Wednesday, February 4, 2026
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NATIONAL : भाभी को देवर ने कमरे में खींचा, शौहर बोला- दहेज नहीं लाई तो दिक्कत क्या है?

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बागपत जिले से दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का गंभीर मामला सामने आया है. यहां एक नवविवाहिता परवीन ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए शारीरिक-मानसिक प्रताड़ना, अपमान और घर से निकालने के आरोप लगाए हैं. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

उत्तर प्रदेश में बागपत जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक नवविवाहिता परवीन को सिर्फ दहेज के लिए न सिर्फ शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गईं, बल्कि उसकी इज्जत, सुरक्षा और जिंदगी तक को दांव पर लगा दिया गया.पीड़िता के मुताबिक उसका निकाह दिसंबर 2022 में मेरठ के सिवालखास निवासी सुहैल से हुआ था. शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष की असलियत सामने आने लगी. दहेज की मांगें बढ़ती चली गईं और जब मांग पूरी नहीं हुई तो अत्याचार का दौर शुरू हो गया.

महिला का आरोप है कि उसका देवर जैद उसके साथ लगातार छेड़छाड़ करता था. वह उसे जबरन कमरे में खींच ले जाता और कई बार उसके साथ जबरदस्ती का प्रयास कर चुका था. पीड़िता ने जब इस घिनौनी हरकत की शिकायत अपने पति सुहैल से की, तो इंसाफ दिलाने के बजाय उसने उल्टा ताना मारते हुए कहा- ‘जब दहेज नहीं लाई तो जो कर रहा है करने दो, वो तुम्हारा देवर है… हमें कोई दिक्कत नहीं.’

यहीं नहीं, आरोप है कि सास ने भी दहेज के लिए उसपर कहर बरपाया. महिला के पैरों पर गर्म पानी डालकर उसे जलाया गया. इसके बावजूद मायके वालों ने रिश्ता बचाने की कोशिश में कई बार पैसे दिए, बाइक दी, लेकिन ससुराल वालों की भूख और बढ़ती गई. बाद में कार की मांग रखी गई और जब मांग पूरी नहीं हुई तो पति ने तीन बार ‘तलाक’ बोलकर उसे मासूम बेटी समेत घर से निकाल दिया. पीड़िता का कहना है कि वह इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही है. आखिरकार उसने बागपत पुलिस से गुहार लगाई, जहां पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई गई है. बागपत पुलिस ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से मामले को संज्ञान में लेने और वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

पीड़िता ने बताया कि मुझे दहेज के लिए तीन तलाक दे दिया गया. देवर मेरे साथ छेड़छाड़ करता था. जब मैंने पति से बताया तो कहा गया कि जब दहेज नहीं लाई तो क्या दिक्कत है? देवर है जो करता है करने दो. सास ने गर्म पानी से मेरे पैर तक जला दिए थे. मेरे पति ने दहेज के लिए मुझे बेटी संग घर से निकाल दिया. उक्त प्रकरण में थाना प्रभारी कोतवाली बागपत को जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है.

NATIONAL : पटना में 16 साल के लड़के की हत्या, दोस्त की बहन के साथ था अफेयर, नए साल की रात को दिया अंजाम!

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पटना के फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के कुरकुरी गांव में 31 दिसंबर की रात को 16 साल के गोलू मांझी की उसके दोस्त ने गला दबाकर मृत्यु कर दी. पुलिस ने बताय कि बहन के साथ अफेयर चल रहा था.

बिहार की राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के कुरकुरी गांव में 31 दिसंबर को 16 साल के युवक की गला दबाकर हत्या कर दी गई है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया की लड़के का उसकी बहन से अफेयर चल रहा था. बहन के साथ कथित अवैध संबंध से नाराज होकर आरोपी ने मृतक की गला दबाकर जान ले ली.जब हर जगह नए साल की खुशियां मनाई जा रही थी, तब फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के कुरकुरी मांझी टोला में इस घटना को अंजाम दिया जा रहा था. इस घटना को 31 दिसंबर की आधी रात को अंजाम दिया गया. जिसमें 16 साल के किशोर गोलू मांझी की गमछा से गला दबाकर हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान अवधेश मांझी के बेटे गोलू मांझी के रूप में की गई है.

हत्या का मुख्य कारण आरोपी की बहन के साथ मृतक का कथित प्रेम संबंध था. आरोपी बार-बार गोलू पर उसकी बहन के साथ संबंध तोड़ने का दबाव बना रहा था, लेकिन मृतक के बात नहीं मानने पर उसने गुस्से में आकर वारदात को अंजाम दे दिया.

सुशील कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने कहा कि फुलवारीशरीफ थानांतर्गत 01 युवक की हत्या होने की सूचना प्राप्त हुई. प्राप्त सूचना के आलोक में पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए इस संबंध में 1 बालक को हिरासत में लिया गया. घटनास्थल से मृतक का मोबाइल एवं हत्यारोपित का जैकेट बरामद किया गया है.पूछताछ के क्रम में आरोपी ने बताया की वो और गोलू मांझी दोनों शत्रुघ्न राय के खटाल में काम करता थे और साथ ही रहते और सोते भी थे. वहीं हत्या का कारण बहन के साथ अवैध संबंध बताया जा रहा है. आगे की जांच जारी है और विधिक कार्रवाई हो रही है.

NATIONAL : वायरल वीडियो ने खोली तमनार हिंसा की परतें, महिला आरक्षक से बदसलूकी, भइया छोड़ दो आगे से नहीं आऊंगी

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छत्तीसगढ़ के तमनार ब्लाक में 27 दिसंबर को आंदोलन के दौरान हुई हिंसा का एक नया वीडियो सामने आया है. इसमें महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ने,
3थाना प्रभारी और एसडीओपी से मारपीट की तस्वीरें दिख रही हैं. पुलिस ने गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच जारी है.

रायगढ़ जिले के तमनार ब्लाक में जिंदल उद्योग को आबंटित गारे पेलमा सेक्टर वन कोयला खदान के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान हुई हिंसा का एक बेहद शर्मनाक और निंदनीय वीडियो सामने आया है. यह घटना 27 दिसंबर की है, जब आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था.

जानकारी के अनुसार, जिंदल उद्योग की कोल ब्लाक जनसुनवाई को पहले प्रस्तावित स्थल से दूसरी जगह कराए जाने के बाद भी आंदोलन शांत नहीं हुआ. 12 दिसंबर से चल रहे आंदोलन के बीच 27 दिसंबर को एक सड़क दुर्घटना के बाद विवाद इतना बढ़ा कि पथराव, आगजनी और पुलिस पर सीधा हमला किया गया.

इस हिंसा में आधा दर्जन से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. वहीं तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम, एक एसडीओपी और अन्य पुलिसकर्मी आंदोलनकारियों के निशाने पर आ गए. अब सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ महिलाएं थाना प्रभारी को लात-घूसों से पीट रही हैं.

सबसे गंभीर और शर्मनाक वीडियो में एक महिला आरक्षक के साथ बर्बरता दिखाई दे रही है. वीडियो में आंदोलनकारी महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ते हुए नजर आ रहे हैं. महिला आरक्षक हाथ जोड़कर रहम की गुहार लगाती दिखाई देती है. करीब 20 सेकंड का यह वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं.

हालांकि आंदोलन प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत के बाद समाप्त हो गया है और जनसुनवाई निरस्त करने का भरोसा दिया गया है, लेकिन 27 दिसंबर की इस घटना को लेकर पुलिस अधिकारियों की चुप्पी चर्चा का विषय बनी हुई है.सूत्रों के मुताबिक तमनार थाने में अलग-अलग एफआईआर के तहत सौ से अधिक आंदोलनकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं. कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है.

इस मामले में बिलासपुर संभाग के आईजी संजीव शुक्ला ने बताया कि दोषियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया जा चुका है. अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है. पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जल्द अन्य आरोपियों को भी पकड़ा जाएगा.

BUSINESS : गिग वर्कर्स हड़ताल की निकली हवा, न्यू ईयर Eve पर रिकॉर्ड डिलीवरी, जानें क्या बोले जोमैटो के सीईओ

गोयल ने 10 मिनट की डिलीवरी के काम करने के तरीके को विस्तार से समझाते हुए कहा कि तेज डिलीवरी का दारोमदार राइडर्स की रफ्तार पर नहीं, बल्कि मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर पर होता है.न्यू ईयर ईव पर गिग वर्कर्स की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की खबर से उपभोक्ताओं में चिंता जरूर पैदा हुई थी, खासकर इस बात को लेकर कि क्या 10 मिनट में डिलीवरी जैसी सेवाएं प्रभावित होंगी. हालांकि, बेहतर कार्य स्थितियों और अधिक भुगतान की मांग को लेकर चल रही हड़ताल के बावजूद, नए साल की पूर्व संध्या पर जोमैटो और स्विगी ने रिकॉर्ड संख्या में डिलीवरी ऑर्डर पूरे किए.

इससे एक ओर जहां जोमैटो और उसकी क्विक-कॉमर्स इकाई ब्लिंकिट के कारोबार पर किसी बड़े असर के संकेत नहीं मिले, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर यह बहस तेज हो गई कि क्या 10 मिनट की डिलीवरी का मॉडल डिलीवरी राइडर्स पर अतिरिक्त दबाव डालता है.

इस पूरे मामले पर जोमैटो के संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने पोस्ट में कहा कि बीते कुछ दिनों से गिग वर्कर्स की हड़ताल की चर्चा चल रही थी, लेकिन इसके बावजूद जोमैटो और ब्लिंकिट ने एक दिन पहले रिकॉर्ड डिलीवरी पूरी की. गोयल ने स्पष्ट किया कि 10 मिनट की डिलीवरी के दौरान राइडर्स की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाता और इस मॉडल को लेकर हो रही आलोचना का बड़ा कारण सिस्टम के डिजाइन को लेकर लोगों में पूरी समझ का अभाव है.

गोयल ने 10 मिनट की डिलीवरी के काम करने के तरीके को विस्तार से समझाते हुए कहा कि तेज डिलीवरी का दारोमदार राइडर्स की रफ्तार पर नहीं, बल्कि मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर पर होता है. उनके मुताबिक, यह सुविधा ग्राहकों के घर के पास स्थित डार्क स्टोर्स की वजह से संभव हो पाती है.

उन्होंने कहा कि डिलीवरी पार्टनर्स से तेज वाहन चलाने की कोई अपेक्षा नहीं की जाती. प्रक्रिया के तहत, ब्लिंकिट पर ऑर्डर मिलने के बाद महज ढाई मिनट में पिकिंग और पैकिंग पूरी कर ली जाती है, जबकि शेष समय में लगभग दो किलोमीटर की दूरी तय की जाती है, जो औसतन करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की सुरक्षित गति के बराबर है.

DELHI : गाली-गलौज रोकना पड़ा भारी, युवकों ने 50 साल के शख्स को चाकू से मारकर की हत्या

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लालबाग इलाके में 3 लोगों ने एक व्यक्ति की हत्या कर दी, जो उनके बीच विवाद को सुलझाने का प्रयास कर रहा था. घटना के बाद से दो आरोपी फरार है, जबकि एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

दिल्ली में क्राइम का ग्राफ रुकने का नाम नहीं ले रहा है. हत्या जैसी वारदातें दिल्ली में आम हो चली हैं. ताजा मामला दिल्ली के नॉर्थ वेस्ट जिले के आदर्श नगर थाना क्षेत्र के लालबाग इलाके से सामने आया है, जहां मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया. गली में गाली-गलौज कर रहे युवकों को रोकना 50 साल के बिहारी लाल को भारी पड़ गया और आरोपियों ने उन पर चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी.

मृतक की पहचान बिहारी लाल के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि बिहारी लाल अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और उनके परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है. घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. पड़ोसियों के मुताबिक गली में कुछ युवक आपस में गाली-गलौज कर रहे थे. इसी दौरान बिहारी लाल ने उन्हें ऐसा करने से मना किया. बस इतनी सी बात पर नाराज होकर युवकों ने उन पर हमला कर दिया.

आरोपियों ने चाकू से कई वार किए, जिससे बिहारी लाल गंभीर रूप से घायल हो गए. स्थानीय लोग उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. यह घटना दर्शाती है कि किस तरह छोटी-छोटी बातों पर लोग हिंसा पर उतर आते हैं. एक भले इंसान ने सिर्फ गाली-गलौज रोकने की कोशिश की और उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ा.

घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे. आदर्श नगर थाना पुलिस और एसीपी जहांगीरपुरी समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे. क्राइम टीम और फॉरेंसिक टीम को भी सबूत जुटाने के लिए बुलाया गया. टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और सबूत एकत्रित किए. स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के बाद एक आरोपी को जनता ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. जबकि दो अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए.

पुलिस के मुताबिक आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि फरार आरोपियों की पहचान की जा सके. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं. पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को पकड़ने का दावा कर रही है.इलाके के लोगों ने पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि क्षेत्र में इस तरह की आपराधिक घटनाएं आम हो गई हैं. समय रहते सख्त कार्रवाई न होने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस इन अपराधियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं करती, जिसकी वजह से ये लोग बार-बार ऐसी वारदातें करते हैं.

मृतक के परिजनों का कहना है कि बिहारी लाल की कमाई से ही घर का सारा खर्च चलता था. उनकी तीन बेटियां और एक बेटा है. ऐसे में अब उनके घर का पालन-पोषण कौन करेगा. परिवार पूरी तरह से टूट चुका है. बिहारी लाल के बच्चे अभी छोटे हैं और उनकी पढ़ाई-लिखाई चल रही है. घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य खो जाने से परिवार की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है.

फिलहाल पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बाबू जगजीवन राम अस्पताल, जहांगीरपुरी की मोर्चरी में रखवा दिया है. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या के सही कारण और तरीके का पता चलेगा.यह घटना दिल्ली में बढ़ते अपराध का एक और उदाहरण है. राजधानी में छोटी-छोटी बातों पर हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. लोगों में धैर्य की कमी और गुस्से पर काबू न रख पाना एक बड़ी समस्या बन गई है. मामूली विवाद भी खूनी संघर्ष में बदल जाते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस को ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है.

छोटे अपराधों को नजरअंदाज करने से बड़ी घटनाएं होती हैं. इलाके में नियमित गश्त और अपराधियों पर नजर रखने से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है. साथ ही, तेज न्याय व्यवस्था भी जरूरी है ताकि अपराधियों को जल्द सजा मिले.

समाज को भी ऐसी घटनाओं को रोकने में अपनी भूमिका निभानी होगी. युवाओं को संयम और धैर्य का पाठ पढ़ाना जरूरी है. छोटी-छोटी बातों पर हिंसा करना कोई समाधान नहीं है. लोगों को एक-दूसरे का सम्मान करना सीखना होगा और विवादों को शांतिपूर्वक सुलझाना होगा. यह घटना एक चेतावनी है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं. पुलिस, प्रशासन और समाज को मिलकर काम करना होगा.

ENTERTAINMENT : तीन बार शादी कर चुकी है टीवी की ये एक्ट्रेस, फिर भी नहीं है खुश, अब बच्चों के सामने फिर से लेंगी सात फेरे

बॉलीवुड इंडस्ट्री हो या टीवी इंडस्ट्री कई ऐसे सेलेब्स हैं, जिन्होंने एक से ज्यादा बार शादी रचाई है. उन्हीं में से एक हसीना ऐसी है, जिन्होंने तीन बार शादी की है. अब वो चौथी बार शादी करना चाहती हैं

ये हसीना कोई और नहीं बल्कि टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस में से एक मानी जाने वाली देबीना बनर्जी हैं. एक्ट्रेस अपनी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रहती हैं.देबीना बनर्जी ने गुरमीत चौधरी से शादी की है. दोनों इंडस्ट्री के क्यूट कपल्स में से एक माने जाते हैं. इन दिनों देबीना और गुरमीत को लाफ्टर शेफ सीजन 3 में देखा जा रहा है.देबीना और गुरमीत हाल ही में एल्विश यादव के पॉडकास्ट का हिस्सा बने थे. जहां, उन्होंने अपनी शादी को लेकर मजेदार खुलासा किया था.

देबीना और गुरमीत पहले भी कई बार पता चुके हैं कि उन्होंने तीन बार शादियां की हैं. 2006, 2011 और 2021 में अब इस कपल ने एक बार फिर से शादी करने की इच्छा जताई है.देबीना ने कहा कि एक बार क्यों करनी है शादी. अच्छा है ना किश्तों में हुई है शादी. लेकिन अभी तक वैसी नहीं हुई है जैसी धूमधाम से होनी चाहिए थी.गुरमीत ने इस पर कहा कि उन्होंने वो चौथी बार के लिए बचाकर रखी है. देबीना ने कहा कि एक शादी उनकी लॉस एंजेलिस में भी होनी है. उन्हें व्हाइट वेडिंग बेहद पसंद है.गुरमीत ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि कितनी शादी करोगी. एक ही बार में खर्चा कर देते हैं. इस पर देबीना ने कहा कि हमारी शादी में कोई खर्च नहीं हुआ.देबीना और गुरमीत ने कहा कि हमारी चौथी शादी होगी तो बच्चे भी देखेंगे. एल्विश ने इस पर कहा कि आपकी शादी कुंभ की तरह है हर 12 साल में आ रही है.

NATIONAL : अकेला देख घर में घुसा… छेड़छाड़ करने लगा अधेड़… लड़की ने फरसे से कर दी हत्या

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बांदा जिले के मुरवल गांव में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक 19 वर्षीय युवती ने कथित तौर पर आत्मरक्षा में एक 50 वर्षीय व्यक्ति की जान ले ली. आरोप है कि शराब के नशे में युवक घर में घुसकर गलत हरकत करने की कोशिश कर रहा था. पुलिस ने युवती को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है.

उत्तर प्रदेश के बांदा में मुरवल गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक 19 साल की लड़की ने एक 50 साल के अधेड़ की बेरहमी से हत्या कर दी, जिससे इलाके में सनसनी फैल गयी. बताया जा रहा है लड़की घर में अकेली थी, उसी समय पड़ोसी शख्स घर मे घुस आया. वह शराब के नशे में लड़की से छेड़खानी और जबरन गलत काम करने की कोशिश करने लगा. विरोध करने पर जोर जबरजस्ती की तो लड़की ने पास रखे धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया.अधेड़ की मौके पर मौत हो गयी.

सूचना पर पहुचीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी भेज दिया है और आरोपी लड़की को गिरफ्तार कर लिया है. गांव वालों का कहना है कि ‘लड़की के पिता की पहले मौत हो चुकी है. मृतक उसका दोस्त है और उसके लड़की की मां से सम्बन्ध थे जिसके चलके वह घर में भी आता जाता था. ये लड़की को अच्छा नही लगता था. आज लड़की अपने साथ गलत हरकते बर्दाश्त नहीं कर सकी तो उसने ये खौफनाक कदम उठाया’. गांव वालों का कहना है कि बेटी ने अपने साथ गलत होने पर सही काम किया है. इससे दोबारा कोई भी ऐसा गंदा काम करने से डरेगा. वहीं मृतक सपा का बूथ का सक्रिय कार्यकर्ता बताया गया है.

मामला बबेरू कोतवाली के मुरवल गांव का है. जहां एक लड़की ने एक अधेड़ की हत्या करके इलाके में सनसनी फैला दी. जानकारी के मुताबिक मृतक जो लड़की को अकेला देख घर मे घुस गया था और कथित तौर नशे की हालत में लड़की के साथ गलत करने की कोशिश की. लड़की ने मना किया और जोर जबरजस्ती का विरोध किया, लेकिन वह नहीं माना. बौखलाई लड़की ने पास रखे फरसे से ताबड़तोड़ वार करके उसे मौत के घाट उतार दिया. बताया जाता है कि लड़की के पिता की पहले मौत हो गयी थी. मृतक के परिजनों ने पुलिस से मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

NATIONAL : खरगोन में 150 तोतों की मौत से हड़कंप, 72 घंटे के भीतर जमीन पर लग गया मरे पक्षियों का ढेर; विसरा रिपोर्ट का इंतजार

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खरगोन जिले के बड़वाह में नर्मदा नदी के किनारे पिछले 72 घंटों में करीब 150 तोतों की अचानक मौत से वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया है.मध्य प्रदेश के खरगोन में नर्मदा नदी के किनारे अज्ञात कारणों से करीब 150 तोते की मौत से हड़कंप मच गया है. मौत का कारण फूड पॉइजनिंग बताया जा रहा. प्रशासनिक अमला जांच के लिए पहुंचा है. पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने विसरा जांच के लिए भोपाल और जबलपुर लैब भेजा है.

जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर बड़वाह का यह मामला है. नर्मदा नदी पर बने एक्वाडक्ट पुल के पास पिछले तीन दिनों में कारीब 150 तोतों की मौत के बाद इलाके में सनसनी फैली हुई है. 100 से अधिक तोतों की मौत के बाद शवों के पोस्टमार्टम के बाद पशु चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि इनकी मौत बर्ड फ्लू से नहीं, बल्कि ‘फूड पॉइजनिंग’ (विषाक्त भोजन) और गलत खान-पान के कारण हुई है.

पिछले 72 घंटों में पुल के पास करीब 150 तोते मृत मिले हैं, जो बेहद चिंताजनक है. रेस्क्यू के दौरान कुछ तोते जिंदा भी मिले थे, लेकिन फूड पॉइजनिंग का असर इतना गहरा था कि कुछ ही देर में उन्होंने भी दम तोड़ दिया.

कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश के बाद पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक जीएस सोलंकी नर्मदा नदी के पास बने एक्वाडक्ट पुल पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया. इस दौरान उन्होंने एक पेड़ पर दो तोते मृत अवस्था में भी देखे. संचालक ने वन विभाग के एसडीओ से मोबाइल पर चर्चा की है.ने स्पष्ट किया कि मामला बर्ड फ्लू या संक्रामक बीमारी का नहीं, बल्कि फूड प्वाइजनिंग का लग रहा है. विभाग में तोतों की मौत को लेकर विसरा जांच के लिए भोपाल और जबलपुर लैब भेजा है. विसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण साफ होगा.

पशु चिकित्सा विभाग उपसंचालक डॉ जीएस सोलंकी का कहना है, ”मौके का निरीक्षण किया गया है. इसमें ये पाया गया है कि पशु प्रेमी चावल, मिक्चर वगैरह तोतों को खिलाते हैं, इसी से तोते फूड प्वाइजन के शिकार हुए हैं. हमने तोतों का विसरा लिया है. ये विसरा जबलपुर और भोपाल ले भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद और भी अच्छे से स्पष्ट होगा कि इतनी संख्या में तोते की मौत का कारण क्या है?”

बड़वाह में पदस्थ पशु चिकित्सक डॉ. मनीषा चौहान ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान मृत तोतों में फूड पॉइजनिंग के स्पष्ट लक्षण मिले है. उन्होंने कहा कि कई बार लोग पक्षियों को खाने में ऐसी चीजें डाल देते हैं जो उनके पाचन तंत्र के लिए उपयुक्त नहीं होतीं. इसके अलावा, पक्षी अक्सर खेतों में कीटनाशक छिड़काव के बाद वहां से दाना चुग लेते हैं, जो जानलेवा साबित होता है. पोस्टमार्टम के दौरान तोतों के पेट में चावल और छोटे पत्थरों, कंकड़ के अंश मिले हैं. जिससे प्रथम दृष्टया यह मामला पूरी तरह से खाने में गड़बड़ी का है. इनमें बर्ड फ्लू जैसे कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं.

वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट टोनी शर्मा ने आशंका जताई है कि पुल पर आने वाले लोगों का डाला गया गलत भोजन इसका कारण बना है. इस दुखद घटना के बाद स्थानीय पक्षी प्रेमियों ने आम जनता से अपील कि है कि पक्षियों को सेवा भाव से दाना जरूर डालें, लेकिन उन्हें केवल अन्न के कच्चे दाने जैसे ज्वार, बाजरा, गेहूं ही दें. पका हुआ खाद्य पदार्थ, मसालेदार भोजन या बचा हुआ खाना पक्षियों को न डालें, क्योंकि यह उनके लिए जहर समान हो सकता है.

Punjab : इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती, प्यार में डूब गया लड़का, लड़की के शादी से इनकार करने पर दे दी जान

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जालंधर के बस्ती शेख इलाके में एक युवक ने शादी से इनकार के बाद फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. युवक इंस्टाग्राम के जरिए अफेयर में था. पुलिस मामले की जांच कर रही है.जालंधर के बस्ती शेख इलाके से एक दुखद घटना सामने आई है. यहां एक युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि युवक पिछले करीब ढाई साल से इंस्टाग्राम के जरिए एक लड़की के साथ अफेयर में था. दोनों के बीच लगातार बातचीत होती थी और युवक शादी को लेकर गंभीर था.

मृतक की पहचान पारस के रूप में हुई है. पारस दिल्ली में एक कपड़े की दुकान पर काम करता था और दो दिन पहले ही वह दिल्ली से जालंधर अपने घर लौटा था. परिवार के अनुसार, आज पारस ने लड़की की मां से फोन पर बात कर शादी की बात रखी. लेकिन लड़की की मां ने साफ इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी अभी शादी की उम्र में नहीं है और दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मेल नहीं खाती.

पारस की बहन ने बताया कि उसके भाई ने लड़की की मां से दो साल का समय मांगा. उसने कहा कि वह मेहनत करके अपने परिवार की हालत सुधार लेगा और तब शादी करेगा. इसके बावजूद लड़की की मां नहीं मानीं. बाद में उन्होंने अपने पति से बात की और फिर बेटी से पारस की बात करवाई. बातचीत के दौरान लड़की ने साफ कह दिया कि वह पारस के साथ नहीं रहना चाहती. यह सुनकर पारस पूरी तरह टूट गया और रोने लगा.

बहन के अनुसार, वह कुछ सामान लेने बाजार गई थी. जब वह वापस लौटी, तो उसने देखा कि पारस ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है. यह दृश्य देखकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. घर में चीख-पुकार मच गई और पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल बन गया.

घटना की सूचना मिलते ही थाना नंबर 5 के SHO पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. SHO ने बताया कि परिवार के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मामले की जांच की जा रही है. पुलिस के अनुसार, युवक और लड़की इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क में थे. शादी से इनकार के बाद युवक ने यह कदम उठाया.

पुलिस ने यह भी बताया कि कानून के अनुसार लड़के की शादी की न्यूनतम उम्र 21 साल होती है, जबकि पारस अभी कानूनी रूप से शादी की उम्र का नहीं था. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है.

ENTERTAINMENT : ‘फेम की वजह से नहीं कड़ी मेहनत की बदौलत जीता बिग बॉस 19’, ट्रोल्स को गौरव खन्ना ने दिया करारा जवाब

गौरव खन्ना ने हाल ही में एक इंटरव्यू ने उन ट्रोल्स को करारा जवाब दिया जिनका दावा है कि एक्टर ने फेम की वजह से बिग बॉस 19 जीता. गौरव ने ऐसे सभी दावे खारिज किए हैं.जब से गौरव खन्ना बिग बॉस 19 के विनर बने हैं तब से सोशल मीडिया पर कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि उन्होंने अपनी पॉपुलैरिटी के कारण ट्रॉफी जीती है. हालांकि, गौरव ने अब इन सभी दावों को खारिज कर दिया है. हाल ही में एक इंटरव्यू में गौरव ने बताया कि उन्होंने सालों से बहुत मेहनत की है और क्लियर किया कि उन्होंने 15 सालों से कलर्स टीवी के साथ काम नहीं किया है. इसलिए, जो लोग सोचते हैं कि उन्होंने चैनल के साथ अपने जुड़ाव के कारण बिग बॉस 19 जीता है, वे गलत हैं.

दरअसल शाहरी फरीदो से बातचीत में गौरव ने कहा, “लोग कहते हैं कि मैं फेमस होने की वजह से जीता, लेकिन मैंने वास्तव में बहुत मेहनत की है. 20 साल की मेहनत कोई छोटी बात नहीं है. मैं पिछले 15 वर्षों से कलर्स टीवी का चेहरा नहीं रहा हूं. कलर्स टीवी पर मेरा आखिरी शो यामी गौतम के साथ ‘ये प्यार ना होगा कम’ था, जो 2010 में टेलीकास्ट हुआ था.”

गौरव ने आगे कहा, “तो, अगर 15 साल पहले सिर्फ एक शो करने के बाद भी 2025 में लोग मुझे कलर्स का जाना-पहचाना चेहरा मानते हैं, तो इसका मतलब है कि मैं वाकई बहुत अच्छा अभिनेता हूं. मुफ्त में कुछ नहीं मिलता, मैं सिर्फ अपने एक्सपीरियंस या पिछले काम के दम पर कोई शो नहीं जीत सकता, मुझे उसमें अच्छा परफॉर्म भी करना होगा.”

गौरव ने रियलिटी शो में अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कहा, “मैं वहां दूसरों से कंप्टीशन करने नहीं गया था. इतने सालों से टेलीविजन का हिस्सा होने के नाते, मैं जानता हूं कि बिग बॉस में लोग आपको निशाना बनाएंगे, आपको शर्मिंदा करेंगे, बदनाम करेंगे और आपको नीचे गिराने की कोशिश करेंगे. लेकिन मेरा पूरा मकसद एक बेहतर इंसान बनना था. मेरा जीवन मेरे द्वारा लिए गए फैसलों का नतीजा है. बिग बॉस एक बहुत ही समझदारी भरा खेल है, अगर आप इसे समझदारी से खेलें. मैंने यह बात पहले दिन से ही ध्यान में रखी थी, मैं वहां उन 15-16 लोगों को खुश करने के लिए नहीं गया था.”

बता दें किगौरव खन्ना ने इस साल दिसंबर में बिग बॉस 19 जीता था. उन्होंने 50 लाख रुपये का नकद पुरस्कार जीता था. साथ ही गौरव ने ट्रॉफी अपने नाम की, जबकि फरहाना भट्ट रनर-अप रहीं. वहीं तान्या मित्तल, प्रणित मोरे और अमाल मलिक भी फाइनल में पहुंचे थे.

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