Wednesday, June 24, 2026
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ENTERTAINMENT : एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की वजह से हुआ तलाक? अब ऐसी जिंदगी जी रही ये हसीना

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टीवी इंडस्ट्री में कई ऐसी हसीनाएं हैं जिन्होंने पहले तो लव मैरिज शादी की, बाद में उनपर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का अरोप लगा. फिर, धीरे-धीरे शादीशुदा रिश्ते में दरार आने लगी और बात तलाक तक पहुंच गई.

टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस में से एक मानी जाती हैं संजीदा शेख. आखिरी बार संजीदा को संजय लीला भंसाली की हीरामंडी में देखा गया था. संजीदा एक हसीना थी, क्या होगा निम्मो का, लव का है इंतजार जैसे टॉप शोज में देखा गया था.छोटे पर्दे पर नाम कमाने के बाद संजीदा ने ओटीटी की तरफ अपना रुख किया.

एक्ट्रेस ने गहराइयां से 2017 में ओटीटी डेब्यू किया. इसके अलावा संजीदा को पोन्नयन सेल्वेन,पंख,अश्के,तैश और फाइटर जैसी फिल्मों में भी देखा जा चुका है. एक्ट्रेस अपनी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियां बटोर चुकी हैं.

संजीदा ने लंबे समय तक टीवी एक्टर आमिर अली को डेट किया था, उसके बाद 2012 में शादी की थी. शादी के बाद संजीदा और आमिर सरोगेसी के जरिए एक बेटी के माता-पिता बनें. हालांकि, कपल की शादी ज्यादा दिनों तक नहीं चली और 2020 में दोनों ने अलग होने का फैसला ले लिय 2020 में दोनों अलग रहने लगे थे लेकिन इनका तलाक 2022 में हुआ. रिपोर्ट के अनुसार संजीदा और आमिर के तलाक के पीछे की वजह हर्षवर्धन राणे संग एक्ट्रेस की नजदीकियों को बताया गया. बताया जाता है कि 2020 में हर्षवर्धन राणे के काफी करीब आ गई थीं संजीदा.

इसी का असर उनकी शादीशुदा जिंदगी पर हुआ और दोनों अलग हो गए. संजीदा और हर्षवर्धन के अफेयर खबरें तब आने लगीं जब दोनों ने गिर वेकेशन की तस्वीरें शेयर की थीं. दरअसल, उन तस्वीरों में सेम लोकेश और सेम बैकग्राउंड देखने को मिल रहा था.उन तस्वीरों में संजीदा की बेटी भी नजर आई थी. ऐसे में कयास लगाया जाने लगा कि संजीदा अपनी बेटी और हर्षवर्धन के संग वेकेशन पर गई हुई हैं. हालांकि, संजीदा और हर्षवर्धन ने हमेशा ही अफेयर की खबरों को नकारा.

 

GUJARAT : एक और PAK जासूस गिरफ्तार! गुजरात ATS की पकड़ में आरोपी, कच्छ बॉर्डर से लीक कर रहा था संवेदनशील जानकारी

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गुजरात ATS ने कच्छ सीमा से एक जासूस को गिरफ्तार किया है जो पाकिस्तान को संवेदनशील सूचनाएं भेज रहा था. मामले की जांच जारी है और आरोपी से जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द सामने लाई जाएगी.

गुजरात की आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने एक बार फिर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले एक जासूस को पकड़ने में सफलता हासिल की है. यह जासूस भारत-पाकिस्तान की कच्छ सीमा से पकड़ा गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, इस आरोपी का नाम सहदेव सिंह गोहिल है जो BSF और इंडियन एयरफोर्स की खुफिया जानकारी पाकिस्तान से साझा कर रहा था.

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह पाकिस्तान को भारत की संवेदनशील जानकारी मुहैया करा रहा था. इस गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अहमदाबाद लाया गया है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है.

सूत्रों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के संपर्क में था और उन्हें सीमा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भेज रहा था. यह कोई पहली घटना नहीं है जब गुजरात की सीमा से पाकिस्तानी खुफिया तंत्र से जुड़े व्यक्ति को पकड़ा गया हो. इससे पहले भी पोरबंदर क्षेत्र से एक जासूस को गिरफ्तार किया गया था. लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है.

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच 12 से 13 जासूस अब तक देश के अलग-अलग सीमावर्ती क्षेत्रों से पकड़े जा चुके हैं. सभी मामलों में एक समान पैटर्न देखा गया है, जिसमें पकड़े गए आरोपियों के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े पाए गए हैं. गुजरात में एक और जासूस की गिरफ्तारी यह संकेत देती है कि पाकिस्तान की तरफ से जासूसी नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने की कोशिशें जारी हैं.

ATS ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपी से जुड़ी विस्तृत जानकारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा की जाएगी. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस नेटवर्क के पीछे एक बड़ी साजिश हो सकती है, जिसे समय रहते बेनकाब करने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं. इस बीच, सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है.

 

NATIONAL : PM मोदी दे सकते हैं इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सौगात, पंतनगर में तैयारियां तेज

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पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार कार्यक्रम को लेकर तेजी से कार्य चल रहा है.पीएमओ और उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे कार्य की समीक्षा की जा रही हैं.

पंतनगर एयरपोर्ट को ग्रीन फील्ड अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने की घोषणा 2020 में की गई थी. तब से एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का काम किया जा रहा है. पिछले कुछ दिनों में पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार कार्यक्रम को लेकर तेजी से कार्य चल रहा है, विस्तारीकरण की जद्द में आएं बिल्डिंग को ध्वस्त किया जा रहा हैं. पीएमओ और उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे कार्य की समीक्षा की जा रही हैं, चर्चाएं हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखड़ की रजत जयंती के अवसर पर एयरपोर्ट का भूमि कर प्रदेश को सौगात देंगे.

कुमाऊं मंडल में ग्रीन फील्ड अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने के बाद कुमाऊं मंडल के साथ साथ रामपुर, बरेली और पीलीभीत जैसे यूपी के जनपदों में विकास की नई संभावनाएं उत्पन्न होगी.

उधम सिंह नगर जिले के पंतनगर एयरपोर्ट को मोदी सरकार 2.0 ने ग्रीन फील्ड अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने की घोषणा 2020 में की थीं. तब से ही एयरपोर्ट के विस्तारिकरण से लेकर उसकी जद्द में आएं भवनों के शिफ्टिकरण को लेकर तैयारियां शुरू हो गई थी, लेकिन पिछले कुछ महीनों में भवनों के शिफ्टिकरण को लेकर तेजी से कार्य चल रहा है, जिसमें भवनों को ध्वस्त किया जा रहा है. प्रशासन द्वारा पिछले कुछ महीनों में जिस तरह से तेज़ी दिखाई जा रही हैं उससे ये अनुमान लगाया जा रहा हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 नवंबर 2025 को उत्तराखंड की रजत जयंती के अवसर पर एयरपोर्ट का भूमिपूजन कर विस्तारीकरण की नींव रखेंगे. प्रदेश सरकार ने 804 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर लिया है, इसके लिए सरकार ने 188 करोड़ रुपए मुआवजा दिया गया है. अधिगृहित की गई भूमि में से 524 एकड़ भूमि को भारतीय विमानपत्तन अथारिटी को हस्तांतरित की जा चुकी है. इसमें से 103 एकड़ जमीन को एनएचएआई को आवंटित की जा चुकी है. एनएचएआई प्रशासन ने सड़क के शिफ्टिंग का कार्य शुरू कर दिया है.

पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारिकरण के लिए राज्य सरकार ने लोक निर्माण विभाग से 36 एकड़, सिडकुल से 46 एकड़, कृषि विभाग से 59.57 एकड़, पंतनगर विवि से 591 एकड़, लैंड कैटेगरी 56.40 एकड़ और बीज विकास निगम से 14.74 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया है. अब तक कुल 804 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हो चुका है, इसमें से 524 एकड़ भूमि को भारतीय विमानपत्तन अथारिटी को हस्तांतरित कर दी गई है.

पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारिकरण के बाद पार्किंग, संचार उपकरण, नाइट लैंडिंग, कार्गो, टर्मिनल भवन, बिजनेस लाउंज, चिकित्सा सुविधा, सहायता डेस्क, एटीएम करेंसी एक्सचेंज,वाई फाई, चार्जिंग प्वाइंट, कैफे, इमिग्रेशन,कस्टम, चेक इन, बोर्डिंग, सुरक्षा, किड्स प्ले एरिया और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होगी.

एयरपोर्ट के विस्तारिकरण के बाद उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के नैनीताल भीमताल कैंची धाम अल्मोड़ा बागेश्वर पिथौरागढ़ के पर्यटक स्थानों पर आने वाले सैलानियों की संख्या में इजाफा होगा. इसके साथ ही कुमाऊं मंडल के पहाड़ी, मैदानी इलाकों के साथ साथ यूपी के रामपुर, बरेली, मुरादाबाद और पीलीभीत जनपद में कारोबार को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में सहायक होगा.

जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने बताया कि पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारिकरण के कार्य को तेजी से किया जा रहा है. एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में आने वाले भवनों को ध्वस्त करने के सख्त निर्देश दिये गए हैं.

 

ENTERTAINMNET : ‘हेरा फेरी 3’ से ऑफिशियली बाहर हुए परेश रावल, हुआ 14.89 करोड़ का नुकसान, साथ में लौटाने पड़े 15% के ब्याज के साथ 11 लाख!

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फाइनली इस बात पर मुहर लग चुकी है कि परेश रावल हेरा फेरी 3 का पार्ट नहीं बनने वाले. उन्होंने मेकर्स को पूरा पैसा वापस कर दिया है वो भी ब्याज सहित.

हेरा फेरी 3 को लेकर पिछले हफ्ते एक दिल तोड़ने वाली खबर आई कि परेश रावल अब बाबू भईया के रोल में नहीं दिखेंगे. परेश रावल ने बॉलीवुड हंगामा के मुताबिक खुद इस बात की पुष्टि भी की थी. इसके बाद विवाद बढ़ा और फिल्म बनाने वाले प्रोडक्शन हाउस केप ऑफ गुड फिल्म्स ने परेश रावल पर 25 करोड़ का मुकदमा कर कर दिया. बता दें ये प्रोडक्शन हाउस अक्षय कुमार का है.

अक्षय कुमार की लीगल टीम की तरफ से एक स्टेटमेंट जारी कर इस बारे में बताया भी गया. अब फिल्म को लेकर एक और बड़ी बात पता चली है कि परेश रावल प्रोडक्शन हाउस से साइनिंग अमाउंट के तौर पर जितना पैसा लिया था सब वापस कर दिया और वो भी ब्याज लगाकर.

बॉलीवुड हंगामा ने सूत्र के हवाले से बताया है, ”परेश रावल ने 11 लाख रुपये का साइनिंग अमाउंट 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगातर वापस कर दिया है. इसके अलावा उन्होंने सीरीज से किनारा करने के लिए थोड़े से और पैसे बढ़ाकर भी दिए हैं.”सूत्र के मुताबिक आउटलेट ने लिखा, ”परेश रावल को टर्म शीट के मुताबिक 11 लाख रुपये दिए गए थे. फिल्म में काम करने के लिए उन्हें 15 करोड़ दिए जाने थे. इस टर्म शीट में ये भी बताया गया था कि बाकी का पैसा यानी 14 करोड़ 89 लाख फिल्म रिलीज होने के एक महीने बाद मिल जाएगा.”

सूत्र ने ये भी बताया कि फिल्म की शूटिंग अगले साल शुरू होने वाली थी और ये 2026 के आखिर में या फिर 2027 की शुरुआत में रिलीज हो सकती थी. यानी परेश रावल को अपना बाकी का पैसा पाने के लिए करीब 2 सालों का इंतजार करना पड़ता.

हेरा फेरी सीरीज की पहली फिल्म साल 2000 में रिलीज हुई थी. इसमें अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल की तिकड़ी को खूब पसंद किया गया था. इसके बाद सीक्वल फिर हेरा फेरी 2006 में आया. इसमें भी तीनों यानी राजू, श्याम और बाबू भइया दिखे. ये फिल्में कल्ट कॉमेडी में गिनी जाती हैं यही वजह है कि हेरा फेरी 3 को लेकर लोगों में एक्साइटमेंट बढ़ा हुआ है.

 

BUSINESS : अब KYC अपडेट कराना हुआ और भी आसान, जानें क्या है RBI का नया प्लान

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ग्राहक सेवा में सुधार करने के लिए रिजर्व बैंक ने केवाईसी अपडेट और इनऑपरेटिव अकाउंट्स को लेकर आ रही दिक्कतों के समाधान पर अपनी बात रखी है.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को ‘जानें अपने ग्राहक (केवाईसी)’ के नियमों में बदलाव लाने का प्रस्ताव दिया है. इसका मकसद मनी लॉन्ड्रिंग को रोकना है. इससे लाखों की संख्या में बैंक कस्टमर्स और सरकारी स्कीम्स के लाभार्थियों के लिए KYC अपडेट कराना आसान हो जाएगा. रिजर्व बैंक ने अपने ड्राफ्ट सकुर्लर में समय-समय पर केवाईसी अपडेट करने के प्रॉसेस को आसान बनाया है, जिससे केवाईसी को समय-समय पर अपडेट कराने में आने वाली चुनौतियों का समाधान हो सके.

शुक्रवार को जारी अपने ड्राफ्ट सकुर्लर में क्रेंद्रीय बैंक ने कहा कि केवाईसी को समय-समय पर अपडेट कराने के कई सारे मामलों को पेंडिंग देखा गया है. इनमें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर (EBT) के लिए खोले गए अकाउंट्स शामिल हैं. प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोले गए अकाउंट्स में भी ग्राहकों को परेशानी हो रही है. केवाईसी अपडेट कराने में परेशानी हो रही है. केवाईसी को समय-समय पर अपडेट कराने में ग्राहकों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में रिजर्व बैंक को शिकायतें मिल रही हैं.

रिजर्व बैंक ने सभी बैंक कस्टमर्स को समय-समय पर केवाईसी अपडेट कराने का निर्देश दिया है. अब बैंकों के लिए समय-समय पर केवाईसी अपडेट के बारे में अपने ग्राहकों को कम से कम तीन बार अग्रिम सूचना देना अनिवार्य हो गया है. केंद्रीय बैंक के इस प्रस्ताव पर सभी साझेदार 6 जून तक अपने सुझाव दे सकते हैं.

आरबीआई का कहना है कि बैंक अपने सभी शाखाओं में डॉरमेंट अकाउंट्स या बिना दावे वाली रकम के लिए अनिवार्य रूप से केवाईसी अपडेट कराने की सुविधा मुहैया कराएं. इसके अलावा, अगर बैंक के पास वीडियो कनज्यूमर आइडेंटिफिकेशन प्रॉसेस (V-CIP) की सुविधा है, तो अकाउंट होल्डर के कहने पर उन्हें यह फेसिलिटी मुहैया कराएं. रिजर्व बैंक ने यह भी कहा है कि इनएक्टिव बैंक अकाउंट्स को एक्टिवेट करने के लिए अधिकृत बिजनेस कॉरस्पोंडेंट की मदद भी ली जा सकती है.

NATIONAL : ‘नफीसा’ का आशिक, ‘गजवा-ए-हिंद’ का सिपाही… हनीट्रैप में फंसे ISI जासूस से ATS की पूछताछ में बड़े खुलासे’

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तुफैल नफीसा को वाराणसी, दिल्ली और अन्य संवेदनशील जगहों की तस्वीरें और वीडियो भेजता था. उसने नफीसा के कहने पर अपने मोबाइल की जीपीएस लोकेशन भी ऑन कर दी थी, जिससे हर तस्वीर के साथ सटीक लोकेशन की जानकारी भी पाकिस्तान पहुंच रही थी.

वाराणसी से पकड़े गए आईएसआई एजेंट तुफैल की शुरुआती पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. तुफैल, जो खुद को गजवा-ए-हिंद और हदीस के लिए लड़ने वाला सिपाही बताता था. वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के हनी ट्रैप में पूरी तरह फंस चुका था.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तुफैल फैसलाबाद की एक महिला ‘नफीसा’ के संपर्क में था, जो ISI की बड़ी हैंडलर बताई जा रही है. नफीसा ने तुफैल को अपना असली नाम तक नहीं बताया था. नफीसा उससे कहती थी कि जहां भी जाया करो, वहां से मुझे अपनी फोटो भेजा करो. तुमको दिन में जितनी बार देखती हूं, मन नहीं भरता.

तुफैल नफीसा को वाराणसी, दिल्ली और अन्य संवेदनशील जगहों की तस्वीरें और वीडियो भेजता था. उसने नफीसा के कहने पर अपने मोबाइल की जीपीएस लोकेशन भी ऑन कर दी थी, जिससे हर तस्वीर के साथ सटीक लोकेशन की जानकारी भी पाकिस्तान पहुंच रही थी.पांच साल पहले एक मजलिस के दौरान तुफैल पाकिस्तान के कट्टरपंथी संगठन ‘तहरीक-ए-लब्बैक’ से जुड़े मौलाना शाह रिजवी के संपर्क में आया था. उसके बाद उसने यूपी के कन्नौज, हैदराबाद और पंजाब में मजलिस के नाम पर कई कट्टरपंथी बैठकों में हिस्सा लिया.

तुफैल के मोबाइल से पाकिस्तान के 800 से ज्यादा मोबाइल नंबर मिले हैं. वह 19 व्हाट्सएप ग्रुप चलाता था, जिनमें सबसे ज्यादा सदस्य वाराणसी और आजमगढ़ से थे. इन ग्रुपों के जरिए वह मौलाना साद के कट्टरपंथी वीडियो फैलाता और युवाओं को ‘गजवा-ए-हिंद’ की मुहिम से जोड़ता था.उसके भेजे गए वीडियो में बाबरी विध्वंस का बदला लेने की तकरीर करने वाले वीडियो भी पाए गए हैं. तुफैल ने कई चैट्स डिलीट कर दिए थे, जिनकी रिकवरी अब यूपी एटीएस कर रही है. जल्द ही यूपी एटीएस, तुफैल की रिमांड के लिए लखनऊ कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी, जिससे इस गंभीर मामले की परतें और खुल सकें.

वहीं यूपी एटीएस ने दिल्ली से गिरफ्तार किए गए हारून को लेकर भी बड़ा खुलासा किया है. जांच में सामने आया है कि हारून, पाकिस्तान उच्चायोग में कार्यरत अफसर मुजम्मिल हुसैन के लिए फर्जी बैंक खातों की व्यवस्था करता था. मुजम्मिल इन्हीं बैंक खातों में पाकिस्तान का वीजा लेने वालों से पैसे ट्रांसफर करवाता था और फिर यह रकम हारून के जरिए मुजम्मिल दूसरे लोगों को पहुंचता था.

सूत्रों के अनुसार, ये रकम आगे किसे भेजी जाती थी, इसे लेकर गंभीर संदेह जताया जा रहा है कि ये पैसे भारत में सक्रिय आईएसआई एजेंटों तक पहुंचाए जा रहे थे. यूपी एटीएस इस एंगल से गहन जांच कर रही है.

एटीएस अब हारून के मोबाइल डेटा और उसके नाम पर अथवा उसके माध्यम से खोले गए सभी बैंक खातों की जांच कर रही है. पिछले तीन वर्षों में किन लोगों को कितनी रकम दी गई और किस उद्देश्य से ट्रांसफर हुई, इसका पता लगाने के लिए रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं. एटीएस को शक है कि इन खातों में जो रकम जमा की गई थी, उसका इस्तेमाल भारत में जासूसी नेटवर्क को फंडिंग देने में किया गया.

NATIONAL : दुबई-सऊदी से लौटे 7 युवक अगवा, पुलिस मुठभेड़ से रेस्क्यू, अब हुआ चौंकाने वाला खुलासा

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सऊदी अरब और दुबई से आ रहे टांडा के ही 7 युवकों का मुरादाबाद में अपहरण हो गया था. पुलिस को इन युवकों के सोने की तस्करी से जुड़े होने का शक है और पुलिस इन से पूछताछ कर रही है.

रामपुर का टांडा क़स्बा एक बार फिर सोने की तस्करी को लेकर चर्चा में आ गया है. अभी 6 दिन पहले ही टांडा के रहने वाले शहजाद को यूपी एटीएस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी और तस्करी करने आरोप में गिरफ्तार किया था और आज सऊदी अरब और दुबई से आ रहे टांडा के ही 7 युवकों का मुरादाबाद में अपहरण हो गया था. जिन्हें पुलिस ने तुरंत तेज़ी दिखाते हुए मुठभेड़ के बाद बदमाशों के चंगुल से छुड़ा लिया है.

लेकिन अब पुलिस को इन युवकों के सोने की तस्करी से जुड़े होने का शक है और पुलिस इन से पूछताछ कर रही है. जिसके बाद बड़े खुलासे हो सकते हैं क्यूंकि सोने की तस्करी के कई मामले टांडा से पहले भी सामने आ चुके हैं.

सऊदी अरब और दुबई से रामपुर के टांडा जा रहे 7 युवकों को मुरादाबाद में दिल्ली लखनऊ नेशनल हाईवे 9 पर पुराने टोल के पास बदमाशों ने खुद को जाँच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए उनकी कार को ओवरटेक कर रोका लिया और फिर उन्हें पकड़ कर अपनी दो कारों बुलेरो और शिफ्ट डिज़ायर में बैठा लिया और अपहरण कर मुरादाबाद के मुंडापाण्डेय थाना इलाके के जंगलों में एक बगीचे में गये और उनसे बात कर रहे थे. इस दौरान अपहरण किया गया एक व्यक्ति बदमाशों के चंगुल से छूट गया और उसने पुलिस को सूचना दे दी.

इसके बाद पुलिस ने बदमाशों को चारों तरफ से घेर लिया और पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाशों को पैरो में पुलिस की गोली लगी, जिन्हें पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया और घायल बदमाशों को ईलाज के लिए मुरादाबाद के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

पकड़े गये बदमाशों ने अपने नाम तौफ़ीक और रज़ा बताया है तौफीक मुरादाबाद का और रज़ा उत्तराखंड के कांशीपुर का रहने वाला है जबकि इनके 5-6 साथी बदमाश फरार हो गए. इनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है. पुलिस ने बदमाशों के पास से दो कारें बुलेरो और शिफ्ट डिज़ायर बरामद की है. और जिस कार में यात्री थे उसे भी बरामद कर लिया है.

पुलिस के मुताबिक बदमाशों को जानकारी मिली थी की सऊदी अरब और दुबई से आ रहे इन यात्रियों के पास बड़ी मात्रा में सोना है. जिसे लेने के लिए अपहरण किया था.

पुलिस को प्राथमिक पूछताछ में यह मामला सोने की तस्करी से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है. इसीलिए सऊदी अरब और दुबई से आ रहे इन युवकों से पुलिस अब गहनता से पूछताछ कर रही है. पुलिस इनके शरीर का सिटी स्कैन और एक्सरे कराने की तैय्यारी में है, ताकि अगर शरीर के अंदर सोना छुपा कर लाया जा रहा हो तो उसका पता लग सके. क्यूंकि ये लोग रामपुर के जिस टांडा कसबे के रहने वाले हैं, वहां इस से पहले भी कई युवक सोने की तस्करी के मामलो में पकड़े जा चुके हैं.

पिछले महीने सोने की तस्करी करने वाले टांडा के ही रहने वाले आलम नाम के एक युवक की मौत पेट में सोना छुपा कर लाने के कारण ठीक से सर्जरी न होने के कारण हो गयी थी. यही नहीं पिछले साल भी सोने की तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया था. जिसमें लखनऊ एयरपोर्ट से 29 युवक भाग निकले थे. इस मामले में 8 कस्टम अधिकारी निलंबित किए गए थे.

पिछले साल मई महीने में रामपुर पुलिस ने कंडोम के ज़रीय पेट में सोना छुपा कर लाने वाले टांडा के 5 युवकों के अपहरण के मामले का खुलासा करते हुए गोल्ड तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया था.

अभी 6 दिन पहले ही यूपी एटीएस ने टांडा के ही रहने वाले शहज़ाद को पाकिस्तान के लिए जासूसी और तस्करी करने के आरोप में मुरादाबाद से गिरफ्तार किया था. इसलिए मुरादाबाद पुलिस पकड़े गये बदमाशों और छुड़ाए गये टांडे के युवकों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है. पुलिस को शक है की ये सोने की तस्करी से जुड़ा बड़ा मामला हो सकता है.

मुरादाबाद के एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि मो. नावेद, ज़ाहिद अली, अज़हरुद्दीन और जुल्फीकार सऊदी अरब और शाने आलम और मुतालिफ दुबई से मुबई के रास्ते आ रहे थे. ये सभी 6 लोग रामपुर के टांडा के रहने वाले हैं और इनके साथ एक और जुल्फेकार पुत्र अजीमुद्दीन ड्राइवर जो कार चला रहा था, वह भी टांडा का रहने वाला है. इस तरह ये कुल 7 लोग एक कार में थे जिनका अपहरण कर लिया गया था. अब इन सभी से भी पूछताछ की जा रही है और फरार बदमाशों की भी तलाश की जा रही है. यह मामला सोने की तस्करी से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है और सभी पहलुओं से आगे की जाँच जारी है.

 

NATIONAL : देहरादून में डॉक्टर समेत 2 महिलाएं कोरोना पॉजिटिव, कर्नाटक और गुजरात से आई थीं उत्तराखंड

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उत्तराखंड में एक डॉक्टर समेत दो महिलाओं में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है. डॉक्टर को घर में आइसोलेट कर दिया गया है, जबकि महिला को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है.

देश में कोरोना ने एक बार फिर दस्तक दे दी है, जिसके बाद सभी राज्यों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. वहीँ अब उत्तराखंड में एक डॉक्टर और दो महिलाओं में संक्रमण की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कम्प मच गया है. डॉक्टर को उनके घर में आइसोलेट कर दिया गया है, जबकि महिला में दिक्कत बढ़ने पर उसे एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है. सरकार ने सभी जिलों में कोविड क लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं.

एम्स ऋषिकेश की एक डॉक्टर, जोकि हाल ही में बेंगलुरु से लौटी थी. कोविड-19 टेस्ट में पॉजिटिव मिलीं. लेकिन उनकी स्थिति स्थिर है और उन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया है. स्वास्थ्य महकमा उनकी स्थिति पर नजर रख हुए है और संपर्क ट्रेसिंग शुरू कर दी गई है.

वहीँ गुजरात से देहरादून आई एक अन्य महिला, जो एक धार्मिक आयोजन में हिस्सा लेने आई थी. उसकी तबियत खराब हुई, जिसके बाद उकसा कोविड टेस्ट हुआ और उसमें भी कोविड-19 की पुष्टि हुई है.महिला में कई और भी संक्रमण है लिहाजा उसे एम्स में भर्ती कर लिया गया है और डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे हैं.

राज्य में दो महिलाओं में कोविड की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है. सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग को निर्देश हैं स्पेशल वार्ड बनाने के साथ ही उत्तराखंड में इस समय चारधाम यात्रा चल रही है. और बड़ी संख्या में बाहर से श्रद्धालू पहुँच रहे हैं. इस वजह से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है. लेकिन अभी तक इस बारे में कोई गाइड लाइन जारी नहीं की गयी है.

यहां बता दें कि अब तक देश में कोविड के 257 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें महाराष्ट्र, कर्नाटक, उड़ीसा, तमिलनाडु, गुजरात और केरल में सामने आए हैं. लेकिन राहत की बात ये है कि मरीजों में ज्यादा लक्षण नहीं देखे जा रहे हैं. हरियाणा के गुरुग्राम और फरीदाबाद में तीन नए मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि गुजरात में 15 और महाराष्ट्र में 26 नए मामले सामने आए हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक जेएन.1 वेरिएंट कम गंभीर है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है.

 

ENTERTAINMENT : ‘पापा नहीं चाहते थे मैं सिंगर बनूं’, गायकी के क्यों खिलाफ थे बी प्राक के पिता? सिंगर ने बताया

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‘तेरी मिट्टी’, ‘मन भरिया’, ‘फिलहाल’ जैेसे सुपरहिट सॉन्ग बनाने वाले बी प्राक ने बताया कि वो कभी भी म्यूजिक डायरेक्टर नहीं बनना चाहते थे. उन्हें बचपन से ही सिंगर बनना था. मगर उनके पिता नहीं चाहते थे कि वो सिंगर बनें, क्योंकि उनका मानना था कि वो अच्छे सिंगर नहीं हैं.

‘तेरी मिट्टी’, ‘फिलहाल’, ‘मन भरिया’ जैसे कई शानदार गाने बनाने वाले सिंगर बी प्राक को हर कोई जानता है. उन्होंने बहुत कम समय के अंदर पंजाबी और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपना नाम बना लिया है. ‘केसरी’ फिल्म में उनका गाना ‘तेरी मिट्टी’ आज भी फैंस को खूब भाता है. बी प्राक की आवाज में जो दर्द नजर आता है, उसे उनके फैंस दिल से महसूस कर पाते हैं. यही वजह है कि वो इतने कम समय में कामयाब बन पाए.
बी प्राक की आवाज फैंस को बेहद पसंद आती है. लेकिन उनके पिता लेजेंडरी म्यूजिक डायरेक्टर वरिंदर नहीं चाहते थे कि सिंगर सिंगिंग में अपना करियर बनाएं. हाल ही में लल्लनटॉप से बातचीत में बी प्राक ने अपने पिता का जिक्र करते हुए इस बात का खुलासा किया. उन्होंने कहा कि उनके पिता एक बड़े पंजाबी म्यूजिक डायरेक्टर होने के बावजूद बी प्राक को बतौर सिंगर लॉन्च नहीं करना चाहते थे. सिंगर ने अपने बचपन की कहानी सुनाते हुए कहा, ‘बचपन में मैं जब अपनी मां के साथ बैठता था, तब मैं कोई ना कोई म्यूजिक बनाता ही रहता था.’

‘मैं अपनी मां को कहता था कि मैं म्यूजिक डायरेक्टर नहीं, सिंगर बनूंगा. हालांकि मुझे नहीं मालूम था कि मैं कभी म्यूजिक डायरेक्टर बन पाऊंगा. लेकिन मेरे पिता कहते थे कि मैं आपको सिंगर नहीं बना सकता. वो मुझे अपने म्यूजिक सीखने आए स्टूडेंट्स के सामने गाना भी नहीं गाने देते थे, कहते थे कि तुम अच्छा नहीं गाते हो. वो ऐसा बहुत सिंगर्स को बोल देते थे कि अभी गाना सीखो. उन्होंने मुझे कहा कि मेरे पास इतना पैसा नहीं है कि मैं तुम्हें बतौर सिंगर लॉन्च करूं. उन्होंने मुझे कहा कि तुम म्यूजिक डायरेक्टर बनो.’

बी प्राक ने आगे बताया कि उनके पिता ने उन्हें कई सारे स्टूडियोज में संगीत सीखने के लिए भेजा. उन्होंने वहां के लोगों से बी प्राक के साथ किसी तरह का खास बर्ताव नहीं करने की सिफारिश की. ताकि सिंगर संगीत को ढंग से समझ पाए और आगे चलकर अपना नाम बनाएं. बी प्राक ने कहा, ‘मेरे पिता का इतना नाम था, लेकिन लोग मुझे तब भी संगीत नहीं सिखाते थे. फिर उन्होंने मुझसे कहा कि आज के बाद मेरे नाम से कहीं भी काम मांगने या प्रोफेशनल तरीके से नहीं जाना है. आपको अपना नाम खुद बनाना होगा.’

‘ये मेरी लाइफ की सबसे बेस्ट चीज थी, थोड़ा बुरा जरूर लगा कि मेरे पिता इतने बड़े हैं. ऐसे कैसे उन्होंने इतनी आसानी से मुझे कह दिया. लेकिन उनका ये फैसला मेरे लिए बहुत सही साबित हुआ. आखिरकार मैं सरस्वती स्टूडियो में जाने लगा जहां मैंने संगीत सीखा. मेरे पिता ने वहां मौजूद सभी को ये साफ शब्दों में बोला कि अगर इससे पानी भी पिलवाना पड़े, आप पिलवाएंगे. आपने ये भूल जाना है कि ये वरिंदर बचन का बेटा है. इसको जैसा आप सीखाना चाहें, वैसे सीखाएं. वो जो कुछ मेरे साथ हुआ, उसने मुझे आज काफी कुछ दिया है.’

बता दें, बी प्राक के पिता वरिंदर बचन पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के जाने-माने म्यूजिक डायरेक्टर रह चुके हैं जिन्होंने कई सारे पंजाबी गाने और हिंदू भजन कंपोज किए हैं. उन्होंने योगराज सिंह की पंजाबी फिल्म ‘जाट पंजाब दा’ में भी काम किया था. कुछ समय पहले ही साल 2021 में उनका देहांत हो गया था.

 

ENTERTAINMENT : नहीं रहे मशहूर एक्टर मुकुल देव, 54 की उम्र में ली अंतिम सांस, सदमे में परिवार

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फिल्मों और टीवी के जाने-माने एक्टर मुकुल देव का बीती देर रात निधन हो गया है. एक्टर ने 54 की उम्र में अंतिम सांस ली. मुकुल कुछ समय से बीमार थे. वो अस्पताल में भर्ती थे. मगर 23 मई की देर रात उन्होंने हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह दिया. एक्टर की मौत से फैंस से लेकर सेलेब्स तक सभी को दुख पहुंचा है.

एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से बेहद दुखद खबर सामने आ रही है. फिल्मों और टीवी के जाने-माने एक्टर मुकुल देव का बीती देर रात निधन हो गया है. एक्टर ने 54 की उम्र में अंतिम सांस ली. एक्टर के निधन की खबर सामने आते ही सिनेमा जगत में शोक की लहर है. एक्टर के परिवार को भी तगड़ा झटका लगा है.

मुकुल देव के साथ ‘सन ऑफ सरदार’ फिल्म में काम कर चुके एक्टर विंदू दारा सिंह ने  एक्टर के निधन की खबर को कंफर्म किया है. उन्होंने बताया कि मुकुल बीते कुछ समय से बीमार थे. अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जिसके बाद उन्होंने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया.

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विंदू दारा सिंह ने दुख जताते हुए कहा- मुकुल अब खुद को बड़े पर्दे पर नहीं देख पाएंगे. अपने माता-पिता की मौत के बाद मुकुल खुद को अलग-थलग कर रहे थे. वो घर से बाहर भी नहीं निकलते थे और किसी से भी नहीं मिलते थे.पिछले कुछ दिनों से मुकुल की तबीयत खराब चल रही थी और वो अस्पताल में भर्ती थे. वो एक अद्भुत व्यक्ति थे और हम सभी उन्हें याद करेंगे.

मुकुल देव के निधन से विंदू दारा सिंह को काफी दुख पहुंचा है. उन्होंने एक्टर संग अपना एक वीडियो शेयर करके दुख जताया है. विंदू ने वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा- RIP ब्रदर मुकुल देव. आपके साथ बिताया हुआ समय हमेशा संजोकर रखूंगा और #SonOfSardaar2 में आपका अंतिम गाना होगा जहां आप दर्शकों में खुशी और आनंद फैलाएंगे और उन्हें हंसाते हुए लोटपोट कर देंगे.

मुकुल की दोस्त और फेमस टीवी एक्ट्रेस दीपशिखा नागपाल को एक्टर के निधन से गहरा सदमा पहुंचा है. दीपशिखा ने मुकुल के साथ फोटो अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करके उन्हें याद किया है.

मुकुल ने कभी किसी से अपनी हेल्थ के बारे में बात नहीं की थी. उनका व्हाट्सएप पर एक फ्रेंड ग्रुप है, जहां वो लोग अक्सर बात करते थे. एक्ट्रेस इमोशनल होते हुए बोलीं- मैं सुबह उठी तो मुझे यह खबर मिली. मैं तब से उनके नंबर पर कॉल कर रही हूं, इस उम्मीद से कि वो फोन उठाएंगे.

दिल्ली में जन्मे मुकुल ने साल 1996 में टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी. वो सबसे पहले सीरियल ‘मुमकिन’ में नजर आए थे. उन्होंने दूरदर्शन के कॉमेडी बॉलीवुड काउंटडाउन शो ‘एक से बढ़ कर एक’ में भी काम किया था. उन्होंने 1996 में सुष्मिता सेन के साथ फिल्म ‘दस्तक’ से बॉलीवुड में अपनी जर्नी की शुरुआत की थी. इसके अलावा उन्होंने ‘किला’ (1998), ‘वजूद’ (1998), ‘कोहराम’ (1999) और ‘मुझे मेरी बीवी से बचाओ’ (2001) सहित कई अन्य फिल्मों में काम करके फैंस का दिल जीता था.

मुकुल को हिंदी और पंजाबी फिल्मों के साथ टेलीविजन और कई म्यूजिक एल्बम्स में भी अपने बेहतरीन काम से फैंस को इंप्रेस किया था. इसके अलावा मुकुल ने कुछ बंगाली, मलयालम, कन्नड़ और तेलुगु फिल्मों में भी काम किया था. फिल्म ‘यमला पगला दीवाना’ में उनकी दमदार एक्टिंग के लिए उन्हें 7वें अमरीश पुरी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

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