Saturday, June 27, 2026
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DELHI : बुराड़ी में यमुना किनारे लगा मरी मछलियों का ढेर… प्रदूषण से बेहाल हो गए स्थानीय लोग

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किसानों का कहना है कि हरियाणा से केमिकल मिला पानी यमुना में छोड़ा गया है, जिसके कारण मछलियों की मौत हुई है. स्थानीय लोगों के अनुसार 8 नंबर नहर के जरिए यमुना में गंदा और केमिकल युक्त पानी आता है.

दिल्ली के बुराड़ी इलाके में यमुना नदी का प्रदूषण स्तर एक बार फिर चिंता का विषय बन गया है. यमुना नदी के किनारे हजारों मरी मछलियां मिलने से क्षेत्र के लोग काफी परेशान हैं. बुराड़ी के प्रहलाद एनक्लेव में किसानों ने यमुना किनारे मरी मछलियों का ढेर देखा, जिससे नदी के पास रहने वाले लोग दुर्गंध से बेहाल हो गए.

किसानों का कहना है कि हरियाणा से केमिकल मिला पानी यमुना में छोड़ा गया है, जिसके कारण मछलियों की मौत हुई है. स्थानीय लोगों के अनुसार 8 नंबर नहर के जरिए यमुना में गंदा और केमिकल युक्त पानी आता है. यह पहली बार नहीं है जब यमुना में ऐसा जहरीला पानी छोड़ा गया हो. हर बार इसी तरह का पानी नदी में आता है, जिससे यमुना का जल धीरे-धीरे जहरीला होता जा रहा है.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब भी नहर से गंदा या केमिकल मिला पानी सोनीपत से छोड़ा जाता है तो यमुना में मछलियों की मौत हो जाती है. इसके साथ ही पानी से दुर्गंध भी फैलने लगती है. लोगों का कहना है कि इस पानी का उपयोग तो हाथ धोने के लिए भी नहीं किया जा सकता.अब तक इस मामले में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. स्थानीय लोग सरकार से इस गंभीर समस्या का समाधान निकालने की अपील कर रहे हैं.

स्थानीय निवासियों का कहना है कि 1978 से पहले यमुना का पानी पीने योग्य था और यह सभी के लिए जल का मुख्य स्रोत था, लेकिन समय के साथ यमुना नदी का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है. बढ़ते प्रदूषण के कारण नदी का पानी अब जहरीला हो गया है, जिससे मछलियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों का जीवन भी प्रभावित हो रहा है.

UP : बिना जांच के मिला फिटनेस सर्टिफिकेट, इमरजेंसी गेट की जगह लगाई सीट… लखनऊ बस अग्निकांड में खुली सिस्टम की पोल

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लखनऊ के किसान पथ पर स्लीपर बस में लगी भीषण आग ने पांच लोगों की जान ले ली. इस घटना के बाद जांच में सामने आया कि बस का फिटनेस सर्टिफिकेट बिना फिजिकल वेरिफिकेशन और सुरक्षा जांच के ही जारी कर दिया गया था. इमरजेंसी गेट की जगह आरामदायक सीटें लगा दी गई थीं. हादसे के पीछे लापरवाही दिखाई दे रही है.

यूपी की राजधानी लखनऊ में किसान पथ पर बीते दिनों हुए स्लीपर बस हादसे में पांच लोगों की जलकर मौत हो गई थी. इस मामले ने अब परिवहन व्यवस्था की बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया है. हादसे के बाद हुई जांच में सामने आया है कि जिस बस में आग लगी, उसे बिना भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) के ही फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया था. यह प्रमाणपत्र फोटो के आधार पर दिया गया था, न तो बस का सीट लेआउट देखा गया और न ही इमरजेंसी गेट की पुष्टि की गई.

जानकारी के अनुसार, बस हादसे की जांच के बाद गोरखपुर के तत्कालीन संभागीय निरीक्षक (RI) राघव कुमार कुशवाहा को सस्पेंड कर दिया गया है. वह अब बरेली में तैनात हैं और उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है. इस पूरे मामले की जांच में सामने आया है कि फोटो के आधार पर बिना सीट का लेआउट देखे, बिना इमरजेंसी गेट के ही बस को फिटनेस सर्टिफिकेट दे दिया गया.

घटना की जांच में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई, वह यह है कि बस में इमरजेंसी गेट की जगह आरामदायक सीटें लगाई गई थीं, जिससे आग लगने के बाद कई यात्री निकल ही नहीं पाए. आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया. जिन लोगों की मौत हुई, वे संभवतः नींद में ही थे और उन्हें भागने का मौका तक नहीं मिला.

बस चालक रामशंकर यादव और परिचालक नीरज की पहचान हो चुकी है, लेकिन घटना के बाद से दोनों फरार हैं. उनके मोबाइल फोन बंद हैं और पुलिस टीमें बिहार के बेगूसराय और दिल्ली में उनकी तलाश कर रही हैं. इस ‘फिटनेस फ्रॉड’ ने सिस्टम की खामियों को उजागर कर दिया है. सरकार ने इस पूरे मामले में घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है.

UP : पीलीभीत में दर्दनाक हादसा, वाहन ने बाइक को मारी टक्कर, शादी से लौट रहे दो लोगों की मौत

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पीलीभीत में शुक्रवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में शादी से लौट रहे दो बाइक सवारों की मौत हो गई. घटना सुबह करीब 2:15 बजे टिकरी माफी गांव के पास हुई, जब एक तेज़ रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. मृतकों की पहचान 45 साल के रघुवीर और 41 साल के रविंद्र पाल के रूप में हुई है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना के समय दोनों ही लोगों ने हेलमेट नहीं पहने थे.

यूपी के पीलीभीत में नेशनल हाईवे-731 पर शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो बाइक सवार लोगों की मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, घटना सुबह करीब 2:15 बजे टिकरी माफी गांव के पास हुई, जब एक तेज़ रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक मृतकों की पहचान 45 साल के रघुवीर और 41 साल के रविंद्र पाल के रूप में हुई है. दोनों गुरुवार रात पिलीभीत में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद अपने गांव लौट रहे थे.जैसे ही वो टिकरी गांव के पास पहुंचे, विपरीत दिशा से आ रहे तेज़ रफ़्तार वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सवार सड़क पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

सूचना मिलने पर बिसलपुर थाना प्रभारी संजीव शुक्ला और क्राइम इंस्पेक्टर विनोद शर्मा मौके पर पहुंचे. शवों के पास मिले दस्तावेजों के आधार पर मृतकों की पहचान की गई. बाद में पुलिस ने परिजनों को सूचित किया और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया.मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना के समय दोनों व्यक्ति हेलमेट नहीं पहने हुए थे. पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. स्थानीय लोगों ने इस मार्ग पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर चिंता जताई है और प्रशासन से तेज़ गति पर नियंत्रण और सुरक्षा उपायों की मांग की है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

 

PUNJAB : ‘पंजाब को नशा मुक्त बनाने को जान भी हाजिर’, बोले केजरीवाल, CM भगवंत मान ने कहा- चलानी होगी लोक लहर

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में नशा ख़त्म करने के लिए सभी को मिलकर ‘लोक लहर’ चलानी होगी. पंजाबी अगर किसी बुराई को ख़त्म करने के लिए ठान लेते हैं, तो फिर उसे ख़त्म करके ही छोड़ते हैं.

पंजाब पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा कंट्रोल्ड और यूके बेस्ड ड्रग हैंडलर द्वारा संचालित एक नशा तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. इस ऑपरेशन में तरन तारन पुलिस ने 85 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है और भारत में काम कर रहे एक तस्कर को गिरफ्तार किया है.

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि यह साल 2025 की अब तक की सबसे बड़ी ड्रग बरामदगी है. ये मॉड्यूल पाकिस्तान स्थित ISI के इशारे पर यूके में रहने वाले तस्कर लल्ली द्वारा चलाया जा रहा था. पंजाब के अमृतसर जिले के भिट्टेवाड़ गांव का रहने वाला अमरजोत सिंह उर्फ जोटा संधू इस नेटवर्क का भारतीय एजेंट था.

डीजीपी ने बताया कि अमरजोत सिंह सीमा पार से मादक पदार्थों की खेप लेता था और पंजाब के विभिन्न इलाकों में उसकी आपूर्ति करता था. उसका घर इस नेटवर्क का मुख्य भंडारण केंद्र था. पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है और पूरे नेटवर्क के कनेक्शन तलाशने के लिए जांच की जा रही है. डीजीपी ने कहा कि हम कई सुरागों पर काम कर रहे हैं और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और बरामदगी की उम्मीद है.

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में नशा ख़त्म करने के लिए सभी को मिलकर ‘लोक लहर’ चलानी होगी. पंजाबी अगर किसी बुराई को ख़त्म करने के लिए ठान लेते हैं, तो फिर उसे ख़त्म करके ही छोड़ते हैं. हमें फिर से पंजाब को खेलों वाला, फौज में भर्ती होने वाले युवाओं वाला रंगला पंजाब बनाना है.

वहीं आम आदमी पार्टी के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि तरनतारन में 85 किलो हेरोइन जब्त की गई है. पिछले ढाई महीने में 10 हजार से ज़्यादा तस्कर गिरफ्तार हुए हैं, इसमें से 8,500 बड़े तस्कर थे. हमने पंजाब को नशा मुक्त बनाने का वादा किया था, पंजाब के परिवारों को बचाने के लिए हमारी जान भी हाजिर है. उन्होंने कहा कि नशा तस्करों की संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है. केजरीवाल ने कहा कि पंजाब की 3 करोड़ जनता पंजाब से नशे के तस्करों को भगाएगी और पंजाब को नशा मुक्त प्रदेश बनाएगी.

 

NATIONAL : मां बनने की चाहत में फंसी महिला! मंदिर ले जाकर दोस्त ने की गंदी हरकत, महिला को दिया नशीला पदार्थ

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अकोला में एक महिला को संतान की आस में मंदिर ले जाया गया, जहां दोस्त ने नशीली दवा देकर पति और एक अन्य से मिलकर रेप करवाया. पीड़िता की शिकायत पर तीनों आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच में जुटी है.

अकोला जिले के बार्शी टाकली इलाके में एक महिला के साथ ऐसी घटना हुई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. एक विवाहित महिला को उसकी ही जान-पहचान की दूसरी महिला ने धोखे से मंदिर ले जाकर नशीली दवा दी और फिर अपने पति और एक अन्य शख्स के साथ मिलकर उसके साथ गलत हरकतें कीं. पीड़िता ने जैसे ही होश में आकर सच्चाई समझी, उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

पीड़िता की आरोपी महिला से दो महीने पहले इंस्टाग्राम पर जान-पहचान हुई थी. बातचीत के दौरान पीड़िता ने बताया कि वह मां नहीं बन पा रही है. इस पर आरोपी महिला ने उसे भरोसे में लेकर कहा कि वह एक मंदिर में मन्नत मांगेगी, जिससे उसे संतान प्राप्त होगी. पीड़िता ने भी पूरी आस्था से उसकी बात मान ली और मंदिर चलने को तैयार हो गई.

मंदिर जाने का बहाना बनाकर आरोपी महिला ने 5 से 9 मई के बीच पीड़िता को नशीला पदार्थ दिया. जब महिला बेहोश हो गई, तो आरोपी महिला ने अपने पति नागेश हिवराले और एक अन्य शख्स सुपेश महादेव पचपोरे के साथ मिलकर उसका यौन शोषण किया. होश में आने के बाद महिला ने पूरी आपबीती पुलिस को बताई.

पीड़िता की शिकायत पर बार्शी टाकली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को बुलढाणा जिले से गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल तीनों पुलिस हिरासत में हैं और पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस वारदात में और कोई शामिल तो नहीं है.

पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है. यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या किसी और महिला के साथ भी ऐसी घटना हुई है. साथ ही, पीड़िता को पूरी सुरक्षा और मानसिक सहायता देने की बात भी कही गई है.

 

ENTERTAINMENT : ‘मैं तो बाबिल को जानता भी नहीं…’, इरफान के बेटे ने रोते हुए बताया था बॉलीवुड को फेक, अब करण जौहर ने दिया ऐसा रिएक्शन

हाल में ही करण जौहर ने इरफान खान के बेटे बाबिल खान के उस वीडियो पर अपना रिएक्शन दिया है, जिसमें वो रोते हुए बॉलीवुड को फेक बता रहे थे.कुछ दिन पहले ही इरफान खान के बेटे बाबिल खान का रोते हुए एक वीडियो वायरल हुआ. वीडियो सामने आते ही हर कोई हैरान रह गया. वीडियो में बाबिल रोते हुए कई सेलेब्स का नाम लेते हुए बॉलीवुड को फेक बता रहे थे.

हालांकि, बाद में बाबिल ने इस वीडियो को हटा लिया लेकिन तब तक वो वायरल हो चुका था. इसके बाद उनकी मां ने एक स्टेटमेंट जारी करते हुए सफाई दी. इस पूरे मामले में कई बॉलीवुड सेलेब्स बाबिल के सपोर्ट में खड़े नजर आए. अब फिल्म मेकर करण जौहर ने भी बाबिल खान को लेकर बोला है.

करण जौहर ने हाल में ही गैलाटा प्लस को बाबिल पर पूछे गए सवाल पर अपना रिएक्शन दिया है. करण जौहर से जब सवाल पूछा गया कि बाबिल खान के ब्रेकडाउन का वीडियो सामने आने के बाद कई लोग बॉलीवुड पर निशाना साधने लगे और इसके साथ ही कई तो ये भी कहने लगे कि ये सिस्टम आप चलाते हैं.

इसके जवाब में करण कहते हैं, ‘मैं तो बाबिल को जानता भी नहीं हूं. मैं उनके बेहद टैलेंटेड पिता को तो जानता था, बाबिल को मैं सिर्फ रेड कार्पेट में मिला हूं. यहां तक कि मैं इरफान की वाइफ या उनकी फैमिली को भी नहीं जानता.”

इसके बाद करण उनपर उठ रही उंगलियों पर भी सवाल करते हुए कहते हैं, ‘अचानक से किसी रैंडम पॉडकास्ट में कोई आता है और उससे पूछा जाता है कि क्या आप करण जौहर से मिले हैं और कोई मेरे बारे में कुछ भी बोलने लगता है. जबकि मेरा इससे कभी कोई लेना-देना भी नहीं.’

उन्होंने आगे ये भी कहा कि मेरे बारे में क्यों बात होती है क्या मैं बॉलीवुड हेट का फेस हूं?

करण जौहर ने आगे बाबिल पर कहा, ‘मैंने जब बाबिल का वीडियो देखा तो मुझे उतना ही बुरा लगा जितना बाकी लोगों को लगा, क्योंकि मेरे भी एक बेटा और एक बेटी है.’

इसके बाद करण ये भी कहते हैं, ‘मैंने सिर्फ अपने बच्चों को ही नहीं, बल्कि आसपास बहुत से बच्चों को स्ट्रेस में जाते देखा है और ये सब देखकर एक बाप होने के नाते मुझे बुरा लगता है.’ करण ने आगे ये भी कहा मेरी बाबिल के साथ एक पेंरेंट होने के नाते सहानुभूति है और मुझे मालूम है कि वो इससे उबर आएगा.बाबिल खान ने रोते हुए एक वीडियो डाला था जिसमें वो शनाया, अनन्या पांडे, अर्जुन कपूर जैसे एक्टर्स का नाम लेते दिखे थे. बुरी तरह रोते हुए उन्होंने बॉलीवुड को ‘फेकेस्ट’ बताया था. इसके बाद उनकी मां ने स्टेटमेंट जारी करते हुए सफाई दी थी कि उनके वीडियो को गलत तरीके से पेश किया गया है.

 

NATIONAL : महाकुंभ में दिए गए बयान पर धीरेंद्र शास्त्री को नोटिस जारी, 20 मई को जाना होगा कोर्ट

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महाकुंभ 2025 को लेकर दिए गए कथित भड़काऊ बयान पर कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री को शहडोल न्यायालय ने नोटिस जारी किया है.

प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को उनके एक सार्वजनिक बयान को लेकर न्यायालय से नोटिस जारी किया गया है. यह मामला महाकुंभ 2025 (Maha Kumbh) को लेकर प्रयागराज में दिए गए एक विवादित वक्तव्य से जुड़ा है. शहडोल (Shahdol) के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सीता शरण यादव (Sita Sharan Yadav) ने उन्हें 20 मई को सुबह 11 बजे अदालत में हाजिर होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है.

दरअसल, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महाकुंभ को लेकर एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि “महाकुंभ में हर व्यक्ति को आना चाहिए, जो भी नहीं आएगा वह पछताएगा और वो व्यक्ति देशद्रोही कहलाएगा.” इस बयान को कई लोगों ने आपत्तिजनक और उकसावे वाला माना गया है. शहडोल जिला न्यायालय के अधिवक्ता संदीप तिवारी (Sandeep Tiwari) ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया था.

संदीप तिवारी ने अपने परिवाद में उल्लेख किया कि इस प्रकार का बयान न केवल सामाजिक सद्भाव को प्रभावित कर सकता है, बल्कि यह लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता और वैयक्तिक निर्णयों पर भी आघात करता है. उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी व्यक्ति को महाकुंभ में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, और जो नहीं जाता उसे ‘देशद्रोही’ कह देना असंवैधानिक और अपमानजनक है.

न्यायालय ने प्रथम दृष्टया इस बयान को गंभीर मानते हुए धीरेंद्र शास्त्री को नोटिस जारी कर उनके समक्ष उपस्थित होने के आदेश दिए हैं. अब यह देखना होगा कि 20 मई को धीरेंद्र शास्त्री न्यायालय में क्या स्पष्टीकरण देते हैं और न्यायालय इस मामले में आगे क्या रुख अपनाता है. महत्वपूर्ण यह भी है कि धीरेंद्र शास्त्री अपने धार्मिक प्रवचनों और कथाओं के माध्यम से देशभर में बड़ी संख्या में अनुयायियों के बीच लोकप्रिय हैं. ऐसे में उनके बयान का व्यापक प्रभाव पड़ता है.

 

DELHI : दिल्ली-NCR में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश, दिल्ली एयरपोर्ट ने जारी की एडवाइजरी

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दिल्ली-NCR में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली और एनसीआर में बारिश और 50 किमी/घंटा तक की तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया था.

दिल्ली-NCR में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली और एनसीआर में बारिश और 50 किमी/घंटा तक की तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया था.

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. विभाग ने बारिश, गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और धूल भरी आंधी चलने की संभावना जताई हैं. राजधानी दिल्ली में शुक्रवार (16 मई) को 40 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. भीषण गर्मी के बाद शुक्रवार शाम को राजधानी के कुछ हिस्सों में अचानक मौसम बदल गया और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने लगी.

इसी बीच दिल्ली एयरपोर्ट (IGI) की ओर से एक एडवाइजरी की गई है. इसमें यात्रियों को सूचित किया गया है कि दिल्ली में खराब मौसम (तेज हवाओं और बारिश) की वजह से उड़ानों के संचालन पर असर पड़ सकता है. एयरपोर्ट की ज़मीनी टीमें यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित अनुभव देने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं. यात्रियों से कहा गया है कि पैसेंजर्स समय बचाने और देरी से बचने के लिए दिल्ली मेट्रो जैसे वैकल्पिक परिवहन साधनों का उपयोग करें. साथ ही फ्लाइट्स की अपडेटेड जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें.

मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और खासतौर पर खुले स्थानों और निर्माण स्थलों पर सावधानी बरतने को कहा है, क्योंकि धूल भरी आंधी से बिजिविलिटी प्रभावित हो सकती है और पेड़ या कमजोर ढांचे गिर सकते हैं.

 

RAJASTHAN : भरतपुर में युवाओं में कहासुनी के बाद हंगामा, डॉ अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने का आरोप

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राजस्थान के भरतपुर जिले के रुदावल थाना क्षेत्र में दो समाज के लोगों के बीच कहासुनी के बाद हंगामे की खबर है. पुलिस ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

राजस्थान के भरतपुर जिले के रुदावल थाना क्षेत्र में दो समाज के युवाओं के बीच गुरुवार देर शाम कहासुनी हो गई. कहासुनी होने के बाद एक समाज के युवक इकट्ठे होकर दूसरे समाज की बस्ती में पहुंच गए और जमकर हंगामा किया.

आरोप है कि हंगामा करने के बाद बस्ती में लगी बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया. शुक्रवार सुबह जब लोगों ने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त देखा तो, मौके पर समाज के लोग इकट्ठे हो गए.

भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने की गांव निभेरा निवासी रामसिंह ने पुलिस थाने में FIR दर्ज करवाते हुए बताया कि गुरुवार शाम लगभग 8 बजकर 30 मिनट पर करीब 15 से 20 युवा हमारे बस्ती में आये. सभी लोगों के हाथों में लाठी डंडे थे.

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पथराव करते हुए बस्ती में लगी बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित कर दिया. उन लोगों में गांव का अरुण, कान्हा, सोनू, भानु, सेठी, हेमंत सहित करीब 15 लोग थे. दूसरे समाज के लोग हाथों में लाठी डंडे लेकर बस्ती में पहुंचे थे.

जब बस्ती के लोगों ने बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त देखा तो, मौके पर काफी समाज के लोग इकट्ठे हो गए. उसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई. मौके पर पुलिस पहुंची ने लोगों से समझाकर मामला शांत करवाया. पुलिस ने बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा को कपड़े से ढक दिया है और मला दर्ज आरोपियों की तलाश की जा रही है.

एएसपी हरिराम कुमावत ने बताया कि कल रात निभेरा गांव में दो समाज के युवकों के बीच कहासुनी हो गई थी. आज सुबह सूचना मिली कि वहां पर किसी महापुरुष की प्रतिमा का हाथ खंडित अवस्था में पाया गया है. सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और लोगों से जानकारी की गई. एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दी है. जिसे दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

 

UP : यूपी में शिक्षा की नई पहल, अब दिव्यांग और सामान्य बच्चे एक साथ एक ही स्कूल में पढ़ेंगे

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अब दिव्यांग और सामान्य बच्चे एक ही स्कूल में साथ पढ़ेंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रदेश में समावेशी शिक्षा प्रणाली को तेजी से बढ़ावा दे रही है.उत्तर प्रदेश में अब दिव्यांग और सामान्य बच्चे एक ही स्कूल में साथ पढ़ेंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रदेश में समावेशी शिक्षा प्रणाली को तेजी से बढ़ावा दे रही है, जिसका मकसद है – हर बच्चे को बराबरी का अधिकार और सम्मान देना, चाहे वह शारीरिक रूप से अक्षम हो या सामान्य.

अब तक दिव्यांग बच्चों के लिए अलग स्कूल बनाए जाते थे. लेकिन इस नई पहल के तहत, सामान्य और दिव्यांग छात्र एक ही छत के नीचे, एक साथ पढ़ाई कर रहे हैं. सरकार ने औरेया, लखनऊ, कन्नौज, प्रयागराज, आजमगढ़, बलिया और महराजगंज में समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय शुरू किए हैं. इन स्कूलों में अब तक 325 बच्चों का नामांकन हो चुका है.

यहां दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, अस्थिबाधित और सामान्य बच्चे एक साथ पढ़ाई कर रहे हैं. स्पेशल टीचर, ब्रेल किताबें, श्रवण यंत्र, व्हीलचेयर, रैम्प, डिजिटल लर्निंग टूल्स और अन्य सहायक सुविधाएं इन स्कूलों को आधुनिक और दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाती हैं.

योगी सरकार का मानना है कि सिर्फ अलग स्कूल बनाने से दिव्यांगों का भला नहीं होगा. जब वे सामान्य बच्चों के साथ पढ़ेंगे, खेलेंगे और संवाद करेंगे, तभी उनमें आत्मविश्वास और समाज से जुड़ाव बढ़ेगा. इससे भेदभाव की दीवारें टूटेंगी और समाज में समानता और समावेशिता की भावना मजबूत होगी.राज्य के पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि यह योजना दिव्यांगजनों को सहानुभूति नहीं, सम्मान और अवसर देने का जरिया है. सरकार का लक्ष्य है कि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, चाहे वह किसी भी परिस्थिति में हो.

इन स्कूलों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है. गाजियाबाद में नया स्कूल बनने की प्रक्रिया में है, जबकि मीरजापुर, एटा, प्रतापगढ़, वाराणसी और बुलन्दशहर में निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है.

पृष्ठभूमि में नजर डालें तो, देश में समावेशी शिक्षा की बात तो वर्षों से हो रही है, लेकिन जमीन पर ऐसे प्रयास कम ही नजर आए हैं. उत्तर प्रदेश में यह पहली बार है जब इस सोच को व्यवहार में लाया गया है. यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों से भी मेल खाती है, जिसमें सभी बच्चों को समान और समावेशी शिक्षा देने की बात कही गई है

योगी सरकार की यह योजना दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने, उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और सम्मानजनक जीवन जीने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

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