Wednesday, June 24, 2026
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ENTERTAINMENT : नेगेटिव रोल से लूटा था फेम, फिर कर्ज में डूब गई थीं ये हसीना, गाड़ी में गुजारनी पड़ी थी चार रातें, पहचाना?

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आज हम आपको टीवी की एक ऐसी एक्ट्रेस से मिलवा रहे हैं. जिनका करियर नेगेटिव रोल से शुरू हुआ और खूब फेम भी मिला, फिर भी वो कई साल कर्जे में रही.

टीवी हो या बॉलीवुड दोनों की जगह अपनी पहचान बनाने के लिए एक्टर्स को काफी स्ट्रगल करना पड़ता है. हालांकि कई बार फेम और शोहरत पाने के बाद भी स्टार्स को संघर्ष का दौर देखना पड़ता है. आज ऐसी ही एक टीवी एक्ट्रेस की बात करेंगे. जिसने सालों तक टीवी पर राज किया और फिर भी करोड़ों के कर्ज में डूब गई थीं.

आज हम बात कर रहे हैं टीवी की पॉपुलर और फैंस की चहेती एक्ट्रेस रश्मि देसाई की. एक्ट्रेस के करियर की शुरुआत साल 2008 में टीवी शो ‘उतरन’ से हुई थी. इस शो में उन्होंने तपस्या नाम की लड़की का रोल निभाया था. जो नेगेटिव था. बावजूद इसके उन्होंने अपनी एक्टिंग से लोगों का खूब दिल जीता और सालों तक शो के जरिए टीवी पर राज किया.

लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि फेम पाने के बाद रश्मि की लाइफ में एक ऐसा दौर आया. जब वो करोड़ों रुपए के कर्ज में डूब गई थी. इसका खुलासा बिग बॉस में भी हुआ था. साथ ही एक्ट्रेस ने दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में भी बताया था कि वो बैंकरप्ट हो चुकी हैं. उस दौरान उन्होंने बहुत बुरा वक्त देखा था.

एक्ट्रेस ने बताया कि ये किस्सा साल 2017 का था. जब उनके सारे पैसे खत्म हो गए थे. तब उनपर करोड़ों का लोन हो गया था. उस दौरान कई लोगों ने एक्ट्रेस को धोखा दिया था.इस वजह से उनके पास रहने के लिए घर भी नहीं बचा था और उन्होंने 4 दिन कार में रहकर रातें काटी थी.

बता दें कि रश्मि देसाई ने अपने कोस्टार एक्टर नंदीश संधू से शादी की थी. लेकिन शादी के 4 साल बाद दोनों का तलाक हो गया. इसके बाद वो अरहान खान संग कुछ वक्त रिश्ते में रही. लेकिन दोनों का रिश्ता ज्यादा नहीं चल पाया.

 

NATIONAL : Jharkhand में एक ही परिवार के पति-पत्नी समेत 4 ने की आत्महत्या, मृतक के पिता का बड़ा खुलासा

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मृतक कृष्ण कुमार के पिता सुभेंद्र तिवारी ने बताया कि शुक्रवार की रात से ही बेटे का पूरा परिवार घर से बाहर नहीं निकला. दरवाजा तोड़कर देखा तो चारों फंदे से झूलते नजर आए.

झारखंड के सरायकेला जिले के आदित्यपुर थाना अंतर्गत गम्हरिया चित्रगुप्त नगर से एक दिल दहला देने वाला मामला प्रकाश में आया है. मामला यह है कि टाटा स्टील कंपनी में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत और कैंसर पीड़ित कृष्ण कुमार ने अपनी पत्नी और दो बेटियों सहित फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद से इलाके के लोग सदमे में हैं.

एक ही परिवार के चार लोगों द्वारा एक साथ फांसी लगाने की घटना आग की तरह इलाके में फैल गई. इसकी सूचना मिलते ही मजिस्ट्रेट के तौर पर गम्हरिया के अंचल अधिकारी कुमार अरविंद बेदिया, आदित्यपुर थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंचे.

सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना पुलिस ने चारों के शव को कब्जे में लेकर मामले की तफ्तीश में जुटी है. घटना की जानकारी देते हुए मृतक के पिता सुभेंद्र तिवारी ने बताया कि उनके पुत्र कृष्ण कुमार टाटा स्टील में सीनियर मैनेजर थे. उन्हें कैंसर की बीमारी थी. पुत्रवधू डोली देवी के कहने पर अपने पुत्र को फ्लाइट से मुंबई कैंसर का इलाज कराने लेकर गए थे. वहां चिकित्सकों ने बताया कि कीमोथेरेपी करानी होगी.

सुभेंद्र तिवारी ने आगे कहा कि कीमोथेरेपी की सुविधा जमशेदपुर में भी उपलब्ध है. उसके बाद फ्लाइट से अपने पुत्र को लेकर जमशेदपुर पहुंचे. कीमोथेरेपी के लिए उन्हें अस्पताल में एडमिट होना पड़ता. इसके लिए उन्होंने कंपनी में आवेदन भी दिया था. इसी बीच कल रात से ही बेटे का पूरा परिवार घर से बाहर नहीं निकला.

हम लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी. आज देर रात जब पुलिस पहुंची और कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो उनके उनके पुत्र कृष्ण कुमार (40 वर्ष) पुत्रवधू डोली देवी (35 वर्ष) पौत्री पूजा कुमारी और 7 वर्षीय पौत्री मैइयां फंदे से झूलते नजर आए.

इस घटना के बाद पूरे कॉलोनी में सनसनी फैल गई. फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. मौके पर मौजूद मजिस्ट्रेट कुमार अरविंद बेदिया ने बताया कि फिलहाल शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया जा रहा है. जांच के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा.

 

NATIONAL : सैन्यकर्मियों को न्यूक्लियर मेडिसिन पढ़ाएगा DU, आर्मी हॉस्पिटल के साथ ऐतिहासिक साझेदारी

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बीएससी इन न्यूक्लियर मेडिसिन टेक्नोलॉजी कोर्स तीन साल को होगा. ये कोर्स रेडियोलॉजी विभाग द्वारा संचालित किया जाएगा. इस कोर्स के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार का भारतीय सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (AFMS) में कार्यरत होना चाहिए.

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने एक महत्वपूर्ण पहल के तहत न्यूक्लियर मेडिसिन में विशेष पढ़ाई शुरू करने का फैसला किया है. यह कोर्स आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) के सहयोग से शुरू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य देश के सैन्यकर्मियों और चिकित्सा क्षेत्र में विशेषज्ञता को बढ़ावा देना है. डीयू के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह और कार्यकारी परिषद (एग्जीक्यूटिव काउंसिल) ने शुक्रवार को डीयू कार्यकारी परिषद यानी ईसी की 1275वीं बैठक में इस इस ऐतिहासिक निर्णय को मंजूरी दी है, जो विश्वविद्यालय को चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

मिली जानकारी के अनुसार, बीएससी इन न्यूक्लियर मेडिसिन टेक्नोलॉजी कोर्स तीन साल को होगा. ये कोर्स रेडियोलॉजी विभाग द्वारा संचालित किया जाएगा. छात्रों को एक साल की इंटर्नशिप करने का मौका भी दिया जाएगा. न्यूक्लियर मेडिसिन एक विशेष चिकित्सा क्षेत्र है, जिसमें रेडियोन्यूक्लाइड्स का उपयोग विभिन्न रोगों, जैसे कैंसर, हृदय रोग और न्यूरोलॉजिकल विकारों के निदान और उपचार के लिए किया जाता है. यह कोर्स छात्रों को रेडियोधर्मी पदार्थों के सुरक्षित उपयोग, गैर-आक्रामक इमेजिंग तकनीकों और नैदानिक प्रक्रियाओं में प्रशिक्षित करेगा. डीयू द्वारा शुरू किया गया यह कोर्स न केवल चिकित्सा शिक्षा में नई संभावनाएं खोलेगा, बल्कि सैन्य और नागरिक स्वास्थ्य सेवाओं में भी योगदान देगा.

इस कोर्स के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार का भारतीय सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (AFMS) में कार्यरत होना चाहिए, यहां उसकी सेवा 6 साल पूरी होनी चाहिए और उसका सर्विस रिकॉर्ड भी अच्छा होना चाहिए. इसके अलावा उम्मीदवार का CBSE, CISCE या अन्य किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी/ बॉटनी और जूलॉजी विषयों के साथ कम से कम 50% अंकों के साथ पास होना जरूरी है. 12वीं में अंग्रेजी भी अनिवार्य है. हालांकि खाली सीटों पर संबंधित मेडिकल सेवाओं में समकक्ष मानदंडों के आधार पर भारतीय वायु सेना औऱ नौसेना के चिकित्सा सहायकों को भी एडमिशन दिया जा सकता है.

 

NATIONAL : वाराणसी में तेंदुए का आतंक: अब तक 3 लोग जख्मी, बच्चे महिलाएं घरों के भीतर रहने को मजबूर

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वाराणसी के चौबेपुर से लेकर चिरईगांव तक तेंदूए के डर के कारण लोग लाठी डंडे लेकर घर के बाहर पहरा दे रहा हैं. तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग की कई टीमों को बुलाया गया है.

हालांकि इसको लेकर अलग-अलग गांव में लोगों के बीच खौफ देखा जा रहा है. निकटतम थानों की पुलिस फोर्स लोगों की सुरक्षा के लिए गांव में तैनात की गई है. इसके अलावा अपने जानमाल की सुरक्षा के लिए लोग खुद भी लाठी डंडे लेकर देर रात तक निगरानी करते नजर आ रहे हैं.

चिरईगांव के ग्राम प्रधान रमेश सोनकर ने घटना के बारे जानकारी देते हुए बताया कि, तेंदुआ के बारे में जानकारी मिलते ही लोगों के बीच खौफ का माहौल है. अब तक इसने 3 लोगों को जख्मी किया है. पुलिस प्रशासन की टीम भी गांव में तैनात की गई है. साथ ही साथ वन विभाग की टीम लगातार तेंदुआ को पकड़ने के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन अभी भी तेंदुआ पकड़ से बाहर है. इसके अलावा महिलाओं बच्चों को भी रात के समय खासतौर पर बाहर निकलने से मना किया गया है. इसके अलावा दूसरे शहरों से भी तेंदुआ पकड़ने के लिए स्पेशल टीम बुलाई जा रही है.

करीब 24 घंटे का वक्त बीत जाने के बाद भी तेंदुआ वन विभाग की पकड़ से बाहर है. इसको ध्यान में रखते हुए चौबेपुर से लेकर चिरईगांव तक लोग लाठी डंडे लाइट लेकर पहरा देते हुए नजर आ रहे हैं. वहीं जिन क्षेत्रों में तेंदुआ का लोकेशन बताया जा रहा है, वहां पर फोर्स की तैनाती के साथ-साथ लाइट का भी अस्थायी तौर पर बंदोबस्त किया जा रहा है. खेत खलिहान में रहने वाले लोगों में खासतौर पर इसको लेकर डर का माहौल है. ऐसे में अब देखना होगा कि तेंदुआ वन विभाग की पकड़ में कब तक आता है.

 

NATIONAL : ट्रक से भीषण टक्कर में उड़े कार के परखच्चे, पटना से आ रहे तीन लोगों की मौत, सीवान में पसरा मातम

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विदेश से आए शख्स को रिसीव कर लौट रही कार सड़क हादसे का शिकार हो गई. मौके पर कार में सवार तीन लोगों की मौत हो गई. हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए.

सीवान में गोरिया कोठी थाना क्षेत्र के अपराध सिसई मार्ग पर शनिवार (24 मई, 2025) की सुबह भीषण सड़क हादसा हुआ है. कार और ट्रक की टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए. आवाज से लोगों की मौके पर भीड़ लग गई.

कार में सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस को हादसे की सूचना दी गई. शवों को सदर अस्पताल भेजकर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है.जानकारी के मुताबिक अबरार मियां विदेश से पटना आ रहे थे. शुक्रवार (23 मई, 2025) की रात अबरार मियां को रिसीव करने हयातपुर गांव से लोग कार के जरिए एयरपोर्ट पहुंचे. रिसीव करने के बाद वापसी में भीषण सड़क हादसा हो गया. फिल्मी स्टाइल में ट्रक से कार की जोरदार भिड़ंत हो गई.

कार सवार तीन लोगों ने मौके पर दम तोड़ दिया. मृतकों में तेल व्यवसायी नूरैन का 38 वर्षीय बेटा बच्चू मियां और पथरु मियां का 40 वर्षीय बेटा आजाद मियां शामिल हैं. दोनों बिशुन पक्का मोड़ के रहने वाले थे. टक्कर की आवाज सुनकर ग्रामीणों की मौके पर भीड़ जुट गई. हादसे की सूचना पुलिस को दी गई.

मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज कर लोगों से पूछताछ की. हादसे के बाद कार में शव फंस गए थे. कड़ी मशक्कत के बाद शवों को कार से निकाला गया. पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को हटाकर आवागमन सुचारू किया. शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है. पुलिस ट्रक चालक की तलाश में जुट गई है. तीन लोगों की मौत से इलाके में मातम पसरा है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

 

UP : UP के बच्चों को बड़ी सौगात: योगी सरकार ने यूनिफॉर्म के लिए जारी किए 487 करोड़, इन छात्रों को होगा फायदा

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UP में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार के बच्चों को योगी सरकार निशुल्क में यूनिफॉर्म, जूते और बैग देगी. सीएम योगी 26 मई को एक कार्यक्रम में योजना के तहत बच्चों के परिजनों के खाते में पैसे भेजेगी.

योगी सरकार ने प्रदेश के करोड़ों बच्चों के लिए एक और राहत भरी घोषणा की है. राज्य सरकार ने कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को यूनिफॉर्म के लिए 487 करोड़ रुपये की बड़ी राशि जारी करने की मंजूरी दे दी है. सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 26 मई को लोक भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में इस योजना के तहत बच्चों के अभिभावकों के बैंक खातों में सीधे पैसे भेजेंगे.

इस योजना का लाभ प्रदेश के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को मिलेगा. यूनिफॉर्म के लिए यह धनराशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे छात्रों या उनके अभिभावकों के खातों में भेजी जाएगी ताकि कोई बिचौलिया न हो और पैसा सीधे जरूरतमंद तक पहुंचे.

सरकार की इस योजना के अंतर्गत सिर्फ यूनिफॉर्म ही नहीं बल्कि स्कूल बैग, जूते-मोजे और स्वेटर आदि की भी व्यवस्था की जाती है. हर साल शिक्षा विभाग छात्रों को इन वस्तुओं की खरीद के लिए राशि उनके बैंक खातों में भेजता है. पिछले वर्षों में भी इसी तरह डीबीटी के माध्यम से करोड़ों बच्चों को लाभ दिया जा चुका है.

यह पूरी प्रक्रिया बेसिक शिक्षा विभाग की निगरानी में होगी. विभाग ने पहले ही सभी जिलों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं कि पात्र छात्रों की सूची तैयार की जाए और उनके बैंक खातों को आधार से जोड़ा जाए ताकि ट्रांसफर में कोई दिक्कत न आए.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि उनकी सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी बच्चा स्कूल से वंचित न रह जाए. इसके लिए सरकार बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी हर बुनियादी जरूरत को पूरा करने के लिए कृतसंकल्प है. यही कारण है कि यूनिफॉर्म, बैग और मिड डे मील जैसी योजनाओं को और बेहतर बनाया जा रहा है.

उत्तर प्रदेश सरकार हर साल छात्रों को यूनिफॉर्म के लिए 1200 रुपये की राशि देती है, जिसमें दो यूनिफॉर्म, एक बैग, एक जोड़ी जूते, दो जोड़ी मोजे और एक स्वेटर शामिल होता है. इससे पहले वर्ष 2023 में भी लगभग इसी तर्ज पर 1.91 करोड़ बच्चों को लाभ पहुंचाया गया था. कुल मिलाकर, योगी सरकार की यह पहल गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

SPORTS : शुभमन गिल को टेस्ट टीम की कमान, ऋषभ पंत को भी बड़ी जिम्मेदारी… इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम का ऐलान

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आगामी इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया गया है. टीम की कमान शुभमन गिल को सौंपी गई है. जबकि ऋषभ पंत टीम के उप-कप्तान बनाए गए हैं.

भारतीय क्रिकेट टीम को अगले महीने इंग्लैंड दौरे पर जाना है, जहां उसे मेजबान टीम के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है. इस सीरीज के लिए 24 मई (शनिवार) को भारतीय टीम और नए टेस्ट कप्तान का ऐलान कर दिया गया. 18 सदस्यीय टीम की कमान शुभमन गिल को सौंपी गई है. वहीं विकेटकीपर ऋषभ पंत को उप-कप्तान बनाया गया है.

आईपीएल 2025 में शानदार प्रदर्शन कर रहे साई सुदर्शन और तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को पहली बार टेस्ट टीम जगह मिली है. करुण नायर को भी टीम में चुना गया है, जिनकी अरसे बाद वापसी हुई है. तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को फिटनेस संबंधी वजहों के चलते टीम में जगह नहीं मिली है. फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर की भी टेस्ट टीम में वापसी हुई है. वहीं श्रेयस अय्यर इस टीम का पार्ट नहीं हैं.जबकि सरफराज खान को भी जगह नहीं मिली है.

टीम सेलेक्शन के लिए बैठक मुंबई स्थित भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के हेडक्वार्टर में हुई.. बैठक में बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया और अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति के सदस्य शामिल हुए. मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजीत अगरकर ने भारतीय टीम का ऐलान किया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिव सुंदर दास भी उपस्थित थे.

इंग्लैंड दौरे के लिए 18 सदस्यीय भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत (उप-कप्तान/विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), अभिमन्यु ईश्वरन, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, करुण नायर, वॉशिंगटन सुंदर, आकाश दीप, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव.

इंग्लैंड की धरती पर भारतीय टीम का टेस्ट रिकॉर्ड बेहतर नहीं रहा है. इंग्लैंड के खिलाफ उसके घर में भारत ने अबतक (1932-2022) 67 टेस्ट मैच खेले है. इस दौरान उसे सिर्फ 9 टेस्ट में जीत मिली है, जबकि 36 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा. 22 मैच ड्रॉ भी रहे. एमएस धोनी (2011-2014) का कप्तान के तौर पर इंग्लैंड की धरती पर सबसे खराब रिकॉर्ड रहा. उनकी कप्तानी में इंग्लिश धरती पर भारत को 9 टेस्ट मैचों में से सिर्फ एक में जीत मिली, जबकि सात में हार का सामना करना पड़ा. एक मैच ड्रॉ पर छूटा.

भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज का पूरा शेड्यूल
पहला टेस्ट: 20-24 जून, 2025 – हेडिंग्ले, लीड्स
दूसरा टेस्ट: 2-6 जुलाई, 2025 – एजबेस्टन, बर्मिंघम
तीसरा टेस्ट: 10-14 जुलाई, 2025 – लॉर्ड्स, लंदन
चौथा टेस्ट: 23-27 जुलाई, 2025 – ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर
पांचवां टेस्ट: 31 जुलाई-4 अगस्त, 2025 – द ओवल, लंदन

NATIONAL : जमीन विवाद में 12 साल के बच्चे की गला रेतकर हत्या, रिश्तेदार गिरफ्तार

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चाईबासा में जमीन विवाद को लेकर 30 वर्षीय चंद्रमोहन बान सिंह ने अपने 12 साल के भतीजे अर्जुन बान सिंह की गला रेतकर हत्या कर दी. वारदात जुगिदारू गांव में हुई और अर्जुन की 9 वर्षीय बहन घटना की चश्मदीद बनी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चाकू बरामद किया है. मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में जमीन विवाद में गुरुवार शाम 30 वर्षीय एक व्यक्ति ने 12 साल के मासूम की गला रेतकर हत्या कर दी. घटना मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के जुगिदारू गांव की है, जहां आरोपी चंद्रमोहन बान सिंह ने अपने ही रिश्तेदार और पड़ोसी अर्जुन बान सिंह की हत्या कर दी.पुलिस अधीक्षक अशुतोष शेखर ने जानकारी दी कि आरोपी चंद्रमोहन गुरुवार शाम चाकू लेकर अर्जुन के घर में घुसा और उसकी गर्दन रेत दी. अर्जुन की मौके पर ही अधिक खून बहने के कारण मौत हो गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. साथ ही परि वार के शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई.

वहीं, घटना के समय अर्जुन की 9 वर्षीय बहन अनीता बान सिंह भी मौजूद थी, जिसने बाद में अपने माता-पिता को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. घटना के समय अर्जुन के माता-पिता बदलागिया हाट गए हुए थे. परिवार के अनुसार, आरोपी और मृतक के परिवार के बीच एक जमीन के टुकड़े को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था.

इसी के चलते दोनों के बीच झगड़े होते रहते थे. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और शुक्रवार को आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया. साथ ही हत्या में प्रयुक्त चाकू भी जब्त कर लिया गया है. पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

 

NATIONAL : अब मोबाइल लेकर देने जा सकेंगे वोट, इलेक्शन कमीशन देगा फोन जमा कराने की सुविधा

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निर्वाचन आयोग ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल का चलन और मतदान के दिन आम मतदाताओं, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगों के सामने आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए मतदान केंद्रों के ठीक बाहर मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा देने का निर्णय लिया गया है. ये आज की सच्चाई और जरूरत है.

अब वोट देने आप मोबाइल फोन साथ लेकर जा सकेंगे लेकिन सिर्फ बूथ के बाहर तक. वहां मोबाइल जमा करने का इंतजाम होगा. बूथ में घुसने से पहले आपके मोबाइल की जिम्मेदारी निर्वाचन आयोग की टीम ले लेगी. यानी आप वहां मोबाइल फोन जमाकर वोट डालने जाएं. स्याही लगवाकर वोट डालें और फिर सेल्फी लेकर आराम से निकल जाएं.

निर्वाचन आयोग के मुताबिक जल्द ही मतदाताओं की सुविधा के लिए पोलिंग बूथों पर मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा हो जाएगी. पहली बार ये सुविधा इस साल के तीसरे चरण में बिहार विधानसभा चुनाव से शुरू हो सकती है.

चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समावेशी बनाने के सिलसिले में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुआई में आयोग ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को पोलिंग बूथ परिसर के दरवाजे से 100 मीटर की दूरी पर अनौपचारिक मतदाता पहचान पर्चियां देने के लिए अस्थाई बूथ बनाने की सुविधा देने का भी निर्णय लिया है. अभी तक मतदान केंद्रों के प्रवेश द्वार से 200 मीटर की दूरी पर अनौपचारिक मतदाता पहचान पर्ची वाले बूथ होते हैं.

निर्वाचन आयोग ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल का चलन और मतदान के दिन आम मतदाताओं, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगों के सामने आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए मतदान केंद्रों के ठीक बाहर मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा देने का निर्णय लिया गया है. ये आज की सच्चाई और जरूरत है.

आयोग ने कहा कि मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे तक ही बंद अवस्था में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति होगी. प्रवेश द्वार के पास साधारण पिजनहोल बॉक्स या जूट बैग उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसमें मतदाता मोबाइल फोन जमा करा सकेंगे. मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की इजाजत नहीं होगी.

MAHARASHTRA : मुंबई में साइबर क्राइम का चौंकाने वाला मामला, कंपनी का सर्वर हैक, अब हैकर्स ने रखी ये शर्त

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सर्वर हैक की घटना उस समय उजागर हुई जब कंपनी के कर्मचारी और अधिकारी अपने आंतरिक सिस्टम में लॉगिन नहीं कर पा रहे थे. पासवर्ड रीसेट करने की कोशिश में पता चला कि सर्वर से डेटा गायब है.

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के कुर्ला इलाके से साइबर क्राइम की बड़ी घटना सामने आई है. इस घटना ने महानगर की साइबर सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक निजी विज्ञापन कंपनी के सर्वर में सेंध लगाकर साइबर हैकरों ने महत्वपूर्ण डेटा चुरा लिया और उसके बदले 4.25 लाख रुपये के बिटकॉइन की मांग की.

यह वारदात उस समय उजागर हुई जब कंपनी के कर्मचारी और अधिकारी अपने आंतरिक सिस्टम में लॉगिन नहीं कर पा रहे थे. पासवर्ड रीसेट करने की कोशिश में उन्हें पता चला कि सर्वर से पूरा डेटा गायब हो चुका है.

कंपनी से साइबर विशेषज्ञों मदद ली तो जांच में सामने आया कि हैकरों ने नेटवर्क अटैच्ड स्टोरेज को हैक कर सभी फाइलों को एन्क्रिप्ट कर दिया है. इसके बाद एक वर्ड डॉक्युमेंट मिला, जिसमें धमकी भरे संदेश के साथ एक लिंक था, जिससे डेटा फिर से प्राप्त किया जा सकता था. बशर्ते कंपनी बिटकॉइन में फिरौती चुकाए.

हैकरों ने खुद को “पेशेवर” बताते हुए लिखा कि भुगतान के बाद न सिर्फ डेटा मिलेगा, बल्कि भविष्य में साइबर हमलों से बचने की तकनीकी सलाह भी दी जाएगी. कंपनी को भुगतान का प्रमाण एक विशेष ईमेल पर भेजने का निर्देश भी दिया गया. घटना की गंभीरता को देखते हुए कंपनी ने सेंट्रल रीजन साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने आईटी एक्ट की धाराएं 65, 66, 43 (एफ), 43 (ए) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

फिलहाल, यह साफ नहीं है कि इस हमले के पीछे कौन है, लेकिन इस घटना ने यह दिखा दिया है कि अब निजी कंपनियां भी साइबर अपराधियों के निशाने पर हैं. इस केस से यह स्पष्ट होता है कि साइबर सुरक्षा को लेकर लापरवाही किसी के लिए महंगी साबित हो सकती है.

 

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