Friday, June 26, 2026
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RASHIFAL : आज का राशिफल

मेष :  आज का दिन आनंददायक सफलता प्रदान करने वाला रहेगा। प्रभावशाली लोगों से बातचीत बहुत ही सकारात्मक रहेगी। किसी लक्ष्य को हासिल करने में भाइयों का भी बखूबी सहयोग मिलेगा। 

वृषभ :वृषभ राशि वालों के लिए समय के अनुसार अपने व्यवहार में बदलाव लाना जरूरी है। बच्चों के साथ व्यवहार करते समय उन्हीं के नजरिए से देखना उचित रहेगा। पति पत्नी के बीच संबंधों में मधुरता रहेगी। प्रेम संबंधों में भी नजदीकियां बनी रहेंगी।

मिथुन: मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। जीवन से जुड़े कुछ बदलाव होंगे।सहकर्मियों के साथ तालमेल मजबूत रहेगा और किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में आपकी भूमिका रहेगी। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं जो भविष्य की सफलता का आधार बनेंगी।

कर्क : कर्क राशि के जातकों को आज के दिन व्यवसाय में फायदा मिलने के अवसर प्राप्त होंगे। पैसों से संबंधित मामलों में भी प्रगति होगी।लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों को मुद्रा सुधारने की आवश्यकता है।सिंह : सिंह राशि के लोगों के लिए आज का दिन मिश्रित रहेगा। जीवनसाथी के साथ किसी भी प्रकार का मतभेद हो सकता है।पिछली कुछ गलतियों से सीख कर आप अपनी कार्यप्रणाली में कुछ परिवर्तन लाएंगे, जो कि बेहतरीन रहेंगे। युवाओं को करियर संबंधी किसी परीक्षा मे बेहतरीन परिणाम मिलेंगे। घर के सदस्यों में आपसी तालमेल प्रेम पूर्ण बना रहेगा।

कन्या : कन्या राशि के लोगों के लिए आज का दिन बहुत अच्छा काम लेकर आएगा। जीवनसाथी की ओर से सहयोग मिलेगा। घर के सदस्यों में आपसी तालमेल प्रेम पूर्ण बना रहेगा। किसी मित्र के मिलने से खुशनुमा यादें भी ताजा होगी।

तुला : तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन खुशियों से भरा रहेगा। आपको आपके फंसे हुए पैसे वापस मिल सकते हैं।नौकरी में आपके बेहतरीन कार्य की सराहना होगी और पदोन्नति संबंधी खुशखबरी मिल सकती है।

वृश्चिक: वृश्चिक राशि के लोगों के लिए आज का दिन परेशानियों से भरा रहेगा। सहकर्मियों के साथ विवाद हो सकता है।काम में नेतृत्व, योजना और तेज निर्णय की अपेक्षा रहेगी। सरकारी विभाग या कॉर्पोरेट सेक्टर में इंटरव्यू संबंधी संदेश मिल सकता है।

धनु : धनु राशि के लोगों के लिए दिन परेशानियों से भरा रहेगा। आप अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए अधिक मेहनत करेंगे।जीवनसाथी आपकी किसी सख्त बात को गलत समझ सकते हैं, इसलिए संवाद को शांत रखें। सिंगल लोगों को किसी जिम्मेदार एवं प्रभावी व्यक्तित्व से सहज आकर्षण महसूस हो सकता है।

मकर: आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। जीवनसाथी के साथ घूमने जा सकते हैं और आज आपका अपने जीवनसाथी के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा।

कुंभ : आज के दिन आप किसी भी प्रकार की यात्रा या प्रवास पर जा सकते हैं। दांपत्य जीवन अच्छा रहेगा।काम में सफलता मिलेगी।

मीन : मीन राशि के लोगों के लिए आज का दिन आनंद लेकर आएगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में पार्टनर के साथ सामंजस्य बढ़ सकता है।

NATIONAL : यूपी-बिहार में आंधी-बिजली से 24 घंटे में 31 मौतें:दिल्ली में ओले गिरे, हरियाणा में तूफान से 15 हजार पेड़ उखड़े; राजस्थान-हिमाचल में पारा गिरा

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राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में चक्रवात बनने से देश के बड़े हिस्से में मौसम बदल गया है। दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से लेकर तमिलनाडु तक ट्रफ बनी हुई है, जिससे उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत में बारिश का असर है।दिल्ली में मंगलवार दोपहर को ओले गिरे। पिछले 24 घंटे में उत्तर प्रदेश, बिहार समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में आंधी और तेज बारिश हुई। यूपी में आंधी-बारिश से 8 लोगों की मौत हो गई। पीलीभीत में ईंट-भट्ठे की 100 फीट ऊंची चिमनी ढह गई।

बिहार में 22 जिलों में आंधी-बारिश हुई। बिजली गिरने से 7 बच्चों समेत 23 लोगों की मौत हो गई। 2 महिलाएं झुलस गईं। आज 18 जिलों तेज बारिश का अलर्ट है।राजस्थान में सोमवार को तापमान में 8°C की गिरावट आई। जयपुर समेत कई शहरों का अधिकतम तापमान 35°C से कम रहा। हरियाणा में तेज आंधी से 15 हजार से ज्यादा पेड़ उखड़ गए।हिमाचल प्रदेश के सोलन का तापमान सोमवार को 4.8°C रहा। यह मई महीने का अब तक का सबसे कम तापमान है। इससे पहले 14 मई 2021 को 9.4°C तापमान रहा था।

BUSINESS : भारी गिरावट के बाद शेयर बाजार में रिकवरी, सेंसेक्स-निफ्टी अब भी लाल निशान में

घरेलू शेयर बाजार आज शुरुआती कारोबार के दौरान बड़ी गिरावट के बाद निचले स्तर से रिकवरी करता हुआ नजर आ रहा है। आज के कारोबार की शुरुआत भी जोरदार कमजोरी के साथ हुई थी। बाजार खुलते ही बिकवाली के दबाव की वजह से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों की चाल में और गिरावट आ गई।

हालांकि थोड़ी ही देर बाद खरीदारों ने लिवाली का जोर बना दिया, जिससे इन दोनों सूचकांकों की चाल में सुधार होने लगा। खरीदारी का सपोर्ट मिलने के बावजूद दोनों सूचकांक शुरुआती कारोबार में लगातार लाल निशान में ही बने हुए थे। सुबह 10 का कारोबार होने के बाद सेंसेक्स 1.04 प्रतिशत और निफ्टी 0.91 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे थे।

10 बजे तक का कारोबार होने के बाद स्टॉक मार्केट के दिग्गज शेयरों में से हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, कोल इंडिया, ओएनजीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर चार प्रतिशत से लेकर 0.77 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा, मैक्स हेल्थकेयर, बजाज फिनसर्व और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के शेयर 3.06 प्रतिशत से लेकर 1.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करते हुए नजर आ रहे थे।

अभी तक के कारोबार में स्टॉक मार्केट में 2,816 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हो रही थी। इनमें से 796 शेयर मुनाफा कमा कर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि 2,020 शेयर नुकसान उठा कर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इसी तरह सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से सात शेयर लिवाली के सपोर्ट से हरे निशान में बने हुए थे। दूसरी ओर 23 शेयर बिकवाली के दबाव में लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। जबकि निफ्टी में शामिल 50 शेयरों में से 10 शेयर हरे निशान में और 40 शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आ रहे थे।

बीएसई का सेंसेक्स आज 1,018 अंक की कमजोरी के साथ 72,565.22 अंक के स्तर पर खुला। कारोबार की शुरुआत होते ही बिकवाली का दबाव बनने के कारण कुछ ही मिनट में यह सूचकांक ओपनिंग लेवल से करीब 175 अंक फिसल कर 72,391.98 अंक के स्तर तक आ गया। इसके बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे सेंसेक्स की चाल में सुधार होने लगा।

लगातार हो रही खरीदारी के सपोर्ट से यह सूचकांक निचले स्तर से करीब 775 अंक की रिकवरी कर 73,165.32 अंक के स्तर तक पहुंचने में सफल रहा। इसके बाद बाजार में एक बार फिर बिकवाली शुरू हो गई, जिसके कारण ये सूचकांक दोबार नीचे लुढ़कने लगा। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच सुबह 10 बजे तक का कारोबार होने के बाद सेंसेक्स 766.28 अंक की गिरावट के साथ 72,816.94 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

सेंसेक्स की तरह ही एनएसई के निफ्टी ने आज 269.95 अंक टूट कर 22,549.65 अंक के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। कारोबार की शुरुआत होते ही बिकवाली का दबाव बनने के कारण यह सूचकांक करीब 350 अंक लुढ़क कर 22,470.15 अंक के स्तर तक गिर गया। इसके बाद खरीदारों ने लिवाली का जोर बना दिया, जिससे निफ्टी की चाल में सुधार होने लगा।

खरीदारी के सपोर्ट से यह सूचकांक निचले स्तर से करीब 245 अंक की रिकवरी कर 22,714.10 अंक के स्तर तक पहुंचने में सफल रहा। इसके बाद एक बार फिर बिकवाली शुरू हो गई, जिसकी वजह से इस सूचकांक की गिरावट दोबारा बढ़ने लगी। बाजार में लगातार जारी लिवाली और बिकवाली के बीच सुबह 10 बजे तक का कारोबार होने के बाद निफ्टी 206.95 अंक की कमजोरी के साथ 22,612.65 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

इसके पहले पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 1,690.23 अंक यानी 2.25 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 73,583.22 अंक के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी ने 486.85 अंक यानी 2.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,819.60 अंक के स्तर पर शुक्रवार के कारोबार का अंत किया था।

KERALA : केरल में तीन कमल खिले, भाजपा ने विधानसभा चुनावों में तीन सीटें जीतीं।

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केरल में तीन कमल खिले हैं क्योंकि भाजपा ने सोमवार को 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में नेमोम, कझाकूट्टम और चथनूर निर्वाचन क्षेत्रों से जीत हासिल की।केरल में भाजपा के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने पुष्टि की कि पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए ने नेमोम और चथनूर निर्वाचन क्षेत्रों से जीत हासिल की है, और इसे कांग्रेस और सीपीआई (एम) के इस दावे का जवाब बताया कि उसे एक भी सीट नहीं मिलेगी।उन्होंने कहा, “आज नीमोम और चथानूर की जनता ने कांग्रेस और सीपीआई (एम) को स्पष्ट जवाब दे दिया है। भाजपा-एनडीए से दो विधायक होंगे।”

कझाकूट्टम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले वी मुरलीधरन ने अपनी जीत की पुष्टि की और पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को उनकी “कड़ी मेहनत और बलिदान” के लिए धन्यवाद दिया।

चुनाव आयोग (ईसी) की वेबसाइट के अनुसार, कोल्लम जिले के चथनूर से भाजपा उम्मीदवार बीबी गोपाकुमार ने निर्वाचन क्षेत्र में डाले गए मतों की मतगणना के सभी 16 चरणों के पूरा होने के बाद 4,398 वोटों से जीत हासिल की है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, नेमोम में मतदान के 18 चरणों में से 16 चरणों की मतगणना पूरी होने के बाद चंद्रशेखर 3,500 से अधिक वोटों से आगे थे।कझाकूट्टम में, मतगणना के 18 चरणों में से 17 चरण पूरे होने के बाद मुरलीधरन 265 वोटों से आगे थे।

चंद्रशेखर ने यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए यह भी कहा कि जैसा कि उन्होंने शुरू से ही कहा है, “यह एक CPI(M) विरोधी चुनाव था” क्योंकि लोग “उनके भ्रष्टाचार और सबरीमाला से कथित तौर पर सोने के गबन से तंग आ चुके थे”।उन्होंने हाल ही में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सहित देश में हुए विधानसभा चुनावों और उपचुनावों को “इंडी गठबंधन” के खिलाफ बताया।चंद्रशेखर ने कहा कि चुनाव प्रचार की शुरुआत से ही कांग्रेस और सीपीआई (एम) दोनों ने कहा था कि भाजपा को एक भी सीट नहीं मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें शुरू से ही पता था कि सीपीआई (एम) इस बार चाहे कुछ भी कर ले, चुनाव नहीं जीतेगी।मतगणना के अंतिम चरण में, कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) 100 से अधिक सीटों पर आगे था, जबकि सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा 40 से कम सीटों पर आगे चल रहा था। पीटीआई एचएमपी केएच

BIHAR : बिहार में सम्राट कैबिनेट का विस्तार 7 मई को, शपथ समारोह में पीएम मोदी भी होंगे शामिल, सज रहा पटना

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बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय सरावगी ने बतया कि पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी की बंपर जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी पहली बार बिहार जा रहे हैं, ऐसे में उनके भव्य स्वागत की तैयारियां चल रही हैं.

बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 7 मई को अपनी कैबिनेट का विस्तार करेंगे. नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होगा. समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत एनडीए के तमाम प्रमुख नेता शामिल होंगे. पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी की बंपर जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी पहली बार बिहार जा रहे हैं, ऐसे में उनके बड़े पैमाने पर स्वागत की तैयारियां चल रही हैं.

बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय सरावगी ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि शपथ ग्रहण समारोह ऐतिहासिक गांधी मैदान में होगा, जहां राज्यपाल मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. बिहार में पहली बार भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनी है. सम्राट चौधरी को इसकी कमान सौंपी गई है. सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पहले ही कहा जा रहा था कि पांच राज्यों में चुनाव नतीजे आने के बाद यहां विस्तार किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि 7 मई को होने वाले कैबिनेट विस्तार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत प्रमुख पार्टी नेता शामिल होंगे. इनके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री व जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, एलजेपी (आरवी) के प्रमुख चिराग पासवान और हम (HAM) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी समेत गठबंधन के अन्य प्रमुख नेता भी मौजूद रहेंगे.

इधर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है. सूत्रों का कहना है कि बिहार में 50-50 के फॉर्मूले पर मंत्रिमंडल का बंटवारा होने की उम्मीद है. सूत्रों के अनुसार, 7 मई को भाजपा से 12, जदयू के 11, एलजेपी (आर) के 2, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) पार्टी से एक-एक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. फिलहाल मंत्रियों की कुछ सीटें खाली रखी जाएंगी.

नीतीश कुमार के सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री और जदयू से विजय कुमार चौधरी और बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. मंत्रिमंडल विस्तार में देरी को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर था.

इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने दिल्ली दौरे में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के अलावा कई वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकात की थी. माना जा रहा है कि इन सभी नेताओं ने कैबिनेट विस्तार को लेकर हरी झंडी दे दी है.

NATIONAL : कभी घरों में धोती थीं बर्तन, अब बंगाल में बन गईं विधायक… कलिता माजी ने कैसे रचा इतिहास?

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कलिता माजी, जो कभी 2,500 रुपये के लिए दूसरों के बर्तन धोती थी, अब पश्चिम बंगाल की ऑसग्राम विधानसभा सीट से विधायक बन गई हैं। पश्चिम बंगाल के ऑसग्राम विधानसभा सीट पर एक ऐसी महिला को जीत मिली है। जिसकी कहानी किसी फिल्मी की स्टोरी जैसी लग सकती है। दरअसल, यहां की आम जनता ने एक बेहद साधारण महिला जो कि 2,500 रुपये कमाने के लिए घर में लोगों के बर्तन धोती थी। उस पर भरोसा जताने का काम किया है।

कलिता माजी नाम की इस महिला ने तमाम राजनीतिक दिग्गजों और संसाधनों की कमी को पीछे छोड़ते हुए विधानसभा तक का सफर तय कर लिया है। बीजेपी ने कलिता को अपना उम्मीदवार बनाया था और वहां की जनता ने उन पर भरोसा जताकर विधायक बना दिया। इससे भारतीय लोकतंत्र की वो हकीकत सामने आती है, जो हर आम नागरिक के सपनों को पंख देती है।

जानकारी के अनुसार, कलिता माजी ऑसग्राम (एससी) सीट से चुनाव जीती है। वह राजनीति में आने से पहले पिछले दो दशकों से घरेलू कामगार के रूप में काम कर रही थीं। वह 2-4 घरों में साफ-सफाई और बर्तन मांजने का काम करती थी, जिससे उन्हें हर महीने करीब 2,500 रुपये की कमाई होती थी। इसी कमाई से वो अपने परिवार को भरण-पोषण करती थी।

ऑसग्राम सीट से कलिता ने 12535 के बड़े अंतर से चुनाव जीता है। माजी ने तृणमूल कांग्रेस के श्यामा प्रसन्ना लाहौर को शिकस्त दी है। माजी को कुल 107692 वोट मिले है। उन्होंने घर-घर जाकर चुनाव प्रचार किया था। उनकी मेहनत आखिरकार रंग लाई और जनता ने उन्हें बड़ी जीत दिलाई।

बता दें कि, माजी पर बीजेपी ने पिछले विधानसभा चुनाव में भी भरोसा जताया था। उस चुनाव में उन्होंने लगभग 41% वोट हासिल किए थे। हालांकि वह 12000 वोटों के अंतर से हार गई थी। कलिता पिछले 10 सालों से ज्यादा समय से राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने अपनी शुरुआत एक बूथ-स्तर की कार्यकर्ता के रूप में की थी और बाद में पंचायत चुनाव भी लड़ी।

NATIONAL : तमिलनाडु चुनाव परिणाम में चौंकाने वाला उलटफेर: डीएमके मंत्री पेरियाकरुप्पन को टीवीके के सेतुपति से कांटे की टक्कर में सिर्फ एक वोट से हार का सामना करना पड़ा।

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हर एक वोट मायने रखता है! एमके स्टालिन के मंत्रिमंडल में डीएमके मंत्री रहे केआर पेरियाकरुप्पन से पूछिए, जो हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में सिर्फ एक वोट से हार गए , जहां टीवीके ने शानदार शुरुआत की।शिवगंगा जिले के तिरुप्पत्तूर विधानसभा क्षेत्र में बेहद नाटकीय और कांटे की टक्कर वाले चुनाव में , तमिलनाडु के सहकारिता मंत्री के.आर. पेरियाकरुप्पन के लिए एक वोट घातक साबित हुआ , जिससे उनका 20 साल का वर्चस्व समाप्त हो गया।

यह भारतीय चुनावी इतिहास में शायद सबसे करीबी और सबसे चौंकाने वाले उलटफेरों में से एक के रूप में इतिहास में दर्ज हो जाएगा।सोमवार को मतगणना के अंतिम दौर से पहले वाले दौर के अंत में पेरियाकरुप्पन 30 वोटों से आगे थे। हालांकि, अंतिम दौर में चौंकाने वाला उलटफेर हुआ और चुनाव अधिकारियों ने उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी, तमिलगा वेट्ट्री कज़गम (टीवीके) के सीनिवासा सेथुपथी को विजेता घोषित कर दिया।सेथुपथी ने 83,365 वोट हासिल किए और पेरियाकरुप्पन को पीछे छोड़ दिया, जिन्हें 83,364 वोट मिले थे।

2006 में पहली बार चुनाव जीतने के बाद, तिरुप्पत्तूर विधानसभा क्षेत्र ने पहली बार पेरियाकरुप्पन को सत्ता से बाहर करने के लिए मतदान किया है।
वहीं, भाजपा के केसी थिरुमारन 29,054 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे – जो कि निर्वाचन क्षेत्र के विजयी उम्मीदवार से 54,000 से अधिक वोटों से पीछे थे।
अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में शानदार शुरुआत की और 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर बहुमत के आंकड़े से केवल 10 सीटें कम रह गईं।

सरकार बनाने के लिए टीवीके को बहुमत के आंकड़े 118 को पार करना होगा। पार्टी डीएमके या एआईएडीएमके गठबंधन का हिस्सा रही छोटी पार्टियों का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर सकती है।कांग्रेस (5 सीटें), पीएमके (4 सीटें), वामपंथी दल (4 सीटें) और वीसीके (2 सीटें) उन दलों में शामिल हैं जो टीवीके को समर्थन दे सकते हैं।एआईसीसी के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडंकर ने पहले कहा था कि उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को एक रिपोर्ट सौंप दी है और वे “तमिलनाडु पर फैसला लेंगे”।

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने विधानसभा चुनावों में विजय और पार्टी के प्रदर्शन को बधाई देते हुए इसे “शानदार चुनावी शुरुआत” बताया।
उन्होंने कहा, “मैं विजय और टीवीके को उनके शानदार चुनावी पदार्पण के लिए बधाई देता हूं। तमिलनाडु में लोगों ने बदलाव के लिए मतदान किया है, और अब उन्हें बहुमत जुटाने और तमिलनाडु के लोगों को एक अच्छी सरकार देने का जनादेश प्राप्त है।”

इन नतीजों ने राजनीति में सफल होने के लिए संघर्ष कर रहे अभिनेताओं के बारे में लंबे समय से चली आ रही धारणाओं को भी तोड़ दिया है, क्योंकि विजय अब एनटी रामाराव, एमजी रामचंद्रन और जे जयललिता जैसे प्रतिष्ठित अभिनेता से नेता बने लोगों की श्रेणी में शामिल हो गए हैं।टीवीके की जीत एक ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक है, क्योंकि तमिलनाडु में जून 1977 के बाद पहली बार द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (एआईएडीएमके) के प्रभुत्व से मुक्त सरकार बन सकती है।

NATIONAL : केरल में यूडीएफ की वापसी: नई सरकार के गठन पर मंथन शुरू, तीन प्रमुख चेहरे मुख्यमंत्री पद के लिए दौड़ में शामिल

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केरल में यूडीएफ ने 10 साल बाद वापसी की है। इस जीत पर कई नेताओं ने कहा कि जनता का भरोसा फिर से जीता है। हालांकि अब नई सरकार के गठन के लिए मंथन शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री पद के दौड़ में तीन प्रमुख चेहरे शामिल हैं। आईए जानते हैं।

केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ की शानदार वापसी हुई है। इसके एक दिन बाद गठबंधन में खुशी, राहत और सतर्क आशा का माहौल है। वहीं, नई सरकार के गठन पर चर्चा शुरू हो चुकी है। नेता अगले कदमों पर निर्णय लेने के लिए बैठकें और अनौपचारिक बातचीत कर रहे हैं।

वरिष्ठ नेताओं के लिए यह जीत सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि भावनात्मक भी है। उनमें से कई ने इसे लोगों का भरोसा फिर से जीतने का क्षण बताया है। उत्सवों के साथ-साथ, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए जोरदार प्रयास शुरू हो गए हैं।

इस पद के लिए कांग्रेस में तीन प्रमुख दावेदार हैं – विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशान, वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और एआईसीसी महासचिव और लोकसभा सांसद के.सी. वेणुगोपाल। यूडीएफ नेताओं ने मतदाताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि परिणाम दर्शाता है कि लोग बदलाव चाहते थे। चूंकि कांग्रेस के पास अकेले 63 सीटें हैं, इसलिए उस पर गठबंधन सहयोगियों के सामने झुकने का दबाव नहीं है।

वहीं, केरल में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछे जाने पर केपीसीसी अध्यक्ष और पेरावूर निर्वाचन क्षेत्र से विजयी उम्मीदवार सनी जोसेफ ने कहा, ‘मेरे पास अभी कोई विशेष नाम नहीं है। मैं स्थिति का आकलन करूंगा।’

अगले मुख्यमंत्री का चयन करने की प्रक्रिया के तहत एआईसीसी की एक टीम को पार्टी हाई कमांड की ओर से नियुक्त किया जाएगा। इसमेंं एआईसीसी महासचिव और केरल प्रभारी दीपा दास मुंशी के साथ मिलकर पार्टी विधायकों के साथ चर्चा करेगी। सूत्रों के अनुसार, उनके विधायकों से व्यक्तिगत रूप से मिलने की संभावना है। वे आईयूएमएल सहित गठबंधन के सहयोगी देशों के नेताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं। सूत्रों ने बताया इसके बाद कांग्रेस संसदीय दल की बैठक होगी और एक पंक्ति का प्रस्ताव पारित किया जाएगा जिसमें एआईसीसी को अगले मुख्यमंत्री पर निर्णय लेने का अधिकार दिया जाएगा।

इसी बीच, चुनाव में भारी हार का सामना करने वाला सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाला एलडीएफ राज्य में 10 साल सत्ता में रहने के बाद इस करारी हार के कारणों पर चर्चा करेगा। हार के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले पिनारयी विजयन ने अभी तक मीडिया से बात नहीं की है। विजयन, जो चुनाव परिणाम घोषित होने के समय कन्नूर में थे, तिरुवनंतपुरम के लिए रवाना हो गए हैं। बुधवार को पार्टी के राज्य सचिवालय की बैठक के बाद उनके मीडिया से मिलने की उम्मीद है।

केरल में सोमवार को राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब राज्य के मतदाताओं ने देश की आखिरी वामपंथी सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया। वहीं, 10 साल के अंतराल के बाद कांग्रेस को सत्ता में वापस ला दिया। वहीं भाजपा ने तीन सीटें जीतकर लंबे समय से चले आ रहे चुनावी सूखे को खत्म किया।

सरकार के खिलाफ मजबूत सत्ता-विरोधी लहर के अलावा, 9 अप्रैल को हुए चुनावों के परिणामों ने यह भी संकेत दिया कि समाज के विभिन्न वर्गों में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के पक्ष में समर्थन मजबूत हुआ है, जो पिछले एक दशक से वामपंथी सरकार के विपक्ष में रहा था। चुनाव आयोग के 140 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतगणना के आंकड़ों के अनुसार, यूडीएफ ने 102 सीटें जीतीं, जबकि सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ को 35 सीटें मिलीं। इस परिणाम ने पांच दशकों में पहली बार किसी भी भारतीय राज्य में शासन से वामपंथी दलों की अनुपस्थिति को भी चिह्नित किया।

सरकार के खिलाफ आक्रोश इतना तीव्र था कि यूडीएफ की ओर से मचाई गई राजनीतिक सुनामी में मंत्रिमंडल के 13 मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा। न केवल कांग्रेस, बल्कि आईयूएमएल और केरल कांग्रेस सहित उसके प्रमुख सहयोगियों ने भी चुनावों में भारी जीत हासिल की, जिसके परिणामस्वरूप कुछ प्रमुख जिलों में एलडीएफ का पूर्ण रूप से सफाया हो गया। 21 कैबिनेट सदस्यों में से केवल पिनाराई विजयन, पीए मोहम्मद रियास, के राजन, जीआर अनिल, केएन बालगोपाल, पी प्रसाद और साजी चेरियन विजयी हुए।

NATIONAL : भाजपा ने उन सभी क्षत्रपों को खत्म कर दिया, जो चुनौती बन सकते थे, अब राज्यसभा की राह आसान

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इन नतीजों से पहले शरद पवार व अरविंद केजरीवाल के कमजोर पड़ने तथा नीतीश कुमार व नवीन पटनायक के प्रभाव के फीका पड़ने के बाद अब ममता, स्टालिन व विजयन भी सत्ता से बाहर हो गए…

पश्चिम बंगाल में भाजपा का सीएम कौन?: 9 मई को नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण, समिक भट्टाचार्य ने दिया बड़ा अपडेट पश्चिम बंगाल में जीत और असम में तीसरी बार सत्ता बरकरार रखना, पार्टी के लिए नई ऊंचाई है। कभी सिर्फ हिंदी बेल्ट तक सीमित मानी जाने वाली भाजपा ने पश्चिम भारत को जीतने के बाद अब बंगाल के गढ़ पर भी कब्जा कर पूर्वी भारत तक अपनी पहुंच बना ली। यह इस वैचारिक दावे को भी मजबूती देता है कि भारतीय सभ्यता एक ही इकाई है। बंगाल में जीत के साथ, खुद को सिर्फ हिंदू, हिंदी, हिंदुस्तान व आक्रामक राजनीति से जोड़कर देखने वाली सोच को भी खत्म कर दिया।

क्षेत्रीय क्षत्रपों का खात्मा भाजपा ने तकरीबन उन सभी क्षेत्रीय क्षत्रपों को खत्म कर दिया, जो उसके लिए चुनौती बन सकते थे। शरद पवार व अरविंद केजरीवाल के कमजोर पड़ने तथा नीतीश कुमार व नवीन पटनायक के प्रभाव के फीका पड़ने के बाद अब ममता, स्टालिन व विजयन भी हार गए। तमिलनाडु में चौंका सकती है पार्टी तमिलनाडु में भाजपा विजय की टीवीके की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ा सकती है। सूत्रों का कहना है, भाजपा ने आखिरी मिनट तक बातचीत का रास्ता खुला रखा था और चूंकि विजय अकेले दम पर सरकार बनाने की स्थिति में नहीं हैं, इसलिए हम विकल्प खुले रखेंगे।

दक्षिण दूर पर 80% आबादी पर राज दक्षिण के दो राज्य केरल व तमिलनाडु अब भी भाजपा की पहुंच से बाहर हैं, पर भाजपाशासित राज्यों में 78% आबादी रहती है। हालांकि, दक्षिण में भाजपा के प्रदर्शन को झटका कहना जल्दबाजी होगी। पार्टी ने केरल में तीन सीटें जीत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। तमिलनाडु में एक सीट पर जीत निराशाजनक है, जो हिंदुत्व संदेश की सीमाएं उजागर करता है। पुडुचेरी ने दिया एनडीए को सहारा दक्षिण भारत में यूं तो आंध्र प्रदेश में एनडीए सरकार है, पर इस बार सिर्फ पुडुचेरी ने ही सहारा दिया। वहां का राजनीतिक इतिहास अस्थिर रहा है। सरकारें बीच में ही गिर जाती हैं, गठबंधन टूट जाते हैं। एआईएनआर कांग्रेस के एनडीए में आने के बाद वहां स्थिरता आई है। भाजपा की दो सीटें कम होने का सरकार पर असर नहीं पड़ेगा।

NATIONAL : ‘कुछ कांग्रेसी TMC की हार पर खुश हो रहे’: अपनों पर बरसे राहुल गांधी, भाजपा की जीत को बताया लोकतंत्र पर हमला

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पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जनादेश की चोरी करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह कदम भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने के मिशन का एक बड़ा हिस्सा है। साथ ही उन्होंने बंगाल में टीएमसी की हार पर अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं के खुश होने पर भी कड़ी आलोचना की।

राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘कांग्रेस के कुछ लोग और अन्य लोग तृणमूल की हार पर खुशी मना रहे हैं। उन्हें यह साफ तौर पर समझने की जरूरत है कि असम और बंगाल के जनादेश की चोरी भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने के भाजपा के मिशन में एक बड़ा कदम है।’
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राहुल गांधी ने अपनी बात जारी रखते हुए आगे कहा, ‘छोटी-मोटी राजनीति को किनारे रख दें। यह किसी एक पार्टी या दूसरी पार्टी के बारे में नहीं है। यह भारत के बारे में है।’

वोट चोरी पर क्या बोले राहुल गांधी?
भाजपा ने पश्चिम बंगाल में दो तिहाई बहुमत के साथ अगली सरकार बनाने की तैयारी कर ली है। इसके साथ ही राज्य में तृणमूल कांग्रेस का 15 साल पुराना शासन खत्म हो गया है। इससे पहले राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वोट चोरी के आरोपों का भी समर्थन किया था।

राहुल गांधी ने कहा, ‘असम और बंगाल चुनाव के नतीजे चुनाव आयोग के समर्थन से भाजपा द्वारा चुराए गए जनादेश के स्पष्ट मामले हैं। हम ममता जी से सहमत हैं। बंगाल में 100 से अधिक सीटें चुराई गई हैं। हमने यह पहले भी मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और लोकसभा चुनाव 2024 में देखा है।’

बंगाल की कौनसी सीट पर दोबारा होगा चुनाव?
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 196 है। चुनाव आयोग ने सोमवार को 293 सीटों के परिणाम घोषित किए। दक्षिण 24 परगना जिले की फालता सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान होगा और 24 मई को इसके नतीजे आएंगे। घोषित परिणामों में भाजपा ने 206 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है जबकि तृणमूल कांग्रेस केवल 81 सीटों पर सिमट गई है।

ममता बनर्जी कितने वोटों से हारीं?
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी भवानीपुर सीट भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से 15 हजार से अधिक वोटों से हार गई हैं। इस चुनाव में कांग्रेस को केवल दो सीटें और माकपा को एक सीट मिली है। वहीं एआईएसएफ को एक और आम जनता उन्नयन पार्टी को दो सीटें मिली हैं।

तृणमूल कांग्रेस का प्रदर्शन कई जिलों में बेहद खराब रहा है। पार्टी कूच बिहार, पूर्वी मेदनीपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग सहित दस जिलों में एक भी सीट नहीं जीत सकी। इसके अलावा तृणमूल को आदिवासी और मतुआ बहुल निर्वाचन क्षेत्रों में भी हार का सामना करना पड़ा है।

असम में भी भाजपा की बड़ी जीत
असम में भी भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने निर्णायक जीत दर्ज की है। भाजपा ने वहां अपनी स्थिति मजबूत करते हुए विपक्ष को हाशिए पर धकेल दिया है। असम में भाजपा ने 82 सीटें जीती हैं जबकि कांग्रेस केवल 19 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई है।

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