Monday, June 29, 2026
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NATIONAL : वैष्णो देवी यात्रा पर भी पड़ा भारत-पाक तनाव का असर, कितनी कम हो गई भक्तों की संख्या?

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भारत-पाकिस्तान तनाव के कारण वैष्णो देवी यात्रा पर असर पड़ा है. यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई है, खासकर स्ट्राइक ऑपरेशन सिंदूर के बाद.

भारत और पाकिस्तान के तनाव का असर श्रीमाता वैष्णो देवी की यात्रा पर भी पड़ा है. आमतौर पर इन दिनों में यात्रियों से गुलजार रहने वाले कटरा मार्ग पर लोगों की संख्या में गिरावट आई है. अगर आंकड़ों पर गौर करें तो इस महीने की 6 तारीख को देशभर से 12917 यात्री आए थ, जबकि स्ट्राइक वाले दिन यानी 7 मई को 12760 यात्री माता के दर्शनों के लिए देश पर से कटरा पहुंचे.

वहीं, स्ट्राइक के बाद 8 मई को 8670, 9 तारीख को 3962, 10 मई को 1352, 11 मई को 1303, 12 मई को 1658 और 13 मई को 2808 श्रद्धालु ही माता के दर्शन करने पहुंचे.

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा पहुंचे श्रद्धालुओं का दावा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनातनी के बाद उन्होंने अपने टिकट रद्द करवा दिए थे. हालांकि, जैसे ही पाकिस्तान घुटने टेक कर सीजफायर पर आया तो उन्होंने दोबारा अपनी टिकट करवाई और बच्चों के साथ माता वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए पहुंच गए.

इन श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्हें भारतीय सेना और भारत सरकार पर पूरा भरोसा है. बेशक कटरा आने वाली ट्रेनें या कटरा शहर खाली है, लेकिन माता का दरबार खाली नहीं होना चाहिए. इन श्रद्धालुओं का दावा है कि उन्हें माता का बुलावा आया था, इसलिए वह मां वैष्णो के दर्शन के लिए आ गए. इन भक्तों ने पूरे देश में माता के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वह ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर माता वैष्णो देवी के दर्शन करें.

वहीं, बेंगलुरु से आए कुछ श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच हुई तनातनी से पहले ही अपने टिकट करवा लिए थे लेकिन जब भारत और पाकिस्तान के बीच हालत बिगड़ गए तो उन्होंने अपना टिकट कैंसिल नहीं करवाया. उनके मुताबिक उन्हें भारतीय सेना पर भरोसा है और वह माता के दर्शन किसी भी हाल में करने आएंगे.

 

PUNJAB : अमृतसर में जहरीली शराब से मौत का आंकड़ा बढ़कर 21 पहुंचा, CM मान ने 10 लाख के मुआवजे का किया ऐलान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमृतसर में जहरीली शराब पीने से हुई 21 मौतों को हत्या करार दिया. मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये मुआवजा और बच्चों की शिक्षा का खर्च राज्य सरकार उठाएगी. मान ने कहा कि दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे और राज्य सरकार अपराधियों को कड़ी सजा दिलाएगी.

पंजाब के अमृतसर के मजीठा जिले में जहरीली शराब से होने वाली मौत का आंकड़ा बढ़कर 21 पहुंच गया. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर ढाढ़स बढ़ाया. उन्होंने कहा कि जो भी जहरीली शराब के बिक्री में शामिल होगा, उनकी कोई परवाह नहीं की जाएगी और सख्त सजा दिया जाएगा.

मुख्यमंत्री मान ने जहरीली शराब पीने से हुई मौत को हत्या करार दिया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपये का मुआवजा का ऐलान किया है. साथ ही पीड़ित बच्चों के शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी.

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि ये मौतें केवल दुर्घटनाएं नहीं है. बल्कि ये हत्याएं हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग इस अपराध में शामिल होंगे उन्हें राज्य सरकार सबसे कठोर सजा दिलाने में किसी भी तरह का कसर नहीं छोड़ेगी. इस अपराध के बीच राजनीतिक संरक्षण की बात भी सामने आ रही, जिसकी जांच की जा रही है.

उन्होंने कहा, आरोपियों ने दिल्ली से 600 लीटर मेथेनॉल ऑनलाइन ऑर्डर किया था, जिसका इस्तेमाल नकली शराब बनाने में किया गया. पुलिस ने मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कथित तौर पर मास्टरमांड भी शामिल है.

मजीठा के भांगाली, पतालपुरी, मरारी कालान, तलवंडी खुम्मन, कर्नाला, भंगवान और ठेरेवाल गांवों में सोमवार रात ये मौतें हुईं. वहीं, कई लोगों की हालात अभी भी गंभीर बनी हुई है जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है.अमृतसर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पंजाब पुलिस और उत्पाद शुल्क अधिकारियों ने मंगलवार को बाबा बंडा सिंह बहादुर शंभू-बनूर रोड के पास 600 लीटर मेथेनॉल जब्त किया है.

पंजाब के पटियाला जिले के सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस वरुण शर्मा ने बताया है कि जो 600 लीटर मेथेनॉल जब्त हुआ है उसका अमृतसर की नकली शराब त्रासदी से तार जुड़ा हुआ हो सकता है.

MAHARASHTRA : चंद्रपुर में बाघों के हमले से दहशत, 3 दिनों में ले ली पांच महिलाओं की जान

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चंद्रपुर जिले में जंगल में गूंजती बाघ की दहाड़ ने कई गांवों को दहशत में डाल दिया है. महज तीन दिनों में बाघ के हमले में पांच महिलाओं की जान चली गई. ये सभी महिलाएं गांव के पास जंगल में तेंदू पत्ता तोड़ने गई थीं.

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में जंगल में गूंजती बाघ की दहाड़ ने कई गांवों को दहशत में डाल दिया है. महज तीन दिनों में बाघ के हमले में पांच महिलाओं की जान चली गई. ये सभी महिलाएं गांव के पास जंगल में तेंदू पत्ता तोड़ने गई थीं. ऐसे में तेंदू पत्ता तोड़ने का मौसमी रोजगार अब ग्रामीणों के लिए मौत का कारण बन गया. चंद्रपुर में मानव वन्य जीव संघर्ष एक बड़ी समस्या बन गया है, जनवरी 2025 से अब तक बाघ के हमले में कुल 17 लोगों की जान चली गई है.

10 मई को हुई घटना में 65 साल की कांता बुधाजी चौधरी, इसके बाद 28 साल की शुभांगी मनोज चौधरी और 50 साल की रेखा शालिक शेंडे की मौत हुई, ये सभी मृतक मेंढा-माल गांव की ही निवासी थीं और इनमें सास-बहू भी शामिल हैं . इसके बाद 11 मई की घटना में 65 साल की विमला बुधा डोंडे की दर्दनाक मौत हुई है, जो की मूल तहसील के महादवाड़ी गांव की रहने वाली थी. वहीं 12 मई को 28 साल की भूमिका दीपक भेंदारे जो की मूल तहसील के भादूरणा गांव की निवासी थी की मौत हुई है.

मेंढा-माल गांव के चौधरी परिवार पर तो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, यहां मनोज चौधरी की पत्नी और मां की बाघ के हमले में मौत हो गई है. घर में दो ही महिलाएं थी दोनों महिलाओं की मौत के बाद अब घर में दो छोटे बच्चे 10 वर्षीय शोहम और 8 वर्षीय आराध्य और पिता मनोज चौधरी ही बचे हैं. मनोज के पिता की मौत पहले ही हो चुकी है. ये पूरा परिवार गम में डूबा है. मनोज को अब दोनों बच्चों के परवरिश की चिंता सता रही है.

मनोज खुद मजदूरी करता है, अपने पत्नी और मां की फोटो देख कर अपना गम भुलाने की कोशिश कर रहा है. आंखों में आंसू लिए मनोज अपने पत्नी और मां की तस्वीर को निहार रहा है. गांवों में तेंदूपत्ता तोड़ना गर्मियों में रोजगार का बड़ा जरिया होता है. लेकिन अब यही रोजी-रोटी का साधन जान का जोखिम बन गया है. लगातार हो रही घटनाओं ने ग्रामीणों को भयभीत कर दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि हर साल गर्मियों में तेंदूपत्ता संग्रहण के जरिए उन्हें रोज़गार मिलता है, लेकिन अब बाघ के हमलों ने उन्हें अपनी जान जोखिम में डालने पर मजबूर कर दिया है.

लगातार हो रही घटनाओं के बाद गांवों में डर और आक्रोश का माहौल है. लोग अब यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या अपनी रोज़ी-रोटी के लिए अब जान गंवाना ही विकल्प रह गया है. इस गंभीर घटना के बाद वन विभाग ने तीन महिलाओं को एक साथ मारने वाली बाघिन को पकड़ने के लिए 34 ट्रैप कैमरे और 8 लाइव कैमरे लगाकर बाघ पर लगातार नजर बनाई थी और कल याने 12 मई को आखिरकार बाघ को बेहोश कर पिंजरे में डाल दिया गया है.वन विभाग के मुताबिक इस बाघिन का एक शावक है जिसकी तलाश जारी है

जिले में बाघों के लिए मशहूर ताडोबा टाइगर रिजर्व है. ताडोबा और पूरे जिले में कुल 220 के करीब बाघ होने की जानकारी है, और 2025 में अब तक 17 लोग बाघ के शिकार हुए है. पुरे महाराष्ट्र में चंद्रपुर जिले में बाघों की संख्या सर्वाधिक है. ऐसे में जंगल अब बाघों के लिए छोटा पड़ रहा है और इंसानों के साथ उनका संघर्ष और टकराव बढ़ता जा रहा है.

 

RAJASTHAN : राजस्थान के बारां में दर्दनाक सड़क हादसा… डंपर से टकराई बाइक, दो किशोरों की मौत, एक युवक घायल

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राजस्थान के बारां (Baran) में दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गयाृ. यहां तेज रफ्तार डंपर से टकराकर बाइक सवार दो किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुट गई है. पुलिस इस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है.

राजस्थान के बारां से बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है. यहां किशनगंज थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार डंपर और बाइक के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई, जिसमें बाइक सवार दो किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया. पुलिस अब फरार वाहन और उसके ड्राइवर की तलाश कर रही है.

एजेंसी के अनुसार, हादसे में जिन दो किशोरों की मौत हुई है, उनमें एक की पहचान दिव्यांशु (15-16 वर्ष) के रूप में हुई है, जो किशनगंज थाना क्षेत्र के बरोड़िया गांव का रहने वाला था. दूसरा मृतक 16 वर्षीय बलवंत पंचाल अटरू थाना क्षेत्र का रहने वाला था. दोनों किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई थी. वहीं, घायल युवक की पहचान 20 वर्षीय सागर के रूप में हुई है, जो कोटा जिले के सुल्तानपुर इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है.

तीनों युवक बाइक से कहीं जा रहे थे, उसी दौरान बारां के एक मार्ग पर उनकी बाइक तेज रफ्तार डंपर से भिड़ गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दो किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई. सागर को सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है.

हादसे के बाद डंपर चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया. पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और फरार चालक की तलाश में टीमें गठित कर दी गई हैं. पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों की मदद से आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. इस हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया. ग्रामीणों की भारी भीड़ अस्पताल और थाने में जमा हो गई. स्थानीय लोगों ने दोषी ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है.

LUCKNOW : हूटर बजाने से रोका तो दारोगा से भिड़े सफारी सवार युवक, शुरू कर दी हाथापाई, पुलिस ने लिया एक्शन

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दारोगा अंकित बालियान दोपहर में अपने बूथ पर मौजूद थे, तभी एक सफारी गाड़ी वहां से हूटर बजाते हुए गुजरी. दारोगा ने चालक को रोका और हूटर बजाने का कारण पूछा. इसी बात पर गाड़ी में बैठे युवकों ने आपा खो दिया.

लखनऊ के सरोजनीनगर थाना क्षेत्र स्थित अमौसी गांव में पुलिस बूथ पर तैनात बीट प्रभारी दारोगा अंकित बालियान को हूटर बजाने से मना करना भारी पड़ गया. सफारी गाड़ी में सवार दो युवकों ने ना सिर्फ दारोगा से बदसलूकी की बल्कि हाथापाई तक कर डाली. आरोपियों की पहचान शोभित कश्यप (निवासी गंगानगर) और शिवम रावत (निवासी अमौसी) के रूप में हुई है. फिलहाल, पुलिस ने दोनों को मौके पर ही हिरासत में लेकर वाहन को सीज कर दिया है.

जानकारी के मुताबिक, दारोगा अंकित बालियान दोपहर में अपने बूथ पर मौजूद थे, तभी एक सफारी गाड़ी वहां से हूटर बजाते हुए गुजरी. दारोगा ने चालक को रोका और हूटर बजाने का कारण पूछा. इसी बात पर गाड़ी में बैठे युवकों ने आपा खो दिया. उन्होंने पहले गाली-गलौज की और फिर हाथापाई करने लगे, जिसमें दरोगा की वर्दी का पुलिस बैज तक टूट गया.

दारोगा ने बताया कि आरोपी शोभित कश्यप कभी खुद को वकील बताने लगा, तो कभी पत्रकार और कभी किसान नेता. उसने दारोगा को कचहरी खींच ले जाने की धमकी दी और वर्दी उतरवाने की बात तक कह दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर राजदेव राम प्रजापति दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और फिर दोनों युवकों को थाने ले जाया गया.

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट, अभद्रता और धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है. साथ ही, जिस सफारी गाड़ी से आरोपी आए थे, उसे भी सीज कर दिया गया है.

ENTERTAINMENT : ‘सितारे जमीन पर’ में आमिर ने लगाया इमोशंस-कॉमेडी का तड़का, फैंस बोले- दिल खुश हो गया

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फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ का दमदार ट्रेलर रिलीज हो गया है. ये फिल्म टीमवर्क, स्पोर्ट्समैन स्प्रिट, खुद की कमियों से लड़ना और हर मुश्किल फेज को हंसते हुए जीने की कोशिश को दिखाती है. यूजर्स के रिएक्शन के मुताबिक, फिल्म की कहानी ने लोगों के दिलों को छुआ है.

आमिर खान की मचअवेटेड फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है. ये फिल्म 2007 में आई मूवी ‘तारे जमीन पर’ का सीक्वल है. सालों बाद आमिर एक इमोशनल और इंस्पिरेशनल स्टोरी लेकर बड़े पर्दे पर लौट रहे हैं. फिल्म का ट्रेलर आते ही फैंस के बीच चर्चा में बना हुआ है. फैंस को ये ट्रेलर काफी पसंद आया है. उनका मानना है मूवी ब्लॉकबस्टर हिट होगी.

मूवी में आमिर बास्केटबॉल कोच बने हैं. वो फिल्म में 10 दिव्यांग खिलाड़ियों को ट्रेन करने की जिम्मेदारी उठाते हैं. 3 मिनट 29 सेकेंड का ट्रेलर बास्केटबॉल मैच से शुरू होता है. दिल्ली और कर्नाटक के बीच नेशनल बॉस्केटबॉल लीग का फाइनल मैच चल रहा है. इसके बाद दिखाया जाता है कैसे असिस्टेंट कोच आमिर ने गुस्से में अपने सीनियर कोच को मुक्का मारा. कोर्ट ने उन्हें सजा देते हुए 3 महीने के लिए दिव्यांग बच्चों की एक बास्केटबॉल टीम बनाकर उसे ट्रेन करने का फैसला सुनाया. इसके बाद शुरू होती है सितारों के जमीन पर आने की कहानी. इन 10 दिव्यांगों को आमिर नेशनल के लिए तैयार करते हैं. कॉमेडी, स्ट्रगल और इमोशंस के डोज के साथ कहानी आगे बढ़ती है.

ये फिल्म टीमवर्क, स्पोर्ट्समैन स्प्रिट, खुद की कमियों से लड़ना और हर मुश्किल फेज को हंसते हुए जीने की कोशिश को दिखाती है. सोशल मीडिया यूजर्स के रिएक्शन के मुताबिक, फिल्म की कहानी ने लोगों के दिलों को छुआ है. फैंस का मानना है आमिर की ये मूवी जबरदस्त हिट होगी. यूजर्स ने ट्रेलर देखकर लिखा है- दिल खुश हो गया. आमिर ने दमदार वापसी की है. किसी ने लिखा- मुझे इस फिल्म का इंतजार है. कई यूजर्स ट्रेलर देखकर भावुक हो रहे हैं. ये फिल्म 20 जून को रिलीज होगी. आर. एस. प्रसन्ना ने इसे डायरेक्ट किया है. फिल्म में आमिर के साथ जेनेलिया डिसूजा की जोड़ी बनी है.

स्पोर्ट्स कॉमेडी ड्रामा से आमिर 3 साल बाद कमबैक कर रहे हैं. इससे पहले आई उनकी फिल्म लाल सिंह चड्ढा फ्लॉप हुई थी. एक्टर के करियर के लिए ये मूवी अहम है क्योंकि इसके बनने से पहले उन्होंने एक्टिंग छोड़ने का फैसला लिया था. ये उन दिनों की बात है जब लाल सिंह चड्ढा फ्लॉप हुई थी. आमिर को इस बात का पछतावा हुआ कि उन्होंने प्रोफेशन में बिजी होने के चलते फैमिली और बच्चों को वक्त नहीं दिया है. बच्चों संग रहने के लिए आमिर इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला कर रहे थे. फिर बच्चों और फैमिली के समझाने पर वो ‘सितारे जमीन पर’ में काम करने के लिए राजी हुए थे. आमिर के अपकमिंग प्रोजेक्ट में लाहौर 1947 शामिल है. वो इस फिल्म के प्रोड्यूसर भी हैं.

NATIONAL : गुरुग्राम में चाय-समोसे के दुकानदार की गोली मारकर हत्या… गुस्साए परिजनों ने किया सड़क जाम

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हरियाणा के गुरुग्राम में एक चाय-समोसे के दुकानदार की गोली मारकर हत्या कर दी गई. बताया जाता है कि दुकानदार की हत्या विवाद के चलते की गई है.

हरियाणा के गुरुग्राम से एक अजीब मामला सामने आया है. जहां फर्रुखनगर के झज्जर चौक पर चाय-समोसे की दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति की मंगलवार सुबह हथियारबंद हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी.पुलिस ने बताया कि फर्रुखनगर के झज्जर चौक पर चाय-समोसे की दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति की मंगलवार सुबह हथियारबंद हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. इस संबंध में फर्रुखनगर थाने में पांच संदिग्धों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. मृतक की पहचान राकेश कुमार के रूप में हुई है, जो पूर्व पार्षद मुकेश सैनी का रिश्तेदार बताया जा रहा है.

पुलिस ने बताया कि इससे पहले सोमवार शाम को कुछ युवक समोसा खाने के लिए दुकान पर आए थे और उन्होंने विवाद के बाद पीड़ित को धमकाया. घटना के बाद मृतक के परिवार, दुकानदारों और कस्बे के अन्य लोगों ने झज्जर चौक को जाम कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की. साथ ही उन्होंने दुकानदार के अनुरोध के बावजूद उसे सुरक्षा मुहैया नहीं कराने के लिए पुलिस की भी आलोचना की.

बाद में प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ लिया जाएगा और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क खोल दी. गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि समोसे खरीदते समय हुए विवाद के कारण हत्या की गई. आरोपी की पहचान कर ली गई है. हत्या का मामला दर्ज कर अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं. जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया जाएगा.

NATIONAL : पति के एक्स्ट्रामैरिटल अफेयर को नहीं मान सकते क्रूरता या आत्महत्या का उकसावा: दिल्ली HC

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दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि किसी व्यक्ति का एक्सट्रामैरिटल अफेयर, उसकी पत्नी के साथ क्रूरता या आत्महत्या के लिए उकसाने के समान नहीं माना जा सकता है.

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि किसी व्यक्ति का एक्सट्रामैरिटल अफेयर, उसकी पत्नी के साथ क्रूरता या आत्महत्या के लिए उकसाने के समान नहीं माना जा सकता है. कम से कम तब तक तो नहीं जब तक कि यह साबित न हो जाए कि इससे पत्नी को परेशानी या पीड़ा हुई है. न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने कहा कि एक्सट्रामैरिटल अफेयर और दहेज की मांग के बीच संबंध न होने पर ये पति को दहेज हत्या के लिए फंसाने का आधार नहीं है.

इस दौरान अदालत ने एक ऐसे व्यक्ति को जमानत दे दी, जिसे 18 मार्च, 2024 को अपनी पत्नी की उसके ससुराल में अप्राकृतिक मृत्यु के बाद आईपीसी की धारा 498ए (क्रूरता)/304-बी (दहेज हत्या) के अलावा धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत गिरफ्तार किया गया था. ये सब शादी के लगभग पांच साल के भीतर हुआ था.

अदालत ने कहा-‘अभियोजन पक्ष ने यह सुझाव देने के लिए सबूतों पर भरोसा किया कि आवेदक एक महिला के साथ विवाहेतर संबंध में शामिल था. समर्थन में कुछ वीडियो और चैट रिकॉर्ड का हवाला दिया गया है. हालांकि, यह मानते हुए भी कि ऐसा कोई संबंध था, कानून तय है कि एक्सट्रामैरिटल अफेयर, अपने आप में, धारा 498ए आईपीसी के तहत क्रूरता या धारा 306 आईपीसी के तहत उकसावे के दायरे में नहीं आता है. जब तक कि यह साबित नहीं हो जाता कि मृतक को परेशान करने या पीड़ा पहुंचाने के लिए ये संबंध बनाए गए थे.’

फैसले में आगे कहा गया,’एक्सट्रामैरिटल अफेयर धारा 304बी आईपीसी के तहत अभियुक्त को फंसाने का आधार नहीं हो सकता. हालांकि, अदालत ने माना कि उत्पीड़न या क्रूरता को दहेज की मांग या मानसिक क्रूरता से जोड़ा जाना चाहिए जो ‘मृत्यु से ठीक पहले’ हुई हो.’यह व्यक्ति मार्च 2024 से हिरासत में था और अदालत ने कहा कि उसे लगातार हिरासत में रखने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा. अदालत ने आगे कहा कि जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र दाखिल किया गया था और निकट भविष्य में मुकदमा समाप्त होने की संभावना नहीं है. इसमें कहा गया कि सबूतों से छेड़छाड़ या न्याय से भागने का कोई जोखिम नहीं था और यह अच्छी तरह से स्थापित है कि जमानत देने का उद्देश्य न तो दंडात्मक था और न ही निवारक.

अदालत ने 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानतदारों पर उसे रिहा करने का निर्देश दिया. महिला के परिवार ने आरोप लगाया था कि पति का अपनी सहकर्मी के साथ संबंध था और जब पत्नी ने उससे पूछताछ की तो उसने उसका शारीरिक शोषण किया. उस व्यक्ति पर यह भी आरोप लगाया गया कि वह अपनी पत्नी पर नियमित रूप से घरेलू हिंसा करता था और अपनी खरीदी गई कार के लिए उसके परिवार से ईएमआई भुगतान सुरक्षित करने के लिए उस पर दबाव डालता था. लेकिन, अदालत ने पाया कि महिला या उसके परिवार द्वारा ऐसी कोई शिकायत तब नहीं की गई जब वह जीवित थी और इसलिए प्रथम दृष्टया दहेज संबंधी उत्पीड़न के दावे की तात्कालिकता और व्यावहारिकता कमजोर हो गई.

GUJARAT : एकतरफा प्यार में युवक ने बीच रास्ते में रोका तो लड़की के दोस्त ने बाइक की चाबी से कर दिया हमला, मौत

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अहमदाबाद के निकोल में हत्या का अजीबोगरीब मामला सामने आया है. जिसमें एक लड़की को एकतरफा चाहने वाले लड़के की हत्या मोटरसाइकिल की चाबी से किए गए हमले की वजह से हो गई है.

गुजरात में अहमदाबाद के निकोल में हत्या का अजीबोगरीब मामला सामने आया है. जिसमें एक लड़की को एकतरफा चाहने वाले लड़के की हत्या मोटरसाइकिल की चाबी से किए गए हमले की वजह से हुई है. इस मामले में पुलिस ने एकतरफा प्रेमी की हत्या करने वाले शख्स को गिरफ्तार करके कानूनी कार्यवाही शुरू की है.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक अहमदाबाद की प्राइवेट कंपनी में मैनेजर के तौर पर काम करने वाले और निकोल में रहने वाले भावेश श्रीमाली उसी की सोसायटी में रहने वाली संजना को एकतरफा चाहता था. संजना की मंगनी हो चुकी थी, इसके बावजूद भावेश जब भी मौका पाता तब संजना का पीछा करता रहता था. बीते रविवार जब संजना अपने पड़ोस में रहने वाले हर्ष परमार के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने गांव जा रही थी, तब भावेश ने पीछे से आकर दोनों को बीच सड़क पर रोककर झगड़ा शुरू कर दिया. इस दौरान हर्ष ने भावेश के सीने के नीचे के हिस्सों में मोटरसाइकिल की चाबी से कई हमले किए, जिसमें भावेश बुरी तरह जख्मी हुआ और उसकी मौत हो गई.

अहमदाबाद के निकोल पुलिस थाना के इंस्पेक्टर वी.एस. वाघेला ने कहा, मृतक भावेश के पिता मुकेश श्रीमाली ने बेटे की हत्या को लेकर एफआईआर दर्ज करवायी है. जिसके मुताबिक 31 साल के भावेश श्रीमाली रविवार की दोपहर तीन बजे के आसपास अपने पिता मुकेश श्रीमाली को कुछ काम से बाहर जाकर आने का कहकर अपनी मोटरसाइकिल लेकर निकला था. जिसके कुछ देर बाद मृतक भावेश के पिता मुकेशभाई को पड़ोस में रहने वाली संजना ने फ़ोन करके सोसायटी के बाहर आने के लिए कहा था. मृतक के पिता मुकेशभाई सोसायटी के बाहर निकलकर पास में स्थित नैन्सी ब्यूटी पार्लर के पास उमड़ी भीड़ तक पहुंचे थे. जहां मुकेशभाई ने अपने बेटे भावेश को लहूलुहान हालत में देखा और चौंक उठे.

निकोल पुलिस थाना के इंस्पेक्टर वी.एस. वाघेला ने कहा, मुकेशभाई को पता चला की उन्ही की सोसायटी में रहने वाले हर्ष परमार का उनके बेटे भावेश के साथ झगड़ा हुआ था. जिसमें हर्ष परमार ने भावेश के सीने के नीचे के हिस्से में मोटरसाइकिल की चाबी से कई हमले किए. जिसके तुरंत बाद मुकेशभाई अपने बेटे हर्ष को लहूलुहान स्थिति में 108 एम्बुलेंस की मदद से इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले गए थे लेकिन मौजूद डॉक्टरों ने भावेश को मृत घोषित कर दिया.

बता दें कि, आरोपी हर्ष परमार और मृतक भावेश श्रीमाली एक ही सोसायटी में रहते थे. भावेश की हत्या के बाद निकोल पुलिस ने हर्ष परमार को गिरफ़्तार करके उसकी पूछताछ शुरू की है. संजना की भी पुलिस पूछताछ कर रही है. हर्ष जो गांधीनगर स्थित प्राइवेट कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर नौकरी करता है. निकोल पुलिस ने हत्या के इस मामले में मृतदेह का पोस्टमार्टम करवाया है, रिपोर्ट का इन्तेजार हो रहा है तो दूसरी तरफ बीएनएस की धारा 103(1) तथा जीपी एक्ट 135(1) के तहत एफ़आइआर दर्ज करके जांच शुरू की है.

NATIONAL : जिसे मृत मानकर कर दिया अंतिम संस्कार, वो लड़की जिंदा निकली, फिर जंगल में मिला शव किसका था?

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नरसिंहपुर से ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस से लेकर परिजनों तक को हैरान कर दिया. जिस बेटी को परिवार ने जंगल में मृत मिला मानकर अंतिम संस्कार तक कर दिया था, वो युवती कुछ ही दिनों बाद जिंदा मिल गई. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जंगल में मिली और जिसका अंतिम संस्कार हुआ, वह युवती आखिर कौन थी. इस उलझे हुए केस ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस हत्या का केस मानकर जांच कर रही है.

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ पुलिस प्रशासन को बल्कि आम लोगों को भी चौंका दिया है. एक गुमशुदा नाबालिग लड़की को मरा मानकर उसके परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया, लेकिन कुछ दिनों बाद वही लड़की जिंदा मिली. फिर सवाल उठ खड़ा हुआ कि जंगल में मिली और जलाई गई वह लाश आखिर किसकी थी.

दरअसल, यह मामला नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव थाना क्षेत्र से जुड़ा है. यहां एक नाबालिग लड़की की गुमशुदगी की रिपोर्ट परिजनों ने कुछ दिन पहले थाने में दर्ज कराई थी. पुलिस ने गुमशुदगी का केस लेकर तलाश शुरू की थी.इस बीच 9 मई को ठेमी थाना क्षेत्र के जंगल में एक अज्ञात युवती का शव मिला. शव की हालत खराब थी, लेकिन परिजनों ने कपड़े और अन्य पहचान के आधार पर उसे अपनी गुमशुदा बेटी मान लिया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और फिर परिजनों को सौंप दिया गया. परिजनों ने बिना किसी डीएनए जांच या विस्तृत पुष्टि के शव का अंतिम संस्कार कर दिया.

पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया और उस युवक की तलाश शुरू की जो गुमशुदा लड़की के साथ आखिरी बार देखा गया था. जब पुलिस उस तक पहुंची तो उसने जो खुलासा किया, उसने सबको चौंका दिया. युवक के साथ वही लड़की ज़िंदा मिली, जिसे मरा हुआ मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था.

अब पुलिस के सामने एक नई और बड़ी चुनौती खड़ी हो गई. जंगल में मिला शव अगर उस गुमशुदा लड़की का नहीं था, तो फिर वह लड़की कौन थी? उसकी मौत कैसे हुई? क्या उसे मारा गया? इन सवालों ने केस को पूरी तरह मोड़ दिया है. पुलिस ने मामले को अब हत्या का एंगल मानकर जांच शुरू कर दी है. शव की पहचान की कोशिश की जा रही है. फॉरेंसिक जांच, डीएनए टेस्ट और अन्य वैज्ञानिक तरीकों से शव की पहचान की जाएगी.

एएसपी संदीप भूरिया ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जंगल में मिला शव किसी और लड़की का है. गुमशुदा लड़की जिंदा मिल गई है. इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस जांच जारी है. एसडीओपी भावना मरावी ने भी बताया कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही जंगल में मिली मृतक लड़की की पहचान और उसकी मौत की असली वजह सामने लाई जाएगी.

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