Monday, June 15, 2026
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GUJARAT : मॉडल ने तोड़ा रिश्ता… सनकी आशिक के इशारे पर दोस्तों ने घर के बाहर खड़ी मर्सिडीज में पेट्रोल डालकर लगा दी आग

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गुजरात के सूरत में सड़क पर पार्क एक मर्सिडीज कार में आग लगाने का मामला सामने आया था. जिसको लेकर कार की मालिक मॉडल ने वेसु पुलिस थाने में लिखित रूप से की थी. वेसु थाना पुलिस ने पेशे से मॉडल की मर्सिडीज कार में आग लगाने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

गुजरात के सूरत में सड़क पर पार्क एक मर्सिडीज कार में आग लगाने का मामला सामने आया था. जिसको लेकर कार की मालिक मॉडल ने वेसु पुलिस थाने में लिखित रूप से शिकायत की थी. वेसु थाना पुलिस ने पेशे से मॉडल की मर्सिडीज कार में आग लगाने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है.

सीसीटीवी में देखा जा सकता है कि ब्लैक कलर की मर्सिडीज कार यहां सोसायटी की सड़क पर खड़ी हुई है, तभी मुंह पर कपड़ा बांधकर और सिर पर टोपी लगाकर एक शख़्स यहां पहुंचता है और अपने साथ बोतल में भरकर लाए ज्वलनशील पदार्थ को कार के ऊपर उड़ेल देता है. इसके बाद माचिस निकाल कर वह कार को आग के हवाले कर देता है और फिर मौके से फरार हो जाता है.

मर्सिडीज कार की मालकिन ने कार को अपने घर के बाहर ही सड़क पर पार्क किया था. मर्सिडीज कार की मालकिन और पेशे से मॉडल ने इस मामले की शिकायत वेसु थाने में दर्ज करवाई थी. घटना 29 मई को हुई थी. जांच में इस मामले में अब नए खुलासे हो रहे हैं. पुलिस ने मॉडल के पूर्व प्रेमी मितेश जैन के खिलाफ उसका पीछा करने, उसे परेशान करने और धमकाने के साथ-साथ इंस्टाग्राम पर उसके नाम से एक फर्जी अकाउंट बनाने और उसकी निजी तस्वीरें अपलोड करने की शिकायत दर्ज की थी.

हालांकि, वेसु पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. मॉडल ने बताया कि ये दोनों आरोपी मितेश के दोस्त हैं. मॉडल सूरत के वेसू इलाके की रहने वाली है और टेक्सटाइल मॉडलिंग क्षेत्र में काम करती है. पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी. इस संबंध में मॉडल ने वेसु पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. वेसू पुलिस ने कार में आग लगाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

मॉडल ने मितेश जैन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारी दोस्ती 2017 में शुरू हुई थी. उसने कभी नहीं कहा कि वह शादीशुदा है. मुझे पता चला कि वह 2018 में शादीशुदा था. इसलिए मैंने इस रिश्ते को खत्म करने का फैसला किया. लेकिन वह रिश्ता खत्म नहीं करना चाहता था, इसलिए उसने मुझे परेशान करना शुरू कर दिया. जिसके कारण मैंने 2024 में उसके खिलाफ बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई. तब से, उसने मुझे और मेरे परिवार को ब्लैकमेल करना और परेशान करना जारी रखा. वह लगातार मुझे और मेरे परिवार को परेशान कर रहा है.

मॉडल ने आगे कहा कि वह मुझसे रिश्ता जारी रखने के लिए लगातार परेशान कर रहा है. मैं उसके साथ कोई रिश्ता नहीं रखना चाहती हूं. यही कारण है कि वह मेरा पीछा करता है और अक्सर मुझे परेशान करता है. पहले तो उसने मेरी होंडा सिटी कार का शीशा तोड़ दिया था. कुछ दिन पहले पांडेसरा में मेरे जीजा की कार जला दी गई थी और अब तीन दिन पहले मेरी मर्सिडीज कार, जो मेरे घर के पास खड़ी थी, उसे भी उसके दोस्तों ने उसके कहने पर जला दिया.

हम जहां भी जाते हैं, वह हमेशा मेरा पीछा करता है. कारों में आग लगने के बाद जब हमारी चार कारों को सर्विस के लिए गैराज में भेजा गया तो उन सभी में जीपीएस ट्रैकर डिवाइस पाए गए. जिसके आधार पर वह हमारा पीछा कर रहा था और हमें परेशान कर रहा था. मॉडल ने फिलहाल तीन अलग-अलग पुलिस थानों में मितेश जैन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है.

मर्सिडीज को जलाने के संबंध में वेसु पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई है. जबकि जीजा की कार को जलाने के संबंध में पांडेसरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई है. वहीं, बार-बार पीछा करने और धमकी देने के संबंध में अलथान पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई है. फिलहाल वेसू पुलिस ने मर्सिडीज कार जलाने के मामले में साचू रामावतार राय और तनिश सुशांत जैन को गिरफ्तार कर लिया है.

MAHARASHTRA : ईद से ठीक पहले महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, क्यों बंद हो रहे पशुओं के बाजार?

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ईद से पहले महाराष्ट्र गोसेवा आयोग ने 3-8 जून तक सभी पशु बाजार बंद करने का निर्देश दिया है, जिससे बकरी ईद की तैयारियों पर असर पड़ सकता है. इस फैसले से मुस्लिम समुदाय में नाराजगी देखी गई.

महाराष्ट्र में 7 जून को मनाई जाने वाली बकरी ईद (EID al-Adha) से पहले राज्य की गोसेवा आयोग ने बड़ा निर्णय लिया है. आयोग ने 3 जून से 8 जून तक सभी कृषि उपज मंडल समितियों (APMCs) को पशु बाजार बंद रखने का निर्देश दिया है. यह कदम मुख्य रूप से मवेशियों के अवैध वध को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है

महाराष्ट्र में गाय और बैल की हत्या पूरी तरह से प्रतिबंधित है और इनके मांस का रख-रखाव भी अपराध माना जाता है. इस आदेश के तहत, मंडियों में इन पशुओं के साथ-साथ अन्य जानवरों जैसे भेड़, बकरी और भैंस के भी कारोबार पर एक सप्ताह के लिए रोक लगा दी गई है.गोसेवा आयोग ने 27 मई को सभी APMC को एक परिपत्र जारी किया था, जिसमें कहा गया कि बकरी ईद के दौरान बड़े पैमाने पर जानवरों की बलि दी जाती है, इसलिए जून की पहली सप्ताह में किसी भी ग्राम में पशु बाजार आयोजित न किए जाएं ताकि मवेशी वध की घटनाओं को रोका जा सके.

दि इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, आयोग ने इस आदेश को महाराष्ट्र पशु संरक्षण अधिनियम के तहत लागू किया है, जो राज्य में मवेशियों के वध पर कड़ा प्रतिबंध लगाता है. आयोग के अध्यक्ष शेखर मुंडाडा ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल एक “सलाह” है और इसका मकसद केवल अवैध वध को रोकना है, न कि अन्य जानवरों के व्यापार को स्थायी रूप से बंद करना.

हालांकि, इस फैसले का कई समुदायों खासकर मुस्लिम समाज के लोगों ने विरोध किया है. उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर पूरे सप्ताह बाजार बंद करने की क्या जरूरत थी, क्योंकि इस निर्णय से केवल मवेशी ही नहीं, बल्कि बकरियों, भेड़ों और भैंस के व्यापार पर भी असर पड़ेगा. फारूक अहमद, वंचित बहुजन आघाड़ी के राज्य उपाध्यक्ष, ने नांदेड में इस परिपत्र के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कहा कि बाजार बंद होने से किसानों, मजदूरों, कूरैशी-खटीक समुदाय के लोगों और अन्य संबंधित पेशेवरों की रोज़ी-रोटी ठप हो जाएगी.

फारूक ने गोसेवा आयोग की अधिकारिता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग को केवल सलाह देने का अधिकार है, सीधे आदेश जारी करना उसके दायरे से बाहर है.

महाराष्ट्र में कुल 305 प्रमुख और 603 गौण कृषि उपज मंडल समितियां हैं, जिनके अधीन राज्य के 292 पशु बाजार आते हैं. ये बाजार किसान समुदाय के लिए विशेष महत्व रखते हैं, जहां वे मानसून के आगमन पर पशुओं का कारोबार करते हैं, खेती के लिए पशुओं का उपयोग करते हैं और फिर फसल कटाई के बाद उनके रख-रखाव के खर्चों के कारण उन्हें बेच देते हैं.

बकरी ईद के दौरान इन बाजारों में भेड़, बकरी और छोटे पशुओं की खरीदारी बढ़ जाती है क्योंकि मुस्लिम समुदाय के लोग जानवर खरीदते हैं. इस आदेश से इन सभी गतिविधियों पर एक सप्ताह के लिए रोक लग जाना व्यापारिक और सामाजिक रूप से बड़े प्रभाव का विषय बन गया है.

इस विवाद के बीच गोसेवा आयोग ने यह साफ किया है कि उनका उद्देश्य केवल गायों और बैलों के अवैध वध को रोकना है. आयोग का मानना है कि यदि पशु बाजार खुले रहेंगे तो ईद के दौरान जानवरों की बलि के लिए उनकी खरीद-बिक्री बढ़ेगी और अवैध वध की संभावना अधिक होगी.

हालांकि, बाजार बंद होने से छोटे पशुओं के व्यापार में आई रुकावट से जुड़े लोगों की आमदनी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जिसके लिए उचित समाधान तलाशने की जरूरत है. राज्य सरकार को इस मुद्दे पर सभी पक्षों की संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए संतुलित फैसला लेना होगा ताकि धार्मिक आस्था और कानून दोनों का सम्मान हो सके.

 

UP: अस्पताल में किन्नरों का तांडव! अर्धनग्न होकर मेडिकल स्टाफ से की मारपीट, सायरन बजा तो मची भगदड़

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जौनपुर जिला अस्पताल में शुक्रवार रात किन्नरों ने जमकर हंगामा किया. घायल साथी के इलाज और मेडिकल रिपोर्ट को लेकर अर्धनग्न होकर स्टाफ से मारपीट की गई. आनन-फानन में इमरजेंसी सायरन बजाना पड़ा, आरोप है कि इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही. डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन ने मामले की तहरीर दी है. पुलिस जांच में जुटी है.

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिला अस्पताल में शुक्रवार देर रात हड़कंप मच गया. करीब 12 से 15 की संख्या में किन्नर अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा करने लगे. बताया जा रहा है कि किन्नरों ने अर्धनग्न होकर न सिर्फ इमरजेंसी वार्ड में मारपीट की, बल्कि स्टाफ पर अपनी मर्जी से मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने का भी दबाव बनाया. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि अस्पताल प्रबंधन को आपातकालीन सायरन बजाना पड़ा और पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे एक किन्नर समूह अपने एक घायल साथी के साथ जिला अस्पताल पहुंचा. बताया गया कि उक्त किन्नर का ख्वाजा टोला क्षेत्र में जमीनी विवाद चल रहा था. इस दौरान उसके भाई को चोटें आई थीं, जिसके इलाज के लिए वे इमरजेंसी वार्ड पहुंचे. शुरुआत में स्टाफ इलाज के लिए तैयार था, लेकिन किन्नरों ने मेडिकल रिपोर्ट को लेकर मनमानी शुरू कर दी.

इसी दौरान अन्य किन्नर भी अस्पताल पहुंच गए और इमरजेंसी वार्ड में कपड़े उतारकर उत्पात मचाने लगे. उन्होंने स्टाफ को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा. कई मेडिकल कर्मी घायल हो गए. मरीज और उनके परिजन डर के मारे वार्ड छोड़कर भागने लगे. पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह मूकदर्शक बनी रही और स्थिति को नियंत्रित नहीं कर सकी.

इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. पवन सिंह ने बताया कि किन्नरों का समूह इलाज के लिए पहुंचा था, लेकिन इलाज के दौरान ही उन्होंने रिपोर्ट को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया. इसके बाद अचानक बड़ी संख्या में किन्नर अंदर घुस आए और मारपीट शुरू कर दी. डॉ. पवन ने आरोप लगाया कि पुलिस भी घटनास्थल पर मौजूद थी, लेकिन उसने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की.

वहीं, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश मिश्रा ने बताया कि घटना के संबंध में जमीनी विवाद से जुड़ी तहरीर प्राप्त हुई है. साथ ही जिला अस्पताल प्रशासन से भी बात की गई है. अस्पताल के सीएमएस द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा.

विवाद में शामिल चांदनी किन्नर ने बताया कि ख्वाजा टोला में उसके घर को लेकर मिठाई लाल के बच्चों से विवाद चल रहा है. उसने आरोप लगाया कि उन लोगों ने उसके और उसके भाई के साथ मारपीट की. उसका कहना था कि वह सिर्फ अपने हिस्से की जमीन मांग रही थी, लेकिन बदले में उसके साथ ज्यादती की गई.

NATIONAL : हिमाचल के मंडी में IIT के पास हुआ खौफनाक हादसा, पिकअप वैन बनी मौत की सवारी! 5 लोगों की गई जान

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मंडी जिले में IIT कमांद पुल के पास एक पिकअप वैन दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई और 1 घायल हो गया. वाहन टेंट का सामान लेकर जा रहा था और पुल पर अनियंत्रित होकर गिर गया.हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है. यह हादसा रविवार को कटौला क्षेत्र के समीप स्थित IIT कमांद पुल के पास हुआ, जब टेंट का सामान ले जा रही एक महिंद्रा पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पुल से नीचे गिर गई.

वाहन में कुल 6 लोग सवार थे, जिनमें से 5 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त पिकअप गाड़ी पंजाब नंबर (PB 02 EG 4543) की थी और IIT कमांद की ओर जा रही थी. यह गाड़ी उस नए पुल पर उतर रही थी जिसका अभी औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ है. पुल के पास एक तीव्र ढलान है, और मोड़ लेते समय चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका. अनियंत्रित होकर गाड़ी पुल की रेलिंग पर चढ़ गई और फिर पुल से नीचे गिर गई. हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें कुछ लोग पंजाब और हरियाणा से संबंध रखते थे.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद वाहन से लोग ऊहल नदी और सड़क पर जा गिरे. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया. शवों को बाहर निकाल कर उनकी पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को इलाज के लिए मंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है.

फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है. प्रारंभिक आकलन के अनुसार, तीव्र ढलान और पुल के निर्माणाधीन होने के चलते सुरक्षा उपायों की कमी इस दुर्घटना का कारण हो सकती है.

 

RAJASTHAN : भरतपुर में धमकी देकर नाबालिग के साथ गैंगरेप, 5 महीने की गर्भवती होने पर परिजनों को हुई जानकारी

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भरतपुर से एक नाबालिग के साथ गैंग रेप की वारदात सामने आई है. आरोपी पीड़िता का घर से अपहरण कर गर्भपात कराने लेकर जा रहे थे तभी परिजनों को इस बात का पता लगा.

राजस्थान के भरतपुर जिले के एक थाना क्षेत्र में बड़ा मामला सामने आया है. थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग के साथ गैंगरेप हुआ. उसके बाद नाबालिग पीड़िता 5 महीने की गर्भवती हो गई.

नाबलिग के परिजनों को पीड़िता के गर्भवती होने का पता उस समय चला जब 30 मई की रात को आरोपी पीड़िता का घर से अपहरण कर रूपवास के सैदपुरा में स्थित एक क्लिनिक पर गर्भपात कराने लेकर जा रहे थे. जब परिजनों को पता लगा तो परिजनों ने पीछा किया और पीड़िता को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाकर ले आये.

जानकारी के अनुसार 15 वर्षीय पीड़िता के पिता मजदूरी करने और मां घरों में साफ़ सफाई का काम करने के लिए निकले तभी पीछे से पड़ोस में रहने वाला फारूक नामक लड़का विगत दिसंबर 2024 को घर में घुस आया और चाकू की नोंक पर पीड़िता के साथ रेप किया. साथ ही परिजनों को बताने पर जान से मारने की धमकी दी.

उसके बाद फारूक चाकू की नोंक पर पीड़िता के साथ आये दिन रेप करने लगा. फारूक के चार अन्य साथी भी पीड़िता के साथ रेप करने लगे. कई महीनों तक सभी पांच आरोपी पीड़िता के साथ गैंगरेप करते रहे. परिजनों को जान से मारने की धमकी के डर से पीड़िता ने अपने परिजनों को कुछ भी नहीं बताया.

पीड़िता के पिता ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में लिखा है कि मै गरीब आदमी हूं और मजदूरी करने के लिए सुबह ही घर से निकल जाता हूं. मेरी पत्नी लोगों के घरों में साफ़ सफाई का काम करने के लिए जाती थी. पीछे से पड़ोस में रहने वाले पांच लोग मेरी नाबालिग पुत्री के साथ डरा धमका कर गैंगरेप करते रहे. हमको इस घटना के बारे में उस समय पता लगा जब विगत 30 मई की रात को मेरी पुत्री का अपहरण कर आरोपी रूपवास के सैदपुरा में एक क्लिनिक पर गर्भपात कराने जा रहे थे. हमने पीछा कर अपनी पुत्री को उनके चंगुल से छुड़ाया और दूसरे दिन थाने जाकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.

क्या कहना है नाबालिग पीड़िता का पीड़िता का कहना है कि मेरे माता-पिता मजदूरी करने चले जाते थे तभी दिसंबर 2024 की बात है, जब पड़ोस में रहने वाला फारूक घर में घुस आया और चाकू की नोक पर जान से मारने की धमकी देते हुए मेरे साथ रेप किया.उसके बाद फिर फारूक और उसके चार साथियों ने मेरे साथ कई बार लगातार गैंगरेप किया. घटना के बारे में परिजनों को बताने पर आरोपी मुझे और मेरे परिजनों को जान से मारने की धमकी देते थे. 30 मई को वे लोग मुझे जबरदस्ती अपहरण कर मेरा गर्भपात कराने के लिए जा रहे थे.

PUNJAB : पंजाब पुलिस लगाएगी GPS एंकलेट, ज़मानत पर बाहर आए ड्रग तस्करों की होगी कड़ी निगरानी

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पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने बताया कि यह पहल मानवाधिकारों को ध्यान में रखते हुए शुरू की जा रही है. उन्होंने कहा कि हम यह भी देख रहे हैं कि क्या हम जेल या पैरोल पर बाहर आए बड़े नशा तस्करों के लिए GPS एंकलेट ला सकते हैं. दोबारा अपराध करने वालों की ज़मानत रद्द करवाना भी एजेंडे में है. जेल कर्मचारियों की मिलीभगत किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

पंजाब सरकार की ‘युद्ध… नशे के विरुद्ध’ मुहिम के तहत अब नशा तस्करों और आदतन अपराधियों की GPS-सक्षम एंकलेट (टखनों पर पहने जाने वाले निगरानी उपकरण) से निगरानी की जाएगी. पंजाब पुलिस ने इस योजना की तैयारी शुरू कर दी है, जिसका उद्देश्य ज़मानत या पैरोल पर रिहा हुए नशा सरगनाओं की रियल टाइम में ट्रैकिंग कर फरार होने से रोकना है.

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने बताया कि यह पहल मानवाधिकारों को ध्यान में रखते हुए शुरू की जा रही है. उन्होंने कहा कि हम यह भी देख रहे हैं कि क्या हम जेल या पैरोल पर बाहर आए बड़े नशा तस्करों के लिए GPS एंकलेट ला सकते हैं. दोबारा अपराध करने वालों की ज़मानत रद्द करवाना भी एजेंडे में है. जेल कर्मचारियों की मिलीभगत किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

GPS एंकलेट की अवधारणा को जम्मू-कश्मीर में पहले से अपनाया गया है, जहां UAPA के तहत आरोपियों को ट्रैक करने के लिए यह तकनीक प्रयोग में लाई जा रही है. वहां नवंबर 2023 से करीब 40 लोगों की निगरानी की जा रही है. वहीं, पंजाब इस तकनीक का उपयोग जगदीप सिंह उर्फ जग्गू भगवानपुरिया जैसे बड़े नशा तस्करों के लिए करना चाहता है, जो फिलहाल असम की जेल में बंद है.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर GPS एंकलेट का इस्तेमाल पैरोल, हाउस अरेस्ट या इमिग्रेशन निगरानी जैसे मामलों में होता रहा है. ये वॉटरप्रूफ डिवाइस 24×7 लोकेशन ट्रैकिंग की सुविधा देते हैं. पंजाब में पुलिस थानों के प्रभारी (SHO) को कोर्ट से इसकी पूर्व स्वीकृति लेने का निर्देश दिया गया है, जबकि एक कानूनी ढांचा तैयार किया जा रहा है.

इस तकनीकी से अब तक कई FIR दर्ज की जा चुकी हैं, कई गिरफ्तारियां हुई हैं और हवाला नेटवर्क को भी ध्वस्त किया गया है. DGP ने बताया कि 5,786 नशा पीड़ितों को राज्यभर के पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराया गया है. सीमा पार से आने वाले नशे के नेटवर्क को रोकने के लिए 9 नई एंटी-ड्रोन प्रणालियां भी खरीदी गई हैं.

DGP गौरव यादव ने कहा कि नशामुक्ति की दिशा में एक और अभिनव कदम के तहत प्रत्येक पुलिस अधिकारी एक नशा पीड़ित को गोद लेगा, ताकि उसके पुनर्वास की निगरानी हो सके. यह पहल पूरी तरह स्वैच्छिक होगी.

BIHAR : बिहारी फर्स्ट, विधानसभा चुनाव और सामान्य सीट… बिहार चले चिराग पासवान के दिल में क्या है?

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बिहार में चुनाव से पहले चिराग पासवान की रणनीति साफ है. वह बिहार में अपनी सियासी जड़ें मजबूत करना चाहते हैं और एलजेपी इसे बिहार में एक नए नेतृत्व के विकल्प के तौर पर देख रही है. दूसरी बात सामान्य सीट से चुनाव लड़ने के पीछे भी वजह साफ है कि चिराग सिर्फ पिछड़ों के नेता बनकर नहीं रहना चाहते और हर वर्ग के मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं.

‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ का नारा देने वाले केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान अब बिहार की सियासत में एक्टिव होने की तैयारी कर चुके हैं. उन्होंने साफ संकेत दिए हैं कि आगामी विधानसभा चुनावों में वह चुनाव लड़ सकते हैं. इसके लिए बाकायदा उनकी पार्टी की तरफ से एक प्रस्ताव भी पारित किया गया है और अटकलें यह भी हैं कि वह किसी आरक्षित सीट से नहीं बल्कि सामान्य सीट से चुनाव लड़ेंगे.

चिराग पासवान में हाल ही में वैशाली में कहा कि अगर पार्टी चाहेगी, तो मैं जरूर चुनाव लड़ूंगा. उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई बहानेबाजी या दिखावा नहीं है, बल्कि पार्टी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव की तरह इस बार भी पार्टी का स्ट्राइक रेट बेहतर करने का लक्ष्य है और कई बार देखा गया है कि जब कोई बड़ा नेता खुद मैदान में उतरता है तो उसका असर पूरे संगठन पर पड़ता है.

चिराग ने यह भी कहा कि उनके चुनाव लड़ने से बिहार में एनडीए को फायदा हो सकता है. उन्होंने कहा कि यह फैसला सिर्फ व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का नहीं है, बल्कि पार्टी और NDA गठबंधन की रणनीति का हिस्सा है.लेकिन तीन बार के सांसद और मंत्री चिराग पासवान अब विधायक क्यों बनना चाहते हैं. क्या उनका मकसद सिर्फ विधायक बनने तक सीमित है या इसका अगला कदम मुख्यमंत्री पद की दावेदारी होगा? इसका जवाब तो आगे मिलेगा. लेकिन चिराग पासवान के इस दांव ने बिहार में सियासी सरगर्मी जरूर बढ़ा दी है. एलजेपी के सांसद और प्रदेश प्रभारी अरुण भारती ने अपने नेता का समर्थन करते हुए बिहार में चुनाव लड़ने के फैसले का स्वागत किया है.

उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि चिराग हमेशा कहते हैं कि उनकी राजनीति बिहार केंद्रित है और उनका विजन ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ एक विकसित और आत्मनिर्भर बिहार का संकल्प है. यह तभी संभव है जब वे खुद बिहार में रहकर नेतृत्व करें. जब मैं प्रदेश प्रभारी के रूप में गांव-गांव गया, हर जगह लोगों की एक ही मांग थी कि चिराग को अब बिहार में बड़ी भूमिका निभानी चाहिए. हाल ही में पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में भी सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास हुआ कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में खुद चुनाव लड़ें.

अरुण भारती ने आगे कहा कि कार्यकर्ताओं की यह भी भावना है कि इस बार वे किसी आरक्षित सीट से नहीं, बल्कि एक सामान्य सीट से चुनाव लड़ें ताकि यह संदेश जाए कि वे अब सिर्फ एक वर्ग नहीं, पूरे बिहार का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं.

बिहार में चुनाव से पहले चिराग पासवान की रणनीति साफ है. वह बिहार में अपनी सियासी जड़ें मजबूत करना चाहते हैं और उनकी पार्टी एलजेपी इसे बिहार में एक नए नेतृत्व के विकल्प के तौर पर देख रही है. दूसरी बात सामान्य सीट से चुनाव लड़ने के पीछे भी वजह साफ है कि चिराग सिर्फ पिछड़ों के नेता बनकर नहीं रहना चाहते और हर वर्ग के मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं.

उन्होंने खुद भी इस बात को स्वीकार किया था कि दिल्ली में रहकर बिहार की राजनीति नहीं की जा सकती और उन्हें लोगों के बीच बिहार जाने की जरूरत है. लेकिन अब सवाल यह है कि चिराग का बिहार की सियासत में उतरना एनडीए के सहयोगी दलों को रास आएगा या नहीं? बिहार में फिलहाल जेडीयू की अगुवाई में नीतीश कुमार की सरकार है और बीजेपी के दो उपमुख्यमंत्री हैं. ऐसे में अगर चुनाव जीतकर चिराग भी विधानसभा पहुंच जाते हैं तो सरकार में उनकी भूमिका क्या होगी. एनडीए के लिए बड़े कद के नेताओं को पद और सम्मान से संतुष्ट करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है. विपक्ष के लिए भी ऐसे में मौका बन सकता है.

चिराग के चुनाव लड़ने पर आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बिहार में चुनाव से पहले ही NDA में सिर फुटव्वल शुरू हो गई है और मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार हो गए हैं. तिवारी ने कहा कि LJP(R) अब चिराग पासवान को सीएम कैंडिडेट बता रही है और जेडीयू-बीजेपी नीतीश कुमार को सीएम कैंडिडेट बता रहे हैं. उन्होंने कहा कि NDA में चिराग की पार्टी की लगातार उपेक्षा हो रही है.

आरजेडी प्रवक्ता के बयान से साफ है कि चिराग के विधानसभा चुनाव लड़ने को विपक्ष भी अपने लिए एक मौके के तौर पर देख रहा है. अगर चुनाव नतीजों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो ऐसे में चिराग की भूमिका अहम हो सकती है. तेजस्वी यादव के साथ वह पहले ही अपने पारपारिक संबंधों को हवाला दे चुके हैं, ऐसे में उनका पाला बदल भी मुमकिन हो सकता है. लेकिन फिलहाल औपचारिक तौर पर चिराग पासवान के विधानसभा चुनाव लड़ने के ऐलान का इंतजार है.

ENTERTAINMENT : एडवांस बुकिंग शुरू होते ही छाई ‘हाउसफुल 5’, चंद घंटों में कमा लिए करोड़ों

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‘हाउसफुल 5’ साल की ये मोस्ट अवेटेड कॉमेडी फ्रेंचाइजी 6 जून 2025 को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है. इससे पहले फिल्म की एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है.

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार की कॉमेडी फिल्म ‘हाउसफुल 5’ का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. फिल्म के ट्रेलर ने फैंस की एक्साइटमेंट बढ़ा दी है. ‘हाउसफुल 5’ के गाने भी दर्शकों को खूब पसंद आ रहे हैं. साल की ये मोस्ट अवेटेड कॉमेडी फ्रेंचाइजी 6 जून 2025 को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है. इससे पहले फिल्म की एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है.

‘हाउसफुल 5’ की रिलीज में अब कुछ ही दिन बाकी है. फिल्म के पहले दिन की एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है. सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म की एडवांस बुकिंग शुरू हुए अभी 11 हजार 714 टिकट बिक गए हैं. इसी के साथ 48.84 लाख रुपए कमा लिए हैं और ब्लॉक सीट्स के साथ ये आंकड़ा 2.88 करोड़ रुपए हो गया है.

‘हाउसफुल 5’ का बजट कोइमोई की रिपोर्ट के मुताबिक 375 करोड़ रुपए है. फिल्म इकलौती ऐसी फिल्म है जिसके दो वर्जन (5ए और 5बी) एक साथ पर्दे पर रिलीज होंगे. ‘हाउसफुल 5’ के अलग-अलग वर्जन का क्लाइमैक्स अलग-अलग होगा.

 

NATIONAL : पर्यटकों के लिए खुली विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी, पहले उमड़ी सैलानियों की भीड़

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चमोली की प्रसिद्ध घाटी को पर्यटकों के लिए खोल दी गई है. घाटी में पहले ही दिन बड़ी संख्या में सैलानी इस मनमोहक घाटी का दीदार करने पहुंचे, जिनका वन विभाग ने मैन गेट पर स्वागत किया. अधिकारी ने कहा, ‘वन विभाग ने फूलों की घाटी में पर्यटकों के स्वागत के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं.’

उत्तराखंड के चमोली स्थित विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी (Valley of Flowers) आज यानी एक जून से पर्यटकों के लिए खोल दी गई है. आज सुबह 7 बजे नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के मुख्य द्वार पर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ घाटी को सैलानियों के लिए खोला गया. पहले ही दिन बड़ी संख्या में पर्यटक इस मनमोहक घाटी का दीदार करने पहुंचे, जिनका वन विभाग ने मैन गेट पर स्वागत किया.

ये फूल घाटी अपनी मनमोहक सुंदरता और जैव विविधता के लिए जाना जाता है और इस साल पर्यटकों के लिए एक अतिरिक्त सुविधा भी जोड़ी गई है. अब आप घर बैठे ऑनलाइन भी फूलों की घाटी की बुकिंग कर सकते हैं. जून महीने में 62 सैलानियों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी जहां की 500 से अधिक देसी-विदेशी फूल खिलते हैं. इस घाटी का दीदार करने के लिए हजारों की संख्या में जून से लेकर अक्टूबर तक सैलानी यहां पहुंचते हैं.

जोशीमठ एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि वन विभाग ने फूलों की घाटी में पर्यटकों के स्वागत के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. दुर्गम पहाड़ी रास्तों को दुरुस्त कर दिया गया है और जहां-जहां ग्लेशियरों के कारण रास्ते क्षतिग्रस्त हुए थे, उन्हें भी ठीक कर दिया गया है.
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MP : ‘कोई मुस्लिम ना ट्रेनिंग देने आएगा और ना लेने’, भोपाल की GYM से SI का Video वायरल

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर जिम में कहते हुए नजर आ रहा है कि यहां कोई भी मुस्लिम ना तो ट्रेनिंग देने और ना ही ट्रेनिंग लेने आएगा.

भोपाल में पिछले कुछ दिनों से कथित लव-जिहाद मामले को लेकर सियासत गरमाई हुई है. इस बीच भोपाल के एक जिम में बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंचे और जिम संचालक से मुस्लिम जिम ट्रेनर्स की जानकारी मांगी. इसी दौरान वहां पुलिस भी पहुंच गयी और मामले को शांत करवाया. लेकिन इस चर्चा का एक वीडियो अब सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. जिसमें पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर को जिम ट्रेनर के विषय में बयान देते हुए देखा जा सकता है.

यह वीडियो 3-4 दिन पहले का है, जब बजरंग दल के कार्यकर्ता अयोध्या नगर इलाके के एक जिम में पहुंचे और जिम संचालक व स्टाफ से मुस्लिम ट्रेनर्स की जानकारी लेने लगे. इसी दौरान वहां सब-इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा भी पहुंचे और जिम संचालक से बात करते हुए किसी भी मुस्लिम ट्रेनरों को जिम में एंट्री​​​​​ नहीं देने के लिए कहा. जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है.

वीडियो में दिख रहा है कि सब-इंस्पेक्टर बोल रहा है ‘यहां कोई भी मुस्लिम, ना ट्रेनिंग देने आएगा और ना ट्रेनिंग लेने आएगा, मैंने क्लियर बता दिया आपको’. इस पूरे वाकये का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया. सोशल मीडिया में वायरल होते ही मामला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आया और अब पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है.

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