Wednesday, June 24, 2026
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NATIONAL : कांग्रेस को शशि थरूर जैसे नेता की ही जरूरत है, शायद राहुल गांधी को नहीं

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शशि थरूर की अपनी अलग पहचान है. और ये पहचान सिर्फ कांग्रेस या देश में ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी है. लेकिन कांग्रेस नेतृत्व उनको लगातार नजरअंदाज करता रहा है. राष्ट्रहित के मुद्दों पर सक्रिय शशि थरूर कांग्रेस के लिए बेहद फायदेमंद हो सकते हैं, बशर्ते राहुल गांधी भी ऐसी बातों पर ध्यान देते हों.

शशि थरूर कांग्रेस में वन-मैन-आर्मी की तरह नजर आते हैं. हमेशा ही विरोधियों के निशाने पर रहे हैं, लेकिन कोई उनका कुछ भी बिगाड़ नहीं पाता. कैटल क्लास विवाद से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने तक, और अब पाकिस्तान के खिलाफ विदेश दौरे पर जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने तक – शशि थरूर के खिलाफ पूरा माहौल बन जाता है, लेकिन उनकी राजनीतिक सेहत पर शायद ही कभी कोई फर्क पड़ा हो.

ऐसा लगता है, शशि थरूर अपनी राजनीति के बेहतरीन दौर में पहुंच चुके हैं. केंद्र में सत्ताधारी बीजेपी शशि थरूर को हाथोंहाथ ले रही है, और कांग्रेस उनके खिलाफ कोई एक्शन भी नहीं ले पा रही है. ऐसे दौर में जब केरल में अगले ही साल विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं, और प्रियंका गांधी वाड्रा भी वायनाड से सांसद बन चुकी हैं – शशि थरूर एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर पहुंच गये हैं.

कांग्रेस नेतृत्व के लिए एक और झटका केरल से ही मिला है. केरल कांग्रेस के अध्यक्ष रहे सीनियर नेता के सुधाकरन ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के लिए शशि थरूर के नाम की सिफारिश न किये जाने पर सवाल उठाया है. सुधाकरन ने कांग्रेस के फैसले को शशि थरूर का अपमान बताया है.

सुधाकरन का कहना है, शशि थरूर एक सक्षम नेता और कांग्रेस के वफादार सदस्य हैं… उन्हें इस तरह अलग-थलग करना ठीक नहीं है. सुधाकरन ने थरूर के पार्टी छोड़ने की अफवाहों को भी गलत बताया है, और कहा है कि शशि थरूर से उनकी बात हुई है और उनको यकीन है कि वो कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे.

1. राष्ट्रवाद का मुद्दा कांग्रेस के लिए फिलहाल बीजेपी के हिंदुत्व के एजेंडे से भी बड़ी चुनौती है. ऐसे में अगर कांग्रेस शशि थरूर के साथ बनी रहती तो फायदा ही होता. जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर ज्योतिरादित्य सिंधिया और जितिन प्रसाद जैसे कई नेताओं को गंवा चुकी कांग्रेस को भी ये बात समझ में जरूर आ रही होगी. अगर अब भी नहीं समझ में आ रही हो, तो आगे चलकर पछताना भी तय ही है.

क्या पता आने वाले दिनों में हालात ऐसे बनें कि शशि थरूर भी ऐसा वैसा कोई फैसला ले लें, जिसका कांग्रेस को हमेशा ही अफसोस होता रहे. शशि थरूर की सचिन पायलट जैसी विधायकों को जुटाने की जिम्मेदारी तो है नहीं? वो तो जब चाहें, दरवाजा खोलकर निकल सकते हैं.

2. मालूम नहीं राहुल गांधी को ये पता है भी या नहीं कि शशि थरूर को भी कांग्रेस ही पसंद है. वो कह चुके हैं कि जब संयुक्त राष्ट्र से वो लौटकर आये थे, तो दोनो विकल्प थे, लेकिन बीजेपी की जगह कांग्रेस को चुना.

3. ये शशि थरूर ही हैं जब कांग्रेस से दूर जा चुके वोटर को साथ लाने की बात करते हैं. कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के दौरान शशि थरूर ने ये बात कही थी, राहुल गांधी आज की तारीख में वही काम कर रहे हैं, और कांग्रेस की गलतियों के लिए माफी मांग रहे हैं.

4. शशि थरूर को भले ही आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़े देख राहुल गांधी का गुस्सा फूट पड़ता हो, लेकिन वो राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर ही ऐसी बातें करते हैं. शशि थरूर की एक सलाह ये भी है कि बीजेपी सरकार की नीतियों की आलोचना की जाये, न कि उनके खिलाफ निजी हमले किये जायें. मुश्किल ये है कि ऐसे सुझाव कांग्रेस में भला किसे मंजूर होगा, जबकि सच्चाई ये है कि ये मान ले तो कांग्रेस की भलाई है.

5. शशि थरूर भी कांग्रेस के जी-23 ग्रुप में शामिल रहे हैं. आखिर ये ग्रुप क्या मांग कर रहा था, एक स्थाई अध्यक्ष की तो डिमांड थी. लेकिन, गांधी परिवार के चापलूस उनके ही पीछे पड़ गये. अगर वो वाकया नहीं हुआ होता, तो मल्लिकार्जुन खड़गे अध्यक्ष नहीं बने होते – और जो फायदा हो रहा है, कांग्रेस को अब भी नहीं मिलता.

शशि थरूर 2009 से लोकसभा सांसद हैं. 2014 में जब कांग्रेस सबसे कम नंबर पर सिमट गई थी, तब भी वो लोकसभा पहुंचे थे. और, 2024 में बीजेपी की तरफ से पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर जैसी चुनौती को शिकस्त देकर सांसद बने हुए हैं – अब कांग्रेस को ये सब ठीक लगे या नहीं ये तो पार्टी और राहुल गांधी को ही तय करना है.

वैसे एक मलयालम पॉडकास्ट में शशि थरूर कह चुके हैं, अगर मेरी सेवाओं की जरूरत नहीं है, तो मेरे पास बहुत विकल्प हैं… अगर पार्टी मेरा इस्तेमाल करना चाहती है, तो पार्टी के लिए मौजूद हूं… अगर नहीं तो मेरे पास करने के लिए मेरी चीजें हैं… आपको नहीं सोचना चाहिये कि मेरे पास दूसरे विकल्प नहीं हैं.

केरल कांग्रेस के नेता के. सुधाकरन की बात, चुनावी राज्य से उठी एक आवाज है. हो सकता है अभी वो आवाज हल्की लग रही हो, लेकिन वक्त बदलते देर नहीं लगती. कब वो आवाज मजबूत हो जाये, किसी को नहीं मालूम. मुमकिन है, कांग्रेस को ये बात अच्छी तरह समझ आ रही होगी, हो सकता है राहुल गांधी को ऐसी बातों में कोई दिलचस्पी न हो.

ENTERTAINMNET : लौट रहा है ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शर्मा शो’, इस दिन से दोगुना होगा हंसी का डोज

कॉमेडियन कपिल शर्मा नेटफ्लिक्स पर अपने शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शर्मा शो’ से ऑडियंस को हंसाते आए हैं. लेकिन बीच में उनके शो ने एक लंबा ब्रेक ले लिया था. अब करीब छह महीने के बाद, उनके शो का नया सीजन आ रहा है जिसका अनाउंसमेंट टीजर रिलीज हुआ है.

कॉमेडियन कपिल शर्मा पिछले कई सालों से ऑडियंस को हंसाते आए हैं. उनका ‘कपिल शर्मा शो’ हर घर में सुपरहिट हुआ. फिर इस शो ने अपना सफर ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर शुरू किया. उनका शो 2 सीजन तक काफी अच्छा चला. लेकिन फिर थोड़े समय के लिए मेकर्स ने ब्रेक लिया. अब करीब 6 महीनों के इंतजार के बाद ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शर्मा शो’ का तीसरा सीजन दस्तक देने वाला है.

हाल ही में नेटफ्लिक्स ने शो का अनाउंसमेंट टीजर जारी किया है, जिसमें कपिल शर्मा, अर्चना पूरन सिंह, कीकू शारदा, कृष्णा अभिषेक और सुनील ग्रोवर नजर आते हैं. सभी आपस में एक फोन कॉल करके नए सीजन में क्या-क्या नया कर सकते हैं, इसकी चर्चा करते हैं. टीजर की शुरुआत में कपिल सभी आर्टिस्ट्स को फोन मिलाकर शो में नए आइडियाज को लेकर बात करते हैं. सभी अपने फनी अंदाज में कॉमेडियन के साथ नए-नए आइडियाज शेयर भी करते हैं.

कपिल को किसी का भी आइडिया समझ नहीं आता. मगर वीडियो के अंत में वो खुद ऑडियंस की तरफ देखकर उनसे एक अनोखी बात कहते हैं. कपिल कहते हैं कि हर शनिवार यानी फनीवार वो अपनी ऑडियंस को अपना कुछ मजेदार, अलग हटके टैलेंट दुनिया के सामने दिखाने का मौका देंगे. वो उनके शो पर जाकर अपना अनोखा टैलेंट दुनिका को दिखा सकते हैं. कपिल शर्मा के शो का नया सीजन 21 जून से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगा.

कुछ दिनों पहले ‘द कपिल शर्मा शो’ के फोटोग्राफर दास दादा का निधन हो गया था. वो उस शो के सबसे अहम हिस्सा थे, कॉमेडियन अक्सर उन्हें अपनी ऑडियंस से मिलवाया भी करते थे. उनके निधन की खबर कपिल शर्मा की टीम ने इंस्टाग्राम पर शेयर की थी. जिसपर कई सारे सेलिब्रिटीज ने रिएक्ट किया था. दास दादा के जाने का दुख ‘द कपिल शर्मा शो’ में काम कर चुकीं कॉमेडियन सुगंधा मिश्रा ने भी जताया था. उनका कहना था कि दास दादा के निधन की खबर ने उनके दिल को तोड़ दिया है. उनकी संवेदनाएं दास दादा के परिवार के साथ हैं. वहीं कीकू शारदा ने भी इंस्टाग्राम पर दास दादा के लिए लिखा था कि उन्हें उनकी बहुत याद आएगी.

MAHARASHTRA : लातूर में क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, मेफेड्रोन के साथ तीन ड्रग्स तस्कर गिरफ्तार

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लातूर में पुलिस ने तीन लोगों को मेफेड्रोन के साथ गिरफ्तार किया है. आरोपियों से 16.36 ग्राम मेफेड्रोन जब्त की गई है जिसकी कीमत 81,800 रुपये है. ये कार्रवाई क्राइम ब्रांच की टीम ने सूत मिल इलाके में की है. आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. इनके अलावा एक और आरोपी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है. इस छापे के दौरान पुलिस ने मादक पदार्थों के अलावा अन्य सामान भी जब्त किया है.

महाराष्ट्र के लातूर में पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को मेफेड्रोन के साथ गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी सूत मिल इलाके में एक घर पर छापे के दौरान की गई. आरोपियों के कब्जे से लगभग 16.36 ग्राम मेफेड्रोन बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 81,800 रुपये बताई गई है.

पुलिस के अनुसार, गिरफ्त में आए तीनों में एक महिला भी शामिल है. इसके अलावा एक और आरोपी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है. इस छापे के दौरान पुलिस ने मादक पदार्थों के अलावा अन्य सामान भी जब्त किया है, जिसकी कीमत लगभग 2.82 लाख रुपये बताई गई है. पुलिस का कहना है कि यह सामान ड्रग्स के कारोबार के लिए इस्तेमाल हो रहा था.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक क्राइम ब्रांच की टीम ने सूत मिल इलाके में एक संदिग्ध स्थान पर छापा मारा था, जहां से मेफेड्रोन और अन्य सामान बरामद हुआ. इस कार्रवाई में पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक सबस्टेंसेस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष अभियान शुरू कर दिया है.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि मेफेड्रोन एक खतरनाक मादक पदार्थ है, जो युवाओं में तेजी से फैल रहा है और इसके सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए, इस तरह के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जा रही है ताकि नशे के कारोबार को रोका जा सके और समाज को सुरक्षित बनाया जा सके.

पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से भी अपील की है कि वो किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके. साथ ही, यह भी कहा गया कि नशे के खिलाफ सतर्कता और सहयोग से ही एक सुरक्षित समाज का निर्माण हो सकता है.

LIFESTYLE : पीरियड्स में डार्क चॉकलेट क्यों खाना फायदेमंद होता है, एक्सपर्ट ने गिनाई ये 3 वजहें

पीरियड्स में महिलाओं को पेट, कमर और पैर में दर्द होना आम बात है. लेकिन कई बार ये दर्द इतना ज्यादा होता है कि इसे बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है. हालांकि कुछ खाद्य पदार्थ ऐंठन से जुड़ी सूजन और मांसपेशियों के खिंचाव को कम करके पीरियड्स के दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं जिनमें चॉकलेट, खासतौर पर डार्क चॉकलेट शामिल है.

पीरियड्स में महिलाओं को पेट, कमर और पैर में दर्द होना आम बात है. लेकिन कई बार ये दर्द इतना ज्यादा होता है कि इसे बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है. हालांकि कुछ खाद्य पदार्थ ऐंठन से जुड़ी सूजन और मांसपेशियों के खिंचाव को कम करके पीरियड्स के दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं जिनमें चॉकलेट, खासतौर पर डार्क चॉकलेट शामिल है.

इसलिए अगली बार जब आपको पीरियड्स में डार्क चॉकलेट खाने की इच्छा हो तो इसे खाने में हिचकिचाहट ना करें क्योंकि इसे खाने से आपको कई फायदे हो सकते हैं. पोषण विशेषज्ञ दीपशिखा जैन ने एक वीडियो में ये जानकारी दी है.

पीरियड्स के दौरान डार्क चॉकलेट क्यों खानी चाहिए
हाल ही में को शेयर किए गए एक वीडियो में उन्होंने बताया, डार्क चॉकलेट में मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में होता है, जो पीरियड्स के दौरान होने वाली ऐंठन/मतली या बेचैनी को कम करने में मदद करता है. यह मूड अच्छा करने में भी मदद करता है जिससे मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम/पीएमएस ( पीरियड्स से पहले होने वाले मूड स्विंग, बार-बार कुछ खाने की लालसा, थकान, चिड़चिड़ापन और अवसाद के लक्षणों वाली दिक्कत) में यह काफी मददगार है.

1-डार्क चॉकलेट मैग्नीशियम का एक बहुत अच्छा स्रोत है जो मांसपेशियों के खिंचाव को कम करने में मदद करता है इसलिए पीरियड्स के दौरान ऐंठन भ कम महूसस होती है.

2. मैग्नीशियम आपके सेरोटोनिन के स्तर को भी बढ़ाता है जिससे आप बहुत खुश और शांत महसूस करते हैं.

3. इतना ही नहीं, बल्कि डार्क चॉकलेट एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है जो सूजन और पीरियड्स के दौरान होने वाली किसी भी तरह की परेशानी को कम करने में मदद करती है.

जब उनके फॉलोअर्स ने पूछा कि इन लाभों को पाने के लिए डार्क चॉकलेट बार में कोको सॉलिड्स का कितना प्रतिशत होना चाहिए तो दीपसिखा ने 70-80 प्रतिशत या उससे ज्यादा का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि डार्क चॉकलेट बार का कोई भी ब्रांड ठीक है, बशर्ते उसमें कोको सॉलिड्स का ऊपर बताए गए प्रतिशत के बराबर हो. उन्होंने कहा कि 2 से 3 पीस खाए जा सकते हैं.

 

NATIONAL : चारधाम यात्रा पर कोरोना का साया? उत्तराखंड में सामने आए कोविड के 2 मामले

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उत्तराखंड स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने बताया कि उत्तराखंड में अभी कोई एक्टिव केस नहीं है, लेकिन अन्य राज्यों से आए दो मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है.

उत्तराखंड में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण की आहट सुनाई देने लगी है राज्य में कोविड-19 के दो नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है, खास तौर पर चारधाम यात्रा को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि हर साल लाखों श्रद्धालु देशभर से उत्तराखंड पहुंचते हैं, ऐसे में संक्रमण फैलने की चिंता बढ़ जाता है,

उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में देहरादून और नैनीताल जिलों में दो मरीजों में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है इन दोनों मरीजों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है राज्य के अस्पतालों में पहले से ही कोविड प्रोटोकॉल को दोबारा लागू करने की संभावना बाद गई है.

उत्तराखंड स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने बताया कि देश में अब तक लगभग कोरोना संक्रमण के कुल 277 मामले सामने आ चुके हैं. ये मामले तमिलनाडु, महाराष्ट्र और केरल में देखे गए हैं. उत्तराखंड में अभी कोई एक्टिव केस नहीं है, लेकिन अन्य राज्यों से आए दो मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है.

राज्य सरकार ने जिलों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने स्तर पर कोविड जांच और चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा करें. इसके साथ ही चारधाम यात्रा मार्गों पर मौजूद स्वास्थ्य केंद्रों को भी सक्रिय किया जा रहा है. आने वाले दिनों में यदि संक्रमण के मामले बढ़ते हैं तो यात्रा को लेकर नई गाइडलाइन जारी की जा सकती है. इन मामलों के सामने आने के बाद फिलहाल यात्रा प्रभावित नहीं हुई है ओर न यात्रा प्रभावित होने की कोई संभावना है, स्वास्थ्य विभाग में सभी से एहतियात बरतने की अपील की है.

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे कोविड के पुराने नियमों का पालन करें, जैसे कि मास्क पहनना हाथ धोना और सामाजिक दूरी बनाए रखना. इसके साथ ही जो लोग चारधाम यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपनी स्वास्थ्य जांच पहले से करवा लेनी चाहिए और भीड़भाड़ से बचना चाहिए. कुल मिलाकर, चारधाम यात्रा 2025 से पहले कोरोना के ये नए मामले राज्य प्रशासन के लिए एक चेतावनी के रूप में देखे जा रहे हैं. अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में सरकार और स्वास्थ्य विभाग मिलकर किस तरह से इस चुनौती का सामना करते हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं.

ENTERTAINMENT : ‘…शूट ही मत करो’, अमिताभ बच्चन को नहीं था ‘कजरा रे’ गाने पर भरोसा, फिर कैसे हुआ सुपरहिट

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अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन का गाना ‘कजरा रे’ हिंदी सिनेमा का सबसे आइकॉनिक आइटेम सॉन्ग है. लेकिन एक समय ऐसा था जब बिग बी को इस गाने पर भरोसा नहीं था. हाल ही में फिल्म ‘बंटी और बबली’ के डायरेक्टर ने इसके पीछे की कहानी सुनाई है.

साल 2005 में बॉलीवुड की फिल्म ‘बंटी और बबली’ रिलीज हुई जिसे ऑडियंस का खूब प्यार मिला. फिल्म में अभिषेक बच्चन और रानी मुखर्जी की केमिस्ट्री को काफी पंसद किया गया. मगर उससे ज्यादा इसका एक आइटम सॉन्ग ‘कजरा रे’ काफी पॉपुलर हुआ, जो बाद में जाकर आइकॉनिक बना. इस गाने में ऐश्वर्या राय के एक्सप्रेशन, अमिताभ बच्चन का स्वैग और अभिषेक बच्चन का डांस फैंस ने काफी पसंद किया था.

‘कजरा रे’ गाना सुनने और देखने में जितना मजेदार था, उतनी ही मजेदार और रोचक इसे बनाने की कहानी भी है. हाल ही में फिल्म के डायरेक्टर शाद अली ने ‘स्क्रीन’ संग बातचीत में ‘कजरा रे’ गाने से जुड़ी बातें शेयर की. उन्होंने बताया कि गाने पर फिल्म के मेकर्स यश राज फिल्म्स और अमिताभ बच्चन को बिल्कुल भरोसा नहीं था. उन्हें उम्मीद थी कि ये गाना फिल्म में सबसे कम पॉपुलर होगा. शाद ने कहा, ‘जब मैंने कजरा रे गाने के पहले आठ सेकेंड सुने थे, मुझे तभी पता चल गया था कि ये कमाल करने वाला है.’

‘लेकिन यश राज को ऐसा बिल्कुल नहीं लग रहा था. वो सोच रहे थे कि ये सबसे कम पॉपुलर होगा. अमित जी (अमिताभ बच्चन) ने कहा था कि ये गाना शूट ही मत करो. मैं उस दौरान अपनी सोच पर डंटा रहा. मैंने जब उन्होंने गाना सुनने के लिए बुलाया, तो उन्होंने कहा कि ये नहीं चलेगा. गाने को लेकर उनके कुछ सुझाव भी थे जैसे ये गाना बीच में अचानक शुरू हो जाता है इसलिए इसपर दोबारा काम करने की जरूरत है.’

शाद आगे बताते हैं कि बिग बी काफी सोच विचार करने के बाद आखिरकार गाना शूट करने के लिए मान जाते हैं. जब उनकी फिल्म रिलीज हुई, तब जाकर सुपरस्टार को अपनी गलती का एहसास हुआ. जिसके बाद उन्होंने डायरेक्टर से माफी भी मांगी. शाद ने बताया, ‘अमित जी ने इस गाने में जहां से उनके पार्ट की शुरुआत होती है, जुगलबंदी भी वो सबकुछ किया. मैं चाहता था कि वो अपनी आवाज में इस गाने को गाएं, मगर उन्होंने मना किया और शंकर महादेवन से गाने को कहा.’

‘कुछ समय के बाद, वो अपनी फिल्म का कोई गाना शूट कर रहे थे, शायद कभी अल्विदा ना कहना फिल्म थी, मुझे ठीक से याद नहीं. उन्होंने मुझसे कहा कि ये होता है आइटम सॉन्ग. मैंने सोचा कि ठीक है. खैर, इसके बाद बंटी और बबली फिल्म रिलीज हुई और गाना हिट हुआ. तभी अमित जी का मुझे मैसेज आया कि मुझे माफ करना, मैंने गलत सोच लिया था. लेकिन कजरा रे सॉन्ग आज जितना पॉपुलर है, वो उनके बिना शायद उतना नहीं होता.’

‘कजरा रे’ गाना की पॉपुलैरिटी पूरी दुनिया में इतनी है कि यूट्यूब पर इसके करीब 600 मिलियन से भी ज्यादा व्यूज हैं. इस गाने को शंकर-एहसान-लॉय ने कंपोज किया था. वहीं इसके लिरिक्स गुलजार ने लिखे थे. ‘कजरा रे’ गाना शंकर महादेवन के साथ जावेद अली और अलीशा चिनॉय ने गाया था.

SPORTS : नवजोत सिंह सिद्धू ने गौतम गंभीर को दी नसीहत, नए टेस्ट कप्तान पर जो कहा सुनकर चौंक जाएंगे

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भारतीय टीम का नया टेस्ट कप्तान कौन बनेगा? रिपोर्ट्स की मानें तो कप्तानी की रेस में शुभमन गिल (Shubman Gill Test Captain) सबसे आगे चल रहे हैं. BCCI बहुत जल्द इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का एलान कर सकती है, साथ ही नए टेस्ट कप्तान के नाम पर भी मुहर लगाई जा सकती है. अब भारत के पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने हेड कोच गौतम गंभीर को सलाह दी है कि गिल को कप्तान बनाया जाता है तो उन्हें बहुत ज्यादा ‘प्रोटेक्ट’ करने की कोई आवश्यकता नहीं है.

गौतम गंभीर पहले भी शुभमन गिल के लिए सपोर्ट दिखा चुके हैं. इस पर चर्चा करते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “मैं गिल के खेल का प्रशंसक हूं, लेकिन बतौर बल्लेबाज. अगर आप उन्हें टेस्ट टीम का कप्तान बनाना चाहते हैं तो उनसे ओपनिंग या फिर उन्हें 3 नंबर पर भेजिये. उसके बाद उन्हें बहुत ज्यादा ‘प्रोटेक्ट’ करने की जरूरत नहीं है.”

सिद्धू ने आगे कहा कि, “उसके बाद आपको परखना होगा कि गिल कैसे कप्तान बनते हैं. हम उनमें एक साल का समय इन्वेस्ट करें और उनसे ओपनिंग करवाएं. उसके बाद यह नहीं होना चाहिए कि उन्हें विराट कोहली की जगह दोबारा से परखा जाए. आप ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि यह बहुत गलत बात होगी.”

नवजोत सिंह सिद्धू का मानना है कि एक अच्छे खिलाड़ी और कप्तान को रक्षण की जरूरत नहीं होती. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर सरफराज खान गए थे, मैं श्रेयस अय्यर को खिलाऊंगा. आप अय्यर को नहीं रखना चाहते तो करुण नायर को लाइये. इस दिग्गज क्रिकेटर ने केएल राहुल को नंबर-4 पर खिलाने की सलाह दी है. बता दें कि अब तक विराट कोहली चौथे क्रम पर बैटिंग कर रहे थे.

 

NATIONAL : पहलगाम हमले में मार गए शुभम के परिवार से मिले असम के मंत्री, पत्नी ऐशान्या को दिया 5 लाख का चेक

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पहलगाम आतंकी हमले में जान गवाने वाले शुभम द्विवेदी के परिवार के लोगों से असम सरकार के मंत्री रंजीत कुमार दास ने मुलाकात की. मंत्री ने परिवार के लोगों को ढाढ़स बंधाया.

पहलगाम में पिछले महीने 22 तारीख को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को गहरा घाव दिया है. इस आतंकवादियों ने आतंकी हमले में कई बेगुनाहों को मौत की नींद सुला दिया. जान गवाने वालों में उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले शुभम द्विवेदी का नाम भी शामिल था. आज असम सरकार के मंत्री रंजीत कुमार दास ने शुभम के घर पहुंचकर उनके परिवार वालों से मुलाकात की. मंत्री रंजीत कुमार दास ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार के लोगों को ढाढ़स बंधाया और परिवार को 5 लाख का चेक सौंपा.

असम के मंत्री रंजीत कुमार दास ने इस मुलाकात को लेकर एक्स पर लिखा-“उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्वर्गीय शुभम द्विवेदी के परिवार से मुलाकात की, जिन्होंने पहलगाम आतंकी हमले में दुखद रूप से अपनी जान गंवा दी. मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा और असम के लोगों की ओर से मैंने हार्दिक संवेदना व्यक्त की और हमारी एकजुटता के प्रतीक के रूप में 5 लाख का चेक सौंपा. असम इस अपूरणीय क्षति की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है. राष्ट्र के लिए उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा.”

पहलगाम आतंकी हमले में जान गवाने वाले शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या द्विवेदी ने मंत्री रंजीत कुमार दास के दौरे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या द्विवेदी ने कहा, “वे शुभम को श्रद्धांजलि देने और हमारे परिवार को भावनात्मक समर्थन देने के लिए यहां आए थे. उन्होंने हमारे साथ बहुत अच्छी तरह से बात की और हमारे परिवार की मदद भी की. मैं इसके लिए उनका धन्यवाद करती हूं.”

गौरतलब है कि बीते 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहगाम की बैसरन घाटी में आंतक वादियों ने सैलानियों को चुन-चुन कर गोली मारी थी और मौत के घाट उतारा था. इस हमले में कई परिवार के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए. पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में पूरे देश गुस्सा था. पूरा देश इस मामले में सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद 7 मई को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत कार्रवाई करते हुए पीओके और पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था. भारतीय सेना की इस कार्रवाई में कई आतंकी मिट्टी में मिलाए गए थे. ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान ने भारत के रिहायशी इलाकों का टारगेट कर हमला किया. हालांकि भारतीय सेना पाकिस्तान के हर हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया.

 

ENTERTAINMENT : अकेलेपन-बढ़े वजन से परेशान थे मुकुल देव, 54 की उम्र में कैसे हुई मौत? विंदू दारा सिंह बोले- सफलता…

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मुकुल देव के निधन की खबर ने उनके चाहने वालों को बड़ा सदमा दिया है. सन ऑफ सरदार में मुकुल देव संग काम कर चुके विंदू दारा सिंह भी एक्टर के निधन से शॉक हैं. उन्होंने बताया कि वो अकेलेपन से जूझ रहे थे.

24 मई का दिन फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहद दुखद रहा. फिल्मों और टेलीविजन का जाना-माना चेहरा मुकुल देव का निधन हो गया है. 54 साल की उम्र में एक्टर ने आखिरी सांस ली. मुकुल देव अब हमारे बीच नहीं रहे, ये जानने के बाद उनके चाहने वालों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है. एक्टर करीबी दोस्त विंदू दारा भी शॉक में हैं.

विंदू दादा सिंह ने सन ऑफ सरदार में मुकुल देव संग काम किया है. सन ऑफ सरदार के दूसरे पार्ट में भी दोनों ने साथ काम किया. ईटाम्स को दिए इंटरव्यू में विंदू दारा सिंह ने कहा- फिल्म में मुकुल ने जबरदस्त काम किया है. लोग उनका काम देखकर खूब हंसने वाले हैं. पर दुख की बात ये है कि अपनी सक्सेस देखने के लिए वो हमारे बीच नहीं होंगे.

उनसे पूछा गया कि क्या वो किसी बीमारी से जूझ रहे थे. इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि उन्हें कोई बीमारी थी. पर हां वो शराब बहुत पीते थे और गुटखा भी खाते थे. वो अकेलेपन से परेशान थे और उनका वजन भी बढ़ गया था. उनकी एक बेटी है, लेकिन वो उनके साथ नहीं रहती थी. वो सन ऑफ सरदार से कमबैक करने वाले थे, लेकिन आगे की सफलता देखने से पहले ही ये दुखद खबर सामने आ गई.

मुकुल देव भले ही लंबे समय से पर्दे से दूर थे, लेकिन उन्होंने जितने भी शोज और फिल्में कीं, उसमें अपनी अदाकारी से फैन्स का दिल जीत लिया. विंदू दारा सिंह के अलावा दीपशिखा नागपाल और मनोज बाजपेयी ने भी एक्टर के निधन पर दुख जताया है.

मुकुल देव का जन्म पंजाबी परिवार में हुआ था. उनके पिता हरि देव पुलिस में असिटेंट कमिश्नर थे. मुकुल ने 1996 में टीवी शो ‘मुमकिन’ से डेब्यू किया था. शो में उन्हें विजय पांड के रोल में पहचान मिली. टीवी शोज में अपनी पहचान बनाने के बाद 1996 में फिल्म ‘दस्तक’ से उन्हें बड़े पर्दे पर दस्तक दी. हिंदी सिनेमा के अलावा उन्होंने पंजाबी, बंगाली, मलयालम, कन्नड़ और तेलुगु इंडस्ट्री में भी काम किया है.

मुकुल देव भले ही लंबे समय से पर्दे से दूर थे, लेकिन उन्होंने जितने भी शोज और फिल्में की अपनी अदाकारी से फैन्स का दिल जीत लिया.

NATIONAL : महोबा में प्रेमी युगल ने उठाया खौफनाक कदम, कोल्डड्रिंक का मामूली विवाद बना मौत की वजह

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प्रदेश के महोबा जनपद के चरखारी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चिंतेपुरा में प्रेमी युगल ने कोल्डड्रिंक के मामूली विवाद को लेकर फांसी लगा ली. पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा.

महोबा जनपद के चरखारी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चिंतेपुरा में शुक्रवार की रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे एक प्रेमी युगल ने कोल्डड्रिंक को लेकर हुए विवाद के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक युवक की उम्र 18 वर्ष और किशोरी की उम्र मात्र 16 वर्ष बताई जा रही है. बताया जाता है कि दोनों ने मंदिर में शादी कर ली थी और अब साथ में रह रहे थे.

आपको बता दें कि चिंतेपुरा निवासी सुरेंद्र कुमार अहिरवार का 18 वर्षीय बेटा धीरेन्द्र और चंद्रपुरा निवासी अजय कुमार की 16 वर्षीय पुत्री सोनिया करीब ढाई माह से साथ रह रहे थे. दोनों की मुलाकात एक शादी समारोह के दौरान हुई थी, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई. शुरू में परिजनों ने विरोध किया, मगर सोनिया की जिद के आगे पिता को झुकना पड़ा और उसने बेटी को धीरेन्द्र के पास छोड़ दिया.

बीती देर रात सोनिया ने कोल्डड्रिंक पीने की जिद की. धीरेन्द्र कोल्डड्रिंक लेकर आया, लेकिन किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई. गुस्से में सोनिया ने बोतल फेंक दी, जिससे आहत होकर धीरेन्द्र ऊपर वाले कमरे में गया और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. जब सोनिया कमरे में पहुंची और प्रेमी को फंदे पर झूलता देखा तो घबरा गई. उसने तुरंत नीचे जाकर घर में मौजूद दादी को जानकारी दी. मोहल्ले वालों को बुलाया गया, लेकिन जब तक सभी ऊपर पहुंचते, सोनिया ने भी नीचे के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी.

घटना की सूचना पाकर कोतवाली प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह व चौकी इंचार्ज चंद्रशेखर सिंह मौके पर पहुंचे. नायब तहसीलदार आलोक मिश्रा की मौजूदगी में शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए महोबा भेजा गया. इस हृदय विदारक घटना से पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई है. बताया जाता है कि दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार करते थे और साथ जीने मरने की कसमें खाया करते थे, इनकी मोहब्बत ढाई महीने में परवान भी न चढ़ पाई और दोनों की मौत से मातम पसर गया.

घटना के समय धीरेन्द्र के माता-पिता शादी समारोह में शामिल होने बाहर गए हुए थे, जबकि बड़ा भाई दिल्ली में रहता है. इस मामले को लेकर एएसपी वंदना सिंह ने बताया कि कोल्डड्रिंक के मामूली विवाद में दोनों ने फांसी लगाई जिससे उनकी मौत हो गई है. शवों का पंचनामा भर पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जा रही है और पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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