Thursday, September 17, 2026
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WORLD : पाकिस्तान ने भारत सीमा पर तैनात कीं 250 चीनी ‘किलर’ तोपें! 72 किमी तक कर सकती हैं तबाह, क्या छेड़ने वाला है जंग?

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क्या पाकिस्तान अपने मुल्क में बढ़ रही हिंसा से दुनिया का ध्यान हटाने के लिए भारत पर हमला करने की साजिश रच है? मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने भारत से लगती सीमाओं पर चीन निर्मित 250 होवित्जर तोपें तैनात कर दी हैं. ये तोपें 72 किमी दूर तक मार करने में सक्षम हैं. ये तोपें ट्रक्ड-माउंटेड सेल्फ-प्रोपेल्ड हैं यानी हमले के तुरंत बाद इन्हें दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है, जिससे जवाबी वार से उन्हें बचाया जा सकता है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के इरादे ठीक नहीं लग रहे हैं. पीओजेके, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में बढ़ रही अलगाववादी हिंसा से दुनिया और अपने देश के लोगों का ध्यान हटाने के लिए वह अब भारत से जंग छेड़ने की साजिश रच रहा है. इसके लिए उसने एकाएक भारत से सटी उत्तरी सीमा से लेकर दक्षिण सीमा तक 155mm तोप प्रणालियों को व्यवस्थित रूप से तैनात करना शुरू कर दिया है.

खुफिया सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने भारत से लगती सीमाओं पर चीन निर्मित 250 ‘SH-15 ट्रक्ड-माउंटेड सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्ज़र’ तोपों को तैनात कर दी हैं. ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा पर यह सबसे बड़ी सैन्य तैनाती मानी जा रही है. भारत ने उस ऑपरेशन में पाकिस्तान के भीतर सटीक हमले करके उसके आतंकी और सैन्य ठिकाने तबाह कर दिए थे और जिन्नालैंड देखता रह गया था.

भारत के खिलाफ तैनात की 250 होवित्जर तोपें
पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ जिन चीनी SH-15 होवित्जर तोपों को तैनात किया है, उनका निर्माण चीन की सरकारी रक्षा कंपनी NORINCO ने किया है. ये तोपें 6×6 बख्तरबंद शांक्सी ट्रकों पर लगी रहती हैं, जो 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़कर तेजी से अपनी लोकेशन बदल सकता है.

चीन निर्मित ये पाकिस्तानी तोपें 155mm/52-कैलिबर की हैं और भारी गोले को 30-40 किलोमीटर तक दाग सकती हैं. जबकि रॉकेट वाले गोले 72 किलोमीटर तक दागे जा सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, ये तोपें स्वचालित फ़ायर-कंट्रोल सिस्टम और हाइड्रोलिक स्टेबलाइज़िंग स्पैड्स से भी लैस है. इसकी वजह से क्रू को तेजी से तैनात होने, प्रति मिनट छह राउंड तक फायर करने और दुश्मन के जवाबी हमले से पहले अपनी जगह बदलने का मौका मिल जाता है.

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को पाकिस्तान ने रावलपिंडी स्थित मिलिट्री हेडक्वार्टर में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ मनाई. इस कार्यक्रम में बोलते हुए, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने पाकिस्तान और चीन के संबंधों को अद्वितीय और समय की कसौटी पर खरा उतरा बताया. उन्होंने कहा कि उभरती क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों के सामने दोनों मुल्कों की दोस्ती अडिग हैं.

सूत्रों का कहना है कि चीन न केवल हथियार देकर पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं को मजबूत कर रहा है बल्कि उसने पाकिस्तान के साथ सैन्य अभ्यास भी बढ़ा दिए हैं. वह पाकिस्तान की खुफिया सूचनाएं जुटाने की क्षमता भी बढ़ा रहा है, जिससे जंग की स्थिति में वह पिछड़ न जाएं. पाकिस्तान की इन तैयारियों को देखते हुए भारत की तीनों सेनाएं भी पूरी तरह सतर्क हैं. वे पाकिस्तान की हरेक चाल को बारीकी से मॉनिटर कर रही हैं, जिससे उसके किसी भी दुस्साहस का करारा जवाब दिया जा सके.

JAMMU KASHMIR : बारामूला और पुलवामा में आतंकियों के दो मददगार गिरफ्तार

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श्रीनगर, दो अगस्त (भाषा) जम्मू-कश्मीर के बारामूला और पुलवामा जिलों में सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के दो मददगारों को गिरफ्तार किया तथा उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किये। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान ऐजाज अहमद गनाई के रूप में हुई है, उसे पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों की एक संयुक्त टीम ने मध्यरात्रि के करीब बारामूला के शीरी इलाके में गोरीवान में एक वाहन जांच चौकी से गिरफ्तार किया।

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने ऐजाज के पास से एक पिस्तौल, 10 कारतूस (नौ मिमी), एक मैगजीन और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।एक अन्य अभियान में सुरक्षा बलों ने पुलवामा जिले के राजपोरा क्षेत्र में जांच के दौरान एक मददगार को गिरफ्तार किया।अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने तौसीफ अहमद डार के कब्जे से एक हथगोला और आपत्तिजनक पोस्टर बरामद किए, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

NATIONAL : महाराष्ट्र में जबरन धर्मांतरण कराया तो होगी 7 से 10 साल की जेल, धर्म बदलने के लिए 60 दिन पहले बताना होगा

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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि संबंधित कानून किसी धर्म विशेष के खिलाफ लक्षित नहीं है, बल्कि इसका मकसद केवल धोखाधड़ी या प्रलोभन के माध्यम से किए जाने वाले धर्मांतरण को रोकना है.

महाराष्ट्र विधानसभा ने सोमवार रात धर्म की स्वतंत्रता विधेयक-2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया. इस धर्मांतरण विरोधी विधेयक में कड़े प्रावधान किए गए हैं, जिनका मकसद जबरदस्ती, धोखाधड़ी, प्रलोभन या विवाह के माध्यम से किए जाने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाना है. इस विधेयक के मुताबिक, विवाह के बहाने गैरकानूनी रूप से धर्मांतरण करने वालों को सात साल कैद की सजा दी जाएगी और उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा. बता दें कि इसी तरह के कानून उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, ओडिशा, गुजरात, कर्नाटक और झारखंड में पहले से ही लागू हैं.

विधेयक के अनुसार, किसी नाबालिग, मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति, महिला या अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति के संबंध में किए गए उल्लंघन के लिए सात साल कारावास की सजा और पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. सामूहिक रूप से धर्मांतरण कराने पर सात साल की कैद और पांच लाख रुपये के जुर्माने की सजा होगी. विधेयक के अनुसार, बार-बार अपराध करने वालों को 10 साल की कैद और पांच लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है. बिल के अनुसार, धर्म परिवर्तन के बाद अगर बच्चा पैदा होता है तो वह उस धर्म का माना जाएगा, जिस धर्म को उसकी मां शादी के पहले मानती थी.

धोखाधड़ी से होने वाले धर्मांतरण को रोकने पर फोकस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि संबंधित कानून किसी धर्म विशेष के खिलाफ लक्षित नहीं है, बल्कि इसका मकसद केवल धोखाधड़ी या प्रलोभन के माध्यम से किए जाने वाले धर्मांतरण को रोकना है. वहीं, गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर ने कहा कि प्रस्तावित कानून का मकसद संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए धोखाधड़ी, जबरदस्ती या प्रलोभन के माध्यम से किए जाने वाले धर्मांतरण पर अंकुश लगाना है.

धर्मांतरण के लिए 60 दिन पहले बताना होगा
महाराष्ट्र में धर्म बदलने के लिए अब 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को इसके बारे में सूचना देना अनिवार्य होगा. इसे लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं. इस पर गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर ने कहा कि इस प्रावधान का मकसद केवल यह जांचना है कि धर्मांतरण मर्जी से हो रहा है, न कि धोखाधड़ी, बल या प्रलोभन के माध्यम से. इस प्रक्रिया का मकसद व्यक्तिगत स्वतंत्रता को प्रतिबंधित करने के बजाय पारदर्शिता और सुरक्षा देना है.

धर्मांतरण विरोधी विधेयक विधानसभा से पास
बता दें कि इस विधेयक को महाराष्ट्र सरकार की मंजूरी तो मार्च की शुरुआत में ही मिल गई थी. इसे विधानसभा में पेश किया जाना था. अब विधानसभा से भी इसे पारित कर दिया गया है. राज्य के मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे ने पिछले दिनों कहा था कि महाराष्ट्र में यह विधेयक मध्य प्रदेश और गुजरात में लागू कानूनों से भी ज्यादा सख्त होगा. इसके कानून बनने के बाद किसी को जबरन धर्मांतरण कराना या लालच देकर धर्म बदलवाना गैर-जमानती अपराध माना जाएगा.

NATIONAL : NEET विवाद के बाद NTA में बड़ा फेरबदल, जानें सरकार इसमें कैसे दे सकती है दखल और कया है कानूनी स्थिति?

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केंद्र सरकार ने एनटीए में बड़े स्तर पर सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी है. नए पदों पर नियुक्ति से लेकर सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी, जांच व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे तक कई बदलाव किए जा रहे हैं.

नीट यूजी परीक्षा को लेकर चल रहे विवादों के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली एक बार फिर चर्चा में है. लगातार उठे सवालों के बीच के केंद्र सरकार ने एजेंसी में बड़े स्तर पर सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी है. नए पदों पर नियुक्ति से लेकर सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी, जांच व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे तक कई बदलाव किए जा रहे हैं. साथ ही एनटीए से जुड़े 47 अधिकारियों को हटाने और कुछ मामलों में कानूनी कार्रवाई की जानकारी भी सामने आई है.

इस इन सबके बीच एक बड़ा सवाल यह भी उठने लगा है कि जब एनटीए एक स्वायत्त संस्था है, तो सरकार इसमें कैसे दखल दे सकती हैं, क्या केंद्र सरकार सीधे बदलाव कर सकती है और इसकी कानूनी स्थिति क्या है?

आखिर एनटीए में बदलाव की क्यों पड़ी जरूरत

पिछले दो सालों में एनटीए की विश्वसनीयता पर कई सवाल उठे. नीट यूजी 2024 पेपर लीक मामले में बिहार पुलिस और बाद में सीबीआई की जांच शुरू हुई. वहीं यूजीसी नेट परीक्षा संभावित पेपर लीक की आशंका के चलते रद्द करनी पड़ी. इससे पहले सीयूईटी यूजी के शुरुआती संस्करण में भी तकनीकी और संचालन संबंधी गड़बड़ियां सामने आई. वहीं हाल ही में नीट यूजी पेपर 2026 लीक होने के बाद भी लगातार सवाल उठ रहे हैं और पेपर लीक को लेकर देशभर में प्रदर्शन जारी है. इन घटनाओं के बाद परीक्षा सुरक्षा, प्रश्न पत्रों की गोपनीयता, डेटा सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और एजेंसी की प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. इसी के बाद केंद्र सरकार ने इसरो के पूर्व प्रमुख प्रो. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक हाई लेवल एक्सपर्ट कमेटी बनाई है, जिसने एनटीए में संस्थागत सुधारों की सिफारिश की. अब उन्हीं सिफारिश को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है.

एनटीए में क्या-क्या किए जा रहे हैं बदलाव

एनटीए ने पहली बार चार वरिष्ठ स्तर के जनरल मैनेजर पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है. इन अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल परीक्षा आयोजित करना ही नहीं होगी, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और वैज्ञानिक भी बनाना होगी. रिपोर्ट के अनुसार एनटीए ने 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर की है. इनमें कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और अपराधी कार्रवाई भी की जा सकती है. सरकार का कहना है कि कदम एजेंसी में जवाबदेही तय करने और व्यापक सुधार प्रक्रिया का हिस्सा है. आने वाले समय में प्रशासनिक राज्य और आउटसोर्सिंग व्यवस्था में भी बदलाव किए जा सकते हैं.

एनटीए में कैसे दखल दे सकती है सरकार

एनटीए को एक स्वायत्त संस्था है, लेकिन इसका संचालन पूरी तरह सरकार से अलग नहीं है. एजेंसी शिक्षा मंत्रालय के अधीन काम करती है और इसके प्रशासनिक व नीतिगत फैसलों में केंद्र सरकार की बड़ी भूमिका रहती है. एनटीए का गठन 2017 में शिक्षा मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्था के रूप में किया गया था. यह सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत रजिस्टर्ड हैं और सूचना का अधिकार कानून के दायरे में आती है. वहीं एनटीए की गवर्निंग बॉडी का नेतृत्व उच्च शिक्षा विभाग के सचिव करते हैं, यही निकाय एजेंसी की नीतियां, प्रशासनिक दिशा और बड़े फैसलों को मंजूरी देता है. इसलिए आवश्यकता पड़ने पर शिक्षा मंत्रालय एनटीए में सुधारों को लागू कर सकता है. एनटीए में स्थायी पदों की संख्या भी सीमित है, कई अधिकारी डेपुटेशन के जरिए विभिन्न सरकारी विभाग और संस्थाओं से आते हैं. ऐसे में वरिष्ठ स्तर की नियुक्तियों और प्रशासनिक बदलाव में केंद्र सरकार की बड़ी भूमिका बनी रहती है. हालिया विवादों के बाद भी केंद्र सरकार एजेंसी के पूरे ढांचे की समीक्षा कर रही है. विशेषज्ञ समिति की सिफारिश के आधार पर आउटसोर्सिंग व्यवस्था, परीक्षा संचालन और कई बदलाव किए जा रहे हैं.

एनटीए की कानूनी हैसियत

एनटीए कोई संवैधानिक संस्था नहीं है, एनटीए को राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने के लिए बनाया गया है. वहीं इसका गठन शिक्षा मंत्रालय के तहत किया गया है और यह एक रजिस्टर्ड सोसाइटी के रूप में काम करती है. इसलिए एजेंसी को संचालन में स्वायत्तता जरूर प्राप्त है, लेकिन नीतिगत और प्रशासनिक संस्थागत स्तर पर केंद्र सरकार की इसमें भूमिका बनी रहती है. इसलिए जरूरत पड़ने पर सरकार इसमें सुधार, पुनर्गठन और प्रशासनिक बदलाव कर सकती है.

WORLD : ट्रंप का ऐलानः खत्म होगा ईरान युद्ध; समझौते की रूपरेखा तैयार, फिलहाल अमेरिकी हमले बंद

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए समझौते की रूपरेखा तैयार हो गई है। फिलहाल अमेरिका नए हमले नहीं करेगा। प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य खोलना और परमाणु विवाद खत्म करना शामिल है। सऊदी अरब ने भी…

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया कि पश्चिम एशिया के सहयोगी देशों ने ईरान के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते की रूपरेखा पर सहमति बना ली है। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह पांच महीने से जारी इस संघर्ष में ईरान पर नए सैन्य हमले का आदेश नहीं देंगे। ट्रंप ने शनिवार को कहा कि इस समझौते में ”होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल और पूरी तरह खोलना तथा ईरान के परमाणु खतरे का अंत शामिल होगा।” उन्होंने कहा, ”इस अनुरोध के आधार पर मैंने दुनिया के भविष्य के हित में और साथ ही एक सफल एवं समृद्ध ईरान के अस्तित्व को ध्यान में रखते हुए, फिलहाल हमलों को रोकने पर सहमति दी है, बशर्ते कि शीघ्र ही कोई समझौता हो सके।”

ट्रंप ने यह भी कहा कि इजराइल ने ईरान के साथ ऐसा समझौता पूरा कराने के अमेरिकी प्रयासों में शामिल होने पर सहमति जताई है, जिससे युद्ध समाप्त हो सके। इससे पहले शनिवार को सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से फोन पर बातचीत के दौरान अमेरिका द्वारा ईरान पर नए हमले करने की आशंका पर चिंता व्यक्त की। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत से परिचित एक व्यक्ति ने यह जानकारी दी। समाचार वेबसाइट ‘एक्सियोस’ ने सबसे पहले इस बातचीत की जानकारी दी। यह बातचीत ऐसे समय हुई जब ट्रंप ईरान पर नए सैन्य हमले करने पर विचार कर रहे थे। बातचीत से अवगत व्यक्ति ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि सऊदी अरब को आशंका है कि यदि अमेरिका, ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाता है या अन्य प्रमुख बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमले करता है, तो तेहरान जवाबी कार्रवाई में सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमला कर सकता है।

सूत्र के अनुसार, सलमान ने बातचीत के दौरान ट्रंप से यह स्पष्ट करने को कहा कि वह ईरान के खिलाफ किस प्रकार की नयी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस ने नाम न उजागर करने की शर्त पर पुष्टि की कि दोनों नेताओं के बीच शनिवार को बातचीत हुई, लेकिन बातचीत की विषय-वस्तु के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इस सप्ताह की शुरुआत में सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे कई रसद और हथियार ठिकानों पर हमले में अमेरिका का साथ दिया था। हालांकि, वह लगातार अमेरिका और ईरान से पांच महीने पुराने इस संघर्ष का समाधान निकालने के लिए फिर से बातचीत शुरू करने का आग्रह करता रहा है। सलमान ने अपने भाई और सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान को भी बुधवार को वाशिंगटन भेजा था, जहां उन्होंने ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से अलग-अलग मुलाकात कर ईरान से संबंधित रणनीति पर चर्चा की। वहीं, ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की।

फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद यह दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की बैठक थी। नेतन्याहू ने ट्रंप से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने का आग्रह किया। इस बीच, शनिवार को अमेरिकी विदेश विभाग ने 10 देशों में रह रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए नयी सुरक्षा चेतावनी जारी की और ईरान के साथ बढ़ते तनाव के मद्देनजर उन्हें अधिक सतर्क रहने की सलाह दी। ये चेतावनियां बहरीन, इजराइल, इराक, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के लिए जारी की गई हैं। इनमें अमेरिकी नागरिकों से संभावित उड़ान रद्द होने, अस्थायी रूप से हवाई क्षेत्र बंद किए जाने तथा यात्रा में अन्य प्रकार की बाधाओं के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

WORLD : ‘मैं लोगों की जान नहीं लेना चाहता’, ईरान के खिलाफ हमले रोकने के बाद ट्रंप बोले- सोमवार से शुरू होगी बातचीत

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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्र्ंप का बड़ा बयान सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत सोमवार दोपहर से मध्यस्थों के जरिए शुरू होगी। ट्रंप ने इस बात पर भी जोर दिया कि खाड़ी देशों के बीच-बचाव के बाद उन्होंने ईरान पर होने वाले अपने सैन्य हमलों को फिलहाल रोक दिया है।

एयर फोर्स वन (अमरीकी राष्ट्रपति के विमान) में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने उम्मीद जताई कि बातचीत से कोई रास्ता निकल आएगा। उन्होंने कहा कि हम उनके साथ बातचीत कर रहे हैं और यह कल दोपहर से शुरू होगी। देखते हैं आगे क्या होता है। मैं कोई समझौता करना चाहता हूं, मैं लोगों की जान नहीं लेना चाहता क्योंकि इससे बहुत से लोग मारे जाते हैं।

हमले क्यों रोके गए?
इस बात की जानकारी देते हुए ट्रंप ने बताया कि सऊदी अरब, यूएई, कतर और ओमान की कूटनीतिक कोशिशों की वजह से उन्होंने शुक्रवार को ईरान पर होने वाले एक बड़े हमले को रद्द कर दिया। बता दें कि इस क्षेत्र में जहाजों के आने-जाने को लेकर विवाद चल रहा है।

मध्यस्थ देश चाहते हैं कि 60 दिनों के लिए एक समझौता हो, जिसके तहत यह रास्ता खुला रहे और कोई टैक्स न वसूला जाए। जहां एक ओर ईरान और ओमान के बीच इसे लेकर बातचीत अंतिम दौर में है। वहीं दूसरी ओर ट्रंप को उम्मीद है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी कोई पक्की सहमति बन जाएगी।

खाड़ी देशों की अलग-अलग राय
हालांकि गौर करने वाली बात यह भी है कि सऊदी अरब अमरीका से हमले ना करने की और संयम बरतने की अपील कर रहा है, जबकि यूएई का मानना है कि अमरीका को ईरान के खिलाफ और सख्त कदम उठाने चाहिए। दूसरी तरफ, ईरानी सैन्य अधिकारियों ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उन्हें गलत बताया है।

ईरान की ‘फार्स न्यूज एजेंसी’ से जुड़े एक सूत्र का कहना है कि अभी तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कोई आधिकारिक समझौता नहीं हुआ है। ऐसे में अब देखना यह होगा कि सोमवार से शुरू होने वाली इस बातचीत से क्षेत्र में शांति कायम हो पाती है या तनाव और बढ़ता है।

Pakistan : पाकिस्तान में शांति रैली के दौरान आत्मघाती हमला; 14 की मौत, 12 से ज्यादा घायल; जांच में जुटी पुलिस

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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में शांति रैली के दौरान हुए विस्फोट में पांच सुरक्षाकर्मियों समेत 14 लोगों की मौत हो गई और 12 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह आत्मघाती हमला हो सकता है। पुलिस ने इलाके में घेराबंदी करके जांच शुरू कर दी है।

पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा के स्वात जिले में रविवार को एक शांति रैली के दौरान हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, इसमें पांच सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। इस धमाके में 12 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक, धमाके के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जिला प्रशासन के अनुसार, यह विस्फोट स्वात जिले के कबाल कस्बे में उस समय हुआ, जब स्वात पीस रैली निकाली जा रही थी। रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे, जो क्षेत्र में शांति बहाल करने और बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।

आत्मघाती हमला होने की आशंका
स्वात पुलिस ने शुरुआती जानकारी के आधार पर बताया कि विस्फोट में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई है और 12 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सूत्रों का कहना है कि धमाका आत्मघाती हमला हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। जांच एजेंसियां घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

शांति की मांग के लिए निकाली गई थी रैली
यह रैली स्वात अमन जिरगा की ओर से आयोजित की गई थी। रैली में शामिल लोग हाथों में तख्तियां लेकर और नारे लगाकर क्षेत्र में शांति बहाल करने की मांग कर रहे थे। पिछले कुछ महीनों में स्वात और आसपास के इलाकों में सुरक्षा हालात बिगड़ने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके विरोध में यह रैली निकाली गई थी।

घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
धमाके के तुरंत बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि विस्फोट के कारणों और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। फिलहाल किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

WORLD : अमेरिका के फैसले पर ईरानी मीडिया का तंज, कहा- ट्रंप पीछे हटे, हमले टालना खोखली धमकी

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ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा खोलने के समझौते के दावे को खारिज कर दिया है। तेहरान ने कहा कि कोई समझौता नहीं हुआ है, हालांकि ओमान के साथ वार्ता अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

ईरान पर संभावित सैन्य हमले फिलहाल टालने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बाद ईरानी मीडिया ने उन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कई ईरानी मीडिया संस्थानों ने ट्रंप की आलोचना करते हुए उनके फैसले को अमेरिका की पीछे हटने की रणनीति बताया।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि ईरान और पश्चिम एशिया के कुछ अन्य देशों के अनुरोध के बाद उन्होंने सैन्य कार्रवाई फिलहाल रोकने का फैसला किया। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों के बीच समझौते के कुछ प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत, पूरी तरह और बिना शर्त खोलना भी शामिल है।

हालांकि, ईरान के सरकारी मीडिया में ऐसी किसी अपील या होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर रुख में बदलाव की कोई पुष्टि नहीं की गई। इसके बजाय ईरानी मीडिया ने ट्रंप के बयान को अमेरिका के पीछे हटने के रूप में पेश किया। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए लिखा ‘मूर्ख ट्रंप की अब हवा निकल गई है।’ वहीं, अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर ने ट्रंप के इस दावे को खारिज किया कि तेहरान ने हमले रोकने का अनुरोध किया था। एजेंसी ने कहा कि ट्रंप एक बार फिर अपनी खोखली धमकियों से पीछे हट गए और दुनिया के सामने इसे अपने फैसले के तौर पर पेश किया।

रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से बातचीत में आशंका जताई कि यदि अमेरिका ने ईरान पर नया हमला किया और उसके जवाब में तेहरान ने खाड़ी देशों को निशाना बनाया, तो इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है। ट्रंप ने भी स्वीकार किया कि सऊदी अरब की इस चिंता ने उनके फैसले को प्रभावित किया और इसी वजह से उन्होंने फिलहाल सैन्य कार्रवाई टालकर कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य युद्ध से पहले जैसी स्थिति में नहीं लौटेगा। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर ओमान के साथ चर्चा जारी है, लेकिन फिलहाल जलमार्ग को दोबारा खोलने पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। वहीं, ईरान के रक्षा मंत्री ने कहा कि देश अमेरिकी खतरों को लेकर सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच बातचीत अगली दोपहर फिर शुरू हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वार्ता में कौन-कौन शामिल होगा। क्षेत्रीय मध्यस्थता से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, प्रस्ताव में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता बहाल करने, होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही फिर शुरू करने और क्षेत्र में हमलों पर रोक लगाने की बात शामिल है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान पर नए सैन्य हमले का आदेश फिलहाल रोकने का फैसला कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे खाड़ी देशों के नेताओं की सलाह के बाद लिया। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना रविवार को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा हमला करने की तैयारी में थी, लेकिन कूटनीति को मौका देने के लिए इस योजना को स्थगित कर दिया गया।

ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से पूछा था कि सैन्य कार्रवाई की जाए या नहीं। उनके अनुसार, खाड़ी देशों के नेताओं ने हमले के बजाय समझौते को प्राथमिकता देने की बात कही, क्योंकि सैन्य कार्रवाई के परिणामों का अनुमान लगाना मुश्किल होता है।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि ओमान के साथ ऐसा समुद्री मार्ग तय करने पर सहमति बनने की उम्मीद है, जो दोनों देशों के हितों और सुरक्षा का सम्मान करे। हालांकि उन्होंने साफ किया कि ओमान के साथ समझौते का मतलब यह नहीं होगा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खोल दिया जाएगा।

BUSINESS : आज से बदला शेयर बाजार में ट्रेडिंग का समय, SEBI ने लागू किया नया नियम

निवेशकों के लिए आज से नया नियम लागू कर दिया है। इसके तहत सोमवार, 3 अगस्त से डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग के समय में बदलाव किया गया है। अब निवेशकों को स्टॉक मार्केट के फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O trading hours Change) ट्रेडिंग के समय में बदलाव देखने को मिलेगा।

SEBI ने नया सिस्टम आज से क्यों लागू किया है?
मार्केट रेगुलेटर ने ट्रेडिंग का एक नया सिस्टम लागू किया है। इसका मकसद कीमतों का सही पता लगाने की प्रोसेस को ज्यादा मजबूत करना, मार्केट के काम करने के तरीके को बेहतर बनाना और भारत के शेयर मार्केट स्ट्रक्चर को ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के अनुरूप बनाना है।

नए ढांचे की एक प्रमुख विशेषता इक्विटी कैश सेगमेंट में शेयरों के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) की शुरुआत है।

SEBI ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य नीलामी तंत्र के माध्यम से क्लोजिंग प्राइस का निष्पक्ष और पारदर्शी निर्धारण सुनिश्चित करना है, साथ ही लिक्विडिटी और सेल और बाइंग सिस्टम में सुधार करना भी है।

आज से शेयर बाजार के बंद होने की नई टाइमिंग क्या होगी?
नए शेड्यूल के तहत, F&O स्टॉक्स (Stock market timings Change) में रेगुलर ट्रेडिंग दोपहर 3:15 बजे तक जारी रहेगी, जिसके बाद 3:20 बजे तक एक ट्रांजिशन पीरियड होगा।

इसके बाद 3:25 बजे से 3:30 बजे तक दूसरा ऑर्डर एंट्री फेज होगा, जिसके दौरान इन्वेस्टर्स को मार्केट ऑर्डर में बदलाव करने या उन्हें कैंसिल करने की इजाजत नहीं होगी।

ऑक्शन इस फेज के आखिरी दो मिनटों में खत्म हो जाएगा।ऑर्डर मैचिंग का काम दोपहर 3:30 बजे से 3:35 बजे के बीच होगा, जिसके बाद ऑक्शन की कीमत तय की जाएगीक्लोजिंग ऑक्शन सेशन से तय हुई कीमत ही सभी F&O स्टॉक्स के लिए आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस मानी जाएगी।SEBI ने साफ किया है कि नॉन-F&O इक्विटी कैश स्टॉक्स के लिए ट्रेडिंग के समय में कोई बदलाव नहीं होगा और मार्केट दोपहर 3:30 बजे ही बंद होगा।रेगुलेटर ने इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में ट्रेडिंग का समय भी 10 मिनट बढ़ा दिया है। F&O सेगमेंट में ट्रेडिंग अब दोपहर 3:40 बजे तक चलेगी, जबकि बाकी सभी मार्केट सेगमेंट के लिए समय में कोई बदलाव नहीं होगा।

एक और अहम बदलाव प्री-ओपन सेशन से जुड़ा है। नए नियमों के तहत, ऑर्डर एंट्री विंडो सुबह 9:00 बजे से 9:07 बजे तक खुली रहेगी, और इसके बाद सुबह 9:07 बजे से 9:15 बजे तक ऑर्डर मैचिंग होगी। रेगुलर ट्रेडिंग सेशन सुबह 9:15 बजे शुरू होगा।

SEBI के इस बदलाव पर निखिल कामथ ने क्या कहा?
इस बदलाव का मकसद दो मुद्दों को हल करना है। जेरोधा के फाउंडर नितिन कामथ ने हाल ही में सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इस कदम का मकसद स्टॉक की कीमतों में हेर-फेर को रोकना है। उन्होंने कहा कि इंडेक्स को ट्रैक करने वाले पैसिव फंड्स को क्लोजिंग प्राइस से मैच करने के लिए दिन के आखिर में बड़े ऑर्डर पूरे करने होते हैं, और चूंकि इन ऑर्डर्स से कीमतें बदल सकती हैं, इसलिए ट्रैकिंग एरर का रिस्क बढ़ जाता है।

दूसरी बात, उन्होंने देखा कि आखिरी कुछ मिनटों में दिए गए बड़े ऑर्डर, किसी स्टॉक की क्लोजिंग प्राइस और उन इंडेक्स पर काफी असर डाल सकते हैं जिनका वह हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ऐसी चिंताएं रही हैं कि इसका इस्तेमाल इंडेक्स को खास क्लोजिंग लेवल तक ले जाने के लिए किया जा सकता है। चूंकि CAS सभी ऑर्डर को एक साथ लाता है और उन्हें एक ही कीमत पर मैच करता है, इसलिए क्लोजिंग प्राइस को प्रभावित करना मुश्किल हो जाता है।

NATIONAL : राजस्थान में आज 5 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, जयपुर-अजमेर में 2 इंच तक बरसात

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बीते 24 घंटे के दौरान जयपुर, अजमेर, सीकर, झुंझुनूं, बूंदी, कोटा और प्रतापगढ़ सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर एक से दो इंच तक पानी बरसा, जिससे मौसम सुहावना हो गया।बीते 24 घंटे के दौरान जयपुर, अजमेर, सीकर, झुंझुनूं, बूंदी, कोटा और प्रतापगढ़ सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर एक से दो इंच तक पानी बरसा, जिससे मौसम सुहावना हो गया।

राजस्थान में अगस्त की शुरुआत मानसून की तेज बारिश के साथ होने जा रही है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 5 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि बाकी जिलों के लिए यलो अलर्ट लागू किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि शुक्रवार से अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। इससे जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों में पानी बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।

बीते 24 घंटे के दौरान जयपुर, अजमेर, सीकर, झुंझुनूं, बूंदी, कोटा और प्रतापगढ़ सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर एक से दो इंच तक पानी बरसा, जिससे मौसम सुहावना हो गया। कोटा और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में तेज बारिश के चलते मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, मानसून ट्रफ फिलहाल जैसलमेर, कोटा और रायसेन होते हुए छत्तीसगढ़ के ऊपर बने डीप-डिप्रेशन सिस्टम से होकर गुजर रही है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसी के प्रभाव से राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में 5 से 6 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में हल्की से मध्यम और कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

एक ओर पूर्वी जिलों में बारिश का सिलसिला जारी है, वहीं पश्चिमी राजस्थान में वेस्टर्न विंड्स के कारण गर्मी का असर बना हुआ है। जैसलमेर और बाड़मेर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। गुरुवार को जैसलमेर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बाड़मेर में 40.1, बीकानेर में 39.6, फलोदी में 38.8 और चूरू में 38.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो अजमेर जिले के सरवाड़ में सबसे ज्यादा 45 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सीकर के नीमकाथाना में 34 मिमी, रींगस में 29 मिमी और खंडेला में 27 मिमी बारिश हुई। प्रतापगढ़ के सुहागपुरा में 23 मिमी, पीपलखूंट में 18 मिमी, झुंझुनूं के खेतड़ी में 18 मिमी तथा कोटा के सांगोद में 20 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इन इलाकों में खेतों और जलाशयों में पानी की अच्छी आवक हुई है।

राजधानी जयपुर में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। शहर में हल्की बारिश हुई, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर अच्छी बरसात दर्ज की गई। जालसू में 43 मिमी, कालवाड़ में 34 मिमी, चौमूं में 25 मिमी, फागी में 21 मिमी, शाहपुरा और दूदू में 20-20 मिमी तथा जोबनेर में 14 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जयपुर का अधिकतम तापमान 34.2 और न्यूनतम 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कई जिलों में बदला मौसम का मिजाज
अलवर में बादलों की आवाजाही के कारण लोगों को तेज धूप से राहत मिली और अगले 24 घंटे में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। सीकर में सुबह बादल छाए रहे, जबकि दोपहर बाद धूप निकलने से उमस बढ़ी, हालांकि अगस्त के पहले सप्ताह में सामान्य से अच्छी बारिश की उम्मीद है। कोटा में सावन के पहले दिन दोपहर में रिमझिम बारिश हुई, लेकिन बाद में धूप निकलने से उमस बढ़ गई। उदयपुर शहर में शाम के समय हल्की बारिश हुई, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली। वहीं जोधपुर में बारिश नहीं होने से उमस बनी रही, हालांकि अगले छह दिनों तक यलो अलर्ट जारी किया गया है। अजमेर में सुबह बारिश के बाद धूप निकलने से उमस बढ़ी, लेकिन अगले 24 से 48 घंटे में मध्यम से तेज बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले जिलों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है। यदि मौजूदा मौसम प्रणाली सक्रिय बनी रहती है तो अगस्त के पहले सप्ताह में राजस्थान के कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे मानसून और मजबूत होने की उम्मीद है।

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