Thursday, September 17, 2026
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GUJARAT : गुजरात के मांजलपुर उपचुनाव में BJP की बंपर जीत, 30 हजार से अधिक वोटों से जीते सतीश पटेल

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मांजलपुर से बीजेपी उम्मीदवार सतीश पटेल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को कड़े मुकाबले में पछाड़ते हुए 30630 वोटों के भारी अंतर से शानदार जीत हासिल की है।

गुजरात के वडोदरा जिले की मांजलपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सतेंद्रभाई पटेल यानी सतीश पटेल ने 30630 वोटों के अंतर से शानदार जीत दर्ज की है। कांग्रेस उम्मीदवार भीखा रबारी को 24851 वोट मिले हैं। 30 जुलाई को हुए मतदान के बाद आज 20 राउंड की मतगणना में बीजेपी ने निर्णायक बढ़त बनाए रखी और जीत हासिल की। बीजेपी उम्मीदवार सतीश पटेल को 55481 वोट मिले हैं।

उम्मीदवार का नाम पार्टी प्राप्त कुल वोट
सतीश पटेल बीजेपी 55481
भीखा रबारी कांग्रेस 24851
यह जीत पूरी तरह से जनता की जीत: सतीश पटेल

शानदार जीत के बाद मीडिया से बात करते हुए सतीश पटेल ने अपनी इस सफलता का श्रेय मांजलपुर की जनता और पार्टी के कार्यकर्ताओं को दिया। उन्होंने कहा, “मांजलपुर की जनता ने जिस प्रकार स्वर्गीय योगेश काका पर अपना भरोसा जताया था, वैसा ही अभूतपूर्व आशीर्वाद मुझे भी दिया है। यह जीत पूरी तरह से जनता की जीत है।”

उन्होंने आगे आश्वासन दिया कि वे जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह खरे उतरेंगे। क्षेत्र का विकास, बेहतर सड़कें, पेयजल आपूर्ति और अन्य बुनियादी जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी।

हार पर कांग्रेस उम्मीदवार ने क्या कहा?
वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार भीखा रबारी ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि वे जनता के फैसले का सम्मान करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के अंतिम चरण में भय का माहौल बनाया गया, जिससे चुनाव निष्पक्ष नहीं रहा। उन्होंने अपने समर्थकों और मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे आगे भी जनता के मुद्दों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।

बता दें कि मांजलपुर विधानसभा सीट बीजेपी के वरिष्ठ विधायक योगेश पटेल के लंबे समय की बीमारी के बाद निधन के कारण खाली हुई थी, जिस वजह से इस सीट पर उपचुनाव कराना जरूरी हो गया था। अगर इस सीट के इतिहास की बात करें तो, मांजलपुर विधानसभा सीट साल 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी और तब से यह सीट बीजेपी का अजेय गढ़ रही है, जहां दिवंगत नेता योगेश पटेल ने 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में लगातार भारी अंतर से जीत दर्ज की थी।

NATIONAL : दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के घनश्याम सिंह 6000 से ज्यादा वोटों से जीते, भाजपा के आशुतोष तिवारी की हार

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मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव का परिणाम सोमवार को सामने आ गया है। राज्य में सत्तधारी दल भारतीय जनता पार्टी को उपचुनाव में बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने दतिया से जीत हासिल कर ली है। वहीं, भाजपा के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी चुनाव हार गए हैं। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने 6016 वोट से दतिया में जीत हासिल की है। आइए जानते हैं कि क्या रहा दतिया का परिणाम।

क्या रहा परिणाम?
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच था। दतिया में वोटिंग 30 जुलाई को हुई थी। वहीं, चुनाव का परिणाम सोमवार 3 अगस्त को सामने आया। चुनाव के रिजल्ट में कांग्रेस के उम्मीदवार घनश्याम सिंह को 66757 वोट मिले। वहीं, भाजपा के आशुतोष तिवारी को वोट 60741 मिले। इसके साथ ही कांग्रेस के घनश्याम सिंह को 6025 वोट से जीत मिली।

नरोत्तम मिश्रा को नहीं मिला था टिकट
आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने दतिया उपचुनाव में आशुतोष तिवारी पर दांव खेला था। वहीं, बीजेपी के आशुतोष तिवारी के खिलाफ कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को चुनावी मैदान में उतारा था। आपको बता दें कि दतिया सीट पर पहले बीजेपी के नरोत्तम मिश्रा दावेदार थे लेकिन बीजेपी ने ऐन मौके पर नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को दे दिया। टिकट कटने की वजह से नरोत्तम के समर्थकों में बेहद गुस्सा था और अब ये दतिया के परिणाम में नजर भी आ रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में नरोत्तम मिश्रा दतिया से चुनाव हार गए थे।

क्यों हुआ उपचुनाव?
साल 2023 में हुए मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती दतिया विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी। उन्होंने राज्य के पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा को हराया था। हालांकि, एक पुराने केस में राजेंद्र भारती को सजा हो गई जिल कारण उनकी विधायकी रद्द कर दी गई। इसी कारण से दतिया में उपचुनाव का आयोजन कराया गया। हालांकि, इस बार भी भाजपा दतिया सीट नहीं जीत पाई और कांग्रेस ने अपनी सीट वापस से जीत ली है।

SPORTS : अभिषेक शर्मा का तूफान, 91 गेंदों में ठोके 233 रन; 25 छक्कों और 15 चौकों से मचाई तबाही

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टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने घरेलू क्रिकेट में 91 गेंदों में 233 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली है. तरनतारन के खिलाफ 25 छक्के और 15 चौकों की बरसात कर उन्होंने सभी को हैरान कर दिया.

टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने घरेलू क्रिकेट में ऐसा तूफान मचाया कि गेंदबाज बेबस नजर आए. पंजाब स्टेट इंटर डिस्ट्रिक्ट सीनियर वनडे लिमिटेड ओवर्स टूर्नामेंट 2026-27 में अमृतसर मेंस सीनियर की ओर से खेलते हुए अभिषेक ने रविवार (2 अगस्त) को तरनतारन के खिलाफ महज 91 गेंदों में 233 रन की विस्फोटक पारी खेली. इस दौरान उनके बल्ले से 15 चौके और 25 गगनचुंबी छक्के निकले. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

बाएं हाथ के 25 वर्षीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया. उन्होंने 256.04 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए तरनतारन के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की. अभिषेक ने पहले विकेट के लिए अभय चौधरी के साथ 305 रन की रिकॉर्ड साझेदारी भी की. अभय ने 85 गेंदों में 93 रन की अहम पारी खेली. अभिषेक 25वें ओवर की चौथी गेंद पर आशीष लोवरेंस का शिकार बने और आउट होने वाले पहले बल्लेबाज रहे. हालांकि तब तक वह मैच का रुख पूरी तरह बदल चुके थे.

अमृतसर ने बनाया 533 रन का विशाल स्कोर
अभिषेक शर्मा की विस्फोटक पारी की बदौलत अमृतसर मेंस सीनियर ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 533 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. टीम में सनराइजर्स हैदराबाद के विकेटकीपर बल्लेबाज सलील अरोड़ा भी शामिल थे, जिन्होंने चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 18 गेंदों में 29 रन बनाए.

अभिषेक शर्मा ने खेली 233 रनों की पारी (फोटो- सोशल मीडिया)
अभिषेक शर्मा ने खेली 233 रनों की पारी (फोटो- सोशल मीडिया)
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ अभिषेक की बल्लेबाजी
मैच के दौरान अभिषेक शर्मा द्वारा लगाया गया एक लंबा छक्का सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. फैंस उनकी इस पारी की जमकर तारीफ कर रहे हैं. अभिषेक की इस पारी को देखकर लग रहा है कि वो फिर से अब इंटरनेशनल क्रिकेट में कहर मचाने को तैयार है.

जिम्बाब्वे दौरे की नाकामी का दिया जवाब
अभिषेक शर्मा हाल ही में भारत की टी20 टीम के साथ जिम्बाब्वे दौरे पर गए थे, लेकिन तीन मैचों में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा. उन्होंने क्रमशः 1, 8 और 2 रन बनाए थे, जिसके बाद उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. अब घरेलू क्रिकेट में 233 रन की यह तूफानी पारी उनके शानदार अंदाज में वापसी का संकेत मानी जा रही है. अब अभिषेक शर्मा सितंबर 2026 में जापान में होने वाले एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम की ओर से खेलते नजर आएंगे.

NATIONAL : 10 किलो हेरोइन, 11 पिस्टल और ड्रोन… राजस्थान में नार्को-आर्म्स सिंडिकेट पर बड़ा प्रहार

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बीकानेर पुलिस ने ‘ऑपरेशन शॉक वेव’ (SHOCKWAVE) में पाकिस्तान से ड्रोन द्वारा भेजी गई ₹50 करोड़ की हेरोइन और ₹1.5 करोड़ के 11 विदेशी हथियार जब्त कर बड़ी नार्को-आर्म्स तस्करी साजिश का पर्दाफाश किया है. खाजूवाला में हुई इस कार्रवाई में एक आरोपी गिरफ्तार हुआ. यह सफलता सीमा पार से होने वाली ड्रोन तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसके तार पंजाब तक जुड़े हैं.

Bikaner News: राजस्थान के बीकानेर जिले में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे खाजूवाला क्षेत्र में बीकानेर पुलिस ने पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश को नाकाम करने में सफलता पाई है. इसे पुलिस की नार्को-आर्म्स सिंडिकेट पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. ‘ऑपरेशन शॉक वेव’ (SHOCKWAVE) के तहत पुलिस ने पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजी गई करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की 10 किलोग्राम ‘999 मार्का’ अफगान हेरोइन और डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक कीमत के 11 विदेशी अत्याधुनिक हथियार बरामद किए हैं. इस कार्रवाई में पाली निवासी वीरेंद्र को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें नामजद किया गया है.

बीकानेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के नेतृत्व में चलाए गए. इस अभियान में पुलिस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस (HUMINT) के आधार पर कार्रवाई की. पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के माध्यम से मादक पदार्थ और हथियार भारतीय सीमा में गिराए जाने वाले हैं. सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और ड्रोन ड्रॉपिंग के तुरंत बाद खेप को इंटरसेप्ट कर लिया.

बरामद हथियारों में दो तुर्की निर्मित Zigana पिस्टल, चार Glock पिस्टल और पांच स्टार मार्क 30 बोर पिस्टल शामिल हैं. इसके अलावा 22 मैगजीन और 100 जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं. शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस अंतरराष्ट्रीय नार्को-आर्म्स सिंडिकेट के तार पंजाब तक जुड़े हुए हैं. पुलिस अब पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य तस्करों की तलाश में जुटी है.

एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह पुलिस की निगरानी में हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के नेटवर्क के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर सीमा पार की तस्करी को सफल नहीं होने दिया जाएगा.

खुफिया जानकारी पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, इस ऑपरेशन की सफलता के पीछे मजबूत मुखबिर तंत्र और सटीक खुफिया जानकारी की अहम भूमिका रही. ऑपरेशन में साइबर एक्सपर्ट एएसआई दीपक यादव, कांस्टेबल श्रीराम और खाजूवाला थाना प्रभारी अशोक विश्नोई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पूरे अभियान के दौरान आईजी ओमप्रकाश और एसपी मृदुल कच्छावा स्वयं मौके पर मौजूद रहे और कार्रवाई की लगातार निगरानी करते रहे.

स्वतंत्रता दिवस से पहले मिली इस बड़ी सफलता को सीमा सुरक्षा और पाकिस्तान समर्थित ड्रोन तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बीकानेर पुलिस की सबसे प्रभावी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है. पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस सिंडिकेट से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.

WORLD : इंडोनेशिया में 271 यात्रियों से भरी नाव में भड़की आग, 5 की मौत और 41 लापता, 225 को सुरक्षित निकाला गया

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स्थानीय मीडिया और रेस्क्यू एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक, जब आग लगी तब जहाज पर चालक दल (क्रू मेंबर्स) सहित लगभग 271 लोग मौजूद थे। अब तक
इंडोनेशिया के मदुरा द्वीप के निकट एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां यात्रियों से भरी एक फेरी (यात्री नाव) में अचानक भयानक आग लग गई। इस जलपोत हादसे में कम से कम 5 लोगों की जान चली गई है, जबकि 41 यात्री अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल द्वारा समुद्र में लापता लोगों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

सुराबाया से मकासर जा रही थी फेरी
यह समुद्री पोत पूर्वी जावा प्रांत के सुराबाया शहर से रवाना होकर दक्षिण सुलावेसी के मकासर की ओर जा रहा था। सफर शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर इसमें भीषण आग भड़क उठी। इंडोनेशिया की नेशनल सर्च एंड रेस्क्यू एजेंसी द्वारा जारी बयान के अनुसार, जावा के उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित मदुरा द्वीप के पास रविवार सुबह यह हादसा हुआ। हालांकि, आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।

स्थानीय मीडिया और रेस्क्यू एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक, जब आग लगी तब जहाज पर चालक दल (क्रू मेंबर्स) सहित लगभग 271 लोग मौजूद थे। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के कई जहाजों की मदद से व्यापक बचाव अभियान शुरू किया गया। अब तक 225 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

समुद्र में कूदे यात्री, वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर सामने आए घटना के वीडियो में फेरी के ऊपरी हिस्से से उठते काले धुएं के गुबार को देखा जा सकता है। आग की लपटें तेजी से फैलने के कारण लाइफ जैकेट पहने घबराए हुए यात्री जहाज के एक किनारे पर एकत्र हो गए और जान बचाने के लिए कुछ लोग समुद्र के पानी में छलांग लगाते भी दिखाई दिए।

NATIONAL : संसद के तीसरे सप्ताह की आज शुरुआत! विपक्ष की रणनीति पर बैठक; FCRA समेत कई अहम बिलों पर रहेगी नजर

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संसद के मॉनसून सत्र का तीसरा सप्ताह कई अहम घटनाओं के साथ शुरू हो रहा है। सरकार महत्वपूर्ण बिल आगे बढ़ाने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष ने भी अपनी नई रणनीति तय करने के लिए बैठक बुलाई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सदन में कामकाज होगा या फिर हंगामा जारी रहेगा।

संसद के मॉनसून सत्र का तीसरा सप्ताह शुरू, सरकार कई अहम बिलों को सदन में पेश करने और आगे बढ़ाने की तैयारी में।
विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की सुबह 10 बजे बैठक, सत्र के लिए आगे की रणनीति पर होगी चर्चा; FCRA Bill पेश होने की भी चर्चा।
पिछले दो हफ्तों में हंगामे से प्रभावित रही कार्यवाही के बाद सरकार की कोशिश, लंबित विधेयकों पर चर्चा और मतदान कराना।
संसद के मॉनसून सत्र के तीसरा हफ्ते की शुरुआत आज से हो चुकी है। पिछले दो हफ्तों में लगातार हंगामे के कारण दोनों सदनों का कामकाज प्रभावित हुआ था। अब सरकार अपने लेजिस्लेटिव एजेंडे को रफ्तार देना चाहती है, जबकि विपक्ष भी आगे की स्ट्रैटेजी तैयार करने में जुटा है। ऐसे में इस सप्ताह सदन में बिल, बहस और विपक्ष की रणनीति पर सभी की नजर रहेगी

चर्चा है कि केंद्र सरकार इस सप्ताह सदन में FCRA बिल पेश कर सकती है। हालांकि सरकार की तरफ से इसके बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। परिसीमन बिल को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है और इस पर अब भी संशय बना हुआ है। सरकार का फोकस फिलहाल उन बिलों को आगे बढ़ाने पर है, जो उसके लेजिस्लेटिव एजेंडे में शामिल हैं और जिन पर सदन की मंजूरी जरूरी है।

लोकसभा में पेश किए जाएंगे दो अहम बिल

लोकसभा में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 पेश करेंगे। इस बिल को अंग्रेजी में ‘द इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट बिल, 2026’ कहा गया है। इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक, 2026 को लोकसभा में पेश करेंगी। सरकार इन बिलों पर सदन में चर्चा आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

राज्यसभा में MSME संशोधन बिल

राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेंगे। इस बिल को सदन में विचार और पारित कराने के लिए लाया जाएगा। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, केंद्र चाहता है कि विपक्ष सदन की कार्यवाही चलने दे, ताकि महत्वपूर्ण बिलों पर पूरी चर्चा हो और उन्हें वोटिंग के जरिए पारित कराया जा सके।

दो बिल पहले ही हो चुके हैं पास

मॉनसून सत्र के दौरान संसद के दोनों सदन राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन विधेयक, 2026 और लोक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम संशोधन विधेयक, 2026 को पहले ही पारित कर चुके हैं।

पिछले दो हफ्तों में लगातार हुआ हंगामा

मॉनसून सत्र के पहले दो हफ्तों में विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। विपक्ष ने नीट और दूसरी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चंदा विवाद जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा था। अब तीसरे सप्ताह में यह साफ होगा कि सदन का कामकाज सुचारु रूप से चल पाता है या फिर हंगामा जारी रहता है।

NATIONAL : CJP Protest में पीएम मोदी को अपशब्द कहने वाली नाबालिग लड़की पर नहीं होगा केस, दिल्ली पुलिस का फैसला

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जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में वायरल हुई नाबालिग लड़की के खिलाफ अब कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज नहीं करने का फैसला लिया है।

इससे पहले नोएडा पुलिस ने लड़की के खिलाफ ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज की थी। शुरुआती एफआईआर में उसकी उम्र 25 वर्ष दर्ज की गई थी। हालांकि बाद में लड़की ने एक वीडियो जारी कर स्पष्ट किया कि वह 15 वर्ष की है और प्रदर्शन स्थल पर दूसरों के प्रभाव में आकर उसने आपत्तिजनक बातें कही थीं।

वीडियो में नाबालिग ने कहा था, “मैं सिर्फ 15 साल की हूं। मैंने जो किया, वह माफी के लायक नहीं था। मैंने बहुत गलत बातें कही हैं। यह मेरी पहली और आखिरी गलती है। मैं पूरे देश से माफी मांगती हूं।”

पीएम मोदी ने कहा था- भटके हुए बच्चों को माफ करता हूं
सोशल मीडिया पर लड़की के प्रति नरमी बरतने की अपील के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा था कि वह उन्हें “भटके हुए बच्चे” मानते हैं और उन्हें माफ करते हैं।

उन्होंने कहा था कि ऐसे बच्चों को सजा देकर, अदालतों के चक्कर लगवाकर या परेशान करके परिस्थितियां नहीं बदलेंगी। उन्होंने समाज से भी अपील की थी कि बच्चों को दूसरा मौका दिया जाए।

मां ने एफआईआर हटाने की लगाई गुहार
रविवार को नाबालिग की मां ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए उनसे एफआईआर रद्द कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनकी बेटी को “जीवनदान” दिया है।

उन्होंने यह भी आग्रह किया कि नाबालिगों के लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाया जाए ताकि बच्चों का गलत इस्तेमाल न हो सके।

क्या था मामला?
CJP ने नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर पांच सप्ताह से अधिक समय तक प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए थे।

प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया था। बाद में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार की ओर से कुछ मांगें स्वीकार किए जाने के बाद संगठन ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।

NATIONAL : महिलाओं-बच्चों समेत जम्मू में पकड़े गए 21 बांग्लादेशी, असम से घुसपैठ कर कश्मीर में बसने की साजिश

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अमर उजाला ने जो आशंका जताई थी वह सही साबित हुई। बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों को संवेदनशील पाकिस्तान बॉर्डर और आसपास के जिलों में बसाने की साजिश का बड़ा पर्दाफाश रविवार को हुआ। सुरक्षा एजेंसियों ने रामबन जिले के बनिहाल में रविवार शाम करीब 6:30 बजे जांच के दौरान 21 बांग्लादेशी घुसपैठियों को हिरासत में लिया। इनमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सत्यापन में किसी के भी पास भारत में वैध प्रवेश अथवा यहां रहने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। प्रारंभिक जांच में उत्तर प्रदेश व नेपाल से भी जुड़ाव मिला है। गोरखपुर, देवीपाटन व लखनऊ मंडल में घुसपैठ कराने वाले नेटवर्क की जानकारी सामने आई है।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने असम के रास्ते अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत में प्रवेश किया। इसके बाद न्यू जलपाईगुड़ी, कटिहार, बरौनी, मुगलसराय, लखनऊ, कानपुर और दिल्ली होते हुए जम्मू तवी तक पहुंचे। वहां से सड़क मार्ग से कश्मीर जा रहे थे, जहां उनके रहने, मकान और काम का बंदोबस्त करने का दावा किया गया था। पूछताछ के बाद सभी को रामबन पुलिस को सौंप दिया गया है।

सुरक्षा एजेंसियों ने बांग्लादेशियों के भारत में घुसपैठ के मार्ग, संभावित मददगार और नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वे कब और किन परिस्थितियों में भारत में दाखिल हुए और जम्मू-कश्मीर तक पहुंचने में उन्हें स्थानीय स्तर पर किसने मदद की। मामले में हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से भी मदद मांगी गई है। उनसे भी कार्रवाई का इनपुट साझा किया गया है।

सुरक्षा एजेंसियों ने इनको पकड़ा
इमरान अहमद (18), मुस्तकीम अहमद (15), शुहाग अहमद (17), रूबिया बेगम (22), जहीर अहमद (03), जहीन अहमद (07), लीजा बेगम (20), फातिमा (06), मोहम्मद फहीम (02), अकलीमा बेगम (18) सभी बांग्लादेश के जिला सिलहट, रानीगंज व सुनामगंज के रहने वाले हैं। वहीं, मोहम्मद अलाउद्दीन (38), मोहम्मद अयाज अली (32) व सुहेल अहमद (28) से सभी बांग्लादेश के सिलहट जिले के सुनामगंज स्थित सैदगांव के निवासी हैं। रहीमउद्दीन (23), मोहम्मद आलमगीर (19) व रेहान अहमद (14) सिलहट जिले के सुनामगंज स्थित सैदपुर के रहने वाले हैं। केवसार अहमद (26), राजुल करीम (22) ये दोनों पश्चिम रुकनपुर के रहने वाले हैं। रासिल अहमद (29), सहजुद्दीन अहमद (19), सबीर (19) सिलहट के रहने वाले हैं।

NATIONAL : ‘पिता की 60 हजार तनख्वाह, बेटे की पढ़ाई US में कैसे’: दीपके पर RTI एक्टिविस्ट का ट्रिपल अटैक! EC से की ये मांग

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सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के पिता की संपत्तियों की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार को शिकायत दी है। इसके साथ ही, पार्टी के बिना रजिस्ट्रेशन चंदा लेने और कपिल सिब्बल के एक करोड़ रुपये के फंड पर 18% जीएसटी वसूलने को लेकर ईसीआई और सीबीआईसी का रुख किया है।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार गुजरात के सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने उनके परिवार की संपत्ति, पार्टी की फंडिंग और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर तीन अलग-अलग सरकारी एजेंसियों से शिकायत की है। तिवारी ने महाराष्ट्र सरकार, चुनाव आयोग और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने की मांग की है।

अमित तिवारी ने क्या-क्या आरोप लगाए?
अमित तिवारी का कहना है कि अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दीपके महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) में जूनियर इंजीनियर (जेई) के पद पर कार्यरत थे। उनका दावा है कि इस पद पर औसतन 60 से 65 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता है। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी आय में परिवार ने अपने बच्चों को अमेरिका जैसे महंगे देश में पढ़ाई के लिए कैसे भेजा। तिवारी ने महाराष्ट्र सरकार से मांग की है कि भगवानराव दीपके और उनके परिवार की आय और संपत्ति की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

‘CJP बिना रजिस्ट्रेशन कैसे जुटा रही चंदा?’
अमित तिवारी ने चुनाव आयोग को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि कॉकरोच जनता पार्टी खुद को राजनीतिक संगठन के रूप में पेश कर रही है और लोगों से चंदा भी जुटा रही है। उनका कहना है कि यदि कोई संगठन राजनीतिक दल की तरह काम करता है तो उसे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत चुनाव आयोग में पंजीकरण कराना जरूरी होता है। तिवारी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि यह जांच की जाए कि क्या सीजेपी बिना पंजीकरण के राजनीतिक गतिविधियां चला रही है और यदि ऐसा है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

कपिल सिब्बल के एक करोड़ रुपये पर भी उठाया सवाल
आरटीआई कार्यकर्ता ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) को भी शिकायत भेजी है। उन्होंने राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की ओर से सीजेपी को दिए जाने वाले 1 करोड़ रुपये के फंड का जिक्र करते हुए कहा है कि इस पूरे लेनदेन की जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि संबंधित कानून लागू होते हैं तो इस राशि पर 18 प्रतिशत जीएसटी वसूले जाने के पहलू की भी जांच की जाए।

नीट आंदोलन का भी किया जिक्र
अमित तिवारी ने अपनी शिकायत में सीजेपी के विरोध प्रदर्शनों का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में आंदोलन नीट पेपर लीक के मुद्दे पर था और उसे व्यापक समर्थन मिला था। लेकिन बाद में आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनकी दिवंगत मां और अन्य नेताओं को लेकर कथित रूप से अभद्र टिप्पणियां की गईं, जो लोकतांत्रिक विरोध की मर्यादा के अनुरूप नहीं थीं।

चार बड़ी बातें
अभिजीत दीपके के पिता की आय और संपत्ति की जांच की मांग।
सीजेपी पर बिना पंजीकरण राजनीतिक गतिविधियां चलाने और चंदा जुटाने का आरोप।
कपिल सिब्बल के घोषित 1 करोड़ रुपये के फंड की जांच और कर संबंधी पहलुओं की पड़ताल की मांग।
महाराष्ट्र सरकार, चुनाव आयोग और सीबीआईसी को अलग-अलग शिकायतें भेजी गईं।

कौन हैं अभिजीत दीपके?
बता दें कि पिछले कुछ महीनों में देश की राजनीति में अचानक एक नाम तेजी से उभरा है, अभिजीत दीपके। महज 30 साल के इस युवा और उनकी बनाई कॉकरोच जनता पार्टी ने देश के सबसे बड़े छात्र आंदोलन की अगुवाई की है। नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर संसद मार्ग तक सड़कों पर उतरे अभिजीत दीपके अब राष्ट्रीय मीडिया और राजनीति के केंद्र में हैं।

Jharkhand : आकाशीय बिजली का कहर, धान रोप रही 5 महिलाओं की जान गई, 4 झुलसीं

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झारखंड के रामगढ़ और गोड्डा जिलों में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से पांच महिलाओं की मौत हो गई जबकि चार अन्य झुलस गईं। पुलिस ने यह जानकारी दी।झारखंड के रामगढ़ और गोड्डा जिलों में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से पांच महिलाओं की मौत हो गई जबकि चार अन्य झुलस गईं। पुलिस ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले पांच लोगों में से तीन रामगढ़ के पतरातू प्रखंड के थे और जबकि दो गोड्डा ज़िले के बसंतराय प्रखंड के महेशपुर-रामपुर गांव के निवासी थे। उन्होंने बताया कि आकशीय बिजली की चपेट में आईं महिलाएं हादसे के समय धान की रोपाई कर रही थीं।

पतरातू पुलिस थाने के प्रभारी शिवलाल कुमार गुप्ता ने मीडिया को बताया, ”रामगढ़ के दो गांवों में आकाशीय बिजली गिरने से तीन महिलाओं की मौत हो गई। इनकी पहचान सकुल गांव निवासी रेखा देवी (45) और रोशनी कुमारी (21) तथा पलानी गांव निवासी सुशांति देवी (34) के तौर पर हुई है।”

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि गोड्डा में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।

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