Monday, November 2, 2026
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BUSINESS : LPG सिलेंडर नियम में बदलाव, ग्रामीण इलाकों में 45 दिन में मिलेगा सिलेंडर, सरकार ने लिया फैसला

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LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच भारत में LPG सिलेंडर से जुड़े नियमों में बदलाव कर दिया गया है। सरकार की ओर से ग्रामीण इलाकों में सिलेंडर रिफिल करने का समय बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है। पहले ग्रामीण इलाकों में उपभोक्ता 25 दिन के भीतर ही अगला सिलेंडर बुक कर सकते थे।

LPG Crisis: एलपीजी सिलेंडर को लेकर ग्रामीण इलाकों के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। अब गांवों में एलपीजी सिलेंडर की अगली बुकिंग का समय बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है। पहले ग्रामीण इलाकों में उपभोक्ता 25 दिन के भीतर ही अगला सिलेंडर बुक कर सकते थे। मिली जानकारी के मुताबिक यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि सिलेंडर की अनावश्यक जल्दबाजी में बुकिंग को रोका जा सके और सप्लाई को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सके। हाल के दिनों में कई जगहों पर अफवाहों के कारण लोग जल्दी-जल्दी सिलेंडर बुक करा रहे थे।

सूत्रों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में औसतन एक परिवार साल में करीब पांच एलपीजी सिलेंडर ही इस्तेमाल करता है। ऐसे में बार-बार जल्दी बुकिंग की जरूरत नहीं होती है। इसी वजह से बुकिंग के बीच का समय बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है। हालांकि शहरी इलाकों में नियम पहले जैसा ही रहेगा। शहरों में उपभोक्ता अभी भी 25 दिन के अंदर अगला सिलेंडर बुक कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से सिलेंडर की सप्लाई बेहतर तरीके से संतुलित रहेगी और अफवाहों की वजह से होने वाली अतिरिक्त बुकिंग पर भी रोक लगेगी।

15 दिन में लोग बुक करा रहे थे सिलेंडर
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से यह फैसला लिया गया है। कहा जा रहा है कि घरेलू गैस के लिए लोग सिर्फ 15 दिनों के अंतराल के बाद एलपीजी सिलेंडर बुक करा रहे थे। वहीं यह बुकिंग करीब 55 दिनों का होता था। यह बात सामने आई कि जो लोग पहले 55 दिनों में सिलेंडर बुक कराते थे, वो अब 15 दिनों में सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिए। कुल मिलाकर, ग्रामीण इलाकों के लिए किया गया यह बदलाव एलपीजी सप्लाई को स्थिर रखने और घबराहट में होने वाली बुकिंग को रोकने के मकसद से लागू किया गया है।

होटल-रेस्टोरेंट को कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (Oil Marketing Companies – OMCs) ने साफ निर्देश दिए हैं कि कमर्शियल गैस सिलेंडर सिर्फ अस्पतालों और स्कूल-कॉलेजों को ही दिए जाएंगे। होटल, ढाबों और रेस्तरां के लिए सप्लाई पूरी तरह रोक दी जाए। दिल्ली-एनसीआर में करीब पांच लाख से अधिक कमर्शियल एलपीजी कनेक्शन हैं, जिनमें से तीन लाख से ज्यादा सिर्फ दिल्ली में हैं। एलपीजी गैस डीलर एसोसिएशन का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई में कमी देखी जा रही है। नॉन-डोमेस्टिक सिलेंडर (कमर्शियल) सिर्फ़ हॉस्पिटल और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन को ही बेचने के निर्देश दिए गए हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड शामिल हैं।

सिलेंडर की लोडिंग-बिलिंग लगी रोक
कमर्शियल सिलेंडरों की लोडिंग और बिलिंग पर भी रोक दी गई है। जब तक LPG की नई खेप आने की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक सप्लाई शुरू नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल बॉटलिंग प्लांट्स में मौजूद LPG स्टॉक घरेलू सिलेंडरों की भराई के लिए सुरक्षित रखा जा रहा है। कमर्शियल सिलेंडर केवल आपात सेवाओं जैसे अस्पतालों के लिए सीमित रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे।

WhatsApp से बुक करें गैस सिलेंडर
आप WhatsApp से भी सिलेंडर बुकिंग कराने की कोशिश कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपनी गैस कंपनी से उनके WhatsApp पर संपर्क करना होगा। इसके लिए:

Indane के ग्राहक अपने रजिस्टर्ड नंबर से 7588888824 पर ‘REFILL’ लिखकर मैसेज कर सकते हैं।
वहीं HP Gas के ग्राहक 9222201122 पर ‘Hi’ या ‘Book’ लिखकर मैसेज कर सकते हैं।
Bharat Gas के ग्राहक 1800224344 पर ‘Hi’ या ‘Book’ लिखकर मैसेज कर सकते हैं।
मिस्ड कॉल से बुक करें गैस सिलेंडर
आप अपनी गैस कंपनी के नंबर पर मिस कॉल देकर भी सिलेंडर बुक कर सकते हैं। ध्यान रहे कि कॉल रजिस्टर्ड नंबर से ही करें। इसके लिए:

Indane के ग्राहक 8454955555 पर एक मिस्ड कॉल दें।
HP Gas के ग्राहक 9493602222 पर मिस्ड कॉल दें।
SMS से बुक करें गैस सिलेंडर
आप SMS भेजकर भी सिलेंडर बुक कर सकते हैं। इसके लिए Indane के ग्राहक 7718955555 पर ‘REFILL’ लिखकर SMS भेज सकते हैं। वहीं Bharat Gas के ग्राहक 7715012345 या 7718012345 पर ‘LPG’ लिखकर SMS कर सकते हैं। ध्यान रखें कि यह SMS आपको अपने रजिस्टर्ड नंबर से करना होगा।

सिलेंडर न मिले तो यहां करें शिकायत
अगर सिलेंडर बुक होने के बाद भी डिलीवर न हो, तो आप कई तरीकों से अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आप टोल फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं। Indane Gas के ग्राहक 1800-2333-555 पर, Bharat Gas के ग्राहक 1800-22-4344 पर और HP Gas के ग्राहक 1800-2333-555 पर कॉल कर सकते हैं।

इसके अलावा आप अपनी गैस कंपनी की वेबसाइट पर जाकर भी अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए Indane के ग्राहक iocl.com पर जाकर ‘Feedback’ सेक्शन में अपनी बात लिख सकते हैं। वहीं HP Gas के ग्राहक myhpgas.in पर ‘Grievance Redressal’ का ऑप्शन चुन सकते हैं। इसके अलावा Bharat Gas के ग्राहक my.ebharatgas.com पर ‘Feedback/Complaint’ लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।
सरकारी ऐप UMANG के जरिए भी अपनी गैस कंपनी चुनकर डिलीवरी न होने की शिकायत कर सकते हैं। यहां आपको शिकायत का एक रेफरेंस नंबर भी मिलता है, जिससे आप शिकायत के स्टेटस को भी ट्रैक कर सकते हैं। इन तमाम तरीकों के अलावा आप X या दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी गैस कंपनी को टैग कर शिकायत को पोस्ट भी कर सकते हैं।

NATIONAL : निकाय चुनाव के लिए मुख्यमंत्री का रोड शो करना भाजपा सरकार की विफलता का प्रमाण: गहलोत

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जयपुर, छह सितंबर (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को कहा कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का रोड शो कोई उपलब्धि नहीं बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की ‘सबसे बड़ी विफलता’ को दर्शाते हैं।

गहलोत ने कहा कि उनकी जानकारी में यह पहली बार है जब कोई मुख्यमंत्री नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका चुनावों के लिए रोड शो कर रहा है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, “मुख्यमंत्री को रोड शो करने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ा? यह उनके लिए कोई उपलब्धि नहीं, बल्कि उनकी सबसे बड़ी विफलता है।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि ढाई साल के कार्यकाल के बाद सरकार को जनता की नाराजगी की चिंता सताने लगी है और रोड शो इसी का संकेत है।

उन्होंने आरोप लगाया कि टूटी सड़कों और खराब सीवरेज व्यवस्था के कारण शहरों की स्थिति खराब है तथा कोई विकास कार्य नहीं हो रहा है।

गहलोत ने कहा कि कांग्रेस की पिछली सरकार ने ‘प्रशासन शहरों के संग’ अभियान चलाया था, जिसका लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता था और इस अभियान के तहत 12 लाख पट्टे वितरित किए गए थे।

उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल किया कि करीब तीन साल के कार्यकाल में उसने कितने पट्टे वितरित किए हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि ‘शायद एक लाख भी पट्टे नहीं’ दिए गए हैं।

गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा के मंत्री और दिल्ली, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों के वरिष्ठ नेता राजस्थान आ रहे हैं क्योंकि पार्टी को जनता की नाराजगी का एहसास हो गया है।

उन्होंने मतदाताओं से ‘गुमराह नहीं होने’ और स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा को हराने की अपील की।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार ने ‘सारी हदें पार कर दी हैं’।

उन्होंने कहा कि चुनाव में भाजपा को झटका मिलने से सरकार को सड़कें सुधारने, पट्टे वितरित करने और विकास कार्य करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। गहलोत ने निकाय चुनाव के नतीजों को अगले विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए कहा कि भाजपा की हार से उसे यह संदेश मिलेगा कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी उसका ‘खेल खत्म’ है।

NATIONAL : बंगाल में दुर्गा पूजा 2026 के विज्ञापन में बड़ी चूक, सीएम शुभेंदु अधिकारी ने मांगी माफी, जानें ऐसा क्या हुआ

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पश्चिम बंगाल में एक सरकारी विज्ञापन में मां दुर्गा के 11 हाथ दिखाए जाने पर सोमवार को राजनीति गरमा गई। तृणमूल कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने सरकार और बीजेपी को घेरा लिया। इस मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए राज्य के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बिना कोई देरी के माफी मांगी, हालांकि बीजेपी ने इस कोई मुद्दा नहीं कहते हुए खारिज कर दिया।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार के एक विज्ञापन में देवी दुर्गा को पारंपरिक 10 हाथों के बजाय 11 हाथों के साथ दिखाया गया। सोमवार को विज्ञापन सामने आते ही पूरे राज्य में बवाल मच गया। राजनीतिक विवाद के तूल पकड़ने पर सीएम शुभेंदु अधिकारी ने खुद माफी मांगी। इस मुद्दे पर सरकार को टीएमसी और सीपीएम ने बीजेपी पर हिंदू परंपराओं का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया। बीजेपी के राज्य प्रमुख सामिक भट्टाचार्य ने इसे एजेंसी की गलती बताया। शुभेंदु अधिकारी ने माफी मांगी और भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने का वादा किया।

पश्चिम बंगाल सरकार के एक विज्ञापन में देवी दुर्गा को पारंपरिक 10 हाथों के बजाय 11 हाथों के साथ दिखाया गया है। आज राज्य भर के अख़बारों में छपे इस विज्ञापन से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, देवी दुर्गा की दस भुजाएं हैं और उनकी पूजा ‘दशभुजा’ रूप में की जाती है। सूचना और संस्कृति विभाग द्वारा सोमवार को जारी किए गए विज्ञापन में देवी को 11 हाथों के साथ दिखाया गया है। यह विज्ञापन मिलन मेला में 2026 की दुर्गा पूजा के संबंध में पूजा समितियों के साथ बैठक के लिए था। जिसमें मुख्यमंत्री के भी शामिल होने की उम्मीद है। पुराणों में कहीं भी 11 हाथ का जिक्र नहीं है। ऐसे में बंगाल के राजनीतिक दलों ने बीजेपी को घेर लिया।

NATIONAL : बाबा बागेश्वर के नवरात्र में मांस न खाने के बयान पर बवाल: समिक भट्टाचार्य बोले- बंगाली लोग जो चाहें, वो खाएंगे

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पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन छोड़ने की धीरेंद्र शास्त्री की अपील को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाला कोई धार्मिक व्यक्ति बंगाल के लोगों के खान-पान और पहनावे का फैसला नहीं कर सकता।

पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सोमवार को धर्मगुरु धीरेंद्र शास्त्री की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान पंडाल में मांसाहारी भोजन करना छोड़ने को कहा था। भट्टाचार्य ने कहा कि बाहर से आने वाला कोई धार्मिक व्यक्ति बंगाल के लोगों को यह तय नहीं कर सकता कि उन्हें क्या खाना या पहनना चाहिए।

बागेश्वर बाबा के नाम से चर्चित धीरेंद्र शास्त्री ने त्योहार के दौरान मांसाहारी भोजन करने वालों को पाखंडी बताते हुए इसे छोड़ने की अपील की थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि किसी बाहरी व्यक्ति के कहने पर बंगाल की खान-पान की आदतें और परंपराएं नहीं बदली जा सकतीं।

धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर क्या बोले बंगाल के भाजपा अध्यक्ष?
समिक भट्टाचार्य ने कहा, “मुझे अपने तरीके से जीने दीजिए। बंगाली वही खाएंगे जो वे खाते आए हैं। क्या बंगाली मछली और मांस नहीं खा सकते? स्वामी विवेकानंद ने यह बात कही है। उनसे ऊपर कौन है?” उन्होंने आगे कहा, “यहां मां काली को भोग के रूप में बकरे का मांस चढ़ाया जाता है।”

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अष्टमी पर लूची और नवमी पर बकरे का मांस खाना बंगाल की पुरानी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है और लोगों से इसे छोड़ने के लिए कहने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा, “हम आम तौर पर अष्टमी पर लूची और नवमी पर बकरे का मांस खाते हैं। हम ऐसा करते रहेंगे। पश्चिम बंगाल के लोगों को यह कोई नहीं बता सकता कि उन्हें क्या खाना चाहिए।”

बंगाल में खान-पान की संस्कृति को लेकर क्यों भड़का विवाद?
शास्त्री की टिप्पणी के बाद पश्चिम बंगाल में खान-पान, धर्म और सांस्कृतिक परंपराओं को लेकर बहस छिड़ गई है। राज्य में लंबे समय से भोजन और धार्मिक परंपराएं ऐसी विविधता के साथ साथ रही हैं, जो हमेशा पूरी तरह शाकाहारी धार्मिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं होती हैं।
यह विवाद शास्त्री के पश्चिम बंगाल दौरे के कुछ दिन बाद सामने आया है। उन्होंने राज्य में दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन नहीं करने की अपील की थी और ऐसा भोजन करने वालों को पाखंडी बताया था।

शास्त्री का पश्चिम बंगाल दौरा राजनीतिक रंग भी ले चुका है। भाजपा सरकार के दौरान उन्हें राज्य में धार्मिक कार्यक्रम करने की अनुमति मिली, जबकि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के समय कथित तौर पर उन्हें अनुमति हासिल करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
हालांकि, भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने ऐसे किसी निर्देश से दूरी बना ली है, जिसे बंगाल की पारंपरिक खान-पान की आदतों को बदलने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है।

बंगाली समाज पर नहीं थोपे जा सकते निजी विचार : समिक भट्टाचार्य
भट्टाचार्य ने कहा कि वह धार्मिक व्यक्ति के तौर पर शास्त्री का सम्मान करते हैं, लेकिन उनके निजी विचार बंगाली समाज पर थोपे नहीं जा सकते। उन्होंने कहा, “कोई संत या डॉक्टर लोगों को शाकाहारी बनने की सलाह दे सकता है। लेकिन बाहर से आने वाला कोई व्यक्ति बंगाल में बैठकर यह तय नहीं कर सकता कि कौन क्या खाएगा और कौन क्या पहनेगा।” भट्टाचार्य ने जोर देकर कहा कि शास्त्री की टिप्पणी उनके निजी विचार हैं।

भाजपा नेता ने अपनी बात के समर्थन में स्वामी विवेकानंद और बंगाल की धार्मिक परंपराओं का जिक्र किया। उन्होंने राज्य के कई मंदिरों में देवी काली को बकरे का मांस चढ़ाने की परंपरा का भी हवाला दिया।

किसने बताया मांस को हिंदू धर्म का हिस्सा?
इस मुद्दे पर जाने-माने अर्थशास्त्री संजीव सान्याल ने बिना किसी का नाम लिए सोशल मीडिया पर लिखा, “मांस शाक्त हिंदू धर्म का मूल हिस्सा है। इसे प्राचीन परंपराओं के तहत मां दुर्गा और मां काली को चढ़ाया जाता है। दुर्गा पूजा में नवमी और दशमी पर भक्त जो प्रसाद खाते हैं, उसमें मांस होता है। इस पवित्र परंपरा में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

भट्टाचार्य ने दुर्गा पूजा से जुड़े एक अन्य विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। यह विवाद पश्चिम बंगाल सरकार के एक विज्ञापन को लेकर है, जिसमें देवी दुर्गा को 11 हाथों के साथ दिखाया गया था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विज्ञापन एजेंसी की “संभावित तकनीकी या छपाई की गलती” को राजनीतिक विवाद नहीं बनाया जाना चाहिए और गलती को ठीक कर देना चाहिए।

हिंदुत्व के साथ बंगाली सांस्कृतिक पहचान का मुद्दा भाजपा के लिए क्यों चुनौती?
ये टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं जब भाजपा हिंदुत्व के मुद्दे के साथ बंगाली सांस्कृतिक पहचान को जोड़कर पश्चिम बंगाल में अपना राजनीतिक आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पार्टी के लिए दोनों मुद्दों के बीच संतुलन बनाना महत्वपूर्ण है।

भट्टाचार्य के बयान से धार्मिक आस्था और बंगाल की विशिष्ट सांस्कृतिक परंपराओं के बीच अंतर करने की भाजपा की प्रदेश इकाई की कोशिश दिखाई देती है। साथ ही यह संकेत भी मिलता है कि प्रदेश नेतृत्व राज्य के लोगों के खान-पान को लेकर किसी तरह के व्यापक निर्देश का समर्थन नहीं करता।

NATIONAL : चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान, 6 अक्टूबर को नगांव लोकसभा और 5 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव

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चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम व रेजीनगर, तमिलनाडु की मदुरंतकम व धारापुरम, पुडुचेरी की थट्टनचावडी विधानसभा सीटों औरअसम की नगांव लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव कराने की घोषणा की है।

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने सोमवार को तीन राज्यों की पांच विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराने की घोषणा की, जिनमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा रिक्त की गई नंदीग्राम सीट भी शामिल है। शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया था, जहां उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था।

6 अक्टूबर को होंगे उपचुनाव
चुनाव आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी की पांच विधानसभा सीट के साथ-साथ असम के नगांव लोकसभा क्षेत्र में भी 6 अक्टूबर को उपचुनाव होंगे, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। नगांव सीट प्रद्युत बारदोलोई ने रिक्त की थी, जिन्होंने 2024 में कांग्रेस के टिकट पर इस लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की थी। वह भाजपा में शामिल हो गए और हाल में हुए विधानसभा चुनाव में दिसपुर से विजयी हुए।

कब खाली हुई थी नंदीग्राम सीट
शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बनाई है। उन्होंने अप्रैल में हुए विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम और भवानीपुर, दो सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में 15,105 मतों के अंतर से हराया और बाद में नंदीग्राम सीट छोड़ दी। उन्होंने 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम में भी बनर्जी को हराया था।

हुमायूं कबीर की रेजीनगर सीट पर भी दोबारा चुनाव
पश्चिम बंगाल की एक और सीट, जिस पर उपचुनाव होने वाला है, वह है रेजीनगर। यह सीट आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर के इस्तीफे के कारण रिक्त हुई थी। कबीर तृणमूल कांग्रेस के पूर्व नेता हैं। पार्टी से निकाले जाने के बाद उन्होंने एजेयूपी का गठन किया तथा 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नाओदा, दो सीट पर जीत हासिल की थी।

तमिलनाडु की इन सीटों पर भी बाय पोल इलेक्शन
तमिलनाडु में मदुरंतकम (आरक्षित) और धारापुरम (आरक्षित) विधानसभा सीट पर उपचुनाव होंगे। इन निर्वाचन क्षेत्रों में हाल ही में हुए चुनावों में अन्नाद्रमुक उम्मीदवार क्रमश: मरगथम कुमारवेल और पी. सत्यभामा ने जीत हासिल की थी। ये दोनों उन बागी अन्नाद्रमुक विधायकों के समूह में शामिल थे, जिन्होंने विधानसभा में विश्वास मत के दौरान मुख्यमंत्री विजय की तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार का समर्थन किया था। बाद में कुमारवेल और सत्यभामा ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल हो गए, जिसके कारण उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी।

पुडुचेरी की सीट पर भी इलेक्शन
पुडुचेरी की थट्टनचावडी सीट मुख्यमंत्री और ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (एएनआरसी) के प्रमुख एन. रंगासामी ने रिक्त की थी, जिन्होंने विधानसभा चुनाव में थट्टनचावडी और मंगलम, दो सीट से जीत हासिल की थी। रंगासामी ने मंगलम सीट अपने पास रखने का फैसला किया और थट्टनचावडी सीट से इस्तीफा दे दिया। एएनआरसी नेता ने कुछ दिन पहले घोषणा की थी कि पार्टी के पूर्व विधायक अशोक आनंद उपचुनाव में उसकी ओर से उम्मीदवार होंगे।

इन सीटों पर नहीं तय हुई इलेक्शन डेट
चुनाव आयोग ने कहा कि संबंधित जिलों में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। लोकसभा की दो अन्य सीट मेघालय में शिलांग और पश्चिम बंगाल में बशीरहाट अभी भी रिक्त हैं और इन संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अब तक चुनाव की तारीखें तय नहीं हुई हैं। इस साल फरवरी में ‘वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी’ (वीपीपी) के सांसद रिकी एंड्रयू जे. सिंगकॉन के निधन के बाद शिलांग सीट रिक्त हो गई थी, जबकि सितंबर 2024 में तृणमूल कांग्रेस के सांसद हाजी शेख नूरुल इस्लाम के निधन के बाद से बशीरहाट की सीट खाली है।

NATIONAL : ‘वो मेरे रिटायर होने का इंतजार कर रहे…’, CJI सूर्यकांत ने अरावली पैनल की टाइम लिमिट बढ़ाने की अर्जी खारिज की

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भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को अरावली पहाड़ियों और रेंज की एक जैसी परिभाषा तय करने के लिए बनाई गई हाई-पावर कमेटी की टाइम लिमिट बढ़ाने की याचिका को खारिज कर दिया.

भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को अरावली पहाड़ियों और रेंज की एक जैसी परिभाषा तय करने के लिए बनाई गई हाई-पावर कमेटी की टाइम लिमिट बढ़ाने की याचिका को खारिज कर दिया. समिति ने 28 फरवरी, 2027 तक टाइम लिमिट बढ़ाने की मांग की थी. CJI ने कहा कि कमेटी इस काम को उनकी रिटायरमेंट के बाद तक खींचने की कोशिश कर रही है. अब अदालत ने उन्हें 30 नवंबर तक अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपने का ऑर्डर दिया.

CJI ने क्या कहा?
केंद्र की तरफ से पेश की गई एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से CJI सूर्यकांत ने कहा, ”उन्हें साफ तौर पर मेरे रिटायरमेंट के बाद की तारीख मांगनी चाहिए थी. ऐसा लगता है कि वो मेरे रिटायरमेंट का इंतजार कर रहे हैं. हम ऐसा नहीं होने देंगे.” आपको बता दें कि 9 फरवरी 2027 को CJI सूर्यकांत रिटायर हो जाएंगे. CJI की अध्यक्षता वाली बेंच ने इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन (ICFRE) की डायरेक्टर जनरल कंचन देवी की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कमेटी को मन लगाकर काम करने और नई टाइम लाइन फॉलो करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए ये साफ कर दिया कि आगे कोई समय नहीं बढ़ाया जाएगा.

NATIONAL : राहुल गांधी का PM मोदी पर निशाना, बोले- दर्द में छात्र, उन्हें प्रधानमंत्री से माफी की जरूरत नहीं

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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एमडीएमके महासचिव वाइको के संसदीय भाषणों के संकलन के विमोचन कार्यक्रम में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने छात्रों की समस्याओं, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था और संविधान में राज्यों की भूमिका का मुद्दा उठाया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर क्या आरोप लगाए? उन्होंने आरएसएस की सोच पर क्या कहा? राज्यों के अधिकारों को लेकर कौन-सी बड़ी बात कही?

देश में छात्रों के मुद्दे, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सियासी बहस तेज है। इसी बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के छात्र दर्द में हैं, उन्हें माफी की नहीं बल्कि रोजगार, निष्पक्ष परीक्षा और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की जरूरत है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर सरकार गंभीर नहीं दिख रही है।

राहुल गांधी ने कहा कि छात्र रोजगार मांग रहे हैं, निष्पक्ष परीक्षाएं चाहते हैं और ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहते हैं जो सही तरीके से काम करे। उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ प्रधानमंत्री छात्रों को ‘माफ’ करने की बात करते हैं। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री को देश के युवाओं के भविष्य को माफ करने का अधिकार किसने दिया। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि ऐसा अधिकार उन्हें कहां से मिला।

क्या बोले राहुल गांधी, छात्रों और युवाओं के मुद्दे पर?
राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवा भारी पीड़ा में हैं। वे नौकरी की मांग कर रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता चाहते हैं। उनका कहना था कि युवाओं की आवाज सुनने के बजाय सरकार अलग दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

आरएसएस की सोच पर राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनके सहयोगियों, खासकर आरएसएस की सोच के पीछे एक खतरनाक विचार है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सोच भारत को उसकी विविधता के रूप में नहीं देखती। राहुल गांधी ने कहा कि भारत अनेक परंपराओं, भाषाओं और संस्कृतियों का देश है और इसी विविधता का सम्मान होना चाहिए।

NATIONAL : दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरी, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका

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इमारत के अचानक गिरने के बाद बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया है। राहत और बचाव टीमों के द्वारा मलबे को सावधानी से हटाकर इसमें फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को पांच मंजिला इमारत गिर गई। बताया जा रहा है कि इमारत के मलबे में कई लोग दबे हुए हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे से निकाले गए तीन लोगों को AIIMS के ट्रामा सेंटर ले जाया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इसके साथ ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद हैं। दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं।दिल्ली पुलिस ने बताया है कि यह घटना दिन में 1:30 बजे हुई। घटना में किसी के भी हताहत होने की अभी तक कोई सूचना नहीं है। इमारत में पीजी चल रहा था।इमारत गिरने के कारणों की फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इमारत के अचानक गिरने के बाद बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया। राहत और बचाव टीमों ने मलबे को सावधानी से हटाकर इसमें फंसे लोगों की तलाश की। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों का फोकस मलबे में फंसे लोगों का जल्द से जल्द पता लगाने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने पर है।

सीएम रेखा गुप्ता ने जताया दुख
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना पर दुख जताया है। रेखा गुप्ता ने X पर कहा, “DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव कार्य कर रही हैं। एहतियात के तौर पर बगल की इमारत को खाली करा लिया गया है। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद पहुंचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है।”

DUSU प्रेसिडेंट आर्यन मान ने कहा, “अब तक लगभग 10-15 छात्रों को बचाया जा चुका है, हालांकि कुछ अभी भी अंदर फंसे हुए हैं… मैंने मुख्यमंत्री से बात की है और दूसरी टीमें भी छात्रों की मदद के लिए आ रही हैं… JCB और फायर ब्रिगेड यूनिट समेत सभी टीमें मौके पर मौजूद हैं।”

अंदर फंसे हुए हैं बच्चे- विधायक
इमारत गिरने की घटना पर बीजेपी विधायक अनिल शर्मा ने कहा, “बच्चे यहां अलग-अलग जगहों से पढ़ने आते हैं और इस इमारत में बने पीजी में रह रहे थे… हमें पता है कि बच्चे अंदर फंसे हुए हैं। NDRF और MCD ने दो बच्चों को पहले ही बचा लिया है। कुछ बच्चे अंदर से फोन भी कर रहे हैं और ऐसा लगता है कि अभी भी कुछ लोग अंदर फंसे हैं, इसलिए बचाव कार्य जारी है।”

घटना को लेकर कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने कहा कि सरकार को तुरंत इन बच्चों और उनके परिवारों की मदद करनी चाहिए और यह तय करना चाहिए कि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।

साकेत में ढह गई थी चार मंजिला इमारत
इस साल मई में दक्षिण दिल्ली में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास चार मंजिला व्यावसायिक इमारत ढह गई थी। इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई थी।

NATIONAL : पीजी हादसा: तीन आरोपी गिरफ्तार, हरिराम और पत्नी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, बेटे को दो दिन की पुलिस कस्टडी

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तीनों आरोपियों को जज के सामने पेश किया गया। हरिराम और उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि उनके बेटे महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। 6 सितंबर को सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की जान चली गई थी।

दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में इमारत ढहने के दर्दनाक हादसे में सात लोगों की जान चली गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में बिल्डिंग के मालिकों और लाभार्थियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता, उनकी 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला गुप्ता और 52 वर्षीय बेटा महेश गुप्ता शामिल हैं।

तीनों आरोपियों को जज के सामने पेश किया गया। हरिराम और उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि उनके बेटे महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। 6 सितंबर को सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की जान चली गई थी।

जांच में हुए अहम खुलासे
पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में संपत्ति और उसके प्रबंधन को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। दस्तावेजों की जांच में पाया गया है कि यह संपत्ति कानूनी रूप से उर्मिला गुप्ता के नाम पर दर्ज है। वहीं पति हरिराम गुप्ता भारतीय वायुसेना से रिटायर्ड सार्जेंट हैं। पत्नी के नाम पर संपत्ति होने के बावजूद, इमारत का पूरा प्रबंधन यही देख रहे थे। इमारत की दो मंजिलों के बिजली कनेक्शन भी हरिराम के नाम पर ही हैं। वहीं बेटा महेश भी इमारत के संचालन में पिता की मदद कर रहा था। महेश पेशे से हार्डवेयर और पेंट की दुकान चलाता है और उसके दो बच्चे हैं।

पीजी संचालक और ठेकेदार की तलाश तेज
बिल्डिंग मालिकों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस और प्रशासन के रडार पर पेइंग गेस्ट (पीजी) के संचालक और लेबर कॉन्ट्रैक्टर (ठेकेदार) हैं। पुलिस इनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस हादसे में इनकी भूमिका की भी गहनता से जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

NATIONAL : ‘MCD और DU भी जिम्मेदार, केवल PG मालिक पर ठीकरा फोड़ना ठीक नहीं’, सत्य निकेतन हादसे पर दिल्ली HC

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दिल्ली हाई कोर्ट ने सत्य निकेतन में बिल्डिंग ढहने की घटना पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस त्रासदी के लिए सिर्फ इमारत के मालिक ही जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि एमसीडी और दिल्ली विश्वविद्यालय भी जवाबदेह हैं। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बचाव अभियान में प्रयासों को दोगुना करें ताकि ज्यादा से ज्यादा जानें बचाई जा सकें।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वासन दिया कि बचाव कार्यों के लिए सभी संभव कदम उठाए जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट ने प्रशासन से अनुरोध किया कि राहत और बचाव अभियान को और तेज किया जाए।

पीजी और हॉस्टल का ऑडिट करने का निर्देश
दिल्ली हाई कोर्ट ने एमसीडी को एक सप्ताह के अंदर पीजी और हॉस्टल का ऑडिट करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ बिल्डिंग मालिकों की ही नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों की भी है। अगर अधिकारियों ने अपनी कानूनी जिम्मेदारियां ठीक से निभाई होतीं, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था।

एमसीडी और दिल्ली पुलिस को नोटिस
अदालत ने कहा कि अगर पीजी और हॉस्टलों को रेगुलेट करने के लिए दिशा-निर्देश नहीं है तो इसे तत्काल बनाएं। अदालत ने घटना को लेकर दायर जनहित याचिका पर केंद्र व दिल्ली सरकार के साथ एमसीडी और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

भविष्य के लिए आपकी क्या रणनीति है, बताएं: हाई कोर्ट
हाई कोर्ट ने कहा कि हादसा हो चुका है और अब आपकी रणनीति क्या है कि भविष्य में ऐसा न हो। अदालत ने कहा कि अगर पीजी हॉस्टल को रेगुलेट करने के लिए कोई रेगुलेशन नहीं है तो इसे तत्काल बनाएं। यह देखें कि पीजी हॉस्टल में रोशनी और हवा है या नहीं। पीठ ने कहा कि अदालत ने कहा कि हर दूसरे साल ऐसा होता है। उक्त टिप्पणियों के साथ अदालत ने मामले की सुनवाई 25 सितंबर के लिए तय कर दी।

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