Wednesday, May 6, 2026
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NATIONAL : महाराष्ट्र के पुणे में सड़क पर हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग

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महाराष्ट्र के पुणे के एक गांव में प्राइवेट हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें दो पायलट समेत चार यात्री सवार थे.महाराष्ट्र के पुणे में बड़ा हादसा टल गया, जब दो पायलट समेत 6 लोगों को ले जा रहा एक प्राइवेट हेलिकॉप्टर की गांव की सड़क पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. पुलिस ने मंगलवार (19 अगस्त) को बताया कि पायलट ने धुंध के कारण दृश्यता कम (लो विजिबलिटी) होने की वजह से एक गांव के पास हेलिकॉप्टर की लैंडिंग कराई.

दिल दहला देने वाले इस वीडियो को गांव के मंदिर में मौजूद ग्रामीणों ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया. वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ देर तक हेलिकॉप्टर हवा में चक्कर लगाता है और उस ओर कुछ लोग भाग रहे हैं. तभी हेलिकॉप्टर की लैंडिंग होती है. एक तरफ मुलशी डैम और दूसरी तरफ आंबी घाटी होने के कारण हेलिकॉप्टर मुश्किल स्थिति में फंस गया था.

पुणे ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शहर के एक बिल्डर का यह हेलिकॉप्टर मुंबई जा रहा था, जब पायलटों को दोपहर लगभग 3 बजे मुलशी तहसील के साल्टर गांव के पास सड़क किनारे उतारना पड़ा.

स्थानीय लोगों और गांव के पुलिस पाटिल (गांव स्तर के कानून-व्यवस्था अधिकारी) से मिली जानकारी के अनुसार, दो पायलट और चार यात्रियों को ले जा रहे इस हेलिकॉप्टर ने धुंध के कारण आपातकालीन लैंडिंग की. अधिकारी ने बताया कि इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ.

बता दें कि महाराष्ट्र में पिछले कई दिनों से बारिश हो रही है. लो विजिबिलिटी की वजह से फ्लाइट, ट्रेन और सड़कों पर ट्रैफिक पर असर पड़ा है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार (19 जुलाई) कहा कि अगले 48 घंटे मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के लिए महत्वपूर्ण होंगे, जो हाई अलर्ट पर हैं.

 

NATIONAL : वाराणसी जिला अस्पताल की लापरवाही! गर्भवती को भर्ती करने के बजाय भगाया… हॉस्पिटल के बाहर हुई डिलीवरी

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वाराणसी के जिला महिला अस्पताल से एक लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां प्रसव के लिए गई एक महिला को अस्पताल की स्टाफ नर्स ने खूब दौड़ाया और भर्ती करने के बजाय बीएचयू रेफर कर दिया. लेकिन अस्पताल से निकलते-निकलते महिला का प्रसव हो गया.

वाराणसी के जिला महिला अस्पताल में एक गर्भवती प्रसव के लिए गई थी. लेकिन अस्पताल प्रशासन ने भर्ती करने से मना कर दिया और बगैर जांच किए बीएचयू रेफर कर दिया. हालांकि, गर्भवती वहां से निकल पाती, उससे पहले ही अस्पताल के बाहर उसकी डिलीवरी हो गई. जिसके बाद आनन-फानन में अस्पताल की महिला स्टाफ ने उपचार शुरू करके जच्चा-बच्चा को अस्पताल में भर्ती किया.

पूरा मामला जिले के कबीर चौरा जिला महिला अस्पताल का है. इस पूरे मामले का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका ने जांच बिठा दी है. साथ ही मामले में उन्होंने आरोपी स्टाफ नर्स और डॉक्टर से स्पष्टीकरण भी मांगा है. दरअसल, वाराणसी के कबीर चौरा जिला महिला अस्पताल में मदनपुरा की रहने वाली रिजवाना अपनी सास के साथ बीती रविवार की शाम पहुंची थीं. यहां दर्द की हालत में भी अस्पताल की स्टाफ नर्स ने उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान खूब दौड़ाया और अंत में केस सिरियस कहते हुए बीएचयू रेफर कर दिया.

ऐसे में थक हार कर गर्भवती अपनी सास के साथ घर लौट गई, लेकिन फिर एक मददगार के बुलावे पर वह अस्पताल पहुंची. लेकिन दूसरी बार भी उसे असंवेदनशील स्टाफ ने अस्पताल में घुसने तक नहीं दिया. जिसके बाद वह घंटों दर्द से तड़पती रही और जब उसे अस्पताल से कोई भी देखने नहीं पहुंचा तो ओपीडी की चौखट के बाहर पथरीले बेंच पर ही उसने अपने तिमादारों और आसपास के लोगों की मदद से एक बच्ची को जन्म दे दिया.

इस घटना के बाद से अस्पताल की स्टाफ नर्स और डॉक्टर के हाथ पांव फूलने लगे. जिसके बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल में भर्ती किया गया. पीड़िता रिजवाना ने बताया कि जब वह अस्पताल डिलीवरी के लिए पहुंची तो यह कहते हुए उसे भगा दिया गया कि पर्चा यहां का नहीं है. जिसके बाद वह अस्पताल की ही पुरानी बिल्डिंग में पहुंची तो वहां भी उसे भगा दिया गया और बोला गया कि BHU जाओ.

हालांकि, वहां से निकलते- निकलते उसका दर्द बढ़ गया और वहीं पर उसकी डिलीवरी हो गई. जिसके बाद अस्पताल से नर्स आई, तब उसने बच्चे की नार काटी और फिर उसे व उसके बच्चे को अस्पताल में भर्ती किया गया. रिजवाना ने बताया कि वे इस दौरान काफी दर्द में थीं.

वहीं, सास सितारा ने बताया कि वह अपनी बहू के साथ जिला महिला अस्पताल पहुंची और हाथ जोड़कर मिन्नत किया कि उनकी बहू को भर्ती कर लिया जाए. लेकिन अस्पताल के स्टाफ नई, पुरानी बिल्डिंग में दौड़ाते रहे. इसी बीच में दोबारा आने पर उनकी बहू को एक बेटी हो गई. उन्होंने बताया की मजबूरी थी, वह कर भी क्या सकती थी? उन्होंने इस बात को भी स्वीकार किया कि उनकी बहू को सीरियस बातकर BHU रेफर किया जा रहा था.

मामले में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. नीना वर्मा ने जांच बिठा दी है. साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले के लिए गलती भी मानी है. इसके अलावा उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों से भी स्पष्टीकरण मांगा है. फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों ही स्वस्थ हैं और अस्पताल में उन्हें भर्ती कर लिया गया है.

RAJASTHAN : ‘मम्मी ने दो पैग लिए, पापा और अंकल पीते ही गए…’, बेटे ने बयां की नीले ड्रम में मिली लाश की कहानी

हंसराज का आठ साल का बेटा हर्षल उस खौफनाक रात का गवाह बना. उसके बयान ने पुलिस के सामने पूरी कहानी खोल दी. उसने बताया कि उस रात पापा, मम्मी और अंकल जितेंद्र ने शराब पी थी. मम्मी ने दो पैग लिए थे, पापा और अंकल ज्यादा पी गए. फिर पापा ने मम्मी को मारना शुरू किया. अंकल ने मम्मी को बचाया. मम्मी ने हमें तीनों बच्चों को सुला दिया. हर्षल ने बताया कि रात में जब नींद टूटी तो देखा कि पापा बेड पर पड़े थे.

अलवर की सुनीता तो मेरठ की मुस्कान से खतरनाक निकली. वैसे तो सुनीता ने भी मुस्कान की तरह की प्रेमी के साथ मिलकर पति को मारा और फिर नीले ड्रम में लाश को छिपा दिया. सोनम ने जहां नीले ड्रम में सीमेंट का घोल डाला था तो सुनीता ने लाश गलाने के लिए नमक डाल दिया और उसके ऊपर बड़ा सा पत्थर रख दिया. सुनीता की पूरी कहानी उसके आठ साल के बेटे ने खोल डाली. मासूम ने पुलिस को बताया कि उसकी मां और मकान मालिक अंकल ने मिलकर उसके पिता हंसराज को मौत के घाट उतार दिया और फिर शव को उसी नीले ड्रम में ठूंसकर छिपा दिया, जिसमें पहले पानी रखा जाता था.

हंसराज का आठ साल का बेटा हर्षल उस खौफनाक रात का गवाह बना. उसके बयान ने पुलिस के सामने पूरी कहानी खोल दी. उसने बताया कि उस रात पापा, मम्मी और अंकल जितेंद्र ने शराब पी थी. मम्मी ने दो पैग लिए थे, पापा और अंकल ज्यादा पी गए. फिर पापा ने मम्मी को मारना शुरू किया. अंकल ने मम्मी को बचाया. मम्मी ने हमें तीनों बच्चों को सुला दिया. हर्षल ने बताया कि रात में जब नींद टूटी तो देखा कि पापा बेड पर पड़े थे. सुबह उठा तो देखा कि पापा अब भी वहीं पड़े थे. तभी अंकल जितेंद्र ने कहा कि तेरे पापा मर गए. इसके बाद हर्षल ने देखा कि मम्मी और अंकल ने नीले ड्रम का पानी बाहर डाला. फिर पापा को उसमें डाल दिया. ऊपर से नमक डाला और ढक्कन बंद कर दिया. ड्रम को छुपा दिया गया.

सुनीता और जितेंद्र यहीं नहीं रुके. बच्चे ने बताया कि दोनों उसे और भाई-बहनों को साथ लेकर ड्रम ईंट भट्टे तक ले गए. वहां कुछ लोग अंकल जितेंद्र के जानने वाले थे. लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया. पुलिस को भनक लग चुकी थी और टीम वहां पहुंच गई. दोनों गिरफ्तार कर लिए गए.

बच्चे ने पुलिस को बताया कि उसका मकान मालिक अंकल जितेंद्र आए दिन घर आता था. वह मम्मी के साथ रहता, उन्हें प्यार करता और हमें टॉफी-चीजें लाकर देता. यहां तक कि उसी ने हम लोगों का स्कूल में एडमिशन करवाया था. लेकिन जब पापा हंसराज को इस रिश्ते की भनक लगी, तो वे भड़क उठे. मारपीट शुरू हो गई. बच्चे ने कहा पापा मम्मी को बीड़ी से जलाते थे. एक बार तो गुस्से में ब्लेड से मुझ पर भी हमला किया था.

हंसराज करीब डेढ़ महीने पहले ही पत्नी और तीन बच्चों के साथ आदर्श कॉलोनी में किराए का मकान लेकर आया था. वह ईंट भट्टे पर मजदूरी करता था. पड़ोसियों ने बताया कि दंपती के बीच अकसर झगड़े होते थे. पिछले दिनों घर में हलचल और बाहर से आने-जाने वालों की आवाजाही कुछ ज्यादा बढ़ गई थी.

गुरुवार को मकान मालिक की पत्नी छत पर गई तो अचानक बदबू से परेशान हो गई. पहले सोचा कोई जानवर मरा होगा, लेकिन जब गंध और तेज हुई तो उसने आसपास तलाश की. नजर नीले ड्रम पर पड़ी. ढक्कन पर भारी पत्थर दबा रखा था. शक गहराया तो पुलिस को बुलाया गया. डिप्टी एसपी राजेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. ड्रम खोला गया तो अंदर का नजारा देखकर सब दंग रह गए. नमक से ढका शव पड़ा था. एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य इकट्ठे किए गए.

शव की पहचान 35 वर्षीय हंसराज उर्फ सूरज (निवासी नवादिया नावजपुर, जनपद शाहजहांपुर, यूपी) के रूप में हुई. शुरुआती जांच में गला रेतकर हत्या की बात सामने आई. पुलिस ने सुनीता और मकान मालिक जितेंद्र को हिरासत में ले लिया.

डिप्टी एसपी राजेंद्र सिंह ने कहा कि मामला बेहद संगीन है. नीले ड्रम से शव बरामद करना अपने आप में सनसनीखेज है. बच्चे का बयान इस केस का सबसे अहम हिस्सा है. इस पूरी वारदात की जड़ घरेलू हिंसा में छुपी है. हंसराज शराब पीकर पत्नी से मारपीट करता था. उसे जलाता-पीटता था. इसी बीच सुनीता का रिश्ता जितेंद्र से गहराया. नतीजा यह हुआ कि पति की मौत की साजिश रच डाली गई. वारदात के बाद कॉलोनी और गांव में दहशत और चर्चा का माहौल है. लोग सुनीता की करतूत को मेरठ की मुस्कान केस से जोड़कर देख रहे हैं. हर कोई कह रहा है कि मुस्कान से भी तेज निकली सुनीता.

 

GUJARAT : ‘आज अपने ही गांव में आजादी महसूस की’, पहली बार नाई की दुकान पर बाल कटवाकर बोला दलित युवक

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गुजरात के बनासकांठा जिले के आलवाड़ा गांव में दलितों को पहली बार नाई की दुकानों में बाल कटवाने का अधिकार मिला. यह ऐतिहासिक बदलाव पीढ़ियों से चले आ रहे भेदभाव पर निर्णायक विराम है.

गुजरात के बनासकांठा जिले के आलवाड़ा गांव में 7 अगस्त को इतिहास रच गया जब 24 साल के खेत मजदूर किरण चौहान गांव के नाई की दुकान में बाल कटवाने वाले पहले दलित बने. यह घटना केवल एक हेयरकट भर नहीं रही, बल्कि पीढ़ियों से चले आ रहे भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार पर जीत के तौर पर दर्ज हो गई.लंबे संघर्ष और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद गांव की सभी 5 नाई की दुकानें अनुसूचित जाति समुदाय के लिए खोल दी गईं. यह कदम दलित समाज के लिए असल मायने में स्वतंत्रता दिवस लेकर आया है.

भावुक होते हुए कीर्ति चौहान ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए बयान में कहा, “मैं यहां बाल कटवाने वाली पहली दलित हूं. जब से मुझे याद है, हमें बाल कटवाने के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता था. अपने जीवन के 24 सालों में, आखिरकार मुझे अपने ही गांव में आजादी और स्वीकृति का एहसास हुआ.”आलवाड़ा गांव की कुल 6,500 की आबादी में करीब 250 दलित परिवार रहते हैं. इन्हें दशकों से स्थानीय नाई सेवा देने से इंकार करते थे और साधारण हेयरकट के लिए भी उन्हें दूसरे गांवों जाना पड़ता था. कई बार अपनी पहचान छिपाकर बाल कटवाने जैसी मजबूरी भी सामने आती थी.

58 वर्षीय छोगाजी चौहान ने कहा, “मेरे पिता को आजादी से पहले यह अपमान सहना पड़ा और मेरे बच्चे भी आठ दशक बाद तक यही सहते रहे. आज जाकर बदलाव आया है.” बदलाव की यह प्रक्रिया महीनों चली बातचीत, सामाजिक जागरूकता और लगातार संघर्ष के बाद संभव हो सकी.

दलित समाज की मांग को स्थानीय कार्यकर्ता चेतन दाभी ने नेतृत्व दिया. उन्होंने नाई और ऊंची जातियों को समझाने की कोशिश की कि यह प्रथा असंवैधानिक और अमानवीय है. जब समझाने से बात नहीं बनी तो पुलिस और जिला प्रशासन को दखल देना पड़ा. गांव के सरपंच सुरेश चौधरी ने कहा, “एक सरपंच के रूप में मुझे इस प्रथा पर शर्म महसूस होती थी. मुझे गर्व है कि मेरे कार्यकाल में यह खत्म हुई.”

वहीं मामलतदार जनक मेहता ने बताया कि प्रशासन ने भेदभाव की शिकायतें दूर कर आपसी सहमति से समाधान कराया. नाई समुदाय भी अब बदलाव का स्वागत कर रहा है. 21 वर्षीय पिंटू नाई, जिन्होंने किरण को ऐतिहासिक हेयरकट दिया, बोले, “पहले समाज की परंपरा माननी पड़ती थी. अब बदलाव से हमें भी राहत और कारोबार में फायदा हुआ है.”

दलित समुदाय इसे “छोटा कट, बड़ा बदलाव” बता रहा है. यह सामाजिक बराबरी की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है. हालांकि अभी भी कुछ भेदभाव की परतें बची हुई हैं. दलित किसान ईश्वर चौहान ने कहा, “अब नाई की दुकान में तो बराबरी मिली, लेकिन सामूहिक भोज में हमें अब भी अलग बैठाया जाता है. उम्मीद है यह परंपरा भी जल्द खत्म होगी.” पाटीदार समाज के प्रकाश पटेल ने कहा, “मेरी किराना दुकान पर सब आते हैं. तो नाई की दुकान पर भेदभाव क्यों? यह गलत प्रथा खत्म होना खुशी की बात है.”

 

LIFESTYLE : पैरों में क्यों पहनते हैं काला धागा? जान लें इससे जरूरी बातें

भारत में परंपराओं और मान्यताओं का गहरा रिश्ता हमारी जीवनशैली से जुड़ा हुआ है.इन्हीं मान्यताओं में से एक है काला धागा पहनना, खासकर पैरों में…अक्सर आपने देखा होगा कि बच्चे, महिलाएं पैरों की एड़ी या टखने में काला धागा पहनते हैं. कई लोग इसे सिर्फ अंधविश्वास मानते हैं, तो कुछ इसे स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा बताते हैं. लेकिन आखिर पैरों में काला धागा पहनने का क्या कारण है और इसके पीछे कौन-सी मान्यताएं छिपी हैं?

नजर से बचाने का उपाय

भारतीय परंपरा में यह माना जाता है कि काला धागा बुरी नजर से बचाता है. खासकर छोटे बच्चों के पैरों में यह इसलिए बांधा जाता है ताकि उन पर नजर न लगे और वे स्वस्थ रहें। काला रंग नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने वाला माना जाता है, इसीलिए पैरों में काला धागा पहनना शुभ माना जाता है.

धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, काला धागा पहनना शनि दोष और राहु-केतु से संबंधित परेशानियों को कम करता है. पैरों में काला धागा पहनने से ग्रहों का बुरा असर कम होता है और जीवन में नकारात्मकता घटती है. कई लोग इसे मंगलवार या शनिवार को विशेष विधि से धारण करते हैं ताकि इसका प्रभाव और भी बढ़ सके.

स्वास्थ्य से जुड़ी मान्यता

यह पैरों की नसों को मजबूती प्रदान करता है
थकान और पैरों में होने वाले दर्द से राहत मिल सकती है
कुछ लोग मानते हैं कि इससे ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है
इन दावों के पीछे वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में आज भी इसे एक कारगर घरेलू उपाय माना जाता है
बच्चों में काला धागा पहनाने की परंपरा

छोटे बच्चों के पैरों में काला धागा बांधना एक आम परंपरा है. इसका उद्देश्य उन्हें नज़र से बचाना और नकारात्मक ऊर्जा से दूर रखना होता है. कई परिवारों में इसे जन्म के तुरंत बाद ही बच्चे को पहनाया जाता है.

फैशन और ट्रेंड के लिए पहनना

आज के समय में पैरों में काला धागा पहनना सिर्फ परंपरा तक सीमित नहीं है. यह धीरे-धीरे फैशन का हिस्सा भी बन गया है. कई युवा इसे एंकलेट या स्टाइलिश धागे की तरह पहनते हैं. इसमें मोती या छोटे-छोटे चार्म्स भी लगाए जाते हैं, जो इसे और आकर्षक बना देते हैं.

 

BUSINESS : ChatGPT का सस्ता प्लान भारत में लॉन्च, 10 गुना बेहतर सर्विस के लिए देने होंगे सिर्फ इतने रुपये

OpenAI ने भारतीय बाजार में अपना नया सब्सक्रिप्शन प्लान लॉन्च कर दिया है, जो अफोर्डेबल प्राइस पर आता है. ये कंपनी का अब तक का सबसे सस्ता प्लान है, जिसमें आपको फ्री वर्जन के मुकाबले कई सारे फीचर्स मिलते हैं. हालांकि, इस रिचार्ज में प्रो वर्जन के मुकाबले कई फीचर्स कम भी मिलते हैं. आइए जानते हैं ChatGPT Go में क्या कुछ खास आपको मिलेगा.

OpenAI ने अपना नया सब्सक्रिप्शन प्लान लॉन्च कर दिया है, जिसे कंपनी ने ChatGPT Go नाम दिया है. कंपनी का कहना है कि इस प्लान को भारत के लिए लॉन्च किया गया है, जिसमें कंज्यूमर्स को किफायती कीमत पर ChatGPT के कई पॉपुलर फीचर्स मिलते हैं. OpenAI का ये प्लान UPI पेमेंट सपोर्ट के साथ आता है.

यानी आपको UPI के जरिए पेमेंट करके इसे खरीद सकते हैं. प्लान को लॉन्च करते हुए ChatGPT के प्रमुख और VP, Nick Turley ने कहा, ‘हमने ChatGPT Go को भारत में लॉन्च कर दिया है. ये एक नया प्लान है, जो भारतीय यूजर्स को हमारे ज्यादातर पॉपलुर फीचर्स का एक्सेस देगा.’

उन्होंने बताया, ‘इस सब्सक्रिप्शन के तहत कंज्यूमर्स को 10 गुना ज्यादा मैसेज लिमिट, 10 गुना ज्यादा इमेज जनरेशन, 10 गुना ज्यादा फाइल अपलोड और फ्री वर्जन के मुकाबले दो गुना ज्यादा मेमोरी मिलेगी. ये सभी सुविधाएं 399 रुपये में मिलेंगी.’

ChatGPT Go प्लान 399 रुपये की मंथली कीमत पर लॉन्च हुआ है. यूजर्स अपने ChatGPT अकाउंट को लॉगइन करके एलिजिबिलिटी चेक कर सकते हैं. इसके लिए आपको सबसे पहले अपनी प्रोफाइल पर क्लिक करना होगा और Upgrade Plan के विकल्प पर क्लिक करना होगा. फिर आपको Try Go पर क्लिक करना होगा. सब्सक्रिप्शन खरीदने के बाद आप क्रेडिट कार्ड या UPI के जरिए पेमेंट कर सकते हैं.

ChatGPT Go में आपको फ्री मिलने वाली सभी सुविधाओं के साथ एडिशनल बेनिफिट्स भी मिलेंगे. आपको GPT-5 का एक्सटेंडेड एक्सेस मिलेगा. साथ ही यहां पर आपको इमेज जनरेट करने का भी ज्यादा एक्सेस मिलेगा. कुल मिलाकर आपको फ्री मिलने वाली सर्विसेस का एक्सटेंडेड वर्जन मिलेगा. जहां फ्री सर्विसेस सीमित एक्सेस के साथ आती हैं.

वहीं ChatGPT Go में आपको बेहतर एक्सेस मिलेगा. हालांकि, इसमें कई सुविधाएं नहीं भी मिलेगी. जैसे आपको GPT-4o जैसे लेगेसी मॉडल का एक्सेस नहीं मिलेगा. साथ ही थर्ड पार्टी इंटिग्रेशन का लाभ भी इस प्लान में नहीं मिलता है. आप Sora वीडियो क्रिएशन टूल का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. इन फीचर्स के लिए आपको ChatGPT Plus प्लान लेना होगा जो 1999 रुपये के मंथली कीमत पर आता है.

GUJARAT : सूरत के बड़े रेस्टोरेंट में महिला वॉशरूम में मिला हिडेन कैमरा, CCTV से चौंकाने वाला खुलासा, मचा बवाल

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अगर आप भी रेस्टोरेंट, होटल्स या फिर किसी भी तरह के पब्लिक वॉशरूम का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाइए. ऐसा इस लिए क्योंकि हाल ही में गुजरात से एक ऐसा मामला ऐसा मामला आया है जिसमें बड़े रेस्टोरेंट के महिला वॉशरूम के अंदर कैमरा लगने का खुलासा हुआ है.

सूरत के उमरा थाना क्षेत्र में स्थित K’s Charcoal रेस्टोरेंट में एक महिला को वॉशरूम में मोबाइल कैमरा रिकॉर्डिंग करते हुए मिला. महिला ने तुरंत होटल प्रबंधन को सूचना दी. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी झारखंड का रहने वाला सफाईकर्मी है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है. यह घटना सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है.

डीसीपी विजय सिंह गुर्जर ने एएनआई को दिए बयान में बताया कि महिला की शिकायत के बाद होटल का सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया. उसमें आरोपी सुरेंद्र राणा को महिलाओं के वॉशरूम में जाते और बाहर निकलते देखा गया. इसके आधार पर उसे हिरासत में लिया गया. आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए.

जिस फोन से रिकॉर्डिंग की गई उसमें सिम कार्ड नहीं था ताकि कॉल या मैसेज आने पर पकड़ में न आए. दूसरे फोन में सिम कार्ड था और उसमें गूगल हिस्ट्री में पोर्न साइट्स की सर्चिंग मिली है. इस फोन में 15, 16 और 17 अगस्त को बनाए गए चार और वीडियो भी बरामद हुए हैं.

पुलिस ने बताया कि आरोपी करीब दो साल से इस रेस्टोरेंट में सफाईकर्मी के तौर पर काम कर रहा था. वह झारखंड के कोडरमा जिले का निवासी है. आरोपी ने पूछताछ में माना कि वह अक्सर पोर्न देखता था, जिससे उसके दिमाग में विकृत विचार आने लगे और उसने यह कदम उठाया था.

पुलिस ने उसके घर से स्पाई कैमरे का एक बॉक्स भी जब्त किया है. होटल के करीब 40 मेल स्टाफ से पूछताछ की गई है. आरोपी के करीबी लोगों के मोबाइल फोन भी जांच के दायरे में हैं. जब्त फोन को FSL भेजकर विस्तृत जांच कराई जा रही है.

फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और आगे की जांच जारी है. अधिकारियों ने कहा कि बरामद सभी वीडियो का तकनीकी विश्लेषण किया जाएगा. यह मामला न सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर निजता की गंभीर चुनौती को उजागर करता है. रेस्टोरेंट प्रबंधन और स्टाफ से भी कड़ी पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या आरोपी अकेले काम कर रहा था या किसी और की भी संलिप्तता है.

 

DELHI WEATHER : दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश, तापमान में गिरावट

दिल्ली-एनसीआर में चिलचिलाती धूप के बाद दोपहर में अचानक काले बादल छा गए और तेज बारिश हुई. ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सुहाना हो गया और तापमान में गिरावट हुआ.

अगस्त के बीच में दिल्ली-एनसीआर में मानसून एक्टिव है. मंगलवार (19 अगस्त) की सुबह से तेज धूप और गर्मी थी. फिर अचानक दोपहर 1:10 के करीब दिल्ली और नोएडा में काले बादल छा गए. ठंडी हवाओं के साथ तेज बारिश भी आ गई और मौसम सुहाना हो गया. तापमान गिरने से लोगों को अचानक गर्मी से राहत मिल गई.

दिल्ली के लिए मौसम विभाग ने पहले ही तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जाहिर की थी. मौसम विभाग ने जानकारी दी थी कि दिल्ली में न्यूनतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 0.2 डिग्री कम है. वहीं, आज सुबह 8.30 बजे तक आर्द्रता का स्तर करीब 97 प्रतिशत रहा. आईएमडी ने यह भी बताया कि दिल्ली का अधिकतम तापमान 35 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है.

लक्षमीनगर से आईटीओ के बीच में लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा. वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि केएम चौक पर ट्रैफिक लाइटें काम नहीं कर रही हैं. पिछले 4 दिनों से भारी ट्रैफिक जाम लगा है और मैनेजमेंट नहीं दिख रहा.

दिल्ली के यमुना बाजार में यमुना का जलस्तर बढ़ने की वजह से आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी आ गया है. यमुना से सटे इलाकों के घरों में पानी चला गया है और लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. घरों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. प्रभावित क्षेत्र के लोगों का पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

इससे पहले बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को प्रशासन ने अलर्ट किया था, जिसके बाद कुछ लोग दूसरी जगह शिफ्ट हो गए थे. यमुना बाजार इलाके में सोमवार शाम से ही पानी आने का सिलसिला शुरू हो गया था. ऐसे ही हालात 2023 में हुए थे, जब दिल्ली में भयंकर बाढ़ आई थी.

हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज से बीते 16-18 अगस्त को कुल 2.40 लाख से अधिक क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे अगले 72 घंटों में दिल्ली पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. हथिनीकुंड बैराज से 16 अगस्त को 1.78 लाख क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया, जबकि 18 अगस्त को और करीब 65 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसका असर अगले 72 घंटे में दिल्ली में दिखाई दे सकता है.

निमिषा श्रीवास्तव ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर्स की डिग्री ली है. इनको पत्राकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. इस दौरान इन्होंने राजनीति, क्राइम और हेल्थ-लाइफस्टाइल बीट पर काम किया है. अभी निमिषा एबीपी न्यूज के डिजिटल विंग में अपनी सेवाएं दे रही हैं. निमिषा को इतिहास, साहित्य और कविताएं पढ़ने में रुचि है.

LUCKNOW : घर के सामने खेल रहे बच्चों पर पड़ोसी ने चढ़ाई कार, एक की पसलियां टूटीं, ICU में रहा एडमिट; 8 दिन बाद हुई FIR

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शुरुआत में पीड़ित परिवार को यह एक सामान्य हादसा लगा, लेकिन जब CCTV फुटेज देखी गई तो साफ हुआ कि यह घटना किसी दुर्घटना से ज्यादा, सुनियोजित तरीके से की गई वारदात थी. वहीं, पुलिस ने एफआईआर लिखने में देरी की.

लखनऊ के आशियाना इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. पड़ोसी की कार से टक्कर लगने से साढ़े पांच साल का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया. तीन दिन तक बच्चा आईसीयू में जिंदगी और मौत से जूझता रहा. हैरानी की बात यह है कि घटना के 8 दिन बाद पुलिस ने केस दर्ज किया. मामला सेक्टर आई आशियाना का है. यहां हरिद्वार पांडेय, जो स्वास्थ्य विभाग से रिटायर हैं, अपने बेटे अंकित (बैंक कर्मचारी) और बहू के साथ रहते हैं. हरिद्वार ने बताया कि 10 अगस्त को उनका पोता शौविक पांडेय घर के बाहर खड़ा था. उसी वक्त पड़ोसी विनय उपाध्याय का बेटा कुशल सौमिल भी वहीं मौजूद था.

इसी दौरान सामने रहने वाले सीएल वर्मा का बेटा शिवांश वर्मा तेज रफ्तार कार लेकर आया और शौविक को टक्कर मार दी. हादसा इतना जोरदार था कि कुशल दूर जाकर गिरा, जबकि शौविक घर का गेट तोड़कर अंदर गिरा. इस हादसे में शौविक की कॉलर बोन और पसलियां टूट गईं. परिवार ने बच्चे को तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया. वहां उसकी हालत गंभीर थी और करीब तीन दिन तक वह आईसीयू में रहा. फिलहाल बच्चा घर लौट आया है, लेकिन अब भी इलाज जारी है. देखें वीडियो-

शुरुआत में परिवार को यह एक सामान्य हादसा लगा, लेकिन जब CCTV फुटेज देखी गई तो साफ हुआ कि यह घटना किसी दुर्घटना से ज्यादा, सुनियोजित तरीके से की गई वारदात थी. हरिद्वार पांडेय का कहना है कि हादसे के बाद न तो सीएल वर्मा और न ही उनका बेटा अस्पताल हालचाल लेने पहुंचे. उल्टा उन्होंने बच्चे की गलती बताकर परिवार को गुमराह करने की कोशिश की.

पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद बातचीत के नाम पर वर्मा परिवार ने अपने घर बुलाया. वहां पहले से कई लोग मौजूद थे और बाद में और लोग आ गए. बातचीत के दौरान उन्हें धमकाने की कोशिश की गई और कहा गया कि गलती बच्चे की थी क्योंकि वह सड़क पर खेल रहा था. हरिद्वार पांडेय ने बताया कि उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई लेकिन पुलिस कार्रवाई करने की बजाय उन्हें टहलाती रही. उनसे जबरन कागजों पर साइन करवाए गए और आरोपी को समय दिया गया.

परिवार का आरोप है कि पुलिस ने तहरीर बदलवाई और तारीख भी दबाव डालकर बदलवाई. अंततः रविवार देर रात जाकर मुकदमा दर्ज किया गया. वहीं, इस मामले पर इंस्पेक्टर आशियाना का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार जब थाने पहुंचा, तभी उनकी तहरीर पर तुरंत मुकदमा लिखा गया. उधर, मामला संज्ञान में आते ही डीसीपी आशीष श्रीवास्तव ने भी परिवार से मुलाकात की. डीसीपी ने उचित कार्रवाई करने का आश्वाशन दिया है.

BREAKING NEWS : सुदर्शन vs राधाकृष्णन… खड़गे ने किया विपक्ष के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार का ऐलान

विपक्षी इंडिया गठबंधन ने पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति चुनाव का उम्मीदवार बनाया है. वे आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट, गुवाहाटी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जज रहे और 2013 में गोवा के पहले लोकायुक्त बने थे. जयराम रमेश ने बताया कि गठबंधन ने सर्वसम्मति से उनका नाम तय किया है.

विपक्षी इंडिया गठबंधन ने पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति चुनाव में अपना उम्मीदवार घोषित किया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसका ऐलान किया, जबकि कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा कि गठबंधन ने सर्वसम्मति से उनका नाम तय किया है. उनका मुकाबला एनडीए गठबंधन के सीपी राधाकृष्णन से होगा

इंडिया गठबंधन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर सुदर्शन रेड्डी के नाम का ऐलान किया. कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि सभी पार्टियों ने सहमति से उनके नाम को फाइनल किया है. टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने बताया कि आम आदमी पार्टी भी सुदर्शन रेड्डी के नाम से सहमत है.

बी सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1946 को हुआ था. वे भारत के सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और गोवा के पहले लोकायुक्त रह चुके हैं. सुदर्शन रेड्डी का जन्म आंध्र प्रदेश के रंगा रेड्डी जिले के अकुला मायलारम गांव में एक कृषि परिवार में हुआ. शुरुआती पढ़ाई के बाद उन्होंने हैदराबाद के उस्मानिया यूनिवर्सिटी से 1971 में लॉ पास किया.

अपने करियर की शुरुआत रेड्डी ने सिविल और संवैधानिक मामलों की प्रैक्टिस से की और आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट के. प्रताप रेड्डी के साथ काम किया. इसके बाद 8 अगस्त 1988 को उन्हें आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में गवर्नमेंट प्लीडर नियुक्त किया गया और वे केंद्र सरकार के एडिशनल स्टैंडिंग काउंसल बने.

1993 में वे आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए और उस्मानिया यूनिवर्सिटी के लीगल एडवाइजर भी रहे. न्यायिक करियर में आगे बढ़ते हुए रेड्डी 2 मई 1993 को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के एडिशनल जज नियुक्त किए गए. इसके बाद 5 दिसंबर 2005 को वे गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने.सुदर्शन रेड्डी को 12 जनवरी 2007 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट का एडिशनल जज नियुक्त किया गया और वे 8 जुलाई 2011 को रिटायर हुए. रिटायरमेंट के बाद मार्च 2013 में उन्होंने गोवा के पहले लोकायुक्त के रूप में कार्यभार संभाला, हालांकि अक्टूबर 2013 में उन्होंने निजी कारणों से इस्तीफ़ा दे दिया था.

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