Friday, June 26, 2026
Home Blog Page 57

NATIONAL : चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट के लिए 21 मई को पुनर्मतदान की घोषणा की है।

0

चुनाव आयोग ने एक अधिसूचना में कहा है कि निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के दिन चुनावी अनियमितताओं की कई शिकायतें प्राप्त हुईं। वोटों की गिनती 24 मई को होगी।भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने शनिवार (2 मई, 2026) को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट के लिए 21 मई को पुनर्मतदान की घोषणा की। विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा। वोटों की गिनती 24 मई को की जाएगी।4 मई को राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से 293 सीटों के चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे, जिनमें फाल्टा सीट शामिल नहीं है।

फाल्टा में चुनावी धांधली के आरोप लगे थे। चुनाव आयोग की पुनर्मतदान की घोषणा करने वाली अधिसूचना में कहा गया था कि 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान राजनीतिक दलों/उम्मीदवारों और मीडिया रिपोर्टों से कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें आरोप लगाया गया था कि “कुछ राजनीतिक दलों के पक्ष या विपक्ष में ईवीएम के मतपत्रों पर काली चिपकने वाली टेप/इत्र लगाया गया था, मतदाताओं को डराया-धमकाया गया था और उनके काम में बाधा डाली गई थी; और मतदान केंद्रों के अंदर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की शारीरिक, अनधिकृत और अवैध उपस्थिति थी”।

चुनाव आयोग ने मतदाताओं की ओर से उनके साथियों द्वारा वोट डालने के कई मामलों और कुछ मतदान केंद्रों पर वीडियो फुटेज उपलब्ध न होने के मामलों पर भी ध्यान दिया।पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों से पहले ममता और अभिषेक ने टीएमसी के सभी मतगणना एजेंटों के साथ बैठक की।

इस निर्वाचन क्षेत्र में पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा और तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान के बीच जुबानी जंग भी देखने को मिली थी। एक वीडियो में पुलिस अधिकारी को तृणमूल उम्मीदवार के परिवार वालों से यह कहते हुए देखा गया कि अगर उन्होंने मतदाताओं को धमकाया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं खान ने जवाब देते हुए कहा, “अगर वह ‘सिंघम’ हैं, तो मैं ‘पुष्पा’ हूं।”

इसी बीच, डायमंड हार्बर और मगराहट पश्चिम निर्वाचन क्षेत्रों के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान हो रहा था, वहीं फाल्टा में मतदाताओं ने पूरे निर्वाचन क्षेत्र में पुनर्मतदान की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए इलाके में केंद्रीय बलों की भारी तैनाती देखी गई। मतदाताओं को धमकाने सहित चुनावी अनियमितताओं की शिकायतों के आधार पर तृणमूल के तीन नेताओं को भी गिरफ्तार किया गया है।

NATIONAL : उत्तराखंड से आंध्र प्रदेश तक 12 राज्यों के जंगलों में भड़की आग, मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित

0

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में भीषण गर्मी और लू का कहर जारी है। इस बीच 12 राज्य जंगल की आग की चपेट में हैं। सैटेलाइट डेटा के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के जंगलों में सैकड़ों ‘लार्ज फॉरेस्ट फायर’ की घटनाएं दर्ज की गई हैं।भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI) के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को कम से कम 10 जंगल की आग लगातार तीन दिनों से अधिक समय तक जलती हुई पाई गई। मध्य भारत का मध्य प्रदेश सबसे अधिक प्रभावित राज्य है।

उत्तर में उत्तराखंड, पश्चिम में गुजरात और दक्षिण में आंध्र प्रदेश तक… भारत के 12 से अधिक राज्यों में बड़े पैमाने पर आग लगने से वन क्षेत्र के विशाल भूभाग जल गए हैं। एफएसआई के आंकड़ों के अनुसार, भारत के लगभग आधे वन क्षेत्र आग लगने की आशंका वाले हैं।हालांकि, अप्रैल महीने में जंगल में लगी इस आग के वजह से किसी भी मानव के हताहत होने की खबर नहीं है लेकिन उत्तराखंड से लेकर आंध्र प्रदेश तक फैले इन जंगलों में लगी आग वन्यजीवों के लिए काल बन रही है और पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंचा रही है।

पिछले कुछ दिनों मध्य प्रदेश 634 ‘बड़ी आग’ की घटनाओं के साथ देश में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य बनकर उभरा है। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में 465-465 और आंध्र प्रदेश में 400 से अधिक घटनाएं दर्ज की गईं। इसके अलावा पूर्वोत्तर में जहां के जंगलों में आग लगने की सबसे अधिक संभावना होती है, असम में 190 आग की घटनाएं और मणिपुर में 128 घटनाएं दर्ज की गईं।

जंगलों में आग लगने की घटनाओं में देश के मध्य और दक्षिणी हिस्से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। उत्तराखंड में जंगल की आग से कम से कम 130 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है। चार धाम तीर्थयात्रा मार्ग के कई हिस्सों में भी आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं।आग की घटनाओं में उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों लैंसडाउन, रानीखेत और फूलों की घाटी के पास, हिमाचल प्रदेश के शिमला में, तमिलनाडु के नीलगिरी में, आंध्र प्रदेश के शेषाचलम जंगलों में और ओडिशा के बालिगुडा के वन क्षेत्र प्रभावित हुए हैं।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की 2021 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी महाराष्ट्र, दक्षिणी छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कुछ क्षेत्र, साथ ही मध्य ओडिशा, जंगल की आग के लिए अत्यधिक संवेदनशील हॉटस्पॉट बनते जा रहे हैं।

NATIONAL : ईडी की 2025-26 में सबसे ज्यादा 2,892 रेड, गिरफ्तारी में 27 फीसदी कमी

0

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने साल 2025-26 में इतिहास में सबसे ज्यादा छापामारी की। एजेंसी ने कुल 2,892 छापे मारे, जो पिछले साल 1,491 के मुकाबले लगभग दोगुने हैं। ईडी की सालाना रिपोर्ट 2025-26 के मुताबिक मनी लॉन्ड्रिंग के तहत गिरफ्तारियों में कमी आई। वहीं संपत्ति अटैचमेंट और पीडि़तों को पैसे लौटाने के मामलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई। ईडी ने 712 प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर 81,422 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की। यह पिछले साल के 30,036 करोड़ रुपए के मुकाबले 171 फीसदी ज्यादा है।

ये अटैचमेंट पीएमएलए की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी से पुष्टि के बाद स्थायी होते हैं। ईडी की गिरफ्तारियों में करीब 27 फीसदी कमी आई है। ईडी ने 156 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि पिछले साल यह संख्या 214 और इससे पहले 272 थी। एजेंसी के मुताबिक अब वह टारगेटेड और सबूत आधारित जांच पर ज्यादा फोकस कर रही है। रिपोर्ट की सबसे बड़ी उपलब्धि फ्रॉड पीडि़तों को संपत्ति लौटाना रही। एफवाई 26 में ईडी ने 32,678 करोड़ रुपए की संपत्ति निवेशकों, होमबॉयर्स और बैंकों को वापस दिलाई, जो पिछले साल 15,263 करोड़ रुपए थी।

NATIONAL : टीसीएस कर्मी निदा खान को अग्रिम जमानत देने से कोर्ट का इनकार, जबरन धर्म परिवर्तन मामले में है आरोपी

0

नासिक पुलिस की एसआईटी टीसीएस में कुछ महिला कर्मचारियों का यौन उत्पीड़न किए जाने के नौ मामलों की जांच कर रही है।

नासिक की एक अदालत ने शनिवार को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) कर्मचारी निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। निदा खान टीसीएस के नासिक दफ्तर में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन से संबंधित मामले में आरोपी है।नासिक पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) टीसीएस के नासिक दफ्तर में पुरुष कर्मियों द्वारा कुछ महिला कर्मचारियों का यौन उत्पीड़न किए जाने के नौ मामलों की जांच कर रहा है। एसआईटी ने नौ एफआईआर दर्ज कर एक महिला ऑपरेशन मैनेजर सहित आठ लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया है।

इस मामले में दर्ज एफआईआर के अनुसार, निदा खान ने कथित तौर पर महिला कर्मचारियों को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने की सलाह दी थी।अभियोजन पक्ष ने अदालत में निदा खान से हिरासत में पूछताछ पर जोर दिया। लोक अभियोजक अजय मिसर ने पत्रकारों से कहा, “यह एक गंभीर अपराध है। निदा खान मुख्य आरोपियों में से एक है, इसलिए उससे हिरासत में पूछताछ जरूरी है। अदालत ने आज निदा खान की जमानत याचिका खारिज कर दी।”

टीसीएस ने पिछले महीने कहा था कि कंपनी की नीति है कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और जबरदस्ती को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

RASHIFAL : आज का राशिफल

मेष :  आज का दिन आनंददायक सफलता प्रदान करने वाला रहेगा। प्रभावशाली लोगों से बातचीत बहुत ही सकारात्मक रहेगी। किसी लक्ष्य को हासिल करने में भाइयों का भी बखूबी सहयोग मिलेगा। 

वृषभ :वृषभ राशि वालों के लिए समय के अनुसार अपने व्यवहार में बदलाव लाना जरूरी है। बच्चों के साथ व्यवहार करते समय उन्हीं के नजरिए से देखना उचित रहेगा। पति पत्नी के बीच संबंधों में मधुरता रहेगी। प्रेम संबंधों में भी नजदीकियां बनी रहेंगी।

मिथुन: मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। जीवन से जुड़े कुछ बदलाव होंगे।सहकर्मियों के साथ तालमेल मजबूत रहेगा और किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में आपकी भूमिका रहेगी। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं जो भविष्य की सफलता का आधार बनेंगी।

कर्क : कर्क राशि के जातकों को आज के दिन व्यवसाय में फायदा मिलने के अवसर प्राप्त होंगे। पैसों से संबंधित मामलों में भी प्रगति होगी।लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों को मुद्रा सुधारने की आवश्यकता है।

सिंह : सिंह राशि के लोगों के लिए आज का दिन मिश्रित रहेगा। जीवनसाथी के साथ किसी भी प्रकार का मतभेद हो सकता है।पिछली कुछ गलतियों से सीख कर आप अपनी कार्यप्रणाली में कुछ परिवर्तन लाएंगे, जो कि बेहतरीन रहेंगे। युवाओं को करियर संबंधी किसी परीक्षा मे बेहतरीन परिणाम मिलेंगे। घर के सदस्यों में आपसी तालमेल प्रेम पूर्ण बना रहेगा।

कन्या : कन्या राशि के लोगों के लिए आज का दिन बहुत अच्छा काम लेकर आएगा। जीवनसाथी की ओर से सहयोग मिलेगा। घर के सदस्यों में आपसी तालमेल प्रेम पूर्ण बना रहेगा। किसी मित्र के मिलने से खुशनुमा यादें भी ताजा होगी।

तुला : तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन खुशियों से भरा रहेगा। आपको आपके फंसे हुए पैसे वापस मिल सकते हैं।नौकरी में आपके बेहतरीन कार्य की सराहना होगी और पदोन्नति संबंधी खुशखबरी मिल सकती है।

वृश्चिक: वृश्चिक राशि के लोगों के लिए आज का दिन परेशानियों से भरा रहेगा। सहकर्मियों के साथ विवाद हो सकता है।काम में नेतृत्व, योजना और तेज निर्णय की अपेक्षा रहेगी। सरकारी विभाग या कॉर्पोरेट सेक्टर में इंटरव्यू संबंधी संदेश मिल सकता है।

धनु : धनु राशि के लोगों के लिए दिन परेशानियों से भरा रहेगा। आप अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए अधिक मेहनत करेंगे।जीवनसाथी आपकी किसी सख्त बात को गलत समझ सकते हैं, इसलिए संवाद को शांत रखें। सिंगल लोगों को किसी जिम्मेदार एवं प्रभावी व्यक्तित्व से सहज आकर्षण महसूस हो सकता है।

मकर: आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। जीवनसाथी के साथ घूमने जा सकते हैं और आज आपका अपने जीवनसाथी के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा।

कुंभ : आज के दिन आप किसी भी प्रकार की यात्रा या प्रवास पर जा सकते हैं। दांपत्य जीवन अच्छा रहेगा।काम में सफलता मिलेगी।

मीन : मीन राशि के लोगों के लिए आज का दिन आनंद लेकर आएगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में पार्टनर के साथ सामंजस्य बढ़ सकता है।

WORLD : तेल संकट से बेहाल पाकिस्तान ने की भारत की तारीफ, मंत्री अली परवेज बोले- मजबूत भंडार और आर्थिक रणनीति के कारण भारत आज सुरक्षित

ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण दुनिया भर में तेल का संकट बढ़ गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही रुकने से पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं।

इस आपदा के बीच पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने भारत की जमकर तारीफ की है। उन्होंने माना कि भारत की आर्थिक रणनीति और तेल का बड़ा भंडार उसे ऐसे संकटों से बचाए रखता है।

पाकिस्तानी मंत्री मलिक ने कहा कि भारत के पास 60 से 70 दिनों का तेल भंडार है। इसके उलट पाकिस्तान के पास केवल 5 से 7 दिन का ही कच्चा तेल बचा है। भारत के पास पर्याप्त डॉलर और मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार है।

इसी वजह से कच्चे तेल की कीमतें 126 डॉलर प्रति बैरल पहुँचने के बाद भी भारत स्थिर बना हुआ है। पाकिस्तान में महँगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है।

महँगाई और IMF का भारी दबाव
पाकिस्तान इस समय आर्थिक बदहाली और IMF की कड़ी शर्तों से जूझ रहा है। सरकार को पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाना पड़ रहा है। मंत्री ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान की हालत बहुत खराब है। शहबाज शरीफ की सरकार जनता के भारी दबाव में है। वहीं, भारत अपनी दूरदर्शी नीतियों के कारण इस वैश्विक ऊर्जा संकट में भी सुरक्षित खड़ा है।

मंत्री ने दावा किया कि तेल की बढ़ती कीमतों के कारण पाकिस्तान को अपने लोगों को राहत दिलाने के लिए आईएमएफ से बात करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि बजट के दौरान, पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और अन्य दाता एजेंसियों के साथ मिलकर यह तय किया था कि “अपने नुकसान को कम करने” के लिए डीजल और पेट्रोल पर टैक्स लगाया जाएगा।

उन्होंने कहा, “अब, डीजल की कीमतें 3-4 गुना बढ़ जाने के कारण, हमने डीजल पर टैक्स घटाकर शून्य करने और पूरा बोझ पेट्रोल पर डालने का फैसला किया है, साथ ही मोटरसाइकिल चालकों को लक्षित सब्सिडी देकर उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की है। हालांकि, अगर हमने आईएमएफ के साथ किए गए अपने वादे को तोड़ा होता और अपना नुकसान बढ़ाया होता, तो परिणाम और भी बुरे होते। हमने आईएमएफ के साथ गुप्त बातचीत की और उन्हें कर में 80 रुपये प्रति लीटर की कमी करने के लिए राजी किया।”

WORLD : सैन्य कार्रवाई या समझौता’: ट्रंप बोले- ईरान के सामने बस दो ही रास्ते; तेहरान के नए प्रस्ताव को किया खारिज

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच तेहरान को दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के सामने स्पष्ट विकल्प हैं – या तो बातचीत के माध्यम से समाधान निकाला जाए या फिर सैन्य रास्ते पर आगे बढ़ा जाए। 

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर द्वारा दी गई ब्रीफिंग के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, “विकल्प मौजूद हैं। क्या हम जाकर उन्हें पूरी तरह से तबाह कर देना चाहते हैं और हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहते हैं? या हम एक समझौता करने की कोशिश करना चाहते हैं। ये विकल्प हैं।” 

मैं ऐसा नहीं करना चाहता : ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा, “मानवीय दृष्टिकोण से मैं ऐसा नहीं करना चाहूंगा। लेकिन यह विकल्प है: क्या हम भारी बल प्रयोग करके उन्हें खत्म कर देना चाहते हैं या हम कुछ और करना चाहते हैं?”

ईरान के नए प्रस्ताव पर ट्रंप असहमत
राष्ट्रपति ट्रंप ने चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से ईरान के नए प्रस्ताव पर असंतोष जताया। उन्होंने इस बात पर भी संदेह जताया है कि क्या कोई अंतिम समझौता हो सकता है। व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “वे एक सौदा करना चाहते हैं, लेकिन मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं, इसलिए हम देखेंगे कि क्या होता है।”

उन्होंने प्रस्ताव के उन विशिष्ट पहलुओं पर विस्तार से नहीं बताया जो उन्हें अस्वीकार्य लगे, लेकिन तेहरान की अंततः एक समझौते पर सहमत होने की इच्छाशक्ति पर अनिश्चितता जताई।

ईरानी नेतृत्व में फूट का किया दावा
व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, “उन्होंने (ईरान) प्रगति की है, लेकिन मुझे यकीन नहीं है कि वे कभी वहां पहुंचेंगे।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के नेतृत्व के भीतर आंतरिक फूट की ओर भी इशारा किया, जिससे पता चलता है कि यह असहमति बातचीत की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा, “ईरानी नेतृत्व बहुत बिखरा हुआ है। इसके दो से तीन समूह हैं, शायद चार, और यह एक बहुत ही बिखरा हुआ नेतृत्व है। और यह कहने के साथ ही, वे सभी एक सौदा करना चाहते हैं, लेकिन वे सभी गड़बड़ा गए हैं।”


WORLD : ट्रम्प ने यूरोपीय यूनियन की कार-ट्रकों पर 25% टैरिफ लगाया:कहा- व्यापार समझौते का पालन नहीं कर रहे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को घोषणा की है कि अगले हफ्ते से यूरोपीय संघ (EU) से आने वाली कारों और ट्रकों पर टैरिफ बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा।

ट्रम्प का कहना है कि यूरोपीय संघ पहले से तय व्यापार समझौते का पालन नहीं कर रहा है, इसलिए यह फैसला लिया गया है। हालांकि अगर यूरोपीय कंपनियां अमेरिका में ही कार और ट्रक बनाएंगी, तो उन पर कोई टैक्स नहीं लगाया जाएगा।

ट्रम्प के मुताबिक, इस समय अमेरिका में कई नई ऑटोमोबाइल और ट्रक फैक्ट्रियां बन रही हैं, जिनमें 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश हो रहा है।

उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में इस तरह का निवेश और विकास पहले कभी नहीं देखा गया। इन फैक्ट्रियों में अमेरिकी लोगों को रोजगार मिलेगा।

पिछले साल ट्रम्प और EU से बीच समझौता हुआ था

ट्रम्प जिस व्यापार समझौते की बात कर रहे हैं वो उनके और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच पिछले साल जुलाई में हुआ था। इस समझौते को ‘टर्नबेरी एग्रीमेंट’ कहा जाता है, जिसका नाम स्कॉटलैंड में ट्रम्प के गोल्फ कोर्स के नाम पर रखा गया है।

इस समझौते का मकसद अमेरिका और EU के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव को कम करना था। इस डील के तहत दोनों पक्षों ने आपसी व्यापार को संतुलित करने और टैरिफ विवाद को कम करने पर सहमति जताई थी।

अमेरिका ने EU से आने वाले समान पर 15% टैरिफ लगाया था

समझौते के मुताबिक, EU से अमेरिका आने वाले अधिकांश सामानों पर 15% टैरिफ तय किया गया था। यह बड़ा फैसला माना गया था, क्योंकि इससे पहले ट्रम्प प्रशासन 30% तक टैरिफ लगाने की चेतावनी दे चुका था।

इसके बदले में यूरोपीय संघ ने अमेरिका में निवेश बढ़ाने और कुछ आर्थिक नीतियों में बदलाव करने का वादा किया था, जिससे अमेरिकी निर्यात को बढ़ावा मिल सके।

हालांकि शुरुआत में इस डील को राहत के रूप में देखा गया, लेकिन बाद में कई मुद्दों पर मतभेद सामने आए थे। स्टील और एल्युमिनियम पर टैरिफ को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच विवाद बढ़ गया था, जिसमें जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों ने अमेरिकी प्रस्तावों का विरोध किया था।

इसके अलावा, इस साल अमेरिका सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि राष्ट्रपति को आर्थिक आपातकाल घोषित कर EU के सामान पर टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। इसके बाद टैरिफ की सीमा कुछ मामलों में घटाकर 10% कर दी गई थी।

जर्मनी और फ्रांस को बड़ा नुकसान हो सकता है

ट्रम्प से इस फैसले से यूरोप, खासकर जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों की अर्थव्यवस्था में ऑटोमोबाइल सेक्टर को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

टैरिफ बढ़ने से यूरोपीय गाड़ियां अमेरिकी बाजार में महंगी हो जाएंगी, जिससे उनकी मांग घट सकती है। इसका सीधा असर कंपनियों के मुनाफे और प्रोडक्शन पर पड़ेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर निर्यात घटता है तो यूरोपीय कंपनियां प्रोडक्शन कम कर सकती हैं, जिससे नौकरियों पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, निर्यात में गिरावट से यूरोप की आर्थिक वृद्धि भी धीमी हो सकती है।

अमेरिका में भी महंगाई बढ़ सकती है

इस फैसले का असर अमेरिका पर भी पड़ेगा। यूरोपीय कारों के महंगे होने से अमेरिकी ग्राहकों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। साथ ही बाजार में ऑप्शन भी सीमित हो सकते हैं।

आशंका जताई गई है कि यूरोपीय संघ जवाबी कार्रवाई कर सकता है और अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ बढ़ा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह विवाद एक बड़े ‘ट्रेड वॉर’ का रूप ले सकता है, जिससे दोनों पक्षों को नुकसान होगा।

ईरान जंग को लेकर EU और अमेरिका में मतभेद

ईरान जंग को लेकर भी अमेरिका और EU के बीच मतभेद है। फ्रांस, स्पेन और इटली अमेरिका को ईरान पर हमले के लिए एयरस्पेस देने से इनकार कर चुके हैं।

ट्रम्प के कार्यकाल में अमेरिका ईरान के खिलाफ सख्त प्रतिबंध और दबाव की नीति अपनाता रहा है, जबकि यूरोपीय देश कूटनीतिक बातचीत और समझौते के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में रहे हैं।

NATIONAL : महिलाओं की बंपर वोटिंग से उलझी बंगाल की सियासी गुत्थी, मतदान में पुरुषों को 2.5 फीसदी से पीछे छोड़ा

0

पश्चिम बंगाल का इस बार का विधानसभा चुनाव महज राजनीतिक दावों का नहीं, बल्कि टूटे हुए रिकॉर्ड्स का गवाह बन रहा है। एक तरफ जहां तृणमूल और भाजपा सार्वजनिक मंचों के जरिये अपनी जीत के प्रति आश्वस्ति का भाव प्रदर्शित कर रहे हैं, वहीं अंदरखाने इनमें एक गहरी बेचैनी और मंथन का दौर जारी है।

चुनावी इतिहास में पहली बार पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का ढाई फीसदी अधिक मतदान और ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में 90 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग इस बात का साफ संकेत है कि इस बार बंगाल की जनता ने खामोशी से कोई बड़ा फैसला लिख दिया है। मसलन राज्य के चुनावी इतिहास में रिकॉर्डतोड़ संख्या में मतगणना केंद्र पहुुंची महिला अपनी सुरक्षा के मामले में ममता सरकार से नाराज थी या कन्याश्री, रूपाश्री, लक्ष्मी भंडार योजना के लिए सरकार को अभयदान देने पहुंची थी। पहली बार ग्रामीणों की तर्ज पर मतदान  करने वाले शहरी मतदाता तृणमूल के बंगाल अस्मिता के मोहपाश में बंधे थे या बेरोजगारी- जनसांख्यिकी बदलाव से संंबंधित भाजपा के आक्रामक प्रचार के प्रभाव में थे।

महिला भागीदारी ने तोड़े सारे कीर्तिमान
पश्चिम बंगाल में 2011 के चुनाव के पहले तक लोकसभा और विधानसभा के सभी चुनावों में महिलाएं मतदान के मामले में पुरुषों से पीछे रही हैं। 2011 के बाद महिलाओं के मतप्रतिशत में बढ़ोत्तरी तो हुई मगर यह कभी भी .50 फीसदी से ज्यादा नहीं रही। हालांकि इस चुनाव में महिलाएं (93.24 फीसदी) पुरुषों (91.74%) पर पूरी तरह हावी रही। भाजपा का दावा है कि महिलाओं का बढ़ा मत प्रतिशत आरजीकर कांड के बाद असुरक्षा के भावना से उपजी परिस्थिति है जबकि तृणमूल का दावा है कि महिला वर्ग आधी आबादी केंद्रित योजनाओं के प्रभाव में सरकार की रक्षा के लिए आगे आई हैं।

शहरी बनाम ग्रामीण का भी टूटा भ्रम
अन्य राज्यों की भांति पश्चिम बंगाल में भी शहरी मतदाता आम तौर पर मतदान के प्रति विमुख रहे हैं। हालांकि इस बार शहरी मतदाताओंं ने मतदान के मामले में ग्रामीण मतदाताओं के साथ कदमताल किया है। राज्य में पहली बार शहरी और ग्रामीण मतदाताओं का मतदान प्रतिशत करीब-करीब बराबर रहा है। शहरी क्षेत्रों में आजादी के बाद पहली बार 90 फीसदी से अधिक मतदान दर्ज किया गया है।

लोकसभा की तुलना में कम मतदान
प्रतिशत की दृष्टि से भले ही राज्य में मतदान के सारे पुराने कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए हैं, मगर हकीकत में इस चुनाव में लोकसभा के मुकाबले 29.41 लाख कम लोगों ने वोट किए हैं। हालांकि लोकसभा की तुलना में एसआईआर के कारण मतदाताओं की संख्या में 68 लाख की कमी आई है।

टिकट वितरण पर दोनों पक्षों में आशंका
भाजपा में टिकट वितरण के बाद करीब पांच दर्जन सीटों से उम्मीदवारों के संदर्भ में शिकायत आई। टीएमसी में भी संख्या इतनी ही है। यही कारण है कि पीएम मोदी और ममता दोनों ने जनसभाओं में हर सीट पर खुद को ही उम्मीदवार बताया।

NATIONAL : केदारनाथ धाम पहुंचे अडाणी ग्रुप के चेयरमैन, श्रमिक दिवस के साथ मनाई शादी की 40वीं वर्षगांठ

0

अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी शुक्रवार को पूरे परिवार के साथ केदारनाथ पहुंचे। उन्होंने बाबा केदार के दरबार में हाजिरी लगाई। गौतम अडाणी ने शादी की 40वीं सालगिरह पर पत्नी प्रीति अडाणी के साथ बाबा केदार का जलाभिषेक किया। गौतम अडाणी शुक्रवार की सुबह दिल्ली से देहरादून पहुंचे। देहरादून से प्राइवेट हेलिकॉप्टर से केदारनाथ धाम पहुंचे। दर्शन के बाद उन्होंने प्रस्तावित सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे परियोजना का एरियल सर्वे किया। इसके बाद गौतम अडाणी ने केदारनाथ धाम से जुड़ी फोटो शेयर की। इसके अलावा उन्होंने श्रमिक दिवस और शादी की सालगिरह को लेकर अपने विचार भी साझा किए।

गौतम अडाणी ने क्या कहा?
अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने बाबा केदार के दरबार में हाजिरी लगाने के बाद कहा कि आज का दिन मेरे लिए विशेष है, एक ओर विश्व श्रमिक दिवस है और दूसरी ओर मेरे विवाह की 40वीं वर्षगांठ। इस पावन अवसर की शुरुआत मैंने अपनी जीवनसंगिनी प्रीति के साथ केदारनाथ धाम में भगवान महादेव के दर्शन और आशीर्वाद से की। अपनी पत्नी का इस मौके पर उन्होंने हर स्थिति में साथ देने के लिए धन्यवाद दिया।गौतम अडाणी ने लिखा कि चार दशकों की इस यात्रा में प्रीति का साथ मेरे लिए केवल जीवन का संबल नहीं, बल्कि हर चुनौती में एक शांत शक्ति और हर सफलता में एक विनम्र आधार रहा है। इसके लिए मैं हृदय से उनका आभारी हूं।

बाबा केदार से की प्रार्थना
गौतम अडाणी ने बाबा केदार के दर्शन पूजन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमने महादेव से प्रार्थना की कि वह हमारे देश को निरंतर प्रगति, समृद्धि और शक्ति प्रदान करें। हम सभी को राष्ट्र निर्माण में अपना श्रेष्ठ योगदान देने की प्रेरणा दें।

अपनी बात, अपनों के साथ की शुरुआत
गौतम अडाणी ने श्रमिक दिवस पर नई पहल का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आज विश्व श्रमिक दिवस के अवसर पर मैं अदाणी परिवार के अपने 4 लाख से अधिक साथियों से जुड़ने के लिए एक नई पहल ‘अपनी बात, अपनों के साथ’ की शुरुआत कर रहा हूं। यह मेरे लिए केवल एक औपचारिक संवाद नहीं, बल्कि अदाणी परिवार में सभी से दिल से जुड़ने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से मैं समय-समय पर अपने विचार, अपने अनुभव और अपनी सीख साझा करूंगा। उतनी ही विनम्रता से सीखने का प्रयास भी करूंगा।चेयरमैन ने कहा कि मेरा दृढ़ विश्वास है कि जब अदाणी परिवार के लाखों सदस्य एक-दूसरे के सहयोगी बनकर राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ेंगे, तब हम सिर्फ परियोजनाएं ही नहीं बनाएँगे, बल्कि विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में अपना विनम्र योगदान भी दे सकेंगे। आप सभी का विश्वास और साथ ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है।

रोपवे प्रोजेक्ट का लिया जायजा
गौतम अडाणी की कंपनी सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे परियोजना का भी जायजा लिया। करीब 13 किलोमीटर लंबी यह रोपवे प्रणाली दुनिया के सबसे ऊंचे और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों में से एक में स्थापित की जा रही है। श्रद्धालुओं को अभी सोनप्रयाग से केदारनाथ तक पहुंचने के लिए 16 किलोमीटर की खड़ी और थका देने वाली पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है। इसमें 8 से 9 घंटे का समय लगता है। रोपवे के शुरू होने के बाद यह कष्टकारी सफर महज 36 मिनट में पूरा होगा।केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट दुनिया की सबसे सुरक्षित और आधुनिक ‘3एस’ (थ्री-केबल) तकनीक पर आधारित होगा। इसे खराब मौसम और तेज हवाओं के बीच भी सुचारू रूप से संचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है। अडाणी ग्रुप की ओर से पर्वतमाला प्रोजेक्ट के तहत इस करीब 4081 करोड़ रुपये की लागत वाली योजना को पूरा कराया रहा है। रोपवे प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद यह प्रति घंटे 1800 यात्रियों को एक तरफ से ले जाने में सक्षम होगा।

- Advertisement -

News of the Day