, बयाना भी हल्की बारिश के आसार हैं.

स्काईमेट के मुताबिक भी, दिल्ली में आज भी (2 सितंबर) मध्यम बारिश के आसार हैं. कुछ जगहों पर एक-दो भारी बौछारें भी हो सकती हैं. खासकर शाम और रात के समय गतिविधि बढ़ेगी. 3-4 सितंबर को ट्रफ के धीरे-धीरे दक्षिण की ओर खिसकने से दिल्ली में ज्यादातर हल्की से मध्यम बारिश होगी. 6 से 8 सितम्बर के बीच यहां केवल हल्की बारिश के ही आसार रहेंगे.

स्काईमेट विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर-पूर्वी राजस्थान और हरियाणा पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है. एक और सिस्टम ओडिशा तट से लगे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर सक्रिय है. मॉनसून ट्रफ इन दोनों सिस्टम को जोड़ते हुए बीकानेर-ग्वालियर से गुजर रही है, जिससे दिल्ली भी इसके सक्रिय दायरे में है. जल्द ही खाड़ी में एक और सिस्टम बनेगा, जो मॉनसून ट्रफ को धीरे-धीरे दक्षिण की ओर खिसकाएगा.

बता दें कि इस साल दिल्ली में अगस्त में बारिश सामान्य से 48% ज्यादा रही है. इसके साथ ही जून, जुलाई और अगस्त तीनों महीने सामान्य से अधिक बारिश वाले रहे हैं. कुल मिलाकर दिल्ली में इस मॉनसून सीजन की बारिश अभी तक 37% ज्यादा है.

BIHAR : चार बच्चों की मां से पति का था अफेयर, शादी के 4 महीने बाद पत्नी ने कर ली खुदकुशी

मुंगेर जिले में विवाहिता ने शादी के चार महीने बाद मायके में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पति अजय तांती का मौसी से अवैध संबंध और लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर मौसम ने यह कदम उठाया. मृतका के परिजनों ने दहेज उत्पीड़न और बेवफाई का आरोप लगाया है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज जांच शुरू कर दी है.

बिहार के मुंगेर जिले के तारापुर थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां शादी के महज चार महीने बाद ही एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतका की पहचान माहपुर निवासी जितेंद्र तांती की बेटी मौसम के रूप में हुई है. वहीं, परिजनों ने पति और उसके परिवार पर दहेज प्रताड़ना और विवाहिता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का गंभीर आरोप लगाया है.

जानकारी के मुताबिक, मौसम की शादी पांच मई को लौना गांव निवासी अजय तांती से हुई थी. आरोप है कि शादी के बाद से ही पति अजय अपनी मौसी, जो चार बच्चों की मां है. उसके साथ अवैध संबंधों में लिप्त था. इसको लेकर पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद होता रहा. पत्नी मौसम कई बार इसका विरोध करती थी, लेकिन अजय खुलेआम कहता था कि वह अपनी मौसी का साथ नहीं छोड़ेगा.

परिजनों का आरोप है कि अजय विवाहिता के साथ मारपीट करता था और दहेज की भी मांग करता था. शादी में लगभग छह लाख रुपये नकद और सामान दिए गए थे, बावजूद इसके वह संतुष्ट नहीं था. मृतका की मां बबिता देवी ने बताया कि दामाद अजय कहता था कि तुम मुझे पसंद नहीं हो, तुम मर जाओ, मुझे मौसी की बाहों में सुकून मिलता है. इससे आहत होकर मौसम ने मायके में ही साड़ी के फंदे से लटककर अपनी जान दे दी.

घटना की सूचना मिलते ही परिजन और गांव के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. आनन-फानन में पुलिस को भी सूचना दी गई. तारापुर थानाध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल मुंगेर भेज दिया गया है. मृतका के परिजनों से लिखित आवेदन मिलने के बाद मामले में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

BHAKTI : पितृपक्ष की ये 3 तिथियां हैं बेहद महत्वपूर्ण, भूल न जाएं इन पर श्राद्ध करना

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हिंदू धर्म में पितृ पक्ष के दिनों का खास महत्व है. पितृ पक्ष पर पितरों की मुक्ति के लिए कर्म किए जाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ नाराज हो जाएं तो घर की तरक्की में बाधाएं उत्पन्न होने लगती हैं.

इस साल पितृ पक्ष 7 सितंबर से शुरू हो रहा है, जो पितरों के आशीर्वाद प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण समय है. पितृ पक्ष 15 दिनों तक चलता है, जो भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक होता है. इस साल पितृपक्ष 21 सितंबर तक रहने वाला है. इस दौरान सभी तिथियों का महत्व है, जिनमें पितरों के लिए किए गए कार्यों से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. तो चलिए आज हम आपको पितृपक्ष की सभी तिथियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनपर तर्पण करना बहुत ही शुभ माना जाता है.

किस तिथि पर किसका होता है श्राद्ध?

– पूर्णिमा श्राद्ध या पहला श्राद्ध

इस बर पूर्णिमा श्राद्ध 7 सितंबर को होगा. इस दिन उन लोगों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु किसी भी महीने की पूर्णिमा तिथि को हुई हो.

– प्रतिपदा या पहला श्राद्ध

इस बार प्रतिपदा श्राद्ध 8 सितंबर को होगा. प्रतिपदा श्राद्ध में उन पितरों का तर्पण, पिंडदान, दान, श्राद्ध आदि होता है, जिनका किसी भी माह की प्रतिपदा तिथि को निधन हुआ होता है.

– द्वितीय श्राद्ध

आश्विन मास का द्वितीय श्राद्ध 9 सितंबर को होगा. जिन पितरों की मृत्यु किसी भी महीने के दूसरे दिन (द्वितीया) हुई हो उनका श्राद्ध पितृपक्ष की द्वितीया तिथि पर किया जाता है.

– तृतीया श्राद्ध

तृतीया श्राद्ध इस बार 10 सितंबर को है. जिनकी मृत्यु तृतीया तिथि को हुई हो, उनका श्राद्ध तृतीया को किया जाता है.

– चौथा श्राद्ध

चौथा श्राद्ध भी इस बार 10 सितंबर को ही होगा. अगर किसी के पिताजी की मृत्यु चतुर्थी को हुई हो तो उनका श्राद्ध भी उसी तिथि को किया जाता है.

– पांचवां श्राद्ध या महाभरणी श्राद्ध

पांचवां श्राद्ध इस बार 11 सितंबर को होगा. इस दिन अविवाहित पितरों का श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु पंचमी तिथि पर हुई हो.

– षष्ठी श्राद्ध

छठा श्राद्ध इस बार 12 सितंबर को होगा. षष्ठी तिथि के दिन किसी की मृत्यु हो जाती है, उन पितरों का श्राद्ध षष्ठी के दिन किया जाता है.

– सप्तमी श्राद्ध

इस बार सप्तमी श्राद्ध 13 सितंबर को होगा. सप्तमी तिथि के दिन जिनकी मृत्यु हो जाती है, उनका श्राद्ध सप्तमी के दिन ही किया जाता है.

– अष्टमी श्राद्ध

इस बार आठवां श्राद्ध 14 सितंबर को होगा. जिन पितरों की मृत्यु किसी भी महीने की अष्टमी तिथि के दिन हो जाती है, उनका श्राद्ध जो है वो अष्टमी तिथि के दिन किया जाता है.

– नवमी श्राद्ध

इस बार नवमी श्राद्ध 15 सितंबर को होगा. नवमी श्राद्ध खास महिलाओं के लिए होता है. यदि किसी महिला की मृत्यु तिथि याद ना हो तो नवमी तिथि पर श्राद्ध करना चाहिए.

– दशमी श्राद्ध

इस बार दशमी श्राद्ध 16 सितंबर को होगा. अगर किसी पितर की मृत्यु किसी भी महीने की दशमी तिथि को हुई हो तो उनका श्राद्ध पक्ष की दशमी तिथि के दिन किया जाता है.

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– एकादशी श्राद्ध

इस बार एकादशी श्राद्ध 17 सितंबर को होगा. इस दिन उन लोगों श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु किसी भी महीने की एकादशी के दिन होती है.

– द्वादशी श्राद्ध

इस बार द्वादशी श्राद्ध 18 सितंबर को होगा. इस दिन उन लोगों का श्राद्ध किया जाता है जो संन्यासी होते हैं. इसलिए, इसे संन्यासी श्राद्ध भी कहा जाता है.

– त्रयोदशी श्राद्ध या मघा श्राद्ध

त्रयोदशी श्राद्ध इस बार 19 सितंबर को होगा. पितृ पक्ष की त्रयोदशी के दिन बच्चे का श्राद्ध किया जाता है. अगर किसी के घर में बच्चे की मृत्यु हो गई हो तो उसका श्राद्ध त्रयोदशी के दिन किया जाता है.

– चतुर्दशी श्राद्ध

इस बार चतुर्दशी श्राद्ध 20 सितंबर को होगा. इस दिन उन व्यक्तियों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी अकाल मृत्यु हो गई हो.

– सर्वपितृ अमावस्या या आखिरी श्राद्ध

ये इस बार 21 सितंबर को है. इस दिन ज्ञात-अज्ञात सभी पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है. यह पितृपक्ष का अंतिम दिन होता है जब सभी पितरों की पूजा की जाती है.

पितृ पक्ष की सभी तिथियों का अपना महत्व है, क्योंकि हर तिथि पर किसी न किसी के पितर की मृत्यु हुई होती है और वे उनके लिए श्राद्ध और तर्पण करते हैं. लेकिन, इस दौरान भरणी श्राद्ध, नवमी श्राद्ध और सर्व पितृ अमावस्या की तिथियां विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं.

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1. भरणी नक्षत्र

हिंदू पंचांग के मुताबिक, भरणी या पंचमी श्राद्ध 11 सितंबर, गुरुवार के दिन किया जाएगा. भरणी श्राद्ध को महाभरणी श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है.

भरणी श्राद्ध किसी परिजन की मृत्यु के एक साल बाद करना जरूरी होता है. अविवाहित लोगों का श्राद्ध पंचमी तिथि पर किया जाता है, और यदि उस दिन भरणी नक्षत्र हो तो श्राद्ध का महत्व और भी बढ़ जाता है. इसके अलावा, जो लोग तीर्थ यात्रा नहीं कर पाते हैं, उनके लिए गया, पुष्कर आदि में भरणी श्राद्ध करना आवश्यक होता है.

2. नवमी श्राद्ध

नवमी श्राद्ध को मातृ श्राद्ध और मातृ नवमी के नाम से जाना जाता है. नवमी तिथि पर माता पितरों का श्राद्ध करने का विशेष महत्व है, जिसमें मां, दादी, नानी आदि के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध किया जाता है.

3. सर्व पितृ अमावस्या श्राद्ध

पितृ पक्ष की सबसे खास और आखिरी तिथि है सर्व पितृ अमावस्या श्राद्ध. सर्व पितृ अमावस्या पर उन पितरों के लिए श्राद्ध किया जाता है, जिनकी तिथि का पता नहीं है.

NATIONAL : सिपाही संग बंद कमरे में रंगरलिया मना रही थी महिला कांस्टेबल, पति ने रंगे हाथ पकड़ा

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कसया थाने में तैनात एक महिला कांस्टेबल को उसके पति ने प्रेमी सिपाही के साथ रंगे हाथों पकड़ा है. पीड़ित पति ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पुलिस से की है.कुशीनगर के कसया थाने में तैनात एक महिला कांस्टेबल को उसके पति ने प्रेमी सिपाही के साथ रंगे हाथों पकड़ा है, इसके बाद जमकर हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ. पीड़ित पति ने कसया थाने में अपनी पत्नी और उसके प्रेमी सिपाही के खिलाफ तहरीर दे दी है. पुलिस इस मामले में कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बचती नजर आई.

दरअसल, कुशीनगर जनपद के पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी मिथिलेश यादव की शादी वर्ष 2023 में जनपद बलिया निवासी महिला कांस्टेबल सिंपी की शादी धूमधाम से हुई थी. शादी के बाद सब कुछ ठीक ही चल रहा था. सिंपी की तैनाती वर्तमान में कसया थाने में है. इसी दौरान कसया थाने में ही तैनात सिपाही विश्वनाथ राय से सिंपी से अवैध संबंध हो गए. सिंपी और विश्वनाथ दोनों घंटों फोन पर लंबी लंबी बातें करते थे. इसका शक मिथिलेश यादव को हो गया था.

आज सुबह उसे शक हुआ तो वह कसया स्थित अपनी पत्नी के कमरे पर मिलने पहुंचा. कमरे पर पहुंचा तो सिंपी और विश्वनाथ कमरे में अर्धनग्न अवस्था में थे. यह स्थिति देखकर मिथिलेश आग बबूला हो गया. पहले तो वह खुद कमरे का दरवाजा खुलवाना चाहा लेकिन अंदर से दोनों ने दरवाजा नहीं खोला और मिथिलेश को धमकी देने लगे.

मिथिलेश ने 112 नंबर डॉयल करके पुलिस बुला लिया, जब पीआरबी गाड़ी पहुंचीं उसके बाद हाई वोल्टेज ड्रामा शुरू हुआ. बड़ी मुश्किल से जबरदस्ती कमरे का फाटक खुलवाया गया. उसके बाद महिला सिपाही सिंपी और उसके पति सिपाही मिथिलेश यादव के बीच काफी गरमा गरम बहस भी हुई. पुलिस ने कमरे को खुलवा कर कमरे के अंदर बंद सिपाही विश्वनाथ राय को बाहर निकाला और अपनी गाड़ी में बैठकर थाने ले गई. इस दौरान पूरे मामले का वीडियो भी बना और वह वायरल हो गया.

पीड़ित पति ने पुलिस को बताया कि, पत्नी का अवैध संबंध आरक्षी विश्वनाथ राय से लगभग दो वर्षो से है, अब हम अपनी पत्नी के साथ नही रहना चाहता हूँ. पीड़ित ने कहा कि मुझे डर है कि अब वह मेरे साथ रहेगी तो मेरी हत्या कर या करवा सकती है. पीड़ित ने पत्नी और उसके प्रेमी पर कार्रवाई की मांग की है साथ ही सुरक्षा की गुहार लगाई है.

 

ENTERTAINMENT : ‘संस्कारी नहीं हैं..’, हिना खान की सास ने नेशनल टीवी पर खोली एक्ट्रेस की पोल, बोलीं – ‘हर चीज में नखरें हैं’

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टीवी की स्टार एक्ट्रेस हिना खान अपने शोज से ज्यादा पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रहती हैं. इन दिनों एक्ट्रेस अपने पति रॉकी जायसवाल के साथ रिएलिटी शो ‘पति पत्नी और पंगा’ में नजर आ रही हैं. शो के हालिया एपिसोड में हिना की सास ने भी शिरकत की. इस दौरान वो अपनी बहु की पोल खोलती हुई नजर आई. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है.

दरअसल शो में पहुंची हिना खान की सास उनकी तारीफ करने की जगह एक्ट्रेस की पोल खोलती दिखी. वो कहती हैं कि, ‘मैं घर में अलग-अलग खाना बनाती हूं, इसे किसी भी मसाले की पहचान नहीं हैं, ना ही इसका किचन से कोई लेना देना है. फिर वो खाना देखते ही बोलने लगती है, इसमें ये ज्यादा ये कम है. इसे आता कुछ नहीं हैं और नखरे बहुत है..मैं सास हूं, लेकिन घर में इससे पंगा कौन लेगा..’

हिना की सास यहीं नहीं रूकती. वो आगे कहती हैं कि जब मैंने इसे ‘ये रिश्ता’ में देखा था. तो सोचा था कि हे भगवान मुझे बिल्कुल ऐसी ही बहू चाहिए, अब बहू तो मुझे वो ही मिल गई. लेकिन संस्कारी..ना ना संस्कार बिल्कुल भी वो नहीं है..ये सब सुनकर हिना खान भी काफी शॉक्ड रह जाती है. वहीं रॉकी एक कोने में खड़े अपना फेस छुपाते हुए नजर आते हैं.

बता दें कि हिना और रॉकी की मुलाकात ‘ये रिश्ता’ के सेट पर ही हुई थी. यहीं से दोनों दोस्त बने और फिर प्यार परवान चढ़ा. दोनों ने कई साल एक-दूसरे को डेट करने के बाद रजिस्टर्ड मैरिज की है. अब दोनों ‘पति पत्नी और पंगा’ में एक-दूसरे की टांग खिंचते नजर आते हैं.

 

NATIONAL : उत्तराखंड में भारी बारिश से हालात खराब, चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा 5 सितंबर तक स्थगित

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उत्तराखंड में इन दिनों बारिश अपना लगातार कहर बरपा रही है जिसके चलते चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा पांच सितंबर तक स्थगित कर दी गई है.उत्तराखंड में लगातार जारी बारिश को देखते हुए, सरकार ने चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पांच सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी है. गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने बताया कि भारी बारिश से प्रदेश में कई जगह भूस्खलन या मलबा आने से मार्ग बाधित हो रहे हैं.

जिन्हें सरकार प्राथमिकता पर खोल रही है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा ओर सुविधा को देखते हुए, फिलहाल चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा को 05 सितम्बर 2025 तक स्थगित किए जाने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए फिलहाल यात्रा मार्गों पर प्रस्थान न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी परामर्श का पालन करें. मौसम सामान्य होने एवं मार्ग पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के उपरांत यात्राओं को पुनः प्रारम्भ किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा सड़क मार्गों की निगरानी, सफाई तथा यात्रियों की सुरक्षा हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. यात्रियों से अनुरोध है कि धैर्य एवं संयम बनाए रखें तथा यात्रा संबंधी अद्यतन जानकारी के लिए प्रशासनिक नियंत्रण कक्ष से सम्पर्क करते रहें.भारी बारिश के चलते उत्तराखंड के कई हिस्सों में स्थिति गंभीर बनी हुई है. चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिलों में कई स्थानों पर सड़कें मलबे से बाधित हैं, जिससे यातायात ठप हो गया है.

कई जगहों पर भूस्खलन से पुलों को नुकसान पहुंचा है, जबकि अलकनंदा और भागीरथी जैसी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब है. ऐसे में प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता.

गढ़वाल मंडल कमिश्नर ने बताया कि मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. इसके मद्देनजर राहत और बचाव दलों को सतर्क कर दिया गया है. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं. सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील मार्गों पर चौकसी बढ़ा दी गई है.प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें. साथ ही किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत संपर्क करने की सलाह दी है.

 

NATIONAL : महिला ने सीएम योगी से की इच्छा मृत्यु की मांग, कहा- ‘पति आए दिन करता है झगड़ा’

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झांसी में एक महिला ने पति की प्रताड़ना से तंग आकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इच्छा मृत्यु की मांग की. महिला ने कहा कि पति से छुटकारा दिलाया जाए या इच्छा मृत्यु की इजाजत दी जाए.

झांसी में एक महिला ने पति की प्रताड़ना से तंग आकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है. महिला ने मांग मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है या तो उसे पति के अत्याचार से मुक्ति दिलाई जाए या फिर इच्छा मृत्यु की इजाजत दी जाए. जब न्याय की उम्मीद टूट जाती है तो इंसान जीने की नहीं, मरने की इजाज़त मांगता है.

झांसी की रहने वाली श्वेता भीलवार ने मीडिया से बातचीत में रोते हुए बताया कि महज 16 साल की उम्र में 22 वर्ष पहले उसने अपने से 14 साल बड़े सीनियर ऑडिट अधिकारी से प्रेम विवाह किया था. विवाह के समय वह 19 साल की और उसका पति 33 साल का था.

श्वेता का आरोप है कि उसका पति स्वभाव से शंकालु और झगड़ालू है. शुरुआती 17 साल किसी तरह गुजरे, लेकिन पिछले 4-5 सालों में हालात असहनीय हो गए. पति ने उस पर चरित्रहीनता के झूठे आरोप लगाकर घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए, आवाजाही पर पाबंदी लगा दी और बच्चों से भी दूर कर दिया.

महिला के मुताबिक, कई बार आत्महत्या का ख्याल आने के बावजूद श्वेता ने अपने दो बेटों को देखकर हिम्मत जुटाई. मजबूरी में स्कूल में नौकरी शुरू की लेकिन इससे पति का रवैया और आक्रामक हो गया. कई बार आत्महत्या का विचार आने के बावजूद उसने अपने दो बेटों को देखकर खुद को संभाला.

श्वेता ने मजबूरी में स्कूल में नौकरी शुरू की, लेकिन इससे पति का रवैया और आक्रामक हो गया. कई शिकायतों के बावजूद न्याय न मिलने पर श्वेता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि या तो उसे पति की प्रताड़ना से आज़ाद किया जाए. अन्यथा उसे इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए.

 

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