Wednesday, May 6, 2026
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ENTERTAINMENT : दीपिका-रणवीर ने लिया बप्पा का आशीर्वाद, अंबानी के गणेशोत्सव में हुए शामिल, एक्टर का न्यू लुक वायरल

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दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने मुकेश और नीता अंबानी के घर गणेशोत्सव मनाया. जहां उन्होंने बाप्पा का आशीर्वाद लिया. रणवीर का क्लीन शेव लुक खासा चर्चा में है. दीपिका को एथनिक लुक में देखा गया. कपल को साथ देख फैंस की खुशी का ठ‍िकाना नहीं रहा.

देशभर में गणेशोत्सव की धूम है. बॉलीवुड सेलेब्स भी धूमधाम से गणेश चतुर्थी को सेलिब्रेट कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह का एक वीडियो सामने आया है. कपल ने गणेशोत्सव के पावन अवसर पर बप्पा का आशीर्वाद लिया है.

दीपिका और रणवीर ने बिजनेस टायकून मुकेश और नीता अंबानी के घर पर गणेश उत्सव को अटेंड किया. यहां न्यू पेरेंट्स बने दीपिका-रणवीर ने बप्पा के सामने माथा टेका. इस दौरान रणवीर के लुक ने सबका ध्यान खींचा. वो क्लीन शेव लुक में दिखे. इंस्टा पर वायरल इस वीडियो में दीपिका ब्राउन कुर्ते और हेयरबन में स्टनिंग लगीं. वहीं रणवीर कुर्ता पायजामा और हाफ जैकेट में नजर आए. दोनों ने बप्पा की आराधना की. इस वीडियो में कपल की बेटी दुआ नजर नहीं आती हैं.

महाराष्ट्र के मंत्री देवेंद्र फडणवीस, उनकी पत्नी अमृता फडणवीस, टीना अंबानी, राधिका मर्चेंट और अनंत अंबानी को वीडियो में देखा जा सकता है. दीपिका के एलीगेंट लुक पर फैंस फिदा हो रहे हैं. वहीं कुछ लोग इसलिए खुश हैं कि लंबे वक्त बाद किसी जश्न में दीपिका-रणवीर साथ दिखे हैं. फैंस ने कपल पर प्यार लुटाया है. यूजर्स ने हार्ट इमोजी बनाकर दीपिका की फोटोज की तारीफ की है.

वर्कफ्रंट पर, रणवीर सिंह की अपकमिंग फिल्म धुरंधर से एक्टर के लुक ने माहौल बना रखा है. इसे आदित्य धर ने डायरेक्ट किया है. मूवी में लंबे बाल-दाढ़ी में रणवीर दिखेंगे. इसलिए भी अब उनका क्लीन शेव लुक देख यूजर्स सरप्राइज हो रहे हैं. ये फिल्म 5 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. वहीं दीपिका मां बनने के बाद से ब्रेक पर हैं. उनकी कई फिल्में पाइपलाइन में हैं. वो अल्लू अर्जुन संग फिल्म कर रही है. सोशल मीडिया पर चर्चा है दीपिका इसी साल नवंबर से इसकी शूटिंग शुरू करेंगी. इसके अलावा कल्कि 2898 एडी 2 में वो नजर आएंगी. शाहरुख खान की अपकमिंग मूवी किंग में दीपिका का कैमियो हो सकता है. हालांकि अभी उनके स्पेशल अपीयरेंस की खबर को कंफर्म नहीं किया गया है.

NATIONAL : इंतजार कर रहे थे यात्री, अचानक बस स्टैंड में जा घुसी KSRTC BUS, पांच लोगों की मौत

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मंगलुरु के तलपाडी में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई. केएसआरटीसी (KSRTC) बस ब्रेक फेल होने के कारण बेकाबू होकर बस स्टैंड में घुस गई. हादसे में पांच लोगों की जान चली गई जिसमें एक बच्चा भी शामिल है. मृतकों में एक ही परिवार के तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं. सात लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

कर्नाटक–केरल सीमा पर मंगलुरु के तलपाडी इलाके में सोमवार को बड़ा सड़क हादसा हो गया. कर्नाटक स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (KSRTC) की एक यात्री बस अचानक ब्रेक फेल होने से बेकाबू हो गई और सीधे बस स्टैंड में घुस गई. इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है. वहीं इस हादसे में सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब बस कर्नाटक से केरल की ओर जा रही थी, जैसे ही बस तलपाडी के पास पहुंची, अचानक उसका ब्रेक फेल हो गया. चालक ने बस को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन वो काबू नहीं पा सका और बस तेज रफ्तार में बस स्टैंड में घुस गई.हादसे के समय बस स्टैंड पर कई लोग मौजूद थे. रिपोर्ट के अनुसार, चार लोग वहीं खड़े थे जो बस की चपेट में आ गए. इनमें एक ही परिवार की तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल थे. चारों की मौके पर ही मौत हो गई. इसके अलावा एक बच्चा भी गंभीर चोटों के चलते दम तोड़ बैठा.

पास ही खड़ी एक ऑटो रिक्शा में बैठे कुछ लोग भी बस की टक्कर से घायल हो गए. कुल सात घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को बचने का मौका ही नहीं मिला. हादसे के बाद आसपास अफरा-तफरी मच गई. पुलिस और रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया. मृतकों की पहचान की जा चुकी है और उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है.

प्रशासन ने घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की है. फिलहाल, बस को कब्जे में लेकर दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में ब्रेक फेल होना मुख्य वजह लग रही है, हालांकि तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.

PUNJAB : करतारपुर कॉरिडोर के पास धूसी बांध टूटा, डेरा बाबा नानक के पास के गांवों-शहरों में घुसा रावी नदी का पानी

डेरा बाबा नानक के धुसी बांध टूट गया. इस बांध टूटने से अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित करतारपुर कॉरिडोर प्रभावित हुआ है और आसपास के कई गांव जलमग्न हो गए हैं.

पंजाब में कई दिनों से बारिश का सिलसिला जारी है. यहां भी बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं. गुरदासपुर ज़िले के सीमावर्ती इलाकों में कल देर रात रावी नदी का बहाव तेज़ हो गया. इससे डेरा बाबा नानक में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर श्री करतारपुर कॉरिडोर दर्शन स्थल धुसी बांध टूट गया. पाकिस्तान के सीमा पर बने करतारपुर कॉरिडोर के पुल के नीचे पानी तेज धारा में बह रहा है. आस-पास के कई गाँवों में भी पानी घुस गया है. धूसी बांध टूटने से पूरी कृषि भूमि भी जलमग्न हो गई है.

यहां रात में कई घरों में पानी घुस गया और डेरा बाबा नानक शहर भी जलमग्न हो गया. लोग प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं. संगरूर में भारी बारिश से तोलावाल गांव में तबाही का आलम दिखा. कई घरों की छत गिर गई है. पीड़ित लोग प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं. बता दें कि पाकिस्तान में भी बाढ़-बारिश से स्थिति दयनीय बनी हुई है. वहां का पानी भारतीय सीमा में भी प्रवेश कर रहा है, जो यहां की स्थिति को और बिगाड़ रहा है. बॉर्डर से सटे गांवों में हालात और भी खराब है. करतारपुर भी पाकिस्तान सीमा से सटा इलाका है.

पंजाब के कुछ हिस्सों में लगातार भारी बारिश के कारण विभिन्न क्षेत्रों में अचानक बाढ़ आ गई है और सतलुज, ब्यास और रावी नदियां तथा मौसमी छोटी नदियां उफान पर हैं. कई गांव और निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं. मंगलवार को कई जिलों में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया, जिसमें विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियों और सेना की टीमों ने निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया.

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में सतलुज, ब्यास और रावी नदियों तथा मौसमी नालों में भारी बारिश के बाद जलस्तर बढ़ने से पंजाब में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है, जिससे इन नदियों के किनारे बसे बड़े पैमाने पर कृषि भूमि और गांव जलमग्न हो गए हैं. सबसे अधिक प्रभावित गांव पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर और होशियारपुर जिलों में हैं.

NATIONAL : नैनीताल की 163 साल पुरानी इमारत में लगी आग, बुजुर्ग महिला की मौत

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इमारत में फंसे लोगों की जान बचाने के लिए तीन विभागों के 40 से अधिक कर्मी बचाव अभियान में जुटे रहे. घटना के बाद अफरातफरी मच गयी, लोग इमारत से निकलकर इधर-उधर भागते दिखाई दिए.उत्तराखंड के नैनीताल में एक भवन में भीषण आग लगने से बुजुर्ग महिला की झुलसकर मौत हो गयी. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस के अनुसार घटना में जान गंवाने वाली महिला प्रसिद्ध इतिहासकार और पर्यावरणविद डॉ. अजय रावत की बहन थीं.

पुलिस ने यहां बताया कि आग बुधवार रात मल्लीताल क्षेत्र में स्थित ओल्ड लंदन हाउस नाम की इमारत में लगी. अग्निशमन विभाग समेत कई एजेंसियों की टीम कड़ी मशक्कत के बाद रात दो बजे के आसपास आग पर काबू पा सकीं.

इमारत में फंसे लोगों की जान बचाने के लिए तीन विभागों के 40 से अधिक कर्मी बचाव अभियान में जुटे रहे. डॉ. रावत ने बताया कि उनकी बहन शांता बिष्ट की आग में झुलसकर मृत्यु हो गयी है. वह 82 वर्ष की थीं.इमारत के पास ही मोबाइल फोन की दुकान चलाने वाले विनोद कुमार वर्मा के अनुसार उन्होंने रात करीब 10 बजे धुआं निकलते देखा, जिसके तुरंत बाद आग की लपटें दिखाई देने लगीं.

उन्होंने तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दी जिसके बाद दमकल विभाग का एक वाहन मौके पर पहुंचा और आग बुझाने का प्रयास किया. हालांकि, उसके टैंक का पानी जल्द ही खत्म हो गया जिसके बाद उसे दोबारा पानी भरने के लिए वापस भेज दिया गया.

घटना के बाद अफरातफरी मच गयी, लोग इमारत से निकलकर इधर-उधर भागते दिखाई दिए. ओल्ड लंदन हाउस इमारत 1863 में बनी थी, जब नैनीताल को यूनाइटेड प्रोविंस की ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में विकसित किया गया था. उस समय यहां कई शानदार इमारतें बनायी गयीं और यह भी उसी दौर में बनाई गयी थी.

यह इमारत प्रोफेसर अजय रावत की बहनों कर्णलता रावत और शांता बिष्ट का आवास था. कमलता रावत यहां मोहन लाल शाह बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्य के तौर पर सेवानिवृत्त हुई थीं. 2020 में उनकी मौत भी आग में झुलसकर ही हुई थी.बुधवार रात लगी आग के दौरान मृतक महिला के पुत्र निखिल बिष्ट अपनी मां को बचाने के लिए असहाय होकर चिल्लाते रहे और फिर बेहोश हो गए.

Bigg Boss 19: इस वजह से गौरव खन्ना की हुई सिद्धार्थ शुक्ला से तुलना, एक्टर के फैंस हुए इमोशनल

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बिग बॉस 19 का हाल ही में आगाज हुआ है. लेकिन शो के पहले एपिसोड से ही घर में लड़ाई-झगड़ा शुरू हो चुका है. इन दिनों शो में गौरव खन्ना घरवालों के निशाने पर चढ़ चुके हैं. घर में हर कोई उनके खिलाफ है.सलमान खान के शो बिग बॉस 19 का प्रीमियर 24 अगस्त को हुआ है. महज चार दिनों में ही दर्शकों ने कयास लगाना शुरू कर दिया है कि आखिर शो का विनर कौन बनने वाला है. पहले ही दिन से बिग बॉस 19 में लोगों ने गौरव खन्ना पर निशाना साधना शुरू कर दिया है.

बीते एपिसोड में देखने को मिला था कि हर कोई सिर्फ गौरव के बारे में ही बात कर रहा था. हद तो तब हुई जब जरा सी बात के पीछे हर किसी ने गौरव को सुनाना शुरू कर दिया. इस लिस्ट में जो सबसे पहला नाम देखने को मिल रहा है वो अमाल मलिक और जीशान कादरी का है.

एक कटोरी दाल के लिए गौरव खन्ना को जीशान ने खूब खरीखोटी सुनाई.अमाल भी इस लड़ाई में कूद पड़े. गौरव खन्ना को दोनों ने मिलकर खूब कसूरवार ठहराया. गौरव ने परेशान होकर कहा कि अगर उनकी गलती इतनी बड़ी है तो उन्हें शो से बाहर कर दो. गौरव को इस दौरान सफाई देते हुए भी देखा गया कि उन्होंने ज्यादा दाल नहीं खाई.

लेकिन, किसी ने भी गौरव की बात नहीं सुनी. दूसरी तरफ बीमार होने के बाद भी तान्या बर्तन साफ करती हुई नजर आईं. जीशान को ये बात बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगी और उन्होंने गौरव खन्ना से झगड़ा करना शुरू कर दिया. इतना ही नहीं बल्कि जीशान ने तो गौरव खन्ना को कामचोर तक बता दिया.

सोशल मीडिया पर इस झगड़े की खूब चर्चा हो रही है. गौरव के फैंस जीशान और अमाल मलिक पर खूब निशाना साध रहे हैं. वहीं, फैंस को गौरव खन्ना के तेवर खूब पसंद आ रहे हैं. सोशल मीडिया यूजर्स ने तो अभी से ही गौरव की तुलना सिद्धार्थ शुक्ला से करनी शुरू कर दी है. फैंस का कहना है कि हूबहू सिद्धार्थ शुक्ला जैसी हैं गौरव की हरकतें. सिद्धार्थ शुक्ला के फैंस ये सुनकर इमोशनल होते हुए नजर आ रहे हैं.

BUSINESS : अपनी टेक्सटाइल इंडस्ट्री को कमजोर नहीं पड़ने देगा भारत, अमेरिकी टैरिफ के बीच अब फोकस में ये 40 देश

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अमेरिका का भारत पर लगाया गया 50 परसेंट टैरिफ कल से लागू हो चुका है. इसका असर देश की कई इंडस्ट्रीज पर देखने को मिल सकता है. इन्हीं में से एक है भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री, जिसके लिए अमेरिका एक्सपोर्ट का सबसे बड़ा बाजार है. जनवरी-मई 2025 में भारत से अमेरिका के लिए 4.59 अरब अमेरिकी डॉलर के कपड़ों का निर्यात हुआ, जो पिछले साल के मुकाबले 13 परसेंट ज्यादा है.

अमेरिका में लोग भारत के किफायती और बेहतर क्वॉलिटी के कपड़ों को खरीदना पसंद करते हैं. यही वजह है कि अमेरिका के गारमेंट इम्पोर्ट मार्केट में भारत की हिस्सेदारी बढ़ी है. अब टैरिफ के चलते यही प्रोडक्ट महंगे हो जाएंगे, जो इसे दूसरे एशियाई देशों जैसे कि बांग्लादेश, वियतनाम, चीन के मुकाबले अमेरिकी बाजारों में कम प्रतिस्पर्धी बना देंगे. ऐसे में अब आगे क्या?

परेशानी है, तो सूझबूझ से उसका हल भी निकाला जा सकता है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ के बीच भारत अपने टेक्सटाइल एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए ब्रिटेन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे 40 देशों में अपना दायरा बढ़ाने पर फोकस कर रहा है.

अन्य देशों में जर्मनी, फ्रांस, इटली, स्पेन, नीदरलैंड, पोलैंड, कनाडा, मैक्सिको, रूस, बेल्जियम, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. भारत इन देशों में खुद को बेहतर क्वॉलिटी और डिजाइन के टेक्सटाइल प्रोडक्ट सप्लायर के रूप में स्थापित करना चाहता है. वैसे तो भारत 220 देशों को निर्यात करता है, लेकिन इन 40 देशों में आयात बड़े पैमाने पर किया जा सकता है.

बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के हाई टैरिफ पर बात करते हुए अपेरल एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउंसिल (AEPC) के सेकेट्री जनरल मिथिलेश्वर ठाकुर ने कहा कि 10.3 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात के साथ टेक्सटाइल सेक्टर सबसे बुरी तरह से प्रभावित हुआ है.

देश का यह सेक्टर अमेरिका के पहले लगाए गए 25 परसेंट के बेसलाइन टैरिफ से समझौता कर चुका था, इस बढ़े हुए खर्च को उठाने के लिए भी तैयार था. लेकिन 50 परसेंट टैरिफ ने भारतीय परिधान उद्योग अमेरिकी बाजारों से प्रभावी रूप से बाहर कर दिया है क्योंकि बांग्लादेश, वियतनाम, श्रीलंका, कंबोडिया और इंडोनेशिया जैसे प्रमुख प्रतिस्पर्धी देशों पर लगाए गए टैरिफ और भारत पर लगाए गए टैरिफ के बीच 30-31 परसेंट का अंतर बैठता है.

उन्होंने कहा कि देश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को उम्मीद है कि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते के जरिए व्यापार की अनुकूल शर्तें बहाल होने तक अमेरिकी बाजार में टिके रहने के लिए सरकार की तरफ से कुछ तत्काल राहत मिलेगी.

उन्होंने आगे कहा, “यह बेहद जरूरी है क्योंकि एक बार खरीदार को अगर कम रेट वाला दूसरा ऑप्शन मिल जाता है, तो खोई हुई जमीन वापस पाना और बाजार में हिस्सेदारी हासिल करना आसान नहीं होता. इस बीच, हम बाजार विविधीकरण की दिशा में अपने प्रयासों को तेज कर रहे हैं और नुकसान को काबू में रखने के लिए यूके और ईएफटीए देशों के साथ व्यापार समझौते का लाभ उठाने की हर संभावना पर विचार कर रहे हैं.”

 

 

ENTERTAINMENT : हेमा मालिनी के घर विराजे गणपति बप्पा, बेटी संग ट्रेडिशनल ऑउटफिट में बटोर रही हैं तारीफें

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बॉलीवुड के तमाम सेलेब्रिटीज ने आज अपने घर में गणेश चतुर्थी का उत्सव मनाया. इस दौरान हेमा मालिनी भी बेटी ईशा देओल संग गणेश भक्ति में डूबी नजर आईं. यहां देखें फोटोज

हर साल की तरह इस साल भी हेमा मालिनी के घर गणपति बप्पा विराजे हैं. इस दौरान ईशा देओल संग हेमा मालिनी का ट्रेडीशनल लुक देखने को मिला. ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तारीफें बटोर रही हैं. आप भी गौर फरमाएं इन हसीनाओं के गणपति उत्सव में.हेमा मालिनी ने अपनी बेटी ईशा देओल संग घर में धूमधाम से गणपति बप्पा का स्वागत किया. बाकी बॉलीवुड सेलेब्स की तरह ही दिग्गज अदाकारा ने भी परिवार संग गणेश चतुर्थी मनाया.

इस दौरान ईशा देओल और हेमा मालिनी का लुक भी चर्चा का विषय रहा. दोनों को पारंपरिक कपड़ों में देखा गया जिसमें दोनों बला की खूबसूरत लग रही थीं. मां–बेटी की इस जोड़ी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर धूम मचा रही है.भगवान गणेश की मूर्ति के सामने दोनों ही एक्ट्रेसेस ने हाथ जोड़कर मुस्कुराते हुए पैपराजी को जमकर पोज भी दिए. ईशा देओल और हेमा मालिनी की इन खुशबूरत तस्वीरों से वाकई नजरें हटा पाना मुश्किल है.

इन वायरल तस्वीरों में एक्ट्रेस के घर मेक गणपति बप्पा के साथ–साथ लड्डू गोपाल, माता सरस्वती समेत अन्य कई भगवानों की मूर्ति रखी हुई दिख रही है. इसके साथ ही गणेश जी के पूजा के स्थान को एक्ट्रेस ने बहुत ही खूबसूरत तरीके से सजाया है.इस फोटो में ईशा देओल की खूबसूरती देख उनसे नजरें हटा पाना मुश्किल लग रहा है. ब्लू आउटफिट में न्यूड मेकअप और खुले बालों में ईशा का ये सादगी भरा अंदाज आपका दिल चुरा लेगा.

वहीं अगर हेमा मालिनी की बात करें तो उन्होंने गणेश उत्सव के लिए येलो और ग्रीन कलर कॉम्बिनेशन सिलेक्ट किया था. इस आउटफिट में हेमा मालिनी की ग्रेस और सुंदरता देख फैंस दीवाने हो गए हैं.हेमा मालिनी और ईशा देओल एक साथ भक्ति भाव से गणपति बप्पा की पूजा करते दिखीं. ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं और फैंस भी दिल खोलकर इन मां बेटी की इस जोड़ी पर अपना प्यार बरसा रहे हैं.

NATIONAL : पंजाब में तबाही मचाती बारिश और बाढ़, गांव डूबे, फसलें बर्बाद, हजारों लोग प्रभावित

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पंजाब में मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान से बाढ़ ने तबाही मचाई. 90 हजार एकड़ फसलें जलमग्न हो गई हैं. मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में और बारिश की चेतावनी दी है.

उत्तर भारत में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान ने पंजाब को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. राज्य के कई जिलों में हालात बेहद खराब हैं. कहीं गांव पूरी तरह डूब गए हैं तो कहीं हजारों एकड़ फसलें पानी में समा गई हैं. अब तक लाखों लोग प्रभावित हो चुके हैं और सरकार ने सेना व एनडीआरएफ की मदद से राहत कार्य तेज कर दिए हैं लेकिन मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है.पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया. अधिकारियों को राहत कार्य और तेज करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और उन्हें सुरक्षित जगह पहुंचाना है. इसके लिए राज्य सरकार ने राहत शिविर स्थापित करने का आदेश दिया है.

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार से मदद मांगी गई है ताकि प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता मिल सके. अब तक राज्य में कम से कम 7 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया है.बाढ़ ने पंजाब के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है. पठानकोट, कपूरथला और होशियारपुर में भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं और कई गांवों में पानी घुस गया है. यहां राहत शिविर लगाए गए हैं.

गुरदासपुर जिले में एक स्कूल पूरा पानी में डूब गया. जहां से बीएसएफ ने 60 लोगों को बचाया. तरन तारन के निचले इलाकों में पानी भर जाने से सड़कें और पुल बंद हो गए हैं. वहीं फाजिल्का जिले में 6 राहत शिविर बनाए गए हैं और गांवों से लगातार लोगों को निकाला जा रहा है.फिरोजपुर में सतलुज और ब्यास नदियों के उफान से कई इलाके डूब गए और फसलों का भारी नुकसान हुआ. अधिकारियों के मुताबिक राज्य में अब तक करीब 90,884 एकड़ कृषि भूमि बाढ़ की चपेट में आ चुकी है, जिसमें धान, गेहूं और गन्ने की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं.

बारिश और बाढ़ ने केवल खेत ही नहीं डुबोए, बल्कि कई अहम ढांचे और संपत्तियां भी जलमग्न हो गई हैं. फाजिल्का का मौजम गांव समेत कई इलाकों में पानी भर गया है. हजारों घर जलमग्न हो गए हैं. लोग छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं.

राहत कार्यों में सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन पूरी ताकत से जुटे हुए हैं. अब तक 1.5 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.भारतीय वायुसेना ने भी मोर्चा संभाल लिया है. मी-17 और चिनूक हेलीकॉप्टरों की मदद से जम्मू-कश्मीर और पंजाब के बाढ़ग्रस्त इलाकों में भोजन, दवाएं और जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है.

फाजिल्का और फिरोजपुर में 6-6 राहत शिविर बनाए गए हैं, जबकि होशियारपुर में 5 शिविर चल रहे हैं. हालांकि कई जगह लगातार बारिश और सड़कों के टूटने से राहत सामग्री पहुंचाना मुश्किल हो रहा है.स्थिति को और खराब करने में बांधों से छोड़ा गया पानी भी बड़ा कारण बना है. भाखड़ा बांध से 45,000 क्यूसेक और पोंग बांध से 71,794 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे सतलुज, रावी और ब्यास नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

सबसे बड़ा नुकसान किसानों को हो रहा है. धान, गन्ना और गेहूं जैसी फसलें पूरी तरह पानी में डूब गई हैं. किसानों का कहना है कि उन्हें करोड़ों का नुकसान हुआ है. अब उन्होंने सरकार से तुरंत मुआवजे की मांग की है. किसान संगठनों ने कहा है कि अगर जल्दी मदद नहीं मिली तो आने वाले समय में खाद्य संकट भी खड़ा हो सकता है.

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में और बारिश की भविष्यवाणी की है. अगर ऐसा हुआ तो पहले से भरी नदियों में और उफान आ सकता है. इससे बाढ़ की मार और बढ़ सकती है. राज्य सरकार ने 10 जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और लोगों से अपील की है कि वे नदियों के पास न जाएं.

मेरा नाम पंकज यादव है. मैं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का रहने वाला हूं. मैंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और बीबीएयू यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. मुझे पत्रकारिता में लगभग 8 साल का अनुभव है. मैंने इस दौरान अलग-अलग मीडिया संस्थानों लाइव टुडे न्यूज चैनल, इनशॉर्ट्स न्यूज ऐप और दैनिक भास्कर डिजिटल के लिए काम किया है. मुझे पॉलिटिकल, खेल और फीचर से जुड़े लेख लिखना पसंद है.

NATIONAL : फिनायल मिलाकर 426 बच्चों को जहर देने की साजिश, ऐसे समय रहते बची जानें

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छत्तीसगढ़ के सुकमा में पकेला आवासीय स्कूल में 426 बच्चों को जहर देने की साजिश नाकाम हो गई. 21 अगस्त की रात भोजन चखने पर सब्जी से तेज रासायनिक गंध आने पर अधीक्षक ने खाना तुरंत नष्ट कराया. जांच में सामने आया कि सब्जी में फिनायल मिलाया गया था. समिति ने बच्चों और स्टाफ के बयान दर्ज किए, जिनमें एक शिक्षक पर आरोप लगा है.

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. पकेला आवासीय विद्यालय में 426 बच्चों की जान लेने की कोशिश को समय रहते रोक लिया गया. मामला 21 अगस्त की रात का है, जब स्कूल की रसोई में तैयार सब्जी से तेज रासायनिक गंध आने पर हड़कंप मच गया. जांच में पता चला कि सब्जी में फिनायल मिलाया गया था.

जानकारी के मुताबिक, भोजन परोसने से पहले सहायक वार्डन और प्रशिक्षकों द्वारा रोजाना की तरह टेस्टिंग की गई. इसी दौरान असामान्य तेज गंध महसूस हुई. इसकी जानकारी मिलते ही अधीक्षक दुजल पटेल ने तुरंत आदेश देकर पूरा खाना नष्ट कराया और वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी. इस सतर्कता से 426 बच्चे एक बड़े हादसे से बच गए.

कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की. इसमें एसडीएम सूरज कश्यप, डीएमसी उमाशंकर तिवारी और एपीसी आशीष राम शामिल किए गए. समिति ने विद्यालय के कर्मचारियों और बच्चों के बयान दर्ज किए. कई बच्चों ने सीधे तौर पर एक शिक्षक पर भोजन में जहर मिलाने का आरोप लगाया.

डीएमसी उमाशंकर तिवारी ने पुष्टि की है कि जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है. फिलहाल प्रशासन आरोपी शिक्षक की भूमिका की गहन जांच कर रहा है. अधिकारियों ने माना कि समय पर गंध की पहचान और सतर्कता ने 426 मासूमों की जिंदगी बचा ली. फिलहाल, बच्चे सुरक्षित हैं और विद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है.

NATIONAL : पत्नी ने अंडा करी बनाने से मना किया तो पति ने लगा ली फांसी

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छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक व्यक्ति ने पत्नी द्वारा अंडा करी न बनाने पर नाराज होकर फांसी लगा ली. पत्नी ने ‘करू भात’ पर्व के कारण मना किया था.छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक चौंकाने वाली और दुखद घटना सामने आई है. यहां एक 40 वर्षीय व्यक्ति ने सिर्फ इसलिए आत्महत्या कर ली क्योंकि उसकी पत्नी ने अंडा करी बनाने से इनकार कर दिया. यह घटना सोमवार शाम धमतरी जिले के संकरा गांव, थाना सिहावा क्षेत्र में हुई.

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान तिकुराम सेन के रूप में हुई है. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक तिकुराम सोमवार शाम अंडे खरीदकर घर लाया और पत्नी से अंडा करी बनाने के लिए कहा. पत्नी ने साफ मना कर दिया. उसने कहा कि अगले दिन तीज पर्व के उपलक्ष्य में वह निर्जला व्रत रखेगी और उसकी परंपरा के तहत ‘करू भात’ खाया जाता है, जिसमें करेला आदि से बना भोजन शामिल होता है. इस परंपरा के चलते पत्नी ने अंडा करी बनाने से इनकार किया.

पुलिस ने बताया कि पत्नी की बात से नाराज होकर तिकुराम घर से बाहर निकल गया. कुछ देर बाद उसका शव गांव के पास एक पेड़ से लटका हुआ मिला. परिजनों और ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी.

सिहावा थाना प्रभारी ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है. साथ ही मामले की जांच की जा रही है कि आत्महत्या का कारण केवल अंडा करी को लेकर हुआ विवाद था या इसके पीछे अन्य कोई पारिवारिक तनाव भी था.स्थानीय लोगों के अनुसार, तिकुराम दिहाड़ी मजदूरी करता था और परिवार में अक्सर छोटे-छोटे विवाद होते रहते थे. हालांकि, इतनी छोटी सी बात पर आत्महत्या कर लेना पूरे गांव के लिए हैरानी और दुख का विषय बन गया.

‘करू भात’ पर्व छत्तीसगढ़ में तीज से एक दिन पहले मनाया जाता है. इस दिन महिलाएं करेला व अन्य कड़वे व्यंजन खाकर अगले दिन निर्जला व्रत रखती हैं और अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं. इसी धार्मिक कारण से पत्नी ने अंडा करी बनाने से इनकार किया था.

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