Friday, June 26, 2026
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NATIONAL : कांग्रेस के समर्थन से बन पाएगी विजय ‘सरकार’? आज राज्यपाल से मिलेंगे टीवी के प्रमुख

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तमिलनाडु में नई सरकार के गठन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने बताया कि अभिनेता विजय ने उनकी पार्टी से समर्थन की मांग की है। कांग्रेस ने स्पष्ट कहा कि पार्टी किसी भी हाल में भाजपा या उसके सहयोगियों को राज्य में सरकार चलाने की अनुमति नहीं देना चाहती। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी कहा जा रहा है कि विजय सात मई यानी कल शपथ ले सकते हैं।

तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों (बहुमत) की जरूरत होती है। चुनाव में टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं और अब 5 विधायकों वाली कांग्रेस ने भी उन्हें अपना समर्थन दे दिया है। इन दोनों पार्टियों को मिलाने पर कुल आंकड़ा 113 (108+5) पहुंचता है। इसका सीधा मतलब है कि सिर्फ कांग्रेस के समर्थन भर से टीवीके पूर्ण बहुमत की सरकार नहीं बना सकती है। बहुमत के जादुई आंकड़े (118) तक पहुंचने के लिए टीवीके को अभी भी कम से कम 5 और विधायकों की जरूरत है।

बहुमत साबित करने और सरकार बनाने के लिए टीवीके को अब अन्य दलों की मदद लेनी होगी। राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चा तेज है कि अन्नाद्रमुक टीवीके को सरकार बनाने के लिए बिना शर्त समर्थन दे सकती है। इसके अलावा द्रमुक नेता कनिमोझी ने भी यह दावा किया है कि अन्नाद्रमुक के 21 विधायक टूटकर सीधे टीवीके में शामिल हो सकते हैं। अगर अन्नाद्रमुक का समर्थन मिलता है या कुछ अन्य छोटे दल और निर्दलीय विधायक टीवीके के पाले में आते हैं, तो विजय आसानी से बहुमत का यह आंकड़ा पार कर लेंगे और राज्य के मुख्यमंत्री बन जाएंगे।

तमिलनाडु में नई सरकार बनाने के लिए टीवीके अध्यक्ष सी. विजय ने आधिकारिक तौर पर कांग्रेस से समर्थन मांगा था। इसके जवाब में तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस विधायक दल ने टीवीके को अपना पूर्ण समर्थन देने का अहम फैसला किया है। हालांकि, कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि उनका यह समर्थन सशर्त होगा। कांग्रेस की कड़ी शर्त है कि टीवीके इस गठबंधन से उन साम्प्रदायिक ताकतों को पूरी तरह दूर रखे, जो भारत के संविधान में विश्वास नहीं रखती हैं। कांग्रेस ने कहा कि टीवीके और उनका यह गठबंधन पेरियार के सामाजिक न्याय और डॉ. बीआर अंबेडकर के संवैधानिक आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध है। यह गठबंधन राज्य में महान नेता कामराज के गौरवशाली दिनों को वापस लाने का प्रयास करेगा।

तमिलनाडु में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में चेन्नई स्थित राज्य सचिवालय में राजनीतिक हलचल देखने को मिली। टीवीके के नेता और नवनिर्वाचित विधायक केए सेंगोट्टैयन राज्य सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने विधानसभा सचिव के साथ एक अहम मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, इस विशेष मुलाकात का मुख्य उद्देश्य नई विधानसभा के लिए प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति के मुद्दे पर चर्चा करना था। सरकार गठन की दिशा में इसे एक अहम कदम माना जा रहा है, क्योंकि नई विधानसभा का सत्र शुरू होने पर प्रोटेम स्पीकर ही सभी नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाते हैं।

तमिलनाडु में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने एएनआई को इस बात की आधिकारिक पुष्टि की है कि टीवीके प्रमुख विजय आज उनसे मुलाकात कर रहे हैं। राज्यपाल ने बताया कि विजय ने उन्हें इसके लिए एक पत्र भी लिखा था।

तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके को समर्थन देने के कांग्रेस के फैसले का पार्टी सांसद कार्ति चिदंबरम ने पुरजोर बचाव किया है। चेन्नई में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने इसे एक सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया बताया। कार्ति ने कहा कि यह कोई असामान्य बात नहीं है; जब चुनाव में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है, तो चुनाव में एक-दूसरे के खिलाफ लड़ने वाली पार्टियां भी साथ आ जाती हैं।

उन्होंने यूरोपीय देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि जर्मनी, नीदरलैंड और बेल्जियम में यह बहुत आम है। वहां कई बार गठबंधन सरकार बनाने में महीनों लग जाते हैं। कार्ति चिदंबरम ने कहा कि टीवीके एक धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने को लेकर बिल्कुल स्पष्ट है और राजनीतिक दलों से संपर्क साधकर सही दिशा में काम कर रही है। कांग्रेस ने टीवीके के इसी दृष्टिकोण और अपनी पार्टी के अंदर हर स्तर पर उचित विचार-विमर्श करने के बाद ही उन्हें अपना समर्थन देने का यह बड़ा फैसला किया है।

NATIONAL : असम-बंगाल में कांग्रेस के 21 में से 20 विधायक मुस्लिम:AIUDF बोली- कांग्रेस ‘मुस्लिम लीग’ बनी; भाजपा ने किसी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया था

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पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में मुस्लिम सीटों पर सबसे अलग ट्रेंड बंगाल में दिखा। यहां 142 मुस्लिम सीटों में से भाजपा ने 72, टीएमसी ने 64 सीटें और कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं। वहीं, असम की 22 मुस्लिम बहुल सीटों पर कांग्रेस को 18, AIUDF को 2 सीटें मिलीं।केरलम की 44 मुस्लिम बहुल सीटों में IUML को 21 और कांग्रेस को 14 सीटें मिलीं। केरलम में कांग्रेस ने 114 सीटों पर चुनाव लड़ा, इसमें 63 सीटें मिलीं। यहां उसके 8 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव जीते हैं।

कांग्रेस ने बंगाल और असम में कुल 390 सीटों पर चुनाव लड़ा। 21 सीटों पर जीत दर्ज की, इनमें से 20 मुस्लिम विधायक हैं। इधर भाजपा ने एक भी मुस्लिम उम्मीवार को टिकट नहीं दिया।AIUDF के नेता बदरुद्दीन अजमल ने तंज कसते हुए कहा- ‘असम में कांग्रेस अब मुस्लिम लीग बन चुकी है।’ पहले AIUDF का कांग्रेस के साथ गठबंधन था।

असम में कांग्रेस ने 19 सीटें जीती हैं, इनमें से 18 विधायक मुस्लिम हैं। पार्टी ने 20 मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। 79 गैर-मुस्लिम कैंडिडेट्स में से सिर्फ एक जीत पाया।बंगाल में कांग्रेस ने 292 सीटों पर चुनाव लड़ा था। सिर्फ दो सीटों पर जीत दर्ज की। दोनों ही मुस्लिम विधायक हैं।केरल में 35 मुस्लिम कैंडिडेट चुनाव जीते हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 22 IUML के और 8 कांग्रेस के हैं। बाकी 5 अन्य दलों से हैं।बंगाल में कांग्रेस ने TMC से ज्यादा मुसलमानों को टिकट दिया

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने 63 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया। वहीं, 15 साल से शासन कर रही TMC ने 47 मुस्लिम कैंडिडेट्स उतारे। कांग्रेस ने 2021 में भी 94 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे।असम की कई सीटों पर कांग्रेस और उसके सहयोगियों के मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत की दर 80 प्रतिशत से भी ज्यादा रही है। कई सीटों पर तो कांग्रेस उम्मीदवारों ने 1 लाख से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की है।

BUSINESS : गन्ना किसानों को मोदी सरकार की बड़ी सौगात; 2026-27 के लिए 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किए दाम, इन योजनाओं को भी मिली मंजूरी

केंद्र सरकार ने किसानों और उद्योग दोनों को ध्यान में रखते हुए कई बड़े फैसले लिए हैं। इनमें गन्ना किसानों के लिए लाभकारी मूल्य 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके साथ ही 5,659 करोड़ रुपये के ‘कपास उत्पादकता मिशन’को भी मंजूरी दी गई। साथ ही दो नए सेमीकंडक्टर यूनिट और गुजरात के वडिनार में जहाज मरम्मत इकाई के साथ ही आपातकालीन ऋण गारंटी योजना की मंजूरी भी शामिल है।
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केंद्र सरकार ने फसल वर्ष 2026-27 के लिए गन्ना किसानों को बड़ी राहत दी है। मोदी कैबिनेट ने गन्ने का लाभकारी मूल्य (FRP)365 रुपये प्रति क्विंटल तय करने को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह फैसला किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

कपास उत्पादकता बढ़ाने के लिए 5,659 करोड़ रुपये के मिशन को भी मंजूरी
इसके अलावा, पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कपास क्षेत्र को लेकर भी एक बड़ा निर्णय लिया गया। सरकार ने 5,659.22 करोड़ रुपये के ‘कपास उत्पादकता मिशन’ (2026-27 से 2030-31) को मंजूरी दी है। यह मिशन कपास उत्पादन में गिरावट, कम उत्पादकता और गुणवत्ता संबंधी समस्याओं को दूर करने पर केंद्रित रहेगा।यह मिशन सरकार के ’5एफ विजन’ यानी खेत (फार्म) से रेशा (फाइबर), फाइबर से कारखाना (फैक्ट्री), फैक्ट्री से फैशन और फैशन से विदेशी बाजार के अनुरूप है और इसका मुख्य जोर कपास की उत्पादकता बढ़ाने पर रहेगा।


इस मिशन को कृषि मंत्रालय और वस्त्र मंत्रालय मिलकर लागू करेंगे। इसमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के 10 संस्थान, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) का एक संस्थान और विभिन्न राज्यों के कृषि विश्वविद्यालयों में संचालित 10 समन्वित अनुसंधान केंद्र शामिल होंगे। शुरुआती चरण में 14 राज्यों के 140 जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी। कपास से रुई निकालने एवं प्रसंस्करण करने वाली करीब 2,000 इकाइयों को भी मिशन से जोड़ा जाएगा।

दो नई सेमीकंडक्टर इकाइयों को मंजूरी
साथ ही केंद्र सरकार ने मंगलवार को दो और सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाइयों को मंजूरी दी। इसमें 3,936 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा। इनमें गैलियम नाइट्राइड प्रौद्योगिकी पर आधारित देश की पहली वाणिज्यिक मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले इकाई और एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग इकाई शामिल है। ये इकाइयां गुजरात में 3,936 करोड़ रुपये के कुल निवेश से स्थापित की जाएंगी और इनसे लगभग 2,230 कुशल पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

ये निर्णय भी लिए गए
इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने गुजरात के वडिनार में 1,570 करोड़ रुपये की लागत से जहाज मरम्मत इकाई स्थापित करने को मंजूरी दी।
सरकार ने विमानन और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्रों के लिए 18,100 करोड़ रुपये की आपातकालीन ऋण गारंटी योजना को मंजूरी दी।

WORLD : ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को “ऐतिहासिक और निर्णायक” चुनावी जीत पर बधाई दी….

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने आईएएनएस को बताया, “राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को हाल ही में हुई इस ऐतिहासिक और निर्णायक चुनावी जीत पर बधाई दी है।”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “ऐतिहासिक और निर्णायक चुनावी जीत” के लिए बधाई दी है, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अभूतपूर्व जीत हासिल की है। व्हाइट हाउस ने इस जीत को “ऐतिहासिक और निर्णायक चुनावी जीत” बताया है।

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने IANS को बताया, “पिछले महीने ही फोन पर हुई बातचीत में राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त की और कहा कि भारत भाग्यशाली है कि उन्हें प्रधानमंत्री के नेता के रूप में पाया है। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को हाल ही में हुई इस ऐतिहासिक और निर्णायक चुनावी जीत पर बधाई दी।”

वाशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा की जीत इस बात का प्रतीक है कि प्रधानमंत्री मोदी की पार्टी ने पहली बार पश्चिम बंगाल पर नियंत्रण हासिल किया है, जो राजनीतिक रूप से एक महत्वपूर्ण राज्य है और लंबे समय से ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के प्रभुत्व में रहा है।

इस परिणाम से राज्य में बनर्जी की 15 साल की सत्ता समाप्त हो गई और यह प्रधानमंत्री मोदी के लिए एक बड़ा राजनीतिक लाभ है, जिससे उनके तीसरे कार्यकाल के मध्य में उनकी स्थिति मजबूत हुई है।

नई दिल्ली में समर्थकों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “बंगाल के भाग्य में एक नया अध्याय जुड़ गया है…जनशक्ति की जीत हुई है और भाजपा की सुशासन की राजनीति विजयी हुई है। मैं पश्चिम बंगाल के प्रत्येक व्यक्ति को नमन करता हूं।”

विश्लेषकों का कहना है कि यह परिणाम सत्ता विरोधी भावना और भाजपा के अधिक प्रभावी चुनाव प्रचार दोनों को दर्शाता है। द गार्जियन के अनुसार, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के राहुल वर्मा ने इसे पार्टी नेतृत्व की “सात साल की परियोजना” की परिणति बताया है।

रिपोर्ट में कहा गया है, “पश्चिम बंगाल में भाजपा की मजबूत और सुसंगठित उपस्थिति थी और मोदी को एक करिश्माई नेता के रूप में देखा जाता है।” उन्होंने आगे कहा, “हिंदू वोटों के एकीकरण के बिना इस तरह का परिणाम भी संभव नहीं होता।”

पश्चिम बंगाल लंबे समय से क्षेत्रीय और वामपंथी राजनीति का गढ़ रहा है, इसलिए भाजपा की यह सफलता भारत के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव है।

WEST BENGAL : ‘संयम रखें, टीएमसी जैसा व्यवहार न अपनाएं’; TMC दफ्तरों पर हमले के बीच केंद्रीय मंत्री की अपील

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टीएमसी कार्यालयों पर कथित हमलों के बीच केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भाजपा कार्यकर्ताओं से संयम रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा को अपना चरित्र बनाए रखना चाहिए और रावण बनने से बचना चाहिए।पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है। इस बीच टीएमसी कार्यालयों पर कथित हमलों की घटनाओं के बाद केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की है।

सुकांत मजूमदार ने साफ कहा कि भाजपा को अपनी राजनीतिक पहचान बनाए रखनी चाहिए और किसी भी परिस्थिति में हिंसा का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए। मजूमदार ने कहा कि लोगों ने टीएमसी को अस्वीकार कर दिया है, इसलिए भाजपा को उनके जैसा आचरण नहीं करना चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया कि स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ लगातार अत्याचार हुए हैं। हालांकि, उन्होंने कार्यकर्ताओं से धैर्य रखने का आग्रह किया।

मंत्री ने विश्वास दिलाया कि पुलिस इन मामलों में कार्रवाई करेगी। उन्होंने दोहराया कि रावण हमेशा रावण रहेगा। भाजपा को अपने सिद्धांतों पर अडिग रहना चाहिए। मजूमदार ने कहा कि वे भगवान राम के अनुयायी हैं। उन्हें रावण की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए। भाजपा को भाजपा ही रहना होगा।

हाल ही में पश्चिम बंगाल के आसनसोल और हावड़ा में तृणमूल कांग्रेस के दफ्तरों पर तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन घटनाओं में फर्नीचर, पोस्टर और झंडे तक नुकसान पहुंचाया गया। इसके अलावा कूचबिहार में भी राजनीतिक टकराव की स्थिति देखने को मिली, जहां दोनों दलों के समर्थकों के बीच तनाव बढ़ा।

पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन के साथ ही राजनीतिक संघर्ष तेज हो गया है। टीएमसी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे कई इलाकों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। मजूमदार ने पत्रकारों से बात करते हुए शपथ ग्रहण समारोह पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में चर्चाएं अभी जारी हैं। समारोह की संभावित तिथि 9 मई है। भाजपा में मुख्यमंत्री का नाम पार्टी की कार्यप्रणाली के अनुसार तय होता है। यह निर्णय उसी कार्यप्रणाली के तहत लिया जाएगा।

NATIONAL : बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा में दो की मौत, कोलकाता के न्यू मार्केट में बुलडोजर से भीड़ ने की तोड़फोड़

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पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद हिंसा में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, कोलकाता के न्यू मार्केट में मंगलवार की देर रात बुलडोडर एक्शन से हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक कोलकाता के हॉग मार्केट (न्यू मार्केट) में भाजपा कार्यकर्ताओं ने बुलडोजर लेकर तृणमूल कांग्रेस के दफ्तर पर हमला किया।

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने इस घटना का वीडियो एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कोलकाता का ऐतिहासिक न्यू मार्केट। बंगाली परिवर्तन का आनंद ले रहे हैं। पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद कई जगहों पर तोड़फोड़ और बवाल की खबरें सामने आई हैं। 

टीएमसी की नवनिर्वाचित विधायक के घर पर भी हुआ हमला
उत्तर 24 परगना जिले की स्वरूपनगर विधानसभा सीट से जीतने वाली तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार बीना मंडल के घर पर मंगलवार को हमला किया गया। बताया जा रहा है कि बोंगांव में भीड़ ने बीना मंडल के घर में तोड़फोड़ की और उनकी गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया।

टीएमसी की नवनिर्वाचित विधायक बीना मंडल ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर तोड़फोड़ और हमला करने का आरोप लगाया है। टीएमसी के नेता अभिषेक बनर्जी ने भी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कई जगहों पर हिंसा होने का आरोप लगाया है।

अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
अभिषेक बनर्जी ने चुनाव नतीजों के बाद व्यापक हिंसा का दावा करते हुए कहा कि भाजपा समर्थकों ने उत्सव के नाम पर राज्य भर में 300 से 400 पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की। उन्होंने यह भी दावा किया कि उत्तर 24 परगना जिले के स्वरूपनगर में विजयी टीएमसी उम्मीदवार बीना मंडल के घर में तोड़फोड़ की गई और उनकी कार को नुकसान पहुंचाया गया।

हिंसा की खबरों पर चुनाव आयोग सख्त
पश्चिम बंगाल में मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के बाद हिंसा की खबरों पर चुनाव आयोग ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने मंगलवार को राज्य प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि चुनाव के बाद होने वाली किसी भी तरह की हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला, डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का आदेश दिया है।

शांति भंग करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट की कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारी ने कहा, ‘शांति भंग करने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा। चुनाव आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को चुनाव बाद की हिंसा के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने को कहा है। इसमें शामिल व्यक्ति चाहे कोई भी हो, उसके प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।’

NATIONAL : चुनाव नतीजों के अगले दिन ममता बोलीं-हारे नहीं, हराया गया, काउंटिंग के दौरान पेट पर लात मारी; SIR के बहाने लाखों नाम हटाए, 100 सीटें लूटीं

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पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के एक दिन बाद, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (टीएमसी) के जवान 200 सीआरपीएफ कर्मियों और 200 बाहरी गुंडों के साथ मतदान केंद्र में घुस गए और टीएमसी कार्यकर्ताओं की पिटाई शुरू कर दी। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाबनीपुर स्थित मतगणना केंद्र के दौरे के दौरान उन पर शारीरिक हमला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीआरपीएफ कर्मियों ने गुंडों जैसा व्यवहार किया और उन्हें पेट और पीछे से लात मारी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए थे और उन्हें जबरन परिसर से बाहर धकेल दिया गया था।”जब मैं अंदर गई, तो सीआरपीएफ ने मुझे अंदर जाने से मना कर दिया। मैंने कहा कि मैं उम्मीदवार हूं… फिर मैंने आरओ से शिकायत की कि स्थिति सामान्य होने तक मतगणना तुरंत रोक दी जाए। मैंने डीईओ को देखा। मुझे पता है कि उन्होंने 15 दिन पहले किसी को संदेश दिया था कि ‘मतगणना में खेल होगा’… मैं कुछ मिनटों के लिए अंदर गई। उन्होंने मेरे पेट और पीठ पर लात मारी और मेरे साथ मारपीट की। उस समय सीसीटीवी बंद था…

” ममता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा।

ये टिप्पणियां ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी की पश्चिम बंगाल चुनाव में भारी हार के बाद आईं, जिससे उनका 15 साल का शासन समाप्त हो गया। भाजपा ने पश्चिम बंगाल चुनाव में शानदार जीत हासिल करते हुए 207 सीटें जीतीं। बनर्जी को भवानीपुर सीट भी भाजपा नेता 
सुवेंदु अधिकारी से हारनी पड़ी , जो उनके लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक झटका है। 

चुनाव परिणामों को खारिज करते हुए बनर्जी ने कहा कि टीएमसी वास्तव में हारी नहीं है, और आरोप लगाया कि 100 से अधिक सीटें “जबरदस्ती छीन ली गईं”। उन्होंने जोर देकर कहा, “मेरे इस्तीफे का कोई सवाल ही नहीं उठता। मैं राजभवन नहीं जाऊंगी। हम चुनाव नहीं हारे हैं।”

टीएमसी प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर एक वैध जनादेश के बजाय एक “षड्यंत्र” रचा। उन्होंने दावा किया कि मतगणना के कुछ चरण शेष रहते हुए लगभग 30,000 वोटों की बढ़त के बावजूद, मतगणना केंद्रों पर कथित हस्तक्षेप के कारण स्थिति बदल गई।

भाबानीपुर में मिली हार, जिसे उनका राजनीतिक गढ़ माना जाता है, के बाद बनर्जी दशकों में पहली बार किसी भी निर्वाचित पद से वंचित हो गई हैं। इसके बावजूद, उन्होंने कहा कि यह फैसला जनता की इच्छा को नहीं दर्शाता है और उन्होंने अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

NATIONAL : ममता बोलीं- मैं आजाद पंछी, शेर की तरह लड़ूंगी:इस्तीफा नहीं दूंगी, हम जनादेश से नहीं, साजिश से हारे

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा- मैं CM पद से इस्तीफा नहीं दूंगी। हम जनादेश से नहीं, साजिश से हारे हैं। इसलिए इस्तीफा देने राजभवन नहीं जाऊंगी।

ममता ने आगे कहा- चुनाव आयोग असली विलेन है। उसने भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें लूटीं। अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, मैं आजाद पंछी हूं। कहीं से भी चुनाव लड़ सकती हूं, सड़कों पर रहूंगी।

इधर, कोलकाता के न्यूटाउन इलाके में एक भाजपा कार्यकर्ता की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि तेज आवाज में म्यूजिक बजाने पर TMC के एक कार्यकर्ता और उसके साथियों ने पीट-पीटकर भाजपा कार्यकर्ता की जान ले ली। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।

पश्चिम बंगाल सहित 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को आ चुके हैं। बंगाल में भाजपा ने 293 में से 207 सीटें जीत ली हैं। पार्टी 9 मई को राज्य में पहली बार सरकार बनाने जा रही है। TMC सिर्फ 80 सीटें जीत सकी। 15 साल बाद ममता के हाथ से सत्ता चली गई है।

ममता बोलीं- चुनाव आयोग के खिलाफ कदम उठाएंगे,

हम चुनाव आयोग के खिलाफ कदम उठाएंगे। क्या करेंगे, यह अभी नहीं बताएंगे। दूसरी बात, हमने फैसला किया है कि 5 सांसदों समेत 10 लोगों की एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाई जाएगी।

मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, मैं हारी नहीं हूं। मेरे इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता। इसलिए राजभवन नहीं जाऊंगी। वे ऑफिशियली हमें हरा सकते हैं, लेकिन नैतिक रूप से हम चुनाव जीते हैं।

चुनाव से दो दिन पहले हमारे लोगों को गिरफ्तार किया गया। जगह-जगह छापे मारे गए। IPS-IAS अधिकारियों का तबादला किया गया। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री इसमें सीधे तौर पर शामिल हैं।

मैंने राजीव गांधी, मनमोहन सिंह, वाजपेयी सहित कई सरकारें देखीं, लेकिन ऐसा अत्याचार कभी नहीं देखा। अत्याचार की कोई सीमा नहीं रही। यहां लोगों को प्रताड़ित किया गया।

पहले राउंड की काउंटिंग के बाद ही वे कहने लगे कि भाजपा 195-200 सीटें जीत रही है। अंतिम नतीजे का इंतजार नहीं किया। BJP वालों ने पोलिंग स्टेशन के अंदर घुसकर लोगों और काउंटिंग एजेंट्स को पीटना शुरू कर दिया।

WORLD : हार्मुज से जहाजों को निकालने का अमेरिकी अभियान दो दिनों के भीतर रुका, ट्रंप ने कहा-नौसैनिक घेराबंदी जारी रहेगी

वॉशिंगटन, 06 मई (हि.स.)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को प्रोजेक्ट फ्रीडम को फिलहाल रोकने की घोषणा की। यह मिशन हार्मुज जलडमरूमध्य मेंं फंसे जहाजों को निकालने के लिए था। ट्रंप ने पाकिस्तान और अन्य देशों से मिले अनुरोधों का हवाला देते हुए यह फैसला लिया। हालांकि, ईरान के बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी जारी रहेगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हार्मुज जलडमरूमध्य में फंसे व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के शु्रू किए गए प्रोजेक्ट फ्रीडम को कुछ समय के लिए रोकने की घोषणा की है। लेकिन ईरान के बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी पहले की तरह जारी रहेगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर यह जानकारी साझा करते हुए कहा है कि “पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध पर और ईरान के खिलाफ चलाए गए अभियान में हमारी सेना को मिली ज़बरदस्त सफलता को देखते हुए—साथ ही इस बात को ध्यान में रखते हुए कि ईरान के प्रतिनिधियों के साथ एक पूर्ण और अंतिम समझौते की दिशा में काफी प्रगति हुई है—हमने आपसी सहमति से यह तय किया है कि, ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ (होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही) को कुछ समय के लिए रोक दिया जाएगा। हालांकि नाकाबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि यह देखा जा सके कि क्या वह समझौता अंतिम रूप ले पाता है और उस पर हस्ताक्षर हो पाते हैं या नहीं।”

ट्रंप ने रविवार को यह कहते हुए इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी कि दुनिया भर के देशों ने अपने जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अमेरिका से मदद मांगी थी। इसके बाद सोमवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह ऑपरेशन शुरू किया था।

खास बात यह है कि अमेरिका इस ऑपरेशन के तहत सोमवार को दो और मंगलवार को सिर्फ एक जहाज सुरक्षित निकाल पाया था। जबकि ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल टकराव शुरू होने से पहले हर दिन हार्मुज से औसतन सवा सौ जहाज गुजरते थे।अमेरिका की इस मुहिम से नाराज ईरान ने चेतावनी दी थी कि उसकी इजाजत के बिना कोई जहाज इस रास्ते से नहीं गुजर सकता। इसके बाद ईरान ने हार्मुज में साऊथ कोरिया के एक जहाज पर हमला किया। साथ ही यूूएई पर मिसाइल हमले किए।

NATIONAL : विदेश यात्रा संवैधानिक हक, आपराधिक मामला लंबित होने से पासपोर्ट नवीनीकरण से नहीं किया जा सकता इनकार

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जयपुर, 06 मई (हि.स.)। राजस्थान उच्च न्यायालय ने विदेश यात्रा को हर भारतीय का संवैधानिक अधिकार मानते हुए कहा कि आपराधिक मामला लंबित होने के कारण विदेश यात्रा के लिए पासपोर्ट जारी करने या नवीनीकरण से इनकार नहीं किया जा सकता। आपराधिक मामला लंबित होना पासपोर्ट सुविधा से इनकार करने का आधार नहीं हो सकता। पासपोर्ट जारी करने से इनकार करना केवल वैयक्तिक स्वतंत्रता का ही मामला नहीं है, बल्कि विदेश यात्रा पर जाने के अधिकार की संवैधानिक गारंटी का भी उल्लंघन है।

न्यायाधीश अनूप कुमार ढंड ने यह आदेश त्रिविक्रम सिंह राठौड की याचिका को निस्तारित करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि पासपोर्ट ऐसा दस्तावेज है, जिसके माध्यम से ही कोई व्यक्ति दूसरे देश की सीमा में प्रवेश कर सकता है। अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार बिना पासपोर्ट किसी दूसरे देश की सीमा में प्रवेश नहीं किया जा सकता। पासपोर्ट अधिनियम में हर भारतीय को विदेश यात्रा का अधिकार है, उसे पासपोर्ट जारी करने से इनकार नहीं किया जा सकता।

याचिकाकर्ता ने पासपोर्ट की समयसीमा समाप्त होने के कारण उसके नवीनीकरण के लिए आवेदन किया, लेकिन जयपुर के एक महिला थाने में मामला दर्ज होने के कारण पुलिस की निगेटिव रिपोर्ट दी और उसके आधार पर पासपोर्ट का नवीनीकरण नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने इस मामले में पासपोर्ट का नवीनीकरण नहीं करने के 5 जनवरी 23 के आदेश को रद्द कर दिया, वहीं नवीनीकरण पर नए सिरे से विचार करने को कहा। इसके साथ ही याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह कोर्ट की अनुमति बिना विदेश यात्रा पर न जाए और विदेश जाने पर ट्रायल का सामना करने के लिए लौटकर आए।

कोर्ट ने कहा कि दोषी साबित हुए बिना हर व्यक्ति निर्दोष है। परिवार में महिला को प्रताड़ित करने व विश्वासघात के अपराध का मामला लंबित होने के आधार पर पासपोर्ट का नवीनीकरण करने से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट विदेश जाने के अधिकार व अपराधी के खिलाफ मुकदमा चलाने के अधिकार में संतुलन बनाए रखने को बाध्य है।

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