Tuesday, June 30, 2026
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ENTERTAINMENT : पति विराट कोहली के रिटायरमेंट के बाद फूटकर रोईं Anushka Sharma, उदास-परेशान हाल में वीडियो वायरल

एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा और क्रिकेटर विराट कोहली मंगलवार को प्रेमानंद महाराज के आश्रम में पहुंचे. इस दौरान दोनों काफी इमोशनल नजर आए. सोशल मीडिया पर अनुष्का और विराट का वीडियो वायरल है. वीडियो में प्रेमानंद महाराज की बातें सुनकर अनुष्का शर्मा काफी इमोशनल हो गईं और रोने लगीं. बता दें कि विराट कोहली ने मंगलवार को टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट की अनाउंसमेंट की. अब टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट की अनाउंसमेंट के बाद अनुष्का और विराट वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम में पहुंचे. आश्रम में पहुंचते ही प्रेमानंद महाराज ने पूछा प्रसन्न हो? तो इस पर विराट ने कहा- ठीक हैं.

इसके बाद प्रेमानंद महाराज ने प्रभु के विधान के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि जब प्रभु कृपा करते हैं वैभव मिलना कृपा नहीं है. प्रभु की कृपा का मतलब है अंदर का चिंतन बदलना. प्रेमानंद महाराज ने कहा कि भगवान का नाम जप कीजिए और बिल्कुल भी चिंता मत कीजिए.

अनुष्का और विराट ने प्रेमानंद महाराज की बातों को ध्यान से सुना और इस दौरान बहुत इमोशनल हो गए. अनुष्का शर्मा तो अपने आंसू भी रोक नहीं पाईं. बता दें कि अनुष्का शर्मा ने 11 दिसंबर 2017 में विराट कोहली संग शादी की थी. उनकी शादी प्राइवेट सेरेमनी में हुई थी. दोनों को इस शादी में दो बच्चे हैं. एक बेटी वामिका और एक बेटा अकाय. अनुष्का ने पिछले कई सालों से इंडस्ट्री से दूरी बनाई हुई है. उन्हें 2018 में फिल्म जीरो में देखा गया था. इसके बाद से वो किसी फिल्म में नहीं दिखी हैं. वो फिल्म ‘चकदा एक्स्प्रेस’ में नजर आने वाली थीं, लेकिन उस फिल्म के भी अब ठंडे बस्ते में जाने की खबरें हैं. हालांकि, कुछ ऑफिशियल कंफर्मेशन नहीं है.

NATIONAL : भारत-पाकिस्तान की जंग तो थम गई, लेकिन जोया और अयान की सांसें हमेशा के लिए रुक गईं..

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इस जंग में सिर्फ अयान और जोया की जान नहीं गई, बल्कि कई मासूम लोग शिकार बने हैं. सीजफायर के बाद पाकिस्तान अपने देश में जीत का जश्न मना रहा है, पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफरीदी विजय रैली में शामिल होकर भारत के खिलाफ जहर उगल रहे हैं, आखिर ये जश्न किस बात का? मासूमों की मौत का.

7 मई की सुबह पूरी दुनिया में भारत द्वारा पाकिस्तान पर किए ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा थी, पूरे देश में लोग इसी खबर की बात कर रहे थे. दिल्ली से करीब 900 किलोमीटर दूर जम्मू-कश्मीर के पुंछ में ऑपरेशन सिंदूर से अनजान एक परिवार के लिए ये दिन आम दिनों जैसा ही था, घर के दो जुड़वा बच्चे जोया और अयान सुबह तैयार होकर अपने स्कूल गए. वो मासूम बच्चे दुनिया की खबरों से अनजान दोपहर को स्कूल से घर लौटते हैं. अम्मी ने दोनों की पसंद का खाना बनाया था, खाना खाकर दोनों बच्चे खेलते हैं. शाम ढलती है और दोनों अपना होम वर्क करके रात का खाना खाते हैं. भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही खूनी जंग से अनजान ये बच्चे अपनी मां के साथ रात में सोने चले जाते हैं.

बच्चों के पिता रमीज़ खान जो खुद टीचर हैं और उनकी पत्नी उरूसा दोनों बच्चों के साथ गहरी नींद से जाग जाते हैं, जब उनको तेज धमाकों की आवाज सुनाई देती है. आवाज इतनी तेज थी, कि पूरा परिवार दहशत से भर जाता है. किसी तरह वो लोग रात काटते हैं और सुबह होने का इंतजार करते हैं. बच्चों के मामा को फोन किया जाता है और सुबह अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगह पर जाने का फैसला लिया जाता है. सुबह 6 बजे बच्चों के मामा आते हैं और पूरा परिवार राहत की सांस लेता है कि अब वो लोग किसी सुरक्षित जगह पर चले जाएंगे. रमीज खान अपने बेटे अयान का हाथ पकड़ते हैं और उरूसा अपनी बेटी जोया का हाथ थामती है और ये लोग घर से बाहर निकलते हैं.

घर से चंद कदम चलते ही अचानक एक तेज धमाका होता है और चारों तरफ चीख पुकार मच जाती है. कुछ देर के बाद जब उरूसा को होश आता है, तो उसके सामने उसकी 12 साल की मासूम बच्ची जोया खून से सनी पड़ी दिखती है, उसकी सांसें थम चुकी थी, वो बदहवाश अपने पति और बेटे को खोजने लगी, पास ही उसके पति रमीज खान खून से लथपथ एक तरफ बेहोश पड़े थे. उसके दिल की धड़कनें तेज हो रही थीं उसे अपनी चोट का एहसास भी नहीं हो रहा था. वो इधर उधर भागती हुई अपने बेटे अयान को ढूढने लगती है, तभी कुछ दूरी पर एक आदमी नजर आता है, जो एक 12 साल के बच्चे की टूटती सांसों को थामने की कोशिश कर रहा है. वो उस बच्चे के सीने को बार बार दबा रहा था, लेकिन वो नाकाम रहा और वो बच्चा भी वहीं दम तोड़ देता है, ये बच्चा अयान ही था. उरूसा की आंखों के सामने उसके दिल के टुकड़े उसके दोनों बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई और उसके पति गंभीर रूप से घायल उसके सामने पड़े थे. एक पल में ही उसकी दुनिया उजड़ गई.

पिछले कुछ दिनों से भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहा तनाव खत्म हो गया. गोलियों और मिसाइलों की बरसात थम गई, लेकिन इस तूफान के थमने के बाद ऐसी कई भयावह तस्वीरें सामने आईं, जिसने सबको झकझोर कर रख दिया. कई मासूम लोगों ने अपनी जान गंवाई. पाकिस्तान की तरफ से हुई बमबारी में पुंछ के दो जुड़वा भाई बहन अयान और जोया की जान चली गईं, उन बच्चों की जिंदगी अभी सही ढंग से शुरू भी नहीं हुई थी और उनका ये दर्दनाक अंजाम हुआ.

बच्चों के पिता इस बात से अनजान हैं कि उनके बच्चे अब इस दुनिया में नहीं रहे, अस्पताल में जिंदगी कीं जंग लड़ रहे हैं. मां खुद घायल हैं, लेकिन अपने दर्द को दरकिनार करते हुए पति को अस्तपाल में भर्ती करवाकर अपने दोनों बच्चों को अपने हाथों से दफ्न करती है. अयान और जोया को तो शायद जंग का मतलब भी नहीं पता होगा. 12 साल पहले जब इस परिवार में जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ होगा, तो घर में खुशियाों का माहौल रहा होगा. उनके मां-बाप ने अपने बच्चों को लेकर हजारों ख्वाब सजाए होंगे. अपने घर के आंगन में उनको उंगली पकड़कर चलना सिखाया होगा. लेकिन इस नफरत की लड़ाई ने सब कुछ खत्म कर दिया उनके हाथों से उनके बच्चे छूट गए.

बीबीसी से बात करते हुए बच्चों की मौसी कहती हैं -‘सीजफायर भले ही हो गया है, लेकिन उन्होंने जो खोया है वो वापस नहीं आएगा, उन लोगों को जो जख्म मिला है वो ताउम्र नहीं भर पाएगा. दोनों बच्चों में से काश एक बच जाता तो उनको जीने का सहारा मिलता है.’ वो उस दिन को कोसती है जब उनकी बहन ने पुंछ के इस इलाके में रहने का फैसला किया था. रमीज खान का कसूर इतना था कि वो अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देना चाहते हैं. बच्चों की पढ़ाई के लिए ही रमीज खान ने पुंछ में स्कूल के पास किराए का घर लिया था. 2 महीने पहले ही वो लोग वहां शिफ्ट हुए थे. घर लेना उनके लिए काल बन गया अगर वो यहां नहीं आते तो शायद जिंदा होते. बच्चों की मां अपने बच्चों के खोने के गम में भूखी-प्यासी अस्पताल में बेसुध पड़ी है और रमीज खान अभी तक होश में नहीं आए हैं.

इस जंग में सिर्फ अयान और जोया की जान नहीं गई, बल्कि कई मासूम लोग शिकार बने हैं. सीजफायर के बाद पाकिस्तान अपने देश में जीत का जश्न मना रहा है, पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफरीदी विजय रैली में शामिल होकर भारत के खिलाफ जहर उगल रहे हैं, आखिर ये जश्न किस बात का? मासूमों की मौत का. दो साल की बच्ची आइशा नूर का क्या कसूर था, उसको क्यों मारा गया? पाकिस्तान के हमले में 20 से ज्यादा आम नागरिकों की जान गई, जिनका कोई कसूर नहीं था.

पहलगाम में 22 अप्रैल को 26 लोगों को धर्म पूछकर मौत के घाट उतारा गया, जिसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन बदले की कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान ने भारत के निर्दोष मासूमों को निशाना बनाया, जो अमन चैन से जिंदगी जी रहे थे.पाकिस्तान ने कायराना हरकत करते हुए भारत के सरहदी गांवों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए, लोग अपनी जान बचाकर अपना घर छोड़कर भागने को मजबूर हो गए. इस अघोषित जंग में हुए नुकसान की भरपाई तो शायद हो जाएगी, लेकिन जिन लोगों की जान गई वो कभी वापस नहीं लौटेंगे और उनके परिवार के लोगों को जो जख्म मिला है वो जिंदगी भर नहीं भरेगा.

 

UP : फटा टायर और पलट गई कार, बिदाई के बाद दूल्हा दुल्हन की गाड़ी का एक्सिडेंट, 7 लोग घायल

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सिद्धार्थनगर जिले मे आज शादी के बाद दुल्हन को विदा कर घर ला रहे परिवार के साथ हादसा हो गया. घर लौटते समय दूल्हा दुल्हन की कार का एक्सिडेंट हो गया जिसमें कपल सहित 7 लोग घायल हो गये.

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले मे आज शादी के बाद दुल्हन को विदा कर घर ला रहे परिवार के साथ हादसा हो गया. घर लौटते समय दूल्हा दुल्हन की कार का एक्सिडेंट हो गया जिसमें कपल सहित 7 लोग घायल हो गये. उनका उपचार मेडिकल कॉलेज मे चल रहा है. पुरे मामले की बात करें तो बीते सोमवार को शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र के गजल गांव निवासी राजेश साहनी की बारात डुमरियागंज थानाक्षेत्र के राजपुर गई थी . रात मे विधि विधान से विवाह हुआ और आज बिदाई हुई.

बिदाई के बाद दूल्हा राजेश, 18 साल की दुल्हन ज्योति व घर के 4 अन्य लोग वैगनआर कार में सवार होकर अपने घर शोहरतगढ़ के लिए रवाना हुए. यहां इटवा से 4-5 किलोमीटर आगे तेज गति से चल रही कार का टायर अचानक ही फट गया, जिससे कार अनियंत्रित होकर पलटी और सड़क के नीचे जा गिरी और चीख पुकार मच गई. आसपास से गुजर रहे लोगों ने कार मे फंसे लोगों को बाहर निकाला और एम्बुलेंस बुलवाकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया पहुंचाया. यहां दुल्हन ज्योति व ड्राइवर की हालत गंभीर बताई जा रही है. सभी का उपचार मेडिकल कालेज मे चल रहा है.

ड्राइवर सत्य प्रकाश ने बताया कि एक्सीडेंट हुआ है. हम बारात लेकर राजपुर गये थे. वंहा से दुल्हन को लेकर लौट रहे थे. इटवा व ढेबरुआ के बीच एक्सीडेंट हुआ और गाड़ी पलटकर सड़क के नीचे की ओर जा गिरी. इसमें हम सात लोग घायल हुए. मेरा हाथ पैर दोनों टूट गया है. 3 बच्चे भी घायल हुए हैं और दुल्हन की हालत गंभीर है.

AHMEDABAD : डेटिंग ऐप के जरिए कारोबारी से 1.60 करोड़ की ठगी, हनीट्रैप में फंसाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

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अहमदाबाद के एक व्यापारी को डेटिंग ऐप के जरिए हनीट्रैप में फंसाकर 1.60 करोड़ रुपये वसूलने वाले दो आरोपियों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है. महिला के नाम पर झांसा देकर दिल्ली बुलाया गया, फिर दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी देकर रकम वसूली गई. व्यापारी की शिकायत पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है.

अहमदाबाद के एक कारोबारी से 1.60 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने व्यापारी को हनीट्रैप में फंसाया था. बताया जा रहा है कि तलाकशुदा कारोबारी की पहचान एक महिला से डेटिंग ऐप टिंडर पर हुई थी.

महिला ने शख्स को दिल्ली बुलाया. जब वह होटल में महिला से मिलने पहुंचा, तो सामने कोई और महिला खड़ी थी. उसी महिला ने व्यापारी पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया.ट्रैप के तहत मौके पर मौजूद महिला के साथियों ने व्यापारी को पुलिस में शिकायत की धमकी दी और उसे थाने तक ले गए. वहां से शुरू हुई डराने और धमकाने की प्रक्रिया. इस घटना पर एसीपी भरत पटेल ने बताया कि शुरू में 1.50 लाख रुपये लेकर मामला शांत किया गया. लेकिन व्यापारी के लौटने के बाद उसे पुलिस के नाम पर फोन कर धमकाया जाने लगा. इस तरह अब तक उससे कुल 1.60 करोड़ रुपये वसूले गए.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के कौशलेंद्र और झारखंड के अरुण के रूप में हुई है. दोनों ने ठगी की रकम से महंगी गाड़ियां खरीदी थीं. कौशलेंद्र पहले मेल एस्कॉर्ट था और टिंडर पर महिलाओं की फेक प्रोफाइल बनाकर लोगों को फंसाता था. अरुण ठगी की रकम को संभालने का काम करता था.

NATIONAL : हरियाणा में ATM को बिना नुकसान पहुंचाए 10 लाख रुपये की चोरी, पुलिस भी हैरान

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दिल्ली-जयपुर हाईवे पर एक्सिस बैंक के एक एटीएम से 10 लाख रुपये से अधिक की रकम चोरी कर ली गई. हैरानी की बात ये है कि चोरों ने एटीएम मशीन को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया. पुलिस को आशंका है कि यह घटना साइबर हैकिंग और तकनीकी छेड़छाड़ के जरिए अंजाम दी गई है. चोरों ने एटीएम की वीडियो रिकॉर्डिंग प्रणाली को पहले निष्क्रिय कर दिया था.

हरियाणा के धारूहेड़ा क्षेत्र में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर एक्सिस बैंक के एक एटीएम से बीते महीने 30 अप्रैल की रात को 10 लाख रुपये से अधिक की रकम चोरी कर ली गई. हैरान करने वाली बात यह है कि चोरों ने एटीएम मशीन को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया. पुलिस को आशंका है कि यह घटना साइबर हैकिंग और तकनीकी छेड़छाड़ के जरिए अंजाम दी गई है.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक चोरों ने एटीएम की वीडियो रिकॉर्डिंग प्रणाली को पहले निष्क्रिय किया और फिर मशीन की सुरक्षा प्रणाली में सेंध लगाकर चोरी को अंजाम दिया. घटना की शिकायत गौरव कुमार बैसला ने दर्ज कराई, जो कि हिताची पेमेंट सर्विसेज कंपनी में कार्यरत हैं. यह कंपनी अलग-अलग बैंकों के एटीएम की देखरेख और रखरखाव का कार्य करती है.

गौरव के अनुसार, यह वारदात एक्सिस बैंक के उस एटीएम में हुई जो कि रिको ऑटो इंडस्ट्रीज के पास स्थित है. चोरों ने मशीन से केवल नकदी ही नहीं उड़ाई, बल्कि डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर), बैटरी, हार्ड डिस्क, पीसी कोर और चेस्ट लॉक भी अपने साथ ले गए. इससे स्पष्ट है कि अपराध को अंजाम देने वाले लोग तकनीकी रूप से दक्ष थे और पूरी योजना के साथ आए थे.

पुलिस ने शनिवार को सदर थाना में एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच शुरू कर दी है. थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया, ‘हमने तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता ली है ताकि चोरों के कार्यप्रणाली और उनकी पहचान की जा सके. आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच की जा रही है.’

फिलहाल पुलिस इस दिशा में काम कर रही है कि घटना को अंजाम देने वाले चोर एटीएम प्रणाली के आंतरिक सॉफ्टवेयर तक कैसे पहुंचे और उन्होंने कितनी देर में पूरी चोरी को अंजाम दिया. इस मामले ने एटीएम सुरक्षा प्रणाली की खामियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

NATIONAL : ‘6 दिन पहले उठी थी डोली, अब अर्थी क्यों उठ रही…’शादी के बाद नवविवाहित जोड़े की मौत से कोहराम

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एक ही परिवार में एक साथ तीन-तीन शव पहुंचने के बाद कोहराम मच गया. माता-पिता, बहनें और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. अंजू की मां बार-बार यही कहती दिखीं, मेरी बेटी की डोली 6 दिन पहले उठी थी, अब अर्थी क्यों उठ रही है. हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और पूरे क्षेत्र में गम का माहौल है.

बांसवाड़ा के खमेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत नाडा तोड़ घाटी में एक हृदय विदारक सड़क हादसे में तीन जिंदगियों का अंत हो गया. हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए. बोलेरो वाहन की तेज रफ्तार और लापरवाही ने नवविवाहित जोड़े समेत तीन लोगों की जिंदगी छीन ली. हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और पूरे क्षेत्र में गम का माहौल है.

जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय खमेरा थाना क्षेत्र के नाडा तोड़ घाटी में एक बोलेरो वाहन ने सामने चल रही बाइक को पीछे से ज़ोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार बोलेरो के आगे लगभग 100 फीट तक घिसटते चले गए. इस दर्दनाक घटना में बाइक पर सवार सुनील, उसकी पत्नी अंजू और अंजू का भाई कन्हैयालाल तीनों की मौके पर ही मौत हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बोलेरो की गति अत्यधिक तेज थी और चालक ने ब्रेक लगाने का भी कोई प्रयास नहीं किया. हादसे के समय रोड पर ज्यादा भीड़ नहीं थी, लेकिन टक्कर के बाद मौके पर शोरगुल मच गया और ग्रामीण दौड़ते हुए घटनास्थल पर पहुंचे.

मृतक सुनील और अंजू की शादी को सिर्फ 6 दिन ही हुए थे. दोनों ने हाल ही में विवाह के बंधन में बंधकर नया जीवन शुरू किया था और भविष्य के हज़ारों सपने संजोए थे. लेकिन नियति को कुछ और ही मंज़ूर था. इस हादसे में अंजू के भाई कन्हैयालाल की भी मौत हो गई, जो शायद उन्हें सुरक्षित अपने मायके या ससुराल छोड़ने जा रहा था. तीनों मृतक मुडासेल गांव से खेरड़ी पाड़ा की ओर जा रहे थे.

हादसे की सूचना मिलते ही खमेरा थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची. तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में भिजवाया गया. मौके पर मौजूद बोलेरो वाहन और क्षतिग्रस्त बाइक को ज़ब्त कर लिया गया है. मृतक सुनील के पिता भगवानलाल ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें बोलेरो चालक पर गैर-जिम्मेदाराना ड्राइविंग और हत्या का आरोप लगाया गया है.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बोलेरो चालक की पहचान की जा रही है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है. मुडासेल गांव में एक ही परिवार के तीन-तीन शव पहुंचने के बाद कोहराम मच गया. माता-पिता, बहनें और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. अंजू की मां बार-बार यही कहती दिखीं, मेरी बेटी की डोली 6 दिन पहले उठी थी, अब अर्थी क्यों उठ रही है ग्रामीणों और परिजनों का प्रशासन से यह भी कहना है कि हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई और मां-बाप अपनी औलाद को यूं ना खोएं.

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. तेज रफ्तार, लापरवाह ड्राइविंग, और ओवरटेकिंग जैसी आदतें अब रोजाना जिंदगियों को लील रही हैं. प्रशासन की ओर से समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका असर दिखाई नहीं देता. ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों की निगरानी के लिए कैमरे, ब्रेकर और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती आवश्यक है.

RAJASTHAN : वेज सोयाबीन बिरयानी के ठेले पर ‘जय श्री श्याम’ लिखा देख भड़के विधायक बालमुकुंद आचार्य। …….

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विधायक बालमुकुंद आचार्य जयपुर में वेज सोयाबीन बिरयानी ठेले पर जय श्री श्याम लिखा देखकर भड़क गए. उन्होंने कहा कि यह मुगलिया फूड है. ये सनातन के देवता हैं श्याम. इनकी फोटो लगानी चाहिए क्या? आपको बिरयानी बेचनी है बेचो, मैं आपत्ति नहीं कर रहा, लेकिन भगवान की फोटो के साथ बिरयानी मत बेचो. अब कल आप लिख दोगे श्याम चिकन? ये कोई बात नहीं होगी.

राजस्थान के विधायक बालमुकुंद आचार्य का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे एक स्ट्रीट फूड स्टॉल पर नाराज होते नजर आ रहे हैं. वजह है एक वेज सोयाबीन बिरयानी बेचने वाले ठेले पर लिखा था ‘जय श्री श्याम’ साथ ही उस पर खाटू श्याम बाबा की तस्वीर भी लगी थी. वीडियो में विधायक आचार्य स्टॉल संचालक को शांत लेकिन स्पष्ट लहजे में समझाते हैं कि भगवान का नाम और तस्वीर भोजन व्यवसाय से जोड़ना गलत है, खासकर जब वो व्यंजन किसी विशेष संस्कृति से जुड़ा हो.

वायरल वीडियो में बालमुकुंद आचार्य कहते सुने जा सकते हैं कि यह मुगलिया फूड है. ये सनातन के देवता हैं श्याम. इनकी फोटो लगानी चाहिए क्या? इनका नाम लिखना चाहिए क्या? आपको बिरयानी बेचनी है बेचो, मैं आपत्ति नहीं कर रहा, लेकिन भगवान की फोटो के साथ बिरयानी मत बेचो. अब कल आप लिख दोगे श्याम चिकन? ये कोई बात नहीं होगी. हाथ जोड़ के प्रार्थना है, आप डायरेक्ट बिरयानी लिख दो, हमें कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन ये भगवान की फोटो और नाम के साथ मत बेचो. वीडियो में देखा जा सकता है कि स्टॉल संचालक हाथ जोड़कर विधायक की बात सुनता रहा और कोई बहस नहीं की.

विधायक बालमुकुंद आचार्य ने स्वयं यह वीडियो अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर साझा किया और लिखा: सड़क किनारे एक फूड स्टॉल देखा, जिसका नाम हमारे पूज्य बाबा श्याम के नाम पर रखा गया था और उस पर भगवान की तस्वीर भी लगी हुई थी. यह देखकर मन अत्यंत आहत हुआ, क्योंकि हमारे देवी-देवताओं का नाम और स्वरूप इस प्रकार के कार्यों से जोड़ना न केवल अनुचित है, बल्कि आस्था का घोर अपमान भी है. मैंने स्टॉल संचालक को शांतिपूर्वक समझाया कि व्यापार आपका अधिकार है, पर धर्म का अपमान किसी भी रूप में स्वीकार नहीं. सनातन संस्कृति की मर्यादा बनी रहे. यही हमारा संकल्प है.

जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कुछ लोगों ने विधायक की भावनाओं का समर्थन किया, यह कहते हुए कि देवी-देवताओं के नाम और तस्वीरों का इस प्रकार व्यावसायिक उपयोग करना असंवेदनशील है और इससे धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं. वहीं, एक यूजर्स ने इसे मुद्दों से भटकाने वाला और जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप का करार दिया. एक यूजर ने लिखा कि वो वेज खाना बेच रहा है. श्रद्धा से भगवान का नाम ले रहा है तो क्या उसमें भी आपत्ति होनी चाहिए? वहीं एक अन्य यूज़र ने टिप्पणी की कि भगवान का नाम कमर्शियल उपयोग के लिए नहीं, बल्कि पूजन और आराधना के लिए है. विधायक जी ने सही बात उठाई.

NATIONAL : शादी में नाइट्रोजन का धुआं बना काल… दूल्हा-दुल्हन की एंट्री के दौरान 7 साल की मासूम की ले ली जान

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वरमाला की रस्म से पहले वर-वधू की इंट्री के लिए इवेंट मैनेजर ने नाइट्रोजन धुएं वाली सामग्री से भरा ठंडा बर्तन रखा था, ताकि धुएं के बीच फोटो सेशन हो सके. इसी दौरा समारोह में शामिल मासूम वाहिनी गुप्ता उस बर्तन में गिर गई

राजगढ़ जिले के खुजनेर कस्बे में नाइट्रोजन धुएं वाले इवेंट ने 7 साल की मासूम की जान ले ली. विवाह समारोह के दौरान यह इवेंट जानलेवा साबित हुआ, जिसके बाद परिवार और स्थानीय लोग ऐसे खतरनाक इवेंट्स पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं.

घटना 6 मई को हुई, जब वरमाला की रस्म से पहले वर-वधू की इंट्री के लिए इवेंट मैनेजर ने नाइट्रोजन धुएं वाली सामग्री से भरा ठंडा बर्तन रखा था, ताकि धुएं के बीच फोटो सेशन हो सके. इसी दौरा समारोह में शामिल बाढ़गांव की मासूम वाहिनी गुप्ता उस बर्तन में गिर गई और करीब 80 प्रतिशत झुलस गई. उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, फिर गंभीर हालत के कारण इंदौर के अरबिंदो अस्पताल रेफर किया गया. पांच दिन तक वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझने के बाद शनिवार रात वाहिनी ने दम तोड़ दिया.

वाहिनी के पिता राजेश गुप्ता ने बताया, “हम परिवार के साथ विवाह समारोह में शामिल होने गए थे. वहां केमिकल से भरा बर्तन रखा था, जिसमें वाहिनी खेलते-खेलते गिर गई. प्राथमिक उपचार के बाद हम उसे इंदौर ले गए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका.” उन्होंने मांग की कि नाइट्रोजन जैसे खतरनाक केमिकल वाले इवेंट्स को तुरंत बंद किया जाए.

मासूम की मौत के बाद परिवार ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए वाहिनी के नेत्रदान का फैसला किया. इस दुखद घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि विवाह समारोहों में नाइट्रोजन जैसे खतरनाक रसायनों का बिना सुरक्षा उपायों के उपयोग कैसे हो रहा है और प्रशासन का इस पर ध्यान क्यों नहीं है.

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी खतरनाक सजावट और इवेंट्स पर सख्त रोक लगाई जाए और कड़ी निगरानी की जाए. वाहिनी की मौत ने न केवल एक परिवार को तोड़ा, बल्कि विवाह समारोहों में दिखावे के लिए अपनाए जा रहे खतरनाक तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

BIHAR : बिहार के पूर्वी चंपारण में नदी में डूबे तीन बच्चे, नहीं मिली लाश, फिर होगी तलाश

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बिहार के पूर्वी चंपारण में नदी में नहाने गए तीन बच्चे डूब गए जिसके बाद अब तक उनका कुछ पता नहीं चला है. बच्चों की तलाश के लिए गोताखोरों को लगाया गया है लेकिन अब तक कोई लाश नहीं मिली है. शाम होने की वजह से बूढ़ी गंडक नदी में मंगलवार को एक बार फिर तलाशी अभियान शुरू किया जाएगा. लापता बच्चों की पहचान अंजलि कुमारी, नंदनी कुमारी और चमचम कुमार के रूप में हुई है. तीनों एक ही गांव के रहने वाले हैं और आपस में दोस्त बताए जा रहे हैं.

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में सोमवार को तीन बच्चे बूढ़ी गंडक नदी में नहाने के दौरान लापता हो गए. घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों की तलाश शुरू कर दी है.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक थानाध्यक्ष संजीव मौर्य ने बताया कि तीनों बच्चे नहाने के लिए बूढ़ी गंडक नदी गए थे, लेकिन तेज धार में बह जाने के कारण वो लापता हो गए. जैसे ही सूचना मिली, स्थानीय गोताखोरों को मौके पर लगाया गया और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया.

उन्होंने कहा, ‘बच्चों की तलाश के लिए गोताखोरों को लगाया गया है, लेकिन अब तक उनका कुछ पता नहीं चल पाया है. हमने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को भी मदद के लिए बुलाया है. SDRF की टीम मंगलवार को तलाशी अभियान में शामिल होगी.लापता बच्चों की पहचान अंजलि कुमारी (9 वर्ष), नंदनी कुमारी (10 वर्ष) और चमचम कुमार (6 वर्ष) के रूप में हुई है. तीनों एक ही गांव के रहने वाले हैं और आपस में दोस्त बताए जा रहे हैं.

घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है. परिजन और ग्रामीण नदी किनारे बेसब्री से बच्चों के मिलने की उम्मीद में इंतजार कर रहे हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वो अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी तरह की जानकारी तुरंत पुलिस को दें.प्रशासन का कहना है कि तलाशी अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल जाता. घटना के बाद से पूरे इलाके में दुख और चिंता का माहौल है.

 

NATIONAL : आदमपुर एयरबेस में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में शामिल फाइटर्स से मिले PM मोदी, जवानों का दिखा जोश हाई… PAK ने इसी बेस को उड़ाने का किया था दावा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह सुबह पंजाब स्थित आदमपुर एयरबेस पहुंचे. यहां पर उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में शामिल जवानों और अफसरों से मुलाकात की. पीएम मोदी यहां जवानों के साथ 1 घंटे तक रहे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह सुबह पंजाब स्थित आदमपुर एयरबेस पहुंचे. यहां पर उन्होंने एयरफोर्स के जवानों से मुलाकात की. पीएम मोदी ने आज सुबह 7 बजे दिल्ली के पालम एयरपोर्ट से उड़ान भरी और पंजाब के जालंधर स्थित आदमपुर एयरबेस पहुंचे. यहां पर पीएम मोदी 1 घंटे तक रहे और एयरफोर्स के जवानों से मुलाकात की. तस्वीरों में प्रधानमंत्री मोदी एयरफोर्स के जवानों के साथ दिख रहे हैं.

आदमपुर एयरबेस पर पीएम मोदी जवानों के साथ मुस्कुराते दिख रहे हैं. बता दें कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ झूठा प्रचार करते हुए कहा था कि उन्होंने भारत के आदमपुर एयरबेस को अपने हमले में उड़ा दिया है.लेकिन प्रधानमंत्री का विमान आदमपुर एयरबेस पर उतरने के बाद यह सिद्ध हो गया कि पाकिस्तान का ये दावा एकदम से झूठा है. क्योंकि इस एयरबेस पर भारत के सबसे वीवीआईपी का प्लेन सफलतापूर्वक उतरा. बता दें कि आदमपुर एयरबेस भारत के लड़ाकू विमान मिग 29 का बेस है. प्रधानमंत्री के साथ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी साथ थे. पाकिस्तान की सीमा के करीब स्थित आदमपुर एयरबेस दुश्मन पर तेजी से हमला करने के लिए जाना जाता है.

इस एयरबेस पर पीएम मोदी की एक तस्वीर काफी चर्चा में है. इस तस्वीर में लिखा है कि ‘दुश्मन के पायलट क्यों चैन से नहीं सो पाते हैं.” (Why enemy pilots don’t sleep well) इस तस्वीर में पीएम मोदी वायुसेना के जवानों की कैप पहने हुए हैं.

पीएम मोदी ने इस मुलाकात की जानकारी देते हुए ट्वीट किया और लिखा, “आज सुबह मैं एएफएस आदमपुर गया और हमारे बहादुर वायु योद्धाओं और सैनिकों से मिला. साहस, दृढ़ संकल्प और निडरता के प्रतीक लोगों के साथ रहना एक बहुत ही खास अनुभव था. भारत हमारे सशस्त्र बलों के प्रति हमेशा आभारी रहेगा, क्योंकि वे हमारे देश के लिए हर काम करते हैं.”

आदमपुर एयरबेस में प्रधानमंत्री मोदी ने लड़ाकू पायलटों और तकनीकी सहायता स्टाफ से भी मुलाकात की जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर और बाद के भारतीय हमलों को अंजाम दिया था. प्रधानमंत्री मोदी ने खुद भी वायु सेना के इन वीर जवानों से मिलने की इच्छा जताई थी.

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