Friday, June 26, 2026
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ENTERTAINMENT : रश्मिका मंदाना संग डेटिंग पर विजय देवरकोंडा ने तोड़ी चुप्पी, बोले – ‘अभी पार्टनर की तलाश नहीं कर रहा’

विजय देवरकोंडा ने हाल ही में अपनी शादी की प्लानिंग को लेकर बड़ा खुलासा किया. एक्टर ने कहा कि वो अभी पार्टनर की तलाश नहीं कर रहे. विजय देवरकोंडा का नाम साउथ इंडस्ट्री के टॉप स्टार्स की लिस्ट में शुमार है. हालांकि विजय अपने काम से ज्यादा लव लाइफ को लेकर चर्चा में रहते हैं. खबरों के अनुसार वो रश्मिका मंदाना संग रिलेशनशिप में हैं. इसी बीच एक्टर ने अपनी शादी के प्लान को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया और कहा कि अभी वो पार्टनर की तलाश नहीं कर रहे.

विजय देवरकोंडा फिल्मफेयर संग बात करते हुए अपनी लव लाइफ पर खुलासा किया. जब उनसे पूछा गया कि क्या आप रिलेशनशिप में हो, तो एक्टर ने जवाब दिया, “ आप अंदरूनी लोगों से पूछिए.” वहीं जब रश्मिका संग ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री के बारे में पूछा गया. तो उन्होंने कहा, “मैंने रश्मिका के साथ ज्यादा फिल्में नहीं की, मुझे ये करना चाहिए. क्योंकि वो एक बेहतरीन एक्ट्रेस और एक खूबसूरत महिला हैं. इसलिए केमिस्ट्री की कोई प्रोब्लम नहीं होनी चाहिए.”

विजय ने आगे ये भी कहा, “ वो बहुत मेहनती हैं. वो अपनी इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प से किसी भी चीज को हरा सकती हैं. साथ ही वो दयालु भी बहुत हैं और अपने ऊपर सभी की खुशी को प्राथमिकता देती हैं.”

वर्कफ्रंट की बात करें तो विजय को आखिरी बार ‘द फैमिली स्टार’ में देखा गया था. बता दें कि रश्मिका और विजय की डेटिंग की खबरें तब उड़ी जब दोनों कई बार लंच और वेकेशन पर एकसाथ स्पॉट किए गए. कुछ वक्त पहले रश्मिका के बर्थडे पर भी दोनों ने साथ में सीक्रेट वेकेशन एंजॉय किया था. दोनों की पोल तब खुली जब उनकी एक ही लोकेशन्स की फोटोज फैंस ने पकड़ ली. लेकिन फिर भी रश्मिका और विजय ने आजतक एक दूसरे को डेट करने पर कोई रिएक्शन दिया है.

 

NATIONAL : माणा गांव में पुष्कर कुंभ का अद्भुत आयोजन, उमड़े श्रद्धालु, आस्था की डुबकी और रोजगार की बयार

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पुष्कर कुंभ के आयोजन से यह स्पष्ट हुआ है कि यदि धार्मिक पर्यटन को स्थानीय संस्कृति और सुविधाओं से जोड़ा जाए, तो इससे तीर्थ यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलता है। उत्तराखंड के चमोली जिले में चीन सीमा से सटे देश के पहले गांव माणा में इन दिनों आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. अलकनंदा और सरस्वती नदी के संगम स्थल ‘केशव प्रयाग’ में 12 वर्षों बाद आयोजित हो रहे पुष्कर कुंभ में हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. खास बात यह है कि इस आयोजन में दक्षिण भारत से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं, जो न केवल पवित्र संगम में डुबकी लगा रहे हैं, बल्कि विधिपूर्वक पिंडदान और तर्पण जैसे कर्म भी कर रहे हैं.

14 मई से शुरू हुआ यह धार्मिक आयोजन 26 मई तक चलेगा. अब तक आठ हजार से अधिक श्रद्धालु इस पुण्य अवसर का लाभ ले चुके हैं. शनिवार को ही पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान कर पुण्य अर्जित किया. आयोजन की विशेषता यह है कि यह न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे माणा गांव के स्थानीय लोगों को भी प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल रहा है.

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के चलते माणा गांव के सभी होमस्टे पूरी तरह भर चुके हैं. इससे गांव के लोगों को न केवल आय का साधन मिला है, बल्कि स्थानीय संस्कृति और आतिथ्य का परिचय देने का अवसर भी प्राप्त हुआ है. जिन घरों में पहले कुछ पर्यटक ही आते थे, आज वहां दक्षिण भारत से आए श्रद्धालुओं का स्वागत किया जा रहा है.

पुलिस प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवक भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार जुटे हुए हैं. संगम तक पहुंचने वाले पैदल मार्गों पर भीड़ को नियंत्रित करने और मार्गदर्शन देने के लिए सुरक्षा कर्मी व स्थानीय लोग लगातार सेवा कर रहे हैं.

पुष्कर कुंभ को लेकर दक्षिण भारत में विशेष आस्था देखने को मिलती है. यही कारण है कि इस आयोजन में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माणा पहुंचे हैं. कुछ श्रद्धालु परिवारों सहित यहां 4-5 दिन ठहर रहे हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले रहे हैं.

स्नान के साथ-साथ श्रद्धालु माणा गांव के आसपास स्थित अन्य धार्मिक और पौराणिक स्थलों के भी दर्शन कर रहे हैं. इनमें भीमपुल, व्यास गुफा, गणेश गुफा, सहस्रधारा जैसे स्थल प्रमुख हैं. इन स्थलों से जुड़ी कथाएं श्रद्धालुओं के बीच उत्सुकता का विषय बनी हुई हैं.

पुष्कर कुंभ के आयोजन से यह स्पष्ट हुआ है कि यदि धार्मिक पर्यटन को स्थानीय संस्कृति और सुविधाओं से जोड़ा जाए, तो इससे न केवल तीर्थ यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है.

इस कुंभ को लेकर स्थानीय प्रशासन से लेकर धार्मिक संगठनों तक ने मांग की है कि भविष्य में इसे और व्यापक रूप से आयोजित किया जाए. श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाएं, जैसे स्वच्छ जल, शौचालय, रुकने की उचित व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जाए, ताकि यह आयोजन भविष्य में और अधिक प्रभावी, सुव्यवस्थित और व्यापक बन सके , एकaमाणा गांव का यह पुष्कर कुंभ आयोजन न केवल आस्था का प्रतीक बनकर उभरा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि धार्मिक आयोजनों के जरिए सीमावर्ती गांवों में भी विकास की नई राहें खोली जा सकती हैं.

 

NATIONAL : नैनीताल में पिता-पुत्री ने जहर खाकर की आत्महत्या, क्षेत्र में फैली सनसनी

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सूचना मिलने के बाद राजस्व पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और गंभीर अवस्था में पिता-पुत्री को अस्पताल ले जाया गया। नैनीताल जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. शहर के कालाढूंगी रोड स्थित बजून इलाके में एक पिता और उसकी पुत्री ने अज्ञात कारणों के चलते जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और आसपास के लोग स्तब्ध हैं.

मिली जानकारी के अनुसार बजून निवासी गोपाल दत्त जोशी (47) और उनकी पुत्री ने रविवार को जहरीला पदार्थ खा लिया. जहरीला पदार्थ सेवन करने के बाद दोनों की हालत बिगड़ने लगी. जब ग्रामीणों को इस बात की जानकारी हुई तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे और घटना की सूचना राजस्व पुलिस को दी.

सूचना मिलने के बाद राजस्व पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और गंभीर अवस्था में पिता-पुत्री को अस्पताल ले जाया गया. लेकिन चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पिता और पुत्री ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया.

स्थानीय लोगों के अनुसार गोपाल दत्त जोशी एक सरल स्वभाव के व्यक्ति थे और आमतौर पर किसी से कोई विवाद नहीं था. उनकी पुत्री भी पढ़ाई में सामान्य थी और परिवार किसी बड़ी आर्थिक तंगी में नहीं दिख रहा था.राजस्व पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी.

इस दुखद घटना से बजून क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है. ग्रामीणों और परिचितों ने परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है. पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे छिपे कारणों का पता लगाया जा सके.

 

NATIONAL : महिला टीचर ने क्लास में बच्चों से पढ़वाया कलमा, पेरेंट्स भड़के तो स्कूल ने शिक्षिका को किया बर्खास्त

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अभिभावकों ने स्कूल में कहा कि ऐसी चीजें सहन नहीं की जाएंगी. उन्होंने महिला टीचर को स्कूल से निकालने की मांग रखी. इस पर स्कूल प्रिंसिपल ने पेरेंट्स को पूरे सहयोग का आश्वासन दिया और उनकी मांग पर टीचर को सेवामुक्त कर दिया. प्रिंसिपल ने इस वाकये के लिए माफी भी मांगी.

हरियाणा में पानीपत शहर के सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में एक महिला टीचर की ओर से 8वीं क्लास के बच्चों को कलमा पढ़वाने का मामला सामने आया है. इसका खुलासा तब हुआ जब बच्चों ने घर जाकर कलमा गुनगुनाया.इसके बाद बच्चों के परिजनों को इसकी जानकारी हुई.अभिभावक एकत्र होकर स्कूल पहुंचे और स्कूल में टीचर के खिलाफ शिकायत दी गई. इसके बाद माता-पिता की शिकायत पर महिला टीचर को तुरंत स्कूल से बर्खास्त कर दिया गया है. मामला बिगड़ने की आशंका पर पुलिस भी मौके पर पहुंची थी, लेकिन मामले में समझौता करवा दिया गया है.

जानकारी के अनुसार, सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल 2002 से चल रहा है. इसमें 2 दिन पहले मॉर्निंग असेंबली के बाद स्कूल लगा था. इसी में कक्षा 8वीं में संस्कृत की टीचर महजीब अंसारी उर्फ माही ने लेक्चर लिया. इस लेक्चर के दौरान टीचर ने बच्चों को कलमा पढ़ाया.स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चे घर पहुंचे. वहां पहुंच कर उन्होंने कलमा गुनगुनाया. इसे परिजनों ने सुन लिया. तब बच्चों से जानकारी ली गई, तो उन्हें पता चला कि स्कूल में मैडम ने सिखाया है. इसके बाद आसपास के सभी अभिभावकों ने आपसी तौर पर बातचीत की.

इसके बाद शनिवार को 8वीं कक्षा के बच्चों के अभिभावक इकट्‌ठे होकर स्कूल पहुंचे.उनके साथ हिंदू महासभा के सदस्य भी थे. मामले की सूचना पुलिस को भी दी गई. काफी देर तक स्कूल प्रशासन, अभिभावकों और टीचर के बीच बातचीत चलती रही.

अभिभावकों ने स्कूल में कहा कि ऐसी चीजें सहन नहीं की जाएंगी. उन्होंने महिला टीचर को स्कूल से निकालने की मांग रखी. इस पर स्कूल प्रिंसिपल ने पेरेंट्स को पूरे सहयोग का आश्वासन दिया और उनकी मांग पर टीचर को सेवामुक्त कर दिया. प्रिंसिपल ने इस वाकये के लिए माफी भी मांगी.

एक साल से पढ़ा रही थी टीचर
इस बारे में स्कूल प्रिंसिपल इंदु ने बताया है कि टीचर एक साल से स्कूल में पढ़ा रही थी. वह संस्कृत की टीचर थी. टीचर भी अपनी इस हरकत पर शर्मिंदा थी और उसने माफी मांगी है. अभिभावकों की मांग पर टीचर को रिलीव कर दिया गया है. टीचर को माही नाम से जाना जाता है.

जब प्रिंसिपल से पूछा गया कि टीचर का नाम बदलकर स्कूल में क्यों पुकारा जाता है? इस पर प्रिंसिपल ने कहा कि उनका नाम बड़ा है और कंफ्यूजन करने वाला है. इसलिए, उन्हें उनके निकनेम माही से पुकारा जाता है. स्कूल के रजिस्टर में उनका असली नाम ही दर्ज है. इसमें उनका नाम छिपाने की कोई साजिश नहीं है.

NATIONAL : गुरुग्राम में जॉब, फिर पाकिस्तान के लिए ‘जासूसी’… यूट्यूबर ज्योति पर लगे संगीन आरोप पर फैमिली ने क्या कहा?

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वह कोरोना लॉकडाउन से पहले गुरुग्राम में नौकरी करती थी और फिर यूट्यूब चैनल पर ट्रैवल ब्लॉगिंग करने लगी, लेकिन अब वही ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोपों में गिरफ्तार हो चुकी है. हिसार की रहने वाली इस यूट्यूबर को लेकर पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं, वहीं उसके परिवार ने भी बेटी की पाकिस्तान यात्राओं और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर कई अहम बातें बताई हैं.

हरियाणा के हिसार की रहने वाली यूट्यूबर ज्योति रानी मल्होत्रा को पाकिस्तान (Pakistan) के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इस गिरफ्तारी ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है. वहीं, आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब उसके पिता हरीश मल्होत्रा सामने आए हैं. उन्होंने बेटी के यूट्यूब करियर से लेकर पाकिस्तान यात्रा तक की अहम बातें साझा की हैं.

दरअसल, ज्योति मल्होत्रा ‘ट्रैवल विद जो’ नाम से यूट्यूब चैनल चलाती थी. अब उस पर आरोप है कि वह पाकिस्तान हाई कमीशन के अधिकारियों और वहां की खुफिया एजेंसी के संपर्क में थी. इसी सिलसिले में पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पांच दिन के रिमांड पर भेजा है.

इस पूरे मामले के बीच ज्योति के पिता हरीश मल्होत्रा ने मीडिया से बातचीत में कई अहम बातें कही हैं. उन्होंने बताया कि लॉकडाउन से पहले ज्योति गुरुग्राम की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती थी. नौकरी छोड़ने के बाद वह हिसार वापस आ गई और यूट्यूब पर ट्रैवल व्लॉग बनाने लगी. पिछले तीन साल से वह लगातार ट्रैवल वीडियो अपलोड कर रही थी.

पिता ने स्वीकार किया कि उनकी बेटी पाकिस्तान गई थी. उन्होंने कहा कि ज्योति ने पाकिस्तान जाने से पहले वीजा लिया था और उसके तमाम दस्तावेज पूरे थे. ज्योति मल्होत्रा के पिता मनीष मल्होत्रा ने बताया कि गुरुवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे पुलिस की एक टीम उनके घर पहुंची थी. टीम में पांच-छह पुलिसकर्मी थे और एक महिला अधिकारी भी शामिल थी. उन्होंने बिना ज्यादा बातचीत किए सीधे घर के अंदर जाकर तलाशी शुरू कर दी.

पुलिस ने पूरे घर की वीडियो रिकॉर्डिंग की और करीब एक घंटे की तलाशी के बाद ज्योति को साथ लेकर चली गई. मनीष मल्होत्रा के मुताबिक, पुलिस उनके घर से तीन मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, बैंक की पासबुक, एफडी की कॉपियां और ज्योति का पासपोर्ट भी अपने साथ ले गई.

उन्होंने बताया कि ज्योति को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जिसमें तीन दिन बीत चुके हैं. पूछताछ के दौरान पुलिस ने बताया कि ज्योति पाकिस्तान एक बार ही गई थी, और वह भी वीजा और पासपोर्ट के जरिए पूरी प्रक्रिया के बाद गई थी. उनके अनुसार, यात्रा से पहले ज्योति की जांच-पड़ताल भी हुई थी, जिसमें सीआईडी ने उसे क्लीयरेंस दी थी.मनीष मल्होत्रा ने यह भी कहा कि उन्हें अपनी बेटी के यूट्यूब चैनल की ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन वह पिछले कुछ वर्षों से ट्रैवल से जुड़ा कंटेंट बनाकर सोशल मीडिया पर एक्टिव थी.

पुलिस के मुताबिक ज्योति साल 2023 में वीजा लेकर पाकिस्तान गई थी. वीजा के लिए वह दिल्ली स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन गई थी, जहां उसकी मुलाकात अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश नामक अधिकारी से हुई. यहीं से उसका पाकिस्तान से संपर्क शुरू हुआ. बाद में उसने दो बार पाकिस्तान की यात्रा की और वहां इंटेलिजेंस से जुड़े कुछ अधिकारियों से भी मिली.

जांच में सामने आया है कि ज्योति ने पाकिस्तानी एजेंट शाकिर का मोबाइल नंबर अपने फोन में ‘जट रधांवा’ नाम से सेव कर रखा था, ताकि किसी को शक न हो. वह स्नैपचैट, टेलीग्राम और वॉट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लगातार संपर्क में बनी रही और देश विरोधी सूचनाएं साझा करती रही.

डीएसपी कमलजीत के मुताबिक, ज्योति के लैपटॉप और मोबाइल से कुछ संदिग्ध दस्तावेज और सामग्री बरामद हुई है, जिसकी जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि ज्योति को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है. शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि वह पाकिस्तानी नागरिकों के संपर्क में थी और उनके साथ संवेदनशील सूचनाएं साझा कर रही थी.

ज्योति सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थी और उसने पाकिस्तान में भी कुछ वीडियो बनाए थे, लेकिन अब ये वीडियो भी जांच के दायरे में आ गए हैं. पुलिस उन तमाम डिजिटल गतिविधियों को खंगाल रही है जो ज्योति ने पिछले दो वर्षों में की हैं. फिलहाल पुलिस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है. ज्योति के पाकिस्तान दौरे, वहां की गतिविधियों और भारत लौटने के बाद की सभी जानकारियां खंगाली जा रही हैं.

UP : ‘नेपाली पादरी प्रलोभन देकर करा रहे हैं धर्मांतरण…’, सिख प्रतिनिधिमंडल की शिकायत पर पीलीभीत प्रशासन ने शुरू की जांच

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पीलीभीत जिला मजिस्ट्रेट संजय कुमार सिंह ने शनिवार को कहा, ‘सिखों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को हमसे मुलाकात की और बड़े पैमाने पर सिखों के अवैध धर्मांतरण का आरोप लगाया. मैंने पूरनपुर के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट को जिला पुलिस के साथ मिलकर मामले की जांच करने का निर्देश दिया है.’

यूपी स्थिति पीलीभीत जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर सिख समुदाय के लोगों का कथित तौर पर ईसाई धर्म में धर्मांतरण की शिकायतों के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है. प्रशासन ने बताया कि सिख संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा मामले को प्रशासन के संज्ञान में लाया गया है, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

कुमार सिंह ने शनिवार को कहा, ‘सिखों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को हमसे मुलाकात की और बड़े पैमाने पर सिखों के अवैध धर्मांतरण का आरोप लगाया. मैंने पूरनपुर के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट को जिला पुलिस के साथ मिलकर मामले की जांच करने का निर्देश दिया है.’

शुक्रवार को हुई बैठक के दौरान ऑल इंडिया सिख पंजाबी कल्याण परिषद के सदस्यों ने दावा किया कि हाल ही में लगभग 3,000 सिखों को ईसाई धर्म में धर्मांतरण किया गया है.

उन्होंने अधिकारियों को 160 परिवारों की लिस्ट भी सौंपी और आरोप लगाया कि उनका धर्म परिवर्तन कराया गया. प्रतिनिधिमंडल के सदस्य हरपाल सिंह जग्गी ने मीडिया को बताया, ‘नेपाली पादरी प्रलोभन देकर लोगों का जबरन धर्म परिवर्तन करा रहे हैं.’उन्होंने फरवरी में आयोजित एक कार्यक्रम का भी जिक्र किया, जिसमें 180 परिवारों ने कथित तौर पर सिख धर्म में घर वापसी की.

जग्गी ने दावा किया कि इस तरह के अवैध धर्मांतरण 2020 से क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों में हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि भोले-भाले पीड़ितों को दबाव, प्रलोभन और बीमारियों को ठीक करने के झूठे वादों से बहकाया गया.

 

NATIONAL : चारमीनार के पास इमारत में लगी भीषण आग, 17 लोगों की मौत

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हैदराबाद के ऐतिहासिक चारमीनार के पास गुलज़ार हाउस की एक बिल्डिंग में रविवार को भीषण आग लगने से 17 लोगों की मौत हो गई, जिनमें बच्चे और महिलाएं शामिल हैं. हालांकि, अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.

हैदराबाद के ऐतिहासिक चारमीनार के पास गुलज़ार हाउस की एक बिल्डिंग में रविवार को भीषण आग लगने से 17 लोगों की मौत हो गई, जिनमें बच्चे और महिलाएं शामिल हैं. हालांकि, अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.इस दुख हादसे पर पीएम नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है. पीएम ने एक्स पर लिखा, ‘हैदराबाद में आग लगने की घटना में लोगों की मौत से बहुत दुखी हूं.’

पीएम ने हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले के प्रति संवेदनाएं प्रकट की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. पीएम ने एक्स पर लिखा, ‘हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं. मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं.’

पुलिस के अनुसार, हादस में मृत लोगों की पहचान 30 वर्षीय अभिषेक मोदी, राजेंद्र कुमार (67), मुन्नीभाई (72), सुमित्रा (65), इराज (2 वर्ष), आरुषि जैन (17), हर्षाली गुप्ता (7 वर्ष) और शीतज जैन (37) के रूप में की गई है। पीड़ितों में दो बच्चे और एक नाबालिग है.पुलिस का कहना है कि अब तक रेस्क्यू टीम ने 10 से 15 लोगों को सफलतापूर्वक बचाया लिया है. स्थानीय विधायक ने स्थिति का आकलन करने और राहत प्रयासों में समन्वय स्थापित करने के लिए घटनास्थल का दौरा किया है.

वहीं, केंद्रीय मंत्री और राज्य भाजपा प्रमुख जी किशन रेड्डी, तेलंगाना के मंत्री पोन्नम प्रभाकर भी रेस्क्यू ऑपरेशन का निरीक्षण करने पहुंचे. चारमीनार के पूर्व विधायक और एआईएमआईएम नेता मुमताज अहमद खान भी मौके पर मौजूद थे.इसके अलावा मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने घटना पर विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए संबंधित मंत्री पोन्नम प्रभाकर से बात की है. मुख्यमंत्री ने आग से प्रभावित परिवारों को सांत्वना देने के लिए फोन पर भी बात की.

मुख्यमंत्री ने मंत्री प्रभाकर को आपदा से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया. उन्होंने आग में घायल हुए लोगों के लिए सर्वोत्तम संभव चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया.

 

DELHI : मेट्रो स्टेशन से सवारी लेकर निकले टैक्सी ड्राइवर की बेरहमी से हत्या, रूट को लेकर हुआ था झगड़ा

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आरोपी रोहित ने पुलिस को बताया कि उसने इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन से हरियाणा के निजामपुर गांव के लिए इसराफिल की कैब बुक की थी. यात्रा के दौरान, कथित तौर पर उसका ड्राइवर से रूट को लेकर झगड़ा हो गया और नशे की हालत में उसने उस पर चाकू से हमला कर दिया.

राजधानी दिल्ली में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन से बुकिंग लेकर निकले एक टैक्सी ड्राइवर की रूट को लेकर हुए विवाद में हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान 40 वर्षीय इसराफिल के रूप में हुई है. पुलिस ने हत्या के आरोप में 23 वर्षीय आरोपी रोहित को गिरफ्तार किया है, जो हरियाणा के झज्जर जिले का निवासी है.

घटना 15 मई को तब सामने आई जब पुलिस को सावड़ा गांव के पास एक खेत में खून से सनी कार और एक शव पड़े होने की सूचना मिली. पुलिस मौके पर पहुंची तो खेत से करीब 50 मीटर की दूरी पर एक व्यक्ति का शव मिला जिसके सिर, हाथ और पीठ पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे. पुलिस उपायुक्त (रोहिणी) अमित गोयल ने बताया, “मौके पर पहुंचने पर पुलिस को हरियाणा नंबर की खून से सनी कार और करीब 50 मीटर दूर खेतों में एक पुरुष का शव पड़ा मिला.”

डीसीपी अमित गोयल के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी रोहित ने इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन से हरियाणा के निजामपुर गांव तक की टैक्सी बुक की थी. रास्ते में दोनों के बीच रूट को लेकर विवाद हुआ और नशे में धुत रोहित ने इसराफिल पर चाकू से हमला कर दिया. हत्या के बाद आरोपी ने शव को खेत में फेंक दिया और फरार हो गया.

इसके बाद कंझावला पुलिस स्टेशन में बीएनएस की संबंधित धारा के तहत मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने टैक्सी की ऐप बुकिंग की जानकारी के आधार पर आरोपी की पहचान की और झज्जर से गिरफ्तार किया. पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है.

रोहित ने पुलिस को बताया कि उसने इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन से हरियाणा के निजामपुर गांव के लिए इसराफिल की कैब बुक की थी. यात्रा के दौरान, कथित तौर पर उसका ड्राइवर से रूट को लेकर झगड़ा हो गया और नशे की हालत में उसने उस पर चाकू से हमला कर दिया. डीसीपी ने बताया कि इसराफिल को चाकू मारने के बाद रोहित ने शव को कार से बाहर निकाला और खेतों में छोड़कर मौके से भाग गया.पुलिस ने वाहन बरामद कर लिया है और जांच कर रही है कि हत्या पूर्व नियोजित थी या केवल झगड़े के कारण हुई. अधिकारी ने बताया कि अपराध में इस्तेमाल हथियार अभी तक बरामद नहीं हुआ है.

UP : मथुरा में पकड़े गए 90 बांग्लादेशी, भारत में एक दशक से रह रहे थे… पुलिस के खुलासे ने उड़ाए होश

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मथुरा में अवैध रूप से रह रहे 90 बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया है. इनमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि ये लोग केवल हाल ही में नहीं, बल्कि पिछले एक दशक से अधिक समय से भारत के अलग-अलग राज्यों में रह रहे थे. कुछ ने तो भारत में रहने के लिए आधार और पैन कार्ड तक हासिल कर लिए थे.

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां 90 बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से भारत में रह रहे होने के आरोप में हिरासत में लिया गया है. पुलिस के अनुसार, इन लोगों में से कई पिछले एक दशक से अधिक समय से देश में रह रहे थे, जबकि कुछ ने भारत में रहने के प्रमाण के रूप में पैन कार्ड और आधार कार्ड तक बनवा लिए थे.

एजेंसी के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने बताया कि मथुरा के नौझील थाना क्षेत्र के अंतर्गत खजपुर गांव स्थित स्थानीय ईंट भट्ठों से इन बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया. इनकी कुल संख्या 90 थी, जिनमें 37 पुरुष, 31 महिलाएं और 22 बच्चे शामिल हैं.पुलिस का कहना है कि ये सभी नागरिक मूल रूप से बांग्लादेश के कुरीग्राम जिले के निवासी हैं. प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि वे मथुरा में तीन से चार महीने पहले आए थे, लेकिन उनमें से कई इससे पहले देश के विभिन्न हिस्सों राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में वर्षों से रह रहे थे.

एसएसपी ने बताया कि सभी वयस्क पुरुषों और महिलाओं के खिलाफ विदेशी नागरिक अधिनियम, 1946 की धारा 14 और भारतीय न्याय प्रणाली की अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने इनके पास से 31 मोबाइल फोन, एक पैन कार्ड, दो मूल आधार कार्ड और चार आधार की फोटोकॉपी भी जब्त की हैं.

इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इन नागरिकों का वर्षों तक देश में बिना वैध दस्तावेजों के रहना और सरकारी पहचान पत्र प्राप्त करना गंभीर चूक को उजागर करता है. अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि किस स्तर पर इन लोगों को दस्तावेज जारी किए गए और इसमें कौन-कौन शामिल हो सकता है. फिलहाल सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है और उनके भारत आने के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है.

NODIA : हाईटेंशन लाइन में फंसा साइनबोर्ड का टुकड़ा, बिजली कर्मी की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

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नोएडा में तेज हवा के कारण हाईटेंशन लाइन पर साइनबोर्ड का टुकड़ा अटक गया. घटना के तुरंत बाद बिजली विभाग ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर एक टीम को भेजा, जिनमें से एक कर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर हाई वोल्टेज लाइन पर चढ़ गया और साइनबोर्ड के टुकड़े को हटा दिया. इसका एक वीडियो भी तेज से वायरल हो रहा है.

तेज आंधी और बारिश के चलते नोएडा के कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है. कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ. इस बीच, सेक्टर-20 के पास एक हाइटेंशन लाइन पर तेज हवा के कारण उड़कर एक बड़ा साइनबोर्ड का टुकड़ा फंस गया. इस घटना से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. अगर लाइन टूट जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन बिजली विभाग के कर्मियों की तत्परता और बहादुरी ने इसे टाल दिया.

हाईटेंशन लाइन पर साइनबोर्ड का टुकड़ा अटकने के बाद बिजली विभाग का एक कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर हाई वोल्टेज लाइन पर चढ़कर साइनबोर्ड के टुकड़े हटा दिया. इस दौरान बिजली आपूर्ति को कुछ देर के लिए रोकना पड़ा था, लेकिन बिजली विभाग ने जल्द ही सप्लाई सुचारू कर दी.

घटना के इस वीडियो को आसपास से गुजर रहे लोगों ने एक अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया जो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में बिजली कर्मचारी को हाईटेंशन लाइन पर चढ़कर बोर्ड हटाते हुए देखा जा सकता है. लोग सोशल मीडिया पर बिजली विभाग के कर्मी की हिम्मत और समर्पण की जमकर तारीफ कर रहे हैं, जबकि एक यूजर ने तो कर्मचारी को ‘सुपरमैन’ बताया है.

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