Saturday, June 27, 2026
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BIHAR : बिहार के सीतामढ़ी में 250 रुपये के लिए अधेड़ की पीट-पीटकर हत्या, शव रखकर परिजनों ने किया हंगामा

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बिहार के सीतामढ़ी जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां महज 250 रुपये की बकाया राशि को लेकर एक अधेड़ व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई की गई. इसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मृतक एक दुकान चलाता था. किराए के विवाद में उनकी जान चली गई. परिजनों ने शव को आरोपी के घर के सामने रखकर जमकर हंगामा किया.

बिहार के सीतामढ़ी जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां 250 रुपयों के विवाद में एक 50 वर्षीय व्यक्ति बेरहमी से पिटाई की गई. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने शव को आरोपी के घर के सामने रखकर हंगामा किया. इस संबंध में जानकारी मिलने के बाद पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और घटना का जायजा लिया.

जानकारी के अनुसार, यह घटना सीतामढ़ी के रून्नी सैदपुर थाना क्षेत्र के रुन्नी गांव की है. यहां रहने वाले 50 वर्षीय दहौर पासवान की हत्या कर दी गई. दहौर एक स्थानीय व्यक्ति की जमीन पर छोटी सी दुकान चलाते थे, जिसका महीने का किराया 500 रुपये तय था. उन्होंने 250 रुपये जमीन मालिक को दे दिए थे, जबकि बाकी के 250 रुपये बकाया थे. इन्हीं पैसों को लेकर जमीन मालिक सफीउल्लाह खान ने रामबाबू पासवान नाम के व्यक्ति को भेजा, जो किराया वसूलने दहौर पासवान के पास गया.

पैसों को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई और रामबाबू ने दहौर पासवान के साथ मारपीट शुरू कर दी. पिटाई इतनी बेरहमी से की गई कि अधेड़ की हालत नाजुक हो गई. पहले उसे स्थानीय पीएचसी में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH), मुजफ्फरपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

इसके बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने मृतक का शव लेकर आरोपी के घर के बाहर रख दिया और जमकर हंगामा किया. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया. लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया.

एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए. पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा. है. प्राथमिक जांच में पैसे के लेन-देन के चलते मारपीट की बात सामने आई है. डीएसपी राम कृष्ण ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हत्या का कारण स्पष्ट हो सकेगा. हालांकि ढाई सौ रुपये के लेनदेन को लेकर पिटाई की बात सामने आ रही है. उधर परिजनों ने भी ढाई सौ रुपये के लिए हत्या की बात कही है.

NATIONAL : गुरुग्राम से ‘लापता’ IT कंपनी का मैनेजर अयोध्या में मिला, नाले के पास लावारिस मिली थी कार

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दिल्ली से रहस्यमयी हालात में लापता हुआ गुरुग्राम की एक IT कंपनी का मैनेजर असल में खुद ही अपनी गुमशुदगी की पटकथा लिखकर फरार हुआ था। जिस मामले में आत्महत्या की आशंका जताकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, वह शख्स उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एक धर्मशाला में छिपा मिला। वजह थी उस पर चढ़ा लाखों रुपये का कर्ज, जिससे बचने के लिए उसने खुद को ‘गायब’ कर देने की चाल चली.

दिल्ली से रहस्यमयी तरीके से लापता हुए एक IT प्रोफेशनल की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. पुलिस का कहना है कि जिस शख्स के गायब होने से खुदकुशी की आशंका जताई जा रही थी, वह असल में कर्ज के बोझ से परेशान था, इसीलिए वह लापता होकर अयोध्या में छिपा बैठा था. पुलिस ने अयोध्या के एक धर्मशाला से बरामद किया है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह 42 वर्षीय शख्स गुरुग्राम स्थित एक मल्टीनेशनल IT कंपनी में मैनेजर के पद पर है.

एजेंसी के अनुसार, यह मामला तब सामने आया, जब दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के ककरोला इलाके में एक कार लावारिस और अनलॉक हालत में नाले के पास मिली. कार की स्थिति और लोकेशन देखकर पुलिस को आशंका हुई कि कहीं कार मालिक ने नाले में कूदकर आत्महत्या तो नहीं कर ली. इसके बाद मौके पर फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम को बुलाया गया और सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ.

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि लापता व्यक्ति ने लापता होने से एक दिन पहले अपना मोबाइल फोन पूरी तरह फॉर्मेट कर दिया था. पुलिस के लिए इस केस में बड़ा सुराग था. पुलिस को शक हुआ कि मामला खुदकुशी का नहीं, बल्कि साजिश का हो सकता है. इसके बाद टेक्निकल सर्विलांस और नेटवर्क ट्रेसिंग के जरिए उसकी लोकेशन पता की गई तो अयोध्या में ट्रेस हुई. पुलिस की एक टीम ने वहां पहुंचकर उसे एक धर्मशाला से बरामद कर लिया.

पूछताछ में इस आईटी प्रोफेशनल ने बताया कि वह भारी कर्ज में डूबा हुआ था. इसी से परेशान होकर उसने ‘लापता’ होने की कहानी रची. उसका मकसद यह दिखाना था कि वह या तो मर गया है या कहीं लापता हो गया है, ताकि उस पर कर्ज का दबाव न रहे. फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि क्या किसी और की इस साजिश में भूमिका थी. उसके खिलाफ कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है.

BIHAR : गया का नाम बदलकर हुआ ‘गया जी’, जानें मोक्ष की नगरी को सीता माता ने क्यों दिया था श्राप

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बिहार कैबिनेट ने गया शहर का नाम बदलकर ‘गया जी’ करने का प्रस्ताव मंजूर किया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसमें कुल 69 महत्वपूर्ण फैसले किए गए. गया, जो धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, खासतौर पर पितृ पक्ष और पिंडदान के लिए प्रसिद्ध है.

बिहार में स्थित प्राचीन गया शहर का नाम बदलकर ‘गया जी’ कर दिया गया है. बिहार के नीतीश सरकार ने शुक्रवार को गया का नाम बदलकर ‘गया जी’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नेतृत्व में राज्य की कैबिनेट बैठक का आयोजन हुआ. इस बैठक में नाम के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है. बैठक में कुल 69 अहम फैसले लिए गए हैं.

‘गया जी’ बिहार का दूसरा सबसे बड़ा शहर है. यह राजधानी पटना से 116 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है. प्रदेश की सरकार ने शहर के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए यह फैसला लिया है. कैबिनेट सचिवालय के अपर मुख्य सचिव सिद्धार्थ ने बताया है कि सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को सम्मान देने के उद्देश्य से गया का नाम बदलकर ‘गया जी’ किया गया है.

‘गया जी’ का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. यह शहर पिंडदान के लिए जाना जाता है. देश-दुनियाभर से लोग यहां फल्गु नदी के किनारे पितृ पक्ष में पिंडदान करने के लिए आते हैं. ऐसा माना जाता है कि पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है. गया शहर में ही बोधगया स्थित है. जहां गौतम बुद्ध को बोधि वृक्ष के नीते ज्ञान की प्राप्ति हुई थी. बोधगया में विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर स्थित है. यह एक विश्व धरोहर है. हर साल लाखों सैलानी यहां आते हैं.

ऐसी मान्यताएं हैं कि सीता माता और भगवान राम दशरथ जी के आत्मा के शांति के लिए गया पिंडदान करने गए थे. भगवान राम सीता मां को फल्गु नदी के किनारे छोड़कर जंगल पिंडदान के लिए सामग्री लाने जंगल चले गए. भगवान राम के आने से पहले दशरथ जी की आत्मा वहां प्रकट हुई और सीता माता से पिंडदान का इच्छा व्यक्त की. जिसके बाद सीता मां ने उनका पिंडदान किया.

भगवान राम जब लौटकर वापस फल्गु नदी के पास आए तो पूछा कि क्या पिंडदान हो गया? जब तक सीता माता वहां से चली गईं थीं. जवाब में फल्गु नदी सहित सभी पक्षियों ने झूठ बोल दिया कि पिंडदान नहीं हुआ.

JAIPUR : जयपुर में कार से की स्टंटबाजी, सड़क पर जा रहे चार युवकों को रौंदा…

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जयपुर के जगतपुरा इलाके में तेज़ रफ्तार और स्टंटबाज़ी की सनक में कार सवार युवकों ने चार राह चलते युवकों को जानबूझकर टक्कर मार दी। यह खौफनाक घटना कैमरे में कैद हो गई और अब सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.

राजस्थान की राजधानी जयपुर से स्टंटबाजी का खौफनाक वीडियो सामने आया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि कार सवार युवकों ने सड़क पर जानबूझकर चार लोगों पर गाड़ी चढ़ा दी. वीडियो में साफ दिख रहा है कि कार चालक तेज रफ्तार में स्टंट करता हुआ आया और युवकों को टक्कर मार दी. कार में ही सवार एक अन्य युवक ने घटना का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

हैरानी की बात यह है कि हादसे के बाद भी कार नहीं रुकी और आरोपी मौके से फरार हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह हादसा जिस समय हुआ. उस समय कुछ युवक सड़क किनारे खड़े थे. अचानक एक सफेद रंग की कार तेजी से आई और उन्हें टक्कर मार दी.

जानकारी के अनुसार, यह घटना जगतपुरा इलाके की बताई जा रही है. बीते गुरुवार की रात कार सवार युवकों ने सड़क पर जमकर उत्पात मचाया. इसी दौरान रफ्तार में स्टंटबाजी करते हुए कार बेकाबू हो गई और सड़क किनारे खड़े चार युवकों पर चढ़ गई. वहीं अपनी तरफ कार को आते देख अन्य लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.

युवक कार की टक्कर से उछलकर नीचे गिर गए. कार सवार युवक अभद्र भाषा बोलते हुए स्पीड में निकल लिए. बताया जा रहा है कि कार सवार युवक अक्सर तेज रफ्तार में स्टंट करते हैं और उसके वीडियो रिकॉर्ड कर खुद के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करते हैं.एसीपी सांगानेर विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर कार सवार युवकों की पहचान की जा रही है. इसको लेकर रामनगरिया थाने की एक टीम लगी हुई है. घटना को लेकर किसी तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है, लेकिन फिर भी पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच पड़ताल में जुटी है.

हालांकि किस्मत अच्छी थी कि चारों युवकों को ज्यादा चोट नहीं आई, लेकिन जिस लापरवाही और बेखौफ अंदाज में यह घटना अंजाम दी गई, उससे स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है. सोशल मीडिया में जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें साफ-साफ देखा जा सकता है कि टक्कर से पहले और बाद में कार में बैठे युवक अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं.

BIHAR : पुलिस की वर्दी और नकली AK-47… बिहार के मोतिहारी में रील बना रहे थे छह यूट्यूबर, पुलिस ने किया अरेस्ट

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बिहार के मोतिहारी में यूट्यूब पर फेमस होने की चाह में छह युवकों ने कानून का मजाक बनाया. पुलिस की वर्दी और AK-47 जैसे टॉय के साथ वीडियो शूट कर रहे थे, लेकिन इस ‘ड्रामे’ की भनक पुलिस को लग गई. पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया है. अब उन पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.

पूर्वी चंपारण में यूट्यूबरों की सनसनी फैलाने की होड़ अब उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा रही है. मोतिहारी के लखौरा थाना क्षेत्र से छह यूट्यूबरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जो पुलिस की वर्दी पहनकर और नकली हथियारों के साथ वीडियो शूट कर रहे थे. यहां के छह युवक पुलिस की वर्दी पहनकर और नकली AK-47 जैसे हथियारों के साथ सोशल मीडिया के लिए वीडियो बना रहे थे.

पुलिस का कहना है कि ये सभी मोतिहारी के लखौरा थाना क्षेत्र में बिना अनुमति के पुलिस जैसी वर्दी और रौबदार हथियारों के साथ रील्स शूट कर रहे थे, तभी पुलिस को भनक लगी और मौके पर पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार युवकों के कब्जे से आधा दर्जन से ज्यादा नकली हथियार और पुलिस की वर्दी बरामद की गई है.

पूछताछ में इन युवकों ने कबूला कि वे इन वीडियो को यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड कर व्यूज़ और कमाई का जरिया बनाना चाहते थे. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के पुलिस की वर्दी पहनना और नकली हथियार रखना एक संज्ञेय अपराध है, जिसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है.

गौरतलब है कि हाल के दिनों में पूर्वी चंपारण में कई यूट्यूबर अश्लीलता, अफवाह फैलाने और फेक कंटेंट बनाने के मामलों में फंसे हैं. कुछ को गिरफ्तार किया गया तो कई ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी. अब इस ताजा मामले के बाद एक बार फिर जिले में यूट्यूबरों के बीच हड़कंप मच गया है. मोतिहारी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की हरकतों से बचें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

NATIONAL : PWD अधिकारी ने सर्विस बुक ढूंढने के लिए दिया मंदिर में चावल चढ़ाने का आदेश, विभाग ने थमा दिया नोटिस

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PWD के अधीक्षण अभियंता आशुतोष कुमार ने कार्यालय के सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने घरों से दो मुट्ठी चावल लाकर मंदिर में चढ़ाएं. उनका दावा है कि इस धार्मिक प्रक्रिया से यह पता चल जाएगा कि दस्तावेज़ किसने चुराया है.

उत्तराखंड के चंपावत जिले के लोहाघाट में एक अनोखा मामला सामने आया है. लोक निर्माण विभाग (PWD) में तैनात सहायक अभियंता जयप्रकाश की सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) गायब होने पर विभाग ने ऐसा कदम उठाया है, जिसने सभी को हैरानी में डाल दिया है.PWD के अधीक्षण अभियंता आशुतोष कुमार ने कार्यालय के सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने घरों से दो मुट्ठी चावल लाकर मंदिर में चढ़ाएं. उनका दावा है कि इस धार्मिक प्रक्रिया से यह पता चल जाएगा कि दस्तावेज़ किसने चुराया है.

”खंड में कार्यरत अधिकारियों/ कर्मचारियों को सूचित किया जाता है कि खंड में कार्यरत इंजीनियर जय प्रकाश, अपर सहायक अभियंता की सेवा पुस्तिका अधिष्ठान सहायक प्रथम की अलमारी से खो गई है. कार्यालय में काफी खोजबीन करने के उपरांत भी सेवा पुस्तिका नहीं मिल पा रही है, जो काफी खेद का विषय है. जिस कारण अधिष्ठान सहायक एवं इंजीनियर जय प्रकाश मानसिक रूप से काफी चिंतित हैं. सेवा पुस्तिका ना मिलने की दशा में यह विचार आया कि क्यों ना कार्यालय के समस्त अधिकारियों / कर्मचारियों से दैवीय आस्था के आधार पर अपने-अपने घरों से 2 मुट्ठी चावल मांग कर किसी मंदिर में डाल दिया जाए. चावल मंदिर में डालने पर वही देवता न्याय करेंगे. अत: सभी से अनुरोध है कि कल 17 मई को सभी कार्यालय में उपस्थित होने पर 2 मुट्ठी चावल जमा कर दें ताकि समस्या का समाधान हो सके.”

जैसे ही यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पूरे जिले में हंगामा मच गया. आदेश की कॉपी तेजी से इंटरनेट पर फैलने लगी. मामले ने तूल पकड़ा तो विभाग के प्रमुख अभियंता ने इसका संज्ञान लिया और अधीक्षण अभियंता को नोटिस जारी किया.प्रमुख अभियंता ने अधीक्षण अभियंता से तीन दिनों के भीतर इस आदेश के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही चेतावनी दी है कि अगर समय पर जवाब नहीं दिया गया तो उत्तराखंड सरकारी सेवक आचरण नियमावली 2002 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

इस घटना ने सरकारी कार्यालयों में अंधविश्वास और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सरकारी दस्तावेज़ गायब होने की स्थिति में इस तरह के अजीबोगरीब आदेश ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है.

RAJASTHAN : मंदिर जा रहे परिवार की कार से टकराई पिकअप, दो महिलाओं की मौत, 5 घायल

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बूंदी में एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसा उस वक्त हुआ जब नवविवाहित जोड़ा अपने परिवार के सदस्यों के साथ यात्रा कर रहा था. जैसे ही कार बूंदी ज़िले के नैनवां थाना क्षेत्र में पहुंची, तभी सामने से आ रही एक तेज़ रफ्तार पिकअप ने उसे ज़ोरदार टक्कर मार दी. इस घटना में दूल्हे की मां और चाची की मौत हो गई.

राजस्थान के बूंदी जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई और नवविवाहित जोड़े सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. यह हादसा उस समय हुआ जब एक तेज़ रफ्तार पिकअप गाड़ी ने उनकी कार को सामने से टक्कर मार दी.पुलिस के अनुसार, पीड़ित परिवार सवाई माधोपुर ज़िले के एक मंदिर में दर्शन के लिए जा रहा था. कार में एक नवविवाहित जोड़ा अपने परिवार के सदस्यों के साथ यात्रा कर रहा था. जैसे ही कार बूंदी ज़िले के नैनवां थाना क्षेत्र में पहुंची, तभी सामने से आ रही एक तेज़ रफ्तार पिकअप ने उसे ज़ोरदार टक्कर मार दी.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक इस टक्कर में 48 साल के समाबाई, जो दूल्हे की मां थीं, और 30 साल की जोधी बाई, जो दूल्हे की चाची थीं, उनकी मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद पिकअप चालक मौके से फरार हो गया, जबकि उसका वाहन घटनास्थल पर ही छोड़ गया.

घायलों की पहचान दूल्हे मुकेश मीणा (26), उसकी पत्नी सरोज (22), पिता रमेश मीणा (50), कार चालक सुरेश बंजारा (32) और पिकअप में सवार एक अन्य व्यक्ति शेजी गोस्वामी के रूप में हुई है. सभी घायलों को पहले नैनवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बूंदी ज़िला अस्पताल रेफर कर दिया गया.

नैनवां थाना प्रभारी कमलेश कुमार शर्मा ने बताया कि हादसे के बाद मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है. साथ ही फरार पिकअप चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश की जा रही है. पुलिस ने बताया कि हादसे की विस्तृत जांच जारी है.

MUMBAI : मुंबई एयरपोर्ट पर अब यह कंपनी संभालेगी ग्राउंड हैंडलिंग का काम, Celebi के सभी कर्मचारी होंगे शिफ्ट

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मुंबई हवाई अड्डा ने शुक्रवार को कहा कि उसने इंडो थाई एयरपोर्ट सर्विसेज को तीन महीने तक हवाई अड्डे पर जमीनी रखरखाव का काम सौंपा है. जमीनी रखरखाव (ग्राउंड हैंडलिंग) का अर्थ है कि विमान को हवाई अड्डे पर दी जाने वाली सेवाएं और उससे संबंधित अन्य कार्य.

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) ने शुक्रवार को घोषणा की कि इंडो थाई एयरपोर्ट सर्विसेज अगले तीन महीनों के लिए हवाई अड्डे पर ग्राउंड हैंडलिंग कार्यों का प्रबंधन करेगी.यह निर्णय अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड द्वारा तुर्की की कंपनी सिलेबी NAS के साथ मुंबई और अहमदाबाद हवाई अड्डों के लिए रियायती समझौतों को रद्द करने के एक दिन बाद आया है. केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर तुर्की की कंपनी सेलेबी की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी थी.

सुचारु और स्थिर परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइंस के साथ एक संयुक्त बैठक भी आयोजित की गई. वर्तमान में, इंडो थाई एयरपोर्ट सर्विसेज नौ हवाई अड्डों पर अपनी सेवाएं दे रही है.MIAL के बयान के अनुसार, नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी और एयरलाइनों के साथ एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई है, ताकि बदलाव के बावजूद सुव्यवस्थित व निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें. इंदो-⁠थाई एयरपोर्ट सर्विसेज पहले से ही नौ प्रमुख एयरपोर्ट्स पर ग्राउंड हैंडलिंग सेवाएं प्रदान कर रही है.

MIAL ने बताया कि सिलेबी NAS के सभी मौजूदा कर्मचारियों को उनकी वर्तमान सेवा शर्तों के साथ इंडो थाई एयरपोर्ट सर्विसेज में शिफ्ट किया जाएगा. इससे नौकरियों का नुकसान नहीं होगा और एयरलाइन भागीदारों को निर्बाध सेवा मिलती रहेगी. साथ ही, सिलेबी NAS के स्वामित्व वाले सभी ग्राउंड हैंडलिंग उपकरणों को इंडो थाई एयरपोर्ट सर्विसेज द्वारा किराए पर लिया जाएगा, ताकि सेवा में निरंतरता बनी रहे.

MIAL अगले तीन दिनों के भीतर एक दीर्घकालिक ग्राउंड हैंडलिंग भागीदार को शामिल करने के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) प्रक्रिया शुरू करेगा. नया भागीदार अगले तीन महीनों में नियुक्त हो जाएगा. CSMIA देश का दूसरा सबसे बड़ा हवाई अड्डा है, और यह कदम इसके संचालन को और मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है.

MP : पाकिस्तानी सेना के पक्ष में किया पोस्ट, MP में सरकारी स्कूल की टीचर सस्पेंड

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महिला टीचर शहनाज परवीन के अकाउंट से की गई एक सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो गई थी. इसमें पाकिस्तान का पक्ष दिखाया गया था. इस मामले के सामने आने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला टीचर को सस्पेंड कर दिया.

पाकिस्तानी सेना के पक्ष में सोशल मीडिया पोस्ट करने पर मध्य प्रदेश में एक सरकारी टीचर को सस्पेंड कर दिया गया है. जिला शिक्षा अधिकारी संजय सिंह तोमर ने यह कड़ी कार्रवाई की है. दरअसल, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मेहतवाड़ा की टीचर शहनाज परवीन के अकाउंट से की गई एक सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो गई थी. इसमें पाकिस्तान का पक्ष दिखाया गया था. इस मामले के सामने आने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला टीचर को सस्पेंड कर दिया.

शिक्षा विभाग का कहना है कि शहनाज परवीन ने अपनी पोस्ट के जरिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता का उल्लंघन किया, जिसे कदाचार मानते हुए यह निर्णय लिया गया. यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर गलत कंटेंट शेयर करने के खिलाफ शिक्षा विभाग की सख्त नीति को दर्शाती है.
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NATIONAL : रेस्टोरेंट में मिलने पहुंचा तो पत्नी ही निकली इंस्टाग्राम वाली गर्लफ्रेंड, अय्याश पति हुआ बुरी तरह बेनकाब

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शादी के बाद अतुल अक्सर मोबाइल फोन पर घंटों व्यस्त रहता और घर से बाहर जाकर ही बात करता था. उसकी इन गतिविधियों से पत्नी को शक हुआ. पूछताछ करने पर अतुल ने बताया कि कंपनी के कॉल आते हैं.

 

शादी के बाद भी खुद को अविवाहित बताकर लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाने वाले एक शख्स का भेद उसकी पत्नी ने खोल दिया. पत्नी ने सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर पति को एक रेस्टोरेंट में मिलने बुलाया और उसे रंगे हाथों पकड़ लिया.मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के माधौगंज थाना क्षेत्र में रहने वाली 23 वर्षीय युवती की शादी 2023 में एक प्राइवेट कंपनी में सेल्समैन के रूप में काम करने वाले अतुल (बदला हुआ नाम) से हुई थी.

शादी के बाद अतुल अक्सर मोबाइल फोन पर घंटों व्यस्त रहता और घर से बाहर जाकर ही बात करता था. उसकी इन गतिविधियों से पत्नी को शक हुआ. पूछताछ करने पर अतुल ने बताया कि कंपनी के कॉल आते हैं.इसके अलावा, पति का मोबाइल लॉक रखना, देर रात तक इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर चैट करना और अधिकतर समय घर से बाहर रहना नवविवाहिता को अखरने लगा.

पत्नी ने शक होने पर अपनी बहन की आईडी से एक सिम खरीदी और फर्जी नाम से इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर एक खूबसूरत लड़की की डीपी लगाई. फिर उसी आईडी से पति को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी. पति अतुल ने तुरंत रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली और घंटों चैट करने लगा. करीब दो महीने तक दोनों के बीच बातचीत चली. अतुल को शक न हो, इसलिए जब भी बातचीत करनी होती, पत्नी अपनी बहन से वॉयस कॉल पर बात करवाती थी.

अंत में, पति को रंगे हाथों पकड़ने के लिए पत्नी ने सोशल मीडिया गर्लफ्रेंड के रूप में उसे रेस्टोरेंट में मिलने बुलाया. अतुल तुरंत राजी हो गया और मिलने पहुंच गया. लेकिन जब उसने इंस्टाग्राम गर्लफ्रेंड की जगह अपनी पत्नी को देखा, तो उसके होश उड़ गए.शातिर पति ने फिर भी अपनी पत्नी से झूठ बोला कि वह किसी क्लाइंट से मिलने आया है. लेकिन जब पत्नी ने चैट हिस्ट्री दिखाई, तो उसका झूठ पकड़ा गया. पत्नी ने बताया कि इंस्टाग्राम पर जिस लड़की से वह प्रेम की बातें करता था, वह कोई और नहीं, बल्कि वह खुद थी.

इसके बाद रेस्टोरेंट में दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया और मामला महिला थाने पहुंच गया. पत्नी ने पति पर धोखेबाजी का आरोप लगाया और तलाक की मांग की. वहीं, पति ने मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाकर अलग होने की बात कही.परामर्श केंद्र में काउंसलर महेंद्र शुक्ला ने एक महीने तक दोनों की काउंसलिंग की. अंत में, पति ने अपनी गलती स्वीकार की और भविष्य में ऐसी गलती न करने का वादा किया. इसके बाद दोनों हंसी-खुशी अपने घर लौट गए. पुलिस की काउंसलिंग ने एक रिश्ता टूटने से बचा लिया.

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