Wednesday, May 6, 2026
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NATIONAL : जेल में 22 साल की सजा काट रहे कैदी ने किया आत्महत्या का प्रयास, हाथ पर लिखा ‘I Love You बाबू’

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धनबाद जेल में 22 साल की सजा काट रहे कैदी जितेंद्र रवानी ने आत्महत्या का प्रयास किया. उसने हाथ पर ‘आई लव यू बाबू’ और एक संदेश लिखा था. फिलहाल उसे गंभीर हालत में एसएनएमएमसीएच अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आत्महत्या की वजह उसने अपनी प्रेमिका और ससुर को बताया है.

धनबाद जेल में 22 साल की सजा काट रहे कैदी ने आत्महत्या का प्रयास किया. कैदी की पहचान जितेंद्र रवानी के तौर पर हुई है, जो गोधर रवानी बस्ती का रहने वाला है. घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है. आत्महत्या से पहले जितेंद्र ने अपने हाथ पर आई लव यू बाबू और एक मैसेज लिखा. इसके बाद उसने जेल के अंदर यह कदम उठाया.

घटना के तुरंत बाद जेल प्रशासन ने उसे गंभीर हालत में धनबाद के एसएनएमएमसीएच अस्पताल में भर्ती कराया. जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है. मामला दो साल पुराना है, जब जितेंद्र एक नाबालिग लड़की को लेकर फरार हो गया था.इस घटना के बाद लड़की के परिजनों ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. काफी दिनों की तलाश के बाद पुलिस ने दोनों को बरामद किया. उस समय लड़की चार माह की गर्भवती पाई गई थी. कोर्ट में सुनवाई के बाद जितेंद्र को 22 साल की सजा सुनाई गई थी और वह पिछले एक साल से जेल में बंद था.

जितेंद्र के पिता ने बताया कि रविवार की रात उन्हें जेल से फोन आया कि उनका बेटा अस्पताल में भर्ती है. परिवार जब अस्पताल पहुंचा तो पता चला कि उसने आत्महत्या का प्रयास किया है. पिता ने कहा कि बेटे ने सुसाइड नोट में अपनी प्रेमिका और ससुर को जिम्मेदार ठहराया है. साथ ही उसने अपनी प्रेमिका के प्रति प्यार का इजहार भी किया है. फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

LUCKNOW : ढाबे पर भगवा वस्त्र पहनकर चिकन खा रहा था शख्स… लोगों ने पकड़कर पीटा

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लखनऊ के एक ढाबे पर एक युवक भगवा वस्त्र पहनकर चिकन खा रहा था. इस दौरान कुछ लोगों ने आपत्ति भी जताई, बावजूद इसके युवक नहीं माना. जिसके बाद दो युवकों ने उसकी पिटाई कर दी.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक ढाबे पर एक शख्स भगवा वस्त्र पहनकर चिकन खा रहा था. इस दौरान कुछ लोगों की नजर उस पर पड़ी तो लोगों ने उसकी पिटाई कर दी. यह घटना ढाबे पर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई. पूरा मामला 17 अगस्त का गोसाईगंज थाना क्षेत्र के केजीएन (KGN) ढाबा का है.जानकारी के अनुसार यहां ढाबे पर भगवा कपड़ा पहने एक युवक चिकन खा रहा था. इस पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और युवक को रोकने की कोशिश की. हालांकि, इस पर भी युवक नहीं माना. जिसके बाद दो लोगों ने जमकर उसकी पिटाई कर दी. ढाबे पर युवक की पिटाई का वीडियो भी सामने आया है. जिसमें देखा जा सकता है कि युवक की कुछ लोग पिटाई कर रहे हैं. जबकि कुछ लोग बीच-बचाव भी कर रहे हैं.

मारपीट की पूरी घटना ढाबे में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई. घटना के दौरान ढाबे में अफरा-तफरी मच गई. जिसके बाद ढाबा संचालक ने तुरंत पुलिस को फोन करके सूचना दी. सूचना लगते ही गोसाईगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया.फिलहाल पुलिस ने युवक की पिटाई करने वाले आरोपियों सुभाष कनौजिया और दिनेश को हिरासत में ले लिया है. दोनों पर शांति भंग की धारा में कार्रवाई की गई है. साथ ही पुलिस घायल युवक से भी पूछताछ कर रही है और आगे की कार्रवाई कर रही है.

ENTERTAINMENET : ‘3 इडियट्स’ के प्रोफेसर अच्युत पोतदार का हुआ निधन, 91 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

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मशहूर एक्टर अच्युत पोतदार का 91 साल की उम्र में निधन हो गया है. उन्होंने अपने एक्टिंग करियर में लगभग 125 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था. इनमें हिंदी, मराठी और अन्य भाषाओं की फिल्में शामिल हैं.एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है. मशहूर एक्टर अच्युत पोतदार का 91 साल की उम्र में निधन हो गया है. 18 अगस्त को उन्हें मुंबई, ठाणे के अस्पताल में एडमिट कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली. एक्टर उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे. आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

अच्युत पोतदार टेलीविजन और बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर थे. एक्टर के निधन की खबर से उनके चाहने वालों के बीच मातम पसर गया है. पिछले कुछ सालों में उन्होंने हिंदी सिनेमा के अलावा मराठी इंडस्ट्री में भी अपनी पहचान बना ली थी. वो एक मंझे हुए कलाकार थे, जिन्हें अपनी एक्टिंग से लोगों का दिल जीतना बखूबी आता था.

अच्युत पोतदार ने अपने एक्टिंग करियर में लगभग 125 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था. इनमें हिंदी, मराठी और अन्य भाषाओं की फिल्में शामिल हैं. एक्टर को ‘अर्ध सत्य’, ‘तेजाब’, ‘दिलवाले’, ‘वास्तव’, ‘परिणीता’, ‘दबंग’, ‘3 इडियट्स’ और ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ जैसी मूवीज के लिए जाना जाता है. आमिर खान स्टारर फिल्म ‘3 इडियट्स’ में उन्होंने प्रोफेसर का रोल अदा किया था. फिल्म से उनका डायलॉग ‘अरे कहना क्या चाहते हो’ काफी फेमस हुआ था. आज भी ज्यादातर लोग उन्हें उनके इसी डायलॉग से जानते हैं. फिल्म में उनका रोल छोटा लेकिन मजेदार था.

अच्युत पोतदार ने मध्य प्रदेश में बतौर प्रोफेसर अपने करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद उन्होंने भारतीय सेना में कैप्टन के रूप में देश की सेवा की. कई सालों तक देश की सेवा करने के बाद वो 1967 में सेना से रिटायर हो गए. उसके बाद उन्होंने लगभग 25 सालों तक इंडियन ऑयल में एग्जीक्यूटिव के रूप में काम किया.

अच्युत पोतदार ने 44 साल की उम्र में उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था. 80 के दशक में वो बड़े पर्दे पर छाए हुए थे. फिल्मों के बाद उन्होंने टीवी की दुनिया में एंट्री ली. टीवी पर उन्होंने ‘वागले की दुनिया’, ‘मिसेज तेंदुलकर’, ‘माझा होशिल ना’ और ‘भारत की खोज’ जैसे शोज में काम किया. रोल छोटा हो या बड़ा, वो हर किरदार में खुद को ढालना जानते थे.

 

DELHI : बेवफाई के शक.में जहर देकर पति ने ले ली पत्नी की जान, 14 दिन बाद ऐसे मिली लाश

दिल्ली के महरौली में एक शख्स ने बेवफाई के शक में पत्नी को नींद की गोलियां और जहरीला पदार्थ देकर मार डाला. इसके बाद उसने साथियों की मदद से शव कब्रिस्तान में दफना दियाय. महिला की गुमशुदगी रिपोर्ट से मामला उजागर हुआ. पुलिस नेपति समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में शामिल कार बरामद की है.

दिल्ली के महरौली इलाके से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां बेवफाई के शक में एक शख्स ने अपनी 30 साल की पत्नी की हत्या कर दी. इसके बाद साथियों की मदद से शव को कब्रिस्तान में दफना दिया. पुलिस ने इस सनसनीखेज केस का खुलासा करते हुए पति समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस के मुताबिक, मृतका की एक महिला दोस्त ने 10 अगस्त को थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. जांच में सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पता चला कि 31 जुलाई को महिला को उसके पति शबाब अली अपने दोस्तों के साथ कार में ले जा रहा था.पूछताछ में शबाब अली ने कबूल किया कि उसने 2 अगस्त को पत्नी को नींद की गोलियां और जहरीला कीटनाशक देकर मार डाला. इसके बाद दोस्तों शाहरुख और तनवीर की मदद से रातों-रात शव को चंदनहौला कब्रिस्तान में दफना दिया. पुलिस ने एसडीएम की मौजूदगी में 15 अगस्त को शव को कब्र से निकलवाया.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पेशे से पेंटर 47 साल के शबाब अली, 28 साल के इलेक्ट्रिशियन शाहरुख खान और 25 साल के पेंटर तनवीर के रूप में हुई है. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली है. एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है.

BHAKTI : अजा एकादशी के व्रत पर आज पढ़ें ये खास कथा, श्रीहरि की बनी रहेगी कृपा

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भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली अजा एकादशी का व्रत अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है. धर्मशास्त्रों में वर्णन है कि इस व्रत का विधिपूर्वक पालन करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन के समस्त पापों का नाश होता है.19 अगस्त 2025 यानी आज अजा एकादशी का व्रत रखा जा रहा है. हर वर्ष भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के मौके पर अजा एकादशी का व्रत रखा जाता है. मान्यता है कि इस दिन का व्रत रखने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की उपासना करनी चाहिए. साथ ही, अजा एकादशी के दिन कथा सुनना भी बहुत ही फलदायी माना जाता है.

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार प्राचीन काल में चक्रवर्ती सम्राट हरिश्चंद्र राज करते थे. उनके राज्य में किसी भी प्रकार के वैभव या सुख-सुविधा की कमी नहीं थी. किंतु समय के साथ ऐसा दौर आया जब उन्होंने अपना सब कुछ खो दिया, राज्य, परिवार और सुख-संपत्ति सभी उनसे छिन गए. परिस्थितियां इतनी कठिन हो गईं कि उन्हें एक चांडाल के यहाँ दास बनकर जीवन व्यतीत करना पड़ा.

इसी दौरान एक दिन गौतम ऋषि गांव में पधारे. राजा हरिश्चंद्र ने उनके चरणों में प्रणाम किया और अपनी व्यथा सुनाई. ऋषि ने करुणा भाव से उनकी समस्या सुनी और उन्हें भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी का व्रत करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि इस व्रत के प्रभाव से सभी पाप नष्ट होते हैं और खोया हुआ जीवन-सुख पुनः प्राप्त होता है.

ऋषि की बात मानकर हरिश्चंद्र ने श्रद्धापूर्वक अजा एकादशी का व्रत किया और भगवान विष्णु की आराधना में लीन हो गए. इस व्रत के प्रभाव से उनके समस्त पाप मिट गए और उन्हें पुनः राजपाट तथा परिवार प्राप्त हुआ. अंततः भगवान विष्णु की कृपा से उन्हें मृत्यु के बाद वैकुण्ठधाम की प्राप्ति भी हुई.

इस दिन प्रातःकाल स्नान करके व्रत का संकल्प लें. फिर, तत्पश्चात गंगाजल का छिड़काव कर घर को शुद्ध करें. उसरके बाद, पूजा स्थल पर भगवान श्री विष्णु की प्रतिमा अथवा चित्र विराजमान करें. उन्हें पीले वस्त्र पहनाएं और पीले पुष्प अर्पित करें. गंगाजल से अभिषेक करने के बाद दीपक और धूप प्रज्वलित करें. दिनभर “ऊं नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करते रहें. संध्याकाल में विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या श्रीहरि की आरती करें. अगले दिन द्वादशी पर व्रत का पारण करें और ब्राह्मणों को अन्न और वस्त्र दान दें.

Hobosexuality… ‘प्यार की आड़’ में किराए से आजादी! शहरों में तेजी से बढ़ रहा ये चलन

भारत का समाज बदल रहा है और यहां के महानगरों में पश्चिमी ट्रेंड भी नजर आ रहा है. इसी तरह का एक ट्रेंड है होबोसेक्सुअलिटी जो अब महानगरों में देखने को मिल रहा है. इस ट्रेंड के पीछे किराए और घर की बढ़ती महंगाई भी है.

क्या आपको इन हेडलाइंस में कोई समानता नजर आती है? आपको यह समझने के लिए रियल एस्टेट एक्सपर्ट होने की जरूरत नहीं है कि भारत के महानगरों में प्रॉपर्टी की कीमतें अब तक के उच्चतम स्तर पर हैं. और जब घर खरीदना मुश्किल होता है तो किराए में भी बढ़ोतरी लाजमी है. इसका मतलब है कि अकेले रहना या फिर एक छोटे से फ्लैट से थोड़े बड़े फ्लैट में अपग्रेड करना भी शहरों में रह रहे कई लोगों के लिए सपना बनता जा रहा है.

अब, आसमान छूती घर की कीमतों को शहर के अकेलेपन के साथ मिला दें, तो आपको शहरी होबोसेक्सुअलिटी जैसी अप्रत्याशित चीज के लिए सही माहौल मिल जाता है. इस थोड़े से बेबाक लेबल के पीछे वास्तविकता छिपी है कि लोग प्यार के लिए कम और रहने की जगह के लिए ज्यादा रिश्तों में आ रहे हैं. इस तरह के रिश्ते में लोग अक्सर बदले में कुछ खास दिए बिना आर्थिक और इमोशनल रूप से अपने पार्टनर पर निर्भर रहते हैं.

होबोसेक्सुअलिटी एक ऐसा रिश्ता है जिसमें कोई इंसान घर और वित्तीय मदद के लिए किसी रोमांटिक रिश्ते में आता है. इसमें इंसान प्यार की आड़ में अपने पार्टनर से उसका घर शेयर करता है और कई बार वित्तीय मदद भी लेता है.

हालांकि, होबोसेक्सुअलिटी शब्द अपने आप में क्लिकबेट जैसा लग सकता है, लेकिन हकीकत में इसे हल्के में लेना सही नहीं होगा क्योंकि यह शहरी भारत में चुपचाप और बहुत तेजी से उभर रहा है.

‘होबोसेक्सुअल’ शब्द मूल रूप से पश्चिमी इंटरनेट कल्चर में उभरा, जिसका इस्तेमाल बोलचाल की भाषा में ऐसे इंसान के लिए किया जाता है जो खास तौर से रहने की जगह हासिल करने के लिए डेटिंग करता है (जैसा कि हमने मैथ्यू मॅकोनहे को फिल्म ‘फेलियर टू लॉन्च’ में देखा था).

भारत में, यह तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. आप पूछेंगे क्यों? बेशक, इसके लिए आसमान छूते किराए जिम्मेदार हैं (और कुछ कंजूस लोग भी). ऐसा नहीं है कि हम होबोसेक्सुअल लोगों के पक्ष में तर्क दे रहे हैं, लेकिन सच्चाई यही है.

Gateway of Healing की मनोचिकित्सक और संस्थापक-निदेशक डॉ. चांदनी तुगनैत कहती हैं, ‘हम देख रहे हैं कि लोग, खासकर महिलाएं ऐसे पार्टनर्स से जुड़ रही हैं जो रिश्ते में इमोशनल, फाइनेंशियल और लॉजिस्टिक के मामले में बहुत कम योगदान देते हैं लेकिन उनके जीवन में बेहिसाब जगह घेरे होते हैं. ऊपरी तौर पर तो ये रिश्ते रोमांटिक लगते हैं, लेकिन अक्सर इनमें एक छिपा हुआ शक्ति असंतुलन होता है जहां एक साथी को दूसरे की तुलना में ज्यादा फायदा होता है.’

अंकिता (नाम बदला हुआ) अपने लेट 30s में हैं और एक सक्सेसफुल इंटरप्रेन्योर हैं. वो याद करती हैं, ‘शुरू में यह रोमांटिक लगा. मुझे लगा कि हम प्यार में हैं, इसलिए मैं उसे अपने घर पर रखने के लिए तुरंत तैयार हो गई. लेकिन किराया मैं दे रही थी और रिश्ते का बोझ अकेले ही उठा रही थी.’

समय बीतने के साथ अंकिता ने एक परेशान करने वाला पैटर्न देखा. वो कहती हैं, ‘वो किराया शेयर नहीं करता था और कभी-कभी कुत्ते को टहलाने या खाना बनाने जैसी छोटी-छोटी चीजें कर देता था. जब मुझे इमोशनल रूप से उसकी जरूरत होती थी, तो वो कही नहीं मिलता था.’

यह एक ऐसा इमोशनल जाल है जिसे पहली नजर में पहचानना वाकई मुश्किल होता है. इसके लिए कुछ हद तक, हमारा मॉडर्न डेटिंग कल्चर जिम्मेदार हो सकता है. इस रिश्ते में सामने वाला प्यार की बौछार करता है और नजदीकियां जल्दी बढ़ाता है जिससे प्यार और चालाकी के बीच की रेखा धुंधली हो जाती है. ऐसे में रेड फ्लैग्स को पहचानना बहुत मुश्किल हो जाता है.

होबोसेक्सुअलिटी उस समाज का आईना है जिसमें हम रहते हैं. अगर आपको इस बात पर यकीन नहीं होता तो Deloitte की एक रिपोर्ट पर नजर डालिए जिसका शीर्षक है- ‘2025 Gen Z and Millennial Work Survey’. यह सर्वे रिपोर्ट बताती है कि 2025 में मिलेनियल और जेन जी के 50 प्रतिशत से ज्यादा कर्मचारी बड़ी मुश्किल से महीने का खर्चा चला पा रहे हैं और उनकी सेविंग न के बराबर है.

महानगरों में आवास की लागत अक्सर एक व्यक्ति की आय का 40 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा निगल जाती है. उदाहरण के लिए, मुंबई में रहने वाला एक व्यक्ति अपनी आय का कम से कम 48 प्रतिशत आवास पर खर्च करेगा.

डॉ. तुगनैत कहती हैं, ‘इसके साथ ही घर बसाने का सांस्कृतिक दबाव, संघर्ष का महिमामंडन, और कई लोगों में दूसरों पर एहसान करने की भावना होती है और इन सबको जोड़ लें तो एक ऐसा माहौल तैयार होता है जो होबोसेक्सुअलिटी को पनपने देता है. यह और भी खतरनाक इसलिए है क्योंकि अक्सर इसे भक्ति का जामा पहनाया जाता है. आप सिर्फ किराया नहीं दे रहे होते, बल्कि साथ रहने के भ्रम के लिए भी पैसे दे रहे होते हैं.’

होबोसेक्सुअलिटी की निंदा करने का मतलब संघर्ष कर रहे लोगों को शैतान बताना नहीं है. न ही होबोसेक्सुअलिटी बिल्कुल आजादी से रहने की मांग है. होबोसेक्सुअलिटी का मतलब भावनात्मक सुविधा पर नहीं, बल्कि समानता और जागरूकता पर आधारित रिश्ते बनाना है.

SPORTS : ईशान किशन की मैदान पर वापसी का इंतजार बढ़ा… E-Bike से गिरकर हुए थे चोटिल, आकाश दीप भी अनफिट!

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ईशान किशन की गैरमौजूदगी में अभिमन्यु ईश्वरन को ईस्ट जोन की टीम का कप्तान बनाया गया है. ईशान चोट की वजह से इंग्लैंड के खिलाफ ओवल टेस्ट मैच के लिए ऋषभ पंत के रिप्लेसमेंट के तौर पर भारतीय टीम में नहीं चुने गए थे.

भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन दलीप ट्रॉफी 2025-26 में पहले मुकाबले से बाहर हो गए हैं. ईशान किशन कुछ समय पहले नॉटिंघमशायर की तरफ से काउंटी क्रिकेट खेलने के यूके में थे. ईएसपीएन क्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक यूके टूर के दौरान ई-बाइक से गिरकर ईशान चोटिल हो गए थे, जिसके चलते उन्हें टांके लगाने पड़े. ईशान किशन उस चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं.

ईशान किशन की जगह ओडिशा के आशीर्वाद स्वैन को ईस्ट जोन की टीम में शामिल किया गया है. वहीं ईशान की गैरमौजूदगी में अभिमन्यु ईश्वरन को कप्तान बनाया गया है. ईशान इसी चोट की वजह से इंग्लैंड के खिलाफ ओवल टेस्ट मैच के लिए ऋषभ पंत के रिप्लेसमेंट के तौर पर भारतीय टीम में नहीं चुने गए थे. तब चयनकर्ताओं ने तमिलनाडु के विकेटकीपर नारायण जगदीशन को स्क्वॉड में शामिल किया गया था.

ईशान किशन की चोट गंभीर नहीं है, लेकिन उन्हें एहतियातन टीम से बाहर रखा गया है. उम्मीद है कि वह अगले महीने ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ होने वाले दो फर्स्ट क्लास मुकाबले के लिए फिट हो जाएंगे. फिलहाल ईशान किशन बेंगलुरु स्थित भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में रिकवरी और फिटनेस टेस्ट से गुजरेंगे.

ईशान किशन की गैरमौजूदगी में झारखंड के विकेटकीपर कुमार कुशाग्र पहले मैच में ईस्ट जोन की प्लेइंग-11 का हिस्सा हो सकते हैं. दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की टीम अपना पहला मुकाबला 28 अगस्त से नॉर्थ जोन के खिलाफ खेलेगी. टूर्नामेंट में 6 टीमें भाग ले रही हैं. इसके मुकाबले बेंगलुरु में आयोजित होंगे.तेज गेंदबाज आकाश दीप भी पहले मुकाबले में ईस्ट जोन की टीम का हिस्सा नहीं होंगे. उन्हें आराम की सलाह दी गई है. हालांकि आकाश दीप की चोट को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. आकाश का फिटनेस टेस्ट बाद में होगा. इंग्लैंड दौरे पर आकाश दीप ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन टेस्ट में 13 विकेट झटके थे.

आकाश दीप ने इनमें से 10 विकेट तो एजबेस्टन टेस्ट मैच में लिए थे, जहां भारतीय टीम को इंग्लैंड पर 336 रनों से यादगार जीत मिली थी. आकाश दीप ने ओवल टेस्ट मैच में नाइटवॉचमैन के तौर पर अर्धशतक भी जड़ा था. आकाश की जगह असम के मुख्तार हुसैन को शामिल किया गया है.ईस्ट जोन का स्क्वॉड: अभिमन्यु ईश्वरन (कप्तान), रियान पराग (उप-कप्तान), आशीर्वाद स्वैन (विकेटकीपर), संदीप पटनायक, विराट सिंह, डेनिश दास, श्रीदाम पॉल, शरणदीप सिंह, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), उत्कर्ष सिंह, मनीषी, सूरज सिंधु जायसवाल, मुकेश कुमार, मुख्तार हुसैन और मोहम्मद शमी.

JAIPUR : शातिर महिला चोर ऑनलाइन ज्वेलरी सर्च कर दिल्ली से नकली बनवाती, फिर शोरूम में असली से बदल लेती

जयपुर पुलिस ने शहर के नामी-गिरामी ज्वैलरी शोरूम्स में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाली दिल्ली की एक शातिर महिला को गिरफ्तार किया है. आरोपी महिला ब्रांडेड शोरूम को टारगेट करती थी.

जयपुर पुलिस ने शहर के नामी-गिरामी ज्वैलरी शोरूम्स में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाली दिल्ली की एक शातिर महिला को गिरफ्तार किया है. आरोपी महिला की पहचान अंजू चोपड़ा के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने हाई-टेक टेक्नोलॉजी की मदद से ट्रेस कर दबोचा है. अंजू चोपड़ा पिछले कई सालों से दिल्ली से जयपुर आकर ब्रांडेड ज्वैलरी शोरूम्स में चोरी करती थी लेकिन उसका तरीका बेहद अनोखा और फिल्मी अंदाज का था, जिससे पुलिस भी चकमा खा गई.

लेडी लुटेरी सबसे पहले ऑनलाइन बड़े ब्रांड्स की ज्वैलरी सर्च करती और फिर दिल्ली में हूबहू नकली ज्वैलरी खरीद लेती. इसके बाद ट्रेन से जयपुर आती और किसी ब्रांडेड शोरूम में पहुंच जाती. शोरूम में कर्मचारियों को बातचीत में उलझाकर असली ज्वैलरी पहन लेती और नकली ज्वैलरी वहां छोड़कर निकल जाती. इस तरह वह अब तक कई बार जयपुर में लाखों की ज्वैलरी पर हाथ साफ कर चुकी थी.

डीसीपी साऊथ राजर्षि राज ने बताया कि आरोपी ने आखिरी वारदात जून महीने में कल्याण ज्वैलर्स में अंजाम दी थी. वहां से कीमती ज्वैलरी गायब होने पर मैनेजर ने CCTV फुटेज खंगाले और विधायक पुरी थाने में केस दर्ज कराया. फुटेज में महिला की तस्वीर साफ दिखाई दी.

विधायकपुरी थाना पुलिस ने महिला को पकड़ने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया और CCTV से मिली तस्वीर को नेट ग्रिड सॉफ्टवेयर (Net Grid Software) पर सर्च किया गया. इसके बाद जानकारी को इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (Inter Operable Criminal Justice System) से मिलान कर महिला का पूरा ब्योरा निकाला गया.

जुलाई में दिल्ली में छापेमारी की गई थी, लेकिन महिला हाथ नहीं लगी थी. वहीं अब आखिरकार पुलिस ने उसे दबोच लिया. गिरफ्तार आरोपी अंजू चोपड़ा की उम्र करीब 40 साल है और वह शादीशुदा है. पुलिस जांच में सामने आया कि उसकी मां और भाई पर भी आपराधिक केस दर्ज हैं. छापेमारी के दौरान जब पुलिस टीम उसे पकड़ने पहुंची, तो महिला ने दबिश देकर भागने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों को धक्का भी दिया, लेकिन अंततः वह पकड़ में आ ही गई.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी महिला बेहद चालाक और प्रोफेशनल अंदाज में चोरी की वारदातों को अंजाम देती थी. वह लंबे समय से जयपुर के ब्रांडेड शोरूम्स को टारगेट कर रही थी. फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और संभावना जताई जा रही है कि उसने अन्य शहरों में भी वारदातें की होंगी.

RAJASTHAN : नीले ड्रम में पति का शव, गलाने के लिए नमक और ऊपर पत्थर… पत्नी और मकान मालिक का बेटा फरार

मकान मालिक की पत्नी किसी काम से छत पर गई थी. वहां अचानक तेज बदबू महसूस हुई. पहले तो उसने सोचा कि शायद कोई जानवर मरा होगा, लेकिन जब गंध और तेज हुई तो उसने आसपास तलाश की. नजर नीले ड्रम पर पड़ी, जिसके ढक्कन पर पत्थर रखा था. ड्रम खोला गया तो सबके होश उड़ गए. नमक से ढका शव अंदर पड़ा था.

मेरठ के बाद अब राजस्थान में भी नीले ड्रम का खौफनाक मामला सामने आया है. अलवर जिले की आदर्श कॉलोनी में एक मकान की छत से तेज बदबू आने पर लोग चौंक गए. पुलिस को सूचना दी गई तो मौके पर जब दरवाजा खोला गया, छत पर रखा नीला ड्रम देखकर सब सन्न रह गए. ड्रम में एक युवक का शव मिला, जिसे गलाने के लिए नमक डाला गया था और ऊपर भारी पत्थर रख दिया गया था.

शव की पहचान 35 वर्षीय हंसराज उर्फ सूरज निवासी नवादिया नावजपुर, जनपद शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई. शुरुआती जांच में सामने आया है कि उसकी गला रेतकर हत्या की गई और शव को ड्रम में बंद कर छुपाया गया. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या के बाद से मृतक की पत्नी, तीन बच्चे और मकान मालिक का बेटा रहस्यमयी तरीके से लापता हैं.

पुलिस के अनुसार, गुरुवार को मकान मालिक की पत्नी किसी काम से छत पर गई थी. वहां अचानक तेज बदबू महसूस हुई. पहले तो उसने सोचा कि शायद कोई जानवर मरा होगा, लेकिन जब गंध और तेज हुई तो उसने आसपास तलाश की. नजर नीले ड्रम पर पड़ी, जिसके ढक्कन पर पत्थर रखा था. शक गहराया तो मकान मालिक ने तुरंत पुलिस को फोन कर दिया. डिप्टी एसपी राजेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. ड्रम खोला गया तो अंदर का मंजर देख सबके होश उड़ गए. नमक से ढका शव अंदर पड़ा था. एफएसएल टीम को बुलाकर मौके से साक्ष्य जुटाए गए.

जानकारी के अनुसार, हंसराज किशनगढ़ बास क्षेत्र में एक ईंट भट्ठे पर काम करता था. करीब डेढ़ महीने पहले उसने परिवार के साथ आदर्श कॉलोनी में यह मकान किराए पर लिया था. परिवार में पत्नी और तीन छोटे बच्चे थे. पड़ोसियों का कहना है कि दंपती अक्सर झगड़ते रहते थे, लेकिन हाल के दिनों में घर में कुछ अजीब हलचल थी. हत्या की वारदात के बाद से ही हंसराज की पत्नी, उसके तीनों बच्चे और मकान मालिक का बेटा जितेंद्र गायब हैं. इससे शक और गहराता जा रहा है कि इस हत्याकांड में घरवालों की मिलीभगत हो सकती है.

पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में लग रहा है कि हंसराज का गला किसी धारदार हथियार से रेता गया है. हत्या के बाद शव को ड्रम में डालकर ऊपर नमक डाला गया ताकि जल्दी गलकर बदबू न फैले. भारी पत्थर रखने का मकसद भी यही रहा होगा कि ड्रम खुल न सके और किसी को शक न हो. फिर भी, पड़ोसियों ने पिछले कुछ दिनों से घर से अजीब गंध आने की बात बताई. जब बदबू असहनीय हो गई तभी राज़ खुला. अब बड़ा सवाल यही है कि हत्या कब हुई और ड्रम में शव कितने दिन से पड़ा था.

पुलिस पूछताछ में मकान मालिक की पत्नी मिथलेश ने बताया कि उसका बेटा जितेंद्र घर पर नहीं है. जितेंद्र की पत्नी की करीब 12 साल पहले मौत हो चुकी थी और वह फिलहाल गायकी करता है. वहीं मकान मालिक राजेश प्रॉपर्टी डीलर हैं.मिथलेश और उसका 14 वर्षीय पोता घर में मौजूद मिले, लेकिन जितेंद्र का अचानक लापता होना और मृतक की पत्नी-बच्चों का भी गायब होना पुलिस को गंभीर संदेह की ओर इशारा कर रहा है. पुलिस अब इनकी तलाश में जुटी है.

जैसे ही ड्रम में शव मिलने की खबर फैली, मोहल्ले में सनसनी मच गई. लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए. पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ी. स्थानीय लोग दबी जुबान से चर्चा कर रहे थे कि हंसराज और उसकी पत्नी के रिश्ते अच्छे नहीं थे और कई बार विवाद होता रहता था. कुछ लोगों का कहना है कि पत्नी और मकान मालिक के बेटे के बीच नजदीकियां थीं, जिसकी वजह से यह हत्या हुई हो सकती है. हालांकि पुलिस ने कहा है कि अभी इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी.

फिलहाल पुलिस ने हंसराज की हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और उसकी पत्नी, बच्चों व मकान मालिक के बेटे की तलाश शुरू कर दी है. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है. एफएसएल और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी है ताकि हत्या के सही समय और तरीके का पता चल सके. डिप्टी एसपी राजेंद्र सिंह ने बताया, “हत्या बेहद योजनाबद्ध तरीके से की गई है. शव को छिपाने के लिए ड्रम का इस्तेमाल और नमक डालना यह दर्शाता है कि आरोपियों ने सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की. मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है. जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठाया जाएगा.

कुछ समय पहले मेरठ में भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जहां नीले ड्रम से लाश बरामद हुई थी. जहां मुस्कान ने अपने पति सौरभ की हत्या प्रेमी साहिल के साथ मिलकर की थी. शव को नीले ड्रम में रखकर उसके ऊपर सीमेंट का घोल डालकर साहिल और मुस्कान भाग गए थे. हालांकि बाद में दोनों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था. अब अलवर में हुए इस खुलासे ने लोगों को दहला दिया है.

इस सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

– मृतक हंसराज की पत्नी और बच्चे अचानक कहां गायब हो गए?

– मकान मालिक का बेटा जितेंद्र घटना के बाद क्यों लापता है?

– क्या हंसराज की हत्या घरेलू कलह का नतीजा है या इसमें कोई और वजह है?

– शव कितने दिनों से ड्रम में रखा था और क्या मकान मालिक को इसकी भनक नहीं लगी?

 

MP : शोर मचाते रहे लोग, फिर भी नहीं माना, उफनती नदी के पुल से देखते ही देखते बह गया…

तेज बहाव के बावजूद युवक नदी में उतरा. लोगों ने शोर मचाकर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी और अकेले आगे बढ़ता रहा. कुछ दूर जाने के बाद वह तेज बहाव में नियंत्रण खो बैठा और बाढ़ में बह गया.खरगोन जिले की रूपारेल नदी में उफान के कारण एक युवक बह गया. यह घटना रविवार शाम की है, जब सैकड़ों ग्रामीण नदी के दोनों छोर पर बाढ़ उतरने का इंतजार कर रहे थे. बार-बार ऐसी घटनाओं के बावजूद पुलिस अलर्ट नहीं थी.

दरअसल, जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर झिरन्या-खंडवा मार्ग पर रूपारेल नदी में उफान के कारण पुल से आवागमन रुक गया था. झिरन्या से खंडवा और खंडवा से झिरन्या आने वाले सैकड़ों लोग दोनों छोर पर खड़े होकर बाढ़ कम होने का इंतजार कर रहे थे.

इसी दौरान झिरन्या निवासी कालू पहलवान उफनती नदी को पार करने के लिए पुल पर उतर गया. तेज बहाव के बावजूद वह नदी में उतरा. कई ग्रामीणों ने शोर मचाकर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी और अकेले आगे बढ़ता रहा. कुछ दूर जाने के बाद वह तेज बहाव में नियंत्रण खो बैठा और बाढ़ में बह गया.

झिरन्या थाना प्रभारी जीएस सेमलिया ने बताया कि नदी में बाढ़ के कारण एक युवक के बहने की सूचना मिली थी. युवक के परिजनों को बुलाया गया. इसके बाद खोजबीन शुरू की गई. पानी में लापता युवक का शव पुल से 5 किमी दूर नानकोड़ी गांव के पास मिल गया है.

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