Thursday, September 17, 2026
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NATIONAL : कर्नाटक में 20 जुलाई से पहले हो सकता है शिवकुमार की कैबिनेट का विस्तार, कई नए चेहरों को मिल सकती है जगह

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बेंगलुरु: कर्नाटक में डीके शिवकुमार की कैबिनेट का विस्तार 20 जुलाई से पहले किया जा सकता है। मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवकुमार पहली बार अपनी कैबिनेट का विस्तार करेंगे। सीएम डीके शिवकुमार ने इसका संकेत दिया है और कहा कि वह पार्टी आलाकमान से मिलने जल्द ही दिल्ली भी जाने वाले हैं। अगले विधानसभा चुनाव के हिसाब से कैबिनेट में कई नए चेहरों को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही जातीय समीकरणों का भी कांग्रेस ख्याल रखेगी।

कर्नाटक में अभी मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री हैं, जबकि कर्नाटक में मंत्रियों की अधिकतम संख्या 34 हो सकती है। फिलहाल, 20 पद खाली हैं। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, मंत्री पद पाने के लिए ज़ोरदार लॉबिंग चल रही है। खासकर वरिष्ठ विधायक लॉबिंग कर रहे हैं।जानकारी के अनुसार, राज्य के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार 18 जुलाई को दिल्ली आ सकते हैं। पार्टी आलाकमान से चर्चा के बाद कैबिनेट हो सकता है। 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र और आने वाले विधानसभा सत्र से पहले राज्य के कैबिनेट विस्तार किया जाएगा।

शिवकुमार ने कहा कि विधानसभा का सत्र बुलाना उनकी तत्काल प्राथमिकता है और पार्टी नेतृत्व से मिलने का समय मिलने के बाद वह दिल्ली जाएंगे। शिवकुमार ने कहा कि 6 अगस्त को विधानसभा का सत्र शुरू होने वाला है।उन्होंने आगे कहा, “मेरी तरफ से कैबिनेट विस्तार के लिए कोई देरी नहीं है। जब भी वे (पार्टी आलाकमान) मुझे समय देंगे, मैं चला जाऊंगा। वे मुझे अगले तीन या चार दिनों में तारीख बता देंगे।

कावेरी जल बंटवारे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को कर्नाटक के किसानों के हितों की रक्षा करनी है, पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करनी है और तमिलनाडु को पानी छोड़ने के अदालती निर्देशों का पालन करना है। उन्होंने कहा, “कर्नाटक 15 जुलाई को कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के समक्ष अपना पक्ष रखेगा, जिसके बाद पानी छोड़ने पर निर्णय लिया जाएगा।

इससे पहले 3 जून को डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। जी परमेश्वर ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी। डिप्टी सीएम समेत कुल 12 विधायकों को भी पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई थी।

NATIONAL : सांसद पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा, सांसद ने कहा- चाकू से हमले की कोशिश की गई

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पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने दावा किया कि उनके घर में घुसकर चाकू से हमला करने की कोशिश की गई और उनकी हत्या की साजिश रची गई। उन्होंने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले करने की बात कही। पढ़िए रिपोर्ट-

बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामे की खबर सामने आ रही है। सांसद पप्पू यादव के साथ कथित तौर पर धक्कामुक्की और मारपीट की गई। इसके बाद पप्पू यादव के समर्थकों ने भी कथित तौर पर उस व्यक्ति की पिटाई की, जिसने दिल्ली स्थित उनके आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हमला करने की कोशिश की थी।

पप्पू यादव ने दावा किया कि उनकी हत्या की साजिश रची गई थी। लेकिन वह बच गए। उन्होंने कहा कि कुछ बाबा लगातार धमकी दे रहे थे कि ‘मुझे मार दो, जला दो, हम 51 लाख रुपये देंगे।’ उन्होंने कहा कि उन्होंने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है।

समर्थक ने क्या कहा?
सांसद पप्पू यादव के एक समर्थक ने कहा, पप्पू यादव लगातार जनता की सेवा कर रहे हैं। जैसे ही उसने (हमलावर ने) पीछे से चाकू निकाला, हमने तुरंत मिलकर उसे पकड़ लिया और काबू में कर लिया। अगर हमने उस समय उसे नहीं रोका होता तो संभव है कि आज हमारे पप्पू जी हमारे साथ नहीं होते।

सांसद के वकील ने क्या कहा?
पप्पू यादव के वकील ने कहा, यह दिल्ली पुलिस की नाकामी को दिखाता है। इससे दिल्ली पुलिस का साजिश में शामिल होना सामने आता है। इससे पता चलता है कि सत्तारूढ़ पार्टी के साथ मिलकर वे छह बार के चुने हुए सांसद के खिलाफ साजिश में मदद कर रहे हैं। पिछले दो दिनों से हम लगातार छह बार चुने गए सांसद के खिलाफ रची जा रही साजिश को लेकर शिकायत दर्ज करा रहे हैं। सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से ऐसे पोस्ट किए जा रहे हैं, जिनमें सिर काटने वाले को 51 लाख रुपये का इनाम देने की बात कही जा रही है।

उन्होंने कहा, दिल्ली पुलिस से कई बार शिकायत करने और पूरी सुरक्षा देने के आश्वासन के बावजूद इतने बड़े जमावड़े को संभालने के लिए केवल कुछ ही पुलिसकर्मी तैनात किए गए। इनमें सिर्फ तीन या चार जवान थे और एक निरीक्षक शामिल था। मीडिया की मौजूदगी के बावजूद इन लोगों ने चाकू लहरायाऔर हंगामा किया। यह पूरी तरह निंदनीय और अमानवीय है। अब हम आगे की कार्रवाई करेंगे।

NATIONAL : पेपर लीक का विरोध करने वालों पर कानूनी कार्रवाई नहीं:केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, बर्बरता करने वाले पुलिस अफसर पर एक्शन होगा

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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि पेपर लीक को लेकर विरोध करने वाले छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने के अपने वादे पर वह अब भी गंभीर है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, “प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR के साथ क्या किया जाए, इस पर कुछ गलतफहमी थी। मुझे यह कहने के निर्देश हैं कि सरकार छात्रों पर अपने वादे को लेकर गंभीर है।”कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने पिछले महीने इस वादे पर अपना विरोध समाप्त कर दिया था कि उन हजारों विरोध करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी जो पेपर लीक के खिलाफ विरोध कर रहे थे।

वकील वृंदा ग्रोवर ने जानना चाहा कि क्या प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस ली जाएंगी या रद्द की जाएंगी।मेहता ने कहा कि कानूनी तौर पर जो भी तरीका सही हो, सरकार अपने वादे पर कायम है।सुप्रीम कोर्ट सोमवार को उन याचिकाओं पर सुनवाई की, जिनमें 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाया गया है।CJI ,सूर्यकांत ने कहा कि अगर कोई पुलिस अधिकारी जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल करता है, तो उसे बेवजह बचाया नहीं जाना चाहिए।और ऐसा भी नहीं होना चाहिए कि छात्र प्रदर्शन की आड़ में किसी कुख्यात अपराधी को बचाया जाए।

गौरतलब है कि परीक्षाओं में गड़बड़ी और NEET पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन 36 दिन तक चला था। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह प्रदर्शन खत्म कर दिया गया था।

कोर्ट का फोकस 2 मुद्दों पर…

बेंच प्रदर्शनकारियों और पैलेट गन से घायलों के आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता में एक SIT बना सकती है।
कोर्ट यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकता है कि पुलिसकर्मियों पर हमले छात्रों ने किए थे या छात्रों की भीड़ में घुस आए शरारती तत्वों ने।

पिछली सुनवाई में कहा था- क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले छोड़े न जाएं

28 जुलाई को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई भी सख्त कार्रवाई करने से रोक दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि 18 साल से कम उम्र वाले लोगों का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं हो तो उन्हें रिहा कर दिया जाए।

अदालत ने महाराष्ट्र, बिहार, असम, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरलम सरकार को नोटिस जारी किए थे और उनके एडवोकेट जनरल से अगली सुनवाई की तारीख पर ऑनलाइन पेश होने को कहा था।

जिन राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए थे, अदालत ने वहां सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग, बॉडी-कैमरा फुटेज, वायरलेस कम्युनिकेशन रिकॉर्ड, PCR लॉग और विरोध प्रदर्शन से जुड़े अन्य डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने के लिए निर्देश जारी किए थे। पढ़ें पूरी खबर…

20 जुलाई को संसद मार्च में हुआ था लाठीचार्ज

20 जुलाई को दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पें हुईं। सुरक्षाकर्मियों ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।

प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। 25 जुलाई को प्रधान के इस्तीफे और जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग मान लेने के साथ ही आंदोलन खत्म हो गया था।

राज्यसभा के एक सांसद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी (FRT) और बायोमेट्रिक निगरानी के दूसरे तरीकों के इस्तेमाल को चुनौती दी गई है।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के केरलम से राज्यसभा सदस्य एए रहीम ने मांग की है कि शांतिपूर्ण सार्वजनिक सभाओं में बिना किसी भेदभाव के बायोमैट्रिक निगरानी का इस्तेमाल असंवैधानिक घोषित किया जाए।

पहले भी 3 बार सुप्रीम कोर्ट पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़ी याचिका

  1. पहली बार- 24 मई, मांग थी- CJP बनाने वालों की गतिविधियों की जांच CBI करे

याचिकाकर्ता के वकील एनके गोस्वामी का दावा था कि CJP, ज्यूडीशियरी की इमेज खराब कर रही है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने कहा, ‘इसे इतनी भावुकता से मत लें।’

इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट में कार्यवाही के दौरान दिए गए मौखिक अदालती बयानों के कमर्शियलाइजेशन किए जाने के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई। इस पर CJI ने जवाब दिया था- “अभी ऐसी कोई गंभीर आपात स्थिति नहीं है। देखते हैं क्या होता है।” पढ़ें पूरी खबर…

  1. दूसरी बार- 22 जुलाई, मांग थी- कॉकरोच पार्टी के समर्थकों पर लाठीचार्ज की जांच हो

एक वकील ने CJI की अगुआई वाली 3 जजों की बेंच के सामने जनहित याचिका लगाई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता वकील ने कहा- छात्र महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहे हैं। लेकिन उन पर पुलिस की बर्बरता के वीडियो भी हैं। यदि संभव हो तो मामले की सुनवाई जल्द की जाए।

इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा था, ‘हमें वीडियो में दिलचस्पी नहीं है, हमारे पास देखने का समय नहीं है।’ जब वकील ने छात्रों के साथ मारपीट के वीडियो देखने का दूसरी बार अनुरोध किया तो CJI ने कहा, ‘हमारा और अपना समय बर्बाद मत कीजिए।’ पढ़ें पूरी खबर…

  1. तीसरी बार- 24 जुलाई, मांग थी- पुलिस पर कंट्रोल जरूरी, कोर्ट हमारे बीच आ रहा है

इस बार मामला सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने उठाया। उन्होंने कोर्ट में बताया प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की हिंसा से जुड़ी 2 याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें कई राज्य पक्षकार के तौर पर शामिल हैं। इनका जिक्र पहले इसलिए नहीं किया गया क्योंकि वे डायरी नंबर का इंतजार कर रहे थे। इन दलीलों के बाद CJI ने कहा, “इसे लिस्टिंग में आने दें, हम इस पर सुनवाई करेंगे।”

इससे पहले एक दूसरे मामले की सुनवाई के दौरान CJI ने कहा था- मैंने CJP के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज से जुड़ी किसी भी याचिका की सुनवाई से इनकार नहीं किया। सच ये है कि कोई रिट याचिका दाखिल ही नहीं की गई थी। मीडिया ने भी गलत खबरें चलाईं। पढ़ें पूरी खबर…

NATIONAL : विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई, यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू

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आज 3 अगस्त 2026 को श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी है। आज से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन दिन के ओडिशा के दौरे पर रहेंगी। इसके साथ ही नीट पेपर लीक मामले में विशेष फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई होगी। वहीं, यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू होगा।

राष्ट्रपति मुर्मू का ओडिशा दौरा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सोमवार से तीन दिन के ओडिशा दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वे कई कार्यक्रमों में भाग लेंगी। इसके साथ ही भुवनेश्वर से बरहामपुर तक ट्रेन यात्रा भी करेंगी।

नीट पेपर लीक मामले में होगी सुनवाई
राउज एवेन्यू की विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में सोमवार को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की सुनवाई होगी। बता दें कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र को रिकॉर्ड पर ले लिया गया था। सीबीआई ने अदालत को बताया था कि करीब 20,000 पन्नों के एनेक्सर्स की स्कैनिंग की जा रही है।

मौद्रिक नीति समिति की बैठक में आज से शुरू
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक सोमवार से शुरू हो रही है। यह बैठक 5 अगस्त तक होगी। इस बैठक में मुख्य रूप से रेपो रेट की समीक्षा की जाएगी, जिसका सीधा असर होम लोन और ईएमआई (EMI) पर पड़ेगा।

बृजभूषण शरण के मामले में होगी सुनवाई
इसके अलावा दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण और विनोद तोमर के कथित यौन उत्पीड़न मामले में फैसला सुरक्षित रखा। अदालत इस मामले में सोमवार को अपना फैसला सुनाएगी। बता दें कि 2023 में महिला पहलवानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान बृजभूषण शरण सिंह पर कई महिला एथलीट्स ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इन आरोपों के आधार पर दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे।

पैलेट गन मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट भीड़ नियंत्रण के लिए पैलेट गन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका पर 3 अगस्त को सुनवाई करेगा। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही है।

यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू
विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होगा। संसद के मानसून सत्र की तरह यूपी के दोनों सदनों में भी विपक्षी दलों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर हंगामा करने के आसार हैं। रविवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया। इस सत्र के 3 से 6 अगस्त चलने की उम्मीद है। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)

जौहर यूनिवर्सिटी से संबंधित मामले में सुनवाई
जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर अब मंडलायुक्त एवं रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के अध्यक्ष के न्यायालय में सोमवार को सुनवाई होगी। इससे पहले न्यायालय अगली सुनवाई तक विश्वविद्यालय के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई पर रोक लगा चुका है। रामपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने 15 जुलाई को जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में बने 38 भवनों को बिना स्वीकृत नक्शे के निर्मित मानते हुए उनके ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)

टीएमसी के बैंक खातों से संंबंधित मामले में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों को ईडी की ओर से फ्रीज किए जाने के सुनवाई करेंगी। टीएमसी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के 20 जुलाई 2026 के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें खातों को फ्रीज करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था। मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच कर सकती है।

बृजमंडल जलाभिषेक यात्रा आज से शुरू
नूंह के नल्हड़ में सोमवार बृजमंडल जलाभिषेक यात्रा को आयोजित होगी। 2023 की हिंसा को देखते हुए इस बार प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। प्रशासन नूंह जिले के सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है। बता देंकि 2023 में ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा के दौरान नूंह जिले में हिंसक झड़पें हुई थी। उस घटना में कई लोगों की जान गई थी, अनेक लोग घायल हुए थे और सार्वजनिक व निजी संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद कई दिनों तक जिले में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

NATIONAL : मॉनसून सत्र का 11वां दिन: वित्त मंत्री ने लोकसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 पेश किया

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संसद के मॉनसून सत्र के 11वें दिन सोमवार को भी चढ़ावा चोरी, छात्रों पर पुलिस की बर्बरता जैसे मुद्दे को लेकर सरकार और विपक्षी दलों के बीच गतिरोध जारी रहा. विपक्ष सांसदों के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही स्थगित कर कर दी गई. केंद्र कई लंबित विधेयकों को विचार और पारित करने के लिए पेश करने की तैयारी कर रहा है, जबकि कई विवादास्पद मुद्दों पर विपक्ष की ओर से व्यवधान करना जारी रखा है. मॉनसून सत्र में पिछले कई दिनों से बार-बार विरोध और व्यवधान देखा गया है, क्योंकि विपक्षी दलों ने परीक्षा पेपर लीक, जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर दान चोरी मामले सहित मुद्दे उठाए. लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 पेश किया.

लोकसभा में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 पेश किया. यह बिल इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट को एक कॉम्प्रिहेंसिव कानूनी फ्रेमवर्क देगा, ताकि वह स्टैटिस्टिकल साइंसेज और उससे जुड़े फील्ड्स में दुनिया भर में पहचाने जाने वाले सेंटर के तौर पर आगे बढ़ सके और उससे जुड़े या उससे जुड़े मामलों के लिए भी प्रावधान करेगा.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 पेश किया. यह बिल बैंकर्स बुक्स के संबंध में सबूत से जुड़े कानून का प्रावधान करेगा और इसे आज के डिजिटल बैंकिंग तरीकों के साथ जोड़ेगा और इससे जुड़े या उससे जुड़े मामलों के लिए भी प्रावधान करेगा.

चढ़ावे का इस्तेमाल राजनीतिक मकसद के लिए किया गया: सांसद राजीव शुक्ला
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा, ‘राम मंदिर का मुद्दा आज भी उठाया जाएगा. आप ट्रस्ट को साधु-संतों को क्यों नहीं सौंप देते? विश्व हिंदू परिषद के सदस्य ट्रस्ट का हिस्सा क्यों हैं? एसआईटी के सामने महपाल सिंह के बयान ने मामले को और उजागर कर दिया है. उन्होंने कहा कि पैसा कथित तौर पर वीएचपी से जुड़े लोगों के पास गया जो कारसेवकपुरम में रहते हैं. उनके अनुसार, पैसा वहां से लिया गया और वीएसपी के प्रोग्राम और घर बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया. यह चौंकाने वाला और शर्मनाक है कि भगवान के नाम पर चढ़ाए गए चढ़ावे का इस्तेमाल राजनीतिक मकसद के लिए किया जा रहा है.’

सांसद कीर्ति आजाद ने कहा- उन लोगों का क्या होगा जो साधु के वेश में ट्रस्ट में बैठकर डकैती कर रहे हैं?
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, ‘उन लोगों का क्या होगा जो साधु के वेश में ट्रस्ट में बैठकर डकैती कर रहे हैं? उनके बारे में कोई चर्चा होगी या नहीं? ट्रस्ट के प्रेसिडेंट स्वामी नृत्य गोपाल दास जी भगवा वस्त्र पहनते हैं. ट्रस्ट के ट्रेजरर स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज जी ने खुद कहा था, ‘मैंने आज तक एक भी डॉक्यूमेंट पर साइन नहीं किया है.’ क्या इन लोगों का कुछ होगा? दूसरे लोग इसे चोरी कहते हैं, लेकिन मैं इसे डकैती कहता हूँ. क्या कभी किसी भगवा वस्त्र वाले ने सामने आकर कहा है कि चोरी हुई है? क्या पप्पू यादव ने सिर्फ इन्हीं लोगों के नाम नहीं दिखाए थे? उन्होंने दिखाया कि वहाँ चोरी हो रही थी, जिसमें वही लोग शामिल थे जिनके नाम मैंने बताए हैं.

राहुल गांधी और पप्पू यादव के खिलाफ एफआईआर पर समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा, ‘यह सिर्फ मुद्दे को भटकाने के लिए है. इस सरकार ने लोगों में पूरी तरह से निराशा की भावना पैदा कर दी है, और लोग सरकार से निराश हैं. जिस तरह से राम जन्मभूमि के संबंध में डोनेशन का गलत इस्तेमाल किया गया और जिस तरह से जमीन घोटाले किए गए, मेरा मानना ​​है कि इसके लिए पूरी तरह से यह सरकार जिम्मेदार है. आज तक किसी के खिलाफ एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है. दान के पैसे, चढ़ावे और कीमती सामान का क्या हुआ जो लोगों ने श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान श्री राम के चरणों में चढ़ाए थे? वह सब आखिर कहां गया? हजारों करोड़ के इस घोटाले में आपने किसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है? क्या आपने ऊपर तक पहुंचने के लिए कोई कार्रवाई की है?’

SPORTS : CWG 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने बरसाया सोना, 7 गोल्ड और 3 सिल्वर के साथ जीते कुल 10 मेडल

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारतीय मुक्केबाजों ने मेडल्स की बरसात कर ली. महिला और पुरुष दोनों ने मिलकर रिंग में सात गोल्डन पंच लगाए. भारतीय बॉक्सरों के द्वारा किसी एक कॉमनवेल्थ में अबतक का ये सर्वश्रेष्छ प्रदर्शन है. अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वजन वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड के दिमेजी शिट्टू को हराकर भारत को सातवां गोल्ड मेडल दिलाया.

नई दिल्ली: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स भारतीय मुक्केबाजों ने अपने अभियान का शानदार अंत किया. गेम्स के आखिरी पुरुष और महिला बॉक्सरों ने मिलकर भारत की झोली में कुल 7 गोल्ड मेडल डाले जो इस खेल के इतिहास में भारत के लिए रिकॉर्ड है. भारतीय महिला बॉक्सरों ने अपेक्षाओं पर खरे उतरते हुए पांच गोल्ड मेडल जीते जबकि पुरूष वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने गोल्डन पंच लगाया. मौजूदा विश्व चैम्पियन जैसमीन लंबोरिया (57 किलो) , प्रीति पवार (54 किलो), साक्षी चौधरी (51 किलो) , अरूंधति चौधरी (70 किलो) , प्रिया घंघास (60 किलो) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वजन वर्गों में गोल्ड मेडल जीते . वहीं ओलंपिक मेडल विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किलो) को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा .

पुरूष वर्ग में सचिन सिवाच (60 किलो) और अंकुश (70 किलो) ने गोल्ड मेडल जीते जबकि 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह और 90 प्लस किलो स्पर्धा में नरेंदर बेरवाल ने सिल्वर मेडल जीता . इससे पहले भारत ने गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में मुक्केबाजी में तीन गोल्ड समेत सात मेडल जीते थे . ‘भारत माता की जय’ और ‘इंडिया इंडिया’ के नारों के बीच एसएसी एरेना में भारतीय बॉक्सरों को घर जैसा समर्थन मिला . अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वजन वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड के दिमेजी शिट्टू को हराकर भारत को सातवां गोल्ड मेडल दिलाया. अंकुश ने शिट्टू के खिलाफ 4-1 के विभाजित फैसले से जीत दर्ज की.
इतिहास के पन्नों में दर्ज हुए गुलवीर सिंह, एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में 2 मेडल जीतने वाले बने पहले भारतीय

सचिन सिवाच ने इससे पहले पुरुषों के 60 किग्रा वजन वर्ग के रोमांचक फाइनल में नामीबिया के ट्रायागेन मॉर्निंग एनडेवेलो को हराकर गोल्ड मेडल जीता. यह भारत का छठा गोल्ड मेडल रहा. सचिन ने शुरुआती दो राउंड में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की. उन्होंने तीसरे और अंतिम राउंड में एनडेवेलो को ‘स्टैंडिंग काउंट’ के लिए मजबूर कर दिया जिसके बाद भारतीय मुक्केबाज ने 3-2 के विभाजित फैसले में जीत दर्ज की.

प्रीति ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को 5-0 से हराया
प्रीति ने महिलाओं के 54 किग्रा फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता. प्रीति ने गोल्ड मेडल मुकाबले में आक्रामक शुरुआत की. उन्होंने पहला राउंड सर्वसम्मत फैसले से जीता, जिसमें पांचों जज ने भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में 10-8 का स्कोर दिया. बैंथमवेट वर्ग की विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज प्रीति ने दूसरे राउंड में भी अपना दबदबा कायम रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दिन का पहला गोल्ड मेडल हासिल किया.

जैसमीन को फाइनल में माइकेला वॉल्श से मिली कड़ी टक्कर
इसके बाद मौजूदा विश्व चैंपियन जैसमीन ने भी महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में उत्तरी आयरलैंड की गत चैंपियन माइकेला वॉल्श को 5-0 के समान अंतर से मात देकर गोल्ड मेडल पर कब्जा किया. महिलाओं के 57 किग्रा फाइनल में जैसमीन और वॉल्श के बीच पहला राउंड बेहद करीबी रहा, जिसमें दोनों बॉक्सरों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी. जैसमीन ने यह राउंड विभाजित फैसले से अपने नाम किया. उन्होंने दूसरे राउंड में शानदार पंच लगाए और सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज की.

साक्षी और प्रिया ने भी लगाए रिंग में गोल्ड पंच
साक्षी ने फिर महिलाओं के 51 किग्रा फाइनल में इंग्लैंड की रूबी वाइट को 5-0 से हराकर दिन में भारत को मुक्केबाजी का तीसरा गोल्ड मेडल दिलाया. प्रिया को महिलाओं के 60 किग्रा में कनाडा की मैरी बाथोल अल अहमदिएह से कड़ी चुनौती मिली लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने 4-1 के विभाजित फैसले से पहला स्थान हासिल किया.

जादूमणि सिंह को ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन से मिली हार
इससे पहले भारत के दिन के तीसरे मुकाबले में जादूमणि सिंह को ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद 0-5 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें सिल्वर मेडल मिला. लंबे कद के ऑस्ट्रेलियाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ शुरुआत में संघर्ष करने के बाद जादूमणि ने शानदार वापसी करते हुए पहला राउंड 3-2 से अपने नाम किया. डिक्सन ने हालांकि दूसरे राउंड में जोरदार वापसी की और सभी जज के सर्वसम्मत फैसले से 5-0 से जीत दर्ज की. ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज ने इस बढ़त को बरकरार रखते हुए मुकाबला अपने नाम किया और भारत की गोल्डिम लय को रोक दिया.

अरूंधति और नरेंदर को मिली एकरफा जीत
अरूंधति ने इंग्लैंड की शेंटेले रीड को महिलाओं के 70 किलोवर्ग के फाइनल में 5-0 से हराया . नरेंदर को पुरूषों के 90 प्लस किलो में इंग्लैंड के डामार थॉमस ने

लवलीना बोरगोहेन को फाइनल में मिली हार
हालांकि ओलंपिक मेडल विजेता लवलीना बोरगोहेन को महिलाओं के 70 किलोवर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की एम्मा सू ग्रीनट्री से खंडित फैसले में 4-1 से मिली हार से सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा.

WEATHER : गुजरात से असम तक मानसूनी बारिश, बादल फटने से तबाही; नुकसान की भरपाई के लिए राज्यों को कितनी मदद?

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मूसलाधार मानसूनी बारिश, बादल फटने, अचानक बाढ़ आने और भूस्खलन की घटनाओं से देशभर में तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। केंद्र सरकार ने राज्य आपका राहत कोष से बाढ़ प्रभावित सात राज्यों के लिए 2,117 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, असम, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के छात्रू इलाके में शुक्रवार की देर रात बादल फटने के बाद पहाड़ी से आए मलबे और पत्थरों से आबादी वाले क्षेत्र में कई दुकानों, घरों को नुकसान पहुंचा और वाहन दब गए।मलबा आने से किश्तवाड़-अनंतनाग राष्ट्रीय राजमार्ग भी कुछ देर के लिए बंद रहा। अमरनाथ यात्रा भी बंद है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने से फंसे 2,200 लोगों को तीन विशेष ट्रेनें चलाकर निकाला गया।

केरल में भारी बारिश के बाद कई जगह हुए भूस्खलन में छह लोगों की मौत हो गई है और छह लोग लापता हैं। राज्य भर में 65 राहत शिविर खोले गए हैं, जिनमें 1,465 लोगों ने शरण ली है। 12 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसको देखते हुए 2 अगस्त को होने वाली राज्य पात्रता परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है।

हिमाचल प्रदेश: कुमारसैन में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। धर्मशाला के समीप भूस्खलन की चपेट में आने से दो युवक घायल हो गए, जिनमें एक की हालत गंभीर है।

मणिपुर-असम: चुराचांदपुर जिले में भारी बारिश के बाद लानवा नदी आई बाढ़ में एक व्यक्ति बह गया। असम में बाढ़ से अब तक 82 लोगों की मौत हुई है और 1.93 लाख लोग प्रभावित।

गुजरात: दक्षिण और मध्य गुजरात में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति के बाद 27 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

ओडिशा: महानदी का जल स्तर बढ़ने के बाद हीराकुंड बांध के 22 गेट खोल दिए गए हैं और 10 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। बाढ़ से 8 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।

BUSINESS : ITR फाइलिंग में बना नया रिकॉर्ड! 31 जुलाई तक 5.9 करोड़ लोगों ने भरा रिटर्न

आयकर विभाग के मुताबिक, आकलन वर्ष 2026-27 के लिए 31 जुलाई तक 5.9 करोड़ से अधिक ITR दाखिल किए गए. विभाग ने समय पर रिटर्न भरने वाले करदाताओं का धन्यवाद दिया और इसे बेहतर टैक्स अनुपालन का संकेत बताया.

आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई को खत्म होने के साथ ही इस साल रिकॉर्ड संख्या में लोगों ने अपना रिटर्न दाखिल किया. आयकर विभाग के अनुसार, आकलन वर्ष 2026-27 (AY 2026-27) के लिए 31 जुलाई तक 5.9 करोड़ से अधिक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल किए गए. विभाग ने समय पर रिटर्न दाखिल करने वाले सभी करदाताओं का धन्यवाद भी किया है.

समय पर रिटर्न भरने वालों को विभाग ने कहा धन्यवाद
आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 31 जुलाई तक 5.9 करोड़ से ज्यादा ITR दाखिल किए जा चुके हैं. विभाग ने इसे करदाताओं की बढ़ती जागरूकता और बेहतर टैक्स अनुपालन का संकेत बताया. विभाग ने कहा कि समय पर टैक्स रिटर्न दाखिल करने वाले सभी करदाताओं का योगदान देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण है.

किन लोगों के लिए थी 31 जुलाई की अंतिम तारीख?
31 जुलाई की डेडलाइन उन व्यक्तिगत करदाताओं (Individuals), वेतनभोगी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए थी, जिनके खातों का ऑडिट कराना जरूरी नहीं है. वहीं, जिन करदाताओं के लिए टैक्स ऑडिट अनिवार्य है या जिनकी आय व्यवसाय और पेशे से जुड़ी है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की अलग समय सीमा निर्धारित की गई है.

डेडलाइन छूट गई तो क्या होगा?
अगर कोई पात्र करदाता 31 जुलाई तक ITR दाखिल नहीं कर पाया है, तो उसके पास अभी भी बिलेटेड रिटर्न (Belated Return) दाखिल करने का विकल्प मौजूद है. हालांकि, इसके लिए आयकर कानून के तहत लेट फीस और ब्याज देना पड़ सकता है. इसके अलावा कुछ टैक्स लाभों पर भी असर पड़ सकता है. इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जिन लोगों का रिटर्न अभी तक दाखिल नहीं हुआ है, वे बिना देरी किए जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करें.

समय पर ITR भरने के कई फायदे
समय पर ITR दाखिल करने से टैक्स रिफंड जल्दी मिलने की संभावना बढ़ जाती है. इसके अलावा होम लोन, पर्सनल लोन, बिजनेस लोन और वीजा आवेदन के दौरान भी ITR एक महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में काम आता है. नियमित रूप से रिटर्न भरने से करदाता की वित्तीय विश्वसनीयता भी मजबूत होती है और भविष्य में आयकर विभाग से जुड़ी परेशानियों की संभावना कम रहती है.

बढ़ रही है टैक्स अनुपालन की संस्कृति
पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन ITR फाइलिंग प्रक्रिया आसान होने और डिजिटल सेवाओं के विस्तार से रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. आयकर विभाग ने भी ई-फाइलिंग पोर्टल, प्री-फिल्ड डेटा और ऑनलाइन वेरिफिकेशन जैसी सुविधाओं के जरिए प्रक्रिया को सरल बनाया है. 31 जुलाई तक 5.9 करोड़ से अधिक ITR दाखिल होना इस बात का संकेत है कि देश में टैक्स अनुपालन को लेकर लोगों की जागरूकता पहले के मुकाबले काफी बढ़ी है. आने वाले दिनों में विभाग इन रिटर्न की प्रोसेसिंग और टैक्स रिफंड जारी करने की प्रक्रिया भी तेज करेगा.

WORLD : ‘अमेरिका ने हमला किया तो तबाह कर देंगे सऊदी और इजरायल के तेल ठिकाने’, ईरान की चेतावनी से मिडिल ईस्ट में हड़कंप

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एएनआई, तेहरान। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका लगातार ईरान को हमले की धमकी दे रहा है तो ईरान भी पलटवार की बात कर रहा है।

इस बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ईरानी ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर नए हमले का आदेश देते हैं तो वह मध्य पूर्व के अहम ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाएगा। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम न्यूज ने यह रिपोर्ट दी है।तस्नीम के अनुसार, तेहरान ने एक व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत अगर अमेरिका या इजरायल नए हमले करते हैं तो मध्य पूर्व के तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाया जाएगा।

सऊदी अरब का घावर तेल क्षेत्र (वैश्विक तेल आपूर्ति का 5 प्रतिशत से अधिक), अब्काइक और खुराइस सुविधाएं (प्रतिदिन 70 लाख बैरल से ज्यादा उत्पादन)।
यूएई का जाकुम तेल क्षेत्र और रुवैस रिफाइनरी (प्रतिदिन 10 लाख बैरल से अधिक क्षमता)।
कतर का नॉर्थ फील्ड और रास लफान (वैश्विक एलएनजी व्यापार का करीब 20 प्रतिशत)।
कुवैत का बुर्गन तेल क्षेत्र (प्रतिदिन करीब 20 लाख बैरल), बहरीन की सित्रह रिफाइनरी।
इजरायल के लेवियाथन और तमार गैस क्षेत्र।

एक वरिष्ठ ईरानी सुरक्षा अधिकारी ने तस्नीम से कहा कि हमने किसी भी संभावित अमेरिकी लापरवाही का जवाब देने के लिए व्यापक योजना तैयार की है।

उन्होंने 40 दिन के युद्ध का जिक्र करते हुए दावा किया कि ईरान ने कतर की सबसे महत्वपूर्ण गैस रिफाइनरी पर हमला किया था और ट्रंप ने बाद में ट्रुथ सोशल पर माफी मांगी थी।यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ट्रंप ईरानी ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर ठिकानों पर हमले पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं, हालांकि अंतिम फैसला नहीं हुआ है।रिपोर्ट के अनुसार, ये हमले तेहरान पर दबाव बनाने के लिए हो सकते हैं ताकि वह संघर्ष विराम वार्ताओं में अमेरिकी शर्तें स्वीकार करे। इसमें इजरायली सेना की भी संभावित भागीदारी बताई गई है, जिससे ईरान के मिसाइल हमलों का खतरा बढ़ सकता है।

WORLD : होर्मुज में LNG लदे भारत आ रहे टैंकर पर हमला, इंजन रूम में लगी आग, 29 नाविक थे सवार

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खबर है कि हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई, जिससे वहां घना धुआं भर गया। यह जहाज कतर के रास लाफान बंदरगाह से गुजरात के दहेज बंदरगाह की ओर जा रहा था। घटना ओमान की खाड़ी में, होर्मुज के पास हुई।

होर्मुज के आसपास व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इसी बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज से सटे ईरान के कई बंदरगाह शहरों और द्वीपों को निशाना बनाया।

इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच कतर से भारत आ रहे एक जहाज पर भी कथित तौर पर ड्रोन हमला हुआ। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मंगलवार को सूत्रों ने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जहाज पर कुल 29 नाविक सवार थे, जिनमें चार भारतीय नागरिक शामिल हैं। सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं।

खबर है कि हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई, जिससे वहां घना धुआं भर गया। यह जहाज कतर के रास लाफान बंदरगाह से गुजरात के दहेज बंदरगाह की ओर जा रहा था। घटना ओमान की खाड़ी में, होर्मुज के पास हुई।

सूत्रों ने बताया कि 7 जुलाई को अरब सागर से गुजरते समय एलएनजी कैरियर AL REKAYYAT पर कथित रूप से ड्रोन हमला किया गया। इस घटना की जानकारी आरपीएसएल ने डीजीकॉम को दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार जहाज को कुछ नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी भी व्यक्ति के घायल होने या पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों का कहना है कि जहाज पर मौजूद सभी 29 चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। हमले के बाद इंजन रूम में लगी आग के कारण जहाज से काफी धुआं निकलता देखा गया।

गौरतलब है कि भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा पर जोर देता रहा है। भारत का रुख रहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप इस क्षेत्र में समुद्री मार्गों पर निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही तथा व्यापार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

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