Wednesday, May 6, 2026
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ENTERTAINMENT : मुंबई में रेड अलर्ट, अमिताभ बच्चन के बंगले प्रतीक्षा में भर गया पानी….

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सोशल मीडिया पर अमिताभ के प्रतीक्षा बंगले के बाहर का मंजर वायरल हो गया है. बिग बी ने ये घर अपनी बेटी श्वेता बच्चन को दे दिया था. इसी बंगले के बाहर मुंबई की भारी बारिश के चलते पानी भर गया है, जो बंगले के गेट के अंदर भी जा पहुंचा है.

मुंबई की बारिश ने आम जनता के साथ-साथ बॉलीवुड स्टार्स को भी परेशान कर दिया है. आरजे महवश ने मंगलवार को एक इंस्टा स्टोरी शेयर कर बताया था कि वो जलभराव के चलते रास्ते में फंस गई थीं. अब बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन के जुहू स्थित बंगले प्रतीक्षा की हालत खराब हो गई है.

सोशल मीडिया पर अमिताभ के इस बंगले के बाहर का मंजर वायरल हो गया है. बिग बी ने ये घर अपनी बेटी श्वेता बच्चन को दे दिया था. इसी बंगले के बाहर मुंबई की भारी बारिश के चलते पानी भर गया है. बच्चन परिवार के पास प्रतीक्षा समेत तीन बड़े घर हैं. शोले की पॉपुलैरिटी के बाद अमिताभ ने मुंबई में अपना पहला घर खरीदा था, इसी घर को उन्होंने प्रतीक्षा नाम दिया था.

पृथ्वी सिग्नल के पास बिग बी के बंगले के पास बाढ़ग्रस्त इलाके की कई तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर सामने आई हैं. इनमें देखा जा सकता है कि कैसे बारिश ने इलाके और लोगों के हाल बेहाल कर दिए हैं. X पर एक सोशल मीडिया यूजर का वीडियो छाया हुआ है. शख्स ने अमिताभ बच्चन के घर प्रतीक्षा के बाहर जाकर दिखाया कि रोड की क्या हालत है. वीडियो में टखने तक भरा पानी देख सकते हैं, जो रोड से बंगले के अंदर तक जा रहा है.

अपने अनुशासन के लिए जाने जाने वाले अमिताभ बच्चन ने हाल ही में अपने ब्लॉग में बढ़ती उम्र को लेकर बात की थी. उम्र की हकीकत के बारे में एक नोट शेयर करते हुए बिग बी ने माना था कि 82 साल की उम्र में पैंट पहनने जैसे काम उनके लिए मुश्किल होने लगे हैं. साथ ही उन्हें घर में हैंडल बार्स की जरूरत महसूस होने लगी है. इस उम्र में साधारण काम करना भी मुश्किल होता जा रहा है. अमिताभ ने ये भी लिखा था कि कभी जो काम उनके लिए आसान थे, अब उनके लिए सतर्क रहने की जरूरत होती है. उन्होंने लिखा, ‘डॉक्टरों ने सलाह दी है, प्लीज मिस्टर बच्चन ट्राउजर पहनते समय सीट पर बैठ जाया करें. बैलेंस बिगड़ने की वजह से आप गिर भी सकते हैं.’

अमिताभ बच्चन फिलहाल ‘कौन बनेगा करोड़पति’ का सीजन 17 होस्ट कर रहे हैं. इस शो की शुरुआत काफी अच्छी रही. हाल में इसे एक करोड़ जीतने वाला अपना पहला कंटेस्टेंट भी मिल गया. उत्तराखंड के रहने वाले इस कंटेस्टेंट का नाम आदित्य कुमार है.

NATIONAL : कौशांबी में प्रेम विवाह का खौफनाक अंत! भाई ने बहन के प्रेमी को धारदार हथियार से काट डाला, 3 महीने पहले मंदिर में रचाई थी शादी

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मंगलवार की देर रात अंकुल (20) नाम का युवक दवा लेने के लिए घर से बाहर निकला था. वह गांव की एक लड़की से प्यार करता था और दोनों ने तीन महीने पहले एक मंदिर में शादी कर ली थी. इस शादी से लड़की का परिवार, खासकर उसका भाई सूरज, बहुत नाराज था.

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में प्रेम विवाह का एक दुखद अंत हुआ. चरवा थाना क्षेत्र के रतगहा गांव में एक युवक की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई. आरोप है कि यह हत्या लड़की के भाई ने की, क्योंकि वह अपनी बहन के प्रेम विवाह से नाराज था. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और आरोपी मौके से फरार हो गया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है.

यह घटना कौशांबी के चरवा थाना क्षेत्र के रतगहा गांव में हुई. मंगलवार की देर रात अंकुल (20) नाम का युवक दवा लेने के लिए घर से बाहर निकला था. वह गांव की एक लड़की से प्यार करता था और दोनों ने तीन महीने पहले एक मंदिर में शादी कर ली थी. इस शादी से लड़की का परिवार, खासकर उसका भाई सूरज, बहुत नाराज था.

रात में अंकुल और सूरज की मुलाकात हुई. दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई. इसी दौरान सूरज ने अंकुल को पास के एक बंद पड़े घर में ले जाकर धारदार हथियार से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल अंकुल को पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

डीएसपी चायल अभिषेक सिंह ने बताया कि चरवा पुलिस को सूचना मिली थी कि रतगहा गांव में झगड़ा हो रहा है. पुलिस मौके पर पहुंची और घायल अंकुल को अस्पताल भेजा, लेकिन उसकी मौत हो गई. शुरुआती जांच में पता चला है कि अंकुल ने गांव की ही एक लड़की से मंदिर में शादी की थी, जिससे लड़की के परिजन नाराज थे. इसी बात पर हुए विवाद में यह घटना हुई. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी की तलाश में जुट गई है.

BUSINESS : दांव पर 2 लाख नौकरियां… ऑनलाइन गेमिंग बिल ने उड़ाई गेमिंग कंपनियों की नींद, अमित शाह से मदद की गुहार

Online Gaming: सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर बड़ा कदम उठाते हुए प्रमोशन एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को मंजूरी दे दी है. इससे ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों में हड़कंप मच गई है.

ऑनलाइन गेमिंग बिल को हाल ही में कैबिनेट की तरफ से मंजूरी दे दी गई है. इसका मकसद ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर लगाम लगाना है, जो ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ को बढ़ावा देते हैं. इस बिल के जरिए सरकार बेटिंग ऐप्स पर लगाम कसना चाहती है.इस कदम से ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों की नींद उड़ गई है. ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन (AIGF), ई-गेमिंग फेडरेशन (EGF) और फेडरेशन ऑफ इंडियन फंतासी स्पोर्ट्स (FIFS) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है और विधेयक पर हस्तक्षेप करने की मांग की है.

इस इंडस्ट्री से जुड़े बड़े अधिकारियों ने सरकार के साथ तत्काल बैठक करने का भी अनुरोध किया है. उनका कहना है कि अगर बिल पास हो जाता है, तो इससे भारतीय यूजर्स को काफी नुकसान होगा.

द फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, AIGF ने तर्क देते हुए कहा है कि इससे करोड़ों की तादात में गेमर्स दूसरे अवैध बेटिंग प्लेटफॉर्म और ऑपरेटर्स का रूख करेंगे. इसके अलावा, यह तेजी से बढ़ती इस इंडस्ट्री के लिए किसी खतरे की घंटी से कम नहीं है, जिससे करोड़ों लोगों को रोजगार मिलता है. फेडशेन का कहना है कि ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री पीएम मोदी की 1 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल इकोनॉमी को भी सहारा दे सकता है.

सरकार को लिखे गए पत्र में आगे यह भी कहा है, रेगुलेटेड और जिम्मेदार भारतीय प्लेटफॉर्म्स को बंद करने से करोड़ों प्लेयर्स अवैध मटका नेटवर्क और विदेशी जुआ वेबसाइट्स का इस्तेमाल करने लगेंगे. यूजर्स की सिक्योरिटी उन अवैध ऑपरेटरों के हाथों में चली जाएंगी, जो बिना किसी सुरक्षा उपाय और टैक्सेशन के काम करते हैं.

इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स ने इस बात की भी चेतावनी दी है कि इससे 4 लाख कंपनियां, 2 लाख नौकरी, 25000 करोड़ का निवेश और सालाना 20000 करोड़ के जीएसटी कलेक्शन के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है. इस बिल में ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को एक कानूनी ढांचे के तहत लाए जाने और डिजिटल ऐप्स के जरिए सट्टेबाजी पर जुर्माना लगाए जाने की बात कही गई है.

गेमिंग फेडेशन के मुताबिक, ऑनलाइन स्किल गेमिंग एक तेजी से उभरता हुआ सेक्टर है, जिसका वैल्यूएशन 2 लाख करोड़ से ज्यादा है और रेवेन्यू भी 31,000 करोड़ से अधिक है. इससे सरकार को सालाना 20,000 करोड़ रुपये का टैक्स भी मिलता है. आने वाले समय में इस सेक्टर के 20 परसेंट के CAGRसे बढ़ने की उम्मीद है और 2028 तक यह इसका दोगुना हो सकता है. देश में ऑनलाइन गेमर्स की कुल संख्या 2020 में 36 करोड़ से बढ़कर 2024 में 50 करोड़ से अधिक हो गई है.

इस नए नियम के तहत, सभी डिजिटल और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बेटिंग ऐप्स के ऐड पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी. इसके अलावा, गेमिंग ऐप का प्रोमोशन करने वाले सेलेब्रिटीज और इंफ्लूएंसर्स के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात की गई है.

 

 

ENTERTAINMENT : ‘कपिल शर्मा के ऊपर कोई नहीं’, भारती ने की कॉमेडियन की तारीफ, कहा- हमेशा मेरी मदद की

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कॉमेडियन भारती सिंह ने कपिल शर्मा की तारीफों के पुल बांधे. उनके मुताबिक, कपिल ने उन्हें करियर में काफी हद तक गाइड किया था. वो उन्हें सबसे ईमानदार इंसान बताती हैं, जो दूसरों की भलाई के बारे में सोचते हैं. भारती ने बताया कि कपिल ने उनकी बेहतर कॉमेडियन बनने में मदद की. उन्हें टिप्स दिए.कॉमेडी क्वीन भारती सिंह आज फीमेल कॉमेडियन में सबसे ऊपर हैं. वो टीवी और कॉमेडी शोज में छाई रहती हैं. भारती कॉमेडी किंग कपिल शर्मा संग शानदार बॉन्ड शेयर करती हैं. भारती ने कपिल को सपोर्टिव बताते हुए उनके हंबल नेचर की तारीफ की है.

राज शमानी के पॉडकास्ट में भारती ने कपिल की तारीफों के पुल बांधे. उनके मुताबिक, कपिल ने उन्हें करियर में काफी हद तक गाइड किया था. वो उन्हें सबसे ईमानदार इंसान बताती हैं, जो दूसरों की भलाई के बारे में सोचते हैं. भारती से पूछा गया था कि कपिल का उनकी जिंदगी में क्या रोल रहा है?जवाब में भारती ने कहा- बहुत बड़ा. वो आइकन हैं. लोग कहते हैं कि वो ऐसा-वैसा बोलते हैं, लेकिन मैंने उनकी मेहनत अपनी आंखों से देखी है. वो अकेले बैठकर काम करते हैं. उन्हें किसी राइटर की जरूरत नहीं होती. उन्हें सिर्फ टाइपिंग के लिए राइटर की जरूरत पड़ती है.

भारती ने बताया कि कपिल ने उनकी बेहतर कॉमेडियन बनने में मदद की. उन्हें टिप्स दिए. गाइड किया. इन सभी चीजों की वजह से वो आज इस मुकाम पर पहुंच पाई हैं. भारती ने कहा- कपिल शर्मा के ऊपर तो कोई नहीं है, है ना? मैं उन्हें बहुत मानती हूं. आज भी जब कभी मैं डाउन फील करती हूं, वे मुझे फोन करते हैं. मेरा उनके घर आना-जाना रहता है. वे मेरे लिए एक एनर्जी बूस्टर की तरह हैं.

भारती का कहना है कपिल अपने साथ के दूसरे कॉमेडियन को बाकियों की तरह नीचा नहीं दिखाते हैं. वो उन्हें मोटिवेट करते हैं. वो दूसरों को भी मौका देते हैं. वो ऑनस्टेज और ऑफस्टेज अलग होते हैं. आज भी वो अपने शो से पहले नर्वस होते हैं. उनके भी पसीना छूटता है. कपिल के शब्दों को बताते हुए भारती बोलीं- वो कहते हैं- अरे, तू शेर है. तू जो कर सकती है, वो कोई और नहीं कर सकता.

GUJARAT : अहमदाबाद में 10वीं के छात्र पर चाकू से हमला, स्कूल के 7 छात्रों ने मिलकर दिया वारदात को अंजाम

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अहमदाबाद में दसवीं कक्षा के छात्र पर स्कूल की छुट्टी के बाद चाकू से हमला कर दिया गया. आरोप है कि सात छात्रों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया. गंभीर रूप से घायल छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हमलावर छात्रों की पहचान की जा रही है.

अहमदाबाद शहर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां सेवेंथ डे स्कूल में पढ़ने वाले 10वीं कक्षा के छात्र पर 5 से 7 छात्रों ने चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया. यह वारदात स्कूल की छुट्टी के बाद खोखरा थाना क्षेत्र में हुई. घायल छात्र को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है.

खोखरा पुलिस के मुताबिक, हमला स्कूल के ही कुछ छात्रों ने मिलकर किया. हमले में छात्र के पेट में गंभीर चोट आई है. शुरुआती जांच में पता चला है कि हमले की वजह स्कूल में कुछ दिन पहले हुई कहासुनी है. पुरानी रंजिश को लेकर छात्रों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है.

इसके साथ ही पुलिस ने हमले में शामिल छात्रों को राउंड अप कर लिया है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि छात्रों से पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की गहनता से जांच होगी. वहीं, इस घटना ने स्थानीय अभिभावकों और समाज में गहरी चिंता पैदा कर दी है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर स्कूल परिसर और उसके बाहर छात्रों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही क्यों बरती जा रही है.

जिला शिक्षाधिकारी रोहित चौधरी ने कहा कि इस घटना की सूचना स्कूल प्रबंधन ने शिक्षा विभाग को नहीं दी थी. लेकिन घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रशासन को तलब किया गया है और स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ऐसी घटनाओं की जानकारी तुरंत विभाग को दी जाए. फिलहाल घायल छात्र का अस्पताल में इलाज जारी है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है.

ENTERTAINMENT : रणबीर कपूर की ‘रामायणम्’ में सुग्रीव का किरदार निभाएगा ये एक्टर, अमिताभ देंगे जटायु को आवाज

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खबर है कि बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन, फिल्म में ‘जटायु’ को अपनी आवाज देंगे. साथ ही बिग बी फिल्म के नैरेटर भी होंगे. वहीं मेकर्स को सुग्रीव के किरदार के लिए भी एक्टर मिल गया है.

रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायणम्’ को लेकर नई अपडेट लगातार आ रही हैं. डायरेक्टर नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म के पहले पार्ट की शूटिंग रणबीर ने खत्म कर ली है. इस बीच कहानी से जुड़े अलग-अलग किरदारों की कास्टिंग तेजी से हो रही है. खबर है कि बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन, फिल्म में ‘जटायु’ को अपनी आवाज देंगे. साथ ही बिग बी फिल्म के नैरेटर भी होंगे.

इसके अलावा बताया जा रहा है कि मेकर्स को फिल्म में सुग्रीव का किरदार निभाने के लिए भी बढ़िया एक्टर मिल गया है. रिपोर्ट्स की मानें तो ‘रेड 2’ में नजर आए एक्टर अमित सियाल को ‘रामायणम्’ में सुग्रीव का रोल सौंपा गया है. ओटीटी पर ‘मिर्जापुर’ और ‘महारानी’ जैसी सीरीज में अपने जबरदस्त काम के लिए जाने जाने वाले अमित सियाल ने बॉलीवुड फिल्म ‘कला’, ‘केसरी चैप्टर 2’ और ‘तिकड़म’ में भी काम किया है. 4000 करोड़ रुपये के बजट में बन रही ‘रामायणम्’ उनके लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट है.

अमिताभ बच्चन की बात करें तो बताया जा रहा है कि मेकर्स उन्हें पिक्चर का सूत्रधार बनाने की तैयारी कर रहे हैं. उनकी आवाज का कोई मुकाबला नहीं है. ऐसे में मेकर्स चाहते हैं कि फिल्म का आगाज उनकी आवाज के साथ हो. ये बात अभी डिस्कशन का हिस्सा है. माना जा रहा है कि बिग बी का इस फिल्म का स्पिरिचुअल नैरेटर होना दर्शकों पर गहरा असर डालेगा.

बता दें कि फेमस प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा, फिल्म ‘रामायणम्’ को बना रहे हैं. नमित की प्राइम फोकस और DNEG नाम की विजुअल इफेक्ट्स कंपनी के मालिक हैं. उन्होंने बड़ी हॉलीवुड फिल्म्स जैसे ‘ड्यून’ और ‘इंसेप्शन’ के लिए काम किया है और ऑस्कर अवॉर्ड भी जीते हैं. फिल्म ‘रामायणम्’ में भगवान श्रीराम का रोल रणबीर कपूर निभाएंगे. उनके साथ मां सीता के रोल में साई पल्लवी, लक्ष्मण के रोल में रवि दुबे, हनुमान के रोल में सनी देओल और रावण के रोल में रॉकिंग स्टार यश नजर आने वाले हैं. ये फिल्म दो पार्ट में बन रही है. इसका पहला पार्ट दिवाली 2026 और दूसरे पार्ट दिवाली 2027 के दिन रिलीज होगा.

BIHAR : बिहार में डॉक्टर की लापरवाही से मौत के करीब पहुंची महिला! सर्जरी के दौरान पेट में ही छोड़ दिया टॉवल

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बिहार में प्राइवट और सरकारी डॉक्टरों का एक से एक कारनामा अक्सर सामने आता है. कई बार डॉक्टरों की लापरवाही मरीजों के लिए जानलेवा बन जाती है. मेतिहारी में ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की ऐसी ही एक लापरवाही ने एक महिला को मौत के करीब पहुंचा दिया है.

दरअसल ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने महिला के पेट में तोलिया छोड़ दिया था. उस महिला का इलाज मुंबई तक जाकर कराया गया, लेकिन अब वो बचने की स्थिति में नहीं है. जिंदगी और मौत से जूझ रही है. आर्थिक तंगी के कारण पीड़ित परिजन उसे अब घर ले कर आ गए हैं और अब महिला के पति ने थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है.

इस मामले में मंगलवार को ढाका एसडीओ, एसडीपीओ और वरीय चिकित्सक की मौजूदगी में निजी अस्पताल की महिला डॉक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. परिजनों ने कहा कि अपनी हैसियत से ज्यादा खर्च कर मुंबई तक में इलाज कराया, लेकिन वो नहीं बच पाएगी गहने, जमीन, कर्ज तक लेकर इलाज कराए. वहीं पूर्वी चंपारण सिविल सर्जन के निर्देश पर वरिष्ठ चिकित्सक से जांचोपरांत पाया गया कि निजी अस्पताल का रजिस्ट्रेशन भी नहीं था.

जानकारी के अनुसार जिले के ढाका थाना क्षेत्र के पीपरा वाजिद गांव निवासी अमरेश कुमार ने ढाका थाना में आवेदन देकर ढाका के चर्चित निजी अस्पताल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराया था. इस मामले में ढाका के निजी अस्पताल के मुख्य चिकित्सक ने मोतिहारी न्यायालय से जमानत ले लिया है. वहीं मुख्य चिकित्सक की पत्नी डॉ बुशरा जफर को ढाका थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेज दिया है.

अमरेश कुमार की पत्नी उषा देवी को कई माह पूर्व प्रसव के लिए ढाका स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसका डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया, लेकिन ऑपरेशन करते समय पेट में तौलिया छोड़ कर स्टीच कर दिया गया, जिसके बाद महिला के पेट दर्द हुआ तो डॉक्टर ने कुछ दवाई देकर घर भेज दिया. फिर बार-बार पेट दर्द हुआ जिसके बाद फिर कई डॉक्टर से दिखाने के बाद मुंबई के एक अस्पताल में इलाज कराया गया.

मुंबई में ऑपरेशन करके पेट में छुटी तौलिया तो निकाल ली गई, लेकिन तब तक पूरे शरीर मे इंफेक्शन लग चुका था, इंफेक्शन थमने का नाम नही ले रहा है, महिला की स्थिति नाजुक बनी हुई है. दरअसल आयुर्वेद कॉलेज चकिया में अध्ययनरत छात्र कई वर्षो से अस्पताल खोलकर लोगों का ऑपरेशन करता था और भोले-भाले लोगों को ठगी के साथ सेहत से भी खिलवाड़ करता था. स्वास्थ्य महकमा भी इससे अंजान बना हुआ था.

पीड़ित परिजन के आवेदन पर मोतिहारी सिविल सर्जन के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच की गई. रिपोर्ट में में बिना अनुज्ञप्ति के निजी हॉस्पिटल चलने की बात सामने आई. अस्पताल में सक्षम डॉक्टर भी पदस्थापित नहीं थे. इन सभी तथ्यों को देखते हुए मोतिहारी पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर पुलिस ने छापेमारी करते हुए महिला चिकित्सक बुशरा जफर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

RAJASTHAN : जयपुर में ई-रिक्शा चालक के मर्डर का चौंकाने वाला खुलासा, पत्नी ने ऐसे रची हत्या की साजिश

आरोपी पत्नी और उसके साथियों ने वारदात के लिए नया सिम कार्ड और कपड़े खरीदे गए थे. हत्या करने के तरीके और बचाव को लेकर सोशल मीडिया पर सर्च भी किया गया था.

जयपुर में तीन दिन पहले हुई ई-रिक्शा ड्राइवर की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. शराब के नशे में पति द्वारा मारपीट से तंग आकर पत्नी ने अपने पति की हत्या करवाई थी. इस मामले में मृतक की पत्नी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी पत्नी संतोष देवी और वारदात में शामिल उसके दो दोस्त गिरफ्तार किए गए हैं. संतोष देवी के दोस्तों ने साजिश के तहत ई-रिक्शा बुक किया था और सुनसान जगह पर जाकर पति मनोज की गला काटकर हत्या कर दी थी.

वारदात के लिए नया सिम कार्ड और कपड़े खरीदे गए थे. हत्या करने के तरीके और बचाव को लेकर सोशल मीडिया पर सर्च भी किया गया था. बता दें कि 16 अगस्त को ई रिक्शा ड्राइवर मनोज की हत्या की गई थी. वारदात के वक्त पत्नी हत्या में शामिल दोनों आरोपियों से लगातार संपर्क में थी.वहीं घटना को लेकर मुहाना पुलिस स्टेशन के एसएचओ भूपेंद्र सिंह ने बताया, “शनिवार (16 अगस्त) की रात को राजावत फार्म हाउस के पीछे खून से लथपथ गर्दन कटी हुई लाश मिली, जिसकी पहचान मालपुरा गेट निवासी मनोज कुमार के रूप में हुई.

उन्होंने आगे बताया कि शव की एफएसएल द्वारा जांच की गई और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. इसके बाद, मनोज की पत्नी, उसके दोस्त ऋषि श्रीवास्तव और ऋषि के दोस्त मोहित को गिरफ्तार कर लिया गया. जांच जारी रहने के कारण अभी तक कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है.पुलिस के मुताबिक ऋषि, जो मनोज की पत्नी के साथ एक फैक्ट्री में काम करता था, उसने उसे उसके पति के कथित दुर्व्यवहार से बचने में मदद करने का वादा किया था. उन्होंने हत्या की योजना बनाई, ऋषि ने हत्या करने और पकड़े जाने से बचने के तरीके ऑनलाइन खोजे थे.

 

NATIONAL : बीटेक छात्र की मौत : शारदा विवि प्रशासन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज

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विश्वविद्यालय ने छात्र के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और पुष्टि की है कि फीस वापस कर दी जाएगी तथा भविष्य में परिवार को सभी आवश्यक सहायता दी जाएगी.बीटेक पाठ्यक्रम के एक छात्र के छात्रावास में आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने शारदा विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. मृत छात्र के पिता ने विश्वविद्यालय के खिलाफ आत्महत्या के लिये उकसाने की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

मृत छात्र के पिता कार्तिक चंद्र डे ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिवार को इस बात की सूचना नहीं दी कि उनका बेटा कक्षाओं में उपस्थित नहीं हो रहा था.

विश्वविद्यालय में बीटेक कंप्यूटर साइंस के छात्र 24 वर्षीय शिवम डे का शव शुक्रवार रात एचएनआर छात्रावास के उसके कमरे में फंदे से लटका मिला था.बिहार में पूर्णिया का रहने वाला शिवम अपने माता-पिता की इकलौती संतान था. उसके पिता एक निजी कंपनी में कर्मचारी हैं, जबकि मां गृहिणी हैं.शिवम ने कथित तौर पर आत्महत्या करने से पहले एक पत्र लिखा था, जिसमें उसने कहा था कि वह पढ़ाई का दबाव नहीं सहन कर पा रहा है और अपनी मौत के लिए खुद ज़िम्मेदार है.

शिवम के पिता ने रविवार को नॉलेज पार्क थाने में दर्ज कराई अपनी शिकायत में कहा, ‘मेरा बेटा शारदा विश्वविद्यालय में बीटेक की पढ़ाई कर रहा था और एचएनआर ब्वॉयज हॉस्टल में रह रहा था. वह अगस्त 2023 से कॉलेज नहीं गया है.’

शिकायत में बताया गया है कि शिवम के कई विषयों में बैकलॉग थे. पिता ने शिकायत में दावा किया, ‘संस्थान हमसे लगातार फीस वसूल रहा था. हमें विश्वविद्यालय से फीस के बारे में ईमेल और मैसेज आते रहते थे, लेकिन हमें कभी यह नहीं बताया गया कि शिवम कक्षाओं में नहीं आ रहा है.’

शारदा विश्वविद्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया था कि शिवम को 2022 में बीटेक पाठ्यक्रम में दाखिला दिया गया था और उसने अपना पहला वर्ष पूरा कर लिया था, लेकिन दूसरे वर्ष में उसे कठिनाई हुई और तीसरे वर्ष में जाने के लिए 5.0 सीजीपीए की न्यूनतम ग्रेड आवश्यकता को पूरा करने में असफल रहा.

प्रवक्ता ने कहा, ‘मार्गदर्शक सहयोग करने के लिए उसके संपर्क में थे तथा उसे इंटर्नशिप और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे.’उन्होंने कहा कि छात्र को अपना प्रदर्शन सुधारने का अवसर भी दिया गया तथा यदि वह ऐसा नहीं कर सका, तो उसे कम शुल्क पर दूसरा वर्ष दोहराने का मौका भी दिया गया.

विश्वविद्यालय ने छात्र के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और पुष्टि की है कि फीस वापस कर दी जाएगी तथा भविष्य में परिवार को सभी आवश्यक सहायता दी जाएगी.मृत छात्र के परिवार ने दावा किया था कि शिवम उनके साथ वैष्णो देवी की धार्मिक यात्रा के बाद दो अगस्त को विश्वविद्यालय लौटा था. वह घर पर सामान्य था और उसमें अवसाद के कोई लक्षण नहीं देखे गए थे.

 

SPORTS : 4 साल से टीम इंडिया से बाहर, IPL में भी अनसोल्ड; अब नवदीप सैनी ने कोच गौतम गंभीर पर दिया बड़ा बयान

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भारतीय तेज गेंदबाज नवदीप सैनी पिछले चार साल से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं. साथ ही वो इस साल आईपीएल में भी अनसोल्ड रहे थे. उन्होंने अब भारतीय टीम के हेड कोच पर बड़ा बयान दिया है.

भारतीय तेज गेंदबाज नवदीप सैनी पिछले चार साल से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं. वहीं आईपीएल 2025 में भी उन्हें किसी टीम ने नहीं खरीदा. सैनी इंटरनेशनल और आईपीएल में वापसी की तैयारी में जुटे हुए हैं. सैनी इस समय दिल्ली प्रीमियर लीग में खेल रहे हैं. इस दौरान सैनी ने उन लोगों की आलोचना की, जिन्होंने भारत के हेड कोच गौतम गंभीर पर सवाल उठाए. सैनी का कहना है कि गंभीर पर सवाल उठाने वाले लोगों को अब उनके नतीजे देख लेने चाहिए.

सैनी ने कहा, “जब मैं घरेलू क्रिकेट में उनके कप्तान होने के समय खेला था, तब भी उनकी कप्तानी अलग तरह की थी. और अब कोच बनने के बाद भी, भले ही कुछ लोगों ने उन पर शक किया कि वह सफल होंगे या नहीं, खासकर एक-दो मैच हारने के बाद. लेकिन अब नतीजे सबके सामने हैं. जब कोई नया खिलाड़ी टीम में आता है, तो उसे टीम के साथ जोड़ना और माहौल में ढालना बहुत जरूरी होता है. अगर एक-दो मैच खराब भी हो जाएं तो यह प्रक्रिया का हिस्सा है. लेकिन उनकी कोचिंग में जो नतीजे आए हैं, वे खुद सबकुछ बता देते हैं.”

सैनी शुरुआती दो मैचों में सैनी कोई विकेट नहीं ले पाए थे, लेकिन अब उन्होंने वापसी करते हुए अच्छा प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है. उनका कहना है कि अब उन्हें अपनी लय मिल गई है और इसका असर मैदान पर दिख रहा है.

सैनी ने कहा, “हां, शुरुआत में, क्योंकि मैंने लंबे समय से ज्यादा प्रतियोगी क्रिकेट नहीं खेला था. तो शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. पहले एक-दो मैच ठीक-ठाक रहे, बुरे नहीं थे, लेकिन मेरी अपनी उम्मीदों के अनुसार भी अच्छे नहीं थे. मुझे लगा कि मुझे और बेहतर करना चाहिए. इसके बाद मैंने ज्यादा ध्यान देना शुरू किया. मैच में क्या हो रहा है, कहां गलती हो रही है और उसे कैसे सुधारूं. जो भी गलतियां थीं, उन्हें सुधारा. उसके बाद नतीजे सामने हैं, गेंदबाजी अच्छी रही है और अब सबकुछ सही दिशा में जा रहा है.”

 

 

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