Friday, June 26, 2026
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UP : पुलिस एनकाउंटर में ढेर हुआ शातिर बदमाश… ड्राइवर की हत्या कर लूटा था 4 करोड़ का कॉपर, बुलेटप्रूफ जैकेट से बची SHO की जान

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उत्तर प्रदेश के कौशांबी में शनिवार रात पुलिस मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी संतोष उर्फ राजू मारा गया. उस पर 4 करोड़ रुपये के कापर वायर से लदे ट्रेलर की लूट और ड्राइवर की गोली मारकर हत्या का आरोप था. वारदात के बाद वह पुलिस से बचते हुए अलग-अलग जिलों में छिपता फिर रहा था. पूछताछ के दौरान जुर्म कबूलने के बाद जब पुलिस उसे घटनास्थल पर लेकर गई, तभी उसने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लग गई और वह मारा गया.

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में पुलिस ने शनिवार देर रात एनकाउंटर में एक कुख्यात बदमाश को मार गिराया. आरोपी संतोष उर्फ राजू पर 4 करोड़ के कापर वायर से लदे ट्रेलर की लूट और उसके ड्राइवर की हत्या का आरोप था. वारदात के बाद आरोपी पुलिस से बचने के लिए कई जिलों में छिपता फिर रहा था.

जानकारी के अनुसार, यह घटना कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र की है. यहां शनिवार रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें कुख्यात बदमाश संतोष उर्फ राजू मारा गया. यह वही आरोपी है, जिसने 4 करोड़ रुपये के कापर वायर लदे ट्रेलर को लूटने के बाद चालक साबरमल मीणा की गोली मारकर हत्या कर दी थी. मृतक ट्रक ड्राइवर राजस्थान के अजमेर के जगपुरा गांव का रहने वाला था.

एसपी राजेश कुमार के मुताबिक, साबरमल मीणा गुजरात से कापर वायर लोड कर प्रयागराज के सूबेदारगंज जा रहा था, तभी ककोढा हाईवे पर संतोष ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर ओवरटेक कर ट्रेलर रोका. ड्राइवर को गन पॉइंट पर लिया और वायर किसी और को बेचने का लालच दिया. ड्राइवर ने मना किया तो उसे गोली मार दी और शव को झाड़ियों में फेंक दिया.

लूट के बाद आरोपी ट्रेलर को प्रतापगढ़ सीमा में खड़ा कर फरार हो गए. शनिवार रात संतोष कुछ लोगों को कापर वायर बेचने की डील कर रहा था, तभी पुलिस ने दबिश दी और उसे पकड़ लिया.पुलिस जब आरोपी को घटनास्थल पर लेकर गई तो उसने झाड़ियों में छिपाई हुई पिस्टल निकालकर पुलिस पर फायरिंग कर दी. इसमें एसएचओ चंद्रभूषण मौर्य और एक दरोगा की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में संतोष के सीने में 6 गोलियां लगीं और मौके पर ही ढेर हो गया.

SP राजेश कुमार ने कहा कि एनकाउंटर में मारा गया बदमाश संतोष उर्फ राजू जौनपुर के खेता सराय थाना क्षेत्र के पोरई कला गांव का रहने वाला था. इसके खिलाफ 6 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज है. कुछ मुकदमे मुंबई में भी दर्ज हैं. घटना में शामिल इसके दो साथी अभी भी फरार है. यह गैंग हाईवे पर रेकी कर कीमती धातु से लोड वाहनों में लूटपाट करता था.

ENTERTAINMENT : अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को मलाड में अवैध निर्माण के लिए BMC ने भेजा नोटिस, दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

बीएमसी ने मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 351 (1ए) के तहत मिथुन चक्रवर्ती को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 10 मई से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है. उनसे यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है कि कथित निर्माण को क्यों न हटाया जाए, उसमें बदलाव क्यों न किया जाए या फिर उस जगह का इस्तेमाल क्यों न बंद किया जाए.

मुंबई के मड इलाके में अवैध इमारतों को हटाने के लिए बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) गंभीर हो गई है. अब इस सूची में मिथुन चक्रवर्ती का नाम भी शामिल हो गया है. दिग्गज अभिनेता और भाजपा नेता को मलाड के एरंगल गांव में एक भूखंड पर कथित रूप से अवैध निर्माण कराने के लिए कारण बताओ नोटिस दिया गया है. नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, मिथुन को अब यह बताना होगा कि निर्माण को क्यों नहीं गिराया जाना चाहिए.

अगर वह जवाब नहीं देते या इसका औचित्य साबित करने में विफल रहते हैं, तो बीएमसी का कहना है कि वे इसे ध्वस्त कर देंगे. अभिनेता को संभावित कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है. यह कोई एक मामला नहीं है. बीएमसी ने मड एरिया में 100 से ज्यादा अवैध निर्माणों को चिन्हित किया है, जिनमें कुछ बंगले भी शामिल हैं जो कथित तौर पर फर्जी लेआउट प्लान का इस्तेमाल करके बनाए गए थे. अधिकारियों का कहना है कि वे मई के अंत तक ऐसी सभी अवैध इमारतों को हटाने की योजना बना रहे हैं.

बीएमसी सूत्रों के मुताबिक, ‘एरंगल गांव में हीरा देवी मंदिर के पास निरीक्षण के दौरान दो एक से अधिक मेजेनाइन मंजिला इमारतें, एक ग्राउंड फ्लोर स्ट्रक्चर और ईंटों, लकड़ी, कांच और एसी शीट से बनी तीन अस्थायी निर्माण पाए गए. ये संरचनाएं सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लिए बिना क्षेत्र में बनाई गई हैं, जिसके लिए अभिनेता मि​थुन चक्रवर्ती को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.’ बीएमसी ने मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 351 (1ए) के तहत मिथुन चक्रवर्ती को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 10 मई से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है.

उनसे यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है कि कथित निर्माण को क्यों न हटाया जाए, उसमें बदलाव क्यों न किया जाए या फिर उस जगह का इस्तेमाल क्यों न बंद किया जाए. अगर वह समय पर जवाब देने में विफल रहते हैं, तो नगर निकाय संरचना के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है. एक अधिकारी ने बताया कि इस तरह के उल्लंघन मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 475 ए के अंतर्गत आते हैं, जिसके लिए जुर्माना और यहां तक ​​कि जेल भी हो सकती है. इस बीच मिथुन चक्रवर्ती ने बीएमसी नोटिस पर कहा, ‘मैंने कोई अवैध निर्माण नहीं कराया है और मेरे पास कोई अनधिकृत संरचना नहीं है. कई लोगों को नोटिस भेजे गए हैं और हम अपना जवाब भेज रहे हैं.’

NATIONAL : ‘सीजफायर अनिश्चितकाल तक जारी, अफवाहों पर ना दें ध्यान…’, भारत-पाक संघर्षविराम पर आया सेना का बयान

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सेना का कहना था कि कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह खबरें चल रही हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम (सीजफायर) आज समाप्त हो रहा है. इस खबर के बाद से कई लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है.भारत-पाकिस्तान युद्धविराम समझौते को लेकर खबरों पर इंडियन आर्मी का बयान आया है. भारतीय सेना ने साफ किया है कि आज डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) स्तर की कोई वार्ता निर्धारित नहीं है.

सेना का कहना था कि कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह खबरें चल रही हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम (सीजफायर) आज समाप्त हो रहा है. इस खबर के बाद से कई लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है.सेना के अनुसार, कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा यह भी दावा किया जा रहा है कि आज डीजीएमओ स्तर की बातचीत होनी है. इस पर सेना ने कहा कि आज डीजीएमओ स्तर की कोई बातचीत निर्धारित नहीं है.

सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि 12 मई को भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच हुई बातचीत में संघर्षविराम को लेकर जो सहमति बनी थी, उसकी कोई समाप्ति तिथि निर्धारित नहीं की गई है. यानी यह अनिश्चित काल तक जारी रहेगा.

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से कुछ मीडिया हाउस में यह खबरें फैलाई जा रही थीं कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम का समझौता आज समाप्त होने जा रहा है. इसके अलावा, डीजीएमओ स्तर की बातचीत को लेकर भी कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे. सेना के बयान के बाद अब यह साफ हो गया है कि भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम जारी रहेगा और इसे समाप्त करने की कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है.

BIHAR : बारात के रथ पर गिरा 11 हजार वोल्ट का बिजली का तार, दो भाइयों की जलकर दर्दनाक मौत

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सारण जिले के डेरनी में बारात के रथ पर 11 हजार वोल्ट का तार गिरने से दो भाइयों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई. बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई है. ग्रामीणों का आरोप है कि उसने बार-बार बिजली विभाग को फोन किया, लेकिन समय पर बिजली नहीं कटी. वहीं, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

बिहार के सारण जिले के डेरनी थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना में दो सगे भाइयों की जान चली गई. शादी की खुशियों में डूबे परिवार का माहौल उस समय मातम में बदल गया, जब बारात में शामिल रथ पर अचानक 11 हजार वोल्ट का हाई वोल्टेज तार गिर पड़ा. इस हादसे में रथ पर सो रहे दोनों भाइयों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई.

मृतकों की पहचान भेल्दी थाना क्षेत्र के बसौता गांव निवासी अनीश कुमार (18 वर्ष), पुत्र बासदेव सिंह और आलोक कुमार (25 वर्ष), पुत्र हसेन्द्र सिंह के रूप में हुई है. दोनों सगे भाई डेरनी थाना क्षेत्र के पिरारी गांव में अपने मामा ज्योति कुमार के घर एक शादी समारोह में भाग लेने आए थे. शादी की बारात खिड़कियां गांव से लौटने के बाद रात करीब 12 बजे वे रथ को घर के दरवाजे पर खड़ा कर उसी में सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ.

जैसे ही हाई वोल्टेज तार रथ पर गिरा तो रथ में आग लग गई. करंट लगने से एक युवक रथ से बाहर फेंका गया, जबकि दूसरा अंदर ही फंस गया और दोनों की मौत हो गई. मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बिजली विभाग को कई बार फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव न होने के कारण समय रहते बिजली नहीं कट पाई और जान बचाना मुश्किल हो गया.

मृतकों के मामा ने बताया कि यह तार पहले भी टूट चुका था, जिसे बिजली विभाग ने सिर्फ दिखावे के लिए जोड़ दिया था. यदि समय रहते विभाग ने तार की मरम्मत ठीक से की होती या करंट तुरंत बंद कर दिया गया होता, तो यह जानलेवा हादसा रोका जा सकता था. घटना के बाद डेरनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेजा गया. थाना अध्यक्ष ने बताया कि परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है, लेकिन मामले की जांच जारी है.

ENTERTAINMENT : ‘गुटका बेचेंगे, लेकिन पाकिस्तान शब्द उनके मुंह से नहीं निकलेगा’, बॉलीवुड दिग्गज ने किस पर साधा है निशाना?

सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य ने एक इंटरव्यू में बॉलीवुड सितारों पर निशाना साधा है. उनका मानना है कि ये पान मसाला का एड कर सकते हैं लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ एक शब्द नहीं बोलेंगे.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया था. भारतीय सशस्त्रबलों ने ऑपरेशन सिन्दूर के तहत पाक और पीओके में घुसकर 9 आतंकी ठिकानों को मिट्टी में मिला दिया था. जहां पूरा देश भारतीय सेना की इस कार्रवाई पर फख्र महसूस कर रहा है तो वहीं बॉलीवुड सेलेब्स ने इस पर चुप्पी साधी हुई है. वहीं दिग्गज सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य ने एक इंटरव्यू में बिना नाम लिए बॉलीवुड के बड़े सितारों पर निशाना साधा और कहा कि ये पान मसाला बेचेंगे लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ कुछ नहीं बोलेंगे.

एक चैनल को दिए इंटरव्यू में अभिजीत भट्टाचार्य ने कहा, “ पाकिस्तान के आर्टिस्ट ज्यादा नेशनलिस्ट हैं हमारे से ज्यादा. वो आज भी हमारे खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. हमने बनाया उनको. हमने उनको पैसे दिए. हमने उनको नाम दिया शहरत और उनको सिर्फ लोकल लोग पहचानते हैं. वर्ल्ड वाइड पहचानते हैं हमारे लिएय वो लोग हमारे खिलाफ बात कर रहे हैं. क्योंकि वो उनकी फितरत में है.

अभिजीत ने आगे बॉलीवुड सितारों पर सवाल खड़े करते हुए कहा, “यहां पर चुप्पी है. और हम क्या कर रहे हैं? हम भी अपने ही खिलाफ बात कर रहे हैं. या तो बात कर रहे हैं या बात कर ही नहीं रहे हैं. चुप्पी साधी भी गई. गुटखा बेचेंगे. पुड़िया बेचेंगे लेकिन यूं नहीं करेंगे- पाकिस्तान हम तुमको बर्बाद करेंगे, कभी निकलेगा नहीं निकलेगा ही नहीं उनके मुंह से.

अभिजीत ने आगे कहा, “पाकिस्तान शब्द मुंह से निकलेगा नहीं. एक्टर्स या एक्ट्रेसेस की यंग जनरेशन है फिल्म इंडस्ट्री में वो शायद इस बात को लेकर भी ज्यादा कंसर्न रहते हैं क्योंकि पाकिस्तान में उनको लगता है उनकी एक बड़ी फैन फॉलोइंग है.

 

ENTERTAINMENT : शादी से पहले कुंडली भाग्य के प्रीता की टूट चुकी है सगाई, दूसरे रिश्ते में भी दुखा दिल, फिर यूं मिला सपनों का राजकुमार

टीवी इंडस्ट्री में आए दिन रिश्ते बनते और बिगड़ते रहते हैं. कई ऐसी एक्ट्रेसेस हैं जिनकी सगाई होने के बाद शादी टूट चुकी है. उन्हीं में से एक हैं कुंडली भाग्या की प्रीता.

जी टीवी के पॉपुलर शो कुंडली भाग्य में प्रीता की भूमिका निभाकर पॉपुलैरिटी हासिल करने वाली श्रद्धा आर्या किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं. वैसे तो श्रद्धा ने किसी भी रिलेशनशिप को छुपा कर नहीं रखा था. लेकिन, राहुल नागल संग शादी से पहले अपने इस रिश्ते को उन्होंने काफी सीक्रेट रखा था.

मालूम हो, श्रद्धा आर्या के पति राहुल नागल का एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से कोई वास्ता नहीं है और वो नेवी में एक ऑफिसर के पोस्ट पर कार्यरत हैं. काफी वक्त तक एक दूसरे को डेट करने के बाद श्रद्धा और राहुल ने 16 नवंबर 2021 को दिल्ली में सात फेरे लिए थे.

बहुत कम लोग जानते होंगे कि राहुल संग शादी करने से पहले श्रद्धा आर्या दो और लोगों को डेट कर चुकी हैं.एक शख्स के संग तो शादी तक बात पहुंच गई थी, लेकिन बीच में ही एक्ट्रेस ने सगाई तोड़ दी. 2015 में श्रद्धा ने एनआरआई बिजनेसमैन जयंतरत्ती के संग सगाई करि।

जब ये सगाई टूटी तो इसके पीछे की वजह कंपैटिबिलिटी इश्यूज को बताया गया.दरअसल, सगाई के बाद एक्ट्रेस को लगने लगा था कि जयंत के साथ उनका तालमेल कुछ ठीक नहीं बठ रहा है. रिपोर्ट की मानें तो शादी से पहले ही जयंत ने शद्धा के आगे एक बड़ी शर्त रख दी थी.

श्रद्धा से जयंत ने कहा था कि उन्हें शादी के बाद एक्टिंग छोड़नी पड़ेगी. एक्ट्रस को ये बात खटक गई और उन्होंने सगाई तोड़ने का फैसला कर लिया. जयंत के बाद श्रद्धा की लाइफ में आलम सिंह मक्कर की एंट्री हो गई. दोनों को एक सा नच बलिए में भी देखा गया था.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस शो के बाद ही दोनों का ब्रेकअप हो गया था.दो रिश्ते टूटने के बाद श्रद्धा को राहुल नागल के रूप में सच्चा प्यार मिला. श्रद्धा ने इस रिश्ते को काफी छुपाकर रखा और शादी की खबर जब सामने आतो फैंस हैरान रह गए.

 

Jyoti Malhotra Youtuber: PAK हाई कमीशन में डिनर, भारत के खिलाफ साजिश रच रहे कर्मी से संपर्क… जासूसी कर रही ज्योति की ऐसे खुली पोल

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jyoti malhotra youtuber: हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारी एहसान उर रहीम उर्फ दानिश से मुलाकात की थी. इस दौरान वीडियो भी बनाया गया. कोर्ट ने उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है, मामले की जांच जारी है.

पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में हरियाणा की एक यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को गिरफ्तार किया गया है. ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान उच्चायोग के एक कर्मचारी से मुलाकात के मामले में शनिवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है.

जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात पाकिस्तानी कर्मचारी एहसान उर रहीम उर्फ दानिश ने ज्योति मल्होत्रा को डिनर पर बुलाया था. इस दौरान दोनों के बीच बातचीत हुई और यूट्यूबर ने उसके साथ एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था. बाद में दानिश और उसके साथी अली एहसान ने ज्योति को पाकिस्तान के खुफिया अधिकारियों (PIOs) से मिलवाया.

ज्योति ने ‘जट्ट रंधावा’ नाम से सेव किए गए एक PIO शाकिर उर्फ राणा शाहबाज़ से व्हाट्सएप, टेलीग्राम और स्नैपचैट जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स पर बातचीत की. ज्योति पर भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 152 और ऑफिसियल सीक्रेट्स एक्ट 1923 की धाराएं 3, 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है. उनकी लिखित स्वीकारोक्ति ली गई है और मामला हिसार की इकोनॉमिक ऑफेंसेज़ विंग को सौंपा गया है.

बताया जा रहा है कि एहसान उर रहीम उर्फ दानिश भारत में रहते हुए हिंदुस्तान के खिलाफ साजिश रच रहा था. सुरक्षात्मक एजेंसियां इस मुलाकात को गंभीर मानते हुए जांच में जुट गई हैं. कोर्ट में पेशी के बाद पुलिस को अब पांच दिन का समय मिला है ताकि वो ज्योति मल्होत्रा से इस मुलाकात और बातचीत की गहराई से पूछताछ कर सके.

ज्योति का यूट्यूब चैनल ‘Travel with Jo’ है, जिस पर उनके करीब 3.77 लाख सब्सक्राइबर हैं. वहीं, उनके इंस्टाग्राम अकाउंट ‘travelwithjo1’ पर भी 1.32 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं.ज्योति के सोशल मीडिया अकाउंट्स से पता चलता है कि उन्होंने भारत समेत कई विदेशी जगहों का दौरा किया, जिनमें इंडोनेशिया और चीन शामिल हैं. लेकिन एजेंसियों की नजर उनकी पाकिस्तान यात्रा पर टिकी है, जिसके वीडियो उन्होंने दो महीने पहले पोस्ट किए थे.

इन वीडियोज में ज्योति को अटारी-वाघा बॉर्डर पार करते हुए, लाहौर के अनारकली बाजार में घूमते हुए, बस यात्रा करते हुए और पाकिस्तान के सबसे बड़े हिंदू मंदिर ‘कटासराज मंदिर’ का दौरा करते हुए देखा जा सकता है.जांच एजेंसियों का मानना है कि ज्योति मल्होत्रा को विदेशी एजेंटों ने अपने प्रभावशाली सोशल मीडिया प्रोफाइल के कारण चुना और उनसे पाकिस्तान की छवि को सकारात्मक दिखाने वाले वीडियो बनवाए गए.

ज्योति मल्होत्रा को छह अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया है, जिन पर संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी एजेंटों से साझा करने का आरोप है. फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है.जांचकर्ताओं ने बताया कि कमीशन एजेंटों के माध्यम से वीजा प्राप्त करने के बाद मल्होत्रा ​​ने 2023 में पाकिस्तान का दौरा किया था. अपनी यात्रा के दौरान, वह एहसान-उर-रहीम उर्फ ​​दानिश नामक एक अधिकारी के संपर्क में आई, जो नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग (PHC) में तैनात था.

जल्द ही, उनके बीच घनिष्ठ संबंध बन गए और एहसान ने उसे पाकिस्तान में खुफिया अधिकारियों से मिलवाया. इस महीने की शुरुआत में एहसान को अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया गया और 13 मई, 2025 को निष्कासित कर दिया गया.

सोशल मीडिया के ज़रिए पाकिस्तान की सकारात्मक छवि दिखाने का काम सौंपा गया.
एक PIO से नज़दीकी संबंध बनाए और हाल ही में इंडोनेशिया के बाली तक साथ यात्रा की.
भारतीय ठिकानों की संवेदनशील जानकारी साझा की और दिल्ली में रहते दानिश के संपर्क में बनी रहीं.
सोशल मीडिया प्रभाव का इस्तेमाल खुफिया और प्रोपेगैंडा कार्यों में किया गया.

बड़ी साजिश का खुलासा
यह मामला एक बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा है जिसमें ज्योति समेत छह भारतीय नागरिकों को पाक खुफिया एजेंसियों और उच्चायोग स्टाफ के लिए एजेंट या माध्यम के रूप में काम करते पाया गया है. गिरफ्तारियां हरियाणा के हिसार, कैथल, नूंह और पंजाब के मलेरकोटला से हुई हैं.

अन्य प्रमुख गिरफ्तारियां

मलेरकोटला, पंजाब
ग़ज़ाला (32), एक मुस्लिम विधवा, और यामीन मोहम्मद को दानिश के लिए वित्तीय लेन-देन और वीज़ा प्रक्रिया में मदद करने के आरोप में पकड़ा गया.

कैथल, हरियाणा
देविंदर सिंह ढिल्लों, एक सिख छात्र, जो पाकिस्तान यात्रा के दौरान संपर्क में आया और बाद में पटियाला छावनी का वीडियो पाक एजेंटों को भेजा.

 

NATIONAL : सफदरजंग अस्पताल में बच्चों के लिए नई डायलिसिस मशीनें, किडनी रोगों का इलाज अब और बेहतर

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दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में बच्चों के लिए 2 नई हेमोडायलिसिस मशीनों का उद्घाटन किया. इससे किडनी रोग से जूझ रहे बच्चों को अब बेहतर इलाज और समय पर डायलिसिस की सुविधा मिलेगी.

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में बच्चों के किडनी रोगों के इलाज में मजबूती मिली है और अब बच्चों को डायलिसिस करवाने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा. अस्पताल के बाल चिकित्सा नेफ्रोलॉजी विभाग ने 16 मई 2025 को 2 अत्याधुनिक हेमोडायलिसिस मशीनों का उद्घाटन किया. ये मशीनें एक निजी संस्था के सीएसआर के जरिए, आधारशिला रीनल केयर प्रोजेक्ट के तहत लाई गई हैं, जो बच्चों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

सफदरजंग अस्पताल, जो दिल्ली के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में से एक है, अब इन नई मशीनों के साथ किडनी की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को और बेहतर इलाज दे सकेगा. उद्घाटन समारोह में अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. (प्रो.) संदीप बंसल मुख्य अतिथि थे, जबकि प्रिंसिपल डॉ. (प्रो.) गीतिका खन्ना विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं. बाल रोग विभाग के प्रमुख डॉ. (प्रो.) प्रदीप देबाता की अगुवाई में हुए इस आयोजन में आधारशिला की ट्रस्टी नीना जॉली और जेके सीमेंट की सीएसआर प्रमुख शिल्पा भी शामिल हुईं.

ये हेमोडायलिसिस मशीनें किडनी फेलियर और क्रोनिक किडनी रोग से पीड़ित बच्चों के लिए वरदान साबित होंगी. डॉ. प्रदीप देबाता ने बताया, “ये मशीनें न सिर्फ एक्यूट किडनी फेलियर के लिए डायलिसिस में मदद करेंगी, बल्कि क्रोनिक किडनी रोग वाले बच्चों को ट्रांसप्लांट तक बेहतर स्थिति में रखेंगी. इतना ही नहीं, ये मशीनें प्लाज्माफेरेसिस के लिए भी इस्तेमाल हो सकती हैं, जो हेमोलिटिक यूरीमिक सिंड्रोम, लिवर फेल्यर, विल्सन डिजीज, ऑटोइम्यून एन्सेफलाइटिस और कुछ जहर के मामलों में जीवन बचाने में कारगर है.

डॉ. (प्रो.) शोभा शर्मा ने कहा, “इन मशीनों से हम ज्यादा बच्चों को डायलिसिस की सुविधा दे पाएंगे. यह सफदरजंग अस्पताल के लिए गर्व की बात है कि हम बच्चों के लिए इतनी महत्वपूर्ण सुविधा बढ़ा पाए. ये उपकरण गंभीर हालत में पहुंचे बच्चों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाएंगे.

 

NATIONAL : पार्षदों के इस्तीफे पर AAP की पहली प्रतिक्रिया, कहा- ‘BJP हर पार्षद को 5 करोड़…’

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आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि मेयर चुनाव के समय से ही बीजेपी हमारे पार्षदों को अपने पाले में करने की कोशिश कर रही है. प्रत्येक पार्षद को 5 करोड़ रुपये की पेशकश की गई.

दिल्ली में आम आदमी पार्टी में बड़ी बगावत देखने को मिली है. पार्टी के फैसले से नाराज होकर आप के 15 पार्षदों ने आप की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. साथ ही अपनी नहीं पार्टी बनाने का भी ऐलान कर दिया है. वहीं इन पार्षदों की बगावत पर आम आदमी पार्टी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है.

आम आदमी पार्टी ने कहा, “मेयर चुनाव के समय से ही बीजेपी हमारे पार्षदों को अपने पाले में करने की कोशिश कर रही है. प्रत्येक पार्षद को 5 करोड़ रुपये की पेशकश की गई. बीजेपी के पास स्थायी समिति या वार्ड समिति बनाने के लिए बहुमत नहीं है, इसलिए वह लोगों को खरीदने का सहारा ले रही है.”

पार्टी की तरफ से आगे कहा गया, “चूंकि हमने मेयर चुनाव के दौरान ही बीजेपी की खरीद-फरोख्त की कोशिशों को उजागर कर दिया था, इसलिए अब वे यह दिखावा करके नाटक कर रहे हैं कि ये दलबदलू दूसरी पार्टी से हैं. लेकिन कोई गलती न करें- यह शुरू से लेकर आखिर तक बीजेपी का काम है. आने वाले दिनों में सच्चाई सबके सामने आ जाएगी.”

MAHARASHTRA : रेप और ट्रैफिकिंग मामले में 3 आरोपी बरी, पीड़िता की गवाही ही बनी आधार, जानें कैसे

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ठाणे की विशेष अदालत ने 2015 के दुष्कर्म और मानव तस्करी मामले में तीन आरोपियों को पीड़िता की गवाही में विरोधाभास के चलते बरी किया. कोर्ट ने पीड़िता को बालिग माना और आरोप सिद्ध न होने की बात कही.

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में 2015 में दर्ज एक बहुचर्चित दुष्कर्म और मानव तस्करी के मामले में विशेष अदालत ने 3 आरोपियों को बरी कर दिया है. यह फैसला विशेष न्यायाधीश डीएस देशमुख की अदालत ने सुनाया, जिसमें पीड़िता की गवाही में गंभीर विसंगतियों को प्रमुख आधार बनाया गया.

अदालत ने राधिका उर्फ मुस्कान विनोद जाधव, संजीव उर्फ बंटी ध्रुव वर्मा और मुख्य फरार आरोपी प्रवीण ओमप्रकाश मिश्रा को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया. पीटीआई के अनुसार 2015 के इस केस में इन पर भारतीय दंड संहिता के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम और अनैतिक तस्करी (रोकथाम) अधिनियम के तहत गंभीर आरोप लगे थे.

अभियोजन पक्ष ने दावा किया था कि अगस्त 2015 में प्रवीण मिश्रा ने एक नाबालिग लड़की का यौन शोषण किया और बाद में उसे राधिका जाधव को सौंप दिया, जिसने कथित तौर पर पीड़िता को देह व्यापार में धकेल दिया. इस प्रक्रिया में वर्मा की भी संलिप्तता बताई गई थी. हालांकि, अदालती कार्यवाही के दौरान पीड़िता की उम्र और बयान में विरोधाभास सामने आए, जिससे मामला कमजोर हो गया. अदालत ने पाया कि घटना के समय लड़की वास्तव में बालिग थी और उसके बयान अभियोजन पक्ष के दावों से मेल नहीं खाते.

न्यायाधीश देशमुख ने फैसले में बताया कि पीड़िता ने स्वयं यह स्वीकार किया कि वह अपनी इच्छा से प्रवीण मिश्रा के साथ गई थी और उससे विवाह भी किया. इतना ही नहीं, मिश्रा के साथ संबंध बनने के बाद उसने एक बच्चे को जन्म दिया. अदालत को इस बात का भी कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला कि उसे जबरन वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया गया था. इसके विपरीत, पीड़िता ने इस तरह के किसी भी दबाव या प्रलोभन से इनकार किया.

इस पूरे मामले में पीड़िता के पिता की गवाही भी अभियोजन के पक्ष में नहीं रही. उन्होंने स्पष्ट रूप से अदालत को बताया कि उनकी बेटी घटना के समय 18 वर्ष से अधिक की थी और उन्होंने किसी प्रकार के यौन उत्पीड़न या जबरन देह व्यापार के आरोपों की पुष्टि नहीं की. इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने यह निष्कर्ष निकाला कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा और तीनों आरोपियों को बरी कर दिया गया. अदालत का यह फैसला 9 मई को सुनाया गया, जिसकी प्रति शुक्रवार (16 मई) को सार्वजनिक की गई.

 

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