Thursday, September 17, 2026
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NATIONAL : सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने का मामला पहुंचा अदालत, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

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सुप्रीम कोर्ट ने आवारा पशुओं को राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से हटाने के लिए केंद्र से जवाब मांगा है. याचिका में राजमार्गों पर पशुओं के अतिक्रमण रोकने हेतु राष्ट्रीय दिशानिर्देश बनाने और लागू करने की मांग है.
हटाने का मामला पहुंचा अदालत, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

सड़कों से आवारा पशुओं के मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्‍त नजर आ रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र से जवाब मांगा है. अदालत में एक याचिका में अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई है कि देश भर के राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से आवारा पशुओं को दूर रखा जाए. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने केंद्र और अन्य पक्षों, जिनमें राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं, उनको नोटिस जारी कर 4 सप्ताह के भीतर याचिका पर जवाब मांगा है.

आवारा पशु कई सड़क हादसों की वजह
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में अधिकारियों को राजमार्गों पर पशुओं के अतिक्रमण को रोकने के लिए एकसमान राष्ट्रीय दिशानिर्देश बनाने और लागू करने का निर्देश देने की मांग की गई है. लॉयर्स फॉर ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल द्वारा दायर याचिका में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे, विशेष रूप से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से बाड़ लगाने की मांग की गई है. इसमें वैज्ञानिक रूप से प्रबंधित गौशालाओं की स्थापना के लिए निर्धारित निधि का भी प्रावधान है, साथ ही पशुओं को अवैध रूप से छोड़ने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी है. याचिका में आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए बिना किसी गलती के मुआवजे की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है.

इसके अलावा, वैज्ञानिक तरीके से संचालित गोशालाओं/पशु आश्रयों की स्थापना के लिए निर्धारित वित्त पोषण सुनिश्चित करने का और मवेशियों को अवैध रूप से छोड़ने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने का भी अनुरोध किया गया है. याचिका में आवारा मवेशियों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए दोष रहित मुआवजा (ऐसा मुआवजा जिसमें यह साबित करने की जरूरत नहीं होती कि गलती किसकी थी) ढांचा तैयार करने की भी अपील की गई है.

NATIONAL : ‘देश चलाना है तो कानून भी बनेंगे’: संसद में प्रदर्शन पर सख्त रिजिजू; बोले- ‘पूरा समय दिया, अब शिकायत क्यों?

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संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद में विपक्ष के हंगामे, बिना चर्चा के विधेयक पारित होने के आरोप, सांसद पप्पू यादव के विरोध के तरीके और लगातार चुनाव हारने वाली पार्टियों की राजनीति पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता संसद का कामकाज सुचारु रूप से चलाकर जरूरी विधेयकों और राष्ट्रीय महत्व के कार्यों को पूरा करना है।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज किया है जिसमें विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सरकार ने बिना चर्चा किए नए बिलों को संसद से पास करा दिया। विपक्ष के इन आरोपों का जवाब देते हुए रिजिजू ने कहा कि ऐसे आरोप कोई नई बात नहीं हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार इस तरह के आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता सूचीबद्ध विधेयकों को पारित कराना और संसद के तय कामकाज को पूरा करना है। आखिर देश को आगे बढ़ाने के लिए कानून बनाने पड़ते हैं।

संसद चलाने का उद्देश्य ही क्या रह जाएगा?
संसद को बजट और अन्य महत्वपूर्ण मामलों को भी मंजूरी देनी होती है। अगर लगातार हंगामे के कारण सरकार जरूरी विधेयक भी पारित नहीं करा पाए, तो फिर संसद चलाने का उद्देश्य ही क्या रह जाएगा? उन्होंने कहा कि सरकार विधेयक पारित कराती रहेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष बाद में यह आरोप न लगाए कि बिना चर्चा के बिल पारित किए गए, क्योंकि चर्चा के लिए पर्याप्त समय दिया गया है।

क्या संसद वेशभूषा बदलने की जगह है?
सांसद पप्पू यादव के विरोध-प्रदर्शन के तरीके पर किरेन रिजिजू ने कहा कि लोकसभा स्पीकर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि संसद वेशभूषा बदलकर प्रदर्शन करने का मंच नहीं है। उन्होंने कहा कि सांसदों को अपनी गरिमा और गंभीरता बनाए रखनी चाहिए। अगर कोई सांसद है, तो उसका व्यवहार भी उसी गरिमा के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद नाटकबाजी की जगह नहीं है और स्पीकर इस बारे में पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं, इसलिए उन्हें इसे दोहराने की जरूरत नहीं है।

WORLD : ‘पाकिस्तानी कश्मीर जैसा कोई क्षेत्र नहीं’: PoK के मुद्दे पर अमेरिकी अखबार को भारत की लताड़; क्या बोला दूतावास?

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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को लेकर भारत ने एक बार फिर अपना स्पष्ट रुख दोहराया है। अमेरिकी अखबार की हेडलाइन पर आपत्ति जताते हुए भारतीय दूतावास ने कहा कि ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ जैसी कोई जगह नहीं, केवल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर है।

अमेरिका में भारतीय दूतावास ने न्यूयॉर्क टाइम्स की एक खबर के शीर्षक पर कड़ी आपत्ति जताई है। दूतावास ने स्पष्ट कहा कि ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ जैसा कोई क्षेत्र नहीं है, केवल ‘पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK)’ है। भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स की हेडलाइन पर भारत ने क्या कहा?
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि न्यूयॉर्क टाइम्स की हेडलाइन भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत है। दूतावास ने कहा कि ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ जैसी कोई इकाई मौजूद नहीं है, केवल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) है।

दूतावास ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश पहले भी भारत का अभिन्न हिस्सा थे, आज भी हैं और हमेशा रहेंगे। भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जा कर रखा है और अब वहां के लोगों के खिलाफ हिंसा का सहारा लिया जा रहा है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय अधिकारियों और स्वतंत्र आकलनों के हवाले से बताया गया है कि जून की शुरुआत से लेकर हालिया हिंसा तक प्रदर्शनकारियों, सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों सहित कम से कम 30 लोगों की मौत हो चुकी है।रिपोर्ट के मुताबिक, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी नामक संगठन पिछले महीने से तथाकथित क्षेत्रीय विधानसभा की 12 विवादित सीटों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहा है। संगठन का आरोप है कि इन सीटों का इस्तेमाल अपनी पसंद की सरकार बनाने के लिए किया जाता है।

भारत का कहना है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जारी जनआंदोलन पाकिस्तान के आर्थिक शोषण, लोगों के मूल अधिकारों से वंचित किए जाने और प्रशासनिक दमन का सीधा परिणाम है। भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भारत का ही हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है।

BUSINESS : समुद्री क्षेत्र में तेल-गैस खोज के लिए 84,084 करोड़ रुपये की ‘समुद्र मंथन’ योजना को मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने समुद्री तेल एवं गैस खोज को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार को राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना ‘समुद्र मंथन’ को मंजूरी दी। इस योजना पर वित्त वर्ष 2030-31 तक 84,084 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत लागू की जाने वाली यह योजना समुद्री अन्वेषण से जुड़ी समूची मूल्य शृंखला में व्यापक हस्तक्षेपों को शामिल करती है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए इस फैसले की संवाददाताओं को जानकारी दी।सरकार के मुताबिक, ‘समुद्र मंथन’ योजना से 60 करोड़ टन से ज्यादा तेल एवं गैस के नए भंडार मिलने की उम्मीद है। इससे समुद्री क्षेत्र में खोज गतिविधियों में तेजी आएगी, घरेलू तेल एवं गैस उत्पादन बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होगा।

इसके अलावा, इस योजना से अन्वेषण और उत्पादन क्षेत्र में बड़े निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे उद्योग, नवाचार और आर्थिक वृद्धि के लिए दीर्घकालिक अवसर पैदा होंगे।

NATIONAL : PPP मॉडल पर विकसित हवाई अड्डे की क्या है खासियत? प्रधानमंत्री ने आज ही किया है उद्घाटन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 1 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक की यात्रा पर हैं। इस एक दिवसीय दौरे में वे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सांस्कृतिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को देश को समर्पित किया।

PM Modi Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 1 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक की यात्रा पर हैं। इस एक दिवसीय दौरे में वे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सांस्कृतिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को देश को समर्पित किया। सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोगापुरम में अल्लूरी सिताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। इस दौरान आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भोगापुरम में अल्लूरी सीताराम राजू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

प्रधानमंत्री सुबह लगभग 11 बजे आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में स्थित भोगपुरम पहुंचे। यहां वे अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल भवन का निरीक्षण किया। लगभग 11:30 बजे प्रधानमंत्री इस नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके साथ ही वे 17,900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और कुछ परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित भी किया। भोगपुरम में एक जनसभा का भी आयोजन किया गया. जिसमें मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पीएम मोदी की लीडरशिप की तारीफ की। उन्होंने कहा, “दुनिया भर के लोकतांत्रिक देश नए नेताओं की तलाश के संकट से जूझ रहे हैं। भारत भाग्यशाली है। यहां एक परखी हुई लीडरशिप है। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर 25 सालों में नरेंद्र मोदी जी ने असाधारण काम किया है।”

NATIONAL : पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया नया वीडियो, बोले- जंतर-मंतर पर बच्चों ने मुझे, मेरी मां को गालियां दी, मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं

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पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान बोले गए अपशब्दों को बचपना करार दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर इंस्टाग्राम पर अपना एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन का जिक्र किया। इसमें उन्होंने बच्चों द्वारा दी गई गालियों पर बात की। उन्होंने इसे बच्चों का बचपना करार दिया। पीएम मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज तो मन करता है बस आपसे ही बातें करूं।जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हुआ, देश और दुनिया ने देखा है। कुछ शरारती बच्चों ने भद्दी-भद्दी गालियाँ बोलीं। किसी भी सभ्य समाज को शोभा न दे, ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया। पीएम ने कहा कि मुझे तो गालियां दी ही गईं, मेरी स्वर्गीय माता को भी गालियां दी गईं। यह बहुत जाने कितना भद्दा था।

बचपन में गलतियां होती हैं…
लेकिन, मैं आज बात करना चाहता हूँ कि बचपन में गलतियाँ होती हैं। और बचपन में गलतियों से सुधरने का अवसर भी होता है। और यही तो बचपना है। मैं समाज के अंदर जो आक्रोश है, उसको भली-भांति समझ सकता हूं। उन्होंने इसे “सांस्कृतिक झटका” बताते हुए कहा कि यह चिंता का विषय है कि हमारी बेटियां भी इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन युवाओं को अदालतों के चक्कर कटवाने, दंडित करने या सामाजिक रूप से प्रताड़ित करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ये बच्चे गुमराह हैं और उन्हें सही दिशा दिखाना समाज का दायित्व है। मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं। समाज भी मेरी इस भावना को स्वीकार करे।

अपने संदेश को समझाने के लिए पीएम मोदी ने एक उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि “कभी-कभी दांतों के नीचे जीभ आ जाती है और खून निकल आता है, लेकिन हम दांत नहीं तोड़ते, क्योंकि दांत भी हमारे हैं और जीभ भी हमारी है। उसी तरह ये बच्चे भी हमारे हैं।” वीडियो के अंत में प्रधानमंत्री ने युवाओं से देश के विकास में सहभागी बनने की अपील की।

पीएम मोदी ने युवाओं से की अपील
पीएम मोदी ने युवाओं से अपील करते हुए कहा, ‘आओ! मैं इन बच्चों को कहता हूं, बच्चों आओ! हम देश के लिए साथ मिलकर के आगे बढ़ें। कुछ नया सीखें, गलतियों से भी सीखें, अपने सपनों को लेकर के चल पड़ें। देश बहुत आगे बढ़ रहा है, आगे बढ़ने वाला है। और आपका भी आगे बढ़ना निश्चित हो, यही मेरा सपना है। मैं आपके लिए जीता हूं, आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करता हूं। आओ, हम मिलकर के देश को आगे बढ़ाएं।बहुत-बहुत धन्यवाद दोस्तों! बस आओ, गलतियों से सीखो, आगे बढ़ो।”

गौरतलब है कि नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कई प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कई तरह के अपशब्द कहे थे। जिसके वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म खासतौर पर इंस्टाग्राम पर खूब वायरल हुए थे। वहीं, आंदोलन खत्म होने के बाद कई अपशब्द कहने के आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में पीएम मोदी ने अपने इस वीडियो में ऐसे युवाओं के खिलाफ कार्रवाई न करने की बात कही है।

30 मिनट में 13 लाख से भी ज्यादा लोगों ने किया लाइक
बता दें कि जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और इंस्टाग्राम पर प्रदर्शन के वीडियो के वायरल होने के बाद पीएम मोदी भी इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्टिव हो गए हैं। पिछले नौ दिनों में पीएम मोदी ने पांच वीडियो पोस्ट किए हैं। जो खूब वायरल हो रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रात 11 बजे जारी किए गए पीएम मोदी के पांचवे वीडियो को मात्र 30 मिनट में 13 लाख से भी ज्यादा लोगों ने लाइक किया।

WORLD : नेपाल में हिंसा के बाद भारी तनाव: तीन जिलों में कर्फ्यू लागू, PM बालेंद्र शाह ने बुलाई आपात बैठक; भारत सीमा पर भी हाई अलर्ट

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भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के सुनसरी जिले में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद तनाव बढ़ गया है। हिंसा में एक व्यक्ति की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद प्रशासन ने मधेस प्रदेश के धनुषा और सिरहा जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है।

नेपाल में भारत की सीमा से सटे सुनसरी जिले में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है। क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरों और तनाव को देखते हुए अधिकारियों ने मधेस प्रदेश के धनुषा और सिरहा जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है। यह कदम सुनसरी के कप्तानगंज इलाके में दो धार्मिक समुदायों के बीच हुई झड़प के बाद उठाया गया है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और सुरक्षाकर्मियों सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस घटना के बाद भारत-नेपाल सीमा पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

धनुषा के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी भूदेव झा के अनुसार, स्थिति को अनियंत्रित होने से रोकने के लिए जनकपुर, लक्ष्मिनिया हाटबाजार, बेलौनी रोड, नगराइन नगरपालिका और दूधमती पुल सहित कई इलाकों में दोपहर 3:30 बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू किया गया है। वहीं, सिरहा जिले के पूर्व-पश्चिम राजमार्ग स्थित गोलबाजार क्षेत्र में भी प्रशासन ने दोपहर 2 बजे से आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

सुनसरी जिले में सोमवार को लगा था कर्फ्यू
सुनसरी जिले में सोमवार को लगाया गया कर्फ्यू अब और बढ़ा दिया गया है। प्रशासन ने पूर्व-पश्चिम राजमार्ग समेत करीब दस संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सहायक प्रमुख जिला अधिकारी पोषण लामिछाने ने बताया कि फिलहाल स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर किसी भी तरह के जुलूस, प्रदर्शन, सभा या भीड़ इकट्ठा करने पर सख्त मनाही है।

WORLD : यूरोप के बॉर्डर पर बेकाबू हुए हालात! मोरक्को से स्पेन में घुसे हजारों लोग, सेना बुलाने की नौबत

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स्पेन में हजारों की संख्या में मोरक्कन लोगों ने घुसपैठ की है। यह घुसपैठ सेउटा में हुई है। इसके चलते सेउटा के प्रशासन ने स्पेन से राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने और सीमा को बहाल करने के लिए सेना भेजने का आग्रह किया है। हालांकि, स्पेन ने आपातकाल की मांग को खारिज कर दिया है।

बार्सिलोना: स्पेन के सेउटा में हजारों की संख्या में अवैध प्रवासियों ने घुसपैठ की है। सेउटा सरकार ने गुरुवार को कहा कि पिछले 10 दिनों में 1500 से 2000 लोग सीमा में प्रवेश कर चुके हैं। अनुमान है कि गुरुवार को सैकड़ों और लोग पहुंचे, जिसके चलते क्षेत्रीय राष्ट्रपति जीसस विवाज ने पूर्ण मानवीय और सामाजिक आपातकाल घोषित किया है। उन्होंने मैड्रिड से सीमा पर नियंत्रण बहाल करने के लिए सेना भेजने और राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने का आह्वान किया है।

हालांकि, स्पेन के आंतरिक मंत्रालय ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने की मांगों को खारिज कर दिया है। मंत्रालय का कहना है कि वह नागरिकों की सुरक्षा और देश की सीमा की अखंडता की गारंटी देगा, लेकिन सरकार प्रवासन संबंधी चिंताओं को लेकर राष्ट्रीय आपातकाल घोषित नहीं कर सकती। इसके चलते पूरे स्पेन में सरकार के खिलाफ नाराजगी देखी गई है। सोशल मीडिया पर स्पेनिश लोग बड़े पैमाने पर प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की आलोचना कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने इसे देश के साथ गद्दारी करार दिया है।

स्पेन के स्यूटा में सीमा की निगरानी करने वाले सिविल गार्ड अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन के प्रमुख रशीद स्बिही ने कहा, “हालात पूरी तरह से अराजक हैं।” उन्होंने कहा, “सटीक संख्या बताना संभव नहीं है, लेकिन हजारों प्रवासी सीमा पार कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि सीमा पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। उत्तरी मोरक्को में मानवाधिकार संघ के सदस्य अशरफ मैमौनी ने स्थिति को “असाधारण” बताया। उन्होंने कहा, “आज सुबह असामान्य परिस्थितियों में ताराजल सीमा खोली गई और लोगों ने सीमा पार की।”

वीडियो फुटेज में ताराजल बीच पर बने तटबंधों के चारों ओर घूमते हुए लोगों की भीड़ दिखाई दी, जिनमें ज्यादातर मोरक्कोवासी थे। ये लोग काफी संख्या में युवा पुरुष थे, लेकिन इनमें महिलाएं और बच्चे सहित परिवार भी शामिल थे। एक फ्रीलांस फोटोग्राफर को देखकर कुछ लोगों ने “विवा एस्पाना!” के नारे लगाए। यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि इतने सारे प्रवासियों को सेउटा जाने के लिए किसने प्रेरित किया।

NATIONAL : श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट का बड़ा फैसला, अब ट्रस्ट के तीन CA की आईडी से मिलेगी दर्शन पास की सुविधा

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श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखते हुए मंदिर में ट्रस्ट के तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) को भी इसके लिए अधिकृत किया है। इनके नाम की आईडी है।यह निर्णय पूर्व महासचिव चंपतराय व पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र एवं गोपाल राव की आईडी बंद होने के कारण लिया गया है। ट्रस्टीद्वय के त्यागपत्र के बाद अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन की देखरेख में भक्तों की सुविधा के संबंध में प्रबंध किए जा रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन पास हासिल हो सकेगा।

उधर आरएसएस से जुड़े पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के लिए पास की अलग से व्यवस्था है। विभाग प्रचारक व कार्यालय प्रमुख की संस्तुति पर पास जारी हो रहे हैं। अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन के नाम से बनीं पास आईडी काम करने लगी है। पास जारी हो रहे हैं।

जिला व पुलिस प्रशासन के लिए अलग से पास का कोटा है। नित्य कुल लगभग एक हजार आठ सौ पास जारी होते हैं। ये छह स्लाट में जारी किए जाते हैं। एक स्लाट दो घंटे का है और प्रत्येक में तीन सौ पास जारी हाेते हैं। इसी में विशिष्ट व सुगम पास निहित हैं।दरअसल ट्रस्ट के तीनों सीए को पास जारी करने के लिए इसलिए भी अधिकृत किया गया है, जिससे त्यागपत्र दे चुके ट्रस्टियों व मंदिर व्यवस्था प्रमुख रहे गोपाल राव की ओर से जारी होने वाले पास नियमित जारी होन लगें। इसमें बाधा न आए। पूर्व महासचिव चंपतराय को देश व दुनिया के भक्त पास बनवाने के लिए आवेदन भेजते थे।

उनके कुछ करीबी पास निर्गत करा देते थे। पास उन्हीं की आइडी से बनते थे। कुछ ट्रस्ट कर्मियों को दूसरों को आईडी पर पास बनवाने की छूट थी। इनकी संस्तुति पर भी पास बन जाते थे। डॉ. अनिल कुमार मिश्र की आईडी स्थानीय जनों के अतिरिक्त आरएसएस पदाधिकारियों के लिए सर्वसुलभ थी।इस समय कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि ट्रस्टी महांत दिनेंद्रदास सहित अन्य ट्रस्टी के नाम से नियमित विशिष्ट व सुगम दर्शन पास जारी होते हैं। एक ट्रस्टी ने इसकी पुष्टि की।

NATIONAL : बिहार में टीचर के क्लास में मोबाइल ले जाने पर लगेगी रोक, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दिए निर्देश

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बांका: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों के कक्षा में मोबाइल फोन ले जाने पर सख्ती के संकेत दिए हैं। बांका परिसदन में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मिथिलेश तिवारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षक विद्यालय पहुंचने के बाद कक्षा में जाने से पहले अपना मोबाइल फोन प्रधानाध्यापक के पास जमा कर दें। उन्होंने कहा कि कक्षा के दौरान मोबाइल पर आने वाले फोन और अन्य व्यवधानों से पढ़ाई प्रभावित होती है, जिससे शिक्षक और छात्र दोनों को परेशानी होती है।

मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि फिलहाल विभाग इस संबंध में कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं कर रहा है। पहले जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं अन्य शिक्षा अधिकारी शिक्षकों से इस व्यवस्था का स्वेच्छा से पालन करने का अनुरोध करें। अगर इसके बाद भी अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो शिक्षा विभाग इस संबंध में औपचारिक निर्देश जारी कर अनुपालन सुनिश्चित करेगा।

सभी सरकारी विद्यालयों की साफ-सफाई, रंग-रोगन करने का निर्देश
बैठक में मंत्री ने बांका जिले की शिक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में शिक्षकों की कमी स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद काफी हद तक दूर हो जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को श्रावणी मेला को देखते हुए कांवरिया पथ के किनारे स्थित सभी सरकारी विद्यालयों की साफ-सफाई, रंग-रोगन और आधारभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के सामने बिहार के सरकारी विद्यालयों की सकारात्मक छवि दिखाई देनी चाहिए।

शिक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि श्रावणी मेला के दौरान किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। विद्यालयों में नियमित रूप से पठन-पाठन और मध्याह्न भोजन (एमडीएम) का संचालन सुनिश्चित किया जाए। विद्यालय अवधि में बच्चे कक्षा के अंदर अध्ययन करते हुए दिखाई दें।

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