Saturday, June 27, 2026
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NATIONAL : कर्नल सोफिया कुरैशी को लिखी चिट्ठी… BJP सरकार के मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने मांगी माफी

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कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने अपने पत्र में कर्नल सोफिया कुरैशी को लिखा कि मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में आपके प्रति अभद्र टिप्पणी की थी. यह टिप्पणी न केवल एक व्यक्ति विशेष के लिए थी, बल्कि संपूर्ण भारत में सेवारत सेना के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए थी.

मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच, भोपाल मध्य के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कर्नल सोफिया कुरैशी को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश की जनता की ओर से माफी मांगी है.

विधायक आरिफ मसूद ने अपने पत्र में लिखा, “आदरणीया कर्नल सोफिया कुरैशी जी, जैसा कि आपको विदित होगा, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में आपके प्रति अभद्र टिप्पणी की थी. यह टिप्पणी न केवल एक व्यक्ति विशेष के लिए थी, बल्कि संपूर्ण भारत में सेवारत सेना के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए थी. उनके इस शर्मनाक कृत्य से न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरा भारत शर्मिंदगी महसूस कर रहा है.”

पत्र में आगे कहा गया, “प्रतिक्रिया स्वरूप संपूर्ण भारत में भाजपा सरकार के मंत्री के खिलाफ धरना, प्रदर्शन और आंदोलन हो रहे हैं. मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने भी स्वत: संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है. मुझे इस बात का दुख है कि जिस परिवार के पूर्वजों ने सेना में रहकर देश की सेवा की और देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई, उस परिवार की बेटी पर अभद्र भाषा का उपयोग करने वाले बेशर्म मंत्री से भले ही भाजपा सरकार ने त्यागपत्र नहीं लिया हो, परंतु मैं मध्य प्रदेश की देशभक्त जनता की तरफ से आपसे माफी मांगता हूँ.” पत्र के अंत में उन्होंने लिखा, “जय हिंद, जय भारत.”

बता दें कि विजय शाह ने इंदौर जिले के महू में एक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इस बयान के बाद कांग्रेस ने शाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसके बाद इंदौर में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया.

वहीं, विजय शाह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह दस बार माफी मांगने को तैयार हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वह कर्नल सोफिया कुरैशी का अपनी बहन से भी अधिक सम्मान करते हैं.

NATIONAL : दिल्ली के औचंडी गांव से 13 बांग्लादेशी गिरफ्तार, बताया कैसे राजधानी तक पहुंचे?

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दिल्ली पुलिस ने जिन अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है, वो एजेंट की मदद से अवैध तरीके से भारत आए थे. वो कूचबिहार स्टेशन से ट्रेन पकड़कर दिल्ली पहुंचे.

दिल्ली पुलिस ने औचंडी गांव से 13 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है. इसको लेकर 13 मई को मुखबिर ने सूचना दी थी. इसके बाद ACP उमेश बर्थवाल के नेतृत्व में इंस्पेक्टर योगेश व विनोद यादव की निगरानी में एक विशेष टीम गठित की गई.

इस टीम में SI दिपेन्दर और गुरमीत के साथ अनुभवी हेड कांस्टेबल और महिला कांस्टेबलों को शामिल किया गया. इन सभी को दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को पकड़ने का स्पष्ट आदेश मिला.

औचंडी गांव में बिछाया गया जाल…
सूचना पक्की थी, और योजना भी. टीम ने गांव में आम लोगों की तरह खुद को घुला मिला दिया. कोई दूधवाले के भेष में आया, तो कोई सब्जी खरीदने के बहाने इधर-उधर मंडराता रहा. और तब, एक घर के पास हलचल दिखी कुछ लोग भारी सामान लेकर चुपचाप अंदर जा रहे थे. टीम ने बिना वक्त गंवाए छापा मारा और मौके से 13 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान जो खुलासा हुआ, उसने सभी को हैरान कर दिया.

सीमा पार की एक फिल्मी कहानी…
इन सभी का संबंध बांग्लादेश के खुशावली गांव, जिला खुड़ीग्राम से था. पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे दो साल पहले जलील अहमद नामक एजेंट की मदद से अवैध तरीके से भारत आए. वे रात के अंधेरे में बिना बाड़ वाली सीमा से खेतों के रास्ते भारत में घुसे और कूचबिहार स्टेशन से ट्रेन पकड़कर दिल्ली पहुंचे.

दिल्ली आने के बाद वे हरियाणा के खरखौदा पहुंचे, जहां गांव सिसाना में एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने लगे. धीरे-धीरे उन्होंने अपने परिवारों को भी बुला लिया. इतने समय तक वे बिना किसी वैध दस्तावेज़ के भारत में रहे, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी.

दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े गए लोगों नाम हैं:
मोहम्मद रफिकुल, खोतेज़ा बेगम, अनोवार हुसैन, अमीनुल इस्लाम, जोरिना बेगम, अफरोजा खातून, खाखोन और हसना.

अब इन सभी के खिलाफ विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू हो चुकी है और उन्हें उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया (डिपोर्टेशन) तेज़ी से चल रही है. साथ ही, जलील अहमद जैसे एजेंटों के खिलाफ भी सूचना एकत्र की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क को तोड़ा जा सके.

 

UP : श्रावस्ती में बुलडोजर एक्शन जारी, दो अवैध मदरसे और एक मस्जिद की गई ध्वस्त, जानिए डिटेल

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श्रावस्ती जिले में अवैध एवं बिना मान्यता के संचालित मदरसों के विरूद्ध 17वें दिन भी प्रशासन की कार्रवाई जारी है. अब तक 110 मदरसों पर एक्शन हो चुका है.

यूपी के श्रावस्ती जिले में अवैध एवं बिना मान्यता के संचालित मदरसों के विरूद्ध 17वें दिन भी प्रशासन की कार्रवाई जारी है. बीते गुरुवार को तहसील जमुनहा के अन्तर्गत ग्राम भेलागांव और ग्राम बनकटवा महोली में शासकीय भूमि पर बने अवैध मदरसों व तहसील भिनगा के ग्राम भोजपुर में शासकीय भूमि पर बनी अवैध मस्जिद पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई.

अल्पसंख्यक विभाग की मानें तो जिले भर में 297 मदरसे संचालित हो रहे हैं. इनमें से 105 मदरसों की मान्यता है, जबकि 192 मदरसों की मान्यता भी नहीं है. अब तक 110 मदरसों पर एक्शन हो चुका है. जिला प्रशासन के मुताबिक, बंद किए गए मदरसों के पास कोई भी वैध दस्तावेज नहीं मिले. मालूम हो कि श्रावस्ती जिले में बीते 26 अप्रैल से अवैध मदरसों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई शुरू हुई थी. अब तक करीब 110 मदरसे कार्रवाई की जद में आ चुके है. एक ईदगाह समेत एक मस्जिद के अतिक्रमण पर भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है.

डीएम श्रावस्ती अजय कुमार द्विवेदी का कहना है कि विशेष रूप से जो बॉर्डर एरिया हैं उसमें जो 0 से 10 किलोमीटर की परिधि में जितनी भी संस्थाएं हैं उनका परीक्षण चल रहा है. जो भवन आदि ग्राम सभा, शासकीय भूमि पर निर्मित है या मान्यता के जो मानक है वो पूरे नहीं करते हैं उस पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है.

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नेपाल के समीपवर्ती जनपदों में अवैध कब्जों व बिना मान्यता संचालित धार्मिक संस्थानों के खिलाफ लगातार बुलडोजर चल रहा है. सीमा के पास महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत में कार्रवाई जारी है. वहीं, बुधवार को महराजगंज में दो, श्रावस्ती व बहराइच में एक-एक स्थानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई. अब तक 225 मदरसों, 30 मस्जिद, 25 मजार व छह ईदगाह पर चाबुक चल चुका है.

NATIONAL : बाबा नीम करौली महाराज के कैंची धाम में अब नहीं लगेगा जाम, बाईपास को मिली मंजूरी, जल्द शुरू होगा निर्माण

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उत्तराखंड के विख्यात बाबा नीम करोली महाराज के कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं को अब ट्रैफिक जाम से निजात मिलने वाली है. यहां बाईपास निर्माण के लिए वन भूमि हस्तांतरण प्रस्ताव को केंद्र सरकार की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है. इससे न सिर्फ कैंची धाम, बल्कि भवाली और आसपास के क्षेत्रों में भी आने-जाने में सहूलियत हो सकेगी.

उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है. जल्द यहां ट्रैफिक जाम की समस्या से स्थायी छुटकारा मिल सकता है. केंद्र सरकार ने बाईपास निर्माण के लिए वन भूमि हस्तांतरण को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है. इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी काफी समय से प्रयासरत थे.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साल 2023 में कैंची धाम क्षेत्र में हाईवे पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए कैंची बाईपास मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा की थी. यह बाईपास लगभग 19 किलोमीटर लंबा होगा. इसमें एक महत्वपूर्ण सेतु का निर्माण शिप्रा नदी पर किया जाएगा.इस प्रोजेक्ट के पहले 8 किलोमीटर के लिए 1214.71 लाख रुपये की धनराशि लोक निर्माण विभाग (PWD) को जारी की जा चुकी है. इस हिस्से का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन शेष 11 किलोमीटर मोटर मार्ग के हिस्से में वन भूमि होने के कारण इसकी प्रक्रिया में बाधा आ रही थी.

मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से सतत संवाद किया. इसके बाद REC की बैठक में इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति मिल गई है. यह मंजूरी मिलते ही अब वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी और निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा.हर साल बाबा नीम करौली महाराज के कैंची धाम में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. त्योहारों, छुट्टियों और गर्मियों में भवाली और कैंची धाम मार्ग पर भीषण जाम लग जाता है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

मुख्यमंत्री ने कहा है कि बाईपास निर्माण से न केवल कैंची धाम तक पहुंचना सुगम और सुरक्षित होगा, बल्कि स्थानीय क्षेत्रीय लोगों को भी आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी. यह प्रोजेक्ट पर्यटन, धार्मिक यात्रा और स्थानीय विकास के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम है.

NATIONAL : केदारनाथ यात्रा की दूरी अब 5 किमी हुई कम, 12 साल बाद खुला रामबाड़ा-गरुड़ चट्टी मार्ग

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साल 2013 में आई आपदा के बाद बंद हुआ रामबाड़ा से गरुड़ चट्टी तक का ऐतिहासिक पैदल मार्ग अब दोबारा खोल दिया गया है. यह मार्ग पहले गौरीकुंड से केदारनाथ तक की यात्रा को सुगम बनाता था.

केदारनाथ यात्रा पर जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत की खबर है. वर्ष 2013 में आई आपदा के बाद बंद हुआ रामबाड़ा से गरुड़ चट्टी तक का ऐतिहासिक पैदल मार्ग अब दोबारा श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है. यह मार्ग पहले गौरीकुंड से केदारनाथ तक की यात्रा को सुगम बनाता था.

आपदा के बाद प्रशासन ने नया वैकल्पिक मार्ग बनाया, जिससे दूरी 14 किमी से बढ़कर 21 किमी हो गई थी. अब पुराने मार्ग के पुनः शुरू होने से यह दूरी घटकर लगभग 16 किमी रह जाएगी. इससे यात्रियों को समय और शारीरिक श्रम दोनों में राहत मिलेगी.करीब 6 किमी लंबे इस मार्ग को पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग द्वारा पुनर्निर्मित किया गया है. विभाग के सचिव पंकज पांडे के अनुसार, मार्ग को प्राकृतिक स्वरूप बनाए रखते हुए तैयार किया गया है और इसे आगे और चौड़ा करने की योजना है.

रामबाड़ा और गरुड़ चट्टी, जो कभी मुख्य पड़ाव हुआ करते थे, अब फिर से श्रद्धालुओं और साधु-संतों से गुलजार हो रहे हैं. यह मार्ग श्रद्धा, इतिहास और प्रकृति का संगम माना जाता है.कुछ क्षेत्रों में अभी भी भूस्खलन की आशंका बनी हुई है, लेकिन प्रशासन ने चिन्हित स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. जिला प्रशासन जल्द तय करेगा कि यह मार्ग वन वे रहेगा या दोनों दिशाओं के लिए खुला रहेगा.

कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद यह मार्ग पूरी तरह सुनसान हो गया था. रामबाड़ा, जो कभी केदारनाथ यात्रा का मुख्य पड़ाव हुआ करता था, वीरान हो गया था. वहीं गरुड़ चट्टी भी, जो साधु-संतों और श्रद्धालुओं के विश्राम स्थल के रूप में प्रसिद्ध था, अब फिर से जीवंत होता नजर आ रहा है.स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग सिर्फ एक रास्ता नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और प्रकृति का संगम हैयह ऐतिहासिक मार्ग केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि आपदा से उबरते उत्तराखंड की संकल्पशक्ति और श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक बन चुका है.

 

NATIONAL : ‘यहीं चीर डालूंगा…’, कानपुर में बिल्हौर नगर पालिका की बैठक में बवाल, पार्षद ने लिपिक और चेयरमैन को धमकाया

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यह हंगामा उस वक्त शुरू हुआ जब 2025-26 के बजट पर चर्चा चल रही थी. रिपोर्ट के अनुसार, सभासद अतुल तिवारी ने लिपिक जितेंद्र सिंह पर पूरे पालिका सिस्टम को अपने काबू में रखने का आरोप लगाया. नाराज होकर उन्होंने बोतल फेंकी और धमकी दी कि “यहीं मारूंगा. पटक कर मारूंगा, चीर दूंगा.”

 

कानपुर के बिल्हौर नगर पालिका सभागार में बजट बैठक के दौरान बड़ा बवाल हो गया. भाजपा समर्थक एक सभासद और पालिका कर्मचारी के बीच विवाद बढ़ने पर सभासद ने बोतल फेंकी और चेयरमैन को धमकी भी दी.

यह हंगामा उस वक्त शुरू हुआ जब 2025-26 के बजट पर चर्चा चल रही थी. रिपोर्ट के अनुसार, सभासद अतुल तिवारी ने लिपिक जितेंद्र सिंह पर पूरे पालिका सिस्टम को अपने काबू में रखने का आरोप लगाया. नाराज होकर उन्होंने बोतल फेंकी और धमकी दी कि “यहीं मारूंगा. पटक कर मारूंगा, चीर दूंगा.”कर्मचारी ने उन्हें शांत रहने को कहा लेकिन मामला और बढ़ गया. चेयरमैन इखलाक को भी धमकाया गया, जिससे बैठक में अफरा-तफरी मच गई. बाद में, शांति बहाल कर 19.19 करोड़ का बजट पारित किया गया.

चेयरमैन ने कहा कि वीडियो की जांच की जाएगी और बैठक में मौजूद लोगों से बात कर जरूरी कदम उठाए जाएंगे. वहीं, पुलिस ने बताया कि उन्हें सूचना मिलने पर टीम भेजी गई थी, लेकिन तब तक माहौल शांत हो चुका था. कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है. शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी.

विवाद की जड़ में खर्चों से जुड़ी जानकारी का मांगना था. सभासद अतुल ने प्रकाश, टेलीफोन और अन्य खर्चों का विवरण मांगा, जिस पर बहस शुरू हो गई. इसके चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस को बुलाना पड़ा.

ENTERTAINMENT : ‘हिंदुओं को गाली क्यों दे रहे हैं?’ पाक सेना प्रमुख असीम मनीर पर भड़के जावेद अख्तर

जावेद अख्तर ने एक इंटरव्यू के दौरान पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को असंवेदनशील बताया और कहा कि आपने तो कारगिल युद्ध के दौरान अपने जवानों के शव लेने से भी इनकार कर दिया था .

पहलागाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पीओके में घुसकर कई आंतकी कैंप नेस्तनाबूद कर दिए थे. तब से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चल रहा है. वहीं मौजूदा हालातों के बीच बॉलीवुड के फेमस लेखक और गीतकार जावेद अख्तर पड़ोसी मुल्क के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर पर भड़ास निकाली और उनके द्वारा पहलगाम आतंकवादी हमले से कुछ दिन पहले की गई टिप्पणियों पर निराशा जाहिर की.

बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोग मारे गए थे. इस दिल दहला देने वाले हमले के जवाब में, भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के अंदर आतंकी शिविरों को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था. चार दिनों की भीषण लड़ाई के बाद 10 मई को दोनों देश सीजफायर पर राजी हुए थे. इन सबके बीच जनरल असीम मुनीर ने कहा था, “हमारे पूर्वजों का मानना ​​था कि हम जीवन के हर संभव पहलू में हिंदुओं से अलग हैं, हमारा धर्म अलग है. हमारे रीति-रिवाज अलग हैं. हमारी परंपराएं अलग हैं. हमारी सोच अलग हैं और हमारी महत्वाकांक्षाएं अलग हैं…”

वकील और राजनेता कपिल सिब्बल के साथ एक इटरव्यू में, जावेद अख्तर ने असीम मुनीर द्वारा की गई टिप्पणियों आलोचना करते हुए उन्हें ‘असंवेदनशील’ बताया. उन्होंने कहा, “कोई भी देश एक नहीं होता. किसी देश का हर नागरिक एक जैसा नहीं हो सकता. अगर किसी देश की सरकार खराब है, तो उसका असर सबसे पहले उसके नागरिकों पर ही पड़ेगा… हमारा मुद्दा सिर्फ़ सरकार, सेना और चरमपंथियों से होना चाहिए, हमारी पूरी सहानुभूति उन मासूमों के साथ होनी चाहिए जो उनके कारण पीड़ित हैं.”

जावेद अख्तर ने कहा, “मैंने यूट्यूब पर उनके सेना प्रमुख का भाषण देखा. वह कितना असंवेदनशील व्यक्ति लग रहा था. हां, अगर आपको लगता है कि हम बुरे हैं तो भारतीयों को गाली दीजिए, लेकिन आप हिंदुओं को क्यों गाली दे रहे हैं? क्या उन्हें एहसास नहीं है कि पाकिस्तान में भी हिंदुओं की आबादी है? क्या आपको अपने लोगों का सम्मान नहीं करना चाहिए? आप किस तरह के आदमी हैं? आप क्या कह रहे हैं? आपको कोई समझ नहीं है.”

जावेद अख्तर ने आगे कहा, , “उनकी मिसाइलों में से एक का नाम अब्दाली है. अब्दाली ने मुसलमानों पर हमला किया! वह आपका हीरो है? आपकी धरती पर पैदा हुए लोगों का क्या? आप एक हमलावर का स्वागत कर रहे हैं? क्या आपको इतिहास की कोई समझ है? उनका मुद्दा यह है कि उनका इतिहास और भूगोल एक दूसरे से मेल नहीं खाते. वे जिन समुदायों को अपना बताते हैं, वे उनसे कोई लेना-देना नहीं चाहते. कई अरब देशों ने पाकिस्तानियों को वीजा देने पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह ऐसा है जैसे दिल्ली की सड़कों पर कोई लड़का कहे कि वह शाहरुख खान को जानता है, मेरे दोस्त शाहरुख खान को नहीं पता कि आप कौन हैं! यह इनका हाल है.”

अख्तर ने पाकिस्तानी सेना द्वारा अपने लोगों का सम्मान न करने के बारे में अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए एक किस्सा सुनाया. उन्होंने कहा, “एक और सच्चाई जिसका पाकिस्तानियों को सामना करना चाहिए, वह यह है कि जब हमारा कोई सैनिक मरता है, तो हम उसे सलाम करते हैं, लेकिन जब पाकिस्तानी सैनिक कारगिल में मारे गए, तो उन्होंने उनके शवों के लिए दावा भी नहीं किया. भारतीयों ने ही उन्हें उचित अंतिम संस्कार दिया. हमारे टॉप रैंक के सैनिकों में से एक ने अपने शहीद सैनिकों की तस्वीरें लीं, एक एल्बम बनवाया और उसे पाकिस्तानियों को भेंट किया. उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया. बाद में उन्होंने इसे अनऑफिशियली एक्सेप्ट कर लिया.”

 

 

WORLD : पाकिस्तान को भारी नुकसान, चीन का फेल्योर, आतंकवाद पर रेडलाइन… पेंटागन के एक्सपर्ट ने बताया कैसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ बनेगा केस स्टडी

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जॉन स्पेंसर ने कहा कि चीन का एयर डिफेंस सिस्टम घटिया स्तर का साबित हुआ. चीनी मिसाइलें और लड़ाकू विमान भारतीय सिस्टम्स के सामने निम्न गुणवत्ता वाले साबित हुए. भारत के ब्रह्मोस मिसाइल ने पाकिस्तान के मेड इन चाइना एयर डिफेंस सिस्टम को दुनिया के सामने मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा.

अमेरिकी सेना के पूर्व कर्नल और आधुनिक युद्ध के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी विशेषज्ञों में से एक जॉन स्पेंसर ने आज तक के साथ बातचीत में भारत के ऑपरेशन सिंदूर का स्पष्ट और बेबाक मूल्यांकन प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि चार दिनों की इस सैन्य कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक जीत हासिल की. स्पेंसर ने कहा कि ​​ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल अपने रणनीतिक उद्देश्यों को पूरा किया बल्कि उससे भी आगे राष्ट्रीय सुरक्षा के नए सिद्धांत का आगाज किया. उन्होंने कहा कि इस सैन्य कार्रवाई के दौरान भारत आक्रामक और रक्षात्मक दोनों ही क्षमताओं में शीर्ष पर था.

जॉन स्पेंसर ने कहा कि भारत न केवल पाकिस्तान के अंदर घुसर हमला करने में सफल रहा, बल्कि दुश्मन के ड्रोन और मिसाइल हमलों का सफलतापूर्वक बचाव किया. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पड़ी. यह भारत का एक कड़ा संदेश था कि आतंकवाद को समर्थन देने की कीमत पाकिस्तानी सेना को चुकानी पड़ेगी. भारत ने इस छोटे युद्ध में पाकिस्तान के कई एयरबेसों पर हमला करके अपना प्रभुत्व साबित किया. स्पेंसर ने कहा कि इस सैन्य कार्रवाई में भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि चीन की सैन्य तैयारियों की भी पोल खोल दी.

जॉन स्पेंसर ने कहा कि चीन का एयर डिफेंस सिस्टम घटिया स्तर का साबित हुआ. चीनी मिसाइलें और लड़ाकू विमान भारतीय सिस्टम्स के सामने निम्न गुणवत्ता वाले साबित हुए. भारत के ब्रह्मोस मिसाइल ने पाकिस्तान के मेड इन चाइना एयर डिफेंस सिस्टम को दुनिया के सामने मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा. भारत यह संदेश देने में स्पष्ट रूप से सफल हुआ कि वह पाकिस्तान के अंदर कहीं भी और किसी भी समय अपने द्वारा तय लक्ष्य को हिट करने में पूरी तरह सक्षम है. इस अमेरिकी युद्ध विशेषज्ञ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ है.

उन्होंने कहा कि मिलिट्री वारफेयर के स्टूडेंट आतंकवाद के खिलाफ किसी देश की प्रतिक्रिया क्या होनी चाहिए इसके उदाहरण के रूप में ऑपरेशन सिंदूर की स्टडी करेंगे. यह ऑपरेशन एक ऐसा उदाहरण है जिससे आतंकवाद का दंश झेल रहे वाले अन्य देश प्रेरित होंगे और इसे अपनी प्रतिक्रिया के रूप में अपना भी सकते हैं. जॉन स्पेंसर ने कहा कि भारत ने अपने डिफेंस सिस्टम्स में अच्छा इंवेस्ट किया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान समेत आतंकवाद का समर्थन करने वालों अन्य देशों को भी दुनिया के सामने एक्सपोज करने की जरूरत है. स्पेंसर ने मैसेजिंग और इंफॉर्मेशन फ्रंट पर भी भारत की तारीफ की. उन्होंने कहा कि भारत की तीनों सेनाओं ने अपने दावों की पुष्टि के लिए हवा-हवाई बातें करने की बजाय, सैटेलाइट इमेजरी और डेटा सामने रखे. आखिरकार पाकिस्तान के खिलाफ भारत के सफल अभियान की सच्चाई सामने आई.

NATIONAL : सफाईकर्मी की सैलरी रिलीज करने के बदले 50,000 की रिश्वत लेते दो अधिकारी गिरफ्तार

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गुरुग्राम में गवर्नमेंट मॉडल संस्कृत प्राथमिक विद्यालय में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. सफाईकर्मी की सैलरी रिलीज करने के एवज में ACB ने स्कूल के सुपरवाइज़र शिवराम और फील्ड ऑफिसर अनिल कुमार को 50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. ACB ने योजना बनाकर जाल बिछाया और दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया.

दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में गवर्नमेंट मॉडल संस्कृत प्राथमिक विद्यालय में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने स्कूल के सुपरवाइज़र शिवराम और फील्ड ऑफिसर अनिल कुमार को 50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. यह राशि स्कूल में कार्यरत एक सफाईकर्मी की सैलरी रिलीज करने के एवज में मांगी गई थी.

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता सफाईकर्मी ने ACB में शिकायत दी थी कि उसने काफी समय तक स्कूल में काम किया, लेकिन उसका वेतन जारी नहीं किया गया. जब उसने वेतन की बात की, तो स्कूल के एक अधिकारी सैनी ने उसे 50,000 की रिश्वत देने की मांग की. सैनी ने सफाईकर्मी को सुपरवाइज़र शिवराम और फील्ड ऑफिसर अनिल कुमार से संपर्क करने को कहा.

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ACB ने योजना बनाकर जाल बिछाया. मंगलवार को सुपरवाइज़र शिवराम को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया. बाद में उसकी निशानदेही पर फील्ड ऑफिसर अनिल कुमार को भी हिरासत में ले लिया गया. दोनों आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया.

ACB के अनुसार, इस मामले में स्कूल के दो अन्य अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है और उन्हें भी जांच के दायरे में लिया गया है. जल्द ही उन्हें भी हिरासत में लिए जाने की संभावना है. एंटी करप्शन ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि रिश्वतखोरी जैसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और किसी भी सरकारी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा.

 

MAHARASHTRA : रात तो डेढ़ बजे उठकर घोंटा पत्नी और बेटी का गला, फिर खुद को लगा ली फांसी

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उल्हासनगर में एक पिता ने अपनी बेटी और अपनी पत्नी की हत्या कर खुद भी खुदकुशी कर ली है. ऐसा कहा जा रहा है कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से निराशा के चलते शख्स ने ये कदम उठाया है.

महाराष्ट्र के उल्हासनगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई हैं. यहां कैंप क्रमांक 1 इलाके में एक पिता ने अपनी बेटी और अपनी पत्नी की हत्या कर खुद भी खुदकुशी कर ली है. ऐसा कहा जा रहा है कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से निराशा के चलते शख्स ने ये कदम उठाया है.

उल्हासनगर में कैंप क्रमांक 1 इलाके में झूलेलाल मंदिर रोड, हर्षा कॉटेज बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर पवन पाहुजा नाम का शख्स अपनी 16 वर्षीय बेटी रोशनी और अपनी पत्नी नेहा के साथ रहता था. पवन पिछले कुछ समय से आर्थिक संकट में था, इसलिए वह निराशाजनक स्थिति में चला गया था. इसके अलावा, उनके छोटे बेटे की भी छह महीने पहले मृत्यु हो गई थी.

पवन एक सोनार था जो सोनार गली में सोना बनाने का काम करता था. बीती रात करीब डेढ़ बजे पवन ने अपनी पत्नी नेहा और बेटी रोशनी की गला घोंटकर हत्या कर दी और बाद में खुद भी फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. जैसे ही उल्हासनगर पुलिस को इस घटना की जानकारी मिली, पुलिस मौके पर पहुंची, पंचनामा किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए उल्हासनगर सरकारी अस्पताल भेज दिया.

इस बीच, पुलिस ने पाया कि पवन ने आत्महत्या करने से पहले अपने मोबाइल फोन पर एक वीडियो रिकॉर्ड किया था. इसमें उसने कहा था कि वह आर्थिक तंगी के कारण यह काम कर रहा है. पवन सोनार गली इलाके में एक दुकान में काम करता था. कल आधी रात को उसने अपनी बेटी और पत्नी की हत्या कर दी और खुद भी आत्महत्या कर ली. पुलिस ने अब उल्हासनगर थाने में एडीआर दर्ज कर इस मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है.

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