Friday, June 26, 2026
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NATIOANL : चेन्नई एयरपोर्ट पर चलती फ्लाइट से इमरजेंसी गेट खोलकर बाहर कूदा यात्री, मचा हड़कंप

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रविवार तड़के चेन्नई एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शारजाह से चेन्नई आई ‘एअर अरेबिया’ की फ्लाइट जब टैक्सीवे पर चल रही थी, तभी एक 34 वर्षीय यात्री ने इमरजेंसी एग्जिट यानी आपातकालीन दरवाजा खोल दिया और नीचे कूद गया। बताया जा रहा है कि यात्री को घबराहट और उल्टी हो रही थी।

रविवार तड़के चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस वक्त भारी दहशत फैल गई, जब एक यात्री ने चलती फ्लाइट का आपातकालीन दरवाजा अचानक खोल दिया और बाहर छलांग लगा दी। शारजाह से चेन्नई पहुंची एअर अरेबिया की इस फ्लाइट में 231 यात्री सवार थे। इस दुस्साहसिक और खतरनाक हरकत के कारण विमान में बैठे बाकी यात्रियों की जान हलक में आ गई। घटना के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला और एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल

यह खौफनाक घटना तब घटी जब विमान लैंडिंग के बाद मुख्य रनवे से हटकर टैक्सीवे (रनवे और टर्मिनल को जोड़ने वाला रास्ता) पर धीमी गति से आगे बढ़ रहा था। तभी अचानक 34 साल के एक पुरुष यात्री ने इमरजेंसी गेट खोला और चलती फ्लाइट से नीचे कूद गया। इस अचानक हुई घटना से विमान में अफरातफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर विमान को रोका और ग्राउंड सुरक्षा टीम को फौरन अलर्ट कर दिया।

यात्री ने चलती फ्लाइट से छलांग क्यों लगाई?

शुरुआती जांच में पता चला है कि यात्रा के दौरान इस यात्री की तबीयत काफी खराब हो गई थी।
हवाई अड्डे के अधिकारियों के मुताबिक, यात्री ने फ्लाइट के अंदर घबराहट और उल्टी आने की शिकायत की थी।
बताया जा रहा है कि इमरजेंसी गेट से कूदने से ठीक पहले उसने विमान के अंदर दो बार उल्टी भी की थी।
माना जा रहा है कि इसी भारी बेचैनी और खराब तबीयत के चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया।

पायलट की सूचना मिलते ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान तुरंत उस जगह पहुंच गए जहां विमान रुका था। हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ बम निरोधक दस्ता भी तुरंत विमान के पास पहुंच गया था। सुरक्षाकर्मियों ने बिना देरी किए उस यात्री को पकड़ लिया और उसे फौरन अपनी हिरासत में ले लिया। पायलट ने इस पूरी घटना को लेकर एक औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है, जिसके बाद यात्री को आगे की जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया गया है।

इस हाई वोल्टेज ड्रामा के कारण चेन्नई एयरपोर्ट का सामान्य कामकाज कुछ समय के लिए बुरी तरह प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुबह 03:23 बजे से 04:23 बजे तक मुख्य रनवे को पूरी तरह से बंद रखा। इस एक घंटे के दौरान आने वाली अन्य सभी उड़ानों (फ्लाइट्स) को एयरपोर्ट के दूसरे (सेकेंडरी) रनवे की तरफ मोड़ दिया गया। चेन्नई एयरपोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि इस घटना में विमान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और बाकी सभी यात्री सुरक्षित हैं।

भले ही अभी तक यात्री की पूरी पहचान आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है, लेकिन बताया जा रहा है कि वह तमिलनाडु के पुदुक्कोट्टई जिले का रहने वाला है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब विमानन सुरक्षा नियमों (एविएशन सेफ्टी प्रोटोकॉल) के उल्लंघन के इस बेहद गंभीर मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारी उस यात्री से लगातार पूछताछ कर रहे हैं और घटना की असली वजह जानने की कोशिश में जुटे हैं। इसके साथ ही, डॉक्टरों की एक टीम उस यात्री की मानसिक स्थिति (मेंटल कंडीशन) की भी जांच कर रही है, ताकि यह समझा जा सके कि उसने ऐसा खतरनाक कदम क्यों उठाया।

NATIONAL : मणिुपर हिंसा- 3 साल में सिर्फ CM बदला, हालात नहीं:केंद्र सरकार 2029 तक उग्रवाद खत्म करने की तैयारी में; शुरुआत अमरनाथ यात्रा के बाद

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मणिपुर में मैतेई-कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़के तीन साल हो चुके हैं, लेकिन 37 लाख की आबादी वाले इस छोटे से राज्य में आज भी दोनों समुदायों में डर का माहौल है। डर इसलिए, क्योंकि दोनों ही समुदायों के हथियारबंद ‘वॉलेंटियर’ कभी भी गोलीबारी शुरू कर देते हैं।

राज्य में इस वक्त 50 से ज्यादा उग्रवादी समूह सक्रिय हैं। इनमें से आधे सरकार के साथ बातचीत में शामिल हैं, फिर भी हिंसा की ताजा घटनाओं में इन्हीं की संलिप्तता सामने आई है। राज्य में तैनात एक शीर्ष सैन्य अधिकारी ने भास्कर को बताया कि देश से नक्सलवाद खत्म करने के बाद केंद्र सरकार का पूरा फोकस अब पूर्वोत्तर के उग्रवाद पर है। इसमें भी मणिपुर सबसे ऊपर है।

उग्रवाद के खात्मे का लक्ष्य 2029 तय किया गया है। इसकी शुरुआत अमरनाथ यात्रा के बाद हो सकती है।

7 अप्रैल को ट्रोंगलाओबी में जिन 2 मासूम बच्चों की संदिग्ध उग्रवादियों के बम धमाके में मौत हुई थी, उनका अंतिम संस्कार शनिवार को लामथाबुंग ग्राउंड में कर दिया गया। बच्चों के शव तब से ही मुर्दाघर में रखे थे। परिवार का कहना था कि जब तक बच्चों को न्याय नहीं मिलता, अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

भास्कर ने दो दिन पहले इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

बच्चों की दादी ने बताया कि सरकार ने हमें पैसा, नौकरी देने की बात की, लेकिन हमने मना कर दिया। हमें बच्चों के लिए न्याय चाहिए।

एक्शन प्लान के 3 स्टेप…

राज्य सरकार के सूत्रों की मानें तो नक्सलवाद में सुरक्षा बलों का जो फोर्स लगा था, उसे मणिपुर शिफ्ट करने की तैयारी है। सैन्य अधिकारी ने यह भी बताया कि सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन समझौता होने के बाद भी मणिपुर के कई उग्रवादी समूहों के कैडरों के पास हथियार हैं।पहले सभी समूहों के साथ राजनीतिक वार्ता होगी, जहां जरूरी होगा, वहां आक्रामक कार्रवाई की जाएगी। यानी मिशन में बातचीत और एक्शन दोनों होंगे। अभी सेना, केंद्रीय बल और राज्य पुलिस की कई यूनिटें कार्रवाई के नाम पर सिर्फ इनके बंकर नष्ट कर रहीं, हथियार पकड़ रहीं और उग्रवादियों को पीछे धकेल रही हैं, लेकिन इससे उग्रवाद खत्म होना मुश्किल है। इसीलिए केंद्र सरकार नए बड़े मिशन की तैयारी कर रही है।

इतना फोर्स मणिपुर, असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड के उग्रवाद प्रभावित इलाकों में तैनात करने की योजना है। अगले लोकसभा चुनाव से पहले इस टारगेट को हासिल करना है। मणिपुर के अधिकारियों ने उन नई माइन प्रोटेक्टर गाड़ियों की पहली खेप मिलने की पुष्टि की है, जिनका इस्तेमाल संवेदनशील इलाकों में किया जाता है।

म​णिपुर सरकार में शामिल एक विधायक ने बताया कि राज्य में 34 जनजातियां हैं। इनमें आपसी मतभेद बहुत हैं। उग्रवादियों की संख्या इसीलिए ज्यादा है। अधिकतर कैंडर बाहर घूम रहे हैं और इनको हथियार लोगों से मिल जाते है।
तीन साल में क्या बदला: 60 हजार लोगों के हालात जस के तस, सिर्फ सीएम नए

3 मई 2023 के बाद से ही राज्य दो हिस्सों में बंटा: मैतेई लोग इंफाल वैली से ऊपर कुकी बहुल पहाड़ी इलाकों में नहीं जा पाते हैं और न ही कुकी इंफाल वैली आते हैं। एन बिरेन सिंह की जगह युमनम खेमचंद सिंह नए मुख्यमंत्री बन चुके हैं, लेकिन आज भी दोनों समुदायों के करीब 60 हजार विस्थापित लोग अपने घरों में नहीं लौट पाए हैं। इनमें से ज्यादातर 174 राहत शिविरों में रहते हैं, जबकि कुछ किराए के मकानों में शिफ्ट हो चुके हैं। 30 इन्हीं शिविरों में दम तोड़ चुके हैं। इन्हें राज्य सरकार रोज 100 रुपए गुजारा भत्ता दे रही है। इस बीच तांकखुल नागा बहुल इलाके में बीते फरवरी महीने से नागा और कुकी की बीच शुरू हुई नई हिंसा ने प्रदेश को एक तरह से ठप कर दिया है।

तीन तरह से अलग-अलग जांचें हो रहीं: मणिपुर हिंसा में अब तक 250 से ज्यादा मौतें हुई हैं। इससे जुड़े 11 मामलों की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई कर रही है। इसमें यौन उत्पीड़न का भी जघन्य मामला है। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बलवीर सिंह चौहान का पैनल जातीय हिंसा के कारणों की जांच कर रहा है, जिसकी रिपोर्ट 20 मई को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होनी है। वहीं, एनआईए 2023 में मोरेह में एक पुलिस अधिकारी की हत्या समेत ट्रोंगलाओबी गांव में हुई दो बच्चों की मौत की अलग जांच कर रही है। बता दें कि 3 मई 2023 के बाद से हिंसा के 14 हजार से अधिक मामले दर्ज हुए। इनमें 151 हत्या, 27 बलात्कार, 330 लूट और 1213 डकैती के हैं।

जिन लड़कियों का वीडियो वायरल हुआ था, उनके बारे में गवाह बताती हैं, ‘वे अभी मणिपुर में ही रहती हैं। उस खौफ की वजह से आज भी घर से बाहर नहीं निकलती हैं। किसी से बात नहीं करतीं हैं। परिवारवालों और करीबियों से थोड़ी बात कर लेतीं हैं। डर इतना है कि आज भी कई दिन तक खाना नहीं खाती हैं। इस बात से भी डरती हैं कि वो वीडियो फिर से सोशल मीडिया पर कभी सामने न आ जाए।

WORLD : अमेरिकी ‘चक्रव्यूह’ तोड़ निकला ‘सर्व शक्ति’ टैंकर, ईरान की मदद से पूरा किया खतरनाक सफर

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत से जुड़ा LPG टैंकर ‘सर्व शक्ति’ हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गया। 45,000 टन गैस लेकर भारत आ रहा यह जहाज ऊर्जा संकट के समय बड़ी राहत है। यह नाकेबंदी के बाद भारत से जुड़े टैंकर का पहला सफल पारगमन माना जा रहा है।

International Desk: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और समुद्री नाकेबंदी के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। भारत से जुड़ा एलपीजी टैंकर Sarva Shakti सफलतापूर्वक होर्मुज को पार कर चुका है।यह जहाज करीब 45,000 टन एलपीजी (रसोई गैस) लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार यह टैंकर ईरान के Larak Island और Qeshm Island के पास से गुजरते हुए ओमान की खाड़ी में पहुंचा। इस जहाज पर 18 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद हैं और यह विशाखापत्तनम के एक बड़े टर्मिनल की ओर जा रहा है।

खास बात यह है कि इसने ईरान द्वारा तय किए गए सुरक्षित मार्ग का पालन करते हुए यह मुश्किल सफर पूरा किया। यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका की नाकेबंदी के बाद यह भारत से जुड़ा पहला टैंकर है जो इस संवेदनशील जलमार्ग से सफलतापूर्वक गुजर पाया है। इससे पहले यहां जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्गो का खरीदार Indian Oil Corporation है, हालांकि कंपनी ने इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है। भारत इस समय ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। मिडिल ईस्ट से सप्लाई बाधित होने के कारण एलपीजी की कमी, लंबी कतारें और सीमित आपूर्ति की समस्या सामने आई है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी उपभोक्ता है, इसलिए यह पारगमन बेहद अहम माना जा रहा है।

इससे पहले अप्रैल में हालात तब बिगड़ गए थे जब ईरान ने जहाजों पर फायरिंग की, जिससे कई टैंकरों को वापस लौटना पड़ा। हालांकि ‘देश गरिमा’ नाम का एक भारतीय जहाज ट्रांसपोंडर बंद करके निकलने में सफल रहा था। अब भारत ने ईरान के साथ बातचीत कर कई टैंकरों के सुरक्षित पारगमन की व्यवस्था की है। साथ ही देश में एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है। पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri के अनुसार, उत्पादन 60% बढ़ाकर 54,000 टन कर दिया गया है। हालांकि हॉर्मुज में अभी भी जहाजों की आवाजाही सामान्य नहीं हुई है और इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप के कारण कई जहाजों की लोकेशन ट्रैक करना मुश्किल हो रहा है।कुल मिलाकर, ‘सर्व शक्ति’ की यह यात्रा भारत के लिए न सिर्फ एक राहत है, बल्कि यह दिखाती है कि गंभीर वैश्विक संकट के बीच भी भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है।

WORLD : चीन का अमेरिका को करारा जवाबः कहा-तेल रिफाइनरियों पर प्रतिबंध नामंजूर, पहली बार “ब्लॉकिंग स्टैच्यूट” किया लागू

चीन ने अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए अपने रिफाइनरी कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंधों को “गैरकानूनी” बताते हुए ब्लॉक कर दिया। यह पहली बार है जब चीन ने “ब्लॉकिंग स्टैच्यूट” लागू किया। इससे अमेरिका-चीन व्यापार तनाव और ईरान तेल विवाद और…

International Desk: अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापार और रणनीतिक तनाव के बीच बीजिंग ने बड़ा कानूनी कदम उठाया है। चीन ने अपने पांच घरेलू तेल रिफाइनरियों पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को “गैरकानूनी” बताते हुए उन्हें लागू होने से रोकने के लिए औपचारिक आदेश जारी किया है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय चीन वाणिज्य मंत्रालय ने “ब्लॉकिंग स्टैच्यूट” लागू करते हुए साफ कहा कि चीनी कंपनियां अमेरिकी प्रतिबंधों का पालन नहीं करेंगी। यह पहली बार है जब चीन ने इस कानून का औपचारिक इस्तेमाल किया है। अमेरिका ने इन कंपनियों जिनमें हेंगली पेट्रोकेमिकल (Hengli Petrochemical) समेत अन्य रिफाइनरियां शामिल हैं, पर आरोप लगाया था कि वे ईरान से तेल खरीद रही हैं।

इसके तहत उन्हें Specially Designated Nationals (SDN) List में डाल दिया गया, जिससे उनकी संपत्तियां फ्रीज हो सकती हैं और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन पर रोक लग सकती है। चीन का कहना है कि ये अमेरिकी प्रतिबंध संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी के बिना लगाए गए हैं, इसलिए ये अंतरराष्ट्रीय कानून और वैश्विक व्यापार नियमों का उल्लंघन करते हैं। चीन के सरकारी मीडिया China Daily ने इसे “रक्षात्मक और उचित” कदम बताया है। चीन का आरोप है कि अमेरिका अपनी आर्थिक और डॉलर की ताकत का इस्तेमाल कर अन्य देशों के व्यापार में दखल देता है और “एक्स्ट्राटेरिटोरियल” कानूनों के जरिए तीसरे देशों के बीच होने वाले व्यापार को नियंत्रित करने की कोशिश करता है।

यह विवाद तब और बढ़ गया जब अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (Office of Foreign Assets Control) ने चेतावनी दी कि चीन की “टीपॉट रिफाइनरियां” लगातार ईरानी तेल खरीद रही हैं और इससे ईरान की अर्थव्यवस्था को सहारा मिल रहा है। चीन ने अपने इस कदम को राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए जरूरी बताया है। उसने साफ कहा कि वह ऐसे किसी भी एकतरफा प्रतिबंध का विरोध करता है, जिसे संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी नहीं मिली हो। इस कदम से साफ है कि अमेरिका-चीन के बीच व्यापार युद्ध अब कानूनी और वैश्विक स्तर पर और गहरा हो गया है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक कूटनीति पर भी पड़ सकता है।

NATIONAL : ‘देश की आत्मा आदिवासियों ने सुरक्षित रखी’: RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले- सेवा उपकार नहीं, हमारा धर्म है

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मोहन भागवत ने वंचित वर्गों को भारतीय संस्कृति का वास्तविक रक्षक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक सेवा कोई दान नहीं बल्कि आत्म-उत्थान का मार्ग है, जिससे राष्ट्र और विश्व का कल्याण संभव है। उन्होंने और क्या-क्या कहा? जानिए…

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शनिवार को मुंबई में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि तमाम विदेशी आक्रमणों और भीषण कष्टों के बावजूद, देश की पहचान और उसकी आत्मा को आदिवासी समुदायों और अनुसूचित जातियों ने ही सुरक्षित रखा। भागवत यहां कर्मयोगी पुरस्कार समारोह में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी उपस्थित थे।

उन्होंने कहा, ‘मानव जीवन का अर्थ दुनिया को वापस देने में है। हम सभी एक ही विशाल परिवार का हिस्सा हैं। व्यक्ति समाज की बेहतरी के लिए जो कार्य करता है, वह कोई उपकार नहीं बल्कि उसका कर्तव्य है।’ भागवत के अनुसार, दूसरों की सेवा करने से हमारा अपना विकास होता है। दूसरों को आगे बढ़ने में मदद करके हम स्वयं को ऊपर उठाते हैं और एक बेहतर इंसान बनते हैं। उन्होंने इसे भारतीय भूमि और हिंदू समाज का मूल मूल्य बताया।

संघ प्रमुख ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों ने भारत की इस मूल्य व्यवस्था को ही निशाना बनाया था। वे जानते थे कि यह समाज की आत्मा है। उन्होंने उन लोगों को जड़ से उखाड़ने और उन्हें प्रताड़ित करने की पूरी कोशिश की, जिन्होंने इस पहचान को जीवित रखा। भागवत ने कहा, ‘इन प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, आदिवासी और अनुसूचित जाति समुदायों ने देश की मूल पहचान को अक्षुण्ण रखा।’

भागवत ने कहा कि तथाकथित शिक्षित और विकसित वर्ग समय के साथ इन समुदायों से दूर हो गया है। उन्होंने ने इस अंतर को खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना आवश्यक है। उन्हें सेवाओं और सुविधाओं तक समान पहुंच मिलनी चाहिए।

वैश्विक परिप्रेक्ष्य पर बात करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि वर्तमान दुनिया संतुलन बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। ऐसे में भारत एक स्थिर शक्ति के रूप में उभर सकता है। उन्होंने कहा कि भारत को न केवल अपने हितों की रक्षा करनी चाहिए, बल्कि दुनिया की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

NATIONAL : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले- सशस्त्र सेनाओं की वीरता सिर्फ युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सशस्त्र सेनाओं की वीरता सिर्फ युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, भूकंप और सुनामी जैसी आपदा में भी सेना मदद के लिए तुरंत पहुंचती है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सशस्त्र सेनाओं की वीरता केवल युद्धक्षेत्र तक ही सीमित नहीं हैं। जब भी देश या दुनिया में कोई दुर्भाग्यपूर्ण आपदा आती है, चाहे वह भूकंप हो, बाढ़ हो, सुनामी हो या कुछ और, हमारे सैनिक तुरंत सहायता के लिए पहुंच जाते हैं।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शौर्य संध्या कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि चाहे युद्धक्षेत्र में शौर्य का प्रदर्शन हो या पीड़ितों की सेवा, हमारे सशस्त्र बलों ने हर जगह अपना शौर्य प्रदर्शित किया है। रक्षा मंत्री ने भारतीय रक्षा बलों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके अद्वितीय शौर्य और अदम्य साहस ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत के सैन्य इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बना दिया।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रक्षा मंत्री ने सैनिकों के शौर्य, समर्पण और देशभक्ति की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि और स्वयं से पहले सेवा का उनका सिद्धांत प्राचीन काल से लेकर ऑपरेशन सिंदूर जैसे समकालीन अभियानों तक भारत की सैन्य परंपराओं का आधार रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक अपने लोगों की रक्षा के लिए हथियारों का इस्तेमाल करते हैं और संकट के समय जरूरतमंदों तक भोजन और दवाइयां पहुंचाते हैं। यही हमारे रक्षा बलों की पहचान है।

NATIONAL : नाकेबंदी के बीच भारत से जुड़ा एक और LPG टैंकर होर्मुज पार कर गया

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भारत से जुड़ा एक लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) टैंकर स्ट्रेटेजिक रूप से अहम होर्मुज को सफलतापूर्वक पार कर गया है. यह बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच एक बड़ी सफलता है. शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला जहाज सर्वशक्ति को शनिवार को ईरान के लारक और केशम आइलैंड के पास से गुजरने के बाद ओमान की खाड़ी में जाते हुए ट्रैक किया गया. इसमें लगभग 45,000 टन एलपीजी है. ये आमतौर पर खाना पकाने के फ्यूल के तौर पर इस्तेमाल होता है.

माना जा रहा है कि जहाज भारत आ रहा है. सर्वशक्ति एक बहुत बड़ा गैस कैरियर है जो पहले भी फारस की खाड़ी और भारतीय पोर्ट के बीच के रूट पर इस्तेमाल किया जा चुका है. यह अभी अपने भारतीय डेस्टिनेशन और क्रू की डिटेल्स ब्रॉडकास्ट कर रहा है. यह एक सेफ्टी प्रोटोकॉल है जिसे ईरान से जुड़ी लड़ाई शुरू होने के बाद से इस इलाके में चलने वाले जहाज बड़े पैमाने पर अपना रहे हैं.

जहाज का सफर इसलिए अहम है क्योंकि यह ईरान से जुड़े जहाजों को टारगेट करने वाली अमेरिकी नाकेबंदी के कुछ हफ़्ते पहले शुरू होने के बाद भारत से जुड़े किसी टैंकर के निकलने की पहली खबर है. इन पाबंदियों ने होर्मुज से टैंकर ट्रैफिक को लगभग जीरो लेवल तक कम कर दिया था, जिससे दुनिया के सबसे जरूरी एनर्जी कॉरिडोर में से एक में रुकावट आई थी.

सर्वशक्ति पिछले महीने होर्मुज के थोड़े समय के लिए खुलने के दौरान निकलने में कामयाब हो गया. इसके निकलने के तुरंत बाद नई पाबंदियां लगा दी गई. इस बीच पिछले महीने रिपोर्ट्स में कहा गया कि 28 फरवरी को पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से पहली लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) शिपमेंट, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरी, जिससे दुनिया भर में एनर्जी के एक अहम चोकपॉइंट पर एक बड़ी कामयाबी का इशारा मिला.

शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक एलएनजी टैंकर मुबारज जिसने मार्च की शुरुआत में अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी की दास आइलैंड फैसिलिटी से कार्गो लोड किया था भारत के दक्षिणी सिरे से गुजर रहा था. यह जहाज कई हफ़्तों तक फारस की खाड़ी के अंदर खड़ा रहा और 31 मार्च के आसपास सिग्नल भेजना बंद कर दिया और सोमवार को भारत के पश्चिम में फिर से दिखा.

NATIONAL : हज यात्रियों की जेब पर ‘मिसाइल अटैक’! खाड़ी युद्ध के बहाने हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी, कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी

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खाड़ी देशों में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर अब भारतीय हज यात्रियों की जेब पर भी पड़ता दिख रहा है। हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा हवाई किराए में अचानक की गई 10 हजार रुपये की वृद्धि ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय कारणों को इसका आधार बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे मध्यमवर्गीय और गरीब हज यात्रियों पर एक ‘मिसाइल अटैक’ की तरह देखा जा रहा है। पश्चिम मेदिनीपुर जिला कांग्रेस कमेटी (अल्पसंख्यक विभाग) ने इस आर्थिक बोझ को अन्यायपूर्ण बताते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

पश्चिम मेदिनीपुर जिला कांग्रेस अल्पसंख्यक विभग के चेयरमैन मोहम्मद सोहैल रजा ने इस वृद्धि पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को पत्र भेजकर मांग की है कि बढ़े हुए हवाई किराए को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।

उनका तर्क है कि यात्रा के अंतिम समय में हज यात्रियों पर अचानक अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना पूरी तरह से गरीब विरोधी निर्णय है। सोहैल रजा का कहना है कि हज एक पवित्र धार्मिक यात्रा है और हजारों मुस्लिम परिवार इसके लिए जीवन भर की जमापूंजी एकत्रित करते हैं।

अचानक 10 हजार रुपये की बढ़ोतरी से मध्यमवर्गीय एवं गरीब मुस्लिम परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और खाड़ी युद्ध जैसे हवाला देकर आम नागरिकों को परेशान करना उचित नहीं है।

कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग ने हज कमेटी ऑफ इंडिया और मंत्रालय से अपील की है कि हज यात्रियों के हितों की रक्षा की जाए। हज 2026 पैकेज की पूर्व निर्धारित कीमत को ही बरकरार रखा जाए।

संगठन ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस निर्णय को वापस लेकर श्रद्धालुओं को आर्थिक राहत नहीं दी, तो वे व्यापक स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

NATIONAL : पहाड़ों के बीच लग्जरी सफर… जम्मू से श्रीनगर के बीच वंदे भारत शुरू; जानें किराया, स्टॉपेज और टाइम टेबल

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जम्मू तवी से श्रीनगर के लिए सीधी वंदे भारत ट्रेन सेवा शुरू हो गई है, जिसका उद्घाटन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया। यह ट्रेन 2 मई से चलेगी, 4 घंटे 50 मिनट में 267 किमी की दूरी तय करेगी।

जम्मू-कश्मीर के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। जम्मू तवी से श्रीनगर तक सीधी वंदे भारत ट्रेन शुरू हो गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, सीएम उमर अब्दुल्ला और एलजी मनोज सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। यह ट्रेन 20 आधुनिक कोचों के साथ श्रीनगर पहुंचेगी। यात्री दो मई (शनिवार) से यात्रा का आनंद उठा सकते हैं।

यात्रियों के दिमाग में अब ये आ रहा होगा कि इसका किराया कितना होगा? ट्रेन कितने स्टेशनों पर रुकेगी? कितने किलोमीटर की यात्रा होगी? टाइम टेबल क्या है? कितनी स्पीड से ट्रेन चलेगी? इस आर्टिकल में ऐसे तमाम सवालों का जवाब मिलेगा।20 कोचों के साथ ट्रेन 267 किलोमीर की दूरी तय करेगी। ट्रेन की औसत गति 55 से 57 किलोमीटर होगी। 267 किलोमीटर की दूरी तय करने में 5 घंटे से भी कम समय लगेंगे। 4 घंटे 50 मिनट में ट्रेन जम्मू तवी से श्रीनगर पहुंच जाएगी।

टाइम टेबल
पहली वंदे भारत जम्मू तवी से श्रीनगर (26401)
सुबह 6:20 बजे प्रस्थान, 11:10 बजे श्रीनगर पहुंच जाएंगी। यानी कुल 4 घंटे 50 मिनट का सफर होगा।

श्रीनगर से जम्मू तवी (26402)
दोपहर 2:00 बजे प्रस्थान, शाम 6:50 बजे जम्मू आगमन होगा। इसके मुख्य ठहराव संगड, रामनगर, श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा, रियासी, बनिहाल रेलवे स्टेशन होंगे।

दूसरी वंदे भारत श्रीनगर से जम्मू तवी (26404)
सुबह 8:00 बजे प्रस्थान, दोपहर 12:40 बजे जम्मू जम्मू रेलवे स्टेशन में पहुंच जाएंगी।

जम्मू तवी से श्रीनगर (26403)
दोपहर 1:20 बजे प्रस्थान, शाम 6:00 बजे श्रीनगर पहुंच जाएगी। इसका ठहराव केवल बनिहाल, श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा रेलवे स्टेशन पर ही होगा।

Tehri : आंधी-तूफान में फंसे 30 लोग, SDRF ने सुरक्षित निकाला, संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश

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टिहरी गढ़वाल के डोबरा-चाटी क्षेत्र में शनिवार शाम आए तेज आंधी-तूफान ने झील में बने फ्लोटिंग हटमेंट को नुकसान पहुंचाया। कई लोग यहां फंस गए। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाकर 25 से 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसी बीच मौसम विभाग द्वारा प्रदेश के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ाते हुए ट्रैकिंग गतिविधियों पर नियंत्रण और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी तेज करने के निर्देश जारी किए हैं।

आपदा कंट्रोल रूम टिहरी गढ़वाल को सूचना मिली कि डोबरा-चाटी के पास तेज आंधी-तूफान के कारण झील में बने फ्लोटिंग हटमेंट टूट गए हैं और इस घटना में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट कोटी कॉलोनी से उपनिरीक्षक नरेंद्र राणा के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ तुरंत मौके के लिए रवाना हुई।

घटनास्थल पर पहुंचने पर टीम ने पाया कि तेज आंधी-तूफान के चलते फ्लोटिंग हटमेंट क्षतिग्रस्त होकर बह गए थे। एसडीआरएफ टीम ने बिना देर किए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और करीब 25 से 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी लोगों को पर्यटन विभाग की बोट की मदद से कोटी कॉलोनी पहुंचाया गया।

मौसम विभाग ने चार और पांच मई को देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके दृष्टिगत राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने जिलों आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि जिलों को उच्च सतर्कता बनाए रखने तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों को नियंत्रित करने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा राहत, बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने को कहा गया हैं। सभी संबंधित विभागों, जैसे राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, बीआरओ आदि को मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल बहाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ग्राम स्तर तक अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने एवं आपदा उपकरणों तथा संसाधनों को तैयार स्थिति में रखने को कहा गया है। विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

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