Tuesday, February 3, 2026
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BOLLYWOOD : भूत बंगला’ की रिलीज डेट हुई अनाउंस, जानें कब सिनेमाघरों में दस्तक देगी अक्षय कुमार की ये हॉरर कॉमेडी फिल्म?

अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ साल की मच अवेटेड फिल्म है. इस हॉरर कॉमेडी से अक्षय कुमार और प्रियदर्शन ने 14 साल बाद रीयूनियन किया है. इस जोड़ी ने पहले भी कई कल्ट फिल्में दी हैं. ऐसे में फैंस में इस फिल्म को लेकर काफी एक्साइटमेंट हैं. इन सबके बीच मेकर्स ने फाइनली ‘भूत बंगला’ की रिलीज डेट भी अनाउंस कर दी है. चलिए यहां जानते हैं ये फिल्म कब सिनेमाघरों में दस्तक देगी?

‘भूत बंगला’ कब होगी रिलीज?
प्रियदर्शन निर्देशित और अक्षय कुमार स्टारर अपकमिंग फिल्म ‘भूत बंगला’ की रिलीज डेट फाइनली तय हो गई है. इस प्रोजेक्ट की अनाउंसमेंट के बाद से ही फैंस इसकी रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. ऐसे में बता दें कि ये फिल्म 15 मई 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है. फिल्म मेकर्स ने सोशल मीडिया पर ऑफिशियल पोस्टर शेयर करते हुए ‘भूत बंगला’ की रिलीज की तारीख अनाउंस की. पोस्टर के साथ कैप्शन में लिखा था, “बंगला से एक खबर आई है! 15 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है भूत बंगला”इस अनाउंसमेंट ने दर्शकों की एक्साइटमेंट को और बढ़ा दिया है. हॉरर कॉमेडी के उस्ताद प्रियदर्शन को अक्षय कुमार के साथ एक बार फिर से देखना फैंस के लिए बेहद एक्साइटिंग है. वैसे भी अक्षय कुमार इस जॉनर में हमेशा कमाल ही करते हैं. ऐसे में ‘भूत बंगला’ से काफी उम्मीदें हैं.

भूत बंगला’ स्टार कास्ट एंड क्रू
‘भूत बंगला’ को और भी एक्साइटिंग बनाती है इसकी शानदार कलाकारों की टोली. बता दें कि अक्षय कुमार के साथ फिल्म में तब्बू, परेश रावल, राजपाल यादव, जिस्सू सेनगुप्ता, असरानी और वामिका गब्बी भी हैं. प्रियदर्शन की आइकॉनिक कॉमेडी फिल्मों का हिस्सा रह चुके कई अभिनेताओं का यह रीयूनियन फैंस के बीच पुरानी यादों को ताजा कर देगा. फिल्म की शूटिंग राजस्थान, जयपुर और हैदराबाद सहित कई लोकेशनंस पर की गई है. प्रियदर्शन के निर्देशन में इतनी दमदार कास्ट के साथ, एक हंसी से भरपूर, डरावनी मनोरंजक फिल्म की उम्मीदें आसमान छू रही है.

प्रियदर्शन द्वारा निर्देशित, भूत बंगला का निर्माण शोभा कपूर, एकता आर कपूर और अक्षय कुमार ने अपने बैनर केप ऑफ गुड फिल्म्स के तहत किया है. इस प्रोजेक्ट के को-प्रोड्यूसर फारा शेख और वेदांत बाली हैं और इसे एकता कपूर के बालाजी टेलीफिल्म्स का समर्थन प्राप्त है. इसकी कहानी आकाश ए कौशिक ने लिखी है, जबकि स्क्रीनप्ले रोहन शंकर, अभिलाष नायर और प्रियदर्शन ने लिखा है. डायलॉग्स रोहन शंकर ने लिखे हैं.

SPORTS : बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा पर इस भारतीय क्रिकेटर का फूटा गुस्सा, कहा- मंजूर नहीं कि…

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भारत के पूर्व स्टार ओपनर शिखर धवन ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हिंसा को लेकर चिंता जताई है. हाल ही में, बांग्लादेश में एक 44 वर्षीय विधवा महिला के साथ क्रूरता देखने को मिली. कथित तौर पर गैंगरेप के बाद उसे पेड़ से बांधकर उसके बाल काट दिए गए. यह घटना बांग्लादेश में कानून व्यवस्था की कमी और अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को दर्शाता है. इसी घटना को लेकर शिखर ने अपने एक्स अकाउंट पर दुख व्यक्त किया और पीड़ित के लिए न्याय और समर्थन मांगा.

शिखर धवन ने दिया बयान

शिखर धवन ने एक्स पर लिखा, ‘बांग्लादेश में एक 44 वर्षीय हिंदू विधवा औरत के साथ हुई क्रूरता के बारे में पढ़कर दिल टूट गया. किसी के भी साथ, कहीं भी ऐसी हिंसा बर्दाश्त नहीं की जा सकती. पीड़ित के लिए न्याय और समर्थन की प्रार्थना.’ ये घटना बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है.

बांग्लादेश में बढ़ता जा रहा है बवाल

बांग्लादेश में हिंदओं के साथ आए दिन हिंसा हो रही है. हाल ही में, बांग्लादेश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के चलते कई हिंदू व्यक्तियों पर हमले हुए हैं. ये विरोध प्रदर्शन सिंगापुर में जुलाई विद्रोह के आयोजक शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़के थे. एक 25 वर्षीय हिंदू व्यक्ति की मौत मंगलवार यानी 6 जनवरी, 2026 को हुई, जब वो भीड़ से बचने के लिए नहर में कूद गया था. भीड़ ने उस पर चोरी का आरोप लगाया था. न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) के अनुसार, भंडरपुर गांव के निवासी मिथुन सरकार की स्थानीय लोगों ने चोरी के संदेह में पीछा किया था.

वहीं, सोमवार यानी 5 जनवरी, 2026 को भी एक हिंदू व्यवसायी और एक अखबार के कार्यवाहक संपादक राणा प्रताप बैरागी की जशोर जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उसी दिन, 40 वर्षीय हिंदू किराना दुकानदार शरत मणि चक्रवर्ती की भी हत्या कर दी गई थी. अब एक अन्य भयावह घटना सामने आ रही है, जिसमें एक 44 वर्षीय हिंदू महिला के साथ कथित तौर पर दो पुरुषों ने गैंगरेप किया और उसके बाद, उन दोनों दरिंदों ने महिला को पेड़ से बांधकर उसके बाल भी काट दिए थे.

NATIONAL : बांग्लादेश बॉर्डर से फर्जी नोट की तस्करी करने वाली महिला गिरफ्तार, BMC चुनाव से पहले नेटवर्क का भंडाफोड़

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बीएमसी चुनाव को देखते हुए मुंबई पुलिस ने आज एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए फर्जी नोट मामले में फरार चल रही महिला आरोपी को बांग्लादेश बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी पिछले सप्ताह दादर रेलवे स्टेशन के पास हुई फर्जी नोट बरामदगी की कार्रवाई से जुड़ी हुई है, जिसमें एक आरोपी पकड़ा गया था और एक महिला फरार थी.

पिछले सप्ताह मुंबई पुलिस की शिवाजी पार्क पुलिस ने दादर रेलवे स्टेशन के पास से अमरुद्दीन शेख (उम्र 61 वर्ष) नामक शख्स को हाई क्वालिटी फर्जी नोटों के साथ गिरफ्तार किया था. उसके पास से 500-500 रुपये के कुल 72 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए गए थे. जांच में सामने आया था कि ये फर्जी नोट बेहद उच्च गुणवत्ता के थे और इनके बांग्लादेश से भारत लाए जाने की आशंका है.

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि अमरुद्दीन शेख इससे पहले भी हजारों रुपये के फर्जी नोट बाजार में खपा चुका है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये नकली नोट किन-किन इलाकों में और किन माध्यमों से इस्तेमाल किए गए.

बांग्लादेश बॉर्डर से महिला गिरफ्तार

इसी मामले में फरार महिला आरोपी की तलाश की जा रही थी, जिसे आज झारखंड के साहेबगंज जिले में स्थित बांग्लादेश बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार महिला की पहचान जोसना बीबी उर्फ जोसना सेराजुल शेख (उम्र 49 वर्ष) के रूप में हुई है. यह कार्रवाई राधानगर पुलिस थाने की मदद से की गई.

60 हजार असली के बदले 1 लाख फर्जी

पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला आरोपी अमरुद्दीन शेख सहित कई लोगों को फर्जी नोट सप्लाई करती थी. वह 60 हजार रुपये के असली नोट के बदले में 1 लाख रुपये के फर्जी नोट उपलब्ध कराती थी. शक है कि महिला यह फर्जी नोट बांग्लादेश से भारत लाती थी. महिला पिछले दो वर्षों से इस अवैध धंधे में सक्रिय थी और अनुमान है कि इस दौरान उसने 12 से 14 लाख रुपये के फर्जी नोट भारत में वितरित किए हैं.

BMC चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई

बीएमसी चुनाव से पहले यह गिरफ्तारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. पुलिस को आशंका है कि फर्जी नोटों का इस्तेमाल चुनावी गतिविधियों में भी किया जा सकता था. फिलहाल मुंबई पुलिस इस पूरे फर्जी नोट नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है और आगे की जांच जारी है. पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है और कितने लोगों ने इन फर्जी नोटों का इस्तेमाल किया है.

NATIONAL : बिहार के मौसम का ताजा अपडेट, गयाजी में 4.1 डिग्री तक लुढ़का पारा, जानें अपने शहर का हाल

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बिहार में कड़ाके की ठंड जारी है. आज (गुरुवार) बिहार के गयाजी में न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री तक लुढ़क गया. इससे इस साल का रिकॉर्ड टूट गया है. मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार आज सुबह राज्य के सभी जिलों में 10 डिग्री से नीचे तापमान दर्ज किया गया. वहीं 16 जिलों में 8 डिग्री से नीचे तापमान रहा है. 

दूसरे नंबर पर भागलपुर का सबौर रहा जहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. तीसरे नंबर पर सासाराम का बिक्रमगंज रहा. यहां का न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रहा. इसके अलावा छपरा, राजगीर, अरवल और सासाराम के डेहरी में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री के आसपास रहा. 

बिहार में अभी और गिरेगा तापमान

राजधानी पटना में आज सुबह न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार, बिहार में अभी तापमान और गिरेगा. बीते बुधवार को ज्यादातर जिलों में तापमान तीन से चार डिग्री तक गिरा. सबसे अधिक तापमान मोतिहारी में 19.8 डिग्री सेल्सियस रहा. सबसे कम दिन का तापमान फारबिसगंज में 13.2 डिग्री सेल्सियस रहा. पटना में 3 डिग्री की गिरावट के साथ अधिकतम तापमान 16.2 डिग्री दर्ज किया गया.

पटना में दिन के 11 बजे के बाद धूप का दर्शन हो रहा है लेकिन सर्द पछुआ हवा के कारण ठंड से राहत नहीं मिल रही है. मौसम विभाग के अनुसार अभी उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी जारी है और बर्फीली पछुआ हवा का प्रवाह बिहार में 12 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से है.

घना कुहासा को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी

दूसरी ओर मौसम विभाग की ओर से उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के अधिसंख्य जिलों में बहुत घना कुहासा को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया. इसमें गयाजी, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, बांका, भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, शिवहर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, सहरसा, मधेपुरा, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार शामिल रहा. यह ऑरेंज अलर्ट आज सुबह के 11 बजे तक प्रभावी रहा.

NATIONAL : ‘हरिद्वार के गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर लगे रोक’, विहिप नेता साध्वी प्राची की सरकार से मांग

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विश्व हिंदू परिषद (VHP) की नेता साध्वी प्राची ने हरिद्वार के गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि पवित्र स्थानों पर जिहादी गतिविधियां बढ़ रही हैं. उन्होंने दावा किया कि कुछ तत्व धार्मिक आयोजनों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं.

वर्ष 2027 में होने वाले अर्धकुंभ मेले से पहले हरिद्वार में नया विवाद खड़ा हो गया है. विश्व हिंदू परिषद (VHP) की नेता साध्वी प्राची ने हरिद्वार के गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उन्होंने सुरक्षा कारणों और पवित्र शहर की गरिमा बनाए रखने का हवाला देते हुए राज्य सरकार से कड़े कदम उठाने का आग्रह किया है.

मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए साध्वी प्राची ने कहा कि हरिद्वार के कुंभ मेला क्षेत्र और विशेष रूप से हर की पैड़ी को ‘अमृत क्षेत्र’ घोषित किया जाना चाहिए. उन्होंने मांग की कि इस क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर सख्त पाबंदी होनी चाहिए.

साध्वी प्राची ने मक्का और मदीना का उदाहरण देते हुए कहा, “जिस तरह मक्का और मदीना में गैर-मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित है, उसी तरह हरिद्वार में भी ऐसे ही नियम लागू होने चाहिए ताकि धार्मिक अनुष्ठान बिना किसी बाधा के संपन्न हो सकें.”

साध्वी प्राची ने आरोप लगाया कि पवित्र स्थानों पर जिहादी गतिविधियां बढ़ रही हैं. उन्होंने दावा किया कि कुछ तत्व धार्मिक आयोजनों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं. उन्होंने दिल्ली की कुछ महिलाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वे हाल ही में गलत इरादे से हरिद्वार आई थीं, ऐसी गतिविधियों पर रोक लगनी चाहिए.विहिप नेता ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाते हुए पिछले साल दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार विस्फोट (जिसमें 15 लोगों की जान गई थी) का उदाहरण दिया. उन्होंने आशंका जताई कि अगर कुंभ जैसे बड़े आयोजन में अमोनियम नाइट्रेट जैसे घातक पदार्थों का इस्तेमाल गंगा के पानी में किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

साध्वी प्राची ने केवल प्रवेश ही नहीं, बल्कि कुंभ क्षेत्र और नगर पालिका सीमा के भीतर गैर-हिंदुओं द्वारा संपत्ति खरीदने पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अवैध मदरसों और मजारों के खिलाफ की गई कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सरकार अर्धकुंभ से पहले इस क्षेत्र को सुरक्षित करने में सक्षम है.

बता दें कि हरिद्वार अर्धकुंभ मेला 14 जनवरी 2027 (मकर संक्रांति) से शुरू होकर महाशिवरात्रि तक चलेगा. उत्तराखंड सरकार इस 45 दिवसीय आयोजन में लगभग 6 से 7 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जता रही है. ऐसे में सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होगी.

BUSINESS : पिछले चार साल में बढ़े टैक्सपेयर्स; जीरो टैक्स रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या में भी उछाल, जानें डिटेल

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पिछले साल आयकर नियमों में राहत मिलने के बावजूद भी देश में टैक्स करदाताओं की संख्य में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही हैं. आखिरी चार सालों में टैक्स चुकाने वालो की संख्या में उछाल दर्ज की गई है.पिछले साल आयकर नियमों में राहत मिलने के बावजूद भी देश में टैक्स करदाताओं की संख्य में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. केंद्र सरकार की ओर से संसद में पेश रिपोर्ट बताती है कि आखिरी चार सालों में टैक्स चुकाने वालो की संख्या में उछाल दर्ज की गई है.

जहां जीरो टैक्स रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या में 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. वहीं टैक्स चुकाने वाले लोगों की संख्या 50.4 फीसदी तक बढ़ गई है. आइए आंकड़ों से समझते हैं, देश में कैसे बढ़ रही है करदाताओं की संख्या?

जीरो टैक्स फाइलर के आंकड़ों की बात करें तो, इनमें जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. साल 2020-21 में कुल 6.72 करोड़ रिटर्न फाइल हुए थे. जिनमें से 4.84 करोड़ लोग ऐसे थे, जिन पर कोई टैक्स देनदारी नहीं बनी और उन्होंने जीरो टैक्स रिटर्न दाखिल किया था.उस समय कुल रिटर्न में जीरो फाइलर की हिस्सेदारी करीब 72 प्रतिशत थी. वहीं 2024-25 में जीरो टैक्स फाइलरों की संख्या बढ़कर 5.58 करोड़ हो गई. लेकिन कुल रिटर्न में उनका हिस्सा घटकर 66 फीसदी रह गया. यह दिखाता है कि संख्या बढ़ने के बावजूद कुल टैक्स सिस्टम में उनकी हिस्सेदारी कम हुई है.

करदाताओं की संख्या की बात करें तो साल 2020-21 में कुल 1.88 करोड़ लोगों ने इनकम टैक्स का भुगतान किया था. जो उस समय कुल रिटर्न का करीब 28 प्रतिशत था. वहीं 2024-25 तक टैक्स देने वालों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली और यह संख्या 2.82 करोड़ तक पहुंच गई. इसके साथ ही कुल रिटर्न में उनकी हिस्सेदारी भी बढ़कर 34 फीसदी हो गई है.

आंकड़ों के मुताबिक 2020-21 से 2024-25 के बीच जीरो टैक्स रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या में तेलंगाना, केरल और ओडिशा में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है. तेलंगाना में जीरो फाइलर करीब 194 फीसदी तक बढ़ गए. केरल में यह आंकड़ा 144 प्रतिशत तक बढ़ी है. वहीं ओडिशा में जीरो टैक्स फाइलरों की संख्या में करीब 124 फीसदी का इजाफा है.

ENTERTAINMENT : ‘मां इनति बंगारम’ का पहला पोस्टर आया सामने, सामंथा का दिखा जबरदस्त एक्शन लुक, जानें कब रिलीज होगा ट्रेलर

साउथ स्टार सामंथा की अपकमिंग तेलुगु फिल्म ‘मां इनति बंगारम’ का पहला पोस्टर रिलीज हो गया है. पोस्टर में सामंथा का शानदार एक्शन अवतार देखकर फैंस बेहद फिल्म के लिए बेताब हो गए हैं.साउथ फिल्मों की पॉपुलर एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु जल्द ही अपने फैंस के लिए एक्शन और ड्रामा से भरपूर नई फिल्म लेकर आ रही हैं. उनकी आने वाली तेलुगु फिल्म ‘मां इनति बंगारम’ है. इस फिल्म का सामंथा का पहला लुक मेकर्स ने जारी कर दिया है जिसे देखकर फैंस काफी एक्साइटेड हैं.

सामंथा रुथ प्रभु ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर फिल्म का पहला लुक शेयर किया जो तुरंत वायरल हो गया. इस लुक में सामंथा साड़ी पहने बस में खड़ी नजर आ रही हैं. उनके चेहरे पर गुस्सा साफ दिख रहा है. उनका लुक बिल्कुल एक्शन मोड में नजर आ रहा है. उनके लुक को देख कर लग रहा कि फिल्म में उनका किरदार सिर्फ ग्लैमरस नहीं बल्कि बोल्ड और स्ट्रॉन्ग भी होगा.

फिल्म से सामंथा के पहले लुक के साथ ही उन्होंने ट्रेलर की रिलीज डेट भी फैंस के साथ शेयर की है. फिल्म का ट्रेलर 9 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे रिलीज होगा. इसे देखने के लिए फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. टीजर के साथ ही फिल्म की कहानी और सामंथा के किरदार का अंदाज भी सामने आएगा.

‘मां इनति बंगारम’ के अलावा फैंस सामंथा की अपकमिंग वेब सीरीज ‘रक्त ब्रह्मांड’ का भी बेताबी के साथ इंतजार कर रहे हैं. ये सीरीज भी दर्शकों को थ्रिल, ड्रामा और एक्शन से भरपूर अनुभव देने वाली है.इस तरह सामंथा 2026 में दो बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ अपने फैंस को रोमांच और सस्पेंस का भरपूर डोज़ देने वाली हैं. इससे पहले वो ‘सिटाडेल हनी बनी’ और ‘फैमिली मैन 2’ जैसी हिट वेब सीरीज खूब सूर्खियां बटोर चुकी हैं.

NATIONAL : 11 बच्चों के बेरोजगार पिता की कहानी… 1 बेटी को दे दिया गोद, बाकी सभी की उठा रहे जिम्मेदारी

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हरियाणा के फतेहाबाद जिले में 11 बच्चों के बेरोजगार पिता संजय की कहानी चर्चा में है। 10 बेटियों के बाद बेटे के जन्म से परिवार में खुशी है, लेकिन संघर्ष भी कम नहीं। बेरोजगारी के बावजूद संजय ने एक बेटी को गोद देकर बाकी सभी बच्चों की जिम्मेदारी खुद उठाई। बेटियों को बराबरी का सम्मान देकर यह परिवार समाज के लिए मिसाल बना है।

हरियाणा के फतेहाबाद जिले के भूना ब्लॉक स्थित ढाणी भोजराज गांव में इन दिनों एक परिवार की कहानी हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रही है. यह कहानी सिर्फ बेटे के जन्म की नहीं है, बल्कि उस पिता के संघर्ष, धैर्य और जिम्मेदारी की है, जो बेरोजगारी और आर्थिक तंगी के बावजूद अपने 11 बच्चों के भविष्य का बोझ अकेले कंधों पर उठाए हुए है. 19 साल बाद घर में बेटे की किलकारी गूंजी तो खुशियों ने दस्तक दी, लेकिन इस खुशी के पीछे संघर्षों की लंबी दास्तान छिपी है.

ढाणी भोजराज निवासी संजय और उनकी पत्नी सुनीता की शादी को पूरे 19 साल हो चुके हैं. इन 19 सालों में जिंदगी ने उन्हें बार-बार आजमाया. बेटे की चाह के बीच एक-एक कर 10 बेटियों ने जन्म लिया. समाज के ताने, आर्थिक दबाव और अनिश्चित भविष्य के बावजूद संजय और सुनीता ने कभी बेटियों को बोझ नहीं समझा. आज उनकी 11वीं संतान के रूप में बेटे का जन्म हुआ है, जिसने परिवार को नई उम्मीद दी है.

संजय की जिंदगी आसान नहीं रही. कभी लोक निर्माण विभाग (PWD) में डेली वेज पर काम करने वाले संजय को वर्ष 2018 में नौकरी से हटा दिया गया. इसके बाद उन्होंने मनरेगा के तहत मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण शुरू किया. लेकिन पिछले एक साल से मनरेगा का काम भी ठप पड़ा है. आज की तारीख में संजय बेरोजगार हैं, लेकिन जिम्मेदारियों से कभी पीछे नहीं हटे. संजय कहते हैं, काम हो या न हो, बच्चों की जरूरतें कभी नहीं रुकतीं. पेट भरना, स्कूल भेजना, दवाइयां, कपड़े सब कुछ देखना पड़ता है. बेरोजगारी के बावजूद उन्होंने मेहनत और हिम्मत नहीं छोड़ी. गांव में जो भी छोटा-मोटा काम मिला, उसे करने से पीछे नहीं हटे.

11 बच्चों के पिता होने के बावजूद संजय ने एक अहम फैसला लिया. उन्होंने अपनी एक बेटी को रिश्तेदारी में गोद दे दिया, ताकि उस बच्ची को बेहतर भविष्य मिल सके. इसके बाद बाकी 9 बेटियों और अब नवजात बेटे की पूरी जिम्मेदारी खुद उठाने का फैसला किया. संजय का कहना है कि यह फैसला उन्होंने मजबूरी में नहीं, बल्कि बच्ची के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखकर लिया. मेरे लिए सभी बच्चे बराबर हैं. वह कहते हैं कि हालात देखकर जो सही लगा, वही किया.

संजय और सुनीता की सबसे बड़ी बेटी 18 साल की है और 12वीं कक्षा में पढ़ रही है. बाकी बेटियां भी पढ़ाई कर रही हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद संजय ने कभी बेटियों की शिक्षा से समझौता नहीं किया. गांव के लोग बताते हैं कि आर्थिक तंगी के बावजूद यह परिवार सादगी और आत्मसम्मान के साथ जीता है. संजय कहते हैं, लोग ताने देते थे इतनी बेटियां कैसे पालोगे, बेटा नहीं हुआ तो क्या होगा. लेकिन हमने कभी बेटियों को बोझ नहीं समझा. बेटियां भी किसी से कम नहीं होतीं.

हाल ही में सुनीता ने 11वीं संतान को जन्म दिया. हैरानी की बात यह रही कि 11वीं डिलीवरी भी पूरी तरह नॉर्मल हुई. संजय ने अपनी पत्नी की डिलीवरी घर से करीब 50 किलोमीटर दूर एक प्राइवेट अस्पताल में करवाई, ताकि बेहतर इलाज मिल सके. जन्म के समय नवजात में खून की कमी पाई गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने तुरंत खून चढ़ाया. समय पर इलाज मिलने से बच्चे की हालत में सुधार हुआ. फिलहाल मां और बेटा दोनों स्वस्थ हैं और डॉक्टरों की निगरानी में कुछ दिन अस्पताल में रहने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली. बेटे के जन्म से घर में उत्सव जैसा माहौल है. संजय की मां माया देवी पोते के जन्म से बेहद खुश हैं. उनकी आंखों में खुशी और संतोष साफ झलकता है. वह कहती हैं, भगवान ने वर्षों बाद मेरी मन्नत पूरी कर दी. इतने सालों से बस यही इच्छा थी कि घर में एक पोता हो. संजय के पिता कपूर सिंह का पहले ही निधन हो चुका है. वह लोक निर्माण विभाग में बेलदार के पद पर कार्यरत थे. पिता के निधन के बाद परिवार की सारी जिम्मेदारियां संजय पर आ गईं. बुजुर्ग मां, पत्नी और बच्चों का पूरा दायित्व उन्होंने अकेले संभाला.

ENTERTAINMENT : आख‍िरी फ‍िल्म में धर्मेंद्र का डांस सीन, उठने में थी तकलीफ, मगर रात 3 बजे किया शूट, कोरियोग्राफर ने बताया

धर्मेंद्र ने अपनी आखिरी फिल्म इक्कीस में जबरदस्त काम किया है. एक्टर की काफी सराहना हो रही है. अब फिल्म के कोरियोग्राफर ने बताया कि सेट पर एक्टर अपने सीन्स को लेकर कितने उत्साहित रहते थे.

बॉलीवुड की ही-मैन धर्मेंद्र तो अब इस दुनिया में नहीं रहे. मगर अपने किरदारों और फिल्मों के जरिए वो फैंस के दिल में हमेशा जिंदा रहेंगे. धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ 1 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई, जिसने हर किसी को इमोशनल कर दिया. अब फिल्म के कोरियोग्राफर विजय गांगुली ने धर्मेंद्र को लेकर कुछ खास बातें साझा की हैं.

विजय गांगुली ने बताया कि आखिरी फिल्म इक्कीस की शूटिंग के दौरान उम्र की वजह से कमजोरी होने के बावजूद भी धर्मेंद्र अपने डांस स्टेप्स खुद से परफॉर्म करते थे. कोरियोग्राफर विजय गांगुली ने कव्वाली सीक्वेंस की शूटिंग को याद करते हुए कहा- रात के करीब 2.30-3 बजे थे. हमने उनसे (धर्मेंद्र) कहा था कि उन्हें बस थोड़ा सा डांस करना है और वो जो भी अपने हिसाब से करना चाहें कर सकते हैं.

‘लेकिन उन्होंने पूछा कि बाकी सब क्या कर रहे हैं? हमने उन्हें दिखाया कि बाकी दूसरे लड़के एक दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर एक पैर से डांस स्टेप कर रहे हैं. तो इसपर उन्होंने पूछा था- मैं यह क्यों नहीं कर सकता? उन्होंने फिर वो स्टेप करने की जिद की. वो बैठे हुए थे, क्योंकि उनके लिए बार-बार उठना थोड़ा मुश्किल था…वो उठे और उन्होंने फिर स्टेप्स किए. आख़िर में हमने उनसे कहा कि वो अब और न करें, क्योंकि अगर हम कई बार रिटेक लेते तो वो फिजिकली काफी थक जाते.

कोरियोग्राफर ने आगे कहा- सच कहूं तो उस समय डांस करना उनके किरदार के लिए ज्यादा जरूरी भी नहीं था, लेकिन पर्सनली उन्हें लगता था कि उन्हें अपना 100% देना है. वो यह भी महसूस कर रहे थे कि किसी को यह नहीं लगना चाहिए कि वो यह नहीं कर सकते, इसलिए उन्होंने यह करके दिखाया. हम सबने उनकी तारीफ में कहा था ‘वाह…शानदार.’

धर्मेंद्र की यही खासियत थी कि वो अपने हर एक किरदार को पूरी सच्चाई से निभाते थे. 89 की उम्र में निधन होने से कुछ वक्त पहले तक वो काम में एक्टिव रहे. दमदार एक्टिंग हो या फिर फिटनेस, उन्होंने हर तरह से फैंस को इंस्पायर किया है. यही वजह है कि उनके निधन से उनके लाखों-करोड़ों फैंस का दिल टूट गया है.

NATIONAL : ‘बच्चों को समझा जाए, उन पर बोझ न डाला जाए…’ मौत से पहले स्टूडेंट ने जो लिखा, वो सोचने पर कर देगा मजबूर

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कर्नाटक के शिमोगा से सोचने पर मजबूर कर देने वाली सनसनीखेज घटना सामने आई है. यहां 21 साल के युवक ने खुदकुशी कर ली. यह कदम उठाने से पहले उसने वॉट्सएप पर एक नोट शेयर किया, जिसमें उसने एजुकेशन सिस्टम, माता-पिता की अपेक्षाओं और बच्चों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर गंभीर बातें लिखीं.

कर्नाटक में शिमोगा के सोराबा तालुक से बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां 21 साल के युवक ने आत्महत्या कर ली. युवक ने यह कदम उठाने से पहले वॉट्सएप पर एक नोट शेयर किया, जिसमें उसने कन्नड़ फिल्म अभिनेता यश के एक टीवी कार्यक्रम में दिए गए मैसेज का हवाला दिया. इसी के साथ एजुकेशन सिस्टम, पैरेंट्स की अपेक्षाओं और बच्चों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव पर गंभीर सवाल उठाए.

मृतक की पहचान कैसोडी गांव के रहने वाले राकेश के रूप में हुई है. राकेश ग्रेजुएट था और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था. परिजनों के अनुसार, वह पढ़ाई को लेकर लंबे समय से तनाव में था. घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में मातम पसर गया है.

वॉट्सएप पर शेयर किए गए अपने मैसेज में राकेश ने अभिनेता यश की लाइफ जर्नी का हवाला दिया, जिसे एक टीवी शो में दिखाया गया था. उसने लिखा कि पैरेंट्स और टीचर्स को चाहिए कि वे बच्चों की प्रतिभा को समय रहते पहचानें और उन पर अपनी अधूरी महत्वाकांक्षाओं का बोझ न डालें.राकेश ने एजुकेशन सिस्टम में सार्थक सुधार की जरूरत बताते हुए कहा कि बच्चों को सिर्फ पैसे के लिए नहीं, बल्कि उस क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए, जिसमें उनकी रुचि और खुशी हो.

राकेश ने अपने मैसेज में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स खासकर वॉट्सएप के जरिए मिलने वाली तथाकथित मानसिक सलाह को लेकर भी चेतावनी दी और कहा कि मानसिक स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषयों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए.उसने समाज से अपील की कि बच्चों को समझा जाए, उनसे संवाद किया जाए और उनके सपनों को सम्मान दिया जाए. राकेश की मौत की सूचना मिलने पर सोराबा पुलिस मौके पर पहुंची और जायजा लिया. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नोट की जांच की जा रही है और परिवार व करीबी लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. पूरे मामले की गहन जांच जारी है.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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